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डॉ. इरफान अंसारी का मानवीय संदेश: ठंड में हजारों गरीबों को बांटे कंबल, कहा– मैं किसी का बुरा नहीं सोचता

रांची  झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा, इंसानियत की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं। हर साल की तरह इस साल भी भीषण ठंड को देखते हुए हमने हजारों जरूरतमंदों तक कंबल पहुंचाया है, ताकि कोई भी ठंड से बीमार न पड़े। यह सेवा का संस्कार मैंने अपने पिता फुरकान अंसारी से सीखा है, जो हर पर्व, हर संकट में जनता के बीच जाकर उनकी मदद करते रहे हैं। "जनता की सेवा पूरी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ करें" दरअसल, डॉ. अंसारी ने कड़ाके की ठंड को देखते जामताड़ा विधानसभा अंतर्गत पंचायत झिलुआ, पबिया, बाकुडीह, केन्दुआटांड़, बसपहाड़ी, पिपलाटांड़, उदयपुर, बगरूडीह और महेशपुर सहित कई गांवों में लगभग 8,000 कंबलों का वितरण किया गया। इस अवसर पर पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने कहा, कि ठंड में कोई भी गरीब, असहाय या जरूरतमंद व्यक्ति बीमार न पड़े, यही हमारी प्राथमिकता है। सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। मैंने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से कहा है कि जनता की सेवा पूरी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ करें। विपक्ष की बातों में उलझने के बजाय जनता की आवाज सुनें और उनके सुख-दुख में साथ खड़े रहें। जनता आज उनके काम से खुश है और यही सबसे बड़ी पूंजी है।' "ठंड से किसी की जान बचाना सबसे बड़ा दान है" डॉ. अंसारी ने भावुक स्वर में कहा कि मैं विश्वास, मेहनत और लगन से जनता की सेवा कर रहा हूं। जब भी जनता को मेरी आवश्यकता होती है, मैं बिना बुलाए पहुंचता हूं। हजारों लोगों की दुआएं और आशीर्वाद ही मुझे भीतर से मजबूत बनाते हैं और ईमानदारी से काम करने की प्रेरणा देते हैं। जैसा कर्म करेंगे, वैसा ही फल मिलेगा-इस सिद्धांत पर मेरा पूरा विश्वास है। डॉ. इरफान अंसारी ने विपक्ष पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, कुछ लोग कहते हैं कि मैं कंबल, साड़ी या वस्त्र बांटता हूं। मैं उनसे कहना चाहता हूं- ठंड से किसी की जान बचाना सबसे बड़ा दान है। जब कोई गरीब इस कंबल से ठंड से बच पाएगा और मेरे पिता फुरकान अंसारी का नाम लेगा, वही मेरी असली पूंजी है।'  

न्यूजीलैंड की बढ़ी मुश्किलें, सीनियर पेसर की इंजरी से टी20 वर्ल्ड कप पर संकट

नई दिल्ली न्यूजीलैंड के अनुभवी तेज गेंदबाज लॉकी फर्ग्यूसन की आगामी ICC पुरुष T20 वर्ल्ड कप 2026 (भारत और श्रीलंका) में भागीदारी पर सवाल खड़े हो गए हैं। ICC के अनुसार, 34 वर्षीय फर्ग्यूसन को पिंडली (काफ) में चोट लगी है, जिसके चलते उनका टूर्नामेंट खेलना संदिग्ध माना जा रहा है। ILT20 के दौरान लगी चोट, टूर्नामेंट से बाहर फर्ग्यूसन को 21 दिसंबर को दुबई में ILT20 लीग के एक मुकाबले में डेजर्ट वाइपर्स की ओर से गेंदबाजी करते समय चोट लगी थी। यह मैच MI एमिरेट्स के खिलाफ खेला गया था। चोट के बाद उन्हें ILT20 के शेष मुकाबलों से बाहर कर दिया गया, जिसके चलते टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी इंग्लैंड के सैम करन को सौंपी गई। BBL 2025-26 से भी हुए बाहर दाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज को अब जारी बिग बैश लीग (BBL) 2025-26 से भी बाहर कर दिया गया है। लगातार टूर्नामेंटों से बाहर रहने के कारण T20 वर्ल्ड कप 2026 में उनकी उपलब्धता को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं। भारत के खिलाफ T20I सीरीज पर भी संशय T20 वर्ल्ड कप से पहले फर्ग्यूसन के भारत के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की T20I सीरीज में खेलने की उम्मीद थी। हालांकि, वह अभी रिकवरी प्रक्रिया में हैं। वहीं, न्यूजीलैंड पहले ही पीठ की चोट के कारण विल ओ’रूर्क की सेवाएं खो चुका है, जिससे टीम के तेज गेंदबाजी आक्रमण पर दबाव और बढ़ गया है। भारत-न्यूजीलैंड ODI सीरीज के लिए भारतीय टीम घोषित इस बीच, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने शनिवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ 11 जनवरी से शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए 15 सदस्यीय टीम का ऐलान किया। शुभमन गिल को टीम की कमान सौंपी गई है। स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या को टीम में शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने उन्हें एक मैच में 10 ओवर गेंदबाजी की अनुमति नहीं दी है। T20 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए उनके कार्यभार को मैनेज किया जा रहा है। भारत की वनडे टीम: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, केएल राहुल (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (उपकप्तान)*, वॉशिंगटन सुंदर, रवींद्र जडेजा, मोहम्मद सिराज, हर्षित राणा, प्रसिद्ध कृष्णा, कुलदीप यादव, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), नितीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह, यशस्वी जायसवाल।  

