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जोधपुर में तैनात होंगे AH-64E अपाचे, भारतीय सेना को मिली घातक शक्ति

जोधपुर भारत और अमेरिका के बीच तेजी से मजबूत होती मेजर डिफेंस पार्टनरशिप को एक और ठोस रूप देते हुए भारतीय सेना के लिए बोइंग निर्मित AH-64E अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर भारत पहुंच चुके हैं। इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम की जानकारी भारत स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपने आधिकारिक बयान में दी, जिसमें कहा गया कि यह डिलीवरी अमेरिकी राष्ट्रपति (POTUS) और भारत के प्रधानमंत्री (PMO India) के संयुक्त वक्तव्य में की गई प्रतिबद्धताओं को पूरा करती है। भारतीय सेना के सूत्रों के अनुसार, इन अत्याधुनिक अटैक हेलिकॉप्टरों का तकनीकी निरीक्षण, स्वीकृति परीक्षण और अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद आने वाले कुछ दिनों में जोधपुर में तैनाती की जाएगी। अमेरिकी दूतावास का बयान: रणनीतिक भरोसे का संकेत अमेरिकी दूतावास ने अपने संदेश में स्पष्ट रूप से कहा कि अपाचे हेलिकॉप्टरों का आगमन अमेरिका–भारत रक्षा साझेदारी की विश्वसनीयता और मजबूती को दर्शाता है। दूतावास के अनुसार, यह उपलब्धि अमेरिकी रक्षा सचिव और भारत के रक्षा मंत्रालय के बीच हुए समझौतों को भी पूरा करती है। बयान में यह भी रेखांकित किया गया कि यह सहयोग केवल हथियार आपूर्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें को-प्रोडक्शन, प्रशिक्षण, रखरखाव और उन्नत तकनीकी सहयोग जैसे महत्वपूर्ण आयाम भी शामिल हैं, जो दोनों देशों की क्षेत्रीय सुरक्षा की साझा दृष्टि को मजबूत करते हैं। AH-64E अपाचे: भारतीय सेना के लिए निर्णायक युद्ध शक्ति AH-64E अपाचे गार्जियन दुनिया के सबसे घातक और उन्नत अटैक हेलिकॉप्टरों में गिना जाता है। यह हेलिकॉप्टर एंटी-आर्मर ऑपरेशन, क्लोज एयर सपोर्ट, सटीक स्ट्राइक और आधुनिक नेटवर्क-सेंट्रिक युद्ध के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है। अपाचे में अत्याधुनिक सेंसर, लॉन्गबो फायर-कंट्रोल रडार, हेलफायर मिसाइलें और भारी हथियार प्रणाली लगी होती है, जो इसे हर मौसम और हर भूभाग में प्रभावी बनाती हैं। रेगिस्तानी और उच्च तापमान वाले क्षेत्रों में इसकी सिद्ध क्षमता इसे भारत के पश्चिमी मोर्चे के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाती है। सेना विमानन कोर को मिली नई धार अपाचे हेलिकॉप्टरों की तैनाती भारतीय सेना के आर्मी एविएशन कॉर्प्स के लिए एक रणनीतिक बदलाव का संकेत है। पहली बार भारतीय सेना के पास अपने नियंत्रण में पूरी तरह समर्पित अटैक हेलिकॉप्टर होंगे, जिससे ज़मीनी सैनिकों के साथ समन्वय और युद्धक्षेत्र में प्रतिक्रिया क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी। यह कदम भारतीय सेना की संयुक्त युद्धक क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला माना जा रहा है। और ये भी पढ़े जोधपुर में तैनाती: पश्चिमी मोर्चे पर निर्णायक बढ़त अपाचे हेलिकॉप्टरों की प्रस्तावित तैनाती जोधपुर में की जा रही है, जो भारत के पश्चिमी सेक्टर का एक प्रमुख सैन्य केंद्र है। यह क्षेत्र रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है और यहां से त्वरित प्रतिक्रिया अभियानों की आवश्यकता रहती है। अपाचे की रेगिस्तानी इलाकों में उत्कृष्ट प्रदर्शन क्षमता इसे इस क्षेत्र के लिए आदर्श बनाती है, जिससे भारतीय सेना की डिटरेंस और ऑफेंसिव क्षमता को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। परिपक्व होती भारत–अमेरिका रक्षा साझेदारी का प्रतीक अपाचे हेलिकॉप्टरों की यह डिलीवरी केवल एक रक्षा सौदा नहीं, बल्कि भारत–अमेरिका संबंधों में बढ़ते रणनीतिक विश्वास का प्रतीक है। पिछले वर्षों में भारत ने अमेरिका से कई उन्नत सैन्य प्लेटफॉर्म प्राप्त किए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग लगातार गहरा हुआ है। इस सहयोग ने पारंपरिक खरीदार-विक्रेता संबंधों से आगे बढ़कर रणनीतिक साझेदारी का स्वरूप ले लिया है। प्रशिक्षण, रखरखाव और दीर्घकालिक सहयोग अपाचे कार्यक्रम के अंतर्गत भारतीय सेना के पायलटों और तकनीकी कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इसके साथ ही लॉजिस्टिक सपोर्ट, स्पेयर पार्ट्स और मेंटेनेंस फ्रेमवर्क भी स्थापित किया गया है, जिससे प्लेटफॉर्म की दीर्घकालिक परिचालन क्षमता सुनिश्चित हो सके। यह सहयोग भारतीय सेना की तकनीकी आत्मनिर्भरता और परिचालन दक्षता को भी मजबूती प्रदान करता है। क्षेत्रीय सुरक्षा पर प्रभाव अपाचे हेलिकॉप्टरों का आगमन ऐसे समय हुआ है जब क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। इन हेलिकॉप्टरों से भारतीय सेना की त्वरित प्रतिक्रिया और सटीक प्रहार क्षमता को मजबूती मिलेगी, जो स्थिरता और शांति बनाए रखने में सहायक होगी। निरीक्षण और औपचारिक प्रक्रियाओं के पूरा होते ही अपाचे हेलिकॉप्टर जल्द ही पूरी तरह ऑपरेशनल हो जाएंगे। यह न केवल भारतीय सेना की युद्धक क्षमता में वृद्धि करेगा, बल्कि भारत–अमेरिका रक्षा साझेदारी के भविष्य की दिशा भी स्पष्ट करता है।  

