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ऑकलैंड में सिख नगर कीर्तन पर विवाद: प्रदर्शनकारियों ने सीएम मान से की हस्तक्षेप की अपील

अमृतसर  न्यूजीलैंड के साउथ ऑकलैंड में  सिख समुदाय की ओर से आयोजित नगर कीर्तन के रास्ते को कुछ स्थानीय लोगों ने रोक दिया और विरोध प्रदर्शन किया। इन प्रदर्शनकारियों ने दिस इज न्यूजीलैंड, नॉट इंडिया और यह हमारी जमीन है, हमें रहने दो जैसे बैनर लहराए। नगर कीर्तन गुरुद्वारा नानकसर ठाठ इशर दरबार से शुरू होकर अपने स्थान पर लौट रहा था। तभी करीब 30-35 स्थानीय प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन शुरू किया। यह लोग अपोस्टल बिशप ब्रायन तामाकी से जुड़े थे जो पेंटेकोस्टल चर्च के प्रमुख हैं। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी के साथ हाका प्रदर्शन भी किया। हालांकि, न्यूजीलैंड पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और प्रदर्शनकारियों को रास्ते से हटा दिया। इस विरोध के दौरान सिख समुदाय के लोग असमंजस में पड़ गए क्योंकि विरोध की कोई स्पष्ट वजह नहीं थी। सिख समुदाय ने पूरी तरह से संयम दिखाया। न्यूजीलैंड पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर शांति बनाई और नगर कीर्तन को गुरुद्वारे तक पहुंचने दिया। केंद्र सरकार करे हस्तक्षेप: सीएम मान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस घटना पर कहा कि हर व्यक्ति को अपने धर्म का प्रचार-प्रसार करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड एक विकसित देश है और इस प्रकार की घटना वहां पहले कभी नहीं देखी गई। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह न्यूजीलैंड सरकार से बात करे और इस मामले पर कड़ा संदेश भेजे। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया भर में एंटी-इमिग्रेशन भावना फैल रही है और हमारे नागरिक शांति और सद्भाव की मिसाल हैं। भारतीय मूल के लोग न्यूजीलैंड के विकास में अहम योगदान दे रहे हैं उनके खिलाफ इस तरह के प्रदर्शनों से पूरे समुदाय की छवि को नुकसान पहुंचता है। एसजीपीसी ने भी किया विरोध इस घटना पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सिख धर्म की बुनियाद भाईचारे, मानवता और शांति पर टिकी हुई है। नगर कीर्तन का विरोध सिख धर्म की पवित्र परंपराओं पर हमला है। धामी ने न्यूजीलैंड और भारत सरकार से अपील की कि इस मामले में उचित कदम उठाए जाएं और सिख समुदाय को अपने धार्मिक अधिकारों के अनुसार सुरक्षित वातावरण मिले। नगर कीर्तन का आयोजन सिख धर्म की एक महत्वपूर्ण धार्मिक परंपरा है जो समाज में आपसी सौहार्द, प्रेम और एकता का संदेश देती है। इस प्रकार के आयोजनों का विरोध करना गुरु साहिबान के सार्वभौमिक संदेश पर सीधा प्रहार है।  

भोपाल मेट्रो: एक गलती पर 10 हजार का जुर्माना, स्टेशन और ट्रेन में थूकने पर 200 का फाइन

