samacharsecretary.com

शीतकालीन सत्र में कांग्रेस ने किया वॉकआउट, इंदु राज नरवाल पर विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव मंजूर

चंडीगढ़  हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन की शुरुआत प्रश्न काल से हुई। प्रश्न काल के दौरान जल भराव व स्वास्थ्य सुविधाओं से संबंधित सवाल पूछे गए। वहीं कॉलिंग अटेंशन व शॉर्ट डिस्कशन स्वीकार नहीं किए जाने पर कांग्रेस ने वाकआउट कर दिया। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल है  इसके बावजूद कोई काॅलिंग अटेंशन, शार्ट डिस्कशन स्वीकार नहीं किया गया। स्पीकर ने कहा कि आपका अविश्वास प्रस्ताव स्वीकार किया गया था, उसमें सभी मुद्दे शामिल किए गए थे। इसलिए विपक्ष का कॉलिंग अटेंशन व शॉर्ट डिस्कशन स्वीकार नहीं किया गया। इसके बाद कांग्रेस के विधायक सदन से वाकआउट कर गए।  विधायक शक्ति रानी शर्मा द्वारा कांग्रेस विधायक इंदु राज नरवाल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव रखा गया, जिसको स्पीकर की अनुमति से संबंधित कमेटी को भेजा गया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन को बताया कि 2014 से पहले हर साल केवल 700 एमबीबीएस डॉक्टर और 4 स्पेशलिस्ट डॉक्टर मिलते थे। हमारी सरकार में अब 2500 एमबीबीएस डॉक्टर और 200 के करीब स्पेशलिस्ट डॉक्टर हर साल मिलते हैं। पहले के वक्त में ये कभी विचार नहीं किया गया कि कैसे स्वास्थ्य सुविधाएं और बेहतर की जा सकती हैं। हमारी सरकार के वक्त में 30 बेड के अस्पताल को 50 बेड, 50 बेड के अस्पताल को 100 बेड, 100 बेड के अस्पताल को 200 और 200 बेड के अस्पताल को 400 बेड तक अपग्रेड किया है। हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया जारी है। हर जिले में एक अस्पताल ऐसा विकसित किया जा रहा है, जहां सभी प्रकार की सुविधाएं हो। अस्पताल में इलाज के साथ-साथ स्वच्छता का ध्यान रखा जा रहा है।  

डिप्टी सीएम शर्मा का कांग्रेस पर तंज: 100 से 125 दिन रोजगार देने की योजना, फिर कांग्रेस को आपत्ति किस बात की?

रायपुर  मनरेगा का नाम बदलने को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन पर उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि गांव वालों को 100 से 125 दिन रोजगार मिलेंगे तो कांग्रेस को बुरा क्यों लग रहा है। गांव में अच्छा परिवर्तन आया है, वह लोग तैयार हैं। तो कांग्रेस को क्या दिक्कत है। भाजपा गांधी जी की मान्यताओं के ज्यादा करीब है। ऐसी राजनीति करने से कुछ नहीं होता, जनता के बीच जाना पड़ता है। कल फिर कांग्रेस हार जाएगी तो EVM का रोना रोएगी। पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों से मुलाकात पर बयान पुलिस भर्ती के अभ्यर्थियों से मुलाकात को लेकर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि प्रक्रियागत जो परिवर्तन हैं, वह करने चाहिए। मुख्यमंत्री से आग्रह कर इसकी वेटिंग लिस्ट बढ़ा दी जाएगी। जो भी उनकी समस्या थी, रविवार को उसे सुना गया। केरल में युवक की मौत पर प्रतिक्रिया शक्ति जिले के युवक की केरल में मौत को लेकर नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत के पत्र पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जो मांग की जा रही है, वह ठीक है, लेकिन यह प्रक्रिया पहले से ही जारी है। इस घटना से नेता प्रतिपक्ष को सीख लेनी चाहिए और समझना चाहिए कि घुसपैठियों के प्रति लोगों में कितना आक्रोश है। राज्य में पहली बार ड्रोन के जरिए होगी पेट्रोलिंग छत्तीसगढ़ में पहली बार ड्रोन से पेट्रोलिंग होगी। गृहमंत्री विजय शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि पुलिस को पेट्रोलिंग सख्त करने की जरूरत है। अब हम ड्रोन पेट्रोलिंग की ओर आगे बढ़ रहे हैं। नशे से जुड़े वायरल वीडियो पर कार्रवाई की कही बात इसके साथ ही रायपुर में नशे से जुड़े वायरल वीडियो पर गृहमंत्री शर्मा ने कहा कि नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पिछले दो महीनों में तेज हुई है। पुलिस एंड-टू-एंड इन्वेस्टिगेशन कर रही है। नशे के वायरल वीडियो को चिन्हांकित कर रहे हैं। कार्रवाई कर दोषियों तक जल्द पहुंचेंगे।

