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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोडिन कफ सिरप मामले में रखा सरकार का पक्ष, बोले-मामले में कोई भी अपराधी बच नहीं पाएगा

विधानसभा में कोडिन पर सीएम योगी का जवाब कोडिन से यूपी में एक भी मौत नहीं हुईः मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोडिन कफ सिरप मामले में रखा सरकार का पक्ष, बोले-मामले में कोई भी अपराधी बच नहीं पाएगा मुख्यमंत्री ने सदन में समाजवादियों को दिखाया आईना  बोले- यूपी के जो सबसे बड़े होलसेलर हैं, उन्हें 2016 में समाजवादी पार्टी ने जारी किया था लाइसेंस  देश में दो नमूने हैं, जब कोई चर्चा होती है तो वह देश छोड़कर भाग जाते हैः मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री ने सपाइयों से कहा- आप चिल्लाते रहेंगे और ‘बबुआ’ सैरसपाटे के लिए इंग्लैंड चले जाएंगे  अवैध लेन-देन भी लोहिया वाहिनी के एक पदाधिकारी के खाते के माध्यम से हुआः सीएम योगी  सीएम ने सपाइयों से कहाः समय आने पर होगी बुलडोजर कार्रवाई, तब चिल्लाइएगा नहीं  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सदन में कोडिन कफ सिरप मामले में सरकार का पक्ष रखा और समाजवादी पार्टी के नेताओं को खूब धोया। बोले कि प्रश्न क्या है और मुद्दे क्या उठाए जा रहे हैं। माननीय सदस्यों को अध्ययन करके आना चाहिए और सदन की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। नेता विरोधी दल ने सदन की कार्रवाई होते ही इस मुद्दे को उठाया, इसलिए मुझे खड़ा होना पड़ा। सीएम ने कहावत ‘चोर की दाढ़ी में तिनका’ का जिक्र कर समाजवादी पार्टी को आईना दिखाया। सीएम ने सदन में साफ किया कि कोडिन कफ सिरप से यूपी में एक भी मौत नहीं हुई है। इस मामले में एनडीपीएस के अंतर्गत कार्रवाई होगी, उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले को कोर्ट में लड़ा और जीता है।  नेता प्रतिपक्ष से झूठ बोलवा देते हैं समाजवादी   सीएम ने नेता प्रतिपक्ष की चुटकी ली। बोले कि इस उम्र में व्यक्ति सच बोलने का आदी होता है, लेकिन समाजवादी इस उम्र में भी उनसे झूठ बोलवा देते हैं। समाजवादियों को ऐसा नहीं करना चाहिए और उन्हें भी सच बोलने का आदी होना चाहिए। उन्होंने लंबे समय तक स्पीकर के रूप में सदन को आगे बढ़ाया है।  2016 में समाजवादी पार्टी ने यूपी के सबसे बड़े होलसेलर को जारी किया था लाइसेंस  सीएम योगी ने सदन में कहा कि उत्तर प्रदेश में यूपी के सबसे बड़े होलसेलर को एसटीएफ ने पकड़ा था। 2016 में समाजवादी पार्टी ने उसे लाइसेंस जारी किया था। सीएम ने कहा कि देश में दो नमूने हैं। एक दिल्ली व दूसरा लखनऊ में बैठता है। जब देश में कोई चर्चा होती है तो वह देश छोड़कर भाग जाते हैं। यही आपके बबुआ के साथ भी हो रहा है। आप चिल्लाते रहेंगे और बबुआ सैरसपाटे के लिए इंग्लैंड चले जाएंगे।  यूपी में नहीं होता कोडिन कफ सिरप का प्रोडक्शन  सीएम ने फिर स्पष्ट किया कि कोडिन कफ सिरप (नकली दवा) के कारण मौत की कोई भी बात शासन के संज्ञान में नहीं आयी है। समय-समय पर एफएसडीए विभाग लगातार छापेमारी व कार्रवाई करती है। कंपनियों में भी इस प्रकार की कार्रवाई होती है। यूपी में कोडिन कफ सिरप के केवल स्टाकिस्ट व होलसेलर हैं। इसका यहां प्रोडक्शन नहीं होता। इसका प्रोडक्शन मध्य प्रदेश, हिमाचल व अन्य राज्यों में होता है। मौत के जो प्रकरण आए हैं, वह भी अन्य राज्यों के हैं। ऐसे प्रकरण तमिलनाडु में बने सिरप के कारण आए हैं। यह पूरा प्रकरण इललीगल डायवर्जन का है। इसके माध्यम से होलसेलर (सहारनपुर, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी) ने इसे उन देशों व राज्यों में पहुंचाया है, जहां मद्य निषेध है। वहां नशे के आदी लोगों को इसे लेने की आदत है। वहां इसका दुरुपयोग किया गया है।  समाजवादी पार्टी के लोगों का पढ़ाई-लिखाई से कोई वास्ता नहीं  मुख्यमंत्री ने सीएम ने कहा कि बच्चे हों या एडल्ट, बिना चिकित्सीय परामर्श के कोई भी इसका सेवन नहीं कर सकता। खांसी होने पर हर कोई कफ सिरप लेता है, लेकिन चिकित्सीय परामर्श से। उस पर यह अंकित भी होता है, लेकिन समाजवादी पार्टी के लोगों का पढ़ाई-लिखाई से कोई वास्ता है नहीं, इसलिए आप लोग ऐसी बाते करते हैं।  समय आने पर होगी बुलडोजर कार्रवाई, तब चिल्लाइएगा नहीं  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार की कार्रवाई की जानकारी भी सदन में रखी। मुख्यमंत्री ने कहा अब तक 79 अभियोग दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 225 अभियुक्त नामज़द हैं। 78 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है और 134 फर्मों पर छापेमारी की कार्रवाई हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की गहराई में जाएंगे तो बार-बार यही तथ्य सामने आता है कि कहीं न कहीं समाजवादी पार्टी से जुड़ा कोई नेता या व्यक्ति इसमें संलिप्त पाया जाता है। अवैध लेन-देन भी लोहिया वाहिनी के एक पदाधिकारी के खाते के माध्यम से हुआ है। एसटीएफ पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत मुकदमा चलाने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने इस लड़ाई को पूरी मजबूती से लड़ा है और इसमें सफलता भी प्राप्त की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में कोई भी अपराधी बच नहीं पाएगा। सीएम ने बुलडोजर एक्शन को लेकर समाजवादी पार्टी पर तंज कसा। कहा कि चिंता मत कीजिए, समय आने पर बुलडोजर एक्शन की पूरी तैयारी रहेगी, उस समय चिल्लाइएगा नहीं।

