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दिल्ली में घने कोहरे से 100 ट्रेनें लेट, एयरपोर्ट पर विमानों का संचालन सामान्य

 नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली भीषण सर्दी से ठिठुर रही है. विजिबिलिटी कम है, एक्यूआई का स्तर गंभीर श्रेणी में बना हुआ है और यातायात भी प्रभावित हो रहा है. घने कोहरे और कम विजिबिलिटी के कारण सड़कों पर वाहन रेंग रहे हैं, वहीं ट्रेन परिचालन भी प्रभावित हो रहा है. कोहरे के कारण करीब सौ ट्रेनें लेट चल रही हैं. कोहरे के कारण ट्रेन परिचालन पर पड़ रहे असर को लेकर रेलवे ने बयान जारी किया है. भारतीय रेलवे की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक  करीब सौ ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं. वहीं, कम से कम ट्रेनों के रूट बदले गए हैं. ट्रेनों की लेट-लतीफी के कारण इनमें यात्रा कर रहे यात्री परेशान हैं. हालांकि, दिल्ली एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही सामान्य हो गई है. दिल्ली एयरपोर्ट पर विमानों के टेकऑफ या लैंडिंग में किसी तरह की कोई समस्या नहीं है और फ्लाइट ऑपरेशंस सामान्य हैं. दिल्ली एयरपोर्ट ने बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है. एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से जारी बयान में यह भी कहा गया है कि हमारे कर्मचारी यात्रियों की सहायता करने और उन्हें जरूरी सपोर्ट उपलब्ध करा रहे हैं. एयरपोर्ट ने अपनी फ्लाइट की अपडेटेड जानकारी के लिए एयरलाइंस से संपर्क करने की अपील भी यात्रियों से की है. गौरतलब है कि दिल्ली में घने कोहरे के कारण कई जगह विजिबिलिटी बहुत कम रह गई थी. सुबह-सुबह कई जगह विजिबिलिटी सौ मीटर से भी कम रही. इसकी वजह से लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा.     मौसम विभाग ने पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 31 दिसंबर तक घना से बहुत घना कोहरे का अलर्ट दिया     पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 जनवरी 2026 तक घने कोहरे का अलर्ट है     जम्मू और उत्तरी मध्य प्रदेश में 30 दिसंबर और हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार में 5 जनवरी तक घना कोहरा छाया रहेगा     अरुणाचल प्रदेश में 31 दिसंबर तक और असम और मेघालय और नागालैंड, मणिपुर में 3 जनवरी तक घने कोहरे का अलर्ट है.      ओडिशा में 3 जनवरी तक और बंगाल में 31 दिसंबर से 3 जनवरी के दौरान घना कोहरा दिखेगा कोल्ड डे का अलर्ट जारी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में 31 दिसंबर तक कोल्ड डे से लेकर गंभीर शीत दिवस के हालात रहेंगे. यानी भयंकर सर्दी पड़ेगी.हिमाचल प्रदेश में 31 दिसंबर और 1 जनवरी को और उत्तराखंड में 29 और 30 दिसंबर को को शीत लहर का अलर्ट है. पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिचमी मध्य प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी 30-31 दिसंबर तक शीत लहर  के हालात रहने की बहुत अधिक संभावना है. दिल्ली में हवा की गुणवत्ता भी गंभीर और बहुत गंभीर श्रेणी में बनी हुई है. दिल्ली का औसत एक्यूआई 380 के पार है. वहीं, कई एक्यूआई स्टेशनों पर हवा की गुणवत्ता का स्तर 400 के भी पार पहुंच चुका है. दिल्ली से देरी से रवाना होने वाली प्रमुख ट्रेनें ट्रेन का नाम विलंब नई दिल्ली-अमृतसर शान-ए-पंजाब एक्सप्रेस सवा सात घंटे नई दिल्ली-कालका शताब्दी एक्सप्रेस पौने सात घंटे नई दिल्ली-लखनऊ स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस 5.50 घंटे नई दिल्ली-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस 5.25 घंटे नई दिल्ली-दरभंगा हमसफर विशेष पांच घंटे नई दिल्ली-लोहियां खास सरबत दा भला एक्सप्रेस पांच घंटे नई दिल्ली-सोगरिया (कोटा) सुपरफास्ट एक्सप्रेस सवा दो घंटे आनंद विहार टर्मिनल-अयोध्या कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस 5.05 घंटे नई दिल्ली-दरभंगा संपर्क क्रांति एक्सप्रेस एक घंटा पुरानी दिल्ली-जैसलमेर रुनिचा एक्सप्रेस एक घंटा