बचे हुए चावल को गर्म करना पड़ सकता है भारी, न्यूट्रिशनिस्ट ने बताई खतरनाक भूल

एक्सपर्ट ने चेतावनी दी है कि बासी चावल को लेकर की गई एक छोटी-सी लापरवाही आपको गंभीर फूड पॉइजनिंग का शिकार बना सकती है। जी हां, डबल बोर्ड-सर्टिफाइड एमडी और न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. एमी शाह ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए लोगों को आगाह किया है। उनका कहना है कि चावल को दोबारा गर्म करते समय हम अक्सर एक ऐसी गलती कर बैठते हैं, जिससे पेट का इन्फेक्शन और फूड पॉइजनिंग का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। डॉ. एमी के अनुसार, "यह गलती आपको बीमार कर सकती है और गंभीर मामलों में आपको अस्पताल भी जाना पड़ सकता है।" क्या फ्रिज में चावल रखना सही है? सबसे पहले डॉ. एमी ने एक बहुत बड़े भ्रम को तोड़ा है। कई लोग सोचते हैं कि फ्रिज में रखे चावल खाना सेहत के लिए खराब है, लेकिन सच्चाई इसके उलट है। डॉ. एमी बताती हैं, "चावल को फ्रिज में रखना वास्तव में आपके लिए अच्छा है।" जब आप चावल पकाने के बाद उसे ठंडा करके रात भर फ्रिज में रखते हैं, तो उसका कुछ स्टार्च 'रेसिस्टेंट स्टार्च' में बदल जाता है। यह आपकी आंतों के लिए बहुत फायदेमंद है, ब्लड शुगर को कंट्रोल रखता है और पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है। तो फिर खतरा कहां है? असली खतरा फ्रिज में रखने से नहीं, बल्कि फ्रिज में रखने से पहले की लापरवाही से है। डॉ. शाह के मुताबिक, "सबसे बड़ी गलती यह है कि लोग पके हुए चावल को दिन भर बाहर (कमरे के तापमान पर) छोड़ देते हैं।" बहुत से लोग ऐसा करते हैं और उन्हें लगता है कि कुछ नहीं होगा, लेकिन चावल को लंबे समय तक बाहर छोड़ने से उसमें 'बैसिलस सेरियस' नामक हानिकारक बैक्टीरिया तेजी से पनपने लगते हैं। मेडिकल स्कूल में भी डॉक्टर्स को इस खतरे के बारे में विशेष रूप से पढ़ाया जाता है। अगर चावल खराब हो गया, तो यह गंभीर फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकता है। चावल खाने का सही और सुरक्षित तरीका डॉ. एमी शाह ने चावल को सुरक्षित रूप से खाने और स्टोर करने का एक बहुत ही सिंपल रूल बताया है, जिसे हर किसी को फॉलो करना चाहिए:     जल्दी ठंडा करें: चावल पकाने के बाद उसे ज्यादा देर बाहर न छोड़ें, उसे जल्दी ठंडा करें।     फ्रिज में रखें: ठंडा होते ही उसे एक एयर-टाइट (ढक्कन बंद) डिब्बे में डालकर फ्रिज में रख दें।     सिर्फ एक बार गर्म करें: जब आप इसे दोबारा खाएं, तो इसे केवल एक ही बार र्गर्म करें। बार-बार गर्म करना खतरनाक हो सकता है।  

देश में पहली बार! राजस्थान की ‘मां योजना’ से अब दूसरे राज्यों में भी फ्री कैशलेस इलाज

