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सामाजिक ताना-बाना टूट रहा है— लिव-इन रिलेशनशिप पर हरियाणा में उत्तराखंड मॉडल की वकालत

चंडीगढ़  हरियाणा में लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर सख्त कानून बनाने की मांग उठने लगी है. बीजेपी विधायक लक्ष्मण यादव ने हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान जीरो ऑवर में यह मुद्दा उठाया. बीजेपी विधायक की अपनी ही सरकार से सख्त कानून लाने की मांग की बीजेपी विधायक का दावा है कि कई विधायक लिव-इन-रिलेशनशिप के खिलाफ हैं. वो जल्द ही सीएम से मिलेंगे और उत्तराखंड की तर्ज पर हरियाणा सरकार से भी लिव-इन रिलेशनशिप पर सख्त कानून लाने की मांग करेंगे. उन्होंने लिव-इन रिलेशनशिप के बढ़ते प्रचरन पर चिंता जताई है. विधायक बोले- लिव-इन- रिलेशनशिप से रिश्ते खराब हो रहे उन्होंने कहा कि लिव-इन-रिलेशनशिप से सामाजिक ताना-बाना और पारिवारिक रिश्ते खराब हो रहे हैं. हमारी मांग कि उत्तराखंड सरकार की तर्ज पर हरियाणा में भी लिव-इन-रिलेशनशिप का पंजीकरण शुरू किया जाए ताकि इस तरह के रिलेशनशिप में रहने वाले लोगों का सरकार के पास पूरा आंकड़ा हो. विधायक ने मांग की है कि सरकार की और से लिव-इन-रिलेशनशिप के मानदंड तय करने के लिए कमेटी गठित करनी चाहिए.     रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण यादव की मांग है कि समाज में लिव-इन-रिलेशनशिप की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे सामाजिक व्यवस्था पूरी तरह खराब हो रही है.     हरियाणा में भी लिव-इन-रिलेशनशिप को कानूनी मान्यता देने के लिए उत्तराखंड सरकार की तर्ज पर पंजीकरण जरूरी हो.     उत्तराखंड सरकार की और से समान नागरिक संहिता के अंतर्गत लिव-इन-रिलेशनशिप पंजीकरण का प्रावधान किया गया है, जिसके मानदंड और नियम तय किए गए हैं.     हरिद्वार में लिव-इन-रिलेशनशिप के 40 मामले सामने आए, जब पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए तो उनमें से 13 मामले ऐसे थे, जो पहले से ही शादीशुदा थे. लक्ष्मण यादव ने कहा कि पंजीकरण से महिला सुरक्षा को मजबूती मिलेगी और पुरुष द्वारा महिला को छोड़ने के बाद हताशा में जीवन लीला को समाप्त करने वाले कदमों पर भी अंकुश लगेगा. उन्होंने कहा कि लिव-इन-रिलेशनशिप के मामलों में आत्महत्या का ग्राफ भी बढ़ रहा है. उनके रेवाड़ी जिले में तीन मामले सामने आए हैं. मुहिम से जुड़ने का आह्वान उन्होंने कहा कि सीएम से मुलाकात के दौरान वो लिव-इन-रिलेशनशिप में रहने वाले लोगों के लिए मानदंड और नियम बनाने के लिए कमेटी गठित करने की मांग करेंगे. इससे सामाजिक ताना-बाना नहीं बिगड़ेगा और पारिवारिक रिश्ते भी मौजूद रहेंगे.उन्होंने सामाजिक संस्थाओं को भी इस मुहिम में जुड़ने का आह्वान किया. गौरतलब है कि उत्तराखंड सरकार की और से मानदंड तय किया गया है कि यदि 6 महीने तक कोई लिव-इन-रिलेशनशिप को पंजीकरण नहीं कराता है तो उसे 25 हजार रुपये का जुर्माना और तीन साल सजा का प्रावधान है. विधायक बोले- कमेटी की मंजूरी अनिवार्य होनी चाहिए विधायक लक्ष्मण यादव ने कहा लिव-इन-रिलेशनशिप में पंजीकरण से पहले सरकार द्वारा गठित कमेटी की मंजूरी अनिवार्य होनी चाहिए. यदि लिव-इन-रिलेशनशिप का रिश्ता 5 साल या इससे ज्यादा का है तो उसे शादी की मान्यता दी जाए, ताकि महिला की संतान को संपत्ति में हिस्सेदारी का हक मिल सके. हालांकि हरियाणा की विपक्षी पार्टियों अभी इस मुद्दे पर खामोश है और उनका कहना है कि जब हरियाणा सरकार कोई इस तरह का प्रस्ताव या कानून लेकर आएगी तब इस पर चर्चा की जाएगी.  

