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मुख्यमंत्री साय ने जताई प्रतिबद्धता, शहरों का संतुलित और समावेशी विकास होगा प्राथमिकता

रायपुर : शहरों के संतुलित, समावेशी और योजनाबद्ध विकास को लेकर सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री साय बिलासपुर नगर निगम एवं आसपास के क्षेत्रों के विकास को लेकर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित न्यायधानी बिलासपुर के समग्र विकास और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार को लेकर हुई व्यापक चर्चा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  मंत्रालय महानदी भवन में बिलासपुर नगर निगम एवं आसपास के क्षेत्रों के विकास को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में बिलासपुर शहर तथा बाह्य क्षेत्रों में संचालित एवं प्रस्तावित विकास कार्यों, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायधानी बिलासपुर प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा शहर है और बढ़ते शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए यहां संतुलित, समावेशी और योजनाबद्ध विकास आवश्यक है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की ओर अग्रसर है और इसी के अनुरूप शहरी अधोसंरचना को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रगतिरत योजनाओं को तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से स्वच्छ एवं नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने और इससे जुड़ी परियोजनाओं पर गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिलासपुर को उद्योग एवं पर्यटन की दृष्टि से प्राथमिकता में रखते हुए विकास की योजनाएं तैयार की जाएं। साय ने बताया कि पिछले दो वर्षों में सरकार द्वारा निरंतर नए विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई है। साथ ही आने वाला बजट भी अत्यंत महत्वपूर्ण होगा और इसके माध्यम से “विकसित छत्तीसगढ़” की संकल्पना भी साकार होगी। उन्होंने कहा कि विभागों के आपसी समन्वय से ही बेहतर परिणाम सामने आएंगे और गांवों के साथ-साथ शहरों के विकास में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। बैठक में सड़क, पुल-पुलिया, पेयजल, ड्रेनेज, प्रदूषण मुक्त शहर, यातायात व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल एवं युवा कल्याण, आवास, ई-बस सेवा, हवाई यातायात, ट्रांसपोर्ट नगर, उद्योग एवं व्यापार, पर्यटन तथा अरपा विशेष क्षेत्र विकास परियोजना (अरपा साडा) से जुड़े विषयों पर बिंदुवार मंथन किया गया और विभिन्न विषयों पर सहमति भी बनी। इसमें सिम्स के नए अस्पताल भवन के लिए एएस जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को पीपीपी मोड पर संचालित करने का निर्णय लिया गया। बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार हेतु डिफेंस को राशि हस्तांतरित किए जाने की जानकारी दी गई, जिस पर जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। साथ ही एयरपोर्ट के अन्य विकास कार्यों एवं नाइट लैंडिंग सुविधा को शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए गए। ट्रांसपोर्ट नगर सिलपहरी के विकास का कार्य सीएसआईडीसी द्वारा किए जाने तथा भूमि हेतु आवेदन प्रस्तुत करने पर सहमति बनी। उसलापुर रेलवे ओवरब्रिज के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी लाने और इसे आगामी बजट में शामिल करने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त बिलासपुर के राजीव गांधी चौक, नेहरू चौक, महामाया चौक (वाय आकार) – रतनपुर मार्ग तक 305 करोड़ की लागत से फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण, पुराना बस स्टैंड चौक पर सीएमडी चौक-इमलीपारा रोड-टैगोर चौक-जगमल चौक तक 115 करोड़ की लागत से फ्लाई ओवर का निर्माण, एफसीआई गोडाउन व्यापार विहार क्षेत्र को सिरगिट्टी-महमंद बायपास से जोड़ने हेतु 320 करोड़ की लागत से तारबहार फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार शहर के यातायात दबाव को कम करने हेतु 950 करोड़ की लागत से फोरलेन बिलासपुर रिंग रोड निर्माण के लिए एनएचएआई की सहमति के आधार पर लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रस्ताव भेजने पर सहमति बनी। खारंग जलाशय में पाराघाट व्यपवर्तन योजना के लिए 328 करोड़ रुपये, नगर निगम क्षेत्र में अरपा नदी के एसटीपी एवं ड्रेनेज कार्यों के लिए 252 करोड़ रुपये तथा बिलासपुर शहर की जलभराव समस्या के समाधान हेतु आपदा प्रबंधन निधि से 150 करोड़ रुपये दिए जाने की सहमति बनी। बिलासपुर में कैंसर अस्पताल के लिए टाटा मेमोरियल अस्पताल से चर्चा करने, कानन पेंडारी के सामने अंडरपास निर्माण, कोनी से बिरकोना–खमतराई–बहतराई मार्ग के निर्माण, 24×7 जल आपूर्ति योजना हेतु डीपीआर तैयार करने तथा अरपा साडा क्षेत्र के विकास के लिए टीएनसीपी एवं जिला अधिकारियों की बैठक कर पूर्व योजनाओं पर चर्चा तथा इसे आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, विधायक अमर अग्रवाल, विधायक सुशांत शुक्ला, विधायक धरमलाल कौशिक, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह तथा विभिन्न विभागों के सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

