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रायपुर: कैबिनेट मंत्री देवांगन ने धीवर समाज के नववर्ष एवं पारिवारिक मिलन समारोह में लिया हिस्सा

रायपुर : कैबिनेट मंत्री देवांगन धीवर समाज के नववर्ष एवं पारिवारिक मिलन समारोह में हुए शामिल रायपुर प्रदेश के वाणिज्य उद्योग श्रम एवं आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन कोरबा में धीवर समाज ट्रस्ट के नव वर्ष एवं पारिवारिक मिलन समारोह में शामिल हुए। गत दिनों यह कार्यक्रम कोरबा के जूनियर रिक्रिएशन क्लब, एस ई सी एल मानिकपुर कोरबा में हर्षाेल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत प्रभु रामचंद्र जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर की गई, तत्पश्चात समस्त अतिथियों का शाल फल से स्वागत किया गया। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत विशिष्ट अतिथि की गरिमामयी उपस्थिती रही।  मंत्री देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रदेश और राष्ट्र के उत्थान में प्रत्येक समाज की भागीदारी महत्वपूर्ण है। जब समाज आगे बढ़ता है, तभी देश सशक्त होता है। धीवर समाज मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम के आदर्शाे एवं विचारों पर चलने वाला समाज है और इस समाज का प्यार, सहयोग एवं समर्थन उन्हें हमेशा प्राप्त हुआ है।  महापौर श्रीमती राजपूत ने कहा कि यह कार्यक्रम सामाजिक एकता, सांस्कृतिक समरसता एवं पारिवारिक सौहार्द का सुंदर उदाहरण बना। यह नववर्ष एवं पारिवारिक मिलन समारोह समाज को जोड़ने, आपसी भाई-चारे को मजबूत करने एवं नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने का प्रेरणादायक अवसर साबित हुआ। कार्यक्रम में नगर पालिक निगम कोरबा के पार्षद नरेन्द्र देवांगन एवं प्रफुल्ल तिवारी भी उपस्थित रहे। पार्षद नरेन्द्र देवांगन ने कहा कि जब प्रत्येक समाज शिक्षा, संगठन और सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ता है, तभी प्रदेश और देश नई ऊँचाइयों को छूता है। यह आयोजन सामाजिक एकता, पारिवारिक सौहार्द एवं सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक प्रेरक पहल है। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे समाज की प्रतिभाओं को सम्मानित कर उन्हें उज्ज्वल भविष्य हेतु शुभकामनाएं दी गई। कार्यक्रम में समाज के बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई जिसमें छोटे छोटे बच्चों के नृत्य से सभी विशेष रूप से प्रभावित हुए एवं उन्हें मंच से सम्मानित भी किया गया। समस्त अतिथियों को ट्रस्ट द्वारा इस यादगार पल को हमेशा संजोये रखने स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। अंततः सभी अतिथियों ने समाज द्वारा किए गए आत्मीय स्वागत एवं स्नेहपूर्ण अभिनंदन के लिए हृदय से आभार जताया। 

वेदांता कलिंगा लांसर्स ने श्राची बंगाल टाइगर्स के खिलाफ 2-1 से करीबी जीत हासिल की

