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साय सरकार का बड़ा फैसला: मार्कफेड सहकारी समितियों के माध्यम से करेगा उपार्जन

  खरीफ में उपार्जन के लिए 425 करोड़ रूपए मंजूर     रायपुर, प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम आशा) के तहत प्राइस सपोर्ट स्कीम में छत्तीसगढ़ को दलहन और तिलहन फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन की अनुमति मिल गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम के बीच हुई चर्चा के बाद केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन में दलहन-तिलहन उपार्जन के लिए 425 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है।     गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से खरीफ और रबी सीजन के लिए कुल 1 लाख 22 हजार मीट्रिक टन दलहन-तिलहन उपार्जन का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया था। इसमें खरीफ के लिए 50 हजार मीट्रिक टन और रबी के लिए 72 हजार मीट्रिक टन शामिल हैं। फिलहाल केंद्र से खरीफ की फसलों के उपार्जन की अनुमति मिली है। इसके तहत अरहर 21 हजार 330 मीट्रिक टन, उड़द 25 हजार 530 मीट्रिक टन, मूंग 240 मीट्रिक टन, सोयाबीन 4 हजार 210 मीट्रिक टन और मूंगफली 4 हजार 210 मीट्रिक टन का उपार्जन किया जाएगा। इन फसलों के उपार्जन पर कुल 425 करोड़ रुपए खर्च होंगे। केंद्र सरकार ने मांग आने पर सोयाबीन और मूंगफली के लिए अतिरिक्त स्वीकृति देने का आश्वासन भी दिया है। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए अरहर का समर्थन मूल्य 8000 रूपए प्रति क्विंटल, मूंग का 8768 रूपए, उड़द का 7800 रूपए, मूंगफली का 7800 रूपए, सोयबीन का प्रति क्विंटल 5328 रूपए घोषित किया गया है।       छत्तीसगढ़ सरकार ने समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन उपार्जन के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। उपार्जन का कार्य राज्य में मार्कफेड के माध्यम से सहकारी समितियों द्वारा किया जाएगा। इसके लिए 22 जिलों में 222 उपार्जन केंद्र पहले ही अधिसूचित कर दिए गए हैं। किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया कृषि विभाग के एकीकृत किसान पोर्टल पर लगातार जारी है। जिन किसानों का पंजीयन अब तक नहीं हो पाया है, वे नजदीकी सहकारी समिति के माध्यम से पंजीयन कराकर योजना का लाभ उठा सकते हैं।     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन का उपार्जन किसानों के हित में राज्य सरकार का बड़ा निर्णय है। इससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और आय में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से प्रदेश में फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा और छत्तीसगढ़ दाल एवं खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। राज्य सरकार किसानों के हित में केन्द्र सरकार के साथ समन्वय कर लगातार काम कर रही है।

बैतूल में छह दिवसीय आदि बाज़ार महोत्सव का शुभारंभ 21 दिसंबर को

भोपाल  भारत की जनजातीय कला, संस्कृति को प्रदर्शित करने तथा जनजातीय समुदाय के लिए आजीविका के अवसरों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से बैतूल में 21 दिसम्बर को शुभारंभ किया जा रहा है। छह दिवसीय आदि बाज़ार महोत्सव के शुभारंभ में भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ मर्यादित द्वारा जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में किया जा रहा है। केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके मुख्य अतिथि होंगे। श्री हेमंत खंडेलवाल, विधायक, बैतूल विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर TRIFED की क्षेत्रीय प्रबंधक, श्रीमती प्रीति मैथिल ने बताया कि आदि बाज़ार में देशभर से 50 प्रतिभाशाली कारीगर भाग ले रहे हैं, जिनमें मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना एवं पूर्वोत्तर राज्यों के कारीगरों के साथ-साथ बैतूल जिले के स्थानीय कारीगर भी शामिल हैं। जनजातीय समुदायों के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल आदि बाज़ार में भारत की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और शिल्पकला देखने को मिलेगी। आगंतुकों को महेश्वरी, चंदेरी और बाघ प्रिंट साड़ियाँ एवं सूट, डोकरा धातु शिल्प, बांस शिल्प, ब्लैक आयरन क्राफ्ट, जनजातीय पेंटिंग्स, शहद, उपहार, तथा स्थानीय जैविक उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला देखने और खरीदने का अवसर मिलेगा। महोत्सव में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी होंगी।  