बोरिंग आउटफिट को दें फैशन ट्विस्ट, स्कार्फ पहनने के ये 7 तरीके आएंगे खूब काम

  सर्दियों में स्कार्फ हर किसी का, खासकर महिलाओं का पसंदीदा एक्सेसरी बन जाता है। यह न सिर्फ आपको ठंड से बचाने के लिए जरूरी है, बल्कि एकदम सिंपल-सोबर कपड़ों को भी स्टाइलिश बनाने का काम करता है। सबसे अच्छी बात यह है कि स्कार्फ को स्टाइल करने में ज्यादा मेहनत नहीं लगती। आप बस इसे गले में लपेटकर बाहर निकल सकते हैं, लेकिन अगर आप अपने विंटर लुक में थोड़ा 'फ्लेयर' और कॉन्फिडेंस जोड़ना चाहते हैं, तो इसे वियर करने के कई आसान और फैशनेबल तरीके मौजूद हैं। इस सीजन में अपने वॉर्डरोब को नया रूप देने के लिए, आप स्कार्फ पहनने के लिए यहां बताए 7 ट्रेंडी तरीके आजमाकर देख सकते हैं। द क्लासिक ड्रेप यह सबसे आसान और सदाबहार तरीका है। बस स्कार्फ को अपनी गर्दन के चारों ओर रखें और दोनों सिरों को सामने की ओर खुला लटकने दें। यह स्टाइल वूलन कोट्स और ब्लेजर्स के साथ बहुत अच्छा लगता है। यह आपको एक ही समय में आरामदायक और 'सोफिस्टिकेटेड' लुक देता है, साथ ही आपको गर्म भी रखता है। द स्नग रैप स्कार्फ को एक बार अपनी गर्दन के चारों ओर लपेटें और सिरों को अपनी जैकेट के अंदर टक कर लें। यह स्टाइल आपको बहुत गर्म रखता है और देखने में बहुत साफ-सुथरा लगता है। यह उन दिनों के लिए बेहतरीन है जब आप ऑफिस जा रहे हों या लंबी सर्दियों की यात्रा कर रहे हों। द पेरिसियन लूप अगर आप अपने लुक में थोड़ा यूरोपियन टच देना चाहते हैं, तो यह स्टाइल आपके लिए है। स्कार्फ को बीच से मोड़कर आधा कर लें, इसे अपनी गर्दन के चारों ओर घुमाएं और खुले सिरों को बने हुए लूप के बीच से निकालें। यह स्टाइल बहुत एलिगेंट लगता है और फॉर्मल विंटर वियर या स्ट्रक्चर्ड कोट्स के साथ खूब जंचता है। द रैप-अराउंड यह तरीका बड़े और मुलायम स्कार्फ के लिए आदर्श है। स्कार्फ को अपनी गर्दन के चारों ओर दो या तीन बार ढीला लपेटें ताकि यह एक 'कोकून' जैसा प्रभाव दे। यह वीकेंड्स, कैजुअल आउटिंग या छुट्टियों में घूमने के लिए एकदम सही है, खासकर जब आपने ओवरसाइज्ड कोट या मोटे स्वेटर पहने हों। द बेल्टेड ड्रेप एक स्टाइलिश और 'स्ट्रीट-स्टाइल' लुक के लिए, स्कार्फ को सामने की ओर सीधा गिरने दें और कमर पर एक बेल्ट लगाकर इसे सुरक्षित करें। यह एक बहुत ही अनोखा लेयर्ड इफेक्ट देता है। यह स्टाइल लंबे कोट्स और एक ही रंग के कपड़ों के साथ सबसे अच्छा लगता है। लूज थ्रो-ऑन एक आरामदायक और रिलैक्स्ड लुक के लिए, स्कार्फ को शॉल की तरह अपने कंधों पर डाल लें। यह कैफे डेट्स, ऑफिस के हल्के दिनों या घर से काम करते समय पहनने के लिए बेहतरीन है। यह स्टाइल स्कार्फ के टेक्सचर और सर्दियों के गहरे रंगों को भी अच्छे से उभारता है। टक्ड-इन लुक स्कार्फ को एक बार गर्दन के चारों ओर लपेटें और सिरों को अपने कोट या जम्पर के नीचे सफाई से टक कर लें। यह आपको एक स्लीक और पॉलिश्ड लुक देता है जो पूरे दिन अपनी जगह पर बना रहता है। यह सर्दियों के लिए एक बिना झंझट वाला बेहतरीन ऑप्शन है। सर्दियों में गर्म रहने के साथ-साथ अगर आप अपने वॉर्डरोब में चार चांद लगाना चाहते हैं, तो ये सात तरीके आपके लुक को तुरंत बदल देंगे। ये स्टाइल्स न केवल गर्मी और आराम देते हैं, बल्कि फैशन का भी एक बेहतरीन उदाहरण पेश करते हैं।  

धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ पर मुकेश छाबड़ा का इमोशनल रिव्यू, अमिताभ के नाती ने किया प्रभावित

मुंबई  बॉलीवुड के दिग्गज दिवंगत एक्टर धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म 'इक्कीस' 1 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है. इस फिल्म से अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा भी अपना बिग स्क्रीन डेब्यू कर रहे हैं. बीती रात मुंबई में फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई, जिसमें बॉलीवुड की तमाम बड़ी हस्तियां पहुंचीं. अब कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने फिल्म का पहला रिव्यू शेयर किया है.  कैसी है धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म 'इक्कीस'? मुकेश छाबड़ा ने X पर शेयर किए अपने पोस्ट में बताया है कि धर्मेंद्र को बड़े पर्दे पर देखना काफी इमोशनल भरा रहा. इस बात पर यकीन कर पाना मुश्किल था कि ये दिग्गज अभिनेता की आखिरी फिल्म है. मुकेश छाबड़ा ने फिल्म का पहला रिव्यू देते हुए कहा- बस अभी 'इक्कीस' देखी. एक ऐसी फिल्म जो पूरी तरह से दिल से बनाई गई है. एक कोमल, ईमानदार कहानी जो खत्म होने के काफी देर बाद भी आपके साथ रहती है. ' 'धर्मेंद्र सर… क्या ग्रेस है, क्या गहराई है. अगर यह आपकी आखिरी फिल्म है, तो यह सचमुच दिल तोड़ने वाली बात है. आपने हमें कुछ बेहद इमोशनल और महत्वपूर्ण दिया है. आपकी कमी खलेगी, सर. जयदीप अहलावत को सलाम. मुझे सच में इसकी उम्मीद नहीं थी, और मुझे ख़ुशी है कि मैं हैरान हुआ.' फिल्म में अगस्त्य ने दी दमदार परफॉर्मेंस मुकेश छाबड़ा ने आगे अमिताभ और जया बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा की परफॉर्मेंस की भी सराहना की है. उन्होंने इंडस्ट्री में अगस्त्य और सिमर भाटिया का वेलकम किया. मुकेश छाबड़ा ने लिखा- अगस्त्य नंदा और सिमर भाटिया का गर्मजोशी से स्वागत, दोनों पर्दे पर बेहद ख़ूबसूरत लगे हैं. मनमोहक आंखें और खूबसूरत केमिस्ट्री. अगस्त्य की मासूमियत और ईमानदारी सचमुच चमकती है. विवान शाह और सिकंदर खेर ने भी शानदार काम किया है.  फिल्म की स्टारकास्ट के अलावा मुकेश छाबड़ा ने डायरेक्टर श्रीराम राघवन की भी जमकर तारीफ की है. उन्होंने लिखा- श्रीराम राघवन वाकई मास्टर हैं. एक दिल को छू लेने वाली फिल्म काफी ईमानदारी से बनाई गई है. बता दें कि फिल्म 'इक्कीस' की स्क्रीनिंग में पूरा देओल परिवार पहुंचा था. पिता की आखिरी फिल्म देख सनी और बॉबी देओल काफी इमोशनल होते नजर आए थे. सलमान खान की आंखें भी नम दिखी थीं. इक्कीस की बात करें तो फिल्म नए साल के मौके पर थिएटर में दस्तक दे रही है, तो आप भी इसे देखना नहीं भूलिएगा. 

