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हाई कोर्ट में अमृतपाल की वर्चुअल पेशी, संसद सत्र में भाग लेने को लेकर रखी ये दलील

चंडीगढ़  राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद पंजाब के खडूर साहिब से निर्दलीय सांसद और खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह की पैरोल याचिका पर मंगलवार 16 दिसंबर) पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान अमृतपाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए और कोर्ट के सामने अपनी बात रखी. वीडियो कांफ्रेंस के जरिए हाई कोर्ट में अपनी पैरोल याचिका की सुनवाई के दौरान पेश हुए अमृतपाल की जेल में जाने के बाद पहली तस्वीर सामने आई. इस दौरान वो सफेद कुर्ता और नीली पगड़ी पहने नजर आए. सांसद ने कोर्ट में कहा कि उनकी नजरबंदी के चलते उनके संसदीय क्षेत्र का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है. उन्होंने कोर्ट को बताया कि बाढ़, नशे और कथित फर्जी मुठभेड़ों जैसे गंभीर जनहित के मुद्दे संसद के पटल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. अमृतपाल ने कोर्ट में दी दलील वीडियो कांफ्रेंस के दौरान हाई कोर्ट को अमृतपाल ने भारतीय लोकतंत्र की दलील देते हुए कहा कि अपने संसदीय क्षेत्र के मुद्दों को संसद में उठाना उसका लोकतांत्रिक अधिकारी है. हालांकि सांसद बनने से पहले और NSA के तहत जेल जाने से पहले अमृतपाल भारतीय लोकतंत्र और संविधान को नकारता रहा है. वो अलग खालिस्तान बनाने की मांग का सार्वजनिक तौर पर समर्थन करता रहा है. संसद सत्र में शामिल होने की मांग चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की बेंच के समक्ष पेश होते हुए अमृतपाल सिंह ने सुनवाई के दौरान कहा कि संसद के जारी विंटर सेशन में उसे शामिल होकर अपने संसदीय क्षेत्र से जुड़े मुद्दों और कुछ महीने पहले पंजाब में आई बाढ़ की वजह से उसके संसदीय क्षेत्र में हुए नुकसान के मुद्दे उठाने की इजाजत दी जाए. सांसद ने दलील दी कि NSA के तहत उनकी लगातार हिरासत ने न केवल उन्हें व्यक्तिगत रूप से प्रभावित किया है, बल्कि उनके पूरे संसदीय क्षेत्र की कार्यप्रणाली भी बाधित कर दी है. पंजाब सरकार के तर्क को बताया बेतुका सांसद अमृतपाल सिंह ने कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र में सभी काम ठप्प हो गए और उनकी हिरासत उन्हें संसद में मुख्य सार्वजनिक मुद्दे – बाढ़, ड्रग्स और कथित फर्जी मुठभेड़ों को उठाने से रोक रही है. जेल से बाहर आने पर पंजाब की कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने के मुद्दे को लेकर अमृतपाल ने कहा कि ये पंजाब सरकार का बेतुका तर्क है क्योंकि उन्हें विंटर सेशन में शामिल होने के लिए दिल्ली आना है ना कि पंजाब. आज फिर होगी सुनवाई हाई कोर्ट में वकीलों के द्वारा वर्क सस्पेंड किए जाने की वजह से पंजाब सरकार के वकील कोर्ट में पेश नहीं हो सके. जिसके चलते हाई कोर्ट ने सुनवाई बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी. आज फिर मामले की सुनवाई होगी. अमृतपाल सिंह ने संसद के शीतकालीन सत्र में शामिल होने के लिए उन्हें पैरोल देने से राज्य के इनकार को चुनौती देते हुए पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट का रुख किया है.  

शनि देव का 2026 प्लान: कब रहेंगे सीधी चाल में, कब वक्री—किन राशियों को मिलेगा विशेष लाभ