अगले तीन वर्षों में बदलेगा मध्यप्रदेश का सड़क मानचित्र: लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह

अगले तीन वर्षों में बदलेगा मध्यप्रदेश का सड़क मानचित्र : लोक निर्माण मंत्री सिंह विभाग की पत्रकार वार्ता में आगामी तीन वर्षों की महत्वाकांक्षी विकासात्मक कार्ययोजना की दी गई जानकारी भोपाल लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह ने गुरुवार को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश की सड़क अवसंरचना की वर्तमान स्थिति तथा आगामी तीन वर्षों (2025–2028) की महत्वाकांक्षी विकासात्मक कार्ययोजना की जानकारी प्रस्तुत की।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश की सड़कें अब केवल आवागमन का साधन नहीं रहीं, बल्कि आर्थिक विकास, निवेश आकर्षण और नए अवसरों की सुदृढ़ आधारशिला के रूप में स्थापित हो रही हैं। मंत्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में अगले तीन वर्षों में 3,368 किलोमीटर लंबी छह प्रमुख एक्सप्रेस-वे एवं प्रगतिपथ परियोजनाओं का निर्माण किया जाएगा। इनमें नर्मदा प्रगतिपथ, विंध्य एक्सप्रेस-वे, मालवा–निमाड़ विकासपथ, अटल प्रगतिपथ, बुंदेलखंड विकासपथ और मध्य भारत विकासपथ शामिल हैं। इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत ₹36,483 करोड़ है और अधिकांश परियोजनाओं को जून 2028 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इनके पूरा होने से यात्रा समय में कमी, सड़क सुरक्षा में सुधार तथा औद्योगिक, कृषि और पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी। राष्ट्रीय राजमार्गों के क्षेत्र में हो रहे बड़े बदलावों की जानकारी देते हुए मंत्री सिंह ने बताया कि एनएचएआई द्वारा लगभग ₹28,000 करोड़ की लागत से 948 किलोमीटर नए राष्ट्रीय राजमार्ग विकसित किए जाएंगे। इससे प्रदेश की अंतर-राज्यीय कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स क्षमता और औद्योगिक निवेश को मजबूती मिलेगी। मंत्री सिंह ने 1,770 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे और मेगा कॉरिडोर परियोजनाओं को प्रदेश की आर्थिक धारा को गति देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि ग्वालियर–नागपुर, इंदौर–भोपाल, जबलपुर–भोपाल जैसे रणनीतिक कॉरिडोर प्रदेश के विकास को नई दिशा देंगे। इसी क्रम में उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जहाँ एनएचएआई के सहयोग से टाइगर कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना सड़क विकास और वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन का अनूठा उदाहरण बनेगी। टाइगर कॉरिडोर की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए मंत्री सिंह ने बताया कि यह देश का पहला राज्य-स्तरीय मल्टी-नेशनल पार्क टाइगर कॉरिडोर है, जिसका विकास एनएचएआई और पीडब्लूडी के समन्वय से किया जा रहा है। इसमें वन क्षेत्रों में अंडरपास, स्लो-ट्रैफिक ज़ोन और वाइल्डलाइफ-सेफ डिज़ाइन को अपनाया जाएगा, जिससे टाइगर मूवमेंट, पर्यटन और स्थानीय कनेक्टिविटी के बीच संतुलन सुनिश्चित होगा। साथ ही इससे इको-टूरिज़्म और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। सड़क विकास निगम की परियोजनाओं पर चर्चा करते हुए मंत्री सिंह ने बताया कि अगले तीन वर्षों में HAM मॉडल के अंतर्गत अनेक परियोजनाएँ प्रस्तावित हैं। इनमें अगले छह महीनों में ही 285 किलोमीटर लंबाई की पाँच प्रमुख परियोजनाएँ शामिल हैं, जिनकी कुल अनुमानित लागत ₹15,000 करोड़ है। ये परियोजनाएँ क्षेत्रीय लॉजिस्टिक्स, कृषि और व्यापार को नई गति प्रदान करेंगी। ग्रामीण कनेक्टिविटी को प्राथमिकता देते हुए मंत्री सिंह ने कहा कि आने वाले तीन वर्षों में 11,310 किलोमीटर लंबी 822 नई ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया जाएगा, ताकि प्रदेश का हर गाँव राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों से जुड़ सके। मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि सरकार का संकल्प गुणवत्तापूर्ण निर्माण, समयबद्धता और अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित है। लोक निर्माण विभाग की यह दूरदर्शी कार्ययोजना मध्यप्रदेश में गति, सुरक्षा और समृद्धि के नए युग की नींव रखेगी।  