नन्हे छात्रों को बड़ी राहत, राजस्थान में पहली से पांचवीं तक हल्के होंगे स्कूल बैग

जयपुर राजस्थान के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा एक से पांचवीं तक के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ी राहत देने की तैयारी कर ली है। बच्चों के स्कूल बैग का बढ़ता भार लंबे समय से चिंता का विषय रहा है, जिसे कम करने के लिए अब नई शिक्षा नीति के तहत महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की जा रही है। शिक्षा विभाग ने निर्णय लिया है कि सत्र 2026-27 से प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों का वितरण दो चरणों में किया जाएगा। नई व्यवस्था के अनुसार, पूरे सत्र की सभी किताबें एक साथ देने के बजाय सीमित पाठ्यपुस्तकें एक चरण में दी जाएंगी। इससे विद्यार्थियों के स्कूल बैग का भार वर्तमान की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत तक कम हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि भारी बैग बच्चों के शारीरिक विकास पर नकारात्मक असर डालते हैं, ऐसे में यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद फायदेमंद साबित होगा। शासन सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग कृष्ण कुणाल ने जानकारी देते हुए बताया कि सत्र 2027-28 से पाठ्यपुस्तकों का आवंटन तिमाही आधार पर किया जाएगा। इसका मतलब यह होगा कि विद्यार्थियों को हर तीन महीने में पाठ्यक्रम के अनुसार सीमित पुस्तकें दी जाएंगी। इस व्यवस्था के पूरी तरह लागू होने के बाद बच्चों पर पुस्तकों का भार और घटकर वर्तमान का लगभग 50 प्रतिशत रह जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल बच्चों के लिए पढ़ाई को बोझ नहीं, बल्कि एक आनंददायक और सहज अनुभव बनाने की दिशा में ठोस कदम है। शिक्षा विभाग का मानना है कि पुस्तक भार कम होने से बच्चों की नियमित स्कूल उपस्थिति में भी सुधार होगा। हल्का बैग होने से बच्चे स्कूल जाने में अधिक उत्साह महसूस करेंगे और शारीरिक थकान भी कम होगी। इसके साथ ही पढ़ाई में रुचि बढ़ेगी और बच्चों की एकाग्रता में भी सुधार देखने को मिलेगा। अभिभावकों के लिए भी यह फैसला राहत भरा है, क्योंकि वे लंबे समय से बच्चों के भारी स्कूल बैग को लेकर चिंता जताते रहे हैं। यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप है, जिसमें बच्चों पर अनावश्यक शैक्षणिक दबाव कम करने और बाल-केंद्रित शिक्षा व्यवस्था को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। नई व्यवस्था से न केवल बच्चों का शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि उनकी सीखने की क्षमता और मानसिक विकास पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। शिक्षा विभाग की इस पहल को अभिभावकों और शिक्षाविदों द्वारा सराहा जा रहा है, और इसे प्राथमिक शिक्षा में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।  

