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आज का राशिफल (21 दिसंबर): नौकरी, व्यापार, सेहत और प्रेम—12 राशियों का पूरा हाल

मेष राशि- आज का दिन मेहनत और धैर्य से आगे बढ़ने का है। कामकाज में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन आप उन्हें अच्छे से निभा पाएंगे। प्रेम जीवन में छोटी बातों पर बहस से बचें। पैसों के मामले में स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन फिजूलखर्ची न करें। सेहत सामान्य रहेगी, बस थकान महसूस हो सकती है। वृषभ राशि- आज रिश्तों में समझदारी जरूरी रहेगी। पार्टनर की भावनाओं को समझने की कोशिश करें। ऑफिस में टीमवर्क से फायदा होगा। आर्थिक स्थिति संतुलित रहेगी और पुराने बकाया चुकाने का मौका मिल सकता है। सेहत ठीक रहेगी, लेकिन खानपान पर ध्यान दें। मिथुन राशि- आज का दिन बातचीत और संपर्कों के लिए अच्छा है। प्रेम जीवन में खुशी रहेगी और नए रिश्ते बन सकते हैं। करियर में नए आइडिया सराहे जाएंगे। पैसों से जुड़ा कोई फैसला आपके पक्ष में जा सकता है। सेहत को लेकर गले या थकान की समस्या हो सकती है। कर्क राशि- आज भावनाओं पर नियंत्रण रखना जरूरी है। प्रेम जीवन में शांति बनाए रखें और बेवजह की बातों से दूर रहें। नौकरी में बदलाव या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। सेहत ठीक रहेगी, लेकिन वाहन चलाते समय सावधानी रखें। सिंह राशि- आज आत्मविश्वास बढ़ा रहेगा। प्रेम जीवन में मधुरता आएगी। करियर में आपकी मेहनत नजर आएगी और तारीफ मिल सकती है। पैसों के मामले में दिन ठीक रहेगा, लेकिन जोखिम से बचें। सेहत सामान्य रहेगी। कन्या राशि- आज नए लोगों से मुलाकात फायदेमंद रहेगी। प्रेम जीवन में दोस्ती मजबूत होगी। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। सेहत ठीक रहेगी। तुला राशि- आज कामकाज में व्यस्तता रहेगी। प्रेम जीवन में बातचीत से गलतफहमियां दूर होंगी। ऑफिस में सीनियर्स का सहयोग मिलेगा। खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट संभालकर चलें। सेहत में पेट या तनाव से जुड़ी परेशानी हो सकती है। वृश्चिक राशि- आज भावनात्मक रूप से मजबूत रहेंगे। प्रेम जीवन में समझ बढ़ेगी। करियर में मेहनत का फल मिलेगा। पैसों के मामले में दिन अनुकूल है। सेहत ठीक रहेगी, लेकिन पानी ज्यादा पिएं। धनु राशि- आज संतुलन बनाकर चलने का दिन है। रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी। करियर में नए मौके मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति बेहतर होगी और आय में बढ़ोतरी के योग हैं। सेहत अच्छी रहेगी। मकर राशि- आज भाग्य आपका साथ देगा। प्रेम जीवन में नए अवसर मिल सकते हैं। करियर में तरक्की के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। सेहत अच्छी रहेगी, लेकिन आलस्य से बचें। कुंभ राशि- आज काम को प्राथमिकता देनी होगी। रिश्तों में थोड़ी दूरी महसूस हो सकती है, लेकिन बातचीत से हल निकलेगा। पैसों के मामले में खर्च बढ़ सकता है। सेहत सामान्य रहेगी, बस आराम करें। मीन राशि– आज का दिन कुंभ राशि वालों के लिए मेहनत, समझदारी और संयम का है। दिन की शुरुआत थोड़ी व्यस्त हो सकती है, लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ेगा, स्थितियां आपके पक्ष में आती जाएंगी। कामकाज से जुड़े मामलों में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन आप उन्हें अच्छे से निभाने में सफल रहेंगे।

शिक्षकों के कंधों पर विकसित भारत और विकसित राजस्थान की सबसे बड़ी जिम्मेदारी: भजनलाल शर्मा

