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SIR मीटिंग में अभिषेक बनर्जी का हंगामा, CEC से हुई तीखी बहस

नई दिल्ली तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग (ECI) के साथ करीब ढाई घंटे चली बैठक के बाद केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए. बनर्जी ने आरोप लगाया कि देश में अब EVM के बजाय 'सॉफ्टवेयर और एल्गोरिदम' के जरिए वोटर लिस्ट (Electoral Rolls) में हेरफेर कर वोट चोरी की जा रही है.  अभिषेक बनर्जी ने कहा कि TMC के 10 सांसदों और पश्चिम बंगाल सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से करीब ढाई घंटे तक मुलाकात की, लेकिन आयोग उनके उठाए गए सवालों का कोई ठोस जवाब नहीं दे सका. उन्होंने आरोप लगाया कि 28 नवंबर को भी आयोग से सवाल पूछे गए थे, लेकिन न तब जवाब मिला और न अब. उल्टा, चयनित लीक मीडिया को दिए गए. 'हम निर्वाचित हैं, आप मनोनीत' बैठक के दौरान हुए घटनाक्रम का जिक्र करते हुए अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने उनसे उंगली उठाकर बात करने की कोशिश की. लेकिन मैंने उनसे साफ कहा कि उंगली नीचे करके बात करो. आप मनोनीत (Nominated) हैं, जबकि हम निर्वाचित (Elected) प्रतिनिधि हैं. हम किसी के दास या गुलाम नहीं हैं. उन्होंने CEC को चुनौती दी कि यदि उनमें हिम्मत है, तो वे बैठक की CCTV फुटेज सार्वजनिक करें और मीडिया के सवालों का सामना करें. वोटर लिस्ट में ‘सॉफ्टवेयर खेल’ TMC नेता का दावा है कि SIR के तहत 1.36 करोड़ मामलों में ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ बताई जा रही है, लेकिन आयोग ने अब तक इसकी सूची सार्वजनिक नहीं की. उन्होंने आरोप लगाया कि ECI ऐप में गड़बड़ी है, जहां दस्तावेज जमा होने के बावजूद नोटिस जारी नहीं हो रहे और नाम सॉफ्टवेयर के ज़रिए हटाए जा रहे हैं, वह भी AERO की जानकारी के बिना. उन्होंने कहा कि 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों, दिव्यांगों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को घंटों फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए बैठाया जा रहा है, जो अमानवीय है. बंगाल को बदनाम करने की कोशिश? अभिषेक बनर्जी ने सवाल उठाया कि रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम पर बंगाल को बदनाम किया जा रहा है. उन्होंने कहा, “अगर 58 लाख लोगों की सूची बनाई गई है, तो साफ बताया जाए कि उनमें कितने अवैध प्रवासी हैं. अगर कोई अवैध है तो हम भी उन्हें बाहर करने के पक्ष में हैं, लेकिन झूठा प्रचार बर्दाश्त नहीं करेंगे.” उन्होंने यह भी कहा कि अन्य 11 राज्यों में SIR चल रहा है, लेकिन बंगाल में सबसे कम डिलीशन होने के बावजूद यहां सबसे ज्यादा सख्ती की जा रही है. विपक्ष को दिया संदेश अभिषेक बनर्जी ने कांग्रेस, AAP और RJD सहित विपक्षी दलों से अपील की कि वे समझें कि वोट चोरी ईवीएम से नहीं, वोटर लिस्ट और सॉफ्टवेयर के जरिए हो रही है. उन्होंने दावा किया कि बीजेपी महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली और बिहार में इसी तरीके से जीत हासिल कर रही है. अंत में उन्होंने कहा, “पहले मतदाता तय करते थे कि सरकार कौन बनाएगा, अब सरकार तय कर रही है कि वोट डालने कौन जाएगा. लेकिन याद रखिए बीजेपी हमेशा सत्ता में नहीं रहेगी, संविधान रहेगा. 2026 में बंगाल की जनता फिर बीजेपी को हराएगी.”    

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी जशपुर के ग्रामीणों को बड़ी सौगात, 10 सड़कों के लिए 31.91 करोड़ रुपये स्वीकृत

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की एक और बड़ी सौगात जशपुर जिले की 10 सड़कों के लिए 31 करोड़ 91 लाख रुपये की स्वीकृति, ग्रामीणों की बहुप्रतीक्षित मांग हुई पूरी रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की एक और बड़ी सौगातनववर्ष से ठीक पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले को विकास की बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग द्वारा जिले के ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में आवागमन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 10 महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण एवं उन्नयन के लिए कुल 31 करोड़ 91 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। वर्षों से लंबित इन सड़कों की मांग पूरी होने से क्षेत्रवासियों में हर्ष का माहौल है। स्वीकृत कार्यों में एनएच-43 रोड (मुड़ापारा) से चर्चपारा होते हुए सुकबासुपारा तक सड़क निर्माण के लिए 2 करोड़ 47 लाख 97 हजार रुपये, ग्राम पंचायत कछार से सरपंच बस्ती चौक पक्की सड़क से तिरसोठ तक के लिए 3 करोड़ 41 लाख रुपये, कांसाबेल के डांडपानी से खूटेरा पहुंच मार्ग हेतु 4 करोड़ 52 लाख रुपये तथा पाले पखना से जुनवाईंन पहुंच मार्ग के लिए 4 करोड़ 68 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसी क्रम में कांसाबेल के सेमरकछार भट्टीटोली से लपई पहुंच मार्ग के लिए 2 करोड़ 69 लाख रुपये, ग्राम पंचायत कर्रबेवरा से पखनापारा माड़ो गुफा तक पहुंच मार्ग हेतु 1 करोड़ 88 लाख रुपये, ग्राम पंचायत घरजियाबथान के ठाकुरमुड़ा से रघुनाथपुर जोड़ा तालाब मार्ग के लिए 2 करोड़ 61 लाख रुपये, ग्राम पंचायत पाकरगांव से तुरवाआमा होते हुए चौराआमा पहुंच मार्ग के लिए 2 करोड़ 61 लाख रुपये, ग्राम पंचायत भगरपुर से भगोरा पहुंच मार्ग के लिए 4 करोड़ 60 लाख रुपये तथा अटल चौक से पंडरीपानी होते हुए तिलंगा पहुंच मार्ग के लिए 2 करोड़ 43 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। इन सड़कों के निर्माण एवं उन्नयन से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा। इससे किसानों को कृषि उपज के परिवहन में सुविधा मिलेगी, विद्यार्थियों की शिक्षा तक पहुंच आसान होगी और स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुंच और अधिक सुलभ होगी। ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नए वर्ष से पूर्व जिले को यह महत्वपूर्ण विकास सौगात देकर वर्षों पुरानी मांग पूरी की है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय जशपुर जिले के समग्र विकास को नई गति प्रदान करेगा।

जबलपुर की गन कैरिज फैक्टरी का नया कदम: पेश होगी 52 कैलिबर धनुष माउंटेन गन तोप

 जबलपुर  देश की एकमात्र रक्षा क्षेत्र में तोप का निर्माण करने वाली फैक्ट्री जीसीएफ नए साल में सेना को अत्याधुनिक नई धनुष तोप 52 कैलिबर में माउंटेन गन में बना कर देगी। इस तोप के उत्पादन के साथ धनुष की मारक क्षमता तीन से पांच किलोमीटर बढ़ जाएगी। अभी गन कैरिज फैक्टरी (जीसीएफ) 45 कैलिबर में धनुष तोप का उत्पादन कर रही है जिसकी मारक क्षमता 40 से 42 किलोमीटर है। महत्वपूर्ण है कि जीसीएफ नई अत्याधुनिक धनुष तोप के निर्माण में तेजी लाने जा रही है और ट्रायल के बाद 300 गन बनाने का प्रस्ताव है। रक्षा क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी के बाद प्रतिस्पर्धा में टिके रहने निर्माणी नए प्रोजेक्ट पर तेजी लाने जा रही है। 42 किमी तक हमला किया जा सकता है इससे पूर्व जीसीएफ में बनी धनुष तोप को पाकिस्तान और चीन की सीमा पर तैनात किया गया है। यह तोप अभी 38 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम है। इसमें 52 कैलिबर की बैरल लगने के बाद इससे आसानी से 42 किलोमीटर तक हमला किया जा सकता है। अब नई तोप 52 कैलिबर में माउंटेन गन के रूप में कार्य करेगी। जिससे इसकी मारक क्षमता में 5 किलोमीटर तक इजाफा हो जाएगा। निर्माणी के इस बेहतरीन प्रयास से सेना की ताकत में और इजाफा होगा और दुश्मन पर अधिक सटीक वार करने में सफलता मिल सकेगी। 1600 करोड़ के रक्षा उत्पादन पर फोकस जीसीएफ इस साल 1600 करोड़ रुपये के रक्षा उत्पादन पर तेजी से कार्य कर रही है। जिसमें धनुष तोप का नया वर्जन सहित एलएफजी, प्रमुख गन के कलपुर्जे शामिल हैं। पूर्व के मुकाबले निर्माणी की ताकत में बढ़ी है। हरेक साल रक्षा उत्पादन में वृद्धि से उसकी साख भी कायम है। माउंटेन गन की प्रमुख बातें माउंटेन गन व्हीकल के ऊपर लोड होगी। जबकि पूर्व की तोप जमीन के ऊपर 360 डिग्री में घूमकर वार करती थी। माउंटेन गन व्हीकल का उत्पादन नगर के ही वीएफजे कर सकता है। डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन ने माउंटेड गन सिस्टम तैयार किया है। यह सिर्फ 80 सेकंड में फायरिंग के लिए तैयार हो जाती है। एक मिनट में यह छह गोले दाग सकती है। धनुष की खूबियों को जानें धनुष तोप जो कि बोफोर्स गन का उन्नत और स्वदेशी वर्जन है। इसे जीसीएफ में तैयार किया जा रहा है और यह पूरी तरह ‘मेक इन इंडिया’ प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इसकी मारक क्षमता भी ज्यादा है और यह हाई-एंगल फायरिंग, इनबिल्ट नेविगेशन सिस्टम, इलेक्ट्रानिक गन अलाइनमेंट और आटोमैटिक फायर कंट्रोल जैसे अत्याधुनिक फीचर्स से लैस है।

टाइगर रिज़र्व सफारी के लिए धोखाधड़ी से बचने के लिए करें MPOnline.gov.in से बुकिंग

भोपाल  वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के टाइगर रिजर्व में सफारी टिकटों की बुकिंग केवलMPOnline के माध्यम से ही अधिकृत है। इसके अलावा किसी भी निजी वेबसाइट, मोबाइल ऐप या डिजिटल प्लेटफॉर्म को सफारी बुकिंग की अनुमति नहीं दी गई है। ऐसे किसी भी प्लेटफॉर्म के माध्यम से की जा रही बुकिंग अवैध है। विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि वे अत्यंत सतर्क रहें और केवल अधिकृत MPOnline पोर्टल के माध्यम से ही सफारी बुकिंग करें। विभाग की अपील है कि यदि किसी पर्यटक ने इन अनधिकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सफारी बुक कराई है और वह धोखाधड़ी का शिकार हुआ है, इससे किसी प्रकार का नुकसान हुआ है अथवा बुकिंग संबंधी कोई अन्य शिकायत है, तो वह तत्काल संबंधित कार्यालय को इसकी सूचना दे। शिकायतों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिये राज्य साइबर पुलिस सेल को भेजा जाएगा। विभाग इस प्रकार की अनियमित और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाये जाने के लिए तत्पर है। मध्यप्रदेश के टाइगर रिज़र्व में सफारी बुकिंग के लिये कुछ वेबसाइट और डिजिटल प्लेटफॉर्म मिलते जुलते भ्रामक नामों से सेवाएं देने का दावा कर रहे हैं। मध्यप्रदेश वन विभाग ने चेतावनी दी है कि ये वेबसाइट्स अनधिकृत हैं। इनसे बुकिंग कराने पर पर्यटकों को धोखाधड़ी और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। विभाग ने कहा है कि पर्यटकों के हितों की सुरक्षा और पारदर्शी, सुरक्षित एवं वैधानिक सफारी बुकिंग व्यवस्था सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।  

मध्य प्रदेश सरकार ने सोयाबीन के लिए भावांतर योजना के तहत मॉडल रेट 4345 रुपए किया घोषित

भावांतर योजना में सोयाबीन का मॉडल रेट 4345 रुपए जारी भोपाल भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत  सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए मॉडल रेट प्रतिदिन जारी किया जा रहा है। बुधवार 31 दिसंबर को 4345 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट और न्यूनतम समर्थन मूल्य के भावांतर की राशि राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है। सोयाबीन का पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए, 15 नवंबर को 4225 रुपए, 16 नवंबर को 4234 रुपए, 17 नवंबर को 4236 रुपए, 18 नवंबर को 4255 रुपए, 19 नवंबर को 4263 रुपए, 20 नवंबर को 4267 रुपए, 21 नवंबर को 4271 रुपए, 22 नवंबर को 4285 रुपए, 23 एवं 24 नवंबर को 4282 रुपए, 25 नवंबर को 4277 रुपए, 26 नवंबर को 4265 रुपए, 27 नवंबर को 4252 रुपए, 28 नवंबर को 4260 रुपए, 29 नवंबर को 4240 रुपए और 30 नवंबर को 4237 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी किया गया था। इसी तरह 1 दिसंबर को 4239 रुपए, 2 दिसंबर को 4235 रुपए, 3 दिसंबर को 4240 रुपए, 4 दिसंबर को 4235 रुपए, 5 दिसंबर को 4230 रुपए, 6 दिसंबर को 4217 रुपए, 7 दिसंबर को 4222 रुपए, 8 दिसंबर को 4219 रुपए, 9 दिसंबर को 4217 रुपए और 10 दिसंबर को 4210 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी हुआ था। इसी प्रकार 11 दिसंबर को 4207 रुपए , 12 दिसंबर को 4202 रुपए , 13 दिसंबर को 4204 रुपए , 14 दिसंबर को 4208 रुपए , 15 दिसंबर को 4208 रुपए , 16 दिसंबर को 4209 रुपए , 17 दिसंबर को 4205 रुपए , 18 दिसंबर को 4195 रुपए , 19 दिसंबर को 4201 रुपए , 20 दिसंबर को 4191 रुपए , 21 दिसंबर को 4193 रुपए , 22 दिसंबर को 4194 रुपए , 23 दिसंबर को 4209 रुपए और 24 दिसंबर को 4213 रुपए , 25 दिसंबर को 4235 रुपए , 26 दिसंबर को 4257 रुपए , 27 और 28 दिसंबर को 4271 रुपए , 29 दिसंबर को 4267 रुपए और 30 दिसंबर को 4296 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया था। राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपए  प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी।  

टेस्ट रैंकिंग में बड़ा उलटफेर: बुमराह पर स्टार्क की दबिश, टंग की एंट्री से सनसनी; ब्रूक ने स्मिथ और विलियमसन को छोड़ा पीछे

नई दिल्ली  इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने बुधवार को पुरुष खिलाड़ियों की ताजा टेस्ट रैंकिंग जारी की है। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क गेंदबाजों की सूची में जसप्रीत बुमराह के पीछे पड़े हैं। स्टार्क संयुक्त रूप से दूसरे पायदान पर पहुंच गए हैं। उनके और पाकिस्तान के स्पिनर नोमान अली के खाते में 843 रेटिंग अंक हैं। बुमराह 879 अंकों के साथ शीर्ष पर काबिज हैं। स्टार्क ने मेलबर्न में इंग्लैंड के खिलाफ चौथे एशेज टेस्ट में चार विकेट चटकाए थे। ऑस्ट्रेलिया को बॉक्सिंग डे टेस्ट में चार विकेट से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, मेजबान ऑस्ट्रेलिया सीरीज में 3-1 से आगे है।   गेंदबाज जोश टंग ने किया दंग मेलबर्न में दो दिन के अंदर खत्म हुए टेस्ट में सभी 36 विकेट तेज गेंदबाजों ने झटके। इंग्लैंड के तीन पेसर्स को रैंकिंग में फायदा मिला है। जोश टंग ने दंग कर दिया है। वह 13 स्थान की छलांग लगाकर 30वें पर पहुंच गए हैं। उनके 573 अंक हैं। वह मेलबर्न टेस्ट में प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए थे। उन्होंने पहली पारी में पांच और दूसरी पारी में दो शिकार किए। गस एटकिंसन ने भी जीत में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उन्होंने कुल तीन विकेट लिए और रैंकिंग में चार स्थान चढ़कर रवींद्र जडेजा की बराबरी कर ली। दोनों 698 अंकों के साथ 13वें नंबर पर हैं। ब्रायडन कार्स (638) ने पांच विकेट लिए और वह छह स्थान ऊपर 23वें पर आ गए। ब्रूक ने तीन प्लेयर को थकेला एटकिंसन को टेस्ट ऑलराउंडर रैंकिंग (238) में भी लाभ मिला है। वह आठवें स्थान पर चले गए हैं जबकि इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स (316) तीसरे स्थान पर कायम हैं। जडेजा लंबे समय से नंबर-1 टेस्ट ऑलराउंडर हैं। उनके 455 अंक हैं। वहीं, टेस्ट बल्लेबाजों की लिस्ट में इंग्लैंड के हैरी ब्रूक (46) तीन पायदान चढ़कर दूसरे पर पहुंच गए हैं। उन्होंने मेलबर्न में 41 और नाबाद 22 रनों की पारी खेली। ब्रूक ने न्यूजीलैंड के केन विलियमसन (822), ऑस्ट्रेलिया के ट्रैविस हेड (816) और स्टीव स्मिथ (811) को क्रमश: तीसरे, चौथे और पांचवें नंबर पर धकेल दिया है। इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट (867) की बादशाहत बरकरार है।  

मध्य प्रदेश में मातृत्व सुरक्षा की सफलता: संस्थानों में डिलीवरी दर हुई 88%

भोपाल। कभी प्रसव के लिए दाईयों और घर के पारंपरिक तरीकों पर निर्भर रहने वाला मध्य प्रदेश अब संस्थागत प्रसव (अस्पतालों में प्रसव) के मामले में देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-पांच की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में अब 88.5 प्रतिशत प्रसव अस्पतालों में हो रहे हैं। साल 2005-06 में यहां संस्थागत प्रसव का स्तर महज 26.2 प्रतिशत था। यानी अधिकांश प्रसव घरों के असुरक्षित वातावरण में होते थे, जिससे मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) और शिशु मृत्यु दर (आइएमआर) का जोखिम बना रहता था। पिछले दो दशकों में सरकार की सजगता और आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं की मेहनत ने इस तस्वीर को बदल दिया है। योजनाओं ने दिया संबल, 16 हजार रुपये तक की मदद रिपोर्ट के अनुसार, 2015-16 में संस्थागत प्रसव का आंकड़ा 80 प्रतिशत था, जो अब 90 प्रतिशत के लक्ष्य को छूने के करीब है। हालांकि, इस मामले में प्रदेश अभी देश में 17वें स्थान पर आता है। सफलता के पीछे जननी सुरक्षा योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को अस्पताल में प्रसव पर मिलने वाली 1,400 रुपये की नकद राशि है। वहीं, मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना भी गरीब और श्रमिक परिवारों के लिए वरदान साबित हुई। इसमें प्रसूता को पोषण और देखरेख के लिए 16,000 रुपये की बड़ी आर्थिक सहायता दी जाती है। जननी एक्सप्रेस बनी जीवनरेखा दुर्गम इलाकों से गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाने में जननी एक्सप्रेस (108/102) ने अहम भूमिका निभाई है। निश्शुल्क एंबुलेंस सेवा के कारण देरी की वजह से होने वाली घटनाएं काफी कम हो गई हैं। प्रदेश के आदिवासी बहुल झाबुआ, अलीराजपुर और बड़वानी जिलो में भी महिलाएं प्रसव के लिए अस्पताल पहुंच रही हैं। पहले जीवित बच्चे के जन्म पर गर्भवती महिलाओं को तीन किस्तों में 5,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। आधुनिक सुविधाओं का हुआ विस्तार प्रदेश के सरकारी अस्पतालों के लेबर रूम को लक्ष्य कार्यक्रम के तहत हाईटेक बनाया गया है। नर्सिंग स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। परिणामस्वरूप, रतलाम और उज्जैन जिलों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) ने शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव के लक्ष्य को हासिल कर लिया। वहीं इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरी क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव का दर 95% से अधिक रहा। जबकि झाबुआ, धार और बड़वानी जिलों में घर पर प्रसव की दर में 40% तक की कमी आई है। देश में संस्थागत प्रसव में शीर्ष राज्य – केरल – 99.8% – तमिलनाडु – 99.7% – गोवा – 99.5% – तेलंगाना – 97.0% – आंध्र प्रदेश – 96.3% मध्य प्रदेश के शीर्ष पांच जिले – इंदौर – 98.2% – भोपाल – 97.6% – ग्वालियर – 96.4% – जबलपुर – 95.8% – रतलाम – 94.5% वर्तमान चुनौतियां – कठिन भौगोलिक क्षेत्र – डिंडोरी, मंडला और झाबुआ जैसे आदिवासी अंचलों में सुदूर वनांचल होने के कारण एंबुलेंस का पहुंचना चुनौतीपूर्ण होता है। – सामाजिक मान्यताएं – कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी पारंपरिक दाइयों से घर पर प्रसव कराने का चलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। जागरूकता का अभाव हालांकि, सरकार 16,000 रुपये तक की सहायता दे रही है, लेकिन शिक्षा की कमी के कारण अभी भी लगभग 11% प्रसव अस्पतालों से बाहर हो रहे हैं। इनका कहना है कि जननी सुरक्षा और प्रसूति सहायता जैसी सरकारी योजनाओं ने महिलाओं में अस्पताल के प्रति विश्वास जगाया है। हम ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से निरंतर मानिटरिंग कर रहे हैं, ताकि कोई भी गर्भवती महिला स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रहे। आधुनिक लेबर रूम और बेहतर एंबुलेंस सेवा के समन्वय से हम मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए संकल्पित हैं – डॉ. मनीष शर्मा, सीएमएचओ, भोपाल

योगी सरकार की बड़ी डिजिटल पहल, 2026 में होगा अत्याधुनिक सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम का शुभारंभ

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को नई रफ्तार देगा ‘निवेश मित्र 3.0’ योगी सरकार की बड़ी डिजिटल पहल, 2026 में होगा अत्याधुनिक सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम का शुभारंभ निवेश मित्र 3.0 से निवेशकों को मिलेगा वन-स्टॉप समाधान आईजीआरएस और मुख्यमंत्री डैशबोर्ड से निवेश प्रक्रियाओं पर रखी जा सकेगी सीधी निगरानी एआई आधारित स्मार्ट डैशबोर्ड से रीयल-टाइम ट्रैकिंग और त्वरित निर्णय होगा संभव व्हाट्सएप, ईमेल और एसएमएस से निवेशकों को मिलेगी हर अपडेट की जानकारी डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में योगी सरकार का एक और बड़ा कदम राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम से जुड़कर यूपी बनेगा निवेशकों की पहली पसंद लखनऊ  उत्तर प्रदेश को देश का सर्वश्रेष्ठ निवेश गंतव्य बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (व्यवसाय सुगमता) को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी व निवेशक-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से प्रमुख ऑनलाइन सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम ‘निवेश मित्र 3.0’ विकसित किया जा रहा है। यह नया संस्करण वर्ष 2026 में लॉन्च किया जा सकता है, जो निवेशकों को एक सहज, एकीकृत और इंटेलिजेंट डिजिटल अनुभव प्रदान करेगा। राज्य की निवेश नोडल विंग इन्वेस्ट यूपी इसके विकास को अंतिम रूप दे रही है और इसे बेहतर बनाने के लिए निवेशकों के साथ ही विशेषज्ञों की राय को भी इसमें समाहित किया जा रहा है।  राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम से होगा पूर्ण एकीकरण ‘निवेश मित्र 3.0’ को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि यह राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम (NSWS) से पूरी तरह एकीकृत हो। इससे केंद्र और राज्य स्तर की सभी आवश्यक अनुमतियां, स्वीकृतियां और सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी। यह प्रणाली निवेशकों को बार-बार अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाएगी और परियोजनाओं के क्रियान्वयन की गति को तेज करेगी। आईजीआरएस और मुख्यमंत्री डैशबोर्ड से बढ़ेगी जवाबदेही योगी सरकार की पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन प्रणाली को और मजबूत करने के लिए ‘निवेश मित्र 3.0’ का IGRS (इंटीग्रेटेड ग्रीवेंस रिड्रेसल सिस्टम), मुख्यमंत्री डैशबोर्ड (दर्पण), निवेश सारथी, OIMS और इंडिया इंडस्ट्रियल लैंड बैंक (IILB) से समग्र एकीकरण किया जाएगा। इससे निवेशकों की शिकायतें सीधे IGRS के माध्यम से दर्ज होंगी और उनका रीयल-टाइम मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री कार्यालय स्तर तक संभव हो सकेगा। यही नहीं, मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर विभागवार प्रगति, लंबित मामलों और निर्णयों की स्थिति स्पष्ट रूप से दिखाई देगी, जिससे अधिकारियों की उत्तरदायित्व तय करने की व्यवस्था और मजबूत होगी। AI आधारित स्मार्ट डैशबोर्ड होगा खास आकर्षण ‘निवेश मित्र 3.0’ की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित स्मार्ट डैशबोर्ड होगा। इसके माध्यम से रीयल-टाइम डेटा एनालिसिस, निवेश प्रस्तावों की प्रगति की लाइव ट्रैकिंग, विभागीय प्रदर्शन का आंकलन सुनिश्चित होगा, जिससे संभावित अड़चनों की पूर्व पहचान संभव हो सकेगी। यह तकनीक नीति निर्माण से लेकर जमीनी क्रियान्वयन तक डाटा आधारित निर्णय को बढ़ावा देगी। व्हाट्सएप, ईमेल और एसएमएस से मिलेगी हर अपडेट निवेशकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस पोर्टल में मल्टी-चैनल कम्युनिकेशन सिस्टम विकसित किया जा रहा है। निवेशक अपने आवेदन की स्थिति, स्वीकृति, आपत्ति या शिकायत निवारण की जानकारी व्हाट्सएप, ईमेल और एसएमएस के माध्यम से सीधे प्राप्त कर सकेंगे। इससे संवाद प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद बनेगी। योगी सरकार की निवेश नीति को मिलेगा मजबूत आधार योगी सरकार पहले ही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, नीतिगत सुधारों, सरलीकृत प्रक्रियाओं और डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से उत्तर प्रदेश को निवेश के मानचित्र पर अग्रणी राज्य बना चुकी है। ‘निवेश मित्र 3.0’ इस दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा, जो न केवल निवेशकों का विश्वास बढ़ाएगा, बल्कि विभागीय दक्षता और प्रशासनिक पारदर्शिता को भी नई ऊंचाई देगा। आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में बड़ा कदम विशेषज्ञों का मानना है कि ‘निवेश मित्र 3.0’ के माध्यम से उत्तर प्रदेश में उद्योग स्थापना की प्रक्रिया सरल, समयबद्ध और भ्रष्टाचार मुक्त होगी। यह पहल राज्य को आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ाएगी और रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास व आर्थिक सशक्तिकरण को नई गति देगी।

शानदार जीत के बाद भी ईमानदार हरमनप्रीत कौर, श्रीलंका को हराने पर बोलीं— मेहनत बेहद कठिन थी

नई दिल्ली  हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका का पांच मैचों की घरेलू टी20 सीरीज में क्लीन स्वीप किया। भारत ने तिरुवनंतपुरम में 175/7 का स्कोर बनाने के बाद श्रीलंका से आखिरी मैच 15 रनों से जीता। हरमनप्रीत ने 43 गेंदों में 9 चौकों और एक छक्के की मदद से 68 रनों की पारी खेली। वह प्लेयर ऑफ द मैच चुनी गईं। महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 जीतने के बाद हरमन ब्रिगेड की यह पहली सीरीज थी। भारतीय कप्तान ने वनडे से टी20 मोड में शिफ्ट करने की सच्चाई से मुंह नहीं फेरा। भारत ने महिला टी20 इंटरनेशनल में तीसरी बार 5-0 से सीरीज अपने नाम की है। भारत ने इससे पहले 2019 में वेस्टइंडीज और 2024 में बांग्लादेश के खिलाफ ऐसा किया था। वहीं, श्रीलंका टीम ने चार बार पांच मैचों की टी20 सीरीज खेली और पहली बार 5-0 से हार झेली।   'साल 2025 हमारे लिए बहुत अच्छा रहा' श्रीलंका का सूपड़ा साफ करने के बाद हरमनप्रीत ने कहा, ''2025 हमारे लिए वाकई बहुत अच्छा रहा। हमें कड़ी मेहनत का परिणाम मिला। मुझे लगता है कि अब इन अच्छी आदतों को दोहराते रहना है। इस साल हमने जैसा किया, वैसा ही जीतते रहना है।'' जब हरमनप्रीत से पूछा गया कि क्या वनडे वर्ल्ड कप जीतने के बाद सोच में बदलाव करना आसान था तो उन्होंने कहा, ''हम सबने एकसाथ काफी टी20 क्रिकेट खेला है और सभी को खुद पर विश्वास था कि हम यह कर सकते हैं। हर कोई बहुत सकारात्मक था और सच में खुश थे कि एकजुटता के साथ खेले। हम अपने लिए स्टैंडर्ड सेट करना चाहते थे। आगे बढ़ते हुए हम इस सीरीज को देख सकते हैं, सोच सकते हैं कि हमने क्या किया और हम भविष्य में क्या कर सकते हैं।'' 'टी20 मोड में शिफ्ट करना आसान नहीं था' 36 वर्षीय भारतीय कप्तान ने ने एक बैटर और लीडर के तौर पर अपने बारे में कहा, ''बतौर बल्लेबाज यह मेरी जिम्मेदारी है कि मैं टीम की बैटिंग लाइनअप को मजबूती दूं। मैं हमेशा टीम की जरूरत के मुताबिक योगदान देना चाहता हूं। बतौर कप्तान जिस तरह से हमने यह सीरीज खेली, उससे मैं वाकई में खुश हूं। वनडे क्रिकेट के बाद टी20 मोड में शिफ्ट करना आसान नहीं था, लेकिन सभी बहुत पॉजिटिव थे। वर्ल्ड कप के बाद यह सीरीज खेलने के लिए हर कोई उत्साहित था। चीजें जिस तरह से रही, उससे काफी खुश हूं। हमम जद्दोजहद की और हमने अपना शत प्रतिशत दिया।'' 'उम्मीद है कि जिस तरह से वनडे क्रिकेट' अगले सात महीनों में बहुत सारा टी20 क्रिकेट खेला जाना है। हरमनप्रीत ने कहा, ''बिल्कुल। यह सीरीज हमारे लिए बहुत अहम थी। इसलिए हम चाहते थे कि सभी उपलब्ध रहें ताकि बाद में हम देख सकें कि चीजें हमारे लिए कैसी चल रही हैं। अब महिला प्रीमियर ली (WPL) होगा। सभी फिर से टी20 मोड में होंगे। उम्मीद है कि हम सभी अपना बेस्ट क्रिकेट खेलेंगे और लुत्फ उठाएंगे। अगले छह महीने हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं। हम बस कड़ी मेहनत करते रहना चाहते हैं। उम्मीद है कि जिस तरह से वनडे क्रिकेट में चीजें हमारे लिए अच्छी रहीं, उसी तरह टी20 में भी चीजें अच्छी रहेंगी।''

‘हिंदुओं की भावनाओं से बार-बार मत खेलो’ — कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर का KKR और IPL पर बड़ा बयान

मुंबई कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में बांग्लादेशी खिलाड़ी को शामिल करने को लेकर शाहरुख खान की टीम केकेआर (KKR) को चेतावनी दी है। IPL में बांग्लादेशी खिलाड़ी को शामिल किए जाने पर कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने सीधे तौर पर कोलकाता नाइट राइडर्स का नाम लेते हुए कहा कि IPL से बांग्लादेशी खिलाड़ियों को बाहर करो। हिंदुओं की भावनाओं से बार-बार मत खेलो। देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि हमने कहा था बांग्लादेश का कोई क्रिकेटर नहीं आना चाहिए। मने सर्च करवाया कि किस किस आईपीएल की टीम में बांग्लादेशी है। हमने यहां से जाकर सर्च करवाया कि किस किस टीम में बांग्लादेशी है। एक बांग्लादेशी क्रिकेटर है, मात्र एक, जो आईपीएल में खरीदा गया है। उन्होंने आगे कहा कि यह खिलाड़ी मुंबई से जुड़ी एक टीम द्वारा खरीदा गया है और इसी बात को लेकर वे नाराजगी जता रहे हैं। देवकीनंदन ने आगे कहा कि आज इस कथा में बैठकर हम उससे यह कह देना चाहते हैं, अगर तुम्हें हिंदुओं से प्रेम है, अगर तुम्हें भारत से प्रेम है और अगर हिंदुओं के मरने का दुख तुमको भी है… तो मिस्टर केकेआर उस खिलाड़ी को बांग्लादेश के खिलाड़ी को अपनी टीम से निकाल कर बाहर करो। तुरंत बाहर करो। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो वे KKR के बहिष्कार के लिए मजबूर होंगे। हीरो बनाने वाले जीरो भी बना सकते हैं देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि मिस्टर केकेआर भूलना मत, तुमको हिंदुस्तानियों ने हीरो बनाया है। जो हीरो बना सकता है वो जीरो भी बना सकता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अभी समय है संभलने और सुधरने का, वरना समय उल्टी दिशा में बहने लगेगा और तब कोई नहीं बचा पाएगा। 9 करोड़ 20 लाख में खरीदा गया है खिलाड़ी अपने बयान में उन्होंने खिलाड़ी की कीमत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को 9 करोड़ 20 लाख में खरीदा गया है। वो पैसा कहां जाएगा? उसका प्रयोग क्या होगा? तमाम हिंदू मारे जाएंगे। उन्होंने दर्शकों से सवाल करते हुए कहा कि अगर KKR ने उस खिलाड़ी की कैंसलेशन नहीं की तो यह बहुत बड़ा खेला होगा।