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ओडिशा के मयूरभंज में भीषण दुर्घटना, बस-मोटरसाइकिल भिड़ंत में 3 की जान गई

भुवनेश्वर मयूरभंज जिले के रायरंगपुर टाउन थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा रानी बांध के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-220 पर हुआ, जहां एक बस और मोटरसाइकिल की आमने-सामने टक्कर हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ‘श्री दुर्गा’ नामक बस रायरंगपुर से जशीपुर की ओर जा रही थी। इसी दौरान विपरीत दिशा से तेज रफ्तार में आ रही मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवक एक ट्रक को ओवरटेक करने का प्रयास कर रहे थे। ओवरटेक के दौरान बाइक सवार ने नियंत्रण खो दिया और मोटरसाइकिल सीधे सामने से आ रही बस से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों युवक उछलकर सड़क पर गिर पड़े। मोटरसाइकिल समेत तीनों बस के नीचे फंस गए और कुचल दिए गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर रायरंगपुर टाउन पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। समाचार लिखे जाने तक मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।  

हत्या के प्रयास, लूट और बलात्कार की घटनाओं में गिरावट, पुलिस प्रमुख ने जारी किए आंकड़े

बिलासपुर बिलासपुर पुलिस का दावा है कि उनकी सक्रियता से पिछले साल की अपेक्षा वर्ष 2025 में गंभीर अपराधों में कमी आई है. इसी तरह सड़क हादसों में होने वाली मृत्यु की संख्या घटी है. हत्या के प्रयास में 25 प्रतिशत कमी एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि पिछले साल की तुलना में हत्या के प्रयास, लूट, चोरी, महिला संबंधी अपराध जैसे गंभीर अपराधों में कमी आई है. उन्होंने बताया कि हत्या के प्रयास में 25 प्रतिशत कमी आई है. वर्ष 2024 में 52 मामले हुए थे, जबकि वर्ष 2025 में मात्र 39 मामले हुए हैं. लूट के मामले में 42 प्रतिशत कमी आई है. वर्ष 2024 में 48 मामले हुए थे. इस साल मात्र 28 मामले हुए हैं. चोरी में 5 प्रतिशत कमी आई है. इस साल 717 मामले दर्ज हुए हैं. बलात्कार में 13 प्रतिशत कमी आई है. वर्ष 2024 में बलात्कार के 185 मामले हुए थे. इस साल 161 मामले दर्ज हुए हैं. बलवा में 5 प्रतिशत कमी आई है. एसएसपी के मुताबिक वर्ष 2024 में 17 लाख 76 हजार 420 रुपए की लूट हुई थी और 13 लाख 18 हजार 350 रुपए जब्त किए गए थे. वर्ष 2025 में 46 लाख 8 हजार 250 रुपए की लूट हुई और 36 लाख 4 हजार 650 रुपए जब्त किए गए हैं. वर्ष 2025 में 2 करोड़ 98 लाख 17 हजार 425 रुपए की चोरी हुई है और 1 करोड़ 94 लाख 32 हजार 50 रुपए की संपत्ति जब्त की गई है. सड़क हादसों में आई कमी वर्ष 2025 में कुल 4 हजार 275 प्रकरण में 21 हजार 760 लीटर कीमती 46 लाख 75 हजार का शराब जब्त की गई है. इसी तरह 67 अवैध हथियार जब्त किए गए हैं. वर्ष 2024 में सड़क हादसे में 359 लोगों की मृत्यु हुई थी. 1 हजार 236 लोग घायल हुए थे. वर्ष 2025 में 298 लोगों की मृत्यु हुई है और 1 हजार 307 लो घायल हुए हैं. एसएसपी ने बताया कि वर्ष 2025 में 97 नए गुण्डा बदमाश और 22 निगरानी बदमाशों की नई फाइल खोली गई है.