देशभक्ति की मिसाल बना नन्हा ‘योद्धा’: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सैनिकों की सेवा, अब राजधानी दिल्ली में सम्मान

फिरोजपुर  पंजाब के सरहदी जिले फिरोजपुर के चक तरां वाली गांव के रहने वाले 10 साल के श्रवण सिंह को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया जाएगा. श्रवण को भारत की राष्ट्रपति के द्वारा 26 दिसंबर 2025 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ मिलेगा. इसके लिए वह अपने पिता के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं. श्रवण ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान असाधारण साहस का परिचय निस्वार्थ सेवा दिखाया था. ​श्रवण सिंह को मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान उनके असाधारण साहस, सूझबूझ और निस्वार्थ सेवा के लिए पहचाना गया. भारत-पाकिस्तान सीमा पर अत्यधिक तनावपूर्ण परिस्थितियों के बीच, श्रवण सिंह ने तैनात सैनिकों को महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की थी. दुश्मन के ड्रोनों की निरंतर घुसपैठ और भारी तनाव के माहौल में, देशभक्ति के जज्बे से ओतप्रोत होकर श्रवण प्रतिदिन अग्रिम चौकियों तक जाते थे. वे सैनिकों के लिए पानी, दूध, लस्सी, चाय और बर्फ जैसी आवश्यक सामग्री पहुंचाते थे. श्रवण ने सैनिकों को पहुंचाई थी मदद दुश्मन की सीधी निगरानी और हमले के निरंतर खतरे के बावजूद, उनके अटूट संकल्प ने लंबे समय से तैनात सैनिकों के लिए जल-आपूर्ति और मनोबल बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण लाइफलाइन के रूप में काम किया. ​श्रवण ने अपने परिवार को भी सशस्त्र बलों के पूर्ण समर्थन के लिए प्रेरित किया. उन्होंने सैनिकों के आराम और लॉजिस्टिक के लिए अपने घर और संसाधनों के दरवाजे खोल दिए, जिससे संवेदनशील सीमा क्षेत्र में नागरिक-सैन्य सहयोग की भावना को मजबूती मिली. अब मिलेगा पीएम बाल पुरस्कार उनके इस साहसी और करुणामयी आचरण ने स्थानीय समुदाय को एकजुट किया और देश भर के बच्चों के लिए एक प्रेरक उदाहरण पेश किया है. उनके इस नेक और बहादुर कार्य के लिए ‘गोल्डन एरो डिवीजन’ ने उनकी शिक्षा को स्पॉन्सर किया है. ​उनकी असाधारण वीरता, निरंतर समर्पण और प्रेरणादायक देशभक्ति को स्वीकार करते हुए, भारत सरकार ने मास्टर श्रवण सिंह को बच्चों को दिए जाने वाले देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025 के लिए चुना है. उनका अनुकरणीय साहस और सेवा की गहरी भावना भारतीय समाज के बेहतरीन मूल्यों को दर्शाती है और राष्ट्र के युवाओं के लिए एक चमकते प्रकाश स्तंभ के समान है. वही परिवार में और इलाके में खुशी का माहौल है. परिवार ने कहा कि श्रवण को अवार्ड मिल रहा है हमें बड़ी खुशी है.  

कीमती धातुओं में भूचाल: सोना-चांदी ने रचा इतिहास, एक झटके में सिल्वर ₹2.25 लाख पार

मुंबई  खरमास के महीने एक तो धंधा मंदा चल रहा है, ऊपर से सोने-चांदी की दहाड़ से सर्राफा बाजारों में सन्नाटा पसरा है। आज सोने-चांदी के भाव एक और नया इतिहास लिख चुके हैं। दोनों धातुएं आज भी ऑल टाइम हाई पर हैं। चांदी के भाव एक झटके में 7954 रुपये प्रति किलो उछकर 218954 रुपये प्रति किलो पर खुले। जबकि, सोने के भाव में 352 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी हुई है। जीएसटी समेत चांदी अब 225522 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है। जबकि, 24 कैरेट गोल्ड का रेट अब जीएसटी समेत 140734 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है। मंगलवार को चांदी बिना जीएसटी 211000 रुपये प्रति किलो और सोना बिना जीएसटी 136283 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। आज बिना जीएसटी सोना 136635 रुपये के ऑल टाइम हाई पर खुला। दूसरी ओर चांदी बिना जीएसटी 218954 रुपये प्रति किलो के रेट से खुली। इस साल अबतक सोना 60895 रुपये उछल चुका है। जबकि, चांदी 132937 रुपये उछल चुकी है। यह रेट आईबीजेए द्वारा जारी किए गए हैं। आईबीजेए दिन में दो बार रेट जारी करता है। एक बार दोपहर 12 बजे के करीब दूसरा 5 बजे के आसपास। क्यों उछल रहे हैं सोने-चांदी के दाम विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा तेजी का एक कारण अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें हैं। बाजार का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व 2026 में दो बार ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी नरम मौद्रिक नीति की वकालत कर रहे हैं। कैरेट के हिसाब से गोल्ड के भाव आज 23 कैरेट गोल्ड भी 351 रुपये उछल कर 136088 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर खुला। जीएसटी संग इसकी कीमत अब 140170 रुपये हो गई है। अभी इसमें मेकिंग चार्ज नहीं जुड़ा है। 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 323 रुपये चढ़कर 125158 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। जीएसटी संग यह 128912 रुपये है। 18 कैरेट गोल्ड 264 रुपये की तेजी के साथ 102467 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है और जीएसटी के साथ इसकी कीमत 105550 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। 14 कैरेट गोल्ड का रेट भी 205 रुपये चढ़ा है। आज यह 79931 रुपये पर खुला और जीएसटी समेत यह 82328 रुपये पर है।

