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सपनों को दी उड़ान: हरियाणा की बेटी भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर, चौथे स्थान पर की शानदार कामयाबी

बराड़ा  बराड़ा के गांव कंबास की बेटी ईशा भारतीय वायूसेना में फ्लाइंग ऑफिसर की पद पर तैनात हुई हैं। उसकी इस उपलब्धि पर उसके माता-पिता समेत परिवार, सरपंच व गांव में खुशी का माहौल है। गांव की सरपंच पूजा और अध्यापक जसबीर सिंह ने परिवार का मुंह मीठा करवाकर उन्हें बधाई दी। इशा के परिजनों ने बताया कि ईशा का ऑल इंडिया में चौथा रैंक आया है। उसके पिता सोमनाथ हरियाणा पुलिस में हैं जबकि मां संगीता गृहणी हैं। ईशा की छोटी बहन एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है।  तीन बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी और एक साधारण से परिवार की ईशा की इस बड़ी उपलब्धि से पूरे परिवार का सिर फख्र से उठ गया है। सरपंच पूजा और मास्टर जसबीर सिंह ने ईशा के माता-पिता को बधाई दी और मिठाई खिलाकर उनका मुंह मीठा करवाया। पूजा ने कहा कि बेटियां पढ़-लिखकर देश और अपने माता का नाम रोशन कर रही हैं। ईशा ने भी अपने गांव का नाम देशभर में चमकाया है। उल्लेखनीय है कि पूजा भी पढ़ी लिख सरंपच हैं। वह भी डबल एमए के साथ जेबीटी की पढ़ाई कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार भी बेटियों को पढ़ाने पर जोर दे रही है। समाज की अन्य बेटियों को भी ऐसी होनहार बेटियों से सीख लेनी चाहिए और अच्छा मुकाम हासिल करना चाहिए। सरपंच ने कहा कि गांव में बेटियों को पढऩे के लिए वह पे्ररित करती रहती हैं और हमेशा मदद के लिए तैयार हैं। वहीं, साथ लगते गांव कंबासी निवासी और बराड़ा मार्केट कमेटी के चेयरमैन कुलराज शर्मा ने भी इशा और उसके परिवार को बधाई दी। ईशा  अपनी ट्रेनिंग के लिए बीते कल हैदराबाद में रवाना हो गई। पिता सोमनाथ ने कहा कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है, जिसने अपनी मेहनत के बल पर यह मुकाम हासिल किया।  

रेखा गुप्ता सरकार खोलेगी ‘शीशमहल’ की परतें, CAG रिपोर्ट पर विधानसभा में तीखी टकराव की तैयारी

नई दिल्ली मुख्यमंत्री रहते हुए अरविंद केजरीवाल जिस बंगले में रहे उस कथित 'शीशमहल' को लेकर दिल्ली में एक बार फिर घमासान होने जा रहा है। दिल्ली विधानसभा में सरकार 'शीशमहल' समेत 3 सीएजी रिपोर्ट पेश करने जा रही है। इसके अलावा रेखा गुप्ता सरकार ने प्रदूषण पर प्रस्ताव लाने का ऐलान किया है। इसके तहत पिछले 20 साल में रही सरकारों के कामकाज पर भी चर्चा होगी और इस मुद्दे पर भी हंगामे की उम्मीद है। दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आगामी सत्र को लेकर कई जानकारियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा का सत्र 5 जनवरी से शुरू होगा। चार दिन के सत्र में 2-3 प्रस्ताव दिल्ली सरकार लाएगी। मंत्रिपरिषद ने निर्णय लिया है कि प्रदूषण पर चर्चा होगी। सरकार प्रस्ताव लेकर आएगी इस पर सभी सदस्य चर्चा करेंगे। प्रदूषण पर ‘20 साल वाली’ चर्चा कपिल मिश्रा ने कहा, ‘दिल्ली में प्रदूषण की मौजूदा स्थिति क्या है, उसके कारण क्या हैं, सुप्रीम कोर्ट में पिछली सरकारों ने जो एफिडेविट दिए उनका क्या स्टेटस क्या है, वैज्ञानिकों ने क्या रिपोर्ट दी थी, सरकारों की क्या जिम्मेदारी, पिछले 20 सालों का लेखाजोखा और वर्तमान स्थिति को रखा जाएगा। मैं विपक्ष के साथियों से भी अपील करता हूं कि आपकी सरकार ने जो किया था उसका ब्योरा जरूर विधानसभा में लेकर आइए, हम खुली चर्चा करेंगे कि क्या कमियां रह गईं थीं और प्रदूषण को दूर करने के लिए क्या किया जा सकता है।’ इन 3 सीएजी रिपोर्ट को पेश करेगी सरकार दिल्ली सरकार के कानून मंत्री कपिल मिश्रा ने शीशमहल समेत 3 सीएजी रिपोर्ट भी पेश किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा, सीएजी की कुछ रिपोर्ट्स को विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा। सीएजी की रिपोर्ट जो पिछली सरकार के दौरान आ गई थी, लेकिन पिछली मुख्यमंत्री ने रोककर रखा था। हमने संकल्प लिया था कि सभी रिपोर्ट को पटल पर रखेंगे। आने वाले सत्र में शीशमहल पर सीएजी की रिपोर्ट विधानसभा पटल पर रखी जाएगी। 2022 तक दिल्ली जल बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सीएजी की बहुत विस्तृत रिपोर्ट है उसे भी पटल पर रखा जाएगा। हायर एजुकेशन में 2023 तक किस तरह भ्रष्टाचार हुआ उसकी भी सीएजी रिपोर्ट सदन में पटल पर रखा जाएगा।'  

