samacharsecretary.com

पाकिस्तानी सेना का नया बड़बोलापन: शरीफ अहमद चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मजाकिया टिप्पणियां कीं

इस्लामाबाद  पाकिस्तानी सेना का मीडिया विंग जोकरों जैसी हरकतें कर रहा है. पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (DG ISPR) के लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने हाल के एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खालिस मदारी जैसे हरकत की. अहमद शरीफ चौधरी ने लोगों को खालिस मजा देने की गारंटी ली है. अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूं तो भारत को धमकी दे रहा था. लेकिन उसकी धमकी में धमकी का एलिमेंट कम और मसखरापन ज्यादा था.  अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि, "ले आओ तुम्हें जो करना है, दाएं से आना, बाएं से आना, ऊपर से आना, नीचे से आना, इकट्ठे आना है या किसी के साथ आना, एक बार मजा न करा दिया तो पैसे वापस." अहमद शरीफ चौधरी इस बयान की सोशल मीडिया पर खूब खिल्ली उड़ाई जा रही है. इससे पहले लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान ऊपर वाले का तोहफा है.  हमेशा खाने-पीने की तंगी से जूझने वाले पाकिस्तानी सेना के इस कारिंदे ने कहा कि पाकिस्तान में ऊपर वाले ने बड़ी बरकत दी है. अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि 2026 कैसा होगा ये हमारे ऊपर निर्भर करता है. हम कैसे प्रतिक्रिया देते हैं. इस जनरल ने भारत को अपना दुश्मन करार देते हुए कहा कि आप की तकदीर हम सब के हाथ में है. हमारा लीडरशिप इस मामले में अपना नजरिया स्पष्ट रखता है.  सेनाओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस औपचारिक होती है. इसमें पॉलिसी और अपनी तैयारियों की चर्चा होती है. डीजी आईएसपीआर की प्रेस कॉन्फ्रेंस भारत की आलोचना करने का एक सुनियोजित तरीका रहा है. लेकिन इस बार के प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक बड़ा बदलाव दिखाता है . इसमें पाकिस्तान औपचारिक मिलिट्री या डिप्लोमैटिक भाषा के बजाय ताना मारने वाली भाषा का इस्तेमाल कर रहा है.  सुरक्षा हलकों में इसे आत्मविश्वास के बजाय असुरक्षा की भावना के रूप में देखा जा रहा है. इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तानी ने ये भी खुलासा कर दिया कि पाकिस्तानी नागरिकों को मारने का हक सिर्फ उन्हें हैं. और किसी को नहीं.  अहमद शरीफ चौधरी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, " उनलोगों ने पाकिस्तानी नागरिकों को हिट किया, क्या उन्होंने ऐसा नहीं किया, पाकिस्तानी महिलाओं और बच्चों को मारा, क्या उनलोगों ने ऐसा नहीं किया. हमने अक्तूबर में किसको हिट किया था, हमने अफगानियों को नहीं मारा, ये तो खुद कहते हैं ये पाकिस्तानी हैं, हमने अपने नागरिकों को ही टारगेट किया. हमने अपने ही नागरिकों को मारा. ये हक सिर्फ रियासत ए पाकिस्तान को है कि वो अपने संविधान और कानून के मुताबिक अपने शहरियों को सजा दे, हिन्दुस्तान कौन होता है. " इससे पहले अहमद शरीफ चौधरी ने ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक महिला पत्रकार को आंख मारी थी. 