जयपुर राजस्थान के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAA योजना) के तहत आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी की शुरुआत की है। इसके साथ ही राजस्थान देश का पहला राज्य बन गया है, जहां के पात्र लाभार्थी अब दूसरे राज्यों में भी कैशलेस इलाज करा सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए राज्य से बाहर जाने वाले मरीजों को आर्थिक राहत देना है। पहले ऐसे मामलों में मरीजों को इलाज का पूरा खर्च स्वयं उठाना पड़ता था, लेकिन अब यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी। आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी से अस्पतालों में पहचान, इलाज और भुगतान की प्रक्रिया आसान होगी। नई व्यवस्था के तहत राजस्थान के निवासी तमिलनाडु और कर्नाटक को छोड़कर देश के लगभग सभी राज्यों में सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज करा सकेंगे। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी और प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। हालांकि, आरजीएचएस और सीजीएचएस योजना से जुड़े लोग इस योजना के दायरे में शामिल नहीं होंगे, यानी सरकारी कर्मचारियों को इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। देशभर में 31 हजार से अधिक अस्पतालों में इलाज संभव आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी लागू होने के बाद देशभर के 31 हजार से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों में राजस्थान के लाभार्थियों को इलाज की सुविधा मिलेगी। योजना के अंतर्गत 1900 से अधिक उपचार पैकेज शामिल किए गए हैं, जिनमें हृदय रोग, कैंसर, न्यूरोलॉजी, किडनी समेत अन्य गंभीर बीमारियों का इलाज कैशलेस उपलब्ध होगा। योजना की मुख्य विशेषताएं -अन्य राज्यों में कैशलेस इलाज की सुविधा -25 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार -प्रति परिवार 850 रुपये का वार्षिक प्रीमियम इन वर्गों को प्रीमियम सरकार जमा करवाएगी मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत सामान्य परिवारों को 850 रुपये का अंशदान जमा करना होता है, लेकिन कुछ श्रेणियों को इससे छूट दी गई है। इनमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत आने वाले परिवार, सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना 2011 के चयनित परिवार, संविदा कर्मी, लघु एवं सीमांत किसान, कोविड अनुदान प्राप्त परिवार, ईडब्ल्यूएस वर्ग तथा 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं।

झारखंड में शीतलहर और घना कोहरा, कई जिलों में IMD का येलो अलर्ट जारी

रांची भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने झारखंड के कुछ हिस्सों में ठंड और घने कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया है। राज्य के कई जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। इन जिलों में अलर्ट जारी आईएमडी के अनुसार, गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार और लोहरदगा जिलों के लिए ठंड को लेकर ‘येलो अलर्ट' जारी किया गया है। वहीं, गढ़वा, पलामू, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, रांची, रामगढ़, बोकारो, धनबाद और खूंटी सहित कुल 15 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। छह जिलों में शीतलहर की संभावना आईएमडी ने एक बुलेटिन में बताया कि राज्य के छह जिलों में शीतलहर जैसी स्थिति भी दर्ज की गई है, जहां न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया। इन जिलों में गुमला, हजारीबाग, खूंटी, लातेहार, लोहरदगा और रांची शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कारण नमी वाली हवा ठंडी सतह से टकरा रही है, जिससे जलवाष्प की महीन बूंदें कुहासे में बदल रही हैं। धूलकण और प्रदूषण के कण इसमें शामिल होकर द्दश्यता और कम कर रहे हैं, जिसके कारण दिन में भी ठंड और कनकनी महसूस हो रही है।

पीएम मोदी–अमित शाह के साथ नीतीश कुमार की बैठक, दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मियां तेज

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह, एक महीने पहले  मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार का राष्ट्रीय राजधानी का पहला दौरा है। इस दौरान राज्य के विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। वहीं उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी साथ में मौजूद रहे। सम्राट चौधरी ने इस संबंधी सोशल मीडिया पर पोस्ट भी शेयर की। सम्राट चौधरी ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि बिहार में NDA को मिले भारी जनादेश के बाद आज दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता, माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  से बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात हुई। पीएम मोदी के निर्देशन और नेतृत्व में देश और बिहार लगातार आगे बढ़ रहा है। इस दौरान विकसित बिहार के लक्ष्यों पर बहुमूल्य मार्गदर्शन भी मिला। डबल इंजन सरकार डबल स्पीड से कर रही काम सम्राट चौधरी ने अमित शाह से हुई मुलाकात को लेकर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि आज नई दिल्ली में NDA की बड़ी जीत के बाद, देश के यशस्वी गृह और सहकारिता मंत्री माननीय अमित शाह और बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिला। डबल इंजन सरकार "विकसित बिहार" के लिए डबल स्पीड से काम कर रही है। बता दें सीएम नीतीश कुमार रविवार को दो दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचे थे। बैठक में मकर संक्रांति के बाद संभावित राज्य मंत्रिमंडल विस्तार के मुद्दे पर चर्चा होने की उम्मीद है।