चेन्नई वेदांता कलिंगा लांसर्स ने पुरुष हीरो हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) 2025-26 में श्राची बंगाल टाइगर्स के खिलाफ 2-1 से करीबी जीत दर्ज कर लगातार दूसरी जीत हासिल की। आज यहां मेयर राधाकृष्णन हॉकी स्टेडियम, एग्मोर में खेले गये मुकाबले में विजेताओं के लिए अलेक्जेंडर हेंड्रिक्स ने (52वें) और बॉबी सिंह धामी ने (57वें) मिनट में गोल किए, जबकि टाइगर्स के लिए अफफान यूसुफ ने (56वें) मिनट में गोल किया। खेल के शुरुआती चरणों में एकतरफा खेल था क्योंकि वेदांता कलिंगा लांसर्स ने खेल की शुरुआत आक्रामक तरीके से की। उन्होंने गेंद पर दबदबा बनाए रखा, श्राची बंगाल टाइगर्स के सिर्फ दो सर्कल एंट्री की तुलना में 11 सर्कल एंट्री दर्ज कीं। लांसर्स ने गोल पर कुछ प्रयास किए, जिससे टाइगर्स के गोलकीपर जेम्स कैर को एक्शन में आना पड़ा। हालांकि, पहले गोल रहित क्वार्टर में एकमात्र पेनल्टी कॉर्नर के अलावा उन्हें कोई खास मौका नहीं मिला। दूसरे क्वार्टर में टाइगर्स ने खेल में वापसी की और आक्रामक छोर पर कुछ गति हासिल की। उन्होंने दूसरे क्वार्टर में 9 सर्कल एंट्री और 4 शॉट के साथ पासा पलट दिया, लेकिन उन्हें कृष्ण बहादुर पाठक ने रोके रखा, जिन्होंने लांसर्स के लिए गोल पर कुछ असाधारण बचाव किए। एक हाई-ऑक्टेन पहले हाफ के बावजूद, जिसमें दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया, कोई भी टीम गतिरोध को तोड़ नहीं पाई। श्राची बंगाल टाइगर्स ने दूसरे क्वार्टर में मिली गति को बनाए रखा, और कुछ जटिल तालमेल के साथ लांसर्स को अपने ही हाफ में पीछे धकेल दिया। हालांकि, दोनों टीमें पीछे से मजबूत बनी रहीं, और किसी को भी आगे नहीं बढ़ने दिया। अंतिम क्वार्टर में जाने से पहले, दोनों टीमों के बीच कोई अंतर नहीं था। चौथे क्वार्टर के शुरुआती चरणों में जेम्स कैर टाइगर्स के लिए गोल पर शानदार बने रहे। हालांकि, उनका प्रतिरोध आखिरकार तब टूटा जब अलेक्जेंडर हेंड्रिक्स ने (52वें) मिनट में पेनल्टी कॉर्नर से ड्रैगफ्लिक ने नेट के पिछले हिस्से में जगह बनाई और वेदांता कलिंगा लांसर्स को बढ़त दिला दी। हालांकि, उनकी बढ़त सिर्फ़ चार मिनट तक ही रही, जब एनरिक गोंजालेज ने एक लंबी बॉल को रोका और फिर स्पेनिश डिफेंडर ने अफ्फान यूसुफ ने (56वें) मिनट को टैप-इन के लिए पास दिया, जिससे टाइगर्स मैच में बराबरी पर आ गए। तीन क्वार्टर तक कोई गोल नहीं होने के बाद, खेल आखिरी पलों में रोमांचक हो गया। बराबरी का गोल खाने के बाद, लांसर्स ने तुरंत पेनल्टी कॉर्नर से जवाब दिया, जब गोलकीपर के पहले बचाव के बाद गेंद 57वें मिनट में बॉबी सिंह धामी के पास चली गई। फॉरवर्ड ने करीब से कोई गलती नहीं की और विजयी गोल करके वेदांता कलिंगा लांसर्स को इस रोमांचक मुकाबले में पूरे तीन अंक दिलाए। इस जीत के साथ, लांसर्स अंक तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं।  

रिश्वतखोरी पर बड़ी कार्रवाई: रामगढ़ में CBI ने डाक ओवरसियर को रंगेहाथ पकड़ा

रामगढ़ झारखंड के रामगढ़ जिले में सीबीआई ने बड़ी कारर्वाई करते हुए डाक विभाग के ओवरसियर  प्रभु मुंडा को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर एक ग्रामीण डाक सेवक से रामगढ़ मुख्यालय में योगदान (ज्वाइनिंग) कराने के एवज में 30 हजार रुपये घूस मांगने का आरोप है। 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहा था डाक ओवरसियर प्रभु मुंडा सीबीआई सूत्रों के अनुसार, इस मामले में एक ग्रामीण डाक सेवक ने एजेंसी से लिखित शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया था कि डाक ओवरसियर प्रभु मुंडा उससे रामगढ़ मुख्यालय में योगदान कराने के लिए लगातार 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहा है। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने प्रारंभिक जांच की, जिसमें आरोप सही पाए गए। 15 हजार रुपए घूस लेते रंगे हाथ दबोचा जांच के दौरान बातचीत में यह बात सामने आई कि प्रभु मुंडा ने 30 हजार रुपये में से 15 हजार रुपये पहले और शेष 15 हजार रुपये बाद में लेने पर सहमति जताई थी। इसके बाद सीबीआई ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जाल बिछाने की योजना बनाई। आठ जनवरी को सीबीआई की टीम ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने प्रभु मुंडा को तयशुदा स्थान पर 15 हजार रुपये घूस के रूप में दिए, सीबीआई की टीम ने तत्काल कारर्वाई करते हुए उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी के पास से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई अधिकारियों का दल प्रभु मुंडा को रांची ले आया, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है। सीबीआई यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मामले में कोई और अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल था या नहीं, और क्या इससे पहले भी प्रभु मुंडा इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त रहा है।

CES 2026 में Dreame का नया स्मार्ट होम सिस्टम, सीढ़ियों तक सफाई करेगा रोबोटिक वैक्यूम क्लीनर