इंदौर में जल संकट का भयावह परिणाम: दूषित पानी से 20 लोगों की मौत, 18 को मुआवजा, 16 ICU में

 इंदौर इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से उपजी त्रासदी थमने का नाम नहीं ले रही है। नलों से बह रहा गंदा पानी अब सीधे लोगों की जान ले रहा है, लेकिन इसके बावजूद शासन-प्रशासन हकीकत स्वीकारने को तैयार नहीं है। दूषित पानी के कारण अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है। तीन नई मौतों की जानकारी सामने आने के बाद हालात की भयावहता और स्पष्ट हो गई है। इनके सहित 18 मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रु.देने का दावा किया गया है। ऐसे में दो नए नाम रामकली जगदीश और श्रवण नत्यु को भी जोड़ा जाए तो मृतकों की संख्या 20 हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि दूषित पानी से भले ही 6 लोगों की मौत हुई है, लेकिन जहां भी लोगों की मौत की सूचना मिली रही है वहां क्रॉस चेक कर आर्थिक सहायता दी जा रही है। इतनी मौतों के बाद लोग अब डरे-सहमे हैं। इलाके में बड़ी संख्या में बोरिंग का यूज बंद कर दिया है। रहवासी टैंकरों और आरओ के पानी पर निर्भर हैं। इस बीच अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या में कमी आई है। अब तक 429 लोग भर्ती हुए थे। जिनमें से मंगलवार शाम तक की स्थिति में 330 डिस्चार्ज हो चुके हैं। यानी अब सिर्फ 99 मरीज ही एडमिट हैं। हालांकि, अस्पतालों में मरीजों की संख्या में कमी जरूर आई है, लेकिन आईसीयू में मरीजों की संख्या पहले की तुलना में बढ़ी है। अब आईसीयू में 16 मरीज हैं। इनमें से 3 वेंटिलेटर पर हैं। इससे पहले सोमवार को 15 और रविवार को 7 मरीज आईसीयू में भर्ती थे। इधर, आज बुधवार को महिला कांग्रेस पूरे प्रदेश में एक साथ प्रदर्शन करेगी। मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया ने बताया कि पूरे प्रदेश में एक साथ कैंडल मार्च निकालेंगे। अब मुआवजा सूची में दो नए नाम जुड़े इधर, प्रशासन की परिजन को मुआवजा देने के लिए बनाई सूची में दो नए नाम हैं, जो पहले सामने नहीं आए थे। इनमें रामकली जगदीश व श्रवण नत्यु शामिल हैं। इनके सहित मुआवजा सूची में 15 नाम हो गए हैं। महाराष्ट्र में हुआ बुजुर्ग का अंतिम संस्कार दूषित पानी की इस त्रासदी में श्रावण नथ्थु खुपराव की मौत भी जुड़ चुकी है। 29 दिसंबर को इलाज के दौरान अस्पताल में उनकी मौत हो गई। बेटे श्रीकृष्ण ने बताया कि 25 दिसंबर को उन्हें अचानक उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी। हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। 26 दिसंबर को कुछ सुधार हुआ, लेकिन इसके बाद अचानक तबीयत फिर बिगड़ी और उनकी जान चली गई। श्रावण खुपराव का अंतिम संस्कार महाराष्ट्र के बुलढ़ाना जिले के सेलापुर गांव में किया गया, जो उनका पैतृक गांव है। उनका पोता नगर निगम की पानी की टंकी पर कार्यरत है और बेटा सुरक्षाकर्मी के रूप में काम करता है, इसी कारण पूरा परिवार इंदौर में रह रहा था। सवाल यह है कि जिस परिवार का सदस्य खुद पानी की व्यवस्था से जुड़ा है, वही परिवार दूषित पानी का शिकार बन गया। 47 वर्षीय रामकली की भी गई जान इसी तरह रामकली पत्नी जगदीश (47 वर्ष) की मौत ने भी प्रशासन के दावों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। उनके बेटे ने बताया कि 28 दिसंबर को अचानक उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। परिजन उन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि रामकली को इससे पहले किसी भी तरह की गंभीर बीमारी नहीं थी। अचानक हुई तबीयत खराबी और मौत ने दूषित पानी की भूमिका को और मजबूत कर दिया है। भागीरथपुरा और आसपास के इलाकों में हालात ऐसे हैं कि हर घर में बीमार लोग मिल रहे हैं। अस्पतालों में बेड भर चुके हैं, स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की भीड़ लगी है, लेकिन प्रशासन अब भी मौतों को “स्वाभाविक” या “अन्य कारणों” से जोड़कर अपनी जिम्मेदारी से बचने में लगा है। भागीरथपुरा में बहता दूषित पानी अब सिर्फ बीमारी नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और संवेदनहीनता का सबसे बड़ा सबूत बन चुका है। कलेक्टर और निगम कमिश्नर रोज कर रहे निरीक्षण कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने बुधवार को भी भागीरथपुरा क्षेत्र की बस्तियों और कॉलोनी का निरीक्षण किया। इस दौरान सीवरेज और नर्मदा पाइपलाइन के लीकेज सुधार के कामों का जायजा लिया और दिशा निर्देश दिए। स्थानीय रह वासियों से भी वाटर सप्लाई को लेकर जानकारी ली गई। निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने बताया कि क्षेत्र में घर-घर और गली-गली जाकर रहवासियों को जानकारी दी जा रही है कि आज 12.30 बजे नर्मदा पानी की सप्लाई टेस्टिंग के लिए की जाएगी। अनाउंसमेंट किया जा रहा है कि पानी के सप्लाई दौरान घर की नर्मदा लाइन की टोटी को बंद ही रखें, पानी का इस्तेमाल ना करें। इलाके में पर्याप्त मात्रा में टैंकर से पानी सप्लाई किया जा रहा है। टैंकर का पानी उबालकर और छानकर ही पीएं। भागीरथपुरा पानी की टंकी से क्लोरीनेशन वाटर सप्लाई की टेस्टिंग आज फिर की जाएगी। दो दिन में 5013 घरों तक पहुंचीं हेल्थ टीमें सीएमएचओ डॉ. माधव प्रसाद हासानी के मुताबिक 61 टीमें बनाई गई थीं। इन टीमों में नर्सिंग ऑफिसर, सीएचओ, आशा और एएनएम शामिल हैं। जिन्होंने घरों में रियल टाइम सर्वे किया है। दो दिनों में ये टीमें 5013 घरों तक पहुंची हैं। 24786 लोगों से संपर्क कर उन्हें उचित परामर्श दिया है। वहीं, प्रत्येक घर में दवाइयां और एक क्लिनवेट ड्रॉप भी बांटे हैं। जानिए क्या है कोबो टूल दरअसल, कोबो टूल एक ऑनलाइन मोबाइल एप है। इससे भागीरथपुरा के हर घर का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया। किस घर में बीमारी की गंभीरता ज्यादा थी, कितने सदस्य बीमार थे, पानी को साफ रखने को लेकर उनकी जानकारी सहित कई प्रश्न किए गए। भागीरथपुरा में दूषित पानी से फैली बीमारी के बाद इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (ICMR) के सर्वे में 17 गलियां संक्रमित मिली हैं। 61 टीमों 5013 घरों का सर्वे किया और करीब 25 हजार लोगों तक पहुंचे। इसमें से 40 से 50% क्षेत्र प्रभावित मिला है। भागीरथपुरा टंकी के पास सामने वाली गली में मरीज नहीं मिले। इन्हीं डेटा के आधार पर हीट-गैप बनाया है। 460 घर प्रभावित … Read more