साल के पहले ग्रैंडस्लैम में पैसों की बारिश, ऑस्ट्रेलियन ओपन विजेता मालामाल होंगे

मेलबर्न  ऑस्ट्रेलियाई ओपन टेनिस टूर्नामेंट की पुरस्कार राशि में पिछले साल की तुलना में 16 प्रतिशत बढ़ोतरी की गई है और 18 जनवरी से शुरू होने वाली इस प्रतियोगिता में यह रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। वर्ष के पहले ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के आयोजकों ने मंगलवार को स्थानीय मुद्रा में अब तक की सबसे बड़ी पुरस्कार राशि की घोषणा की, जो 2026 के लिए 111.5 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (75 मिलियन अमेरिकी डॉलर) निर्धारित की गई है। यह 2025 में 96.5 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की पुरस्कार राशि से 16 प्रतिशत अधिक है। महिला और पुरुष एकल वर्ग में चैंपियन रहने वाले खिलाड़ियों को 41.5 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (2.8 मिलियन डॉलर) मिलेंगे, जो पिछले वर्ष की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है।क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के लिए पुरस्कार राशि में 16 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इसके साथ ही आयोजकों का कहना है कि मुख्य ड्रॉ में जगह बनाने वाले सभी एकल और युगल खिलाड़ियों को न्यूनतम 10 प्रतिशत बढ़ी हुई पुरस्कार राशि मिलेगी। Australian Open चैंपियन को कितनी इनामी राशि मिलेगी? 2026 ऑस्ट्रेलियन ओपन के लिए कुल इनामी राशि 6,75 करोड़ रुपये (111.5 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर) तय की गई है। यह 2025 में 5,84 करोड़ (96.5 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर) की पुरस्कार राशि से 16 प्रतिशत अधिक है। 18 जनवरी से शुरु होगा साल का पहला ग्रैंड स्लैम ऑस्ट्रेलियन ओपन      25.13 करोड़ रुपये मिलेंगे- पुरुष और महिला विजेता खिलाड़ियों को      19 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के साथ विजेता को इस साल मिलेंगे पुरस्कार राशि     16 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी क्वालिफाइंग टूर्नामेंट की इनामी राशि में     10 प्रतिशत की न्यूनतम बढ़ी हुई पुरस्कार राशि मिलेगी मुख्य ड्रॉ के सभी सिंगल्स और डबल्स खिलाड़ियों को – 17.5 करोड़ रुपये मिलते थे  पुरुष और महिला एकल के विजेताओं को 2.79 मिलियन (ऑस्ट्रेलियन डॉलर) मिलेंगे, जो पिछले साल के 2.35 मिलियन (ऑस्ट्रेलियन डॉलर) से 19 प्रतिशत अधिक है. उपविजेताओं को 2.15 मिलियन और सेमीफाइनल खेलने वालों को 1.25 मिलियन (ऑस्ट्रेलियन डॉलर) मिलेंगे. अगर टी20 वर्ल्ड कप 2024 के प्राइज मनी की तुलना करें तो यह उससे काफी अधिक है.  टी20 वर्ल्ड कप 2024 के लिए आईसीसी ने करीब 94 करोड़ की प्राइज मनी पूल का ऐलान किया था, जबकि इस बार के ऑस्ट्रेलियन ओपन  के लिए यह पूल करीब 6 अरब 75 करोड़ से अधिक है. वहीं टी20 वर्ल्ड कप 2024 टीम की विजेता भारतीय टीम को करीब 20.37 करोड़ रूपये मिले थे, जबकि ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 के एकल खिताब विजेता को 25 करोड़ से अधिक मिलने हैं. वहीं उपविजेता को 1.5 करोड़ के आस-पास मिलेंगे.  इस बार ऑस्ट्रेलियन ओपन के क्वालिफाइंग राउंड की प्राइज मनी में 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, और सभी एकल और डबल खिलाड़ियों को कम से कम 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी मिलेगी. मेन ड्रॉ के पहले राउंड में बाहर होने वाले प्लेयर्स को 150,000 (ऑस्ट्रेलियन डॉलर) मिलेंगे. टेनिस ऑस्ट्रेलिया के सीईओ क्रेग टिली ने कहा,"16 प्रतिशत की वृद्धि हर स्तर पर टेनिस करियर को सपोर्ट करने की हमारी प्रतिबद्धता को दिखाती है. 2023 से क्वालिफाइंग प्राइज मनी को 55 प्रतिशत बढ़ाने से लेकर खिलाड़ियों के लाभ को बढ़ाने तक, हम यह पक्का कर रहे हैं कि पेशेवर टेनिस सभी के लिए लाभदायक बना रहे." प्राइज मनी में यह बढ़ोतरी टेनिस ऑस्ट्रेलिया के समर ऑफ टेनिस में 135 मिलियन के निवेश का हिस्सा है, जो सैकड़ों पेशेवर एथलीट्स के करियर को सपोर्ट करने की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है. टिली ने कहा, "निवेश टेनिस की नींव को मजबूत करता है, जिससे खेल का विकास निश्चित होता है. सभी स्तर पर खिलाड़ियों को सपोर्ट करके, हम अधिक प्रतिभा पूल और फैन्स के लिए ज्यादा रोमांचक बना रहे हैं." ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 की शुरुआत 12 जनवरी को मेलबर्न पार्क में होगी. ऑफिशियल ड्रॉ 15 जनवरी को ग्रैंड स्लैम ओवल फैन स्टेज पर होगा, जहां गत चैंपियन जैनिक सिनर और मैडिसन कीज के एकल ड्रॉ देखने के लिए शामिल होने की उम्मीद है. ऑस्ट्रेलियन ओपन के चैंपियन को 2025 तक     ऑस्ट्रेलियन ओपन पुरस्कार राशि विजेता: 25.13 करोड़ रुपये      उपविजेता: 13.02 करोड़ रुपये      सेमीफाइनलिस्ट: 7.57 करोड़ रुपये      2023 से क्वालिफाइंग इनामी राशि में 55 प्रतिशत की बढ़ोतरी से लेकर खिलाड़ियों के लाभ बढ़ाने तक हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि पेशेवर टेनिस सभी प्रतिस्पर्धियों के लिए टिकाऊ हो। सभी स्तरों के खिलाड़ियों का समर्थन करके हम गहरी प्रतिभा पूल तैयार कर रहे हैं।  – क्रेग टाइली, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, टेनिस ऑस्ट्रेलिया  

बल्ले से बरसा वैभव सूर्यवंशी का कहर, साउथ अफ्रीका पस्त

नई दिल्ली विस्फोटक बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने बुधवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे वनडे के दौरान दमदार शतक लगाया है। इंडिया अंडर-19 टीम के कप्तान वैभव सूर्यवंशी ने इस सीरीज में पहली बार शतक ठोका है। वैभव अफ्रीका के खिलाफ शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने पिछले मैच में 24 गेंद में ताबड़तोड़ 68 रन बनाए थे और टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। तीसरे वनडे में वैभव सूर्यवंशी ने 63 गेंद में 100 रन पूरे किए। इस दौरान उन्होंने अपनी पारी में 5 चौके और 8 छक्के लगाए। वैभव सूर्यवंशी ने तीसरे वनडे में अफ्रीका के खिलाफ आरोन जॉर्ज के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 200 से ज्यादा रन जोड़े हैं। आरोन भी शतक के करीब हैं। इससे पहले अफ्रीका अंडर-19 के खिलाफ के खिलाफ दूसरे यूथ वनडे में वैभव ने कप्तानी करते हुए मात्र 24 गेंदों पर 68 रन बनाए। उन्होंने 15 गेंदों पर अर्धशतक जड़ा, जो यूथ वनडे में सबसे तेज है। उन्होंने अपनी पारी में 10 छक्के और सिर्फ एक चौका लगाया, जिसमें से 64 रन बाउंड्री से आए, जिससे साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों को उन्हें रोकने में मुश्किल हुई। उन्होंने सीनियर भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत के पिछले भारतीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने 18 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की थी। इस पारी की बदौलत भारत ने दूसरा मैच 8 विकेट से मैच जीतकर सीरीज में 2-0 से अजेय बढ़त बनाई। इससे पहले वैभव सूर्यवंशी ने विजय हजारे ट्रॉफी में बिहार के लिए खेलते हुए अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 84 गेंदों पर 190 रन की विस्फोटक पारी खेली थी। इसमें 16 चौके और 15 छक्के शामिल थे। उन्होंने 36 गेंदों पर शतक और 54 गेंदों पर 150 रन पूरे किए, जो लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे तेज 150 का विश्व रिकॉर्ड है (एबी डिविलियर्स का पुराना रिकॉर्ड तोड़ा)। वे लिस्ट ए में शतक बनाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी भी बने। इस पारी से बिहार ने 574/6 का स्कोर बनाकर लिस्ट ए का सर्वोच्च टीम कुल का विश्व रिकॉर्ड कायम किया।  

मान्यता रद्द होने से 50 स्टूडेंट्स होंगे ट्रांसफर, जम्मू में मेडिकल कॉलेज विवाद का नया मोड़

जम्मू  नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने जम्मू-कश्मीर के रियासी में श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस (SMVDIME) को एकेडमिक ईयर 2025-26 के लिए एमबीबीएस कोर्स चलाने के लिए दिया गया परमिशन लेटर वापस ले लिया है, क्योंकि उसने न्यूनतम मानकों के साथ का 'अवज्ञा' किया. यह कार्रवाई मेडिकल कॉलेज के खिलाफ कई ग्रुप्स के लगातार विरोध प्रदर्शनों के बीच हुई है, जिसमें सवाल उठाया गया है कि इसके पहले बैच में ज्यादातर एमबीबीएस स्टूडेंट मुस्लिम क्यों थे. मंगलवार को एनएमसी के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) की एक टीम ने औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने मिनिमम एकेडमिक, टीचिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर स्टैंडर्ड के पालन में कमियां पायी. साथ ही एकेडमिक साल के लिए एमबीबीएस कोर्स चलाने की परमिशन वापस लेने का फैसला किया. एनएमसी के अनुसार स्टूडेंट के हितों की रक्षा के लिए केंद्र शासित प्रशासन को एकेडमिक ईयर 2025-26 के दौरान एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स को जम्मू-कश्मीर के दूसरे मेडिकल कॉलेजों में सामान्य से अधिक सीटों पर ट्रांसफर करने का अधिकार दिया गया है, ताकि उनकी पढ़ाई पर असर न पड़े और उनका भविष्य सुरक्षित रहे. बोर्ड ने कहा कि पहले से एडमिशन ले चुके स्टूडेंट्स के हितों की रक्षा के लिए, उन्हें जम्मू-कश्मीर के दूसरे मेडिकल कॉलेजों में शिफ्ट करने का फैसला किया गया है. दूसरी तरफ मेडिकल कॉलेज के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे ग्रुप श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति ने नेशनल मेडिकल कमीशन के फैसले को अपने संघर्ष की जीत बताया है. ईटीवी भारत से बात करते हुए, संघर्ष समिति के प्रेसिडेंट कर्नल (रिटायर्ड) सुखबीर सिंह मनकोटिया ने कहा कि वह इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा के शुक्रगुजार हैं, जिन्होंने उनके मुताबिक जनता की मांगें पूरी की. राष्ट्रीय बजरंग दल के सदस्यों ने मंगलवार को जम्मू- कश्मीर में श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस की MBBS एडमिशन लिस्ट को रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन (PTI) उन्होंने कहा कि संघर्ष समिति ने शुरू से ही मेडिकल कॉलेज की स्थापना, मैनेजमेंट और एडमिशन प्रोसेस पर सवाल उठाए थे और अब नेशनल मेडिकल कमीशन के फैसले ने उनकी चिंताओं को सही साबित कर दिया है. यहां यह बताना जरूरी है कि एसएमवीडी इंस्टीट्यूट में चल रहे विवाद की जड़ें एडमिशन प्रोसेस से जुड़ी हैं. इंस्टीट्यूशन को अपने एकेडमिक ईयर 2025-26 के लिए 50 एमबीबीएस सीटें दी गई थी, जिन पर नीट के जरिए एडमिशन दिए गए थे. हालांकि, पहले बैच में इन 50 स्टूडेंट्स में से 42 मुस्लिम थे. इस वजह से जम्मू में कई हिंदू संगठनों और राजनीतिक हलकों में तीखा विरोध हुआ, जिन्होंने सिलेक्शन पर सवाल उठाए और इसे 'सांप्रदायिक' कहा, जबकि सरकार और प्रशासन ने बार-बार कहा था कि एडमिशन पूरी तरह से मेरिट के आधार पर होते हैं. जम्मू में करीब 60 संगठनों ने मिलकर श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति बनाई, जिसने मेडिकल कॉलेज के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन किया. संघर्ष समिति ने न सिर्फ एडमिशन प्रोसेस पर सवाल उठाए, बल्कि मेडिकल कॉलेज को बंद करने की भी मांग की. हाल ही में समिति ने जम्मू के सिविल सेक्रेटेरिएट के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किया, जिससे मामला और बिगड़ गय. इस विवाद पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को साफ कहा था कि एडमिशन प्रोसेस पूरी तरह से मेरिट पर आधारित था और पूरे मामले को बेवजह राजनीतिक रंग दिया गया. नेशनल मेडिकल कमीशन के ऐलान से पहले जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा था, 'भारत सरकार को यह मेडिकल कॉलेज बंद कर देना चाहिए और इन स्टूडेंट को जम्मू-कश्मीर के किसी दूसरे सरकारी मेडिकल कॉलेज में एडजस्ट कर देना चाहिए, क्योंकि वे डर के माहौल में पढ़ाई नहीं कर सकते. जम्मू- कश्मीर के एलजी 27 दिसंबर 2025 को श्री माता वैष्णो देवी यूनिवर्सिटी के 11वें कॉन्वोकेशन सेरेमनी के दौरान एक स्टूडेंट को डिग्री देते हुए (PTI) अगर मैं पेरेंट होता तो मुझे अपने बच्चों को वहां पढ़ने भेजने की चिंता होती. इन स्टूडेंट्स ने मेरिट के आधार पर सीटें हासिल की थी लेकिन वहां जिस तरह की पॉलिटिक्स चल रही है, वह उनके पढ़ने के लिए अच्छी नहीं है. इस बयान के कुछ ही घंटों के अंदर, नेशनल मेडिकल कमीशन ने इस इंस्टीट्यूशन को बंद करने और मान्यता रद्द करने का फैसला किया. सभी स्टूडेंट को दूसरे इंस्टिट्यूट में शिफ्ट किया जाएगा चिकित्सा मूल्यांकन और रेटिंग बोर्ड ने मंगलवार को एक ऑर्डर जारी किया जिसमें कहा गया है कि एकेडमिक ईयर 2025-26 के लिए काउंसलिंग के दौरान कॉलेज में एडमिशन लेने वाले सभी स्टूडेंट्स को केंद्र शासित प्रदेश एडमिनिस्ट्रेशन की सक्षम अथॉरिटी द्वारा जम्मू- कश्मीर के दूसरे मेडिकल इंस्टिट्यूट में एडजस्ट किया जाएगा. इसका मतलब है कि एडमिशन लेने वाले किसी भी स्टूडेंट को एडमिशन वापस लेने के फैसले की वजह से एमबीबीएस सीट नहीं गंवानी पड़ेगी. इसके बजाय, उन्हें जम्मू- कश्मीर के दूसरे मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों में उनके रेगुलर मंज़ूर सीटों के अलावा एडजस्ट किया जाएगा.

बिहार परिवहन विभाग दुर्घटनाएं रोकने सरकारी से ओला-उबर तक के ड्राइवरों को देगा विशेष प्रशिक्षण

पटना. परिवहन विभाग सरकारी चालकों के साथ बस-ट्रक, ऑटो एवं ओला-उबर के ड्राइवरों को भी सुरक्षित यातायात को लेकर प्रशिक्षण देगा। इसमें वाहन चालकों को सड़क यातायात के संकेतों तथा सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसकी शुरुआत मंगलवार से हो गई। बिहार सड़क सुरक्षा परिषद् की ओर से मंगलवार को विश्वेश्वरैया भवन के सभा कक्ष में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण दो सत्र में हुआ, जिसमें विभिन्न विभागों में कार्यरत लगभग 329 सरकारी वाहनों एवं आउटसोर्सिंग से रखे गए वाहन चालकों ने भाग लिया। परिवहन सचिव राज कुमार ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरे माह आयोजित किए जाएंगे, जिसमें चरणबद्ध तरीके से विभिन्न श्रेणियों के वाहन चालकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए कानून के साथ-साथ जन जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। वाहन चालकों का सही प्रशिक्षण और यातायात नियमों के प्रति उनकी समझ विकसित करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। छोटी लापरवाहियाें से बड़ी दुर्घटना का खतरा प्रशिक्षण में चालकों को यातायात संकेतों की पहचान, लेन ड्राइविंग, गति सीमा का पालन, सुरक्षित ओवरटेकिंग, पैदल यात्रियों की सुरक्षा, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के प्रयोग से होने वाले खतरों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि छोटी-छोटी लापरवाहियां किस प्रकार गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती हैं। प्रशिक्षण सत्र के दौरान वाहन फिटनेस, थकान की स्थिति में वाहन न चलाने, आपातकालीन परिस्थितियों में सतर्कता एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाने पर भी विशेष बल दिया गया।

हरियाणा की नायब सरकार ने शीतलहर व पाले से बचने के लिए जारी की एडवाइजरी

चंडीगढ़. उत्तर भारत में लगातार बढ़ रही सर्दी और संभावित शीतलहर को देखते हुए हरियाणा सरकार ने लोगों को शीतलहर एवं पाले से बचाव की एडवाइजरी (सलाह) जारी की है। भारतीय मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई “शीतलहर कार्य योजना” के अंतर्गत लोगों को सर्दी से बचाव के लिए प्रेरित किया गया तथा किसानों को फसल संबंधी जानकारी दी गई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त एवं सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि पिछले वर्ष जनवरी 2025 में चंडीगढ़, अंबाला, करनाल और हिसार में शीतलहर का प्रभाव देखा गया था। सी प्रकार की स्थिति वर्ष 2026 के प्रथम सप्ताह में देखने को मिल रही है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार जब मैदानी क्षेत्रों में वास्तविक न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या इससे कम तथा पहाड़ी क्षेत्रों में शून्य डिग्री के आसपास रहता है तो उसे शीतलहर की श्रेणी में रखा जाता है। उन्होंने घर के अंदर कोयला या अंगीठी जलाने से बचने की सलाह देते हुए कहा कि बंद स्थानों में कार्बन मोनोआक्साइड गैस उत्पन्न होकर जानलेवा साबित हो सकती है। पालतू जानवरों, मवेशियों एवं घरेलू पशुओं को ठंड से बचाने के लिए उन्हें घर के अंदर रखें। हाइपोथर्मिया की स्थिति में प्रभावित व्यक्ति को गर्म स्थान पर ले जाने की सलाह देते हुए सुमिता मिश्रा ने कहा कि शीतलहर के कारण गेहूं व जौ में काला रतुआ, सरसों व सब्जियों में सफेद रतुआ तथा आलू-टमाटर में लेट ब्लाइट जैसी बीमारियां फैल सकती हैं। किसान बोर्डो मिश्रण या कापर आक्सी-क्लोराइड का छिड़काव करें तथा फास्फोरस और पोटाश का संतुलित उपयोग करें। शीतलहर के दौरान हल्की एवं बार-बार सतही सिंचाई करें और जहां संभव हो स्प्रिंकलर सिंचाई अपनाएं। शीतलहर के दौरान मिट्टी में पोषक तत्व न डालें, क्योंकि ठंड के कारण जड़ों की गतिविधि कम हो जाती है और पौधे उन्हें अवशोषित नहीं कर पाते।

भागलपुर में रेलवे की जमीन पर बनीं 80 दुकानों पर चला बुलडोजर

भागलपुर/नवगछिया. नवगछिया रेलवे स्टेशन की जमीन पर अवैध रूप से संचालित विभिन्न प्रकार की दुकानों पर बुलडोज़र चला कर मंगलवार को ध्वस्त कर दिया गया। रेल प्रशासन के साथ ही स्थानीय प्रशासन द्वारा रेलवे स्टेशन और रोड के बीच अवैध रूप से संचालित इन दुकारों को तोड़कर रेलवे की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इस दौरान बिहपुर के आइएन केके मिश्रा, आइओडब्लू अविनाश कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर मुन्ना कुमार पासी, कटिहार के रेल इंस्पेक्टर राकेश रंजन झा, नवगछिया जीआरपी थानाध्यक्ष अरुण कुमार चौधरी एवं नवगछिया बीडीओ सह दंडाधिकारी पंकज कुमार दास मौजूद रहे। दंगा निरोधक दस्ता के साथ-साथ स्थानीय पुलिस भी इस दौरान मुस्तैद रही। मौके पर केके मिश्रा ने बताया कि गेट नंबर 12 मिल टोला के समीप से काली स्थान के बीच में लगभग 80 दुकानों को बुलडोज़र से तोड़ा गया है। इस से बाजार में हड़कंप मच गया। लोग अतिक्रमित की गई जगह को तत्काल खाली करने लगे जिससे वहां पर अफरातफरी का माहौल बन गया। अवैध रूप से लगी दुकानों को हटा लेने को लेकर रेलवे ने दुकानदारों को पहले ही सूचना दे दी थी। नहीं हटाने वालों की दुकानें तोड़ी गई। इधर, स्थानीय लोगों ने रेल प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है। मालूम हो कि रेलवे की ज़मीन पर लगभग 153 अस्थाई दुकानें हैं जो रेलवे द्वारा स्वीकृत की गई हैं। अस्थाई दुकान को लेकर लगभग 57 लाख की लागत से संवेदक तय किया गया है। जो 97 मीटर में 30 दुकान निर्माण कर आवंटित किए जाएंगे। मौके पर आरपीएफ के दारोगा रवि कुमार, जीआरपी के एएसआइ रास बिहारी सहित पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे। इधर, भाकपा माले व खेग्रामस ने अतिक्रमण हटाने के खिलाफ वैशाली चौक पर प्रदर्शन किया। नवगछिया, कटारिया व खरीक के बीच रेलवे ने लिया 4 घंटा ब्लाक नवगछिया, कटरिया एवं खरीक रेलवे स्टेशन के बीच अपलाइन की पटरी पर मरम्मत को लेकर दोपहर 1:00 बजे से लेकर संध्या 4:00 बजे तक अपलाइन ब्लाक रखा गया। ब्लाक के कारण अपलाइन से गुजरने वाली सभी गाड़ियां डाउनलाइन प्लेटफार्म संख्या एक से गुजराई गई। ब्लॉक एवं ट्रेन विलंब होने को लेकर यात्रियों में अफरातफरी रही। प्लेटफार्म नंबर 2 से कटिहार की ओर से आने वाले सभी गाड़ियां प्लेटफार्म संख्या एक होकर गुजरी। जिसमें टाटा लिंक एक्सप्रेस, सवारी गाड़ी, राधिकापुर एक्सप्रेस एवं राजधानी एक्सप्रेस आदि ट्रेनें थी। यात्रियों द्वारा बताया गया कि अचानक ट्रेन को दो नंबर के बदले एक नंबर प्लेटफार्म आने की घोषणा के कारण यात्रियों को या तो प्लेटफार्म के फुट ओवर ब्रिज से आना पर रहा था। जीआरपी थानाध्यक्ष के द्वारा पटरी पार करने पर कई लोगों को फटकार भी लगाई गई। बताया गया कि ब्लाक आगे एक सप्ताह तक रहने की आशंका है। पटरी की मरम्मत कार्य चल रहा है।

खर्च घटाने का OPPO का दांव: Realme बनेगा सब-ब्रैंड, यूज़र्स के मन में उठे सवाल

नई दिल्ली स्मार्टफोन बनाने वाली चीनी कंपनी Realme को ओप्पो की सब-ब्रांड के तौर पर शामिल किया जा रहा है। बुधवार को रियलमी ने बताया कि उसे BBK Electronics के तहत आने वाली एक और चीनी कंपनी Oppo की सब-ब्रांड बनाया जा रहा है। खर्चों में कटौती करने के लिए कंपनियों ने ये बड़ा फैसला लिया है। इससे दोनों कंपनियों को अपने संसाधनों को एक साथ लाने और खर्चों को कम करने में मदद मिलेगी। बता दें कि भारत समेत कई देशों में रियलमी के स्मार्टफोन्स को काफी पसंद किया जाता है। ऐसे में लोगों के मन में एक सवाल जरूर आएगा कि क्या अब मार्केट में Realme के स्मार्टफोन आना बंद हो जाएंगे। आइये, इसके बारे में डिटेल में जानते हैं। Oppo की सब ब्रांड के तौर पर काम करेगी रियलमी Reuters की खबर के अनुसार, रियलमी को ओप्पो की सब-ब्रांड बनाया जा रहा है। भारत, दक्षिण पूर्व एशिया और यूरोप में इस कंपनियों के स्मार्टफोन बेचे और पसंद किए जाते हैं। बता दें कि रिलमी, चीनी कंज्यूमर हार्डवेयर दिग्गज BBK इलेक्ट्रॉनिक्स की कंपनी है। इसके तहत ही Oppo और Vivo स्मार्टफोन ब्रांड भी आते हैं। क्या बंद हो जाएंगे रियलमी के स्मार्टफोन? अगर आपको लग रहा है कि अब मार्केट में रियलमी के स्मार्टफोन आना बंद हो जाएंगे तो ऐसा नहीं है। रियलमी के स्मार्टफोन अभी भी लॉन्च किए जाएंगे और वे रियलमी के नाम से ही मार्केट में एंट्री लेंगे। लेकिन, रियलमी अब एक स्वतंत्र ब्रांड नहीं बल्कि ओप्पो की सब ब्रांड के तौर पर काम करेगी। यह नथिंग की सब ब्रांड CMF और वीवो की सब ब्रांड IQOO की तरह ही हो जाएगी। हालांकि, इसके फोन, टैबलेट और ऑडियो प्रोडक्ट रियलमी के नाम से ही मार्केट में बिकेंगे। क्यों लिया गया ये फैसला? रियलमी ने अपना पहला स्मार्टफोन सबसे पहले भारत में ही लॉन्च किया था। इसके बजट और मिड रेंज स्मार्टफोन को काफी पसंद किया जाता है। इसके बाद भी एक सब ब्रांड के तौर पर काम करने का फैसला लेना लोगों को चौंका रहा है। ऐसा कंपनी ने कॉस्ट कटिंग करने यानी पैसा बचाने के लिए किया है। ओप्पो की सब ब्रांड के तौर पर काम करने से ओप्पो और रियलमी दोनों ब्रांड्स का पैसा बचेगा। वे एक दूसरे के रीसोर्स का इस्तेमाल कर पाएंगे। इससे पैसे बचाने और कंपनी को प्रॉफिट करने में मदद मिलेगी। सैमसंग और वीवो को मिलेगी चुनौती ITC की 2025 की तीसरी तिमाही की रिपोर्ट के अनुसार भारत में दूसरी सबसे बड़ी स्मार्टफोन कंपनी ओप्पो थी। इस लिस्ट में वीवो पहले और तीसरे नंबर पर सैमसंग थी। वहीं, रियलमी छठे नंबर पर थी। अब ओप्पो की सब ब्रांड बनने के बाद ये दोनों ब्रांड मिलकर भारत की सबसे बड़ी स्मार्टफोन कंपनी बन सकती हैं। इससे सैमसंग और वीवो को बड़ी चुनौती मिलेगी।

विश्व कप पर बांग्लादेश के ‘नखरे’? ICC से मिला भरोसा, अल्टीमेटम की बात से किया इनकार

नई दिल्ली बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने बुधवार को कहा कि आईसीसी ने भारत में टी20 विश्व कप खेलने को लेकर उसकी चिंताओं को दूर करने के लिए उसके 'साथ मिलकर काम करने को तैयार' है। उसने कहा है कि विश्व कप में बांग्लादेश की भागीदारी के लिए व्यावाहारिक समाधान तक पहुंचने के लिए वह आईसीसी के साथ रचनात्मक बातचीत को जारी रखेगा।   ये स्थिति तब पैदा हुई है जब बीसीसीआई के कहने पर आईपीएल फ्रेंचाइजी केकेआर ने बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को अपने स्क्वाड से रिलीज कर दिया। उसके बाद बांग्लादेश ने 'सुरक्षा चिंताओं' की बात कहकर भारत में टी20 विश्व कप के लिए नहीं आने का ऐलान किया। उसने आईसीसी से अपने विश्व कप मैचों को भारत से बाहर कराने की मांग की है। हालांकि रिपोर्ट्स के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने बीसीबी को कहा है कि उसे भारत में आकर विश्व कप खेलना होगा नहीं तो उसे मैच के अंक गंवाने पड़ेंगे। अब बीसीबी का दावा है कि विश्व कप में बांग्लादेश की भागीदारी को लेकर उसकी आईसीसी के साथ बातचीत जारी है। बीसीबी ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा, 'बांग्लादेश की राष्ट्रीय टीम के भारत में आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप खेलने को लेकर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की चिंताओं और टीम के मैच दूसरी जगह कराने की गुजारिश पर बोर्ड को आईसीसी का जवाब मिला है। अपने जवाब में आईसीसी ने टी20 विश्व कप में बांग्लादेश की पूर्ण और निर्बाध भागीदारी सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।' बयान में आगे कहा गया है, 'आईसीसी ने बीसीबी की तरफ से उठाई गई चिंताओं को दूर करने के लिए उसके साथ मिलकर काम करने की इच्छा का इजहार किया है। उसने भरोसा दिया है कि बोर्ड के इनपुट का स्वागत किया जाएगा और इवेंट की डीटेल्ड सिक्यॉरिटी प्लानिंग में उस पर विचार किया जाएगा।' आईसीसी ने बीसीबी को इस मुद्दे पर कोई सार्वजनिक जवाब नहीं दिया है। टी20 विश्व कप 7 फरवरी से शुरू हो रहा है और बांग्लादेश को कोलकाता और मुंबई में 4 मैच खेलने हैं। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने यह भी कहा कि उसे पूरा भरोसा है कि टी20 विश्व कप में उसकी टीम की ‘सुचारू और सफल’ भागीदारी के लिए ‘सौहार्दपूर्ण और व्यावहारिक समाधान’ निकाला जाएगा। ग्रुप सी में शामिल बांग्लादेश की टीम को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में अपने पहले मैच में वेस्टइंडीज का सामना करना है। उसके बाद वह इंग्लैंड, इटली और नेपाल के खिलाफ भारत में मैच खेलेगा। बीसीबी ने उन रिपोर्टों को भी खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि आईसीसी ने उसे या तो निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार खेलने या भारत में होने वाले अपने मैचों के अंक गंवाने के लिए तैयार रहने को कहा है। बयान में कहा गया है, ‘‘बीसीबी ने मीडिया में प्रकाशित कुछ रिपोर्टों को भी संज्ञान में लिया है जिनमें कहा गया है कि इस संबंध में बोर्ड को अल्टीमेटम जारी किया गया है। बीसीबी स्पष्ट करता है कि ऐसे दावे पूरी तरह से असत्य और निराधार हैं।’’ मुस्तफिजुर को पिछले साल अबूधाबी में हुई खिलाड़ियों की नीलामी में कोलकाता नाइट राइडर्स ने 9.2 करोड़ रुपये में खरीदा था। आईपीएल से बाहर होने के बाद मुस्तफिजुर को मंगलवार को पाकिस्तान सुपर लीग में शामिल कर लिया गया, हालांकि इस टूर्नामेंट के लिए अभी तक खिलाड़ियों का चयन नहीं हुआ है।  

चलते-फिरते फोन? इन 4 कामों के दौरान भूलकर भी न करें इस्तेमाल, चेतावनी देते हैं प्रेमानंद जी महाराज

मोबाइल फोन का आविष्कार तो हमारी सहूलियत के लिए हुआ था लेकिन यह हमारे जीवन का इतना जरूरी हिस्सा बन जाएगा, यह तो शायद ही किसी ने सोचा हो। आज अधिकतर लोग जितना टाइम अपने फोन के साथ बिताते हैं, उतना तो शायद ही अपने दोस्तों या परिवार के साथ बिताते हों। कुछ मामलों में तो यह हमारी जरूरत भी है लेकिन हर समय सिर्फ फोन में लगे रहना, ना सिर्फ हमारी फिजिकल, मेंटल हेल्थ पर बुरा असर डालता है बल्कि हमारी सोशल लाइफ को भी इंपैक्ट करता है। आध्यात्मिक गुरु श्री प्रेमानंद जी महाराज ने अपने एक सत्संग में इसी समस्या पर बात की है। उन्होंने बताया है कि कुछ ऐसे समय और जगह हैं, जब तो कम से कम हमें फोन चलाने से परहेज करना ही चाहिए। तो चलिए जानते हैं प्रेमानंद जी महाराज ने क्या कुछ कहा है। खाना खाते हुए नहीं चलाना चाहिए फोन प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि खाना खाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने से परहेज करना चाहिए। ऐसा करना ना सिर्फ हेल्थ के लिए नुकसानदायक होता है बल्कि इसे भोजन का अपमान भी माना जाता है। यह बात तो मॉडर्न साइंस भी मानती है कि खाना खाते हुए हमेशा सिर्फ उसी पर ध्यान देना चाहिए। इससे खाने के पोषक तत्व शरीर में बेहतर ढंग से एब्जॉर्ब हो पाते हैं। खाने को हमेशा शांति से बैठकर ग्रेटीट्यूड की भावना के साथ खाना चाहिए। सोने से पहले ना चलाएं फोन प्रेमानंद जी महराज कहते हैं कि सोने से पहले भी मोबाइल फोन नहीं देखना चाहिए। इससे नींद की गुणवत्ता प्रभावित होती है। इसकी जगह भगवान का नाम लें और शांति से समय पर सोने की कोशिश करें। डॉक्टर्स भी सोने से पहले फोन चलाने को मना करते हैं, ऐसा इसलिए क्योंकि जब आप फोन चलाते हैं तो अपना दिमाग एक्टिव रहता है। ऐसे में जल्दी नींद भी नहीं आती और आपकी स्लीप साइकिल डिस्टर्ब होती है। पूजा-पाठ करते हुए ना चलाएं फोन पूजा-पाठ करते समय भी फोन से दूर रहना चाहिए। अगर आप पूजा के समय भी फोन का इस्तेमाल करते हैं, तो इससे पूजा में मन नहीं रम पाता। इस तरह भगवान की भक्ति में भी बाधा पड़ती है और पूजा-पाठ भी ठीक से नहीं हो पाता। इसलिए जब भी पूजा करने जाएं तो फोन को अपने से दूर रखें और कुछ देर शान्ति के साथ पूजा-पाठ में बिताएं। सत्संग सुनने बैठें तो ना चलाएं फोन कुछ लोग सत्संग सुनते समय भी फोन में लगे रहते हैं। ऐसा करने से ना तो उनका ध्यान संतों की कही गई बातों पर जाता है, ना ही ऐसे सत्संग का कोई फायदा होता है। प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि सत्संग सुनते समय मोबाइल फोन को दूर रखना चाहिए और एकाग्र हो कर सत्संग सुनना चाहिए। जबतक संतो की कही बातें अच्छी तरह समझकर जीवन में ना उतारी जाएं, तब तक सत्संग सुनने का कोई फायदा नहीं।