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पाकिस्तान का राष्ट्रीय खिलाड़ी बना ‘टीम इंडिया’ का हिस्सा! तिरंगा थामते ही सीमा पार हड़कंप

इस्लामाबाद  पाकिस्तान कबड्डी फेडरेशन (पीकेएफ) ने एक बड़े विवाद के बाद जनरल काउंसिल की इमरजेंसी बैठक बुलाई है। यह विवाद पाकिस्तान के लोकप्रिय अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी उबैदुल्लाह राजपूत से जुड़ा है, जो बहरीन में आयोजित एक निजी कबड्डी टूर्नामेंट में भारतीय टीम की जर्सी पहनकर खेलते और भारतीय झंडा लहराते नजर आए। इस घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं, जिससे पाकिस्तान में व्यापक आक्रोश फैल गया है। पाकिस्तान कबड्डी फेडरेशन के सचिव राणा सरवर ने बताया कि फेडरेशन के चेयरमैन चौधरी शफाय हुसैन के निर्देश पर 27 दिसंबर को आपात बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में उबैदुल्लाह राजपूत और अन्य संबंधित खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा। सरवर ने कहा- यह घटना अस्वीकार्य है। एक राष्ट्रीय खिलाड़ी का विदेशी टीम का प्रतिनिधित्व करना और उसका झंडा लहराना गंभीर मामला है। हम इसकी जांच करेंगे और सबसे सख्त कार्रवाई करेंगे। टूर्नामेंट का नाम था तीसरा जीसीसी कबड्डी कप, जो 16 दिसंबर को बहरीन के सलमाबाद स्थित गल्फ एयर क्लब में आयोजित हुआ। इसमें भाग लेने वाली टीमों में बहरीन, कुवैत, दुबई और ओमान शामिल थे। सरवर ने कहा कि यह एक निजी आयोजन था, जिसमें आयोजकों ने भारत, पाकिस्तान, कनाडा, ईरान आदि देशों के नाम पर निजी टीमें बनाई थीं। हालांकि, सभी टीमों में मुख्य रूप से अपने-अपने मूल देश के खिलाड़ी थे। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों वाली निजी टीम का प्रतिनिधित्व भारतीय खिलाड़ियों ने किया, लेकिन उबैदुल्लाह का उसमें शामिल होना इन परिस्थितियों में अस्वीकार्य है। 16 पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर तलवार सरवर ने आगे बताया कि बहरीन गए 16 पाकिस्तानी खिलाड़ियों (जिनमें राष्ट्रीय और नेशनल लेवल के खिलाड़ी शामिल हैं) ने फेडरेशन या पाकिस्तान स्पोर्ट्स बोर्ड से कोई अनुमति या एनओसी नहीं ली था। यह कोई आधिकारिक पाकिस्तानी राष्ट्रीय टीम नहीं थी। पाकिस्तान के नाम का दुरुपयोग करने और बिना अनुमति भाग लेने के लिए इन खिलाड़ियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि क्लब स्तर पर विभिन्न देशों के खिलाड़ी एक साथ खेल सकते हैं, लेकिन किसी विदेशी टीम का प्रतिनिधित्व करना और उसका झंडा लहराना दुर्भाग्यपूर्ण है। साथ ही, स्वघोषित प्रमोटर्स के खिलाफ भी कार्रवाई होगी ताकि पाकिस्तान के नाम को बदनाम करने वाली अवैध घटनाओं को रोका जा सके। खिलाड़ी ने माफी मांगी विवाद के बाद उबैदुल्लाह राजपूत ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि यह टूर्नामेंट हर साल बहरीन में होता है और उन्होंने पहले भी इसमें हिस्सा लिया था। इस बार उनकी पुरानी टीम ने नहीं बुलाया, लेकिन दूसरी टीम ने आमंत्रित किया, इसलिए वे चले गए। उन्हें नहीं पता था कि टीमें भारत और पाकिस्तान के नाम से रखी जाएंगी। मैदान में प्रवेश करते समय दोस्तों ने बताया कि वे भारत की टीम से खेल रहे हैं। उन्होंने कमेंटेटर से अनाउंस करवाया कि यह भारत-पाकिस्तान मैच नहीं बल्कि स्थानीय कप है। राजपूत ने कहा कि नारे लगने और झंडे लहराने की उन्हें उम्मीद नहीं थी। यह सिर्फ एक कप था, विश्व कप नहीं। विश्व कप होता तो वे निश्चित रूप से पाकिस्तान के लिए खेलते, क्योंकि वे पाकिस्तानी हैं। उन्होंने कहा- मेरा जीवन पाकिस्तान पर कुर्बान है। अगर किसी का दिल दुखा है तो मैं माफी मांगता हूं। उन्होंने फेडरेशन, कोच और शुभचिंतकों से भी माफी मांगी और कहा कि कप को कप ही रहने दें, विश्व कप इससे अलग होते हैं।

मान सरकार का बड़ा फैसला: 1,568 एएनएम व स्टाफ नर्स पदों पर भर्ती से स्वास्थ्य ढांचा होगा सशक्त

