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साई पल्लवी की बड़ी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने को तैयार, जानें रिलीज डेट

मुंबई साईं पल्लवी साउथ की शानदार एक्ट्रेस में से एक हैं. उनकी फैन फॉलोइंग भी जबरदस्त है. साईं उन अदाकाराओं में से एक हैं जो अपनी दमदार एक्टिंग की बदौलत दर्शकों के दिलों पर राज करती हैं. उन्होंने अपने अब तक के करियर में कई हिट फिल्में दी हैं. वहीं अब वे बॉलीवुड में भी रणबीर कपूर स्टारर फिल्म के साथ डेब्यू करने की तैयारी कर रही हैं. इन सबके बीच क्या आप जानते हैं साईं पल्लवी के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स कौन से हैं? चलिए यहां हम आपको बताते हैं. साल 2026 -2027 में साई पल्लवी की आएंगीं ये फिल्म साल 2026 और 2027 में साई पल्लवी बॉक्स ऑफिस पर धूम मचाने की पूरी तैयारी कर रही हैं. दरअसल उनकी कई धमाकेदार फिल्में लाइन से रिलीज होने वाली हैं. इनमें से बॉलीवुड की दो पार्ट वाली माइथोलॉजिकल एपिक फिल्म रामायण से मेरे रहों तक शामिल हैं. इन फिल्मों से वे हिंदी सिनेमा में एंट्री करेंगी. उनकी अपकमिंग फिल्मों की लिस्ट ये है. रामायण: पार्ट 1 साई पल्लवी की मच अवेटेड फिल्मों में रणबीर कपूर स्टारर एक लार्ज स्केल माइथोलॉजिकल एपिक फिल्म रामायण पार्ट 1 है. ये फिल्म दिवाली 2026 को रिलीज होने वाली है. इस पौराणिक फिल्म में साई पल्लवी माता सीता के किरदार में नजर आएंगीं. फिलहाल ये फिल्म पोस्ट प्रोडक्शन में हैं.  रामायण: पार्ट 2 इसके बाद रामायण का पार्ट 2 दिवाली 2027 को रिलीज होगी. यह सीक्वल राम, सीता और रावण की गाथा को आगे बढ़ाएगा, जो भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में से एक है. अगर साई पल्लवी दोनों भागों में सीता की भूमिका निभाती हैं, तो वह यकीनन से अपनी जनरेशन की सबसे शानदार अभिनेत्रियों में शुमार हो जाएंगी. ये फिल्म नमित मल्होत्रा ​​द्वारा प्रोड्यूस दंगल के निर्देशक नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित है. फिल्म की स्टार कास्ट में रणबीर कपूर और साई पल्लवी के अलावा यश, सनी देओल, रवि दुबे, लारा दत्ता, रकुल प्रीत सिंह सहित कई बड़े कलाकार शामिल हैं.  मेरे रहो साई पल्लवी आमिर खान के बेट जुनैद खान संग भी फिल्म मेरे रहो में नजर आएंगीं. ये एक हिंदी रोमांटिक कॉमेडी फिल्म है. इसे 2025 में रिलीज होना था लेकिन फिर इसे समर 2026 के लिए पोस्टपोन्ड कर दिया गया है. फिलहाल इसकी रिलीज होने की तारीख तय होनी बाकी है. सुनील पांडे द्वारा निर्देशित फिल्म 'मेरे रहो' जुनैद की सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली दूसरी फिल्म होगी. वहीं, साई पल्लवी इस रोमांटिक कॉमेडी फिल्म से बॉलीवुड में डेब्यू करने जा रही हैं। एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी की बायोपिक गौतम तिन्ननुरी द्वारा निर्देशित ये एक बायोपिक फिल्म है. जिसमें साई आइकॉनिक सिंगर का किरदार निभाएंगी ये एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट होने की उम्मीद है. इसकी रिलीज डेट अनआउंस होना बाकी है. 