Silver Price Today: चांदी थमने का नाम नहीं ले रही, एक झटके में ₹6000 महंगी—जानें नए गोल्ड रेट्स

इंदौर  सोना-चांदी की कीमतें (Gold-Silver Rates) साल 2025 के आखिरी महीने में धमाल मचा रही हैं. हर रोज ये दोनों कीमती धातुओं नए शिखर पर पहुंचते हुए पुराने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर रही हैं. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को तो Silver Price एमसीएक्स पर खुलने के साथ ही 6000 रुपये से ज्यादा चढ़ गया और चांदी 2,14,471 रुपये के नए हाई पर जा पहुंची. सोना भी कुछ कम नजर नहीं आया और चांदी के कदम से कदम मिलाकर चलता दिखा. MCX Gold Rate देखें, तो खुलने के साथ ही ये 1384 रुपये की उछाल के साथ 1,35,580 रुपये के नए लाइफ टाइम हाई लेवल पर जा पहुंचा. ऐसे में रिच डैड पुअर डैड (Rich Dad Poor Dad) के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी की भविष्यवाणी सच होते नजर आ रही है. वे अक्सर अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में चांदी को अमीर बनने का जरिया बताते हैं.  रुकने का नाम नहीं ले रही चांदी इस साल हालांकि, Gold-Silver दोनों धातुओं ने धमाल मचाया है, लेकिन चांदी की रफ्तार ने चौंकाने का काम किया है और साल के खत्म होते-होते इसकी कीमतों में तेजी बढ़ती जा रही है. सोमवार को एमसीएक्स पर चांदी खुलने के साथ ही 6032 रुपये प्रति किलो चढ़ गई और 2.14 लाख रुपये के पार निकल गई. बीते सप्ताह ही इसने इतिहास में पहली बार 2 लाख रुपये का आंकड़ा पार किया था और तमाम उतार-चढ़ाव के बावजूद इस स्तर पर टिकी हुई है.  Gold Rate में तेज उछाल  न सिर्फ चांदी की कीमत में सप्ताह के पहले दिन तेजी आई है, सोना भी छलांग लगा रहा है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 5 फरवरी की एक्सपायरी वाला सोना, अपने पिछले बंद की तुलना में 1000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा की बढ़त लेकर खुला. इसके कुछ ही मिनटों में Gold Price 1384 रुपये या 1.03% की उछाल के साथ 1,35,580 रुपये प्रति 10 ग्राम पर जा पहुंचा, जो इसका अब तक का सबसे हाई लेवल है.  रॉबर्ट कियोसाकी की भविष्यवाणी हो रही सच Silver Rate में लगातार आ रहे उछाल को देखते हुए मशहूर किताब 'Rich Dad Poor Dad' के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी (Robert Kiyosaki) की भविष्यवाणी सच होती नजर आ रही है, जिसमें वो कहते नजर आते हैं कि चांदी अमीर बना सकती है. हाल ही उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) पर एक पोस्ट के जरिए चांदी में निवेश की सलाह दी थी और 2026 के लिए इसे नया टारगेट (Silver Target) दिया था. गौरतलब है कि कियोसाकी अक्सर सोना-चांदी में निवेश की सलाह देते नजर आते हैं.  'चांद पर पहुंचती जा रही है चांदी…' अपनी नई पोस्ट में रिच डैड पुअर डैड के लेखक ने चांदी की बढ़ती कीमतों की ओर फोकस करते हुए लिखा कि चांदी चांद पर जा रही है, शायद 2026 में इसका भाव 200 डॉलर प्रति औंस (Silver Price) पर पहुंच जाएगा. बीते साल 2024 में ये सिर्फ 20 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी. उन्होंने बताया कि जैसे ही पिछले हफ्ते US FED एक और रेट कट का ऐलान किया था, मैंने और असली चांदी खरीद ली.

सर्दी का कहर: कश्मीर-बर्फ, कानपुर-स्कूल टाइमिंग बदली, दिल्ली में स्मॉग के बीच एयरपोर्ट पर चेतावनी

