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योगी सरकार के संकल्प का लाभ उठाकर अशोक लीलैंड ने दो वर्षों से भी कम समय में निवेश को धरातल पर उतारा

निवेश का नया अध्याय लिख रहा उत्तर प्रदेश, और तेज हुई औद्योगिक रफ्तार योगी सरकार के संकल्प का लाभ उठाकर अशोक लीलैंड ने दो वर्षों से भी कम समय में निवेश को धरातल पर उतारा प्रदेश सरकार के प्रयासों से यूपी में निवेश केवल एमओयू तक सीमित नहीं, बल्कि प्लांट और प्रोडक्शन में बदल रहा उत्तर प्रदेश अब बड़े निवेशकों की पहली पसंद बन चुका है लखनऊ  उत्तर प्रदेश अब निवेश और औद्योगिक विकास के नए केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। बीते कुछ वर्षों में राज्य सरकार द्वारा किए गए व्यापक नीतिगत और विनियामक सुधारों का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। इसी का ताजा उदाहरण है अशोक लीलैंड का नया प्लांट। यह प्लांट न केवल औद्योगिक प्रगति का प्रतीक है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि उत्तर प्रदेश अब बड़े निवेशकों की पहली पसंद बन चुका है। अशोक लीलैंड के इस प्लांट में लगभग 252 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। इस परियोजना के लिए ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 20 फरवरी 2024 को हुई थी। इतने कम समय में परियोजना का धरातल पर आ जाना इस बात का प्रमाण है कि अब निवेश केवल एमओयू तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि तेजी से प्लांट, उत्पादन और रोजगार में बदल रहा है। इस प्लांट से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को नया बढ़ावा मिलेगा। राज्य में निवेश की यह सफलता किसी एक परियोजना तक सीमित नहीं है। वर्ष 2018 में आयोजित उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट में प्रदेश को 4.28 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे। इसके बाद वर्ष 2023 में आयोजित यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट ने नया रिकॉर्ड बनाया, जिसमें करीब 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश आशय पत्र प्राप्त हुए। कुल मिलाकर पौने 9 वर्षों में 45 लाख करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है, जिसे चार ग्राउंड ब्रेकिंग समारोहों के माध्यम से धरातल पर उतारने की ठोस शुरुआत हुई है।   अब तक 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश की 16,000 से अधिक परियोजनाओं के लिए ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह हो चुके हैं। इनमें से लगभग 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली 8,300 से अधिक परियोजनाएं वाणिज्यिक संचालन के चरण में पहुंच चुकी हैं। वहीं करीब 10 लाख करोड़ रुपये मूल्य की 8,100 से अधिक परियोजनाएं क्रियान्वयनाधीन हैं। यही नहीं, योगी सरकार जीबीसी 5 के माध्यम से फिर 6 लाख करोड़ से अधिक के निवेश को जल्द ही जमीन पर उतारने जा रही है। ये आंकड़े बताते हैं कि निवेश केवल कागजों पर नहीं, बल्कि हकीकत में उद्योग और रोजगार में बदल रहा है। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक भी इस प्रगति को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में मार्च 2025 में विनिर्माण का सूचकांक 167.97 और सामान्य सूचकांक 157.73 दर्ज किया गया। यह बताता है कि प्रदेश में औद्योगिक उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। अशोक लीलैंड का प्लांट इस पूरी यात्रा का मजबूत प्रतीक है। यह दिखाता है कि उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए केवल नीतियां नहीं, बल्कि क्रियान्वयन की मजबूत व्यवस्था भी मौजूद है। तेज अनुमतियां, सिंगल विंडो सिस्टम, उद्योग-अनुकूल वातावरण और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।

राज्य सरकार की अभिनव पहल से संस्थागत स्वच्छता में सुधार, मंत्री नेताम ने शुरू किया ‘जोश’ कार्यक्रम