ठंड बढ़ी, बच्चों को राहत: रांची में सभी स्कूल 6 जनवरी तक रहेंगे बंद

रांची झारखंड में ठंड का कहर जारी है। भीषण ठंड ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। ठंड के चलते रांची में 2 दिनों की पढ़ाई स्थगित कर दी है। रांची जिले के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी विद्यालयों में केजी से 12वीं तक की कक्षाओं में पठन-पाठन का कार्य 5 जनवरी 2026 से 6 जनवरी 2026 तक स्थगित कर दिया गया है। KG से 12वीं तक कक्षाओं में पठन-पाठन का कार्य पूरी तरह बंद जारी आदेश के अनुसार दिनांक 5 जनवरी से 6 जनवरी 2026 तक सभी विद्यालयों में KG से 12वीं तक कक्षाओं में पठन-पाठन का कार्य पूरी तरह बंद रहेगा। हालांकि, यदि इस अवधि में किसी विद्यालय में पूर्व निर्धारित परीक्षाएं आयोजित हैं, तो विद्यालय प्रबंधन अपने विवेकानुसार परीक्षा का संचालन कर सकते हैं। साथ ही 10वीं और 12वीं कक्षाओं के संचालन को लेकर भी विद्यालयों को आवश्यक निर्णय लेने की छूट दी गई है। बता दें कि मौसम विभाग ने रांची जिला को येलो जोन की श्रेणी में चिह्नित करते हुए अत्यधिक ठंड पड़ने की संभावना जताई है। लगातार गिरते तापमान और शीतलहरी के प्रकोप को देखते हुए बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।

जमीन–मकान रजिस्ट्री कराने वालों के लिए जरूरी खबर, पंजाब सरकार ने बदले नियम

चंडीगढ़ पंजाब सरकार द्वारा जमीन प्लाटों आदि सभी तरह की रजिस्ट्री करवाने के लिए नियम और सख्त कर दिए हैं और नए साल 2026 में तहसील दफ्तरों में नए नियम लागू होने के कारण नंबरदारों, सरपंचों और दूसरे सभी गवाहों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। अब जमीन रजिस्ट्रेशन में एक बड़ा बदलाव किया गया है। अब नंबरदार और गवाहों की गवाहों बिना OTP और आधार कार्ड के बिना गवाही नहीं मानी जाएगी। तहसील ऑफिस में रजिस्ट्रेशन के दौरान धोखाधड़ी के मामले अक्सर सामने आते हैं। सरकार का मानना ​​है कि आधार से जुड़े e-KYC को लागू करने से रजिस्ट्री में धोखाधड़ी को रोका जाएगा। रजिस्ट्रेशन में धोखाधड़ी और जालसाजी को रोकने के लिए पंजाब सरकार ने तहसीलों में आधार-बेस्ड e-KYC को जरूरी कर दिया है। इस पहल के तहत रजिस्ट्रेशन के दौरान बायोमेट्रिक/आधार ऑथेंटिकेशन के जरिए खरीदार और बेचने वाले दोनों की पहचान वेरिफाई की जाएगी। सरकार का दावा है कि इस पहल से जाली रजिस्ट्रेशन और जाली पहचान के आधार पर धोखाधड़ी रुकेगी और जमीन के रिकॉर्ड में ट्रांसपेरेंसी आएगी। सरकार ने इस बारे में सब-रजिस्ट्रार ऑफिस को लिखित आदेश जारी किए हैं। गौरतलब है कि पहले रजिस्ट्रार ऑफिस में आधार-बेस्ड e-KYC लागू नहीं थी। इस मकसद के लिए रजिस्ट्रेशन के समय खरीदार और बेचने वाले की पहचान पक्की करने के लिए संबंधित तहसीलों में बायोमेट्रिक मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी। गौरतलब है कि तहसील ऑफिस में रजिस्ट्रेशन के दौरान अक्सर धोखाधड़ी वाले रजिस्ट्रेशन के मामले सामने आते हैं। सरकार का मानना ​​है कि आधार-लिंक्ड e-KYC लागू होने से रजिस्ट्रेशन में धोखाधड़ी रुकेगी और मरे हुए व्यक्ति को जिंदा रजिस्टर करने, नकली पहचान का इस्तेमाल करके प्रॉपर्टी ट्रांसफर करने या झूठे गवाह बनाने जैसे मामलों पर रोक लगेगी। सब-तहसील तलवंडी चौधरियां के नायब तहसीलदार के तौर पर काम कर रहे सब-रजिस्ट्रार ने संपर्क करने पर बताया कि रजिस्ट्रेशन के समय खरीदार और बेचने वाले को ऑथेंटिकेट करने के लिए आधार-बेस्ड e-KYC का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब हर नंबरदार और गवाहों को जमीन की रजिस्ट्री करवाते समय अपना मोबाइल, आधार कार्ड और पहचान पत्र साथ लाना होगा और सभी नंबरदारों और गवाहों और जमीन बेचने वाले मालिक और जमीन खरीदने वाले को मौके पर ही उनके मोबाइल पर एक OTP आएगा जो मौके पर दिखा कर ही रजिस्ट्रेशन की कार्रवाई हो सकेगी।   उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से यह पक्का हो जाएगा कि प्रॉपर्टी असल में संबंधित व्यक्ति ही खरीद या बेच रहा है। अगर व्यक्ति विदेश में है या अगर खरीदार नाबालिग है और कोई और उसकी तरफ से रजिस्ट्री करवा रहा है, तो उसकी पहचान वेरिफाई करने के लिए व्यक्ति के आधार और मोबाइल नंबर से OTP लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- सोमनाथ हमारे आत्मबल, पुनर्जागरण और अविनाशी विश्वास का है प्रतीक

