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मुख्यमंत्री साय से साहू समाज के प्रतिनिधिमंडल की शिष्टाचार भेंट

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विगत दिवस छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन में साहू समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने साहू समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारी को बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विधायक ईश्वर साहू, विधायक इंद्र कुमार साहू सहित साहू समाज के नवनिर्वाचित प्रांतीय अध्यक्ष डॉ नीरेंद्र साहू,उपाध्यक्ष सत्यप्रकाश साहू, गिरजा साहू, नारद साहू, नन्द लाल साहू चंद्रभूषण साहू सहित साहू समाज के नवनिर्वाचित राज्य स्तरीय तथा जिला स्तरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

वित्त विभाग उत्कृष्ट वित्तीय प्रबंधन की दिशा में अग्रसर : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

शून्य आधारित बजट, रोलिंग बजट और तकनीकी नवाचारों से मजबूत हुई प्रदेश की वित्तीय स्थिति श्रेष्ठ वित्तीय प्रबंधन से समृद्धि की ओर प्रदेश भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि वित्त विभाग श्रेष्ठ वित्तीय प्रबंधन की ओर जिसमें शून्य आधारित बजट प्रक्रिया के अनुसार बजट तैयार किया जा रहा है। तीन वर्षों के लिये रोलिंग बजट की प्रक्रिया अपनाई गई है, जिसमें बजट प्रक्रिया से संबंधित नवाचार अपनाएं जा रहे है। उन्होंने कहा कि वित्तीय संस्थाओं द्वारा जारी प्रतिवेदनों में मध्यप्रदेश के वित्तीय प्रबंधन बजटीय विश्वसनीयता तथा बैंक की गुणवत्ता को सराहा गया है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि प्रदेश में पूंजीगत व्यय में लगातार वृद्धि हो रही है जिससे प्रदेश के ही सकल घरेलू उत्पाद में नियमित वृद्धि बनी हुई है। भारत सरकार के संकल्प विकसित भारत 2047 को पूरा करने में राज्य अपना योगदान देने के लिये प्रतिबद्ध है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने बताया कि वित्तीय मानकों के आधार पर प्रदेश की स्थिति बहुत सुदृढ़ है। उन्होंने बताया कि संचालनालय कोष एवं लेखा द्वारा कई नवाचारी व्यवस्था लागू की है। उन्होंने यह भी बताया कि शासकीय सेवकों/ पेंशनरों के हित में कई निर्णय लिये गये है। वाणिज्यिक कर विभाग की 02 वर्ष की विभागीय उपलब्धियां उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में 55 हजार 634 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। वर्ष 2025-26 में माह नवम्बर तक कुल 34 हजार 829 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। वर्ष 2025-26 में माह नवम्बर तक डाटा एनालिटिक्स आधारित चिन्हित प्रकरणों में प्रवर्तन कार्यवाहियों से रु. 967 करोड़ एवं ऑडिट की कार्यवाही से. 404 करोड़ रु का राजस्व प्राप्त हुआ है। बुरहानपुर, राजगढ़, खरगोन, झाबुआ, कटनी एवं नरसिंहपुर जिलों में नवीन कार्यालय भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। आबकारी विभाग की आगामी तीन वर्षों की कार्य योजना उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने बताया कि राजस्व में वृद्धि के लिये राज्य तथा देश के बाहर मदिरा के निर्यात को बढ़ावा देने के लिये एकीकृत पॉलिसी बनाई जाएगी। मदिरा उपभोग/विक्रय के एक दिवस का लायसेंस मोबाईल एप्लीकेशन के माध्यम से जारी किया जाएगा। प्रदेश के समस्त शासकीय विभाग, निगम, मंडल द्वारा दिए जा रहे वर्क आर्डर तथा भुगतान की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सके इसके लिये डाटा रिपोजटरी बनाया जाएगा। डाटा एनालिटिक्स के उपयोग से प्रवर्तन की कार्यवाही की जावेगी तथा बोगस व्यवसायियों पर सतत् निगरानी रखी जाकर गलत ITC के उपयोग पर अंकुश लगाया जाएगा। कर अपवंचन की रोकथाम हेतु चलित वाहनों के माध्यम से किये जा रहे कर अपवंचन पर नियंत्रण एवं निगरानी हेतु यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (ULIP) का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विभाग में पृथक से डेटा एनालिटिक्स एवं टैक्स रिसर्च यूनिट का गठन किया जायेगा। पंजीयन विभाग की उपलब्धियां उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने बताया कि मध्यप्रदेश देश का प्रथम राज्य है जिसमें 75 प्रकार के दस्तावेज पट्टा, पॉवर ऑफ अटर्नी, बंधक इत्यादि का घर बैठे वीडियो केवायसी के माध्यम से पंजीयन हो रहा है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि संपदा 2.0 को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2025 में स्वर्ण पदक मिला है। प्रदेश के लिये यह गौरव की बात है। साथ ही क्रेता एवं विक्रेता की पहचान आधार और पेन e-KYC से किये जाने के कारण जनता को सुविधा हुई है।   विभाग की राजस्व प्राप्ति :- वर्ष लक्ष्य राजस्व प्राप्ति 2023-24 10 हजार 700 करोड रूपये 10 हजार 325 करोड रूपये 2024-25 12 हजार 500 करोड रूपये 11 हजार 355 करोड रूपये 2025-26 13 हजार 920 करोड रूपये 7 हजार 580 करोड रूपये (माह नवम्बर, 2025 तक की स्थिति)   योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने बताया कि वर्ष 2024-25 में प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (15 लाख 03 हजार 395 करोड़) रूपये रहा एवं प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 52 हजार 615 रूपये रही। प्रदेश में CRS (सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम) पोर्टल द्वारा शत-प्रतिशत जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रीकरण का कार्य ऑनलाइन किया जा रहा है। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने बताया कि नर्मदा पथ सर्वेक्षण एवं जनजागरण यात्रा 12 दिवसीय यात्रा का आयोजन नर्मदा तटीय 16 जिलों के 51 विकासखण्डो के 502 ग्राम पंचायतों में किया गया। बावडी उत्सव प्रदेश में विकासखण्ड स्तर पर 26 हजार बावडियों की साफ-सफाई की गयी। बूंद सहेजे बावडी स्मारिका का प्रकाशन किया गया।  