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आमजन के लिए शुरु हुई मेट्रो ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के लिए रेल प्रबंधन की ओर से सख्त गाइडलाइन जारी की गई है। आप में से कई लोग जानतें होंगे कि, जिस तरह हवाई यात्रियों के लिए नियम होते हैं, करीब-करीब वैसे ही नियम भोपाल मेट्रो के लिए भी लागू होंगे। ऐसे में शहरवासियों से अपील है कि, मेट्रो में यात्रा करने से पहले इन नियमों को जान लें वरना छोटी से चूक भी बड़ी भारी पड़ सकती है। मेट्रो रेल प्रबंधन की ओर से जारी गइडलाइन के अनुसार, कोई भी यात्री मेट्रो में पालतू पशु या पक्षी साथ लेकर सफर नहीं कर सकेगा। ऐसे में बेवजह इमरजेंसी बटन दबाने वाले को 10 हजार रुपए तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। यात्री अपने साथ पेट्रोल-डीजल, हथियार, खुले बीड़ी-सिगरेट, माचिस-लाइटर, गुटखा, तंबाकू, सूखा नाश्ता भी नहीं ले जा सकते। मोबाइल या स्मार्ट वॉच ले जाने की परमिशन तो है, लेकिन ड्रोन, सैटेलाइट फोन, पोर्टेबल और रेडियो संचार उपकरण, कैमरा आदि ले जाना वर्जित है। मेट्रो में ये काम करना पड़ेगा भारी अगर आप मेट्रो में सफर कर रहे हैं, तो सबसे पहले ये समझ लीजिए कि थूकना या कचरा फेंकना अब सीधे जेब पर भारी पड़ेगा. प्लेटफॉर्म या ट्रेन के अंदर गंदगी फैलाने पर जुर्माना तय किया गया है. मेट्रो प्रशासन का साफ कहना है कि सार्वजनिक परिवहन को साफ रखना यात्रियों की भी जिम्मेदारी है. ये खेल उपकरण पैक कर ले जा सकेंगे मेट्रो में सफर करने वाले यात्री तीरंदाजी, मार्शल आर्ट, तलवारबाजी या नानचाकू जैसे खेल उपकरण सक्रिय खिलाड़ी या संचालक की अनुमति से ढककर या पैक कर ले जा सकते हैं। पेट्स के साथ नो एंट्री अब आप पालतू जानवर (Pets) के साथ मेट्रो में सफर नहीं कर सकेंगे. चाहे छोटा डॉग हो या कोई और पेट, मेट्रो ट्रेन में उन्हें ले जाने की अनुमति नहीं होगी. नियम का उल्लंघन करने पर कार्रवाई तय है. ये सामान ले गए तो पकड़े जाएंगे मेट्रो में सफर के दौरान कई चीजों पर पूरी तरह पाबंदी है. सभी 8 स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों से नजर भोपाल में मेट्रो का प्रायोरिटी कॉरिडोर सुभाष नगर से एम्स तक है। इस दौरान कुल 8 स्टेशन- सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम ऑफिस, अलकापुरी और एम्स हैं। इन सभी स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जो यात्रियों पर नजर रखे हुए हैं। मेट्रो ट्रेन में भी सीसीटीवी सर्विलांस है। हर हरकत कैमरे में कैद हो रही है। दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश की सिक्योरिटी कंपनी के ढाई सौ गार्ड भी तैनात किए गए हैं। पहले और दूसरे दिन कुछ यात्रियों ने गार्ड्स के गलत व्यवहार की शिकायत भी मेट्रो अफसरों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से की है। 25 किलो वजनी सामान ही ले जा सकेंगे यात्री संक्रामक रोग से ग्रसित व्यक्ति, मानसिक रूप से परेशान और असंयमी, शराबी पैसेंजर सफर नहीं कर सकेगा। विमान की तरह ही इसमें सामान लेजाने का नियम निर्धारित किा गया है। एक यात्री मेट्रो में अधिकतम 25 किलो वजन का सामान ही ले जा सकता है। इसी तरह स्टेशन परिसर या मेट्रो ट्रेन के भीतर थूकने वाले पर 200 रुपए जुर्माना लगाया जाएगा। इनमें शामिल हैं पेट्रोल और डीजल, हथियार, माचिस और ज्वलनशील पदार्थ, गुटखा, पान, तंबाकू, खाने-पीने का सामान और नाश्ता. सुरक्षा के लिहाज से इन चीजों को खतरनाक माना गया है, इसलिए चेकिंग के दौरान पकड़े जाने पर जुर्माना या कार्रवाई हो सकती है. इमरजेंसी बटन से मजाक पड़ेगा भारी अगर किसी ने बेवजह इमरजेंसी बटन दबाया, तो सीधे 10,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा. यह बटन सिर्फ आपात स्थिति के लिए है, न कि मजाक या प्रयोग के लिए. प्रशासन का कहना है कि फर्जी अलर्ट से यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है. हर हरकत पर CCTV की नजर मेट्रो स्टेशन और ट्रेन के अंदर CCTV कैमरों से 24×7 निगरानी की जा रही है. हर गतिविधि रिकॉर्ड हो रही है, इसलिए नियम तोड़कर बच निकलना अब आसान नहीं होगा. क्यों जरूरी हैं ये नियम? मेट्रो प्रशासन का कहना है कि इन नियमों का मकसद यात्रियों को परेशान करना नहीं, बल्कि सुरक्षित, साफ और अनुशासित सफर देना है. नियम मानेंगे तो सफर आसान और आरामदायक रहेगा, वरना चालान और कार्रवाई तय है.