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह सौभाग्य का विषय है कि भगवान श्रीमहाकाल और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग हमारे प्रदेश में विद्यमान है और प्रदेश की राजधानी भोपाल में मूल सोमनाथ ज्योतिर्लिंग दर्शन का अवसर प्राप्त हो रहा है। बार-बार ध्वस्त होकर भी सोमनाथ का पुनर्निर्माण यह उद्घोष है कि, शिव शाश्वत हैं, हमारी आस्था अडिग है और सनातन की चेतना अमर है। सोमनाथ हमारे आत्मबल, पुनर्जागरण और अविनाशी विश्वास का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को आर्ट ऑफ़ लिविंग संस्था एवं भोपाल उत्सव मेला की सोमनाथ ज्योतिर्लिंग रूद्र पूजा और मूल सोमनाथ ज्योतिर्लिंग दर्शन के रवीन्द्र भवन- मुक्ताकाश परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक श्री भगवान दास सबनानी, भोपाल उत्सव मेला के श्री मनमोहन अग्रवाल, सामाजिक कार्यकर्ता श्री माखन सिंह और श्री राहुल कोठारी विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिव ही सत्य और सनातन हैं। पंच महाभूतों से बने हमारे शरीर का शिव ही सनातन संस्कृति की मूल अवधारणाओं से परिचय कराते हैं। शिव ही हमारे विकारों का संहार करते हैं। सनातन के विरोध का भाव रखने वाली संस्कृतियां, वर्तमान में स्वयं आतंरिक संकट से ग्रस्त हैं। जबकि सदैव विश्व के कल्याण की कामना करने वाली भारतीय संस्कृति, संसार को एक परिवार मानते हुए आगे बढ़ रही है। सरदार वल्लभ भाई पटेल ने जहां एक ओर श्री सोमनाथ महादेव का पुनर्निर्माण कराया वहीं प्रधानमांत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राम मंदिर की स्थापना की। उज्जैन में महाकाल जन-जन की श्रद्धा के केंद्र के रूप में विद्यमान हैं। यह इस तथ्य को स्थापित करता है कि सनातन आदि और अनंत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी का आध्यात्मिक ज्ञान, उनकी आत्मीयता और मानवमात्र के प्रति प्रेम, सम्मानीय है। उनके द्वारा प्रसारित, सांस लेने की लयबद्ध सुदर्शन क्रिया की तकनीक ने कई लोगों के जीवन से तनाव, चिंता और अवसाद जैसे जटिल विकारों का निदान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रूद्र पूजन में भगवान भोलेनाथ से प्रदेशवासियों को सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करने की कामना की।  

इंदौर जैसी घटना न दोहराई जाए: रायपुर में एक्टिव हुए जनप्रतिनिधि, खारून सफाई का तैयार हुआ मास्टर प्लान

रायपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को स्वच्छता और सुनियोजित विकास के मामले में इंदौर की तर्ज पर विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। रायपुर पश्चिम विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेश मूणत, महापौर मीनल चौबे और निगम आयुक्त विश्वदीप ने रविवार सुबह लगातार 5 घंटे फील्ड पर रहकर शहर की ड्रेनेज व्यवस्था और डंपिंग यार्ड का निरीक्षण किया। विधायक मूणत ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसी ठोस कार्ययोजना बनाई जाए जिससे शहर के नालों का एक बूंद गंदा पानी भी खारून नदी में न मिले। निरीक्षण दल सबसे पहले सरोना डंपिंग यार्ड पहुंचा। यहां पोकलेन मशीनों के जरिए कचरा हटाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है और लगभग 80 प्रतिशत क्षेत्र साफ किया जा चुका है। विधायक और महापौर ने अधिकारियों को शेष कार्य जल्द पूरा करने और सरोना क्षेत्र की रिक्त शासकीय भूमियों का तत्काल सीमांकन करने के निर्देश दिए। इन भूमियों पर जनहित की नई परियोजनाएं शुरू करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। नालों का गंदा पानी बनेगा निगम की कमाई का जरिया चिंगरी और पीहर नाला के निरीक्षण के दौरान विधायक राजेश मूणत ने एक महत्वपूर्ण विजन साझा किया। उन्होंने कहा कि इन नालों की ऐसी सुव्यवस्थित सफाई हो कि पानी ओवरफ्लो न हो और सीधे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) पहुंचे। •      ट्रीटमेंट के बाद सप्लाई: एसटीपी में उपचारित होने वाले पानी (Raw Water) को औद्योगिक समूहों को बेचा जाएगा। •        होगी आय: इससे नगर निगम के लिए राजस्व का एक नया और स्थायी स्रोत विकसित होगा। ‘इंदौर जैसी घटना न हो’- महापौर की हिदायत महापौर मीनल चौबे ने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि रायपुर में इंदौर जैसी (स्वच्छता या अव्यवस्था संबंधी) कोई भी अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। उन्होंने चंदनीडीह स्थित 75 एमएलडी एसटीपी और स्काडा सिस्टम कंट्रोल रूम का जायजा लिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि खारून नदी की पवित्रता बनाए रखने के लिए यह सुनिश्चित करें कि नालों का गंदा पानी नदी में मिलने के बजाय सीधे प्लांट तक पहुँचे। निरीक्षण दल में ये रहे शामिल इस उच्च स्तरीय निरीक्षण के दौरान जोन 8 के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ठाकुर, पार्षद महेंद्र औसर, अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय, अधीक्षण अभियंता पी. राजेश नायडू, इमरान खान, जोन कमिश्नर राजेश्वरी पटेल सहित स्वच्छ भारत मिशन और स्वास्थ्य विभाग के तमाम अधिकारी उपस्थित थे।

योगी सरकार की दिव्यांग सशक्तिकरण नीति को मिला नया आयाम

विश्वविद्यालय के ब्रेल प्रेस से प्रकाशित यूजी एवं पीजी स्तर के 54 पाठ्यक्रमों की एनईपी आधारित 4000 से अधिक शैक्षणिक ब्रेल पुस्तकें उपलब्ध ब्रेल पुस्तकों का सुव्यवस्थित पुस्तकालय स्थापित करने वाला उत्तर प्रदेश का पहला राज्य विश्वविद्यालय बना लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समावेशी शिक्षा और दिव्यांग सशक्तिकरण की नीति को धरातल पर उतारते हुए डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में प्रदेश के पहले राज्य विश्वविद्यालय स्तरीय ब्रेल पुस्तकालय अनुभाग का शुभारंभ किया गया। मुख्य अतिथि कुलपति आचार्य संजय सिंह ने स्वामी विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय के प्रथम तल पर स्थापित इस अत्याधुनिक ब्रेल पुस्तकालय का उद्घाटन किया। इससे पूर्व कुलपति ने विश्वविद्यालय के ब्रेल प्रेस परिसर में ब्रेल लिपि के जनक लुई ब्रेल की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। इसके पश्चात फीता काटकर ब्रेल पुस्तकालय अनुभाग का विधिवत उद्घाटन किया गया। दृष्टि दिव्यांगों को मिलेगा कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति द्वारा दृष्टि दिव्यांग विद्यार्थियों का हाथ पकड़कर दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर उन्होंने दृष्टि दिव्यांग विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया और विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए कि उन्हें आधुनिक कंप्यूटर प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि ब्रेल लिपि दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए शिक्षा का सशक्त माध्यम है, जो उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ती है। 54 उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों की 4000 से अधिक ब्रेल पुस्तकें प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि ब्रेल पुस्तकालय में विश्वविद्यालय के ब्रेल प्रेस से प्रकाशित यूजी एवं पीजी स्तर के 54 पाठ्यक्रमों की एनईपी आधारित 4000 से अधिक शैक्षणिक ब्रेल पुस्तकें उपलब्ध हैं। यह प्रदेश का पहला ऐसा राज्य विश्वविद्यालय है, जहां इतनी बड़ी संख्या में ब्रेल पुस्तकों का सुव्यवस्थित पुस्तकालय अनुभाग विकसित किया गया है। पुस्तकालय में 150 से अधिक विद्यार्थियों के बैठकर अध्ययन करने की सुविधा वाला रीडिंग रूम भी तैयार किया गया है। 10 हजार ब्रेल पुस्तकों का लक्ष्य प्रवक्ता एवं पुस्तकालय प्रभारी प्रो. यशवंत वीरोदय ने बताया कि इस वर्ष ब्रेल पुस्तकों की संख्या बढ़ाकर 10 हजार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यहां शैक्षणिक पुस्तकों के साथ-साथ नोवेल, नाटक, महापुरुषों की जीवनियां और साहित्यिक कृतियां भी उपलब्ध हैं। बाहरी दृष्टि दिव्यांग भी ले सकेंगे सुविधा उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सबको शिक्षा की भावना के अनुरूप यह पुस्तकालय केवल विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बाहरी दृष्टि दिव्यांग भी सदस्यता लेकर यहां अध्ययन कर सकेंगे। इसके लिए विशेष, आकस्मिक और कॉर्पोरेट सदस्यता की व्यवस्था की गई है। विशेष सदस्यता विद्वानों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और अन्य लखनऊ के निवासियों को मिलेगी। इसके लिए सदस्यता फॉर्म के साथ दो आवासीय प्रमाण देने होंगे। पुनर्वास विवि के अतिथि प्रवक्ता, सेवानिवृत्त अध्यापक, कर्मचारी पुस्तकालय शुल्क जमा कर विशेष सदस्य हो सकेंगे। आकस्मिक सदस्यता एक बार में छह माह तक दी जा सकेगी। इसके तहत राशि का भुगतान कर पुस्तकालय संसाधनों का लाभ उठा सकते हैं। अनियमित सदस्यों को कोई पुस्तक जारी नहीं की जाएगी। कॉर्पोरेट सदस्यता के लिए वार्षिक सदस्यता शुल्क जमा कर लखनऊ का कोई भी संगठन पुस्तकालय का सदस्य बन सकेगा। इसके तहत संगठन छह पुस्तकालय टिकटों के हकदार होंगे। यह सुविधा संगठन अपने कार्यरत कर्मचारियों को देगा। दृष्टि दिव्यांगों ने जताया आभार ब्रेल शोध छात्र अजय कुमार द्विवेदी, रोहित, राम सकल, मनोज और अजय सहित अन्य दृष्टि दिव्यांग विद्यार्थियों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लुई ब्रेल ने उन्हें पढ़ने की लिपि दी, जबकि विश्वविद्यालय ने सम्मानजनक व्यवस्था और अवसर प्रदान किया।