चंडीगढ़ प्रदेश के स्वास्थ्य देखभाल ढांचे को मजबूत एवं बेहतर बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने घोषणा की कि वित्त विभाग ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एन.एच.एम.) के अंतर्गत ए.एन.एम. एवं स्टाफ नर्सों के 1,568 रिक्त पदों को भरने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। भर्ती अभियान के बारे में अधिक जानकारी देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि इस मंजूरी के तहत ए.एन.एम. के कुल 2,000 स्वीकृत पदों में से 729 रिक्त पदों एवं स्टाफ नर्सों की 1896 स्वीकृत पदों में से 839 रिक्त पदों को भरा जाएगा।  उन्होंने जोर देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि स्टाफ की कमी के कारण स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं में कोई रुकावट न आए और इसलिए इन ठेका-आधारित पदों को भरने को प्राथमिकता दी गई है। इस पहल के प्रति मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार की वित्तीय प्रतिबद्धता का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि इन भर्तियों से वार्षिक कुल 48.88 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रभाव पड़ने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ए.एन.एम. पदों के लिए वार्षिक 18.98 करोड़ रुपये एवं स्टाफ नर्स के लिए 29.90 करोड़ रुपये का खर्च वहन करेगी। उन्होंने बताया कि स्वीकृत वेतन संरचना के तहत ए.एन.एम. के लिए 21,700 रुपये एवं स्टाफ नर्सों के लिए 29,700 रुपये प्रति माह वेतन निर्धारित किया गया है। वित्त मंत्री चीमा ने आगे बताया कि योग्यता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भर्ती प्रक्रिया बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज, फरीदकोट द्वारा लिखित परीक्षा के माध्यम से करवाई जाने का प्रस्ताव है। उन्होंने आगे कहा कि वित्त विभाग ने यह मंजूरी इस शर्त पर दी है कि स्वास्थ्य विभाग इन नियुक्तियों के बारे में पर्सनल विभाग से आवश्यक सहमति सुनिश्चित करे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की स्वास्थ्य देखभाल एवं शिक्षा को प्राथमिकता देने की दृढ़ प्रतिबद्धता को उजागर करते हुए वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इस फैसले से प्रदेश सरकार अपने स्वास्थ्य देखभाल कार्यबल को मजबूत करेगी ताकि पंजाब के लोगों के लिए और बेहतर एवं मानक स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। उन्होंने कहा कि इन रिक्त पदों को भरने से निस्संदेह राज्य की प्रभावी एवं कुशल स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं प्रदान करने की क्षमता में वृद्धि होगी, जो वर्तमान प्रदेश सरकार की अपने नागरिकों की भलाई के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

स्व. अटलजी के विराट व्यक्तित्व, उच्च आदर्शों एवं दूरदर्शी नेतृत्व से मिलती है प्रेरणा : राज्यपाल मंगुभाई पटेल