शनिदेव नए साल 2026 में 7 महीने मार्गी रहेंगे, अभी भी शनि मीन राशि में मार्गी है, इसके बाद शनिदेव 5 साल के लिए वक्री हो जाएंगे। आइए जानें इससे किन राशियों के लिए लाभ के योग बनेंगे। 28 नवंबर 2025 से ही शनिदेव मीन राशि में मार्गी में गोचर कर रहे हैं। शनि की मार्गी से जहां कईराशियों को लाभ होगा, वहीं, कई राशि के लोगों के लिए दिक्कतें हो सकती हैं। शनिदेव को न्याय और कर्म का देने के देवता कहा जाता है। ऐसाकहा जाता है कि शनिदेव अगर आपकी कुंडली में अच्छे हैं, तो आपको बहुत अच्छे फल देते हैं, लेकिन खराब होने पर कई जगह में परेशानी पैदा करते हैं। आइए जानें शनि का मार्गी होना किन राशियों को लाभ कराएंगे- वृषभ राशि वालों के शनि 2026 में 11वें राशि में गोचर कर रहे हैं,इस तरह आपकी लाइफ में कई तरह के पुराने काम पूरे होंगे, आपके लिए विदेश जाने के योग भी बनेंगे। इस राशि के लोगों को नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है,आपको लिए नौकरी में नए मौके भी मिलेंगे। कन्या राशि वालों के 7वें भाव में शनि गोचर कर रहे हैं। शनि आपका नाम कराएंगे और नौकरी या किसी क्षेत्र में आपको लाभ करा सकते हैं। आज इस राशि के लोगों को दोस्तों से सहयोग मिलेगा। इस समय आपको लोन मिल सकता है। बिजनेस में आपको नईडील मिल सकती है। इनकम में आपके उतारचढ़ाव आएंगे। दोस्तों से आर्थिक मदद मिल सकती है। तुला राशि राशि वालो को छठा भाव में शनि का गोचर हो रहा है। इस समय आपको संतान में किसी बात को लेकर चिंता हो सकती है। जिम्मेदारी में वृद्धि, ऑफिस में लगन बढ़ेगी। बिजनेस में आपके पुराने लोगों से बैर भाव बढ़ेगा। इस समय आपके खर्चे में बढ़ोत्तरी हो सकती है। मकर राशि वालों के तीसरा भाव में शनि का गोचर हो रहा है। आपको इस समय आत्मविश्वास मिल सकता है, आपके लिए बड़ों का आशीर्वाद और तारीफ मिल सकती है। इस समय सेविंग्स भी आपकी खूब होगी। कुंभ राशि वालों को दूसरा भाव में शनि का गोचर हो रहा है। आपका इस समय रुका हुआ पैसा वापस मिलेगा। आपको बातचीत में वाणी में परेशानी हो सकती है। रिलेशनशिप में भी दिक्कतें आपको हो सकती हैं।

आईपीएल ऑक्शन में भावुक पल: सबसे महंगे अनकैप्ड खिलाड़ी बने कार्तिक शर्मा, रो पड़े खुशी से

नई दिल्ली  पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स द्वारा इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की मिनी नीलामी में 14.20 करोड़ रुपये में खरीदे जाने के बाद 19 वर्षीय कार्तिक शर्मा भावुक होकर रो पड़े। कार्तिक आईपीएल के इतिहास में संयुक्त रूप से सबसे अधिक कीमत पाने वाले अनकैप्ड (जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला हो) खिलाड़ी बन गए हैं। अबूधाबी में मंगलवार को हुई नीलामी में कार्तिक और उत्तर प्रदेश के प्रशांत वीर 30 लाख रुपये के आधार मूल्य के साथ नीलामी में उतरे थे, लेकिन चेन्नई ने इन दोनों पर 14.20 करोड़ रुपये खरीद कर नया रिकॉर्ड बनाया। राजस्थान के युवा विकेटकीपर बल्लेबाज कार्तिक ने जियोहॉटस्टार की एक विज्ञप्ति में कहा, ‘जब बोली शुरू हुई तो मुझे डर था कि कहीं मैं चूक न जाऊं। लेकिन जैसे-जैसे बोली बढ़ती गई, मैं रोने लगा। बोली समाप्त होने के बाद मैं आंसू नहीं रोक पाया। मैं भावनाओं और खुशी से अभिभूत था। सच कहूं तो मुझे नहीं पता कि इसे शब्दों में कैसे व्यक्त करूं।’ कार्तिक के लिए बोली लगाने की शुरुआत मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स ने की, जिसके बाद कोलकाता नाइट राइडर्स भी इसमें शामिल हो गया। मुंबई जल्द ही बोली से बाहर हो गया जिसके बाद कोलकाता और लखनऊ ने कार्तिक की कीमत को 2.80 करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया। इसके बाद ही चेन्नई ने बोली में प्रवेश किया। बाद में सनराइजर्स हैदराबाद भी इसमें शामिल हो गया था लेकिन आखिर में चेन्नई ने 14.20 करोड़ रुपये में सौदा पक्का कर लिया। कार्तिक ने कहा कि वह महेंद्र सिंह धोनी के साथ खेलने को लेकर उत्साहित हैं, लेकिन उन्होंने इसके साथ ही अपने परिवार और दोस्तों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने उन्हें यहां तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, ‘मेरे परिवार के सभी सदस्यों और दोस्तों को विशेष आभार। उनके समर्थन के बिना मुझे नहीं लगता कि मैं इस मुकाम तक पहुंच पाता। मेरा पूरा परिवार बहुत खुश है। सब लोग जश्न मना रहे हैं और नाच रहे हैं। महेंद्र सिंह धोनी के साथ खेलने और उनसे सीखने को लेकर मैं बेहद उत्साहित हूं।’

महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में बड़ी शुरुआत, राजधानी में एक साथ जुटेंगी हर जिले की उद्यमी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन : इंटरनेशनल एक्सपर्ट ग्रामीण महिलाओं को बनाएंगे बिजनेस वूमन महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में बड़ी शुरुआत, राजधानी में एक साथ जुटेंगी हर जिले की उद्यमी अब ग्रामीण महिलाएं सीखेंगी बिजनेस स्किल, टेक्नोलॉजी और मार्केट के बीच तालमेल जीविकोपार्जन-केंद्रित प्रौद्योगिकियों से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर और आधुनिक उद्यमी बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। महिला नेतृत्व वाली उद्यमिता को मजबूती देने के उद्देश्य से राजधानी लखनऊ में प्रदेश के हर जिले से महिला उद्यमी एक मंच पर जुटेंगी और देश-विदेश के विशेषज्ञों से सीखेंगी। महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए 18 दिसंबर को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में राज्य-स्तरीय आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के हर जिले से महिला उद्यमी भाग लेंगी। कार्यक्रम में बाजार-तैयार तकनीकों, संस्थागत सहयोग और फाइनेंस तक आसान पहुंच पर विशेष सत्र आयोजित होंगे। योगी सरकार के इस प्रयास से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं आत्मविश्वास के साथ उद्यमिता की दुनिया में कदम रखेंगी और गांव की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। यह पहल प्रदेश में महिला सशक्तिकरण और समावेशी विकास की एक मजबूत मिसाल बनने जा रही है। योगी सरकार के विजन के अनुरूप ग्रामीण महिलाओं को पारंपरिक आजीविका से आगे बढ़ाकर आधुनिक बिजनेस मॉडल से जोड़ने पर विशेष फोकस किया जा रहा है। महिलाओं को तकनीक, बाजार और फाइनेंस के बीच तालमेल बैठाने की व्यावहारिक ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे अपने उत्पादों को स्थानीय सीमाओं से निकालकर बड़े बाजार तक पहुंचा सकें। ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक दीपा रंजन ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश की महिला उद्यमी अब राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बना रही हैं। आने वाले समय में ग्रामीण महिलाएं केवल कामगार नहीं, बल्कि सफल बिजनेस वूमन के रूप में उभरेंगी। जीविकोपार्जन-केंद्रित प्रौद्योगिकियों पर फोकस योगी सरकार ऐसी तकनीकों और नवाचारों को प्राथमिकता दे रही है, जो सीधे महिलाओं की आय बढ़ाने और स्थायी आजीविका सुनिश्चित करने में सहायक हों। सरकार, तकनीकी संस्थानों, वित्तीय एजेंसियों और समुदाय-आधारित संगठनों के समन्वय से महिला उद्यमियों के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है।

ब्रांड बनारस अब विश्व भर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन चुका है 

