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‘रिमोट अमित शाह के पास ही रहेगा’— नितिन नबीन को भाजपा अध्यक्ष बनाए जाने पर कांग्रेस का कटाक्ष

नई दिल्ली कांग्रेस पार्टी ने नितिन नबीन को भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर भाजपा पर तंज कसा है। कांग्रेस ने कहा है कि नितिन नबीन को भले ही कार्यकारी अध्यक्ष का पद दिया गया हो, लेकिन रिमोट कंट्रोल गृह मंत्री अमित शाह के हाथ में ही होगा। सोमवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एक बयान में कहा कि भाजपा के लिए 'कार्यकारी अध्यक्ष’ एक कोड वर्ड है।   कांग्रेस के मीडिया प्रभारी पवन खेड़ा ने एक बयान में कहा, "बिना चुनाव के एक अध्यक्ष बनाया गया है और उसे वर्किंग प्रेसिडेंट का नाम दिया है। वर्किंग प्रेसिडेंट भाजपा में एक कोडवर्ड है, जिसका मतलब है कि जो नॉन वर्किंग गृह मंत्री है, वो गृह मंत्रालय चलाने के बजाय भाजपा को चलाता वही है। तो रिमोट कंट्रोल अमित शाह के हाथों में ही रहेगा, जैसा कि पिछले कुछ सालों से भी रहा है।” खेड़ा ने आगे कहा, “नड्डा जी बिचारे अध्यक्ष बनते घूमते थे, लेकिन जो बड़े फैसले थे, वो अमित शाह लेते थे। अभी भी यही होने वाला है।" पांच बार के विधायक हैं नितिन नबीन इससे पहले भाजपा ने रविवार को बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री नितिन नबीन को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है और पूरी संभावनाएं हैं कि वह आने वाले दिनों में जे पी नड्डा का स्थान लेते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकते हैं। इसे सत्तारूढ़ दल में पीढ़ीगत बदलाव का संकेत माना जा रहा है। 45 साल के नितिन दिवंगत नबीन किशोर प्रसाद सिन्हा, जो भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक थे, के पुत्र हैं। पांच बार विधायक रहे नितिन नबीन बिहार के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। वह इससे पहले भी बिहार सरकार में मंत्री रहे हैं। भाजपा ने चौंकाया गौरतलब है कि अप्रत्याशित उम्मीदवारों को नियुक्त करने के लिए जानी जाने वाली भाजपा के शीर्ष पद के लिए हुए चयन ने एक बार फिर सबको चौंका दिया। नवीन खुद अपने निर्वाचन क्षेत्र में सार्वजनिक कार्यक्रमों में व्यस्त थे, जहां वे हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में अपनी जीत के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दे रहे थे। भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में उनके नाम की घोषणा से काफी पहले एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि वह पार्टी के उन कार्यकर्ताओं के सामने नतमस्तक होते हैं जिनकी कड़ी मेहनत से कई नितिन नबीन पैदा होते हैं। पीएम मोदी ने क्या कहा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नबीन की राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति की जमकर प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने एक मेहनती कार्यकर्ता के रूप में अपनी विशिष्टता साबित की है। पीएम मोदी ने एक पोस्ट में कहा, “वह एक युवा और कर्मठ नेता हैं जिनके पास समृद्ध संगठनात्मक अनुभव है और बिहार में कई बार विधायक एवं मंत्री के रूप में उनका प्रभावशाली रिकॉर्ड रहा है। उन्होंने लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए लगन से काम किया है।” उन्होंने कहा, ‘‘वह अपने विनम्र स्वभाव और व्यावहारिक कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। मुझे विश्वास है कि उनकी ऊर्जा और समर्पण आने वाले समय में हमारी पार्टी को मजबूती प्रदान करेंगे।’’ नड्डा और अमित शाह ने भी सराहा इससे पहले जे पी नड्डा को जनवरी 2020 में भाजपा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था और वह अपना कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। हालांकि नड्डा को 2024 के लोकसभा चुनावों तक पार्टी का नेतृत्व करने के लिए कार्यकाल विस्तार दिया गया था। नड्डा ने नबीन को “ज्ञान और संस्कृति की पवित्र भूमि बिहार से एक गतिशील नेता” बताया और कहा कि उन्हें विश्वास है कि उनके नेतृत्व में और प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में पार्टी नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगी। वहीं गृह मंत्री और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि नबीन के पास जनता के बीच काम करने का व्यापक अनुभव है और उनकी पदोन्नति हर उस युवा भाजपा कार्यकर्ता के लिए सम्मान की बात है जो दिन-रात मेहनत करता है। पार्टी के एक नेता ने कहा कि नवीन युवा हैं और उन्हें शासन तथा जनता एवं संगठन के लिए काम करने का व्यापक अनुभव है। वे बिहार सरकार में कई बार मंत्री रह चुके हैं और भारतीय जनता युवा मोर्चा के लिए भी व्यापक रूप से काम कर चुके हैं।