रायपुर : संस्थागत स्वच्छता को सुदृढ़ करने राज्य सरकार की अभिनव पहल आदिम जाति विकास मंत्री नेताम ने किया ‘जोश’ का शुभारंभ  रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार  संस्थागत स्वच्छता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अभिनव पहल की शुरूआत हुई है। आदिम जाति विकास मंत्री राम विचार नेताम और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मनेन्द्रगढ़ भरतपुर चिरमिरी जिले के विकासखंड खड़गवां से प्रदेश में जर्नी आफ सेनिटेशन हाइजिन (जोश) का हरी झंडी दिखाकर औपचारिक शुभारंभ किया है।      गौरतलब है कि ‘जोश’ पहल के माध्यम से स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों, छात्रावासों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं अन्य संस्थागत व सामुदायिक शौचालयों की नियमित, वैज्ञानिक और सुरक्षित सफाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं को ‘स्वच्छता प्रहरी’ के रूप में रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।     जिले के प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि स्वच्छता केवल स्वास्थ्य से जुड़ा विषय नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और रोजगार सृजन का प्रभावी माध्यम है। ‘जोश’ पहल से युवा स्वच्छता प्रहरी बनकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाएंगे। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में तैयार इस योजना के तहत प्रारंभिक चरण में प्रत्येक जनपद में एक स्वच्छता प्रहरी नियुक्त किया गया है। योजना की सफलता के आधार पर इसे पूरे जिले में विस्तारित किया जाएगा।     स्वच्छता प्रहरी निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार ग्राम पंचायतों का भ्रमण करेंगे और आधुनिक उपकरणों की सहायता से शौचालयों की पाक्षिक व मासिक सफाई सुनिश्चित करेंगे। कार्यक्रम के दौरान चयनित स्वच्छता प्रहरियों को आधुनिक सफाई उपकरणों से युक्त स्वच्छता किट एवं सुरक्षा सामग्री भी प्रदान की गई। संस्था प्रभारी के अनुरोध पर सफाई उपरांत प्रति यूनिट 200 रूपए स्वच्छता शुल्क का भुगतान किया जाएगा, जिससे युवाओं को अतिरिक्त आय का साधन मिलेगा। 

65 जिलों के गौ-आश्रय स्थलों पर मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम लागू, शेष में प्रक्रिया जारी

गौसेवा में समर्पित योगी सरकार, प्रदेश के 4366 गौ-आश्रय स्थलों पर सुदृढ़ निगरानी  65 जिलों के गौ-आश्रय स्थलों पर मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम लागू, शेष में प्रक्रिया जारी 20 जिलों के विकास भवनों में स्थापित केंद्रीकृत कंट्रोल रूम से व्यवस्थाओं पर रखी जा रही सतत नजर ठंड, भोजन, उपचार और आश्रय की समुचित व्यवस्था, गोवंश संरक्षण को मिली रफ्तार लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के गौ-आश्रय स्थलों पर लगातार निगरानी, प्रबंधन और सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण का कार्य तेज गति से जारी है। प्रदेश के 75 जनपदों के कुल 6718 ग्रामीण गौ-आश्रय स्थलों में से 65 जनपदों के 4366 गौ-आश्रय स्थलों पर सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी तंत्र को मजबूत किया गया है। बाकी जनपदों में भी निगरानी तंत्र को सुदृढ़ किए जाने की कार्यवाही प्रक्रिया में है। साथ ही प्रदेश के हरदोई, आगरा, जालौन सहित 20 जनपदों के विकास भवनों में केंद्रीकृत निगरानी कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं, जिसके माध्यम से आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं पर सतत नजर रखी जा रही है। गो-आश्रय स्थलों को यूपी सरकार दे रही है मूलभूत सुविधाएं योगी सरकार निराश्रित गोवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। गौ-आश्रय स्थलों पर गोवंश के लिए शेड, स्वच्छ भोजन एवं पेयजल की व्यवस्था, खड़ंजा, भूसा भंडार गृह, उपचार कक्ष, प्रकाश और सोलर लाइट जैसी सुविधाओं को सुदृढ़ और व्यवस्थित ढंग से विकसित किया जा रहा है। 20 जनपदों में स्थापित निगरानी कंट्रोल रूम पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि गौ-आश्रय स्थलों की बेहतर निगरानी एवं व्यवस्था के समन्वय के लिए राज्य के 20 जनपदों के विकास भवनों में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। हरदोई, आगरा, जालौन, झांसी, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली, जौनपुर, अयोध्या, आजमगढ़, पीलीभीत, कौशांबी, शामली, बस्ती, अंबेडकरनगर, बलिया, एटा, अमरोहा, फर्रुखाबाद और चंदौली में ये कंट्रोल रूम कार्यरत हैं। शेष जनपदों में भी चरणबद्ध ढंग से यह व्यवस्था सुदृढ़ की जा रही है। उन्होंने कहा कि निगरानी तंत्र मजबूत होने से गौवंश की देखभाल अधिक व्यवस्थित और जिम्मेदाराना ढंग से हो रही है। किसी भी प्रकार की लापरवाही की स्थिति में तत्काल कार्रवाई संभव हो रही है। ठंड से किसी गोवंश की मृत्यु न हो गो-आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने के साथ-साथ ठंड से सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्थलों पर हरा चारा, तिरपाल, काउ-कोट, अलाव, औषधियां, उपचार सुविधा और पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि ठंड अथवा अव्यवस्था के कारण किसी भी गोवंश की मृत्यु न हो।

