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पुलिस के बारे में जनसामान्य की धारणा बदलने और पुलिस के जनता से बेहतर संवाद के लिए विशेष पहल की आवश्यकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की धरती से नक्सलवाद को उखाड़ फेंकने के लिए पुलिस फोर्स को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस मोर्चे पर अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि 17 दिसंबर के विधानसभा के विशेष सत्र में भी पुलिस फोर्स की सराहना हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में विकास और जनकल्याण की गतिविधियां इस प्रकार संचालित की जाएं, ताकि नक्सलवाद पुनः अंकुरित ना हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक-महा निरीक्षक सम्मेलन वर्ष 2025 को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अपने प्रभार के क्षेत्रों में आकस्मिक निरीक्षण जैसी गतिविधियां तत्काल आरंभ करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पुलिस मुख्यालय आगमन पर उन्हें गार्ड आफ ऑनर दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सलामी गारद का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वागत किया। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव गृह श्री शिवशेखर शुक्ला, तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में आरंभ हुई कान्फ्रेंस में पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने बताया कि यह कान्फ्रेंस, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में "विकसित भारत: सुरक्षा आयाम" विषय पर रायपुर में हुऐ पुलिस महानिदेशक- महानिरीक्षकों के अखिल भारतीय सम्मेलन के निर्देश और क्रियात्मक बिंदुओं के प्रदेश में क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए आयोजित की गई है। उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय सम्मेलन में आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था, पुलिस आधुनिकीकरण, महिला सुरक्षा, पुलिस थाना परिसरों के पुनर्विकास, सिंहस्थ-2028 और साइबर इनीशिएटिव्स, पुलिसिंग में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग, नवीन कानूनों के प्रचार- प्रसार, कम्युनिटी पुलिसिंग, आपदा प्रबंधन में पुलिस की भूमिका, नशा-मुक्ति के लिए किए जा रहे प्रयासों, टूरिस्ट पुलिसिंग, फॉरेंसिक साइंस, साइबर अपराधों की रोकथाम और सड़क सुरक्षा आदि विषयों पर राज्य शासन से अपेक्षाओं के संबंध में विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान युग में सोशल मीडिया अत्यंत शक्तिशाली साधन होने के साथ-साथ गंभीर चुनौती बनकर उभरा है। इसके दुरुपयोग से अफवाह, अपराध और भ्रम फैलाने की संभवनाएं भी बढ़ी हैं। इसलिए आवश्यक है कि हम सोशल मीडिया की शक्ति का सकारात्मक और रचनात्मक सामग्री के उपयोग करें। किसी भी भ्रामक या उकसाऊ सामग्री को समय रहते पहनाकर उस पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करना आज की आवश्यकता है। इसके साथ ही सोशल मीडिया के युग में पुलिस से त्वरित सहायता की अपेक्षा भी जनसामान्य में बढ़ी है। इन अपेक्षाओं और भावनाओं के अनुरूप पीड़ित को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए पुलिस बल को तकनीकी रूप से दक्ष और साधन संपन्न होना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस के बारे में जनसामान्य की धारणा बदलने और पुलिस के जनता से बेहतर संवाद के लिए विशेष पहल करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि पुलिस अपनी उपलब्धियों और सकारात्मक गतिविधियों के संबंध में जनप्रतिनिधियों और जनसामन्य से जानकारियां साझा करें। पुलिस अधिकारी बेहतर संवाद के लिए मीडिया के माध्यम से सक्रिय रहें। पुलिस की छवि मदद करने वाली हो, हमारा प्रयास हो कि लोग पुलिस को भय नहीं विश्वास की नजरों से देखें। पुलिस से अपराधियों में भय हो लेकिन आमजन में भरोसे और सुरक्षा की भावना विकसित हो। इस विश्वास को बनाये रखना ही हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। सामुदायिक पुलिसिंग गतिविधियों को प्रोत्साहित करते हुए महिला सुरक्षा और बच्चों की सुरक्षा के लिए समाज में वातावरण बनाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी भाषा और व्यवहार के प्रति सजग-सतर्क रहने की सलाह दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस में नवाचार करने और सामाजिक सरोकार से गतिविधियां संचालित करने वालों को प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी के लिए पुलिस को जागरूकता और तकनीक दोनों पर कार्य करना होगा। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में ब्लैक स्पॉट की पहचान कर विशेष रणनीति बनाई जाए। संवेदनशील मार्गों पर नियमित पेट्रोलिंग, गति नियंत्रण, शराब पीकर वाहन चलाने पर सख्त निगरानी तथा यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने से दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। उन्होंने सड़क दुर्घटना में घालय व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वालों के लिए लागू राहवीर योजना की जानकारी का विस्तार करने की आश्यकता बताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ड्रायवरों के आँखों के परीक्षण के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि 108 एम्बुलेंस के ड्रायवरों का निजी अस्पतालों से गठजोड़ विकसित नहीं हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिला सुरक्षा राज्य सरकार और पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। जिन क्षेत्रों में महिलाओं के विरूद्ध अपराधों की संभावना अधिक रहती है वहां विशेष निगरानी, नियमित गश्त और त्वरित कार्यवाही की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रदेश में नशे के विरुद्ध वातावरण बनाने के उद्देश्य से ही धार्मिक शहरों में शराब बंदी लागू की गई है। इन शहरों में अन्य तरीकों से शराब बेचने वालों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जाए। शराब के अलावा दवा या अन्य रासायनिक पदार्थों के नशे की गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बरदाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस की विभिन्न गतिविधियों और विशेषज्ञताओं पर प्रशिक्षण की व्यवस्था एक ही कैम्पस में सुनिश्चित की जाए। बैठक में घनी आबादी वाले, कानून व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों के विकास के लिए नगरीय प्रशासन विभाग से मिलकर कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन, बुरहानपुर सहित प्रदेश के कई शहरों में लोगों ने स्वप्रेरणा और सामुदायिक सहभागीता से अतिक्रमण हटाकर विकास गतिविधियों के क्रियान्वयन को सुगम बनाया है। ऐसे उदाहरणों को अन्य शहरों के लोगों से भी साझा किया जाए, इससे विकास गतिविधियों के संचालन के लिए सकारात्मक वातावरण बनाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छत्तीसगढ़ के बस्तर ओलम्पिक के समान प्रदेश में भी जनजातीय संस्कृति और परम्परा के अनुरूप सामाजिक सांस्कृतिक गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए। कॉन्फ्रेंस में आतंकवाद विरोधी दस्ते, कानून व्यवस्था, वामपंथी उग्रवाद, पुलिस आधुनिकीकरण, महिला सुरक्षा, सिंहस्थ 2028, साइबर सुरक्षा, पुलिस में तकनीक और आर्टीफिशियल उपयोग तथा फौरेंसिक गतिविधियों पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रस्तुतिकरण दिए गए … Read more

