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Yamaha India ने बंद की R3 और MT-03 की बिक्री, क्या है कारण?

मुंबई  जापानी दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी Yamaha Motorcycle की भारतीय डिवीजन Yamaha India ने अपनी फुली फेयर्ड Yamaha YZF-R3 और नेकेड मोटरसाइकिल Yamaha MT-03 की बिक्री को बंद कर दिया है. जानकारी के अनुसार, कंपनी ने इन मोटरसाइकिलों की बिक्री इनकी खराब बिक्री के चलते बंद की है. बता दें कि Yamaha ने YZF-R3 को दूसरी बार भारतीय बाजार में लॉन्च किया था और इसके साथ ही MT-03 को भी पेश किया गया था, लेकिन कंपनी ने इनकी कीमत काफी ज़्यादा तय की थी, जिसकी वजह से उम्मीद के मुताबिक बहुत कम लोग इसे खरीदने को तैयार हुए. बिक्री न होने के चलते इस साल की शुरुआत में, Yamaha India ने दोनों मॉडलों की कीमत में सुधार किया और यह सोचकर दोनों बाइक्स की कीमतों में 1.10 लाख रुपये तक की कटौती की, और यह सोचा कि खरीदार इन मोटरसाइकिलों को खरीदने का विचार करेंगे. हालांकि, कीमत में भारी कटौती और GST सुधार के कारण लगभग 20,000 रुपये की अतिरिक्त कीमत में बदलाव के बावजूद, अपडेटेड कीमत भी इन मोटरसाइकिलों के लिए डीलरशिप पर ग्राहकों को लाने में नाकाम रही. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की बात करें तो डीलरशिप का कहना है कि से पता करने पर, कई आउटलेट्स ने कन्फर्म किया है कि उनके पास R3 या MT-03 का कोई स्टॉक नहीं बचा है और उन्हें ब्रांड से कोई यूनिट आने की उम्मीद नहीं है, क्योंकि कंपनी ने भी इन मोटरसाइकिलों का इम्पोर्ट बंद कर दिया है. Yamaha R3 और MT-03 बहुत बेहतरीन मोटरसाइकिलें थीं, जिनमें पावर, बेहतरीन रिफाइनमेंट और डायनामिक्स दिए गए थे, और ये चलाने में बहुत मज़ेदार और आकर्षक मशीनें थीं. लेकिन दुर्भाग्य से, इन बाइक्स की ज़्यादा कीमत को अगर छोड़ भी दें, तो भी ये मोटरसाइकिलें अपने राइवल्स की तुलना में फीचर्स, स्टाइलिंग, राइडर एड्स और दिए जाने वाले इक्विपमेंट के मामले में अप-टू-डेट नहीं थीं. Yamaha YZF-R3 और MT-03 उन सभी Yamaha शौकीनों के लिए आइडियल अपग्रेड थे, जिन्होंने YZF-R15 या MT-15 के ज़रिए इस ब्रांड की ओर रुख किया था. लेकिन Yamaha India ने अब दूसरी बार यह मौका गंवा दिया है, इसलिए अब बस इंतज़ार करना होगा और देखना होगा कि क्या इन मोटरसाइकिलों के नए एडिशन भारत में आएंगे या नहीं.

कैबिनेट ने दी हरी झंडी: बिहार की नई पांच साल की योजना और तीन मुख्य प्राथमिकताएँ

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई गई है। मुख्यमंत्री सचिवालय के मंत्रिमंडल कक्ष में कैबिनेट की बैठक करेंगे। आज की बैठक काफी महत्वपूर्ण है। सीएम रोजगार और नौकरी समेत कई प्रमुख एजेंडों पर मुहर लगा सकते हैं। बैठक में सभी मंत्री और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। इससे नौ दिसंबर को हुई बैठक में सीएम नीतीश कुमार ने 19 एजेंडों पर मुहर लगाई थी। इसमें तीन नए विभागों बनाने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई थी। इसके बाद विभागों की संख्या बढ़कर 48 हो गई। सरकार की ओर से कहा गया था कि तीन विभागों का गठन रोजगार और नौकरी के अवसर बढ़ाने के लिए हुआ है। सीएम नीतीश कुमार अपने एक्स पर लिखते हैं कि  24 नवंबर 2005 को जब से हमलोगों की सरकार बनी, तब से राज्य में कानून का राज है और लगातार 20 वर्षों से सभी क्षेत्रों और सभी वर्गों के विकास के लिए काम किया गया है। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि राज्य में सुशासन के कार्यक्रमों के अन्तर्गत सात निश्चय (2015-2020) और सात निश्चय-2 (2020-2025) में न्याय के साथ विकास से जुड़े निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के बाद बिहार को सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने हेतु अब सात निश्चय-3 कार्यक्रमों को लागू करने का निर्णय लिया गया है। ये हैं सात अहम बिंदु 1.दोगुना रोजगार- दोगुनी आय 2. . समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार 3.कृषि में प्रगति-प्रदेश की समृद्धि 4.उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य 5.सुलभ स्वास्थ्य-सुरक्षित जीवन 6.मजबूत आधार-आधुनिक विस्तार 7.सबका सम्मान-जीवन आसान