योगी सरकार की सौगात 300 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा अमेठी का स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय

2026 में अमेठी को मिलेगा 550 बेड वाला आधुनिक मेडिकल कॉलेज, स्वास्थ्य सेवाओं में होगा बड़ा विस्तार योगी सरकार की सौगात 300 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा अमेठी का स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय अब महानगरों का सफर खत्म, अमेठी में ही मिलेगा गंभीर से गंभीर बीमारी का इलाज 31 जनवरी 2026 तक 300 बेड का अस्पताल व क्रिटिकल केयर ब्लॉक होंगे हैंडओवर एमबीबीएस से लेकर डीएनबी तक, अमेठी मेडिकल कॉलेज बनेगा चिकित्सा शिक्षा का नया केंद्र नए साल में नर्सिंग कॉलेज समेत चिकित्सा सुविधाओं का होगा व्यापक विस्तार योगी सरकार की पहल से अमेठी बना उन्नत स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा का हब अमेठी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही है। अमेठी की तिलोई तहसील में स्थित स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा इस महाविद्यालय का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। वर्तमान में महाविद्यालय से संबद्ध 200 बेड वाले अस्पताल में सेवाएं संचालित हैं, जबकि 31 जनवरी 2026 तक 300 बेड का नया अस्पताल और 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक हैंडओवर किया जाएगा। इससे कुल बेड की संख्या 550 हो जाएगी, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। साथ ही नर्सिंग कॉलेज का निर्माण भी इसी तिथि तक पूरा होने की उम्मीद है। योगी सरकार की यह पहल अमेठी सहित आसपास के जिलों के लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। क्षेत्रवासियों का लंबे समय से चला आ रहा मेडिकल कॉलेज का सपना अब साकार हो रहा है और 2026 तक यह संस्थान पूर्ण रूप से 500 प्लस बेड वाले आधुनिक चिकित्सा केंद्र के रूप में स्थापित हो जाएगा। शैक्षणिक सुविधाओं का तेजी से विस्तार राज्य स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियां भी तेजी से बढ़ रही हैं। एमबीबीएस कोर्स में 100 सीटें स्वीकृत हैं। पैरामेडिकल क्षेत्र में 11 डिप्लोमा कोर्स चलाए जा रहे हैं, जिनमें कुल 230 सीटें हैं। इनमें एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर टेक्नीशियन, ब्लड ट्रांसफ्यूजन, इमरजेंसी एवं ट्रॉमा केयर, लैब टेक्नीशियन, ऑपरेशन थियेटर टेक्नीशियन, एक्स-रे टेक्नीशियन जैसे महत्वपूर्ण कोर्स शामिल हैं। कई विभागों को मिल सकती है डीएनबी की सीटें आगामी सत्र 2026-27 से बीएससी नर्सिंग कोर्स में 60 सीटें शुरू होने की तैयारी है। पोस्टग्रेजुएट स्तर पर डीएनबी कोर्स में प्रसूति एवं स्त्री रोग, बाल रोग, एनेस्थीसिया में डिप्लोमा और मेडिसिन में डिग्री कोर्स स्वीकृत हैं। कुछ अन्य कोर्सों का निरीक्षण पूरा हो चुका है और परिणाम का इंतजार है। जानिए, अस्पताल में क्या क्या मिल रहीं चिकित्सा सुविधाएं महाविद्यालय से जुड़े अस्पताल में ओपीडी और इनडोर सेवाएं नियमित चल रही हैं। मेडिसिन, सर्जरी, गायनेकोलॉजी, पीडियाट्रिक्स, ऑर्थोपेडिक्स, ईएनटी, डर्मेटोलॉजी समेत कई विभागों में रोजाना 1000 से ज्यादा मरीजों का इलाज हो रहा हैं।आपातकालीन सेवाएं वर्तमान में 10 बेड पर चल रही हैं, जो नए अस्पताल के शुरू होने पर 30 बेड तक बढ़ जाएंगी। अस्पताल में 7 मेजर और 5 माइनर ऑपरेशन थियेटर, 20 बेड का आईसीयू और एनआईसीयू की सुविधा उपलब्ध है। 