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विश्व ध्यान दिवस पर मध्यप्रदेश पुलिस की ऐतिहासिक सहभागिता

2800 केंद्रों से 50 हजार से अधिक पुलिसकर्मी सामूहिक ध्यान से जुड़े भोपाल  विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर 21 दिसंबर को हार्टफुलनेस फाउंडेशन के सहयोग से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा एक व्यापक एवं अनुकरणीय सामूहिक ध्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ध्यान सत्र के शुभारंभ अवसर पर हार्टफुलनेस प्रशिक्षकों एवं समन्वयकों की उपस्थिति में ऑनलाइन माध्यम से आयोजित इस सत्र में प्रदेश के सभी जिलों के थानों में पदस्थ पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु प्रत्येक जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया, जबकि प्रत्येक थाने में पुलिस समन्वयक निर्धारित किए गए थे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रातः 10:00 बजे से 11:15 बजे तक रिलैक्सेशन, गाइडेड ध्यान एवं आत्मावलोकन सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण हार्टफुलनेस मुख्यालय कान्हा शांतिवनम, हैदराबाद से किया गया। विश्व स्तर पर आयोजित इस ध्यान सत्र में लगभग एक करोड़ लोगों ने सहभागिता की, जिसमें मध्यप्रदेश पुलिस के 2800 केंद्रों से 50 हजार से अधिक पुलिसकर्मी जिला, थाना एवं बीट स्तर तक ज़ूम माध्यम से जुड़े। यह मध्यप्रदेश पुलिस के लिए न केवल एक अभूतपूर्व सहभागिता रही, बल्कि पुलिस कल्याण के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान भी स्थापित हुआ। साप्ताहिक ध्यान कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के निर्देशानुसार 21 दिसंबर 2025 से प्रदेश के सभी पुलिस थानों में साप्ताहिक ध्यान कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश पुलिस एवं हार्टफुलनेस संस्था के मध्य फरवरी 2025 में हुए एमओयू के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है, जिसके तहत पुलिसकर्मियों को निःशुल्क ध्यान प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। थाना, यातायात, महिला थाना, अजाक, अपराध शाखा सहित सभी इकाइयों में प्रत्येक रविवार को नियमित ध्यान सत्र आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान हार्टफुलनेस फाउंडेशन के प्रणेता एवं वैश्विक आध्यात्मिक मार्गदर्शक पूज्य दाजी द्वारा मध्यप्रदेश पुलिस में साप्ताहिक ध्यान को सुदृढ़ करने की दिशा में 1200 रिलैक्सेशन एवं मेडिटेशन सेंटर्स को पुलिस थानों एवं पुलिस लाइनों में प्रारंभ करने की घोषणा की गई। ऑनलाइन सामूहिक ध्यान सत्र 21 दिसंबर को शुभारंभ के अवसर पर हार्टफुलनेस प्रशिक्षकों एवं समन्वयकों की उपस्थिति में ऑनलाइन माध्यम से सामूहिक ध्यान सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रातः 9:30 बजे से सत्रबद्ध रूप से मार्गदर्शन, ध्यान प्रक्रिया की सरल विधियां, रिलैक्सेशन अभ्यास, कान्हा शांतिवनम से लाइव ध्यान सत्र, माननीय मुख्यमंत्री का प्रेरक संदेश तथा राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। कार्यक्रम के आरंभ में पुलिस मुख्यालय से उप पुलिस महानिरीक्षक श्री विनीत कपूर (PSO To DGP) द्वारा ध्यान के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। उन्होंने ध्यान को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा से जोड़ते हुए इसके ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहलुओं की व्याख्या की। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि नियमित ध्यान किस प्रकार पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता, मानसिक संतुलन, निर्णय क्षमता एवं तनाव प्रबंधन में सहायक सिद्ध होता है। वैश्विक निःशुल्क ऑनलाइन ध्यान सत्र विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर आज रात्रि 8:00 बजे, हार्टफुलनेस के ग्लोबल गाइड पूज्य श्री दाजी द्वारा 20 मिनट का निःशुल्क वैश्विक ऑनलाइन ध्यान सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिक एवं पुलिसकर्मियों सहभागिता करेंगे। मानसिक सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम यह सामूहिक ध्यान कार्यक्रम पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, आत्मसंयम एवं सकारात्मक सोच को सुदृढ़ करने की दिशा में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ है। ध्यान एवं आत्मावलोकन से पुलिसकर्मियों में कार्यक्षमता, निर्णय क्षमता एवं मानवीय संवेदनशीलता में वृद्धि होती है, जो प्रभावी, संवेदनशील एवं जनोन्मुखी पुलिसिंग की आधारशिला है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा इस प्रकार के आयोजनों से यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश पुलिस न केवल कानून-व्यवस्था के दायित्वों के प्रति प्रतिबद्ध है, बल्कि अपने बल के मानसिक, भावनात्मक एवं नैतिक सशक्तिकरण के लिए भी सतत प्रयासरत है।  

