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मतदाता सूची पर कड़ा पहरा, भाजपा नहीं देगी घुसपैठियों को मतदान का अधिकार: सांगवान

चंडीगढ  बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता रविंद्र सांगवान ने कहा कि विपक्ष 200 बार भी सदन का बहिष्कार करेगा, फिर भी भारतीय जनता पार्टी एक भी घुसपैठिये को मतदान का अधिकार नहीं देगी। उन्होंने कहा कि भारत में घुसपैठिये मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री नही चुन सकते। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी देश की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब जनता के सामने कांग्रेस और इंडी गठबंधन के नेताओं की पोल खुल चुकी है। संसद देश का सबसे बड़ा चर्चा का मंच है और भाजपा कभी भी किसी विषय पर चर्चा से पीछे नहीं हटती है। चाहे कोई भी मुद्दा हो, संसद के नियमों का पालन करते हुए भाजपा हर प्रकार की चर्चा के लिए तैयार है। लेकिन कांग्रेस हमेशा से ही चर्चा से भागती आई क्योंकि कांग्रेस के मन की चोर है। उन्होंने कहा कि 10 दिसंबर को जब देश के गृहमंत्री अमित शाह सवालों के जवाब दे रहे थे तो कांग्रेस को सच हजम नहीं हुआ और वे लोकसभा से वॉकआउट कर गए। लोकसभा में जब जवाहर लाल नेहरु, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और सोनिया गांधी पर बोला गया तब कांग्रेस ने लोकसभा का बहिष्कार नहीं किया। लेकिन जैसे बात घुसपैठियों पर हुई कांग्रेस ने सदन का बहिष्कार कर दिया। सांगवान ने कहा कि संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एसआईआर पर कांग्रेस और इंडी दलों के झूठ की पोल खोल दी है और जनता भी समझ गई कि कांग्रेस सिर्फ और सिर्फ घुसपैठियों को बचाने का प्रयास कर रही है।  उन्होंने कहा कि पिछले चार महीने से विपक्ष एसआईआर को लेकर देश को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन और कांग्रेस नेताओं का मकसद सिर्फ सवाल खड़ा करके संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को खराब करना है। कांग्रेस को देश और देशवासियों के हित की कोई चिंता नहीं है। कांग्रेस झूठा नेरेटिव के जरिए अपनी राजनीति को चमकाने में लगी है।     भाजपा सरकार जनहित में निर्णय लेने वाली सरकार है। पीएम मोदी के नेतृत्व में देश का परचम दुनिया में लहरा रहा है। कांग्रेस पार्टी को देश का बढ़ता रूतबा सहन नहीं हो रहा है। राहुल गांधी तो विदेशों में जाकर भारत की छवि खराब करने में कोई कसर नहीं छोड़ते। उन्होंने कहा मोदी सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका विश्वास के मंत्र पर चलते हुए भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रही है।  

दो वर्ष की निरंतर सेवा, निरंतर विकास की दिशा में एक और पहल: मुख्यमंत्री साय ने कॉफी टेबल बुक्स का किया विमोचन

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज शाम नवीन विधानसभा स्थित अपने कार्यालय में “दो साल निरंतर सेवा,निरंतर विकास” की भावना को समर्पित छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और प्राकृतिक सौंदर्य को दर्शाने वाली जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित आठ कॉफी टेबल बुक्स का विमोचन किया गया।  इनमें बस्तर दशहरा (हिन्दी), बस्तर दशहरा (अंग्रेजी),पुण्यभूमि छत्तीसगढ़ (हिन्दी),पुण्यभूमि छत्तीसगढ़ (अंग्रेजी), छत्तीसगढ़ के अतुल्य जलप्रपात (हिन्दी), छत्तीसगढ़ के अतुल्य जलप्रपात (अंग्रेजी),बैगा टैटू (हिन्दी) और बैगा टैटू (अंग्रेजी) शामिल हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ये कॉफी टेबल बुक्स छत्तीसगढ़ की लोक-संस्कृति, ऐतिहासिक परंपराओं, आदिवासी कला और प्राकृतिक विरासत को देश-विदेश तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने इसे राज्य की पहचान को सशक्त करने वाला सार्थक प्रयास बताया। इस अवसर पर जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव , महासमुन्द विधायक श्री योगेश्वर सिन्हा, जनसंपर्क विभाग के सचिव श्री रोहित यादव, जनसंपर्क आयुक्त श्री रवि मित्तल, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री आलोक सिंह, पूर्व विधायक श्री खिलावन साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं संबंधित विभागों के अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।