चीन-पाक की नई साजिश? पाक के इस हिस्से में चीनी फौज, भारत के लिए बजा खतरे का अलार्म

क्वेटा पाकिस्तान के बलूचिस्तान में चीन जल्द ही अपनी सेना तैनात कर सकता है। बलूचिस्तान के बड़े नेता ने इस मामले पर चिंता जताते हुए भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर को एक खत लिखा है। इस चिट्ठी में बलोच नेता मीर यार बलूच ने चेतावनी देते हुए कहा है कि चीन और पाकिस्तान के बीच बढ़ती नजदीकियों को गंभीरता से लेने की जरूरत है। उन्होंने दावा किया है कि चीन अगले कुछ महीनों में ही बलूचिस्तान इलाके में अपनी मिलिट्री फोर्स तैनात कर सकता है।   मीर यार ने बीते गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में एस जयशंकर के नाम एक लिखे एक खुला खत साझा किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान बरसों से बलूचिस्तान का शोषण कर रहा है। मीर यार ने लिखा, "बलूचिस्तान के लोग पिछले 79 सालों से पाकिस्तान के सरकारी कब्जे, प्रायोजित आतंकवाद और मानवाधिकारों के घोर उल्लंघन को झेल रहे हैं। अब समय आ गया है कि इस बढ़ती हुई बीमारी को जड़ से खत्म किया जाए, ताकि हमारे देश में शांति आए और संप्रभुता पक्की हो।" पाक-चीन को लेकर जताई चिंता खत में मीर यार बलूच ने कहा कि चीन और पाकिस्तान तेजी से चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) के आखिरी स्टेज की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा, “बलूचिस्तान पाकिस्तान और चीन के बीच बढ़ते गठबंधन को बहुत खतरनाक मानता है। चीन ने पाकिस्तान के साथ मिलकर चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) को उसके आखिरी स्टेज तक पहुंचा दिया है।” बड़े खतरे की आशंका उन्होंने आगे कहा कि इस इलाके में जल्द ही चीन की सीधी मिलिट्री मौजूदगी देखी जा सकती है। मीर यार ने कहा, "अगर बलूचिस्तान की डिफेंस और फ्रीडम फोर्स की क्षमताओं को और मजबूत नहीं किया गया और अगर ऐसे ही नजरअंदाज किया जाता रहा, तो चीन कुछ महीनों के अंदर बलूचिस्तान में अपनी मिलिट्री फोर्स तैनात कर सकता है।" उन्होंने आगे लिखा, “60 मिलियन बलूच लोगों की इच्छा के बिना बलूचिस्तान की धरती पर चीनी सैनिकों की मौजूदगी भारत और बलूचिस्तान दोनों के भविष्य के लिए एक बड़ा खतरा और चुनौती होगी।”

डिजिटल इनोवेशन का महाकुंभ: राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026 का आयोजन 4–6 जनवरी

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान के स्टार्टअप्स को फंडिंग और मेंटरिंग का वैश्विक मंच उपलब्ध कराने के लिए 4 से 6 जनवरी तक जयपुर में ‘राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026’ का महत्वपूर्ण आयोजन होने जा रहा है। इससे प्रदेश आई.टी. और स्टार्टअप विकास के प्रमुख केन्द्र के रूप में अपनी पहचान बनाएगा। उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोजन से संबंधित सभी तैयारियां पूर्ण समन्वय से पूरी की जाए।  शर्मा गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026 की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान में पहली बार वृहद् स्तर पर आयोजित होने जा रही इस समिट में 10 हजार से अधिक संख्या में प्रतिभागी शामिल होंगे, जिनमें देश व राज्य के स्टार्टअप्स, निवेशक, युवा उद्यमी, आई.टी. प्रोफेशनल्स, शिक्षण संस्थान एवं स्टूडेंट्स सहित कई राज्यों के सूचना प्रौद्योगिकी तथा उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण शामिल होंगे।  मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश में आयोजित होने जा रहे राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026 में 1 हजार 200 से अधिक वैश्विक कम्पनियों के फाउण्डर, सीईओ व निवेशकों सहित 20 से अधिक यूनीकॉर्न/सूनीकॉर्न स्टार्टअप्स के फाउण्डर शामिल होंगे। इस समिट में स्टार्टअप्स के संस्थापकों को फंडिंग और मेंटरिंग का अवसर मिलेगा। साथ ही, डिजिफेस्ट में आयोजित हो रहे सेक्टोरल सेशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सहित अन्य विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी।  मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 2 वर्षों में स्टार्टअप्स के लिए कई नीतिगत निर्णय लिए हैं, जिससे प्रदेश में स्टार्टअप और प्रौद्योगिकी के विकास का नया ईको सिस्टम विकसित हुआ है। इस समिट के माध्यम से राजस्थान के स्टार्टअप्स को 200 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, राजस्थान के आई-स्टार्ट प्रोग्राम में चिन्हित स्टार्टअप्स को इस आयोजन के जरिए एक वर्ष की मेंटरशिप मिलेगी। उन्होंने कहा कि सेक्टोरल सेशन के जरिए भी स्टार्टअप्स और युवा उद्यमियों को फिनटेक, ई-कॉमर्स, एग्रीटेक, हेल्थटेक, प्रोपटेक, एवीजीसी, मीडियाटेक, स्पोर्ट्सटेक, एआईएमएल और डीपटेक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के विशेषज्ञ संबंधित क्षेत्र की जानकारी साझा करेंगे।  शर्मा ने कहा कि इस समिट में कई राज्यों सहित राजस्थान के सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग के पवेलियन के जरिये प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी तथा स्टार्टअप्स के 114 स्टॉल्स के माध्यम से नवाचारों को पहचान दिलाने का अवसर भी मिलेगा।  