भारत के कब्जे में पाक के 90,000 सैनिक, अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेबस दिखा पाकिस्तान

नई दिल्ली  बांग्लादेश का आज स्वतंत्रता दिवस है। इसी दिन भारत के प्रयासों के चलते बांग्लादेश अस्तित्व में आया था, जो 1947 के बाद से ही पाकिस्तान की ओर से भाषा और संस्कृति पर वार करने से प्रताड़ित महसूस कर रहा था। अंत में बांग्ला भाषा और संस्कृति के प्रति पाकिस्तान का द्वेष इतना बढ़ गया कि उसकी सेना ने भीषण अत्याचार किए। इनमें लाखों बंगाली मारे गए और अंत में भारत के दखल से दक्षिण एशिया में एक नया देश अस्तित्व में आया। यह पाकिस्तान के लिए वैसा ही झटका था, जैसा उसके निर्माण से 1947 में भारत को आघात लगा था।   पाकिस्तान के लिए यह उससे भी बड़ा आघात था क्योंकि जिस इस्लाम के नाम पर उसने विभाजन कराया था, उसके नाम पर एकता 24 साल ही टिक पाई और बांग्ला भाषा एवं संस्कृति की दलील पर एक नया मुल्क अस्तित्व में आ गया। यही नहीं पाकिस्तान को इस जंग में ऐसी मात खानी पड़ी कि उसके 90 हजार सैनिक भारत की कैद में आ गए। इन सैनिकों को करीब 9 महीने तक भारत ने अपने यहां रखा और अंत में शिमला समझौते के तहत ही इन्हें रिलीज किया गया। हालांकि कहा जाता है कि सभी सैनिकों की रिहाई होने में करीब 15 महीने का वक्त लग गया था। इस दौरान पाकिस्तान ने भारत की हिरासत में रहे सैनिकों को लेकर खूब एजेंडा चला। इस्लामिक देश के लिए यह बड़ा झटका था कि उसकी पूरी ईस्टर्न कमांड ही भारत के आगे सरेंडर कर चुकी थी। पाकिस्तान को इस बात का डर सता रहा था कि कहीं बांग्ला मूल के लोगों के उत्पीड़न की जानकारी भारत न निकलवा ले। ऐसी स्थिति दुनिया के सामने उसकी पोल खोल देती। यूं भी दुनिया भर में और संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्थाओं ने पाकिस्तान के रुख की आलोचना की थी। ऐसी स्थिति में पाकिस्तान ने उलटा प्रोपेगेंडा चला और वह दुनिया के आगे गिड़गिड़ाता रहा कि हमारे सैनिक भारत की हिरासत में उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं। पाकिस्तान ने युद्ध बंदियों को लेकर पोस्ट कार्ड जारी किए मार्मिक प्रतीकात्मक तस्वीरें उन पर छापीं। इसके अलावा सवा रुपये का एक डाक टिकट भी जारी किया गया था। यह डाक टिकट जुलाई 1973 में जारी हुआ था। इसे पाकिस्तान के स्टांप डिजाइनर मुख्तार अहमद ने तैयार किया था। इसमें काले बैकग्राउंड में एक तस्वीर छापी गई थी। इन लोगों को कंटीले तारों के पीछे खड़ा दिखाया गया और एक बच्चा दिखाया गया, जो अपने पिता का इंतजार कर रहा था। इसका कैप्शन लिखा गया था, ‘युद्ध बंदी भारत में हैं और यह दुनिया की अंतरात्मा के लिए एक चुनौती है।’ पाकिस्तान ने प्रोपेगेंडा के लिए पोस्टकार्ड भी किए थे जारी इसके अलावा यह भी लिखा गया कि करीब 15 महीनों से भारत की हिरासत में हमारे सैनिक हैं। इसके अलावा कई ऐसे पोस्टकार्ड भी पाकिस्तान की ओर से जारी किए गए थे, जिनमें मानवाधिकार आयोगों से अपील की गई थी। दिलचस्प बात यह है कि मानवाधिकार के नाम पर यह एजेंडा उस पाकिस्तान का था, जिसने बांग्ला भाषियों पर खुद भीषण अत्याचार किए थे और यूएन की एजेंसियों ने उसकी निंदा की थी।