 नई दिल्ली उत्तर भारत के कई हिस्सों में घने कोहरे और ठंडी हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है. दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में कोहरे की मोटी चादर ने विजिबिलिटी कम कर दी है, जिससे हवाई, सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ है. कानपुर में शीतलहर के कारण स्कूलों की टाइमिंग बदली गई है. कश्मीर घाटी में पहली बर्फबारी के बाद गुलमर्ग जाने वाले वाहनों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की गई है. हिमाचल प्रदेश के शिमला, मनाली, कुफरी और नारकंडा में ठंड बढ़ी है और येलो अलर्ट जारी किया गया है. इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (दिल्ली) ने सुबह 8 बजे यात्री सलाह (पैसेंजर एडवाइजरी) जारी की है. एयरपोर्ट प्रबंधन ने बताया कि रनवे पर घने जहरीले स्मॉग की मोटी परत छाई हुई है, जिससे विजिबिलिटी लो हो गई है. हालांकि, सभी फ्लाइट ऑपरेशंस सामान्य रूप से चल रहे हैं. साथ ही लो विजिबिलिटी की ध्यान में रखते हुए दिल्ली एयरपोर्ट ने एडवाइजरी जारी कर यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी संबंधित एयरलाइंस से नए फ्लाइट अपडेट की जानकारी देख लें, क्योंकि कोहरे के कारण कई उड़ानों में देरी की आशंका बनी हुई है. कानपुर में बदली स्कूलों की टाइमिंग वहीं, यूपी के कानपुर में कोहरे का स्तर एक बार फिर बढ़ गया है. शीतलहर के बीच विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम हो गई है. जीटी रोड पर वाहन ब्लिंकर जलाकर धीमी गति से चल रहे हैं. आज तक और इंडिया टुडे की टीम ने ग्राउंड रिपोर्ट में दिखाया कि कोहरा इतना घना है कि सामने कुछ दिखाई नहीं दे रहा. शहर का AQI स्तर 400 तक पहुंच गया है जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है. कोहरे और ठंड को देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है- अब स्कूल सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेंगे. गुलमर्ग जाने वाले वाहनों के लिए एडवाइजरी कश्मीर में कल हुई बर्फबारी के बाद मौसम और विजिबिलिटी में सुधार हुआ है. द्रास, सोनमर्ग, गुलमर्ग, पहलगाम और गुरेज में अच्छी बर्फबारी हुई है. लेकिन उम्मीद के मुताबिक बर्फबारी नहीं हुई है. मौसम की पहली भारी बर्फबारी देखने के लिए लोग गुलमर्ग की ओर उमड़ पड़े, जिससे फिसलन भरी सड़कों के कारण दर्जनों वाहन फंस गए. इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने बचाव कार्य के लिए सख्त निर्देश दिए हैं. अधिकारियों ने कहा कि गुलमर्ग की और केवल 4×4 वाहन और चेन लगे टायर वाले वाहनों को ही जाने की  अनुमति दी जाएगी. शिमला-मनाली में छाए बादल उधर, हिमाचल प्रदेश में दिसंबर के तीसरे हफ्ते में मौसम ने करवट बदली है. शिमला, मनाली, कुफरी और नारकंडा जैसे हिल स्टेशनों में बादल छाए रहने से ठंड का प्रकोप बढ़ गया है. शिमला में अधिकतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 5 डिग्री अधिक है. मनाली में 6.7, कुफरी में 8.6 और कल्पा में 3.4 डिग्री तापमान रहा. जनजातीय इलाकों में न्यूनतम तापमान माइनस तक पहुंच गया है. राज्य की ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी हुई, लेकिन पर्यटन स्थलों तक बर्फ नहीं पहुंची. निचले जिलों जैसे बिलासपुर, ऊना और मंडी में घने कोहरे ने सड़क यातायात को प्रभावित किया. येलो अलर्ट जारी मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है और अगले कुछ दिनों तक सुबह-शाम घना कोहरा रहने की चेतावनी दी है. आज कुछ हिस्सों में बारिश या बर्फबारी हो सकती है, लेकिन 22 से 27 दिसंबर तक मौसम शुष्क रहेगा. सबसे बड़ी खबर ये है कि 25 दिसंबर को क्रिसमस के दिन शिमला, मनाली और कुफरी में 'व्हाइट क्रिसमस' नहीं होगा- सीजन की पहली बर्फबारी का इंतजार अभी बना हुआ है.

भक्तों की सुविधा के लिए खाटू श्याम मंदिर रहेगा पूरे दिन खुला, VIP लाइन नहीं

जयपुर   विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्याम जी में दिनों दिन भक्तों की संख्या जा रही है. नए साल के स्वागत के लिए अभी से ही श्याम भक्तों में उत्साह देखा जा रहा को है. इस बार बाबा के दरबार में पिछली बार से भी अधिक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है. इस बार 31 दिसंबर को एकादशी व नववर्ष साथ होने से भीड़ में और अधिक इजाफा होने की संभावना है. पिछले चार-पांच वर्षों से बाबा श्याम के दरबार में नए साल पर भक्तों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. नए साल का जश्न मनाने के लिए जहां कुछ लोग होटल, बार और डिस्को का रुख करते हैं, वहीं श्याम प्रेमी बाबा श्याम के दर्शन को अपनी प्राथमिकता मानते हैं. अधिकांश श्याम भक्त नए साल की पहली सुबह बाबा श्याम के दर्शन कर अपने साल की शुरुआत करना पसंद करते हैं. यातायात व्यवस्था, पार्किंग और सुरक्षा पर विशेष ध्यान जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने श्याम भक्तों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की तैयारी शुरू कर दी है. यातायात व्यवस्था, पार्किंग और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है., श्री श्याम मंदिर कमेटी ने भी दर्शन के लिए आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग, पानी, बिजली और छाया जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था की है. साथ ही मंदिर प्रबंधन की ओर से दर्शन प्रक्रिया को सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं. श्याम प्रेमियों के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है. कस्बे में 31 दिसंबर व 1 जनवरी को बड़ी संख्या में श्याम भक्त दर्शन के लिए आएंगे. पांच सौ पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे श्री श्याम मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान मंदिर कमेटी की ओर से एकादशी व नववर्ष की तैयारियां की जा रही है. भक्तों को सुगम दर्शन हो सकें, इसके लिए मंदिर कमेटी तत्पर है. पानी, मेडिकल कैंप, रोशनी, सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा गार्ड सभी की माकूल व्यवस्था रहेगी. वहीं, थानाधिकारी पवन चौबे ने बताया कि नववर्ष व एकादशी पर सांवलपुरा रोड, दांता रोड, सीतारामपुरा तथा 52 बीघा में पार्किंग की जाएगी. वहीं पुलिस जाब्ता दो फेज में मंगवाया जाएगा. 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक पांच सौ पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे और 29 दिसंबर से 2 जनवरी तक 2500 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे. VIP दर्शन रहेंगे बंद, 24 घंटे मंदिर खुला रहेगा  नववर्ष पर भीड़ को देखते हुए पूरे क्षेत्र को नो व्हीकल जोन बनाया जाएगा. इसके अलावा VIP दर्शन व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा इस दौरान वीआईपी दर्शन पूरी तरह बंद रहेंगे. केवल सरकारी प्रोटोकॉल वाले ही छूट पाएंगे. इसके अलावा मंदिर को विशेष फूलों से सजाया जाएगा. दर्जनों कारीगर मंदिर की सजावट का कार्य करेंगे. नए साल पर भीड़ को देखते हुए 24 घंटे अंदर खुला रहेगा. एकादशी होने के कारण नव वर्ष पर मासिक मेले का भी आयोजन होगा.