24×7 डायग्नोस्टिक सेवाएं जैसे सीटी स्कैन, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी लैब, ब्लड स्टोरेज, फार्मेसी, ईकोकार्डियोग्राफी और ईसीजी भी मरीजों को मिल रही हैं। नए वर्ष पर चिकित्सा सुविधाओं में होगा विस्तार मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ रीना शर्मा ने बताया कि सरकार की मंशा के अनुसार न सिर्फ योजनाओं को लागू किया जा रहा है बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में भी वृद्धि की जा रही है। कार्यदाई संस्था लोक निर्माण विभाग कार्य करा रहा है। उम्मीद है कि हम नए वर्ष में नई किरणों के साथ चिकित्सकीय सुविधाओं में विस्तार करेंगे। निर्माण पूरा अब फिनिशिंग का कार्य चल रहा लोक निर्माण विभाग सीडी टू के अधिशासी अभियंता उमेश चंद्र ने बताया कि मेडिकल कालेज का भवन अब जी प्लस सिक्स हो गया है। अब सिर्फ फिनिशिंग का कार्य चल रहा है। इसके अलावा महाविद्यालय में डायरेक्टर रूम, नर्सिंग, हॉस्टल आदि का भी कार्य चल रहा है, जिसे सिडको करा रहा है। कुल मिलाकर लगभग 300 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट है।

भारत ने सिंधु पानी पर लगाया रोक, अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने लिया अहम फैसला

नई दिल्ली पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को मिलने वाले सिंधु नदी का पानी रोक दिया है, जिसके बाद कई इलाकों में उसे सूखे जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा है. इस बीच अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. इस फैसले के बाद पाकिस्तान में जल संकट और भी गंभीर हो सकता है.  तालिबान ने कुनार नदी का पानी नांगरहार क्षेत्र की ओर मोड़ने की योजना पर आगे बढ़ने का फैसला किया है. इस कदम से पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में नदी के बहाव में भारी कमी आ सकती है. हाल के दिनों में पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर काफी तनाव हो गया था, जिसमें दोनों देशों के कई सैनिक भी मारे गए.  तालिबान के आर्थिक आयोग के पास भेजा गया प्रस्ताव अफगानिस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय के आर्थिक आयोग की तकनीकी समिति की बैठक में कुनार नदी से नांगरहार स्थित दारुंता बांध में पानी मोड़ने के प्रस्ताव को चर्चा के बाद अनुमोदित कर अंतिम निर्णय के लिए आर्थिक आयोग को भेज दिया गया. एक बार लागू होने के बाद इस परियोजना से अफगानिस्तान के नंगरहार में कई कृषि भूमि को प्रभावित करने वाली जल की कमी का समाधान होने की उम्मीद है, लेकिन इससे पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में पानी के प्रवाह पर असर पड़ेगा. तालिबान के फैसले से PAK पर क्या होगा असर? करीब 500 किलोमीटर लंबी कुनार नदी पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के चित्राल जिले में स्थित हिंदू कुश पर्वतमाला से निकलती है. इसके बाद यह दक्षिण की ओर अफगानिस्तान में बहती है और कुनार और नंगरहार प्रांतों से होते हुए काबुल नदी में मिल जाती है. यह नदी पाकिस्तान में बहने वाली सबसे बड़ी नदियों में से एक है और सिंधु नदी की तरह, सिंचाई, पीने के पानी और जलविद्युत उत्पादन का एक प्रमुख स्रोत है, विशेष रूप से सुदूर खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र के लिए जो सीमा पार हिंसा का केंद्र रहा है. अगर अफगानिस्तान कुनार नदी पर बांध बनाता है तो इससे सिंचाई, पेयजल आपूर्ति और पनबिजली परियोजनाओं के लिए पानी तक पाकिस्तान की पहुंच बुरी तरह प्रभावित होने की संभावना है, खासकर उन लोगों के लिए जो भारत द्वारा सिंधु नदी के जल आपूर्ति को प्रतिबंधित करने के कारण पहले से ही सूखे से जूझ रहे हैं. PAK-तालिबान के बीच नहीं कोई समझौता इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि दिल्ली के साथ सिंधु जल संधि (IWT) के विपरीत, इस्लामाबाद का काबुल के साथ इन जलक्षेत्रों के बंटवारे को लेकर कोई समझौता नहीं है, जिसका अर्थ है कि तालिबान को पीछे हटने के लिए मजबूर करने का तत्काल कोई उपाय नहीं है. तालिबान के इस कदम से पाकिस्तान-अफगानिस्तान हिंसा के फिर से भड़कने की आशंका बढ़ गई है. 