गुरु ग्रंथ साहिब के लापता स्वरूपों की जांच के लिए पंजाब सरकार ने बनाई SIT, 16 पर दर्ज है FIR

अमृतसर  पंजाब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के लापता पावन सरूपों से जुड़े मामलों की जांच को तेज करने के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है। यह एसआईटी ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन, पंजाब की ओर से गठित की गई है। ये जांच कमेटी पुलिस कमिश्नर अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर की देखरेख में कार्य करेगी। ये टीम 7 दिसंबर 2025 को दर्ज एफआईआर 168 के तहत दर्ज मामलों की जांच करेगी। यह केस अमृतसर के पुलिस स्टेशन ‘सी’ डिवीजन में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 295, 295-ए, 120-बी, 409 और 465 के तहत दर्ज है। SIT का काम 7 दिसंबर 2025 को दर्ज FIR नंबर 168 के तहत दर्ज मामलों की जांच करना है। यह केस अमृतसर के पुलिस स्टेशन ‘C’ डिवीजन में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 295, 295-A, 120-B, 409 और 465 के तहत दर्ज किया गया है। SIT के चेयरमैन जगतप्रीत सिंह, अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी टीम में शामिल SIT के चेयरमैन के रूप में एआईजी विजिलेंस मोहाली, जगतप्रीत सिंह, पीपीएस को नियुक्त किया गया है। टीम में अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं, जिनमें डीसीपी (जांच) अमृतसर रविंदरपाल सिंह संधू, अतिरिक्त डीसीपी अमृतसर हरपाल सिंह संधू, एसपी/डी पटियाला गुरबंस सिंह बैस, एसीपी लुधियाना बेअंत जुनेजा और एसीपी/डी अमृतसर हरमिंदर सिंह शामिल हैं। आवश्यकता पड़ने पर अन्य पुलिस अधिकारियों को भी SIT में जोड़ा जा सकेगा।इस FIR में कुल 16 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है, जिनमें एसजीपीसी के 10 प्रमुख सदस्य शामिल हैं। इनमें डॉ. रूप सिंह (पूर्व मुख्य सचिव), मंजीत सिंह (धर्म प्रचार समिति पूर्व सचिव), गुरबचन सिंह, सतिंदर सिंह, निशान सिंह, परमजीत सिंह, गुरमुख सिंह, जुझार सिंह, बाज सिंह और दलबीर सिंह शामिल हैं। इसके अलावा कमलजीत सिंह, कुलवंत सिंह, जसप्रीत सिंह, एक अन्य गुरबचन सिंह, एक अन्य सतिंदर सिंह और अमरजीत सिंह का नाम भी FIR में शामिल है। SIT का गठन निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए SIT का गठन इस बात का संकेत है कि पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चोरी हुए पवित्र स्वरूपों की जांच निष्पक्ष, गहन और पारदर्शी तरीके से हो, ताकि धार्मिक संस्थाओं और श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे और न्याय सुनिश्चित किया जा सके। विशेष जांच टीम के चेयरमैन एआईजी विजिलेंस मोहाली जगतप्रीत सिंह पीपीएस को नियुक्त किया गया है। उनके साथ टीम में डीसीपी (जांच) अमृतसर रविंदरपाल सिंह संधू, अतिरिक्त डीसीपी अमृतसर हरपाल सिंह संधू, एसपी-डी पटियाला गुरबंस सिंह बैस, एसीपी लुधियाना बेअंत जुनेजा और एसीपी-डी अमृतसर हरमिंदर सिंह को सदस्य बनाया गया है। आवश्यकता पड़ने पर अन्य पुलिस अधिकारियों को भी एसआईटी में शामिल किया जा सकेगा। 328 पवित्र स्वरूपों के मामले में जमानत खारिज, कोर्ट ने बेल आवेदन ठुकराए यह FIR भाई बलदेव सिंह वडाला, भाई बलदेव सिंह सिरसा और अन्य लोगों की शिकायत पर दर्ज की गई थी। आरोपियों ने इसके बाद जमानत (बेल) के लिए आवेदन दायर किए, जो अमृतसर की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गुरबीर सिंह की कोर्ट में लंबित थे। हाल ही में इस मामले में अदालत ने सभी आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। यह फैसला 20 दिसंबर 2025 को सुनाया गया। राज्य की ओर से इस मामले की पैरवी अमृतपाल सिंह खेहरा, जिला अटॉर्नी प्रॉसीक्यूशन अमृतसर, और अमरपाल सिंह, जिला अटॉर्नी लीगल अमृतसर ने की।  

दो वर्षों के सुशासन में बदली कुनकुरी की तस्वीर, विकास की लिखी गई नई इबारत : मुख्यमंत्री साय