PM मोदी का बड़ा बयान: मस्कट से कहा, भारत की नीतियों के साथ बदला आर्थिक डीएनए

  मस्कट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ओमान दौरे का आज दूसरा दिन है। आज पीएम मोदी की मौजूदगी में भारत-ओमान के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। इसे लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस समझौते से 21वीं सदी में भारत-ओमान की साझेदारी में नया विश्वास और उत्साह का संचार होगा। भारत-ओमान बिजनेस फोरम को पीएम मोदी ने किया संबोधित पीएम मोदी ने भारत-ओमान बिजनेस फोरम के कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में कहा, भारत-ओमान साझेदारी को ये सम्मेलन नई दिशा, नई गति देगा और दोनों देशों के संबंध नई बुलंदियों पर पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा, सभ्यता के आरंभ से ही हमारे पूर्वज एक दूसरे के साथ समुद्र के जरिए व्यापार करते रहे हैं। मांडवी और मस्कट के बीच अरब सागर एक मजबूत पुल बना। इस पुल ने हमारे रिश्तों को मजबूत किया और संस्कृति और अर्थव्यवस्था को ताकत दी। आज हम कह सकते हैं कि समुद्र की लहरें बदलती हैं, मौसम बदलते हैं, लेकिन भारत और ओमान की दोस्ती हर मौसम में मजबूत होती है। 'दोनों देशों के व्यापार को नई गति मिलेगी' प्रधानमंत्री ने कहा हमारा रिश्ता विश्वास की नींव पर बना है और समय के साथ गहराता चला गया है। हमारे कूटनीतिक संबंधों को 70 साल हो गए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, 'आज हम ऐतिहासिक फैसला ले रहे हैं, जिसकी गूंज आने वाले कई दशकों तक सुनाई देगी। व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता 21वीं सदी में हमारी साझेदारी को नया विश्वास और नई ऊर्जा देगा। इससे व्यापार को नई गति मिलेगी और निवेश का भरोसा बनेगा।' पीएम मोदी ने कहा बीते 11 वर्षों में भारत ने न सिर्फ नीतियां ही नहीं बदली हैं बल्कि भारत ने अपना आर्थिक डीएन ही बदल दिया है। जीएसटी ने भारत को एकीकृत बाजार में बदल दिया है और दिवालिया संहिता से पारदर्शिता को बढ़ावा मिला है और निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा है। 'हम भारतीय विविधता का सम्मान करते हैं' पीएम मोदी ने ओमान की राजधानी मस्कट में भारतीय समुदाय को भी संबोधित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा, 'आज हम एक परिवार की तरह इकट्ठा हुए हैं। भारत में विविधता है, जो हमारी संस्कृति का मजबूत आधार है। हमारे लिए हर दिन एक नया रंग लेकर आता है, हर मौसम एक नया उत्सव बन जाता है, हर परंपरा एक नई सोच के साथ आती है। यही कारण है, हम भारतीय कहीं भी जाएं, कहीं भी रहें, हम विविधता का सम्मान करते हैं। हम वहां की संस्कृति, वहां के नियम कायदों के साथ घुल मिल जाते हैं। ओमान में आज मैं यही होते हुए देख रहा हूं।' 'दिवाली का दीया हमारे घर को ही नहीं, पूरी दुनिया को रोशन करेगा' पीएम मोदी ने कहा, 'भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को हाल ही में एक और अद्भुत सम्मान मिला है। यूनेस्को ने दिवाली को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल किया है। अब दिवाली का दीया हमारे घर को ही नहीं, पूरी दुनिया को रोशन करेगा। ये दुनियाभर में बसे प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। दिवाली की ये वैश्विक पहचान हमारी उस रोशनी की मान्यता है, जो आशा, सद्भाव और मानवता के संदेश को, उस प्रकाश को फैलाती है।' भारत-ओमान संबंधों की तारीफ की प्रधानमंत्री ने कहा, आज हम सब यहां भारत-ओमान 'मैत्री पर्व' भी मना रहे हैं। M मतलब Maritime Heritage (समुद्री विरासत), A का मतलब  Aspiration (आकांक्षा), I का मतलब Innovation (नवाचार), T का मतलब Trust and Technology (विश्वास और तकनीक), R का मतलब Respect (सम्मान) और I का मतलब Inclusive Growth (समावेशी विकास) है। ये मैत्री पर्व दोनों देशों की दोस्ती और हमारी साझा सांस्कृतिक और समृद्ध भविष्य का उत्सव है। भारत के तेज आर्थिक विकास का जिक्र किया पीएम मोदी ने कहा कि भारत और ओमान के रिश्ते व्यापार से शुरू हुए और आज शिक्षा इन्हें मजबूत बना रही है। पीएम मोदी ने कहा कि ओमान के भारतीय स्कूलों में 46 हजार छात्र पढ़ाई कर रहे हैं और इनमें ओमान में रहने वाले अन्य समुदाय के लोग भी हैं। इसके बाद पीएम मोदी ने भारत के तेज आर्थिक विकास का जिक्र किया और कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना हुआ है। पीएम मोदी ने उनकी सरकार के कार्यकाल में आईआईटी, आईआईएम और एम्स की संख्या में बढ़ोतरी का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने भारत के अंतरिक्ष मिशन की उपलब्धियों का भी जिक्र किया और कहा कि हम चांद के साथ दक्षिणी ध्रुव तक पहुंचने वाले पहले देश हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही भारत का अपना अंतरिक्ष स्टेशन होगा। इसके बाद पीएम मोदी ने भारत की कई अन्य उपलब्धियों का जिक्र किया। 

