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यात्रियों के लिए बड़ा अपडेट: इंडिगो ने 130 उड़ानें रद्द की, 94 रूट्स प्रभावित

नई दिल्ली केंद्र सरकार और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के सख्त निर्देशों के बाद इंडिगो (IndiGo) ने अपनी घरेलू उड़ानों में कटौती कर दी है. इंडियन एक्‍सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, इंडिगो ने अपने दैनिक शेड्यूल में लगभग 10 फीसदी की कटौती करते हुए 94 अलग-अलग रूट्स पर अपनी करीब 130 फ्लाइट्स को रोक दिया है. इंडिगो ने दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-बेंगलुरु और मुंबई-बेंगलुरु जैसे व्यस्‍त रूटों पर उड़ानों की संख्या में कोई कटौती नहीं की है. वहीं देश प्रमख हवाई अड्डों में बेंगलुरु से सबसे ज्‍यादा उड़ानों में कटौती की गई है. इंडिगो अब प्रतिदिन कुल 2,200 उड़ानों (घरेलू + अंतरराष्ट्रीय) के स्तर पर खुद को स्थिर करने की कोशिश कर रहा है. पहले यह संख्या 2,300 के पार थी. सूत्रों का कहना है कि यह न्‍यू नॉर्मल मार्च 2026 तक जारी रह सकता है. दिसंबर की शुरुआत में इंडिगो ने जो शेड्यूल फाइल किया था और 29 दिसंबर के लिए जो संशोधित शेड्यूल सामने आया, उनमें जमीन-आसमान का अंतर है. दिसंबर की शुरुआत में इंडिगो ने 29 दिसंबर के लिए 2,008 घरेलू उड़ानों की योजना बनाई थी, लेकिन नए अपडेटेड चार्ट में यह संख्या घटकर 1,878 रह गई है. इंडिगो के इस नए शेड्यूल की सबसे दिलचस्प बात यह है कि एयरलाइन ने अपने ‘कैश काउ’ यानी सबसे ज्यादा कमाई कराने वाले और व्यस्ततम रूट्स को पूरी तरह सुरक्षित रखा है. यह कटौती दिसंबर की शुरुआत में आए बड़े ऑपरेशनल व्यवधान के बाद की गई, जिसके चलते कुछ ही दिनों में हजारों उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं. दिल्‍ली से इंडिगो ने नहीं की फ्लाइट कम इंडिगो के सबसे बड़े बेस दिल्ली से एक भी उड़ान कम नहीं की गई है. वहीं, सपनों के शहर मुंबई में केवल दो उड़ानों (एक आने वाली और एक जाने वाली) की कटौती हुई है. दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-बेंगलुरु और मुंबई-बेंगलुरु जैसे हाई-ट्रैफिक रूट्स पर उड़ानों की संख्या जस की तस बनी हुई है. दिल्ली-मुंबई रूट पर आज भी 20-20 उड़ानें शान से उड़ान भर रही हैं. इस कटौती की सबसे ज्यादा मार कम दूरी वाले यानी शॉर्ट-हॉल रूट्स पर पड़ी है. इसमें एक ही राज्य के भीतर चलने वाली या पड़ोसी राज्यों के शहरों को जोड़ने वाली उड़ानें शामिल हैं. किस एयरपोर्ट पर हुई सबसे ज्‍यादा कटौती बेंगलुरु में सबसे अधिक परिचालन संबंधी बदलाव देखे गए हैं. 29 दिसंबर के शेड्यूल में बेंगलुरु से जुड़ी 52 उड़ानों (26 प्रस्थान और 26 आगमन) को हटा दिया गया है.     बेंगलुरु: 52 उड़ानें कम     हैदराबाद: 34 उड़ानें कम     चेन्नई: 32 उड़ानें कम     कोलकाता: 22 फ्लाइट्स कम     अहमदाबाद : 22 उड़ानें कम इस रूट पर सबसे ज्‍यादा कटौती इंडिगो ने इस छंटनी को बहुत ही सूक्ष्म तरीके से अंजाम दिया है. चेन्नई-मदुरै और मदुरै-चेन्नई रूट पर सबसे बड़ी कटौती हुई है, जहां 8 उड़ानों की जगह अब केवल 3 उड़ानें रह गई हैं. गोवा-सूरत और चेन्नई-दुर्गापुर जैसे कुछ रूट्स ऐसे भी हैं, जहां चलने वाली इकलौती फ्लाइट को भी हटा दिया गया है, जिससे फिलहाल इन शहरों के बीच इंडिगो का संपर्क टूट गया है. कटौती के बीच इंडिगो ने दिल्ली-नागपुर और दिल्ली-हैदराबाद जैसे कुछ महत्वपूर्ण रूट्स पर एक-एक अतिरिक्त उड़ान जोड़ी भी है, ताकि हाई-डिमांड वाले क्षेत्रों में पकड़ बनी रहे. क्या यह 10% कटौती के आदेश का पालन है? तकनीकी रूप से देखें तो 2,008 से 1,878 उड़ानों पर आना करीब 6.5% की कमी है. हालांकि, विमानन सूत्रों का कहना है कि इंडिगो पूरी तरह नियमों का पालन कर रही है. दरअसल, DGCA की 10% कटौती एयरलाइन के ‘स्वीकृत विंटर शेड्यूल’ पर लागू होती है, जो लगभग 2,145 दैनिक उड़ानों का था. इस आधार पर अनुमत उड़ानों की संख्या 1,930 के करीब आती है. चूंकि इंडिगो अभी 1,878 उड़ानें ही संचालित कर रहा है, इसलिए वह निर्धारित सीमा के भीतर ही है. एयरलाइंस अक्सर परिचालन में लचीलापन रखने के लिए स्वीकृत कोटा से कम उड़ानें ही चलाती हैं. अंतरराष्ट्रीय उड़ानें कटौती से बेअसर राहत की बात यह है कि DGCA का यह आदेश केवल घरेलू उड़ानों के लिए था. इंडिगो का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, जो प्रतिदिन 300 से अधिक उड़ानों का है, इस कटौती से पूरी तरह अछूता है. एयरलाइन विदेशों के लिए अपनी सेवाओं को उसी आक्रामकता और फ्रीक्वेंसी के साथ जारी रखे हुए है. क्रू की उपलब्धता और नेटवर्क मैनेजमेंट एविएशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह कटौती केवल नियामक के दबाव में नहीं है, बल्कि यह एयरलाइन के लिए ‘आत्मनिरीक्षण’ का समय भी है. पिछले कुछ हफ्तों में भारी ऑपरेशनल व्यवधान और हजारों उड़ानों के रद्द होने से इंडिगो की साख पर सवाल उठे थे. अब, रूट्स की दूरी और क्रू की उपलब्धता के आधार पर शेड्यूल को दोबारा सेट किया गया है ताकि भविष्य में अचानक उड़ानें रद्द करने की नौबत न आए.  

अलेक्स की पढ़ाई का जुनून: 4 साल का बच्चा पेट्रोल पंप पर पढ़ता, वीडियो देख सरकार भी पसीज गई

रांची  झारखंड की राजधानी रांची में आजकल पेट्रोल पंप पर पढ़ते हुए बच्चे का वीडियो काफी वायरल हो रहा है. दरअसल, यह बच्चा एलेक्स मुंडा है, जिसकी मां उसी पेट्रोल पंप में काम करती है. एलेक्स ने बताया कि उसने अपने पिता को कभी देखा ही नहीं. उसकी मां पुनीता बताती हैं कि 4 साल पहले ही उनके पति की मौत हो गई थी. बच्चे ने तो अपने पिता को देखा भी नहीं है. पेट्रोल पंप की रोशनी में पढ़ाई करता है बच्चा पुनीता ने बताया कि वे खपड़े के घर में रहते हैं और पेट्रोल पंप की रोशनी में एलेक्स पढ़ाई करता है. घर में पढ़ने के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं है. पढ़ाई का ऐसा जुनून है कि कहीं भी पढ़ लेता है. बड़ा होकर कलेक्टर बनना चाहता है. मुझे कभी इसे पढ़ने के लिए कहना नहीं पड़ता, जहां रोशनी मिलती है, वहीं किताब खोलकर बैठ जाता है. एक वीडियो ने रातों-रात कर दिया वायरल दरअसल, रांची के सुकुरहुत्तु चौधरी फ्यूल पेट्रोल पंप में पुनीता काम करती हैं और एलेक्स भी वहीं पेट्रोल पंप पर बैठकर पढ़ रहा था. इसी दौरान एक व्यक्ति ने उसका वीडियो ट्विटर पर डाल दिया और सीएम को टैग कर दिया. इसके बाद सीएम ने संज्ञान लेते हुए रांची डीसी को निर्देश दिया कि इस बच्चे की तुरंत मदद की जाए. इसके बाद डीसी ने बच्चे को हर महीने सरकारी फंड से 4 हजार रुपये देने का आश्वासन दिया है. सारे लोगों ने मोड़ लिया मुंह पुनीता बताती हैं कि उनके पास संपत्ति के नाम पर सिर्फ उनका 4 साल का बच्चा है, और कोई नहीं, सारे रिश्तेदारों ने मुंह मोड़ लिया. बस यह खपड़े का छोटा सा घर और बेटा ही उनके पास है. मैं इसे पढ़ा-लिखाकर काबिल बनाना चाहती हूं. इसी वजह से पेट्रोल पंप में काम करती हूं, जिससे कुछ पैसे मिल जाते हैं. लगभग सारे पैसे इसकी पढ़ाई में ही खर्च हो जाते हैं. अब सरकार से जो मदद मिलेगी, उससे काफी सहारा मिलेगा. बड़ा होकर कलेक्टर बनूंगा एलेक्स ने बताया कि वह बड़ा होकर कलेक्टर बनना चाहता है, डीसी बनना है. जिस तरह डीसी साहब ने गरीब बच्चों की मदद की और मेरी मदद की, वैसे ही मैं भी सबकी मदद करूंगा. यूपीएससी की परीक्षा दूंगा और इसके लिए दिन-रात मेहनत करके पढ़ाई करूंगा, मम्मी का सहारा बनूंगा. पापा को तो नहीं देखा है, लेकिन मम्मी के लिए सब कुछ करना है और गरीबों के लिए भी.  

न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे: पंत से पांड्या तक तीन बड़े खिलाड़ी टीम से बाहर होने की संभावना

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) जल्द ही न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान करने वाला है. इस सीरीज में रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे सीनियर खिलाड़ी एक बार फिर नीली जर्सी में नजर आ सकते हैं. वहीं शुभमन गिल को वनडे टीम की कप्तानी सौंपी जा सकती है. हालांकि, टीम के ऐलान से पहले यह चर्चा तेज है कि कुछ बड़े नाम इस सीरीज से बाहर रह सकते हैं. खास तौर पर वर्कलोड मैनेजमेंट और हालिया चयन नीति को देखते हुए तीन स्टार खिलाड़ियों पर सवाल उठ रहे हैं. ऋषभ पंत की वनडे टीम में वापसी मुश्किल? विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत का न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे टीम में चयन मुश्किल नजर आ रहा है. पंत 2024 के बाद से भारतीय वनडे टीम से बाहर हैं. इंग्लैंड सीरीज, चैंपियंस ट्रॉफी और ऑस्ट्रेलिया व दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबलों में भी वह बेंच पर बैठे नजर आए. ऐसे में BCCI विकेटकीपिंग के लिए केएल राहुल, संजू सैमसन, ईशान किशन या जितेश शर्मा जैसे खिलाड़ियों पर भरोसा जता सकता है. हार्दिक पंड्या को मिल सकता है आराम हार्दिक पंड्या पूरी तरह फिट हैं और चयन के लिए भी उपलब्ध हैं. इसके बावजूद उन्हें इस वनडे सीरीज में टीम से बाहर रखा जा सकता है. भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के बाद पांच मैचों की टी20 सीरीज भी खेलनी है. साथ ही टी20 वर्ल्ड कप 2026 को ध्यान में रखते हुए BCCI हार्दिक के वर्कलोड को लेकर सतर्क है. ऐसे में संभावना है कि उन्हें वनडे से ब्रेक देकर टी20 सीरीज पर फोकस कराया जाए. क्यों बाहर हो सकते हैं बुमराह-हार्दिक? दरअसल, बुमराह और हार्दिक दोनों ही टी20 फॉर्मेट में भारत के सबसे अहम खिलाड़ी हैं. इन दोनों ने साल 2024 में भारत को टी20 वर्ल्ड चैंपियन बनाने में अहम रोल निभाया था. खासकर फाइनल में जैसी गेंदबाजी की थी, उससे साउथ अफ्रीका के खिलाफ 15 ओवर के बाद मैच का रुख पलट गया था. ऐसे में टीम मैनेजमेंट नहीं चाहता कि वर्ल्ड कप से ठीक पहले इन दोनों पर अतिरिक्त बोझ पड़े. वनडे सीरीज से अगर हार्दिक और बुमराह बाहर रहते हैं, तो दोनों खिलाड़ी 21 जनवरी से न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज में वापसी करेंगे. यह सीरीज टी20 वर्ल्ड कप से पहले भारत की तैयारियों का अहम हिस्सा मानी जा रही है. घरेलू क्रिकेट खेल सकते हैं हार्दिक अगर हार्दिक वनडे टीम से बाहर होते हैं, तो फिर वो घरेलू क्रिकेट में नजर आ सकते हैं. वह विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में बड़ौदा की ओर से कम से कम दो मुकाबले खेल सकते हैं. यह फैसला BCCI के उस निर्देश से जुड़ा है, जिसमें सीनियर खिलाड़ियों के लिए घरेलू टूर्नामेंट खेलना जरूरी बताया गया था. हालांकि, जसप्रीत बुमराह को फिटनेस कारणों से इस नियम में छूट दी गई है. ऋषभ पंत को क्यों किया जा सकता है बाहर? हार्दिक और बुमराह के अलावा टीम से ड्रॉप होने वाले तीसरे खिलाड़ी का नाम ऋषभ पंत हो सकता है. खबरें हैं कि खराब फॉर्म के चलते पंत को वनडे टीम से ड्रॉप किया जा सकता है. उनकी जगह घरेलू क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन करने वाले ईशान किशन की वापसी लगभग तय मानी जा रही है. अब सभी को 3 या 4 जनवरी का इंतजार है, जब टीम इंडिया का ऐलान होगा.  जसप्रीत बुमराह भी हो सकते हैं बाहर तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का नाम भी उन खिलाड़ियों में शामिल है जिन्हें वनडे सीरीज से आराम दिया जा सकता है. ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद से बुमराह को वनडे मुकाबलों से दूर रखा गया है. BCCI पहले से ही उनका वर्कलोड मैनेज कर रहा है ताकि वह बड़े टूर्नामेंट्स के लिए पूरी तरह फिट रहें. हालांकि, यह तय माना जा रहा है कि बुमराह न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में खेलते नजर आएंगे. संभावित टीम में दिख सकता है नया कॉम्बिनेशन शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, यशस्वी जायसवाल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर/तिलक वर्मा, रुतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा/अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, नितीश कुमार रेड्डी, आर्शदीप सिंह/प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज, हर्षित राणा, कुलदीप यादव.   

बाल विवाह बच्चों के भविष्य से खिलवाड़, इसे रोकना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी: सीएम विष्णुदेव साय

रायपुर : बाल विवाह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, इसे रोकना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को करेगा जागरूक रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  फरसाबहार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर से बाल विवाह मुक्त जशपुर अभियान रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह जागरूकता रथ जिले के शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में भ्रमण कर लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और इसे रोकना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह की आशंका हो तो बिना झिझक 1098 पर सूचना दें और इस सामाजिक बुराई के रोकथाम में सहभागी बनें।  इस अभियान रथ के माध्यम से नागरिकों को बाल विवाह से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान, विवाह की वैधानिक न्यूनतम आयु तथा बाल विवाह निषेध अधिनियम के अंतर्गत कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य समाज में सकारात्मक सोच विकसित कर बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त करना है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, कमिश्नर नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे। रथ पर 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है, ताकि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिलने पर नागरिक तत्काल इस हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दे सकें। सूचना प्राप्त होते ही  बाल विवाह प्रतिषेध की संयुक्त टीम  के द्वारा त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। गौरतलब है कि 1098 हेल्पलाइन के माध्यम से बच्चों से जुड़ी अन्य समस्याओं का समाधान भी किया जाता है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने फरसाबहार, कुनकुरी और मनोरा में पोषण पुनर्वास केंद्रों का किया शुभारंभ

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने फरसाबहार, कुनकुरी और मनोरा में पोषण पुनर्वास केन्द्र का किया शुभारंभ सीएचसी फरसाबहार में निर्माणाधीन सत्य साईं मातृत्व-शिशु चिकित्सालय का किया मुआयना स्वास्थ्य सुविधा के विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर सीएचसी फरसाबहार में निर्माणाधीन सत्य साईं मातृत्व-शिशु चिकित्सालय का किया मुआयनामुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसाबहार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान फरसाबहार के साथ-साथ कुनकुरी एवं मनोरा में स्थापित किए गए पोषण पुनर्वास केंद्रों का शुभारंभ किया। इन तीनों पुनर्वास केंद्रों को 10-10 बिस्तरों की सुविधा के साथ प्रारंभ किया गया है। इनके शुभारंभ के साथ ही जशपुर जिले में पोषण पुनर्वास केंद्रों की संख्या 6 हो गई है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कुपोषित बच्चों की माताओं से बच्चों के स्वास्थ्य और उनके ईलाज के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री इस मौके पर बच्चों के लिए पोषण कीट के साथ खिलौने भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने सीएचसी फरसाबहार में निर्माणाधीन सत्य साईं मातृत्व शिशु चिकित्सालय का मुआयना किया। यह हॉस्पिटल मुख्यमंत्री साय के विशेष प्रयासों से बन रहा है, इससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध हो सकेंगी। इसमें नवजात शिशुओं एवं बच्चों के उपचार के साथ-साथ गर्भवती माताओं के लिए भी ऑपरेशन सहित सभी आवश्यक चिकित्सकीय सेवाएँ विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएँगी।     इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। इसी दिशा में जिले में मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज का निर्माण कार्य भी किया जा रहा है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, कमिश्नर नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

हनुमंत कथा के चौथे दिन उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा हुए शामिल, पं. धीरेंद्र शास्त्री से लिया आशीर्वाद

रायपुर : हनुमंत कथा के चौथे दिवस उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा हुए शामिल, पं. धीरेंद्र शास्त्री से लिया आशीर्वाद रायपुर जयंती स्टेडियम में आयोजित पांच दिवसीय हनुमंत कथा के चौथे दिवस  बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र शास्त्री की कथा में छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा शामिल हुए।  उप मुख्यमंत्री शर्मा व्यासपीठ की आरती में भाग लेकर पं. धीरेंद्र शास्त्री से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, राजनांदगांव सांसद संतोष पाण्डेय तथा पूर्व सांसद सुसरोज पाण्डेय भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन धरती की ओर से एवं राज्य सरकार की तरफ से वे पं. धीरेंद्र शास्त्री महाराज के चरणों में नमन और अभिनंदन करते हैं। उन्होंने कहा कि महाराज के छत्तीसगढ़ आगमन से समाज में सकारात्मक चर्चा होती है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे जब भी महाराज के कार्यक्रमों में शामिल हुए हैं, उन्होंने समाज में व्याप्त ऊंच-नीच के भेदभाव को दूर करने के लिए उनके सतत प्रयास देखे हैं। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि पं. धीरेंद्र शास्त्री समाज में समरसता, एकता और देश को एक साथ आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे हैं। सनातन संस्कृति की प्रतिष्ठा और जन-जागरूकता के लिए उनके प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की भावना है कि महाराज का छत्तीसगढ़ में बार-बार आगमन हो और उनका मार्गदर्शन मिलता रहे।  उप मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के मुद्दे पर भी बात करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के समापन के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है और इस दिशा में महाराज की चिंता रहती है और मार्गदर्शन भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने भविष्य में पुनः महाराज के छत्तीसगढ़ आगमन की कामना की।

भीषण शीतलहर के चलते यूपी में 12वीं तक के स्कूल 1 जनवरी तक बंद, सीएम योगी ने दिए सख्त निर्देश

भीषण शीतलहर का कहर: यूपी में 12वीं तक के सभी स्कूल 1 जनवरी तक बंद, सीएम योगी के सख्त निर्देश गोरखपुर उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और भीषण शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़े कदम उठाए हैं। सीएम ने प्रदेश के सभी बोर्डों (ICSE, CBSE और यूपी बोर्ड) के कक्षा 12वीं तक के स्कूलों को 1 जनवरी तक बंद करने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि शीतलहर के दौरान बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मैदान में उतरें अफसर, सुनिश्चित करें व्यवस्थाएं मुख्यमंत्री ने शासन और प्रशासन के आला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे स्वयं क्षेत्रों में भ्रमणशील रहकर जमीनी हकीकत का जायजा लें। सीएम ने कहा कि भीषण ठंड को देखते हुए हर जिले के सार्वजनिक स्थलों पर अलाव और कंबलों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। 'कोई भी खुले में न सोए' मुख्यमंत्री ने रैन बसेरों के संचालन को लेकर अधिकारियों को विशेष हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि:  * प्रदेश में कोई भी व्यक्ति कड़ाके की ठंड में खुले में सोने को मजबूर न हो।  * सभी रैन बसेरों में बिछौने, कंबल और साफ-सफाई समेत सभी आवश्यक सुविधाएं पुख्ता की जाएं।  * अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि जरूरतमंदों को समय पर राहत सामग्री और आश्रय प्राप्त हो।

उत्तर प्रदेश पुलिस का #यूपी_पुलिस_मंथन हैशटैग विश्व के टॉप ट्रेंड में शामिल

विश्व के टॉप ट्रेंड में रहा उत्तर प्रदेश पुलिस का हैशटैग #यूपी_पुलिस_मंथन लखनऊ  माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश, श्री योगी आदित्यनाथ जी की अध्यक्षता में दिनांक 27 एवं 28 दिसंबर 2025 को लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का सम्मेलन "पुलिस मंथन" से सम्बन्धित विभिन्न गतिविधियों की फोटो एवं वीडियो को उत्तर प्रदेश पुलिस के समस्त जनपदों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर साझा करके पोस्ट किया गया।      पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, श्री राजीव कृष्ण के निर्देशन में उक्त सम्मेलन से सम्बन्धित हैशटैग #यूपी_पुलिस_मंथन को उत्तर प्रदेश पुलिस @UPPolice ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया । यह हैशटैग दिनांक 28-12-2025 को शाम 05:30 बजे सूचीबद्ध हुआ और कुछ ही समय में विश्व के टॉप ट्रेंडिंग लिस्ट में नंबर-01 पर पहुँच गया । शाम 05:45 बजे से 08:45 बजे तक हैशटैग #यूपी_पुलिस_मंथन लगातार विश्व के ट्रेंडिंग लिस्ट में टॉप 5 में शामिल रहा । इस दौरान इस पर 47 हज़ार से अधिक ट्वीट्स किए गए, जिसे लगभग 38.6 मिलियन की रीच, 02 लाख 46 हजार Views और 1.78 बिलियन इंप्रेशन प्राप्त हुए हैं । उल्लेखनीय है कि पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 के निर्देशन में दिनांक 27 दिसंबर को हैशटैग #पुलिस_मंथन और 28 दिसम्बर को हैशटैग #यूपी_पुलिस_मंथन विश्व के टॉप ट्रेंड में लगातार 02 घण्टे से अधिक समयावधि के लिए नंबर 01 पर रहे हैं ।

वुमेंस टी20 इतिहास में पहली बार: 412 रन बने, शतक नहीं कोई! इंडिया-श्रीलंका मैच में रिकॉर्ड

नई दिल्ली इंडिया वर्सेस श्रीलंका चौथे टी20 मैच के दौरान एक ऐसा कारनामा हुआ, जो वुमेंस टी20 क्रिकेट के इतिहास में आज तक नहीं हुआ। भारत ने इस मैच में पहले बैटिंग करते हुए अपने टी20 क्रिकेट के इतिहास का 221 रनों का सबसे बड़ा स्कोर बनाया। इस दौरान स्मृति मंधाना ने 80 तो शेफाली वर्मा ने 79 रनों की धमाकेदार पारी खेली। इस स्कोर का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम निर्धारित 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 191 ही रन बना सकी। श्रीलंका के लिए कप्तान चमीरा अट्टापट्टू ने 53 रनों की सर्वाधिक पारी खेली। दोनों टीमों ने मिलकर इस मैच में 412 रन बनाए, मगर किसी बल्लेबाज ने शतक नहीं जड़ा। WT20I क्रिकेट के इतिहास का यह दोनों टीमों का मिलाकर सबसे बड़ा स्कोर है, जब किसी बैटर ने शतक ना जड़ा हो। जब इतने रन टी20 में बनते हैं तो कोई एक ना एक तो बैटर शतक जड़ता है, मगर इस मैच के दौरान ऐसा नहीं हुआ। वहीं एक्सट्रा रन हटा भी दिए जाए तो भी यह वर्ल्ड रिकॉर्ड है। श्रीलंका ने 6 तो भारत ने 11 अतिरिक्त रन दिए थे। जिसमें वाइड, नो, लेग बाय और बाय जैसे रन शामिल होते हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सभी रन भारतीय सरजमीं पर आए हैं। एक मैच में बिना सेंचुरी के बल्लेबाजों द्वारा सबसे ज्यादा रन (महिला T20I) 395 – IND बनाम SL तिरुवनंतपुरम में, आज 356 – IND बनाम AUS मुंबई में, 2022 356 – IND बनाम WI मुंबई में, 2024 354 – IND बनाम AUS मुंबई में, 2022 350 – IND बनाम SA चेन्नई में, 2024 बात मैच की करें तो, इस बार टॉस का सिक्का श्रीलंकाई कप्तान की झोली में गिरा और उन्होंने तुरंत गेंदबाजी करने का फैसला लिया। भारत ने पारी की शुरुआत से ही उनके इस फैसले को गलत साबित किया। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की रिकॉर्ड पार्टनरशिप ने भारत को तूफानी शुरुआत दिलाई। दोनों ने 15.2 ओवर में 162 रन जोड़े। इसके बाद नंबर-3 पर आईं ऋचा घोष ने 16 गेंदों पर 40 रन बनाकर श्रीलंका को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी 16 रनों की नाबाद पारी खेली। 222 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए श्रीलंकाई टीम निर्धारित 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 191 रन ही बना सकी। कप्तान चमीरा अट्टापट्टू ने 52 रनों की सर्वाधिक पारी खेली।

दिल्ली में होगा नितिन नबीन का नया पता, नए साल से बदल जाएगा आशियाना

नई दिल्ली  भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन नए साल में पूरी तरह से दिल्ली शिफ्ट हो जाएंगे. सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में उनके नए आशियाने की तलाश पूरी हो चुकी है और वह सुनेहरी बाग रोड स्थित बंगला नंबर 9 में रहने के लिए शिफ्ट होंगे. बीजेपी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, मकर संक्रांति के बाद नितिन नबीन अपने नए आवास में प्रवेश करेंगे. उनके दिल्ली शिफ्ट होने को पार्टी के संगठनात्मक स्तर पर एक अहम कदम माना जा रहा है.   मकर संक्रांति के बाद बुलाई जा सकती है प्रदेश अध्यक्षों की बैठक सूत्रों का कहना है कि नितिन नबीन के दिल्ली शिफ्ट होते ही बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया में तेजी आएगी. पार्टी के अंदर इस बात की भी चर्चा है कि मकर संक्रांति के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर प्रदेश अध्यक्षों की एक अहम बैठक बुलाई जा सकती है. बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, जनवरी के तीसरे से चौथे हफ्ते के बीच राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया पूरी कराई जा सकती है. नितिन नबीन को बीजेपी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाना लगभग तय है.