 नई दिल्ली स्मार्ट होम डिवाइस अब सिर्फ रोबोट वैक्यूम या एयर प्यूरीफायर तक सीमित नहीं रह गए हैं. CES 2026 में Dreame Technology इसी बदलते ट्रेंड को सामने लाने की तैयारी में है. कंपनी इस साल पहली बार अपना इकोसिस्टम एक साथ पेश कर रही है जिसमें सफाई से लेकर किचन, एयर कंडीशनिंग और पर्सनल केयर तक के प्रोडक्ट शामिल हैं.  अब तक Dreame को एक प्रीमियम स्मार्ट क्लीनिंग ब्रांड के तौर पर जाना जाता था, लेकिन CES 2026 में कंपनी खुद को सिर्फ वैक्यूम बनाने वाली कंपनी के तौर पर नहीं, बल्कि एक कनेक्टेड होम ब्रांड के तौर पर पेश कर रही है. Dreame का फोकस ऐसे सिस्टम पर है जो बैकग्राउंड में काम करें और यूज़र को रोज़मर्रा के कामों से राहत मिले, बिना बार-बार मैनुअल कंट्रोल के. इस साल Dreame की मौजूदगी CES में पहले से कहीं बड़ी है. कंपनी पहली बार दो बड़े वेन्यू पर अपने प्रोडक्ट्स दिखाए हैं.. Las Vegas Convention Center में इसका मेन इकोसिस्टम शोकेस हुआ, जबकि Venetian Expo में स्मार्ट क्लीनिंग से जुड़े प्रोडक्ट्स पर फोकस किया गया. यह Dreame का अब तक का सबसे बड़ा CES सेटअप है.  CES 2026 में Dreame कुछ नए और अहम प्रोडक्ट्स भी दिखाए गए हैं.  इनमें सबसे ज्यादा चर्चा X60 Series रोबोट वैक्यूम को लेकर है. कंपनी का दावा है कि यह अब तक का सबसे पतला फ्लैगशिप रोबोट वैक्यूम होगा, जिसकी मोटाई सिर्फ 7.95 सेंटीमीटर है. इसे खास तौर पर लो-हाइट फर्नीचर के नीचे बेहतर सफाई के लिए डिजाइन किया गया है. CES 2026 में Dreame ने एक और ऐसी टेक्नोलॉजी भी दिखाई, जिस पर खास ध्यान रहा. कंपनी ने एक स्टेयर क्लाइंबिंग रोबोट का डेमो दिया, जिसे खास तौर पर मल्टी स्टोरी घरों के लिए तैयार किया गया था. अब तक रोबोट वैक्यूम सीढ़ियों के पास रुक जाते थे, लेकिन Dreame का यह नया कॉन्सेप्ट सीढ़ियां चढ़ने और उतरने में सक्षम बताया गया. इसका मकसद उन घरों को टारगेट करना था जहां एक से ज्यादा फ्लोर हैं और हर मंज़िल के लिए अलग-अलग सफाई समाधान इस्तेमाल करने पड़ते हैं. अगर यह टेक्नोलॉजी आगे चलकर प्रैक्टिकल साबित होती है, तो यह रोबोट वैक्यूम कैटेगरी में बड़ा बदलाव ला सकती है. स्मार्ट होम की दिशा में आगे बढ़ते हुए Dreame अब किचन और कूलिंग कैटेगरी में भी एंट्री कर रही है. CES में कंपनी एक नया D-Wind Series एयर कंडीशनर शोकेस किया है, जिसे कमरे के कोने में फिट करने के हिसाब से डिजाइन किया गया है. इसके साथ एक स्मार्ट रेफ्रिजरेटर भी पेश किया है, जो इंस्टेंट स्पार्कलिंग वॉटर देने की सुविधा के साथ आता है.  पर्सनल केयर सेगमेंट में भी Dreame कुछ नया कर रही है. कंपनी CES में AirStyle Pro HI नाम का नया 2-in-1 हेयर ड्रायर और स्टाइलिंग टूल दिखाया. इसे घर पर प्रोफेशनल-लेवल स्टाइलिंग के लिए बनाया गया है और इसमें नए अटैचमेंट्स जोड़े गए हैं. CES के दौरान Dreame एक खास लॉन्च इवेंट भी करेगी, जहां पूरे इकोसिस्टम को एक साथ डेमो किया जाएगा. कंपनी की कोशिश यह दिखाने की है कि अलग-अलग डिवाइस मिलकर एक सिंगल स्मार्ट होम एक्सपीरियंस कैसे दे सकते हैं, न कि अलग-अलग गैजेट्स की तरह काम करें. भारत के संदर्भ में देखें तो Dreame ने यहां 2023 में अपने ऑपरेशन शुरू किए थे और फिलहाल उसके प्रोडक्ट्स ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के ज़रिये उपलब्ध हैं. CES में किया जा रहा यह बड़ा शोकेस इस बात का संकेत देता है कि आने वाले समय में कंपनी भारत समेत दूसरे बाजारों में भी अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को और बढ़ा सकती है. कुल मिलाकर, CES 2026 में Dreame का यह कदम सिर्फ नए प्रोडक्ट दिखाने तक सीमित नहीं है. यह इस बात की ओर इशारा करता है कि स्मार्ट होम का अगला चरण अलग-अलग डिवाइस नहीं, बल्कि एक जुड़े हुए सिस्टम पर आधारित होगा, जहां टेक्नोलॉजी दिखे कम और काम ज़्यादा करे.