भाजपा ने अंशुल तिवारी को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

राजगढ़ जिले को पहली बार मिला प्रदेश स्तर पर प्रतिनिधित्व भोपाल/राजगढ़। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व ने संगठन में युवा नेतृत्व को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राजगढ़ जिले के युवा नेतृत्व श्री अंशुल तिवारी को भारतीय जनता पार्टी, मध्यप्रदेश का प्रदेश सह मीडिया प्रभारी नियुक्त किया है। यह नियुक्ति न केवल संगठन में युवाओं पर बढ़ते विश्वास को दर्शाती है, बल्कि राजगढ़ जिले को पहली बार प्रदेश स्तर पर प्रतिनिधित्व मिलने का गौरवपूर्ण क्षण भी है। अंशुल तिवारी की नियुक्ति से राजगढ़ सहित पूरे मध्यप्रदेश के युवा कार्यकर्ताओं में उत्साह और ऊर्जा का संचार हुआ है। संगठन का मानना है कि उनकी सक्रियता, वैचारिक स्पष्टता और मीडिया के क्षेत्र में मजबूत पकड़ पार्टी की संचार रणनीति को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। पूर्व में अंशुल तिवारी ने भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष के रूप में संगठन को जमीनी स्तर पर सशक्त किया। इसके पश्चात भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष रहते हुए उन्हें प्रदेश के कई जिलों का प्रभार सौंपा गया, जहां उन्होंने निरंतर प्रवास कर संगठनात्मक ढांचे को मजबूती प्रदान की। युवा नेतृत्व को और अधिक मजबूती देने के उद्देश्य से भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष पद के लिए भी उनके नाम को प्रमुखता से रखा गया था। संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों का मानना है कि अंशुल तिवारी में संगठन संचालन की क्षमता, व्यापक प्रवास, तेज़ रणनीतिक दृष्टि और प्रभावशाली वक्तृत्व कला का दुर्लभ संयोजन है। मीडिया जगत में भी उनकी विश्वसनीयता और संवाद क्षमता विशेष रूप से सराही जाती रही है। प्रदेश सह मीडिया प्रभारी के रूप में अंशुल तिवारी अब पार्टी की रीति-नीति, सरकार की उपलब्धियों और संगठनात्मक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से प्रदेश के अंतिम पंक्ति तक पहुंचाने की महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। साथ ही, प्रदेश की मीडिया रणनीति को और अधिक धारदार, समन्वित और परिणामोन्मुख बनाने में उनकी भूमिका निर्णायक मानी जा रही है। पार्टी नेतृत्व को पूर्ण विश्वास है कि अंशुल तिवारी इस नई जिम्मेदारी का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ करते हुए भारतीय जनता पार्टी की मीडिया एवं संचार व्यवस्था को नई उपलब्धियों तक पहुंचाएंगे।