पंजाब में कड़ाके की ठंड और घना कोहरा, स्कूलों के समय/छुट्टी को लेकर बढ़ा दबाव

बुढलाडा  सुबह-सुबह घनी धुंध के कारण सड़कों पर आवाजाही लगभग ना के बराबर देखने को मिल रही है। सड़कों की हालत भी गड्ढों के कारण खराब बनी हुई है। हर एक जान बहुत कीमती है। बच्चों को घर छोड़कर स्कूल पहुंचने तक कर्मचारियों की जान जोखिम में रहती है। मुख्य अध्यापक एवं केंद्र मुख्य अध्यापक संगठन पंजाब की ओर से पंजाब के शिक्षा मंत्री और पंजाब सरकार से स्कूलों का समय सुबह 10 बजे करने की मांग रखी गई है। संगठन पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अमनदीप शर्मा ने बातचीत करते हुए बताया कि 20-25 किलोमीटर दूर-दराज के स्टेशनों पर सुबह-सुबह जाना बहुत कठिन हो गया है। उन्होंने कहा कि सुबह-सुबह स्कूल आना काफी परेशानी भरा काम बन चुका है। कई स्थानों पर सूए, तालाबों के पास कोई चारदीवारी नहीं बनी हुई है। संगठन पंजाब के प्रदेश प्रचार सचिव गुरजंट सिंह बच्छुआणा ने कहा कि धुंध हादसों का कारण बन रही है, इसलिए स्कूलों का समय तुरंत सुबह 10 बजे किया जाए। 

कैंसर का बढ़ता खतरा: देश में 15 लाख से ज्यादा मरीज, यूपी बना हॉटस्पॉट, दिल्ली में AAI रेट हाई