जगदलपुर: जिले की ग्राम पंचायतों में होगी चौपाल, कलेक्टर ने जारी किया निरीक्षण कैलेंडर

जगदलपुर : जिले के ग्राम पंचायतों में होगी चौपाल, कलेक्टर ने जारी किया जिले भर का निरीक्षण कैलेंडर जगदलपुर: जिले की ग्राम पंचायतों में होगी चौपाल, कलेक्टर ने जारी किया निरीक्षण कैलेंडर जगदलपुर जिले में ग्राम पंचायतों में चौपाल, कलेक्टर ने जारी किया निरीक्षण कैलेंडर 9 जनवरी को लोहण्डीगुड़ा से होगी शुरुआत जगदलपुर जिले में सुशासन को गांव-गांव तक पहुंचाने और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है। कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह के निर्देशों के परिपालन में कलेक्टर श्री हरिस एस ने जिले के सभी जनपद पंचायतों के अन्तर्गत निरीक्षण की तिथियां निर्धारित करते हुए एक विस्तृत आदेश जारी किया है, जिसके तहत प्रशासन अब दफ्तरों से निकलकर सीधे ग्रामीणों के बीच चैपाल लगाएगा। इस अभियान की शुरुआत लोहण्डीगुड़ा जनपद पंचायत से होने जा रही है, जहां आगामी 9 जनवरी 2026 को प्रशासन का पहला पड़ाव होगा, जिसके बाद चरणबद्ध तरीके से पूरे जिले को कवर किया जाएगा।         कलेक्टर द्वारा जारी किए गए कैलेंडर के अनुसार, लोहण्डीगुड़ा के बाद 30 जनवरी को दरभा, 20 फरवरी को बकावण्ड, 6 मार्च को बास्तानार, 25 मार्च को जगदलपुर, 10 अप्रैल को बस्तर और अंत में 30 अप्रैल 2026 को तोकापाल जनपद पंचायत में निरीक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इस पूरी कवायद का उद्देश्य ग्राम स्तर पर चैपाल का आयोजन कर ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित करना है, साथ ही मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता और विकास कार्यों को सुनिश्चित करना है। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक अधिकारी सुबह 10 बजे गांवों में पहुंचकर स्कूल, आंगनबाड़ी, अस्पताल, राशन दुकान और निर्माण कार्यों का निरीक्षण करेंगे और फिर दोपहर 2 बजे पंचायत भवन में आयोजित चैपाल में ग्रामीणों की समस्याएं सुनेंगे।          इस अभियान की गंभीरता को देखते हुए सभी जिला और जनपद अधिकारियों को आदेश का सूक्ष्मता से अवलोकन करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को जांच के दौरान किन बिंदुओं पर फोकस करना है, इसके लिए एक विस्तृत निरीक्षण प्रपत्र पृथक से साझा किया जाएगा। अभियान के दौरान अधिकारी मध्यान्ह भोजन, पूरक पोषण आहार, जल जीवन मिशन, मनरेगा और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देंगे। दिन भर चले निरीक्षण और जनसंवाद के बाद उसी दिन शाम 4:30 बजे जनपद मुख्यालय में नोडल अधिकारी समीक्षा बैठक करेंगे, जिसमें पाई गई समस्याओं और ग्रामीणों से मिले फीडबैक पर चर्चा कर त्वरित निराकरण की रणनीति बनाई जाएगी। क्रमांक/1504/ अर्जुन