हिमाचल के हरिपुरधार में प्राइवेट बस खाई में गिरी, 7 लोग मरे, 50 घायल

 सिरमौर  सिरमौर जिले के हरिपुरधार में निजी बस हादसे में नौ के करीब लोगों की मौत हो गई है। जबकि कई लोग घायल हुए हैं। घायलों को घटनास्थल से निकाला जा रहा है। वहीं बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है। ये बस कुपवी से शिमला जा रही थी। जो हरिपुरधार के पास खाई में गिर गई। जानकारी के अनुसार बस में 30 से 35 लोग सवार थे। स्थानीय लोग हादसे में घायलों को बाहर सड़क तक लेकर आ रहे हैं। घटना के बाद मौके पर चीखों पुकार मची है। हादसा इतना भयानक था कि बस के परखच्चे उड़ गए हैं। जानकारी के अनुसार, हादसे का शिकार हुई बस शिमला से कुपवी की ओर जा रही थी. दुर्घटना हरिपुरधार बाजार पहुंचने से पहले उस समय हुई, जब बस अचानक अनियंत्रित होकर खाई में लुढ़क गई. बस में 50 से अधिक यात्री सवार थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे. हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया. इसके साथ ही पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गईं. घायलों को खाई से निकालकर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया जा रहा है, जबकि गंभीर रूप से घायल यात्रियों को उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किए जाने की तैयारी है. दुर्घटना के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.  दरअसल, हरिपुरधार बाजार से ठीक पहले यह बस खाई में गिरी है. हालांकि, हादसे के पीछे की वजह पता नहीं चल पाई है. घटना के बाद लोगों की भीड़ मौके की तरफ भागी और लोगों को हादसे का शिकार बस से निकाला. अहम बात है कि बस के परखच्चे उड़ गए हैं. बताया जा रहा है कि बस खचाखच्च भरी हुई थी. फिलहाल, घायलों की संख्या का पता नहीं चल पाया है. लेकिन उन्हें हरिपुरधार अस्पताल में भर्ती किया गया है. डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सिरमौर जिला के हरिपुरधार में सोलन से हरिपुरधार जा रही निजी बस के गहरी खाई में गिरने से 7 लोगों के दुःखद निधन एवं कई यात्रियों के घायल होने का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है. इस भीषण हादसे में दिवंगत आत्माओं को ईश्वर अपने श्रीचरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिवारों को यह अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें. ईश्वर से घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करतें हैं. सुक्खू सरकार में मंत्री और सिरमौर के शिलाई से विधायक हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. हादसे के कारणों का पता नहीं चला है. पांच लोगों को रेफर किया है. जिला प्रशासन में अलर्ट है. नाहन, संगड़ाह और ददाहू अस्पतालों में अलर्ट भेजा गया है. हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में बस हादसा. उधर, रेणुका जी से कांग्रेस विधायक और मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने बताया किया कि अभी-अभी एक अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ है कि हरिपुरधार में जीत कोच बस का एक गंभीर सड़क हादसा हो गया है। यह घटना अत्यंत पीड़ादायक है और इससे हम सभी व्यथित हैं. उन्होंने बताया कि एसपी और डीसी से बात की है. वह कहते हैं कि बस में 60 से अधिक लोग सवार थे. प्रशासन को फौरी राहत देने के लिए भी कहा है और घायलों का इलाज मुफ्त किया जाएगा. कांग्रेस कार्यकर्ताओं से विनम्र अपील: विधायक उन्होंने बताया कि मेरी हरिपुरधार ज़ोन के सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से विनम्र अपील है कि वे तुरंत घटनास्थल पर पहुँचकर प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर राहत एवं बचाव कार्य में पूरा सहयोग करें. इस कठिन घड़ी में पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ खड़ा होना हमारा नैतिक दायित्व है, ईश्वर से प्रार्थना है कि सभी घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ मिले। इस दुख की घड़ी में कांग्रेस परिवार पूरी संवेदना और एकजुटता के साथ पीड़ितों के साथ खड़ा है. उन्होंने कहा कि वह कांगड़ा दौरे पर पालमपुर पहुंचे थे. लेकिन अब अपने विधानसभा क्षेत्र लौट रहे हैं.  केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा समेत कई नेताओं ने जताया दुख हादसे को लेकर केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, भाजपा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, सांसद राजीव भारद्वाज, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर एवं सांसद सुरेश कश्यप ने गहरा शोक व्यक्त किया है. प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने शोक संदेश में कहा कि अनेक लोगों की असमय मृत्यु होना अत्यंत दुखद, पीड़ादायक और हृदयविदारक है, डॉ. बिंदल ने कहा कि यह घटना पूरे प्रदेश के लिए गहरे शोक का विषय है.  

