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रायपुर में स्वास्थ्य मंत्रालय की बड़ी बैठक, CM साय बोले- जनता को मिलेगा सही दिशा निर्देशन

रायपुर छत्तीसगढ़ में भाजपा के दो साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आज जांजगीर-चांपा जिले में जनादेश परब का आयोजन किया गया है. इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री साय भी आयोजन में शामिल होंगे. कार्यक्रम की अध्यक्षता करने जांजगीर जारहे सीएम साय ने पत्रकारों से चर्चा की. इस दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री नड्डा के दौरे को लेकर कहा कि प्रदेश की जनता को विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री का मार्गदर्शन और आशीर्वचन मिलेगा. बता दें, 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, डिप्टी सीएम अरुण साव और डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने पदभार ग्रहण किया था. साय सरकार के 2 साल पूरा होने के उपलक्ष्य में आज जांजगीर के पुलिस लाईन में जनादेश परब का आयोजन किया जा रहा है. जनादेश परब में जनता-जनार्दन के समक्ष छत्तीसगढ़ सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियों और राज्य के एकीकृत विकास के लिए लिए गए फैसलों की जानकारी दी जाएगी. जनकल्याणकारी योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित भी किया जाएगा. इस विशाल आमसभा को केंद्रीय मंत्री जे. पी. नड्डा संबोधित करेंगे. जेपी नड्डा ने छत्तीसगढ़ को हमेशा प्रेम दिया : किरण सिंहदेव केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का आगमन हो रहा है, हम बीजेपी परिवार की ओर से उनका स्वागत करते हैं. हमेशा इन्होंने अपना प्रेम छत्तीसगढ़ को दिया है. सरकार को दो साल पूरे हो गए हैं. सारी योजनाएं बेहतर रूप से संचालित हो रही है, सभी को आशीर्वाद देने पहुंच रहे हैं.   मनरेगा को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन पर किरण सिंहदेव ने कसा तंज वहीं मनरेगा के नाम परिवर्तन पर कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर भी किरण सिंहदेव ने कांग्रेस पर तंज कसा है. उन्होंने कहा कि बापू और सरदार वल्लभभाई पटेल को कांग्रेस ने भुला दिया है. 100 दिन का काम 125 दिन हुआ है, कांग्रेस को इसका धन्यवाद करना चाहिए.

7 समंदर पार कर ओरछा पहुंचे स्पेन के जोड़े ने वैदिक रीतियों से किया विवाह, बतेश्वर मंदिर में हुई पूजा

निवाड़ी मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन नगर ओरछा में भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं की एक अनोखी मिसाल देखने को मिली। स्पेन से आए विदेशी जोड़े ने सात समंदर पार कर हिन्दू वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार बतेश्वर मंदिर में विवाह रचाया। स्पेन निवासी 54 वर्षीय चीरो और 50 वर्षीय ऑडरा लंबे समय से एक-दूसरे से प्रेम करते थे, लेकिन दोनों की दिली इच्छा थी कि उनका विवाह भारतीय सनातन परंपराओं के अनुसार हो। इसी भावना के चलते उन्होंने रामराजा की नगरी ओरछा को अपनी शादी के लिए चुना। बतेश्वर मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंडितों द्वारा पाणिग्रहण संस्कार सम्पन्न कराया गया। जयमाला, सप्तपदी और अन्य सभी रस्में पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से निभाई गईं। पीले जोड़े में सजी दुल्हन ऑडरा और सेहरे से सजे दूल्हा चीरो भारतीय विवाह की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत कर रहे थे, जो मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बने रहे। शादी के दौरान मंदिर में उपस्थित लोगों ने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया। वैदिक मंत्रों की गूंज और सनातन संस्कारों के बीच विदेशी जोड़े ने सात जन्मों तक पति-पत्नी के रूप में साथ निभाने की शपथ ली। विवाह के बाद दूल्हा- दुल्हन ने कहा कि वे हिन्दू संस्कृति, वैदिक परंपराओं और भारतीय संस्कारों से अत्यंत प्रभावित हैं। उन्होंने रामराजा सरकार से सात जन्मों तक सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद लिया। जोड़े ने कहा, “रामराजा की नगरी में एक-दूसरे का हाथ थामने की हमारी अभिलाषा आज पूरी हो गई।” विदेशी जोड़े को पूरा विश्वास है कि सनातन संस्कारों से प्रेरित यह वैदिक पाणिग्रहण संस्कार उनका दांपत्य जीवन अटल और सफल बनाएगा। यह विवाह न केवल प्रेम की, बल्कि भारतीय संस्कृति की वैश्विक स्वीकार्यता की भी एक सुंदर मिसाल बन गया।

नगर निकाय चुनावों में महायुति का दबदबा, MNS का खाता नहीं खुला—देखें बड़े गेनर और लूजर