मुख्यमंत्री साय बोले: स्वामी विवेकानंद ने भारत की संस्कृति और सनातन धर्म का विश्व में किया मान बढ़ाया

रायपुर : स्वामी विवेकानंद ने दुनिया में बढ़ाया भारत की संस्कृति एवं सनातन का मान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने अल्पायु में ही संपूर्ण विश्व को भारत की सनातन संस्कृति, अध्यात्म और दर्शन से परिचित कराते हुए देश का सम्मान बढ़ाया था। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज शाम राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित सेंड ऑफ सेरेमनी समारोह में युवाओं को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम का आयोजन खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के जन्मदिवस पर प्रतिवर्ष 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है तथा राष्ट्रीय युवा उत्सव का आयोजन किया जाता है। यह उत्सव भारत की युवा ऊर्जा, रचनात्मकता और राष्ट्र निर्माण की भावना का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हम छत्तीसगढ़ वासियों के लिए यह बड़े सौभाग्य की बात है कि स्वामी विवेकानंद जी ने अपना अधिकांश समय रायपुर में बिताया। बूढ़ा तालाब एवं डे-भवन जैसी पावन स्थलों की स्मृतियाँ आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रीय युवा उत्सव में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने के लिए 75 प्रतिभाशाली युवाओं का चयन किया गया है, जो पूरे राज्य के लिए गौरव की बात है। इनमें 45 युवा विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग से, 1 युवा डिजाइन फॉर भारत ट्रैक से तथा 29 प्रतिभागी सांस्कृतिक ट्रैक्स से शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय युवा उत्सव में छत्तीसगढ़ के युवाओं का  प्रतिनिधित्व भारत की युवा शक्ति, रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता और विकसित भारत के संकल्प में सहभागी बनने का सुनहरा मौका है। उन्होंने कहा कि  छत्तीसगढ़ के युवा राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, लोकनृत्य, लोकगीत और युवा नेतृत्व का प्रदर्शन करेंगे। इससे छत्तीसगढ़ की मिट्टी की खुशबू पूरे देश में बिखरेगी और राज्य गौरवान्वित होगा।मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रीय स्तर पर चयनित सभी प्रतिभागियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के युवा 9 जनवरी को नई दिल्ली पहुँचकर देश के विभिन्न प्रांतों से आए युवा कलाकारों एवं यंग लीडर्स से मुलाकात करेंगे और विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। 11 जनवरी को इसरो के गगनयात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला  से मिलेंगे और उनके अंतरिक्ष अनुभवों से प्रेरणा प्राप्त करेंगे। इसके साथ ही 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस पर यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  देश के युवा प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र की पहचान है और युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद जी के प्रसिद्ध संदेश – “उठो, जागो और तब तक नहीं रुको, जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए” – का उल्लेख करते हुए युवाओं से इससे प्रेरणा लेने का आह्वान किया।  उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि जहाँ युवा समूह होता है, वहाँ ऊर्जा का स्वाभाविक संचार होता है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का सपना है कि देश के यंग लीडर्स सभी क्षेत्रों में नेतृत्व करें। हमारी सरकार ने बेहतर व्यवस्थाओं के साथ विकासखंड स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक युवा महोत्सव का सफल आयोजन कराया है। इसके लिए उन्होंने विभागीय अधिकारियों की सराहना भी की। साव ने भी सभी चयनित प्रतिभागियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने मुख्य मंच से चयनित प्रतिभागियों को वेशभूषा किट प्रदान किए। साथ ही कुछ प्रतिभागियों ने अपने अनुभव भी साझा किए। इस मौके पर युवा आयोग अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण एवं प्रतिभागी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ बनी हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी हिट, नया इतिहास रचा