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन के दो वर्षों के दौरान विकास की नई गति देखने को मिल रही है। इसी क्रम में जशपुर जिले के कुनकुरी नगर पंचायत क्षेत्र को 107 करोड़ 32 लाख रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की स्वीकृति देकर मुख्यमंत्री ने नगर को ऐतिहासिक सौगात दी है। इन योजनाओं से कुनकुरी नगर की आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, पर्यटन, यातायात और नागरिक सुविधाओं में व्यापक और दीर्घकालिक सुधार होगा। कुनकुरी नगर में युवाओं को आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 63 करोड़ 84 लाख रुपये की लागत से इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण को मंजूरी दी गई है। यह कॉम्प्लेक्स क्षेत्रीय युवाओं की खेल प्रतिभा को निखारने में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री साय ने नगर पंचायत क्षेत्र में 53 विकास कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपये की स्वीकृति देकर जनता से किए गए अपने वादे को पूरा किया है। इन कार्यों से नगर के विभिन्न वार्डों और मोहल्लों में बुनियादी सुविधाएं सुदृढ़ होंगी और नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में कुनकुरी को बड़ी सौगात देते हुए 2 करोड़ 62 लाख रुपये की लागत से नेचुरोपैथी भवन निर्माण को मंजूरी दी गई है। इससे प्राकृतिक चिकित्सा, आयुर्वेद और योग को बढ़ावा मिलेगा तथा नागरिकों को बेहतर वैकल्पिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। पर्यटन और धार्मिक आस्था को सशक्त करने के लिए छठ घाट के समग्र विकास हेतु 5 करोड़ 17 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। घाट के सौंदर्यीकरण और विकास से स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक गतिविधियों मंक वृद्धि होगी। कुनकुरी नगर में सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों के लिए 6 करोड़ 67 लाख रुपये की लागत से आधुनिक बहुउद्देशीय ऑडिटोरियम भवन का निर्माण किया जाएगा, जिससे कला, संस्कृति और सामाजिक आयोजनों को नया मंच मिलेगा। शिक्षा के क्षेत्र में मजबूती लाने के उद्देश्य से नालंदा परिसर के 250 सीटर विस्तार के लिए 4 करोड़ 37 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्राप्त होगा। नगर के यातायात को सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए 7 करोड़ 26 लाख रुपये की लागत से हाई-टेक बस स्टैंड के निर्माण को मंजूरी मिली है, जिससे यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी और यातायात व्यवस्था सुदृढ़ होगी। इसके साथ ही नगर में बच्चों के मनोरंजन और सुरक्षित खेल के लिए 1 करोड़ 2 लाख रुपये की लागत से रिक्रिएशन चिल्ड्रन पार्क का निर्माण किया जाएगा। वहीं 6 करोड़ रुपये की राशि से वार्ड क्रमांक 1 से 15 तक एलईडी स्ट्रीट लाइट एवं अन्य विकास कार्य किए जाएंगे, जिससे नगर में बेहतर प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित होगी। इन सभी योजनाओं के माध्यम से कुनकुरी नगर तेजी से स्मार्ट सुविधाओं, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, सशक्त शिक्षा, आधुनिक यातायात और समृद्ध सांस्कृतिक गतिविधियों से युक्त एक आदर्श नगर के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में कुनकुरी नगर विकास, विश्वास और भविष्य की नई मिसाल बनता जा रहा है। नगरवासियों ने इन ऐतिहासिक विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।

सूर्यकुमार यादव ने अहमदाबाद में छात्रों से किया संवाद, फॉर्म सुधारने का जताया भरोसा