ग्वालियर में अमित शाह का दौरा, व्यापार मेला का उद्घाटन और सुरक्षा के सख्त इंतजाम

 ग्वालियर  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 24 दिसंबर को ग्वालियर आ जाएंगे। आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक रात करीब नौ बजे वह ग्वालियर विमानतल पर उतरेंगे। इसके बाद होटल ताज ऊषा किरण पैलेस के लिए रवाना होंगे। अगले दिन सुबह 11:50 बजे होटल से कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना होंगे। फिर मेला ग्राउंड से सभा संपन्न होने के बाद दोपहर करीब दो बजे विमानतल के लिए रवाना हो जाएंगे। कई बार सड़कों पर वीवीआइपी मूवमेंट रहेगा केंद्रीय गृह मंत्री के ग्वालियर आगमन से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित अन्य केंद्रीय, राज्यमंत्री ग्वालियर पहुंच जाएंगे। बुधवार शाम करीब सात बजे से लेकर 25 दिसंबर को कार्यक्रम संपन्न होने तक कई बार शहर की सड़कों पर वीवीआइपी मूवमेंट रहेगा। पुलिस ने एडवायजरी जारी की विमानतल से लेकर मेला ग्राउंड और होटल तक कई बार, कई रास्तों पर ट्रैफिक रोका जाएगा। इसके लिए पुलिस ने एडवायजरी भी जारी कर दी है। वहीं पुलिस ने सुरक्षा प्लान भी तैयार कर लिया है। सुरक्षा में करीब 4500 जवान रहेंगे। ऊंची इमारतों पर स्नाइपर तैनात होंगे। कार्यक्रम स्थल से लेकर होटल तक कड़ी सुरक्षा रहेगी। अमित शाह करेंगे ग्वालियर व्यापार मेला का शुभारंभ शहर की शान और मध्य भारत के सबसे बड़े 'ग्वालियर व्यापार मेले' का काउंटडाउन खत्म होने को है। 25 दिसंबर से शुरू हो रहे इस ऐतिहासिक मेले का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। प्रशासन और मेला प्राधिकरण ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है और अब बस उस पल का इंतजार है जब ग्वालियर की यह विरासत गुलजार होगी। मेले का आगाज बेहद खास होने जा रहा इस वर्ष मेले का आगाज बेहद खास होने जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति ने व्यापारियों और सैलानियों के उत्साह को दोगुना कर दिया है। प्राधिकरण को इस संबंध में सूचना मिल चुकी है, जिसके बाद सुरक्षा और स्वागत की भव्य तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। ऑटोमोबाइल सेक्टर में शोरूम तैयार करने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। आरटीओ छूट की उम्मीद में बड़ी संख्या में लोग वाहन खरीदी की योजना बना रहे हैं। इलेक्ट्रोनिक्स सेक्टर में आधुनिक गैजेट्स और घरेलू उपकरणों के साथ विभिन्न जगह से आए व्यापारी अपने स्टॉल को अंतिम रूप दे रहे हैं। झूला सेक्टर और फूड जोन रोमांच युवाओं के लिए आधुनिक हाई-टेक झूले फिटनेस टेस्ट पास कर तैयार हैं। फूड जोन में प्रसिद्ध व्यंजनों के साथ-साथ राजस्थानी, पंजाबी और दक्षिण भारतीय स्वाद का तड़का भी लगेगा। मेला केवल व्यापार का नहीं, बल्कि कला और शक्ति का भी केंद्र बनेगा। एक जनवरी से कला के विविध रंगों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। पहलवानी का दम जनवरी का महीना दंगल के नाम रहेगा। 