पल्स पोलियो : बस्तर में 1.25 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी दवा

बस्तर बस्तर जिले में रविवार को पोलियो के खिलाफ जंग को और मजबूत बनाने के लिए राष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान के तहत पोलियो की दवा पिलाई जा रही है। रविवार 21 दिसंबर को इस मेगा अभियान में 0 से 5 वर्ष के 1 लाख 24 हजार 377 बच्चों को पोलियो की जीवन रक्षक दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिला प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि कोई भी बच्चा वंचित न रहे, और शत-प्रतिशत कवरेज हासिल हो। कलेक्टर हरिस एस ने बताया कि विभिन्न विभागों के मैदानी अमले के साथ समन्वय स्थापित कर प्रचार-प्रसार किया गया है। हर गांव, हर पारे-टोले तक संदेश भी पहुंचाया गया है, जिससे कि 100 प्रतिशत बच्चों को दवा पिलाया जा सके। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक ने बताया कि जिले में कुल 498 बूथ स्थापित किए गए है, जिनमें जगदलपुर शहरी क्षेत्र में 72 बूथ शामिल हैं। इसके अलावा, 100 सुपरवाइजर, 1992 टीकाकरण कार्यकर्ताओं, 20 मोबाइल टीम और 24 ट्रांजिट टीम तैनात रहेंगी। विशेष रूप से उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। मोबाइल टीमें बाजारों, मेला-मड़ई, ईंट भट्टों, भवन निर्माण स्थलों, घुमंतु बसाहटों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर आने-जाने वाले बच्चों को दवा पिलाई जाएगी। सीएमएचओ डॉ. बसाक ने बताया  कि यह अभियान न केवल पोलियो को जड़ से समाप्त करेगा, बल्कि हर्ड इम्युनिटी को मजबूत बनाकर वातावरण में मौजूद वाइल्ड पोलियो वायरस को निष्क्रिय कर देगा।

‘भारत को बांग्लादेश बनाने की साजिश’— आचार्य प्रमोद कृष्णम का विपक्ष पर बड़ा आरोप

हापुड़  हापुड़ में एक कार्यक्रम में आचार्य प्रमोद कृष्णम पहुंचे। यहां उन्होंने राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। ब्रजघाट में आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर सलाह दी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी तथा समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। आचार्य प्रमोद ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि वे बिना वजह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसलों का विरोध करते हैं और देश को अस्थिर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। 'हिजाब विवाद पर CM का किया बचाव' बिहार के हिजाब विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आचार्य प्रमोद कृष्णम ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बचाव किया। उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री राज्य के अभिभावक होते हैं, पिता की तरह। अगर कोई पिता अपनी बेटी से मिलते समय भी बहुत ज्यादा औपचारिकता बरते, तो पिता-बेटी के रिश्ते की पवित्रता खराब होती है। एक पिता के तौर पर नीतीश कुमार ने बस अपनी बेटी का घूंघट छुआ या ठीक किया। इस पर हंगामा करने की कोई जरूरत नहीं है।' उन्होंने इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से तूल दिए जाने की आलोचना की और कहा कि ऐसे विवाद राजनीतिक लाभ के लिए उछाले जाते हैं।   मस्जिद और चर्च से नहीं कोई आपत्ति मस्जिद और चर्च निर्माण के मुद्दे पर बोलते हुए आचार्य प्रमोद ने स्पष्ट किया कि उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा, 'हमें मस्जिद या चर्च बनने से कभी कोई आपत्ति नहीं रही है। पहले से ही हजारों मस्जिदें हैं। एक और बनने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। हालांकि, मस्जिद हमलावरों या लुटेरों के नाम पर नहीं बननी चाहिए।' उन्होंने जोर देकर कहा कि धार्मिक स्थलों का निर्माण शांतिपूर्ण उद्देश्यों से होना चाहिए, न कि ऐतिहासिक आक्रांताओं के नाम पर। भारत में विविधता बनाए रखना जरूरी है। गैरजिम्मेदाराना बयान न दे विपक्ष कोडीन कफ सिरप मामले पर अखिलेश यादव के बयान की प्रतिक्रिया में आचार्य प्रमोद ने सपा प्रमुख को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, 'अखिलेश यादव एक पढ़े-लिखे और काबिल इंसान हैं। हालांकि, राहुल गांधी के नेतृत्व में आने के बाद से उन्होंने भी बेतुके और गैर-जिम्मेदाराना बयान देना शुरू कर दिया है। ऐसा लगता है कि राहुल गांधी का असर अखिलेश यादव के सिर पर चढ़ गया है। 2027 के चुनाव आ रहे हैं, और अखिलेश यादव को भारतीय लोकतंत्र की गरिमा को समझते हुए उनकी तैयारी करनी चाहिए और समाजवादी विचारधारा को ज़िम्मेदार और सही तरीके से पेश करना चाहिए।'