मुंबई     रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ ने पिछले एक महीने में तमाम बड़े रिकॉर्ड्स राख कर दिए थे. हर दिन कमाई के रिकॉर्ड हों या हर वीकेंड में सॉलिड कलेक्शन, ‘धुरंधर’ जैसे किसी मिशन पर निकली थी. मगर इस मिशन का सबसे बड़ा टारगेट अभी भी बचा हुआ था— सबसे बड़ी हिंदी फिल्म का रिकॉर्ड. एक रिकॉर्ड जो हिंदी फिल्म इंडस्ट्री, यानी बॉलीवुड के पास न होकर तेलुगू इंडस्ट्री की फिल्म ‘पुष्पा 2’ के पास था. पर मंगलवार के कलेक्शन से ‘धुरंधर’ ने इसे भी पीछे छोड़ दिया है और अब ये सबसे बड़ी हिंदी फिल्म बन चुकी है. टिकट पर मिला ऑफर, जनता ने लपका मौका मंगलवार को ‘धुरंधर’ के टिकट पर खास ऑफर रहा. फिल्म का टिकट 199 रुपये से शुरू था. इस खास ऑफर ने जादू दिखाया और ‘धुरंधर’ ने सोमवार के बराबर कलेक्शन किया. सोमवार को ‘धुरंधर’ ने बॉक्स ऑफिस पर 5.40 करोड़ का नेट कलेक्शन किया था. ये बीते शुक्रवार के 9.70 करोड़ के मुकाबले पूरे 50% की भी गिरावट नहीं थी. सोमवार के कलेक्शन से तय हो गया कि ‘धुरंधर’ अभी बॉक्स ऑफिस पर स्लो नहीं होने वाली. अब ट्रेड रिपोर्ट्स का शुरुआती अनुमान है कि मंगलवार को ‘धुरंधर’ ने बॉक्स ऑफिस पर करीब 5 करोड़ नेट कलेक्शन किया है. सोमवार तक टोटल नेट कलेक्शन 825.70 करोड़ हो चुका था. मंगलवार के बाद 33 दिनों में ‘धुरंधर’ का नेट कलेक्शन करीब 831 करोड़ पहुंच गया है. ये किसी भी हिंदी फिल्म का सबसे बड़ा नेट इंडिया कलेक्शन है. ‘धुरंधर’ ने ‘पुष्पा 2’ से वापस छीना ताज जिसे बॉलीवुड कहा जाता है, वो असल में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री है और हिंदी फिल्में ही बनाती है. मगर दिलचस्प ये है कि 2017 के बाद से सबसे बड़ी हिंदी फिल्म का टाइटल संभालने में बॉलीवुड को काफी स्ट्रगल करना पड़ा है. इसकी वजह साउथ से आई पैन इंडिया फिल्मों की बाढ़ रही है, जो अपनी ऑरिजिनल भाषा के साथ-साथ हिंदी डबिंग में भी रिलीज हुईं. एक लंबे समय तक सबसे बड़ी हिंदी फिल्म का रिकॉर्ड बॉलीवुड स्टार आमिर खान की फिल्मों के नाम रहा. ‘3 इडियट्स’ (2009), ‘धूम 3’ (2013) और ‘पीके’ (2014) के साथ आमिर टॉप पोजीशन पर बने रहे. दिसंबर 2016 में आई ‘दंगल’ ने 387 करोड़ से ज्यादा नेट कलेक्शन के साथ फिर से ‘सबसे बड़ी हिंदी फिल्म’ का टाइटल संभाला. मगर किसी बॉलीवुड फिल्म से पहले तेलुगू इंडस्ट्री की पैन इंडिया रिलीज ‘बाहुबली 2’ ने 400 करोड़ और 500 करोड़ क्लब पार कर लिए. 2017 से 2023 में शाहरुख खान के धमाकेदार कमबैक तक ‘बाहुबली 2’ ही सबसे बड़ी हिंदी फिल्म बनी रही. 2023 में ‘पठान’ और फिर ‘जवान’ के जरिए शाहरुख ने ये रिकॉर्ड वापस लिया. ‘जवान’ जब 643 करोड़ के साथ सबसे बड़ी हिंदी फिल्म बनी तो लगा कि ये रिकॉर्ड लंबे समय तक टिका रहेगा. लेकिन करीब एक साल बाद ही अल्लू अर्जुन की ‘पुष्पा 2’ ने 830 करोड़ से ज्यादा कलेक्शन कर बॉलीवुड को चौंका दिया. अब रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ ने करीब 831 करोड़ नेट कलेक्शन के साथ ये ताज फिर से बॉलीवुड में लौटा दिया है. ‘धुरंधर’ ने सिर्फ सबसे बड़ा रिकॉर्ड ही नहीं बनाया, बल्कि एक नया इतिहास रच दिया है. बॉलीवुड की अगली बड़ी रिलीज ‘बॉर्डर 2’ को आने में अभी करीब 15 दिन हैं. ‘धुरंधर’ अभी भी जमकर भीड़ जुटा रही है और बॉक्स ऑफिस पर रॉकेट बनी हुई है. दूर दिख रही एक संभावना ये भी है कि ये 900 करोड़ क्लब के दरवाजे भी खोल दे.