बिना वजह बढ़ रहा वजन और एनर्जी हो रही लो? थायराइड के 7 संकेत न करें नजरअंदाज

आजकल थायराइड बहुत कॉमन समस्या होती जा रही है, लेकिन यह कोई आम बीमारी नहीं, बल्कि एक साइलेंट डिसऑर्डर है, जो धीरे-धीरे शरीर के कई हिस्सों को प्रभावित करता है। यह समस्या अब सिर्फ महिलाओं तक ही नहीं सीमित है, बल्कि पुरुषों में भी तेजी से बढ़ रही है। अक्सर लोग थायराइड के लक्षणों को थकान या तनाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही छोटी-छोटी अनदेखियां आगे चलकर बड़ी परेशानी बन सकती हैं। अगर समय रहते इसके संकेत पहचान लिए जाएं, तो इलाज आसान हो जाता है। आइए जानते हैं थायराइड के मुख्य लक्षणों के बारे में। अचानक वजन का बढ़ना या घटना अगर आप अचानक से मोटे या ज्यादा पतले होने लगे हैं, तो यह थायराइड का शुरुआती संकेत हो सकता है। समय रहते इसका इलाज कराना जरूरी है। थकान और कमजोरी थायराइड के मुख्य लक्षणों में से एक थकान और कमजोरी भी है। अगर नींद पूरी होने के बावजूद शरीर में एनर्जी नहीं रहती और हर समय सुस्ती बनी रहती है, तो यह थायराइड हार्मोन के असंतुलन की ओर इशारा करता है। दिल की धड़कन का तेज या धीमा होना अगर बिना किसी वजह के दिल तेजी से धड़कने लगे या असामान्य रूप से धीमी धड़कन महसूस हो, तो यह थायराइड की गंभीर संकेत हो सकती है। मूड स्विंग्स और डिप्रेशन थायराइड की समस्या बढ़ने पर बार-बार चिड़चिड़ापन, घबराहट, एंग्जायटी या डिप्रेशन महसूस होने लगता है। कई बार लोग इसे सिर्फ मानसिक तनाव समझ लेते हैं। बालों का झड़ना और स्किन ड्राई थायराइड से पीड़ित लोगों के बाल अचानक से झड़ने लगते हैं और भौंहों के बाल भी पतले हो जाते हैं। वहीं, स्किन रूखी और बेजान दिखने लगती है। अगर ये लक्षण दिखे तो तुरंत जांच कराएं। ठंड या गर्मी को सहन न कर पाना थायराइड के सबसे आम लक्षणों में से एक शरीर का तापमान बढ़ना या घटना भी है। इसमें आपको बहुत ज्यादा ठंड या हल्की गर्मी में पसीने भी आने लगते हैं। यह शरीर के मेटाबॉलिज्म पर असर का संकेत है। पीरियड्स और फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याएं थायराइड में महिलाओं को अनियमित पीरियड्स, ज्यादा या कम ब्लीडिंग और फर्टिलिटी से जुड़ी परेशानी हो सकती है। वहीं, पुरुषों में भी हार्मोनल असंतुलन देखने को मिलता है।

भारत-न्यूजीलैंड ODI सीरीज से पहले ऑलराउंडर डग ब्रेसवेल ने अचानक लिया संन्यास, 69 अंतर्राष्ट्रीय मैचों का किया प्रतिनिधित्व

नई दिल्ली न्यूजीलैंड के ऑलराउंडर खिलाड़ी डग ब्रेसवेल ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया है. ब्रेसवेल ने 69 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैचों में न्यूजीलैंड टीम का प्रतिनिधित्व किया, जिनमें उन्होंने 120 विकेट लिए और बल्लेबाजी में कुल 915 रन भी बनाए. ब्रेसवेल ने अपना आखिरी अंतर्राष्ट्रीय मैच श्रीलंका के खिलाफ खेला था. डग ब्रेसवेल को हाल ही में रिब इंजरी हुई थी, जिसके बाद उन्होंने क्रिकेट के खेल को अलविदा कहना पड़ा है. सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म X पर न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने भी ब्रेसवेल की रिटायरमेंट की आधिकारिक पुष्टि कर दी है. न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने डग ब्रेसवेल की रिटायरमेंट की पुष्टि करते हुए लिखा, "ऑलराउंडर डग ब्रेसवेल ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया है. ब्रेसवेल ने न्यूजीलैंड के लिए 28 टेस्ट, 21 ODI और 20 टी20 मैच खेले, जिनमें उन्होंने 120 विकेट और 915 रन बनाए. उन्होंने न्यूजीलैंड की ऑस्ट्रेलिया पर ओबार्ट में आई आखिरी टेस्ट जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उन्होंने दूसरी पारी में 40 रन देकर 6 विकेट लेकर न्यूजीलैंड को 7 रनों से यादगार जीत दिलाई थी. डग, आपको एक बेहतरीन करियर के लिए बधाई." डग ब्रेसवेल ने अपनी रिटायरमेंट पर कहा कि न्यूजीलैंड के लिए क्रिकेट खेलना उनके लिए सबसे बड़े गर्व का विषय रहा. अपने फर्स्ट-क्लास करियर में उन्होंने 137 मैचों में 422 विकेट लिए. अपने लंबे फर्स्ट-क्लास करियर में उन्होंने 3 शतक और 24 अर्धशतक समेत 4,505 रन भी बनाए. आपको बता दें कि कुछ ही दिन में भारत बनाम न्यूजीलैंड वनडे सीरीज शुरू होने वाली है. भारत बनाम न्यूजीलैंड वनडे सीरीज का आगाज 11 जनवरी से होगा. डग ब्रेसवेल ने भारत के खिलाफ 4 वनडे और 2 टेस्ट मैचों में कुल मिलाकर 5 विकेट लिए थे.