19 से 20 जनवरी तक जिला स्तरीय और 23 से 25 जनवरी तक राज्य स्तरीय पुरुष व महिला कुश्ती प्रतियोगिता आयोजित होगी, जो खेल प्रेमियों के लिए बड़ा आकर्षण होगी। व्यापारियों में नया उत्साह दुकान आवंटन की पारदर्शी प्रक्रिया के कारण इस साल उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली से बड़ी संख्या में व्यापारी पहुंचे हैं। हस्तशिल्प और फर्नीचर सेक्टर में इस बार ऐसी कलाकृतियां देखने को मिलेंगी जो पहले कभी नहीं आईं। सभी प्रकार के भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित सभी प्रकार के भारी वाहनों का प्रवेश शहर में प्रतिबंधित रहेगा। भिंड, मालनपुर की तरफ जाने वाले सभी वाहन लक्ष्मणगढ़ पुल होते हुए निरावली, अटल गेट, जलालपुर चौराहा से सागरताल होते हुए जाएंगे। भिंड, मालनपुर से आने वाले वाहन बेहटा चौकी, बड़ागांव पुल से एमएच तिराहा, हुरावली तिराहा, सचिन तेंदुलकर मार्ग होते हुए शहर में प्रवेश करेंगे। इन रूटों पर ट्रैफिक रहेगा डायवर्ट     गोला का मंदिर चौराहा से एमआइटीएस, दूध डेयरी तिराहे से इंद्रमणि नगर मार्ग, दुल्लपुर रोड से सूर्य नमस्कार तिराहा तक मार्ग पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा।  मुरैना से आने वाले वाहन निरावली से प्रवेश करेंगे। मुरार से मुरैना की तरफ जाने वाले वाहन छह नंबर चौराहा, आर्मी एरिया, बड़ागांव हाईवे होते हुए जा सकेंगे।     मुरैना से दतिया, झांसी, शिवपुरी की तरफ जाने वाले वाहन निरावली से प्रवेश कर रायरू, अटल द्वार से मोतीझील, बहोड़ापुर, बेला की बावड़ी होते हुए जा सकेंगे।     मांढ़रे की माता से बहोड़ापुर जाने वाले वाहन इंदरगंज से डायवर्ट होकर पाटनकर बाजार, नई सड़क, हनुमान चौराहा, जीवाजीगंज, कटी घाटी होते हुए जा सकेंगे।     बहोड़ापुर से शिंदे की छावनी होते हुए मांढ़रे की माता चौराहे की तरफ जाने वाले वाहन बहोड़ापुर से कटीघाटी, जीवाजीगंज से हनुमान चौराहा, नई सड़क, पाटनकर चौराहा, इंदरगंज चौराहा, अचलेश्वर मंदिर होते हुए जा सकेंगे।     कोटेश्वर मंदिर से कंपू जाने वाले वाहन बहोड़ापुर से कटीघाटी, हनुमान चौराहा, पाटनकर चौराहा, इंदरगंज होते हुए जा सकेंगे।     कंपू से पड़ाव जाने वाले वाहन अचलेश्वर चौराहा, चेतकपुरी होते हुए जा सकेंगे। कोटेश्वर मंदिर से शिंदे की छावनी जाने वाले दोपहिया वाहनों को छोड़कर सभी वाहन प्रतिबंधित रहेंगे।     चिरवाई नाका से विक्की फैक्ट्री, बेला की बावड़ी, गोल पहाड़िया, हुरावली, मोहनपुर, बड़ागांव, लक्ष्मणगढ़ पुल, सुसैरा कोठी से शहर में आने वाले वाहन पूर्णत: प्रतिबंधित रहेंगे। अभ्युदय एमपी ग्रोथ समिट का शुभारंभ करेंगे शाह अमित शाह अटलजी के जन्मदिन पर गुरुवार को मेला मैदान पर राज्यस्तरीय आयोजन अभ्युदय एमपी ग्रोथ समिट में दो लाख करोड़ के उद्योगों का शुभारंभ-भूमि पूजन करेंगे। इस दौरान उद्योगपतियों से मुलाकात कराने की व्यवस्था भी की गई है। समिट का आयोजन सुबह 11 बजे से होगा जिसमें दो घंटे शाह मौजूद रहेंगे। उसके बाद यहां से रीवा जाएंगे। मेला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री सिंधिया सहित प्रदेश के मंत्रीगण-विधायक भी मंच पर रहेंगे। एमपी ग्रोथ समिट में प्रदेश में उद्योग-निवेश के लिए हुए प्रयासों को एक ही मंच से लोकार्पित व शिलान्यास किया जाएगा। इसमें 10 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव,आशय पत्र व आवंटन पत्र भी दिए जाएंगे। एक लाख लोगों की मौजूदगी का दावा है, जिसमें ग्वालियर-चंबल अंचल के सभी जिलों से लोगों को लाया जा रहा है।  