वंदे भारत एक्सप्रेस में महिला टीटीई को दी गई टिकट जांच की जिम्मेदारी, बिलासपुर रेल मंडल की नई व्यवस्था

बिलासपुर  साल के पहले दिन  वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में बिलासपुर रेल मंडल ने एक नई व्यवस्था की है। इसके तहत टिकट जांच का जिम्मा महिला टीटीई को सौंपी गई है। दो पुरुष के साथ तीन महिला कर्मचारियों ने इस ट्रेन में नागपुर तक टिकट जांच की और वापसी में इस जिम्मेदारी का निर्वहन किया। एक और महिला टीटीई की इसमें ड्यूटी लगाने का निर्णय है। वंदे भारत ट्रेन रेलवे की विशेष ट्रेन है। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस ट्रेन की व्यवस्थाएं भी अन्य ट्रेनों से अलग होती हैं। यात्रियों को इसमें सफर करना खूब पसंद आता है। विशेषताओं में एक ट्रेन में टिकट जांच करने वाले टीटीई भी है, जिनके ड्रेस का रंग व डिजाइन राजधानी एक्सप्रेस की तरह होती है। टीटीई को इसी यूनिफार्म में टिकट जांच करनी होती है। इनको पहले दिन मिली जिम्मेदारी रेलवे ने साल के पहले दिन जिन चार महिला कर्मचारियों की टिकट जांच में ड्यूटी लगाई, उनमें नेहा गुजर, निशा सिन्हा, प्रीति व प्रियंका यादव शामिल हैं। सभी कोर्ट टाई वाले इस यूनिफार्म को पहनकर ट्रेन में पहुंचीं। उनके हाथों में वाकी-टाकी व जांच के अन्य जरूरी साधन थे। इस ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह नया था। तीनों टीटीई अब नियमित इस ट्रेन में ड्यूटी करेंगी। महिलाओं की ड्यूटी होने से एक लाभ यह होता है कि यात्री बेवजह विवाद नहीं करते और बिना आपत्ति के टिकट जांच भी कराते हैं। महिला दिवस तक सभी टीटीई महिलाएं रेल मंडल पर यह प्रयास कर रहा है कि आठ मार्च महिला दिवस तक इस ट्रेन में केवल महिला टिकट जांच स्टाफ ही तैनात रहे। इस ट्रेन के परिचालन की खास बात यह है कि सुबह छूटकर शाम 7:30 बजे तक नागपुर से बिलासपुर लौट आती है। इससे महिला टीटीई को ड्यूटी करने में आसानी होगी और रेलवे अपनी मंशा के अनुसार इस ट्रेन का और खास बना लेगी। सप्ताह में छह दिन परिचालन वंदे भारत एक्सप्रेस बिलासपुर से नागपुर के बीच सप्ताह में छह दिन चलती है। शनिवार को परिचालन बंद रहता है। इस दिन ट्रेन की मेंटेनेंस व सफाई के कार्य किए जाते हैं। अब तो कोचिंग डिपो के पास इस ट्रेन के मेंटेनेंस के लिए अलग से शेड बनाया जा रहा है, जहां वाशिंग लाइन से लेकर अन्य सुविधाएं रहेंगी। यह हैं मुख्य उद्देश्य विवाद होने की संभावना कम रहती है। ट्रेन में अकेले सफर करने वाले महिला यात्रियों के बीच भरोसा बढ़ेगा। महिला यात्री अपनी परेशानियां आसानी से साझा कर सकती हैं। विशेष ट्रेन की बनेगी खास पहचान।