स्व. अटल बिहारी वाजपेयी राष्ट्रनीति के शिखर पुरुष, राजनीति के अजातशत्रु और भारतीय लोकतंत्र की मर्यादा के प्रतीक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव उपराष्ट्रपति, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने चार विद्वानों को ‘अटल अलंकरण’ से किया सम्मानित भोपाल उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा है कि स्व. श्री अटलजी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार और मिशन थे। उनके कर्म, आदर्श और सुशासन की दृष्टि आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक प्रकाश हैं। वे रविवार को इंदौर में आयोजित भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी जन्म शताब्दी समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि स्व. श्री अटल जी का जीवन ऐसे ग्रंथ की भाँति था, जिसका प्रत्येक पृष्ठ नैतिकता, उत्कृष्टता और राष्ट्रधर्म की राह दिखाता है। स्व. श्री अटल जी केवल राजनेता नहीं थे, बल्कि वे कवि, चिंतक, अद्भुत नेतृत्व गुणों से संपन्न, विनम्र, संवेदनशील और स्वाभिमानी राष्ट्रभक्त थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि स्व. श्री अटलजी का जीवन विचारों की दृढ़ता, राष्ट्रधर्म और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अटूट समर्पण का अनुपम उदाहरण है। उनका व्यक्तित्व ऐसा था जिसने हर काल और हर युग में भारतीय राजनीति को दिशा दी। उनकी राजनीतिक यात्रा भारतीय लोकतंत्र की प्रेरक गाथा है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जन्म जयंती वर्ष के अवसर पर इंदौर में ‘शून्य से शतक’ कार्यक्रम का गरिमामय रूप से आयोजन किया गया। इस गरिमामय समारोह में देश के उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चार प्रतिष्ठित विद्वानों को ‘अटल अलंकरण’ से अलंकृत किया। उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि मां अहिल्या की पावन धरती पर आकर उन्हें विशेष प्रसन्नता है। उन्होंने अटल फाउंडेशन के मंच से स्व. श्री अटल जी के जीवन, व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में योगदान को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि स्व. श्री अटल जी संवाद, समावेशी विकास और मानवीय सुशासन में विश्वास रखते थे। सांसद, कवि और प्रधानमंत्री—हर भूमिका में उन्होंने सार्वजनिक विमर्श को गरिमा दी और सिद्ध किया कि राजनीति सिद्धांतनिष्ठ और करुणामय हो सकती है। उन्होंने अटल सरकार की प्रमुख उपलब्धियों प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना, दिल्ली मेट्रो, नए राज्यों का गठन (झारखंड, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड) तथा पोखरण परमाणु परीक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने आधुनिक भारत की नींव मजबूत की। उपराष्ट्रपति श्री राधाकृष्णन ने कहा कि स्व. श्री अटल जी की विरासत को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी आगे बढ़ा रहे हैं और देश को विकसित भारत–2047 के लक्ष्य की ओर दृढ़ता से अग्रसर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्व. श्री अटल जी भले हमारे बीच शारीरिक रूप से न हों, लेकिन उनके आदर्श सदैव हमारे हृदयों में जीवित रहेंगे और राष्ट्र को दिशा देते रहेंगे। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल का प्रेरक संबोधन राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने अटल जन्म शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म शताब्दी के पावन अवसर पर विचार अभिव्यक्त करने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व और हर्ष का विषय है। उन्होंने कहा कि स्व. श्री अटल जी की जन्म शताब्दी केवल पुण्य स्मरण का प्रसंग नहीं, बल्कि उनके विराट व्यक्तित्व, उच्च आदर्शों और दूरदर्शी नेतृत्व से प्रेरणा प्राप्त करने का पावन क्षण है। उन्होंने स्वयं को भाग्यशाली बताते हुए कहा कि उन्हें स्व. श्री अटल जी के सानिध्य में कार्य करने का अवसर मिला, जहाँ उनके महान आभामंडल में रहकर उन्हें करीब से देखने, समझने और उनसे प्रेरित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि स्व. श्री अटल जी के व्यक्तित्व और कृतित्व को कुछ शब्दों में समेटना संभव नहीं है, वे एक विराट व्यक्तित्व और एक चलता-फिरता महाकाव्य थे। उनकी वाणी में ओज था, जो जनमानस में ऊर्जा और राष्ट्रभाव का संचार करती थी। वे असंख्य कार्यकर्ताओं के लिए प्रकाश-पुंज थे। उनका जीवन ऐसे ग्रंथ की भाँति था, जिसका प्रत्येक पृष्ठ नैतिकता, उत्कृष्टता और राष्ट्रधर्म की राह दिखाता है। स्व. श्री अटल जी केवल राजनेता नहीं थे, बल्कि वे कवि, चिंतक, अद्भुत नेतृत्व गुणों से संपन्न, विनम्र, संवेदनशील और स्वाभिमानी राष्ट्रभक्त थे। प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने गठबंधन राजनीति के दौर में भी संवाद, समन्वय और समानता के उच्च आदर्श प्रस्तुत किए, जो भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में मील का पत्थर हैं। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि यदि हम स्व. श्री अटल जी के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में देश और समाज के लिए योगदान कर सकें, तो वही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।  युगपुरूष थे अटल जी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के अवसर पर इंदौर में अटल फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कहा कि अटल जी ऐसे व्यक्तित्व रहे, जिन्होंने जीवन के प्रत्येक क्षण में देश को गौरवान्वित करने के कार्य किये। भारतीय राजनीति में अटल जी एक युगपुरुष के समान रहे हैं। प्रधानमंत्री रहते हुए देश को परमाणु शक्ति सम्पन्न राष्ट्र बनाने की उनकी दूरदृष्टि अद्वितीय रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटल जी ने भारतमाता और लोकतंत्र को गौरवान्वित किया। पहली बार संयुक्तराष्ट्र संघ में हिंदी में संबोधन देकर देश की इच्छाशक्ति और भाषा तक को नायाब बनाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. अटल जी ने नेता प्रतिपक्ष की पवित्र भूमिका निभाई। 50 वर्ष तक इस भूमिका में रहे है। आपातकाल में भी बिना संकोच के साहित्य के माध्यम से देश में शुचिता और स्वाभिमान का भाव जागृत करने में भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजनीति के शिखर पुरूष, राजनीति के अजातशत्रु और विचारों की दृढ़ता रखते हुए वे भारतीय मर्यादा के प्रतीक बने। भारत रत्न श्री अटल वाजपेयी जी को हमारे बीच के कई लोगों ने देखा भी है। वास्तव में वे एक ऐसा व्यक्तित्व थे, जिसने अपने जीवन के प्रत्येक क्षण में अपनी हर एक जगह महत्ता स्थापित की। प्रारंभ में अटल जी की संघ के एक प्रचारक के रूप में पहचान बनी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत माता के चरणों में सतत नमन करने वाले, अपने जीवन को न्यौछावर करने वाले अटल जी ने पत्रकार के रूप में भी पहचान बनाई। … Read more

कार्बाइन फायरिंग में चौंकाने वाला प्रदर्शन: 40 दारोगाओं में से केवल 14 ही साध सके सटीक निशाना