परिवहन विभाग के प्रवर्तन अमले को चालानी कार्रवाई के लिये मिली पीओएस मशीनें

प्रदेश में 45 रोड सेफ्टी एण्ड इन्फोर्समेंट प्वाइंट के माध्यम से जाँच भोपाल  परिवहन विभाग ने प्रदेश में वाहन चेकिंग की पारदर्शी व्यवस्था लागू करने तथा सुशासन के उद्देश्य से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अंतर्गत राज्य के परिवहन चेकपोस्टों को बंद कर दिया है। इनके स्थान पर 45 रोड सेफ्टी एण्ड इन्फोर्समेंट चेकिंग प्वाइंट जाँच का कार्य कर रहे हैं। जाँच कार्य के लिये प्रवर्तन बल(इन्फोर्समेंटफोर्स) को बॉडीवॉर्न कैमरे उपलब्ध कराये गये हैं। इन कैमरों की निगरानी में पीओएस मशीन के माध्यम से वाहनों के विरुद्ध ऑनलाइन चालानी कार्रवाई की जा रही है। राज्य में प्रवेश करने वाले अन्य राज्यों के वाहनों द्वारा ई-चेकपोस्ट मॉडल के माध्यम से ऑनलाइन मोटरयान कर जमा करने की सुविधा दी गई है। प्रवर्तन अमले द्वारा बॉडीवॉर्न कैमरे का उपयोग करने से वाहन चेकिंग के दौरान प्रत्येक कार्यवाही की मॉनीटरिंग वास्तविक समय (रियल टाइम) में कंट्रोल एण्ड कमाण्ड सेंटर के माध्यम से की जा रही है। परिवहन विभाग की इस व्यवस्था से न केवल वाहन चालकों में विश्वास बढ़ा है, बल्कि वाहन चेकिंग के दौरान आने वाली अवैध वसूली की शिकायतेंभी काफी कम हो गई हैं। इस व्यवस्था से परिवहन विभाग ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इण्डिया के सपने को साकार किया है। कैशलेस चालानी कार्रवाई परिवहन विभाग के अमले को पीओएस मशीन उपलब्ध कराने से वाहनों के विरुद्ध की जाने वाली चालानी कार्रवाई को ऑनलाइन तथा कैशलेस रूप में किया जा रहा है। प्रदेश में मोटरयान परिवहन से संबंधित प्रावधानों के उल्लंघन पर स्व-चलित पद्धति ई-डिटेक्शन को नवम्बर-2025 से लागू कर दिया गया। फेसलेस सेवा देने के मामले में मध्यप्रदेश देश में अव्वल परिवहन विभाग की प्रक्रिया को सरल बनाने तथा आम जनता को सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वाहनों के रजिस्ट्रेशन, परमिट तथा ड्रायविंग लायसेंस आदि से संबंधित सेवाओं को एनआईसी के पोर्टल 'वाहन तथा सारथी' ऐप के माध्यम से प्रदान किया जा रहा है। इस व्यवस्था में आवेदक कहीं से भी ऑनलाइन आवेदन कर सेवा प्राप्त कर पा रहा है। केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित फेसलेस सेवाओं की सूची में से प्रदेश में समस्त सेवाओं को फेसलेस रूप में प्रदान किये जाने से मध्यप्रदेश सम्पूर्ण देश में अव्वल देश बन गया है।

टाटा समूह के निवेश प्रस्ताव, यूपी में खुलेंगे टेक्नालॉजी विकास और रोजगार के नए द्वार

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और टाटा सन्स के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरनन के बीच हाल ही में सम्पन्न हुई बैठक में प्रदेश में टाटा समूह की ओर से चलाए जा रहे प्रोजक्टस की प्रगति के अपडेट्स और विस्तार के पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही टाटा समूह के चेयर पर्सन ने यूपी लखनऊ में एआई सिटी और गोरखपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का भी प्रस्ताव रखा। इसके साथ ही टाटा समूह अपनी कंस्लटेंसी सर्विस, टीसीएस की लखनऊ, नोएडा और वाराणसी यूनिट के वर्क फोर्स में वृद्धि करने और विशेष रूप से पूर्वाचंल के युवाओं को एआई, साइबर सिक्योरिटी, डाटा साइंस, ड्रोन और स्पेसे टेक्नालॉजी जैसी अत्याधुनिक टेक्नालॉजी में प्रशिक्षित करने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी। यह बैठक राज्य की उभरती डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, स्किल डेवलपमेंट और रोजगार के अवसर में वृद्धि के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी। टाटा समूह ने लखनऊ में एआई सिटी बनाने का रखा प्रस्ताव  टाटा समूह के चेयर पर्सन ने चर्चा के दौरान प्रदेश की राजधानी, लखनऊ में टाटा समूह ने 'एआई सिटी' विकसित करने की कार्य योजना प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि टाटा समूह की ये परियोजना, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में यूपी को वैश्विक हब बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। एआई सिटी के निर्माण के साथ प्रदेश में भविष्य की तकनीकि के क्षेत्र में हजारों की संख्या में नौकरियों, स्टार्टअप के विकास का इकोसिस्टम तैयार होगा। इसी क्रम में उन्होंने, गोरखपुर में 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' स्थापित करने का प्रस्ताव भी मुख्यमंत्री के सामने पेश किया। उन्होंने बताया कि टाटा समूह ने आईआईटी कानपुर के साथ एमओयू किया है। जिसके तहत टाटा समूह 48 करोड़ रुपये का निवेश कर विशेष तौर पर पूर्वी यूपी के युवाओं को एआई, साइबर सिक्योरिटी, डेटा साइंस, 3 डी प्रिंटिंग, ड्रोन और स्पेस टेक्नालॉजी के क्षेत्र में प्रशिक्षित किया जाएगा। टाटा समूह के सहयोग से चलाई जाने वाली इस परियोजना से प्रदेश में स्किल डेवलपमेंट को नई दिशा मिलेगी। साथ ही एन. चंद्रशेखरन ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज टीसीएस की लखनऊ और नोएडा यूनिट में वर्क फोर्स को 16,000 से बढ़ाकर 30,000 किया जाएगा। यह कदम यूपी के डिजिटल टैलेंट पूल को मजबूत करेगा, साथ ही राज्य के युवाओं के लिए आईटी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि प्रदान करेगा।  इलेक्ट्रानिक्स और डिफेंस कॉरिडोर में टाटा समूह ने दिया निवेश बढ़ाने का प्रस्ताव  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में यूपी ने इलेक्ट्रॉनिकस मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भी सकारात्मक प्रगति दर्ज की है। जिसके चलते यूपी का इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है,वार्ता के दौरान टाटा समूह के चेयर पर्सन ने इसमें जुड़ने की इच्छा जताई। राज्य सरकार की स्वीकृति से मोबाइल उपकरण और अन्य कंपोनेंट्स के उत्पादन में निवेश करने का प्रस्ताव रखा। साथ उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रानिक प्रोडक्टस की प्रदेश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए टाटा समूह ने इंटेल के साथ एमओयू के बारे में भी बताया। वहीं प्रदेश में इलेक्ट्रानिक बसों, अन्य वाहनों और उनके नये माडल की मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने के बारे में भी बताया। वार्ता के दौरान एन. चंद्रशेखरन ने प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे डिफेंस कॉरिडोर में टाटा समूह ने निवेश को बढ़ावा देने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने बबीना सहित यूपी के रक्षा औद्योगिक नोड्स में टाटा समूह के योगदान के बारे में भी बताया, जहां ड्रोन, मिसाइल और डिफेंस के वाहनों के उत्पादन पर फोकस है। साथ ही उन्होंने, टाटा समूह ने बीडा के तहत झांसी में 25,000 एकड़ जमीन का अधिग्रहण और प्रोजेक्ट विस्तार के बारे में भी बताया। उन्होंने बैठक के दौरान सीएम के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश की रक्षा प्राथमिकताओं के अनुरूप टाटा समूह की ओर से पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।  अयोध्या में म्युज़ियम ऑफ टेम्पल आर्किटेक्चर का निर्माण होगा जनवरी 2027 में पूरा टाटा समूह के सहयोग से अयोध्या में म्युज़ियम ऑफ टेम्पल का निर्माण कार्य को जनवरी 2027 तक पूरी करने पर जोर दिया गया। उन्होंने बताया कि टाटा समूह की ओर से म्युज़ियम में न्यू टेक्नालॉजी आधारित डिस्प्ले बना रहा है, जो अयोध्या में आने वाले विदेशी पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करेगा। साथ ही टाटा समूह मथुरा-वृदांवन के क्षेत्र में मानसी गंगा कुंड, श्याम कुंड, राधा कुंड, अष्टकाशी कुंड, नारी सेमरीकुंड, गरुड़ गोविंद कुंड और कृष्ण कुंड समेत 8 कुंडों का जीर्णोद्धार करवाएगा। साथ ही प्रदेश में प्रमुख गंगा घाटों की सफाई का कार्य भी टाटा समूह करेगा। टाटा समूह के चेयर पर्सन और मुख्यमंत्री के बीच हुई ये बैठक, यूपी की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन इकॉनमी बनाने के लक्ष्य को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगी। साथ ही टाटा समूह की ओर से उत्तर प्रदेश में निवेश और सेवाओं के विस्तार के ये प्रस्ताव साबित करते हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में यूपी निवेश का फेवरेट डेस्टिनेशन बन चुका है।

टाटा समूह के चेयरपर्सन ने मुख्यमंत्री के सामने यूपी में समूह की होटल श्रृखंला के विस्तार का प्रस्ताव

लखनऊ उत्तर प्रदेश में वैश्विक और घरेलू पर्यटन के तीव्र विकास को ध्यान में रखते हुए, राज्य के पर्यटन सुविधाओं और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में बड़े निवेश की तस्वीर तेजी से उभर रही है। इसी क्रम में टाटा समूह के चेयर पर्सन एन. चंद्रशेखरन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ के साथ हुई बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश में टाटा समूह के चल रहे और प्रस्तावित होटल श्रृखंला के विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि टाटा समूह का यह कदम राज्य में बढ़ते पर्यटक आगमन, धार्मिक, सांस्कृतिक पर्यटन की बढ़ोतरी और बेहतर कनेक्टिविटी के व्यापक विकास को ध्यान में रखते लिया जा रहा है। जो उत्तर प्रदेश में वैश्विक स्तर की हॉस्पिटैलिटी सुविधाओं का तेजी से विस्तार करेगा। टाटा समूह के चेयरपर्सन एन. चंद्रशेखन ने बैठक में स्पष्ट किया कि टाटा समूह के ताज, सेलेक्शंस और विवांता जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड्स के 30 होटलस् का निर्माण कार्य प्रदेश में पहले से चल रहा है। उन्होंने इन मुख्यमंत्री के सामने टाटा समूह के इन होटल्स के विकास कार्य की प्रगति रिपोर्ट भी पेश की। साथ ही प्रदेश में टूरिज़म और प्रीमियम क्वालिटी हॉस्पटैलिटी के विस्तार के लिए 30 नए होटल के निर्माण के बारे में भी चर्चा की। जिसके चलते प्रदेश में लक्जरी होटल के 2,000 रूमस् की संख्या को बढ़ा कर 5,000 तक हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इन होटल्स का निर्माण राज्य के प्रमुख और उभरते पर्यटन केंद्रों प्रयागराज, अयोध्या, वाराणसी, वृंदावन, आगरा, कानपुर, लखनऊ, बिजनौर और गोरखपुर में किया जाएगा। जो प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक टूरिज्म के प्रमुख केंद्र हैं। मुख्यमंत्री से बैठक के दौरान एन. चंद्रशेखन ने बताया कि नोएडा में टाटा समूह के एक सिग्नेचर या लैंडमार्क होटल विकसित कर रहा है, वहीं प्रयागराज में एक लक्ज़री ताज होटल का भी निर्माण किया जा रहा है। बैठक के दौरान एन. चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन और प्रयासों से बीते कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से उभरा है। प्रदेश में घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। इसी बढ़ती मांग के कारण प्रीमियम और संगठित हॉस्पिटैलिटी अवसंरचना की आवश्यकता बढ़ गई है। टाटा समूह की ये भागीदारी उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

यहूदियों की दीवाली ‘हनुक्का’ क्या है, जिसके जश्न के दौरान बोंडी बीच पर चली गोलियां

सिडनी  ऑस्ट्रेलिया के शहर सिडनी के बोंडी बीच पर दो आतंकी बाप-बेटे ने जश्न मना रहे लोगों पर गोलीबारी करनी शुरू कर दी। इस गोलीबारी में अभी तक 16 लोगों के मारे जाने की और करीब तीन दर्जन से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। प्रकाश के त्योहार हनुक्का का जश्न मना रहे यहूदी समुदाय के इन लोगों के ऊपर गोलीबारी करने वाले आतंकी पाकिस्तानी मूल के थे। इनमें से एक ही मौत हो गई है, जबकि एक को गिरफ्तार करके अस्पताल पहुंचा दिया गया है। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री अल्बानीज ने इसे यहूदी विरोधी आतंकवाद करार दिया है।   गौरतलब है कि मरने वाले लगभग सभी लोग यहूदी समुदाय से थे। यह बोंडी बीच पर यहूदियों के सबसे पवित्र त्योहार हनुक्का का जश्न मनाने के लिए एकत्र हुए थे। यह त्योहार लगभग आठ दिनों तक चलता है, इसकी शुरुआत के दिन में चानुक्का बाय द सी कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। रविवार को यही कार्यक्रम था, जिसमें आतंकी बाप-बेटे ने अपनी कट्टरवादी सोच का परिणाम दिखाया। क्या होता है हनुक्का? यहूदी धर्म में हनुक्का को बहुत ही पवित्र त्योहार माना जाता है। आठ दिनों तक चलने वाला यह रोशनी का त्योहार हिंदुओं के त्योहार दीवाली की तरह होता है। यह त्योहार करीब 2200 साल पुरानी एक घटना के आधार पर मनाया जाता है। हिब्रु भाषा में हनुक्का का मतलब समपर्ण होता है। इस त्योहार की शुरुआत की कहानी ग्रीक-सीरियाई शासकों के दौर से शुरू होती है। ऐसा माना जाता है कि इन शासकों ने यरुशलम पर कब्जा करके यहूदी धार्मिक प्रथाओं पर रोक लगा दी थी। इसके खिलाफ मैकाबी नामक एक छोटे से विद्रोही कबीले ने लड़ाई लड़ी, तमाम संघर्ष के बाद भी वह अपनी से बड़ी सेना को हराने में कामयाब रहे। इस जीत के बाद मैकाबियों ने यहूदी मंदिर को फिर से अपने कब्जे में ले लिया। मंदिर के पवित्रता को बढ़ाने के लिए उन्होंने मेनोरा (दीप स्तंभ) पर दिया जलाने की कोशिश की, लेकिन वहां पर केवल एक दिन का ही तेल उपलब्ध था। ऐसा माना जाता है कि मैकाबियों ने जब यह दिया जलाया तो यह लगभग आठ दिनों तक जलता रहा। इसके बाद यहूदियों ने इस समय को हनुक्का त्योहार के रूप में मनाना शुरू कर दिया। दीपावली की तरह हनुक्का भी परिवार केंद्रित त्योहार है, जिसमें परिवार के सभी लोग एक जगह पर एकत्र होकर प्रार्थना करते हैं। यूरोप के कई देशों में इस त्योहार को यहूदी क्रिसमस भी कहा जाता है, क्योंकि कई बार यह त्योहार क्रिसमस के आसपास भी पड़ता है। हनुक्का की तारीखें हर साल बदलती रहती हैं, क्योंकि यहूदी चंद्र कैलेंडर के हिसाब से अपने त्योहारों की तारीख को तय करते हैं। ठीक उसी तरह जैसे दीपावली की तारीख भी हर साल बदलती रहती है।  

सपा की सियासत पर ओपी राजभर का हमला— यादव और मुस्लिमों तक सिमटी पार्टी

लखनऊ  मुरादाबादयूपी सरकार के मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने एसआईआर विरोध के मुद्दे पर सपा और कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि साल 2027 के चुनाव में एनडीए रिकार्ड जीत दर्ज करेगा। प्रदेश में अगला चुनाव सपा के लिए निर्णायक हो सकता है। मुझे तो यह लगता है कि सपा विपक्ष में बैठने लायक भी नहीं रहेगी। सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में राजभर ने कहा, सपा यादव और मुस्लिमों में ही फंस गई है। पीडीए का नारा मजाक से अधिक कुछ नहीं है। बोले, सदन में बसपा के एक और कांग्रेस के दो विधायक हैं। कहा, प्रदेश में पंचायत चुनाव समय से होंगे। मतदान पत्र की छपाई हो रही है। मतदाता सूची सुधार पर जोर है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को संगठन की ओर से बधाई दी। जबकि, दिल्ली में कांग्रेस की वोट चोर गद्दी छोड़ रैली की खिल्ली उड़ाई। बोले, सरदार बल्लभ भाई पटेल से कम मत पाने के बाद भी पं.जवाहर लाल नेहरू देश के प्रधानमंत्री बन गए। राजनारायण से हारने के बाद भी इंदिरा गांधी ने ऐसा ही किया।   कहा, असल में यही वोट चोरी है। जबकि, राजीव गांधी ने देश में ईवीएम से चुनाव की पहल की। उसके बाद दो बार देश में कांग्रेस की सरकार बनी। अब राहुल गांधी की ओर से ईवीएम पर दोष मढ़ा जा रहा है। मंत्री ने कहा कि रोहिणी आयोग की रिपोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर अति पिछड़ों को उनका हक मिलने जा रहा है। पिछड़ों के 27 प्रतिशत आरक्षण में पिछड़े, अति पिछड़े और सर्वाधिक पिछड़े अपना हक पाएंगे। राज्य सरकार तैयार है। सफाईकर्मियों ने सौंपे ज्ञापन उधर, सहायक विकास अधिकारी पंचायत संघ के जिलाध्यक्ष जबर सिंह की अगुवाई में मांग पत्र सौंपा। तड़के मुरादाबाद पहुंचे मंत्री शाम को रेल मार्ग से लखनऊ प्रस्थान कर गए। वहीं, विभागीय अधिकारियों की बैठक में मंत्री ने सरकार के प्रमुख संकल्प, डिजिटल लाइब्रेरी, पंचायत भवन सेवा, सफाई और ओएसआर की समीक्षा की। ‘अपने दम पर पंचायत चुनाव लड़ेगी पार्टी’ अमरोहा के कैलसा पहुंचे सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि सपा व बसपा ने मुस्लिमों का वोट लेकर उनको ठगा है। आज तक किसी भी मुस्लिम को मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया है। केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया है। पंचायत चुनाव पार्टी अपने दम पर लड़ेगी और विधानसभा चुनाव 2027 भाजपा के साथ ही लड़ेगी। रविवार को कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कैलसा रोड स्थित एक निजी इंस्टीट्यूट में विशाल जनसभा को संबोधित किया। कहा कि सुभासपा का प्रयास है कि सभी को समान शिक्षा का अधिकार लागू कराया जाए।  

बीसीसीआई को एनएसएफ के रूप में मान्यता नहीं, खेल मंत्री मांडविया ने लोकसभा में कहा

नई दिल्ली खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) एक मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय खेल महासंघ (एनएसएफ) नहीं है। उन्होंने लंबे समय से चली आ रही स्थिति को दोहराया जिसके अगले साल नए राष्ट्रीय खेल संचालन अधिनियम के लागू होने के बाद बदलने की उम्मीद है। मांडविया तृणमूल कांग्रेस की कोलकाता दक्षिण की प्रतिनिधि माला रॉय के एक सवाल का जवाब दे रहे थे। रॉय ने पूछा था कि क्या सरकार बीसीसीआई जैसे बड़े खेल संगठनों और पैसे की कमी से जूझ रहे अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) को ‘ठीक से और सुचारू रूप से चलाने’ के लिए उनका नियंत्रण अपने हाथ में लेने का इरादा रखती है। ⁠ मांडविया ने दोहराया कि एनएसएफ से ‘अच्छे प्रबंधन तरीकों’ का पालन करने की उम्मीद की जाती है। मांडविया ने कहा, ‘‘भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) को राष्ट्रीय खेल महासंघ (एनएसएफ) के रूप में मान्यता नहीं मिली है।’’ राष्ट्रीय खेल संचालन अधिनियम इस साल अगस्त में पारित हुआ था और इसके नियम जल्द ही अधिसूचित किए जाएंगे। मांडविया ने अगले साल की शुरुआत में इस अधिनियम को पूरी तरह से लागू करने का वादा किया है। इसमें एक राष्ट्रीय खेल बोर्ड (एनएसबी) का प्रावधान है जो जवाबदेही की एक सख्त प्रणाली बनाएगा और सभी एनएसएफ को केंद्र सरकार से कोष पाने के लिए एनएसबी से मान्यता लेनी होगी। बीसीसीआई अब तक एक मान्यता प्राप्त एनएसएफ नहीं है क्योंकि यह सरकार के कोष पर निर्भर नहीं है। हालांकि जब नया कानून लागू होगा तो बीसीसीआई को खुद को एनएसएफ के तौर पर पंजीकृत कराना होगा क्योंकि क्रिकेट एक ओलंपिक खेल बन गया है जो 2028 खेलों में टी20 प्रारूप में पदार्पण करने वाला है। मंत्रालय ने बोर्ड को सूचना का अधिकार अधिनियम से संबंधित प्रावधानों के मामले में पहले ही कुछ राहत दी है जो नए अधिनियम के तहत एनएसएफ पर लागू होंगे।  इसने अधिनियम में आरटीआई से संबंधित प्रावधान में संशोधन किया है और केवल उन्हीं महासंघों को इसके दायरे में रखा है जो सरकारी अनुदान और सहायता पर निर्भर हैं। सूचना का अधिकार कानून बीसीसीआई के लिए एक मुश्किल मुद्दा रहा है जिसने लगातार इसके दायरे में आने का विरोध किया है क्योंकि बोर्ड अधिकांश अन्य एनएसएफ की तरह सरकारी कोष पर निर्भर नहीं है। सोमवार को लोकसभा में मांडविया ने यह भी कहा कि एक करोड़ रुपये से अधिक का वार्षिक अनुदान प्राप्त करने वाले एनएसएफ के खाते भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) द्वारा ऑडिट के अधीन हैं।  

पीएम मोदी विरोधी नारों पर भड़के ऊर्जा मंत्री अनिल विज, कांग्रेस पर साधा तीखा निशाना

चंडीगढ़ हरियाणा ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस की दिल्ली रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश विरोधी नारे लगाने पर कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस द्वारा अपने गिरते हुए स्तर का प्रदर्शन किया गया है। निराशा, हताश, फेल, थके हुए, हारे हुए लोग ही इस प्रकार की बातें करते हैं। वहीं,अनिल विज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुआएं देते हुए कहा कि "जुग-जुग जिए हमारे प्रधानमंत्री, जिन्होंने आज हिंदुस्तान की तस्वीर और सूरते हाल बदल दिया"। आज पत्रकारों से बातचीत के दौरान ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि आज देश हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, पूरे विश्व में नरेंद्र मोदी की वजह से देश की साख बड़ी है। विश्व में देश के साथ मधुर संबंध बने हैं। इनके (कांग्रेस) के प्रधानमंत्री मीटिंग में जाकर सो जाया करते थे, कभी बोला ही नहीं करते थे।   कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के बयान कि यदि बैलेट पेपर से चुनाव हो तो भाजपा को एक भी वोट न मिले, के बारे में ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने पलटवार करते हुए कहा कि जब मत पत्र से चुनाव होते थे हमने देखा हुआ है कि तब ये कैसे वोट छापते थे। उस दौरान चुनाव में एक शब्दावली थी “वोट छापना”, मगर ईवीएम के आने के बाद इनका (कांग्रेस) वह काम बंद हो गया। ये बदमाशों को, माफिया को सेट करके उनसे वोट छपवाया करते थे, छापे जाते थे, तब चुनाव में यह शब्दावली थी। ईवीएम आने से वह खत्म हो गई और इनको ही पीड़ा हो रही है। ये उस दौरान वोट छापने से ही जीतते थे और उनके वोट छापने का धंधा बंद हो गया, इसलिए इस पीड़ा को लेकर कांग्रेस वाले बार-बार रो रहे हैं।   एसआईआर के बाद उत्तर प्रदेश में लगभग 4 करोड़ वोट कट गए हैं जिस पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जहां-जहां पर ठीक तरीके से एसआईआर होगा वहां जाली वोटो का तंत्र, जो कांग्रेस ने इतने सालों से बसा रखा था, वह खत्म होता जा रहा है। जाली वोट कांग्रेस ने बनाई थी, इतने वर्षों तक कांग्रेस ने जो राज किया, पता नहीं कौन कौन से भाग में कितनी वोट, इन्होंने बना रखी थी, आज वह वेरीफाई नहीं हो रही और इसलिए वह वोट कट रही है। वहीं, कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला के आरोप कि लोग अपनी जान बचाने के लिए मोटी रकम/ फिरौती कहां से दें, पर मंत्री अनिल विज ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार पूरी तरह से सतर्क है और सरकार ने गलत आदमियों को पकड़ने के लिए बहुत बड़ी मुहिम चला रखी है। इस मुहिम के तहत लगभग साढ़े पांच हजार लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। 

धमतरी जिले में 21 दिसम्बर को पल्स पोलियो अभियान, 0-5 वर्ष के बच्चों को पोलियो दवा पिलाने की तैयारी

धमतरी : धमतरी जिले में पल्स पोलियो अभियान : 21 दिसम्बर को 0-5 वर्ष के बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की दवा धमतरी  धमतरी जिले में बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने हेतु पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान का आयोजन 21 दिसम्बर 2025 को किया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत जिले के 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक उनके निकटतम निर्धारित पोलियो बूथ पर पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी।   जिले में कुल 772 पोलियो बूथों के माध्यम से 1 लाख 10 हजार 553 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान को सफल बनाने हेतु स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, कोटवार, प्रशिक्षु महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता तथा पैरामेडिकल विद्यार्थियों की ड्यूटी लगाई गई है।     पोलियो की दवा की समय पर उपलब्धता और कार्य की प्रभावी निगरानी के लिए सभी पोलियो बूथों को सेक्टरों में विभाजित किया गया है तथा प्रत्येक सेक्टर के लिए एक पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। इसके अलावा सभी विकासखण्डों को जोन में विभाजित कर जिला स्तर के अधिकारियों को निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।   अभियान की व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी इलाकों में बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी पोलियो बूथ बनाए गए हैं। वहीं खदानों, ईंट-भट्टों, छात्रावासों, मदरसों एवं छूटे हुए क्षेत्रों में बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने हेतु ट्रांजिट टीमों एवं मोबाइल टीमों का गठन किया गया है।   प्रथम दिवस 21 दिसम्बर को बूथों पर दवा पिलाने के पश्चात 22 एवं 23 दिसम्बर को सभी कार्यकर्ता घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगे। अभियान के दौरान जिला एवं विकासखण्ड स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे, जो 24 घंटे क्रियाशील रहेंगे। कंट्रोल रूम में प्रत्येक दो घंटे में प्रगति रिपोर्ट प्राप्त करने की व्यवस्था की गई है।   अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु सभी मैदानी अमलों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के सभी अभिभावकों से अपील की गई है कि वे 21 दिसम्बर को अपने 0 से 5 वर्ष के बच्चों को निकटतम पोलियो बूथ पर लाकर दवा अवश्य पिलाएं, ताकि पोलियो मुक्त समाज के लक्ष्य को साकार किया जा सके। साथ ही 22 एवं 23 दिसम्बर को घर-घर भ्रमण के दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का सहयोग कर छूटे हुए बच्चों को दवा पिलाने में सहभागिता निभाने का आग्रह किया गया है।यह अभियान बच्चों के उज्ज्वल एवं स्वस्थ भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

IPL 2026 Auction: ये अनकैप्ड खिलाड़ी बदल सकते हैं टीमों की किस्मत, आर अश्विन ने बताए संभावित सितारे

नई दिल्ली  आईपीएल 2026 का मिनी ऑक्शन मंगलवार को अबू धाबी में होने वाला है। उससे पहले दिग्गज पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कुछ ऐसे भारतीय अनकैप्ड खिलाड़ियों के बारे में भविष्यवाणी की है जो नीलामी में अपनी चमक बिखेर सकते हैं। जिन पर फ्रेंचाइजी पैसों की बारिश कर सकती हैं। अश्विन ने दो ऐसे भारतीय विकेटकीपरों के बारे में भविष्यवाणी की है। उन्हें भरोसा है कि इनमें से कम से कम एक तो उम्मीद से ज्यादा पैसे बटोर सकता है। अश्विन ने यूट्यूब पर अपने शो एश की बात में वरिष्ठ खेल पत्रकार विमल कुमार के साथ बातचीत में कार्तिक शर्मा और सलील अरोड़ा का खास तौर पर जिक्र किया, जिन पर नीलामी में फ्रेंचाइजियों की नजर रहने वाली है। इसके अलावा उन्होंने एक और अनकैप्ड खिलाड़ी तुषार रहेजा के लिए भी नीलामी में काफी संभावनाओं की बात की है।   ये पूछने पर कि आर अश्विन को क्या लगता है कि नीलामी में किस खिलाड़ी की ऊंची कीमत लगेगी, उन्होंने कहा, ‘बहुत मुश्किल है। ये कहना बहुत मुश्किल है कि ये जाएगा बहुत पैसों के लिए। लेकिन दो खिलाड़ियों के बीच में मुझे लगता है कि एक महंगा जाएगा। एक है कार्तिक शर्मा और दूसरा है सलील अरोड़ा जो पंजाब का प्लेयर है।’   अश्विन ने आगे कहा, 'सलील अरोड़ा, अभी उसने रन बनाए हैं (सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के एक मैच में सिर्फ 45 गेंद में 125 रन ठोके थे) और उससे पहले भी बनाए हैं। वो भी विकेटकीपर बल्लेबाज है। इसलिए जो भी टीम कार्तिक शर्मा को मिस करेगा ना, वो सलील अरोड़ा के पीछे भागेगा। या जो सलील अरोड़ा को मिस करेगा, वो कार्तिक शर्मा के पीछे भागेगा। इस ऑक्शन में अनकैप्ड प्लेयर्स का वैल्यू रहेगा। एक और जो प्लेयर का वैल्यू रहेगा वो है तुषार रहेजा। तमिलनाडु का प्लेयर है।'