जसदेव सिंह जब्बल बने बिजली निर्माता, पीएम सूर्य घर योजना से मिली ₹1.08 लाख की सब्सिडी, अब जीरो आता है बिजली बिल

बिजली उपभोक्ता से बिजली निर्माता बने जसदेव सिंह जब्बल पीएम सूर्य घर योजना ने बदली जसदेव सिंह की जिंदगी, ₹1.08 लाख की मिली सब्सिडी, अब जीरो आता है बिजली बिल दुर्ग आधुनिक जीवन शैली में बिजली की बढ़ती मांग की वजह से बढ़ते बिजली बिलों से परेशान आम आदमी के लिए प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना किसी वरदान से कम नहीं है। इसका जीवंत उदाहरण पेश किया है श्री जसदेव सिंह जब्बल ने, जिन्होंने न केवल अपने घर को सौर ऊर्जा से रोशन किया है, बल्कि वे अब खुद बिजली निर्माता बन चुके हैं। जसदेव सिंह बताते हैं कि उनके घर में चार किलोवॉट का सोलर पैनल लगे लगभग तीन से चार महीने हो चुके हैं और इसके परिणाम बेहद सुखद हैं। वे कहते हैं, पहले हम बिजली का बिल भरने की चिंता में रहते थे, लेकिन आज हम खुद बिजली बना रहे हैं। मेरे घर की जितनी खपत है, उसे मेरा सोलर प्लांट अच्छी तरह से पूरा कर रहा है। अब मुझे बिजली बिल भरने की जरूरत नहीं पड़ती, जो पैसा पहले बिल में जाता था, वह अब मेरी शुद्ध बचत और एक तरह से अतिरिक्त आय है।   योजना के आर्थिक लाभों पर चर्चा करते हुए श्री जसदेव ने बताया कि उन्हें कुल 01 लाख 08 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई है। इसमें 78,000 रुपये केंद्र सरकार द्वारा और 30,000 रुपये राज्य सरकार द्वारा दिए गए हैं। जसदेव जी ने सरकार की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि सब्सिडी के लिए उन्हें कहीं भटकना नहीं पड़ा। आवेदन के महज एक महीने के भीतर सब्सिडी की राशि सीधे उनके बैंक खाते में क्रेडिट हो गई। जसदेव सिंह इस योजना को केवल पैसों की बचत तक सीमित नहीं मानते। उनका मानना है कि यह पर्यावरण को बचाने की एक बड़ी मुहिम है। वे कहते हैं कि जीवाश्म ईंधन सीमित हैं और पर्यावरण के लिए खतरनाक भी। अगर हम आज जागरूक नहीं हुए और रिन्यूएबल सोर्सेस (अक्षय ऊर्जा) को नहीं अपनाया, तो भविष्य मुश्किल भरा होगा। सोलर पैनल लगाकर हम अपनी निर्भरता खत्म कर रहे हैं और कल को सुरक्षित कर रहे हैं। अपनी सफलता से उत्साहित होकर जसदेव सिंह जब्बल अन्य नागरिकों को भी प्रेरित कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार इस योजना में बहुत बड़ा आर्थिक सहयोग दे रही है, इसलिए हर घर को इस योजना का लाभ उठाना चाहिए। यह न केवल हमारी आर्थिक स्थिति के लिए अच्छा है, बल्कि हमारे देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।   छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, दुर्ग क्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री संजय खंडेलवाल ने कहा कि हम आज जागरूक होंगे, तो ही हम अपने कल को बचा पाएंगे। सोलर अपनाएं, आत्मनिर्भर बनें। उन्होंने कहा कि श्री जसदेव सिंह ने न केवल अपने घर का बिजली बिल शून्य किया है, बल्कि पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाकर समाज के लिए एक बेहतरीन उदाहरण भी पेश किया है।

