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बिहार पहुंचा 33 फीट लंबा और 210 टन वजनी दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग

गोपालगंज. तमिलनाडु के महाबलीपुरम से विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग बिहार के गोपालगंज पहुंच गया है. इस शिवलिंग की लंबाई 33 फीट और वजन 210 मीट्रिक टन है. इस विशाल शिवलिंग की स्थापना 17 जनवरी को पूर्वी चंपारण के केसरिया प्रखंड स्थित विराट रामायण मंदिर में विधि-विधान से होगी. तमिलनाडु के महाबलीपुरम से 21 नवंबर को रवाना किया गया यह शिवलिंग करीब 45 दिनों की लंबी यात्रा तय कर तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार पहुंच चुका है. रास्ते भर जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा शिवलिंग का भव्य स्वागत किया गया. जहां भी शिवलिंग को लेकर वाहन रुका, वहां पूजा-अर्चना और आरती के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. एक दिन रुकने के बाद 5 जनवरी को शिवलिंग गोपालगंज के बलथरी के लिए प्रस्थान करेगा. बलथरी में सुबह 11 बजे भव्य स्वागत समारोह होगा. इसके लिए विशेष प्रवेश द्वार तैयार कराया गया है. यहां पूजा-अर्चना, आरती और बैंड-बाजे के साथ स्वागत किया जाएगा. इसके बाद गोपालगंज के चैनपट्टी में भी श्रद्धालु पूजा-अर्चना और अभिनंदन करेंगे. यह शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम स्थित पट्टीकाडु गांव में एक ही ब्लैक ग्रेनाइट मोनोलिथ पत्थर से तैयार किया गया है. इसके निर्माण में कलाकारों को लगभग 10 वर्षों का समय लगा. शिवलिंग पर 1008 सहस्त्रलिंगम भी उकेरे गए हैं. इसे 96 पहियों वाले विशेष ट्रक के जरिए सड़क मार्ग से बिहार लाया गया है. विराट रामायण मंदिर का निर्माण महावीर मंदिर न्यास समिति द्वारा कराया जा रहा है. मंदिर परिसर में प्रवेश द्वार, गणेश स्थल, सिंह द्वार, नंदी, शिवलिंग स्थल और गर्भगृह की पाइलिंग का कार्य पूरा हो चुका है. यह मंदिर 1080 फीट लंबा और 540 फीट चौड़ा होगा. मंदिर में कुल 18 शिखर और 22 उप-मंदिर होंगे. मुख्य शिखर की ऊंचाई 270 फीट होगी. मंदिर अधीक्षक के अनुसार, 20 जून 2023 को शिलान्यास के बाद मंदिर निर्माण कार्य शुरू किया गया था. यह मंदिर केसरिया और चकिया के बीच जानकीनगर में बन रहा है, जो पटना से लगभग 120 किलोमीटर दूर है. मंदिर परिसर में चार आश्रम भी बनाए जाएंगे. विराट रामायण मंदिर पद्मश्री आचार्य किशोर कुणाल का ड्रीम प्रोजेक्ट है. इसके पूर्ण होने के बाद यह विश्व का सबसे बड़ा मंदिर होगा. यह न सिर्फ बिहार, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय होगा. नवंबर को रवाना किया गया यह शिवलिंग करीब 45 दिनों की लंबी यात्रा तय कर तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार पहुंच चुका है. रास्ते भर जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा शिवलिंग का भव्य स्वागत किया गया. जहां भी शिवलिंग को लेकर वाहन रुका, वहां पूजा-अर्चना और आरती के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. एक दिन रुकने के बाद 5 जनवरी को शिवलिंग गोपालगंज के बलथरी के लिए प्रस्थान करेगा. बलथरी में सुबह 11 बजे भव्य स्वागत समारोह होगा. इसके लिए विशेष प्रवेश द्वार तैयार कराया गया है. यहां पूजा-अर्चना, आरती और बैंड-बाजे के साथ स्वागत किया जाएगा. इसके बाद गोपालगंज के चैनपट्टी में भी श्रद्धालु पूजा-अर्चना और अभिनंदन करेंगे.

गिल को प्लेइंग इलेवन से बाहर देख रिकी पोंटिंग हैरान, बोले– भारत की बेंच स्ट्रेंथ कमाल की

 नई दिल्ली T20 World Cup 2026 के लिए भारत की टीम में शुभमन गिल को जगह नहीं मिली, जो सितंबर 2025 में एशिया कप से पहले टी20 टीम के आधिकारिक तौर पर वाइस कैप्टन बनाए गए थे। खराब फॉर्म की वजह से सिलेक्टर्स ने उनको मेगा इवेंट से ड्रॉप कर दिया। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर रिकी पोंटिंग चयनकर्ताओं के इस फैसले से हैरान हैं। हालांकि, उन्होंने भारतीय क्रिकेट की भी तारीफ की। उनका कहना है कि जब आप शुभमन गिल जैसे खिलाड़ी को बाहर करते हैं तो पता चलता है कि आपके पास टैलेंट पूल है।   आईसीसी रिव्यू में रिकी पोंटिंग ने शुभमन गिल को ड्रॉप किए जाने को लेकर कहा, “मुझे यकीन नहीं हुआ। मेरा मतलब है, मुझे पता है कि व्हाइट-बॉल क्रिकेट में उनका हालिया फॉर्म बहुत अच्छा नहीं रहा है। पिछली बार जब मैंने उन्हें सच में अच्छा खेलते देखा था, तो वह UK में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज थी, जहां उन्होंने इतनी अच्छी बैटिंग की जितनी मैंने कभी किसी को करते नहीं देखा। मुझे लगता है, पहली बात यह कि मैं हैरान हूं, लेकिन दूसरी बात यह कि, यह इंडियन क्रिकेट की डेप्थ को दिखाता है।” उन्होंने आगे कहा, "अगर आप सोच सकते हैं कि शुभमन गिल जैसे अच्छे खिलाड़ी को वर्ल्ड कप टीम में नहीं चुना गया, तो इससे पता चलता है कि उनके पास कितने अच्छे खिलाड़ी हैं।" चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम का ऐलान करते हुए गिल को लेकर कहा था, “हम जानते हैं कि वह कितना अच्छा खिलाड़ी है, लेकिन शायद इस समय वह थोड़े रन नहीं बना पाया है। पिछले वर्ल्ड कप में भी बाहर रहना दुर्भाग्यपूर्ण था, क्योंकि हम अलग-अलग कॉम्बिनेशन के साथ गए थे, लेकिन यह किसी भी चीज से ज्यादा कॉम्बिनेशन की बात है…जब आप 15 खिलाड़ी चुनते हैं तो किसी को बाहर रहना ही पड़ता है और दुर्भाग्य से, इस समय गिल हैं। हम कॉम्बिनेशन देख रहे हैं। अगर कीपर टॉप पर बैटिंग करने वाला है, तो अभी जितेश है और उसने ज्यादा गलत नहीं किया है, लेकिन हमें कॉम्बिनेशन और टॉप पर कीपर को देखने की जरूरत है।”  