हवा हुई साफ तो GRAP-3 से मिली राहत, लेकिन दिल्ली-NCR में नियम अब भी बरकरार

नई दिल्ली दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार दर्ज किया गया है। मंगलवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 380 से घटकर 236 रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदूषण स्तर में गिरावट को बताता है। वायु गुणवत्ता में इस सुधार को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की GRAP उप-समिति ने बड़ा फैसला लिया है। CAQM की उप-समिति ने पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में GRAP के स्टेज-3 के तहत लगाए गए सभी प्रतिबंधों को तत्काल प्रभाव से हटा लिया है। हालांकि, प्रदूषण पर नजर बनाए रखने के लिए GRAP के स्टेज-1 और स्टेज-2 के तहत लागू सभी पाबंदियां NCR में जारी रहेंगी। अधिकारियों के अनुसार, मौसम की अनुकूल परिस्थितियों और प्रदूषण के स्तर में आई गिरावट के चलते यह निर्णय लिया गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर वायु गुणवत्ता दोबारा खराब होती है, तो आवश्यकतानुसार सख्त कदम फिर से लागू किए जा सकते हैं। GRAP-3 के तहत लगे ये प्रतिबंध हटाए     गैर-जरूरी निर्माण व तोड़फोड़ गतिविधियों पर रोक।     खनन, पत्थर तोड़ने और क्रशर यूनिट्स पर प्रतिबंध।     NCR में डीज़ल जनरेटर सेट के उपयोग पर रोक (सिर्फ आपात सेवाओं को छोड़कर)     बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-IV डीजल चारपहिया वाहनों की आवाजाही पर रोक।     सड़कों पर अतिरिक्त मशीन स्वीपिंग और पानी का छिड़काव की अनिवार्यता।   GRAP-I और GRAP-2 के ये प्रतिबंध अभी लागू रहेंगे GRAP-I के प्रतिबंध:     सड़कों पर नियमित मैकेनिकल स्वीपिंग और पानी का छिड़काव।     कचरा जलाने पर पूरी तरह रोक।     खुले में निर्माण सामग्री रखने पर सख्ती।     होटल-रेस्तरां में कोयला और लकड़ी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध।     ट्रैफिक जाम कम करने के लिए ट्रैफिक पुलिस की तैनाती बढ़ाना। GRAP-2 के प्रतिबंध:     NCR के अंदर बाहरी राज्यों से आने वाले ट्रकों पर रोक (सिर्फ आवश्यक वस्तुएं लाने वाले ट्रक को छूट)     डीजल जेनरेटर के उपयोग पर सख्ती।     पार्किंग फीस बढ़ाकर निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करना।     सड़कों पर धूल नियंत्रण के लिए अतिरिक्त निगरानी।     प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर कड़ी कार्रवाई। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का पालन करें और अनावश्यक रूप से प्रदूषण फैलाने से बचें, ताकि वायु गुणवत्ता में सुधार का यह सिलसिला बना रहे।  

शराब घोटाले में चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से जमानत

 रायपुर पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे चतैन्य बघेल को बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. ईडी और ईओडब्ल्यू के मामलों में सुनवाई के बाद चैतन्य की जमानत याचिका स्वीकार कर ली गई है. लगभग 168 दिनों के बाद वे जेल से बाहर आएंगे. 29,800 पन्नों का अंतिम चालान पेश छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED ने 26 दिसंबर को कोर्ट में लगभग 29 हजार 800 से अधिक पन्नों का अंतिम चालान पेश किया. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 82 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की गई है. ED ने चैतन्य बघेल को जन्मदिन के दिन किया था गिरफ्तार ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन पर 18 जुलाई को भिलाई निवास से धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया था. शराब घोटाले की जांच ईडी ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस घोटाले के कारण प्रदेश के खजाने को भारी नुकसान हुआ और करीब 2,500 करोड़ रुपए की अवैध कमाई (पीओसी) घोटाले से जुड़े लाभार्थियों की जेब में पहुंचाई गई. क्या है शराब घोटाला ? छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है. ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है. दर्ज FIR में 3200 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है. इस घोटाले में राजनेता, आबकारी विभाग के अधिकारी, कारोबारी सहित कई लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज है. ED ने अपनी जांच में पाया है कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था. अब तक इनकी हो चुकी है गिरफ्तारी शराब घोटाला मामले में अब तक कई बड़े नामों की गिरफ्तारी हो चुकी है. इनमें पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर, सौम्य चौरसिया शामिल हैं. इसके अलावा आबकारी विभाग के 28 अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया था, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है.