फिटनेस आइकन वांग कुन की दुखद मौत, 30 वर्ष की उम्र में चल बसे

 बीजिंग चीन के एक मशहूर बॉडी बिल्डर वांग कुन की महज 30 साल की उम्र में मौत हो गई है। ऐसे कई चौंकाने वाले मामले बीते कुछ सालों में देखने को मिले हैं, जब नामी बॉडी बिल्डर या फिटनेस के मानकों पर दुनिया को चौंकाने वाले लोगों की अल्पायु में ही मौत हो गई। जानकारी मिली है कि वांग कुन की हृदय रोग संबंधित बीमारी के चलते मौत हो गई। चीन के अन्हुई प्रॉविन्शियल बॉडी बिल्डिंग एसोसिएशन ने उनकी मौत की पुष्टि की है। वांग कुन की मौत के बाद उनकी जीवनशैली की भी चर्चा हो रही है। वह एक साधक की तरह जीवन जीते थे और जमकर व्यायाम करने के साथ ही बेहद नपा-तुला खाते थे। वांग कुन एक पेशेवर एथलीट थे, जो इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ बॉडी बिल्डिंग ऐंड फिटनेस प्रोफेशनल लीग से जुड़े थे। इसे चीन की सबसे बड़ी बॉडी बिल्डिंग संस्था माना जाता है। वांग कुन ने लगातार 8 बार बॉडी बिल्डिंग का खिताब जीता था। ये खिताब उन्हें चाइनीज बॉडी बिल्डिंग एसोसिएशन की ओर से मिले थे। उन्होंने कई बार नेशनल बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था। उनसे जुड़े लोग बताते हैं कि वह अपने सख्त डाइट प्लान और ट्रेनिंग सेशन के लिए जाते थे। उनका लंबा वक्त व्यायाम में ही गुजरता था। अकसर उबला हुआ चिकन खाना और सूप आदि पीना ही उनकी डाइट का हिस्सा होता था। वांग कुन का बेहद सख्त था डाइट प्लान, 10 सालों से कर रहे थे साधना कई इंटरव्यू में वांग कुन बता चुके थे कि वह बीते 10 सालों से साधना कर रहे हैं और एक बौद्ध भिक्षु जैसी जिंदगी जी रहे हैं। उनका कहना था कि ऐसी शानदार बॉडी पाने के लिए वह काफी संभलकर रहते हैं। चुनिंदा खाना ही खाते हैं और टाइम के भी बहुत पाबंद हैं। वह एक सफल कारोबारी भी थे और एक जिम चेन के मालिक थे। उनकी जिम चेन को मसल फैक्टरी के नाम से जाना जाता है। वह जल्दी ही एक और जिम खोलने की तैयारी में थे। उनका कहना था कि यह नई जिम चेन उनके लिए नई शुरुआत और नई दुनिया होगी, जिसे वह अपनी आंखों से देखेंगे। उनकी मौत ने दुनिया भर को हैरान कर दिया है। ये नामी फिटनेस इन्फ्लुएंसर भी कम आयु में ही चल बसे पिछले दिनों ऑस्ट्रेलिया के एक बॉडी बिल्डर की भी महज 22 साल की उम्र में ही मौत हो गई थी। उनका नाम अजीज शैवेरशियान था। उनकी मौत को लेकर माना गया था कि अधिक स्टेरॉयड के सेवन के कारण ऐसा हुआ है। इसके अलावा जर्मनी के फिटनेस इन्फ्लुएंसर जो लिंडनर की भी महज 30 साल में ही मौत हो गई थी। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया के फिटनेस प्रोफेशनल एंड्रियाज मुंजेर की भी 31 साल की उम्र में मौत हो गई थी। इसका कारण अत्यधिक व्यायाम करना बताया गया था। उनके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था।