गुड्डु बाबा ने कौटिल्य नगर में लालू की जमीन को लेकर विजय सिन्हा को लिखा पत्र

पटना. लैंड फॉर जॉब, आईआरसीटीसी घोटाले का आरोप झेल रहे लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और उनके परिजनों के लिए नये साल में एक और मुश्किल खड़ी होती दिख रही है। सामाजिक कार्यकर्ता गुड्डू बाबा ने लीज पर दी गई कौटिल्य नगर की जमीन पर जांच के लिए डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा को पत्र लिखा है। बताया जा रहा है कि लालू प्रसाद का परिवार 10 सर्कुलर रोड आवास से कौटिल्य नगर स्थित आवास में शिफ्ट होने वाला है। कौटिल्य नगर में अन्य नेताओं को भी लीज पर जमीन दी गई है। गुड्डू बाबा ने विजय कुमार सिन्हा पत्र लिखकर जांच की मांग करने की पुष्टि की है। न्यूज चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि उक्त जमीन वेटेनरी कॉलेज से संबंधित है। इन जमीनों के आवंटन में नियमों की अनदेखी की गयी। इनकी गहन जांच की आवश्यकता है। कौटिल्य नगर में 1986 में कोऑपरेटिव सोसायटी बनाकर विधायकों और सांसदों को 20 एकड़ जमीन लीज पर आवंटित कर दी गई। वहां नेताओं ने घर बना लिए। इन लोगों ने शर्त का पालन नहीं किया। इन नेताओं को कभी सरकारी आवास का उपयोग नहीं करना था। प्राप्त भूखंड को बेचना, किसी को हस्तांतरि करना या व्यावसायिक उपयोग पर रोक थी। कौटिल्य नगर की जमीन पर अतिक्रमण हटाने के लिए 2016 से हाईकोर्ट में मामला चल रहा है। यह जमीन पटना यूनिवर्सिटी के लिए अधिग्रहित किया गया जिसे बाद में वेटेनरी कॉलेज को दिया गया। बाद में नेताओं ने बांट लिया। कौटिल्यनगर का मामला एक बड़ा लैंड स्कैम है। उन्होंने यह भी कहा कि 1986 में की गई 30 साल की लीज 2016 में एक्सपायर हो गई। रिन्यूअल के लिए फाइल बढ़ाई गई पर नीतीश कुमार ने इस पर स्वीकृति नहीं दी। सीएम को अच्छे से इन जमीनों की सच्चाई पता है। लीज का एक्सटेंसन नहीं किया गया।हालांकि शिकायत पर ऐक्शन इतना आसान नहीं है क्योंकि कई बड़े नेताओं के हित का मामला है। इस पर विजय सिन्हा पर निर्भर करता है कि क्या ऐक्शन लेते है। राजद ने इसे राजनीति से प्रेरित बताया है। प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा है कि एक परिवार का नाम लोकर और आरोप लगाकर खबर में बने रहने की कवायद है। लालू परिवार को टारगेट किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 12 बजे करेंगे वर्चुअली उद्घाटन, 11 जनवरी तक चलेगा मुकाबला

उद्घाटन साराह में उत्तर प्रदेश वॉलीबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष व उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक  भी रहेंगे मौजूद चैम्पियनशिप में स्विट्जरलैंड से अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल महासंघ के आब्जर्वर भी रहेंगे मौजूद   वाराणसी 72 वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का उद्घाटन 4 जनवरी को काशी के सिगरा स्टेडियम में होगा। वाराणसी के सांसद और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअली इस प्रतियोगिता का उद्घाटन 12 बजे करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्टेडियम में मौजूद रहकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाएंगे। उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश वॉलीबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष व उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक  भी मौजूद रहेंगे। सिगरा स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में यह प्रतियोगिता 11 जनवरी तक चलेगी। इसमें देश भर से 58 टीमें (पुरुष एवं महिला ) भाग ले रही है । चैम्पियनशिप में स्विट्जरलैंड से अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल महासंघ के आब्जर्वर भी मौजूद रहेंगे।  उत्तर प्रदेश वॉलीबॉल संघ के सचिव सुनील कुमार तिवारी ने बताया कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पहली बार सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप हो रही है। इसमें 30 पुरुष और 28 महिला टीमें भाग लेंगीं। जिला वॉलीबॉल संघ के अध्यक्ष अभिमन्यु सिंह ने बताया कि रेलवे के अलावा सेना के तीनों अंगों (जल,थल, नभ ) को मिलाकर बनी टीम भी प्रतिभाग करेगी। प्रतियोगिता 11 जनवरी को समाप्त होगी। उन्होंने जानकारीदी कि उत्तर प्रदेश में कई वर्षो (1984 ) के बाद ये चैंपियनशिप होनी जा रहा है। पूर्वांचल के खेल प्रेमियों के लिए ये चैम्पियनशिप बहुत बड़ा आयोजन है। इसमें से सेलेक्ट किये हुए खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। आयोजन समिति के अध्यक्ष और वाराणसी के मेयर अशोक तिवारी ने बताया कि साई और खेल विभाग उत्तर प्रदेश के बीच सिगरा स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स सेण्टर ऑफ़ एक्ससिलेन्स के बीच एमओयू होना है। आयोजन समिति की ओर से खेल का शुभांकर (नंदी और डॉलफिन ) भी जारी किया जा चूका है 72 वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में देश भर के लगभग 1044 से अधिक  खिलाड़ी भाग लेंगे,जिसमें 540 पुरुष खिलाड़ी और 504 महिला ख़िलाड़ी हैं। राष्ट्रीय स्तर के इस उद्घाटन समारोह में सभी खेलो के राष्ट्रीय और अन्तर्रष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ ही पद्मश्री सम्मान से सम्मानित और गणमान्य लोगो को भी आमंत्रित किया गया है। आयोजन समिति के अध्यक्ष और महापौर अशोक तिवारी ने कहा कि यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि काशी को ‘स्पोर्ट्स टूरिज्म हब’ के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि काशी की यह मेजबानी आने वाले वर्षों में और बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों का मार्ग प्रशस्त करेगी।

बिहार के मुख्यमंत्री नितीश बोले शकुनी चौधरी से- ‘आपका बेटा सम्राट बहुत आगे जाएगा’

पटना. डिप्टी CM सम्राट चौधरी के पिता शकुनी चौधरी का आज अपना 90वां जन्मदिन है। इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उनके आवास पहुंचे और जन्मदिन की बधाई दी। इस मुलाकात का वीडियो भी सामने आया है। जिसमें सीएम ने पहले शकुनी चौधरी को बधाई दी। फिर सम्राट चौधरी की तारीफ करते हुए कहा कि, 'आपका बेटा बहुत आगे जाएगा। मैं हमेशा उसके साथ।' इस दौरान मंत्री विजय चौधरी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव भी नजर आए। सम्राट चौधरी ने सीएम नीतीश के साथ की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी शेयर की है।

गिग वर्कर्स के लिए खुशखबरी! राघव चड्ढा ने कहा– सही दिशा में कदम, मोदी सरकार की तारीफ

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने नए लेबर कोड के तहत गिग वर्कर्स और डिलीवरी पार्टनर्स के लिए सोशल सिक्योरिटी नियमों का ड्राफ्ट जारी करने के लिए केंद्र सरकार की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि यह गिग वर्कर्स की कड़ी मेहनत को "मान्यता, सुरक्षा और सम्मान" देने की दिशा में पहला कदम है।   रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रम और रोजगार मंत्रालय ने इस हफ्ते की शुरुआत में 'कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी (सेंट्रल) रूल्स, 2025' नाम से ड्राफ्ट नियम जारी किए हैं। इनमें गिग वर्कर्स को अलग-अलग सोशल सिक्योरिटी बेनेफिट्स और सुरक्षा पाने के लिए योग्य होने के नियम गए हैं। राघव चड्ढा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर दी बधाई राघव चड्ढा ने आज अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर लिखा, “सभी गिग वर्कर्स और डिलीवरी पार्टनर्स को बधाई। आपके लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार के सोशल सिक्योरिटी नियमों का ड्राफ्ट आपके काम को मान्यता, सुरक्षा और सम्मान देने की दिशा में पहला कदम है। भले ही Zomato, Swiggy, Blinkit, आदि प्लैटफॉर्म्स ने आपकी बात नहीं सुनी, लेकिन इस देश के लोगों और सरकार ने सुनी। यह एक छोटी जीत है, लेकिन एक महत्वपूर्ण जीत है।” राघव चड्ढा लंबे समय से गिग वर्कर्स के अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं, यहां तक ​​कि कई बार संसद में भी उन्होंने इस मुद्दे को उठाया है। केंद्र सरकार के कदम का भी किया स्वागत 'आप' सांसद ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए वीडियो में कहा, “ये ड्राफ्ट नियम सिर्फ इसलिए नहीं बनाए गए कि मैंने संसद में यह मुद्दा उठाया, बल्कि यह इसलिए हुआ क्योंकि आप सभी ने भी अपनी आवाज उठाई। कंपनियों और प्लैटफॉर्म्स ने आपकी बात नहीं सुनी, लेकिन सरकार ने सुनी, जिसका स्वागत किया जाना चाहिए।” नए नियमों से गिग वर्कर्स को कानूनी मान्यता और यूनिक पहचान मिलेगी राघव चड्ढा ने कहा कि नए नियमों के तहत, गिग वर्कर्स को कानूनी मान्यता मिलेगी और उन्हें एक यूनिक पहचान दी जाएगी। हाल ही में संसद सत्र में ‘आप’ के राज्यसभा सांसद ने भारत के गिग वर्कर्स के 'दुख-दर्द" के बारे में बात की थी, जो बहुत ज्यादा दबाव में और कभी-कभी खराब मौसम की स्थिति में काम करते हैं। राघव चड्ढा ने क्विक कॉमर्स और दूसरे ऐप-बेस्ड डिलीवरी और सर्विस बिजनेस पर रेगुलेशन की मांग की थी, खासकर गिग वर्कर्स के फायदों की जरूरत पर जोर दिया था। उन्होंने संसद में अपने भाषण में गिग वर्कर्स के लिए सम्मान, सुरक्षा और सही वेतन की मांग की थी। पहली बार, 'गिग वर्कर्स' और 'प्लैटफॉर्म वर्कर्स' की परिभाषा और उनसे जुड़े प्रावधान सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 में दिए गए हैं, जो 21 नवंबर, 2025 को लागू हुआ है। क्या होंगे फायदे यह कोड गिग वर्कर्स और प्लैटफॉर्म वर्कर्स के लिए जीवन बीमा और विकलांगता कवर, दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य और मैटरनिटी बेनिफिट्स, बुढ़ापा सुरक्षा वगैरह से जुड़े मामलों पर सही सोशल सिक्योरिटी उपायों को बनाने का प्रावधान करता है। यह कोड कल्याणकारी योजनाओं को फाइनेंस करने के लिए एक सोशल सिक्योरिटी फंड बनाने का भी प्रावधान करता है। यह कोड गिग वर्कर्स और प्लैटफॉर्म वर्कर्स के कल्याण के लिए एक नेशनल सोशल सिक्योरिटी बोर्ड बनाने का भी प्रावधान करता है। इसके अलावा, श्रम और रोजगार मंत्रालय ने 26.08.2021 को असंगठित श्रमिकों, जिसमें प्लैटफॉर्म वर्कर्स, प्रवासी श्रमिक आदि शामिल हैं, का एक व्यापक नेशल डेटाबेस बनाने के लिए ई-श्रम पोर्टल लॉन्च किया था। ई-श्रम पोर्टल का मकसद असंगठित श्रमिकों को सेल्फ-डिक्लेरेशन के आधार पर यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) देकर उन्हें रजिस्टर करना और सपोर्ट करना है। श्रम और रोजगार मंत्रालय ने 21.10.2024 को ई-श्रम- 'वन-स्टॉप-सॉल्यूशन' भी लॉन्च किया है, जिसमें अलग-अलग सामाजिक सुरक्षा/कल्याण योजनाओं को एक ही पोर्टल यानी ई-श्रम पर इंटीग्रेट किया गया है।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी के टाउनहॉल रैन बसेरे की देखी व्यवस्था

वाराणसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भीषण शीतलहरी में टाउनहॉल रैन बसेरा पहुंचे और यहाँ रह रहे लोगों का हाल जाना। मुख्यमंत्री ने ठंड से ठिठुरते लोगों को राहत पहुंचाते हुए कंबल एवं भोजन के पैकेट उपलब्ध कराए। उन्होंने सभी का कुशलक्षेम जाना। छोटे बच्चों को उन्होंने चॉकलेट भी दी। उन्होंने लोगों से कहा कि ठंड में बाहर सड़क पर खुले आसमान के नीचे कत्तई न सोएं। रैनबसेरा आप लोगों के लिए ही बनवाया गया है। उन्होंने रैनबसेरा में शरण लिए लोगों से व्यवस्थाओं के बाबत जानकारी ली और पूछा कि कोई कमी तो नहीं है? लोगों ने प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया। लोगों ने बताया कि सब कुछ दुरुस्त है। बिछाने के लिए बिस्तर और ओढ़ने के लिये कंबल तथा तापने के लिये अलाव आदि की भी समुचित व्यवस्था है।        मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अत्यधिक ठंड के दृष्टिगत यह सुनिश्चित किया जाय कि कोई भी व्यक्ति रात्रि में सड़क के किनारे अथवा खुले आसमान में न रहे, गरीब एवं असहाय लोगों को रैनबसेरा में रहने के लिए कहा जाय। रैनबसेरों में समुचित साफ-सफाई, शौचालयों, प्रकाश, बिस्तर, अलाव आदि की व्यवस्था हर हालत में सुनिश्चित की जाए।       इस दौरान प्रदेश के स्टाम्प एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, आयुष एवं खाद्य सुरक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ दयाशंकर मिश्र 'दयालु', एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, धर्मेन्द्र राय, विधायक नीलकंठ तिवारी, सौरभ श्रीवास्तव आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

एलन मस्क से टकराव के बीच मादुरो का बड़ा दांव: गिरफ्तारी पर ट्रंप को सराहा, देश में 1 महीने इंटरनेट फ्री

नई दिल्ली दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के मालिक एलन मस्क ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बधाई दी है। मस्क ने इस सैन्य सफलता को पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी जीत करार देते हुए कहा कि यह दुनिया भर के तानाशाहों के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है। इससे पहले फरवरी 2025 में एलन मस्क ने तर्क दिया था कि अमेरिका को दूसरे देशों में शासन परिवर्तन की कोशिश करने के बजाय अपने आंतरिक मामलों पर ध्यान देना चाहिए।   शनिवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर जानकारी दी थी कि अमेरिकी सेना ने एक गुप्त अभियान में निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोर्स को हिरासत में ले लिया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मस्क ने ट्वीट किया, "बधाई हो राष्ट्रपति ट्रंप! यह पूरी दुनिया के लिए एक जीत है और हर जगह मौजूद दुष्ट तानाशाहों के लिए एक स्पष्ट संदेश है। वेनेजुएला अब उस समृद्धि और खुशहाली का हकदार है, जिसकी उसे प्रतीक्षा थी।" फ्री इंटरनेट इसके साथ ही मस्क की कंपनी स्टारलिंक ने वेनेजुएला के नागरिकों के लिए एक महीने (3 फरवरी 2026 तक) के लिए मुफ्त इंटरनेट सेवा देने का भी ऐलान किया है, ताकि वहां के लोग दुनिया से जुड़े रह सकें। आपको बता दें कि एलन मस्क और निकोलस मादुरो के बीच पिछले काफी समय से कड़वाहट रही है। मादुरो ने मस्क को अपना 'कट्टर दुश्मन' बताया था और वेनेजुएला में 'X' पर प्रतिबंध भी लगाया था। मस्क लगातार मादुरो को तानाशाह कहते रहे हैं और वहां के विपक्ष का समर्थन करते आए हैं। मस्क का यह ताजा बयान उनके उसी पुराने रुख की पुष्टि करता है। निकोलस मादुरो की यह गिरफ्तारी अमेरिका द्वारा उन पर रखे गए इनाम को दोगुना करने के कुछ महीने बाद हुई है। अंतरराष्ट्रीय नशीली दवाओं की तस्करी में उनकी कथित भूमिका को देखते हुए अमेरिकी सरकार ने उन पर 50 मिलियन डॉलर (लगभग 415 करोड़ रुपये) का इनाम घोषित किया था। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, मादुरो और उनकी पत्नी पर अब अमेरिका में 'नार्को-टेररिज्म' से जुड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मस्क के साथ-साथ कई अन्य वैश्विक नेताओं ने भी इस कार्रवाई पर अपनी प्रतिक्रिया दी है, जबकि वेनेजुएला के भीतर इसे लेकर तनाव बना हुआ है।  