01 से 31 जनवरी, 2026 तक चलेगा प्रदेशव्यापी सड़क सुरक्षा अभियान

वर्ष 2025 में 46 हजार से अधिक दुर्घटनाएं और 24 हजार से ज्यादा मौतें गंभीर चेतावनी, एक भी मृत्यु पूरे परिवार के लिए आजीवन पीड़ा है: मुख्यमंत्री जागरूकता अभियान का केंद्र व्यवहार परिवर्तन, तहसील से जिला मुख्यालय तक प्रचार सामग्री, वास्तविक दुर्घटनाओं के उदाहरण और पब्लिक एड्रेस सिस्टम के उपयोग के निर्देश एनएसएस, एनसीसी, आपदा मित्र, स्काउट गाइड और सिविल डिफेंस की भागीदारी से युवाओं को जोड़कर अभियान को जनभागीदारी का स्वरूप देने पर बल ब्लैक स्पॉट सुधार, रोड सेफ्टी ऑडिट, ओवर स्पीडिंग और लेन ड्राइविंग पर नियंत्रण, एक्सप्रेसवे पेट्रोलिंग, क्रेन और एम्बुलेंस बढ़ाने के निर्देश गोल्डन ऑवर में उपचार सर्वोपरि, निजी ट्रॉमा सेंटरों को जोड़ने, 108 और एएलएस एम्बुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम घटाने और स्कूल व भारी वाहनों की फिटनेस जांच के निर्देश लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 01 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक प्रदेशव्यापी “सड़क सुरक्षा माह” आयोजित करने के निर्देश देते हुए कहा है कि नए वर्ष की शुरुआत केवल औपचारिक आयोजनों से नहीं, बल्कि जनजीवन से सीधे जुड़े सड़क सुरक्षा जैसे अत्यंत संवेदनशील विषय पर ठोस संकल्प, व्यापक जनभागीदारी और व्यवहार परिवर्तन के लक्ष्य के साथ होनी चाहिए। शनिवार को शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों, मंडलायुक्तों तथा जनपदों के जिलाधिकारियों के साथ आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा अभियान किसी भी स्थिति में औपचारिकता बनकर न रह जाए, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक के जीवन से जुड़ा जन आंदोलन बने। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा माह को 4-ई मॉडल के आधार पर संचालित किया जाए, जिसमें शिक्षा, प्रवर्तन, इंजीनियरिंग और इमरजेंसी केयर चारों स्तंभों पर समान रूप से और समन्वित ढंग से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि लोगों को केवल नियमों की जानकारी देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह समझाना आवश्यक है कि यातायात नियमों का पालन उनके स्वयं के जीवन, उनके परिवार और समाज की सुरक्षा से सीधे जुड़ा है। शिक्षा के माध्यम से बच्चों, युवाओं और आम नागरिकों में सही सड़क व्यवहार विकसित किया जाए, प्रवर्तन के तहत नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित हो, इंजीनियरिंग के माध्यम से सड़कों के ब्लैक स्पॉट और क्रिटिकल पॉइंट सुधारे जाएं तथा इमरजेंसी केयर के अंतर्गत त्वरित एम्बुलेंस सेवा और बेहतर ट्रॉमा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन चारों स्तंभों पर संतुलित और एकसाथ काम किए बिना सड़क दुर्घटनाओं में वास्तविक कमी संभव नहीं है। बैठक में विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि वर्ष 2025 में नवंबर तक प्रदेश में कुल 46,223 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 24,776 लोगों की मृत्यु हुई है। मुख्यमंत्री ने इन आंकड़ों को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाएं केवल प्रशासनिक या तकनीकी समस्या नहीं हैं, बल्कि यह एक बड़ी सामाजिक चुनौती है। उन्होंने कहा कि एक भी दुर्घटना में किसी व्यक्ति की मृत्यु पूरे परिवार को जीवन भर का दर्द दे जाती है और इस पीड़ा को वही परिवार समझ सकता है। इसी दृष्टिकोण से सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए संवेदनशीलता