‘नेहरू के कुछ फैसलों के कारण चीन से हारे’, शशि थरूर ने पूर्व पीएम को लेकर किया बड़ा बयान

नई दिल्ली देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू को लेकर तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बड़ा बयान दिया है. शशि थरूर ने गुरुवार को कहा कि वह भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को भारतीय लोकतंत्र का संस्थापक मानते हैं, मगर उनकी तारीफ आलोचना से खाली नहीं है. शशि थरूर ने माना कि नेहरू के कुछ फैसलों के कारण 1962 में भारत को चीन से हार मिली, मगर हर चीज के लिए नेहरू को दोषी ठहराना ठीक नहीं. शशि थरूर ने इस बात पर जोर दिया कि नेहरू की गलतियों को मानना ​​जरूरी है, लेकिन भारत की सभी समस्याओं के लिए उन्हें दोष देना गलत है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, ‘मैं जवाहरलाल नेहरू का प्रशंसक हूं, लेकिन आंख बंद करके समर्थन नहीं करता. मैं उनकी सोच और दृष्टिकोण की बहुत सराहना करता हूं और उनके प्रति गहरा सम्मान रखता हूं. हालांकि मैं उनकी सभी नीतियों और विचारों से सौ फीसदी सहमत नहीं हूं. उन्होंने जो कई काम किए, वे सबसे ज्यादा सराहना के योग्य हैं. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नेहरू ने भारत में लोकतंत्र को मजबूती से स्थापित किया… मैं यह नहीं कहूंगा कि मोदी सरकार लोकतंत्र विरोधी है, लेकिन वे निश्चित रूप से नेहरू विरोधी हैं. नेहरू को एक सॉफ्ट टारगेट यानी आसान निशाना बना दिया गया है.’ नेहरू के फैसलों की आलोचना साल 1962 के भारत-चीन युद्ध को याद करते हुए शशि थरूर ने कहा कि मौजूदा सरकार की पंडित नेहरू पर की जा रही आलोचना का कुछ आधार हो सकता है. उन्होंने कहा, ‘उदाहरण के लिए 1962 में चीन के खिलाफ मिली हार को कुछ हद तक नेहरू के फैसलों से जोड़ा जा सकता है. लेकिन अब जो हो रहा है, वह यह है कि नेहरू को हर बात के लिए दोषी ठहराया जाता है, चाहे मुद्दा कुछ भी हो.’ उन्होंने कहा, 'सबसे जरूरी यह है कि नेहरू ही थे, जिन्होंने भारत में लोकतंत्र स्थापित किया…। मैं ये नहीं कहूंगा कि वो (मोदी सरकार) लोकतंत्र के विरोधी हैं, लेकिन वो नेहरू विरोधी जरूर हैं। नेहरू को आसान बली का बकरा बना दिया गया है।' उन्होंने कहा, 'कुछ मामलों में उनका (मोदी सरकार की) आलोचना का आधार हो सकता है। उदाहरण के लिए, 1962 में चीन के खिलाफ हार का कुछ श्रेय नेहरू के कुछ फैसलों को दिया जा सकता है।' पार्टी लाइन पर दी थी सफाई थरूर ने सोमवार को कहा कि वह कभी भी पार्टी लाइन से अलग नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा, 'मेरा सवाल यह है कि किसने कहा कि मैंने पार्टी की विचारधारा का उल्लंघन किया है? मैंने विभिन्न विषयों पर अपनी राय व्यक्त की है, लेकिन अधिकतर मामलों में पार्टी और मैं एक ही रुख पर कायम रहे हैं।' थरूर ने कहा कि उन्होंने संसद में मंत्रियों के सामने जो सवाल उठाए थे, उनकी एक स्पष्ट दिशा थी और पार्टी को उनसे परेशान नहीं होना चाहिए। यादों की गलियों में सफर अपनी यादों को ताजा करते हुए शशि थरूर ने बताया कि उन्हें पढ़ने का शौक बचपन में ही लग गया था, जब न टीवी था और न ही मोबाइल फोन. कांग्रेस सांसद ने याद किया कि उन्होंने पहली बार बहुत कम उम्र में ही उपन्यास लिखा था, लेकिन बाद में वह स्याही गिरने की वजह से खो गया. शशि थरूर ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में पढ़ने की आदतें कम हो रही हैं, लेकिन केरल में पढ़ने की संस्कृति अब भी आगे है. कांग्रेस नेता ने दिल्ली के प्रसिद्ध सेंट स्टीफन कॉलेज के अपने कॉलेज के दिनों को भी याद किया, जहां उन्होंने एक बार मंच पर एंटनी का किरदार निभाया था और फिल्म निर्माता मीरा नायर ने क्लियोपेट्रा की भूमिका निभाई थी.