नई दिल्ली  भारत में कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी तेजी से फैलती जा रही है और इसके फैलने की दर भी लगातार बढ़ ही रही है. देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कैंसर से पीड़ित मरीज हैं. एक सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने संसद में बताया कि पिछले 5 सालों में कैंसर मरीजों की संख्या में 2 लाख का इजाफा हुआ है और यह अब 15 लाख से अधिक हो गई है. राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सांसद इंदु बाला गोस्वामी ने स्वास्थ्य मंत्रालय से देश में पिछले 5 सालों में कैंसर मरीजों की संख्या और देशभर के सभी जिलों में डे केयर कैंसर सेंटर (DCCC) खोलने की योजना को लेकर सवाल पूछा, इस पर केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने बताया कि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR)- नेशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम (NCRP) के अनुसार, पिछले 5 सालों में देश में सभी प्रकार के कैंसर के मामलों की अनुमानित घटना 15 लाख से अधिक हो गई है. साल 2024 में कैंसर केस 15 लाख के पार सरकार की ओर से दिए गए जवाब के अनुसार, पिछले 5 सालों में कैंसर मरीजों की संख्या लगातार बढी है. साल 2020 में देश में 13,92,179 कैंसर मरीज थे. 2021 में यह संख्या बढ़कर 14,26,447 हो गई. साल 2022 में कैंसर मरीजों की संख्या 14,61,427 तक पहुंच गई. 2023 में कैंसर मरीजों की 15 लाख के करीब हो गई और यह संख्या 14,96,972 थी. साल 2024 में कैंसर मरीजों की संख्या 15 लाख (15,33,055) पार कर गई. साल दर साल बढ़ रहा कैंसर साल 2020     1392179 साल 2021     1426447 साल 2022     1461427 साल 2023     1496972 साल 2024     1533055 संसद को दिए जवाब के अनुसार, कैंसर पीड़ितों की सबसे अधिक संख्या उत्तर प्रदेश में है. यहां पर 2024 में कैंसर पीड़ितों की अनुमानित संख्या 2 लाख (2,21,000) से अधिक है. महाराष्ट्र में 1,27,512, पश्चिम बंगाल में 1,18,910 और बिहार में 1,15,123 कैंसर मरीज हैं. उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक DCCC एक अन्य सवाल के जवाब में केंद्र ने बताया कि बजट 2025-26 की घोषणा के अनुसार, सरकार अगले 3 सालों में जिला अस्पतालों में डे केयर कैंसर सेंटर स्थापित करने की योजना बना रही है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों की सलाह से डे केयर कैंसर सेंटर की स्थापना के लिए एक नेशनल गैप का अध्ययन किया है. इस मामले में सबसे अधिक पीड़ितों का सामना करने वाले जिलों को प्राथमिकता दी गई है. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ओर से अपने-अपने प्रस्ताव दिए जाने और संसाधनों को अनुकूलित करने तथा दोहराव से बचने के लिए नेशनल प्रोग्राम कोआर्डिनेशन कमिटी (NPCC) द्वारा अंतिम रूप दिया गया. जवाब के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए, पूरे देश में 297 DCCC स्थापित करने की मंजूरी दी गई है, जिसमें हिमाचल प्रदेश में अकेले 18 DCCC शामिल हैं. उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 68 केंद्र स्थापित करने की मंजूरी दी गई है. तेलंगाना ने 27 और बिहार में 21 केंद्र स्थापित किए जाने हैं. मुंबई-कोलकाता से अधिक दिल्ली में केस दूसरी ओर, केंद्र ने संसद को बताया कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कैंसर के सबसे ज्यादा केस सामने आ रहे हैं. यहां उम्र के हिसाब से एडजस्टेड इंसिडेंस रेट (Age-Adjusted Incidence Rate, AAIR) पुरुषों के लिए 1 लाख पर 146.7 और महिलाओं के लिए 132.5 है, जो मुंबई, कोलकाता और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों से कहीं अधिक है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने राज्यसभा में दिल्ली और पंजाब में कैंसर के मामलों पर एक तारांकित सवाल के जवाब में बताया कि ये आंकड़े इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के तहत जनसंख्या-आधारित कैंसर रजिस्ट्रियों पर आधारित हैं और तुलना के लिए वर्ल्ड स्टैंडर्ड पॉपुलेशन के हिसाब से एडजस्ट किए गए हैं.   दिल्ली के अलावा अन्य मेट्रो शहरों में, हैदराबाद में पुरुषों के लिए AAIR 114.7 और महिलाओं के लिए 153.8 रहा, इसी तरह बेंगलुरु में पुरुषों के लिए 127.7 और महिलाओं के लिए 151.3 दर्ज किया गया है. जबकि मुंबई में यह दर कहीं कम थी, यहां पुरुषों के लिए 108.9 और महिलाओं के लिए 114.2, और कोलकाता में यह दर क्रमशः 105.5 और 98.6 दर्ज की गई. पंजाब के पटियाला में दर्ज आंकड़ों के अनुसार, AAIR पुरुषों के लिए 69.6 और महिलाओं के लिए 80.7 था, जो दिल्ली से बहुत कम है. ब्रेस्ट कैंसर से जूझते दिल्ली और पंजाब आंकड़ों के अनुसार, राजधानी दिल्ली में महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के सबसे ज़्यादा केस सामने आए, जो 2023 में 3,198 से बढ़कर 2025 में 3,321 हो गए. वहीं सर्वाइकल कैंसर के मामलों में थोड़ी कमी आई, 741 से घटकर यह संख्या 692 हो गई, जबकि फेफड़ों और मुंह के कैंसर के मामले धीरे-धीरे बढ़ने लगे हैं. पंजाब में महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले सबसे आम रहे, यहां अब 3,342 से बढ़कर 3,388 केस हो गए. यहां पर पुरुषों में मुंह और प्रोस्टेट कैंसर के केस ज्यादा थे, और 2025 तक प्रोस्टेट कैंसर के मामले अनुमानित 1,170 से ज़्यादा हो जाएंगे.  