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि शिक्षा केवल अक्षरों का ज्ञान नहीं है, बल्कि वह प्रकाश है जो अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर राष्ट्र के भविष्य को रोशन करता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विश्वगुरु बनने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लेकर आए हैं। यह नीति 21वीं सदी के भारत को नई दिशा देगी। शर्मा शनिवार को बांसवाड़ा के लियो इंटरनेशनल संस्थान में राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) के प्रदेश शैक्षिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा के महत्व को लेकर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने कहा था कि शिक्षा शेरनी का दूध है, जो पीएगा वो दहाड़ेगा। गरीब और वंचित समाज की प्रगति का एकमात्र जरिया शिक्षा ही है। उन्होंने कहा कि हमें ऐसी शिक्षा चाहिए जो बौद्धिक विकास के साथ ही आत्मिक और नैतिक विकास भी करे। शिक्षित के साथ संस्कारवान भी बनाएं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को ऊंचाइयों पर ले जाने में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण – मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति सुनिश्चित करती है कि भाषा किसी विद्यार्थी की प्रगति में बाधा नहीं बने और प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा में मिले। विद्यार्थियों में रटने की प्रवृत्ति के स्थान पर तार्किक सोच पैदा हो। वोकेशनल ट्रेनिंग के माध्यम से विद्यार्थी केवल डिग्री धारक नहीं, बल्कि दक्ष नागरिक बनें। विद्यार्थी किन्हीं परिस्थितियों में पढ़ाई छोड़ने के बाद उसे पुनः प्रारंभ कर सकें। उन्होंने कहा कि इस नीति को सफलता की नई ऊंचाइयों पर ले जाने में शिक्षकगणों की महत्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षक हमारे समाज के पथ प्रदर्शक, आने वाली पीढ़ियों का गढ़ते हैं भविष्य – शर्मा ने कहा कि शिक्षक की भूमिका केवल अक्षर या पुस्तक ज्ञान देने तक ही सीमित नहीं है, इनकी भूमिका बहुत व्यापक और महत्वपूर्ण है। इसीलिए शिक्षक को भविष्य निर्माता और राष्ट्र निर्माता कहा गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज के पथ-प्रदर्शक हैं। शिक्षक दीपक के समान समाज को आलोकित करता है और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य गढ़ता है। जब-जब समाज में परिवर्तन आया है, उसका नेतृत्व शिक्षक ने किया है। उन्होंने कहा कि चाणक्य ने एक साधारण बालक चंद्रगुप्त को सम्राट बनाया क्योंकि उनके पास शिक्षा और दृष्टिकोण की शक्ति थी। चाणक्य ने कहा कि प्रलय और निर्माण शिक्षक की गोद में पलते हैं। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ और ‘विकसित राजस्थान’ की नींव को मजबूत करने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी शिक्षकों के कंधों पर है। लघु, सीमांत, बटाईदार किसानों और खेतिहर श्रमिकों के बच्चों का राजकीय निधि कोष का शुल्क माफ – मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने शिक्षण क्षेत्र में पिछले दो साल में अनेक अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। राजकीय महाविद्यालयों के पुस्तकालयों में युवाओं के लिए परीक्षाओं की तैयारी करवाने की व्यवस्था शुरू की है। पहले चरण में 36 राजकीय कन्या महाविद्यालयों में अध्ययन सुविधा प्रारंभ की गई है। लघु, सीमांत, बटाईदार किसानों और खेतिहर श्रमिकों के बच्चों के लिए राजकीय महाविद्यालयों में राजकीय निधि कोष में लिया जाने वाला शुल्क माफ किया गया है। 41 जिला मुख्यालयों पर महाविद्यालयों में कंप्यूटर साइंस विषय प्रारंभ – शर्मा ने कहा कि 71 नवीन राजकीय महाविद्यालयों की स्थापना की गई है। 177 नए राजकीय महाविद्यालयों के भवन बनाए गए हैं। 17 महाविद्यालयों को यूजी से पीजी में क्रमोन्नत किया है। 41 जिला मुख्यालयों पर स्थित महाविद्यालयों में बीबीए कोर्स प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि 7 संभाग मुख्यालयों पर स्थित महाविद्यालयों में बीसीए कोर्स प्रारंभ किए गए हैं। 41 जिला मुख्यालयों पर स्थित महाविद्यालयों में कंप्यूटर साइंस विषय प्रारंभ किया गया है। 4 हजार से अधिक विद्यालयों में 8 हजार से अधिक स्मार्ट क्लासरूम स्थापित – मुख्यमंत्री ने कहा कि काली बाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी एवं देवनारायण स्कूटी योजना के तहत 39 हजार 586 स्कूटियों का वितरण किया गया है। 65 हजार स्कूल भवनों की मरम्मत का कार्य करवाया जा रहा है। विद्यार्थियों को मानसिक अवसाद से बचाने एवं मानसिक संबल प्रदान करने के लिए राजस्थान कोचिंग सेंटर्स (कंट्रोल एंड रेग्यूलेशन बिल) 2025 पारित किया है। राज्य में 4 हजार से अधिक विद्यालयों में 8 हजार से अधिक स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए हैं। यूनिफॉर्म एवं स्कूल बैग के लिए 800 रुपये की सहायता राशि- शर्मा ने कहा कि 500 पीएम श्री विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी खोली हैं। 714 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास स्थापित किए गए हैं। 142 पीएम श्री विद्यालयों में ओ-लैब स्थापित की गई हैं। राजकीय विद्यालयों में अध्यनरत कक्षा 1 से 8 तक के समस्त बालक-बालिकाओं एवं कक्षा 9 से 12 की बालिकाओं को यूनिफॉर्म एवं स्कूल बैग के लिए 800 रुपये की सहायता राशि प्रति विद्यार्थी डीबीटी की जा रही है। अब तक 41 लाख 25 हजार विद्यार्थियों को 330 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि 45 हजार 489 विभिन्न पदों पर पदोन्नतियां दी गई हैं। 10 लाख 51 लाख साइकिलें वितरित की गई हैं। शैक्षिक सम्मेलन चिंतन का सशक्त मंच – मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मेलन शिक्षकों के बीच विचार-विमर्श के साथ ही चिंतन का भी एक सशक्त मंच है। यहां से जो विचार निकलेंगे, वे हमारी शिक्षा नीति को और अधिक प्रभावी तरीके से क्रियान्वित करने में सहायक होंगे। उन्होंने शिक्षकों से अपील करते हुए कहा कि स्कूलों में ऐसा वातावरण तैयार करें जहां विद्यार्थी न केवल परीक्षा उत्तीर्ण करें, बल्कि एक स्वाभिमानी और राष्ट्रभक्त नागरिक बनकर निकलें।  