मुंबई  महाराष्ट्र के नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के नतीजों ने राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के लिए चिंता बढ़ा दी है. राज्य की 288 नगर परिषदों और नगर पंचायतों में हुए चुनावों में MNS एक भी नगराध्यक्ष पद जीतने में असफल रही. यह परिणाम पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है. राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 21 दिसंबर को जारी नतीजों के मुताबिक, BJP-नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने कुल 207 नगराध्यक्ष पदों पर जीत दर्ज की. इसमें BJP को 117, एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना को 53 और अजित पवार गुट की NCP को 37 पद मिले. वहीं, विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) को कुल 44 नगराध्यक्ष पदों पर जीत मिली. कांग्रेस ने 28, उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना ने 9 और शरद पवार गुट की NCP ने 7 पद जीते. इन सबके बीच MNS का खाता तक न खुलना पार्टी की जमीनी स्थिति पर सवाल खड़े करता है. MNS को लगातार करना पड़ रहा हार का सामना यह पहली बार नहीं है जब MNS को इस तरह की हार झेलनी पड़ी हो. अगस्त 2025 में हुए मुंबई BEST कर्मचारी को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी चुनाव में भी MNS और शिवसेना (UBT) की संयुक्त पैनल को एक भी सीट नहीं मिली थी. उस चुनाव में BJP-समर्थित पैनल ने सभी 21 सीटों पर कब्जा जमाया था. इससे पहले नवंबर 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में भी MNS का प्रदर्शन बेहद खराब रहा था. पार्टी ने 135 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन एक भी सीट जीतने में नाकाम रही थी. लगातार मिल रही इन हार से पार्टी की राजनीतिक रणनीति और भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं. 15 जनवरी को होना है बीएमसी चुनाव हालांकि, आगे की राजनीति को लेकर MNS की तरफ से कुछ प्रतिक्रिया नहीं आई है. राज्य निर्वाचन आयोग ने 15 दिसंबर को इसका ऐलान किया था कि महाराष्ट्र में 29 नगर निगमों के चुनाव एक ही चरण में 15 जनवरी 2026 को ही कराए जाएंगे. इसमें बृहन्मुंबई महानगरपालिका यानी बीएमसी भी शामिल है. आयोग के अनुसार इन चुनावों के नतीजे 16 जनवरी 2026 को घोषित किए जाएंगे. इसमें राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे की पार्टियां गठबंधन में होंगी या नहीं यह निकाय चुनाव के नतीजे के बाद फिलहाल स्पष्ट नहीं है.

बंधुआ मजदूर बनकर फंसे आदिवासी मजदूरों की वापसी, सिंधिया ने मदद के लिए किया धन्यवाद

शिवपुरी   कोलारस के आदिवासी परिवारों के 80 से ज्यादा मजदूरों को महाराष्ट्र में कुछ लोगों ने बंधुआ बना लिया था. इन आदिवासियों को कुछ दलाल महाराष्ट्र ले गए और लगातार उनके साथ अमानवीय व्यवहार कर रहे थे, जिसके बाद किसी तरह से आदिवसी मजदूरों ने अपनी बात केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तक पहुंचाई थी. आखिरकार दलालों के चंगुल से निकलने के बाद सभी मजदूर वापस कोलारस के ग्राम पंचायत विजयपुरा पहुंचे और अपनी रिहाई के लिए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति आभार प्रकट किया. काम के बहाने बनाया बंधुआ मजदूर रामजी लाल आदिवासी ने कहा, '' हम लगभग 80 मजदूरों को पूरे परिवार के साथ ग्राम बछुरिया निवासी बंटी गुर्जरऔर कल्लू गुर्जर 1 दिसम्बर को इंदौर ले गया था. इसके बाद मजदूरी करवाने के बहाने सभी को महाराष्ट्र ले जाया गया. महाराष्ट्र में कुछ स्थानीय लोगों से मिलवाया गया और सोलापुर में एक गन्ने के खेत पर मजदूरी के लिए लगा दिया गया. वहां बंधुआ मजदूर बनाकर सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक जमकर मजदूरी करवाई जाती थी. इसके बाद लाठियों से मारा पीटा जाता था और पानी पीने या आराम करने पर लातें मारी जाती थीं, जिसके बाद हम लोगों ने वीडियो बनाकर कोलारस में विजयपुरा सरपंच को भेजे.'' सरपंच को मिला वीडियो, फिर सिंधिया तक पहुंची बात आदिवासी मजदूरों द्वारा वीडियो मिलते ही विजयपुरा के सरपंच ने रन्नौद थाना प्रभारी अरविंद दांगी को मामले की शिकायत की. वहीं दूसरी ओर विधायक महेंद्र सिंह यादव के माध्यम से सूचना केंद्रीय मंत्री व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया तक भेजी गई. इस पर केंद्रीय मंत्री द्वारा तुरंत एक्शन लिया गया और 20 दिसम्बर को सभी बंधुआ मजदूर लौटकर वापस गांव आ गए. आदिवासी मजदूरों ने इसके बाद वीडियो बनाकर केंद्रीय मंत्री सहित सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया. इसके साथ ही मजदूरों ने केंद्रीय मंत्री सिंधिया को विजयपुरा आने का निमंत्रण भी दिया है. इस मामले को लेकर रन्नौद थाना प्रभारी अरविंद सिंह चौहान ने बताया, '' मुझे एक शिकायत विजयपुरा के मजदूरों को महाराष्ट्र में बंधुआ बनाए जाने के संबंध में मिली थी. उक्त शिकायत के बाद मैंने संंबंधित थाने पर संपर्क किया था. इसके अलावा ग्रामीण सांसद महोदय से भी मिले थे. उन्होंने प्रयास किए, जिसके बाद सभी मजदूर लौट कर वापस आ गए हैं. बताया गया कि आदिवासियों को बंधुआ मजदूर बनाकर उनसे मारपीट की जा रही थी और उन्हें पैसे भी नहीं दिए जा रहे थे.