रायपुर: मंत्री जायसवाल ने शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दौरा किया, व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के दिए निर्देश

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण, व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के दिए निर्देश रायपुर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज राजधानी रायपुर के आयुर्वेदिक हॉस्पिटल कैंपस स्थित 50 बिस्तर वाले शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य अस्पताल में मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता की जांच करना और आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को आमजन के लिए अधिक प्रभावी बनाना था।  निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल के विभिन्न विभागों का बारीकी से अवलोकन किया और वहां उपलब्ध संसाधनों तथा मरीजों को दी जा रही उपचार सेवाओं की विस्तृत जानकारी ली। उसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री ने वहां तैनात चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और अन्य स्टाफ के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि  बेहतर उपचार और स्वास्थ्य संसाधनों का विस्तार करना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि इसका सीधा लाभ मरीजों को मिले।

बालोद बना भारत की युवा शक्ति का नया केंद्र, राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी में बोले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर : राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी से बालोद बना भारत की युवा शक्ति का नया केंद्र : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर  छत्तीसगढ़ का बालोद जिला आज देशभर के युवाओं के लिए प्रेरणा और गौरव का नया केंद्र बन गया है।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जिला बालोद के ग्राम दुधली में 9 से 13 जनवरी तक आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी में देश-विदेश से आए लगभग 15 हजार रोवर-रेंजर अपनी सेवा भावना, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का जीवंत प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह ऐतिहासिक जंबूरी छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति को राष्ट्रीय मंच पर लाने का सुनहरा अवसर है। राष्ट्रीय स्तर के कैंपिंग, रोवर-रेंजर प्रशिक्षण, सांस्कृतिक संध्याओं और सामुदायिक सेवा गतिविधियों के माध्यम से युवा प्रतिभागी अनुशासन, सेवा और नेतृत्व के मूल्यों के साथ राष्ट्र निर्माण की भावना को सशक्त कर रहे हैं।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बालोद की धरती पर उमड़ा यह उत्साह भारत की भावी पीढ़ी की ऊर्जा, समर्पण और संकल्प को स्पष्ट रूप से प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के खेल, कौशल विकास और नेतृत्व क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अनुशासित, प्रशिक्षित और आत्मविश्वासी युवा शक्ति ही विकसित भारत की मजबूत नींव बनेगी। उन्होंने जंबूरी में भाग ले रहे सभी रोवर-रेंजरों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनका उत्साह और सेवा भाव छत्तीसगढ़ का परचम देश-दुनिया में और ऊँचाई तक ले जाएगा।