मामूली जमीन विवाद बना खूनी संघर्ष, महिला को जमीन पर पटककर पीट-पीटकर मार डाला

पटना बिहार में 10 इंच जमीन के लिए एक महिला की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। पश्चिम चंपारण जिले में इस वारदात के बाद सनसनी फैल गई है। सीरिसिया थाना क्षेत्र के सेनुअरिया वार्ड संख्या-10 में जमीनी विवाद में मारपीट के दौरान रामकली देवी (60) की मौत हो गई। घटना रविवार की सुबह करीब 7:30 बजे की है। मौके पर ट्रैफिक डीएसपी सहित आधा दर्जन थाने की पुलिस कैंप कर रही है। थानाध्यक्ष अनंत कुमार ने बताया कि घटना के बाद सभी आरोपित घर छोड़कर फरार हो गए हैं। बताया जाता है कि सिरीसिया थाना क्षेत्र के सेनुअरिया गांव निवासी मुन्ना महतो एवं महातम यादव के बीच रविवार की सुबह करीब 7:30 बजे 10 इंच जमीन को लेकर विवाद होने लगा। धीरे-धीरे विवाद बढ़ता गया और दोनों पक्षों में मारपीट होने लगी। इसमें एक पक्ष से महिला अपने बेटे का बचाव करने आई। दूसरे पक्ष के लोगों ने महिला को लोहे के खंती से धक्का दे दिया, जिससे महिला जमीन पर गिर पड़ी। उसके बाद आरोपित उन्हें लात-घूंसे से मारने लगे। इस पिटाई से महिला को गंभीर चोट आ गई। जिससे महिला की मौके पर मौत हो गई। घटना के बाद सभी आरोपित घर छोड़कर फरार हो गए। ग्रामीणों ने इसकी सूचना सीरिसिया पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच बेतिया भेज दिया। घटना के बाद एक-एक कर करीब आधा दर्जन थाने की पुलिस मौके ने पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। तनाव की स्थिति को देखते हुए भारी संख्या में जिला पुलिस के बल भी पहुंचे। तब जाकर मामला शांत हुआ।  

डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को फिर राहत, 40 दिन की पैरोल को हरियाणा सरकार की हरी झंडी

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह पर 15वीं बार दरियादिली दिखाई है। वह 40 दिनों के पौरोल पर बाहर आ रहा है। इससे पहले भी वह कई मौकों पर जेल से बाहर आ चुका है। आपको बता दें कि वह अपनी दो शिष्याओं से बलात्कार के मामले में 20 साल कारावास की सजा काट रहा है। अदालत ने उसे दोनों मामलों में अलग-अलग 10-10 साल की सजा सुनाई थी। इससे पहले वह पिछले साल अगस्त महीने में 40 दिन की पैरोल पर बाहर आया था। इस दौरान उसने डेरा मुख्यालय में सत्संग और प्रवचन भी दिया। गुरमीत राम रहीम को 2017 में दो साध्वियों से बलात्कार के मामले में 20 साल की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद 2019 में पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में भी उसे दोषी ठहराया गया था। इसके अलावा, 2002 में अपने ही मैनेजर रंजीत सिंह की हत्या के मामले में उसे उम्रकैद की सजा मिली थी। हालांकि, इस साल मई 2024 में उसे और चार अन्य आरोपियों- अवतार सिंह, कृष्ण लाल, जसबीर सिंह और सबदिल सिंह को "दोषपूर्ण और संदिग्ध जांच" का हवाला देते हुए बरी कर दिया गया। पिछले साल जनवरी में भी राम रहीम को 20 दिन की पैरोल मिली थी, जबकि अप्रैल में 21 दिन की फरलो दी गई थी। अगस्त में उसे फिर 40 दिन की पैरोल दी गई थी। उसकी लगातार रिहाई पर सवाल उठने लगे हैं। पिछले वर्षों में देखा गया है कि राम रहीम को चुनावी समय के आसपास जेल से बाहर आने की अनुमति मिली है। अक्टूबर 2020: हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान 40 दिन की पैरोल फरवरी 2022: पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले 21 दिन की फरलो जून 2022: हरियाणा में निकाय चुनाव के दौरान एक महीने की पैरोल अक्टूबर 2022: हरियाणा उपचुनाव के दौरान 40 दिन की पैरोल