तरनतारन में पुलिस और नशा तस्करों के बीच एनकाउंटर में एक घायल

चंडीगढ़/तरनतारन. नशे के खिलाफ चलाई जा रहे अभियान के तहत बुधवार को तड़कसर थाना सिटी की पुलिसवा दो नशा तस्करों के बीच एनकाउंटर हुआ जिसमें एक नशा तस्कर गोली लगने से घायल हो गया पूछने दोनों को विरासत में लेकर उनके कब्जे से एक पिस्तौल एक कर 770 ग्राम हीरोइन ड्रग मनी बरामद की है। डीएसपी इन्वेस्टिगेशन जगजीत सिंह चाहल ने बताया कि एसएसपी सुरेंद्र लांबा के आदेश पर जिले भर में नाकाबंदी करवाई गई। बुधवार को तड़कसर मोहल्ला गुरु का खुह क्षेत्र में नाकाबंदी दौरान थाना सिटी की पुलिस ने एक फॉर्च्यूनर गाड़ी को रुकने का इशारा किया। रुकने की बजाय गाड़ी में सवार लोगों ने पुलिस पर गोलियां बरसाना शुरू कर दी। थाना प्रभारी हरप्रीत सिंह विर्क की अगवाई में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई दौरान गोलियां चलाई। गाड़ी में सवार अवतार सिंह उर्फ बाबा निवासी गांव सुर सिंह घायल हो गया।उसके कब्जे से एक रिवॉल्वर ,770 ग्राम हैरोइन बरामद की गई जबकि बाबा के साथी जजप्रीत सिंह के कब्जे से 12000 की ड्रग मनी व एक इलेक्ट्रॉनिक कंडा बरामद हुआ है।दोनों के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज है।घायल तस्कर अवतार सिंह उर्फ बाबा को इलाज लिए सिविल अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया है।

पंजाब में बच्चों को चाइना डोर से पतंग उड़ाते पकड़ा तो माता-पिता पर होगी कानूनी कार्रवाई