145 मौतों के बाद सरकार का कदम – स्लीपर कोच बसों के लिए सख्त सुरक्षा दिशा-निर्देश लागू

नई दिल्ली पिछले 6 महीनों में देश भर में स्लीपर कोच बसों की अलग-अलग दुर्घटनाओं में तकरीबन 145 लोगों की जान चली गई. स्लीपर कोच बसों में लगातार हो रही आग की घटनाओं के बाद केंद्र सरकार ने यात्री सुरक्षा को लेकर बड़ा और सख्त फैसला लिया है. जिसके तहत अब स्लीपर कोच बसों का निर्माण केवल मान्यता प्राप्त कंपनियां ही करेंगी. इसके अलावा मौजूदा बसों में भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जरूरी गाइडलाइन जारी की गई है. पिछले छह महीनों में स्लीपर बसों में होने वाल भयानक एक्सीडेंट में 145 लोगों की मौत के बाद सरकार ने सुरक्षा नियमों को और मजबूत कर दिया है. इसका मकसद लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को सुरक्षित रखना है. केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने नए नियमों की घोषणा करते हुए कहा कि, "अब स्लीपर बसों का निर्माण केवल वही ऑटोमोबाइल कंपनियां या निर्माता कर सकेंगे, जिन्हें केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त हो.  नए नियम के तहत स्थानीय और मैनुअल बॉडी बिल्डर्स को स्लीपर बस बनाने की अनुमति नहीं होगी. सरकार का मानना है कि इससे मैन्युफैक्चरिंग क्वॉलिटी और सेफ्टी लेवल में बड़ा सुधार होगा. ऐसा देखा जाता है कि, ट्रैवेल एजेंसियां लोकल बॉडी मेकर्स से अपने मन माफिक बसों का निर्माण कराती हैं, जिसमें सेफ्टी स्टैंडर्ड पर उतना ध्यान नहीं दिया जाता है.   मौजूदा स्लीपर बसों में लगेंगे जरूरी सेफ्टी फीचर्स सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि देश में चल रही सभी मौजूदा स्लीपर बसों को अनिवार्य रूप से नए सेफ्टी डिवाइसेज से लैस किया जाए. इनमें फायर डिटेक्शन सिस्टम, इमरजेंसी लाइटिंग, ड्राइवर को नींद का अलर्ट देने वाला सिस्टम यानी ADAS, इमरजेंसी एग्जिट और सेफ्टी हैमर शामिल हैं. सरकार का मानना है कि, ये सेफ्टी फीचर्स और डिवाइसेज किसी भी आपात स्थिति में बड़े मददगार साबित होंगे. AIS-052 और नए बस बॉडी कोड का पालन जरूरी नए नियमों के अनुसार सभी स्लीपर बसों को AIS-052 बस बॉडी कोड और मॉडिफाइड बस बॉडी कोड का पालन करना अनिवार्य होगा. यह मॉडिफाइड कोड 1 सितंबर 2025 से लागू हो चुका है. इसके बिना किसी भी स्लीपर बस को ऑपरेट नहीं किया जा सकेगा. यानी ऐसी बसें जो इस कोड का पालन नहीं करती हैं वो सड़कों पर नहीं दिखेंगी. बड़े फैसलों पर एक नज़र     स्लीपर बसों का निर्माण अब केवल ऑटोमोबाइल कंपनियां या केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त निर्माता ही कर सकेंगे.     स्थानीय और मैनुअल बॉडी बिल्डर्स को अब स्लीपर बस बनाने की अनुमति नहीं होगी.     देश में चल रही सभी मौजूदा स्लीपर बसों में जरूरी सेफ्टी फीचर्स लगाना अनिवार्य होगा. मौजूदा स्लीपर बसों में देना होगा ये फीचर     फायर डिटेक्शन सिस्टम     इमरजेंसी लाइटिंग सिस्टम     ड्राइवर की नींद का अलर्ट देने वाला सिस्टम      एडवांस ड्राइवर असिस्टें सिसटम (ADAS)     इमरजेंसी एग्जिट और सेफ्टी हैमर क्या है AIS-052 बस बॉडी कोड AIS-052 यानी ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड-052 भारत का आधिकारिक बस बॉडी सेफ़्टी और डिजाइन कोड है. इसमें बस के मैन्युफैक्चरिंग, स्ट्रक्चर और सेफ्टी से जुड़े जरूरी स्टैंडर्ड तय किए गए हैं. चाहे बस फैक्ट्री में बनी हो या कोच बिल्ट हो, रजिस्ट्रेशन और सड़क पर चलने से पहले इन नियमों का पालन जरूरी होता है. यह स्टैंडर्ड केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के तहत सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी किया गया है. सरकार का कहना है कि इन कड़े कदमों का उद्देश्य भविष्य में होने वाली दुखद घटनाओं को रोकना और लंबी दूरी की स्लीपर कोच सेवाओं में यात्रियों की सुरक्षा को काफी बेहतर बनाना है. नए नियमों से स्लीपर बसों की क्वॉलिटी और भरोसे में भी इजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही है.

ट्रंप के टैरिफ से बाजार में गहरा संकट, 13 लाख करोड़ की गिरावट, 5 दिनों में सेंसेक्स 2200 अंक टूटा

मुंबई  सोमवार से लेकर शुक्रवार तक पूरा सप्‍ताह भारतीय शेयर बाजार के लिए बुरा वक्‍त रहा. पिछले पांच दिनों के दौरान सेंसेस में करीब 2200 अंकों की गिरावट आई है. सप्‍ताह के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्‍स 604 अंक टूटकर 83576 और निफ्टी 193 अंक गिरकर 25683 लेवल पर बंद हुआ. निफ्टी बैंक में भी 435 अंकों की गिरावट आई.  BSE टॉप 30 शेयरों में 21 शेयर लाल निशान पर बंद हुए, जबकि 9 शेयर हरे निशान पर थे. पिछले पांच कारोबारी दिनों के दौरान सेंसेक्‍स में 2186 अंकों की बड़ी गिरावट आई है. वहीं NSE निफ्टी में 2.5 फीसदी की गिरावट रही है. इस भारी गिरावट के कारण लगातार पांच कारोबारी सत्रों में बीएसई के मार्केट कैप में 13 लाख करोड़ रुपये से ज्‍यादा की गिरावट रही.  इस बड़ी गिरावट के कारण बीएसई के मिड-कैप और स्मॉल-कैप इंडेक्‍स में गिरावट दर्ज की गई. यह बिकवाली मुख्य रूप से रूस से तेल आयात करने वाले देशों के खिलाफ अमेरिकी व्यापारिक कार्रवाइयों में बढ़े टेंशन के कारण हुआ है. आइए जानते हैं किन-किन कारणों से शेयर बाजार में गिरावट आई है.   5 दिन में 13 लाख करोड़ साफ बीएसई के मार्केट कैप के आधार पर मापी गई निवेशक संपत्ति पिछले सत्र के 472.25 लाख करोड़ रुपये से घटकर 467.87 लाख करोड़ रुपये रह गई, जिसमें 4.38 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई है. पिछले पांच सत्रों में यह आंकड़ा 13.37 लाख करोड़ रुपये कम हुआ है.  क्‍यों आई भारतीय शेयर बाजार में गिरावट?      अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक विधेयक को मंजूरी दे दी है जिससे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद रूसी तेल खरीदना जारी रखने वाले भारत, चीन और ब्राजील जैसे देशों पर टैरिफ में भारी वृद्धि हो सकती है, जो 500% तक हो सकता है.      विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार बिकवाली ने पांच दिनों की गिरावट के दौरान बाजार की कमजोरी को और बढ़ा दिया है. विदेशी निवेशकों ने 8 जनवरी को 3,367.12 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे.      ग्लोबल बाजारों में कमजोरी ने भारतीय इक्विटी में सतर्कता को और भी बढ़ा दिया है. एशियाई स्टॉक मार्केट थोड़े नीचे आए हैं. साथ ही भारत अमेरिका में डील भी रुका हुआ है.        डोनाल्‍ड ट्रंप के टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में आज फैसला आने वाला है. जिसमें यह तय होगा कि क्‍या दूसरे देशों पर टैरिफ लगाना उचित है कि नहीं.      कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारतीय इक्विटी के लिए एक और चुनौती बनकर उभरी हैं, खासकर देश की कच्चे तेल के आयात पर भारी निर्भरता को देखते हुए. भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से तेल की कीमतें बढ़ीं और ग्‍लोबल दबाव दिख रहा है.  

ग्रीनलैंड विवाद बढ़ने पर डेनमार्क का गंभीर संदेश, ‘घुसपैठ पर गोली चलाएंगे’ – अमेरिका को चेतावनी

कोपेनहेगन वेनेजुएला पर अमेरिका के अटैक के बाद मेक्सिको भी सुर्खियों में हैं. ऐसे में डेनमार्क ने बयान जारी करते हुए अपना रुख साफ किया है. डेनमार्क के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि अगर कोई डेनिश इलाके में घुसपैठ करता है, तो सैनिक तुरंत जंग शुरू करेंगे और अपने कमांडरों के आदेश का इंतज़ार किए बिना गोली चला देंगे.  डेनमार्क ने यह  बात तब कही है, जब अमेरिका ग्रीनलैंड पर मिलिट्री कार्रवाई करने के बारे में सोच रहा है. मंत्रालय ने स्थानीय अखबार बर्लिंगस्के (Berlingske) को बताया कि 1952 (कोल्ड वॉर) का निर्देश साफ तौर पर कहता है कि अगर कोई विदेशी सेना डेनिश इलाके को धमकी देती है, तो सैनिकों को आदेश का इंतज़ार किए बिना पहले गोली चलानी होगी. यह निर्देश अप्रैल 1940 में तब बनाया गया था, जब नाज़ी जर्मनी ने डेनमार्क पर हमला किया था, जिससे इस स्कैंडिनेवियाई देश में कम्युनिकेशन सिस्टम आंशिक रूप से ठप हो गया था, और यह आज तक लागू है. कब माना जाएगा हमला? ग्रीनलैंड में डेनमार्क की मिलिट्री अथॉरिटी जॉइंट आर्कटिक कमांड यह तय करेगी कि द्वीप पर किस चीज़ को हमला माना जा सकता है. यह बयान तब सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नज़रें ग्रीनलैंड पर टिकी हुई हैं, जिसकी देखरेख डेनमार्क करता है, और उन्होंने बार-बार धमकी दी है कि अगर ज़रूरत पड़ी तो वे इस स्वायत्त ज़मीन पर ज़बरदस्ती कब्ज़ा कर लेंगे. ट्रंप ने दावा किया है कि रूसी और चीनी जहाज़ों की मौजूदगी की वजह से यह आर्कटिक इलाका अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत ज़रूरी है. हालांकि, डेनमार्क और ग्रीनलैंड ने बार-बार कहा है कि यह इलाका बिक्री के लिए नहीं है. डेनिश प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन ने इस हफ़्ते चेतावनी दी थी कि ग्रीनलैंड पर कब्ज़ा करने की कोई भी मिलिट्री कोशिश NATO के खत्म होने की वजह बनेगी. उन्होंने डेनिश ब्रॉडकास्टर TV2 से कहा, "अगर यूनाइटेड स्टेट्स किसी दूसरे NATO देश पर मिलिट्री हमला करने का फैसला करता है, तो सब कुछ रुक जाएगा." 'दुनिया की रक्षा के लिए अहम…' अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने गुरुवार को फॉक्स न्यूज़ से बात करते हुए ग्रीनलैंड पर अमेरिकी रुख को सही ठहराया और कहा कि डेनमार्क यह सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त काम करने में फेल रहा है कि आर्कटिक इलाका 'विश्व सुरक्षा के लिए एक आधार के रूप में काम कर सके.'  उन्होंने कहा, "यूरोप राष्ट्रपति और पूरे प्रशासन द्वारा दिए गए मूलभूत तर्क का सामना करने में फेल रहा है. ग्रीनलैंड न केवल अमेरिका की, बल्कि दुनिया की सुरक्षा के लिए भी अहम है." जेडी वेंस ने मिसाइल रक्षा में इस क्षेत्र की भूमिका पर ज़ोर दिया.