हरियाणा प्रशासन ने हांसी को नया जिला बनाया, अब राज्य में कुल 23 जिले होंगे

हांसी  हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने हांसी को आधिकारिक तौर पर नया जिला घोषित कर दिया है. हांसी अब हरियाणा का 23वां जिला है, जिसके लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है. हांसी को हिसार से काटकर बनाया गया है.  बता दें, हिसार एक ऐसा जिला है, जिससे अब तक चार जिले बनाए जा चुके हैं. भिवानी, सिरसा फतेहाबाद और अब हांसी. इसके अलावा, भिवानी से काटकर चरखी दादरी को भी नया जिला बनाया गया है, तो काफी पहले हिसार का ही हिस्सा रहा है.  हांसी में दो उप मंडल, 3 तहसीलें और 3 ब्लॉक नए जिले में दो उपमंडल हैं, जिन्हें हिसार जिले से अलग किया गया है. इसके अलावा, हांसी जिले में तीन तहसीलें हैं- हांसी, नारनौंद और बास. वहीं, एक उप तहसील खेड़ी जालब को भी शामिल किया गया है. नए जिले हांसी में तीन ब्लॉक हांसी-1, हांसी-2 और नारनौंद भी होंगे.   हिसार की सीमाएं कम हो जाएंगी आज से हिसार की सीमाएं कम हो जाएंगी। वर्तमान में हिसार जिले में 6 तहसील और 3 उप-तहसील हैं। तहसील हिसार, हांसी, नारनौंद, बरवाला, बास और आदमपुर, बालसमंद, उकलाना और खेरी जालब उप-तहसील हैं। हांसी जिला बनने से 3 तहसील अलग हो जाएगी अब बास, नारनौंद, हांसी अलग जिले में गिनी जाएगी। हिसार में हिसार और बरवाला उपमंडल रह जाएगा। इसके अलावा हांसी में नारनौंद और हांसी दो उपमंडल गिने जाएंगे। हांसी में DC बैठेंगे, नई योजनाएं आएंगी हांसी के जिला बनने के बाद कई चीजें बदल जाएंगी। हांसी के लोगों को अब प्रशासनिक कामों और DC से मिलने के लिए हिसार नहीं आना होगा। हांसी में ही DC बैठेंगे। इसके साथ ही मुकदमों की पैरवी के लिए हिसार जिला कोर्ट भी नहीं आना पड़ेगा। हांसी में जिला एवं सत्र न्यायालय का गठन होगा। जिला न्यायाधीश भी बैठेंगे। इसके अलावा हांसी के जिला बनने से इलाके का विकास तेजी से हो सकेगा। सरकार जिले के विकास के लिए नई योजनाएं लाएगी, जिससे लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और जीवन स्तर में सुधार होगा। हरियाणा बनने के बाद यूं बंटता गया हिसार…     पहला बड़ा बंटवारा 1972: 1 नवंबर 1966 को पंजाब का पुनर्गठन हुआ और हरियाणा नया स्टेट बना। उस समय हिसार, एरिया वाइज हरियाणा का बड़ा जिला था और आज के कई जिले- जैसे भिवानी, सिरसा, फतेहाबाद व चरखी-दादरी, उसी का पार्ट थे। हिसार का पहला विभाजन 22 दिसंबर 1972 को हुआ, जब भिवानी को अलग जिला बनाया गया।     दूसरा विभाजन वर्ष 1975: हिसार का दूसरा बंटवारा 1 सितंबर 1975 को हुआ जब सिरसा को नया जिला बनाया गया। हालांकि, व्यावहारिक रूप से सिरसा जिला 1979 में अस्तित्व में आया।     तीसरा विभाजन 1997: हिसार का तीसरा बंटवारा 15 जुलाई 1997 को हुआ, जब फतेहाबाद को जिला बनाया गया। फतेहाबाद उस समय तक हिसार जिले की एक तहसील होती थी। 22 जनवरी 2016 को किसी समय हिसार का हिस्सा रहे भिवानी जिले को तोड़कर चरखी-दादरी को जिला बनाया गया। चरखी-दादरी ऐतिहासिक रूप से पुराने हिसार मंडल का हिस्सा रहा।     