राजस्थान: बाड़मेर में बड़े ड्रग रैकेट का खुलासा, हजारों नशीली गोलियां जब्त

बाड़मेर राजस्थान में अवैध नशीली दवाओं के कारोबार के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बाड़मेर जिले में पुलिस ने एक बड़े ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए रीको एरिया में छापेमारी के दौरान 12,645 प्रतिबंधित टैबलेट जब्त की हैं। इस कार्रवाई से जिले में चल रहे अवैध ड्रग नेटवर्क की गंभीरता उजागर हुई है। अधिकारियों ने शनिवार को इस संबंध में जानकारी दी। पुलिस को मिली खास सूचना के आधार पर रीको पुलिस स्टेशन की टीम ने दानजी की होदी क्षेत्र में कपूरड़ी निवासी हीर सिंह के पुत्र दीप सिंह के कमरे की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कमरे में रखी एक प्लास्टिक की बोरी से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं बरामद की गईं। जब्त सामग्री में 1,329 कॉम्बीपैक किट और 6,645 प्रतिबंधित टैबलेट शामिल हैं, जो नशीली दवाओं की श्रेणी में आती हैं और जिनका अवैध रूप से भंडारण व वितरण किया जा रहा था।   छापेमारी के दौरान मौजूद बाड़मेर ड्रग कंट्रोल ऑफिसर शांति लाल परिहार ने पुष्टि की कि बरामद सभी दवाएं गैरकानूनी थीं और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत प्रतिबंधित हैं। उन्होंने बताया कि इन दवाओं का न तो कोई वैध लाइसेंस था और न ही इनके भंडारण या बिक्री की अनुमति। इसके बाद इन दवाओं को कानूनी प्रक्रिया के तहत औपचारिक रूप से जब्त कर लिया गया। यह कार्रवाई पुलिस हेडक्वार्टर और जोधपुर रेंज के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। इस अभियान का उद्देश्य अवैध नशीली दवाओं के कारोबार पर रोक लगाना और वांछित अपराधियों को पकड़ना है। पुलिस का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से ड्रग माफिया पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।  ऑपरेशन की निगरानी एडिशनल सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस नितेश आर्य और सर्कल ऑफिसर रमेश कुमार शर्मा ने की। वहीं रीको थाना प्रभारी भंवर सिंह ने जिला पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीणा के मार्गदर्शन में पूरी टीम का नेतृत्व किया। पुलिस अधिकारियों ने टीम की तत्परता और समन्वय की सराहना की है। इस मामले में आरोपी दीप सिंह के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। हालांकि वह फिलहाल फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। साथ ही, जब्त की गई दवाओं के स्रोत, सप्लाई चेन और वितरण नेटवर्क का पता लगाने के लिए गहन जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जल्द गिरफ्तारी की जा सकती है।  

पेट्रो जोन से बदलेगा बालोतरा का भविष्य, औद्योगिक विकास को मिलेगी नई गति

बालोतरा जिले में औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में रीको की औद्योगिक भूखंड प्रत्यक्ष आवंटन योजना से उल्लेखनीय सफलता मिली है। इस योजना के तहत राजस्थान पेट्रो जोन स्थित औद्योगिक क्षेत्र बोरावास कलावा प्रथम चरण में अब तक 11 औद्योगिक भूखंडों का सफलतापूर्वक आवंटन किया जा चुका है। इससे जिले में निवेश का माहौल मजबूत हुआ है और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद जगी है। इकाई प्रभारी कुलदीप दाधीच ने जानकारी देते हुए बताया कि इसके अलावा तीन अन्य औद्योगिक भूखंडों के लिए भी आवेदकों को ऑफर लेटर जारी कर दिए गए हैं। इन ऑफर लेटर के बाद संबंधित इकाइयों की स्थापना की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि बोरावास कलावा प्रथम चरण में कुल 11 भूखंडों के लिए 13 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से अधिकांश पर आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, जबकि शेष आवेदनों की जांच और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शीघ्र आवंटन किया जाएगा। केवल पेट्रो जोन ही नहीं, बल्कि बालोतरा जिले के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी प्रत्यक्ष आवंटन योजना के तहत कुल 15 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया जा चुका है। इससे साफ है कि जिले में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और वे यहां उद्योग स्थापित करने में रुचि दिखा रहे हैं। रीको के अधिकारियों का मानना है कि यह रुझान आने वाले समय में और भी मजबूत होगा। रीको के अनुसार, अब तक किए गए सभी औद्योगिक भूखंड आवंटनों के माध्यम से कुल 67.69 एकड़ भूमि पर लगभग 43 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस निवेश से जिले में नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना संभव होगी, जिससे न केवल उत्पादन गतिविधियां बढ़ेंगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा। इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने के बाद बालोतरा जिले में लगभग 700 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने का अनुमान है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और उन्हें बाहर पलायन नहीं करना पड़ेगा। साथ ही, औद्योगिक विकास से परिवहन, व्यापार, लॉजिस्टिक्स और सेवा क्षेत्र जैसे सहायक उद्योगों को भी लाभ होगा। रीको की इस पहल से बालोतरा जिले की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी और जिले को एक नई औद्योगिक पहचान मिलेगी। आने वाले समय में पेट्रो जोन और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ने से बालोतरा राजस्थान के महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्रों में शामिल हो सकता है।