धर्मांतरण के बाद अंतिम संस्कार पर उठा विवाद थमा, बड़े तेवड़ा मामले में सरपंच का खुलासा

कांकेर  कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र अंतर्गत बड़े तेवड़ा गांव में धर्मांतरित परिवार के एक व्यक्ति के शव के कफन-दफन को लेकर बीते चार दिनों से चला आ रहा विवाद अब शांत हो गया है. इस पूरे मामले में धर्मांतरित सरपंच राजमन सलाम का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने घटनाक्रम की विस्तार से जानकारी दी है. सरपंच राजमन सलाम ने वीडियो बयान में बताया कि उनके पिता की मृत्यु के बाद उन्होंने गांव के प्रमुख लोगों से परंपरागत रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार कराने की बात कही थी, लेकिन विरोध के चलते उन्हें अपने निजी पट्टे की जमीन पर अंतिम संस्कार करना पड़ा. इसके बाद 16 और 17 दिसंबर को गांव में रैली निकालकर विरोध किया गया, जिसके दौरान मारपीट की घटना हुई. इस घटना में उनके बड़े भाई और भाभी गंभीर रूप से घायल हो गए. सरपंच ने आरोप लगाया कि 18 दिसंबर को तनाव की स्थिति के बीच शव को कब्र से निकालकर ले जाया गया. साथ ही प्रार्थना भवन और उनके घर में आगजनी की गई. आगजनी की घटना में घर में रखा सोना-चांदी, करीब 4 लाख रुपये नकद और कई महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज जलकर नष्ट हो गए. इधर, इस मामले पर कांकेर जनजाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष व आदिवासी नेता ईश्वर कावड़े ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि उन्हें ईसाई मिशनरियों से कोई व्यक्तिगत विरोध नहीं है, लेकिन आदिवासी समाज की परंपराओं, देवी-देवताओं, पेन-पुरखों और आंगादेव के अपमान को किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने आरोप लगाया कि धर्मांतरण के दौरान लोगों से देवी-देवताओं को त्यागने और उन्हें अविश्वासी कहे जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो चिंताजनक हैं. ईश्वर कावड़े ने स्पष्ट किया कि यदि किसी धर्मांतरित व्यक्ति का अंतिम संस्कार गांव की परंपराओं के अनुसार किया जाता है, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन परंपराओं के विपरीत तरीके से किए गए अंतिम संस्कार का विरोध किया जाएगा. उन्होंने धर्मांतरण कर चुके लोगों से मूल धर्म में लौटने की अपील भी की. जानकारी के अनुसार, मृतक की मृत्यु के बाद गांव में बैठक हुई थी, जिसमें गायता, पुजारी और पटेल ने कहा था कि यदि अंतिम संस्कार गांव की रीति-रिवाज से किया जाए तो कोई आपत्ति नहीं होगी. आरोप है कि इसके बावजूद परिवार द्वारा विदेशी परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार किए जाने पर जोर दिया गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने विरोध किया. ग्रामीणों की मांग पर शासन-प्रशासन ने हस्तक्षेप करते हुए कब्र से शव को बाहर निकलवाया. फिलहाल, प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है. हालांकि, घटना को लेकर गांव में कुछ समय तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा.