के साथ-साथ कठोर निर्णय लेना भी आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत जनवरी के पहले सप्ताह में विशेष रूप से जागरूकता पर फोकस किया जाए और सभी विभाग अपनी-अपनी तैयारियां समय से पूरी करें। प्रदेश की प्रत्येक तहसील, ब्लॉक, जिला और सभी प्रमुख मुख्यालयों पर जागरूकता संबंधी प्रचार सामग्री अनिवार्य रूप से लगाई जाए। उन्होंने कहा कि किसी एक वास्तविक सड़क दुर्घटना के उदाहरण को सामने रखकर आमजन को यह समझाया जाए कि एक छोटी सी लापरवाही किस प्रकार पूरे जीवन की दिशा बदल देती है। पब्लिक एड्रेस सिस्टम का व्यापक और प्रभावी उपयोग किया जाए, ताकि यह संदेश हर व्यक्ति तक पहुंचे कि सड़क सुरक्षा किसी और की नहीं, बल्कि उनके अपने जीवन और परिवार से जुड़ा विषय है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस अभियान में राष्ट्रीय सेवा योजना, राष्ट्रीय कैडेट कोर, आपदा मित्र, स्काउट गाइड और सिविल डिफेंस जैसे संगठनों की सक्रिय और प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं और स्वयंसेवी संगठनों की सहभागिता से ही यह अभियान वास्तविक अर्थों में जन आंदोलन बन सकेगा। जब तक समाज स्वयं जिम्मेदारी नहीं लेगा, तब तक केवल सरकारी प्रयासों से अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सकते। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल चालान करना सड़क दुर्घटनाओं का स्थायी समाधान नहीं है। उन्होंने निर्देश दिए कि जो लोग आदतन यातायात नियमों का उल्लंघन करते हैं, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। ऐसे मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस जब्त करने और वाहन सीज करने की स्पष्ट नियमावली तैयार कर उसका सख्ती से पालन कराया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के मामलों में कठोरता अनिवार्य है, क्योंकि यह सीधे तौर पर लोगों की जान से जुड़ा विषय है। मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारकों पर विस्तार से चर्चा करते हुए ब्लैक स्पॉट और क्रिटिकल पॉइंट की पहचान कर उनके त्वरित और स्थायी सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क इंजीनियरिंग की कमियां, खराब साइनज, अव्यवस्थित कट, अंधे मोड़ और अनुचित स्पीड ब्रेकर दुर्घटनाओं को बढ़ाते हैं। लोक निर्माण विभाग तथा अन्य रोड ओनिंग एजेंसियां समयबद्ध ढंग से सुधार कार्य सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल टेबल टॉप स्पीड ब्रेकर ही बनाए जाएं और सभी सड़कों का नियमित रोड सेफ्टी ऑडिट कराया जाए। मुख्यमंत्री ने एम्बुलेंस सेवाओं और स्कूल वाहनों की फिटनेस की विशेष जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में अनफिट वाहन सड़क पर न चलें। इसके साथ ही 300 किलोमीटर से अधिक दूरी की यात्रा करने वाले बड़े यात्री वाहनों में एकल चालक की व्यवस्था समाप्त कर अनिवार्य रूप से दो चालकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि चालक की थकान से होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने ओवर स्पीडिंग रोकने के साथ-साथ लेन ड्राइविंग के प्रति भी आमजन को जागरूक करने पर बल दिया तथा एक्सप्रेसवे पर पेट्रोलिंग, एम्बुलेंस और क्रेन की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को और सुदृढ़ करने पर विशेष बल देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना में जितनी जल्दी घायल को चिकित्सकीय सहायता मिलती है, क्षति की संभावना उतनी ही कम होती है। उन्होंने गोल्डन ऑवर की महत्ता को रेखांकित करते हुए निर्देश … Read more