इरोड से सियासी शंखनाद: अभिनेता विजय की जनसभा, DMK सरकार पर जमकर हमला

इरोड (चेन्नई) अभिनेता और तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के प्रमुख विजय ने गुरुवार को इरोड में पार्टी की एक रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ कुछ स्वार्थी तत्व बदनाम करने का अभियान चला रहे हैं। लेकिन वे इसके कामयाब नहीं होंगे। विजय ने यह भी आरोप लगाया कि तमिलनाडु सरकार खेती-किसानी में कोई गंभीर रुचि नहीं दिखा रही है। टीवीके प्रमुख ने कहा कि दिवंगत मुख्यमंत्री अन्नादुरई (अन्ना) और एमजी रामचंद्रन (एमजीआर) सभी के लिए प्रेरणा हैं। वे किसी एक व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं हैं और उन्हें याद करने पर कोई आपत्ति नहीं कर सकता। इरोड में टीवीके की बैठक में विजय ने कहा कि डीएमके और समस्याएं एक-दूसरे की दोस्त हैं और दोनों को अलग नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई 'पवित्र शक्ति' टीवीके और 'बुरी शक्ति' डीएमके के बीच है। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएमके केवल उन्हें निशाना बनाने और टीवीके के काम में बाधाएं खड़ी करने में ही रुचि रखती है।

जब आएं शनिदेव स्वप्न में!