अब चौथी बार हिसार का बंटवारा: सीएम नायब सैनी ने 16 दिसंबर 2025 को हांसी को अलग जिला बनाने का ऐलान किया। जिसका 22 दिसंबर को नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया। हांसी की दूरी हिसार से 25 किलोमीटर संभवतः हांसी पहला ऐसा जिला है जिसकी दूसरे जिले से दूरी महज 25 किमी है। दूरी के मामले में चरखी दादरी दूसरे स्थान पर है, जिसकी भिवानी से दूरी करीब 27 किमी है। इसी तरह, हांसी तीसरा ऐसा जिला है जहां केवल दो विधानसभा सीटें होंगी, जिनमें हांसी और नारनौंद शामिल हैं। चरखी दादरी में भी दादरी और बाढ़डा विधानसभाएं हैं। वहीं पंचकूला में पंचकूला और कालका विधानसभाएं आती हैं। अब तक हिसार विधानसभा सीटों के मामले में पहले नंबर पर था, जहां 7 विधानसभा सीटें थीं। विभाजन के बाद हिसार में 5 सीटें रह गई हैं,, जिनमें आदमपुर, उकलाना, बरवाला, हिसार और नलवा शामिल हैं। हांसी और नारनौंद के 110 गांव शामिल हांसी और नारनौंद विधानसभा क्षेत्रों में आने वाले 110 गांव, जो अब हांसी में शामिल हो गए हैं, उनके नाम कुछ इस प्रकार हैं-  हांसी शहर, अनीपुरा, बडाला, बांडा हेडी, बाडा जग्गा, बड़छपर, बास आजमशाहपुर, बास अकबरपुर, बास बादशाहपुर, बास ख़ुर्द बिजान, भकलाना, भैणी अमीरपुर, भाटला, भाटोल जाटान, भाटोल रागडान, बीड हांसी, बुडाना, चानोत, डाटा, दयाल सिंह कॉलोनी, दैपल, धामियां, ढाणा खुर्द, ढाणा कलां, ढंढेरी, ढाणी ब्राह्मणान माजरा राजपुरा, ढाणी गुजरान, ढाणी केंदु, ढाणी कुम्हारान, ढाणी कुन्दनपुर, ढाणी पाल, ढाणी पीरान, खेड़ा रागडान, खेड़ी गगन, खेड़ी जालब, खेड़ी लोचब, खेड़ी रोज और खेड़ी श्योराण, किन्नर, कोथ कलां, कोथ खुर्द, कुलाना, कुम्भा, कुतुबपुर, लालपुरा, लोहारी राघो, मदन हेडी, माढा, मैहंदा, महजद, माजरा, मामनपुरा, मसूदपुर, मिलकपुर, मिर्चपुर, मोहला, मोठ करनैल साहब, मोठ रांगडान, मुजादपुर, नाडा, नारनौंद, नारनौंद औंगशाहपुर, पाली, पेटवाड़, प्रेमनगर, ढाणी पीरावाली, ढाणी पुरिया, ढाणी राजू, ढाणी सकरी, ढाणी ठाकरिया, धर्म खेड़ी, गढ़ी, गढ़ी अजिमा, गामड़ा, घिराय, गुराना, हैबतपुर, हाजमपुर, जमावड़ी, जामनी खेड़ी, जीतपुरा, कांगसर, कंवारी, कापड़ो, खाण्डा खेड़ी, खानपुर, खरबला, खरकड़ा, पुट्ठी मंगलखां, पुट्ठी समैण, राजपुरा, राजथल, राखी खास, राखी शाहपुर, रामायण, रामपुरा, रोशन खेड़ा माजरा खरबला, सैनीपुरा, शेखपुरा, सिंधर, सिंघवा खास, सिंघवा राघो, सीसर, सिसाय बोला, सिसाय कालीरावण, सोरखी, सुलचानी, सुल्तानपुर, थुराना, उगालन, उमरा 5 लाख के करीब होगी हांसी की जनसंख्या प्रस्तावित जिला हांसी का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल लगभग 1 लाख 34 हजार 976 हेक्टेयर है. इसकी अनुमानित जनसंख्या लगभग 5 लाख 40 हजार 994 होगी. गौरतलब है कि नागरिक-केंद्रित सेवाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, अंतर-विभागीय समन्वय में सुधार तथा हांसी क्षेत्र के लोगों को सरकारी सेवाओं की प्रभावी और समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हिसार के उपायुक्त द्वारा यह प्रस्ताव हिसार मंडल आयुक्त के माध्यम से राज्य सरकार को भेजा गया था.