जस्टिस महेश शरदचंद्र सोनक बने झारखंड HC के नए चीफ जस्टिस, पद एवं गोपनीयता की शपथ

रांची झारखंड हाईकोर्ट को नया मुख्य न्यायाधीश मिल गया है। लोकभवन में शुक्रवार को यहां आयोजित समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने जस्टिस महेश शरदचंद्र सोनक को झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पद की शपथ दिलाई। इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, झारखंड हाईकोर्ट के अन्य न्यायाधीश, महाधिवक्ता, स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ता, न्यायिक अधिकारी और राज्य सरकार के मंत्री उपस्थित रहे। समारोह के दौरान सभी गणमान्य लोगों ने नवनियुक्त मुख्य न्यायाधीश को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्य न्यायाधीश के रूप में जस्टिस महेश शरदचंद्र सोनक का कार्यकाल 28 नवंबर 2026 तक रहेगा। उनका स्थानांतरण बॉम्बे हाईकोर्ट से झारखंड हाईकोर्ट किया गया है। जस्टिस महेश शरदचंद्र सोनक को अक्टूबर 1988 में महाराष्ट्र एवं गोवा बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में नामांकित किया गया था। उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट की पणजी पीठ में सिविल एवं संवैधानिक कानून, श्रम एवं सेवा कानून, पर्यावरण कानून, वाणिज्यिक व कर कानून, कंपनी कानून तथा जनहित याचिकाओं के क्षेत्र में लंबे समय तक प्रभावी प्रैक्टिस की। अपने विधिक कैरियर के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के लिए अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ता, राज्य सरकार के लिए विशेष अधिवक्ता तथा विभिन्न निगमों को कानूनी सेवाएं प्रदान कीं। उनकी विधिक दक्षता और अनुभव को देखते हुए 21 जून 2013 को उन्हें बॉम्बे हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। जस्टिस सोनक का जन्म 28 नवंबर 1964 को हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गोवा के पणजी स्थित डॉन बॉस्को हाई स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद धेम्पे कॉलेज ऑफ आट्र्स एंड साइंस से बीएससी तथा एमएस कॉलेज ऑफ लॉ, पणजी से प्रथम श्रेणी में एलएलबी की डिग्री हासिल की। इसके अतिरिक्त उन्होंने जेवियर सेंटर ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च से पुर्तगाली भाषा में डिप्लोमा भी प्राप्त किया है।  

रायपुर: सुशासन सरकार में किसानों को मिल रहा हक और सम्मान, सुव्यवस्थित केंद्रों में धान बेचते हुए खिले चेहरे

रायपुर : सुशासन की सरकार में मिल रहा किसानों को हक और सम्मान, सुव्यवस्थित केंद्रों में धान बेचकर खिले किसानों के चेहरे रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व  में  प्रदेश सरकार की धान खरीदी की व्यवस्था और पारदर्शी नीति का लाभ अब सीधे किसानों तक पहुँच रहा है। इसी कड़ी में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम कुकुरदी के प्रगतिशील किसान मोहन लाल ध्रुव ने शासन की नीतियों की सराहना करते हुए इसे किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण का नया अध्याय बताया है। 3100 रुपए की दर और 21 क्विंटल खरीदी से बढ़ा उत्साह- किसान मोहन लाल ध्रुव ने बताया कि उनके पास 5 एकड़ कृषि भूमि है, जिस पर उन्होंने इस वर्ष बंपर पैदावार प्राप्त की है। उन्होंने उपार्जन केंद्र में अपना 70 क्विंटल धान सुगमता पूर्वक बेचा। ध्रुव ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि विष्णु सरकार द्वारा 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ की मान से धान की खरीदी की जा रही है, जो प्रदेश के इतिहास में किसानों के हित में लिया गया एक महत्वपूर्ण निर्णय है। व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर आए किसान- धान खरीदी केंद्रों पर की गई व्यवस्थाओं को लेकर किसान मोहन लाल ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्रों में किसानों के लिए छाया, पेयजल और सुव्यवस्थित तौल की व्यवस्था की गई है, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री का जताया आभार- अपनी खुशी साझा करते हुए मोहन लाल ध्रुव ने कहा, "आज किसानों को उनका हक और सम्मान दोनों मिल रहा है। विष्णु सरकार किसानों की वास्तविक चिंता करने वाली सरकार है। इस बेहतर व्यवस्था और लाभकारी मूल्य के लिए मैं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी का हृदय से बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूँ।" राज्य सरकार की इस नीति से न केवल किसानों की आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिल रही है।

एम.पी. ट्रांसको का बड़ा कदम, 40 एम.व्ही.ए. पॉवर ट्रांसफार्मर की साईट पर हुई मेजर रिपेयरिंग

एम.पी. ट्रांसको ने 40 एम.व्ही.ए. पॉवर ट्रांसफार्मर की साईट पर ही की मेजर रिपेयरिंग इन-हाउस तकनीकी क्षमता का बना उत्कृष्ट उदाहरण भोपाल एम.पी. पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) के इंजीनियर्स ने अपनी तकनीकी दक्षता, मटेरियल मैनैजमेंट और त्वरित निर्णय क्षमता का प्रभावी परिचय देते हुए 40 एम.व्ही.ए. क्षमता के एक अत्यधिक क्षतिग्रस्त पॉवर ट्रांसफार्मर की सब स्टेशन स्थल पर ही मेजर रिपेयरिंग कर उसे सफलतापूर्वक पुनः ऊर्जीकृत किया। इस प्रयास से कंपनी को संभावित आर्थिक नुकसान से तो बचाया जा सका, साथ ही रबी फसल के महत्वपूर्ण लोड सीजन के दौरान ट्रांसमिशन नेटवर्क में लंबे आउटेज की आशंका को भी समाप्त किया गया। मनगवां में क्षतिग्रस्त हुआ था ट्रांसफार्मर रीवा जिले के 132 के.व्ही. सब स्टेशन, मनगवां में स्थापित 40 एम.व्ही.ए. पॉवर ट्रांसफार्मर तकनीकी कारणों से आग लगने के चलते गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था। ट्रांसफार्मर निर्माता कंपनी के इंजीनियर द्वारा निरीक्षण के बाद यह अभिमत दिया गया कि ट्रांसफार्मर की साईट पर रिपेरिंग संभव नहीं है। इसे कंपनी के वर्कशॉप में भेजकर रिपेयरिंग कराना आवश्यक होगा। रबी सीजन के दौरान क्षेत्रीय ट्रांसमिशन नेटवर्क में 40 एम.व्ही.ए. क्षमता की महत्ता एवं स्थानीय ट्रांसमिशन नेटवर्क आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए एम.पी. ट्रांसको प्रबंधन द्वारा इसे साईट पर ही रिपेयर करने का निर्णय लिया गया। अधीक्षण अभियंता शर्मा की अगुवाई मुख्यालय जबलपुर वृत्त के अधीक्षण अभियंता आर.सी. शर्मा के मार्गदर्शन में साईट पर ही मेजर रिपेयरिंग के लिये विस्तृत तकनीकी कार्य योजना तैयार की गई। प्रदेश के विभिन्न स्थलों पर उपलब्ध ट्रांसफार्मर स्पेयर्स, जिनमें एच.वी./एल.वी. बुशिंग, प्रेशर रिलीफ डिवाइस, ऑयल वॉल्व, विभिन्न ओ-रिंग्स एवं गैस्केट्स (जो ट्रांसफार्मर में ऑयल लीकेज रोकने हेतु आवश्यक होती हैं), की त्वरित व्यवस्था सुनिश्चित की गई। जबलपुर के कार्यपालन अभियंता नरेन्द्र पटेल के साथ अधीक्षण अभियंता शर्मा द्वारा मनगवां में कैंप कर लगभग 15 दिनों में उच्च तकनीकी स्तर के रिपेयरिंग कार्यों को चरणबद्ध रूप से पूर्ण किया गया। इस दौरान क्षतिग्रस्त बुशिंग को डिस्मेंटल कर उनके स्थान पर लोकली मॉडीफाइड बुशिंग टरेट में फिटमेंट, ट्रांसफार्मर के टॉप कवर सहित विभिन्न पार्ट्स की गैस्केट रिप्लेसमेंट, आवश्यक प्री एवं पोस्ट-रिपेयर टेस्टिंग, ट्रांसफार्मर ऑयल फिल्ट्रेशन एवं अन्य प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक संपादित किया गया। रिपेरिंग और टेस्टिंग के उपरांत ट्रांसफार्मर को सुरक्षित रूप से पुनः सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत किया गया।  

गोवा में एक होटल में ठहरे Kartik Aaryan और मिस्ट्री गर्ल, फैंस ने लगाया नया कनेक्शन

मुंबई  कार्तिक आर्यन (Kartik Aaryan) हाल ही में गोवा में छुट्टियां बिताने गए थे। यहां से एक्टर ने इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर पोस्ट की थी जोकि किसी अन्य कारण से वायरल होने लगी। रेडिट यूजर्स ने दावा किया कि कार्तिक वहां किसी लड़की के साथ थे। फोटो में मैच हो रहा था बैकग्राउंड उनकी फोटो करीना कुबिलियुते नाम की एक लड़की की तस्वीर के बैकग्राउंड से मैच हो रही थी जिसकी उम्र 17 साल बताई जा रही है। दोनों इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को फॉलो भी करते हैं। हालांकि करीना ने तुरंत इस अफवाह का खंडन किया था। अब यूजर्स ने दोनों के साथ होने का एक और कारण ढूंढ़ लिया है। खबरें आ रही हैं कि दोनों एक ही होटल में ठहरे थे। गोवा में साथ मना रहे थे छुट्टियां यूजर्स ने दोनों तस्वीरों में एक जैसे बीच लाउंजर, मिलते-जुलते तौलिये के पैटर्न और यहां तक कि बैकग्राउंड में दिख रहे वॉलीबॉल कोर्ट में समानता दिखने के बाद ऐसा दावा किया। कई रेडिट यूजर्स ने अनुमान लगाया कि दोनों साथ में छुट्टियां मना रहे थे। यह भी दावा किया गया कि कार्तिक और करीना ने कुछ समय के लिए इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को फॉलो किया था, लेकिन जैसे ही अफवाहें तेज हुईं, उन्होंने एक-दूसरे को अनफॉलो कर दिया। बाद में करीना ने दी थी सफाई बढ़ती अटकलों के बीच, करीना ने भी अपने इंस्टाग्राम बायो को अपडेट करते हुए एक मैसेज लिखा और सफाई दी। उन्होंने लिखा, "मैं कार्तिक को नहीं जानती!" बाद में उन्होंने इसे अपडेट करते हुए लिखा, "मैं कार्तिक को नहीं जानती, मैं उनकी गर्लफ्रेंड नहीं हूं, मैं अपने परिवार के साथ छुट्टियां मना रही हूं।" इस सीधे-सादे स्पष्टीकरण का मकसद पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर छाई डेटिंग की अटकलों को खत्म करना था। हालांकि बाद में उन्होंने इसे डिलीट कर दिया।