CAG का विपक्षी हमला: हरियाणा विधानसभा में कल होगी सैनी सरकार पर अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा

 चंडीगढ़ हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस की ओर से नायब सैनी सरकार के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस को अब औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया है. विधानसभा स्पीकर हरविंदर कल्याण ने कांग्रेस के नोटिस को मंजूरी देते हुए इस प्रस्ताव को सदन की कार्यसूची में शामिल कर लिया है. इसके साथ ही यह तय हो गया है कि कल यानि शुक्रवार को विधानसभा में इस प्रस्ताव पर चर्चा होगी. यह कदम कांग्रेस की ओर से राज्य सरकार के खिलाफ विरोध स्वरूप उठाया गया है. विपक्षी दल कांग्रेस ने वर्तमान सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली पर गंभीर आपत्तियां जताई हैं और उन्हें कारण बताते हुए अविश्वास प्रस्ताव रखा है. इससे पहले कांग्रेस ने कई बार सरकार की आलोचना की थी, लेकिन अब इसे आधिकारिक तौर पर विधानसभा में चर्चा के लिए प्रस्तुत किया गया. स्पीकर के द्वारा इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिए जाने के बाद प्रदेश की राजनीतिक स्थिति में तनाव की संभावना जताई जा रही है. विधानसभा में इस प्रस्ताव पर जोरदार बहस होगी, जिसमें दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलें प्रस्तुत करेंगे. इसके बाद हुए मतदान के परिणाम से यह स्पष्ट हो जाएगा कि वर्तमान सरकार को विधानसभा का समर्थन प्राप्त है या नहीं. राज्य की राजनीति में यह एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि अविश्वास प्रस्ताव सदन के प्रति सदस्यों के विश्वास की परीक्षा होता है. वहीं, सैनी सरकार और उसके समर्थक विपक्ष के इस कदम को राजनीतिक रुपरेखा में देखा जा रहा है. सरकार ने इस प्रस्ताव को केवल राजनीतिक दांव-बाजी करार दिया है और कहा है कि वे विधानसभा में इसका मुकाबला मजबूती से करेंगे.  हरियाणा में साल 2024 में विधानसभा चुनाव हुआ, जिसमें बीजेपी को लगातार तीसरी बार जीत मिली थी. 90 सीटों वाले प्रदेश में बीजेपी ने 48, कांग्रेस ने 37 और इंडियन नेशनल लोकदल ने 2 और निर्दलीय ने तीन सीटें जीती थीं.

गयाजी में खूनी वारदात, मजदूर की सरेआम गोली मारकर हत्या, इलाके में दहशत

गयाजी बिहार के गयाजी जिले से एक दिल-दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां पर बदमाशों ने एक मजदूर की गोली मारकर हत्या कर दी। वहीं, इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच में जुट गई है। जानकारी के मुताबिक, मामला जिले के नीमचक बथानी थाना क्षेत्र के गोपाल नगर गांव का है। मृतक की पहचान गोपाल नगर गांव निवासी मदन राजवंशी (40) के रूप में हुई है। वे मजदूरी किया करते थे। बताया जा रहा है कि बुधवार देर रात मदन राजवंशी गांव के ही कुछ लोगों के साथ बातचीत कर रहे थे। इसी बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मदन पर अपराधियों ने गोलियां पर बरसा दीं। गोली लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, खून से लथपथ शव देखकर परिवार में कोहराम मच गया। इलाके में मचा हड़कंप इधर, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस ने घटनास्थल से खोखे बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में आपसी रंजिश की बात सामने आ रही है। फिलहाल, पुलिस हर पहलू पर मामले की जांच कर रही है। वहीं, इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

कोहरे का असर हवाई यातायात पर: AAI ने जारी की एडवाइजरी, इंडिगो फ्लाइट्स को लेकर नया अपडेट