पुराणों में अधिकमास का महत्व क्या है? जानिए क्यों माना जाता है यह पुण्यकाल

हिंदू पंचांग के अनुसार, साल 2026 एक विशेष साल होने वाला है. इस साल कैलेंडर में एक अतिरिक्त महीना जुड़ेगा, जिसे हम अधिकमास या ‘पुरुषोत्तम मास’ के नाम से जानते हैं. सनातन धर्म में इस महीने को आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र माना गया है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हर तीन साल में आने वाला यह महीना इतना खास क्यों है और पुराणों में इसे ‘मलमास’ के बजाय ‘पुरुषोत्तम मास’ क्यों कहा गया? आइए जानते हैं. क्यों आता है अधिकमास? हिंदू पंचांग सूर्य और चंद्रमा की गणना पर आधारित है. चंद्र वर्ष: 354 दिनों का होता है. सौर वर्ष: 365 दिन और लगभग 6 घंटे का होता है. इन दोनों के बीच हर साल लगभग 11 दिनों का अंतर आ जाता है. तीन साल में यह अंतर लगभग एक महीने (33 दिन) का हो जाता है. इसी अंतर को पाटने और ऋतुओं का संतुलन बनाए रखने के लिए हर तीसरे साल पंचांग में एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है, जिसे अधिकमास कहते हैं. मान्यता के अनुसार, इस दौरान तीर्थ यात्रा और पवित्र नदियों में स्नान करने से जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिलती है. पुराणों की कथा, मलमास से पुरुषोत्तम मास बनने का सफर पौराणिक कथाओं के अनुसार, अधिकमास को शुरू में ‘मलमास‘ कहा जाता था और इसे शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना गया था. इस कारण इस महीने के अधिपति बनने के लिए कोई देवता तैयार नहीं थे.अपनी उपेक्षा से दुखी होकर यह महीना भगवान विष्णु के पास गया. तब भगवान विष्णु ने इसे अपना नाम ‘पुरुषोत्तम’ दिया और वरदान दिया कि जो भी इस महीने में मेरी भक्ति करेगा, उसे अन्य महीनों की तुलना में कई गुना अधिक पुण्य प्राप्त होगा. तब से इस महीने को पुरुषोत्तम मास कहा जाने लगा और यह भगवान विष्णु को बहुत प्रिय हो गया. अधिकमास का धार्मिक महत्व और लाभ पुण्य की प्राप्ति: माना जाता है कि अधिकमास में किया गया एक दिन का पूजन सामान्य दिनों के 100 दिनों के बराबर फल देता है. दोषों की निवृत्ति: इस दौरान व्रत और आत्म-चिंतन करने से कुंडली के दोष और मानसिक तनाव कम होते हैं. विष्णु कृपा: चूंकि यह भगवान विष्णु का महीना है, इसलिए ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप मोक्ष प्रदायक माना जाता है. इस महीने में क्या करें और क्या न करें? दान-पुण्य: दीप दान, वस्त्र दान और अन्न दान का विशेष महत्व है. मांगलिक कार्य: विवाह, मुंडन, यज्ञोपवीत और गृह प्रवेश वर्जित होते हैं. मंत्र जाप: विष्णु सहस्रनाम और श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण. नया व्यापार: नई संपत्ति की खरीद या नए व्यापार की शुरुआत से बचना चाहिए. व्रत और संयम: सात्विक भोजन और ब्रह्मचर्य का पालन. तामसिक भोजन: मांस, मदिरा और नशीले पदार्थों का सेवन वर्जित है. साल 2026 में कब है अधिकमास? साल 2026 में अधिकमास की शुरुआत 17 मई 2026 रविवार को होगी, वहीं इसका समापन 15 जून 2026 सोमवार को होगा.

पेट्रोल पंप की रोशनी में पढ़ने वाले बच्चे की कहानी ने जीता CM हेमंत सोरेन का दिल, रांची DC को मिले खास निर्देश

रांची सोशल मीडिया एक्स पर एक यूजर ने सीएम हेमंत को टैग करते हुए एक बच्चे की समस्या से अवगत करवाया। इसके बाद सीएम हेमंत ने मामले को संज्ञान में लिया। सीएम हेमंत ने रांची डीसी को टैग करते हुए लिखा, संज्ञान लें एवं एलेक्स की पढ़ाई हेतु हर संभव मदद पहुंचाते हुए सूचित करें। दरअसल, सनी शारद नामक युवक ने अपने ट्वीट में सीएम हेमंत को टैग करते हुए लिखा कि चौधरी फ्यूल पेट्रोल पंप की रोशनी के नीचे हर रात 8 वर्षीय एलेक्स मुंडा पढ़ाई करता है। उसकी मां नूतन टोप्पो दिन भर पेट्रोल पंप पर मेहनत-मजदूरी करने के बाद रात को अपने बेटे को पढ़ाती हैं। सात साल पहले पति के निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी नूतन टोप्पो के कंधों पर आ गई थी। पत्रकार सनी शारद ने ट्वीट में मां-बेटे के संघर्ष और जज़्बे की सराहना करते हुए उम्मीद जताई थी कि एलेक्स एक दिन अपने परिवार का नाम रोशन करेगा। वहीं, इस ट्वीट पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची उपायुक्त को टैग करते हुए निर्देश दिया कि मामले का संज्ञान लिया जाए और एलेक्स की पढ़ाई के लिए हर संभव मदद सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि मामले में संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा अधीक्षक को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं। साथ ही जिला प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि एलेक्स को बेहतर शिक्षा उपलब्ध हो और उसे हर संभव सहयोग दिया जाए। वहीं, रांची डीसी ने जवाब देते हुए कहा कि महोदय, संदर्भित मामले में संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा अधीक्षक को आवश्यक निर्देश दिए गए है। साथ ही एलेक्स को बेहतर शिक्षा मिलें इसके लेकर जिला प्रशासन हर संभव मदद देगी।  