शुक्रवार को गोरखनाथ रोड पर नए ओवरब्रिज का लोकार्पण करेंगे मुख्यमंत्री

गोरखपुर,  गोरखपुर में यातायात सुगमता के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों बड़ी सौगात मिलने जा रही है। नाथपंथ के विश्व विख्यात गोरखनाथ मंदिर और सोनौली मार्ग होते हुए नेपाल तक की कनेक्टिविटी वाले धर्मशाला-गोरखनाथ मंदिर मार्ग पर नए गोरखनाथ ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पूरा गया है। इस नवनिर्मित ओवरब्रिज का लोकार्पण मुख्यमंत्री शुक्रवार (19 दिसंबर) को करेंगे। धर्मशाला-गोरखनाथ मंदिर मार्ग पर पड़ने वाले लखनऊ-गोरखपुर रेलमार्ग के डोमिनगढ़ व गोरखपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन के मध्य क्रॉसिंग संख्या 162ए पर एक ओवरब्रिज पहले से है। इस पर ट्रैफिक लोड बढ़ने के कारण सीएम योगी के निर्देश पर मौजूद ओवरब्रिज के समानांतर एक और ओवरब्रिज बनवाया गया है। इसके निर्माण पर 137.83 करोड़ रुपये की लागत आई है। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश सेतु निगम के महाप्रबंधक मिथिलेश कुमार के अनुसार दो लेन के नए ओवरब्रिज की कुल लंबाई 600.653 मीटर और चौड़ाई 7.50 मीटर है। इसमें रेलवे भाग की लंबाई 76 मीटर है। गोरखनाथ मंदिर मार्ग शहर के व्यस्ततम मार्गों में से एक है। नए ओवरब्रिज पर आवागमन शुरू होते ही गोरखनाथ की तरफ आने वाले वाहनों को पुराने ओवरब्रिज पर नहीं जाना होगा। आने-जाने के लिए अलग-अलग ओवरब्रिज होने से जाम भी नहीं लगेगा। खिचड़ी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को होगी सहूलियत गोरखनाथ मंदिर मार्ग पर दो ओवरब्रिज हो जाने से शहर के उत्तर पश्चिम क्षेत्र में आने-जाने वालों, सोनौली रोड आने-जाने वाले लोगों की यात्रा काफी सुविधाजनक हो जाएगी। इसके अलावा मकर संक्रांति से शुरू होकर एक माह तक लगने वाले गोरखनाथ मंदिर के खिचड़ी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को भी आवागमन की बड़ी सहूलियत मिल जाएगी। व्यू कटर से खास बना नया ओवरब्रिज नया गोरखनाथ ओवरब्रिज शहर में पहले से मौजूद ओवरब्रिज से विशेष है। इसके दोनों किनारों पर व्यू कटर भी लगाया गया है। इससे ओवरब्रिज के समीप के घरों की निजता बनी रहेगी और उन्हें वाहनों की आवाज भी कमतर सुनाई देगी।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर चीन का हंगामा: पेरिस अवार्ड इवेंट में ताइवान के झंडे पर भड़के दूतावास कर्मचारी

पेरिस  फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय चाय प्रतियोगिता उस वक्त कूटनीतिक विवाद में बदल गई, जब चीनी दूतावास के कर्मचारियों ने ताइवान का नाम और झंडा दिखाए जाने पर पुरस्कार समारोह बाधित करने की कोशिश की। फ्रांस के पेरिस में आयोजित ‘टीज़ ऑफ द वर्ल्ड इंटरनेशनल कॉन्टेस्ट’ के पुरस्कार समारोह के दौरान चीनी दूतावास के कर्मचारियों ने हंगामा खड़ा कर दिया। यह घटना तब हुई, जब आयोजकों ने ताइवान का उल्लेख किया और रिपब्लिक ऑफ चाइना (ताइवान) का झंडा प्रदर्शित किया। ताइवान के ताइचुंग शहर के जुशिन टी फैक्ट्री के सीईओ ह्सीह चुंग-लिन को उनकी हुआगांग स्नो सोर्स टी के लिए विशेष पुरस्कार दिया जा रहा था।   इसी दौरान चीनी दूतावास के दो प्रतिनिधि खड़े हो गए और जोर-जोर से नारे लगाने लगे “ताइवान चीन का ही एक प्रांत है” और “ताइवान चीन का हिस्सा है।”घटना का वीडियो सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी आलोचना शुरू हो गई। आयोजकों ने चीनी प्रतिनिधियों की इस हरकत को नजरअंदाज करते हुए समारोह जारी रखा, जबकि दर्शकों ने चीनी कर्मचारियों को हूट किया और ताइवान के प्रतिनिधि के समर्थन में तालियां बजाईं। समारोह के बाद आयोजित रात्रिभोज में ह्सीह चुंग-लिन ने कहा कि कई प्रतिभागियों ने उन्हें बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान ताइवान की भूमिका के चलते दुनिया में उसके प्रति सम्मान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि चीन की ऐसी हरकतें केवल नाराजगी और विरोध को ही जन्म देती हैं।   ताइवान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ह्सियाओ कुआंग-वेई ने चीन को अंतरराष्ट्रीय शिष्टाचार का पालन करने की सलाह देते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं बीजिंग को वैश्विक मंच पर मज़ाक का पात्र बना रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चीन को ताइवान के साथ सम्मानजनक और समान आधार पर संवाद करना चाहिए। गौरतलब है कि AVPA (एजेंसी फॉर द वैलोराइजेशन ऑफ एग्रीकल्चरल प्रोडक्ट्स) द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में हर साल 700 से अधिक वैश्विक उत्पादक भाग लेते हैं। इस वर्ष अमेरिका, जापान और श्रीलंका के चाय उत्पादक भी प्रतियोगिता में शामिल थे।