सीएम योगी का अलर्ट: यूपी की विधानसभा सीट पर वोटिंग में बढ़ा मत विभाजन, SIR आंकड़ों से हुई पुष्टि

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में लोकभवन में हुई एनडीए विधानमंडल दल की बैठक में भी एसआईआर का मुद्दा ही छाया रहा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की 25-25 उन विधानसभा सीटों का ब्योरा सबके सामने सिलसिलेवार रखा, जहां या तो सर्वाधिक वोट कटे हैं या फिर बहुत कम वोट कटे हैं। दोनों ही स्थितियों को चिंताजनक बताया गया। सर्वाधिक वोट कटने के मामले में गाजियाबाद की साहिबाबाद सीट प्रदेश में पहले नंबर पर है। इस फेहरिस्त में दूसरे नंबर पर प्रयागराज की उत्तरी सीट है। वर्ष 2025 की वोटर लिस्ट के लिहाज से देखें तो साहिबाबाद में अभी तक केवल 58 फीसदी ही वोट बन पाए हैं। यानि 42 फीसदी नाम नहीं हैं। जबकि प्रयागराज उत्तर में तुलनात्मक रूप से 40 फीसदी से अधिक नाम अभी सूची में नहीं हैं। इस सूची में लखनऊ की उत्तरी, पूर्वी सहित चार सीटें शामिल हैं। इसी तरह कानपुर, आगरा, बरेली, मेरठ, मथुरा आदि महानगरों की सीटें भी वोट कटने के मामले में टॉप-25 की लिस्ट में शामिल हैं। यह वे सीटें हैं जहां 30-32 से लेकर 42 फीसदी तक वोट 2025 की वोटर लिस्ट की तुलना में अभी शामिल नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि भाजपा कार्यकर्ता एसआईआर का काम कर रहे हैं मगर अभी इसमें और तत्परता दिखानी होगी। अभी एसआईआर पर जितना काम कर लोगे तो समझो दो तिहाई चुनाव निपट जाएगा। उन्होंने ऐसी 25 सीटों की लिस्ट भी पढ़कर सुनाई जहां 13-14 फीसदी तक वोट ही कटे हैं। इनमें अमरोहा, शिकारपुर, देवबंद, जलेसर, सिरसागंज, मथुरा-वृंदावन, सीतापुर, एटा की मारहरा, कानपुर की सिकंदरा, आंवला, जसराना, फूलपुर आदि विधानसभा सीटें इसमें शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विधायक अनुशासन के साथ सोमवार को सदन में मौजूद रहें। वंदेमातरम पर सदन में चर्चा होगी। बैठक में भाजपा के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का स्वागत किया गया। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह, सुभासपा प्रमुख ओपी राजभर, निषाद पार्टी प्रमुख डा. संजय निषाद, अपना दल (एस) की ओर से आशीष पटेल, संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना मौजूद रहे। 32 फीसदी से अधिक वोट कटने वाली सीटें गाजियाबाद की साहिबाबाद-42 प्रतिशत, प्रयागराज उत्तर-40.9 प्रतिशत, लखनऊ उत्तर-39, लखनऊ ईस्ट-35, कैंट-37 प्रतिशत, सरोजनी नगर-32 प्रतिशत, कानपुर कैंट-34 फीसदी, कल्याणपुर-34 प्रतिशत, कानपुर दक्षिण-34 प्रतिशत, आर्य नगर-33 प्रतिशत, आगरा छावनी-35 प्रतिशत, आगरा दक्षिण-33 प्रतिशत, आगरा उत्तर में 33 प्रतिशत, बरेली-34, बरेली कैंट-35, मेरठ-34 प्रतिशत, गाजियाबाद-34, मथुरा-वृंदावन-34 प्रतिशत। ढाई से तीन करोड़ वोटर अभी कम, यह आपका वोट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कम वोटों से विधानसभा चुनाव जीतने या हारने वालों को चेताया। कहा कि यदि तीन प्रतिशत भी वोट कट गया तो ऐसे लोगों के लिए खतरे की घंटी है। ऐसे सभी लोग सतर्क हो जाएं। दावतें, कहीं आना-जाना, अनुष्ठान सब काम छोड़ कर एसआईआर में जुट जाएं। उन्होंने कहा कि ढाई से तीन करोड़ वोटर कम है। यह वोट किसका है। यह वोट आपका है। नये वोटर बनाने पर फोकस कीजिए। सभी घुसपैठियों और फर्जी वोटरों को मतदाता सूची से बाहर कराइए। उन्होंने कहा कि भाजपा के हर नेता, कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि के लिए इस समय एसआईआर से महत्वपूर्ण और कोई काम नहीं है। उन्होंने कहा कि जो भी संदिग्ध वोटर हैं, किसी एक ही पते पर यदि बड़ी संख्या में वोटर हैं तो ऐसे सभी लोगों की पड़ताल कर उन्हें सूची से बाहर कराइए। इसके लिए व्यापक पैमाने पर आपत्तियां दाखिल करने को फार्म-7 का प्रयोग कीजिए। उन्होंने दोहराया कि कोई भी सही नाम वोटर बनने से वंचित न हो और कोई फर्जी व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी विधानसभा व लोकसभा के चुनाव इसी मतदाता सूची से होंगे जबकि प्रधानी व निकाय चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची के आधार पर होंगे। कम एसआईआर वाली सीटों पर विधायकों का कटेगा टिकट प्रदेश की जिन विधानसभा सीटों पर एसआईआर कम है, वहां के विधायकों की टिकट पर संकट है। उन्हें दो टूक शब्दों में समझा दिया गया कि जिन्हें चुनाव नहीं लड़ना वो स्पष्ट बता दें लेकिन एसआईआर में पार्टी के साथ धोखा ना करें। अगले पांच दिन सब काम छोड़कर केवल वोट बढ़ाने में जुटें। ऐसी तमाम बातें रविवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में एसआईआर पर आयोजित पार्टी की प्रदेश स्तरीय महत्वपूर्ण बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने कहीं। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कम वोटों के अंतर से विधानसभा चुनाव जीतने-हारने वालों को चेताया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री चुघ ने कहा कि एसआईआर पर अभी की गई मेहनत अगले 20 साल काम आने वाली है। आने वाले आठ विधानसभा व लोकसभा चुनाव इसी मतदाता सूची से होंगे।