कानपुर  कानपुर पुलिस लाइन में शनिवार को आयोजित हथियार अभ्यास के दौरान कई दारोगा की कार्यकुशलता पर सवाल खड़े हो गए। अभ्यास के दौरान 40 दारोगा में से आधे से अधिक दारोगा कार्बाइन के पुर्जे सही तरीके से असेंबल नहीं कर पाए, जबकि कुछ को इसमें काफी समय लग गया। वहीं फायरिंग रेंज में भी अधिकांश दारोगा का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा। 22 दारोगा अपनी पिस्टल लेकर पहुंचे पुलिस लाइन में नियमित रूप से इंस्पेक्टर, दारोगा और सिपाहियों को पिस्टल और कार्बाइन से निशानेबाजी का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसी क्रम में शनिवार को कोतवाली, रेलबाजार, फीलखाना, कैंट, गुजैनी, ग्वालटोली, नवाबगंज, काकादेव, बर्रा समेत अन्य थानों से कुल 40 दारोगा को अभ्यास के लिए बुलाया गया था। इनमें कई चौकी इंचार्ज भी शामिल थे। अभ्यास के दौरान 22 दारोगा अपनी पिस्टल लेकर पहुंचे।   14 दारोगा ही सटीक निशाना लगा सके सबसे पहले फायरिंग रेंज में निशानेबाजी का अभ्यास कराया गया। इसमें केवल 14 दारोगा ही लक्ष्य के निर्धारित गोले के भीतर सटीक निशाना लगा सके, जबकि शेष दारोगाओं की गोलियां गोले के आसपास ही लगती रहीं। इसके बाद पिस्टल और कार्बाइन के पुर्जों को खोलने और दोबारा असेंबल करने का अभ्यास कराया गया। इस दौरान कई दारोगाओं की पिस्टल गंदी पाई गईं, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि वे अपने हथियारों की नियमित साफ-सफाई और अभ्यास नहीं करते हैं।   कार्बाइन असेंबलिंग में भी स्थिति चिंताजनक रही कार्बाइन असेंबलिंग में भी स्थिति चिंताजनक रही, क्योंकि 40 में से आधे से भी कम दारोगा इसे सही ढंग से पूरा कर सके। संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय विनोद कुमार सिंह ने बताया कि सभी पुलिसकर्मियों को इसका प्रशिक्षण पहले से दिया जाता है, लेकिन नियमित अभ्यास न होने के कारण वे अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए। उन्होंने सभी को भविष्य में नियमित अभ्यास करने की सख्त चेतावनी दी और पुलिस लाइन में दोबारा अभ्यास भी कराया गया। 

‘प्रोजेक्ट संकल्प’: शैक्षणिक अध्ययन के साथ रचनात्मक गतिविधियों, अनुशासन और व्यक्तित्व विकास पर जोर

रायपुर, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा प्रदेश में प्रारंभ किए गए ‘प्रोजेक्ट संकल्प‘ के माध्यम से आश्रम छात्रावासों में रहकर अध्ययन कर रहे बच्चों का  भविष्य संवर रहा है। विभाग की इस नई पहल से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के  लिए शैक्षणिक के साथ नैतिक, सामाजिक एवं जीवन कौशल से भी सशक्त बनाया जा रहा है।     आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश एवं विभागीय मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में छात्रावासी बच्चों के भविष्य को नई उड़ान देने के उद्देश्य से यह अभिनव पहल की गई हैै। छोटा बीज बड़े वृक्ष का बनता है आधार     प्रमुख सचिव बोरा ने कहा कि जिस प्रकार छोटा बीज बड़े वृक्ष का आधार बनता है उसी प्रकार एक छोटी  सकारात्मक पहल समाज में क्रांति ला सकती है। यदि विद्यार्थी को प्रारंभ से ही उच्च आदर्शों पर आधारित शिक्षा प्राप्त होगी तो वह आगे चलकर समाज एवं राष्ट्र में अपना सकारात्मक योगदान देने में सक्षम होगा। प्रोजेक्ट संकल्प’’ इसी कड़ी में ‘‘ एक महत्वपूर्ण प्रयास है।     प्रमुख सचिव बोरा ने बताया कि इस पहल के अंतर्गत छात्रावासों में अध्ययनरत बच्चों के शैक्षणिक अध्ययन के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियों, अनुशासन, जीवन कौशल एवं व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। छात्र-छात्राओं को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण भोजन, नियमित शैक्षणिक सहयोग तथा खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसमें हैदराबाद के सुप्रसिद्ध प्रेरक वक्ता श्री नंद जी द्वारा निस्वार्थ भाव से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।     प्रशिक्षण सत्र के दौरान नंदा जी ने छात्रावास अधीक्षकों को छात्रावास-आश्रमों में सकारात्मक सोच विकसित करने के सामान्य, परंतु प्रभावी तरीके बताएं। उन्होंने बच्चों को अनुशासन में रखने, उनमें अच्छी आदतें विकसित करने, अपने कार्य पर पूर्ण फोकस करने, समय का महत्व समझने, अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने, नियमित व्यायाम करने, स्वयं भी खुश रहने एवं अपने सहपाठियों को भी खुश रखने तथा सबके साथ अच्छे मधुर संबंध बनाने के गुर बताएं। छोटी सकारात्मक पहल बच्चों के जीवन में ला सकती है बड़ा परिवर्तन       प्रमुख सचिव बोरा ने बताया कि प्रोजेक्ट संकल्प के प्रथम चरण के अंतर्गत 16 से 18 अक्टूबर 2025 को रायपुर में सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास के साथ एक प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। छात्रावास-आश्रमों से जुड़ी सामान्य एवं व्यवहारिक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई एवं उनके सकारात्मक सरल एवं प्रभावी निदान नंद जी द्वारा बताए गए। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों के मानसिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक विकास को लेकर उपयोगी सुझाव साझा किए गए। इसी कड़ी में आज पोस्ट मैट्रिक छात्रावास-आश्रमों के अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर बोरा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि “एक छोटी-सी सकारात्मक पहल भी बच्चों के जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकती है।’’        उल्लेखनीय है कि आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा संचालित छात्रावास-आश्रमों में अध्ययनरत बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु विभाग द्वारा समय-समय पर अनेक प्रयास किए जाते रहे हैं। विभागीय मंत्री जी एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समय-समय पर छात्रावास-आश्रमों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाती है, ताकि बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी न रहे। बच्चों में पैदा हुआ नया उत्साह एवं आत्मविश्वास        प्रोजेक्ट संकल्प के माध्यम से किए जा रहे प्रयासों से अब छात्रावासों में रह रहे बच्चों में नया उत्साह एवं आत्मविश्वास पैदा हुआ है। अब वे आगे बढ़ते हुए न केवल शैक्षणिक उपलब्धियाँ हासिल कर रहे हैं, बल्कि जीवन के रंग और खुशियाँ भी सीख रहे हैं। शिक्षक एवं छात्रावास अधीक्षक बच्चों को सीखने-सिखाने की संस्कृति से जोड़ते हुए उन्हें समाज का जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।        आदिम जाति विकास विभाग का यह प्रयास विशेष रूप से दूरस्थ और आदिवासी अंचलों के बच्चों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है। इस अभिनव पहल से शिक्षा को संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच के साथ जोड़ने से छात्रावास भी बच्चों के खुशहाल जीवन की मजबूत नींव बन रहा हैं।