भारत को लगा झटका, बड़ा खिलाड़ी पांच मैचों की T20I श्रृंखला से बाहर

लखनऊ  भारतीय टीम को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पांच मैचों की मौजूदा सीरीज में झटका लगा है। खराब फॉर्म से जूझ रहे बड़े प्लेयर को भारतीय उप-कप्तान शुभमन गिल अंगूठे की चोट के कारण दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आखिरी दो टी20 मैच (चौथा और पांचवां) नहीं खेल सकेंगे। जानकारी के मुताबिक गिल को अभ्यास सत्र के दौरान चोट लगी और उनकी तुरंत रिकवरी के लिए सभी एहतियाती उपाय किए जा रहे हैं। गिल की जगह संजू सैमसन पारी की शुरूआत कर सकते हैं।  दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मौजूदा T20I सीरीज में शुभमन गिल 0 बनाम साउथ अफ्रीका – पहले T20I में बिना रन बनाए आउट। 4 बनाम साउथ अफ्रीका – दूसरे T20I में 4 रन बनाए।  28 बनाम साउथ अफ्रीका – तीसरे T20I में 28 रन बनाए।  भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका टी20 इंटरनेशनल  दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 5 मैचों की टी20 सीरीज में भारत अभी 2-1 से आगे है। पहले मैच में भारत ने जीत दर्ज की। दूसरे में साउथ अफ्रीका ने वापसी करते हुए जीत अपने नाम की। लेकिन तीसरे में फिर भारत ने बाजी मार ली थी। चौथा मैच लखनऊ के एकाना स्टेडियम में 7 बजे शुरू होना था जबकि टॉस 6.30 बजे था। लेकिन खराब मौसम के कारण टॉस देरी से हो रही है और मैच के फिलहाल शुरू होने की संभावना कम नजर आती है। टॉस में देरी की वजह 6.50 पर निरीक्षण किया गया जिसके बाद इसे बढ़ा कर 7.30 कर दिया गया।  टी20 में शुभमन गिल का रिकॉर्ड  शुभमन गिल जुलाई 2024 के बाद से वह टी20 इंटरनेशनल में अर्धशतक तक नहीं लगा पाए। वह फिफ्टी भी जिम्बाब्वे के खिलाफ आई थी। गिल ने अभी तक 36 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं जिनमें 28.03 की औसत और 138.59 की स्ट्राइक रेट से 869 रन बनाए। गिल टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक शतक व तीन अर्धशतक लगा चुके हैं।   

यूरोपीय देशों पर पुतिन का हमला: कहा—बदले की कोशिश नाकाम, कभी पूरा नहीं होगा उनका मंसूबा