Vastu Shastra: शमी का पौधा कहां लगाएं? जीवन में आएगी खुशहाली और धनलाभ

हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में पौधों का विशेष महत्व बताया गया है। कुछ पौधे न केवल वातावरण को शुद्ध करते हैं, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा और खुशहाली भी लाते हैं। इन्हीं में से एक अत्यंत प्रभावशाली और पवित्र पौधा है, जिसका नाम है 'शमी'। शमी का पौधा घर में लगाने से न केवल शनि देव की कृपा प्राप्त होती है, बल्कि भगवान शिव का आशीर्वाद भी मिलता है। धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है कि शास्त्रों में शमी के पौधे को बहुत ही शुभ माना गया है। ऐसी मान्यता है कि इस पौधे में साक्षात शनि देव का वास होता है। इसके साथ ही, शमी के पत्ते भगवान शिव को अत्यंत प्रिय हैं। अगर नियमित रूप से भगवान शिव पर शमी के पत्र अर्पित किए जाएं, तो जीवन के सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है। घर में इसे लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सुख-समृद्धि का आगमन होता है। किस दिशा में लगाएं शमी का पौधा? वास्तु शास्त्र के अनुसार, किसी भी पौधे का पूर्ण लाभ तभी मिलता है जब उसे सही दिशा में लगाया जाए। शमी के पौधे के लिए निम्नलिखित दिशाओं का ध्यान रखना अनिवार्य है: दक्षिण दिशा: शमी के पौधे को घर की बालकनी, आंगन या छत पर 'दक्षिण दिशा' में लगाना सबसे शुभ माना जाता है। घर के बाहर: यदि आप इसे घर के मुख्य द्वार पर लगा रहे हैं, तो इसे इस तरह लगाएं कि घर से बाहर निकलते समय यह आपके दाहिनी ओर हो। घर के अंदर वर्जित: ध्यान रखें कि शमी के पौधे को कभी भी घर के कमरों के अंदर नहीं लगाना चाहिए। इसे हमेशा खुले स्थान जैसे छत या बालकनी में ही रखें। सावधानियां और विशेष नियम शमी का पौधा लगाते समय कुछ खास नियमों का पालन करना जरूरी है, वरना इसके विपरीत प्रभाव भी पड़ सकते हैं- तुलसी से दूरी: भगवान शिव की पूजा में तुलसी वर्जित है, जबकि शमी उन्हें प्रिय है। इसलिए वास्तु के अनुसार, शमी और तुलसी के पौधे को कभी भी बिल्कुल पास-पास नहीं लगाना चाहिए। स्वच्छता का ध्यान: जहां शमी का पौधा लगा हो, वहां साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। पौधे के पास कूड़ा-कचरा, जूते-चप्पल या फटे-पुराने कपड़े न रखें। गंदगी होने से इसका सकारात्मक प्रभाव कम हो जाता है। शनि दोष से राहत: जिन जातकों पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही है, उन्हें नियमित रूप से शमी के पौधे के पास सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। इससे शनि देव की प्रतिकूल दशा में राहत मिलती है। शमी का पौधा केवल एक वनस्पति नहीं, बल्कि सौभाग्य का प्रतीक है। यदि इसे सही वास्तु नियमों के साथ घर में स्थापित किया जाए और श्रद्धापूर्वक इसकी देखभाल की जाए, तो यह परिवार को मानसिक शांति, आर्थिक लाभ और ईश्वरीय सुरक्षा प्रदान करता है। शनिवार के दिन इस पौधे की विशेष पूजा करना अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है।

पूर्व मंत्री जोशी के साथ दूसरा विवाह, पल्लवी और कांग्रेस नेत्री ने साझा की पूरी जानकारी