हवा में इमरजेंसी! PIA फ्लाइट में ऑक्सीजन मास्क गिरते ही मचा हड़कंप, सऊदी में करानी पड़ी लैंडिंग

जेद्दा  जेद्दा से लाहौर जा रही पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) की एक फ्लाइट को शनिवार को उस समय आपात स्थिति में सऊदी अरब में उतरना पड़ा, जब उड़ान के दौरान विमान में तकनीकी खराबी का अलर्ट मिला। इस घटना से विमान में सवार यात्रियों में भारी दहशत फैल गई। PIA के प्रवक्ता के मुताबिक, फ्लाइट PK-860 तय कार्यक्रम के अनुसार रात 8 बजे लाहौर पहुंचने वाली थी, लेकिन तकनीकी समस्या सामने आने के बाद विमान को दमाम स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया। विमान में 381 यात्री सवार थे, जिनमें बड़ी संख्या में उमराह जायरीन भी शामिल थे। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तकनीकी अलर्ट के बाद विमान में ऑक्सीजन मास्क अपने आप गिर गए, जिससे यात्रियों में घबराहट और अफरातफरी मच गई। हालांकि, पायलट और क्रू ने स्थिति को संभालते हुए सुरक्षित लैंडिंग कराई।  रिपोर्ट में यह भी याद दिलाया गया कि पिछले महीने PIA की एक अन्य फ्लाइट PK-859 (लाहौर से जेद्दा) को भी उड़ान के दौरान डायवर्ट कर कराची एयरपोर्ट पर उतारना पड़ा था, क्योंकि फर्स्ट ऑफिसर की विंडशील्ड में दरार आ गई थी। इतना ही नहीं, इस साल मार्च में PIA की एक घरेलू फ्लाइट PK-306 लाहौर में उस हालत में उतरी थी, जब उसके लैंडिंग गियर का एक पहिया गायब पाया गया। हैरानी की बात यह रही कि जांच के बावजूद उस पहिए का कोई सुराग नहीं मिला।   लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने PIA की तकनीकी देखरेख और यात्री सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों और विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि राष्ट्रीय एयरलाइन को सुरक्षा मानकों पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा एवं लैंगिक समानता पर हुआ गहन मंथन

रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन  द्वारा राष्ट्रीय अभियान 'नई चेतना 4.0' के अंतर्गत एक दिवसीय राज्य स्तरीय जेंडर कार्यशाला का आयोजन आज नए सर्किट हाउस रायपुर में किया गया। कार्यशाला में प्रमुख रूप से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन संचालक श्री अश्विनी देवांगन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यशाला में बताया गया कि यह पहल महिलाओं के हक-अधिकारों की रक्षा, सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने एवं जेंडर आधारित हिंसा की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्री सिंह ने कहा कि जेंडर रिसोर्स सेंटर के माध्यम से महिलाओं को एक सशक्त मंच मिलेगा, जहाँ वे अपने अधिकारों की जानकारी प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक क्षेत्र में महिला शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका एवं भागीदारी है। मिशन संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन श्री देवांगन ने कहा कि जेंडर केवल किसी एक विभाग का विषय नहीं है, बल्कि शासन के सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जेंडर को मुख्यधारा में लाने हेतु विभागीय अभिसरण को और अधिक मजबूत करने पर बल दिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों की भूमिका को सुदृढ़ करना तथा महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण के लिए समन्वित कार्यप्रणाली विकसित करना रहा। इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता, सामाजिक समावेशन, जेंडर आधारित हिंसा, शिकायत निवारण तंत्र एवं अधिकार आधारित सेवाओं की पहुँच जैसे विषयों पर विस्तृत परिचर्चा की गई। कार्यशाला में पुलिस विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों द्वारा महिलाओं के हक एवं अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार साझा किए गए। कांकेर जिले की दीदियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जेंडर आधारित हिंसा, सामाजिक भेदभाव तथा जेंडर रिसोर्स सेंटर की भूमिका को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। साथ ही दो पैनल चर्चाओं में महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण में आने वाली बाधाओं तथा विभागीय अभिसरण पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला में राज्य एवं जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारी, विषय विशेषज्ञ, एनएमएमयू प्रतिनिधि, तथा प्रदान, ट्रीफ, चैतन्य संस्था सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ प्रदेश भर से आए जीएमटी, समूह सदस्य, पदाधिकारी एवं अन्य हितधारकों की सक्रिय सहभागिता रही। कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जिला एवं ब्लॉक स्तरीय टीमों को सम्मानित किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि महिलाओं को समय पर सहयोग, सुरक्षित मंच एवं भरोसेमंद तंत्र उपलब्ध कराना ही ‘नई चेतना 4.0’ अभियान का मूल उद्देश्य है।