लाखों परिवारों को मिला स्थायी सहारा, गांवों में मजबूत हुई आजीविका

महिला मेट्स को 111 करोड़ से अधिक का किया गया भुगतान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्यों का चयन महिला मेट के रूप में किया जा रहा लखनऊ उत्तर प्रदेश में रोजगार गारंटी व्यवस्था के तहत उत्तर प्रदेश ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इस वित्तीय वर्ष में प्रदेश में अब तक 23 लाख से अधिक महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराकर ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में मिसाल कायम की गई है। विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जीरामजी (मनरेगा) से महिलाओं की आय में बढ़ोतरी के साथ-साथ आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिली है। महिला नेतृत्व को मिला नया मंच ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में वित्तीय वर्ष 2025–26 में अब तक करीब 32 हजार महिला मेट्स को कार्य सौंपा गया है। महिला मेटों को 111 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की गई है। समयबद्ध और पारदर्शी भुगतान प्रणाली से महिलाओं का विश्वास सरकारी योजनाओं पर और मजबूत हुआ है। स्वयं सहायता समूहों की अहम भूमिका सरकार की रणनीति के तहत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़ी महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों को महिला मेट के रूप में प्राथमिकता दी जा रही है। इससे रोजगार के साथ-साथ गांवों में महिला नेतृत्व और प्रबंधन क्षमता को भी नया आयाम मिला है। समय पर भुगतान से बढ़ा भरोसा वित्तीय वर्ष 2025–26 में 97 प्रतिशत से अधिक श्रमिकों को समय से भुगतान किया गया है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि रोजगार गारंटी प्रणाली में पारदर्शिता और कार्यकुशलता लगातार मजबूत हो रही है, जिससे ग्रामीण श्रमिकों को उनकी मेहनत का पूरा लाभ मिल रहा है। गांवों में बने आय के नए स्रोत प्रदेश में ग्रामीण रोजगार गारंटी के अंतर्गत अब तक 6703 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। इससे गांवों में विकास कार्यों को गति मिली है, स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़े हैं और पलायन पर प्रभावी रोक लगी है। साथ ही अनुसूचित जाति और जनजाति के परिवारों को विशेष प्राथमिकता देकर समावेशी विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था की ओर कदम रोजगार गारंटी व्यवस्था के माध्यम से उत्तर प्रदेश के गांवों में आजीविका का स्थायी आधार तैयार हो रहा है। लाखों परिवार आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और प्रदेश में मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था की स्पष्ट तस्वीर उभरकर सामने आ रही है।

पर्यटकों की भारी डिमांड: पचमढ़ी में सर्दियों से पहले होटल 60% तक फुल, सफारी किराए में बढ़ोतरी