ईडी केस से मिली राहत, अगस्ता वेस्टलैंड मामले में क्रिश्चियन मिशेल होंगे रिहा

नई दिल्ली अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी क्रिश्चियन मिशेल जेम्स को राऊज एवेन्यू कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मनी लॉन्ड्रिंग केस में उसकी रिहाई का आदेश दे दिया है। हालांकि, राहत के बावजूद क्रिश्चियन मिशेल फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ पाएगा, क्योंकि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जुड़े मामले में अभी उसकी रिहाई का कोई आदेश नहीं आया है। ऐसे में उसे जेल में ही रहना होगा। कोर्ट में सुनवाई के दौरान क्रिश्चियन मिशेल के वकील ने दलील दी कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अभी तक ट्रायल पूरा नहीं हुआ है, लेकिन इसके बावजूद आरोपी लगभग 7 साल से हिरासत में है, जो इस मामले में संभावित अधिकतम सजा के बराबर है। गौरतलब है कि इससे पहले क्रिश्चियन मिशेल को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी थी। वहीं, सीबीआई केस में उसे सुप्रीम कोर्ट से भी जमानत दी गई थी, लेकिन उसके पासपोर्ट की अवधि समाप्त हो जाने और जमानत की शर्तों के तहत जरूरी श्योरिटी न मिल पाने के कारण वह अब तक जेल से बाहर नहीं निकल सका था। इससे पहले 8 अगस्त को राऊज एवेन्यू कोर्ट ने क्रिश्चियन मिशेल को बड़ा झटका दिया था। उस समय कोर्ट ने उसकी उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उसने जेल से रिहाई के निर्देश देने की मांग की थी। अदालत ने कहा था कि आरोपी पर आईपीसी की धारा 467 के तहत गंभीर आरोप हैं, जिनमें आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है। इसलिए यह नहीं माना जा सकता कि उसने अधिकतम सजा की अवधि पहले ही पूरी कर ली है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि धारा 467 लागू होती है या नहीं, यह फैसला आरोप तय होने के दौरान किया जाएगा। तब तक आरोपी को रिहा नहीं किया जा सकता। क्रिश्चियन मिशेल जेम्स को 5 दिसंबर 2018 को संयुक्त अरब अमीरात से भारत प्रत्यर्पित किया गया था। भारत पहुंचते ही सीबीआई ने उसे गिरफ्तार कर लिया और इसके कुछ दिन बाद ईडी ने भी उसे हिरासत में ले लिया। तब से वह जेल में बंद है।

मनरेगा पर हमला बर्दाश्त नहीं, सरकार से आर-पार की लड़ाई को तैयार: सोनिया गांधी का एलान