नया हवाई कनेक्शन: इंदौर-रीवा फ्लाइट आज से शुरू, पहले दिन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय हुए सवार

इंदौर/रीवा    रीवा से अब इंदौर का सफर तय करने के लिए 15 घंटे नहीं, बल्कि 2 घंटे ही लगेंगे. क्योंकि, इंदौर से रीवा के बीच सीधी फ्लाइट सेवा शुरू हो चुकी है. सोमवार को पहली फ्लाइट उड़ी. ऐसे में विंध्य क्षेत्र के लोगों के लिए यह बड़ी सौगात मानी जा रही है. इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट इंदौर से रीवा के बीच उड़ेगी, जहां पहले ही दिन फ्लाइट पूरी तरह फुल थी. माना जा रहा कि यह फ्लाइट सफल रहेगी, क्योंकि रीवा से इंदौर के बीच बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं. इंदौर से रीवा के बीच सीधी फ्लाइट का किराया 4700 रुपये रखा गया है. यह विमान 70 सीटर है, जिसके लिए बुकिंग लगातार चल रही है. क्योंकि रीवा से सतना, सीधी, सिंगरौली के साथ-साथ मैहर जाना भी आसान होगा. यहां के लोग भी रीवा से आसानी से आ जा सकते हैं. रीवा से इंदौर के बीच लंबे समय से सीधी उड़ान की मांग चल रही थी, जिसे अब पूरा कर दिया गया है. अब तक प्रदेश में इंदौर से जबलपुर के बीच ही सीधी फ्लाइट चलती थी, लेकिन अब रीवा ऐसा दूसरा जिला बन गया है, जिसके लिए इंदौर से सीधी प्लाइट सेवा शुरू हो गई है. विंध्य के विकास की नई उड़ान रीवा एयरपोर्ट पर आयोजित कार्यक्रम में कैलाश विजयवर्गीय ने इस उपलब्धि को विंध्य क्षेत्र के व्यापार, शिक्षा और विकास की एक बड़ी छलांग बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक विमान का आगमन नहीं है, बल्कि यह रीवा के लिए "लक्ष्मी" लेकर आया है। इंदौर, जो मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी है, अब सीधे रीवा से जुड़ गया है, जिससे पूरे विंध्य क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आएगा। जानें फ्लाइट का शेड्यूल रीवा से इंदौर के बीच चलने वाली सीधी फ्लाइट का शेड्यूल कुछ ऐसा रहेगा. सुबह 11 बजकर 30 मिनट पर इंदौर से रीवा के लिए 6E 7363 फ्लाइट उड़ान भरेगी. यह फ्लाइट दोपहर 1 बजकर 15 मिनट पर रीवा पहुंच जाएगी. वहीं, वापसी में रीवा से दोपहर 1 बजकर 35 मिनट पर फ्लाइट 6E 7364 इंदौर के लिए उड़ान भरेगी और 3 बजकर 25 मिनट पर इंदौर पहुंच जाएगी. कैलाश विजयवर्गीय ने क्षेत्रीय नेता राजेंद्र शुक्ल और उनकी टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें "जिद्दी नेता" बताया, जिन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से इस परियोजना को धरातल पर उतारा। उन्होंने कहा कि विंध्य अब "टेक ऑफ" कर रहा है और हवाई सेवा शुरू होने से क्षेत्र की प्रगति की गति कई गुना बढ़ जाएगी। धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा इस हवाई सेवा का सबसे बड़ा लाभ धार्मिक पर्यटन को मिलेगा। कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि अब श्रद्धालु मैहर में शारदा माता के दर्शन और चित्रकूट में भगवान राम की तपोस्थली की परिक्रमा आसानी से कर सकेंगे। साथ ही, विंध्य के लोग भी अब उज्जैन के महाकाल, ओंकारेश्वर, मांडव और महेश्वर जैसे मालवा के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक सुगमता से पहुँच पाएंगे। यह सेवा माता शारदा और भगवान भोलेनाथ के भक्तों को जोड़ने का एक सेतु