शनि अगर सपने में गिद्ध पर सवार हुए दिखाए दें तो यह बड़ा ही अपशकुन माना जाता है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार गिद्ध पर शनि का दिखना शोक देता है। इस स्थिति में शनि शांति के उपाय करने चाहिए। शनि देव का कौए पर सवार होकर दिखना सुख शांति छीन लेता है। ज्योतिषशास्त्र में बताया गया है कि शनि अगर कौए पर सवार दिखे तो परिवार एवं समाज में वाद-विवाद होता है। व्यक्ति को अपमान का सामना करना पड़ता है। शनि देव अगर सपने में हाथी पर सवार होकर दिख जाएं तो यह बड़ा ही शुभ शगुन है। साढ़ेसाती के दौरान शनि अगर हाथी पर सवार होकर आपकी कुंडली में असर डालते हैं तो इससे बड़ा सौभाग्य हो ही नहीं सकता है। शनि चालीसा में बताया गया है कि शनि जब हाथी पर आते हैं तो अपने साथ लक्ष्मी भी लाते हैं यानी व्यक्ति को अचानक ही धन लाभ होते रहते हैं। शनि एक वाहन मोर भी बताया गया है। कहते हैं जब शनि महाराज किसी व्यक्ति को मोर पर सवार दिख जाते हैं तो उसे कोई शुभ फल मिलने वाला होता है। साढ़ेसाती के दौरान शनि मोर पर सवार होकर आपकी राशि पर असर डालते हैं तो हर तरफ से शुभ समाचार और खुशियां मिलती रहती है। शनि महाराज यमराज के भाई हैं यमराज की तरह इनका भी एक वाहन भैंस है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार शनि का भैंस पर सवार दिखना यह संकेत है कि आपको मिले जुले परिणाम मिलने वाले हैं यानी खुशी और गम का मिला जुला असर रहेगा आपके जीवन में। शनि महाराज एक वाहन है घोड़ा। माना जाता है कि जिन्हें शनि महाराज सपने में घोड़े पर सवार दिख जाते हैं उसे सुख-संपत्ति से निहाल कर देते हैं। शनि चलीसा में कहा भी गया है हय ते सुख संपत्ति उपजावै।  

हिंदू धर्म मानव धर्म है, हर पंथ को अपनाने की आज़ादी: दत्तात्रेय होसबाले

गोरखपुर गोरखपुर में आयोजित हिंदू सम्मेलन के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के बयान को लेकर चर्चा तेज हो गई है. खोराबार के मालवीय नगर में संबोधन के दौरान उन्होंने हिंदू धर्म को मानव धर्म बताते हुए कहा कि भारत में हर व्यक्ति अपने-अपने पंथ का पालन कर सकता है. 'हिंदू धर्म का अर्थ मानव धर्म' दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि जब हम हिंदू धर्म कहते हैं तो उसका अर्थ मानव धर्म होता है. दुनिया के किसी भी देश के लोग यहां आकर अपने विश्वास और परंपराओं के अनुसार जीवन जी सकते हैं. उन्होंने कहा कि अगर नमाज पढ़ने वाले हमारे मुस्लिम भाई पर्यावरण की दृष्टि से नदी की पूजा कर लें तो इसमें क्या बिगड़ जाता है.  गोरखपुर के खोराबार स्थित खेल मैदान में बोलते हुए उन्‍होंने अपनी बात के समर्थन में सऊदी अरब और रुस का उदाहरण दिया। उन्‍होंने कहा, सऊदी अरब में मुसलमान भाइयों ने जमीन देकर मंदिर बनवाया है। रूस में चर्च के लोगों ने मंदिर बनवाने के लिए जगह दी है। अब हमको भी भारत में यह समझाना होगा। होसबाले ने कहा, अंग्रेजों ने यहां फूट डालो, राज करो की राजनीति की। लेकिन अब हमारे एकजुट होने का समय आ गया है। हिंदू जागेगा तो विश्व जागेगा। मानव का विश्वास जागेगा। हमें बच्चों को हनुमान चालीसा, गीता सिखाने की जरूरत है। उन्‍होंने कहा, हम कहते हैं कि हम लोगों को विश्व गुरु बनना है। लेकिन अगर हम ही गिरे हुए हैं तो हम दूसरे गिरे हुए आदमी को कैसे खड़ा करेंगे? हम जब खड़े होते हैं, तभी हम गिरे हुए आदमी को उठा सकते हैं। इस सम्मेलन में गोरखपुर और आसपास के जिलों से करीब 5 हजार लोग पहुंचे थे। ‘सूर्य नमस्कार से मुस्लिमों को क्या दिक्कत?’ योग और सूर्य नमस्कार का जिक्र करते हुए दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि इसे संकीर्ण धार्मिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘सूर्य नमस्कार एक वैज्ञानिक और स्वास्थ्य-उन्मुख अभ्यास है. इससे किसी को कोई नुकसान नहीं होता है, और इसे करने से कुछ भी नहीं खोता है. सूर्य नमस्कार से मुस्लिमों का क्या बिगड़ जाएगा? नमाज पढ़ने वाले प्राणायाम करेंगे तो गलत है क्या? नहीं है. हम ये नहीं कहेंगे कि तुम ये करो तो वो पूजा छोड़ दो, नमाज़ छोड़ दो. ये तो हम नहीं कहेंगे.’ दत्तात्रेय होसबाले के बयान को प्वाइंटर्स में समझिए     नमाज़ पढ़ने वाले मुस्लिम बंधु पर्यावरण की दृष्टि से नदी की पूजा करें तो क्या गलत है.     नमाज पढ़ने वाले मुस्लिम लोग सूर्य नमस्कार करें तो क्या गलत है.     नमाज पढ़ने वाले प्राणायाम करेंगे तो गलत है क्या? नहीं है.     हम ये नहीं कहेंगे कि तुम ये करो तो वो पूजा छोड़ दो, नमाज़ छोड़ दो. ये तो हम नहीं कहेंगे ‘राष्ट्र निर्माण केवल चरित्र निर्माण से ही संभव’ सांस्कृतिक एकता पर जोर देते हुए दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि भारतीय संस्कृति धार्मिक सीमाओं से परे सह-अस्तित्व और प्रकृति के प्रति सम्मान को बढ़ावा देती है. उन्होंने जोर देकर कहा कि आरएसएस समाज के सभी वर्गों के बीच आपसी सम्मान और सद्भाव में विश्वास करता है. ‘हिंदू-हिंदुत्व’, ‘राष्ट्र-राष्ट्रीयता’, और ‘भारत-भारतीयता’ जैसे विषयों पर बोलते हुए दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल चरित्र निर्माण से ही संभव है. ‘पूजा के तरीके अलग पर धर्म एक है’ दत्तात्रेय होसबाले ने कहा, ‘भारतीय सांस्कृतिक जड़ें एक हैं. पूजा के तरीके अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन धर्म एक है- सनातन. धर्म जीवन जीने की कला है.’ उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के अनुयायियों की जिम्मेदारी है कि वे न केवल अपने लिए बल्कि दुनिया भर में मानवता के कल्याण के लिए मानवीय मूल्यों को बनाए रखें. उन्होंने कहा, ‘हमारे पूर्वजों ने हिंदू धर्म को मानव धर्म बताया है. किसी भी देश के लोग इसका पालन कर सकते हैं. 21 जून को दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का उत्सव इसका एक स्पष्ट उदाहरण है.’ 'कोई सूर्य नमस्कार करता है तो इसमें गलत क्या' होसबाले ने कहा कि अगर कोई सूर्य नमस्कार करता है या प्राणायाम करता है तो इसमें गलत क्या है. उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ किसी से यह नहीं कहता कि वह अपनी पूजा, नमाज या धार्मिक परंपराएं छोड़ दे. संघ का कहना सिर्फ इतना है कि मानव धर्म और हिंदू धर्म को समझा जाए.  उन्होंने कहा कि यही वह हिंदू धर्म है, जिसके लिए हमारे पूर्वजों ने हजारों वर्षों तक संघर्ष किया और तमाम आक्रांताओं के सामने भी टिके रहे. इस हिंदू सम्मेलन में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे.

आवारा कुत्तों पर अदालत का कड़ा रुख, याचिकाकर्ता से पूछा—वीडियो दिखाकर बताएंगे क्या होती है मानवता?

नई दिल्ली आवारा कुत्तों से जुड़े मामले में दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कड़ा रुख अपनाया। दिल्ली नगर निगम द्वारा बनाए गए कुछ नियमों को 'अमानवीय' बताने वाली आपत्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए अदालत ने कहा कि अगली सुनवाई में एक वीडियो चलाया जाएगा और पूछा जाएगा कि 'मानवता आखिर है क्या'। 7 जनवरी को होगी सुनवाई न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, जो इस मामले में पक्ष रख रहे हैं, ने बताया कि इस प्रकरण की सुनवाई के लिए गुरुवार को गठित होने वाली तीन न्यायाधीशों की विशेष पीठ की बैठक रद्द कर दी गई है। इस पर न्यायमूर्ति नाथ ने स्पष्ट किया कि अब यह मामला 7 जनवरी को सूचीबद्ध किया जाएगा। सुनवाई के दौरान क्या-क्या हुआ? अधिवक्ता सिबल ने कहा कि समस्या यह है कि इस बीच दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने कुछ ऐसे नियम बना दिए हैं जो पूरी तरह से विपरीत हैं। जब पीठ ने कहा कि वह 7 जनवरी को इस मामले पर विचार करेगी, तो सिबल ने कहा कि अधिकारी दिसंबर में ही नियमों को लागू कर देंगे। उन्होंने तर्क दिया कि वे इसे लागू करेंगे और कुत्तों को हटा देंगे। उनके पास आश्रय स्थल नहीं हैं। न्यायमूर्ति नाथ ने कहा कि कोई बात नहीं, उन्हें करने दीजिए, हम इस पर विचार करेंगे। सिबल ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई करने का आग्रह करते हुए कहा कि अधिकारियों के पास कुत्तों के लिए आश्रय स्थल तक नहीं हैं। उन्होंने कहा, ''जो कुछ किया जा रहा है वह बेहद अमानवीय है।'' न्यायमूर्ति मेहता ने सिबल से कहा कि अगली तारीख को हम आपके हित में एक वीडियो चलाएंगे और आपसे पूछेंगे कि मानवता क्या है। सिबल ने जवाब दिया कि वे यह दिखाने के लिए एक वीडियो भी चलाएंगे कि क्या हो रहा था। सिबल ने कहा, "समस्या यह है कि आपके माननीय न्यायाधीश ने एक आदेश पारित किया है और हम उसका सम्मान करते हैं। लेकिन मुद्दा यह है कि वैधानिक नियम हैं। पीठ ने कहा कि वह इस मामले पर 7 जनवरी को विचार करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने 7 नवंबर को क्या निर्देश दिया? बता दें कि 7 नवंबर को, शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों और रेलवे स्टेशनों जैसे संस्थागत क्षेत्रों के भीतर कुत्ते के काटने की घटनाओं में "चिंताजनक वृद्धि" को ध्यान में रखते हुए, सर्वोच्च न्यायालय ने उचित नसबंदी और टीकाकरण के बाद आवारा कुत्तों को तुरंत निर्दिष्ट आश्रयों में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। तीन न्यायाधीशों की विशेष पीठ ने यह भी कहा था कि इस प्रकार पकड़े गए आवारा कुत्तों को उस स्थान पर वापस नहीं छोड़ा जाएगा जहां से उन्हें पकड़ा गया था। पीठ ने अधिकारियों को राज्य राजमार्गों, राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे से सभी मवेशियों और अन्य आवारा जानवरों को हटाने को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। इसमें कहा गया था कि खेल परिसरों सहित संस्थागत क्षेत्रों के भीतर कुत्ते के काटने की घटनाओं की पुनरावृत्ति न केवल प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाती है, बल्कि इन परिसरों को रोके जा सकने वाले खतरों से सुरक्षित करने में "प्रणालीगत विफलता" को भी दर्शाती है। सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के खतरे को लेकर स्वतः संज्ञान लेते हुए दायर मामले में कई निर्देश जारी किए थे। यह राजधानी दिल्ली में आवारा कुत्तों के काटने से रेबीज फैलने, विशेष रूप से बच्चों में, की घटना पर मीडिया रिपोर्ट के संबंध में 28 जुलाई को शुरू किए गए स्वतः संज्ञान मामले की सुनवाई कर रहा है।

एआई के गलत इस्तेमाल पर भड़कीं श्रीलीला, फैंस से की सावधानी बरतने की अपील

मुंबई   सोशल मीडिया पर एआई का चलन काफी तेजी से बढ़ रहा है। एक तरफ यह तकनीक जीवन को आसान बना रही है, तो दूसरी ओर इसके गलत इस्तेमाल से कई लोगों की छवि को भी नुकसान पहुंचाया गया है। इसकी चपेट में मनोरंजन जगत के सितारे भी पीछे नहीं हैं। डीप फेक कंटेंट से परेशान कई सेलेब्स ने इसको लेकर आवाजें भी उठाई हैं। इसी कड़ी में साउथ सिनेमा की अभिनेत्री श्रीलाला ने नाराजगी जताते हुए बुधवार को इंस्टाग्राम पर एक नोट शेयर किया।  इसमें उन्होंने सभी से निवेदन किया कि बढ़ते एआई फेक वीडियो या किसी भी प्रकार के कंटेंट का समर्थन न करें। उन्होंने लिखा, "मैं हाथ जोड़कर सभी से निवेदन करती हूं कि कृपया एआई द्वारा बनाई गई गलत और फेक चीजों का समर्थन न करें। टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल और उसका दुरुपयोग करने में जमीन-आसमान का फर्क है। मेरी नजर में टेक्नोलॉजी का उद्देश्य जिंदगी को आसान बनाना है, न कि उसे और भी ज्यादा मुश्किल करना।" उन्होंने आगे लिखा कि दुनिया की हर लड़की किसी की बेटी, बहन, पोती या दोस्त होती है, भले ही वह फिल्म इंडस्ट्री में काम क्यों न कर रही हो। हम सब एक ऐसे माहौल में काम करना चाहते हैं, जहां पर खुशी फैले और हर कोई सुरक्षित महसूस करे। श्रीलीला ने खुलासा किया कि व्यस्त शेड्यूल की वजह से उन्हें सोशल मीडिया पर चल रही बातों की जानकारी देर से प्राप्त हुई। इसी के साथ अभिनेत्री ने अपने फैंस और शुभचिंतकों का शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने उन्हें अलर्ट किया। अभिनेत्री ने लिखा, "मैं हमेशा बातों को हल्के में लेकर अपनी दुनिया में मस्त रहती आई हूं, लेकिन यह सब बहुत परेशान करने वाला और दुखद है। मैं देख रही हूं कि मेरे कई सहकलाकार भी इसकी चपेट में आ चुके हैं। मैं सभी की तरफ से यह बात रख रही हूं।" अभिनेत्री ने आखिरी में लिखा, "सम्मान और गरिमा के साथ, मैं अपने फैंस पर भरोसा रखते हुए, सभी से निवेदन करती हूं कि कृपया हमारा साथ दें।"

सिंदूर से बिछिया तक जानिए स्त्रियों के श्रृंगार का राज

शादी के बाद सुहागन स्त्रियां मांग में सिंदूर सजाती हैं क्योंकि यह सुहाग का चिन्ह माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इससे पति की उम्र लंबी होती है। जबकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण यह है कि सिंदूर माथे पर उस स्थान पर लगाया जाता है जहां भावनाओं को नियंत्रित करने वाली ग्रंथी मौजूद होती है। इससे मन और भावनाओं पर नियंत्रण बढ़ता है। साथ ही सिंदूर में मौजूद तत्व रक्त संचार के साथ ही यौन क्षमताओं को भी बढ़ाने का भी काम करते हैं जो वैवाहिक जीवन के लिए जरुरी माना जाता है। महिलाएं अपने पैरों का श्रृंगार करने के लिए पाजेब और पायल पहनती हैं। इसका कारण यह है कि पायल न सिर्फ उनके पैरों की खूबसूरती को बढ़ाने का काम करता है बल्कि यह पैरों में एक रिंग का काम भी करता है। इस रिंग की वजह से शरीर से निकले वाली विद्धुत उर्जा वापस शरीर में लौट जाती है और पैरों में होने वाली कई परेशानियों से भी बचाती है। यह भी माना जाता है कि पायल पेट और शरीर के पिछले भाग में चर्बी को बढ़ने से रोकता है जिससे उनका शरीरिक गठन आकर्षक बना रहता है। कानों में बाली और झुमके इसलिए नहीं पहनती हैं लड़कियां कि उनकी सुंदरता की तारीफ हो। असल में इसका वैज्ञानिक कारण है। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार कान में ईयर रिंग धारण करने से चेहरे की त्वचा में कसापन आता है जिससे त्वचा पर ग्लो आता है। कर्ण छेदन करवाने से बौद्धिक क्षमता और सोचने समझने की क्षमता बढ़ जाती है। आपने देखा होगा कि सुहागन स्त्रियां हाथों में अंगूठी पहने या नहीं पहने पैरों में अंगूठी जैसे दिखने वाला गहना जिसे बिछुआ कहा जाता है जरुर पहनती हैं। इसका धार्मिक कारण सुहाग की लंबी उम्र से है जबकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण यह कहता है कि पैरों में अंगूठे के बाद जो दूसरी उंगली होती है उसकी ग्रंथी गर्भाशय और हृदय से होकर गुजरती है। बिछुआ पहनने से गर्भाशय को बल मिलता है और यौन क्षमता बढ़ती है साथ ही मासिक धर्म के समय होने वाली परेशानियों में कमी आती है। शादी हो या तीज त्योहार महिलाएं अपने हाथों और पैरों में मेंहदी जरुर लगाती हैं। इसका कारण सिर्फ सौंदर्य बढ़ाना नहीं है बल्कि इसका संबंध स्वास्थ्य से है। मेंहदी का इस्तेमाल आयुर्वेद में कई रोगों की औषधी के रुप में किया जाता है। यह तनाव को दूर करने में कारगर होता है। यौन इच्छाओं को भी नियंत्रित करता है जो इन अवसरों पर आवश्यक माना जाता है। महिलाएं अपनी कलाई को सजाने के लिए चूड़िया पहनती हैं। लेकिन महिलाओं के अन्य श्रृंगार साधन की तरह चूड़ियां धारण करने का भी वैज्ञानिक कारण है। विज्ञान के अनुसार चूड़ियों के कारण कलाई में एक घर्षण उत्पन्न होता है जिससे कलाइयों में सुचारु रुप से रक्त संचार होता है। जिससे कलाईयों में होने वाली स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से बचाव होता है। साथ ही चूड़ियां शरीर से निकलने वाली उर्जा को वापस शरीर के अंदर पहुंचाने का भी काम करती है।  

हाउसिंग बोर्ड अपनी संपत्तियों का मूल्यांकन-विकसित और बिक्री की योजना बनाए

नगरीय विकास मंत्री विजयवर्गीय की अध्यक्षता में हुई संचालक मण्डल की बैठक भोपाल नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड को अपनी आवासीय योजना में कमजोर और मध्यम वर्ग की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बोर्ड अपनी संपत्तियों का मूल्यांकन कर उनको विकसित करने और बिक्री की समयबद्ध योजना तैयार करें। मंत्री विजयवर्गीय गुरूवार को भोपाल स्थित हाउसिंग बोर्ड मुख्यालय में आयोजित संचालक मण्डल की बैठक को संबोधित कर रहे थे। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि बोर्ड प्रदेश में चल रहें प्रोजेक्ट की नियमित समीक्षा की जाएं। बोर्ड के निर्माण कार्य समय पर होने पर बोर्ड की आय बढ़ेगी और उद्देश्यों को पूरा कर सकेगा। बैठक में बोर्ड के चल रहे प्रोजेक्टस की बिन्दुवार समीक्षा की गई। मंत्री  विजयवर्गीय ने बोर्ड की साख बढ़ाने के लिये अच्छे कंसलटेंट और एडवाइजर की सेवाएं लेने पर जोर दिया। इंदौर की हुकुमचंद मिल प्रोजेक्ट मंत्री विजयवर्गीय ने इंदौर की हुकुमचंद मिल प्रोजेक्ट पर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे जुड़ी सभी परमिशन तय समय-सीमा में प्राप्त की जाए। उन्होंने आस-पास अधोसंरचना, उन्नयन एवं ट्रैफिक सुधार के लिये तैयार की गई डीपीआर की भी जानकारी ली गई। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की विशेष पहल से मजदूरों की दशकों से लंबित देनदारियों का भुगतान लगभग 464 करोड़ रूपये का किया गया है। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव  संजय दुबे, हाउसिंग बोर्ड के कमिश्नर राहुल हरिदास फटिंग एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।  

एंड्रायड को ऐसे रखें सेफ

  स्मार्टफोन और अन्य मोबाइल डिवाइस आज हर किसी के लिए लाइफलाइन जैसे हो गए हैं। मोबाइल फोन का इस्तेमाल लोग न सिर्फ एक-दूसरे से कनेक्ट रहने के लिए करते हैं, बल्कि ये अब दैनिक जीवन की तमाम जरूरी एक्टिविटीज, जैसे-फिटनेस, न्यूज, इंटरनेट, पेशेगत कामकाज से भी जुड़ गए हैं। आपके मोबाइल फोन में फोटो, करियर इंफॉर्मेशन, हॉबीज, कॉन्टैक्ट, एंटरटेनमेंट और शॉपिंग प्रिफरेंस आदि के रूप में बेशकीमती अंडर-प्रोटेक्टेड डिजिटल एसेट रखे होते हैं। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि आप अपने इस संसाधन को चोरी और मालवेयर से बचाकर रखें। आइए जानते हैं कि आप अपने एंड्रॉयड स्मार्टफोन को कैसे सुरक्षित बना सकते हैं… स्मार्टफोन को सीक्रेट पिन से रखें लॉक:- सुरक्षा के लिए यह जरूरी है कि आपके फोन तक आपके अलावा किसी और की पहुंच न हो। इसलिए आपको अपने फोन को पिन या किसी पैटर्न कोड से लॉक रखना चाहिए। इसके लिए अपने डिवाइस की सेटिंग में जाएं और लॉक स्क्रीन का विकल्प देखें। स्क्रीन लॉक ऑप्शन में आपसे यह पूछा जाएगा कि आप पिन चाहते हैं, पैटर्न या कोई पासवर्ड। खोए फोन को तलाशने की सुविधा:- यदि आपका मोबाइल डिवाइस कहीं गायब हो जाता है, तो आप गूगल मैप की मदद से अपने फोन की लोकेशन का पता लगा सकते हैं। यही नहीं, आसपास के ऐसे लोकेशन पर पहुंच कर आप एंड्रॉयड डिवाइस मैनेजर की मदद से अपने डिवाइस को फुल वॉल्यूम में पांच मिनट तक रिंग भी करा सकते हैं। इस सुविधा से आप मैप पर यह देख सकते हैं कि आपका फोन कहां है। इससे आप अपने एंड्रॉयड डिवाइस को दूर से ही लॉक कर सकते हैं, रिंग कर सकते हैं या चाहें तो सारे डेटा इरेज कर सकते हैं। इस सुविधा का फायदा उठाने के लिए गूगल सेटिंग-लोकेशन में जाएं और इसके बाद एक्सेस लोकेशन ऑप्शन चुनें। इसके लिए आपको रिमोट डिलीशन और लॉकिंग को ऑन करना होगा। आप किसी पर्सनल कंप्यूटर की मदद से भी अपने स्मार्ट फोन के डेटा डिलीट कर सकते हैं। शेयर्ड यूजर्स के लिए एक्सेस को रखें लिमिटेड:- एंड्रॉयड 4.3 या उससे ऊंचे वर्जन के टैबलेट के लिए आप रेस्ट्रिक्टेड प्रोफाइल तैयार कर सकते हैं ताकि दूसरे लोग आपके सभी गेम या ऐप तक न पहुंच सकें। इसके लिए सेटिंग में जाएं और अपने फोन के लिए यूजर्स को सलेक्ट करें। संदिग्धएप से सुरक्षित रखें फोन:- आपके फोन में गूगल प्ले से आने वाले किसी भी ऐप को गूगल स्कैन करता है और हानिकारक ऐप को ब्लॉक कर देता है। कोई ऐप यदि किसी अज्ञात लोकेशन से आता है, तो एक पॉप-अप दिखेगा, जो आपसे यह कहेगा कि फाइल को स्कैन करें और यह सुनिश्चित करें कि वह आपके डिवाइस के लिए सुरक्षित हो। गूगल प्ले से परचेज को करें कंट्रोल:- एपल और अमेजन की तरह ही गूगल को भी एक्सिडेंटल परचेज की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। इससे बचने के लिए आप गूगल प्लेज में एक पासवर्ड का विकल्प चुन सकते हैं, जो हर आधे घंटे पर या जब भी कुछ खरीद होती हो, तो पासवर्ड मांगे। शेयर्ड एप को फिल्टर करें:- आप एप्स को फिल्टर करने के लिए पिन का इस्तेमाल कर सकते हैं और चार एप रेटिंग लेवल डिस्प्ले करने का विकल्पि चुन सकते हैं। इससे सिर्फ वही ऐप डाउनलोड होंगे, जो आपके लिए उपयुक्त हैं। सेफ सर्च ऑप्शन को इनेबल करें:- अगर आपका डिवाइस आपके बच्चे इस्तेमाल करते हैं, तो उसे सेफ सर्च इनेबल कर ज्यादा किड्स फ्रेंडली बनाएं। गूगल के होमपेज में सर्च सेटिंग में जाकर आप ऐसा कर सकते हैं।