भोपाल   पूर्व मंत्री दीपक जोशी की शादी की चर्चा सियासी गलियारे में जोरों पर है। इस बार उन्होंने कांग्रेस नेत्री पल्लवी राज सक्सेना से शादी रचाई है। शादी के बाद तमाम अटकलों पर मीडिया के सामने आकर पल्लीव राज सक्सेना ने अपनी बात रखी है। पूर्व मंत्री दीपक जोशी और पल्लवी राज की शादी 4 दिसंबर को भोपाल स्थित आर्य समाज मंदिर में हुई थी। तस्वीरें 20 दिसंबर को वायरल हुई थी। पहले भी की हैं दो शादियां दरअसल, दीपक जोशी पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के बेटे हैं। पहली पत्नी का निधन हो गया। इसके बाद दो अन्य महिलाओं ने दावा किया था कि हमारी शादी दीपक जोशी से हुई है। अब उन्होंने पल्लवी राज सक्सेना से शादी की है। भोपाल के नेहरू नगर स्थित आर्य समाज मंदिर में दोनों की हिंदू रीति-रिवाज से शादी हुई है। परिवारों की मौजूदगी में हुई शादी दीपक जोशी से शादी के बाद पल्लवी राज सक्सेना ने मीडिया से बात की है। उन्होंने कहा कि इस शादी में हमारे परिवार के सभी लोग मौजूद थे। साथ ही दीपक जोशी के बहन, बहनोई और भांजे-भांजियां मौजूद थीं। कई शादियों की बात को नकारा वहीं, दीपक जोशी की पहली पत्नी की मौत 2021 में हुई थी। अब उन पर आरोप लगते हैं कि 2016 में भी उन्होंने एक महिला से शादी की। एक अन्य महिला आरोप लगाती है कि हमने उनसे जनवरी 2025 में शादी की थी। इन आरोपों पर पल्लवी राज सक्सेना कहती हैं कि मैं जनवरी 2025 से ही दीपक जोशी की लाइफ में हूं। 11 महीने से हर पल मैं उनके साथ रहती हूं। मेरे घर में उनसे जून-जुलाई में सगाई हुई थी। इन संबंधों के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। अन्य शादियों के सवाल पर पल्लवी कहती हैं कि दीपक जी ने मुझे इतना बताया था कि एक महिला है, जो मुझे काफी दिन से परेशान कर रही है। इससे ज्यादा मुझे उन्होंने नहीं बताया। कांग्रेस में गए, फिर भाजपा में आए दीपक जोशी देवास जिले की हाटपिपल्या सीट से विधायक रहे हैं। शिवराज सरकार में मंत्री बने। 2018 में कांग्रेस के मनोज चौधरी से हार गए। 2020 में चौधरी भाजपा में आ गए। 2023 में जोशी कांग्रेस में शामिल हुए और खातेगांव सीट से चुनाव लड़ा, जिसमें भाजपा के आशीष शर्मा से हार गए। कुछ समय पहले वे वापस भाजपा में आए। भ्रष्टाचार सहित अन्य मामलों में दीपक जोशी मुखर रहे और प्रधानमंत्री कार्यालय तक शिकायतें करते रहे। 2021 में कोरोना की दूसरी लहर में उनकी पत्नी विजिया जोशी का इंदौर के अस्पताल में निधन हो गया था। बेटा जयवर्धन सिंह भाजपा में है। सोमवार को करूंगा प्रेस कॉन्फ्रेंस मामले को लेकर एक वीडियो में दीपक जोशी का कहना है कि मनुष्य जीवन में यश-अपयश दोनों चलते हैं। मैं जिस परिवार से आता हूं, उसकी ऊंचाइयां बहुत अधिक हैं। एक मीडिया संस्थान (नईदुनिया नहीं) ने इसे लेकर कुछ प्रकाशित किया है। दो महिलाओं का जिक्र किया है। कुछ मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं, उनको लेकर यहां टिप्पणी नहीं कर सकता। भारतीय न्याय प्रणाली पर विश्वास है। संचार साधनों पर कुछ भी डालने से पहले पुष्टि करनी चाहिए। सोमवार को भोपाल में इस मामले को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा। पल्लवी राज सक्सेना की भी दूसरी शादी पल्लवी राज सक्सेना की भी यह दूसरी शादी है। पहले पति से 17 साल पहले तलाक हो गया है। पल्लवी सक्सेना का एक 18 साल का बेटा है। वह गुजरात में रहकर पढ़ाई कर रहा है। दीपक जोशी से पहली मुलाकात एक कार्यक्रम में हुई थी। फिर एक अंकल के जरिए हमारे घर रिश्ता आया। 63 के दीपक और 45 की पल्लवी वहीं, दीपक जोशी 63 साल के हैं और पल्लवी राज सक्सेना 45 साल की हैं। हमदोनों के लाइफ में कोई नहीं है। बढ़ती उम्र है तो साथ रहना जरूरी है। हम एक-दूसरे के साथ सुख-दुख और बीमारी में खड़े रहें। दूसरा विवाह करना कोई अपराध या चोरी नहीं है। गौरतलब है कि शादी को सार्वजनिक करने के प्लान पर पल्लवी राज सक्सेना ने मीडिया से कहा कि शादी के तुरंत बाद मेरे पिता जी को पैरालिसिस अटैक आया। साथ ही मां की तबीयत भी बिगड़ गई। इसकी वजह से हमलोग कुछ प्लान नहीं कर पाएं।

एक टीम बाहर, न्यूजीलैंड ने बनाई बढ़त, भारतीय टीम की जीत की राह मुश्किल

नई दिल्ली  न्यूजीलैंड ने सोमवार (22 दिसंबर) को वेस्टइंडीज को 323 रन से हराकर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज 2-0 से अपने नाम कर ली. माउंट माउंगानुई के बे ओवल में खेले गए इस मैच में वेस्टइंडीज की टीम दूसरी पारी में सिर्फ 138 रन ही बना सकी, जबकि उन्हें जीत के लिए 462 रन का टारगेट मिला था. आईपीएल 2026 की नीलामी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम में शामिल किए गए तेज गेंदबाज जैकब डफी ने 5 विकेट लिए और स्पिनर एजाज पटेल ने तीन बल्लेबाजों को आउट किया. इस जीत से न्यूजीलैंड WTC 2025-27 पॉइंट्स टेबल में तीसरे से दूसरे नंबर पर पहुंच गया है. अब उनके पास 28 पॉइंट्स और 77.77 प्रतिशत अंक हैं. साउथ अफ्रीका तीसरे नंबर पर है. वेस्टइंडीज सबसे नीचे है और उनके फाइनल में पहुंचने की उम्मीदें लगभग खत्म हो गई हैं. वेस्टइंडीज ने अब तक इस WTC चक्र में आठ में से सात टेस्ट हारे हैं.      ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को तीसरे एशेज टेस्ट में 82 रन से हराकर WTC पॉइंट्स टेबल में टॉप पर अपनी जगह मजबूत की है. ऑस्ट्रेलिया ने अब तक छह में से छह मैच जीते हैं और उनके पास 72 पॉइंट्स और 100 प्रतिशत अंक हैं. इंग्लैंड सातवें नंबर पर है. भारत छठे नंबर पर है और उनके पास 48.15 प्रतिशत अंक हैं. भारत ने अब तक नौ में से चार मैच जीते हैं. भारत के WTC फाइनल में पहुंचने की कितनी उम्मीद भारतीय टीम के पास अब कुल 9 टेस्ट मैच बचे हैं. साउथ अफ्रीका के खिलाफ घर पर क्लीन स्वीप के बाद फाइनल खेलने की उम्मीदें धुंधली हो चुकी है. फैन होने के नाते जरूर आप भरोसा करेंगे कि टीम आगे आएगी लेकिन समीकरण पर ध्यान दें तो ये नामुमकिन जैसा है. बचे हुए 9 में से भारत को 7 मैच जीतना है जिसमें श्रीलंका और न्यूजीलैंड के खिलाफ उसके घर पर खेलना है.

शुक्र का धनु में गोचर बना रहा है 100 साल बाद का दुर्लभ समसप्तक योग, इन 4 राशियों की खुलेंगी किस्मत

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के विशेष संयोग और गोचर को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. इसी कड़ी में एक बार फिर दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग बन रहा है. करीब 100 वर्षों बाद समसप्तक योग का निर्माण हुआ है, जो कई राशियों के जीवन में बड़े बदलाव ला सकता है. सुख, ऐश्वर्य, प्रेम, सौंदर्य और विलासिता के कारक शुक्र ग्रह 20 दिसंबर की सुबह 7 बजकर 45 मिनट पर धनु राशि में प्रवेश कर चुके हैं. इस स्थिति में शुक्र अब 13 जनवरी 2026 तक धनु राशि में ही विराजमान रहेंगे, इसके बाद वे मकर राशि में गोचर करेंगे. अब तक शुक्र मंगल की राशि वृश्चिक में गोचर कर रहे थे, जहां उनका प्रभाव अपेक्षाकृत कम था. लेकिन धनु राशि में आते ही शुक्र का प्रभाव अधिक खुले, सकारात्मक और विस्तार देने वाला माना जा रहा है. खास बात यह है कि सूर्य और मंगल पहले से ही धनु राशि में मौजूद हैं, जिससे यह गोचर और अधिक शक्तिशाली बन गया है. धनु राशि में शुक्र का महत्व ज्योतिषी शास्त के अनुसार, धनु राशि के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं, जिन्हें ज्ञान, धर्म, भाग्य, नीति और विस्तार का कारक माना जाता है. वहीं शुक्र ग्रह प्रेम, आकर्षण, सौंदर्य, कला, ऐश्वर्य और भौतिक सुखों का प्रतिनिधित्व करता है. जब बृहस्पति की राशि में शुक्र प्रवेश करता है, तो व्यक्ति के जीवन में संतुलन, विवेक और सुख-साधनों की वृद्धि देखी जाती है. हालांकि यह भी ध्यान देने वाली बात है कि 15 दिसंबर से शुक्र अस्त अवस्था में हैं, और वे 3 फरवरी 2026 को उदित होंगे. अस्त अवस्था के कारण शुक्र के फल में थोड़ी कमी हो सकती है, लेकिन शुभता पूरी तरह समाप्त नहीं होगी. समसप्तक योग का दुर्लभ संयोग शनिवार को शुक्र के धनु राशि में प्रवेश करते ही एक खास ज्योतिषीय स्थिति बनी है. इस समय गुरु मिथुन राशि में विराजमान हैं और शुक्र धनु में. दोनों ग्रह एक-दूसरे से सप्तम भाव में स्थित हैं, जिससे समसप्तक राज योग का निर्माण हो रहा है. यह योग अत्यंत दुर्लभ माना जाता है और लंबे समय बाद बनता है. इन 4 राशि वालों पर पड़ेगा विशेष प्रभाव! इस समसप्तक योग और शुक्र गोचर का सबसे अधिक लाभ मिथुन, धनु, वृषभ और तुला राशि के जातकों को मिलने की संभावना है. मिथुन राशि शुक्र की सीधी दृष्टि मिथुन राशि पर पड़ेगी. इससे करियर में नए अवसर, संवाद कौशल में वृद्धि और व्यापार में लाभ के योग बनेंगे. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह समय अनुकूल रहेगा. धनु राशि स्वयं की राशि में शुक्र, सूर्य और मंगल की उपस्थिति आत्मविश्वास को बढ़ाएगी. भाग्य का साथ मिलेगा, रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं और सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि होगी. वृषभ राशि आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं. आय के नए स्रोत बन सकते हैं. पारिवारिक सुख, वाहन और संपत्ति से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं. तुला राशि शुक्र की स्वामित्व वाली राशि होने के कारण तुला राशि पर इसका विशेष प्रभाव पड़ेगा. प्रेम संबंधों में मजबूती, दांपत्य जीवन में मधुरता और कला से जुड़े लोगों के लिए सफलता के योग हैं.

धार्मिक शहरों में शराब-मीट बिक्री पर रोक, भगवंत मान ने उठाया बड़ा कदम, श्रद्धालुओं के आने-जाने के लिए शटल बस