काशी ने अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई ब्रांड बनारस अब विश्व भर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन चुका है  योगी सरकार के नेतृत्व में काशी के कलेवर में हुए ऐतिहासिक बदलावों ने उसके प्राचीन वैभव को नई ऊर्जा दी  पर्यटकों की संख्या का कीर्तिमान स्थापित होने के साथ ही पर्यटन उद्योग व काशी की आर्थिकी में भी सकारात्मक असर दिख रहा  वर्ष 2014 से 2025 (सितम्बर तक) तक 45 करोड़, 44 लाख,82 हजार से अधिक पर्यटकों ने काशी का किया भ्रमण  केवल वर्ष 2025 में 14 करोड़ 69 लाख 75 हजार 155  के सैलानी पहुंचे वाराणसी  वाराणसी   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में धर्म, अध्यात्म, संस्कृति और इतिहास को समेटे हुए पौराणिक नगरी काशी ने बीते वर्षों में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। ब्रांड बनारस अब विश्व भर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन चुका है। वाराणसी देश के उन शहरों में शामिल हो गया है, जहां तेजी से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो रही है। योगी सरकार के नेतृत्व में काशी के कलेवर में हुए ऐतिहासिक बदलावों ने उसके प्राचीन वैभव को नई ऊर्जा दी है। अपनी मौलिक पहचान को बरकरार रखते हुए आधुनिक होती काशी की बदलती हुई हुई छवि ने दुनिया भर के सैलानियों को बनारस की ओर खींचा है। पर्यटकों की संख्या का कीर्तिमान स्थापित होने के साथ ही पर्यटन उद्योग व काशी की आर्थिकी में भी सकारात्मक असर दिख रही है। वर्ष 2014 से वर्ष 2025 (सितम्बर तक) तक 12 सालो में 45,44,82,662  (पैंतालीस करोड़ चौवालीस लाख बयासी हजार छ: सौ बासठ ) भारतीय और विदेशी काशी पर्यटकों ने काशी का भ्रमण किया है।  वर्ष 2014 से 2025 (सितम्बर तक) तक 45 करोड़, 44 लाख,82 हजार से अधिक पर्यटकों ने काशी का किया भ्रमण  पर्यटन विभाग के अनुसार वर्ष 2014 में पर्यटकों की संख्या 54,89,997 ( चौवन लाख नवासी हजार नौ सौ सतानबे ) थी, जो 2025 ( सितंबर तक) तक बढ़कर 146975155( चौदह करोड़ उन्हत्तर लाख पचहत्तर हजार एक सौ पचपन ) के पार पहुँच गई। आंकड़ों के अनुसार 2014 के मुकाबले 2025 में भारतीय और विदेशी पर्यटकों की संख्या में लगभग 14,64,26,158 ( चौदह करोड़ चौंसठ लाख छब्बीस हजार एक सौ अट्ठावन ) से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। 2014 से 2025 तक 12 वर्षो में भारतीय पर्यटकों की संख्या 45,16,09,026 और विदेशी पर्यटकों की संख्या 28,73,636 है।  डबल इंजन सरकार में धरातल पर उतरा विकास दशकों तक विकास कार्य केवल कागज़ी योजनाओं तक सिमटा रहा । अब काशी में विकास कार्य तेजी से धरातल पर उतर रहा है, वाराणसी का सांसद बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में केंद्र की बागडोर संभाली और 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की सत्ता संभाली तब से डबल इंजन की सरकार ने उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्थलों के साथ-साथ वाराणसी के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया। मजबूत कानून व्यवस्था, बेहतर कनेक्टिविटी (सड़क, रेल और हवाई मार्ग), बुनियादी सुविधाओं में व्यापक सुधार और विश्वस्तरीय सुविधाओं एवं  व्यवस्थाओं ने काशी को पर्यटन के नए केंद्र के रूप में स्थापित किया है। *विश्वनाथ कॉरिडोर सेबुद्ध की तपोस्थली सारनाथ  तक बदली काशी की तस्वीर*नव्य-भव्य काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के लोकार्पण से मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाओं का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। वहीं, गंगा घाटों के सौंदर्यीकरण, बेहतर साफ-सफाई व्यवस्था, बुद्ध की तपोस्थली सारनाथ के विकास, गंगा में क्रूज़ का संचालन और आधुनिक सुविधाओं की निरंतर बढ़ती श्रृंखला ने देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित किया है। कोरोना काल के बाद रिकॉर्ड उछालकोरोना महामारी के कारण वर्ष 2020 और 2021 में पर्यटन प्रभावित हुआ, लेकिन इसके बाद काशी में पर्यटकों की संख्या में ऐतिहासिक उछाल देखने को मिला। वर्ष 2022 से लेकर 2025 तक हर साल रिकॉर्ड संख्या में सैलानी वाराणसी पहुँचे, जिससे पर्यटन उद्योग को नई रफ्तार मिली। 12 वर्षों में वाराणसी में आये पर्यटकों की वर्षवार संख्या  वर्ष –भारतीय और विदेशी पर्यटकों की संख्या   1. 2014- 5489997   2. 2015 -5716297   3. 2016 – 5912665  4. 2017 – 6282215  5. 2018- 6445160   6. 2019 – 6797775   7. 2020 – 982492   8. 2021 – 3078479  9. 2022 -71231051  10. 2023 – 85473633   11. 2024 1-110097743   12. 2025- 146975155    वाराणसी में पर्यटकों की बढ़ती संख्या से पर्यटन उद्योग से जुड़े हर वर्ग को लाभ मिला है। इससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं। वाराणसी आज एक वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में उभर रहा है। राहुल मेहता, अध्यक्ष, टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन, उप्र किसी शहर के विकसित होने से औद्योगिक विकास के साथ ही पर्यटन उद्योग को भी रफ़्तार मिलती है। पर्यटन उद्योग से न सिर्फ आर्थिक मजबूती मिलती है ,बल्कि शहर की पहचान भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित होती हैं। वाराणसी जैसे ऐतिहासिक शहर में  विकास के साथ पर्यटन, होटल और रियल एस्टेट सेक्टर में रोजगार की संभावनाएं कई गुना बढ़ गई हैं। *खालिद अंसारी एम.डी.,कोरल होटल्स एंड रिसोर्ट*  काशी में पर्यटन का सुनहरा समय चल रहा है ,मौज़ूदा सरकार ने पर्यटन उद्योग को बढ़ाने के लिए पर्यटन स्थलों को विश्वस्तरीय सुविधायुक्त बनाया है। जिसका परिणाम आज पर्यटकों की रिकॉर्ड संख्या में दिख रहा है। “गंगा आरती और घाटों की सुंदरता देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यट रिवर राइड  करते है  विकास मालवीय डायरेक्टर अलकनंदा क्रूज़ लाइन