सफलता की कुंजी: डॉ. कलाम के यादगार मंत्र

सफल होना तो सभी चाहते हैं लेकिन जरूरी है कि सफल होने के लिए सही दिशा में कदम उठाए जाएं। बिना सही कदम और मार्गदर्शन के अक्सर लोगों को विफलता हाथ लगती है और लोग हताश, निराश हो जाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि महान लोगों के विचारों से मोटिवेशन लिया जाए। अगर आप सफल होना चाहते हैं तो मिसाइल मैन, भारत के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के इन विचारों को जरूर याद रखें। अब्दुल कलाम के महान विचार 1) इससे पहले कि सपने सच हों आपको सपने देखने होंगे 2) अगर तुम सूरज की तरह चमकना चाहते हो तो पहले सूरज की तरह जलो 3) विज्ञान मानवता के लिए एक खूबसूरत तोहफा है, हमें इसे बिगाड़ना नहीं चाहिए। 4) सपने वो नहीं है जो आप नींद में देखे, सपने वो है जो आपको नींद ही नहीं आने दे। 5) महान सपने देखने वालों के महान सपने हमेशा पूरे होते हैं। 6) युवाओं को मेरा संदेश है कि कुछ अलग तरीके से सोचें, कुछ नया करने की कोशिश करें, हमेशा अपना रास्ता खुद बनाएं और असंभव को हासिल करें। 7) हमें हार नहीं माननी चाहिए और हमें समस्याओं को खुद को हराने नहीं देना चाहिए। 8) मैं इस बात को स्वीकार करने के लिए तैयार था कि मैं कुछ चीजें नहीं बदल सकता। 9) आइये हम अपने आज का बलिदान कर दें ताकि हमारे बच्चों का कल बेहतर हो सके। 10) अपने मिशन में कामयाब होने के लिए, आपको अपने लक्ष्य के प्रति एकचित्त निष्ठावान होना पड़ेगा।  

पूर्व पीएम शेख हसीना ने कही चौंकाने वाली बात, अपनी सुरक्षा के चलते बांग्लादेश नहीं जाएंगी