नई दिल्ली कांग्रेस संसदीय दल की मुखिया सोनिया गांधी ने संसद के दोनों सदनों से पास हो चुके वीबी जी राम जी बिल को लेकर देश के नाम संदेश जारी किया है. इसमें उन्होंने मनरेगा की उपलब्धियों का जिक्र किया है. साथ ही वीबी जी राम जी बिल को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. सोनिया गांधी ने कहा मुझे आज भी याद है, 20 साल पहले डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे, तब संसद में मनरेगा कानून आम राय से पास किया गया था। यह ऐसा क्रांतिकारी कदम था, जिसका फायदा करोड़ों ग्रामीण परिवारों को मिला था। खासतौर पर वंचित, शोषित, गरीब और अतिगरीब लोगों के लिए रोजी-रोटी का जरिया बना।रोजगार के लिए अपनी माटी, अपना गांव, अपना घर-परिवार छोड़कर पलायन करने पर रोक लगी।  रोजगार का कानूनी हक़ दिया गया, साथ ही ग्राम पंचायतों को ताकत मिली। मनरेगा के जरिए महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपनों के भारत की ओर एक ठोस कदम उठाया गया। सोनिया ने कहा पिछले 11 साल में मोदी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार, गरीबों और वंचितों के हितों को नजरअंदाज कर मनरेगा को कमजोर करने की हर कोशिश की, जबकि कोविड के वक़्त ये गरीब वर्ग के लिए संजीवनी साबित हुआ। लेकिन बहुत अफसोस की बात है कि अभी हाल में सरकार ने मनरेगा पर बुलडोजर चला दिया। न सिर्फ महात्मा गांधी का नाम हटाया गया, बल्कि मनरेगा का रूप-स्वरुप बिना विचार-विमर्श किए, बिना किसी से सलाह-मशवरा किए, बिना विपक्ष को विश्वास में लिए मनमाने ढंग से बदल दिया गया।अब किसको, कितना, कहां और किस तरह रोजगार मिलेगा, यह जमीनी हकीकत से दूर दिल्ली में बैठकर सरकार तय करेगी। कांग्रेस संसदीय दल की मुखिया सोनिया गांधी ने कहा कांग्रेस का मनरेगा को लाने और लागू करने में बड़ा योगदान था, लेकिन यह पार्टी से जुड़ा मामला कभी नहीं था। ये देशहित और जनहित से जुड़ी योजना थी। मोदी सरकार ने इस कानून को कमजोर करके देश के करोड़ों किसानों, श्रमिकों और भूमिहीन ग्रामीण वर्ग के गरीबों के हितों पर हमला किया है। इस हमले का मुकाबला करने के लिए हम सब तैयार हैं। 20 साल पहले अपने गरीब भाई-बहनों को रोजगार का अधिकार दिलवाने के लिए मैं भी लड़ी थी, आज भी इस काले कानून के खिलाफ लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हूं। मेरे जैसे कांग्रेस के सभी नेता और लाखों कार्यकर्ता आपके साथ खड़े हैं। 

कुरुक्षेत्र से CM सैनी का बड़ा ऐलान, 7 हजार जरूरतमंद परिवारों को मिलेंगे 100 गज के प्लॉट

कुरुक्षेत्र कुरुक्षेत्र जिले के गांव प्रहलादपुर, बदरपुर और बणी में आयोजित धन्यवाद एवं जनसंवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 7 हजार भूमिहीन परिवारों को शीघ्र ही 100-100 गज के प्लॉट दिए जाएंगे, जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़कर मकान निर्माण में सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 15 हजार से अधिक परिवारों को पहले ही 30 गज के प्लॉट दिए जा चुके हैं और अब पात्र लाभार्थियों को दूसरी किस्त में भी प्लॉट आवंटित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने युवाओं को आश्वस्त किया कि जल्द ही विभिन्न सरकारी विभागों में नई भर्तियां निकाली जाएंगी। मुख्यमंत्री ने गांव प्रहलादपुर, बदरपुर और बणी के लिए 21-21 लाख रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की। प्रहलादपुर में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 47.46 लाख रुपये की पाइपलाइन योजना और बदरपुर में 43.31 लाख रुपये की योजना स्वीकृत की गई। इसके अलावा सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार के लिए भी धनराशि मंजूर की गई। मुख्यमंत्री ने लाडो लक्ष्मी योजना का जिक्र करते हुए कहा कि अब दिख 1.40 लाख रुपये वार्षिक आय तक के परिवारों की महिलाएं भी इस योजना में आवेदन कर सकेंगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत महिलाओं को 2100 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं और रोजाना हजारों नए आवेदन प्राप्त हो रहे हैं।

न्यायिक प्रक्रिया को नई रफ्तार: आर्बिट्रेशन सुनवाई के लिए अत्याधुनिक अकॉर्ड हब शुरू