T20 वर्ल्ड कप 2026 क्वालीफायर का हीरो बाहर! इटली ने अपने कप्तान को किया ड्रॉप

नई दिल्ली  इटली की टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खेलने वाली है। इटली की टीम पहली बार किसी आईसीसी इवेंट का हिस्सा होगी। इस टीम को ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर जो बर्न्स ने कप्तानी करते हुए टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए क्वालीफाई कराया था। हालांकि, वही कप्तान अब भारत और श्रीलंका में फरवरी-मार्च में होने वाले टी20 विश्व कप में नहीं खेलेगा। इसकी जानकारी इटैलियन क्रिकेट फेडरेशन ने मंगलवार 16 दिसंबर को दे दी है।   फेडरेशन ने कहा है कि टी20 विश्व कप 2026 में जो बर्न्स उपलब्ध नहीं होंगे। जो बर्न्स और इटैलियन क्रिकेट फेडरेशन के बीच कोई कॉन्ट्रैक्ट भी साइन नहीं हुआ है। जो बर्न्स को टीम से बाहर किया जाना इटैलियन क्रिकेट के लिए एक बड़ा मुद्दा है। जुलाई 2025 में नीदरलैंड्स में एक ऐतिहासिक क्वालिफाइंग कैंपेन में इटली की टीम का नेतृत्व उन्होंने किया था और अब कुछ महीने के बाद वे टीम से बाहर हैं। इटैलियन क्रिकेट फेडरेशन ने अपने बयान में ये भी ऐलान किया है कि वेन मैडसेन को इटली की T20 टीम का कप्तान बनाया गया है। यह अनुभवी बल्लेबाज आयरलैंड के आगामी T20I दौरे पर इटली की टीम की कप्तानी करेगा और फिर वर्ल्ड कप में टीम की कमान संभालेगा। मैडसेन, जो पहले भी इटली का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, उन्हें टीम के साथ-साथ नेशनल टीम के लॉन्ग-टर्म कोचिंग और डेवलपमेंट फ्रेमवर्क में भी एक अहम खिलाड़ी माना जाता है। जो बर्न्स को टीम से बाहर करना सभी के लिए हैरानी की बात हो सकती है, क्योंकि उनकी कप्तानी में दमदार प्रदर्शन टीम ने किया था। वहीं, कैप्टेंसी चेंज पर फेडरेशन ने कहा कि यह फैसला स्थिरता, तालमेल और निरंतरता को ध्यान में रखकर लिया गया है। मैडसेन को इस स्टेज पर फेडरेशन ने सबसे सही लीडर माना है। फेडरेशन ने शॉर्ट-टर्म चीजों को नजरअंदाज करते हुए लॉन्ग-टर्म टीम बैलेंस को प्राथमिकता दी है। 9 फरवरी से शुरू होगा अभियान इटली की टीम अपने टी20 वर्ल्ड कप 2026 अभियान की शुरुआत 9 फरवरी को करेगी। कोलकाता में बांग्लादेश के खिलाफ टीम अपना पहला विश्व कप मैच खेलेगी। फेडरेशन ने कहा कि वह व्यक्तिगत मामलों पर और कोई टिप्पणी नहीं करेगा, बल्कि तैयारियों पर पूरी तरह ध्यान देगा और क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर टीम के ऐतिहासिक डेब्यू से पहले माहौल को शांत बनाए रखेगा।  