नई दिल्ली भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण (एएआई) ने गुरुवार को उत्तर भारत में घने धुंध की स्थिति को लेकर एडवाइजरी जारी की है। एएआई ने यात्रियों को कम दृश्यता और कई हवाई अड्डों पर उड़ानों में संभावित देरी के लिए सावधान किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक मौसम चेतावनी में एएआई ने कहा, लगातार धुंध उत्तर भारत के कई हवाई अड्डों को प्रभावित कर रही है। इससे दृश्यता कम हो रही है और उड़ानों में संभावित देरी हो सकती है। प्राधिकरण ने यात्रियों को हवाई अड्डे जाने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति संबंधित एयरलाइन से जांचने और अतिरिक्त यात्रा समय लेने की सलाह दी। एएआई ने आगे कहा, यात्रियों से अनुरोध है कि हवाई अड्डा जाने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति अपनी एयरलाइन से जांच लें। हवाई अड्डे की आधिकारिक वेबसाइट या सोशल मीडिया हैंडल पर अपडेट देखें। अपनी यात्रा योजना पहले से बनाएं और अतिरिक्त समय रखें। इंडिगो ने भी जारी की एडवाइजरी इसके अलावा, इंडिगो ने भी आज सुबह एक एडवाइजरी जारी की, जिसमें कुछ गंतव्यों पर संभावित व्यवधानों की जानकारी दी गई। एयरलाइन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, रांची, पटना और वाराणसी में कम दृश्यता और धुंध के कारण उड़ान प्रभावित हो सकती हैं। एयरलाइन ने कहा कि वह मौसम की स्थिति पर करीब से नजर रख रही है। इंडिगो ने कहा, हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि आपको सुरक्षित और सुचारु रूप से गंतव्य तक पहुंचाया जा सके। एयरलाइन ने यात्रियों से अनुरोध किया कि वे अपनी उड़ान की स्थिति नियमित रूप से वेबसाइट या एप के माध्यम से जांचते रहें। एडवाइजरी में आगे कहा गया, कृपया सुनिश्चित रहें कि हमारी टीम हर कदम पर आपकी सहायता के लिए मौजूद है और पूरा सहयोग प्रदान करेगी। हम साफ आसमान और नियमित उड़ानों की जल्द बहाली की उम्मीद करते हैं। आपके धैर्य और समझ के लिए धन्यवाद। इस बीच, दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआई) ने भी आज सुबह 9:18 बजे एक ट्रैवल एडवाइजरी में कहा, 'दिल्ली हवाई अड्डे पर सभी उड़ान संचालन सामान्य हैं। हम अपने सभी यात्रियों को सुगम और सुखद यात्रा की शुभकामनाएं देते हैं!' हवाई अड्डा के अधिकारियों ने यात्रियों से अनुरोध किया कि वे रियल टाइम अपडेट के लिए अपनी संबंधित एयरलाइन के संपर्क में रहें। दिल्ली में वायु गुणवत्ता खराब ये एडवाइजरी ऐसे समय में जारी की गई हैं, जब राजधानी दिल्ली में घना कोहरा छाया हुआ है और वायु गुणवत्ता अत्यंत खराब है, जिसके कारण सुबह के समय कम दृश्यता की समस्या पैदा हो रही है और हवाई यातायात प्रभावित हो रहा है।

एडिलेड टेस्ट दूसरे दिन की समाप्ति: इंग्लैंड का स्कोर 213/8, स्टोक्स-आर्चर ने संभाली टीम