पौष पुत्रदा एकादशी 2025: भूलकर भी न करें इन वस्तुओं का दान, वरना बढ़ सकती हैं परेशानियां

सनातन धर्म में एकादशी की तिथि बहुत विशेष मानी गई है. ये तिथि जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित है. एकादशी पर भगवान विष्णु का विशेष पूजन और व्रत करने का विधान है. हर माह में दो एकादशी व्रत पड़ते हैं. एक कृष्ण और दूसरा व्रत शुक्ल पक्ष की एकादशी को पड़ता है. पौष मास की शुक्ल पक्ष में पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत पड़ता है. इसके नाम से साफ है कि ये व्रत संतान के जीवन में खुशहाली और प्रगति के लिए रखा जाता है. पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत रखने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है. घर में धन और वैभव बना रहता है. हालांकि शास्त्रों के अनुसार, इस शुभ तिथि पर कुछ चीजों का दान करना वर्जित माना गया है. मान्यता है कि पौष पुत्रदा एकादशी पर इन चीजों का दान करने से घर की सुख-शांति चली जाती है. कल है पौष पुत्रदा एकादशी द्रिक पंचांग के अनुसार, पौष मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत कल 30 दिसंबर को सुबह 7 बजकर 50 मिनट पर हो रही है. इस एकादशी तिथि का समापन 31 दिसंबर को सुबह 05 बजे होगा. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, पौष पुत्रदा एकादशी व्रत इस साल 30 दिसंबर यानी कल रखा जाएगा. पौष पुत्रदा एकादशी पर न करें इन चीजों का दान     पोष पुत्रदा एकादशी पर तेल का दान न करें. इस दिन तेल का दान शुभ नहीं माना गया है. मान्यताओं के अनुसार, इस दिन तेल का दान करने से संतान के जीवन में दुख और आर्थिक समस्याएं बढ़ती हैं.     इस दिन तिल का दान अशुभ माना जाता है. तिल का संबंध पितृ कर्म से बताया जाता है, इसलिए पोष पुत्रदा एकादशी पर तिल का दान करने से व्रत का फल कम हो जाता है.     हिंदू धर्म शास्त्रों में एकादशी के दिन चावल का दान या सेवन वर्जित माना गया है. ऐसा करने से व्रत में बाधा आती है.     पौष पुत्रदा एकादशी पर नमक का दान न करें. इस दिन इसका सेवन भी न करें. ऐसा करने से जीवन में अनावश्यक समस्याएं आती हैं.     जूते, बेल्ट या अन्य चमड़े की चीजों का दान इस दिन न करें. ऐसा करने से नकारात्मक उर्जा बढ़ती है.     काले कपड़े या कंबल का दान एकादशी पर न करें.  

विराट कोहली के बिना दिल्ली ने विजय हजारे ट्रॉफी में सौराष्ट्र के खिलाफ रोमांचक जीत दर्ज की, ऋषभ पंत भी रहे फ्लॉप

 नई दिल्ली दिल्ली ने विजय हजारे ट्रॉफी में अपना अजेय अभियान जारी रखा. स्टार बल्लेबाज़ विराट कोहली के बिना उतरी दिल्ली की टीम को सौराष्ट्र ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन आखिर में दिल्ली ने 321 रनों के मुश्किल लक्ष्य को तीन विकेट शेष रहते और सात गेंदें बाकी रहते हासिल कर लिया. लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली को शुरुआत में ही दबाव का सामना करना पड़ा, जब अर्पित राणा जल्दी आउट हो गए. हालांकि, प्रियांश आर्य की तेज़तर्रार ओपनिंग पारी ने टीम को संभाल लिया और दिल्ली को टॉप ऑर्डर में जरूरी लय दिलाई. आर्य के आउट होने के बाद दिल्ली को एक छोटा सा झटका लगा, जब नीतीश राणा और ऋषभ पंत लगातार अंतराल में पवेलियन लौट गए. दोनों को दिल्ली की बल्लेबाज़ी की रीढ़ माना जाता है और उनके आउट होने से मुकाबला फिर से सौराष्ट्र के पक्ष में झुकता नजर आया. पंत फिर रहे फ्लॉप 22 रन बनाने वाले ऋषभ पंत का यह प्रदर्शन एक बार फिर निराशाजनक रहा. विकेटकीपर-बल्लेबाज़ पंत काफी समय से भारत की वनडे टीम में अपनी जगह खो चुके हैं और यह पारी भी वापसी के उनके दावे को मज़बूत नहीं कर सकी. 50 ओवर के फॉर्मेट में उनकी फॉर्म और निरंतरता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए. पंत के आउट होने के बाद सौराष्ट्र ने बीच के ओवरों में दबाव और बढ़ा दिया. लेकिन दिल्ली को तेजस्वी सिंह के रूप में अहम सहारा मिला, जिन्होंने 51 गेंदों पर संयमित 53 रनों की पारी खेली. हर्ष त्यागी ने भी 45 गेंदों पर 49 रनों की शानदार पारी खेलकर नियमित अंतराल पर विकेट गिरने के बावजूद रन चेज़ को पटरी पर बनाए रखा. अंत में नवदीप सैनी ने धैर्य दिखाते हुए 29 गेंदों पर नाबाद 34 रन बनाए और दिल्ली को रोमांचक जीत दिलाई. उनकी यह उपयोगी पारी निर्णायक साबित हुई, जिससे दिल्ली ने सात गेंदें शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया. पंत का ऐसा रहा है प्रदर्शन यह विजय हजारे ट्रॉफी में पंत का तीन मैचों में दूसरा खराब प्रदर्शन रहा. अब तक उनका एकमात्र बड़ा योगदान गुजरात के खिलाफ आया था, जहां उन्होंने 79 गेंदों पर संयमित 70 रन बनाए थे. वहीं एक मैच में उनके बल्ले से केवल 5 रन आए थे. दिल्ली जहां लगातार आगे बढ़ रही है, वहीं टूर्नामेंट के आगे बढ़ने के साथ पंत की खराब फॉर्म चर्चा का विषय बनी हुई है. इससे पहले मैच में अनुभवी नवदीप सैनी ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए अपने 10 ओवर में 3 विकेट झटके. उन्हें प्रिंस यादव, हर्ष त्यागी और अर्पित राणा का अच्छा साथ मिला, जिनकी मदद से दिल्ली ने सौराष्ट्र को 320/7 के स्कोर पर रोक दिया.  