बांदा में वृहद रोजगार मेले का हुआ आयोजन, सैकड़ो बेरोजगार अभ्यर्थियों का हुआ चयन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के मिशन रोजगार के तहत क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय ने किया रोजगार मेले का आयोजन प्रदेश और देश की कई कंपनियों मेले में लिया प्रतिभाग सैकड़ो पदों के लिए कंपनियों ने लिया अभ्यर्थियों का साक्षात्कार  बांदा  उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार के मिशन रोजगार के तहत गुरुवार को बांदा में सेवा नियोजन निदेशालय उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय द्वारा राजकीय इंटर कॉलेज मटौंध में एक दिवसीय बृहद रोजगार मेले का आयोजन किया गया। जिसमें लगभग 350 बेरोजगार अभ्यर्थियों ने प्रतिभाग किया और यहां पर आई कई कंपनियों ने उनका साक्षात्कार लिया। जिसमें कुल 193 बेरोजगार अभ्यर्थियों का चयन किया गया। और सरकार के मिशन रोजगार के तहत इन सभी अभ्यर्थियों को अलग-अलग कंपनियों में नौकरी मिली। 5 कंपनियों ने 350 अभ्यर्थियों में 193 अभ्यर्थियों का किया चयन उक्त रोजगार मेले में 5 कंपनियों ने अभ्यर्थियों का चयन किया। जिसमें आमधन-ई प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने 12 अभ्यर्थियों का चयन किया, वहीं रिलायंस निप्पोन लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने 37 अभ्यर्थियों का, एजुवेंटेड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने 16, सारा सिक्योरिटी सॉल्यूशन ने 128 व जीवितम कंपनी ने 23 अभ्यर्थियों का चयन किया। और कुल 193 बेरोजगार अभ्यर्थियों को इस रोजगार मेले में नौकरी मिली। बृहद रोजगार मेले का उद्घाटन जिला विद्यालय निरीक्षक बांदा दिनेश कुमार द्वारा किया गया एवं इस अवसर पर सहायक निदेशक सेवायोजन अहमद अंसारी, जिला सेवायोजन अधिकारी मोहित जायसवाल तथा राजकीय इंटर कॉलेज मटौंध की प्रधानाचार्य प्रियंका सिंह उपस्थित रहीं। इन लोगों के द्वारा चयनित हुए अभ्यर्थियों को बधाई दी गई और कहा कि सभी अभ्यर्थी अब अपने दायित्वों का सही से निर्वहन करें। वही इन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के मिशन रोजगार के तहत इस मेले का आयोजन कराया गया था। जिसका उद्देश्य सिर्फ इतना है कि उत्तर प्रदेश के युवाओं को नौकरियां मिल सके।

परम् पूज्य बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती पर मानव सेवा का महाअभियान — रायपुर में 5 दिवसीय निःशुल्क मेगा हेल्थ कैम्प प्रारंभ

सेवा, समरसता और स्वास्थ्य का जीवंत संगम : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने परम् पूज्य बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर में मानव सेवा, सामाजिक समरसता और स्वास्थ्य जागरूकता के लिए आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर में 18 से 22 दिसंबर तक आयोजित 5 दिवसीय निःशुल्क मेगा हेल्थ कैम्प 2025 का भव्य शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए अमन, चैन और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि यह 5 दिवसीय निःशुल्क मेगा हेल्थ कैम्प हजारों लोगों के लिए स्वास्थ्य संजीवनी सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपने गठन के रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है और इन 25 वर्षों में स्वास्थ्य सहित सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ सुनिश्चित कर रही है। वहीं राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत गंभीर बीमारियों के उपचार हेतु ₹25 लाख तक की सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि “हेल्थ इज वेल्थ” केवल एक नारा नहीं, बल्कि जीवन को बचाने और संवारने का संकल्प है। मुख्यमंत्री ने विधायक श्री राजेश मूणत एवं उनकी पूरी टीम को इस विशाल आयोजन के लिए बधाई दी और कैम्प परिसर में विभिन्न जांच स्टालों का अवलोकन भी किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इस अवसर पर कहा कि यह आयोजन मात्र एक स्वास्थ्य शिविर नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय करुणा की सशक्त अभिव्यक्ति है। बाबा गुरु घासीदास जी के “सत्य, अहिंसा और समानता” के संदेश से प्रेरित यह महाअभियान समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने का अनुकरणीय प्रयास है। उन्होंने बताया कि 100 से अधिक विशेषज्ञ चिकित्सकों की सहभागिता से यह कैम्प केवल प्राथमिक जांच तक सीमित नहीं, बल्कि अंतिम निदान एवं उपचार तक का समग्र समाधान प्रदान कर रहा है। डॉ. सिंह ने आयोजन की सुव्यवस्थित व्यवस्था और व्यापक प्रभाव की सराहना की। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती पर आयोजित यह स्वास्थ्य महाकुम्भ समाज के हर वर्ग के लिए अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सहित पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग इस कैम्प में स्वास्थ्य लाभ लेने पहुँचे हैं। जिन रोगियों का उपचार कैम्प में संभव नहीं होगा, उन्हें आयुष्मान कार्ड के माध्यम से संबद्ध संस्थानों में निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के निरंतर विस्तार की प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम के आयोजक एवं विधायक राजेश मूणत ने बताया कि बाबा गुरु घासीदास जी के अमर संदेश “मनखे-मनखे एक समान” से प्रेरित होकर इस मेगा हेल्थ कैम्प का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि एक ही छत के नीचे स्वास्थ्य की सभी प्रमुख विधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं, जहाँ एक्स-रे, ईको, सोनोग्राफी सहित विविध जांचें एवं आवश्यक दवाइयाँ पूर्णतः निःशुल्क दी जा रही हैं। महिलाओं के लिए ब्रेस्ट कैंसर जांच हेतु अत्याधुनिक मशीनों की विशेष व्यवस्था की गई है। एम्स रायपुर, बालाजी, रावतपुरा, गंगा डायग्नोसिस सहित अनेक प्रतिष्ठित संस्थान और देशभर से आए विशेषज्ञ चिकित्सक इस सेवा कार्य में सहभागिता निभा रहे हैं। कार्यक्रम को विधायक किरण सिंह देव ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा,  डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, महापौर मीनल चौबे, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष रूप नारायण सिन्हा, एम्स रायपुर के निदेशक डॉ. अशोक जिंदल, वरिष्ठ चिकित्सकगण, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