बनेगी। हवाई चप्पल वाले भी अब हवाई जहाज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज में घूमे" के विजन को चरितार्थ करते हुए, इस पहली उड़ान में 40 ऐसे बुजुर्गों और नागरिकों को लाया गया जिन्होंने कभी विमान की यात्रा नहीं की थी। बुजुर्ग यात्रियों ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि वे अपने जीवन में हवाई जहाज में बैठ पाएंगे । भविष्य की संभावनाएं और वैश्विक कनेक्टिविटी राजेंद्र शुक्ल ने इस अवसर पर बताया कि रीवा एयरपोर्ट का निर्माण एक लंबे संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने कहा कि 12 साल पहले जब उन्होंने इसके लिए पत्र लिखा था, तब इसे असंभव माना जाता था । लेकिन अब यह सपना हकीकत है।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रीवा की कनेक्टिविटी अब केवल इंदौर तक सीमित नहीं है। इंडिगो की वेबसाइट पर अब रीवा से सीधे सिंगापुर, दुबई और मैनचेस्टर जैसे अंतरराष्ट्रीय शहरों की बुकिंग की संभावनाएं भी दिखने लगी हैं। आने वाले समय में यहां से बॉम्बे, हैदराबाद, अहमदाबाद और चेन्नई जैसे शहरों के लिए भी 4-5 घंटे के भीतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी। इस हवाई सेवा की शुरुआत से न केवल व्यापार और पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। विंध्य अब हिंदुस्तान के सबसे विकसित इलाकों में शामिल होने की ओर मजबूती से कदम बढ़ा चुका है। 70 सीटर विमान, 4700 रुपए किराया यह फ्लाइट 70 सीटर विमान से संचालित की जा रही है। इसका किराया करीब 4700 रुपए रखा गया है। इस हवाई सेवा से केवल रीवा ही नहीं, बल्कि सतना, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, मऊगंज और मैहर जैसे विंध्य क्षेत्र के अन्य जिलों को भी सीधा लाभ मिलेगा। अब तक इंदौर से प्रदेश में केवल जबलपुर के लिए सीधी उड़ान थी, अब रीवा दूसरी सीधी प्रादेशिक हवाई सेवा बन गई है। लोगों में दिखा काफी उत्साह फ्लाइट के शुरू होने से इंदौर और रीवा के लोगों में भी खुशी देखी जा रही है. क्योंकि दोनों शहर व्यापारिक तौर पर भी जुड़े हैं, जबकि दोनों शहरों में बड़ी संख्या में लगातार यात्रा करने वाले लोग रहते हैं. ऐसे में विंध्य अंचल के लिए यह बड़ी सौगात मानी जा रही है. माना जा रहा है कि यात्रियों की संख्या बढ़ने पर फ्लाइट की संख्या बढ़ाई जा सकती है. फिलहाल, दोनों शहरों के बीच सीधी फ्लाइट सेवा शुरू होना बड़ी सौगात मानी जा रही है. लोगों में फ्लाइट को लेकर काफी उत्साह है. यात्रियों के उत्साहवर्धन के लिए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी रीवा-इंदौर की बीच उड़े पहले विमान में यात्रा की. ये रहेगा फ्लाइट का शेड्यूल     इंदौर से रीवा (6E 7363): सुबह 11:30 बजे रवाना, दोपहर 1:15 बजे आगमन।     रीवा से इंदौर (6E 7364): दोपहर 1:35 बजे रवाना, शाम 3:25 बजे आगमन। डिप्टी सीएम बोले- विकास को मिलेगी नई दिशा डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि यह पल सपने को साकार करने जैसा है। रीवा इंदौर फ्लाइट शुरू होने से न केवल इंदौर बल्कि बेंगलुरु,मुंबई अहमदाबाद,कलकत्ता और चेन्नई जैसे शहरों से भी कनेक्टिविटी काफी बढ़ जाएगी। इंडिगो का नेटवर्क विदेशों में भी है,जिससे धीरे-धीरे कनेक्टिविटी बढ़ती चली जाएगी। पहले … Read more