पाकिस्तान को दो टूक: आतंकवाद और जल साझा करना संभव नहीं— एस. जयशंकर

चेन्नई भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर तमिलनाडु के आईआईटी मद्रास में आयोजित फायरसाइड चैट कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने के लिए चेन्नई पहुंचे। कार्यक्रम में संबोधन के दौरान उन्होंने बांग्लादेश में उनके हालिया दौरे का जिक्र किया। एस जयशंकर खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में भारत की ओर से शामिल होने के लिए ढाका गए थे। इसे लेकर उन्होंने कहा कि अगर आपका कोई पड़ोसी आपके साथ अच्छा है और कोई नुकसान नहीं पहुंचा रहा है, तो आप उसके साथ संबंध आगे बढ़ाते हैं। वहीं उन्होंने पाकिस्तान को लेकर भी बड़ा बयान दिया। भारत की पड़ोस नीति के बारे में एस. जयशंकर ने कहा, "मैं दो दिन पहले बांग्लादेश में था। हमें कई तरह से बहुत सारे पड़ोसी मिले हैं। अगर आपका कोई पड़ोसी अच्छा है या नुकसान नहीं पहुंचा रहा है, तो आप स्वाभाविक रूप से उसके साथ संबंध बनाते हैं। भारत ऐसे पड़ोसी की मदद करता है, स्वाभाविक रूप से। हमारे ज्यादातर पड़ोसियों को वैक्सीन की पहली खेप भारत से मिली।" बांग्लादेश में इस साल फरवरी में चुनाव होने वाला है। इसे लेकर विदेश मंत्री ने कहा कि हम बांग्लादेश को उनके चुनाव में शुभकामनाएं देते हैं, और हम उम्मीद करते हैं कि एक बार चीजें ठीक हो जाने पर, अच्छे पड़ोसी का रिश्ता जारी रहेगा। वहीं, उन्होंने यूक्रेन विवाद को लेकर कहा, "इस वजह से कई दिक्कतें थीं। हमने पड़ोसियों को खाने और दूसरी चीजों से मदद की। श्रीलंका में बहुत बड़ा आर्थिक संकट था, हमने चार बिलियन डॉलर की मदद की, अच्छे पड़ोसी यही करते हैं। श्रीलंका में एक तूफान आया, हम उसी दिन वहां पहुंचे और सभी बचाव कार्य किए।" पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए एस जयशंकर ने कहा, "हमें अपने लोगों को आतंकवादियों से बचाने का हक है। हम अपनी रक्षा के लिए जो कुछ भी कर सकते हैं, करते हैं। लेकिन अगर आपके यहां दशकों से आतंकवाद है, तो आपके पास अच्छा पड़ोसी नहीं हो सकता। आप ऐसे किसी व्यक्ति के साथ अच्छे पड़ोसी वाले संबंध नहीं रख सकते और पानी साझा नहीं कर सकते जो आतंकवाद जारी रखे हुए है।"