डबल इंजन सरकार ने चलाया विकसित कृषि संकल्प अभियान, उत्तर प्रदेश के 14170 गांवों में 23.30 लाख किसानों से संवाद

ईयर इंडर-2025 (कृषि)  पहली बार 'लैब' से निकलकर 'लैंड' तक पहुंचे वैज्ञानिक डबल इंजन सरकार ने चलाया विकसित कृषि संकल्प अभियान, उत्तर प्रदेश के 14170 गांवों में 23.30 लाख किसानों से संवाद  मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए बड़ी घोषणा- एलडीबी से महज छह फीसदी ब्याज पर मिलेगा लोन  गन्ना किसानों को योगी सरकार का बड़ा उपहार, गन्ना मूल्य ₹30 प्रति कुन्तल बढ़ा लखनऊ के अटारी में भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की स्मृति में सीड पार्क, बाराबंकी में टिश्यू कल्चर की लैब के लिए 31 एकड़ चिह्नित पीलीभीत में बासमती उत्पादन व प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना के लिए सात एकड़ जगह चिह्नित  पहली बार हुआ ऐतिहासिक बीज वितरण, पुराने आंकड़ों से आगे निकली योगी सरकार  2025-26 में 11.31 लाख कुंतल बीज अनुदान पर किसानों को किया गया वितरित  उत्तर प्रदेश के किसानों को किसान सम्मान निधि के रूप में मिले 94668. 58 करोड़ रुपये  लखनऊ योगी सरकार परमात्मा व प्रकृति की कृपा वाले उत्तर प्रदेश में अन्नदाता किसानों को सर्वोपरि मानती है, इसलिए उनके उत्थान व समृद्धि के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। किसानों के हित में योगी सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में इस वर्ष अनेक ऐतिहासिक कार्य किए। सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाने की दिशा में कृषि क्षेत्र में भी विशेष कार्य हो रहे हैं। डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में पहली बार कृषि वैज्ञानिक 'लैब' से निकलकर 'लैंड' तक पहुंचे। सीएम योगी ने विगत दिनों बड़ी घोषणा की कि किसानों को एलडीबी से महज छह फीसदी पर लोन मिलेगा। योगी सरकार ने इस वर्ष गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि की। लखनऊ में चौधरी चरण सिंह की स्मृति में सीड पार्क, बाराबंकी में टिश्यू कल्चर की लैब के लिए 31 एकड़ चिह्नित की गई। पुराने आंकड़ों से आगे योगी सरकार ने इस वर्ष ऐतिहासिक बीज वितरण भी किया।  योगी ने किसानों के लिए बड़ी घोषणा- एलडीबी से महज छह फीसदी पर मिलेगा लोन  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के अंतर्गत 21 दिसंबर को लघु व सीमांत किसानों के लिए बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत प्रदेश के लघु व सीमांत किसानों को यूपी सहकारी ग्राम विकास बैंक (एलडीबी) के माध्यम से महज छह प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण मिलेगा। अभी तक किसानों को इस बैंक से 11.50 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण मिलता था। ब्याज की शेष धनराशि राज्य सरकार वहन करेगी।  गन्ना किसानों को योगी सरकार का बड़ा उपहार, गन्ना मूल्य ₹30 प्रति कुन्तल बढ़ा योगी सरकार ने एक बार फिर गन्ना किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लिया। योगी सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति कुन्तल की वृद्धि की। अगेती गन्ना प्रजाति का मूल्य 400 रुपये प्रति कुन्तल तथा सामान्य प्रजाति का मूल्य 390 रुपये प्रति कुन्तल निर्धारित किया गया। इस वृद्धि से गन्ना किसानों को लगभग ₹3,000 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान होगा। योगी सरकार के कार्यकाल में यह चौथी बार है, जब गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी की गई है। यह निर्णय न केवल गन्ना किसानों की आमदनी में वृद्धि करेगा, बल्कि प्रदेश के ग्रामीण अर्थतंत्र में नई ऊर्जा भी भरेगा। विकसित कृषि संकल्प अभियान के जरिए ‘किसानों के खेत’ तक पहुंचे वैज्ञानिक व अधिकारी केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में 2025 में पहली बार विकसित कृषि संकल्प अभियान चलाया गया। 