120 चिकित्सकों-वैद्यों ने 400 से अधिक मरीजों को दिया निःशुल्क परामर्श

भोपाल  अंतर्राष्ट्रीय वन मेले के पांचवें दिन रविवार को कॉन्फ्रेन्स हॉल में केता-विक्रेता सम्मेलन का आयोजन हुआ। सम्मेलन में प्रदेश की विभिन्न प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के प्रबंधक, वन-धन केन्द्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया एवं उनके क्षेत्रों में संग्रहित लघु वनोपजों जैसे- आंवला, अमलतास फली, भृंगराज, पचांग, मुई आंवला, हर्रा कचरिया, भिलावा, गिलोय, बायबडंग, नागरमोथा, गोरखमुण्डी, हिंगोट, देवदाली, बेलगूदा, पलाश गोंद, कटसरैया इत्यादि की उपलब्धता की जानकारी दी गई। वन मेले में अब तक 1 करोड़ रूपये से अधिक के हर्बल औषधियों और वन उत्पादों की बिकी हो चुकी है। अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में पांचवें दिन आयोजित क्रेता विक्रेता सम्मेलन में मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ की एमडी डॉ. समीता राजोरा ने बताया कि वनोपज सहकारी समितियों और वन-धन केन्द्रों के प्रतिनिधियों द्वारा दि गई जानकारी के आधार पर लघु वनोपज प्रसंस्करण केन्द्र उच्च गुणवत्ता की औषधियों के क्रय का अनुबंध किया जायेगा। सम्मेलन में मुख्य वन संरक्षक श्री अशोक कुमार, प्रबंधक लघु वनोपज संघ श्रीमती नेहा श्रीवास्तव एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती गीतांजली जे. उपस्थित रहीं । अंतर्राष्ट्रीय वन मेले की लोकप्रियता अब चरम पर पहुंच गई है। राजधानी के साथ ही आस-पास के क्षेत्रों से आने वाले सैलानियों के लिये यह मेला और यहां उपलब्ध आयुर्वेदिक उत्पादों के प्रति रुझान स्पष्ट झलक रहा है। विंध्य हर्बल एम.एफ.पी. पार्क द्वारा निर्मित शहद, च्यवनप्राश, त्रिफला, अर्जुन चाय और अन्य स्वास्थ्यवर्धक औषधियों की अब तक 4 लाख रुपये से अधिक की बिक्री हो चुकी है। प्रदर्शनी की भव्यता एवं इनके द्वारा तैयार किये गये गुणवत्ता युक्त नवीन उत्पादों व उत्पादों की नवीन पैकिंग देखकर इन्हें खरीदने में आगंतुकों ने खासी रूचि दिखाई। रविवार को आयोजित निःशुल्क चिकित्सा शिवरों में जांच एवं उपचार के लिये आयुर्वेद चिकित्सकों एवं नाड़ी वैद्यों से परामर्श के लिये बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे। मेला प्रबंधन द्वारा बुजुर्गों एवं चलने में असमर्थ व्यक्तियों के लिए व्हील चेयर एवं गोल्फ कार्ट की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिसकी सराहना की जा रही है। निःशुल्क चिकित्सा परामर्श के लिये स्थापित ओ.पी.डी. में 120 आयुर्वेदिक चिकित्सकों एवं नाड़ी वैद्यों ने 400 से अधिक मरीजों को निःशुल्क परामर्श देकर लाभान्वित किया। निःशुल्क ओ.पी.डी. आने वाले दिनों में भी मेला अवधि में जारी रहेगी। रविवार को वन मेले में शालेय विद्यार्थियों के एकल और समूह नृत्य प्रतियोगिता में 11 विद्यालयों के 117 विद्यार्थियों ने भाग लिया। दोपहर बाद सैलानियों न कठपुतली शो, पंजाबी भांगडा, ऑर्केस्ट्रा का आनन्द लिया और शाम 7.00 बजे से सुप्रसिद्ध प्ल बैंक सिंगर श्री नीरज श्रीधर, बॉम्बे वाइकिंग्स की मनोरंजन से भरपूर म्यूजिकल प्रस्तुति हुई। प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को लघु वनोपज संघ की एमडी डॉ. समीता राजोरा ने पुरस्कार प्रदान किये। सोमवार 22 दिसम्बर के कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में पूर्वान्ह 10.30 से 3.00 बजे तक विद्यार्थियों की इन्स्ट्रुमेंटल म्यूजिक की प्रस्तुति और अपरान्ह 3.00 से 3.45 बजे तक लोकसंगीत की प्रस्तुति होगी। अपरान्ह 3.00 से 5.00 बजे तक आयुर्वेदिक चिकित्सकों, पारम्परिक वैद्यों और फील्ड अधिकारियों के साथ परिचर्चा आयोजित की जायेगी। अपरान्ह 4.30 से 6.30 बजे तक बायोडायवर्सिटी बोर्ड द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता, चित्रांशु म्युजिक ऑर्केस्ट्रा और सायं 7.00 से 10.00 बजे तक विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जायेगी।  