उत्तराखंड में दर्दनाक हादसा: कैंची धाम जा रही श्रद्धालुओं की स्कॉर्पियो खाई में पलटी, तीन की मौत

भवाली पीलीभीत से कैंची धाम दर्शन के लिए जा रही सैलानियों से भरी स्कॉर्पियो भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग में निगलाट के करीब अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। हादसे में तीन सैलानियों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हो गए। घायलों को पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू कर खाई से निकालकर भवाली सीएचसी ले जाया गया। कोतवाल प्रकाश सिंह मेहरा ने बताया कि हादसे में ऋषि पटेल (7) पुत्र राहुल पटेल निवासी बरेली एयरपोर्ट एयरफोर्स पीलीभीत रोड, इज्जतनगर, स्वाति (20) पुत्री भूपराम, अक्षय (20) पुत्र चंदन सिंह पटेल, ज्योति (25) पत्नी करन निवासी, करन (25) पुत्र जितेंद्र, राहुल पटेल (35) पुत्र भूपराम, गंगा देवी (56) पत्नी भूपराम, बृजेश कुमारी (26) पुत्री राहुल पटेल और नैंसी गंगवार (24) पुत्री जयपाल सिंह को अस्पताल पहुंचाया गया। सीएचसी के डॉक्टर रमेश कुमार ने बताया कि अस्पताल आने तक गंगा देवी, नैंसी गंगवार और बृजेश कुमारी ने दम तोड़ दिया। साथ ही पांचों घायलों को हल्द्वानी हायर सेंटर रेफर किया। 

कड़ाके की सर्दी का अलर्ट: चार दिन में 1–3 डिग्री लुढ़केगा पारा, सतर्क रहें

रायपुर  छत्तीसगढ़ के उत्तर और मध्य संभागों में ठंड और कोहरे का दौर जारी है. इसी बीच मौसम विभाग ने आगामी दिनों में प्रदेश में हाड़ कंपा देने वाली ठंड पड़ने की चेतावनी जारी की है. अगले 3 से 4 दिनों में प्रदेश के तापमान में 1 से 3 डिग्री तक गिरावट होने की संभावना है. इसके साथ ही सरगुजा, बिलासपुर, दुर्ग और रायपुर संभागों में शीतलहर चलने की भी आशंका जताई है. बता दें, गुरुवार सुबह राजधानी रायपुर, रायगढ़, अंबिकापुर, सरगुजा, मैनपाट और GPM समेत कई स्थानों में सुबह कोहरा छाया रहा. प्रदेश में दिन का सबसे अधिक तापमान राजनांदगांव में 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं रात का सबसे कम तापमान अंबिकापुर में 6.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश में फिलहाल कोई विशेष मौसमी प्रणाली (सिनोप्टिक सिस्टम) सक्रिय नहीं है, जिससे मौसम शुष्क बना रहेगा. राजधानी में आज का मौसम रायपुर शहर में आज को कोहरा छाए रहने की संभावना है. साथ ही अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री रहने की संभावना जताई गई है. वहीं शीतलहर के असर को देखते हुए रायपुर मेयर मीनल चौबे और कमिश्नर विश्वदीप ने सभी जोन कमिश्नरों और जोन स्वास्थ्य अधिकारियों को रात के समय फील्ड में मौजूद रहकर अलाव व्यवस्था की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो. रायपुर नगर निगम ने आम नागरिकों को राहत पहुंचाने के लिए शहर के 12 अलग-अलग स्थानों पर अलाव की व्यवस्था शुरू कर दी है. इससे बेघर लोगों, राहगीरों और जरूरतमंदों को कड़ाके की ठंड से राहत मिल सकेगी. ऐसा रहा बीते दिन प्रमुख शहरों का तापमान शहर अधिकतम तापमान (∘C) न्यूनतम तापमान (∘C) दुर्ग 30.8 09.2 माना एयरपोर्ट 29.5 09.6 बिलासपुर 29.0 11.8 जगदलपुर 30.2 10.5 पेण्ड्रारोड 26.0 09.0