नर्मदापुरम मध्य प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में पर्यटकों की संख्या एक बार फिर बढ़ने जा रही है। चार दिन बाद विंटर वेकेशन शुरू होने के साथ ही बड़ी संख्या में सैलानी पचमढ़ी का रुख करेंगे। इसी के साथ 24 दिसंबर से 2 जनवरी तक पचमढ़ी में पीक सीजन घोषित किया गया है। पर्यटकों को अब जिप्सी सफारी के लिए प्रति पर्यटन स्थल पुराने किराए से एक हजार रुपए अधिक चुकाने होंगे। यह बढ़ा हुआ किराया 2 जनवरी तक लागू रहेगा। वहीं होटलों के कमरों के किराए में भी 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी गई है।   12 से 14 दिन की एडवांस बुकिंग, होटल 60% तक फुल पचमढ़ी में अगले 12 से 14 दिनों के लिए एडवांस बुकिंग चल रही है। कई होटल पहले ही 60 प्रतिशत तक बुक हो चुके हैं। होटल संचालकों के अनुसार, इस समय होटलों में कमरे 2000 रुपए से शुरू हो रहे हैं और पीक सीजन के दौरान किराया बढ़ा रहेगा। पचमढ़ी में करीब 100 छोटे-बड़े होटल हैं, लेकिन भीड़ बढ़ने पर कमरों की उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं रहती। टैक्सी किराए में बढ़ोतरी एक टैक्सी संचालक ने बताया कि पीक सीजन के दौरान जिस भी पर्यटन स्थल के लिए तय किराया है, उस पर एक हजार रुपए अतिरिक्त देना होगा। बढ़ा हुआ किराया 2 जनवरी तक प्रभावी रहेगा। नए साल के लिए 60% से ज्यादा बुकिंग नए साल के जश्न को लेकर पचमढ़ी में खासा उत्साह है। होटल और रिसॉर्ट्स में 31 दिसंबर और 1 जनवरी के लिए 60 प्रतिशत से अधिक बुकिंग पहले ही हो चुकी है। शनिवार-रविवार को भी बड़ी संख्या में पर्यटक पचमढ़ी पहुंच रहे हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, अतिरिक्त पुलिस बल तैनात पर्यटकों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस विभाग ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। पचमढ़ी की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी पिपरिया एसडीओपी को सौंपी है। पचमढ़ी में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ ही रात में पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी और जाम से निपटने के लिए विशेष पॉइंट चिन्हित किए जा रहे हैं। इस दौरान कैमरों से निगरानी की जाएगी। पचमढ़ी और पिपरिया थाना स्टाफ भी लगातार गश्त करेगा।   ये हैं पचमढ़ी के प्रमुख पर्यटन स्थल, जो लुभाते हैं पर्यटकों का दिल पांडव गुफाएं: मान्यता है कि पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान यहां समय बिताया। कृतिक झरने: बी-फॉल, रजत प्रपात (करीब 350 फीट ऊंचा) और अप्सरा विहार। धूपगढ़: पचमढ़ी का सबसे ऊंचा बिंदु, जहां से सूर्यास्त का दृश्य बेहद आकर्षक होता है। धार्मिक स्थल: चौरागढ़ और जटाशंकर प्रमुख शिव मंदिर हैं, जहां महाशिवरात्रि पर भारी भीड़ उमड़ती है।

अटल आवासीय विद्यालय बनेंगे फ्यूचर-रेडी लर्निंग हब

ड्रोन से लेकर स्पेस साइंस तक, यूपी के वंचित छात्रों को मिलेगा अत्याधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण प्रत्येक विद्यालय में कम्पोजिट स्किल/इनोवेशन लैब स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रही योगी सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए खुलेगा टेक्नोलॉजी का नया द्वार दो महीने में पायलट प्रोजेक्ट के साथ 6 महीने में सभी विद्यालयों में इनोवेशन लैब की होगी स्थापना परियोजना के लिए आवश्यक फंड की हुई व्यवस्था, प्रमुख तकनीकी संस्थाओं और विशेषज्ञों का लिया जाएगा सहयोग लखनऊ उत्तर प्रदेश में अटल आवासीय विद्यालय अब केवल आवासीय शिक्षा संस्थान नहीं रहेंगे, बल्कि आधुनिक तकनीकी शिक्षा और नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित किए जाएंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी विजन के अनुरूप प्रदेश सरकार प्रत्येक अटल आवासीय विद्यालय में कम्पोजिट स्किल/इनोवेशन लैब स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।  इस पहल का सबसे बड़ा उद्देश्य ग्रामीण, श्रमिक और वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों को ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, स्पेस साइंस, 3डी प्रिंटिंग और एआई जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराना है। यह पहली बार होगा जब इन वर्गों के छात्र स्कूली स्तर पर अत्याधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। मिशन मोड में लागू होगी योजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के तहत इस परियोजना को मिशन मोड में लागू किया जाएगा। दो महीने में पायलट प्रोजेक्ट के तहत चयनित विद्यालयों में इनोवेशन लैब की स्थापना सुनिश्चित की जाएगी। छह महीने के भीतर सभी अटल आवासीय विद्यालयों में लैब पूरी तरह क्रियाशील हो जाएगी। उत्तर प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की सचिव एवं अटल आवासीय विद्यालयों की महानिदेशक पूजा यादव ने बताया कि परियोजना के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन सुनिश्चित कर लिए गए हैं, जिससे कार्य में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी। एक्सपर्ट संस्थानों और विशेषज्ञों से लिया जाएगा सहयोग लैब संचालन और प्रशिक्षण के लिए देश की प्रमुख तकनीकी संस्थाओं और विशेषज्ञ एजेंसियों का सहयोग लिया जाएगा। पहले चरण में चयनित शिक्षकों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जाएगा, जो आगे अन्य शिक्षकों और छात्रों को प्रशिक्षित करेंगे। इन इनोवेशन लैब के माध्यम से छात्रों में इनोवेशन, क्रिटिकल थिंकिंग और प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स जैसी 21वीं सदी की आवश्यक क्षमताओं को विकसित किया जाएगा, जिससे वे भविष्य की वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें। यूपी को बनाएंगे टेक्नोलॉजी-ड्रिवन एजुकेशन लीडर सरकार का विश्वास है कि यह पहल उत्तर प्रदेश को टेक्नोलॉजी ड्रिवन एजुकेशन हब के रूप में स्थापित करेगी। अटल आवासीय विद्यालयों से निकलने वाले छात्र आने वाले समय में न केवल शैक्षणिक रूप से बल्कि तकनीकी रूप से भी प्रदेश और देश का नेतृत्व करने में सक्षम होंगे।