29 मई से 12 जून तक उत्तर प्रदेश के 14,170 गांव में अभियान चला। इसमें 23.30 लाख किसानों से सीधे संवाद स्थापित किया गया। इस अभियान के जरिए पहली बार कृषि वैज्ञानिक ‘लैब’ से निकलकर ‘लैंड’ तक पहुंचे। उत्तर प्रदेश में इस अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। उन्होंने तीन, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छह, यूपी के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने 11 स्थानों पर पहुंचकर किसानों से सीधे संवाद स्थापित किया।   लखनऊ के अटारी में भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की स्मृति में सीड पार्क, बाराबंकी में टिश्यू कल्चर की लैब के लिए 31 एकड़ व पीलीभीत में बासमती उत्पादन व प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना के लिए सात एकड़ जगह चिह्नित  पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ चौधरी चरण सिंह की स्मृति को जीवंत बनाए रखने के लिए लखनऊ के अटारी में आधुनिक तकनीक पर आधारित सीड पार्क बन रहा है। मुख्यमंत्री ने किसान सम्मान दिवस (23 दिसंबर) को चौधरी चरण सिंह सीड पार्क अटारी लखनऊ के प्लॉट आवंटन प्रक्रिया का बटन दबाकर शुभारंभ किया था। वहीं बाराबंकी में टिश्यू कल्चर की अत्याधुनिक लैब के लिए 31 एकड़ चिह्नित किया है। पीलीभीत के टांडा बिजेसी में 7 एकड़ भूमि में बासमती बीज उत्पादन व प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना को सरकार ने सैद्धांतिक सहमति दी है। इसकी जिम्मेदारी कृषि व प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास संगठन (एपीडा) को दी गई है। यहां बासमती के उन्नत बीज विकसित होंगे तथा किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे किसानों को आधुनिक तकनीक का लाभ मिलेगा।  पीएम किसान सम्मान निधिः 21वीं किस्त तक यूपी के किसानों के खाते में आए 94668.58 करोड़ रुपये  विश्व की सबसे बड़ी डीबीटी योजनाओं में शामिल प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ सर्वाधिक उत्तर प्रदेश के किसानों को मिल रहा है। अभी तक इसकी 21 किस्त जारी हो चुकी है। इसमें यूपी के लगभग 3.12 करोड़ किसानों के खाते में 94668.58 करोड़ रुपये भेजे गए हैं।  अनुदान पर किसानों को बीज वितरित करा रही योगी सरकार  योगी सरकार का लागत कम और उत्पादन अधिक पर जोर है। किसानों के उत्पादन व आय में वृद्धि करने के लिए तत्पर कृषि विभाग ने 2025-26 में खरीफ में 1.23 लाख कुंतल व रबी में 10.08 लाख (कुल 11.31 लाख कुंतल) बीज अनुदान पर वितरित किया। पिछले वर्ष (2024-25) की अपेक्षा इस वर्ष में अब तक 2.61 लाख कुंतल अधिक बीज अनुदान पर वितरित किया गया। 2025-26 में दलहन, तिलहन व श्रीअन्न के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए योगी सरकार द्वारा 10.11 लाख बीज मिनीकिट (34703 कुंतल) किसानों को निःशुल्क वितरित किया गया। केंद्र सरकार के सहयोग से दलहनी फसलों के 2.43 लाख बीज मिनीकिट (18833 कुंतल) किसानों को निःशुल्क वितरित किया गया।  योगी सरकार का कृषि यंत्र वितरण पर भी जोर  योगी सरकार किसानों को खेती के लिए … Read more