चंडीगढ़. चाइना डोर की बिक्री को लेकर पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए अब अहम फैसला लिया है कि अगर बच्चा चाइना डोर के साथ पतंग उड़ाते पकड़ा गया तो उसके माता-पिता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह शब्द डी.एस.पी. वरिंदर सिंह खोसा ने पत्रकारों के साथ बीत करते कहे । उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन द्वारा चाइना डोर बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ नकेल कसी गई है और पुलिस द्वारा छापेमारी जारी है। डी.एस.पी. खोसा ने बताया कि चाइना डोर जानवरों, पक्षियों और इंसानी जानों के लिए जानलेवा है इसलिए जो बच्चे छतों पर जाकर पतंग उड़ाते हैं उनकी डोर चैक करने के लिए अब पुलिस मुलाजम छतों पर जाकर डोर की चैकिंग करेंगे ताकि किसी का जान-माल का नुकसान न हो। अगर बच्चा चाइना डोर के साथ पतंग उड़ाते पकड़ा गया तो माता-पिता के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा क्योंकि माता-पिता ही बच्चों को पतंग उड़ाने के लिए डोर लाकर देते हैं। उन्होंने बताया कि शहर में पिछले कई दिनों में कई बच्चे और व्यक्ति चाइना डोर का शिकार हुए हैं और उन्हें जान जोखिम में डालकर दुख भोगना पड़ा है। उन्हें कई खुफिया जानकारी मिली हैं, उनके आधार पर ही चाइना डोर को जब्त करने के लिए छापेमारी की जा रही है। इस मौके डी.एस.पी. खोसा ने पंचों, सरपंचों, पार्षदों और आम लोगों से अपील की कि चाइना डोर से पतंग उड़ाने वाले बच्चों के खिलाफ सूचना थाना दाखा को दें। उनका नाम और पता गुप्त रखा जाएगा, ऐसा करने से चाइना डोर से पतंग उड़ाने वाले और बेचने वाले जल्द पकड़ लिया जाएगा। उन्होंने एक बार फिर दुकानदारों और चाइना डोर से पतंग उड़ाने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि उनके लिए हमारे पास कोई भी अपील या दलील नहीं है, इसलिए वह चाइना डोर का गोरख धंधा और पतंगबाजी करना बंद कर दें।

कवर्धा की बेटी रिया तिवारी को स्वर्ण पदक जीतने पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया सम्मानित

रायपुर : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने साउथ एशियन बॉल बैडमिंटन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली कवर्धा की बेटी रिया तिवारी का किया सम्मान रिया की उपलब्धि प्रदेश की नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए बनेंगी प्रेरणा- उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा रायपुर बिहार की राजधानी पटना में 25 से 29 दिसंबर तक आयोजित साउथ एशियन बॉल बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हाँसिल किया। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत, नेपाल, भूटान और श्रीलंका सहित चार देशों की टीमों ने भाग लिया था।        इस चैंपियनशिप में भारत की विजेता टीम का हिस्सा बनकर देश और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने वाली कवर्धा की होनहार खिलाड़ी सुरिया तिवारी का उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सम्मान किया। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने रिया को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर उनकी उपलब्धि की सराहना की तथा उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।     इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि रिया तिवारी की यह उपलब्धि न केवल कवर्धा जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रिया ने यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा, अनुशासन और कठिन परिश्रम से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रिया भविष्य में भी देश के लिए अनेक पदक जीतेंगी और प्रदेश की नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगी।         उपमुख्यमंत्री शर्मा ने यह भी कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है। खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और प्रोत्साहन देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, ताकि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकें।         रिया ने कहा कि इस सफलता का पूरा श्रेय मेरे माता-पिता और मेरे कोच अविनाश चौहान एवं जय किशन को जाता है। उनके निरंतर मार्गदर्शन, अनुशासन और प्रेरणा के बिना यह उपलब्धि संभव नहीं हो पाती। हर कठिन समय में उन्होंने मेरा आत्मविश्वास बनाए रखा और मुझे आगे बढ़ने की शक्ति दी। यह जीत मेरे लिए केवल एक पदक नहीं, बल्कि मेरे खेल जीवन की एक नई शुरुआत है। मैं आगे भी पूरे समर्पण और मेहनत के साथ देश और प्रदेश के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का प्रयास करूंगी