हरियाणा के युवाओं के लिए जापान का बड़ा निवेश, नौकरी के नए अवसर मिलेंगे

चंडीगढ़ जापान अब हरियाणा में ऑटोमोबाइल, शिक्षा और सेमीकंडक्टर क्षेत्रों में निवेश बढ़ाएगा। जापान के प्रतिनिधिमंडल ने विदेश सहयोग विभाग के साथ एमओयू करने में रुचि दिखाई है। जापान के मिजुहो बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं इंडिया हेड रयो मुराओ के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से सिविल सचिवालय में मुलाकात की। इस दौरान आर्थिक सहयोग को मजबूत करने तथा रणनीतिक निवेश के नए अवसरों की संभावनाओं पर चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि हरियाणा की प्रगतिशील नीतियों और मजबूत ‘ईज आफ डूइंग बिजनेस’ पारिस्थितिकी तंत्र से प्रभावित होकर मिजुहो बैंक ने अपना कार्यालय दिल्ली से गुरुग्राम स्थानांतरित किया है। उन्होंने हरियाणा में अपने परिचालन और निवेश के दायरे को और विस्तार देने के लिए राज्य सरकार से निरंतर सहयोग और समर्थन का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि हरियाणा पारदर्शी शासन, आधुनिक अवसंरचना और कुशल मानव संसाधन के साथ एक स्थिर एवं निवेशक-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि हरियाणा की प्रगतिशील नीतियों और मजबूत ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ पारिस्थितिकी तंत्र से प्रभावित होकर मिजुहो बैंक ने अपना कार्यालय दिल्ली से गुरुग्राम स्थानांतरित किया है। उन्होंने हरियाणा में अपने परिचालन और निवेश के दायरे को और विस्तार देने के लिए राज्य सरकार से निरंतर सहयोग और समर्थन का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि हरियाणा पारदर्शी शासन, आधुनिक अवसंरचना और कुशल मानव संसाधन के साथ एक स्थिर एवं निवेशक-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।इस अवसर पर  नायब सिंह सैनी ने  रयो मुराओ को श्रीमद्भगवद्गीता की एक प्रति भेंट की। प्रदेश सरकार ने हरियाणा में विदेशी पूंजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए विदेश सहयोग विभाग का गठन किया, विभाग लगातार विदेशी निवेशकों से संपर्क कर प्रदेश में निवेश के लिए आकृषित करने के साथ—साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य की कूटनीति, द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय संबंधों को और मजबूत कर रहा है। विभाग ‘गो ग्लोबल अप्रोच’ के माध्यम से लगातार कार्य कर रहा है। बैठक में मुख्यमंत्री के विदेशी सहयोग विभाग के सलाहकार  पवन कुमार चौधरी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने विदेशी पूंजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए विदेश सहयोग विभाग का गठन किया है। यह विभाग लगातार विदेशी निवेशकों से संपर्क कर प्रदेश में निवेश के लिए आकृषित करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य की कूटनीति, द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय संबंधों को और मजबूत कर रहा है। विभाग ‘गो ग्लोबल अप्रोच’ के माध्यम से लगातार कार्य कर रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री के विदेशी सहयोग विभाग के सलाहकार पवन कुमार चौधरी ने भी अपनी बात रखी।