राजनीति से ऊपर इंसानियत: जब सोनिया गांधी ने अटल जी की तबीयत जानने के लिए किया फोन

नई दिल्ली  भारत की संसद पर 13 दिसंबर, 2001 को भीषण आतंकी हमला हुआ था। इस आतंकी हमले से जांबाज सुरक्षाकर्मियों ने संसद परिसर के बाहर ही निपटने में सफलता पाई थी। संसद भवन के दरवाजों को उस दौरान बंद कर दिया गया था और तमाम सांसद अंदर ही थे। यह हमला उस वक्त हुआ, जब संसद चल रही थी और कुछ देर पहले ही सदन स्थगित हुआ था। उस दौरान अटल बिहारी वाजपेयी देश के प्रधानमंत्री थे तो वहीं सबसे बड़ी विपक्षी नेता सोनिया गांधी थीं। अटल सरकार के दौर में मीडिया सलाहकार रहे अशोक टंडन ने एक पुस्तक में हमले के दौरान दोनों की बातचीत का जिक्र किया है।   हमले के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी अपने आवास में थे। वह टेलीविजन पर सुरक्षा बलों के ऑपरेशन को देख रहे थे और साथ में कई मंत्री बैठे थे। इसी दौरान सोनिया गांधी का उनके पास फोन आया था। अशोक टंडन अपनी पुस्तक अटल स्मरण में लिखते हैं, 'सोनिया गांधी का फोन आया। वह कहती हैं कि मुझे आपकी चिंता हो रही है। क्या आप सुरक्षित हैं? इस पर अटल जी जवाब देते हैं कि मैं सुरक्षित हूं। मुझे चिंता हो रही थी कि कहीं आप संसद परिसर में तो नहीं हैं। आप अपना ख्याल रखिए।' इस तरह मुसीबत के वक्त दो शीर्ष नेताओं ने एक-दूसरे का हाल पूछा था। अशोक टंडन ने अपनी पुस्तक में एपीजे अब्दुल कलाम को राष्ट्रपति बनाए जाने के बारे में भी लिखा है। वह लिखते हैं कि अटल बिहारी वाजपेयी ने खुद ही कलाम के नाम का प्रस्ताव रखा था। यह प्रस्ताव तब रखा था, जब राष्ट्रपति कैंडिडेट के नाम पर चर्चा के लिए सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह और प्रणब मुखर्जी उनके आवास पर पहुंचे थे। इस दौरान अटल जी ने नाम रख दिया कि कलाम को यदि राष्ट्रपति बना दिया जाए तो कैसा रहेगा। कलाम का नाम सुनते ही सोनिया गांधी चौंक जाती हैं। वह कहती हैं कि कलाम के नाम से आपने हम लोगों को हैरान किया है। हमें उनके नाम का समर्थन करना ही होगा। इस तरह अब्दुल कलाम पक्ष और विपक्ष दोनों के साथ आने से राष्ट्रपति चुने गए।

भारतीय उच्चायोग को धमकी से तनाव, भारत सरकार ने बांग्लादेश से मांगा जवाब

ढाका  ढाका में भारतीय उच्चायोग को धमकी मिलने की खबर है। इस संबंध में भारत सरकार ने बांग्लादेश के हाई कमिश्नर को तलब किया है। हालांकि, अब तक साफ नहीं हो सका है कि किस तरह की धमकी दी गई थी। खास बात है कि घटनाक्रम बांग्लादेश में विजय दिवस मनाए जाने के एक दिन बाद हुआ है। फिलहाल, इसे लेकर भारत सरकार ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। बुधवार को बांग्लादेश की राजधानी ढाका स्थिति भारतीय उच्चायोग की सुरक्षा को लेकर चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय ने भारत में बांग्लादेश के हाई कमिश्नर को तलब किया था। भारतीय उच्चायुक्त को भी किया गया था तलब पीटीआई भाषा के अनुसार, बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने रविवार को भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को तलब कर अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की ओर से दिए गए 'भड़काऊ बयानों' पर 'गंभीर चिंता' जताई थी। हसीना इस समय भारत में हैं। देश के एक विशेष न्यायाधिकरण ने उन्हें मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है। बांग्लादेश भारत से हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है। बांग्लादेश के विदेश विभाग ने एक बयान में कहा था, 'विदेश मंत्रालय ने आज भारतीय उच्चायुक्त को तलब किया और भारत सरकार को बांग्लादेश सरकार की इस गंभीर चिंता से अवगत कराया कि शेख हसीना को ऐसे भड़काऊ बयान जारी करने की अनुमति दी जा रही है, जिसमें वह अपने समर्थकों को बांग्लादेश में आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसा रही हैं। उनके बयानों का मकसद बांग्लादेश में आगामी संसदीय चुनावों को विफल करना है।' भारत को मिली धमकियां बांग्लादेश की NCP यानी नेशनल सिटिजन पार्टी के नेता हसनत अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा था कि अगर नई दिल्ली उनके देश (बांग्लादेश) को अस्थिर करने का प्रयास करती है, तो ढाका को भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को 'अलग-थलग' कर देना चाहिए और क्षेत्र में अलगाववादी तत्वों को समर्थन देना चाहिए। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इन बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था, 'पिछले एक साल से उस देश से बार-बार ऐसे बयान आ रहे हैं कि पूर्वोत्तर भारत के राज्यों को अलग करके बांग्लादेश का हिस्सा बना दिया जाना चाहिए।' उन्होंने कहा, 'भारत एक बहुत बड़ा देश है, परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र है और दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। बांग्लादेश इसके बारे में सोच भी कैसे सकता है?' उन्होंने कहा कि इसके बारे में सोचना भी ‘गलत है, लेकिन बांग्लादेश के लोगों की सोच ही गलत है’। सीएम ने कहा कि इस मानसिकता को प्रोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए और बांग्लादेश को किसी भी तरह से ज्यादा मदद नहीं दी जानी चाहिए।  

शहीदी सभा के लिए फतेहगढ़ साहिब पूरी तरह तैयार, सुरक्षा–स्वास्थ्य–यातायात के व्यापक इंतजाम

फतेहगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फतेहगढ़ साहिब में शहीदी सभा के अवसर पर छोटे साहिबजादों और माता गुजरी जी की महान कुर्बानी को नमन करने के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए किए गए प्रबंध की जानकारी दी. सीएम मान ने बताया कि यहां संगत के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं, आवागमन, सफाई और सुरक्षा व्यवस्था के अलावा सारे इंतजाम व्यापक स्तर पर किए गए हैं. सरकार की कोशिश है कि किसी भी श्रद्धालु को कोई कठिनाई न आए. यहां दुनिया भर से श्रद्धालु आते हैं. पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि संगत की बड़ी आमद को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं. उन्होंने बताया कि 20 आम आदमी क्लीनिक और 5 डिस्पेंसरी स्थापित की जा रही हैं जहां विशेषज्ञ डॉक्टर और अन्य स्टाफ मौजूद रहेंगे. उन्होंने कहा कि इन क्लीनिकों और डिस्पेंसरियों के लिए दवाइयां तथा अन्य सामान की व्यवस्था कर ली गई है. मुख्यमंत्री ने दशमेश पिता साहिब श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की महान कुर्बानी के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि छोटे साहिबजादों ने अंतर्मन की आवाज के अनुसार धर्म अपनाने के मानवीय अधिकार की रक्षा के लिए दी गई अनुपम कुर्बानी मानव इतिहास में अनूठी घटना है. सिख इतिहास में इस कुर्बानी को छोटी जिंदगियों के बड़े साके के नाम से याद किया जाता है. इस साके को हुए भले ही तीन शताब्दियों से अधिक समय बीत गया हो, लेकिन समूचे सिख जगत द्वारा इसकी पीड़ा आज भी बड़ी तीव्रता से महसूस की जा रही है. शहर-शहर इंटर सिटी शटल बस सेवा मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब सरकार द्वारा शहर में संगत के आने-जाने के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा देने हेतु इंटर सिटी शटल बस सेवा शुरू की जाएगी और शहीदी सभा के दौरान 200 शटल बसें तथा 100 ई-रिक्शा संगत के लिए तैनात होंगे. भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये बसें और ई-रिक्शा बाहर से आने वाली संगतों को पार्किंग स्थलों से गुरुद्वारा साहिब और अन्य स्थानों तक ले जाएंगे. उन्होंने बताया कि ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए इस बार गूगल कंपनी की सेवाएं भी प्राप्त की जा रही हैं जो फतेहगढ़ साहिब आने वाली सड़कों पर ट्रैफिक की स्थिति के बारे में सटीक जानकारी देगी ताकि किसी सड़क पर अधिक ट्रैफिक होने की स्थिति में तुरंत वैकल्पिक प्रबंध किए जा सकें. उन्होंने बताया कि वाहनों के ठहराव के लिए पांच बड़ी पार्किंग और 16 छोटी पार्किंग बनाई गई हैं. ड्रोन कैमरे गिद्ध की तरह नजर रखेंगे मुख्यमंत्री ने बताया कि 3300 से अधिक पुलिस जवान संगतों की सहायता के लिए ड्यूटी पर तैनात रहेंगे. पुलिस इंटीग्रेटेड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है. संगत की सुविधा के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर 0176-3232838 भी जारी किया गया है. शहर की प्रमुख जगहों पर 300 सी.सी.टी.वी कैमरे लगाए जा रहे हैं. शहर पर ड्रोन गिद्ध की तरह नजर रखेंगे. मोबाइल सेवाओं को सुचारू रखने के लिए मोबाइल कंपनियों द्वारा अस्थायी तौर पर टावर स्थापित किए जा रहे हैं. 60 एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड गाड़ियां तैनात होंगी ताकि किसी भी अप्रिय घटना से तुरंत निपटा जा सके. मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर की सफाई का काम सबसे महत्वपूर्ण होता है जिसके लिए विभिन्न जिलों से मशीनरी मंगवाकर सफाई करवाई जा रही है. उन्होंने बताया कि सफाई के लिए वॉलंटियरों की टीमें तैनात होंगी जो शिफ्टों में दिन-रात ड्यूटी निभाएंगी ताकि शहर की पवित्रता बनाए रखी जा सके. शहीदी सभा के दौरान फतेहगढ़ साहिब की पवित्र धरती पर विशाल रक्तदान शिविर लगाया जाएगा. यदि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से संगत की सुविधा के लिए किसी भी प्रकार की मांग की जाती है तो सरकार शिरोमणि कमेटी को पूरा सहयोग देगी.  