नुसरत भरूचा ने बाबा महाकाल के दरबार में किया मत्था टेक, भस्म आरती में लिया हिस्सा

उज्जैन   अभिनेत्री नुसरत भरूचा मंगलवार को मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने पुत्रदा एकादशी के पावन अवसर पर महाकाल के दर्शन किए। दिव्य भस्म आरती में शामिल होकर नुसरत ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। इस दौरान वह भक्ति में लीन दिखीं। यह नुसरत भरूचा की बाबा महाकाल के दरबार में दूसरी यात्रा थी। भस्म आरती के दौरान वह नंदी हॉल में बैठीं और शिव भक्ति में पूरी तरह डूब गईं। मंदिर के पुजारियों ने उन्हें प्रसाद स्वरुप महाकाल अंकित दुपट्टा भेंट किया, जिसे पाकर वह गदगद नजर आईं।  दर्शन के बाद नुसरत ने मंदिर की व्यवस्थाओं की तारीफ की। उन्होंने कहा कि इतनी भारी भीड़ होने के बावजूद सब कुछ बहुत सुगम और व्यवस्थित था। खास तौर पर उन्होंने जल पात्र व्यवस्था की प्रशंसा की। इस व्यवस्था में पाइप के जरिए सीधे ज्योतिर्लिंग पर जल चढ़ाया जाता है, जिससे भक्तों को लाइन में लगे बिना जल अर्पित करने की सुविधा मिलती है। नुसरत ने बताया कि बाबा महाकाल के दर्शन से उन्हें शांति और ऊर्जा मिलती है। भस्म आरती महाकाल मंदिर की सबसे विशेष आरती है, जो ब्रह्म मुहूर्त में होती है जिसमें भस्म से भगवान शिव का श्रृंगार किया जाता है। महाकालेश्वर मंदिर में होने वाली भस्म आरती लोकप्रिय है और इसमें शामिल होने के लिए दुनियाभर से श्रद्धालु उज्जैन आते हैं। भस्म आरती का काफी पौराणिक महत्व है। आरती में श्मशान से लाई गई चिता की भस्म से भगवान शिव का श्रृंगार किया जाता है। चिता भस्म के अलावा इसमें गोहरी, पीपल, पलाश, शमी और बेल की लकड़ियों के राख को भी मिलाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भस्म आरती के दौरान महिलाएं सिर पर घूंघट या ओढ़नी डाल लेती हैं। मान्यता है कि उस वक्त महाकालेश्वर निराकार स्वरूप में होते हैं, इसलिए महिलाओं को आरती में शामिल न होने और न ही देखने की अनुमति होती है।

अमित शाह का मिशन बंगाल, दो दिवसीय दौरे में संगठन और हिंदुत्व के मुद्दे पर होगी जोरदार चर्चा