अहमदाबाद भारत के टी20I कप्तान सूर्यकुमार यादव ने एक बार फिर अपने लंबे समय से चले आ रहे खराब फॉर्म पर खुलकर बात की. इस बार उन्होंने यह बयान अहमदाबाद स्थित जीएलएस यूनिवर्सिटी में छात्रों के साथ बातचीत के दौरान दिया, जहां उनकी बेबाक टिप्पणियों ने काफी ध्यान खींचा. एक खिलाड़ी के करियर में उतार-चढ़ाव पर बोलते हुए सूर्यकुमार ने आत्ममंथन वाला रुख अपनाया. उनकी स्पीच का ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है. सूर्यकुमार यादव ने कहा, 'एक खिलाड़ी हमेशा अच्छे दौर में नहीं रहता. मैं यह नहीं कह रहा कि हम बुरे दौर से गुजरते हैं. यह एक सीखने की प्रक्रिया है. हमेशा एक ऐसा चरण आता है जब आपको लगता है कि आप सीखने के दौर में हैं. मेरे लिए भी यह वही सीखने वाला दौर है. थोड़ा ऊपर-नीचे रहा है.' टीम के बाकी खिलाड़ियों को सराहा सूर्या ने कहा, 'मेरे साथ अन्य 14 खिलाड़ी इस समय मेरे लिए कवर कर रहे हैं. उन्हें पता है कि जिस दिन मैं फटूंगा, क्या होगा. मुझे यकीन है कि आप सभी को भी इसके बारे में पता है.' अपने प्रदर्शन को लेकर हो रही चर्चाओं के बावजूद भारतीय कप्तान ने कहा कि उनका मानसिक रवैया अब भी पूरी तरह सकारात्मक है. स्टूडेंट्स को दी ये टिप्स सूर्या ने कहा, 'सोचिए, अगर आपके एग्जाम में कम नंबर आ जाएं तो क्या आप स्कूल छोड़ देते हैं? नहीं, आप फिर से मेहनत करते हैं और अच्छे नंबर लाते हैं. मैं भी वही करने की कोशिश कर रहा हूं. मैं बेहतर प्रदर्शन के साथ वापसी करना चाहता हूं.' सूर्यकुमार की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका संघर्ष साफ नजर आ रहा है. दाएं हाथ के इस बल्लेबाज का साल 2025 बेहद फीका रहा है. उन्होंने 19 पारियों में सिर्फ 218 रन बनाए, औसत 13.62 और स्ट्राइक रेट 123.16 रहा. एशिया कप में 47 रन उनका सर्वोच्च स्कोर रहा. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में भी उन्हें संघर्ष करना पड़ा, जहां उन्होंने चार पारियों में सिर्फ 34 रन बनाए, हालांकि भारत ने वह सीरीज 3-1 से जीत ली. अगले महीने न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की टी20I सीरीज में सूर्यकुमार यादव के पास एक और मौका होगा, जहां वह अपने शब्दों को रन में बदलकर टीम प्रबंधन के भरोसे को सही साबित कर सकते हैं.

सूर्यकुमार यादव ने अहमदाबाद में छात्रों से किया संवाद, फॉर्म सुधारने का जताया भरोसा

अहमदाबाद भारत के टी20I कप्तान सूर्यकुमार यादव ने एक बार फिर अपने लंबे समय से चले आ रहे खराब फॉर्म पर खुलकर बात की. इस बार उन्होंने यह बयान अहमदाबाद स्थित जीएलएस यूनिवर्सिटी में छात्रों के साथ बातचीत के दौरान दिया, जहां उनकी बेबाक टिप्पणियों ने काफी ध्यान खींचा. एक खिलाड़ी के करियर में उतार-चढ़ाव पर बोलते हुए सूर्यकुमार ने आत्ममंथन वाला रुख अपनाया. उनकी स्पीच का ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है. सूर्यकुमार यादव ने कहा, 'एक खिलाड़ी हमेशा अच्छे दौर में नहीं रहता. मैं यह नहीं कह रहा कि हम बुरे दौर से गुजरते हैं. यह एक सीखने की प्रक्रिया है. हमेशा एक ऐसा चरण आता है जब आपको लगता है कि आप सीखने के दौर में हैं. मेरे लिए भी यह वही सीखने वाला दौर है. थोड़ा ऊपर-नीचे रहा है.' टीम के बाकी खिलाड़ियों को सराहा सूर्या ने कहा, 'मेरे साथ अन्य 14 खिलाड़ी इस समय मेरे लिए कवर कर रहे हैं. उन्हें पता है कि जिस दिन मैं फटूंगा, क्या होगा. मुझे यकीन है कि आप सभी को भी इसके बारे में पता है.' अपने प्रदर्शन को लेकर हो रही चर्चाओं के बावजूद भारतीय कप्तान ने कहा कि उनका मानसिक रवैया अब भी पूरी तरह सकारात्मक है. स्टूडेंट्स को दी ये टिप्स सूर्या ने कहा, 'सोचिए, अगर आपके एग्जाम में कम नंबर आ जाएं तो क्या आप स्कूल छोड़ देते हैं? नहीं, आप फिर से मेहनत करते हैं और अच्छे नंबर लाते हैं. मैं भी वही करने की कोशिश कर रहा हूं. मैं बेहतर प्रदर्शन के साथ वापसी करना चाहता हूं.' सूर्यकुमार की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका संघर्ष साफ नजर आ रहा है. दाएं हाथ के इस बल्लेबाज का साल 2025 बेहद फीका रहा है. उन्होंने 19 पारियों में सिर्फ 218 रन बनाए, औसत 13.62 और स्ट्राइक रेट 123.16 रहा. एशिया कप में 47 रन उनका सर्वोच्च स्कोर रहा. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में भी उन्हें संघर्ष करना पड़ा, जहां उन्होंने चार पारियों में सिर्फ 34 रन बनाए, हालांकि भारत ने वह सीरीज 3-1 से जीत ली. अगले महीने न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की टी20I सीरीज में सूर्यकुमार यादव के पास एक और मौका होगा, जहां वह अपने शब्दों को रन में बदलकर टीम प्रबंधन के भरोसे को सही साबित कर सकते हैं.