छत्तीसगढ़ के CM साय ने पेश किया 15 वर्षीय विकास विजन

रायपुर. छत्तीसगढ़ की डबल इंजन सरकार ने आज यह स्पष्ट संदेश दे दिया कि आने वाले दशक में बिलासपुर राज्य का अगला ग्रोथ इंजन बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक ने बिलासपुर के समग्र विकास के लिए एक बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक अभियान का स्वरूप ग्रहण कर लिया है। बैठक में जिस प्रकार केंद्र और राज्य के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी दर्ज हुई, उसने यह साबित कर दिया कि बिलासपुर का विकास केवल स्थानीय मुद्दा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में प्राथमिकता का विषय बन चुका है। बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, विधायक अमर अग्रवाल , विधायक सुशांत शुक्ला, विधायक धरमलाल कौशिक, महापौर पूजा विधानी, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह तथा विभिन्न विभागों के सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारी सभी एक ही मंच पर उपस्थित थे। इस संयुक्त उपस्थिति ने यह शक्तिशाली संदेश दिया कि बिलासपुर का विकास दिल्ली और रायपुर—दोनों स्तरों के बीच प्रत्यक्ष समन्वय से आगे बढ़ेगा और योजनाओं की स्वीकृति, वित्तीय प्रावधान और क्रियान्वयन में गति लाने के लिए राजनीतिक तथा प्रशासनिक इच्छा-शक्ति पूरी तरह सक्रिय है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक में स्वयं बिलासपुर के अगले 10–15 वर्षों के शहरी विकास का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने केवल वर्तमान समस्याओं पर नहीं, बल्कि भविष्य की जनसंख्या वृद्धि, शहरी विस्तार, ट्रैफिक प्रबंधन, आवास, जल आपूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज और समग्र नगर नियोजन पर व्यापक चर्चा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि “नाली से लेकर नगर नियोजन तक” कोई भी विषय चर्चा से बाहर नहीं छोड़ा गया। यही संदेश यह स्थापित करता है कि सरकार केवल घोषणाएँ नहीं कर रही, बल्कि बारीकी से जमीन पर लागू होने योग्य योजना बना रही है। इस दृष्टिकोण ने मुख्यमंत्री की छवि एक दूरदर्शी शहरी विकास नेता के रूप में और सुदृढ़ की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यह भी संकेत दिया कि बिलासपुर को सिर्फ एक बड़े शहर के रूप में नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के नए आर्थिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य हब विकसित किया जाएगा। लॉजिस्टिक सपोर्ट, इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और निवेश के नए अवसरों के साथ बिलासपुर को मध्य भारत का प्रमुख शहरी केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। आने वाले वर्षों में बिलासपुर को मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ आधुनिक नगरीय सुविधाएँ, स्वच्छता व्यवस्था, सस्टेनेबल शहरी ढांचा और रोजगार सृजन के नए अवसर साथ-साथ आगे बढ़ेंगे। इससे न केवल बिलासपुर, बल्कि पूरे उत्तर छत्तीसगढ़ क्षेत्र को नई आर्थिक दिशा मिलेगी। बैठक में जनप्रतिनिधियों की व्यापक भागीदारी ने समावेशी राजनीति का स्पष्ट संदेश दिया। विधायक, महापौर और अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने यह स्थापित किया कि बिलासपुर का विकास शहर के भविष्य का सामूहिक संकल्प है। वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने कहा कि बिलासपुर विकास रोडमैप के लिए वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। केंद्र–राज्य समन्वय के इस मॉडल ने यह सिद्ध कर दिया कि छत्तीसगढ़ की शहरी विकास योजनाएँ अब सीधे राष्ट्रीय मिशनों से जुड़ चुकी हैं। स्मार्ट सिटी, अमृत मिशन, हाउसिंग, नगरीय परिवहन और आधारभूत संरचना से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आएगी, जिससे बिलासपुर को विशेष लाभ मिलेगा। बैठक में बताया गया कि बिलासपुर आने वाले समय में छत्तीसगढ़ का अगला ग्रोथ इंजन बनेगा। औद्योगिक निवेश, शहरी रोजगार, रियल एस्टेट, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से यहाँ विकास की नई लहर उत्पन्न होने जा रही है। बिलासपुर के विकास का यह अभियान प्रदेश के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा। शहरी विकास, रोजगार सृजन और आधारभूत संरचना पर केंद्रित यह एजेंडा डबल इंजन सरकार की विकासोन्मुखी पहल की पहचान बनेगा। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिलासपुर का विकास केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक मजबूत राजनीतिक संकल्प है। डबल इंजन सरकार की ताकत के साथ बिलासपुर अब राष्ट्रीय शहरी विकास मानचित्र पर अपनी निर्णायक उपस्थिति दर्ज कराने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

MCD कार्रवाई के दौरान तुर्कमान गेट में हिंसा, बॉडी कैमरों से पत्थरबाज़ों की पहचान