खालिदा जिया के निधन पर तसलीमा नसरीन का बड़ा आरोप: जिहादियों को संरक्षण मिला

नई दिल्ली  बांग्लादेशी मूल की मशहूर लेखिका नसलीमा नसरीन ने पूर्व पीएम खालिदा जिया के निधन पर टिप्पणी की है। उन्होंने मंगलवार को एक्स पर लिखा कि 80 साल की खालिदा जिया ने 10 साल तक पीएम के तौर पर शासन किया था। उनके दौर में ही मेरी कई किताबें प्रतिबंधित की गई थीं। अब मैं उम्मीद करती हूं कि उन पर से पाबंदी हटा दी जाएगी। यही नहीं खालिदा जिया की मौत के बाद उनके उठाए कदमों पर भी तसलीमा ने अपने ही अंदाज में तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने लिखा कि 1994 में मेरे खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ और उन्होंने जिहादियों का साथ दिया। तसलीमा लिखती हैं कि एक महिला, सेकुलर, मानवतावादी और फ्री थिंकर लेखिका के खिलाफ केस दर्ज हुए और वह जिहादियों के पक्ष में रहीं। यही नहीं उन्होंने मेरे खिलाफ अरेस्ट वॉरंट भी जारी करवाया। इसके बाद मुझे मेरे ही देश से निर्वासित कर दिया गया। उनके शासनकाल में कभी मैं वापस बांग्लादेश नहीं जा सकी। इसके आगे वह सवाल करती हैं कि क्या उनकी मौत के साथ मेरा 31 सालों का वनवास खत्म हो जाएगा। या फिर यह अन्याय जारी रहेगा। सवाल है कि आखिर यह पीढ़ी दर पीढ़ी जारी रहने वाला है या फिर कभी खत्म होगा। यही नहीं वह लिखती हैं कि उन्होंने जीते जी मेरी कई किताबों पर पाबंदी लगाई थी। अब सवाल है कि क्या मेरी अभिव्यक्ति की आजादी बहाल होगी। यदि उनकी मौत के साथ ही ऐसा हो जाए तो भी सही है। उन्होंने लिखा कि मैं सोचती हूं कि क्या अब मेरी किताबों से पाबंदियां हट जाएंगी। यही नहीं उन्होंने क्रमवार यह भी बताया कि उनकी किस किताब पर कब पाबंदी लगी थी। तसलीमा लिखती हैं कि मेरी चर्चित पुस्तक लज्जा पर 1993 में बैन लगा था। इसके बाद उत्तल हवा पर 2002 में पाबंदी लगी। 2003 में का और 2004 में वे काले दिन नामक पुस्तक पर पाबंदी लगी थी। तसलीमा लिखती हैं कि अपने जीते जी कभी भी खालिदा जिया ने अभिव्यक्ति की आजादी को बहाल करने का समर्थन नहीं किया। शायद अब उनकी मौत के बाद ही ऐसा हो जाए। बता दें कि तसलीमा नसरीन लंबे अरसे से भारत में ही बसी हुई हैं। उनके उपन्यास लज्जा पर तो भारत में फिल्म भी बन चुकी है, जो काफी चर्चित हुई थी।  

विजिलेंस अमृतसर में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, नए SSP के तौर पर IPS अधिकारी की तैनाती

पंजाब  पंजाब सरकार द्वारा विजिलेंस के एसएसपी लखबीर सिंह को सस्पेंड किए जाने के बाद अब  नए अधिकारी की नियुक्ति कर दी गई है। विजिलेंस ब्यूरो पंजाब ने हरप्रीत सिंह, आईपीएस को अमृतसर का नया SSP विजिलेंस नियुक्त किया है। वे अब जिले में विजिलेंस से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी संभालेंगे। बता दें कि एसएसी लखबीर सिंह को भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों के चलते सस्पेंड किया गया था।   