मानसिक स्वास्थ्य और ध्यान आधारित पुलिसिंग की नई दिशा

डीजीपी श्री कैलाश मकवाणा को प्रथम ‘हार्टफुलनेस चेंज मेकर अवार्ड’ भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस में मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन एवं संवेदनशील पुलिसिंग को सुदृढ़ करने की दिशा में किए गए दूरदर्शी प्रयासों के लिए पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा को हार्टफुलनेस संस्था द्वारा ‘प्रथम हार्टफुलनेस चेंज मेकर अवार्ड’ से सम्मानित करने की घोषणा की गई। यह घोषणा हैदराबाद स्थित कान्हा शांतिवनम में आयोजित भव्य समारोह में भारत के माननीय उपराष्ट्रपति की गरिमामयी उपस्थिति में की गई। डीजीपी श्री मकवाणा का मानना है कि एक सशक्त एवं प्रभावी पुलिस बल की नींव सशक्त और संतुलित मन पर आधारित होती है। उनके नेतृत्व में मध्यप्रदेश पुलिस ने न केवल दशकों से चली आ रही नक्सल समस्या के उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की, बल्कि ‘नशे से दूरी है जरूरी’ जैसे व्यापक सामाजिक अभियानों को भी प्रभावी रूप से जन-आंदोलन का स्वरूप दिया। इन प्रयासों के लिए मध्यप्रदेश पुलिस को पूर्व में ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है। हार्टफुलनेस मेडिटेशन से पुलिसिंग में सकारात्मक परिवर्तन पुलिसकर्मियों के बढ़ते कार्यभार, तनावपूर्ण परिस्थितियों एवं मानसिक दबाव को दृष्टिगत रखते हुए वर्ष 2022 से मध्यप्रदेश पुलिस में हार्टफुलनेस मेडिटेशन को अपनाया गया। इस पहल को सुदृढ़ करने के लिए फरवरी 2025 में हार्टफुलनेस संस्था के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी किया गया। बेहतर निर्णय क्षमता और बदलती छवि डीजीपी श्री मकवाणा ने ध्यान और रिलैक्सेशन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चुनौतीपूर्ण पुलिस सेवा में इमोशनल इंटेलिजेंस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे शांत जल में गहराई तक सब कुछ स्पष्ट दिखाई देता है, उसी प्रकार स्थिर और संतुलित मस्तिष्क ही सही और समयबद्ध निर्णय लेने में सक्षम होता है। इस पहल के सकारात्मक परिणाम धरातल पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। वर्तमान में प्रदेशभर में लगभग 800 हार्टफुलनेस प्रशिक्षक सक्रिय हैं तथा पुलिस विभाग अपने इन-हाउस प्रशिक्षक भी तैयार कर रहा है। इससे पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता में वृद्धि हुई है तथा समाज में पुलिस के प्रति दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन परिलक्षित हो रहा है। यह तकनीक पुलिसकर्मियों के साथ-साथ उनके परिवारों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी सिद्ध हो रही है। राष्ट्रीय स्तर पर मॉडल बनने की दिशा में पहल मानसिक शांति, अनुशासन और संवेदनशीलता आधारित यह प्रयोग संभवतः देश में अपनी तरह का पहला प्रयास है, जिसमें इतने बड़े स्तर पर किसी पुलिस बल द्वारा ध्यान को संस्थागत रूप से अपनाया गया है। यह पहल भविष्य में एक राष्ट्रीय मॉडल के रूप में उभरने की क्षमता रखती है। आईजी प्रशासन श्री रुचिवर्धन मिश्रा के अनुसार योग एवं ध्यान के माध्यम से पुलिस बल के तनाव को कम कर उनके शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक संतुलन को सशक्त करना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है। वर्तमान में प्रदेश के सभी प्रशिक्षण संस्थानों में नवआरक्षकों को नियमित रूप से मेडिटेशन कराया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम स्वरूप कार्य के प्रति उनकी अभिवृत्ति में सुधार एवं सामान्य तनाव स्तर में कमी देखी जा रही है।  

एक कार ने रोक दी शुगर मिल की रफ्तार, गेट जाम होने से किसानों में मचा हड़कंप

नरसिंहपुर जिले के करेली स्थित करेली शुगर मिल में रविवार सुबह उस समय भारी अव्यवस्था और अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब फैक्ट्री के मुख्य गेट पर एक अज्ञात कार खड़ी होने के कारण पूरा आवागमन ठप हो गया। इस छोटी सी लापरवाही ने एक बड़े संकट का रूप ले लिया, जिससे मिल परिसर के अंदर सैकड़ों किसान और उनकी खाली ट्रैक्टर-ट्रॉलियां कैद होकर रह गईं। एक कार ने रोका सैकड़ों ट्रैक्टरों का रास्ता मिली जानकारी के अनुसार, देर रात कोई अज्ञात व्यक्ति अपनी कार मिल के ठीक मुख्य गेट के सामने खड़ी करके चला गया। सुबह जब तुलाई के बाद खाली ट्रैक्टरों ने बाहर निकलने की कोशिश की, तो रास्ता पूरी तरह बंद मिला। बताया जा रहा है कि कार का स्टीयरिंग लॉक होने के कारण उसे धक्का मारकर हटाना भी संभव नहीं हो सका। इसके कारण मिल के भीतर से बाहर आने वाली ट्रॉलियों की लंबी कतार लग गई और परिसर में 'डेडलॉक' की स्थिति बन गई।   किसानों का फूटा गुस्सा, तनावपूर्ण हुए हालात पिछले कई दिनों से तुलाई में हो रही देरी से जूझ रहे किसानों का धैर्य इस घटना के बाद जवाब दे गया। आक्रोशित किसानों ने मिल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और गेट पर तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। किसानों का कहना है कि वे कड़ाके की ठंड में घंटों अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। शनिवार को भी मिल के बाहर लगभग 2 किलोमीटर लंबा जाम लगा था। मिल प्रबंधन की लचर सुरक्षा व्यवस्था के कारण कोई भी बाहरी व्यक्ति गेट पर वाहन खड़ा कर चला गया, जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। फैक्ट्री बंद होने की कगार पर मिल प्रबंधन मामले की गंभीरता को देखते हुए मिल के जर्नल मैनीजर अवस्थी ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यदि मुख्य द्वार जल्द खाली नहीं कराया गया और ट्रॉलियों की निकासी शुरू नहीं हुई, तो गन्ने की आवक रुक जाएगी। ऐसी स्थिति में फैक्ट्री का संचालन बंद करना पड़ सकता है, जिससे मिल और किसान दोनों का बड़ा नुकसान होगा। प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग इस दौरान मिल परिसर में हंगामा भी वहां खड़े लोगों ने किया। स्थानीय पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई है ताकि क्रेन की मदद से उक्त कार को हटाया जा सके और यातायात बहाल हो सके। किसानों ने मांग की है कि मिल प्रबंधन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो।