कलकत्ता दिल्ली और बिहार की चुनावी जंग फतह करने के बाद बीजेपी का पूरा फोकस 2026 में होने वाले चुनावी राज्यों पर है. अगले साल देश के चार राज्यों में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं, जिसको लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पूरी तरह से जमीन पर उतर गए हैं और सियासी माहौल तैयार करने में जुट गए हैं. गृहमंत्री अमित शाह ने 2026 में होने वाले चार राज्यों, असम, पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु में होने वाले विधानसभा चुनाव का दौरे पर निकल पड़े हैं. अमित शाह असम में दो दिनों तक मंथन करने के बाद सोमवार शाम पश्चिम बंगाल पहुंच गए हैं. इसके बाद जनवरी के पहले हफ्ते में तमिलनाडु और उसके बाद केरल का दौरा करेंगे. पश्चिम बंगाल के दौरे पर पहुंचे अमित शाह मंगलवार और बुधवार दो दिनों तक कोलकाता में रहेंगे. इस दौरान अमित बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करने के साथ-साथ आरएसएस के कोलकाता दफ्तर जाएंगे. इस तरह बंगाल चुनाव को लेकर रूपरेखा तैयार करेंगे. बंगाल को फतह करने उतरे अमित शाह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार शाम पश्चिम बंगाल पहुंचे है. अमित शाह के दौरे को बीजेपी के चुनावी अभियान के लिए अहम कड़ी माना जा रहा है. 29 दिसंबर की रात बंगाल पहुंचते ही अमित शाह ने बीजेपी के कोर ग्रुप के नेताओं के साथ बैठक किया, जिसमें चुनावी रणनीति और संगठनात्मक तैयारियों पर मंथन किया गया. अमित शाह मंगलवार को कोर ग्रुप के अलावा पार्टी के सामान्य नेताओं के साथ भी बैठक करेंगे. इसके बाद शाह कोलकाता में मीडिया से रूबरू होंगे और एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे. मंदिर से संघ दफ्तर तक का शाह करेंगे दौरा अमित शाह मंगलवार की शाम कोलकाता के प्रसिद्ध इस्कॉन मंदिर में दर्शन करने भी जाएंगे और फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कोलकाता स्थित कार्यालय का दौरा करेंगे. यहां वह संघ के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रसारकों के साथ बंगाल से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर लंबी मंत्रणा करेंगे. अमित शाह बुधवार को कोलकाता में बीजेपी कार्यकर्ताओं के एक बड़े सम्मेलन को संबोधित करेंगे. इस के जरिए शाह चुनावी राज्य बंगाल के कार्यकर्ताओं में जोश और उत्साह भरने की कोशिश करेंगे. भाजपा सूत्रों के अनुसार, यह दौरा बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. संगठन को मजबूती तो हिंदुत्व को धार अमित शाह बंगाल में पार्टी की जमीनी हकीकत परखेंगे और रणनीति को धार देने का काम करेंगे. अमित शाह का बंगाल दौरा मुख्य रूप से संगठनात्मक मजबूती पर केंद्रित है. इसीलिए रैलियों के बजाय बंद कमरों की बैठकों (स्ट्रेटेजी मीटिंग्स) को ज्यादा फोकस अमित शाह कर रहे हैं. कोलकाता के साल्ट लेक के सेक्टर पांच में बीजेरी ने एक नई बिल्डिंग किराए पर ली है, जिसे चुनाव का मुख्य मुख्यालय बनाया गया है. अमित शाह ने सोमवार को बीजेपी के इसी नए ठिकाने पर बंगाल के पार्टी दिग्गजों के साथ 2026 में कमल खिलाने का खाका तैयार करने का काम किया है. बीजेपी इस बार बंगाल चुनाव में 'हिंदू अस्मिता' और बांग्लादेश में हिंदुओं की हो रही हत्या और राजनीतिक हालातों को बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है. ऐसे में गृह मंत्री अमित शाह का दौरा बंगाल की राजनीति में बीजेपी के आक्रामक रुख का साफ संकेत दे रहा है. अमित शाह बीजेपी सांसदों और विधायकों के साथ भी अलग बैठक करेंगे. इस दौरे का मकसद केवल चुनाव की तैयारी ही नहीं, बल्कि राज्य के फीडबैक के आधार पर आउटरीच प्रोग्राम को और असरदार बनाना है. इस तरह अमित शाह जमीनी हकीकत को समझते हुए आगे की रणनीति बनाने का काम करेंगे.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, भागवत कथा और सत्संग से समाज में समरसता की भावना मजबूत होती है