रूस  रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों, खासकर यूरोपीय यूनियन पर खुलकर हमला बोलते हुए उन्हें ‘छोटे सूअर’ करार दिया। एक टेलीविज़न संबोधन में पुतिन ने यूरोप पर रूस की कथित कमजोरी का फायदा उठाने और पुराने हिसाब चुकता करने की नाकाम कोशिश का आरोप लगाया।  पुतिन ने एक टेलीविज़न संबोधन में यूरोपीय देशों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यूरोप ने अमेरिका के बाइडन प्रशासन के साथ मिलकर रूस के पतन से फायदा उठाने की कोशिश की, लेकिन वह इसमें पूरी तरह नाकाम रहा। पुतिन ने यूरोपीय नेताओं का मज़ाक उड़ाते हुए उन्हें “यूरोपीय छोटे सूअर” बताया और कहा कि वे ऐतिहासिक बदले की भावना से प्रेरित होकर रूस के खिलाफ खड़े हुए लेकिन रूस को दबाने का उनका सपना कभी पूरा नहीं होगा। पुतिन ने कहा, “यूरोप के ‘छोटे सूअर’ बाइडेन प्रशासन के साथ मिलकर इस उम्मीद में काम कर रहे थे कि हमारे देश के पतन से उन्हें लाभ मिलेगा। वे वह सब वापस लेना चाहते थे, जो वे इतिहास के पिछले दौर में खो चुके हैं। यह बदले की कोशिश थी, जो असफल रही।” हालांकि कड़े और अपमानजनक शब्दों के तुरंत बाद पुतिन ने एक बार फिर कूटनीति का दरवाज़ा खुला रखने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि रूस पहले की तरह बातचीत और शांतिपूर्ण समाधान के लिए तैयार है। पुतिन ने यह भी जोड़ा कि अमेरिकी प्रशासन इस दिशा में कुछ हद तक तैयार दिखाई दे रहा है, और रूस को उम्मीद है कि यूरोप भी इसी रास्ते पर आगे बढ़ेगा। विश्लेषकों का मानना है कि पुतिन का यह बयान पश्चिम के खिलाफ आक्रामक नैरेटिव को मजबूत करने के साथ-साथ यह संदेश भी देता है कि रूस खुद को वैश्विक मंच पर अलग-थलग नहीं देखना चाहता।

हार के बाद खामोशी: गुमनामी में सीता सोरेन, क्या BJP में होगी सियासी वापसी?

रांची झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) से अलग होकर भाजपा का दामन थामने और 2024 के चुनावी मैदान में उतरने के बाद मिली हार के बाद सीता सोरेन गुमनामी में है। एक्स पर उनके पोस्ट अधिकतर प्रतीकात्मक जयंती, पुण्यतिथि या सांस्कृतिक अवसरों तक सिमट गए हैं। चुनाव में मिली करारी हार के बाद गुमनामी में सीता सोरेन दरअसल, सीता सोरेन ने जब बीजेपी का दामन थामा तो वह झामुमो पर लगातार हमला बोलती थी। वह लगातार हेमंत सरकार पर निशाना साधा करती थी। भाजपा में शामिल होने के दौरान सीता सोरेन को आदिवासी महिला चेहरे के रूप में आगे बढ़ाने की चर्चा थी, लेकिन चुनाव में उन्हें मिली करारी हार के बाद सब धरा का धरा रह गया। चुनावी हार मिलने के बाद सीता सोरेन न तो पार्टी के प्रमुख कार्यक्रमों में नियमित दिखीं और न ही प्रदेश राजनीति की बहसों में उनकी मुखर भूमिका नजर आई। चुनाव के बाद सीता सोरेन कहीं गुमनाम सी हो गई हैं। उन्होंने राजनीति से दूरी बनाई हुई हैं। अब देखना ये होगा कि क्या वे किसी नए रोल, नए मुद्दे या नए राजनीतिक प्रयोग के साथ वापसी कर पाएंगी या फिर उनकी भूमिका सीमित प्रभाव वाली रह जाएगी?  

पंचकूला में हंगामा: BJP कार्यालय की ओर बढ़ते कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने रोका, बढ़ा राजनीतिक तनाव

पंचकूला हरियाणा के पंचकूला में कांग्रेस ने BJP प्रदेश मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। पुलिस ने भाजपा दफ्तर के सामने लगाए गए बैरिकेड के बाहर ही कांग्रेसियों को रोक दिया। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वाहन पर भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा को निरस्त करने हेतु प्रस्तुत विधायक के विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता  सड़कों पर उतरे और भाजपा के क्षेत्रीय कार्यालय़ का घेराव करने के लिए कूच लिया। कांग्रेस के प्रदर्शन में करीब 300 वर्कर शामिल रहे। प्रदर्शन के दौरान करीब 10 MLA मौजूद रहे। जिनमें नूंह से मामन खान, नारनौंद से जस्सी पेटवाड़, महम से बलराम दांगी, बरौदा से इंदूराज नरवाल, करनाल से लोकसभा प्रत्याशी दिव्यांशु बुद्धिराजा, एनएसयूआई के सदस्य भी शामिल रहे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार गांधी परिवार को साजिशन बदनाम करने के लिए नेशनल हेराल्ड जैसे केस लगा रही है। ईडी जैसी संस्थाओं का दुरूपयोग BJP के द्वारा किया जा रहा है। आपको बता दें कि इस विधायक के प्रस्तुत करने के विरोध में आज हरियाणा के सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।