आंवले का जादू: सेहत के लिए क्यों है यह जरूरी

आंवले का सेवन सेहत के लिए बहुत जरूरी है। इसके नियमित सेवन से न केवल स्वास्थ्य सही रहता है, बल्कि सुंदरता भी बढ़ती है… आवला को यदि गुणों की खान कहा जाए तो गलत न होगा। सर्दी के मौसम में मिलने वाला आंवला बहुत सारे गुणों से भरपूर होता है। इसमें विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। यह पूरे शरीर के लिए फायदेमंद होता है। वरिष्ठ आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. सतीश चंद्र शुक्ला का कहना है कि अगर जाड़े के मौसम में प्रतिदिन आंवले का सेवन किया जाए तो शरीर पूरी तरह स्वस्थ रहेगा। -आंवला बहुत सारे रोगों से राहत दिलाता है। इसमें कई सारे विटामिन्स और मिनरल्स जैसे विटामिन ए, बी-6, थियामिन, कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन, कैरोटीन, कॉपर, पोटैशियम, मैंग्नीज आदि पाए जाते हैं। इसमें कई शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। -आंवले को कई प्रकार से खाया जा सकता है। आप चाहें तो इसे कच्चे रूप में खा सकते हैं। इसका जूस भी निकाला जा सकता है। इसकी चटनी बनाने के साथ ही इसका हलुआ भी बनाया जा सकता है। आंवले के लच्छों को मीठा या नमकीन बनाकर खाया जा सकता है। इसका मुरब्बा तो हर मौसम में खाया जाता है। आंवला के रस को शहद या एलोवेरा में मिलाकर लिया जा सकता है। -आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स की मौजूदगी के कारण आंवला बालों की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। इसके सेवन से न केवल बालों की ग्रोथ अच्छी होती, बल्कि उनमें चमक भी आती है और बालों का गिरना भी कम हो जाता है। इसके रस को बालों की जड़ों में लगाने से भी लाभ मिलता है। -विटामिन ए और कैरोटीन से भरपूर होने के कारण आंवला आंखों की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। इसके सेवन से न केवल आंखों की रोशनी सही रहती है, बल्कि वे कई सारी समस्याओं से भी बची रहती हैं। -आंवले में मौजूद कैल्शियम दांतों, नाखूनों, त्वचा और हड्डियों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इससे त्वचा में निखार भी आता है। इसमें मिलने वाला प्रोटीन शरीर को पूरी तरह स्वस्थ रखता है। -डाइबिटीज वाले लोग भी आंवले का सेवन कर सकते हैं। इसमें मिलने वाला क्रोमियम ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित रखता है। हां, यह ध्यान रखें कि बगैर शक्कर वाले आंवले का ही सेवन करें। -आंवले में पानी भी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। इसलिए इसके सेवन करने पर पेशाब के साथ शरीर के हानिकारक तत्व जैसे अतिरिक्त पानी, नमक और यूरिक एसिड बाहर हो जाते हैं। यही कारण है कि यह किडनी को स्वस्थ रखने में भी सहायक है। -इसमें फाइबर भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। फाइबर हमारे पाचन तंत्र अर्थात पेट के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इसके सेवन से कब्ज की शिकायत दूर होती है। साथ ही डायरिया होने का भी खतरा नहीं रहता है। -आंवले में मिलने वाले पोषक तत्व जैसे आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स हृदय को दुरुस्त रखने में बहुत सहायक हैं। आंवले के नियमित सेवन से हृदय में रक्तसंचार सही रूप से होता है। यह कोलेस्ट्राल के स्तर को भी सही रखता है। -पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण आंवला एंटी एजिंग का भी काम करता है। साथ ही विभिन्न प्रकार के संक्रमण से बचाव करता है। यह हमारे इम्यून सिस्टम को सही रखता है। सर्दी-जुकाम से बचाव करने के साथ ही यह एनीमिया होने से भी बचाता है। एक्ने और पिंपल्स से भी बचाव करने में भी यह सहायक है।  

एपस्टीन फाइल्स में राष्ट्रपति ट्रंप पर गंभीर आरोप, अमेरिकी DOJ ने दावों को बताया निराधार

वाशिंगटन अमेरिका के न्याय विभाग द्वारा जारी जेफरी एपस्टीन जांच से जुड़े नए दस्तावेजों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर एक गंभीर लेकिन अप्रमाणित आरोप सामने आया है. इन दस्तावेजों में दावा किया गया है कि दशकों पहले ट्रंप पर एक महिला ने बलात्कार का आरोप लगाया था. हालांकि न्याय विभाग ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें "असत्य और सनसनीखेज" करार दिया है.  सार्वजनिक किए गए ये रिकॉर्ड एप्सटीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट के तहत जारी किए गए हैं, जिसके तहत एपस्टीन से जुड़े संघीय दस्तावेजों को सार्वजनिक करना अनिवार्य है. न्याय विभाग ने साफ किया कि इन फाइल्स में दर्ज आरोपों की कोई पुष्टि नहीं हुई है और इन्हें तथ्यात्मक सत्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. न्याय विभाग ने असामान्य रूप से सार्वजनिक बयान जारी करते हुए कहा कि इनमें से कुछ आरोप 2020 के राष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले एफबीआई को भेजे गए थे और उनमें कोई विश्वसनीय आधार नहीं था. विभाग ने कहा, "स्पष्ट कर देना जरूरी है कि ये दावे झूठे और निराधार हैं. अगर इनमें जरा भी सच्चाई होती, तो इन्हें पहले ही राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ इस्तेमाल किया जा चुका होता." ड्राइवर ने सुनी थी लड़की के "शोषण" की बात जारी दस्तावेजों में जांच एजेंसियों को भेजी गई कच्ची जानकारियां शामिल हैं. इनमें एक कथित पीड़िता का आरोप, जिसमें उसने ट्रंप और एपस्टीन दोनों पर बलात्कार का दावा किया, और एक लिमोजिन ड्राइवर का बयान भी शामिल है, जिसने कथित तौर पर ट्रंप को एपस्टीन द्वारा एक लड़की के "शोषण" की बात करते सुना था. हालांकि दस्तावेजों से यह स्पष्ट नहीं होता कि एफबीआई ने इन जानकारियों पर आगे कोई कार्रवाई की या नहीं. बताया गया है कि आरोप लगाने वाली महिला की बाद में सिर में गोली लगने से मौत हो गई थी. न्याय विभाग ने जोर देकर कहा कि फाइल्स में कहीं भी यह संकेत नहीं है कि ट्रंप को किसी आपराधिक मामले में संदिग्ध माना गया हो या उनके खिलाफ औपचारिक जांच की गई हो. यह जरूर माना गया कि ट्रंप और एपस्टीन के बीच 2000 के दशक के मध्य तक सामाजिक संपर्क रहे थे, लेकिन किसी अपराध से उनका सीधा संबंध नहीं बताया गया. अब तक 30 हजार दस्तावेज जारी किए गए इन दस्तावेज़ों में शामिल एक 2020 के ईमेल में यह जिक्र है कि ट्रंप ने एपस्टीन के निजी विमान में पहले बताई गई संख्या से अधिक बार यात्रा की थी. हालांकि न्याय विभाग ने दोहराया कि केवल आरोप का दस्तावेजों में होना, उसके सच होने का प्रमाण नहीं है. करीब 30,000 दस्तावेज इस चरण में जारी किए गए हैं, जिनमें भारी कटौती की गई है ताकि पीड़ितों की पहचान सुरक्षित रखी जा सके. आने वाले हफ्तों में और दस्तावेज जारी होने की संभावना है. न्याय विभाग का कहना है कि पारदर्शिता का मतलब यह नहीं कि हर आरोप को सत्य मान लिया जाए.