भागवत कथा और सत्संग से समाज में सदाचार, नैतिकता और समरसता की भावना होती है मजबूत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रसिद्ध संत कमल किशोर नागर महाराज की कथा में हुए शामिल भागवत कथा वचनों का श्रवण किया इंदौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भागवत कथा और सत्संग से समाज में सदाचार, नैतिकता और समरसता की भावना मजबूत होती है। कथा और सत्संग आध्यात्मिक अनुभूति और सामाजिक चेतना का सशक्त माध्यम भी है। कथा श्रवण और सत्संग से मन तृप्त होता है और जीवन संवरता है। भगवान की भक्ति, कथा श्रवण और सत्संग से वह तृप्ति मिलती है जो भौतिक सुख, वैभव और छप्पन भोग में भी नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को इंदौर के ग्राम चित्तौड़ा में संत कमल किशोर नागर महाराज की कथा के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरुवर कमल किशोर नागर जी का नाम ही हमारे लिए सौभाग्य का प्रतीक है। वर्षों से आपके प्रवचनों के माध्यम से हम भगवान की भक्ति में स्वर्ग लोक का अनुभव कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कथा एवं सत्संग के श्रवण से स्वर्ग लोक सहित सभी तीर्थों का आनंद प्राप्त हो जाता है। उन्होंने भक्ति और सत्संग के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि भौतिक सुख-साधन और 56 भोग भी मन को तृप्त नहीं कर सकते, लेकिन भगवान की भक्ति और सत्संग मन को पूर्ण तृप्ति प्रदान करते है और सफल जीवन का मार्ग प्रशस्त करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौ माता की सेवा के लिए महाराज कमल किशोर नागर जी द्वारा किए जा रहे कार्यों की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि गौ माता की सेवा जीवन का सबसे बड़ा पुण्य है। महाराज जी ने समाज को यह चेतना दी है कि केवल प्रवचन ही नहीं, बल्कि संस्कार और सेवा भी उतनी ही आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार बनने के बाद गौशालाओं के विकास के लिए लगातार विशेष प्रयास किए जा रहे हैं और मध्यप्रदेश को गौ-सेवा का मॉडल राज्य बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। घर-घर गोपाल की भावना को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि जहां गाय है, वहीं गोपाल का वास है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सनातन संस्कृति की परंपराओं, कुंभ और सिंहस्थ स्नान के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जल केवल शारीरिक शुद्धि का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन की उत्पत्ति और परंपरा का आधार है। मुख्यमंत्री ने शिप्रा नदी के शुद्धिकरण और जल संरक्षण के प्रयासों से आगामी सिंहस्थ को ऐतिहासिक और भव्य बनाने का संकल्प भी दोहराया। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में धर्म, संस्कृति और विकास तीनों को साथ लेकर आगे बढ़ने का संकल्प साकार हो रहा है। प्रदेश में हर गाँव और शहर में गीता भवन बनाये जा रहे हैं। मंत्री सिलावट ने कहा कि शिप्रा नदी के शुद्धिकरण के संकल्प को पूर्ण करने का कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में तेजी से किया जा रहा है। शिप्रा के 29–30 किलोमीटर लंबे घाटों का निर्माण, बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान 24 घंटे में करोड़ों श्रद्धालुओं के स्नान की व्यवस्थाएँ— सहित सभी ऐतिहासिक और अभूतपूर्व कार्य हैं। उन्होंने कहा कि नर्मदा और शिप्रा का निरंतर प्रवाह बना रहे, जिससे आचमन और यज्ञ-स्नान जैसे पवित्र कर्म निर्बाध हो इसके लिए तेजी से कार्य हो रहे हैं। संत कमल किशोर नागर जी महाराज ने कहा कि नीति और धर्म से सुसज्जित शासन ही सच्चे विकास की नींव है। जब शासन नीति और धर्म के साथ चलता है, तभी प्रजा की वास्तविक भलाई होती है और विकास एवं प्रगति को नई दिशा मिलती है। उन्होंने कहा कि नीति के बिना राज अधूरा है और धर्म के बिना धन भी अधूरा है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सराहना करते हुए कहा कि आज मुख्यमंत्री ने आम नागरिकों की तरह जमीन पर बैठकर सरलता और सादगी के साथ कथा का श्रवण किया। यह आचरण उनकी भक्ति भावना, विनम्रता और सहज व्यक्तित्व को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जब किसी प्रदेश में धार्मिक आयोजन होते हैं और उनके साथ नीति एवं धर्म दोनों एक साथ खड़े होते हैं, तब वह प्रदेश स्वतः ही सुशोभित और समृद्ध बनता है। व्यस्ततम कार्यक्रमों के बावजूद मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा ऐसे आयोजनों को समय देना उनकी संवेदनशीलता और आध्यात्मिक रुचि का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव केवल राजनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रदेश के तीर्थों, मंदिरों और सांस्कृतिक धरोहरों के भी गहरे जानकार हैं, उनके पास गहरा और समृद्ध अनुभव है। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना सतीश मालवीय, विधायक रमेश मेंदोला, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर शिवम वर्मा, एसपी ग्रामीण श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया, सुमित मिश्रा, श्रवण चावड़ा, रणजीत सिंह आंजना सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।