शानदार नज़ारे, कमजोर कहानी – अवतार: फायर एंड ऐश क्यों बन गई लंबी और थकाऊ फिल्म

लॉस एंजिल्स 'अवतार: फायर एंड ऐश' जेम्स कैमरून की अवतार सीरीज तीसरी फिल्म है, इससे पहले 'अवतार' (2009) और 'अवतार: द वे ऑफ वॉटर' (2022) को ऑडियंस का अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। इस फिल्म को लेकर लोगों में काफी उम्मीदें थीं, क्योंकि अवतार का नाम आते ही बड़ी फिल्म, नई दुनिया और शानदार तकनीक का खयाल आता है। फिल्म का स्केल बहुत बड़ा है और यह देखने में भी काफी महंगी और भव्य लगती है। लेकिन पूरी फिल्म देखने के बाद ऐसा लगता है कि तकनीक और विजुअल्स के अलावा बाकी चीजों पर उतना ध्यान नहीं दिया गया। फिल्म की कहानी एक बार फिर इंसानों और पैंडोरा की दुनिया के बीच टकराव पर आधारित है। इस बार कहानी फायर एंड ऐश इलाके में जाती है, जहां आग, राख और ज्वालामुखी से जुड़ा माहौल दिखाया गया है। शुरुआत में यह जगह नई और अलग लगती है और ऑडियंस को थोड़ा उत्सुक भी करती है। लेकिन जैसे-जैसे फिल्म आगे बढ़ती है, कहानी वही जाना-पहचाना रास्ता पकड़ लेती है। कई जगह ऐसा लगता है कि कहानी में कोई बड़ा मोड़ आने वाला है, लेकिन ज्यादातर घटनाएं पहले से ही समझ में आने लगती हैं। इसी वजह से फिल्म का रोमांच धीरे-धीरे कम होता जाता है। कहानी में नयापन बिल्कुल महसूस नहीं होता है और कई बार लगता है कि वही पुरानी बातों को थोड़ा बदलकर दिखाया जा रहा है। स्क्रीनप्ले और प्लॉट फिल्म का स्क्रीनप्ले काफी फैला हुआ है। कई सीन ऐसे हैं जिनसे कहानी में कोई खास फर्क नहीं पड़ता। कुछ जगह फिल्म बहुत धीमी लगती है …कुछ जगह अचानक तेज हो जाती है। अगर फिल्म को छोटा किया जाता और गैर-जरूरी सीन हटा दिए जाते, तो शायद कहानी अच्छी बन सकती थी। प्लॉट में कुछ नया आइडिया नहीं था। कई जरूरी सीन जल्दी खत्म हो जाते हैं, जबकि कुछ कम जरूरी सीन काफी देर तक चलते रहते हैं। इससे फिल्म की पकड़ ढीली पड़ जाती है। जेक सुली का किरदार निभाने वाले अभिनेता सैम वर्थिंगटन के एक्सप्रेशन इस फिल्म में ज्यादा बदलते हुए नहीं दिखते। उनके किरदार का व्यवहार और उसके लिए गए फैसले पहले जैसे ही हैं। ऑडियंस को यह महसूस नहीं होता कि उनका किरदार किसी नई सिचुएशन से गुजर रहा है या कुछ नया सीख रहा है। ऐसे में उनका अभिनय पिछली दो फिल्मों जैसा ही रहा। नेयतिरी के रोल को भी इस पार्ट में सीमित ही रखा गया है। वह ज्यादातर गुस्से या दुख की स्थिति में ही दिखाई देती है। यह किरदार अभिनेत्री जोई सलडाना ने निभाया और उनका काम भी पहले जैसा ही है। वहीं इस पार्ट में एंट्री की है ओना चैपलिन ने, जिन्हाेंने फिल्म की मुख्य विलन वारंग का किरदार निभाया है। उनका काम ठीक-ठाक है। नए किरदार फिल्म में आते तो हैं, लेकिन उनमें भी ऐसी कोई खास बात नहीं कि ऑडियंस उनसे जुड़ सके। तकनीक और विजुअल्स फिल्म का सबसे मजबूत हिस्सा इसकी तकनीक है। जेम्स कैमरून ने इस बार भी टेक्नोलॉजी के मामले में कोई कमी नहीं छोड़ी है। CGI बहुत साफ और डिटेल में है। पैंडोरा की दुनिया, खासकर फायर एंड ऐश वाला इलाका, देखने में अलग और प्रभावशाली लगता है। आग, राख, ज्वालामुखी और टूटे-फूटे इलाकों को जिस तरह दिखाया गया है…. वह बड़े पर्दे पर अच्छा असर डालता है। कई सीन ऐसे हैं जहां सिर्फ विजुअल्स देखने में ही मजा आता है। कैरेक्टर और उनके आसपास का माहौल अच्छी तरह से ब्लेंड होता है, जिससे सब कुछ रियल-सा लगता है। सिनेमैटोग्राफी भी मजबूत है। कैमरा मूवमेंट स्मूथ है और एक्शन सीन साफ दिखते हैं। हर फ्रेम में डिटेल पर ध्यान दिया गया है, जिससे फिल्म विजुअली रिच लगती है। 3D और बड़े स्क्रीन पर फिल्म देखने का अनुभव और भी बेहतर हो जाता है। हालांकि, एक बात यहां खटकती है। कई बार ऐसा लगता है कि तकनीक को कहानी से ज्यादा महत्व दिया गया है। कुछ सीन सिर्फ इसलिए लंबे लगते हैं ताकि विजुअल्स दिखाए जा सकें। कुल मिलाकर, तकनीकी स्तर पर फिल्म काफी मजबूत फिल्म है। CGI, विजुअल्स और कैमरा वर्क इसे देखने लायक बनाते हैं, भले ही कहानी उस स्तर तक न पहुंच पाए। कमियां फिल्म की लंबाई एक बड़ी समस्या है। यह जरूरत से ज्यादा लंबी लगती है। एक्शन सीन बार-बार आते हैं और कुछ समय बाद एक जैसे लगने लगते हैं। इससे फिल्म बीच-बीच में थकाने वाली महसूस होती है। फिल्म पर्यावरण बचाने का मैसेज देती है, जो सही बात है। लेकिन इसे बहुत लंबे तरीके से दिखाया गया है। पिछली फिल्मों से तुलना पहली अवतार ने ऑडियंस को पैंडोरा की नई दुनिया से जोड़ा था और द वे ऑफ वॉटर ने उस दुनिया में इमोशंस और परिवार के पहलू को आगे बढ़ाया था। फायर एंड ऐश में वह ताजगी और इमोशनल जुड़ाव कम महसूस होता है। जहां पिछली फिल्मों में कहानी और दुनिया एक-दूसरे को सहारा देती थीं… वहीं यहां ज्यादातर बोझ विजुअल्स पर डाल दिया गया है। देखे या नहीं? अवतार: फायर एंड ऐश देखने में भले ही शानदार हो, लेकिन कंटेंट के मामले में यह औसत फिल्म लगती है। जो लोग सिर्फ बड़े विजुअल्स और तकनीक देखने जाते हैं, उन्हें यह फिल्म ठीक लग सकती है। लेकिन जो लोग नई और मजबूत कहानी, अच्छे किरदार और इमोशंस की उम्मीद करते हैं, उनके लिए यह फिल्म थोड़ी निराशाजनक हो सकती है।  