पारदर्शिता से बदली धान खरीदी की तस्वीर, किसान पिंकू कुजूर बोले– अब प्रक्रिया आसान और भरोसेमंद

अंबिकापुर, जिले में संचालित धान उपार्जन केन्द्रों की पारदर्शी एवं किसान-हितैषी व्यवस्था का लाभ अब किसानों को मिल रहा है। टोकन प्रणाली, समयबद्ध खरीदी, त्वरित नमी परीक्षण तथा मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता के चलते धान विक्रय की प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल और सहज हो गई है। किसानों को अब धान बेचने के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा या परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत श्रीगढ़ निवासी किसान पिंकू केरकेट्टा ने बताया कि इस वर्ष उनकी धान की फसल अच्छी हुई है। उन्होंने कुल 59.60 क्विंटल धान का रकबा है, जिसे उन्होंने खैरबार धान उपार्जन केन्द्र में विक्रय किया है। किसान श्री केरकेट्टा ने बताया कि टोकन कटाने की प्रक्रिया पूरी तरह से व्यवस्थित रही और इसमें किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। उन्होंने बताया कि खैरबार उपार्जन केन्द्र पहुंचते ही गेट पास जारी किया गया, इसके बाद धान की नमी परीक्षण कर तत्काल बारदाना उपलब्ध कराया गया। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और तेज रही, जिससे कम समय में धान की तौल और खरीदी पूरी हो गई। उन्होंने कहा कि उन्हें धान विक्रय के दौरान किसी भी स्तर पर दिक्कत नहीं हुई। किसान केरकेट्टा ने बताया कि उपार्जन केन्द्र में किसानों के लिए बैठने एवं पीने के स्वच्छ पानी की पर्याप्त व्यवस्था है, उन्होंने कहा कि पहले धान बेचने में पूरा दिन लग जाता था, लेकिन अब सीमित समय में कार्य पूर्ण हो जाता है, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा धान का सर्वाधिक मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है, जिससे किसानों को फसल का उचित दाम मिला है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है। फसल विक्रय से प्राप्त राशि का उपयोग किसान केरकेट्टा रबी सीजन में गेहूं, सरसों एवं विभिन्न सब्जी फसलों की खेती में कर रहे हैं। इससे बहुफसली खेती को बढ़ावा मिल रहा है और किसानों की आय के स्रोत भी बढ़ रहा हैं। उन्होंने कहा कि समय पर भुगतान और बेहतर व्यवस्था के कारण किसान अब अपनी आगे की खेती की योजना आसानी से बना पा रहे हैं। किसान  केरकेट्टा ने धान खरीदी व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान व्यवस्था किसानों के हित में है उन्होंने किसानों के लिए की गई धान खरीदी व्यवस्थाओं हेतु मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

निकाय चुनावों में NDA का दबदबा, महाराष्ट्र में BJP-शिवसेना-NCP गठबंधन 200 से ज्यादा सीटों पर आगे

