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हर किसान के खेत तक पहुँचेगा सिंचाई के लिए जल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश में सिंचाई का रकबा 100 लाख हैक्टेयर करने का लक्ष्य सिंचाई के रकबे में हो रही है निरंतर वृद्धि भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की किसानों की खुशहाली की परिकल्पना को साकार करते हुए मध्यप्रदेश में सिंचाई का रकबा तेजी से बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा प्रदेश को दी गई तीन बड़ी परियोजनाओं से मध्यप्रदेश में सिंचाई का रकबा 100 लाख हैक्टेयर तक करने में सफलता मिलेगी। साथ ही प्रदेश की अन्य निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाऍ भी लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होंगी। प्रदेश में गत दो वर्षों में सिंचाई क्षमता में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है। किसानों की तरक्की और खुशहाली हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कृषि के अतिरिक्त पेयजल, उद्योगों, विद्युत उत्पादन आदि के लिए जल की उपलब्धता कराये जाने के प्रयास निरंतर जारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह मध्यप्रदेश का सौभाग्य है कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेई के नदी जोड़ो अभियान के सपने को साकार करने का कार्य प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में प्रारंभ हुआ। इस परियोजना से पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र की तस्वीर एवं तकदीर बदल जाएगी। इस परियोजना से न केवल सिंचाई अपितु पेयजल एवं विद्युत उत्पादन का लाभ भी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की दूसरी महत्वपूर्ण पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना है। इससे प्रदेश के बड़े हिस्से में सिंचाई, पेयजल, उद्योगों आदि के लिए पर्याप्त मात्रा में जल उपलब्ध हो सकेगा। प्रदेश में आकार ले रही तीसरी महत्वपूर्ण परियोजना तापी बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना है, जो कि विश्व में अपने आप में एक अनूठा प्रयास है। इस परियोजना अंतर्गत वर्षा के दौरान ताप्ती नदी के अतिरिक्त जल को नियंत्रित तरीके से भू-जल भरण के लिए उपयोग किया जाकर भू-जल स्तर में वृद्धि की जाएगी। परियोजना के क्रियान्वयन के लिये मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र राज्यों के मध्य सहमति बन चुकी है। मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री श्री मोदी की "पर ड्रॉप मोर क्रॉप" की अवधारणा को मूर्त रूप देने के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। सिंचाई प्रबंधन में मध्यप्रदेश देश में सर्वोच्च स्थान पर है। प्रदेश में सिंचाई के रकबे में निरंतर वृद्धि हो रही है। माइक्रो सिंचाई पद्धति में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी राज्य है। जल संरक्षण एवं संवर्धन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिये म.प्र. को राष्ट्रीय जल अवार्ड भी मिला है। केन-बेतवा राष्ट्रीय परियोजना परियोजना की लागत 44 हजार 605 करोड़ रूपये है। इससे सिंचाई 8 लाख 11 हजार हेक्टेयर में हो सकेगी। परियोजना से बुन्देलखण्ड के 10 जिले छतरपुर, पन्ना, दमोह, टीकमगढ, निवाडी, शिवपुरी, दतिया, रायसेन, विदिशा एवं सागर के लगभग 2 हजार ग्रामों के 7 लाख 25 हजार किसान परिवार लाभान्वित होंगे। साथ ही 44 लाख आबादी को पेयजल मुहैया हो सकेगा। परियोजना से 103 मेगावॉट विद्युत (जल विद्युत) और 27 मेगावॉट सौर उर्जा का उत्पादन होगा। भू-जल की स्थिति में सुधार, औद्योगीकरण, पर्यटन एवं रोजगार के अवसर में भी वृद्धि होगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने परियोजना का भूमि-पूजन पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती 25 दिसम्बर 2024 को किया। परियोजना का कार्य प्रांरभ हो चुका है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल राष्ट्रीय परियोजना परियोजना की कुल लागत 72 हजार करोड़ रूपये है। इसमें मध्यप्रदेश का हिस्सा 35 हजार करोड़ रूपये का है। परियोजना से मालवा एवं चंबल क्षेत्र के 13 जिले गुना, शिवपुरी, मुरैना, उज्जैन, सीहोर, मंदसौर, देवास, इंदौर, आगर मालवा, शाजापुर, श्योपुर, ग्वालियर एवं भिण्ड में 6.16 लाख हेक्टेयर में नवीन सिंचाई एवं चंबल नहर प्रणाली के आधुनिकीकरण से भिण्ड, मुरैना एवं श्योपुर के 3.62 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा हो सकेगी। साथ ही लगभग 2 हजार 94 ग्रामों की 40 लाख आबादी लाभान्वित होगी। मध्यप्रदेश की 19 सिंचाई परियोजनायें इसमें शामिल की गई हैं। मेगा तापी रीचार्ज परियोजना पारंपरिक जल भंडारण के स्थान पर भू-गर्भ जल पुनः भरण वाली इस परियोजना की कुल लागत 19 हजार 244 करोड़ रूपये है। इसे 10 मई 2025 को महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश के मध्य राष्ट्रीय परियोजना के रूप में निर्मित किये जाने की सहमति प्रदान की गई। परियोजना से बुरहानपुर एवं खण्डवा जिले की 1 लाख 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी। अटल भू-जल योजना से भू-जल संरक्षण एवं संवर्धन हेतु प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के 06 जिलों सागर- दमोह छतरपुर- टीकमगढ़-पन्ना एवं निवाडी के 09 विकासखंडों की 670 ग्राम पंचायत क्षेत्रों में जन सहभागिता से जल सुरक्षा योजना तैयार करने हेतु भारत सरकार की सहायता से 314.44 करोड़ राशि की योजना 2020 से अक्टूबर 2025 तक क्रियान्वित की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन सभी राष्ट्रीय एवं राज्यीय परियोजनाओं से प्रदेश में सिंचाई के रकबे को बढ़ाने और हर खेत तक पानी पहुँचाने में सफलता मिलेगी। राज्य सरकार ने सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए आगामी 3 वर्ष की कार्य योजना भी बनाई है, जिसे अमल में लाना शुरू कर दिया है।  

न्यू ईयर की पहली सुबह क्या करें? ये शुभ काम दूर करेंगे गरीबी और बढ़ाएंगे धन-धान्य

साल 2025 का आगाज़ होने वाला है. हर कोई चाहता है कि आने वाला साल उसके और उसके परिवार के लिए खुशियों की सौगात लेकर आए. ज्योतिष शास्त्र और पुरानी मान्यताओं के अनुसार, साल के पहले दिन की शुरुआत अगर सही ढंग से और कुछ विशेष शुभ कार्यों के साथ की जाए, तो पूरे 12 महीने मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और जीवन से दरिद्रता का नाश होता है. अगर आप भी चाहते हैं कि इस साल आपकी तिजोरी कभी खाली न रहे, तो नए साल की सुबह इन शुभ कार्यों को करना न भूलें. नए साल की पहली सुबह करें ये शुभ काम! ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान और सूर्य अर्घ्य शास्त्रों में ब्रह्म मुहूर्त को सबसे शुभ माना गया है. नए साल के पहले दिन सूर्योदय से पहले उठें और स्नान के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान करें. इसके बाद उगते हुए सूर्य को तांबे के लोटे से अर्घ्य दें. सूर्य देव को जल अर्पित करने से मान-सम्मान में वृद्धि होती है और स्वास्थ्य उत्तम रहता है. घर के मुख्य द्वार पर बनाएं स्वास्तिक घर का मुख्य द्वार वह स्थान है जहां से लक्ष्मी का आगमन होता है. साल की पहली सुबह अपने मुख्य द्वार की सफाई करें और हल्दी या सिंदूर से स्वास्तिक का चिह्न बनाएं. इसके साथ ही आम के पत्तों का तोरण लगाना भी अत्यंत शुभ माना जाता है. इससे नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं कर पाती. तुलसी पूजन और दीपक दान तुलसी के पौधे में साक्षात मां लक्ष्मी का वास माना जाता है. नए साल की सुबह तुलसी को जल अर्पित करें और शाम के समय घी का दीपक जलाएं. ध्यान रखें कि रविवार या एकादशी न हो तुलसी की पूजा करने से घर के कलह क्लेश दूर होते हैं और सुख-समृद्धि आती है. दान-पुण्य से करें शुरुआत गरीबी दूर करने का सबसे बड़ा मंत्र दान है. साल के पहले दिन अपनी सामर्थ्य के अनुसार किसी जरूरतमंद को अनाज, गर्म कपड़े या तिल का दान करें. पंछियों को दाना डालना और गाय को हरा चारा खिलाना भी सोए हुए भाग्य को जगाने का काम करता है. मंदिर जाकर लगाएं हाजिरी अपने दिन की शुरुआत अपने इष्ट देव के दर्शन से करें. चाहे वह घर का मंदिर हो या बाहर का देवालय, भगवान के चरणों में माथा टेककर नए साल के लिए मंगल कामना करें. यदि संभव हो तो श्री सूक्त या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें, यह धन प्राप्ति के लिए अचूक माना गया है. इन बातों का भी रखें खास ख्याल कलह से बचें: साल के पहले दिन घर में किसी भी तरह का झगड़ा या वाद-विवाद न करें. खुशहाल माहौल लक्ष्मी को आकर्षित करता है. उधार न लें, न दें: कोशिश करें कि साल के पहले दिन न तो किसी से पैसा उधार लें और न ही किसी को उधार दें. मान्यता है कि जैसा हमारा साल का पहला दिन बीतता है, वैसा ही असर पूरे साल पर रहता है. इसलिए सकारात्मक रहें, बड़ों का आशीर्वाद लें और शुभ संकल्पों के साथ नए साल का स्वागत करें.

कलेक्टर नम्रता जैन ने प्रत्येक माह के तीसरे शनिवार को कार्यालयों का साफ सफाई करने के निर्देश

नारायणपुर :  जिले के आंगनबाड़ी केन्द्र स्कूल के सभी बच्चों का हृदय रोग जांच कराना सुनिश्चित करें – कलेक्टर नम्रता जैन कलेक्टर नम्रता जैन ने प्रत्येक माह के तीसरे शनिवार को कार्यालयों का साफ सफाई करने के निर्देश कलेक्टर नम्रता जैन जिले के सभी बच्चों के आधार कार्ड मिशन मोड़ में बनाए जाने के निर्देश बस्तर पंडूम का सफल आयोजन करने अधिकारियों किया गया निर्देशित नारायणपुर साप्ताहिक समय सीमा की बैठक कलेक्टर नम्रता जैन द्वारा जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लिया गया। उन्होंने समय सीमा के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए समय सीमा में शीघ्र निराकरण कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये। कलेक्टर ने नियद नेल्लानार के कार्यों की समीक्षा करते हुए स्वीकृत निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये। कलेक्टर ने आत्म समर्पित नक्सलियों को राज्य सरकार के पुनर्वास निति योजनाओं से लाभान्वित करने तथा जिला स्तरीय अधिकारियों को अपने अपने जन्म दिवस पर आश्रम छात्रावास एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में न्योता भोज (आओ खुशियां बांटे) के तहत् अपने जन्म दिवस मनाने प्रेरित किया। बैठक में कलेक्टर जैन ने उपस्थित अधिकारियों को सूर्य घर योजना बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्रत्येक माह के तीसरे शनिवार को कार्यालयों का साफ-साफ करने के निर्देश दिए। जिले के ऐजुकेशन हब को सुरक्षित महौल तैयार करनेे के लिए सुरक्षा गार्ड तैनात करने निर्देशित किए। जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों में बैठक व्यवस्था और बर्तन खरीदी के लिए आंगनबाड़ी केन्द्रों का चिन्हाकिंत करने निर्देशित किया गया। जिले के बच्चों का आधार कार्ड मिशन मोड़ में बनाया जाएगा। गर्भवती माताओं का शतप्रतिशत स्वास्थ्य प्ररीक्षण कराने के निर्देश दिए। गर्भवती माताओं का प्रसव डिलीवरी डेट के पूर्व जिला अस्पताल में भर्ती करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिए। कलेक्टर ने जनपद सीईओ को निर्देशित करते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों में दिव्यांगता का सर्वे सुनिश्चित करने निर्देश दिए। जिले के आंगनबाड़ी केन्द्र, स्कूलों के सभी बच्चों का हृदय रोग जांच कराने के निर्देश दिए। बस्तर पंडूम का सफल आयोजन करने जिला स्तरीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए, प्रथम चरण जनपद स्तर पर 10 से 20 जनवरी तक द्वितीय चरण जिला स्तर पर 24 से 29 जनवरी और तृतीय चरण संभाग स्तर पर 2 से 6 फरवरी तक आयोजित किए जाऐंगें। बैठक में कलेक्टर जैन ने नियद नेल्लानार अंतर्गत आने वाले ग्रामों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने, शिविर लगाकर राशन, आधार, आयुष्मान कार्ड और श्रम कार्ड बनाने निर्देशित किया। प्रधानमंत्री जनमन योजनांतर्गत जिले के आत्म समर्पित नक्सली और नक्सल पीड़ित परिवार के सदस्यों को शासकीय सेवा में नियुक्ति देने तथा पुनर्वास योजना से लाभान्वित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर जनदर्शन में दिए गए आवेदनांे का शीघ्र निराकरण करने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने धान खरीदी केन्द्रों हेतु नियुक्त नोडल अधिकारियों को धान खरीदी केन्द्रों का नियमित रूप से निरीक्षण करने तथा धान उठाव एवं बारदाने की जानकारी लेने निर्देशित किया। उन्होंने मुख्यमंत्री कौशल विकास योजनान्तर्गत जिले के बेरोजगार युवको को कौशल प्रशिक्षण प्रदाय कर रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर जैन ने बस्तर विकास प्राधिकरण के तहत् किए जाए रहे अधुरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने, जिले के विद्यार्थीयों का शतप्रतिशत जाति निवास एवं आय प्रमाण पत्र बनाने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया। राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए मसाहती एवं असर्वेक्षित ग्रामों के राजस्व सर्वेक्षण की प्रगति, गुड गवर्नेंस वीक ’’प्रशासन गांव की ओर’’ के आयोजन, अबुझमाड़ में लाल पानी की समस्याओं, अभियान चलाकर अगामी 60 दिवसों में अभिलेखों का विनिष्टीकरण और परीक्षा पे चर्चा 2026 के सफल आयोजन हेतु आवश्यक तैयारियां तथा ग्राम मोहन्दी, हिकपाड़, कस्तुरमेटा के नक्सल पीड़ित परिवार को गृह ग्राम में पुनः बसाने संबंधी समीक्षा कि गई। जिला अस्पताल में मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण क साथ सुविधाएं उपलब्ध कराने, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु वार्षिक कार्य योजना राज्य कार्यालय को उपलब्ध कराने एवं सर्वश्रेष्ठ भारत-विकास के राजदूत के संबंध जानकारी ली गई। उन्होंने मोबाईल टॉवरो के स्थापना की प्रगति के संबंध के समीक्षा किया गया। विगत 5 वर्षों से प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा हेतु राजस्व वसूली करने जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी को निर्देश किया गया। बैठक में अपर कलेक्टर बीरेन्द्र बहादुर पंचभाई, एसडीएम अभयजीत मण्डावी, डॉ. सुमित गर्ग, डिप्टी कलेक्टर डीके कोशले, सौरभ दीवान, तहसीलदार सौरभ चौरसिया, जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार पटेल, सीएमएचओ डॉ. टीआर कुंवर, महिला एवं बाल विकास अधिकारी लुपेन्द्र महिलांग, जनपद सीईओ नारायणपुर सुनिल कुमार सोनपिपरे, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता संजय चौहान, आरईएस रमेश नेताम, ओरछा लोकेश चतुर्वेदी सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

जल संकट से स्थायी मुक्ति की दिशा में बड़ा कदम : वेस्ट वॉटर बनेगा एडवांस यूपी की ताकत

आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संरक्षण किया जाएगा सुनिश्चित वेस्ट वॉटर का आर्थिक संसाधन के रूप में किया जाएगा इस्तेमाल तीन चरणों में लागू की जाएगी योजना : नगरपालिका, इंडस्ट्री, कृषि के साथ किया जाएगा गैर-पेय घरेलू उपयोग वेस्ट वॉटर से बनेगा विकास का नया मॉडल, पर्यावरण संरक्षण के साथ बढ़ेगी जल उपलब्धता लखनऊ उत्तर प्रदेश को जल सुरक्षा और सतत विकास की दिशा में अग्रणी बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक ऐतिहासिक पहल की जा रही है। योगी सरकार ने यह स्पष्ट लक्ष्य तय किया है कि वर्ष 2030 तक 50 प्रतिशत और 2035 तक 100 प्रतिशत वेस्ट वॉटर का सुरक्षित पुनः उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। जिसके जरिए कृषि से लेकर इंडस्ट्री तक में इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसके लिए व्यापक नीति, चरणबद्ध कार्ययोजना और मजबूत क्रियान्वयन तंत्र तैयार किया गया है। यह पहल न सिर्फ जल संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और टिकाऊ जल प्रबंधन की मजबूत नींव भी रखेगी। वेस्ट वॉटर बनेगा विकास का संसाधन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के तहत अब वेस्ट वॉटर को बोझ नहीं, बल्कि आर्थिक संसाधन के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा तैयार की जा रही नीति के तहत उपचारित जल का उपयोग नगर निकायों के कार्यों, इंडस्ट्री, कृषि एवं गैर-पेय घरेलू उपयोग में किया जाएगा। इससे भूजल पर दबाव कम होगा और पर्यावरण संतुलन मजबूत होगा। वेस्ट वॉटर मैनेजमेंट का रोडमैप तैयार : तीन चरणों में लागू होगी योजना राज्य स्वच्छ गंगा मिशन के परियोजना निदेशक जोगिन्दर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नदियों के संरक्षण को लेकर अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। इसी के साथ योगी सरकार ने वेस्ट वॉटर मैनेजमेंट के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है। पहला चरण (2025–2030) : जहां एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) और संग्रहण की सुविधा पहले से मौजूद है, वहां 50 फीसदी वेस्ट वॉटर के पुन: उपयोग का लक्ष्य तय किया गया है। दूसरा चरण (2030–2035) : इन क्षेत्रों में क्षमता विस्तार कर 100 फीसदी वेस्ट वॉटर के पुन: उपयोग को सुनिश्चित किया जाएगा। तीसरा चरण (2045 तक) : जहां अभी उपचार और संग्रहण की व्यवस्था नहीं है, वहां चरणबद्ध ढंग से 30 फीसदी, फिर 50 फीसदी और अंततः 100 फीसदी वेस्ट वॉटर के उपयोग की व्यवस्था विकसित की जाएगी। प्रदेश के लिए दूरगामी फायदे लेकर आएगी योजना योगी सरकार की इस नीति का मूल उद्देश्य जल संसाधनों पर बढ़ते दबाव को कम करना, पर्यावरण संरक्षण को मजबूती देना और शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों में सतत विकास सुनिश्चित करना है। यह योजना न केवल पर्यावरणीय दृष्टि से लाभकारी है, बल्कि आर्थिक रूप से भी राज्य के लिए दूरगामी फायदे लेकर आएगी। योगी सरकार अब वेस्ट वॉटर को विकास के संसाधन में बदलेगी राज्य स्वच्छ गंगा मिशन के परियोजना निदेशक जोगिन्दर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश लगातार जल संरक्षण और जल प्रबंधन के क्षेत्र में राष्ट्रीय मॉडल के रूप में उभर रहा है। योगी सरकार अब वेस्ट वॉटर को विकास के संसाधन में बदलने जा रही है। शहरी, ग्रामीण व गैर-पेय उपयोग के लिए अलग-अलग प्लानिंग सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शहरी, ग्रामीण व गैर-पेय उपयोग के लिए अलग-अलग योजना बनाई जा रही है। जल संरक्षण के साथ आर्थिक विकास को भी बढ़ावा दिया जाएगा। सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश जल प्रबंधन का मॉडल बनने जा रहा है।

रायपुर: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भरन राजवाड़े परिवार को मिला पक्का आशियाना

रायपुर : प्रधानमंत्री आवास योजना से सरगुजा के दिल भरन राजवाड़े परिवार को मिला पक्का आशियाना सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक आवास से बदला जीवन स्तर रायपुर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) राज्य में जरूरतमंद परिवारों के लिए स्थायी आवास का सपना साकार कर रही है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत परसा निवासी दिल भरन राजवाड़े के परिवार को पक्का आवास उपलब्ध हो सका है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। दिल भरन राजवाड़े वर्षों से खेती-बाड़ी एवं मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते आ रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण उनका परिवार लंबे समय तक सीमित संसाधनों और असुविधाजनक परिस्थितियों में रहने को विवश था। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वीकृत आवास के निर्माण से अब उनका दो कमरों का पक्का मकान पूर्ण रूप से तैयार हो चुका है, जिसमें आठ सदस्यीय परिवार एक साथ सुरक्षित रूप से निवास कर रहा है। नए पक्के आवास के मिलने से परिवार को न केवल सुरक्षित और स्वच्छ आवासीय सुविधा उपलब्ध हुई है, बल्कि बरसात, ठंड और गर्मी के मौसम में होने वाली कठिनाइयों से भी राहत मिली है। पक्का घर मिलने से परिवार का आत्मसम्मान बढ़ा है और सामाजिक सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। दिल भरन राजवाड़े ने प्रधानमंत्री आवास योजना को गरीब और श्रमिक परिवारों के जीवन मंल बदलाव लाने वाली योजना बताते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह योजना वास्तव में आमजन के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

गरियाबंद: मुख्यमंत्री 7 जनवरी को नवनिर्मित श्रीरामजानकी मंदिर में धर्मध्वजा स्थापित करेंगे

गरियाबंद : मुख्यमंत्री सिरकट्टी में 7 जनवरी को करेंगे नवनिर्मित श्रीरामजानकी मंदिर में धर्मध्वजा की स्थापना गरियाबंद चतुर्भुज सिरकट्टी पावन धाम स्थित नव निर्मित भव्य श्रीरामजानकी मंदिर में 51 कुंडीय श्रीराम चरित मानस महायज्ञ का भव्य आयोजन 6 से 12 जनवरी तक किया जा रहा है। इसी क्रम में 7 जनवरी  को दोपहर 12 बजे धर्मध्वजा स्थापना एवं कलश पूजन का पावन कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर नवनिर्मित मंदिर में धर्मध्वज की स्थापना करेंगे। कलेक्टर बीएस उईके, जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर, पुलिस अधीक्षक वेद व्रत सिरमौर ,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेंद्र चंद्राकर, एसडीपीओ सुनिशा सिंहा जी ने कार्यक्रम स्थल का  निरीक्षण किया इस दौरान पार्किंग व्यवस्था, हेलीपेड निर्माण स्थल निरीक्षण एवं चयन, मेले की तैयारी,सुरक्षात्मक दृष्टि से दुकानों का आबंटन, आगंतुकों के आवाजाही का नियंत्रण, भंडारा, गौशाला सहित मंचीय स्थल का जायजा लिया । यह मंदिर हजारों श्रद्धालुओं के दान दाताओं के फल स्वरूप 10 सालों में निर्मित हुई है जो कि अयोध्या के राम मंदिर के तर्ज पर बनाया गया है जिसमें लगभग 9 करोड़ रु की लागत से राजस्थान के कारीगर तैयार किए है। इस धार्मिक अनुष्ठान में अनेक आमंत्रित संत-महापुरुषों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी, जिनमें संत 108 रामगोपाल दास जी महाराज (देवरघटा, शिवरीनारायण), पूज्य संत 108 महंत सरजू शरण महाराज (राघवेन्द्र आश्रम, अयोध्या), पूज्य संत रामनारायण शरण महाराज (अयोध्या) तथा पूज्य संत उदयनाथ बाबा महाराज (कांडशर आश्रम, देवभोग) प्रमुख हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री अरुण साव करेंगे। वहीं आत्मीय अतिथि के रूप में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, महासमुंद लोकसभा सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, राजिम विधायक रोहित साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। आयोजनकर्ता एवं आश्रम के मुख्य पीठाधीश महामण्डलेश्वर संत गोवर्धन शरण व्यास, महंत सिरकट्टी आश्रम कुटेना एवं आश्रम परिवार हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से इस पावन अवसर पर सपरिवार उपस्थित होकर धर्मलाभ ले सकते है।

पाकिस्तान की बढ़ी चिंता, टी20 वर्ल्ड कप में शाहीन शाह अफरीदी का खेलना संदेह के घेरे में

नई दिल्ली  पाकिस्तान के अनुभवी तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी चोट के कारण ऑस्ट्रेलिया से बुधवार को स्वदेश लौट रहे हैं और उनका भारत और श्रीलंका में अगले साल होने वाले टी20 विश्व कप में खेलना संदिग्ध है।   शाहीन को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने लाहौर स्थित हाई परफॉर्मेंस सेंटर में उपचार के लिये बुला लिया है। उन्हें बिग बैश लीग में ब्रिसबेन हीट के लिये फील्डिंग करते समय चोट लगी थी। बीबीएल में पदार्पण कर रहे शाहीन का प्रदर्शन औसत रहा है। वह 2021-22 में घुटने की सर्जरी के कारण लंबे समय क्रिकेट से दूर रहे थे। पीसीबी के एक अधिकारी ने बताया कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से बातचीत के बाद उन्हें वापस बुलाया गया है। उनकी चोट को लेकर प्रारंभिक फीडबैक यही मिला है कि उन्हें पूरे आराम की जरूरत है और चोट से उबरने में समय लगेगा। उन्होंने कहा कि चोट की गंभीरता और उससे उबरने में लगने वाले समय के बारे में बोर्ड के डॉक्टरों से मिलकर ही पता चल सकेगा। शाहीन ने बीबीएल टीम द्वारा जारी बयान में कहा, ‘ब्रिसबेन में खेलने में बहुत मजा आया और मुझे दुख है कि इस बार पूरे सत्र में नहीं खेल सकूंगा। उम्मीद है कि जल्दी मैदान पर लौटूंगा।’ शाहीन शाह अफरीदी अगर टी20 वर्ल्ड कप में नहीं खेलते हैं तो ये पाकिस्तान के लिए एक तगड़ा झटका होगा।  

अंधेरे में उम्मीद का दीया: पीएम मोदी के इस यादगार कथन ने देश को दिया नया संदेश

नई दिल्ली साल 2025 के समापन पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के 'मोदी आर्काइव' अकाउंट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उन प्रेरक भाषणों को शेयर किया है, जिनमें उन्होंने देश के भविष्य, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण को लेकर कहा है। 'मोदी आर्काइव' ने पीएम मोदी के कुछ बयानों का ऑडियो शेयर करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "जैसे ही 2025 खत्म हो रहा है, हम नरेंद्र मोदी के दशकों पहले कहे गए उम्मीद और दृढ़ संकल्प पर उनके यादगार शब्दों को फिर से याद करते हैं।" 'मोदी आर्काइव' की ओर से जारी 2.15 मिनट की वीडियो क्लिप में पीएम मोदी ने शुरुआत में कहा, "मित्रों, जीवन में आशावादी होना चाहिए, निराशा कभी जीवन में आनी नहीं चाहिए और यह तब होता है जब जीवन में सकारात्मक सोच हो।  सकारात्मक सोच की शक्ति पूरे संसार को बदल सकती है। हम सारी दुनिया को नहीं बदल सकते हैं। अगर तूफान आ जाए तो हम समुद्र की लहरों को नहीं मोड़ सकते हैं, लेकिन जिस नाव में बैठे हैं, उस नाव की दिशा को हम बदल सकते हैं और इसे बदलना हम जानते हैं।" एक अन्य भाषण में पीएम मोदी ने कहा, "अगर आपका दिल साफ है, अगर आपके विचारों में स्पष्टता है, अगर आपको कुछ करने का पक्का इरादा है और आपमें सामना करने की हिम्मत है तो मुझे यकीन है कि कुछ भी हासिल कर सकते हैं।" 'मोदी आर्काइव' ने पीएम मोदी के उस भाषण को भी क्लिप में शामिल किया है, जिसमें प्रधानमंत्री ने कहा था, "जैसे मौसम बदलता रहता है, वैसे ही जिंदगी के उतार-चढ़ाव आते-जाते हैं। बादल कभी आते हैं, कभी चले जाते हैं। कभी-कभी चांद साफ चमकता है तो कभी सूरज साफ नजर आता है। जिंदगी में यह सब कुछ आता है, लेकिन तुम अपने लक्ष्य को पार करते हुए चले चलो, कभी न कभी यश प्राप्त होगा।" इसके अलावा, पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा था, "तमन्ना अच्छे काम करने की होनी चाहिए। पाने की तमन्ना से कुछ करने की तमन्ना शायद अच्छा परिणाम देती है।" देशवासियों के लिए एक नई राह दिखाते हुए पीएम मोदी ने एक भाषण में कहा, "कल कैसी थी, उसके आधार पर आने वाली कल तय नहीं होती है। आने वाली कल के लिए हमारी सोच क्या है, उसके आधार पर आने वाली कल का निर्माण होता है। जो बीती हुई कल पर रोते रहते हैं, वह आने वाली कल को कभी सजा नहीं सकते हैं। हमें तो सकारात्मक रुख लेकर आगे चलना है, कोशिश करनी है, कभी न कभी सफलता मिलेगी और यह मेरा विश्वास है।" 'मोदी आर्काइव' ने पीएम मोदी के एक शायराना अंदाज को भी उनके बयानों की सीरीज का हिस्सा बनाया है। इसमें पीएम मोदी कहते हैं, "दोस्तों, माना रात अंधेरी है, अंधेरा घना है, लेकिन यारो दीया जलाना कहां मना है। आओ दोस्तो दिया जलाएं, जिस घर में रोशनी नहीं है, वहां घर में रोशनी पहुंचाएं।

अफगानिस्तान ने टी20 वर्ल्ड कप टीम से उठाया पर्दा, नवीन-उल-हक–गुलबदीन की वापसी, कप्तानी की जिम्मेदारी किसे मिली?

नई दिल्ली  अफगानिस्तान ने भारत और श्रीलंका में आयोजित होने वाले ICC पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए अपनी 15 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है, जिसकी कप्तानी राशिद खान करेंगे और इब्राहिम जादरान उप-कप्तान की भूमिका निभाएंगे। इस टीम में अनुभवी ऑलराउंडर गुलबदीन नइब और कंधे की चोट से उबरने वाले तेज गेंदबाज नवीन-उल-हक की वापसी हुई है। टीम में मुजीब उर रहमान, रहमानुल्लाह गुरबाज, मोहम्मद नबी और फजल हक फारूकी जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा गेंदबाज अब्दुल्ला अहमदजई को भी जगह मिली है, जबकि एएम गजनफर, एजाज अहमदजई और जिया उर रहमान शरीफी को रिजर्व खिलाड़ियों की सूची में रखा गया है।   बुधवार (31 दिसंबर) को जारी प्रेस रिलीज में अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इस महत्वपूर्ण टूर्नामेंट के लिए अपनी 15 सदस्यीय टीम का ऐलान किया, इसमें 19 जनवरी, 2026 से शुरू होने वाली वेस्ट इंडीज के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला भी शामिल होगी। अफगानिस्तान टीम: राशिद खान (कप्तान), नूर अहमद, अब्दुल्ला अहमदजई, सेदिकुल्लाह अटल, फजलहक फारूकी, रहमानुल्लाह गुरबाज, नवीन उल हक, मोहम्मद इशाक, शाहिदुल्लाह कमाल, मोहम्मद नबी, गुलबदीन नइब, अजमतुल्लाह उमरजई, मुजीब उर रहमान, दरविश रसूली, इब्राहिम जादरान (उप-कप्तान)। रिजर्व: एएम ग़ज़नफ़र, इजाज अहमदजई और जिया उर रहमान शरीफी। बता दें कि टी-20 विश्व कप से पहले अफगानिस्तान की टीम यूएई में वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज खेलकर अपनी तैयारियों को और दुरुस्त करेगी। आगामी टूर्नामेंट में अफगानिस्तान को पूल D में न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, संयुक्त अरब अमीरात और कनाडा के साथ रखा गया है, जहां वे अपना पहला मैच 8 फरवरी को चेन्नई में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलेंगे। पिछले 2024 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल तक पहुंचने वाली अफगान टीम से क्रिकेट बोर्ड को इस बार एशियाई परिस्थितियों में और भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है। अफगानिस्तान के खिलाड़ी भारतीय उपमहाद्वीप की परिस्थितियों को समझते हैं और उनके पास शानदार स्पिन गेंदबाजी अटैक है। राशिद खान और मोहम्मद नूर जैसे आक्रामक स्पिन गेंदबाजी के सामने ग्रुप की अन्य टीमों को खासी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। नवील-उल-हक के टीम में वापस आने से और मजबूती आई है। भारतीय परिस्थितियों में दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड को अफगानिस्तान को टॉप-2 में जाने से रोकने के लिए कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता, मंत्रालय में अहम निर्णय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय, महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए – 1.    मंत्रिपरिषद की बैठक में तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों से 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से तेंदूपत्ता खरीदने के लिए वर्ष 2026 हेतु ऋण लेने के लिए राज्य शासन की गारंटी देने की अनुमति दी गई। 2.    मंत्रिपरिषद ने कोदो, कुटकी और रागी की खरीद, प्रसंस्करण और बिक्री के लिए छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को कार्यशील पूंजी प्रदाय किये जाने की अनुमति दी गई। 3.    मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को अराष्ट्रीयकृत लघु वनोपज के क्रय, भंडारण, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन के लिए एक बार के लिए 30 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण देने का निर्णय लिया है। 4.    मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम द्वारा राज्य शासन की प्रत्याभूति (गारंटी) पर लिए गए ऋणों के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इसके अंतर्गत राज्य शासन द्वारा 55.69 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान कर पांच राष्ट्रीय निगमों से लिए गए ऋणों की पूर्ण राशि वापस करने का अनुमोदन किया गया। ये राष्ट्रीय निगम हैं- राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम, पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम, अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम और दिव्यांग वित्त एवं विकास निगम। वर्तमान में इन ऋणों पर राज्य शासन द्वारा प्रतिवर्ष लगभग 2.40 करोड़ रुपये ब्याज का भुगतान किया जा रहा है। ऋण की पूरी अदायगी होने पर यह ब्याज व्यय पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। साथ ही राष्ट्रीय निगमों से एनओसी (अदेय प्रमाण पत्र) प्राप्त होने पर शासन की ओर से दी गई 229.91 करोड़ रुपये की लंबित गारंटी देनदारी भी समाप्त हो जाएगी। इस निर्णय से राज्य शासन पर वित्तीय बोझ कम होगा और भविष्य में होने वाले अनावश्यक व्यय से बचत सुनिश्चित होगी। 5.    मंत्रिपरिषद ने निर्णय लिया है कि –      उसना मिलिंग पर प्रोत्साहन राशि 20 रू. प्रति क्विंटल से बढ़ाकर की गई 40 रू. प्रति क्विंटल     सभी मिलरों के लिए प्रोत्साहन राशि की पात्रता हेतु अब न्यूनतम 03 माह की जगह न्यूनतम 02 माह की मिलिंग करनी होगी     6.    मंत्रिपरिषद ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन का निर्णय लिया। इससे नीति के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रचार-प्रसार, विशेषज्ञों की नियुक्ति और सेवा गतिविधि प्रमाणपत्र जारी करने के संबंध में विसंगतियां दूर होंगी। इन संशोधनों से राज्य में निवेश की गुणवत्ता बढ़ेगी, स्थायी रोजगार सृजन होगा और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। 7.    मंत्रिपरिषद ने राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में 20 जनवरी से 5 फरवरी तक आयोजित 9वें ऑटो एक्सपो के दौरान बिकने वाले वाहनों पर लाइफ टाइम रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।  यह छूट एक्सपो में वाहन बिक्री के बाद पंजीकरण के समय लागू होगी, जिससे मोटरयान कर में एकमुश्त 50 प्रतिशत की राहत मिलेगी। पूरे प्रदेश के वाहन विक्रेताओं को इसका लाभ मिलेगा, इस संबंध में निर्देशित किया गया है। 8.    मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश में कस्टम मिलिंग के लिए धान उपार्जन एवं परिवहन से संबंधित गतिविधियों के लिए राइस मिलर्स द्वारा दी जाने वाली बैंक गारंटी पर देय स्टाम्प शुल्क को 0.25 से घटाकर 0.05 प्रतिशत करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।  9.    मंत्रिपरिषद द्वारा पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ नवा रायपुर अटल नगर में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी का एक नवीन पद वेतन मेट्रिक्स लेवल-14 एक वर्ष की अवधि के लिए स्थायी रूप से निर्मित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। 10.    मंत्रिपरिषद द्वारा रायपुर महानगरीय पुलिस जिला में पुलिस आयुक्त प्रणाली को 23 जनवरी से लागू किए जाने के संबंध में निर्णय लिया गया है।