उप मुख्यमंत्री ने सांसद कप खेल प्रतियोगिता का किया शुभारंभ

खेलों से तन मन स्वस्थ्य रहने के साथ मिलती है अनुशासन की सीख: उप मुख्यमंत्री भोपाल  रीवा जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में 29 अगस्त से सांसद कप खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इस क्रम में रीवा विधानसभा क्षेत्र की सांसद कप खेल प्रतियोगिता का मार्तण्ड उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने शुभारंभ किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों से तन मन स्वस्थ्य रहने के साथ हमें जीवन में अनुशासन की सीख मिलती है। खेलों से प्रतिस्पर्धा की भावना का विकास होता है। सांसद श्री जनार्दन मिश्र ने जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में सांसद कप प्रतियोगिता आयोजित कराके खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया है। सांसद कप खेल प्रतियोगिता में फुटबाल, कबड्डी, बालीवाल, क्रिकेट, कराटे, खो खो जैसे खेलों के साथ-साथ परंपरागत ग्रामीण खेलों जैसे गेंद गिप्पी की भी प्रतियोगिताएं हो रही हैं। सांसद कप खेल प्रतियोगिताओं का भव्य समापन 25 दिसंबर को स्पोटर्स काम्पलेक्स रीवा में किया जायेगा। स्पोटर्स काम्पलेक्स में राष्ट्रीय और विश्व स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए फुटबाल मैदान, एथलेटिक्स तथा इंडोर खेलों की सुविधा है। यह विन्ध्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए बड़ी सौगात है। समारोह में उप मुख्यमंत्री ने विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया। समारोह में अध्यक्ष नगर निगम श्री व्यंकटेश पाण्डेय,श्रीमती हेमलता सिंह, संभागीय खेल अधिकारी एम.के. धौलपुरी तथा बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे।  

जिंदल स्टील के एथलीट्स गुरजोआत सिंह खंगुरा और राइज़ा ढिल्लों ने 68वीं राष्ट्रीय शॉटगन शूटिंग चैंपियनशिप में राष्ट्रीय खिताब जीतकर रचा इतिहास

रायपुर   जिंदल स्टील को यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि उसके समर्थित खिलाड़ियों ने डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज, नई दिल्ली में आयोजित 68वीं राष्ट्रीय शॉटगन शूटिंग चैंपियनशिप (NSSC) में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। उच्च दबाव वाले मुकाबलों की इस श्रृंखला में जिंदल स्टील समर्थित दल ने कई स्वर्ण और रजत पदक जीतकर भारत में उत्कृष्ट खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की कंपनी की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है। सटीकता और धैर्य के शानदार प्रदर्शन में गुरजोआत सिंह खंगुरा ने पुरुष स्कीट स्पर्धा में 2025 राष्ट्रीय चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। रैंक 1 पर रहते हुए खंगुरा ने फाइनल में दमदार प्रदर्शन किया और अनुभवी ओलंपियनों सहित कड़े प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ते हुए जीत दर्ज की। महिला वर्ग में उभरती हुई स्टार राइज़ा ढिल्लों ने स्कीट शूटिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सभी का ध्यान आकर्षित किया। ढिल्लों ने महिला स्कीट और जूनियर महिला स्कीट—दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी असाधारण प्रतिभा का परिचय दिया। उनका यह डबल-पोडियम प्रदर्शन उन्हें भारतीय शूटिंग की सबसे आशाजनक युवा प्रतिभाओं में शामिल करता है। अनुभवी चैंपियन की अनुशासित खेल भावना का प्रदर्शन करते हुए ओलंपियन मिराज अहमद खान ने चैंपियनशिप में दो रजत पदक जीते। उच्चतम स्तर पर उनकी निरंतरता आने वाली पीढ़ी के निशानेबाजों को प्रेरित करती है, और जिंदल स्टील उनके इस प्रेरणादायी सफर का समर्थन जारी रखने पर गर्व महसूस करता है। जिंदल स्टील भारतीय खेलों में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और अपने एथलीट्स की इस शानदार उपलब्धि पर उन्हें हार्दिक बधाई देता है।

भारत जल्द ही बनेगा विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था : केंद्रीय संचार मंत्री श्री सिंधिया