योगी सरकार के बुंदेलखंड पर फोकस से आकार लेने लगी विकास की परियोजनाएं

गरौठा सोलर पार्क के लिए जमीन अधिग्रहण का काम पूरा, ग्रिड सब स्टेशन की स्थापना का चल रहा काम झांसी योगी सरकार की बुंदेलखंड को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की कवायदों का असर जमीनी रूप से दिखाई देने लगा है। साल 2025 में कई बड़ी परियोजनाओं ने गति पकड़ी और उन पर काम की गति ने तेजी पकड़ी। इन कवायदों से बुंदेलखंड में बदलाव की बयार साफ तौर पर महसूस की जा रही है। डिफेंस कॉरिडोर, गरौठा सोलर पार्क, मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना न्यू झांसी फेज 1, जालौन-झांसी लिंक एक्सप्रेस वे, झांसी के रिसाला चुंगी से ओरछा तक की सड़क को फोर लेन के काम समेत कई महत्वपूर्ण कार्यों की ओर सरकार ने कदम आगे बढ़ाए। डिफेंस कॉरिडोर ने पकड़ी तेजी झांसी के गरौठा क्षेत्र में विकसित हो रहे डिफेंस कॉरिडोर के लिए ग्राम पंचायत झबरा के निकट गुरसराय-एरच रोड पर 132/33 केवी का बिजली सब स्टेशन बनकर तैयार हो गया है। इससे एक ओर जहां डिफेंस कॉरिडोर के लिए बिजली की सप्लाई हो सकेगी तो दूसरी ओर जुझारपुरा की पेयजल परियोजना और आसपास के कई उपकेंद्रों तक भी यहां से बिजली पहुंचाई जा सकेगी। इस नवनिर्मित 132/33 केवी बिजली सब स्टेशन से डिफेंस कॉरिडोर के काम में भी तेजी आएगी। डिफेंस कॉरिडोर के झांसी नोड में बीडीएल की यूनिट की स्थापना का कार्य शुरू हो चुका है। इस वर्ष डब्लूबी इलेक्ट्रॉनिक ने भी डिफेंस कॉरिडोर में यूनिट की स्थापना का काम शुरू कर दिया है। यहां 14 इकाइयों को जमीनें आवंटित की गई हैं। डिफेंस कॉरिडोर के लिए 6 गांव एरच, गेंदा कबूला, कठरी, लभेरा, इसकिल और झबरा की 1034 हेक्टेयर जमीन पर डिफेंस कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। गरौठा में सोलर पार्क के काम ने पकड़ी रफ्तार बुन्देलखण्ड क्षेत्र को सोलर पावर के हब के रूप में विकसित करने के योगी सरकार के प्रयास ने 2025 में तेज गति पकड़ी। झांसी जिले के गरौठा तहसील क्षेत्र में बन रहे 600 मेगावाट के सोलर पॉवर पार्क के लिए सोलर पावर डेवलपर का चयन कर लिया गया है। पार्क के लिए जमीन से जुड़े लीज एग्रीमेंट का लगभग 99 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। लगभग 2700 एकड़ क्षेत्रफल में पार्क का निर्माण होना है और 2650 एकड़ से अधिक जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है। लगभग 2000 से अधिक किसानों से जमीन ली गयी है। जमीन का कुछ हिस्सा सरकारी है। यह सोलर पार्क परियोजना क्षेत्र के 8 गांव सुजानपुरा, जलालपुरा, जसवंतपुरा, नदौरा, बरारु, पुरा, खदौरा और मोती कटरा में फैली है। टुस्को लिमिटेड को गरौठा सोलर पार्क की स्थापना का काम दिया गया है। पार्क के निर्माण में जुटी कम्पनी के अफसरों के अनुसार सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े काम पूरे किए जा रहे हैं। सोलर पार्क के साथ ही 220/400 केवी ग्रिड सब स्टेशन की स्थापना का काम तेज गति से चल रहा है। उत्तर प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कार्पोरेशन लिमिटेड को यहां ग्रिड सब स्टेशन की स्थापना का काम दिया गया है।  यहां इंटरनल पावर एवाक्यूएशन सिस्टम के अंतर्गत दो पुलिंग सब स्टेशन की स्थापना का काम पॉवर ग्रिड कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। कई अन्य परियोजनाओं पर भी चल रहा काम झांसी के रक्सा क्षेत्र में बुंदेलखंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी के लिए जमीन अधिग्रहण का काम तेज गति से चल रहा है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से बुंदेलखंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी की कनेक्टिविटी बढ़ाने के मकसद से योगी सरकार ने जालौन से झांसी के लिए 115 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेस वे को मंजूरी दी है। झांसी विकास प्राधिकरण ने मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना न्यू झांसी फेज 1 की हुई शुरुआत की और भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया पूरी की। झांसी से ओरछा के बीच की सड़क को टू लेन से फोर लेन करने के लोक निर्माण विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी मिली। इसी साल अक्टूबर महीने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांसी के पॉलीटेक्निक कॉलेज के निकट बनकर तैयार हुए अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर का लोकार्पण किया। कई अन्य योजनाओं और परियोजनाओं ने भी साल 2025 में तेज गति से रफ्तार पकड़ी और जमीन पर आकार लेते दिखाई दिए।