दंतेवाड़ा में 63 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, एक करोड़ से अधिक के थे इनाम, 18 महिलाएं भी शामिल

दंतेवाड़ा. छत्तीसगढ़ राज्य सरकार और सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे ‘पूना मारगेमः पुनर्वास से पुनर्जीवन’ और ‘लोन वर्राटू’ यानी घर वापसी अभियान के तहत कुल 63 इनामी नक्सलियों ने एक साथ आत्मसमर्पण किया है. इन नक्सलियों पर कुल 1 करोड़ 19 लाख 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था. खास बात यह रही कि आत्मसमर्पण करने वालों में 16 महिला नक्सली भी शामिल हैं, जो लंबे समय से बस्तर और उससे सटे इलाकों में सक्रिय थीं. नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले से नक्सलवाद के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक सामने आई है. यह आत्मसमर्पण न सिर्फ संख्या के लिहाज से बड़ा है, बल्कि संगठनात्मक स्तर पर नक्सल नेटवर्क के लिए गहरा झटका माना जा रहा है. दंतेवाड़ा पुलिस और जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों ने यह साबित कर दिया है कि सरकार की पुनर्वास आधारित नीति जमीन पर असर दिखा रही है. दंतेवाड़ा में हुआ यह सामूहिक सरेंडर केवल स्थानीय स्तर की घटना नहीं है, बल्कि इसका असर पूरे बस्तर संभाग और पड़ोसी राज्यों तक देखा जा रहा है. आत्मसमर्पित नक्सली दरभा डिवीजन, दक्षिण बस्तर, पश्चिम बस्तर, माड़ क्षेत्र और ओडिशा राज्य के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय थे. इनमें से कई नक्सली संगठन में अहम पदों पर रहे हैं और लंबे समय से हिंसक गतिविधियों में शामिल थे. सुरक्षा बलों के लगातार ऑपरेशन, जंगलों में बढ़ती घेराबंदी, और दूसरी ओर सरकार की पुनर्वास नीति ने नक्सलियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया. यही कारण है कि अब हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की प्रवृत्ति तेज हो रही है. यह घटना नक्सलवाद के कमजोर पड़ते ढांचे और बदलते बस्तर की एक बड़ी तस्वीर पेश करती है. प्रमुख नक्सली नेताओं का आत्मसमर्पण आत्मसमर्पण करने वालों में पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी के सचिव मोहन कड़ती भी शामिल है, जिसने अपनी पत्नी के साथ आत्मसमर्पण किया है। इन नक्सलियों पर कुल मिलाकर एक करोड़ रुपये से अधिक का इनाम घोषित था, जो उनकी नक्सली गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। इस बड़े पैमाने पर हुए आत्मसमर्पण से नक्सलियों के संगठन को बड़ा झटका लगा है। अभियान की व्यापकता यह आत्मसमर्पण केवल छत्तीसगढ़ प्रदेश के नक्सलियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें छत्तीसगढ़ प्रदेश के बाहर के भी नक्सली शामिल हैं। यह इस बात का संकेत देता है कि राज्य की पुलिस और सुरक्षा बल नक्सलवाद के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई कर रहे हैं और नक्सलियों के प्रभाव को कम करने में सफल हो रहे हैं। लोन वर्राटू (घर वापसी) अभियान के तहत नक्सलियों को मुख्यधारा में वापस लाने के प्रयास सफल हो रहे हैं, जिससे क्षेत्र में शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। सुरक्षाबलों के प्रयास सुरक्षा बलों द्वारा लगातार चलाए जा रहे सघन अभियान, नक्सलियों के विरुद्ध मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने और उन्हें आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास नीतियों के तहत मुख्यधारा में एकीकृत करने और उन्हें बेहतर जीवन जीने के अवसर प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी। इस सफलता से क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति में सुधार की उम्मीद है और विकास कार्यों को गति मिलेगी। यह घटना छत्तीसगढ़ सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।  ‘पूना मारगेम’ और ‘लोन वर्राटू’ अभियान की भूमिका दंतेवाड़ा में नक्सलियों के इस बड़े सरेंडर के पीछे ‘पूना मारगेमः पुनर्वास से पुनर्जीवन’ और ‘लोन वर्राटू’ अभियान की अहम भूमिका मानी जा रही है. इन अभियानों का उद्देश्य नक्सलियों को केवल हथियार छोड़ने के लिए मजबूर करना नहीं, बल्कि उन्हें सम्मानजनक जीवन का विकल्प देना है. सरकार का फोकस भरोसा, संवाद और पुनर्वास पर रहा है. एसपी गौरव राय का बयान दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने इसे पुलिस और राज्य सरकार की बड़ी सफलता बताया. उन्होंने कहा कि नक्सली विचारधारा छोड़कर मुख्यधारा में लौटना यह साबित करता है कि विकास और विश्वास की नीति सफल हो रही है. आत्मसमर्पित नक्सलियों को सरकार की सभी योजनाओं से जोड़ा जाएगा.