भारत के गणतंत्र दिवस पर यूरोप की बड़ी मौजूदगी, चीफ गेस्ट और FTA पर अहम बातचीत

 नई दिल्ली गणतंत्र दिवस 2026 भारत के लिए हर मायनों में ख़ास होने जा रहा है. चाहे कूटनीति हो या विश्व स्तर पर आर्थिक रिश्तों के लिहाज़ से. इस बार गणतंत्र दिवस 2026 में चीफ गेस्ट के तौर पर यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व को आमंत्रित किया गया है. यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा समारोह में शामिल होंगे.  माना जा रहा है कि जब ये दो शीर्ष नेता भारत आएंगे तो भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते और शिखर सम्मेलन भी आयोजित होने की संभावना जताई जा रही है, जहां दोनों पक्षों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर ज़रूर चर्चाएं और संभावित समझौते पर फोकस रहेगा.  दोनों नेताओं का नई दिल्ली दौरा भारत और EU के बीच सबसे हाई लेवल पर एक नए रणनीतिक और आर्थिक तालमेल का संकेत देती हैं। गणतंत्र दिवस पर EU के टॉप नेताओं को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाना एक मजबूत प्रतीकात्मक महत्व रखता है। इसके साथ अपने राजनयिक और आर्थिक संबंधों को गहरा करने के नई दिल्ली के इरादे को दिखाता है। उर्सुला वॉन डेर लेयेन और एंटोनियो कोस्टा ऐसे समय दिल्ली आ रहे हैं जब भारत-EU संबंधों में तेजी आई है। खासकर फरवरी 2025 में EU कमिश्नरों की भारत यात्रा के बाद दोनों काफी करीब आए हैं। यह दौरा व्यापार, रक्षा, टेक्नोलॉजी और लोगों के बीच आदान-प्रदान में सहयोग बढ़ाने का रास्ता तैयार करेगा। भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) ने 8 दिसंबर को नई दिल्ली में लंबे समय से अटके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत फिर से शुरू की थी। इसमें दोनों पक्षों का लक्ष्य इस साल के आखिर तक दशक भर पुरानी बातचीत को खत्म करना है। यह बैठक एक अहम समय पर हो रही है, क्योंकि भारत और EU इस महत्वाकांक्षी समझौते में बची हुई कमियों को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, बातचीत में सामान और सेवाओं के व्यापार, निवेश नियमों, सरकारी खरीद और रेगुलेटरी स्टैंडर्ड, से जुड़े बाकी मुद्दों को सुलझाने पर ध्यान केंद्रित होने की उम्मीद है। इसमें सैनिटरी और टेक्निकल जरूरतें शामिल हैं। कुछ मुख्य मुद्दे अभी भी बने हुए हैं, जिनमें EU का प्रस्तावित कार्बन टैक्स, ऑटोमोबाइल और स्टील के लिए मार्केट एक्सेस, मूल नियम और सेवाओं में रुकावटें शामिल हैं। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। जबकि EU पक्ष का नेतृत्व यूरोपियन कमीशन में ट्रेड के डायरेक्टर-जनरल सबाइन वेयांड कर रही हैं। भारत ने EU के कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) पर भी चिंता जताई है, जो 1 जनवरी से लागू होगा। यह स्टील, एल्यूमीनियम और अन्य कार्बन-इंटेंसिव सामानों के निर्यात पर उनके कार्बन फुटप्रिंट से जुड़े अतिरिक्त टैक्स लगाकर असर डाल सकता है। भारत और यूरोपीय संघ लंबे समय से एफटीए को लेकर चर्चा कर रही है. बिज़नेस, इन्वेस्टमेंट, टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन जैसे विषयों पर यह समझौता दोनों पक्षों के लिए स्ट्रैटेजिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है. अब गणतंत्र दिवस पर यूरोपियन यूनियन के दो शीर्ष नेताओं की मौजूदगी साफ़ इस बात की संकेत दे रही है कि यूरोपियन यूनियन भारत के साथ रिश्तों को महज़ कूटनीतिक लेवल पर नहीं, बल्कि आर्थिक साझेदारी के नए लेवल पर ले जाना चाहते हैं. यूरोपीय संघ-भारत व्यापार वार्ता और गणतंत्र दिवस समारोह 2026 का एक ही समय के आसपास होने की वजह से यह घटनाक्रम बेहद महत्वपूर्ण बन जाता है. राजनियक हलकों का मानना है कि भारत आर्थिक शक्तियों के साथ आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को प्रायोरिटी दे रहा है. यह भारत की बैलेंस्ड और मल्टीलेटरल विदेश नीति का हिस्सा माना जा रहा है. इस साल यानि 2025 में भारत ने गणतंत्र दिवस में चीफ गेस्ट के तौर पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो शामिल हुए थे. राष्ट्रपति पद संभालने के बाद प्रबोवो की यह भारत की पहली यात्रा थी. 1950 के बाद यह चौथा मौका रहा जब इंडोनेशिया के राष्ट्रपति भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में चीफ गेस्ट के तौर पर शामिल हुए.  