एडिलेड   ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एशेज सीरीज का तीसरा टेस्ट एडिलेड में खेला जा रहा है। दूसरे दिन के खेल की समाप्ति के समय इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 8 विकेट पर 213 रन बना लिए हैं। इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स 45 और जोफ्रा आर्चर 30 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं। दोनों के बीच नौवें विकेट के लिए 45 रन की साझेदारी हो चुकी है। इससे पहले इंग्लैंड की बल्लेबाजी ने एक बार फिर निराश किया। शीर्ष क्रम एक बार फिर रन बनाने में नाकाम रहा। बेन डकेट 29, जो रूट 19, हैरी ब्रूक 45 और जेमी स्मिथ 22, सभी को शुरुआत मिली, लेकिन कोई भी बल्लेबाज अपनी पारी को बड़ी पारी में नहीं बदल सका।  इंग्लैंड ने अपने 8 विकेट 168 रन पर गंवा दिए थे। इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स एकमात्र बल्लेबाज रहे, जो क्रीज पर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का डटकर मुकाबला कर सके हैं। स्टोक्स अभी भी क्रीज पर मौजूद हैं और 151 गेंद पर 45 रन बनाकर खेल रहे हैं। स्टोक्स को जोफ्रा आर्चर का साथ मिला है। आर्चर 48 गेंद पर 30 रन बनाकर खेल रहे हैं। दोनों के बीच नौंवे विकेट के लिए 45 रन की साझेदारी हो चुकी है। इंग्लैंड अभी भी ऑस्ट्रेलिया से 158 रन पीछे है। ऑस्ट्रेलिया के लिए कप्तान पैट कमिंस ने 3, स्कॉट बोलैंड और नाथन लियोन ने 2-2, जबकि कैमरन ग्रीन ने 1 विकेट लिए हैं। ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 371 रन पर समाप्त हुई थी। मिचेल स्टार्क 54 रन बनाकर आउट हुए। स्कॉट बोलैंड 14 रन बनाकर नाबाद रहे। पहले दिन एलेक्स कैरी ने 106 और उस्मान ख्वाजा ने 82 रन की पारी खेली थी। इंग्लैंड की तरफ से जोफ्रा आर्चर ने 5 विकेट लिए। इसके अलावा ब्रायडन कार्स और विल जैक्स ने 2-2, जबकि जोश टंग ने 1 विकेट लिए।

धुंध और हादसे: जालंधर-जम्मू नेशनल हाईवे पर टकराए पांच वाहन, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

पटियाला   पंजाब घने कोहरे की चपेट में है। जालंधर-जम्मू नेशनल हाईवे पर गांव काला बकरा के पास घनी धुंध के कारण पांच वाहन आपस में टकरा गए। पहले एक अज्ञात ट्रक के पीछे चल रहे टिप्पर की उससे जोरदार टक्कर हो गई, जिसके बाद पीछे से आ रही कई अन्य गाड़ियां भी एक-दूसरे से भिड़ गईं। हादसे में वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा है, हालांकि राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। वाहनों की टक्कर के चलते हाईवे पर लंबा जाम लग गया। सूचना मिलते ही सड़क सुरक्षा बल मौके पर पहुंचा और क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे करवाकर यातायात को नियंत्रित किया। इसके बाद हाईवे को दोबारा सुचारू रूप से चालू कर दिया गया। आज भी जालंधर धुंध की चादर में लिपटा हुआ है। हादसे में वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। सड़क सुरक्षा बल ने मामले की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।  बुधवार को कोहरे के कारण अमृतसर में दृश्यता शून्य रही जबकि फरीदकोट में 20 मीटर, बठिंडा में 40 मीटर, लुधियाना में 200 मीटर और पटियाला में 300 मीटर दर्ज की गई।  मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिन पंजाब में अत्यधिक घना कोहरा रहने का अनुमान है और इस दौरान ठंड में वृद्धि होगी। बुधवार को पंजाब के अधिकतम तापमान में 0.4 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई, जो सामान्य से 2.5 डिग्री अधिक रहा। श्री आनंदपुर साहिब में सबसे अधिक 27.1 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान में भी 0.2 डिग्री की वृद्धि हुई, जो सामान्य से 3.6 डिग्री ऊपर था। होशियारपुर में न्यूनतम पारा 6.7 डिग्री, जबकि अमृतसर में यह 7.0 डिग्री रहा। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड बढ़ने के साथ-साथ कोहरे का असर भी बना रहेगा।  खराब मौसम के कारण श्रीनगर की उड़ान रद्द, 8 उड़ानें लेट अमृतसर श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बुधवार को खराब मौसम के कारण उड़ानों की आवाजाही प्रभावित रही। कतर एयरवेज की दोहा के लिए जाने वाली उड़ान 10:20 बजे रवाना हुई। यह सुबह 4:10 बजे निर्धारित थी। एयर इंडिया एक्सप्रेस की शारजाह के लिए उड़ान भी 6:20 बजे की बजाय 10:30 बजे निकली। इसी प्रकार स्पाइसजेट की दुबई उड़ान 12:30 बजे रवाना हुई। यह सुबह 8:50 बजे जानी थी। आने वाली उड़ानों में भी देरी रही। स्पाइसजेट की दुबई उड़ान सुबह 7:50 की बजाय 11:11 बजे पहुंची। इंडिगो की दिल्ली उड़ान सुबह 6:05 की बजाय 10:52 बजे आई जबकि एयर इंडिया की मुंबई और दिल्ली उड़ानें भी देरी से आईं। इसके अलावा श्रीनगर के लिए एक इंडिगो उड़ान रद्द कर दी गई।