शिफू एप के साथ सब कुछ याद रखें

कई बार आप परिवार, मित्रों और सहयोगियों को बर्थडे, एनिवर्सरी या अन्य महत्वपूर्ण दिनों पर शुभकामना देना भूल जाते हैं और बाद में सॉरी के साथ विश करना पड़ता है। अब शिफू एप के जरिए आपको इस परेशानी का हल मिल जाएगा। यह एक इंटेलीजेंट टास्क मैनेजर और रिमाइंडर एप है, जो आपके फोन के तमाम डाटा को परख कर आपको अच्छे सुझाव देगा। लॉग इन करने के लिए आप फेसबुक अकाउंट का प्रयोग कर सकते हैं, जिससे शिफू अपने आप सारे जन्मदिन याद कर लेता है और आपको शुभकामनाएं देने का रिमाइंडर दे देता है। शिफू में आप चार तरह के रिमाइंडर या टास्क सेट कर सकते हैं। सबसे पहला है इंटरनेट कनेक्शन पर आधारित टास्क, आप किसी भी नेटवर्क पर शिफू का रिमाइंडर प्रोग्राम सेट कर सकते हैं। दूसरा टास्क है लोकेशन बेस्ड, जिसमें यह आपको किसी जगह पहुंचने पर वहां से जुड़ा टास्क याद दिला देता है। तीसरा टास्क है किसी व्यक्ति को कॉल करते समय एप आपको उससे खास बात करने के लिए रिमाइंडर देता है। चैथे में यह एप आपके फ्री टाइम और लोकेशन के आधार पर इंटेलीजेंट सजेशन भी देता है, जिससे आप अपना समय ज्यादा अच्छी तरह बिता सकें।  

पूर्व से उत्तर भारत तक नई रफ्तार: गोरखपुर–पानीपत 747 KM एक्सप्रेसवे से चमकेगा 100 से अधिक गांवों का भविष्य