फिल्मी अंदाज में ATM लूट: डीडवाना में SBI एटीएम काटकर 20 लाख से अधिक की नकदी उड़ाई

डीडवाना डीडवाना-कुचामन जिले के तोषीणा गांव में कुचामन–खाटू बाइपास पर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के एटीएम पर अज्ञात बदमाशों ने बड़ी लूट की वारदात को अंजाम दिया। बीती रात अलसुबह करीब 3:55 बजे शुरू हुई इस घटना में बदमाशों ने महज 10 मिनट में गैस कटर से एटीएम मशीन को साइड से काटकर 20 लाख 46 हजार 500 रुपये से अधिक की नकदी लूट ली और फरार हो गए। पुलिस जांच में सामने आया है कि लूट पूरी तरह सुनियोजित थी। बदमाशों ने वारदात से पहले एटीएम बूथ में लगे सीसीटीवी कैमरों पर ऑयल स्प्रे छिड़ककर उन्हें निष्क्रिय कर दिया, ताकि पहचान न हो सके। अनुमान है कि इस गिरोह में 3 से 4 बदमाश शामिल थे, जो पूरी तैयारी के साथ मौके पर पहुंचे थे। सूचना मिलते ही खुनखूना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर एटीएम स्थल को सील कर दिया। साथ ही फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने मौके से साक्ष्य जुटाए। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज पुलिस को अहम सुराग टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज से मिले हैं। फुटेज में करीब 4:17 बजे दिल्ली नंबर की एक कार टोल प्लाजा पार करते हुए दिखाई दे रही है। इसी वाहन के आधार पर पुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी हुई है। अलग-अलग टीमें गठित कर आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। आपराधिक घटनाओं से ग्रामीणों में भारी रोष यह वारदात क्षेत्र में दूसरी बड़ी घटना बताई जा रही है। इसी एटीएम पर अप्रैल माह में भी लूट की वारदात हो चुकी है, लेकिन उस मामले के आरोपी अब तक फरार हैं। लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं से ग्रामीणों में भारी रोष है। स्थानीय लोग लंबे समय से क्षेत्र में स्थायी पुलिस चौकी की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा इस पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। चार बजे गैस कटर से लूट की वारदात को अंजाम दिया गया एडिशनल एसपी हिमांशु शर्मा ने बताया कि मुंबई हेडक्वार्टर से एटीएम में असामान्य गतिविधि की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। उन्होंने बताया कि करीब चार बजे गैस कटर से लूट की वारदात को अंजाम दिया गया। पूर्व में हुई घटना को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के प्रयास किए जाएंगे। पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। इस घटना ने बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में बढ़ती अपराध की घटनाओं से लोगों में दहशत का माहौल है।  

डिप्लोमेसी का अनोखा अंदाज़: पीएम मोदी के लिए खुद स्टीयरिंग पर बैठे जॉर्डन के युवराज अल हुसैन, वीडियो चर्चा में

जॉर्डन  भारत और जॉर्डन के संबंधों में गर्मजोशी को दर्शाते हुए अरब देश के युवराज अल हुसैन बिन अब्दुल्ला द्वितीय मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को स्वयं वाहन चलाकर जॉर्डन संग्रहालय लेकर गए। युवराज पैगंबर मोहम्मद के 42वीं पीढ़ी के सीधे वंशज हैं। प्रधानमंत्री मोदी जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय के निमंत्रण पर दो दिवसीय यात्रा पर सोमवार को जॉर्डन की राजधानी अम्मान पहुंचे थे। जॉर्डन प्रधानमंत्री की चार दिवसीय यात्रा का पहला पड़ाव है। इस यात्रा के दौरान वह इथियोपिया और ओमान भी जाएंगे। अम्मान के रस अल-ऐन इलाके में स्थित जॉर्डन संग्रहालय देश का सबसे बड़ा संग्रहालय है। इसमें जॉर्डन की कुछ सबसे महत्वपूर्ण पुरातात्विक और ऐतिहासिक धरोहरों का प्रदर्शन किया गया है। वर्ष 2014 में निर्मित यह संग्रहालय प्रागैतिहासिक काल से लेकर वर्तमान समय तक क्षेत्र की सभ्यतागत यात्रा को दर्शाता है। संग्रहालय में 15 लाख वर्ष पुरानी जानवरों की हड्डियां और चूना प्लास्टर से बनीं 9,000 वर्ष पुरानी ऐन गजल मूर्तियां हैं जिन्हें दुनिया की सबसे प्राचीन निर्मित मूर्तियों में शामिल किया जाता है।  