हम सैकड़ों हाथों से कमाएं और हजारों हाथ से बांटे हमारे डीएनए में है उद्यमशीलता देश का सबसे तेज गति से औद्योगिक विकास करने वाला राज्य बना मध्यप्रदेश भारत ने अच्छाई, सच्चाई और संपन्नता को बांटा है विश्व से भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युवा शक्ति ही सदैव नया इतिहास लिखती है। युवाओं की असीम ऊर्जा, नवाचार और उद्यमशील सोच से ही हमारा मध्यप्रदेश लगातार प्रगति के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रदेश युवा ऊर्जा से भरपूर है और सामूहिक प्रयासों से हम विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उद्यमशीलता हम भारतीयों के डीएनए में है। उद्यमिता हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रही है, जिसे आज के नव उद्यमी आधुनिक तकनीक, नवाचार और अपने हुनर से नई दिशा दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में यंग इंटरप्रेन्योर फोरम समिट–2025 को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के नव उद्यमियों ने अपनी मेधा, कौशल और आधुनिक तकनीकी ज्ञान का उपयोग कर रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया है। अपनी लगन, मेहनत और आत्मविश्वास से उन्होंने स्वयं का नया मुकाम बनाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय उद्यमिता की विशेषता यही है कि हम केवल लाभार्जन तक ही सीमित नहीं रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र के हित से भी सदैव जुड़े रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे युवा उद्यमियों ने जोखिम उठाने की क्षमता तथा अपने साहस से समाज और प्रदेश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवा उद्यमियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप सब जो भी करना चाहते हैं, पूरे मनोयोग और आत्मविश्वास के साथ करें। शुरुआत कर ली है तो विस्तार की ओर बढ़ें तथा अगर विस्तार कर रहे हैं तो पूरी समाज को साथ में लेने का प्रयास करें। सरकार सहयोगी बनकर हमेशा आप सबके साथ खड़ी है। नव उद्यमियों को उनका व्यापार-व्यवसाय, बिजनेस यूनिट, औद्योगिक इकाई की स्थापना सहित इसमें उत्पादन प्रारंभ करने तक सभी जरूरी मदद मुहैया कराई जायेगी। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने सपनों को साकार करने की ओर पूरी ताकत और मेहनत से आगे बढ़ें तथा अपने नवाचारों और उद्यमशीलता से आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में फार्मा से लेकर एग्रीकल्चर तक, फिशरीज से लेकर फूड प्रोसेसिंग तक, टेक्नोलॉजी से लेकर टूरिज्म तक ऑटोमोबाइल से लेकर मैनुफैक्चरिंग, हर क्षेत्र में निवेश आ रहा है और रोजगार के नये-नये अवसर सृजित हो रहे हैं। उद्यमिता तभी सफल है जब वह राष्ट्र-कल्याण से भी जुड़ी हो। नये भारत के निर्माण का सुनहरा अवसर युवा उद्यमियों को मिला है तो देश के विकास में अमिट योगदान दीजिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत का उज्जवल भविष्य आज हमारे साथ है। युवाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में विचार, आस्था, उद्यम और निवेश के माध्यम से समाज को दिशा दी है। किसी ने राष्ट्र और मूल्यों को वैचारिक दिशा दी, किसी ने युवाओं को उद्देश्य और अनुशासन से जोड़ा, किसी ने उद्यमिता का आत्मविश्वास जगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत उपभोक्ता नहीं, उत्पादक राष्ट्र बने, यही आज की आवश्यकता है और यह काम युवाओं के संकल्प से ही पूरा होगा। युवा ही भारत को 5 ट्रिलियन इकोनॉमी वाली अर्थव्यवस्था बनाएंगे। भारत में लोक-कल्याण का संस्कार रही है उद्यमिता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में उद्यमिता लोक कल्याण के संस्कार के रूप में हमारे रक्त में बहती है। देश सिर्फ रोजगार से नहीं, उद्यमिता से आगे बढ़ता है। उद्यम से कई लोगों को रोजगार मिलता है, अर्थव्यस्था का पहिया घूमता है। मध्यप्रदेश तेजी से विकसित होते राज्यों में अग्रणी है। पिछले दो वर्ष में हमने उद्योग, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में निर्णायक और दूरगामी कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हमने नया इन्वेस्ट एमपी 3.0 पोर्टल प्रारंभ किया है। ह नया पोर्टल निवेशकों को नीति, अनुमति, प्रोत्साहन तथा एआई आधारित फिजिबिलिटी जैसी कई सुविधाएं एक ही प्लेटफार्म पर उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के पास एक लाख एकड़ का विशाल लैंड बैंक है, मध्यप्रदेश में जीपीएस प्रणाली द्वारा औद्योगिक भूमि बैंक का सुदृढ़ीकरण किया गया है, ताकि निवेशकों को समय पर और उपयुक्त भूमि उपलब्ध हो सके। हमारा उद्देश्य प्रदेश में न केवल निवेश-अनुकूल नीतियां तैयार करना है, बल्कि इनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना भी है। नये स्टार्टअप्स के लिए राज्य सरकार ने लागू की है समग्र और दूरदर्शी नीति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी साल फरवरी में हुई जीआईएस से मध्यदेश को 30.77 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले। इनमें से रुपये 8.57 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। प्रदेश में आज 6 हजार 400 से अधिक स्टार्टअप्स सक्रिय हैं, जिनमें से 3 हजार से अधिक स्टार्टअप यानी लगभग 50 प्रतिशत स्टार्टअप्स महिलाओं द्वारा संचालित है। उन्होंने बताया कि नये स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार ने एक समग्र और दूरदर्शी नीति लागू की है। इसके अंतर्गत सीड फंड के रूप में प्रति स्टार्टअप 30 लाख तक सहायता, उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा मान्यता वाले स्टार्टअप्स के लिए 100 करोड़ का निवेश कोष, निवेश अथवा ऋण पर 18 प्रतिशत तक सहायता और 72 लाख तक सब्सिडी दी जा रही है। घरेलू पेटेंट के लिए रुपये 5 लाख तक की और अंतर्राष्ट्रीय पेटेंट के लिए रुपये 20 लाख की सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश मे रुपये 43 लाख 20 लाख 4 वर्षों में 3 हजार अधिक एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं। पिछले हजार से अधिक नई 26 विनिर्माण इकाइयां स्थापित हुईं। इनमें 66 हजार करोड़ से अधिक निवेश और 1 करोड़ से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने यंग इंटरप्रेन्योर फोरम समिट के आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में हुई यह नई पहल अब देश-विदेश में भी नव उद्यम का नया अलख जगायेगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी के संकल्प से विश्व के लिए इकोनॉमिक पावर हाउस बनेगा नया भारत केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर राज्य विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश के हृदय स्थल मध्यप्रदेश को अपनी क्षमता और संकल्प से राष्ट्रपटल पर … Read more