जंगल में दहशत: नीम की पत्तियां लेने गए ग्रामीण पर तेंदुए का हमला

डोंगरगढ़ डोंगरगढ़ थाना के मोहारा पुलिस चौकी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लोझरी में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जंगल से नीम की पत्तियां लेने गए एक ग्रामीण पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया. हमले में ग्रामीण केज़उ राम कंवर गंभीर रूप से घायल हो गया. तेंदुए के पंजों से सिर पर गहरी चोट आने के बाद परिजन और ग्रामीण उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगढ़ लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए उसे राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है. सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने का आरोप यह कोई पहली घटना नहीं है. डोंगरगढ़ वन परिक्षेत्र में बीते कुछ समय से तेंदुए की गतिविधियां लगातार सामने आती रही हैं. कुछ माह पूर्व इसी क्षेत्र में एक तेंदुए का शव भी संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था, इसके बाद भी जंगल से सटे गांवों में तेंदुए की मूवमेंट थमी नहीं, बल्कि धीरे-धीरे खतरा और बढ़ता चला गया. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि लोझरी, मोहारा, और आसपास के जंगलों में शाम ढलते ही तेंदुए की मौजूदगी महसूस की जाती है. मवेशियों के शिकार की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, लेकिन अब इंसानों पर हमला होना गंभीर चेतावनी माना जा रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार सूचना देने के बावजूद वन विभाग की ओर से स्थायी निगरानी या सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई. मौके पर पहुंची वन विभाग और पुलिस की टीम वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, जंगलों में भोजन की कमी, मानव गतिविधियों का बढ़ना और जंगल के भीतर अवैध आवाजाही तेंदुओं को आबादी की ओर खींच रही है. यही कारण है कि अब यह संघर्ष जानलेवा रूप ले रहा है. घटना के बाद वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची है. क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने, ट्रैप कैमरे लगाने और ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की जा रही है. वहीं ग्रामीणों ने मांग की है कि जब तक तेंदुए की मूवमेंट पूरी तरह नियंत्रित नहीं होती, तब तक जंगल में जाने पर प्रतिबंध और रात्रि गश्त अनिवार्य की जाए.डोंगरगढ़ क्षेत्र में यह घटना सिर्फ एक हमला नहीं, बल्कि वन्यजीव प्रबंधन और मानव सुरक्षा के बीच बढ़ते असंतुलन की गंभीर चेतावनी बनकर सामने आई है.

सेमीफाइनल की टीस अब भी बरकरार, भारत सीरीज से पहले गार्डनर ने बताया ऑस्ट्रेलिया को बेस्ट टीम

नई दिल्ली  स्टार ऑलराउंडर एशले गार्डनर का मानना ​​है कि भले ही ऑस्ट्रेलिया अभी टी20 या वनडे चैंपियन न हो लेकिन इसके बावजूद वह दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम है। गार्डनर ने उम्मीद जताई कि फरवरी में जब ऑस्ट्रेलिया की टीम भारत की मेजबानी करेगी तो वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल रहेगी। गार्डनर ने कहा कि टी20 और वनडे विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया को मिली हार ने टीम पर ऐसा दबाव बना दिया है जिसकी उसे आदत नहीं है। गार्डनर ने क्रिकेट.कॉम.एयू से कहा, ‘पिछले कुछ समय में हम पर काफी दबाव पड़ा है। लेकिन इसके बावजूद मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकती हूं कि दुनिया में हमारी टीम सर्वश्रेष्ठ है।’ ऑस्ट्रेलिया अगले साल फरवरी और मार्च में वनडे चैंपियन भारत की मेजबानी करेगा, जिसमें तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय, इतने ही वनडे और एक टेस्ट मैच खेला जाएगा। गार्डनर ने कहा, ‘भारत पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरेगा, और ऐसा होना भी चाहिए। उन्होंने हाल में बहुत अच्छी क्रिकेट खेली है। विश्व कप से पहले वनडे श्रृंखला में उन्होंने हमें कड़ी टक्कर दी थी और फिर विश्व कप के सेमीफाइनल में भी वे हम पर हावी रहे थे।’ उन्होंने कहा कि आगामी श्रृंखला में ऑस्ट्रेलिया को घरेलू धरती पर खेलने का फायदा मिलेगा लेकिन स्पष्ट किया कि भारत को किसी भी तरह से कम करके नहीं आंका जा सकता है। गार्डनर ने कहा, ‘वे हमारी परिस्थितियों को समझने की कोशिश कर रहे हैं, जिनके बारे में हम उनसे बेहतर जानते हैं। अगर वे हमें चुनौती देते हैं, तो हम जानते हैं कि उस स्थिति में क्या करना है।’ इस श्रृंखला में पिछले महीने वनडे विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत की ऑस्ट्रेलिया पर जीत के बाद पहली बार दोनों टीम आमने-सामने होगी। गार्डनर ने कहा, ‘पिछले 12 से 18 महीनों में हमने केवल दो मैच हारे हैं। हमने जो दो मैच हारे हैं, वे दोनों सेमीफाइनल थे। इससे हमारे प्रदर्शन में निरंतरता का पता चलता है।’ ऑस्ट्रेलिया 2024 में टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल से आगे नहीं बढ़ पाया था, जहां उसे दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कम स्कोर वाले मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था।  

बीजेपी नेता का सख्त संदेश: अरुणाचल भारत का अभिन्न अंग, चीन को तिब्बत से हटना पड़ेगा

नई दिल्ली  बीजेपी नेता तापिर गाओ ने अरुणाचल प्रदेश को लेकर चीन के दावे को खारिज करते हुए कहा है कि यह भारत का अभिन्न हिस्सा है और हमेशा रहेगा। बता दें कि चीन कई बार अरुणाचल को दक्षिण तिब्बत बता चुका है। गाओ ने कहा, चीन अरुणाचल को दक्षिणी तिब्बत कहता है लेकिन भारत हर बार बता चुका है कि यह भारत का ही अभिन्न हिस्सा है। अरुणाचल कभी तिब्बत का हिससा नहीं था। यब बात 14वें दलाई लामा भी कई बार कह चुके हैं। उनका कहना है कि एक दिन चीन को तिब्बत जरूर मुक्त करना पड़ेगा। बांग्लादेश छोड़ दे अपने नापाक इरादे गाओ ने कहा कि बांग्लादेश को भी अपने नापाक इरादे छोड़ देने चाहिए। वह पूर्वोतर भारत तक विस्तार करना चाहता है। लेकिन भारत में इस समय नरेंद्र मोदी की सरकार है। उनका पूरा ध्यान बांग्लादेश और म्यांमार से आने वाले घुसपैठियों पर है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश पूर्वोत्तर में घुसने का सपना देख रहा है। उसे नहीं भूलना चाहिए कि हमने चिकन नेक का विस्तार 22 किलोमीटर कर दिया हैऔर अब यह चटगांव हिल तक हो गया है। आज का भारत कुछ भी कर सकता है। हमें भारत में घुसे अवैध बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं को वापस भेजना है। पूर्व राजनयिक केपी फिबायन ने भी कहा था कि चीन किसी तरह अरुणचल प्रदेश तक कब्जा करना चाहता हैऔर इसीलिए इसको दक्षिणी तिब्बत बताता रहता है। पेंटागन ने भी कहा था कि चीन अरुणाचल को तिब्बत का हिस्सा मानता है। चियांग काइ शेक की सरकार की बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह सोच आज नहीं आई है बल्कि काफी पुरानी है। उन्होंने कहा कि भारत को हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि चीन विस्तारवादी रहा है और आज भी है। वह भारत की संप्रभुता का भी सम्मान नहीं करता है। ऐसे में उससे सावधान रहने की जरूरत है।

SGPC पर सवालों के घेरे में 328 लापता स्वरूप, संगत की नाराजगी के बीच बोले CM भगवंत मान

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शिरोमणि कमेटी और अकाली दल पर श्रीअकाल तख़्त साहिब और पंथ को ढाल बनाने का आरोप लगाते हुए निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि ये लोग श्रीअकाल तख़्त साहिब और पंथ को अपने कर्मों से बचने के लिए ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं. श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 लापता हुए स्वरूपों के मामले में कोई कार्रवाई न होने से पूरी संगत नाराज़ है. शिरोमणि कमेटी इस पाप में शामिल अपने आकाओं के करीबी धनाढ्यों को बचाने के लिए एड़ी-चोटी का ज़ोर लगा रही है. चंडीगढ़ में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछले कुछ सालों से पंजाबी और सिख समुदाय गहरे सदमे में है क्योंकि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 स्वरूपों के लापता होने के मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है. विशेष जांच टीम भी गठित उन्होंने कहा कि पंथक संगठनों और संत समाज ने लंबे समय से इस संबंध में कार्रवाई की मांग की है और इस उद्देश्य से राज्य सरकार तक भी पहुंच की है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अपनी नैतिक जिम्मेदारी के तहत राज्य सरकार ने इस संबंध में एफ.आई.आर. दर्ज की है और मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि एफ.आई.आर. दर्ज होते ही अपने आकाओं के निर्देशों पर शिरोमणि कमेटी ने प्रेस के माध्यम से जानकारी देना शुरू कर दी और धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार के खिलाफ ज़हर उगलना शुरू कर दिया. उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी के मुखिया ने स्वीकार किया है कि कमेटी में रोज़ाना 10-12 घोटाले होते हैं, जो यह दर्शाता है कि श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए गोलक के धन का दुरुपयोग हो रहा है.   शिरोमणि कमेटी के फैसले पर सवाल उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी अपने आकाओं के इशारे पर यह दावा करती है कि राज्य सरकार पंथ के मामलों में हस्तक्षेप कर रही है, जो पूरी तरह गलत है, क्योंकि शिरोमणि कमेटी ने स्वयं दोषियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई के लिए प्रस्ताव पारित किया है, जिस पर कार्रवाई करना राज्य सरकार का अधिकार है. उन्होंने कहा कि इस पाप में शामिल प्रभावशाली व्यक्तियों को बचाने के लिए शिरोमणि कमेटी ने बाद में अपने सभी प्रस्ताव वापस ले लिए. भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली शासन के दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रकाशन के सभी अधिकार जागत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट, 2008 (पंजाब एक्ट) के माध्यम से शिरोमणि कमेटी को दिए गए थे, लेकिन अब जब राज्य सरकार इन स्वरूपों की बरामदगी सुनिश्चित करना चाहती है ताकि किसी भी प्रकार की बेअदबी या अन्य घिनौना अपराध न हो, तो ये लोग इसे धार्मिक रंग दे रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि शिरोमणि कमेटी हर तरह की ताकत चाहती है, लेकिन जनता के प्रति जवाबदेह नहीं बनना चाहती. उन्होंने कहा कि अब वे श्री अकाल तख़्त साहिब का इस्तेमाल अपने आकाओं के नज़दीकियों को बचाने के लिए करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी और उसके अध्यक्ष अकाली लीडरशिप के हाथों की कठपुतलियाँ हैं, जो इसे अपने निजी हितों के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि वे एसआईटी से डरते हैं, क्योंकि शिरोमणि कमेटी और उनके आका जानते हैं कि निष्पक्ष और गहन जांच उनके घिनौने चेहरे बेनकाब कर देगी. लापता स्वरूप ढूंढने में नाकाम मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि भले ही शिरोमणि कमेटी लापता स्वरूपों को ढूंढने में अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल रही है, लेकिन राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इस घिनौने अपराध के दोषियों को कानून के अनुसार सज़ा दी जाए. उन्होंने कहा कि पिछले 14 वर्षों से इस प्रतिष्ठित संस्था के चुनाव नहीं हुए हैं और इन नेताओं ने केंद्र सरकार से इसकी मांग तक नहीं की है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 स्वरूपों के लापता होने से हर सिख की भावना को गहरी ठेस पहुंची है. मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1920 में जब अकाली दल की स्थापना हुई थी, तब उसे शेरों की पार्टी के रूप में जाना जाता था, लेकिन मौजूदा नेताओं ने उसे डायनासोरों की पार्टी में बदल दिया है. उन्होंने कहा कि वर्तमान अकाली लीडरशिप केंद्र सरकार के सामने राज्य के मुद्दे उठाने से कतराती है, जबकि राज्य सरकार ने इसमें कोई कमी नहीं छोड़ी. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इसके पीछे एकमात्र कारण सत्ता की लालसा है, जिसके चलते अकाली लीडरशिप हर राज्य-विरोधी रुख अपनाने से भी नहीं झिझकते.