सरफराज खान का धमाका: 15 गेंदों में फिफ्टी जड़कर IPL ऑक्शन से पहले बने हॉट प्रॉपर्टी

नई दिल्ली  मुंबई के सरफराज खान ने आईपीएल 2026 के मिनी ऑक्शन से कुछ घंटे पहले सभी 10 फ्रेंचाइजियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। सरफराज ने राजस्थान के खिलाफ जारी सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के मुकाबले में 217 रनों के विशाल टारगेट का पीछा करते हुए 15 गेंदों पर अर्धशतक ठोक टीम को जीत की राह दिखाई। इस दौरान उन्होंने खूब छक्के-चौकों की बरसात की। सरफराज की पारी का अंत 73 के निजी स्कोर पर हुआ, इस दौरान उन्होंने कुल 22 गेंदों का सामना करते हुए 6 चौके और 7 गगनचुंबी छक्के लगाए। सरफराज खान का स्ट्राइक रेट इस पारी के दौरान 331.82 का रहा। IPL 2026 के ऑक्शन में सरफराज खान कैप्ड प्लेयर्स के पहले सेट में 75 लाख रुपए के बेस प्राइज के साथ मौजूद हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि कौन-कौन सी टीमें उनपर दांव लगाएगी। बात मुंबई वर्सेस राजस्थान मुकाबले की करें तो, मुंबई के कप्तान शार्दुल ठाकुर ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले बॉलिंग करने का फैसला लिया था। राजस्थान ने निर्धारित 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 216 रन बोर्ड पर लगाए। राजस्थान के लिए दीपक हुड्डी और मुकुल चौधरी ने शानदार अर्धशतकीय पारी खेली। इस स्कोर का पीछा करने उतरी मुंबई की यशस्वी जायसवाल और अजिंक्य रहाणे की सलामी जोड़ी ने अच्छी शुरुआत दी और पहले विकेट के लिए 41 रन जोड़े। जायसवाल 15 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद नंबर-3 पर बैटिंग करने आए सरफराज खान ने तो तबाही ही मचा दी। सरफराज की तूफानी पारी के दम पर मुंबई जीत की ओर बढ़ रही है। वहीं अजिंक्य रहाणे अर्धशतक जड़ एक छोर को संभाले हुए हैं। खबर लिखे जाने तक मुंबई को 44 गेंदों पर 56 रनों की दारकार है।

डांस फ्लोर बना रणक्षेत्र: शादी समारोह में महिला डांसर से बदसलूकी, युवक की जमकर पिटाई

नूंह  नूंह जिले में शादी से पहले आयोजित डांस कार्यक्रमों को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। पल्ला गांव में सोमवार देर रात आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान महिला डांसर से अभद्रता की कोशिश के आरोप के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस घटना में एक युवक को मौके पर मौजूद कुछ युवकों ने पकड़कर लाठियों से पीट दिया। पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम में मेवात की प्रसिद्ध महिला डांसर और बॉलीवुड सिंगर सलमान अली प्रस्तुति देने पहुंचे थे। देर रात तक चले कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। इसी दौरान कथित तौर पर एक युवक ने स्टेज पर महिला डांसर के साथ अभद्र व्यवहार करने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ते देख वहां मौजूद कुछ युवकों ने आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस की मौजूदगी के बावजूद उसकी लाठियों से पिटाई कर दी।   वायरल वीडियो में युवक को जमीन पर गिराकर लाठियों से पीटते हुए साफ देखा जा सकता है। वहीं, महिला डांसर को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए उसके साथियों ने दीवार फांदकर उसे वाहन में बैठाया और वहां से ले गए। घटना के दौरान कार्यक्रम स्थल पर पुलिस तैनात थी, इसके बावजूद हिंसा होने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 16 नवंबर को तावड़ू उपमंडल के पचगांव गांव में भी शादी से पहले आयोजित डांस कार्यक्रम में महिला डांसर से छेड़छाड़ का मामला सामने आया था, जिसका वीडियो वायरल होने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हुई थी। हालांकि, उस मामले में भी कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था। बताया जा रहा है कि पल्ला गांव के इस कार्यक्रम को लेकर कुछ धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने पहले ही आपत्ति जताई थी और इसे सामाजिक बुराई बताते हुए रोकने की कोशिश की थी, लेकिन इसके बावजूद कार्यक्रम आयोजित किया गया। रातभर चले आयोजन में युवाओं की भारी भीड़ जुटी रही। सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग ऐसे कार्यक्रमों को सामाजिक समस्याओं से जोड़ रहे हैं, जबकि कुछ इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मुद्दा बता रहे हैं। एक महीने के भीतर मेवात क्षेत्र में महिला डांसरों से जुड़ी छेड़छाड़ की यह दूसरी घटना सामने आने से बहस और गहरा गई है। पुलिस की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। न ही यह स्पष्ट है कि किसी की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई है या नहीं। आरोपी युवक की पहचान भी फिलहाल नहीं हो सकी है।

सीएम नीतीश का बड़ा दांव: सात निश्चय पार्ट-3 के तहत 1 करोड़ रोजगार, 50 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य

पटना    बिहार की नीतीश सरकार ने अब अपने महत्वकांक्षी सात निश्चय कार्यक्रमों के तीसरे पार्ट को लागू करने फैसला किया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद सात निश्चय-3 को लागू किए जाने का ऐलान एक्स पर किया है। मुख्यमंत्री ने बताया है कि बिहार कैबिनेट ने सात निश्चय पार्ट-3 को मंजूरी प्रदान की है। सीएम नीतीश कुमार ने एक्स पर लिखा, '24 नवम्बर 2005 को जब से हमलोगों की सरकार बनी, तब से राज्य में कानून का राज है और लगातार 20 वर्षों से सभी क्षेत्रों और सभी वर्गों के विकास के लिए काम किया गया है। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि राज्य में सुशासन के कार्यक्रमों के अन्तर्गत सात निश्चय (2015-2020) और सात निश्चय-2 (2020-2025) में न्याय के साथ विकास से जुड़े निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के बाद बिहार को सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने हेतु अब सात निश्चय-3 कार्यक्रमों को लागू करने का निर्णय लिया गया है। 1. दोगुना रोजगार- दोगुनी आय सात निश्चय-3 का पहला निश्चय ‘दोगुना रोजगार- दोगुनी आय’ रखा गया है। इसका उद्देश्य राज्य की प्रति व्यक्ति औसत आय को दोगुना करना है। इसके लिए कई कार्यक्रमों एवं योजनाओं को लागू किया गया है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत हमलोग राज्य की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए 10 हजार रूपए दे रहे हैं। इस योजना के लाभुकों को अपना रोजगार आगे बढ़ाने के लिए 02 लाख रूपए तक की सहायता दी जाएगी। हमलोगों ने वर्ष 2023 में राज्य में जाति आधारित गणना के साथ सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण भी कराया था, जिसमें चिह्नित 94 लाख गरीब परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार योजनाओं से आच्छादित किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी। बिहार के उत्पादों की ब्रिक्री के लिए हाट-बाजारों को विकसित किया जाएगा। अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं के लिए नौकरी और रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए वर्तमान में अलग से युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग का गठन किया जा चुका है। 2. समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार सात निश्चय-3 का दूसरा निश्चय ‘समृद्ध उद्योग- सशक्त बिहार’ है। इसके तहत राज्य में तेजी के उद्योगों के विकास के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तीन उच्चस्तरीय समितियों का गठन किया जा चुका है। इन समितियों के गठन का मुख्य उद्देश्य है- बिहार को पूर्वी भारत का नया प्रौद्योगिकी केंद्र (Tech Hub) बनाना, बिहार को विश्वस्तरीय कार्य स्थल (Work Place) के रूप में विकसित करना और राज्य के प्रतिष्ठित उद्यमियों तथा प्रतिभाशाली युवाओं को राज्य के अंदर उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहित करना है। राज्य के सभी जिलों में उद्योग लगाने के लिए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। हमलोगों ने अगले 05 वर्षों में राज्य में कम से कम 50 लाख करोड़ का निजी निवेश सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्तमान नई सरकार बनने के बाद राज्य में उद्योग विभाग के अंतर्गत छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग निदेशालय का गठन किया गया है तथा राज्य के स्थानीय उत्पादों के निर्यात एवं बाजार विकास के लिए एक नए बिहार विपणन प्रोत्साहन निगम की स्थापना की गई है। हमलोगों ने निर्णय लिया है कि बंद पड़ी 9 चीनी मिलों को चरणबद्ध रूप से चालू किया जाएगा तथा 25 नई चीनी मिलों की स्थापना भी की जाएगी। 3. कृषि में प्रगति-प्रदेश की समृद्धि सात निश्चय-3 का तीसरा निश्चय ‘कृषि में प्रगति- प्रदेश की समृद्धि’ है। इसके तहत किसानों की आय बढ़ाने के लिए वर्ष 2024 से 2029 के लिए गठित चौथे कृषि रोड मैप के काम में और तेजी लाई जाएगी। साथ ही मखाना रोड मैप बनाकर मखाना के उत्पादन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जाएगा। डेयरी एवं मत्स्य पालन पर विशेष जोर दिया जाएगा तथा राज्य के सभी गावों में दुग्ध उत्पादन समितियों का गठन एवं प्रत्येक पंचायत में ‘‘सुधा‘‘ बिक्री केंद्र की स्थापना की जाएगी। साथ ही हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के काम को और आगे बढ़ाया जाएगा। 4. उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य सात निश्चय-3 का चौथा निश्चय ‘उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य’ है। इसके तहत राज्य में अलग उच्च शिक्षा विभाग का गठन कर दिया गया है। अब राज्य के पुराने प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा तथा राज्य में नई एजुकेशन सिटी का निर्माण भी किया जाएगा। 5. सुलभ स्वास्थ्य-सुरक्षित जीवन सात निश्चय-3 का पांचवां निश्चय ‘सुलभ स्वास्थ्य- सुरक्षित जीवन’ है। इसके तहत प्रखंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को विशिष्ट चिकित्सा केंद्र (Speciality Hospital) के रूप में तथा जिला अस्पतालों को अति विशिष्ट चिकित्सा केंद्र (Super Speciality Hospital) के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य के नए मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों में बेहतर पढ़ाई एवं इलाज के लिए लोक-निजी भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा।  दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के लिए चिकित्सकों को अलग से प्रोत्साहन की व्यवस्था एवं सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने की नीति लाई जाएगी। 6. मजबूत आधार-आधुनिक विस्तार सात निश्चय-3 का छठा निश्चय ‘मजबूत आधार-आधुनिक विस्तार’ है। इसके तहत राज्य में शहरी क्षेत्रों का विस्तार एवं नागरिक सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। साथ ही, नए आधुनिक नियोजित शहरों का विकास किया जाएगा तथा शहरी गरीबों के लिए सस्ते आवास की व्यवस्था की जाएगी। शहरों में सुलभ संपर्कता के लिए 5 नई एक्सप्रेस-वे सड़कों का निर्माण और ग्रामीण सड़कों का चरणबद्ध तरीके से 2 लेन चौड़ीकरण कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त विद्युत से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं का सुदृढ़ीकरण एवं सभी इच्छुक लोगों के घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही राज्य के पर्यटन स्थलों को विकसित कर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के पर्यटन स्थलों के रूप में स्थापित किया जाएगा। पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाले सर्किट में सभी प्रकार की पर्यटकीय सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इसके अतिरिक्त राज्य में महत्वपूर्ण स्थलों पर हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में फिल्मों की शूटिंग के लिए फिल्म सिटी का निर्माण तथा फिल्म व्यवसाय को प्रोत्साहित किया जाएगा। पटना में विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स सिटी के निर्माण के साथ ही राज्य के सभी जिलों में खेलों के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी। राज्य में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय खेल … Read more