गांधी परिवार में अंदरूनी कलह? केंद्रीय मंत्री बोले—प्रियंका से विवाद के बाद राहुल गांधी ने छोड़ा देश

नई दिल्ली  केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा के बीच विवाद का दावा किया है। उन्होंने कहा है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष परिवार से झगड़ा कर विदेश गए हैं। फिलहाल, इसे लेकर कांग्रेस की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इससे पहले भी भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस से निकाले गए नेता मोहम्मद मुकीम के पत्र के हवाले से ऐसा दावा किया था। मीडिया से बातचीत में बिट्टू ने वीबी जी राम जी बिल पर कांग्रेस के प्रदर्शन की तैयारी पर सवाल पूछा गया। इसपर उन्होंने कहा, 'उनके पास लोग हैं प्रदर्शन करने के लिए? उनको महात्मा गांधी से कोई लेना देना नहीं है। उन्हें जो उनका गांधी है, प्रियंका गांधी, राहुल गांधी, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, संजय गांधी, उनको उस गांधी से दिक्कत है कि वो कहां जा रहा है।' उन्होंने कहा, 'लोग उस गांधी को भूल चुके हैं, जो उनके नाम से जुड़ा हुआ है। उसे नकार चुके हैं। और बापू गांधी थे हैं और रहेंगे।' उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी हैं कहां? अभी मैं उनकी तस्वीरें जर्मनी में देख रहा था। वहां पर एक तरफ तो प्रधानमंत्री हैं, जो देश के लिए दुनिया जहां में काम देश का नाम के लिए जाते हैं। ये जाते हैं घूमने और सैर करने।' उन्होंने आगे कहा, 'दूसरी तरफ दोनों गांधी में लड़ाई चल रही है, बड़ी भारी लड़ाई चल रही है। जो मुझे पता लगा है… सदन में जो दो तीन बार जो भाषण हुआ है, उसे भी लोगों ने प्रियंका गांधी का जो भाषण है, उसकी तुलना की है। और राहुल गांधी इस चीज से नाराज होकर परिवार और पार्टी से लड़कर यहां से चले गए हैं।' उन्होंने कहा, 'उनकी पार्टी और फैमिली में जो प्रॉब्लम है। इसलिए राहुल गांधी छोड़कर चले गए हैं।' पहले भी लगाए आरोप भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने लिखा था, 'टीम प्रियंका बनाम टीम राहुल खुलकर सामने आ गया है। कांग्रेस की आंतरिक कलह अब बाहर आ गई है।' उन्होंने लिखा, 'ओडिशा से वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने सोनिया गांधी को लिखा कि खरगे हटाओ, प्रियंका लाओ। साथ ही प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं।' उन्होंने लिखा, 'ओडिशा के नेता मोहम्मद मुकीम ने राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व संकट पर सवाल उठाए हैं और पार्टी को दोबारा तैयार करने के लिए संगठन और विचारधारा स्तर पर सुधार की बात कही है।'