गोरखपुर  पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के लिए गोरखपुर-बस्ती मंडल के 133 गांवों में जमीन अधिग्रहित की जाएगी। यह एक्सप्रेसवे सिद्धार्थनगर के बांसी से प्रवेश करते हुए संतकबीरनगर के मेंहदावल, गोरखपुर के सदर एवं कैंपियरगंज होते हुए कुशीनगर के हाटा तक बनेगा। गोरखपुर मंडल में इस एक्सप्रेसवे की लंबाई 86.24 किमी होगी। एनएचएआई ने भूमि अधिग्रहण के लिए चारों जिलों के जिलाधिकारियों को इस संबंध में पत्र भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, एनएचएआई ने पानीपत एक्सप्रेसवे के लिए गोरखपुर-बस्ती मंडल में सर्वे शुरू कर दिया है। इसमें बांसी के 37 गांवों में 16.69 किमी, मेंहदावल के 29 गांवों में 22.5 किमी, गोरखपुर तहसील सदर के 24 एवं कैंपियरगंज के 22 गांवों में 34.22 किमी एवं हाटा के 21 गांवों में 12.8 किमी सड़क की लंबाई होगी। 747 किमी लंबी है एक्सप्रेसवे पानीपत गोरखपुर एक्सप्रेसवे की लंबाई 747 किमी है, जो सिद्धार्थनगर से आगे बलरामपुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ होते हुए आगे बनेगा। संतकबीरनगर के 20.25 किमी के बाद 280 मीटर का एरिया गोरखपुर का कवर होगा, इसके बाद 1.98 किमी एरिया संतकबीरनगर का कवर होगा। फिर इसके बाद गोरखपुर में इस एक्सप्रेसवे की लंबाई 34 किलोमीटर होगी। नयनसर के पास पानीपत एक्सप्रेसवे गोरखपुर सोनौली हाईवे को पार करेगा। डीएम दीपक मीणा ने बताया कि पानीपत गोरखपुर एक्सप्रेसवे का एलाइन्मेंट तय हो गया है। गोरखपुर के 46 गांवों से होते हुए एक्सप्रेसवे आगे जाएगा। एनएचएआई के प्रस्ताव पर जल्द भूमि अधिग्रहण अधिकारी नामित कर दिया जाएगा। इन गांवों में होगा भू-अधिग्रहण कैंपियरगंज के लक्ष्मीपुर (पचवारा), लक्ष्मीपुर(भारीवैसी), मखनहा, ठकुरापार, भरोहिया, गंगापार, रामपुर कैथवलिया, बेलघाट बुजुर्ग, रमवापुर, दोनफा, भइयाराम, जरहद, नयनसर, हिरुआ, बढ़या, चकमाफी, भुइधरपुर, साखी, ताल कोमर, कानापार, नीबा, कंदरखावा। गोरखपुर सदर बढ़नी, फुलवरिया, सियारामपुर, महराजगंज, ठाकुरपुर नंबर एक, ठाकुरपुर नंबर दो, खुटहन खास, जंगल नाकिन, जंगल डुमरी नंबर एक, रामपुर खुर्द, भिस्वा, इस्मालपुर, रामपुर बुजुर्ग, मेंहदिया, जमुनिया, पोखर भिंडा उर्फ चकदहा, समस्तपुर उर्फ मुड़िला, कोटवा, खिरिया, आराजी बरवा, रामपुर थवईपार, गंभीरपुर कम्हरिया, परशुरामपुर, सोनराइच उर्फ बड़ा गांव। बांसी, सिद्धार्थनगर बंजारी, बिमौआ खुर्द तप्पा पचहर, पचमोहनी, कम्हरिया, बहादुरपुर, डोड़वार शुक्ल, जमोहनी, जमोहना, भावपुर, पिपरा भइया, भटुली, बरनवार, सोनवा माफी, सुहईरनपुरवा, मुड़िला हिर्दन, छपवा, बेलवा लगुनही, पड़िया बुजुर्ग, रोहुआ, महोखवा, बनकटा, कड़जा, बचलाखोर, अकोल्ही, परसा, ढुढ़नी, मझारिया तप्पा मजोरा, मंझरिया तप्पा हाटा, नगवा तप्पा हाटा, नगवा तप्पा कुदारन, सोनखर तप्पा कुदारन, सोनखर तप्पा चंवर, सोनवलिया तप्पा कुदारन, मिश्रौलिया तौफिर, सिरसिया तप्पा मजोरा, पिपरा शुक्ल। मेंहदावल, संतकबीरनगर बढ़या, फेउसा, परसा माफी, परसा शुक्ल, महला, पसाई, देवकली, प्रतापपुर, जसवल, रमवापुर, खजुरा खुर्द, नचनी, समोगर, गुदरिहवा, खजुराकला, सिक्टौर माफी, कुंडवा, जमुवरिया खुर्द, जमुवरिया कला, रक्सा, भरवलिया मिश्र, कुसोना कला, जमोहरा, मुड़ली, डुमरिया बाबू, इंदरपुर, कौवाठोर, पिड़ारी कला, चितरुखिया। कुशीनगर, हाटा, रामपुर, अगया, होलिया, रामपुर माफी, मगडिहा, सिंदुरिया विशुनपुर, घोड़ादेउर, खुरहुरिया, बलुआ, तुर्कडिहा, बिंदुआर, सहजौली, सेंदुआर, मुंडेरा, खोट्ठा, सिहुलिया, टिकर, छपिया, बेलवा खुर्द, महुअवा, अहिरौली।  

वैश्विक मंच पर भारत की आवाज़ बुलंद, ऑक्सफोर्ड बहस में पाक प्रतिनिधि की दलीलें ध्वस्त