पाकिस्तान में रेल नेटवर्क पर बड़ा हमला: बलूचिस्तान में जाफर एक्सप्रेस निशाने पर, धमाकों से ट्रेन सेवाएं ठप

पेशावर  पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में एक बार फिर रेलवे को निशाना बनाया गया है। संदिग्ध विद्रोहियों ने शुक्रवार को जाफर एक्सप्रेस और बोलान मेल ट्रेन को उड़ाने की कोशिश में रेलवे ट्रैक पर बम धमाके किए, जिससे ट्रैक को नुकसान पहुंचा और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। क्वेटा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शाहिद नवाज़ ने बताया कि पहला धमाका मुश्काफ इलाके में हुआ, जिसमें करीब तीन फीट रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया। दूसरा धमाका दश्त क्षेत्र में हुआ, जिससे ट्रैक को और नुकसान पहुंचा। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों ही मामलों में जाफर एक्सप्रेस और बोलान मेल यात्री ट्रेनें निशाने पर थीं। धमाकों के बाद मुख्य रेलवे लाइन क्षतिग्रस्त होने से क्वेटा से देश के अन्य हिस्सों के लिए ट्रेन सेवाएं बाधित हो गईं। SSP नवाज़ ने कहा कि “अब क्वेटा से चलने वाली किसी भी यात्री ट्रेन के समय की पुष्टि सुरक्षा एजेंसियों की मंजूरी के बाद ही की जाएगी।”उन्होंने जोर देकर कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और सभी ट्रेनों के लिए विशेष सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। हालात को देखते हुए शनिवार को जाफर एक्सप्रेस की एक विशेष सेवा को पेशावर के लिए रवाना होने की अनुमति दी गई, ताकि यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, सामान्य सेवाएं सुरक्षा क्लियरेंस का इंतजार कर रही हैं।   बार-बार निशाने पर जाफर एक्सप्रेस     यह पहली बार नहीं है जब जाफर एक्सप्रेस पर हमला हुआ हो।     पिछले दो महीनों में कम से कम तीन बार इस ट्रेन और बोलान मेल पर हमले हो चुके हैं।     हालांकि हालिया हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन ट्रैक को भारी नुकसान पहुंचा। इससे पहले 11 मार्च को जाफर एक्सप्रेस पर हुआ हमला बेहद भयावह था, जब आतंकियों ने ट्रेन पर गोलीबारी कर करीब 400 यात्रियों को बंधक बना लिया था। इस हमले में 20 से अधिक लोगों की मौत हुई थी, जबकि सुरक्षा बलों ने अभियान में 33 आतंकियों को मार गिराया था। लगातार हो रहे इन हमलों ने बलूचिस्तान में पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।  

गाइडलाइन दरों में सुधार: छत्तीसगढ़ सरकार का पारदर्शी और सरल व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम

रायपुर, छत्तीसगढ़ गाइडलाइन दरों का निर्धारण नियम, 2000 के प्रावधानों के तहत केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड, छत्तीसगढ़ द्वारा स्थावर संपत्तियों के बाजार मूल्य निर्धारण से संबंधित गाइडलाइन दर वर्ष 2025–26 को अनुमोदित करते हुए 20 नवंबर 2025 से प्रदेशभर में लागू कर दिया गया है। यह निर्णय राज्य में संपत्ति मूल्यांकन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तार्किक और जनसुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। विगत पांच वर्षों से गाइडलाइन दरों का पुनरीक्षण नहीं होने के कारण प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में कई प्रकार की विसंगतियां उत्पन्न हो गई थीं। वर्ष 2025–26 की नवीन गाइडलाइन में इन विसंगतियों को दूर करते हुए दरों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। पूर्व प्रचलित गाइडलाइन में नगर पालिका क्षेत्रों में कुल 200 कंडिकाएं थीं, जिन्हें घटाकर 102 किया गया है। एक ही वार्ड में अलग-अलग कंडिकाओं और भिन्न दरों के कारण आमजन को संपत्ति के मूल्य को समझने में कठिनाई होती थी, जिसे अब सरल और स्पष्ट बनाया गया है। वार्ड परिसीमन के बाद कंडिकाओं में आवश्यक संशोधन कर नई परिस्थितियों के अनुरूप दरें निर्धारित की गई हैं। समाचार पत्रों में प्रकाशित दरों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि वर्ष 2025–26 की गाइडलाइन में लगभग समान दरों को समायोजित कर एकरूप किया गया है, जिससे औसतन लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि परिलक्षित होती है। उदाहरण के तौर पर महासमुंद जिले में नई गाइडलाइन में पूरे रायपुर मार्ग की दर 32,500 रुपये तथा 20 मीटर अंदर की दर 7,500 रुपये निर्धारित की गई है। इसी प्रकार यतियतनलाल वार्ड में परिसीमन के कारण दरों को युक्तियुक्त करते हुए 4,800 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये किया गया है। वार्ड क्रमांक 03 में भी एक ही मार्ग पर स्थित कंडिकाओं को समायोजित कर नई कंडिका सृजित की गई है और दरों में औसतन 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। पुष्पा पेट्रोल पंप से पंकज सोनी के मकान तक निर्धारित दरें शंकर नगर वार्ड के सामने की दरों के अनुरूप रखी गई हैं, जिससे सड़क के आमने-सामने स्थित क्षेत्रों में समान दरें लागू हो सकें। बरोण्डा चौक तथा बरोण्डा चौक से भाजपा कार्यालय तक के क्षेत्रों में भी दरों का युक्तियुक्तकरण करते हुए औसतन 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इसी प्रकार अन्य वार्डों में भी समान परिस्थिति और महत्व के क्षेत्रों में दरों को एकरूप करते हुए संतुलित वृद्धि सुनिश्चित की गई है। राज्य सरकार द्वारा किए गए इस पुनरीक्षण का उद्देश्य वास्तविक प्रचलित बाजार मूल्य को गाइडलाइन दरों में समाहित करना है, ताकि संपत्ति क्रय-विक्रय, स्टांप शुल्क और पंजीयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़े तथा आम नागरिकों को स्पष्ट और न्यायसंगत दरों का लाभ मिल सके। यह पहल छत्तीसगढ़ में सुगम, भरोसेमंद और जनहितैषी संपत्ति मूल्यांकन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।