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जश्न में सुरक्षा का भरोसा: न्यू ईयर पर नशे में लोगों को घर छोड़ेगी पुलिस

बेंगलुरु  नववर्ष की पूर्व संध्या (न्यू ईयर ईव) पर होने वाले जश्न के दौरान कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कर्नाटक सरकार ने कड़े और संवेदनशील कदम उठाने का ऐलान किया है। कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने बुधवार को कहा कि अत्यधिक नशे में धुत, चलने-फिरने या होश में न रहने की हालत में पाए जाने वाले लोगों को पुलिस उनके घर तक छोड़ने की व्यवस्था करेगी।   15 जगहों पर बनाए गए ‘रेस्टिंग प्वाइंट’ गृह मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि सरकार ने ऐसे लोगों के लिए राज्य में 15 स्थानों पर अस्थायी विश्राम केंद्र (रेस्टिंग प्वाइंट) बनाए हैं। यहां नशे की हालत सामान्य होने तक उन्हें रखा जाएगा, जिसके बाद सुरक्षित रूप से घर भेजा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सुविधा सभी के लिए नहीं होगी, बल्कि केवल उन्हीं लोगों के लिए है जो अत्यधिक नशे में हैं, चल नहीं पा रहे हैं या बेहोशी की हालत में पहुंच गए हैं। इन शहरों में ज्यादा सतर्कता जी परमेश्वर ने कहा कि इस तरह की घटनाएं मुख्य रूप से बेंगलुरु, मैसूरु, हुबली, बेलगावी और मंगलुरु में सामने आती हैं। खासकर बेंगलुरु में बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से आए लोग नववर्ष का जश्न मनाने के लिए सड़कों पर उतरते हैं, जिससे भीड़ और अव्यवस्था की आशंका बढ़ जाती है। महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गृह मंत्री ने विशेष चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जश्न के दौरान किसी महिला की हालत क्या हो सकती है, यह कहना मुश्किल होता है। कोई बेहोशी की स्थिति में हो सकती है और ऐसे समय में किसी भी तरह का दुरुपयोग हो सकता है। इसी कारण राज्य के सभी 30 जिलों को अलर्ट पर रखा गया है और पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। बार और पब को सख्त निर्देश सरकार ने बार और पब संचालकों को भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। भीड़ के कारण धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी की स्थिति न बने, इसके लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। खासतौर पर अधिक भीड़ वाले इलाकों में पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी। ड्रिंक एंड ड्राइव पर सख्ती, 160 चेकिंग पॉइंट ड्रिंक एंड ड्राइव के मामलों को लेकर जी परमेश्वर ने कहा कि पुलिस ने 160 स्थानों की पहचान की है, जहां सघन जांच होगी। तय सीमा से अधिक शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर उसी तरह मामले दर्ज किए जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अत्यधिक नशे की हालत में वाहन चलाने से न केवल चालक की जान को खतरा होता है, बल्कि दूसरों की जान भी जा सकती है। यदि दो दिनों तक स्थिति को नियंत्रित कर लिया जाए, तो कई जानें बचाई जा सकती हैं। बॉडी कैमरा और कमांड सेंटर से सीधा कनेक्शन भीड़भाड़ और संभावित असामाजिक या आतंकी गतिविधियों से निपटने के लिए पुलिस को बॉडी कैमरा पहनने के निर्देश दिए गए हैं। ये कैमरे सीधे कमांड सेंटर से जुड़े रहेंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत अतिरिक्त बल तैनात किया जा सके। बेंगलुरु में 20,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात इससे पहले कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बेंगलुरु में की गई सुरक्षा तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि नववर्ष 2026 के स्वागत के लिए शहर में 20,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और ट्रैफिक व भीड़ पर नजर रखने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही असुरक्षित ड्राइविंग और अन्य जोखिमों को रोकने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। कुल मिलाकर, कर्नाटक सरकार का यह कदम नववर्ष के जश्न को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और दुर्घटनारहित बनाने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।

अंतर्राष्ट्रीय रैपिड शतरंज टूर्नामेंट का आयोजन हरदा में, शतरंज प्रेमियों के लिए सुनहरा अवसर

भोपाल  अंतर्राष्ट्रीय शतरंज टूर्नामेंट का भव्य आयोजन हरदा जिले में होने जा रहा है। यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट हरदा जिला शतरंज संगठन के तत्वाधान में इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के अनुरूप संपन्न होगा, जिसमें देश-प्रदेश सहित विभिन्न स्थानों के ख्याति प्राप्त और रेटेड खिलाड़ी अपने खेल का जौहर दिखाएंगे। इस टूर्नामेंट की तिथि शतरंज फेडरेशन द्वारा 24 जनवरी शनिवार निर्धारित की गई है। यह टूर्नामेंट कलेक्टर निवास के सामने, इंदौर रोड हरदा डिग्री कॉलेज में होगा, जिसमें देश-विदेश के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। यह इंटरनेशनल चेस टूर्नामेंट 24 जनवरी राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बालिकाओं को समर्पित रहेगा। इसमें बड़ी संख्या में बालिकाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए जिले एवं आसपास के विद्यालयों और महाविद्यालयों से संपर्क कर उन्हें प्रेरित किया जाएगा। साथ ही खिलाड़ियों के खेल स्तर को बेहतर बनाने हेतु पूर्व में प्रशिक्षण-सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन ने बताया कि शतरंज के शौकीनों और खिलाड़ियों के लिए यह एक बेहतरीन मौका है, जहां वे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं। टूर्नामेंट में कुल 1 लाख 51 हजार रुपये की इनामी राशि और ट्रॉफियां रखी गई है। यह एक रेपिड टूर्नामेंट होगा, जिसमें प्रत्येक खिलाड़ी को 15 मिनट और प्रति चाल 5 सेकंड का अतिरिक्त समय मिलेगा। उन्होंने बताया कि टूर्नामेंट के लिये ओपन श्रेणी हेतु 750 रुपये तथा हरदा के स्थानीय खिलाड़ियों के लिये 500 रूपये एन्ट्री फीस निर्धारित की गई है। जीएम/डब्ल्यूजीएम/डब्ल्यूआईएम खिताब धारकों और 2300 से ऊपर रेटेड खिलाड़ियों के लिए प्रवेश निःशुल्क है। इसके अलावा दिव्यांग खिलाड़ियों को एंट्री फीस में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इच्छुक खिलाड़ी ब्रोशर लिंक https://circlechess.com/brochure?id=49722 व पंजीकरण लिंक https://circlechess.com/registration?id=49722 के माध्यम से टूर्नामेंट के आयोजन के संबंध में जानकारी प्राप्त कर अपना पंजीयन करा सकते हैं।  

राजस्थान दहलाने की साजिश नाकाम? 150 किलो विस्फोटक से लदी कार पकड़ी गई, मकसद पर सस्पेंस

जयपुर  राजस्थान में नए साल पर अलर्ट पुलिस ने भारी मात्रा में विस्फोटक से लदी एक कार को बरामद किया है। राजस्थान के टोंक में पकड़ी गई कार में 150 किलो अमोनियम नाइट्रेट था, जिसे यूरिया के कट्टों में छिपा कर रखा गया था। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर इन विस्फोटकों को किस मकसद से और कहां ले जाया जा रहा था। टोंक के डीएसपी मृत्युंजय मिश्रा ने बताया कि मारुति सियाज गाड़ी बूंदी से रवाना हुई और टोंक जा रही थी। सूचना आधार पर बरौनी थाना क्षेत्र में नाकाबंदी कर इस कार को रोका गया। जांच में इसके अंदर भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुआ है। यह विस्फोटक 150 किलो अमोनियम नाइट्रेड था, जो यूरिया के कट्टों में छिपाकर रखा गया था। इसके साथ 200 डेंजर एक्सप्लोसिव कार्टेज और सेफ्टी फ्यूज वायर के 6 बंडल (कुल करीब 1100 मीटर) बरामद किए गए। पुलिस ने विस्फोटक ले जा रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान सुरेंद्र (48) पुत्र भंवरलाल, और सुरेंद्र मोची (33) पुत्र दुलीलाल के रूप में हुई है। दोनों करवर बूंदी के रहने वाले हैं। पुलिस आरोपियों से विस्फोटक सामग्री की सप्लाई और इसके उपयोग को लेकर गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस पता लगा रही है कि ये लोग विस्फोटक कहां से लाए थे और किसके पास ले जा रहे थे। पुलिस की जांच मुख्य रूप से इस बात पर केंद्रित है कि विस्फोटक किस मकसद से कहां ले जाया जा रहा था। क्या-क्या आशंकाएं, पुलिस बोली- हर पहलू से जांच डीएसपी ने कहा कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि इन्होंने पहले कब-कहां इस तरह विस्फोटक की आपूर्ति की है। अमोनियम नाइट्रेड किसी भी तरह की विस्फोटक घटना को अंजाम देने में काम आ सकता है। जब उनसे पूछा गया कि दिल्ली धमाकों में भी इसी का इस्तेमाल हुआ था तो उन्होंने कहा, 'जितने भी तथ्य हैं और जो भी पहलू हैं, सबकी जांच की जा रही है। इस पहलू की भी जांच की जा रही है। अरावली में खनने के लिए भी विस्फोटकों का इस्तेमाल होता है, इसको लेकर किए गए सवाल पर डीएसपी ने कहा कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि कहीं खनन के लिए तो नहीं ले जा रहे थे। इसके अलावा नए साले के पहलू को भी ध्यान में रखकर पूछताछ की जा रही है।

कभी टेंपो चलाते थे श्रवण कुमार विश्वकर्मा, अब आसमान में उड़ान भरेगी शंख एयरलाइंस

कानपुर  पिछले दिनों देश के एविएशन सेक्टर में तब हड़कंप मच गई, जब इंडिगो की बड़ी संख्या में फ्लाइट्स तमाम वजहों से कैंसल होने लगीं। आम जनता से लेकर सरकार तक को परेशानी होने लगी। जैसे-तैसे कुछ दिनों में मामला पटरी पर लौट गया, लेकिन एक बड़ा सवाल पैदा हो गया कि क्या यह दिक्कत चंद एयरलाइंस होने की वजह से आई? ऐसे में सरकार ने भी सक्रियता दिखाते हुए कुछ नई एयरलाइंस के सेक्टर में एंट्री की हरी झंडी दिखा दी। इसी में एक शंख एयरलाइंस है, जिसे पिछले दिनों एनओसी दी गई और अब जल्द ही कंपनी के विमान उड़ान भरते हुए दिख सकते हैं। शंख एयरलाइंस के बनाए जाने के पीछे की कहानी काफी दिलचस्प है। दरअसल, यूपी के कानुपर का निकले एक नौजवान ने किस तरह कुछ समय तक टैंपो चलाई और फिर वहां से नई एयरलाइंस तक खड़ी कर दी।    कौन हैं श्रवण कुमार विश्वकर्मा, कैसे अपने बल-बूते खड़ी की एयरलाइंस कानपुर से ताल्लुक रखने वाले श्रवण कुमार विश्वकर्मा अभी भले ही ट्रांसपोर्ट की लाइन में बड़ा नाम हों, लेकिन कुछ समय पहले तक उन्हें अपनी फाइनेंशियल कंडीशन की वजह से टेंपो/ऑटो तक चलानी पड़ी। कानुपर में लगभग एक साल तक श्रवण कुमार ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर टेंपो चलाया। वे कहते हैं, ''मुझे यह बताने में बिल्कुल भी हिचक नहीं है कि मैंने सालभर तक टेम्पो चलाया था। फिर धीरे-धीरे समय बीता और सफलता मिलती गई।'' इसके बाद वे कानपुर से यूपी की राजधानी लखनऊ में शिफ्ट हुए और यहां उनकी जिंदगी ही बदल गई। यहां उन्होंने माइनिंग, सीमेंट, ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में जमकर सफलता मिली। 400 से ज्यादा हैं ट्रक, कैसे बदली किस्मत श्रवण कुमार बचपन में पढ़ने में काफी अच्छे नहीं थे। वे खुद बताते हैं कि स्कूलिंग कम रही उनकी। पढ़ाई में भी मन कम लगता था। टेंपो आदि चलाने के बाद उन्होंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर कुछ व्यापार भी किए, लेकिन उसमें सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने 2015 में सीमेंट का काम शुरू किया और वहां से किस्मत बदल गई। इसके बाद टीएमटी के काम में गए। फिर माइनिंग में गए और जमकर तरक्की हुई। वहां से वे ट्रांसपोर्ट में गए और अभी उनके पास 400 से ज्यादा ट्रकों की फ्लीट है। धीरे-धीरे कारवां बढ़ता गया। 'एवएिशन सेक्टर में कैशफ्लो अच्छा है' बिजनेसमैन श्रवण का मानना है कि चूंकि एविएशन सेक्टर में उधारी पर काम नहीं होता है, इसलिए कैशफ्लो काफी अच्छा है। यही वजह है कि अन्य सेक्टर्स के मुकाबले इसमें सफल होने की उम्मीद ज्यादा है। साथ ही, जैसे अन्य सेक्टर में कम्प्टीशन बहुत ज्यादा है, उसकी तुलना में एविएशन में चुनिंदा ही एयरलाइंस है और ऐसे में सफल होने की उम्मीद अधिक है। वह कहते हैं, ''मेरा मानना है कि एविएशन आने वाले समय में सबसे बड़ा सेक्टर होगा। इसमें कैशफ्लो अच्छा है। एक भी पैसे की उधारी नहीं होती है। कई बिजनेस उधारी की वजह से बंद हो जाते हैं। इस सेक्टर में कम्प्टीशन बहुत कम है, जिसके सफल होने का चांसेस बढ़ जाता है।'' श्रवण का दावा- हर समय नहीं बदलेगा किराया एयरलाइंस सेक्टर में सबसे ज्यादा दिक्कत किराए की होती है। हर समय बदलता रहता है। श्रवण का कहना है कि वह अपनी फ्लाइट्स में डायनिमिक फेयर वाला सिस्टम नहीं रखेंगे। जो किराया सुबह होगा, वही शाम में भी होगा। ऐसा नहीं होगा कि समय के साथ इसमें बढ़ोतरी होने लगे। त्योहार से लेकर तमाम डिमांड वाले समय में ट्रांसपेरेंट किराए पर फोकस रखा जाएगा। शुरुआत में एयरबस कंपनी के विमान होंगे और संख्या भी कम ही होगी। लेकिन आने वाले समय में और विमानों की खरीद होगी और फिर कुछ सालों बाद इंटरनेशनल उड़ानों की शुरुआत होगी।  

वोडा-आइडिया को कैबिनेट की बड़ी राहत, AGR बकाया पर ‘फ्रीज’ लगाने का निर्णय, 2032 से शुरू होगा भुगतान

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने कर्ज के बोझ से दबी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया को एक बड़ी राहत दी है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को एक विशेष राहत पैकेज को मंजूरी दी, इसके तहत कंपनी के एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाये को 87,695 करोड़ रुपये पर फ्रीज कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले का टेलीकॉम सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बनाए रखना और वोडाफोन आइडिया में सरकार की 49% हिस्सेदारी के मूल्य की रक्षा करना है। भुगतान का नया शेड्यूल किया गया जारी कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए इस पैकेज के अनुसार, वोडाफोन आइडिया को इस फ्रीज किए गए बकाये का भुगतान तत्काल नहीं करना होगा। सूत्रों ने जानकारी दी है कि ₹87,695 करोड़ के इस बकाये का भुगतान वित्त वर्ष 2031-32 (FY32) से वित्त वर्ष 2040-41 (FY41) के बीच किया जाना है। AGR बकाया राशि को 31 दिसंबर, 2025 की स्थिति के अनुसार फ्रीज किया गया है। दूरसंचार विभाग (DoT) इस बकाये की राशि का फिर से आकलन करेगा ताकि सटीकता सुनिश्चित की जा सके। राहत के बावजूद, कंपनी को कुछ भुगतानों के लिए मौजूदा समयसीमा का पालन करना होगा। सूत्रों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2017-18 और 2018-19 से संबंधित AGR बकाये के भुगतान की शर्तों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह राशि वोडाफोन आइडिया को वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 के बीच पूर्व-निर्धारित किस्तों में चुकानी होगी। सरकार की हिस्सेदारी और बाजार में प्रतिस्पर्धा बचाए रखने की कवायद सरकार फिलहाल वोडाफोन आइडिया में सबसे बड़ी शेयरधारक है, जिसकी हिस्सेदारी लगभग 49% है। सूत्रों का कहना है कि कैबिनेट के इन कदमों का उद्देश्य न केवल सरकारी निवेश को सुरक्षित करना है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि देश का टेलीकॉम बाजार 'डुओपॉली' (केवल दो कंपनियों का वर्चस्व) बनने से बचा रहे। राहत पैकेज से कंपनी को अपनी सेवाओं के विस्तार, विशेषकर 5G रोलआउट और नेटवर्क अपग्रेडेशन के लिए जरूरी पूंजी जुटाने में मदद मिलने की उम्मीद है। कैबिनेट का यह फैसला ऐसे समय पर सामने आया है जब वोडाफोन- आइडिया लंबे समय से वित्तीय संकट और ग्राहकों की घटती संख्या से जूझ रही है। अक्तूबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट की ओर से एजीआर बकाये के पुनर्मूल्यांकन को सरकार के नीतिगत दायरे में बताया गया था। उसके बाद से ही सरकार की ओर से राहत देने की खबर सामने आने की उम्मीद थी। विशेषज्ञों का मानना है कि बकाये के भुगतान में पांच साल से अधिक की अतिरिक्त मोहलत मिलने से कंपनी के कैश फ्लो में सुधार होगा। हालांकि, कंपनी की लंबी अवधि की स्थिरता अब इस बात पर निर्भर करेगी कि वह आने वाले महीनों में नए निवेशकों से कितनी जल्दी फंड जुटा पाती है और अपने औसत प्रति ग्राहक राजस्व यानी एआरपीयू में कितना इजाफा कर पाती है। कैबिनेट ने ₹20,668 करोड़ के सड़क परियोजनाओं को दी मंजूरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से दो प्रमुख सड़क परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। इन परियोजनाओं पर कुल 20,668 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिससे महाराष्ट्र और ओडिशा में कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी। कैबिनेट का सबसे बड़ा फैसला महाराष्ट्र के लिए रहा, जहां 374 किलोमीटर लंबे नासिक-सोलापुर ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इस 6-लेन कॉरिडोर के निर्माण पर 19,142 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह कॉरिडोर न केवल यात्रा के समय को कम करेगा, बल्कि नासिक और सोलापुर जैसे औद्योगिक और कृषि केंद्रों के बीच लॉजिस्टिक्स दक्षता को भी बढ़ाएगा। ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट होने के कारण यह पूरी तरह से नए एलाइनमेंट पर विकसित किया जाएगा, जिससे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम होगा। इसके अलावे, कैबिनेट ने ओडिशा में सड़क नेटवर्क को अपग्रेड करने के लिए 1,526 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी है। राष्ट्रीय राजमार्ग-326 (NH-326) के 206 किलोमीटर लंबे हिस्से का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। यह परियोजना राज्य के आंतरिक क्षेत्रों में माल ढुलाई को सुगम बनाएगी और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर करेगी।  

दतिया में अनुपयोगी एंबुलेंस का नया रूप, अस्पताल आने वाले परिजनों के लिए रैन बसेरा तैयार

दतिया: मध्य प्रदेश के दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े नवाचार के लिए जाने जाते हैं। इस बार जिला अस्पताल में उन्होंने ऐसा काम करवाया है, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। वर्षों से कबाड़ में पड़ी अनुपयोगी एंबुलेंस को उन्होंने रैन बसेरा के रूप में विकसित करवा दिया है। अब अस्पताल आने वाले लोगों को एक नया ठिकाना मिला जाएगा। खुले आसमान के नीचे सोते थे परिजन दरअसल, दतिया अस्पताल परिसर में उपचार के दौरान मरीजों के परिजन अक्सर ठंडी रातों में खुले आसमान के नीचे या फर्श पर सोने को मजबूर रहते हैं। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कबाड़ संसाधनों के रचनात्मक उपयोग का यह अनूठा मॉडल तैयार किया है। मरम्मत और आवश्यक सुधार के बाद तैयार की गई प्रत्येक एंबुलेंस में चार लोगों के आराम से सोने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। अंदर साफ-सफाई, रोशनी और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया गया है, जिससे परिजनों को सम्मानजनक आवासीय सुविधा मिल सके। अनुपयोगी एंबुलेंस बनी रैन बसेरा फिलहाल एक एंबुलेंस को पूरी तरह रैन बसेरा के रूप में तैयार कर लिया गया है, जबकि तीन से चार अतिरिक्त एंबुलेंसों को भी जल्द ही इसी उद्देश्य से विकसित करने की प्रक्रिया चल रही है। यह पहल न केवल कम लागत में अधिक लाभ देने वाली है, बल्कि प्रशासन की संवेदनशील सोच और सेवा भावना का भी परिचायक है। इस संबंध में कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने बताया कि प्रशासन का निरंतर प्रयास है कि अनुपयोगी या कबाड़ हो चुके संसाधनों का जनहित में रचनात्मक उपयोग किया जाए, ताकि आम नागरिकों को सीधा लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था खासतौर पर उन गरीब और दूर-दराज से आने वाले परिवारों के लिए राहत का माध्यम बनेगी, जिनके पास ठहरने की कोई व्यवस्था नहीं होती। दतिया प्रशासन की यह पहल अस्पताल आने वाले सैकड़ों मरीजों के परिजनों के लिए सहारा बनेगी और मानवीय शासन, संवेदनशील प्रशासन और संसाधनों के सदुपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

चलती कार में स्टंटबाजी का वीडियो बना रहे थे Reel, पुलिस की कार्रवाई में 5 कार जब्त, चालक अरेस्ट

राजनांदगांव सोशल मीडिया पर लाइक और व्यूज़ की होड़ में कानून को ताक पर रखने वालों पर राजनांदगांव पुलिस ने सख्त शिकंजा कस दिया है. इंस्टाग्राम पर वायरल हुए एक वीडियो ने पुलिस को सतर्क किया, जिसमें कुछ युवक तेज रफ्तार गाड़ियों में स्टंट करते और नाबालिगों की जान खतरे में डालते नजर आए. वीडियो सामने आते ही पुलिस ने बिना देर किए कार्रवाई शुरू कर दी. जांच में सामने आया कि कुछ वाहन चालक सार्वजनिक सड़क को स्टंट ट्रैक समझ बैठे थे. तेज रफ्तार, लापरवाही और नियमों की खुलेआम अनदेखी करते हुए वाहन दौड़ाए जा रहे थे, जिनमें नाबालिग बच्चे भी सवार थे. यह न सिर्फ कानून का उल्लंघन था, बल्कि आम लोगों की जान के लिए भी गंभीर खतरा बन चुका था. पांच वाहन जब्त, चालकों को किया गया गिरफ्तार पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर थाना बसंतपुर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कार्रवाई की. वायरल वीडियो के आधार पर छह वाहनों की पहचान की गई, जिनमें क्रेटा, जिप्सी और स्कॉर्पियो जैसे वाहन शामिल थे. इन सभी के खिलाफ थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 611/2025 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 281, 285 एवं मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184, 182(1)(क) के तहत केस दर्ज किया गया. पुलिस की टीम ने पांच वाहनों को जब्त किया और चालकों को गिरफ्तार कर जमानत पर रिहा किया गया. एक अन्य आरोपी की तलाश अभी जारी है. एसपी ने की नाबालिग और उनके परिजनों की काउंसलिंग मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने स्वयं नाबालिग बच्चों और उनके परिजनों की काउंसलिंग की. बच्चों को समझाया गया कि रील और रोमांच के चक्कर में अपनी और दूसरों की जिंदगी से खिलवाड़ करना अपराध है. वहीं अभिभावकों को सड़क सुरक्षा, जिम्मेदार परवरिश और सतर्कता का पाठ पढ़ाया गया. राजनांदगांव पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि सड़क स्टंट, लापरवाही और नियमों की अनदेखी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि ऐसी किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते हादसों को रोका जा सके. जनसहयोग से ही सुरक्षित सड़क और सुरक्षित शहर संभव है,इसी विश्वास के साथ राजनांदगांव पुलिस ने आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही है.

सीएम का एलान: हैदराबाद में प्लास्टिक इस्तेमाल पर रोक, ORR क्षेत्र का विकास होगा योजनाबद्ध

हैदराबाद मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने घोषणा की कि हैदराबाद शहर को प्रदूषण-मुक्त बनाया जा रहा है… इसके तहत प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पूरी तरह बैन लगाया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार ने आउटर रिंग रोड (ORR) के तहत 'कोर अर्बन रीजन इकोनॉमी' (CURE) एरिया को प्लान के हिसाब से डेवलप करने का फैसला लिया है. मंगलवार को CM ने हैदराबाद के कमांड कंट्रोल सेंटर में म्युनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन और अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट का रिव्यू किया. इस मौके पर उन्होंने जोनल कमिश्नरों को 'CURE' एरिया की सफाई के निर्देश दिए. CM ने कहा कि शहर में कचरा मैनेजमेंट बहुत मुश्किल हो गया है और वह इसे सुधारने को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं. उन्होंने नए जोनल कमिश्नरों को हर दिन फील्ड लेवल पर जाकर समस्याओं को हल करने, तालाबों, नालों और कचरा डंपिंग यार्ड में CCTV कैमरे लगाने… और लगातार स्थिति पर नजर रखने का निर्देश दिया. उन्होंने सुझाव दिया कि सफाई को बेहतर बनाने के लिए महीने में तीन दिन एक खास ड्राइव चलाई जाए और टैंकों और नहरों में कचरा फेंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. इसके लिए, CM ने कॉलोनी वेलफेयर सोसाइटियों और अपार्टमेंट सोसाइटियों के साथ अच्छे संबंध बनाने की सलाह दी. सरकार ने ‘CURE’ स्कीम के तहत डीजल बसों और ऑटो की जगह इलेक्ट्रिक गाड़ियां लाने का फैसला लिया है. टैंकों और नहरों को अतिक्रमण से बचाया जाना चाहिए. जन्म और मृत्यु सर्टिफिकेट, बिजनेस लाइसेंस और दूसरे सर्टिफिकेट ऑनलाइन दिए जाने चाहिए और ट्रांसपेरेंट तरीके से काम किया जाना चाहिए. गुड गवर्नेंस को स्मार्ट गवर्नेंस में बदला जाना चाहिए. हाइड्रा, GHMC और जल मंडली डिपार्टमेंट जनवरी से नहरों से गाद निकालना शुरू कर दें. यह पक्का किया जाना चाहिए कि शहर में काफी स्ट्रीट लाइटें हों. सभी जोन के कमिश्नर मच्छरों को रोकने और फैलने वाली बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए कदम उठाएं. जहां भी कोई समस्या आए, उसे हल करने के लिए एक टोल-फ्री नंबर दिया जाए और शिकायतों पर तुरंत जवाब दिया जाए. अगले पांच साल के लिए एक एक्शन प्लान तैयार किया जाए. स्पेशल चीफ सेक्रेटरी जयेश रंजन ‘क्योर’ एरिया में अलग-अलग डिपार्टमेंट के अधिकारियों के बीच कोऑर्डिनेशन के लिए जिम्मेदार होंगे. मीटिंग में लिए गए दूसरे फैसले         ‘क्योर’ एरिया के होटलों में फूड सेफ़्टी के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की जानी चाहिए         सरकारी ऑफिस के लिए जगह दी जानी चाहिए और बिल्डिंग बनाई जानी चाहिए         ऑफिस किराए की बिल्डिंग से सरकारी बिल्डिंग में शिफ़्ट किए जाने चाहिए         ‘क्योर’ एरिया के तालाबों, पोखरों और नहरों की पूरी मैपिंग की जानी चाहिए         बारिश के मौसम में बाढ़ से होने वाली दिक्कतों को रोकने और कब्ज़े हटाने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए         बड़े तालाबों को ठीक करके उन्हें सुंदर एरिया में डेवलप किया जाना चाहिए         अगले पाँच सालों में डेवलपमेंट का काम करने के लिए एक एक्शन प्लान तैयार किया जाना चाहिए CM रेवंत रेड्डी ने कहा कि शहर का भविष्य तभी बदलेगा जब सब मिलकर काम करेंगे और वह हर महीने एक बार जोनल कमिश्नरों के साथ खुद रिव्यू करेंगे. इस मीटिंग में चीफ सेक्रेटरी (CS) रामकृष्ण राव, चीफ मिनिस्टर के एडवाइजर वेम नरेंद्र रेड्डी, GHMC कमिश्नर आरवी कर्णन, हाइड्रा कमिश्नर एवी रंगनाथ, जोनल कमिश्नर और दूसरे अधिकारी शामिल हुए.

बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कोतमा थाना में सौंपा ज्ञापन, पुलिस अधीक्षक को किए गए क्षेत्रीय मुद्दों के प्रति जागरूक

कोतमा आज भारतीय जनता पार्टी विधानसभा क्षेत्र कोतमा, जिला अनूपपुर के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं द्वारा कोतमा थाना पहुंचकर माननीय पुलिस अधीक्षक अनूपपुर के नाम ज्ञापन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय को सौंपा गया। यह ज्ञापन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं कोतमा विधायक आदरणीय श्री दिलीप जायसवाल जी के विरुद्ध सोशल मीडिया पर की गई अमर्यादित, आपत्तिजनक तथा अशोभनीय टिप्पणियों के विरोध में सौंपा गया। पार्टी पदाधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया पर की गई यह टिप्पणी न केवल जनप्रतिनिधि के सम्मान को ठेस पहुँचाने वाली है, बल्कि समाज में वैमनस्य एवं अशांति फैलाने का भी प्रयास है। इस प्रकार की गतिविधियाँ लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध हैं। ज्ञापन के माध्यम से यह मांग की गई कि—     •    आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले सर्वोच्च सत्ता नाम के अख़बार की जांच की जाए कि यह नियम अनुसार चल रहा है या नहीं      •    रामबाबू चौबे जो कि सर्वोच्च सत्ता का संपादक बताता है अपने आप को उसके विरुद्ध FIR दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए     •    भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु सख्त कदम उठाए जाएँ भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस प्रकार की सोशल मीडिया पोस्ट से कानून-व्यवस्था प्रभावित होती है, इसलिए दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई अपेक्षित है।

सरकारी कर्मचारियों की संपत्ति पर नजर: 31 जनवरी डेडलाइन, अचल संपत्ति विवरण अनिवार्य

रायपुर राज्य सरकार के तमाम अधिकारी-कर्मचारी को 31 जनवरी तक अनिवार्य रूप से अपनी अचल सम्पत्ति का वार्षिक विवरण प्रस्तुत करना होगा. इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से तमाम अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, विशेष सचिव को तीन बिंदुओं में निर्देश जारी किया गया है. सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी पत्र में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-19(1) के तहत प्रत्येक शासकीय सेवकों को अपने अचल संपत्ति के संबंध में वार्षिक विवरण 31 जनवरी तक प्रस्तुत करना अनिवार्य बताया है. जनवरी 2026 से समस्त सचिवालय सेवा के अधिकारियों-कर्मचारियों के कैलेण्डर वर्ष 1.1.2025 से 31.12.2025 तक की स्थिति में धारित किए वार्षिक अचल संपत्ति का विवरण एनआईसी द्वारा संचालित SPARROW (epar.cg.gov.in) पोर्टल के माध्यम से प्रस्तुत करना होगा.