चंडीगढ़  पंजाब की भगवंत मान सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लेते हुए राज्य के तीन प्रमुख धार्मिक शहरअमृतसर (वॉल सिटी), तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब को ‘पवित्र शहर’ का दर्जा दिया है. सरकार द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के बाद अब इन शहरों की सीमा के भीतर मांस, शराब, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. मुख्यमंत्री भगवंत मान का यह कदम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उन फैसलों की याद दिलाता है, जहां उन्होंने मथुरा और अयोध्या जैसे तीर्थ स्थलों पर इसी तरह के कड़े प्रतिबंध लागू किए थे. धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने के लिए फैसला पंजाब सरकार के इस फैसले का उद्देश्य इन धार्मिक स्थलों की पवित्रता और आध्यात्मिक मर्यादा को बनाए रखना है. अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर (श्री हरमंदिर साहिब), आनंदपुर साहिब (खालसा पंथ की जन्मस्थली) और तलवंडी साबो (तख्त श्री दमदमा साहिब) करोड़ों सिखों की आस्था के केंद्र हैं. लंबे समय से सिख संगठन इन इलाकों में शराब और मीट की दुकानों को हटाने की मांग कर रहे थे. अब आधिकारिक आदेश के बाद इन क्षेत्रों में किसी भी तरह के नशीले पदार्थों या मांस का व्यापार कानूनी रूप से वर्जित होगा. क्या-क्या हुआ पूरी तरह बंद?  -मांस-मछली और नॉनवेज रेस्तरां।  -शराब के ठेके, बार, वाइन शॉप।  -सिगरेट, बीड़ी, गुटखा, तंबाकू उत्पाद।  -हुक्का बार और सभी प्रकार के नशीले पदार्थ।  और क्या-क्या बदलेगा?  -पवित्र गलियारों में निर्माण और ऊंची इमारतों पर नियंत्रण होगा।  -अवैध कारोबार और अनुचित गतिविधियों पर सख्ती से पाबंदी लग सकेगी।  -धार्मिक पर्यटन में वृद्धि होगी और स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलेगा।  -सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस चौकियां और स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार होगा।  -केंद्र से विशेष फंडिंग और परियोजनाओं को मंजूरी मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी।  अंतर-धार्मिक समिति गठित होगी पवित्र शहरों में सामाजिक सौहार्द और धार्मिक मर्यादा को बनाए रखने के लिए एक अंतर-धार्मिक सलाहकार समिति का गठन किया जाएगा। इसमें सिख, हिंदू, मुस्लिम, ईसाई और अन्य समुदायों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह समिति पवित्र क्षेत्रों में दिशा-निर्देशों और मर्यादाओं की निगरानी करेगी।    तीनों पवित्र शहर आस्था, इतिहास और परंपराओं के केंद्र 1. अमृतसर: श्री हरिमंदिर साहिब की पावन धरती  अमृतसर की पहचान श्री हरिमंदिर साहिब से है जो खुले घर की अवधारणा पर आधारित है। यहां हर धर्म और जाति का व्यक्ति का खुले मन से स्वागत होता है। इसके चारों द्वार भी इसी भावना को जाहिर करते हैं। तीर्थस्थल का केंद्र अमृत सरोवर है जिसमें स्नान को आत्मिक शुद्धि का प्रतीक माना जाता है। नाम जपो, किरत करो, वंड-छको की परंपरा को जीवन का आधार माना जाता है। -गुरुद्वारा परिसर में चलने वाला लंगर हर दिन लाखों लोगों को भोजन कराता है। यह समानता, सेवा और मानवता का अनुपम उदाहरण। -श्री हरिमंदिर साहिब परिसर में स्थित श्री अकाल तख्त सिख धर्म के पांच तख्तों में सर्वोच्च है। यहां समुदाय से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं। यहां से जारी आदेश देश-विदेश में बैठे हर सिख के लिए सर्वमान्य है।  -यहां कई ऐतिहासिक स्थल है। इन स्थानों का संबंध सिख इतिहास, गुरुओं के जीवन और साहित्यिक विरासत से है। -वैसाखी, बंदी छोड़ दिवस, शहीदी दिवस सहित कई अवसरों पर लाखों श्रद्धालु यहां नतमस्तक होने के लिए पहुंचते हैं।   2. श्री आनंदपुर साहिब: खालसा पंथ की जन्मभूमि -श्री आनंदरपुर साहिब वीरता, बलिदान और आध्यात्मिक परंपराओं का केंद्र है। 30 मार्च 1699 को दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने यहां खालसा पंथ की स्थापना की थी। यहीं पांच प्यारों को अमृत छकाकर पहला खालसा रूप दिया गया। -यहां स्थित किला आनंदगढ़ साहिब को सिखों की रक्षा, पराक्रम और आत्म-सम्मान का प्रतीक माना जाता है। -यहां गुरु साहिब ने जपजी साहिब, चंडी दी वार, अकाल उस्तत जैसे महान ग्रंथों की रचना की।  -1705 के चमकौर युद्ध और आगे के संघर्षों की शुरुआत इसी पवित्र धरती से हुई। यह स्थान धार्मिक स्वतंत्रता की लड़ाई का प्रतीक है। -पांच तख्तों में एक श्री केसगढ़ साहिब लाखों सिखों की आस्था का केंद्र है।  3. तलवंडी साबो: गुरु की काशी -श्री तलवंडी साबो ज्ञान, अध्यात्म और ग्रंथ संपादन की पवित्र भूमि है। सिख धर्म के पांच तख्तों में से एक श्री दमदमा साहिब यहीं स्थित है।  -1705–06 के दौरान श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने यहां लगभग दस माह ठहरकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब का अंतिम और अधिकृत संस्करण तैयार कराया। इसी कारण इसे गुरु की काशी भी कहा जाता है।  -तलवंडी साबो लंबे समय तक सिख शिक्षा और विद्वता का केंद्र रहा। यहां गुरबाणी, इतिहास, भाषाओं और शास्त्रों की शिक्षा दी जाती थी। -यहां बिताए समय में श्री गुरु साहिब ने सिख समुदाय को संगठित किया और कठिन दौर में नई शक्ति प्रदान की। यह स्थान ईश्वर-भक्ति, सत्य और त्याग के संदेशों का केंद्र है।  -हर वर्ष यहां बैसाखी मेला और जोड़ मेला लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। तीनों पवित्र शहर आस्था, इतिहास और परंपराओं के केंद्र 1. अमृतसर: श्री हरिमंदिर साहिब की पावन धरती  अमृतसर की पहचान श्री हरिमंदिर साहिब से है जो खुले घर की अवधारणा पर आधारित है। यहां हर धर्म और जाति का व्यक्ति का खुले मन से स्वागत होता है। इसके चारों द्वार भी इसी भावना को जाहिर करते हैं। तीर्थस्थल का केंद्र अमृत सरोवर है जिसमें स्नान को आत्मिक शुद्धि का प्रतीक माना जाता है। नाम जपो, किरत करो, वंड-छको की परंपरा को जीवन का आधार माना जाता है। -गुरुद्वारा परिसर में चलने वाला लंगर हर दिन लाखों लोगों को भोजन कराता है। यह समानता, सेवा और मानवता का अनुपम उदाहरण। -श्री हरिमंदिर साहिब परिसर में स्थित श्री अकाल तख्त सिख धर्म के पांच तख्तों में सर्वोच्च है। यहां समुदाय से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं। यहां से जारी आदेश देश-विदेश में बैठे हर सिख के लिए सर्वमान्य है।  -यहां कई ऐतिहासिक स्थल है। इन स्थानों का संबंध सिख इतिहास, गुरुओं के जीवन और साहित्यिक विरासत से है। -वैसाखी, बंदी छोड़ दिवस, शहीदी दिवस सहित कई अवसरों पर लाखों श्रद्धालु यहां नतमस्तक होने के लिए पहुंचते हैं।   2. श्री आनंदपुर साहिब: खालसा पंथ की जन्मभूमि -श्री आनंदरपुर साहिब वीरता, बलिदान और आध्यात्मिक परंपराओं का केंद्र है। 30 मार्च 1699 को दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने … Read more