नई दिल्ली ई दिल्ली: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने सोमवार को चल रही कानूनी कार्रवाई के बीच देश लौटने की मांग को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ कार्रवाई पॉलिटिक्स से प्रेरित है और उन्होंने जोर देकर कहा कि वह मौजूदा हालात में वापस नहीं जाएंगी, जबकि पिछले हफ्ते बांग्लादेश में एक हिंदू व्यक्ति की हत्या समेत नई अशांति देखी गई.     हसीना ने कहा, "आप मेरी पॉलिटिकल हत्या का सामना करने के लिए मेरी वापसी की मांग नहीं कर सकते."  उन्होंने दोहराया कि उन्होंने चीफ एडवाइजर मुहम्मद यूनुस को यह मामला हेग ले जाने की चुनौती दी है, और भरोसा जताया कि एक इंडिपेंडेंट कोर्ट उन्हें बरी कर देगा. उन्होंने कहा कि वह तभी लौटेंगी, जब बांग्लादेश में एक कानूनी सरकार और एक इंडिपेंडेंट ज्यूडिशियरी होगी. ANI के साथ एक ईमेल इंटरव्यू में अपनी बात बताते हुए, हसीना ने कहा कि इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT) का फैसला कोई कानूनी काम नहीं था, बल्कि एक पॉलिटिकल काम था, और इसे "न्यायालय की आड़ में पॉलिटिकल हत्या" बताया. उन्होंने कहा कि उन्हें अपना बचाव करने और अपनी पसंद के वकील अपॉइंट करने के अधिकार से वंचित किया गया, और आरोप लगाया कि ट्रिब्यूनल का इस्तेमाल "अवामी लीग का विच हंट" करने के लिए किया गया था. इन आरोपों के बावजूद, हसीना ने कहा कि बांग्लादेश के संवैधानिक ढांचे पर उनका भरोसा कायम है. उन्होंने कहा, "हमारी संवैधानिक परंपरा मजबूत है, और जब कानूनी शासन बहाल होगा और हमारी ज्यूडिशियरी अपनी आजादी वापस पा लेगी, तो न्याय की जीत होगी." उनकी यह टिप्पणी नवंबर में बांग्लादेश की एक अदालत के उस फैसले के बाद आई है, जिसमें हसीना को जुलाई-अगस्त 2024 के विद्रोह के संबंध में "मानवता के खिलाफ अपराधों" का दोषी पाया गया था. स्थानीय मीडिया ने बताया कि इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल-1 ने मौत की सजा दी थी. ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, ट्रिब्यूनल ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराधों के सभी पांच आरोपों में दोषी ठहराया. रिपोर्ट में कहा गया है कि फैसले का निष्कर्ष यह था कि हसीना ने पूर्व पुलिस प्रमुख चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल के साथ मिलकर जुलाई-अगस्त आंदोलन के दौरान अत्याचारों को अंजाम दिया और उन्हें होने दिया. कानूनी कार्रवाई और हाल की हिंसा के इस बैकग्राउंड में, हसीना ने मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाले अंतरिम प्रशासन पर लोकतांत्रिक वैधता की कमी और संस्थाओं को कमजोर करके और चरमपंथी तत्वों को मजबूत बनाकर देश को अस्थिरता की ओर ले जाने का आरोप लगाया. उन्होंने फरवरी में होने वाले चुनावों की क्रेडिबिलिटी पर भी सवाल उठाया, और अवामी लीग पर लगातार बैन का जिक्र किया. उन्होंने कहा, "अवामी लीग के बिना चुनाव, चुनाव नहीं, बल्कि ताजपोशी है." उन्होंने आरोप लगाया कि यूनुस "बांग्लादेशी लोगों के एक भी वोट के बिना" सरकार चला रहे हैं, जबकि वे एक ऐसी पार्टी को रोकने की कोशिश कर रहे हैं, जिसने 9 नेशनल जनादेश जीते हैं. हसीना ने चेतावनी दी कि जब लोगों को अपनी पसंदीदा पार्टी को वोट देने का ऑप्शन नहीं दिया जाता, तो वोटर पार्टिसिपेशन हमेशा खत्म हो जाता है, जिससे बड़े पैमाने पर वोटिंग से वंचित होना पड़ता है. उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में बनने वाला कोई भी एडमिनिस्ट्रेशन, मोरल अथॉरिटी की कमी महसूस करेगा और असली नेशनल मेल-मिलाप का मौका गंवा देगा. उन्होंने कहा कि ICT के फैसले ने उनके एक्सट्रैडिशन की मांग भी शुरू कर दी है, जिसे उन्होंने "तेजी से हताश और भटकते हुए यूनुस एडमिनिस्ट्रेशन" की तरफ से आने वाला बताकर खारिज कर दिया, जबकि दूसरे लोग इस कार्रवाई को पॉलिटिक्स से चलाया जा रहा "कंगारू ट्रिब्यूनल" मानते हैं. उन्होंने भारत की लगातार मेहमाननवाजी और पूरे भारत में राजनीतिक पार्टियों से मिले सपोर्ट के लिए शुक्रिया अदा किया. बांग्लादेश से निकलने के बारे में बताते हुए, हसीना ने कहा कि वह और खून-खराबा रोकने के लिए निकलीं, न कि इसलिए कि उन्हें जवाबदेही का डर था. इलाके के हालात को ध्यान में रखते हुए, हसीना ने भारत-बांग्लादेश के बिगड़ते रिश्तों पर बात की, जिसमें ढाका का भारतीय राजदूत को बुलाने का फैसला भी शामिल है. उन्होंने अंतरिम सरकार पर भारत के खिलाफ दुश्मनी भरे बयान जारी करने, धार्मिक अल्पसंख्यकों की रक्षा करने में नाकाम रहने और कट्टरपंथियों को विदेश नीति पर असर डालने देने का आरोप लगाया. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत दशकों से बांग्लादेश का सबसे भरोसेमंद पार्टनर रहा है और कहा कि दोनों देशों के रिश्ते गहरे और टिकाऊ हैं. उन्होंने भरोसा जताया कि एक बार सही सरकार बहाल हो जाने पर रिश्ते स्थिर हो जाएंगे. भारत के खिलाफ बढ़ती भावना और भारतीय डिप्लोमैट्स की सुरक्षा को लेकर चिंताओं पर बात करते हुए, हसीना ने कहा कि यह दुश्मनी यूनुस राज में हिम्मत बढ़ाए गए कट्टरपंथियों की वजह से है. उन्होंने आरोप लगाया कि इन ग्रुप्स ने भारतीय दूतावास, मीडिया ऑर्गनाइज़ेशन और अल्पसंख्यकों पर हमला किया था, और यूनुस ने दोषी आतंकवादियों को रिहा करते हुए ऐसे लोगों को बड़े पदों पर बिठाया था. उन्होंने कहा कि अपने लोगों की सुरक्षा को लेकर भारत की चिंताएं सही हैं, और कहा कि एक जिम्मेदार सरकार डिप्लोमैटिक मिशनों की सुरक्षा करेगी और धमकी देने वालों पर केस चलाएगी, न कि उन लोगों को बचाएगी जिन्हें उन्होंने गुंडे बताया. शरीफ उस्मान हादी की हत्या का जिक्र करते हुए, हसीना ने कहा कि इस घटना से पता चलता है कि उन्हें हटाने के बाद कानून-व्यवस्था बिगड़ गई है, और उन्होंने कहा कि अंतरिम सरकार के तहत स्थिति और खराब हो गई है. उन्होंने आगे कहा कि हिंसा आम बात हो गई है, जिससे बांग्लादेश अंदर से अस्थिर हो रहा है और पड़ोसी देश परेशान हैं.     उन्होंने कहा, "जब आप अपनी सीमाओं के अंदर बेसिक व्यवस्था बनाए नहीं रख सकते, तो इंटरनेशनल लेवल पर आपकी क्रेडिबिलिटी खत्म हो जाती है." और इसे "यूनुस के बांग्लादेश की सच्चाई" बताया. हसीना ने कट्टरपंथी इस्लामी ग्रुप्स के बढ़ते असर पर भी चिंता जताई, आरोप लगाया कि यूनुस ने कैबिनेट में कट्टरपंथियों को अपॉइंट किया है. दोषी आतंकवादियों को रिहा किया है और इंटरनेशनल टेरर नेटवर्क से जुड़े संगठनों को पब्लिक लाइफ में काम करने दिया है. … Read more

ठंड के सीजन में टमाटर महंगा, कारण और भविष्य के दाम की जानकारी

शहडोल   मध्य प्रदेश में भीषण ठंड के बीच हरी-भरी सब्जियों की डिमांड बढ़ जाती है, वहीं ये सीजन टमाटर के लिए भी खास माना जाता है. इस दौरान टमाटर की ज्यादा आवक व डिमांड की वजह से अक्सर इसके दाम में कमी देखी जाती है लेकिन इसके ठीक उलट टमाटर के दाम बढ़ रहे हैं, जिससे लोगों के किचन का जायका भी बिगड़ रहा. जानें आखिर किसा वजह से टमाटर सीजन होने के बावजूद इतना महंगा चल रहा है. ठंड के सीजन में टमाटर के गर्म तेवर  पूरे मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, दिसंबर की शुरुआत से ही तापमान 5 डिग्री के करीब या उससे नीचे चल रहा है. ऐसे में इसका असर अब सब्जियों और फसलों पर भी देखने को मिल रहा है. टमाटर की फसल का सीजन है फिर भी टमाटर के दाम इन दिनों बेतहाशा बढ़ रहे हैं. टमाटर खरीदने पहुंची खरीददार कहती हैं, '' दिसंबर में अक्सर ही टमाटर सस्ते दाम में मिल जाते थे लेकिन मौजूदा साल में 50 रु से लेकर 70रु किलो तक बिक रहे हैं,'' 60-70रु किलो तक बिक रहा टमाटर  इन दिनों टमाटर के दाम अच्छे खासे बढ़ रहे हैं और हर दिन दाम में उछाल भी देखने को मिल रहा है. सब्जी व्यापारी बताते हैं, '' वर्तमान में खुले रेट में टमाटर कहीं 50 रु किलो तो कहीं 60-70रु किलो तक क्वालिटी के हिसाब से बिक रहा है. इसके पीछे कई कारण हैं.'' क्यों बढ़ रहे टमाटर के दाम? सब्जी व्यापारी बताते हैं, '' इस बार लंबे समय तक बारिश हुई, जिसकी वजह से शुरुआती फसल बर्बाद हुई, और फिर इसके बाद किसानों ने जो नई फसल लगाई तो बेतहाशा ठंड पड़ गई. तापमान 3 डिग्री तक जा रहा है, जिसकी वजह से टमाटर ठीक से पक नहीं पा रहा है, और यही वजह है कि लोकल टमाटर मार्केट में आ नहीं रहा है. इसी की वजह से टमाटर के दाम बढ़े हुए हैं.'' सब्जी व्यापारी  बताते हैं कि अगर ठंड इसी तरह पड़ती रही तो अभी टमाटर के दाम सस्ते नहीं होने वाले हैं. पहले बारिश का कहर अब ठंड बनी सिरदर्द टमाटर की खेती करने वाले किसान सत्य कुमार बताते हैं, ''इस बार बारिश देर तक हुई, ऐसे में जो टमाटर की फसल लगा रखी थी वह बारिश की वजह से वो खराब हो गई. नई फसल लगाई, तो अभी कड़ाके की ठंड पड़ रही है. खेतों पर टमाटर तो लगा हुआ है, लेकिन वो पक नहीं पा रहे हैं, जिसकी वजह से मार्केट में लोकल टमाटर की शॉर्टेज है.

मध्य प्रदेश से राजस्थान के लिए स्पेशल ट्रेन सेवा, कब और कहां होंगी स्टॉपेज

इंदौर  राजस्थान के अजमेर शहर में सूफी संत मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर लगने वाले सालाना उर्स को देखते हुए रेलवे ने 5 जोड़ी उर्स स्पेशल ट्रेनों को चलाने का फैसला लिया है। ये सभी ट्रेनें अलग-अलग राज्यों से आएंगी और कई प्रदेशों से होकर गुजरते हुए अजमेर तक जाएंगी। इस दौरान मध्य प्रदेश के लोगों को भी इन ट्रेनों का फायदा मिलेगा। इस खबर में हम आपको मध्य प्रदेश से होकर राजस्थान के कई शहरों से गुजरते हुए अजमेर तक जाने वाली विशेष ट्रेनों की ही जानकारी दे रहे हैं। इनमें से एक ट्रेन गुजरात से भी होकर गुजरेगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशि किरण ने इन ट्रेनों के बारे में एक प्रेस नोट जारी करते हुए विस्तार से जानकारी दी। 1) ट्रेन नंबर 07274/07275 मचिलीपट्‌णम-अजमेर-मचिलीपट्णम स्पेशल ट्रेन (कुल 2 ट्रिप) < गाड़ी संख्या 07274, मचिलीपट्णम-अजमेर स्पेशल ट्रेन (01 ट्रिप) कब चलेगी- 21 दिसंबर (रविवार), सुबह 10.00 बजे आंध्र प्रदेश के मचिलीपट्णम से शुरू होगी MP-राजस्थान में कहां रुकेगी- खंडवा जंक्शन (सोमवार रात 20:37 बजे), इटारसी जंक्शन, भोपाल जंक्शन, उज्जैन जंक्शन, रतलाम जंक्शन, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद एवं अजमेर। कब पहुंचेगी- तीसरे दिन मंगलवार को 15.30 बजे अजमेर पहुंचेगी < गाड़ी संख्या 07275, अजमेर-मचिलीपट्णम स्पेशल ट्रेन (01 ट्रिप) कब चलेगी- 28 दिसंबर (रविवार), सुबह 08.25 बजे अजमेर से रवाना होगी कब पहुंचेगी- तीसरे दिन मंगलवार को सुबह 09.30 बजे मचिलीपट्णम पहुंचेगी स्टॉपेज- यह ट्रेनें दोनों दिशाओं में गुडिवाडा जंक्शन, विजयवाड़ा जंक्शन, खम्मम, डोर्नकल जंक्शन, महबूबाबाद, वारंगल, जम्मीकुंटा, पेद्दपल्ली जंक्शन, करीमनगर, लिंगमपेट जगित्याल, मोर्ताड़, आरमुर, निजामाबाद जंक्शन, बासर, धर्माबाद, मुदखेड, नांदेड़, पूर्णा जंक्शन, परभणी जंक्शन, मानवत रोड, सेलु, परतुर, जालना, छत्रपति शम्भाजीनगर (औरंगाबाद), लासूर, रोटेगांव, नागरसोल, मनमाड जंक्शन, भुसावल जंक्शन, खंडवा जंक्शन, इटारसी जंक्शन, भोपाल जंक्शन, उज्जैन जंक्शन, रतलाम जंक्शन, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद और अजमेर स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में फर्स्ट एसी, एसी-2 टियर, एसी-3 टियर, स्लीपर क्लास, जनरल सेकेंड क्लास और 2 गार्ड कोच समेत कुल 24 कोच होंगे। 2) ट्रेन नंबर 07733/07734 काचीगुडा-मदार-काचीगुडा स्पेशल ट्रेन (कुल 2 ट्रिप) < गाडी संख्या 07733, काचीगुडा-मदार स्पेशल रेलसेवा (01 ट्रिप) कब चलेगी- 23 दिसंबर (मंगलवार) को हैदराबाद के काचीगुडा से रात 23.30 बजे रवाना होगी MP-राजस्थान में कहां रुकेगी- खंडवा, इटारसी, भोपाल, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ, भीलवाडा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर, मदार। कब पहुंचेगी- 25 दिसंबर (गुरूवार) को दोपहर 13.00 बजे मदार पहुंचेगी < गाड़ी संख्या 07734, मदार-काचीगुडा स्पेशल रेलसेवा कब चलेगी- 28 दिसंबर (रविवार) को मदार से शाम 18.10 बजे रवाना होगी कब पहुंचेगी- 30 दिसंबर (मंगलवार) को सुबह 10.00 बजे काचीगुडा पहुंचेगी स्टॉपेज- यह ट्रेनें दोनों दिशाओं में काचीगुडा, मल्काजगिरि, मेडचल, कामारेड्डी, निजामाबाद, बासर, धर्माबाद, मुदखेड, नान्देड, पूर्णा जं., बसमत, हिंगोली, वाशिम, अकोला, खंडवा, इटारसी, भोपाल, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर, मदार स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में 3 सेकेंड एसी, 5 थर्ड एसी, 10 द्वितीय शयनयान, 4 द्वितीय साधारण श्रेणी और 2 गार्ड डिब्बों सहित कुल 24 डिब्बें होगें। 3) ट्रेन नंबर 07731/07732 हैदराबाद-अजमेर-हैदराबाद ट्रेन (कुल 2 ट्रिप) < गाड़ी संख्या 07731, हैदराबाद-अजमेर स्पेशल ट्रेन (01 ट्रिप) कब चलेगी- 23 दिसंबर 2025 (मंगलवार) को सुबह 11.30 बजे हैदराबाद से चलेगी MP-राजस्थान में कहां रुकेगी- खंडवा जंक्शन, इटारसी जंक्शन, भोपाल जंक्शन, उज्जैन जंक्शन, रतलाम जंक्शन, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद और अजमेर। कब पहुंचेगी- तीसरे दिन 25 दिसंबर (गुरुवार) आधी रात को 02.15 बजे अजमेर पहुंचेगी < गाड़ी संख्या 07732, अजमेर-हैदराबाद स्पेशल ट्रेन ऑपरेशनल कारणों से इस ट्रेन को रद्द कर दिया गया है। स्टॉपेज- यह स्पेशल ट्रेन दोनों दिशाओं में सिकंदराबाद, मलकाजगिरी, मेडचल, कमारेड्डी, निजामाबाद जंक्शन, बसर, धर्माबाद, मुदखेड, नांदेड़, पूर्णा जंक्शन, बासमत, हिंगोली डेक्कन, वाशिम, अकोला जंक्शन, खंडवा जंक्शन, इटारसी जंक्शन, भोपाल जंक्शन, उज्जैन जंक्शन, रतलाम जंक्शन, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद और अजमेर स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में 1 फर्स्ट मय सेकेंड एसी, 3 थर्ड एसी, 14 द्वितीय शयनयान, 4 द्वितीय साधारण श्रेणी एवं 2 गार्ड डिब्बों सहित कुल 24 डिब्बें रहेंगे। 4) ट्रेन नंबर 07735/07736 तिरूपति-अजमेर-तिरूपति ट्रेन (कुल 2 ट्रिप) < गाड़ी संख्या 07735, तिरूपति-अजमेर स्पेशल रेलसेवा कब चलेगी- 22 दिसंबर (सोमवार) को तिरूपति से दोपहर 12.30 बजे रवाना होगी MP-राजस्थान में कहां रुकेगी- इटारसी, भोपाल, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद और अजमेर। कब पहुंचेगी- तीसरे दिन 24 दिसंबर (बुधवार) को मध्य रात्रि में 02.15 बजे अजमेर पहुंचेगी < गाड़ी संख्या 07736, अजमेर तिरूपति स्पेशल रेलसेवा कब चलेगी- 29 दिसंबर 2025 (सोमवार) को अजमेर से रात 20.00 बजे चलेगी कब पहुंचेगी- तीसरे दिन 31 दिसंबर (बुधवार) को दोपहर 13.30 बजे तिरूपति पहुंचेगी स्टॉपेज- तिरूपति, रेणिगुट्टा, गुडुर, नेल्लोर, औंगोल, चिराला, तेनाली, विजयवाडा, खम्मम, डोर्नकल जंक्शन, महबूबाबाद, वारंगल, पेद्दपल्ली, मंचिर्याल, सिरपुर कागजनगर, बल्हारशाह, नागपुर, इटारसी, भोपाल, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद और अजमेर स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में 3 सेकेंड एसी, 5 थर्ड एसी, 10 द्वितीय शयनयान, 4 द्वितीय साधारण श्रेणी एवं 02 गार्ड डिब्बों सहित कुल 24 डिब्बें होगें। < गाड़ी संख्या 09027, बान्द्रा टर्मिनस-अजमेर द्वि-साप्ताहिक सुपरफास्ट रेलसेवा (2 ट्रिप) कब चलेगी- 22 दिसंबर (सोमवार) और 25 दिसंबर (गुरुवार) को दोपहर 12.15 बजे बांद्रा टर्मिनस से रवाना होगी गुजरात-MP-राजस्थान में कहां रुकेगी- वापी, वलसाड, सूरत, भरूच, गोधरा, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर। कब पहुंचेगी- अगले दिन सुबह 07.20 बजे अजमेर पहुंचेगी < गाड़ी संख्या 09028, अजमेर-बान्द्रा टर्मिनस द्वि-साप्ताहिक सुपरफास्ट रेलसेवा (2 ट्रिप) कब चलेगी- 23 दिसंबर (मंगलवार) और 26 दिसंबर (शुक्रवार) को सुबह 10.25 बजे अजमेर से रवाना होगी कब पहुंचेगी- अगले दिन सुबह 04.20 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी स्टॉपेज- बांद्रा टर्मिनस, बोरीवली, पालघर, दहानू रोड, वापी, वलसाड, सूरत, भरूच, गोधरा, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर स्टेशनों पर रुकेगी।  

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में मामला: 4 प्रमोशन मिलने थे, कर्मचारी को 40 साल में सिर्फ एक मिला

जबलपुर   चालीस साल की सेवा के बाद भी एक भी प्रमोशन नहीं दिए जाने के मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. हाईकोर्ट में दायर इस याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट जस्टिस एम एस भट्टी की एकलपीठ ने प्रदेश राज्य सहकारी फेडरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर व जबलपुर दुग्ध संघ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. याचिका में पूछा गया है कि आखिर किन वजहों से कर्मचारी को 40 साल की सेवा के बावजूद प्रमोशन नहीं दिया गया. क्या है पूरा मामला? जबलपुर के चेरीताल क्षेत्र निवासी त्रिलोकी नाथ पांडे की ओर से मध्य प्रदेश हईकोर्ट में ये याचिका दायर की गई थी. याचिका में कहा गया था कि वे दुग्ध संघ पनागर, जबलपुर में अप्रैल 1981 में कॉपरेटिव एक्सटेंशन असिस्टेंट पर नियुक्त हुए थे. इसके बाद वह प्रदेश के विभिन्न स्थानों में पदस्थ रहते हुए सेवा प्रदान करते रहे. उन्हें सेवाकाल के दौरान कई प्रशस्ति पत्र प्राप्त हुए थे और ना ही सेवाकाल के दौरान उनपर किसी भी प्रकार की कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई थी. इस सबके बावजूद उन्हें एक भी बार प्रमोशन नहीं दिया गया. 4 बार मिलने थे प्रमोशन, एक भी नहीं मिला याचिकाकर्ता त्रिलोकी नाथ पांडे ने याचिका में कहा कि नियमानुसार उन्हें दस साल, बीस साल, तीस साल व चालीस साल की सेवा पूरी करने पर क्रमोन्नति का लाभ प्रदान किया जाना चाहिए था. इस संबंध में उन्होंने सेवाकाल के दौरान संबंधित अधिकारियों को अभ्यावेदन भी दिए थे. संबंधित अधिकारियों के द्वारा उनकी किसी भा मांग पर विचार नहीं किया गया. चालीस साल तक सेवा देने के बाद वह बिना प्रमोशन ही जुलाई 2021 में सेवानिवृत्त हो गए. कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब याचिका में राहत चाही गई है कि उन्हें क्रमोन्नति के एवज में 20 प्रतिशत ब्याज सहित एरियर की राशि प्रदान की जाए और उनकी याचिका का निराकरण किया जाए. इस मामले की सुनवाई करते हुए हईकोर्ट जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. इसमें हाईकोर्ट ने प्रदेश राज्य सहकारी फेडरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर और जबलपुर दुग्घ संघ को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. हाईकोर्ट में इस याचिका पर अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद 27 जनवरी को निर्धारित की गई है. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता नर्मदा प्रसाद चौधरी व अधिवक्ता अमित कुमार चौधरी ने पैरवी की .

मान सरकार का बड़ा कदम: स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए हजारों एएनएम और नर्सों की भर्ती मंजूर

चंडीगढ़ प्रदेश के स्वास्थ्य देखभाल ढांचे को मजबूत एवं बेहतर बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने घोषणा की कि वित्त विभाग ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एन.एच.एम.) के अंतर्गत ए.एन.एम. एवं स्टाफ नर्सों के 1,568 रिक्त पदों को भरने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। भर्ती अभियान के बारे में अधिक जानकारी देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि इस मंजूरी के तहत ए.एन.एम. के कुल 2,000 स्वीकृत पदों में से 729 रिक्त पदों एवं स्टाफ नर्सों की 1896 स्वीकृत पदों में से 839 रिक्त पदों को भरा जाएगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि स्टाफ की कमी के कारण स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं में कोई रुकावट न आए और इसलिए इन ठेका-आधारित पदों को भरने को प्राथमिकता दी गई है। इस पहल के प्रति मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार की वित्तीय प्रतिबद्धता का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि इन भर्तियों से वार्षिक कुल 48.88 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रभाव पड़ने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ए.एन.एम. पदों के लिए वार्षिक 18.98 करोड़ रुपये एवं स्टाफ नर्स के लिए 29.90 करोड़ रुपये का खर्च वहन करेगी। उन्होंने बताया कि स्वीकृत वेतन संरचना के तहत ए.एन.एम. के लिए 21,700 रुपये एवं स्टाफ नर्सों के लिए 29,700 रुपये प्रति माह वेतन निर्धारित किया गया है। वित्त मंत्री चीमा ने आगे बताया कि योग्यता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भर्ती प्रक्रिया बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज, फरीदकोट द्वारा लिखित परीक्षा के माध्यम से करवाई जाने का प्रस्ताव है। उन्होंने आगे कहा कि वित्त विभाग ने यह मंजूरी इस शर्त पर दी है कि स्वास्थ्य विभाग इन नियुक्तियों के बारे में पर्सनल विभाग से आवश्यक सहमति सुनिश्चित करे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की स्वास्थ्य देखभाल एवं शिक्षा को प्राथमिकता देने की दृढ़ प्रतिबद्धता को उजागर करते हुए वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इस फैसले से प्रदेश सरकार अपने स्वास्थ्य देखभाल कार्यबल को मजबूत करेगी ताकि पंजाब के लोगों के लिए और बेहतर एवं मानक स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। उन्होंने कहा कि इन रिक्त पदों को भरने से निस्संदेह राज्य की प्रभावी एवं कुशल स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं प्रदान करने की क्षमता में वृद्धि होगी, जो वर्तमान प्रदेश सरकार की अपने नागरिकों की भलाई के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।