नई दिल्ली  ऑक्सफोर्ड यूनियन में भारत-पाकिस्तान से जुड़े एक प्रस्ताव को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि ऑक्सफोर्ड यूनियन के पाकिस्तानी मूल के अध्यक्ष मूसा हर्राज ने एक ऐसी बहस में पाकिस्तान की जीत का दावा कर दिया, जो कभी विधिवत आयोजित ही नहीं हुई। यह घटनाक्रम सामने आने के बाद सोशल मीडिया से लेकर अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक हलकों तक तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। विवादित प्रस्ताव का कहना था, “यह सदन मानता है कि पाकिस्तान के प्रति भारत की नीति, सुरक्षा नीति के नाम पर बेची जा रही एक लोकलुभावन रणनीति है।” हालांकि, इसी प्रस्ताव पर नवंबर में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के छात्रों के बीच एक अलग और वास्तविक बहस हुई थी, जिसमें भारतीय पक्ष ने पाकिस्तानी दलीलों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इस बहस का नेतृत्व मुंबई में जन्मे और ऑक्सफोर्ड में कानून की पढ़ाई कर रहे वीरांश भानुशाली ने किया। वीरांश भानुशाली ने अपना भाषण 26/11 मुंबई आतंकी हमलों की अपनी स्मृतियों से शुरू किया। उन्होंने बताया कि कैसे उनका परिवार और पूरा मुंबई उन तीन रातों में दहशत के साए में जी रहा था। उन्होंने कहा, “सीएसएमटी उन जगहों में से एक था, जहां मेरे घर की एक सदस्य रोज गुजरती थीं। किस्मत से वह उस रात बच गईं, लेकिन 166 लोग नहीं बच सके।” उन्होंने बताया कि 1993 के मुंबई बम धमाके उनके घर से महज 200 मीटर दूर हुए थे। भानुशाली े कहा, “मैं आतंक की छाया में बड़ा हुआ हूं।” भारतीय छात्र ने पाकिस्तान द्वारा भारत की सुरक्षा नीति को चुनावी राजनीति बताने पर करारा जवाब देते हुए कहा, “इस बहस को जीतने के लिए मुझे बयानबाजी नहीं, सिर्फ़ एक कैलेंडर चाहिए।” उन्होंने 1993, 2008 (26/11), पठानकोट, उरी और पुलवामा जैसे आतंकी हमलों की तारीखें गिनाते हुए पूछा, “क्या हर आतंकी हमले के पीछे चुनाव था? नहीं। आतंक वोट के लिए नहीं आया, वह इसलिए आया क्योंकि पाकिस्तान की धरती से उसे संरक्षण मिला।” भानुशाली ने कहा कि अगर भारत लोकलुभावन नीति अपनाता, तो 26/11 के बाद ही युद्ध छेड़ देता। उन्होंने कहा, “लेकिन उस समय की सरकार ने संयम दिखाया, कूटनीति अपनाई, दुनिया को सबूत सौंपे। नतीजा क्या हुआ? पठानकोट, उरी और पुलवामा।” उन्होंने मौजूदा हालात का जिक्र करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को चुनावी स्टंट बताना तथ्यों से परे है, क्योंकि उस समय चुनाव समाप्त हो चुके थे। पाकिस्तान पर तीखा हमला बोलते हुए भानुशाली ने कहा, “भारत जब कार्रवाई करता है, तो पायलटों की डी-ब्रीफिंग होती है। पाकिस्तान में गीतों की ऑटो-ट्यूनिंग होती है। जब आप अपने लोगों को रोटी नहीं दे सकते, तो उन्हें युद्ध का सर्कस दिखाते हैं।” उन्होंने साफ कहा कि भारत युद्ध नहीं चाहता, लेकिन जब तक आतंक को विदेश नीति के हथियार की तरह इस्तेमाल किया जाता रहेगा, तब तक भारत अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा। पाकिस्तानी पक्ष का नेतृत्व करने वाले मूसा हर्राज पाकिस्तान के रक्षा उत्पादन मंत्री मुहम्मद रजा हयात हर्राज के बेटे हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर विशेषज्ञों वाली बहस को विफल कराकर पाकिस्तान की जीत का नैरेटिव गढ़ा। इस विवाद को लेकर भारत की ओर से आमंत्रित वक्ता जे साई दीपक और प्रियंका चतुर्वेदी ने भी खुलासा किया कि भारतीय पक्ष को आखिरी वक्त पर सूचना देकर जानबूझकर आने से रोका गया। हालांकि छात्रों की बहस का वीडियो अब सामने आया है और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वीरांश भानुशाली की दलीलों को व्यापक समर्थन मिल रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि यह बहस एक बार फिर साबित करती है कि आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान का नैरेटिव तथ्यों के सामने टिक नहीं पाता, चाहे मंच कितना ही प्रतिष्ठित क्यों न हो।  

कड़ाके की सर्दी में बड़ा फैसला, पहली से आठवीं तक सभी स्कूलों में छुट्टी

पटना बिहार में लगातार बढ़ रही ठंड और घने कोहरे के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। वहीं, ठंड के बढ़ते असर को देखते हुए जहानाबाद जिला प्रशासन ने बड़ा  फैसला लिया है। जिले में कक्षा 1 से 10वीं तक के सभी स्कूल बंदकर दिए गए हैं। 27 दिसंबर तक बंद रहेंगे स्कूल बता दें कि यह आदेश 24 दिसंबर से प्रभावी होकर 24 दिसंबर 2025 तक लागू रहेगा। जिला पदाधिकारी अलंकृता पांडे द्वारा जारी पत्र के अनुसार, कक्षा 1 से लेकर कक्षा 8 वीं तक के सभी सरकारी स्कूल, निजी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र 24 से 27 दिसंबर तक बंद कर दिए गए हैं। वहीं, बाकी कक्षाएं सुबह 10 से 2 बजे तक चलेंगी। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ठंड में अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। डीएम की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, भीषण ठंड की वजह से बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। बच्चे बीमार पड़ सकते हैं। एहतियातन प्रशासन ने जिले के सभी निजी एवं सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में कक्षा 8 तक की शैक्षणिक गतिविधियों पर 27 दिसंबर तक रोक लगाने का आदेश जारी किया है। गौरतलब हो कि मौसम विभाग के अनुसार, बिहार के 14 जिलों में शीत दिवस की स्थिति बनी हुई है और अगले 3 से 4 दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ठंड में अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें।