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आज का राशिफल 22 दिसंबर: मेष से मीन तक जानें आपका दिन कैसा बीतेगा

मेष राशि- आज किस्मत आपका पूरा साथ देगी। नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने के योग बन रहे हैं। जो काम अटके हुए थे, उनमें गति आएगी। सेहत पहले से बेहतर रहेगी। प्रेम और संतान पक्ष भी मजबूत रहेगा। व्यापार में लाभ के संकेत हैं। कुल मिलाकर दिन शुभ रहेगा। पीली वस्तु अपने पास रखें। वृषभ राशि- आज थोड़ा संभलकर चलने की जरूरत है। परिस्थितियां आपके पक्ष में नहीं दिख रही हैं। किसी भी तरह का जोखिम लेने से बचें। बेवजह विवाद या परेशानी में फंस सकते हैं। प्रेम और संतान की स्थिति सामान्य रहेगी। व्यापार ठीक रहेगा, लेकिन सावधानी जरूरी है। पीली वस्तु का दान करें। मिथुन राशि- आज जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बीतेगा। मन खुश रहेगा और दिन कुछ हद तक छुट्टी जैसा महसूस होगा। नौकरी, प्रेम, संतान, सेहत और व्यापार- हर क्षेत्र में स्थिति काफी अच्छी रहेगी। सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी। बजरंगबली को प्रणाम करें। कर्क राशि- आज बड़ों का आशीर्वाद मिलेगा। ज्ञान और समझ में बढ़ोतरी होगी। सेहत थोड़ी मध्यम रह सकती है, इसलिए ध्यान रखें। प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में सुधार रहेगा। व्यापार में भी लाभ के संकेत हैं। भगवान शिव का जलाभिषेक करें। सिंह राशि- आज विद्यार्थियों और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए दिन अच्छा है। लेखक, कवि और कलाकारों को सफलता मिल सकती है। सेहत ठीक रहेगी, लेकिन भावनाओं में बहकर कोई फैसला न लें। प्रेम और संतान पक्ष थोड़ा कमजोर रह सकता है। व्यापार अच्छा चलेगा। पीली वस्तु पास रखें। कन्या राशि- आज मन थोड़ा परेशान और बेचैन रह सकता है। खर्च बढ़ सकते हैं। बेवजह चिंता करने से बचें। हालांकि प्रेम, संतान और व्यापार से जुड़ी स्थिति ठीक रहेगी। मां काली को प्रणाम करते रहें। तुला राशि- आज घर-परिवार में थोड़ी नोकझोंक हो सकती है, लेकिन भूमि, मकान या वाहन खरीदने के योग बन रहे हैं। सेहत अच्छी रहेगी। प्रेम और संतान से खुशी मिलेगी। व्यापार में भी लाभ होगा। बस घरेलू तनाव से बचने की कोशिश करें। पीली वस्तु का दान करें। वृश्चिक राशि- आज आय के नए स्रोत बन सकते हैं। पुराने कामों से भी पैसा मिलने के योग हैं। सेहत अच्छी रहेगी। प्रेम और संतान से सुख मिलेगा। व्यापार में लाभ होगा। हरी वस्तु पास रखें। धनु राशि- आज आपका पराक्रम रंग लाएगा। मेहनत का पूरा फल मिलेगा। व्यापार की स्थिति मजबूत होगी। परिवार और अपनों का सहयोग मिलेगा। सेहत अच्छी रहेगी। प्रेम और संतान का साथ मिलेगा। पीली वस्तु का दान करें। मकर राशि- आज धन लाभ के अच्छे योग बन रहे हैं। परिवार में खुशखबरी मिल सकती है। सेहत अच्छी रहेगी। प्रेम और संतान से जुड़ी बातें आपके पक्ष में रहेंगी। व्यापार में भी फायदा होगा। लाल वस्तु अपने पास रखें। कुंभ राशि- आज मन में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी। जरूरत के अनुसार चीजें जीवन में मिलती जाएंगी। प्रेम और संतान से थोड़ी दूरी महसूस हो सकती है। व्यापार अच्छा रहेगा। लाल वस्तु पास रखें। मीन राशि- आज व्यापार की स्थिति अच्छी रहेगी। सरकारी कामों में सफलता मिल सकती है। कोर्ट-कचहरी के मामलों में जीत के संकेत हैं। सेहत, प्रेम और व्यापार तीनों ही अच्छे रहेंगे। लाल वस्तु का दान करें।

दिल्ली-NCR के भविष्य की सुरक्षा: अखिलेश यादव ने अरावली संरक्षण पर दी लंबी पोस्ट

लखनऊ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दिल्लीवासियों को अरावली पहाड़ियों को बचाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अरावली को बचाना कोई विकल्प नहीं बल्कि संकल्प होना चाहिए। एक्स पर लिखे गए एक लंबे संदेश में उन्होंने कहा कि बची रहे जो ‘अरावली’ तो दिल्ली रहे हरीभरी! उन्होंने कहा कि अरावली को बचाना कोई विकल्प नहीं है बल्कि ये तो संकल्प होना चाहिए। मत भूलिए कि अरावली बचेगी तो ही एनसीआर बचेगा। अरावली को बचाना अपरिहार्य है क्योंकि यह दिल्ली और एनसीआर के लिए एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच है या कहें क़ुदरती ढाल है। अरावली ही दिल्ली के ओझल हो चुके तारों को फिर से दिखा सकती है, पर्यावरण को बचा सकती है। अरावली पर्वतमाला ही दिल्ली के वायु प्रदूषण को कम करती है और बारिश-पानी में अहम भूमिका निभाती है। अरावली से ही एनसीआर की जैव विविधता बची हुई है। जो वेटलैंड गायब होते चले जा रहे हैं, उन्हें यही बचा सकती है। गुम हो रहे परिंदों को वापस बुला सकती है। अरावली से ही एनसीआर का तापमान नियंत्रित होता है। इसके अलावा अरावली से एक भावात्मक लगाव भी है जो दिल्ली की सांस्कृतिक-ऐतिहासिक धरोहर का हिस्सा है। अरावली को बचाना, दिल्ली के भविष्य को बचाना है, नहीं तो एक-एक साँस लेने के लिए संघर्ष कर रहे दिल्लीवासी स्मॉग जैसे जानलेवा हालात से कभी बाहर नहीं आ पाएंगे। आज एनसीआर के बुज़ुर्ग, बीमार और बच्चों पर प्रदूषण का सबसे ख़राब और ख़तरनाक असर पड़ रहा है। यहाँ के विश्व प्रसिद्ध हॉस्पिटल और मेडिकल सर्विस सेक्टर तक बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जो लोग बीमारी ठीक करने दिल्ली आते थे, वो अब और बीमार होने नहीं आ रहे हैं। – यही हाल रहा तो उत्तर भारत के सबसे बड़े बाज़ार और आर्थिक केंद्र के रूप में भी दिल्ली अपनी अहमियत खो देगी। – ⁠विदेशी तो छोड़िए, देश के पर्यटक भी यहाँ नहीं आएंगे। – ⁠न ही दिल्ली में कोई बड़ा इवेंट आयोजित होगा। – ⁠न ही कोई राजनीतिक, शैक्षिक, अकादमिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक सम्मेलन आयोजित होगा। – ⁠न ही ओलंपिक, कॉमनवेल्थ या एशियाड जैसी कोई बड़ी खेल प्रतियोगिता आयोजित होगी। – ⁠यहाँ का होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी-कैब, गाइड, हैंडीक्राफ़्ट बिज़नेस, हर काम-कारोबार व अन्य सभी आर्थिक-सामाजिक गतिविधियाँ ठप्प हो जाने के कगार पर पहुँच जाएंगी। – ⁠जब प्रदूषण की वजह से हवाई जहाज़ नहीं चलेंगे, ट्रेनें घंटों लेट होंगी, सड़क परिवहन असुरक्षित हो जाएगा, तो दिल्ली कौन आएगा। – ⁠यहाँ तक कि इसका असर ये भी पड़ेगा कि लोग अपने बेटी-बेटे की शादी तय करने से पहले दिल्ली के हवा-पानी के बारे में सोचने लगेंगे। – ⁠इसीलिए हर नागरिक के साथ हर स्कूल-कोचिंग, हर व्यापारी, हर कारोबारी, हर दुकानदार, हर रेहड़ी-पटरीवाले, हर घर-परिवार तक को ‘अरावली बचाओ’ अभियान का हिस्सा बनना चाहिए। – ⁠हर चैनल, हर अख़बार को ये अभियान चलाना चाहिए। अरावली को बचाना मतलब ख़ुद को बचाना है। अगर अरावली का विनाश नहीं रोका गया तो भाजपा की अवैध खनन को वैध बनाने की साज़िश और ज़मीन की बेइंतहा भूख देश की राजधानी को दुनिया की ‘प्रदूषण राजधानी’ बना देगी और लोग दिल्ली छोड़ने को बाध्य हो जाएंगे। इसीलिए आइए हम सब मिलकर अरावली बचाएं और भाजपा की गंदी राजनीति को जनता और जनमत की ताक़त से हराएं! उनका ये संदेश सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।

बाबरी मस्जिद विवाद पर मोहन भागवत की दो-टूक: ‘इससे न हिंदुओं का भला होगा, न मुसलमानों का’

कोलकाता  पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद के लिए नींव डाले जाने पर आरएसएस चीफ मोहन भागवत की प्रतिक्रिया है। मोहन भागवत ने कहा कि यह एक सियासी साजिश है। बाबरी मस्जिद फिर से बनाने का विवाद वोटों के लिए खड़ा किया जा रहा है। मोहन भागवत ने कहा कि इससे ना तो हिंदुओं का भला होने वाला है और ना ही मुसलमानों का। गौरतलब है कि टीएमसी से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने बेलडांगा में बाबरी मस्जिद बनाने का ऐलान किया है।   मोहन भागवत से पूछा गया कि क्या सरकारी पैसे धार्मिक स्थल का निर्माण करना ठीक है? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि सरकार को मंदिर या कोई भी धार्मिक स्थल नहीं बनाना चाहिए। यही नियम है। उन्होंने कहाकि सोमनाथ मंदिर बनाया गया था। उस समय सरदार वल्लभभाई पटेल गृहमंत्री थे। राष्ट्रपति भी उद्धाटन समारोह में शामिल हुए थे। लेकिन इसमें सरकारी पैसे का इस्तेमाल नहीं हुआ था। आरएसएस प्रमुख ने आगे कहा कि राम मंदिर भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बनाया गया था। सरकार से ट्रस्ट बनाने के लिए कहा गया था और उन्होंने वैसा ही किया। सरकार ने पैसा नहीं दिया था, बल्कि हम लोगों ने सहयोग से धन जुटाया था। इससे पहले विहिप ने कहा था कि मुर्शिदाबाद में अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मस्जिद का निर्माण करना भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत अपराध है। साथ ही पश्चिम बंगाल सरकार से निलंबित टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने का आग्रह किया। गौरतलब है कि छह दिसंबर को, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के निलंबित नेता कबीर ने मुर्शिदाबाद जिले के रेजिनगर में अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तर्ज पर बनाई जाने वाली मस्जिद की आधारशिला रखी। इससे अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले से ही ध्रुवीकृत पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल और भी गर्म हो गया।  

शहडोल से दर्दनाक खबर: MBBS फाइनल ईयर की छात्रा ने लगाई फांसी, तनाव में होने की आशंका

शहडोल बिरसा मुंडा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में अध्ययनरत एमबीबीएस फाइनल ईयर की छात्रा ने रविवार सुबह घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना शनिवार सुबह करीब चार बजे की बताई जा रही है। प्रारंभिक तौर पर आत्महत्या का कारण मानसिक तनाव माना जा रहा है, हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस का क्या कहना पुलिस के अनुसार मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत 25 वर्षीय छात्रा शिखा बैगा, पिता सोहनलाल बैगा, की मौत फांसी लगाने से हुई है। रविवार सुबह जब उसकी बहन कमरे में पहुंची तो शिखा को फांसी के फंदे पर लटका देखा। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में हड़कंप मच गया। सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने छात्रा के कमरे से मोबाइल और टैबलेट जब्त किए हैं। जांच में सामने आया है कि छात्रा ने अपने ही नंबर पर एक संदेश टाइप किया था, जिसमें उसने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए अगले जन्म में भी उन्हें माता-पिता बनाने की बात लिखी है। संदेश में पढ़ाई को लेकर मानसिक उलझन और तनाव का उल्लेख भी किया गया है। पुलिस इन्हीं तथ्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है। हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करती थी बताया गया कि शिखा मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करती थी। रविवार को अवकाश होने के कारण वह शनिवार दोपहर पिता के साथ घर आई थी। इससे पहले करीब दो माह पूर्व कॉलेज में भी उसने आत्महत्या का प्रयास किया था। उस समय रूममेट्स की सूचना पर कॉलेज प्रबंधन ने हस्तक्षेप कर उसकी काउंसलिंग कराई थी और स्वजनों को भी अवगत कराया था। शिखा के पिता सोहनलाल बैगा रेलवे में लोको पायलट के पद पर पदस्थ हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पांच बेटियां हैं, जिनमें शिखा दूसरे नंबर की थी। मेडिकल कॉलेज वालों ने क्या कहा मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. गिरीश बी. रामटेक ने बताया कि मेडिकल कॉलेज की छात्रा ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या की है। यह अत्यंत दुखद है। छात्रा ने हॉस्टल में पहले भी आत्महत्या का प्रयास किया था, जिसकी काउंसलिंग और उपचार कराया जा रहा था, लेकिन यह अनुमान नहीं था कि वह ऐसा कदम उठा लेगी। जांच जारी कोतवाली थाने में पदस्थ उप निरीक्षक उपेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही टीम को मौके पर भेजा गया है। आत्महत्या का कारण अभी अज्ञात है। मर्ग कायम कर विवेचना की जा रही है। छात्रा के मोबाइल में टाइप किए गए संदेशों की भी जांच की जा रही है।

मेहंदीपुर बालाजी में CM रेखा गुप्ता की विशेष पूजा-अर्चना, परिवार भी साथ

दौसा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शनिवार को अपने पति मनीष गुप्ता के साथ दौसा जिले के प्रसिद्ध सिद्धपीठ आस्थाधाम मेहंदीपुर बालाजी पहुंचीं। मंदिर पहुंचने पर सिद्धपीठ के महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक भावना से जुड़ा रहा।   गर्भगृह के समक्ष विशेष पूजा-अर्चना मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंदिर के गर्भगृह के सामने बैठकर पति मनीष गुप्ता के साथ विशेष पूजा-अर्चना की। महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज के सान्निध्य में पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न कराई। पूजा के दौरान मुख्यमंत्री ने बालाजी महाराज से देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।   दर्शन के बाद मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया दर्शन के पश्चात मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मेहंदीपुर बालाजी में उनकी गहरी आस्था है और यहां आकर उन्हें आत्मिक शांति का अनुभव होता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला मेहंदीपुर बालाजी दर्शन है। इससे पहले वह खाटू श्याम और सालासर बालाजी में भी दर्शन कर चुकी हैं।   भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने किया स्वागत मुख्यमंत्री के मंदिर आगमन पर भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर गोठवाल, करौली जिलाध्यक्ष गोरधन सिंह जादौन, जिला महामंत्री लेखपाल कसाना, विपिन जैन, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. रतन तिवाड़ी, खंडार विधायक जितेंद्र गोठवाल, भाजपा एससी मोर्चा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सहित अन्य पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे। जिला अध्यक्ष को लेकर बना असहज माहौल मुख्यमंत्री के स्वागत के दौरान दौसा भाजपा जिला अध्यक्ष लक्ष्मी रेला को मंदिर परिसर में असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। लक्ष्मी रेला अपनी कार्यकारिणी के साथ मंदिर परिसर में मौजूद थीं, जहां मानपुर डीएसपी धर्मराज चौधरी ने उन्हें बाहर भेज दिया। जिला अध्यक्ष लक्ष्मी रेला ने कहा कि उनके पास अनुमति थी, इसके बावजूद उन्हें बाहर निकाला गया। वहीं डीएसपी धर्मराज चौधरी ने बताया कि उन्होंने जिला अध्यक्ष को समझाकर मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए बाहर भेजा था और किसी प्रकार की अनुचित कार्रवाई नहीं की गई।   सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था रही सख्त मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर मेहंदीपुर बालाजी मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। प्रोटोकॉल ड्यूटी में जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार, एसपी सागर राणा, करौली एसपी लोकेश सोनवाल, एडीएम अरविंद शर्मा, सिकराय एसडीएम नवनीत कुमार सहित पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी गई।

वीडियो वायरल: रीवा में अवैध वसूली का आरोप, ट्रक ड्राइवर ने RTO कर्मचारी को चलती गाड़ी में खिड़की से लटकाया

रीवा हनुमना बॉर्डर पर आरटीओ विभाग की कथित अवैध वसूली के खिलाफ एक ट्रक ड्राइवर का गुस्सा इस कदर फूटा कि उसने वसूली करने वाले व्यक्ति को ट्रक से लटकाकर कई किलोमीटर तक गाड़ी दौड़ाई। इंटरनेट मीडिया पर वायरल वीडियो में शख्स ट्रक की खिड़की पर लटककर जान की भीख मांगता और पैर पड़ता नजर आ रहा है, जबकि ड्राइवर उसे रीवा तक ले जाने की बात कह रहा है। ट्रक ड्राइवर ने आरटीओ कर्मी को खिड़की पर लटकाकर दौड़ाया ट्रक ट्रक ड्राइवर का आरोप है कि आरटीओ कर्मी नाके पर अवैध वसूली के नाम पर लगातार परेशान किया जा रहा था। वीडियो सामने आने के बाद आरटीओ विभाग और मऊगंज जिला प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि यह वीडियो कब का है इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। परंतु ट्रक में बैठे ड्राइवर और खलासी स्पष्ट रूप से यह बोल रहे हैं कि तुम्हें मऊगंज से रीवा तक ले जाएंगे। इंटरनेट मीडिया में वीडियो सामने आया है मामले की जांच के लिए आरटीओ रीवा को लिखा गया है जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। संजय जैन कलेक्टर मऊगंज।

बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, संस्कार और आत्मविश्वास जरूरी : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि बच्चों को शिक्षित, संस्कारित बनाने के साथ ही उनमें आत्मविश्वास की भावना जागृत करने की जरूरत है जिससे यह बच्चे आगे चलकर देश को आर्थिक महाशक्ति तक पहुंचाने में अपनी भूमिका का निर्वहन कर सकें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल रीवा के निजी विद्यालय के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि बच्चों द्वारा दी गई प्रस्तुतियाँ यह दर्शाती हैं कि उनमें कितनी प्रतिभा है। उन्होंने कहा कि यह बच्चे ऐसे समय के विद्यार्थी हैं जब देश काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन्हीं बच्चों को ही 2047 में जब भारत आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा तब विश्वगुरू बनकर देश का नेतृत्व करने में अपना योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बच्चों द्वारा दी गई प्रस्तुतियाँ उनके आत्मविश्वास को प्रदर्शित कर रहीं थीं। बच्चों को गढ़ने में अध्यापक की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। बच्चों में दया, करूणा व परोपकार के भाव जागृत करें जिससे यही बच्चे समाज में अपना उत्कृष्ट स्थान बना सकें। उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि वह धैर्य रखकर अपने मंजिल की तरफ बढ़ें। कार्यक्रम में नगर निगम के अध्यक्ष श्री व्यंकटेश पाण्डेय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि विद्यालय के अध्यापक, विद्यार्थी तथा उनके परिजन उपस्थित रहे।  

जहर के ‘तड़के’ ने उजाड़ा परिवार, पन्ना में अंधविश्वास के चलते 5 लोगों की हालत गंभीर

पन्ना बुंदेलखंड के हिस्सों में शिक्षा की कमी कहे या स्वस्थ व्यवस्था पर लोगो का विश्वास ना करना या फिर यूं कहें अंधविश्वास की जड़ें समाज में इतनी गहरी हो चूंकि हैं, की फिर से एक मामले ने इस चर्चा को हवा दी है जिसकी यह खौफनाक तस्वीर सामने आई है मध्य प्रदेश के पन्ना से। यहां एक ही परिवार के पांच लोग मौत के मुंह में जाते-जाते बचे। ​मामला धरमपुर जमुनिया गांव का है, जहां रात के खाने में 'कुदवा की रोटी' और 'चने की भाजी' खाना एक परिवार को भारी पड़ गया। झाड़फूंक काम नहीं आई खाना खाते ही राजकुमार, हरिराम, रिंकी, अनामिका और छोटे आदिवासी को तेज उल्टियां और चक्कर आने लगे। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि चीख-पुकार मचने के बाद परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय पूरी रात घर पर झाड़फूंक करवाते रहे। जब हालत नाजुक हो गई और झाड़फूंक काम नहीं आई, तब ग्रामीणों की मदद से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुन्नौर ले जाया गया।   डॉक्टरी इलाज ही बचा सकता है जान डॉक्टरों ने इसे गंभीर फूड पॉइजनिंग बताया है। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को आज जिला अस्पताल पन्ना रेफर कर दिया गया है। फिलहाल डॉक्टर उनकी जान बचाने की जद्दोजहद में जुटे हैं। यह घटना सबक है कि बीमारी में दुआ और झाड़फूंक नहीं, बल्कि सही समय पर डॉक्टरी इलाज ही जान बचा सकता है। रात में कुदवा की रोटी ओर चना की भाजी खाई थी जिसके बाद तवियत बिगड़ गई आगा की कुछ बाहरी भीतरी हो गया है इस लिए खबर में ही पहले झाड़ फूक करवा ली जब तवियत सही नही हुई तो पहले गुन्नौर लेकर गए बाद में पन्ना आए।   

ग्रामीण रोजगार को बड़ी सौगात: ‘जी राम जी’ विधेयक बना कानून, अब 125 दिन मिलेगा काम

नई दिल्ली  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-जी राम जी) विधेयक, 2025 को मंजूरी दे दी है। इस तरह मनरेगा की जगह अब 'जी राम जी' कानून बन गया है। ग्रामीण परिवारों के लिए अब हर साल मजदूरी रोजगार गारंटी को 125 दिनों तक बढ़ा दिया गया है। संसद में गुरुवार को विपक्ष के विरोध के बीच जी राम जी विधेयक पारित हुआ। ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस ने बापू के आदर्शों की हत्या की, जबकि मोदी सरकार ने उन्हें जिंदा रखा है। मनरेगा योजना की जगह नया विधेयक लाने और उसमें से महात्मा गांधी का नाम हटाने को लेकर विपक्ष के आरोपों को चौहान ने सिरे से खारिज कर दिया।   शिवराज सिंह चौहान ने आरोप लगाया, ‘कांग्रेस नीत सरकार ने मनरेगा को भी ताकत के साथ लागू नहीं किया और प्रधानमंत्री मोदी ने इसे सही से क्रियान्वित किया।’ उन्होंने यूपीए और राजग सरकार के समय इस योजना के क्रियान्वयन की तुलना करते हुए कहा कि कांग्रेस के समय जहां 1660 करोड़ श्रम दिवस सृजित हुए थे, वहीं मोदी सरकार में 3210 करोड़ श्रम दिवस का सृजन किया गया। मोदी सरकार से पहले इस योजना में महिलाओं की भागीदारी 48 प्रतिशत थी, जो इस सरकार के समय 56.73 प्रतिशत हो गई। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘कांग्रेस पार्टी ने तो गांधी का नाम चुराने का पाप किया है।’ क्या है जी राम जी कानून जी राम जी कानून प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' विजन के साथ जुड़ा हुआ है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और कृषि उत्पादकता को मजबूत करना है। विधेयक में ग्रामीण परिवारों के लिए सालाना रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है, साथ ही स्थानीय नियोजन, श्रमिक सुरक्षा और योजनाओं के एकीकरण पर जोर दिया गया है। इस कानून का मकसद ग्रामीण आय सुरक्षा को मजबूत करना, अग्रिम पंक्ति की योजनाओं का एकीकरण और कृषि-रोजगार संतुलन है। सरकार का कहना है कि यह कानून ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरी रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देगा। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग पर ध्यान केंद्रित करेगा।  

अरावली पर संकट के खिलाफ हुंकार: ग्रामीणों का पहाड़ियों पर चढ़कर आक्रोश, जानिए पूरी मांग सूची

अलवर राजस्थान की जीवनरेखा मानी जाने वाली अरावली पर्वतमाला के अस्तित्व पर मंडराते संकट को देखते हुए अब ग्रामीण सड़कों से लेकर पहाड़ियों तक लामबंद होने लगे हैं। सुप्रीम कोर्ट की हालिया गाइडलाइन के बाद, जिसमें 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों को अरावली श्रृंखला से बाहर मानने की चर्चा है, बानसूर क्षेत्र में विरोध की आग तेज हो गई है। रविवार को बिलाली क्षेत्र में सैंकड़ों ग्रामीणों ने पहाड़ियों पर चढ़कर प्रशासन और न्यायपालिका के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने पहाड़ियों की चोटियों पर तिरंगा और तख्तियां लेकर अरावली बचाओ, भविष्य बचाओ के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि अरावली उनके लिए केवल पत्थर के पहाड़ नहीं, बल्कि जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा करने वाली एक प्राकृतिक दीवार है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि इन पहाड़ियों को अरावली का हिस्सा नहीं माना गया, तो भू-माफिया और अवैध खनन करने वाले लोग इसे पूरी तरह नष्ट कर देंगे। प्रदर्शन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता ओमप्रकाश गुर्जर ने संबोधित करते हुए कहा कि क्षेत्र में पहले से ही भूजल स्तर चिंताजनक रूप से नीचे जा रहा है। अरावली की ये पहाड़ियां वर्षा जल को रोकने और जमीन को रिचार्ज करने का मुख्य स्रोत हैं। यदि इन्हें अरावली के दायरे से बाहर कर खनन की अनुमति दी गई, तो आने वाली पीढ़ियां पानी की एक-एक बूंद को तरस जाएंगी। अरावली हमारी प्राकृतिक धरोहर और आन-बान-शान का प्रतीक है, जिसे किसी भी कीमत पर मिटने नहीं दिया जाएगा। सभी छोटी-बड़ी पहाड़ियों को पूर्ण संरक्षण प्रदान करें ग्रामीणों का आरोप है कि नई गाइडलाइन से पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भारी धक्का लगेगा। इससे न केवल वन्यजीवों का आवास छीन जाएगा, बल्कि मरुस्थलीकरण की प्रक्रिया भी तेज होगी। प्रदर्शनकारियों ने सामूहिक रूप से मांग की है कि सरकार और न्यायपालिका जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए अरावली की सभी छोटी-बड़ी पहाड़ियों को पूर्ण संरक्षण प्रदान करें। चेतावनी: ग्रामीणों ने दो-टूक शब्दों में कहा है कि यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया, तो यह आंदोलन केवल बानसूर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे पूरे प्रदेश स्तर पर बड़े जन-आंदोलन का रूप दिया जाएगा।