मुंबई  महाराष्ट्र नगर निकाय चुनावों के अब तक रुझानों में सत्तारूढ़ महायुति 214 स्थानीय निकायों में स्पष्ट बढ़त बनाए हुए है। इसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 118 निकायों में, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना 59 निकायों में और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) 37 निकायों में आगे चल रही है। वहीं, विपक्षी महाराष्ट्र विकास अघाड़ी (MVA) वर्तमान में केवल 49 निकायों में आगे है, जबकि कांग्रेस 32 निकायों में बढ़त बनाए हुए है। बता दें कि 288 नगर परिषदों और नगर पंचायतों में से 253 में मतगणना जारी है। गौरतलब है कि भाजपा ने पहले ही तीन सीटें निर्विरोध जीत ली हैं, जिनमें डोंडाईचा नगर परिषद (धुले) और अंगार नगर पंचायत (सोलापुर) के सदस्य व अध्यक्ष निर्विरोध चुने गए हैं। साथ ही जामनेर नगर पालिका के अध्यक्ष चुनाव में भी कोई विपक्ष नहीं था।   महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा कि नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में महायुति की 'सफलता' भाजपा संगठन और सरकार के संयुक्त प्रयास का नतीजा है। उन्होंने कहा कि यह एक सामूहिक प्रयास है, जिसमें संगठन और सरकार दोनों शामिल हैं। हमने विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ा। मैंने सकारात्मक विकास एजेंडे पर आधारित अभियान चलाया और कभी भी किसी राजनीतिक नेता या पार्टी की आलोचना नहीं की। फडणवीस ने आगे कहा कि उन्होंने विकास एजेंडे, अब तक किए गए कार्यों और भविष्य की योजनाओं के आधार पर ही वोट मांगे। लातूर में भाजपा ने 5 में से 4 सीटों पर अध्यक्ष पद जीता महाराष्ट्र के निकाय चुनावों में भाजपा को बड़ी सफलता मिली है। लातूर जिले में नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनाव परिणाम घोषित हो रहे हैं। यहां भाजपा ने पांच में से चार स्थानीय निकायों में अध्यक्ष पद पर विजय हासिल की है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा ने उदगीर, अहमदपुर, निलंगा और रेनापुर के स्थानीय निकायों में अध्यक्ष पद जीते, जबकि उसके सहयोगी अजीत पवार की एनसीपी ने औसा की सीट पर कब्जा किया है। इस तरह लातूर जिले में सभी पांच सीटों पर महायुति ने कब्जा कर लिया है। नतीजे और महायुति की जीत तो बस ट्रेलर है उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को कहा कि महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के परिणाम 15 जनवरी को होने वाले नगर निगम चुनावों में आगे क्या होने वाला है, इसका एक ट्रेलर हैं। शिवसेना के नेता शिंदे ने अपनी सेना के 'स्ट्राइक रेट' की भी सराहना की और कहा कि ये परिणाम हमारी पार्टी द्वारा किए गए अच्छे काम की पुष्टि करते हैं। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ये परिणाम जनता की उस प्रवृत्ति को दर्शाते हैं जो राजनीति से ऊपर विकास को प्राथमिकता देती है। महायुति की जीत महज एक ट्रेलर है। महायुति आगामी नगर निगम चुनावों में भी यही शानदार प्रदर्शन दोहराएगी निकाय चुनाव में पार्टी की जीत पर बधाई महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनाव 2025 के नतीजों पर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी की जीत पर बधाई दी। गडकरी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि भारतीय जनता पार्टी को उसकी शानदार जीत पर हार्दिक बधाई। राज्य भाजपा अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और सभी समर्पित पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई। उन्होंने आगे कहा कि यह जीत पार्टी कार्यकर्ताओं की है। भाजपा और उसके विकासोन्मुखी कार्यों पर भरोसा जताने के लिए जनता का तहे दिल से धन्यवाद। विपक्ष के 'झूठे प्रचार' को मतदाताओं ने किया खारिज महाराष्ट्र में रविवार को स्थानीय निकाय चुनावों की मतगणना के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने दावा किया कि उनकी पार्टी को निर्णायक जनादेश मिला है। चव्हाण ने कहा कि मतदाताओं ने विपक्ष के 'झूठे प्रचार' को खारिज कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि महायुति ने 288 में से 250 से अधिक परिषदों, नगर पंचायतों और नगर परिषदों में जीत हासिल की है। भाजपा के उम्मीदवारों ने 236 में से 134 पार्षद पदों और 3,000 से अधिक पार्षद सीटों पर जीत हासिल की है। चव्हाण ने दावा किया कि चुनाव प्रचार के दौरान विपक्ष ने तरह-तरह के आरोप लगाए, लेकिन जनता ने उनकी पोल खोल दी। उद्धव ठाकरे ने खुद कहा कि उनके पास जनता को देने के लिए कुछ नहीं था और इसीलिए उनकी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। उनकी पार्टी विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए भी दो अंकों में जीत हासिल नहीं कर पाई। उन्होंने कहा कि परिषद, नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में मतदाताओं ने विपक्ष के झूठे दावों को खारिज कर दिया है। अब मुंबईवासी भी आगामी बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के चुनावों में विपक्ष के दावों को खारिज कर देंगे। दोपहर 3 बजे के मुताबिक रायगढ़ जिले की नगरपालिकाओं में मेयर पद के नतीजे घोषित हो गए हैं। रोहा सीट पर एनसीपी के वनश्री शेगडे मेयर चुनी गई हैं। कर्जत सीट पर एनसीपी की पुष्पा डागड़े और मुरुड सीट पर एनसीपी की आराधना दांडेकर ने जीत हासिल की है। माथेरान सीट पर शिवसेना उम्मीदवार चंद्रकांत चौधरी, महाड से शिवसेना के सुनील कविस्कर, खोपोली में शिवसेना के कुलदीप शिंदे मेयर चुने गए हैं। श्रीवर्धन में शिवसेना यूबीटी के अतुल चोगले, पेण में बीजेपी की श्रीमती प्रीतम पाटिल, अलीबाग में शेतकरी कामगार पक्ष के अक्षया नाइक और उरण सीट पर एनसीपी शरद गुट की भावना घाणेकर ने जीत हासिल की है।