हाईवे पर बड़ा हादसा: ट्रेलर से भिड़ी तेज रफ्तार बस, दर्जनभर यात्री जख्मी

बिलासपुर बिलासपुर के रतनपुर थाना अंतर्गत नेशनल हाईवे पर दर्री पारा के पास आज सुबह करीब 5:30 बजे एक भीषण सड़क हादसा हो गया। जिसमें बताया जा रहा है कि बिहार से रायपुर जा रही बस सड़क किनारे खड़े एक ट्रेलर से जा टकराई। हादसे में बस में सवार 12 यात्री घायल हो गए, जिनमें पांच  यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं। घटना की सूचना मिलते ही रतनपुर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायलों को एंबुलेंस की सहायता से रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर के सिम्स अस्पताल रेफर किया गया है। हादसे की जानकारी मिलते ही रतनपुर थाना प्रभारी भी तत्काल घटनास्थल और अस्पताल पहुंचे। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर हादसे का कारण तेज रफ्तार और कम विजिबिलिटी बताया जा रहा है। फिलहाल जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा।

मध्य प्रदेश: 7 कैटेगरी स्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति बंद, 6 जिलों में वन विज्ञान केंद्र खुलेंगे

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार ने कर्मचारियों की 7 कैटेगरी (दैनिक वेतन भोगी, अंशकालीन, कार्यभारित, स्थायीकर्मी सहित अन्य) समाप्त कर दी हैं। अब सिर्फ तीन कैटेगरी रहेंगी, इनमें नियमित, संविदा, आउटसोर्स कर्मचारी शामिल हैं। मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले।  कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया है कि वर्तमान में कार्यरत कार्यभारित कर्मचारी की सेवाकाल में मृत्यु होने पर उसके आश्रित को नियमित पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। इस संवर्ग में अभी ऐसा प्रावधान नहीं था। जिन कैटेगरी को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है, वे अपने सेवाकाल तक कार्य करते रहेंगे। उनके रिटायर होते ही वह पद स्वत: समाप्त हो जाएगा। यदि विभाग कर्मचारी की डिमांड करता है, तो उस पद के विरुद्ध नियमित पद का सृजन किया जाएगा और भर्ती की जाएगी। बता दें कि दिग्विजय सरकार ने साल 2001 में दैनिक वेतन भोगी के पद समाप्त किए थे। कोर्ट में नहीं बताना पड़ेगी कैटेगरी सरकार का कहना है कि अभी न्यायालयीन प्रकरणों में अलग-अलग पदों की वजह से काफी गफलत होती है। नई व्यवस्था लागू होने और संबंधित पद समाप्त होने के बाद कोर्ट को यह बताना नहीं पड़ेगा कि कर्मचारी किस कैटेगरी का है। इससे बार-बार सुनवाई से सरकार बच सकेगी। उधर, स्थायी और अस्थायी का अंतर खत्म करने के बाद विभागों को हर साल अस्थायी पदों के लिए कैबिनेट से मंजूरी लेने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। नियमित और संविदा पर रहेगा फोकस सरकार ने साफ कर दिया है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद नियमित और संविदा कर्मचारियों पर ही फोकस रहेगा। दरअसल, आउटसोर्स कर्मचारी सरकार के कर्मचारी ही नहीं हैं। इन कर्मचारियों की सेवाएं सरकार कंपनियों के माध्यम से लेती है। मेट्रो के लिए 90.67 करोड़ का प्रावधान भोपाल एवं इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के संचालन व रखरखाव के लिए राज्य सरकार ने 90.67 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। इस राशि से मेट्रो संचालन में होने वाले खर्च की व्यवस्था की जाएगी। प्रस्ताव नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्रस्तुत किया। इस योजना में प्रावधान है कि आमदनी और व्यय का खर्च राज्य शासन को उठाना पड़ता है। इसलिए कैबिनेट ने यह राशि मंजूर की है। 1782 करोड़ का सिंचाई पैकेज नर्मदा घाटी विकास विभाग के अंतर्गत अपर नर्मदा परियोजना, राघवपुर बहुउद्देशीय परियोजना एवं बसानिया बहुउद्देशीय परियोजना के अंतर्गत डूब प्रभावितों के लिए विशेष पैकेज की स्वीकृति दी गई। इसमें पहले से तय बजट में 1782 करोड़ रुपए का विशेष पैकेज दिया है। इससे 5512 करोड़ रुपए की अनूपपुर, मंडला और डिंडोरी जिलों की योजनाओं का पूरा किया जा सकेगा। 71967 हेक्टेयर जमीन सिंचित हो सकेगी और 125 मेगावाट बिजली जनरेट हो सकेगी। कैबिनेट में इन मुद्दों को भी दी गई मंजूरी जल संसाधन विभाग में रिटायर्ड एसडीओ वीके रावत से देय पेंशन राशि की वसूली से संबंधित प्रस्ताव मंजूर। सामान्य प्रशासन विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग में रिक्त पदों की पूर्ति एवं राज‌भवन में सेवानिवृत्त कर्मचारी को एक साल के लिए पुनः संविदा नियुक्ति देने तथा संजय सिंह चौहान अतिरिक्त राज्य शिष्टाचार अधिकारी को संविदा नियुक्ति दिए जाने को मंजूरी। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत डॉ राजेश गौर पूर्व डीन मेडिकल कालेज दतिया के विरुद्ध लोकायुक्त जांच प्रकरण में विभागीय जांच उपरांत पेंशन रोकने से संबंधित प्रस्ताव मंजूर। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत पूर्व सीईओ जनपद पंचायत राजनगर जिला छतरपुर बीके सिंह के रिटायरमेंट के बाद पेंशन वापस लेने को मंजूरी। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अवसंरचना योजना के सूचकांक एवं मानदंड निर्धारण पर चर्चा के दौरान योजना का सूचकांक दो से तीन किया गया है। इसके बाद 3810 कार्य 693.76 करोड़ रुपए की लागत से कराए जा सकेंगे। खनिज साधन विभाग के प्रस्ताव पर संचालनालय की स्थापना और खनिजों के सर्वेक्षण की स्थापना जैसी खनिज योजनाओं को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक बढ़ाने के प्रस्ताव पर चर्चा को मंजूरी। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अंतर्गत लोक वित्त पोषित योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति एवं निरंतरता से जुड़े मुद्दे स्वीकृत किए गए। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना को वर्ष 2026-27 से निरंतर जारी रखने पर निर्णय लिया गया। योजना पांच साल तक चलती रहेगी और इसके लिए 905.25 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। योजना में 50 हजार से 50 लाख तक लोन दिए जाने का प्रावधान है। वन विभाग के प्रस्ताव पर वन विज्ञान केंद्र की स्थापना संबंधी नई योजना को मंजूरी दी गई है। इसके लिए 48 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं जो प्रदेश के छह जिलों में बनाए जाएंगे। लोक निर्माण विभाग के प्रस्ताव पर रोहिणी प्रसाद गुप्ता और अन्य विरुद्ध एमपी सरकार के मामले में न्यायालयीन आदेशों के अनुपालन में कार्यभारित स्थापना में नियुक्तियों से संबंधित विषय को मंजूरी। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के अंतर्गत सेवानिवृत्त उप संचालक जीएस चौहान को संविदा नियुक्ति दिए जाने और कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के प्रस्ताव पर सलामुद्दीन अंसारी सेवानिवृत्त सहायक संचालक से पेंशन वापसी के संबंध में निर्णय लिया गया। 773 करोड़ से बनेगा इंदौर के एमवाय अस्पताल का भवन मंत्रालय में कैबिनेट बैठक शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रिमंडल के सदस्यों को बताया कि इंदौर के एमवाय अस्पताल का नवनिर्माण 773 करोड़ रुपए से किया जा रहा है। यह 1450 बिस्तर का होगा, इससे कई कठिनाईयों से राहत मिलेगी। अस्पताल के साथ नर्सिंग हॉस्टल, ऑडिटोरियम का भी निर्माण होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि विमेन T20 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 (ब्लाइंड) का फाइनल जीतने वाली भारतीय टीम में शामिल मध्य प्रदेश की तीन दृष्टि बाधित महिला क्रिकेट खिलाड़ियों सुनीता सराठे, सुषमा पटेल और दुर्गा येवले को 25-25 लाख रुपए की राशि पुरस्कार स्वरूप दी जा रही है। प्रत्येक खिलाड़ी के लिए 10-10 लाख रुपए नगद और 15-15 लाख रुपए की एफडी रहेगी। टीम के तीनों कोच सोनू गोलकर, ओमप्रकाश पाल और दीपक पहाड़े को एक-एक लाख रुपए प्रोत्साहन स्वरूप दे रहे हैं। भरेवा धातु शिल्प को मिला जीआई टैग बैतूल जिले के भरेवा धातु शिल्प को जीआई टैग प्राप्त हुआ है। इसके लिए शिल्पकार बलदेव वाघमारे को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय शिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया है। गोंड जनजाति की … Read more