कोहरे की चादर में लिपटा राजस्थान, 20 मीटर से कम दिख रही सड़कें

जयपुर राजस्थान इन दिनों घने कोहरे की चपेट में है। प्रदेश के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर अगले तीन दिनों के लिए बेहद घना कोहरा छाए रहने की चेतावनी मौसम विभाग की ओर से जारी की गई है। कोहरे के चलते प्रदेश में कई जगह सड़क हादसे भी हो रहे हैं। राजधानी जयपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में भी घना कोहरा देखा जा रहा है। कई जगहों पर दृश्यता 20 मीटर से भी कम दर्ज की गई, जिससे जनजीवन प्रभावित होता नजर आ रहा है। राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में कोहरे का प्रभाव सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। रविवार को गंगानगर, हनुमानगढ़, अलवर, भरतपुर, करौली, दौसा, डीग, धौलपुर व खैरथल-तिजारा बेहद घना कोहरा रहा। उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। रात के तापमान में बढ़ोतरी हो रही है, जबकि दिन के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। रविवार को प्रदेश के कई शहरों में अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तर-पूर्वी राजस्थान के श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली और दौसा जिलों में घना कोहरा छाया रहा। कोहरे के चलते इन इलाकों में दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। रविवार को अलवर और करौली प्रदेश के सबसे ठंडे शहर रहे। अलवर में अधिकतम तापमान 17 डिग्री और करौली में 17.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। करौली में दिन के तापमान में 7 डिग्री, जबकि अलवर में 5.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई। दौसा, श्रीगंगानगर, कोटा, पिलानी, जयपुर, चित्तौड़गढ़ और जैसलमेर समेत लगभग सभी शहरों में तापमान 1 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरा। कोहरे के कारण कई शहरों में ‘ठंडा दिन’ दर्ज किया गया। दौसा में अधिकतम तापमान 23.3, सिरोही में 22.8, बारां में 23.7, गंगानगर में 21.1, पिलानी में 21.9 और कोटा में 24.2 डिग्री सेल्सियस रहा। रात के तापमान में बढ़ोतरी पश्चिमी विक्षोभ के कारण बादल छाए रहने से उत्तरी हवाएं कमजोर पड़ी हैं। इससे न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हुई है और सुबह-शाम की सर्दी कुछ कम हुई है। कई शहरों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा। सबसे कम न्यूनतम तापमान माउंट आबू में 7 और चित्तौड़गढ़ में 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कल से बढ़ेगी सर्दी, कोहरा रहेगा जारी मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का असर अभी बना रहेगा, जिससे कुछ इलाकों में हल्के बादल छाए रह सकते हैं। 23 दिसंबर से उत्तर भारत से ठंडी हवाओं का असर बढ़ेगा, जिससे न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है। साथ ही उत्तर-पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है।

जनहित सर्वाेपरि: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े मौके पर ही कराया लंबित समस्या का समाधान

रायपुर, छत्तीसगढ़ शासन में संवेदनशीलता, तत्परता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता की मिसाल उस समय देखने को मिली, जब महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने एक पीड़ित महिला की महीनों से लंबित समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित कराया। नोनी सुरक्षा योजना से संबंधित दस्तावेज़ों में नाम सुधार के लिए पीड़ित महिला लंबे समय से विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगा रही थी। बार-बार आवेदन और निवेदन के बावजूद उसकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था, जिससे वह मानसिक रूप से अत्यंत परेशान थी। आज रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जब महिला ने अपनी व्यथा मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के समक्ष रखी, तो मंत्री राजवाड़े ने अत्यंत संवेदनशीलता के साथ उसकी बात सुनी। उन्होंने बिना विलंब किए मौके पर ही संबंधित विभागीय अधिकारी से फोन पर चर्चा कर समस्या के शीघ्र एवं समयबद्ध निराकरण के स्पष्ट निर्देश दिए। मंत्री राजवाड़े ने दो टूक शब्दों में कहा कि महिलाओं और बच्चों से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं किया जायेगा। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण हितग्राही को अनावश्यक रूप से परेशान होना पड़ा, उनके विरुद्ध जवाबदेही तय की जाए। मंत्री राजवाड़े ने कहा कि सरकार की जनहितकारी योजनाओं का उद्देश्य केवल कागज़ों तक सीमित रहना नहीं, बल्कि पात्र हितग्राहियों तक उनका लाभ समय पर और सम्मान के साथ पहुँचना है। महिलाओं और बच्चों से जुड़ी किसी भी समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह घटना राज्य में सुशासन और संवेदनशील प्रशासन का सकारात्मक संदेश देती है तथा यह प्रमाणित करती है कि मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े जनहित से जुड़े मामलों में त्वरित निर्णय लेकर आमजन के विश्वास को निरंतर सशक्त कर रही हैं।

फौजी के घर से अंडरवर्ल्ड तक: 28 महीने की तलाश के बाद ढेर हुआ सिराज, भाई भी फंसा

 सुल्तानपुर यूपी के सहारनपुर में मुठभेड़ में मारे गए गैंगस्टर सिराज अहमद की सात थानों की पुलिस को 28 महीने से तलाश थी। आइए जानते हैं कैसे जुर्म की दुनिया में फंसता गया आर्मी मैन का बेटा और भाई को भी ले डूबा। इसकी शुरुआती साल 2006 में मारपीट और लूट की घटना में नाम आने के बाद हुई। सुल्तानपुर में छह अगस्त 2023 को भुलकी चौराहे के पास गैंगस्टर सिराज अहमद ने साथियों के साथ मिलकर अधिवक्ता आजाद अहमद को ताबड़तोड़ गोलियों से हत्याकर दी थी। इस हत्याकांड में नाम आने के बाद क्राइम ब्रांच समेत तीन टीमें बनाई गईं। उसे खोजने के लिए पुलिस खाक छान रही थी। सिराज चोरी-छिपे घर आता और चला जाता। पुलिस की किरकिरी हुई तो 50 हजार और फिर एक लाख तक का इनाम रखा गया, लेकिन फिर भी पुलिस उस तक नहीं पहुंच पाए। लखनऊ की हसनगंज, गोसाईंगंज और जिले की पांच थानों की पुलिस फेल साबित हुई तो आखिरकार एसटीएफ को जिम्मेदारी दी गई। 28 महीने बाद सहारनपुर में सिराज को ढेर करने में सफलता मिली। लोलेपुर निवासी मंसूर अहमद रिटायर्ड आर्मी मैन हैं। अनुशासन, देशभक्ति की सीख देने वाले मंसूर अहमद ने बड़े बेटे मेराज को एनसीसी कराया। सिराज को भी मेहनत से पढ़ाई-लिखाई करने की सीख देते रहे। वर्ष 2006 में दोस्तों के दो गुटों में हुई एक छोटी सी मारपीट के बाद साधारण सा दिखने वाला सिराज जरायम की दुनिया में बढ़ता चला गया।   अपराध से अकूत संपत्ति बनाई, जिससे भाई मेराज भी जेल पहुंच गया, वह अमहट जेल में बंद है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गांव में एक बड़ा पक्का मकान, सुल्तानपुर व लखनऊ में कीमती प्लॉट, मुल्की क्षेत्र में सीमेंटेड पाइप बनाने की फैक्टरी और करीब आठ बीघा जमीन थी। पुलिस का कहना है कि यह संपत्ति हत्या, लूट और रंगदारी जैसे अपराधों से अर्जित धन से बनाई गई थी। छह अगस्त की शाम भुलकी चौराहे पर की थी हत्या भुलकी चौराहे पर छह अगस्त 2023 की शाम भुलकी गांव में ताबड़तोड़ फायरिंग कर अधिवक्ता आजाद अहमद की हत्या व उसके भाई को घायल कर दिया गया था। इस मामले में सलीम अहमद ने बेटे की हत्या के लिए नामजद एफआईआर लिखाई थी। विवेचना में आठ से अधिक लोग हत्या व साजिश में शामिल मिले, अधिकांश आरोपियों को पुलिस ने जेल भेजा था। दो साल चार महीने से दहशत में था अधिवक्ता का परिवार अधिवक्ता आजाद अहमद की छह अगस्त 2023 की शाम हत्या की गई। तब से लगातार उनका परिवार दहशत में रह रहा था। सिराज फरार चल रहा था, लेकिन उसके करीबी लगातार अधिवक्ता के पिता को धमकी दे रहे थे। पिता मो. सलीम पर पिछली पांच जुलाई को लोहरामऊ ओवरब्रिज के पास हमला किया गया था। किसी तरह से उनकी जान बची थी।  

विकास रथ यात्रा के साथ रामगंजमंडी में सुशासन पखवाड़ा, मंत्री मदन दिलावर ने मौके पर किया समाधान

रामगंजमंडी (कोटा) राजस्थान सरकार के 2 वर्ष पूर्ण होने पर रामगंज मंडी विधानसभा क्षेत्र में सरकार द्वारा चलाए जा रहे सुशासन पखवाड़े के तहत खैराबाद मंडल में आज सोमवार को विकास रथ यात्रा शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री तथा रामगंज मंडी के विधायक स्थानीय विधायक मदन दिलावर के नेतृत्व में निकाली गई | यात्रा की शुरुआत सुबह 9:30 बजे ग्राम सालेड़ा कलां से हुई | यात्रा में बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मदन दिलावर ने कहा कि मुझे मुख्यमंत्री जी ने आपके बीच भेजा है| यह जानने के लिए भेजा है कि सरकार की योजनाओं का लाभ आपको मिल रहा है कि नहीं? मंत्री दिलावर ने कहा कि प्रदेश की भजनलाल शर्मा की भाजपा सरकार और देश में नरेंद्र मोदी की भाजपा सरकार आपके लिए क्या नहीं कर रही है | आपके जनकल्याण के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है| राजस्थान में जब किसी के घर लाडो पैदा होती है तो उसे डेढ़ लाख रुपए का संकल्प पत्र दिया जाता है| पैदा होते ही ₹4000 बेटी की मां को मिलते हैं और उसके बाद स्कूल में एडमिशन लेने से लेकर 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई पूरी करने पर अलग-अलग सा चरणों में भजनलाल जी लाडो को डेढ़ लाख रुपये भेजते हैं| इतना ही नहीं बच्ची को घर से स्कूल जाने के लिए साइकिल मुफ्त देते हैं| पढ़ने के लिए लैपटॉप देते हैं| स्कूल के बाद जब बेटी कॉलेज जाती है तो उसकी स्कूटी देते हैं| अब बताओ कोई सरकार इतना करती है क्या?  बच्चे स्कूल में दाखिला लेते हैं तो उन्हें किताबें फ्री,स्कूल की ड्रेस फ्री, खाना फ्री,यानी स्कूल में पढ़ने वाले अपने बच्चों को सब कुछ फ्री| यह सब फ्री चीज आपको भजनलाल शर्मा भेज रहे हैं| शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने राज्य सरकार की योजनाओं के बाद अपने विधायक विकास कोष से क्षेत्र में कराए गए विभिन्न विकास कार्यों का पूरा लेखा जोखा भी ग्रामीणों को समक्ष पढ़कर सुनाया| इसके बाद ग्रामीणों ने गांव में सड़क पर कीचड़ होने की बात कही तो मंत्री मदन दिलावर ने तुरंत सड़क को ठीक कर पानी की निकासी दुरुस्त करने के लिए अपने विधायक कोष से ₹3 लाख रुपए स्वीकृत कर दिए| इससे पूर्व सभा स्थल पर पहुंचने पर ग्रामीणों ने शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर को साफा बंधवाकर तथा तलवार भेंट कर उनका पारंपरिक स्वागत किया| यात्रा में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के साथ यात्रा प्रभारी पूर्व मंडल अध्यक्ष राम रतन शर्मा, यात्रा के सह प्रभारी रमन सिंह, कोटा जिले के उप जिला प्रमुख कृष्ण गोपाल अहीर, खैराबाद पंचायत समिति की उप प्रधान श्रीमती स्वाति मीणा,खैराबाद के खंड विकास अधिकारी समय सिंह मीणा सहित तमाम अधिकारी भजन प्रतिदिन यात्रा में शामिल है| इसके बाद शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर का काफिला रथ यात्रा के साथ अगले गांव के लिए आगे बढ़ गया| सैलेड कल के बाद मंत्री दिलावर की रथ यात्रा बुद्ध खान होते हुए ढाकिया गांव पहुंची जहां सभा स्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर का जोरदार स्वागत किया| आज सोमवार को यात्रा सालेड़ा कलां से शुरू होकर बुधखान, ढाकिया,सारसनखेड़ी, सोहनपुरा,दुढ़कली, तंबोलिया,रिछड़िया, भीमपुरा होते हुए बुरनखेड़ी पहुंचकर संपन्न होगी| रथ यात्रा मार्ग में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर जहां राजस्थान की भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के 2 वर्ष के विकास कार्यों का बखान कर रहे हैं वहीं अपने द्वारा क्षेत्र में कराए गए कार्यों को भी बता रहे हैं| साथ ही लोगों से सुझाव और समस्याएं लेकर उनका समाधान भी तुरंत मौके पर ही कर रहे हैं| मदन दिलावर लगातार यात्रा में पूरे समय उपस्थित रहकर लोगों से मिलकर उनके अभाव अभियोग सुन रहे हैं और समाधान कर रहे हैं| दिलावर की यात्रा को लेकर ग्रामीणों में उत्साह है और वह रथ यात्रा का गांव में पहुंचने पर जोरदार स्वागत कर रहे हैं|