उत्तर प्रदेश में हर माह सिलिकॉन वेफर्स की प्रोसेसिंग से बड़े पैमाने पर चिप उत्पादन संभव

20 हजार वेफर्स क्षमता वाली ओसैट यूनिट से उत्तर प्रदेश बनेगा सेमीकंडक्टर हब उत्तर प्रदेश में हर माह सिलिकॉन वेफर्स की प्रोसेसिंग से बड़े पैमाने पर चिप उत्पादन संभव उत्तर प्रदेश में डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स से मोबाइल, ऑटो और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को मिलेगा सपोर्ट ग्राउंड ब्रेकिंग सेरिमनी के बाद परियोजना पर तेजी से शुरू होगा काम लखनऊ  भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को उत्तर प्रदेश में एक नई गति और दिशा मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जिस आत्मनिर्भर और तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था का विजन लेकर आगे बढ़ रही है उसकी मजबूत झलक एचसीएल और फॉक्सकॉन की संयुक्त ओसैट यूनिट के रूप में धरातल पर आने वाली है। सबसे प्रमुख विशेषता इसकी 20,000 वेफर्स प्रति माह की उत्पादन क्षमता है। यही क्षमता इस परियोजना को राष्ट्रीय स्तर पर रणनीतिक महत्व प्रदान करती है, और भारत की सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता की दिशा में इसे एक बड़ा कदम बनाती है। अधिकारियों का कहना है कि जनवरी के मध्य में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरिमनी संभावित है, उसके बाद परियोजना पर तेजी से काम होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार यह कहते रहे हैं कि उत्तर प्रदेश को निवेश के लिए सबसे भरोसेमंद राज्य बनाना सरकार की प्राथमिकता है। बेहतर कानून-व्यवस्था मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश अनुकूल नीतियों का परिणाम है कि एचसीएल और फॉक्सकॉन जैसी वैश्विक कंपनियां राज्य में निवेश के लिए आगे आई हैं। इस साझेदारी से न केवल तकनीकी विशेषज्ञता आएगी बल्कि सेमीकंडक्टर स्किल डेवलपमेंट को भी बढ़ावा मिलेगा। यह परियोजना केवल एक औद्योगिक निवेश नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश को भविष्य की वैश्विक तकनीक से जोड़ने वाला रणनीतिक कदम है। एचसीएल ग्रुप की चेयरपर्सन रोशनी नादर मल्होत्रा का कहना है कि केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में जेवर एयरपोर्ट के पास यह इकाई स्थापित की जाएगी। करीब 3706 करोड़ रुपये के निवेश से बनने वाली यह यूनिट उत्तर प्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग सुविधा होगी। इसमें हर माह 20,000 सिलिकॉन वेफर्स की प्रोसेसिंग की जाएगी जिनसे बड़े पैमाने पर सेमीकंडक्टर चिप्स तैयार होंगी। सेमीकंडक्टर उद्योग में वेफर को चिप निर्माण की आधारशिला माना जाता है। एक वेफर से चिप के आकार और तकनीक के अनुसार सैकड़ों से लेकर हजारों माइक्रोचिप्स तैयार की जाती है। ऐसे में 20,000 वेफर्स की मासिक क्षमता का अर्थ है कि यह यूनिट हर महीने लाखों से लेकर करोड़ों चिप्स के निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं को अंजाम दे सकेगी। यह उत्पादन क्षमता भारत में डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स की बढ़ती घरेलू मांग को पूरा करने में निर्णायक साबित होगी। इस संयंत्र में मुख्य रूप से डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स का निर्माण किया जाएगा जिनका उपयोग मोबाइल फोन, लैपटॉप, पर्सनल कंप्यूटर, ऑटोमोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में होता है। वर्तमान में भारत इन चिप्स के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है। 20 हजार  वेफर्स की नियमित प्रोसेसिंग से घरेलू आपूर्ति श्रृंखला को भी मजबूती मिलेगी और आयात निर्भरता में भारी कमी आने की पूरी संभावना है। एचसीएल ग्रुप और फॉक्सकॉन की यह साझेदारी तकनीकी क्षमता और वैश्विक अनुभव का संगम मानी जा रही है। इससे सेमीकंडक्टर स्किल डेवलपमेंट पर भी फोकस किया जायेगा, जिससे की 20 हजार वेफर्स की इस उच्च क्षमता को संचालित करने के लिए कुशल मानव संसाधन को तैयार किया जा सके। सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विशेषज्ञों के अनुसार 20 हजार वेफर्स प्रति माह की यह क्षमता उत्तर प्रदेश को सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में मजबूत स्थान दिलाने के साथ भारत को वैश्विक चिप मैन्युफैक्चरिंग मानचित्र पर एक कदम आगे ले जाएगी।