जयपुर पिंकसिटी जयपुर में शनिवार को आधुनिक सुविधाओं से युक्त सुसज्जित आर्बिटेशन सेंटर अकॉर्ड हब का शुभारंभ हो गया । मुख्य अतिथि पूर्व जस्टिस अतुल कुमार जैन ने फीता काटकर इस सेंटर का शुभारंभ किया । इस मौके पर विशिष्ठ अतिथि के रूप में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एच सी गणेशिया , उपभोक्ता फोरम के चेयरमैन देवेंद्र मोहन माथुर, सीनियर एडवोकेट संदीप पाठक, सुधांशु कासलीवाल, प्रतीक कासलीवाल, सुकृति कासलीवाल, प्रमुख शासन सचिव माइंस टी रविकांत, पूर्व एसीएस जेसी मोहंती, , पूर्व चीफ इंजीनियर पीडल्ब्यूडी शिवलहरी, पूर्व चीफ इंजीनियर उमेश ढींगरा समेत हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस और अधिवक्तागण मौजूद रहे । इस मौके पर राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस अजय रस्तोगी ने अपनी शुभकानाएं प्रेषित की । टोंक रोड पर लालकोठी स्थित कैलाश टावर में इस आर्बिटेशन सेंटर को बनाने वाली कंपनी अकॉर्ड हब के सीईओ चित्रित गुप्ता ने अतिथियों को प्रजेंटेशन के माध्यम से बताया कि यह देश का पहला विधिक रूप से नियोजित, उद्देश्यपरक एवं पूर्णतः सुसज्जित ADR केंद्र है। उन्होंने बताया कि यह केंद्र आधुनिक कानूनी आवश्यकताओं, अंतरराष्ट्रीय मानकों तथा भारतीय न्यायिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। अकॉर्ड हब, मध्यस्थता, सुलह एवं सुलह-समझौता सेवाओं के लिए एक पूर्णतः डिजिटल, सुव्यवस्थित एवं उपयोगकर्ता केंद्रित मंच प्रदान करता है। यह केंद्र एक सशक्त एवं सहज डिजिटल वेबसाइट www.accordhub.in द्वारा संचालित है. जहाँ फिगर टच पर 24×7 ऑनलाइन बुकिंग, कक्षों की उपलब्धता, व्यक्तिगत एवं समूह उपयोग की जानकारी सहज रूप से उपलब्ध है।यहां विधि विशेषज्ञ, सेवानिवृत्त न्यायाधीश, एडवोकेट्स और पक्षकार शांतिपूर्ण वातावरण में विवादों का आपसी सुलह, समझौता और मध्यस्थता से निस्तारण करवा सकेंगे। चित्रित गुप्ता ने बताया कि आर्बिटेशन सेंटर में स्थित "बृहस्पति कक्ष एवं कौटिल्य कक्ष" सप्ताह के सभी सातों दिन 24×7 उपलब्ध हैं तथा इन्हें अत्यंत रियायती दरों पर उपयोग के लिए प्रदान किया जा रहा है। ये कक्ष आधुनिक तकनीक, गोपनीयता, ध्वनि नियंत्रण तथा सौम्य वातावरण से युक्त हैं, जिससे निष्पक्ष, निर्वाध एवं प्रभावी कार्यवाही संभव हो सके। यहां विधि विशेषज्ञ, सेवानिवृत्त न्यायाधीश, एडवोकेट्स और पक्षकार शांतिपूर्ण वातावरण में विवादों का आपसी सुलह, समझौता और मध्यस्थता से निस्तारण करवा सकेंगे। उन्होंने बताया कि अकॉर्ड हब का स्थान जयपुर के न्यायिक केंद्र क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण एवं सुविधाजनक है। यह केंद्र राजस्थान उच्च न्यायालय, पारिवारिक न्यायालय और उच्च न्यायालय अधिवक्ता आवास एवं चैंबरों से पैदल दूरी यानि वॉकिंग डिस्टेंस पर स्थित है। जिला न्यायालय परिसर से भी काफी नजदीक स्थित है। यह क्षेत्र सभी प्रकार के सार्वजनिक एवं निजी परिवहन से भली-भाँति जुड़ा हुआ है, जिससे अधिवक्ताओं, मध्यस्थों, पक्षकारों एवं संस्थागत उपयोगकर्ताओं के लिए यह अत्यंत सुगम बनता है। चित्रित गुप्ता ने बताया कि अकॉर्ड हब में सपूर्ण डिजिटल कार्यप्रणाली अपनाई गई है, जिससे गोपनीयता, डेटा सुरक्षा एवं पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। कागजी कार्यवाही पर निर्भरता कम करते हुए डिजिटल अभिलेखों को सुरक्षित रूप से संरक्षित करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

चंडीगढ़ विवाद पर बड़ा खुलासा: रणदीप सुरजेवाला बोले– ₹1 लाख करोड़ मिले तो हरियाणा पीछे हटेगा

चंडीगढ़ हरियाणा-पंजाब के बीच चंडीगढ़ को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला ने बड़ा बयान दिया है।  उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार हरियाणा को नई राजधानी बसाने के लिए एक लाख करोड़ रुपये का फंड दे दे तो हरियाणा चंडीगढ़ पर दावा छोड़ने को तैयार है। सुरजेवाला ने यह बात सेक्टर-35 स्थित कांग्रेस भवन में पत्रकारों से बातचीत में कही।   सुरजेवाला ने कहा कि चंडीगढ़ के मुद्दे पर हरियाणा की स्थिति पूरी तरह साफ है। पंजाब पुनर्गठन अधिनियम के तहत चंडीगढ़ का बंटवारा 60:40 के अनुपात में पंजाब और हरियाणा के बीच किया गया था। ऐसे में हरियाणा का चंडीगढ़ पर 40 प्रतिशत कानूनी और सांविधानिक अधिकार बनता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह अधिकार स्पष्ट रूप से मौजूद है, तो हरियाणा बिना किसी ठोस विकल्प के अपना हिस्सा क्यों छोड़े।  चंडीगढ़ से कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें तिवारी ने चंडीगढ़ को मूल रूप से पंजाब की राजधानी बताया था, सुरजेवाला ने कहा कि मनीष तिवारी अपने दृष्टिकोण से सही हो सकते हैं लेकिन हरियाणा का भी चंडीगढ़ में वैध हिस्सा है। उन्होंने दो टूक कहा कि अगर यह हिस्सा छोड़ने की बात होती है, तो हरियाणा को नई राजधानी बसाने के लिए एक लाख करोड़ रुपये देने होंगे।   नेशनल हेराल्ड मामले पर सुरजेवाला ने मोदी सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि नेशनल हेराल्ड आजादी की लड़ाई और स्वतंत्र पत्रकारिता का प्रतीक है जिसे मौजूदा सरकार बदले और नफरत की राजनीति के तहत खत्म करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय को राजनीतिक हथियार बनाकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी को निशाना बनाया गया। सुरजेवाला ने कहा कि अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि 2014 से 2021 तक न तो सीबीआई और न ही ईडी को कोई आपराधिक या मनी लॉन्ड्रिंग का मामला मिला। इसके बावजूद 2021 में जबरन केस दर्ज किया गया, जो कानून और संविधान दोनों के खिलाफ है। उन्होंने इसे लोकतंत्र और स्वतंत्र संस्थाओं पर सीधा हमला करार दिया।

पंजाब की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव, मंत्री बैंस ने किया बड़ा एलान

चंडीगढ़  पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और ‘आप’ पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने ‘हुनर शिक्षा स्कूल’ हैंडबुक का विमोचन किया। इस अवसर पर शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए 40 स्कूलों में शुरू किए जा रहे हुनर शिक्षा स्कूल कार्यक्रम हेतु उद्योग-केंद्रित पाठ्यक्रम तैयार करने में सहयोग देने वाले शिक्षकों, विषय विशेषज्ञों और तकनीकी भागीदारों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम चंडीगढ़ के एम.सी. भवन में आयोजित हुआ। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि लंबे समय से शिक्षा प्रणाली उद्योग की जरूरतों की अनदेखी करती रही है। उन्होंने बताया कि 2.8 लाख विद्यार्थियों पर किए गए सर्वे और राष्ट्रीय आंकड़ों से यह कड़वी सच्चाई सामने आई है कि स्कूल शिक्षा पूरी करने के बाद 45 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थी रोजगार के लिए तैयार नहीं होते। इसका मुख्य कारण उचित कौशल प्रशिक्षण का अभाव और कमजोर सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि है। ‘हुनर शिक्षा स्कूल’ पहल सीनियर सेकेंडरी पाठ्यक्रम में तीन विषयों पर आधारित मॉडल के जरिए व्यावसायिक शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। यह कार्यक्रम पारंपरिक व्यावसायिक शिक्षा से अलग है, जिसके तहत विद्यार्थी वैश्विक और औद्योगिक विशेषज्ञों द्वारा तैयार व प्रमाणित पाठ्यक्रम के माध्यम से चार उच्च-मांग वाले क्षेत्रों में से किसी एक में विशेषज्ञता हासिल कर सकेंगे। बैंस ने कहा कि स्कूल शिक्षा में अग्रणी पंजाब, कक्षा-कक्षों में उद्योग की जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम शामिल कर अपने शिक्षा मॉडल में बड़ा बदलाव कर रहा है। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को एआई, डिजिटल डिजाइन और भविष्य-केंद्रित कार्यक्षेत्रों में दक्ष बनाएगा, जिससे वे पहले दिन से ही रोजगार के लिए तैयार होंगे। मनीष सिसोदिया ने रटने की बजाय व्यावहारिक कौशल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि व्यवहारिक ज्ञान और कौशल विकास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और विद्यार्थियों को दसवीं के बाद आईटी सहित अन्य क्षेत्रों में अवसरों की खोज के लिए सक्षम बनाना जरूरी है। इस मौके पर स्कूल शिक्षा विभाग की प्रशासनिक सचिव अनिंदिता मित्रा, मिशन डायरेक्टर पी.एस.डी.एम. अमृत सिंह, पंजाब विकास आयोग के सदस्य अनुराग कुंडू, अतिरिक्त सचिव स्कूल शिक्षा कल्पना के., माध्यमिक शिक्षा निदेशक गुरिंदर सिंह सोढ़ी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। 

कोर्ट सख्त: नियम तोड़ने वाले राजस्थान के 10 डेंटल कॉलेजों को ₹10-10 करोड़ भरने का आदेश

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने बीडीएस (बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी) में दाखिले के नियमों का उल्लंघन करने पर राजस्थान के 10 निजी डेंटल कॉलेजों पर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने इन सभी कॉलेजों पर 10-10 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने कहा कि इन कॉलेजों ने जानबूझकर नियमों की अनदेखी की, जिससे मेडिकल शिक्षा के मानकों को नुकसान पहुंचा। न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई और न्यायमूर्ति जेके महेश्वरी की पीठ ने कॉलेजों के साथ-साथ राज्य सरकार की भूमिका पर भी नाराजगी जताई। अदालत ने बीडीएस दाखिले (शैक्षणिक सत्र 2016-17) में कानूनी प्रक्रिया का पालन न करने पर राजस्थान सरकार को 10 लाख रुपये राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (आरएसएलएसए) में जमा करने का आदेश दिया। क्या था मामला? बीडीएस में दाखिले के लिए एनईईटी परीक्षा में न्यूनतम प्रतिशत तय है। राजस्थान सरकार ने बिना अधिकार के इस न्यूनतम प्रतिशत में पहले 10 प्रतिशत और फिर पांच प्रतिशत की अतिरिक्त छूट दे दी। इस छूट के कारण कई ऐसे छात्रों को दाखिला मिल गया, जो तय पात्रता पूरी नहीं करते थे। इतना ही नहीं, कुछ कॉलेजों ने इस 10+5 प्रतिशत की छूट से भी आगे जाकर छात्रों को दाखिला दे दिया, जो पूरी तरह नियमों के खिलाफ था। छात्रों को राहत, कॉलेजों पर सख्ती सुप्रीम कोर्ट ने मानवीय आधार पर 2016-17 में दाखिला पाए छात्रों को राहत दी। अदालत ने अपने विशेष अधिकार का इस्तेमाल करते हुए उनकी बीडीएस डिग्री को वैध (रेग्युलराइज) कर दिया। हालांकि, जिन छात्रों को राहत मिली है, उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे राजस्थान हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल करेंऔर राज्य में आपदा, महामारी या किसी आपात स्थिति में निःशुल्क सेवा देने के लिए तैयार रहें। जुर्माने की रकम कहां जाएगी? सभी कॉलेजों को जुर्माने की राशि आठ सप्ताह के भीतर आरएसएलएसए में जमा करनी होगी। यह पैसा वन स्टॉप सेंटर, नारी निकेतन, वृद्धाश्रम और बाल देखभाल संस्थानों जैसे सामाजिक कल्याण के कार्यों में इस्तेमाल किया जाएगा।