अभिषेक बनर्जी की खास यात्रा शुरू, एक महीने में फाइनल होगी टिकटों की तस्वीर

कोलकाता पश्चिम बंगाल में अगले कुछ महीनों के अंदर विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। माना जा रहा है कि अप्रैल माह में कई चरणों में मतदान कराए जा सकते हैं। मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं तो वहीं लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी के लिए टीएमसी ने भी कमर कस ली है। ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने इसके लिए बड़ी तैयारी की है और वह एक महीने की यात्रा पर पूरा बंगाल ही मथने के प्लान में हैं। इसकी शुरुआत आज से ही हो रही है। इस यात्रा में वह पूरे बंगाल के हर जिले तक जाएंगे। इस यात्रा के दौरान कहीं रोडशो होंगे तो कहीं जनसभाओं के आयोजन की तैयारी है।   टीएमसी के सूत्रों का कहना है कि इस यात्रा में अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी बताएगी कि बीते तीन कार्यकालों में उसने क्या किया और अब आगे क्या करने की तैयारी है। खासतौर पर बांग्ला कार्ड पर टीएमसी फोकस करना चाहती है कि कैसे हमने बांग्ला संस्कृति, भाषा और पहचान की रक्षा की। पार्टी के आंतरिक सूत्रों का कहना है कि टीएमसी की ओर से चुनाव को बांग्ला अस्मिता से जोड़ने की तैयारी है। खासतौर पर ईडी, चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं तक को टारगेट किया जा सकता है। यात्रा का स्लोगन रखा गया है- जोतोई करो हमला, आबार जितबे बांग्ला। इसका अर्थ हुआ- कितना भी कर लो हमला, एक बार फिर से जीतेगा बंगाल। बांग्ला अस्मिता से चुनाव को जोड़ने की तैयारी में है टीएमसी सूत्रों का कहना है कि यह यात्रा इसलिए अहम है क्योंकि इसी दौरान अभिषेक बनर्जी टीएमसी के विधायकों का फीडबैक भी जनता से लेंगे। ऐसे में यह यात्रा इस चीज को भी तय करेगी कि किसे चुनाव में टिकट मिलेगा और किसे नहीं। इसके अलावा उन सीटों पर भी वह कार्यकर्ताओं और जनता से फीडबैक लेंगे, जहां भाजपा के विधायक हैं। टीएमसी का प्लान यह है कि यदि किसी विधायक के खिलाफ ऐंटी-इनकम्बैंसी लोकल लेवल है तो उसे रिप्लेस कर दिया जाए। पार्टी नहीं चाहती कि किसी एक नेता या विधायक से नाराजगी का असर चुनाव जीत की संभावनाओं पर पड़े। 2024 के बाद तेजी से बढ़ा है अभिषेक बनर्जी का कद इस यात्रा को अभिषेक बनर्जी के कद से भी जोड़कर देखा जा रहा है। वह पार्टी में नंबर दो कहे जाते हैं, लेकिन कई बार उनकी राय ममता बनर्जी भी खारिज नहीं करती हैं। अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा चुनाव से पहले भी एक यात्रा निकाली थी। 2023 में उनकी यात्रा निकली थी, जिसका फायदा पार्टी को पंचायत चुनाव में हुआ और फिर माना जाता है कि लोकसभा इलेक्शन में भी स्थिति सुधरी। अभिषेक बनर्जी का कद तबसे बढ़ गया है। कहा जाता है कि लोकसभा चुनाव के कई कैंडिडेट उन्होंने ही तय किए थे और उनकी जीत से उनका कद बढ़ गया है। अभिषेक बनर्जी ने ही युसूफ पठान और जगदीश चंद्र बर्मा जैसे नेताओं को चुना था।  

प्यार की खातिर सरहद पार: बादल बाबू ने पाकिस्तान जाकर अपनाया इस्लाम, वतन वापसी से मना

अलीगढ़ मेटा (फेसबुक) पर दोस्ती के बाद युवती के प्यार में सीमा पार करके पाकिस्तान पहुंचे अलीगढ़ के बरला के बादल बाबू ने सजा तो पूरी कर ली है, लेकिन जुर्माना न भर पाने के चलते अभी उसे कुछ दिन और जेल में रहना पड़ेगा। उसके केस की पैरवी कर रहे अधिवक्ता फियाज रामे ने नए साल पर वीडियो डालकर इसका खुलासा किया है।   उन्होंने कहा है कि लाहौर जेल में बंद बादल से उनकी मुलाकात हुई है। बादल ने बताया है कि उसने पूरी तरह से इस्लाम धर्म कबूल कर लिया है। वह अब पाकिस्तान में ही रहना चाहता है। उसने भारत लौटने से मना कर दिया है। हालांकि नियमों के तहत वह पाकिस्तान में नहीं रह सकता है। इसलिए उसे डिपोर्ट ही किया जाएगा। बरला के गांव खिटकारी के रहने वाले बादल बाबू को 27 दिसंबर 2024 को पाकिस्तान पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वीजा या दस्तावेज मांगे तो वह नहीं दे सका था। इसके बाद उसे जेल भेज दिया था। 30 अप्रैल को बादल को एक साल कैद की सजा सुनाई गई। बादल के पिता कृपाल सिंह ने दिल्ली के एक मित्र के माध्यम से पाकिस्तान के कराची के अधिवक्ता फियाज रामे से संपर्क किया था, जो बादल के केस की पैरवी कर रहे हैं। उन्होंने कुछ दिन पहले वीडियो डालकर बताया था कि बादल ने सजा पूरी कर ली है। उसे डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। एक सप्ताह में उसे भारत वापस भेज दिया जाएगा। वहीं, एक जनवरी 2026 को उन्होंने एक वीडियो डाला। इसमें कहा है कि वह वह जिला जेल, लाहौर में मौजूद हैं। बादल की सजा पूरी हो चुकी है। उसे डिपोर्ट करने की प्रक्रिया को साझा कर रहे हैं। आज उनकी बादल से मुलाकात हुई है। इसे लेकर विस्तृत वीडियो डालने की बात कही। इसके बाद कृपाल सिंह ने अधिवक्ता से संपर्क करने का प्रयास किया। लेकिन, बात नहीं हो सकीं। हालांकि देररात अधिवक्ता ने एक और वीडियो डाली। इसमें बताया कि पाकिस्तान के गृह मंत्रालय से अनुमति के बाद उन्होंने लाहौर जेल में बादल से मुलाकात की है। बादल ने सजा पूरी कर ली है। लेकिन, वह जुर्माना नहीं भर पाया है। इसलिए उसे कुछ दिन और अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी। सना रानी के मिलने के सवाल उसने बताया कि जेल में सना उससे मिलने के लिए नहीं आई। इसे लेकर और कुछ बातें हैं, जिसके बारे में अधिवक्ता ने जल्द ही जानकारी साझा करने को कहा है। बादल को लेकर परिवार की चिंता बढ़ी इस खुलासे के बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई है। कृपाल सिंह ने बताया कि वकील ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बादल बाबू से बात कराने की बात कही थी। लेकिन, ऐसा नहीं हो सका है। पिता ने कहा कि कुछ समझ नहीं आ रहा है। मेरे पास तो इतने रुपये भी नहीं है कि जुर्माना भर पाऊं। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करके बादल की सुरक्षित वतन वापसी कराएं। जेल में बादल ने पढ़ी नमाज, अलग बैरक में रह रहा अधिवक्ता ने बताया कि बादल ने जेल में रोजाना नमाज पढ़ी है। इसके अलावा उसने बताया कि जेल में उसकी हर जरूरतों का ख्याल रखा गया। वह अलग बैरक में रह रहा है। किसी तरीके की कोई परेशानी नहीं है। वह पाकिस्तान में ही रहना चाहता है। उसे किसी किस्म का नुकसान न पहुंचाया जाए। इस पर अधिवक्ता ने कहा कि सरकार का फैसला होता है कि अगर कोई कैदी सजा पूरी कर ले तो वापस डिपोर्ट ही किया जाता है। इसे लेकर भारतीय एंबेसी से संपर्क किया जाएगा। पाक सरकार को एप्लीकेशन दी जाएगी, जिस पर सरकार की ओर से फैसला लिया जाएगा। हालांकि बादल कब तक वापस आएगा, इसका खुलासा अभी नहीं कर सकते। जल्द ही इसे लेकर जानकारी दी जाएगी।  

AUS vs ENG SCG Test: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंग्लैंड ने बदली रणनीति, टीम में किए दो अहम बदलाव

नई दिल्ली इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड यानी ईसीबी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में होने वाले 5वें और आखिरी एशेज टेस्ट के लिए टीम का ऐलान कर दिया है। ईसीबी ने 12 खिलाड़ियों की टीम चुनी है, प्लेइंग XI का फैसला बेन स्टोक्स मैच के दिन करेंगे। ऑस्ट्रेलिया वर्सेस इंग्लैंड 5वां टेस्ट 4 जनवरी से खेला जाना है। सिडनी टेस्ट के लिए इंग्लैंड की टीम में दो बड़े बदलाव हुए हैं। ऑफ-स्पिनर शोएब बशीर और तेज गेंदबाज़ मैथ्यू पॉट्स को 12 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है। 22 साल के शोएब बशीर, जिन्होंने 2024 में भारत के खिलाफ़ टेस्ट डेब्यू किया था, ने 19 टेस्ट मैच खेले हैं और 39.00 की औसत से 68 विकेट लिए हैं। इस ऑफ-स्पिनर ने अब तक टेस्ट में दो बार चार विकेट और चार बार पांच विकेट लिए हैं। गौरतलब है कि यह पहली बार है जब इंग्लैंड ने मौजूदा एशेज सीरीज में किसी स्पेशलिस्ट स्पिनर को टीम में शामिल किया है। इससे पहले, ऑलराउंडर विल जैक्स ही टीम के एकमात्र स्पिन गेंदबाजी विकल्प थे। 27 वर्षीय मैथ्यू पॉट्स ने जून 2022 में प्रतिष्ठित लॉर्ड्स में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था। तब से, इस दाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ ने 10 मैच खेले हैं, जिसमें 29.44 की औसत से 36 विकेट लिए हैं, जिसमें दो बार चार विकेट भी शामिल हैं। दाएं हाथ के तेज गेंदबाज गस एटकिंसन एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जो उस टीम से बाहर हैं जिसने मेलबर्न में बॉक्सिंग डे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को चार विकेट से हराया था। एटकिंसन हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण पांचवें टेस्ट से बाहर हो गए हैं।ऑस्ट्रेलिया 3-1 से आगे चल रही है और वह पहली ही सीरीज को अपने नाम कर चुकी है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांचवें एशेज टेस्ट के लिए इंग्लैंड टीम: बेन स्टोक्स (कप्तान), शोएब बशीर, जैकब बेथेल, हैरी ब्रूक, ब्रायडन कार्स, ज़ैक क्रॉली, बेन डकेट, विल जैक्स, मैथ्यू पॉट्स, जो रूट, जेमी स्मिथ (विकेटकीपर), जोश टंग।  

जायफल से ब्यूटी के कमाल: चेहरे से बालों तक दिखेगा असर

बढ़ती उम्र में भी स्किन को यूथफुल बनाने के लिए जायफल का इस्तेमाल दही व शहद के साथ करना अच्छा ऑप्शन हो सकता है। इसके लिए जायफल के पाउडर में दही व शहद मिलाकर एक फाइन पेस्ट बनाएं। जायफल की खुशबू किसी भी व्यजंन को पूरी तरह बदलने का माद्दा रखती है। यूं तो लोग केवल सलेक्टेड डिशेज में ही जायफल का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन अगर इसका इस्तेमाल स्किन केयर में किया जाए तो इससे बहुत से पॉजिटिव बदलाव देखने को मिलते हैं। इतना ही नहीं, इसकी मदद से कई तरह की स्किन संबंधी समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में…   स्किन को करें एक्सफोलिएट स्किन में नेचुरली ग्लो लाने के लिए सबसे पहले डेड स्किन सेल्स को बाहर निकाल कर उसे एक्सफोलिएट करना जरूरी होता है। इसमें जायफल आपकी मदद कर सकता है। जायफल की मदद से एक्सफोलिएटिंग फेस पैक बनाने के लिए सबसे पहले बेकिंग सोडा लेकर उसमें शहद व लौंग का तेल लेकर उसका पेस्ट बनाएं। अब इसमें जायफल व नींबू का रस मिलाकर एक स्मूद पेस्ट तैयार करें। अब इस पेस्ट को चेहरे पर लगाकर दो मिनट तक हल्के हाथों से मसाज करें और फिर हल्के गुनगुने पानी से चेहरे को साफ करें।   रोके बढ़ती उम्र के निशान बढ़ती उम्र में भी स्किन को यूथफुल बनाने के लिए जायफल का इस्तेमाल दही व शहद के साथ करना अच्छा ऑप्शन हो सकता है। इसके लिए जायफल के पाउडर में दही व शहद मिलाकर एक फाइन पेस्ट बनाएं। अब इसे चेहरे पर लगाकर पांच से दस मिनट के लिए छोड़ दें। अंत में साफ पानी की मदद से चेहरा साफ करें।   निखारे रंगत अगर आप अपनी स्किन को लाइट करके रंगत में निखार लाना चाहते हैं तो इसमें जायफल आपकी मदद करेगा। स्किन लाइटिंग फेशियल मास्क बनाने के लिए एक चौथाई चम्मच जायफल पाउडर लेकर उसमें एक चम्मच नींबू का रस और एक चम्मच दही डालकर उसे अच्छे से मिक्स करें। अब पहले अपनी स्किन को साफ करें और फिर इस पेस्ट को चेहरे पर लगाकर करीबन पांच मिनट बाद ठंडे पानी से वॉश करें। अंत में स्किन की नमी को रिस्टोर करने के लिए मॉइश्चराइजर अप्लाई करें।   बनेगा क्लींजर जायफल सिर्फ डल स्किन में नई जान ही नहीं फूंकता, बल्कि स्किन को भीतर से क्लीन करने का काम भी बेहतरीन तरीके से करता है। जायफल को क्लींजर की तरह इस्तेमाल करने के लिए नारियल के दूध या सामान्य दूध को जायफल के पाउडर के साथ मिक्स करें और इसे चेहरे पर लगाएं। इससे आपको अपने चेहरे में एक बदलाव महसूस होगा।   इसका रखें ध्यान अगर आप जायफल का इस्तेमाल कर रही हैं तो एक बात का विशेष ध्यान रखें कि इसे सीधे अप्लाई करने के स्थान पर पहले एक पैच टेस्ट अवश्य करें। जायफल भी लौंग व दालचीनी की तरह ही एक गर्म स्पाइस है, इसलिए इसका प्रयोग बहुत अधिक न करें। इसके इस्तेमाल से आपको हल्की जलन का आभास हो सकता है लेकिन अगर जलन का अहसास बहुत अधिक हो तो बेहतर होगा कि इसके प्रयोग से परहेज करें।  

जहरीला पानी बना मौत का कारण: इंदौर में कई मौतें, सैकड़ों बीमार, ICU में 32 की हालत गंभीर

इंदौर लगातार 8 साल से देश के सबसे साफ शहर का तमगा लेकर इतराने वाला इंदौर इन 'जहरीले जल प्रलय' से जूझ रहा है। जिन भागीरथ को गंगा को पृथ्वी पर लाने का श्रेय दिया जाता है उनके नाम पर बसे इंदौर के एक इलाके में दूषित पानी की वजह से कई लोग दम तोड़ चुके हैं तो अब भी दर्जनों लोगों की जान खतरे में है। भारीरथपुरा के 500 से अधिक लोगों को अब भी उल्टी और दस्त की शिकायते हैं जिनमें से 200 अस्पताल में भर्ती हैं और 32 तो आईसीयू में जिंदगी के लिए मौत से जंग लड़ रहे हैं।   न्यूज एंजेंसी पीटीआई ने इंदौर के एक स्वास्थ्य अधिकारी के हवाले से बताया कि गुरुवार को भागीरथपुर के 1714 घरों में जाकर यहां रह रहे लोगों की जांच पड़ताल की गई। जिन 8571 लोगों की जांच की गई उनमें से 338 में उल्टी-दस्त की हल्के लक्षण मिले। इन लोगों को फिलहाल घर पर ही उपचार दिया जा रहा है और सभी पर नजर रखी जा रही है। अस्पतालों में 200 मरीज, 32 आईसीयू में हैं अधिकारी ने बताया कि पिछले 8 दिनों में जब से यहां डायरिया फैला है, 272 मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से 71 स्वस्थ होकर बाहर आ चुके हैं। 200 मरीजों का अब भी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। चिंताजनक बात यह है कि 32 मरीजों को अब भी इंटेंसिव केयर यूनिट्स (ICUs) में रखा गया है। इन मरीजों में कई की हालत नाजुक बताई जा रही है। दूषित पानी से कितने मरे, इस पर मंत्री को भी कंफ्यूजन! भागीरथपुर में दूषित पानी की वजह से कितने लोगों की मौत हुई है, इसको लेकर अभी अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि 13 लोगों की मौत जहरीले पानी की वजह से हो चुकी है, वहीं प्रशासन चार मौतें की ही बात स्वीकार कर रहा है। इस बीच गुरुवार को जब मध्य प्रदेश के मंत्री और इंदौर से ही आने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय से इसको लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि इसको लेकर अभी कंफ्यूजन है। हालांकि, उन्होंने प्रशासन के आंकड़ों को अंतिम ना मानते हुए कहा कि और जिन लोगों की मौत पानी की वजह से बताई जा रही है उनकी भी जांच कराई जाएगी।