रीवा को विकास के शिखर पर पहुंचाना है – उप मुख्यमंत्री शुक्ल

सामाजिक सद्भाव मिलन एवं विन्ध्य नायक सम्मान समारोह में हुए शामिल भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि रीवा को विकास के शिखर पर पहुंचाना है और आने वाली पीढ़ी को ऐसा रीवा सौंपना है जहाँ अधोसंरचना विकास के साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार की उपलब्धता हो। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल रीवा में सामाजिक सद्भाव मिलन एवं विन्ध्य नायक सम्मान समारोह कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपराओं, सामाजिक समरसता और जन सहयोग की भावना से समर्पित यह कार्यक्रम प्रतिवर्ष और भी आकर्षक होता जा रहा है। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजक राजन वर्मा को बधाई देते हुए कहा कि यह उनकी लोगों के प्रति सद्भाव व विश्वसनीयता का ही परिणाम है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि आप सभी के सहयोग से मुझे जो ताकत मिली है उसका मैं पूरा सदुपयोग करते हुए सबकी आशाओं और अपेक्षाओं में खरा उतरने की कोशिश करता हूं, जिससे रीवा को एक पहचान मिल सके और रीवा देश का उत्कृष्ट जिला बने। उन्होंने कहा कि आगामी 25 दिसम्बर को अटल पार्क में गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा अटल जी की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। इस ऐतिहासिक पल के सभी लोग साक्षी बनें और अटल जी के प्रति अपनी श्रद्धा को प्रकट करें। श्री शुक्ल ने कहा कि 22 दिसम्बर से रीवा-इंदौर की नियमित वायु सेवा आरंभ हो रही है जिससे रीवा के विकास को नए पंख लगेंगे और रीवा के लोग देश व विदेश की यात्रा रीवा से ही टिकट कराकर कर सकेंगे। कार्यक्रम में अध्यक्ष नगर निगम श्री व्यंकटेश पाण्डेय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

सागर जिले में सभी जर्जर स्कूल एवं अन्य भवन गिराने की कार्रवाई की जा रही है

अब तक 300 से अधिक जर्जर भवन गिराए गए भोपाल  सागर ज़िले में जर्जर स्कूल एवं अन्य भवनों को गिराकर नए भवन बनाने की कार्रवाई तेज़ी से की जा रही है। कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. ने विगत दिवस स्कूल शिक्षा विभाग के प्राचार्य की समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि जिले में कोई भी स्कूल भवन सहित अन्य भवन क्षतिग्रस्त जर्जर नहीं हो इसके लिए तत्काल कार्रवाई कर दो दिवस में क्षतिग्रस्त भवनों को गिराया जाए। कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. के निर्देश के बाद जिले के सभी जर्जर स्कूल भवन एवं अन्य भवन को गिराने की कार्रवाई युद्ध स्तर पर की गई। एक दिन में लगभग 50 से अधिक स्कूल भवन सहित अन्य भवनों को गिराया गया। कलेक्टर ने कहा कि कोई भी स्कूल भवन क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में उस भवन में स्कूल संचालित नहीं होना चाहिए। जिले के शिक्षा, राजस्व एवं नगरीय निकाय के अधिकारी और स्कूल के प्राचार्य यह सुनिश्चित करें कि किसी भी विद्यालय का भवन जर्जर स्थिति में हो, उसे तत्काल गिरा दिया जाए। कलेक्टर ने कहा कि कोई भी घटना होने पर संबंधित क्षेत्र के अधिकारी, स्कूल प्रबंधन, मकान मालिक दोषी होंगे। सभी स्कूल के प्राचार्य, भवन गिराने के बाद इसका प्रमाण पत्र संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेंगे, जिसे सूचीबद्ध कर जिला शिक्षा अधिकारी प्रस्तुत करेंगे। कलेक्टर के निर्देश पर सागर, रहली, खुरई, राहतगढ, माल्थोन, देवरी में स्कूल भवन सहित अन्य भवनों को गिराने की कार्रवाई की गई है। नगर निगम क्षेत्र में भी नगर निगम के द्वारा अनेक जर्जर भवनों को जो कि चिन्हित किए गए थे, उनको गिराने की कार्रवाई की जा रही है। इसी प्रकार सभी नगरीय निकायों में भी यह कार्रवाई की जा रही है। अब तक जिले में 300 से अधिक भवनों को गिराने की कार्रवाई की गई है।  

रीवा में खौफनाक वारदात: मां और दादा के संबंधों ने छीना विवेक, पोते ने अंजाम दी हत्या

रीवा मध्य प्रदेश के रीवा जिले के बिछिया थाना क्षेत्र में एक दिन पूर्व हुई 80 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या की मुख्य वजह ससुर और बहू के बीच अवैध संबंध थे। अपने दादा और मां को आपत्तिजनक स्थिति में देखकर नाती (पोता) इस कदर आगबबूला हुआ कि उसने अपने ही दादा की पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने पूछताछ के दौरान अपना जुर्म कबूल कर लिया है। अवैध संबंधों के चलते हुआ विवाद पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी ने बताया कि उसके चचेरे दादा और उसकी मां के बीच लंबे समय से अवैध संबंध थे। आरोपी के पिता ने भी इस बात की पुष्टि की है कि उसकी पत्नी के अपने चाचा ससुर के साथ संबंध थे। पीड़ित पति ने अपने चाचा को पहले भी घर आने-जाने से मना किया था, लेकिन वह पति की शराब की लत का फायदा उठाकर घर आता था और पत्नी के साथ अनैतिक कृत्य करता था।   आपत्तिजनक स्थिति में देख खोया आपा घटना वाले दिन यानी शनिवार को ससुर और बहू ने साथ बैठकर शराब पी। इसके बाद जब आरोपी बेटा घर पहुंचा, तो उसने अपनी मां और दादा को कमरे के भीतर आपत्तिजनक स्थिति में पाया। यह देखकर वह अपना आपा खो बैठा और आवेश में आकर दोनों के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान गंभीर चोटें आने के कारण 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह चौहान के निर्देश पर कोतवाली सीएसपी राजीव पाठक और बिछिया थाना प्रभारी मनीषा उपाध्याय के नेतृत्व में इस मामले की जांच की गई। पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था, जिसे घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में महिला ने भी अपनी गलती स्वीकार की और उसे पछतावा था, लेकिन कानूनन हत्या का दोषी उसका पुत्र पाया गया। न्यायालय में पेशी और जेल रिश्तों को शर्मसार कर देने वाले इस मामले में पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध हत्या का प्रकरण दर्ज किया है। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को आज न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। यह पूरी घटना बिछिया थाना क्षेत्र के बदरांव इलाके की है, जिसने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है।