पाक ड्रोन नेटवर्क पर बड़ा प्रहार: श्रीगंगानगर बॉर्डर से 20 करोड़ की हेरोइन बरामद

श्रीगंगानगर जिले की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की नापाक गतिविधियां लगातार जारी हैं। गुरुवार देर रात सीमा पर बीएसएफ और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए करीब 20 करोड़ रुपये मूल्य की हेरोइन जब्त की है। मामला पाकिस्तान की ओर से भेजे गए एक ड्रोन से जुड़ा है, जो भारतीय सीमा में घुसकर हेरोइन की खेप गिराने के बाद वापस लौटने का प्रयास कर रहा था, लेकिन सफल नहीं हो सका। ड्रोन श्रीगंगानगर जिले के रावला थाना क्षेत्र के गांव 15 केएनडी के पास सीमा से सटे खेत में गिर गया। सूचना मिलते ही पुलिस और बीएसएफ ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर ड्रोन को कब्जे में ले लिया। कार्रवाई के दौरान तीन संदिग्ध व्यक्तियों को भी हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। अनूपगढ़ के सीओ प्रशांत कौशिक ने बताया कि ड्रोन से गिराए गए चार पैकेट बरामद किए गए हैं, जिनमें कुल चार किलोग्राम से अधिक हेरोइन पाई गई है। प्रारंभिक जांच में इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 20 करोड़ रुपये आंकी गई है। फिलहाल सभी पैकेट जब्त कर लिए गए हैं और पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। आशंका है कि पंजाब से जुड़े ड्रग माफिया के गुर्गे इस खेप की डिलीवरी लेने के लिए इलाके में सक्रिय हो सकते हैं। वहीं पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने बताया कि ड्रोन उसी स्थान पर गिरा, जहां हेरोइन की खेप गिराई गई थी और उसे जब्त कर लिया गया है। बीएसएफ की मदद से आसपास के खेतों और संभावित इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। ड्रोन की उड़ान दिशा, रूट और तकनीकी पहलुओं की भी गहन जांच की जा रही है।

आरपीएससी घोटाले में नए खुलासे, सरकार ने लिया सख्त रुख

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गत सरकार में हुए पेपर लीक एवं आरपीएससी भ्रष्टाचार काण्ड में सामने आए नए तथ्यों को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का पालन करते हुए नए तथ्यों को दृष्टिगत रखकर एसओजी से जांच करवाते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।   शर्मा ने गुरुवार शाम मुख्यमंत्री कार्यालय में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा सहित एसओजी एवं एसीबी के अधिकारियों को नए तथ्यों के परिपेक्ष्य में तत्काल कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने आवश्यकतानुसार एसओजी के साथ एसीबी को भी सम्मिलित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि गत सरकार के समय युवाओं के सपनों को रौंदते हुए पेपरलीक करने वाले 340 लोग गिरफ्तार किया जा चुके हैं और आगे भी सरकार किसी भी सूरत में एक भी दोषी को नहीं बख्शेगी, चाहे वह कितना ही बड़ा क्यों न हो। उन्होंने युवाओं के सपनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि हमारी सरकार के कार्यकाल में 296 भर्ती परीक्षाएं आयोजित की गई, उनमें से एक भी पेपरलीक नहीं हुआ है।  

19 करोड़ की लागत से भीमबैटका में देश का पहला रॉक आर्ट ईको पार्क म्यूज़ियम विकसित होगा

भोपाल यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट भीमबेटका में बनी 30 हजार साल पुरानी शैल-कलाएं अब पर्यटकों के लिए और अधिक सुलभ होने जा रही हैं। राज्य पर्यटन निगम यहां देश का पहला अस्थायी 'रॉक आर्ट ईको पार्क द्ब्रयूजियम' विकसित करेगा। 1.12 हेक्टेयर क्षेत्र में बनने वाले इस संग्रहालय का उद्देश्य भीमबेटका के सातों पहाडिय़ों में फैले सभी 750 से अधिक शैल चित्रों का अनुभव पर्यटकों को एक ही स्थान पर कराना है। इसकी अनुमानित लागत 19 करोड़ रुपए है और इसे वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस द्ब्रयूजियम में पारंपरिक भवन या हॉल नहीं बनेंगे, बल्कि अस्थायी सामग्री से भीमबेटका के मूल परिवेश जैसा ही ईको पार्क विकसित होगा, जहां पर्यटक डिजिटली इन्हें देख सकेंगे। डिजिटल होगी जानकारी प्राचीन कलाओं का डिजिटली प्रजेंटेशन म्यूजियम में शैल चित्रों की विशेषताओं, महॠव और अध्ययन स्रोतों की जानकारी डिजिटल माध्यम से मिलेगी। प्रत्येक शैल चित्र की रोचक और सटीक सूचना, फोटो, लिखित विवरण, ऑडियोवीडियो, पुरातत्वविदों की कमेंट्री और प्रमाणित रिसर्च पेपर उपलह्ध होंगे। एआइ से इसे जीवंत व रचनात्मक बनाया जाएगा, ताकि पर्यटकों को अद्भुत अनुभव मिले।   देख सकेंगे 10 किमी में फैले शैलाश्रय भीमबेटका में शैल चित्रों के कई क्लस्टर हैं, जो लगभग 10 किमी के दायरे में फैले हुए हैं। यहां सात पहाडिय़ों में 750 से अधिक शैलाश्रय मौजूद हैं। इनमें से वर्तमान में केवल एक ही क्लस्टर पर्यटकों के लिए खुला है, जिसमें 'ऑडिटोरियम गुफा' और 'चिडिय़ाघर रॉक' जैसे प्रसिद्ध 15 शैलाश्रय शामिल हैं। दूर-दराज के और दुर्लभ जंगली क्षेत्रों में स्थित बाकी क्लस्टरों (जैसे जावरा, विनयका, भोंरावली और लाखा जुआर) तक पर्यटक पहुंच नहीं पाते। यह नया म्यूजियम इन सभी अनदेखे शैल चित्रों की रेप्लिका (हूबहू नकल) को उनके मूल स्वरूप में प्रदर्शित करेगा, जिससे पर्यटक एक ही स्थान पर पूरे भीमबेटका का अनुभव कर पाएंगे। यह डिजाइन न केवल पर्यावरण के प्रति संवेदनशील है, बल्कि पर्यटकों को प्राचीन गुफाओं के वास्तविक अनुभव के करीब भी ले जाएगा।      

न्यायिक मोड़ का वर्ष 2026: सुप्रीम कोर्ट में तलाक-ए-हसन सहित कई संवेदनशील मुद्दों पर फैसला संभव

नई दिल्ली नए साल 2026 में कई ऐसे अहम और संवेदनशील मामले हैं, जिन पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगी। इन मामलों पर कोर्ट का क्या फैसला होगा, इसका भी हर कोई इंतजार कर रहा है। ये मामले समाज, पर्यावरण और आम नागरिकों के लिए काफी अहम हैं। दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण हो या एसिड अटैक जैसे जघन्य अपराध, चुनावी प्रक्रिया की वैधता से जुड़ा एसआईआर मामला हो या तलाक-ए-हसन जैसी सामाजिक प्रथा, इन सभी मुद्दों पर इस साल सुप्रीम कोर्ट सुनवाई होगी। कुल मिलाकर, 2026 में सुप्रीम कोर्ट में कई ऐसे मामले हैं, जिनके फैसले न केवल न्यायिक दृष्टि से, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय महत्व के लिहाज से भी बेहद अहम माने जा रहे हैं। दिल्ली प्रदूषण पर सुनवाई: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की गंभीर स्थिति लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है। तमाम सरकारी उपायों और प्रतिबंधों के बावजूद हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो पा रहा है। इस पर नाराजगी जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अब वह इस मामले में हर महीने सुनवाई करेगा ताकि हालात की समीक्षा की जा सके और जरूरी कदम उठाए जा सकें। वर्ष 2026 में दिल्ली प्रदूषण से जुड़े मामले में नियमित और निरंतर सुनवाई प्रस्तावित है। एसआईआर मामला: कई राज्यों में चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) से जुड़े निर्णय की वैधता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। अदालत ने तमिलनाडु, केरल और पश्चिम बंगाल में एसआईआर के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई के लिए तारीखें तय कर रखी हैं। इस मामले में विस्तृत बहस और सुनवाई होने की संभावना है, जिससे चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूचियों से जुड़े अहम सवालों पर फैसला आ सकता है। एसिड अटैक मामला: एसिड अटैक जैसे अमानवीय अपराधों पर सुप्रीम कोर्ट का रुख सख्त बना हुआ है। 11 दिसंबर को हुई पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा था कि एसिड अटैक में शामिल व्यक्ति समाज, आम नागरिकों और कानून के शासन के लिए गंभीर खतरा हैं। कोर्ट ने संकेत दिए थे कि ऐसे अपराधियों पर कठोर शर्तें लागू की जानी चाहिए। इस मामले में 2026 में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई आगे बढ़ेगी। तलाक-ए-हसन: यह वह प्रथा है जिसमें एक मुस्लिम पुरुष तीन महीनों तक हर महीने एक बार 'तलाक' कहकर विवाह समाप्त कर सकता है। पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रथा पर कड़ा सवाल उठाते हुए कहा था कि एक सभ्य समाज में ऐसी व्यवस्था कैसे स्वीकार्य हो सकती है। इस मुद्दे पर भी शीर्ष अदालत में अहम सुनवाई होने वाली है। उन्नाव रेप केस: इस केस में दोषी ठहराए गए पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को लेकर कानूनी लड़ाई अभी जारी है। सीबीआई ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है जिसमें 23 दिसंबर को सेंगर को जमानत दी गई थी। इसके बाद सीबीआई की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल सेंगर की जमानत पर रोक लगा दी है। 2026 में इस मामले में भी शीर्ष अदालत में सुनवाई होगी।

ग्रहणों का साल 2026: चार ग्रहण होंगे, लेकिन भारत में केवल एक ही सूतक काल लागू

नई दिल्ली साल 2026 शुरू हो चुका है और इस साल खगोलशास्त्र के शौकीनों के लिए कुछ खास लेकर आया है। इस साल कुल चार ग्रहण होंगे, दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण, लेकिन ये चारों ग्रहण भारत में समान रूप से दिखाई नहीं देंगे। भारत में सिर्फ एक चंद्र ग्रहण दिखाई देगा। बाकी के तीन ग्रहण या तो हमारे देश से दिखाई नहीं देंगे या फिर इनका असर इतना कम होगा कि इसे देख पाना मुश्किल होगा। साल का पहला ग्रहण 17 फरवरी को होगा। यह एक सूर्य ग्रहण है, जिसे वलयाकार सूर्य ग्रहण या 'रिंग ऑफ फायर' कहा जाता है। इस ग्रहण में सूर्य का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा ढक जाएगा और यह लगभग 2 मिनट 20 सेकेंड तक रहेगा। यह ग्रहण दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण अर्जेंटीना और अंटार्कटिका में दिखेगा। भारत में यह दिखाई नहीं देगा। इसलिए इसका सूतक काल भी लागू नहीं होगा। इसके बाद 3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगेगा और यह भारत में पूरी तरह दिखाई देगा। यही वह ग्रहण है जिसे हम सीधे देख पाएंगे। यह चंद्र ग्रहण लगभग 58 मिनट तक रहेगा और इस दौरान चंद्रमा लाल रंग का नजर आएगा। इसे लोग ब्लड मून भी कहते हैं। खगोलशास्त्र के हिसाब से यह 2029 से पहले का आखिरी पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। इस ग्रहण का सूतक काल भारत में मान्य होगा, यानी धार्मिक और पारंपरिक हिसाब से इसका महत्व भी रहेगा। तीसरा ग्रहण 29 जुलाई को लगेगा। यह भी सूर्य ग्रहण होगा, लेकिन अफसोस की बात यह है कि यह भारत में दिखाई नहीं देगा। इसे देखने के लिए अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और अंटार्कटिका के कुछ हिस्सों में रहना पड़ेगा। चूंकि भारत में यह दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका सूतक काल भी यहां मान्य नहीं होगा। साल का चौथा और आखिरी ग्रहण 28 अगस्त को होगा। यह दूसरा चंद्र ग्रहण है, जो उत्तर और दक्षिण अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा, लेकिन भारत से इसे देखा नहीं जा सकेगा। इसका भी सूतक काल भारत में मान्य नहीं होगा। कुल मिलाकर साल 2026 में चार ग्रहण होंगे, लेकिन भारत में केवल 3 मार्च का पूर्ण चंद्र ग्रहण ही दिखाई देगा।