नई दिल्ली  दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध निर्माण हटाने के दौरान बवाल हुआ. देर रात चले इस अभियान में कुछ असामाजिक तत्वों ने मौके पर तैनात पुलिस बल पर पत्थरबाजी शुरू कर दी. जिसमें चार से पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए. अब इस पूरे मामले में दिल्ली पुलिस ने सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जिन पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान बॉडी कैम लगाए हुए थे, उनके बॉडी कैम फुटेज और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से पत्थरबाजी करने वालों की पहचान की गई. 10 पत्थरबाजों को हिरासत में लिया गया है. जांच के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और इस संबंध में एफआईआर भी दर्ज की गई है. दिल्ली पुलिस और MCD अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह डिमोलिशन ड्राइव किसी धार्मिक स्थल के खिलाफ नहीं थी, बल्कि यह पूरी तरह से हाईकोर्ट के आदेश के तहत अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई थी. डीसीपी सेंट्रल निधिन वालसन ने बताया कि यह कार्रवाई रात करीब 1 बजे शुरू हुई. मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके. डीसीपी निधिन वालसन के मुताबिक, एमसीडी हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार अतिक्रमित भूमि पर कार्रवाई कर रही थी. हमने सुरक्षा के लिए अपना स्टाफ तैनात किया था. कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने रात में पुलिस पर पत्थर फेंके. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हल्के बल का इस्तेमाल किया गया. कुल मिलाकर प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही, लेकिन चार से पांच पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आई हैं. बॉडी कैम और CCTV से खुलेगा राज पुलिस का कहना है कि इस पूरी कार्रवाई के दौरान कई पुलिसकर्मियों ने बॉडी कैम पहन रखे थे. इसके अलावा, तुर्कमान गेट और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों में भी पूरी घटना रिकॉर्ड हुई है. दिल्ली पुलिस अब इन सभी फुटेज को खंगाल रही है. अधिकारियों के अनुसार, फुटेज के जरिए यह साफ किया गया कि पत्थरबाज़ी किसने की, किस समय की गई और किन परिस्थितियों में ये सब हुआ. पुलिस सूत्रों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है.  पुलिस पर हमला, पांच जवान घायल घटना के दौरान हालात उस वक्त तनावपूर्ण हो गए, जब भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने अचानक पुलिस पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया. पुलिस के अनुसार, यह पत्थरबाज़ी सुनियोजित प्रतीत होती है, क्योंकि कुछ लोग पहले से ही मौके पर मौजूद थे और भीड़ को उकसाने की कोशिश कर रहे थे. पत्थरबाजी में घायल हुए पुलिसकर्मियों को प्राथमिक उपचार दिया गया. सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है. पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि सरकारी काम में बाधा डालना और पुलिसकर्मियों पर हमला करना गंभीर अपराध है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. मस्जिद को नुकसान नहीं, अवैध ढांचे हटाए गए अधिकारियों ने बताया कि  फैज़-ए-इलाही मस्जिद को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया गया है. पुलिस और MCD दोनों ने स्पष्ट किया है कि मस्जिद को बिल्कुल नहीं तोड़ा गया. कार्रवाई केवल मस्जिद के आसपास बने अवैध निर्माणों पर की गई. जानकारी के मुताबिक, जिन ढांचों को हटाया गया, उनमें एक बारात घर का हिस्सा, कुछ अवैध दुकानें, एक डिस्पेंसरी शामिल हैं. अधिकारियों का कहना है कि ये सभी निर्माण अतिक्रमित भूमि पर बने हुए थे और इनके खिलाफ पहले से कानूनी प्रक्रिया चल रही थी. हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही इन्हें हटाया गया. FIR हुई, सभी पर होगी कार्रवाई दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एक एफआईआर दर्ज की है. सूत्रों के मुताबिक इसमें सरकारी कार्य में बाधा, पुलिस पर हमला और सार्वजनिक शांति भंग करने जैसी धाराएं लगाई गई हैं. डीसीपी सेंट्रल ने साफ कहा है कि जो लोग हंगामा करने में शामिल थे, उनकी पहचान की जाएगी और सभी के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होगी. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस घटना के पीछे किसी तरह की साजिश थी या फिर भीड़ को जानबूझकर उकसाया गया. यदि ऐसा पाया गया, तो साजिश रचने वालों के खिलाफ भी अलग से कार्रवाई की जाएगी. इलाके में पुलिस तैनाती बढ़ी घटना के बाद तुर्कमान गेट और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. किसी भी तरह की अफवाह या दोबारा हिंसा को रोकने के लिए लगातार गश्त की जा रही है. पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है.

छत्तीसगढ़ में IED विस्फोट में बीएसएफ का जवान शहीद

कांकेर. छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में गुरुवार को नक्सलियों द्वारा किए गए विस्फोट में सीमा सुरक्षा बल का एक जवान शहीद हो गया। यह दो दिनों में इस तरह की दूसरी मौत है। पुलिस ने यह जानकारी दी है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह घटना परतापुर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत सदाकटोला गांव के पास उस समय हुई जब बीएसएफ और जिला पुलिस बल की एक संयुक्त टीम गश्त कर रही थी। उन्होंने बताया कि नक्सलियों द्वारा किए गए विस्फोट में बीएसएफ के हेड कांस्टेबल अखिलेश राय (45) घायल हो गए। अधिकारी ने बताया कि उन्हें प्रारंभिक उपचार दिया गया और आगे की चिकित्सा देखभाल के लिए पखांजूर रेफर किया गया, लेकिन चोटों के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया। इलाके में तलाशी अभियान जारी उन्होंने कहा, अखिलेश राय उत्तर प्रदेश के मूल निवासी थे। उन्होंने बताया कि इलाके में बीएसएफ, जिला रिजर्व गार्ड और जिला पुलिस बल की संयुक्त टीम द्वारा तलाशी अभियान जारी है। बुधवार को राज्य के नारायणपुर जिले में नक्सलियों द्वारा सुरक्षाकर्मियों की एक टीम पर हमला करने और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) विस्फोट करने से छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) के एक जवान की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया।