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विश्व कप 2026 की तैयारी में श्रीलंका की बड़ी चाल, भारतीय कोच की हुई एंट्री

नई दिल्‍ली टी20 विश्‍व कप 2026 की शुरुआत 7 फरवरी से हो रही है। 8 मार्च तक होने वाले इस टूर्नामेंट की मेजबानी भारत और श्रीलंका संयुक्‍त रूप से करेगा। टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड में बड़ा कदम उठाया है। श्रीलंका क्रिकेट ने गुरुवार को पूर्व भारतीय बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौर को अपना नया बल्लेबाजी कोच (कंसल्‍टेंट) नियुक्त किया है। राठौर टी20 विश्व कप 2026 की तैयारी में श्रीलंका की मदद करेंगे। राठौर 18 जनवरी से टीम का कार्यभार संभालेंगे और उनका कॉन्‍ट्रैक्‍ट टी20 विश्व कप के समापन के दो दिन बाद यानी 10 मार्च तक चलेगा।   श्रीलंका‍ क्रिकेट ने किया एलान श्रीलंका क्रिकेट ने घोषणा की है कि भारत के पूर्व बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौर को श्रीलंका राष्ट्रीय टीम का बल्लेबाजी कोच नियुक्त किया गया है। श्रीलंका क्रिकेट ने एक बयान में कहा, "उन्हें सलाहकार के तौर पर नियुक्त किया गया है और उनका प्राइमरी फोकस टीम को आईसीसी मेंस टी20 विश्व कप 2026 की तैयारी कराने पर होगा।" लंबे समय तक भारत के कोच रहे राहुल द्रविड़ जब भारतीय मेंस क्रिकेट टीम के हेड कोच थे, तो राठौर उस कोचिंग टीम का हिस्‍सा थे। उन्होंने सितंबर 2019 से जुलाई 2024 तक भारतीय टीम को निखारा। वह उस टीम का हिस्सा थे जब भारत वनडे विश्व कप 2023 और टी20 विश्व कप 2024 के फाइनल में पहुंचा था। भारतीय टीम के बाद राठौर आईपीएल फ्रेंचाइजी राजस्‍थान रॉयल्‍स से जुड़े। फ्रेंचाइजी में वह बल्‍लेबाजी कोच की भूमिका निभाते हैं। पूर्व भारतीय क्रिकेटर राठौर ने अपने करियर में छह टेस्ट मैच और सात वनडे मैच खेले हैं। श्रीलंका की प्रारंभिक टीम दासुन शनाका (कप्तान), पथुम निसांका, कुसल मेंडिस, कामिल मिशारा, कुसल परेरा, धनंजय डी सिल्वा, निरोशन डिकवेला, जेनिथ लियानगे, चरिथ असलांका, कामिंडु मेंडिस, पवन रथनायके, सहान अराचिगे, वानिंदु हसरंगा, डुनिथ वेललागे, मिलन रथनायके, नुवान तुषारा, ईशान मलिंगा, दुष्मंथा चमीरा, प्रमोद मदुशन, मथीशा पथिराना, दिलशान मदुशंका, महेश थीक्षाना, दुशान हेमंथा, विजयकांत व्यासकांत, ट्रैवीन मैथ्यू। श्रीलंका का शेड्यूल     श्रीलंका बनाम आयरलैंड: 8 फरवरी     श्रीलंका बनाम ओमान: 12 फरवरी     ऑस्‍ट्रेलिया बनाम श्रीलंका: 16 फरवरी     श्रीलंका बनाम जिम्‍बाब्‍वे: 19 फरवरी  

हैरी ब्रूक नाइट क्लब विवाद में घिरे, माफी के पीछे की पूरी कहानी आई सामने

नई दिल्ली  एशेज 2025-26 खत्म होने के तुरंत बाद इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने नाइट क्लंब कांड को लेकर माफी मांगी है। यह कांड ऑस्ट्रेलिया में नहीं बल्कि न्यूजीलैंड में हुआ था। ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले इंग्लैंड की टीम न्यूजीलैंड दौरे पर गई थी। टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट के अनुसार, वेलिंगटन वनडे से एक रात पहले एक क्लब में एंट्री न मिलने पर इंग्लैंड के व्हाइट-बॉल कप्तान और बाउंसर के बीच झगड़ा हुआ था। यह घटना ऑस्ट्रेलिया में इंग्लैंड की 4-1 से एशेज हार के बाद सामने आई, यह दौरा टीम के कल्चर की आलोचनाओं से घिरा रहा, जिसमें नूसा में ब्रेक के दौरान ज्यादा शराब पीने के दावे भी शामिल थे। हैरी ब्रूक ने अपनी गलती मान ली है, उनपर लगभग 30,000 पाउंड का जुर्माना लगाया गया है और उन्हें आखिरी चेतावनी दी गई है।   ब्रूक ने एक बयान में कहा, "मैं अपने एक्शन के लिए माफी मांगना चाहता हूं। मैं पूरी तरह से मानता हूं कि मेरा व्यवहार गलत था और इससे मुझे और इंग्लैंड टीम दोनों को शर्मिंदगी हुई। इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व करना सबसे बड़ा सम्मान है, जिसे मैं गंभीरता से लेता हूं और मैं अपने टीम के साथियों, कोचों और समर्थकों को निराश करने के लिए बहुत दुखी हूं। मैंने इससे मिले सबक पर विचार किया है, जो मुझे जिम्मेदारी, प्रोफेशनलिज्म और अपने देश का प्रतिनिधित्व करने वालों से अपेक्षित मानकों के बारे में सिखाते हैं। मैं इस गलती से सीखने और भविष्य में मैदान के अंदर और बाहर अपने कामों से भरोसा फिर से बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित हूं। मैं बिना किसी शर्त के माफी मांगता हूं और यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत करूंगा कि ऐसा दोबारा न हो।" ECB ने कहा, "हमें इस घटना की जानकारी है और इसे एक फॉर्मल और कॉन्फिडेंशियल ECB डिसिप्लिनरी प्रोसेस के जरिए सुलझा लिया गया है। इसमें शामिल खिलाड़ी ने माफी मांगी है और माना है कि इस मौके पर उनका व्यवहार उम्मीदों के मुताबिक नहीं था।" घटना वाली रात, ब्रूक और उनके इंग्लैंड टीम के साथी जैकब बेथेल को भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में शराब पीते हुए देखा गया था। चौथे एशेज टेस्ट से पहले, इंग्लैंड के क्रिकेट डायरेक्टर रॉब की ने बताया कि उन्होंने न्यूजीलैंड में उनके बर्ताव के बारे में ब्रूक और बेथेल से बात की थी। सोशल मीडिया पर वीडियो का जिक्र करते हुए की ने कहा, "मुझे नहीं लगा कि यह फॉर्मल चेतावनी देने लायक था, लेकिन शायद इनफॉर्मल चेतावनी देने लायक था।"  

माघ मेला 2026: दूसरे स्नान की तिथि क्या है? यहां देखें शुभ समय

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में त्रिवेणी संगम के तट पर माघ मेला लगा हुआ है, जहां बड़ी संख्या में कल्पवासी और देश के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंचे हुए हैं और आस्था की डुबकी लगा रहे हैं. माघ मेले का पहला स्नान पौष पूर्णिमा पर किया गया था. अब दूसरा स्नान मकर संक्रांति के पावन पर्व पर किया जाएगा. साल की सभी संक्रांति में मकर संक्रांति बड़ी विशेष मानी जाती है. मकर संक्रांति पर सूर्य देव अपने पुत्र शनि देव की राशि मकर में प्रवेश करते हैं. साथ ही उत्तरायण होते हैं. यह देवताओं का समय, शुभ काल माना जाता है. माघ मेले में हर साल मकर संक्रांति का पावन स्नान किया जाता है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, प्रयागराज के माघ मेले में मकर संक्रांति पर गंगा और त्रिवेणी संगम में स्नान करने से हजारों यज्ञ करने के समान पुण्य मिलता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल मकर संक्रांति का स्नान कब किया जाएगा? साथ ही जानते हैं कि स्नान का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा? मकर संक्रांति पर होगा दूसरा स्नान मकर संक्रांति इस बार 14 जनवरी को है. इसी दिन माघ मेले में दूसरा पावन स्नान किया जाएगा. इस दिन षटतिला एकादशी का व्रत भी पड़ रहा है. बताया जा रहा है कि मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी का संयोग 23 सालों बाद हो रहा है. ऐसे में मकर संक्रांति पर माघ मेले में स्नान का महत्व दोगुना माना जा रहा है. मकर संक्रांति पर माघ मेले में 1 करोड़ लोगों के स्नान का अनुमान लगाया जा रहा है. मकर संक्रांति स्नान का मुहूर्त मकर संक्रांति के दिन पुण्य काल दोपहर 3 बजकर 13 मिनट से शुरू होगा. ये 5 बजकर 45 मिनट तक यानी कुल 2 घंटे 32 मिनट रहेगा. वहीं इस दिन महा पुण्य काल दोपहर 3 बजकर 13 मिनट से शुरू होगा. ये 4 बजकर 58 मिनट तक यानी कुल 1 घंटे 45 मिनट रहेगा. इस समय माघ मेले में मकर संक्रांति का स्नान किया जा सकता है. मकर संक्रांति ब्रह्म मुहूर्त स्नान शास्त्रों के अनुसार, माघ मेले के दौरान ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने से बहुत पुण्य फल प्राप्त होते हैं. वहीं इस बार मकर संक्रांति के दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 51 मिनट पर शुरू होगा. ये शुभ मुहूर्त सुबह 05 बजकर 44 मिनट तक रहेगा.

पंजाब सरकार में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, बदले गए अहम विभागों के प्रभार

चंडीगढ़ पंजाब सरकार एक बार फिर अपने मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक इस बार कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को लोकल बॉडी (नगर निकाय) विभाग दिया गया है, जबकि डॉ. रवजोत सिंह को एनआरआई विभाग की कमान सौंपी गई है। माना जा रहा है कि ये बदलाव प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से किए गए हैं। यह सातवीं बार है जब भगवंत मान सरकार ने अपने मंत्रियों के विभागों में बदलाव किया है। आप सरकार के सत्ता में आने के बाद लगातार कई मंत्रियों के विभाग बदले गए या उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर किया गया है। जुलाई 2025 में भी हुए थे बड़े बदलाव जुलाई 2025 में संजीव अरोड़ा को पहली बार कैबिनेट में शामिल किया गया था। उसी समय कुलदीप सिंह धालीवाल को कैबिनेट से हटाया गया और उनका एनआरआई विभाग अरोड़ा को सौंपा गया था। इससे पहले सितंबर 2024 में बड़ा फेरबदल हुआ था, जिसमें चेतन सिंह जौड़ामाजरा, बलकार सिंह,  ब्रह्म शंकर जिम्पा और अनमोल गगन मान जैसे चार मंत्रियों को हटाकर उनकी जगह पांच नए चेहरों को मौका दिया गया था।   राजनीतिक समीकरण और उपचुनाव बने आधार इन बदलावों को मंत्रियों का आंतरिक प्रदर्शन और उपचुनावों के नतीजों से जुड़ा माना जा रहा है। तरुणप्रीत सिंह सोढ़ी के पास पहले उद्योग और वाणिज्य विभाग था, जिसे बाद में अरोड़ा को दे दिया गया। बदले में सोढ़ी को पर्यटन, संस्कृति, श्रम और पंचायत जैसे विभाग दिए गए। यह फेरबदल 2022 से लगातार चल रहे हैं, जब पहली बार मंत्रिमंडल विस्तार किया गया था। अब तक 4–5 मंत्रियों को हटाकर नए विधायकों को मौका दिया जा चुका है, ताकि सरकार में संतुलन और ताजगी बनी रहे। 2027 चुनाव की तैयारी का हिस्सा माना जा रहा बदलाव राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ये बदलाव 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा हैं। वहीं राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने इन सभी बदलावों को मंजूरी दे दी है।  

टेस्ट क्रिकेट में ट्रैविस हेड का धमाका: विराट कोहली और विव रिचर्ड्स की बराबरी, वर्ल्ड रिकॉर्ड पर नजर

नई दिल्ली इंग्लैंड के खिलाफ सिडनी टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की जीत के हीरो रहे ट्रैविस हेड को प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया। हेड ने 5वें टेस्ट में 163 रनों की धुआंधार पारी खेलते हुए ऑस्ट्रेलिया की जीत में अहम भूमिका निभाई। उन्हें इस पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया। इस अवॉर्ड को जीतते ही ट्रैविस हेड ने विराट कोहली और विवि रिचर्ड्स जैसे दिग्गजों की बराबरी कर ली है। हेड के टेस्ट करियर का यह 10वां प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड था। वहीं विराट कोहली और विव रिचर्ड्स ने भी अपने-अपने टेस्ट करियर में इतनी ही बार यह अवॉर्ड जीता थोा।   अब टेस्ट क्रिकेट में 10 बार प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीतने वाले कुल दस खिलाड़ी हो गए हैं। यह सभी संयुक्त रूप से लिस्ट में 9वें पायदान पर हैं। ट्रैविस हेड, विराट कोहली और विव रिचर्ड्स के अलावा टेस्ट में 10 प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड मैलकम मार्शल, मैथ्यू हेडन, केविन पीटरसन, आर अश्विन, यूनिस खान, अनिल कुंबले और स्टुअर्ट ब्रॉड ने जीते हैं। वहीं 11 बर इस रिकॉर्ड पर कब्जा कुल 11 खिलाड़ियों ने जमाया है जिसमें राहुल द्रविड़, शिवनरेन चंद्रपॉल, एलन बॉर्डर, ग्लेन मैक्ग्रा, डेनिलय विटोरी, केन विलियमसन, शॉन पोलक, रंगना हेराथ, डी सिल्वा, रवींद्र जडेजा और इमरान खान शामिल हैं। 12 बार टेस्ट में POTM ब्रायन लारा, बेन स्टोक्स, ग्रेम स्मिथ और इयान बॉथम बने हैं। 13 बार इस अवॉर्ड को जो रूट, महेला जयवर्धन और स्टीव स्मिथ ने जीता है। सचिन तेंदुलकर, स्टीव वॉ और कर्टली एंब्रोस 14-14 बार…रिंकी पोंटिंग और कुमार संगाकारा 16-16 बार…शेन वॉर्नर और वसीम अकरम 17-17 बार इस अवॉर्ड को जीत चुके हैं। इस लिस्ट में दूसरे पायदान पर श्रीलंका के लीजेंड्री स्पिनर मुथैया मुरलीधरन हैं, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 19 बार प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड को जीता है। वहीं वर्ल्ड रिकॉर्ड साउथ अफ्रीका के पूर्व हरफनमौला जैक कैलिस के नाम है। जैक कैलिस 23 बार प्लेयर ऑफ द मैच बने थे। उनके अलावा कोई खिलाड़ी 20 बार भी ऐसा नहीं कर पाया।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बोले – ‘यूपी दिवस’ केवल उत्सव नहीं, प्रदेश की पहचान और सामर्थ्य का वैश्विक मंच बनेगा

  हर जिले में होंगे आयोजन, उत्कृष्ट नागरिक होंगे सम्मानित, जनपद की विकास यात्रा पर विशेष फिल्में प्रदर्शित होंगी गांव-कस्बों की प्रतिभा को मिलेगा राज्य मंच, जनपद से राजधानी तक सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं उद्यमी, किसान, खिलाड़ी, वैज्ञानिक और महिलाएं होंगे सम्मानित, यूपी गौरव' बनेगा प्रेरणा का प्रतीक लखनऊ, उत्तर प्रदेश की स्थापना की स्मृति में आयोजित होने वाला उत्तर प्रदेश दिवस-2026 इस वर्ष और अधिक व्यापक, भव्य एवं वैश्विक स्वरूप में मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि 24 से 26 जनवरी, 2026 तक प्रस्तावित तीन दिवसीय समारोह के अंतर्गत राजधानी लखनऊ में मुख्य आयोजन के साथ-साथ प्रदेश के सभी जनपद मुख्यालयों, देश के सभी राजभवनों तथा विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों में भी यूपी दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। गुरुवार को तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के नागरिक आज देश-दुनिया के अनेक हिस्सों में अपनी पहचान बना चुके हैं। यूपी दिवस ऐसा अवसर बने, जो प्रवासी उत्तर प्रदेशवासियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़े। इसके लिए सभी राजभवनों में संवाद स्थापित कर आयोजन सुनिश्चित किए जाएं। इन आयोजनों में प्रदेश सरकार के माननीय मंत्रीगण उपस्थित रहकर प्रवासी यूपीवासियों से संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री ने विदेशों में भारतीय दूतावासों के माध्यम से भी यूपी दिवस आयोजन के लिए संवाद बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'यूपी दिवस' केवल एक औपचारिक उत्सव नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक चेतना, आर्थिक शक्ति और विकास यात्रा को वैश्विक मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का माध्यम है। आयोजन गरिमामय, सुव्यवस्थित, नवाचारयुक्त और व्यापक जनभागीदारी से युक्त हों। मुख्यमंत्री ने जनपद, मंडल और राज्य स्तर पर गायन, नृत्य, वादन और नाट्य प्रतियोगिताओं के आयोजन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनपद स्तरीय समारोहों में जिले की विकास यात्रा पर केंद्रित विशेष फ़िल्म भी प्रदर्शित की जाये।यूपी दिवस के अवसर पर 'उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान', 'विश्वकर्मा श्रम सम्मान' और 'माटी कला बोर्ड सम्मान' प्रदान किए जाएंगे। उद्यमियों, खिलाड़ियों, महिलाओं, चिकित्सकों, वैज्ञानिकों और प्रगतिशील किसानों को सम्मानित कर प्रदेश की प्रतिभा और परिश्रम को सम्मान दिया जाएगा। इसके साथ ही, प्रदेश की ऐतिहासिक और वैचारिक विरासत को जनमानस से जोड़ने के लिए धरती आबा बिरसा मुंडा, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी, सरदार वल्लभभाई पटेल, वंदे मातरम्-आनंद मठ और पुण्य श्लोका अहिल्याबाई होल्कर से जुड़े नाट्य मंचनों का आयोजन किया जाएगा। भारतेंदु नाट्य अकादमी द्वारा वंदे मातरम् रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने पर आनंद मठ आधारित विशेष प्रस्तुति होगी। युवाओं और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के छात्र वंदे मातरम्' तथा विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' थीम पर नृत्य-नाटिकाएं प्रस्तुत करेंगे। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि इस वर्ष आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदेश की संस्कृति को प्रस्तुत करते हुए 3-डी और फाइबर मॉडल, वर्चुअल रियलिटी, 360 डिग्री टूर, लघु फिल्में, क्विज प्रतियोगिताएं और छायाचित्र प्रदर्शनी आयोजित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'यूपी दिवस' को जनउत्सव का स्वरूप देने के लिए ओपन माइक, नुक्कड़ नाटक, कठपुतली थियेटर, रंगोली, पारंपरिक परिधान प्रतियोगिता, पाक-कला प्रतियोगिता और कला ग्राम जैसे आयोजन होंगे। आगरा, किराना, बनारस, हरिहरपुर, लखनऊ और रामपुर, हरिहरपुर और बदायूं जैसे प्रतिष्ठित संगीत घरानों की विशेष प्रस्तुतियां भी होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी दिवस-2026 प्रदेश की पहचान, आत्मगौरव और विकास यात्रा का प्रभावशाली प्रतीक बने। सभी कार्यक्रम समयबद्ध, समन्वित और उच्च गुणवत्ता के हों, ताकि यह आयोजन स्मरणीय और प्रेरणादायी जनउत्सव के रूप में स्थापित हो सके।

करोड़पति बनने का वास्तु राज़: एक सही दिशा और बदल सकती है आपकी किस्मत

वास्तु शास्त्र केवल दिशाओं का ज्ञान नहीं है, बल्कि यह हमारे आसपास की ऊर्जा को संतुलित करने का एक प्राचीन विज्ञान है। कई बार हम कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन सफलता और पैसा हमारे हाथ नहीं लगता। वास्तु के अनुसार, इसका कारण घर में मौजूद ऊर्जा का अवरोध हो सकता है। आज हम बात करेंगे वास्तु के उस सबसे बड़े सीक्रेट की, जिसे अपनाकर आप अपने जीवन में धन के प्रवाह को बढ़ा सकते हैं। वास्तु का सबसे बड़ा सीक्रेट वास्तु शास्त्र में उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर की दिशा माना गया है। इस दिशा का सीधा संबंध आपके करियर, नए अवसरों और पैसे की आवक से होता है। यदि आपके घर की उत्तर दिशा दोषपूर्ण है, तो पैसा आएगा तो सही लेकिन टिकेगा नहीं। वह एक बदलाव जो बदल सकता है आपकी किस्मत अगर आप करोड़पति बनने का सपना देखते हैं, तो अपने घर की उत्तर दिशा में नीले रंग के पानी का फव्वारा या बहते हुए पानी की तस्वीर लगाएं। यह एक छोटा सा बदलाव धन की ऊर्जा को चुंबक की तरह खींचता है। धन वृद्धि के लिए 5 अचूक वास्तु नियम मुख्य द्वार घर का मुख्य द्वार वह स्थान है जहां से लक्ष्मी का आगमन होता है। मुख्य द्वार हमेशा साफ-सुथरा और चमकदार होना चाहिए। द्वार पर चांदी का स्वास्तिक लगाएं या दहलीज पर तांबे के सिक्के दबाएं। इससे नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं कर पाती। तिजोरी की सही दिशा आप अपना पैसा और गहने जहां रखते हैं, वह स्थान आपकी आर्थिक स्थिति तय करता है। अपनी तिजोरी या अलमारी को हमेशा घर के दक्षिण-पश्चिम  कोने में रखें लेकिन इसका मुंह उत्तर की ओर खुलना चाहिए। उत्तर की ओर खुलती हुई तिजोरी कुबेर के खजाने का स्वागत करती है। रसोई घर और अग्नि का संतुलन रसोई घर में अग्नि का वास होता है, जो समृद्धि का प्रतीक है। यदि आपकी रसोई दक्षिण-पूर्व में नहीं है, तो वहां एक लाल रंग का बल्ब जलाएं। कभी भी रसोई में जूठे बर्तन रात भर न छोड़ें क्योंकि यह लक्ष्मी को रुष्ट करता है। कबाड़ और मकड़ी के जाले वास्तु में राहु का वास गंदगी और कबाड़ में माना गया है। घर की उत्तर-पूर्व दिशा, जिसे ईशान कोण कहते हैं, उसे हमेशा खाली और साफ रखें। यहाँ भारी सामान या कूड़ा रखने से बुद्धि भ्रष्ट होती है और धन का नुकसान होता है। मनी प्लांट और धातु का कछुआ  इसे हमेशा घर के अंदर दक्षिण-पूर्व दिशा में लगाएं। ध्यान रहे कि इसकी बेलें जमीन को न छुएं, उन्हें ऊपर की ओर सहारा दें। उत्तर दिशा में एक पीतल के बर्तन में पानी भरकर उसमें पीतल का कछुआ रखें। यह स्थिरता और निरंतर धन लाभ का प्रतीक है।

यूपी में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को रफ्तार, लखनऊ में अशोक लेलैंड की ईवी फैक्टरी का शुक्रवार को उद्घाटन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी व एच.डी. कुमारस्वामी की उपस्थिति में होगा नई फैक्टरी का शुभारंभ कानपुर रोड स्थित सरोजिनी नगर एक्सटेंशन में होगा कार्यक्रम, राज्य के उप मुख्य मंत्रियों समेत प्रमुख मंत्री भी रहेंगे उपस्थित इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर केंद्रित फैक्टरी बनेगी प्रदेश में निवेश, रोजगार व हरित परिवहन को बढ़ावा देने का माध्यम लखनऊ,  प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन इकोनामी के लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए योगी सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की वजह से यूपी अब निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा होता जा रहा है। सहज और सुचारु नीतियों और राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध कराए जा रहे संसाधनों की वजह से यहां निवेशकों के आने का क्रम बढ़ता जा रहा है। इस क्रम में एक और बड़ा नाम जुड़ा है देश की अग्रणी वाणिज्यिक वाहन निर्माता कंपनी अशोक लेलैंड का जो लखनऊ में इलेक्ट्रिक व्हीकल निर्माण पर केंद्रित अपनी नई फैक्टरी का शुक्रवार 9 जनवरी को उद्घाटन करने जा रही है। इस फैक्टरी को राज्य की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तथा हरित औद्योगिक विकास के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही भारत सरकार के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तथा भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। लखनऊ के कानपुर रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र सरोजिनी नगर एक्सटेंशन-1 में आयोजित उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश के दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक तथा राज्य सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह समेत सरोजनीनगर के विधायक राजेश्वर सिंह भी मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही, अशोक लेलैंड प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन धीरज हिन्दुजा तथा प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) शेनू अग्रवाल भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का होगा उत्पादन यह संयंत्र लखनऊ के औद्योगिक क्षेत्र सरोजिनी नगर एक्सटेंशन-1 में स्थापित किया गया है, जिसे पहले स्कूटर्स इंडिया साइट के नाम से जाना जाता था। यह इकाई विशेष रूप से इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के उत्पादन पर केंद्रित होगी और राज्य में स्वच्छ एवं टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देगी। कंपनी प्रबंधन के अनुसार, यह इकाई इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में अशोक लेलैंड की क्षमताओं को और मजबूत करेगी।   हरित भविष्य की ओर एक अहम कदम अशोक लेलैंड की यह नई फैक्टरी न केवल इलेक्ट्रिक व्हीकल उत्पादन को बढ़ावा देगी, बल्कि उत्तर प्रदेश में रोजगार सृजन, तकनीकी विकास और निवेश के नए अवसर भी उत्पन्न करेगी। इसे राज्य के औद्योगिक और पर्यावरणीय भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही, यह लखनऊ समेत प्रदेश की औद्योगिक उन्नति को परिलक्षित करने का माध्यम बनेगा।

दीपू दास हत्याकांड: बांग्लादेश पुलिस ने मुख्य आरोपी को दबोचा, पहले से रची गई थी पूरी योजना

ढाका बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा बढ़ती जा रही है। पिछले दिनों एक हिंदू गारमेंट फैक्ट्री में काम करने वाले दीपू चंद्र दास की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को सरेआम जला दिया गया। इस मामले ने दुनियाभर का ध्यान अपनी ओर खींचा और तमाम जगह यूनुस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन हुए। ऐसे में बांग्लादेश की पुलिस को कार्रवाई करने पर मजबूर होना पड़ा है। पुलिस ने दीपू दास मामले के मुख्य आरोपी यासीन अराफात को गिरफ्तार कर लिया है। मीडिया के अनुसार, यासीन अराफात पूर्व टीचर रहा है और माना जा रहा है कि उसी ने इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए पूरी प्लानिंग की और फिर उसे अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, दीपू दास की हत्या के बाद, अराफात कथित तौर पर उस इलाके से भाग गया और छिप गया था। इसके बाद गुरुवार को उसकी गिरफ्तारी हुई। पुलिस के मुताबिक, यासीन ने ही दीपू चंद्र दास पर हुए भीड़ के हमले की साजिश रची। लोगों को इकट्ठा होने और दास को निशाना बनाने के लिए उकसाया। पिछले महीने 18 दिसंबर को बांग्लादेश के मैमनसिंह जिले में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास पर ईशनिंदा का आरोप लगा था। इसके बाद उसे फैक्ट्री से निकाल दिया गया। गुस्साई भीड़ ने उसे पीट-पीटकर मार डाला और फिर एक चौराहे पर उसके शव को टांगकर सरेआम पेट्रोल डालकर आग लगा दी। पुलिस ने यह भी बताया कि अराफात ने सिर्फ भीड़ को उकसाया ही नहीं, बल्कि खुद जाकर उसे खींचा और पेड़ से बांधकर उसमें आग लगा दी। वह उसी इलाके का रहने वाला है और एक मस्जिद में पढ़ाता था। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। पिछले कुछ समय में दीपू चंद्र के अलावा भी कई हिंदुओं की हत्या हुई है। इसमें पांच जनवरी को मोनी चक्रवर्ती की भी हत्या शामिल है। इसके अलावा, पांच जनवरी को ही एक अखबार के एडिटर राणा प्रताप की भी अज्ञात बदमाशों ने हत्या कर दी थी। उससे पहले, खोकन चंद्र दास को मार डाला गया था। कई दिनों तक अस्पताल में इलाज करवाने के बाद उनकी जान चली गई थी। उससे कुछ दिन पहले ही अमृत मंडल को भी भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था।

ग्राम पंचायतों में भी बनेगा आधार, 1000 ग्राम पंचायतों में आधार सेवा केंद्रों की स्थापना का कार्य आरंभ

हर ग्राम पंचायत के ग्राम सचिवालय में बन रहा आधार सेवा केंद्र नया आधार बनवाने से लेकर आधार अपडेट और प्रमाणीकरण की सुविधा होगी सरकारी योजनाओं से सीधे जुड़ेंगे ग्रामीण, ग्राम पंचायत सहायक करेंगे संचालन आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत की ओर उत्तर प्रदेश का एक बड़ा कदम लखनऊ,  ग्रामीणों को आधार सेवाओं के लिए अब ब्लॉक और शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उत्तर प्रदेश में आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए योगी सरकार ने ग्राम पंचायत स्तर पर ही आधार सेवाएं उपलब्ध कराने की पहल शुरू कर दी है। इसके तहत प्रदेश की 1000 ग्राम पंचायतों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में आधार सेवा केंद्र स्थापित करने का काम प्रारंभ कर दिया गया है। इसके लिए आवश्यक उपकरण लगाए जा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से नया आधार बनवाने से लेकर आधार अपडेट और प्रमाणीकरण तक की सुविधाएं सीधे गांव में ही मिल सकेंगी। अधिकृत और पारदर्शी तरीके से हो सकेगा संचालन पंचायतीराज निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि हर ग्राम पंचायत के ग्राम सचिवालय में आधार सेवा केंद्र स्थापित किया जाएगा। इन केंद्रों का संचालन ग्राम पंचायत सहायक करेंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और जिम्मेदारी दोनों को बढ़ावा मिलेगा। योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए यूआईडीएआई (UIDAI) ने पंचायती राज विभाग को रजिस्ट्रार आईडी और इंपैनलमेंट एजेंसी (ईए) आईडी भी निर्गत कर दी है, जिससे आधार सेवाओं का संचालन पूरी तरह अधिकृत और पारदर्शी तरीके से हो सकेगा। आधार से जुड़ी सेवाओं में होने वाली परेशानियां समाप्त होंगी इस नई व्यवस्था से आधार नामांकन, अपडेट और प्रमाणीकरण की प्रक्रिया सरल और सुगम होगी। इससे ग्रामीणों का सीधा जुड़ाव सरकारी योजनाओं से सुनिश्चित होगा। साथ ही आधार से जुड़ी सेवाओं में होने वाली परेशानियां समाप्त होंगी। पायलट प्रोजेक्ट के सफल होने के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में लागू करने की योजना है। गांव-गांव विकास की सोच होगी साकार पंचायती राज निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि यह पहल न केवल डिजिटल सशक्तिकरण को मजबूती देगी, बल्कि गांवों में ही आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराकर शासन की गांव-गांव विकास की सोच को भी साकार करेगी। अभी 1000 ग्राम पंचायतों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर आधार सेवा केंद्रों की स्थापना शुरू की जा रही है, जिसे हर ग्राम पंचायत स्तर पर स्थापित किया जाएगा। यह नई सुविधा शुरू हो जाने के बाद ग्राम सचिवालय में ही नया आधार बनवाने और अपडेट करवाने की हर सुविधा मिलने लगेगी।