samacharsecretary.com

साल 2026 में हरियाणा के 17 प्रमुख IAS, IPS अधिकारी होंगे रिटायर, मुख्य सचिव का भी नाम शामिल

चंडीगढ़  हरियाणा में नौकरशाही संकट और गहरा जाएगा, जो पहले से ही कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। इस साल हरियाणा सरकार में हरियाणा सरकार में 13 IAS और 4 IPS अधिकारियों सहित 17 टॉप अधिकारी रिटायर होने जा रहे हैं। रिटायर होने वाले प्रमुख अधिकारियों में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी शामिल हैं, जिन्हें एक साल का सेवा विस्तार दिया गया है, हरियाणा के सीएम के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता और पूर्व DGP शत्रुजीत सिंह कपूर (1990 बैच), जो सरकार की ग्रेडेशन सूची के अनुसार 31 अक्टूबर को रिटायर हो रहे हैं। कपूर वर्तमान में हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन हैं। इस साल रिटायर होने वाले अन्य IPS अधिकारी संजीव कुमार जैन (1991 बैच), जो 30 सितंबर को रिटायर हो रहे हैं, हरदीप सिंह डून (1998 बैच), जो 31 मई को रिटायर हो रहे हैं और डॉ. राजश्री सिंह (1999 बैच), जो 31 जुलाई को रिटायर हो रही हैं। सबसे सीनियर IAS अधिकारी सुधीर राजपाल (1990 बैच), अतिरिक्त मुख्य सचिव राजा शेखर वुंडरू (1990 बैच), अभिलक्ष लिखी (1991 बैच), भारत सरकार के सचिव और डी सुरेश (1995 बैच), प्रधान सचिव रिटायरमेंट सूची में अन्य IAS अधिकारी हैं। वहीं अनुराग रस्तोगी 30 जून को, वुंडरू 31 जुलाई को और डी सुरेश 31 अगस्त को रिटायर होने वाले हैं, गुप्ता 30 सितंबर को और लिखी 30 नवंबर को रिटायर होंगे। अन्य में मुकेश कुमार आहूजा (2009) 31 मार्च को, जसबीर आर्य (2009) 30 अप्रैल को, वीरेंद्र लाठर (2014) 30 अप्रैल को, प्रदीप कुमार (2011) 30 जून को, अनीता यादव (2004) 30 सितंबर को, संजय जून (2003) 31 अक्टूबर को, और गीता भारती (2005) 30 नवंबर को रिटायर होंगे।

हरियाणा के मुख्य सचिव अस्पताल में भर्ती, सीने में दर्द के बाद जांच शुरू; पूरन कुमार सुसाइड केस में रस्तोगी का नाम सामने आया

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की देर रात अचानक तबियत बिगड़ गई। देर रात उनके सीने में दर्द हुआ जिसके बाद उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज किया जा रहा है। रस्तोगी 1990 बैच के आईएएस अफसर हैं। सीने में दर्द उठने पर अस्पताल में भर्ती कराया; IPS पूरन कुमार सुसाइड केस में भी रस्तोगी का नामहरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की देर रात अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें सीने में दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें तुरंत मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए है और उनका इलाज जारी है।अस्पताल सूत्रों के अनुसार, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी को इमरजेंसी सेवा में भर्ती किया गया है। सर्जन डॉ पीएस महंत उनका इलाज कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि आज उनकी हार्ट सर्जरी होनी है। बता दें कि अनुराग रस्तोगी 1990 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने हरियाणा सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। वर्तमान में मुख्य सचिव के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। उनका रिटायरमेंट 30 जून 2025 को निर्धारित था, लेकिन राज्य सरकार ने उनके कार्यकाल को एक साल के लिए बढ़ाते हुए 30 जून 2026 तक एक्सटेंड कर दिया है।मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के रहने वाले हैं। यहां उनका एक आम का बाग है, जो विरासत में मिला है। इसके अलावा कुछ बड़े भाई से उपहार में मिला है। हरियाणा के पंचकुला और गुरुग्राम में आवासीय फ्लैट हैं। ये जानकारी मुख्य सचिव की ओर से अप्रैल 2025 में केंद्र सरकार के पोर्टल पर दी गई थी।मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी से जुड़ी कुछ बातें. ..1990 बैच के आईएएस हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी का 60 साल के हो चुके हैं। पिछले साल 30 जून को उन्होंने 60वां जन्मदिन मनाया था। वह सूबे के पहले ऐसे आईएएस हैं, जिन्हें दो बार प्रदेश का मुख्य सचिव बनने का मौका मिला है। केंद्र सरकार ने उन्हें राज्य सरकार की सिफारिश पर एक साल की एक्सटेंशन दी है। इस एक्सटेंशन में उन्हें केंद्र सरकार के सर्विस रूल-थ्री का फायदा मिला है। 19 जून को इस संबंध में केंद्र सरकार ने हरियाणा सरकार को अपनी स्वीकृति का लेटर भेजा था, जिसके बाद प्रदेश सरकार द्वारा इस बारे में 20 जून को आदेश जारी किए थे।मुख्य सचिव बनने से पहले आईएएस अनुराग रस्तोगी वित्त आयुक्त, राजस्व और अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत थे। 31 अक्टूबर 2024 को टीवीएसएन प्रसाद के सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने 3 दिनों तक मुख्य सचिव के रूप में कार्य किया था। हालांकि जोशी को मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था, लेकिन सरकार ने यह कार्यभार रस्तोगी को तब तक के लिए सौंप दिया था, जब तक जोशी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर थे। 4 नवंबर, 2024 को जोशी ने कार्यभार ग्रहण किया था। रस्तोगी का मुख्य सचिव के पद पर ये दूसरा कार्यकाल है।प्रदेश में मुख्य सचिव बनने की रेस में सीनियॉरिटी के हिसाब से सबसे आगे सुधीर राजपाल थे, जबकि, नंबर 2 पर सुमिता मिश्रा थीं। मगर, हरियाणा सरकार ने इन दोनों की सीनियॉरिटी को दरकिनार कर रस्तोगी को मुख्य सचिव बनाया था। दो साल पहले जब सीनियॉरिटी का मुद्दा उठा था, तब सुधीर और सुमिता को लेकर बाहरी कैडर का होने की बात कही गई थी। इसके बाद सरकार ने सीनियॉरिटी को दरकिनार कर अनुराग रस्तोगी को मुख्य सचिव की कमान दी। रियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी दिवंगत आईपीएस वाई पूरन कुमार की आईएएस पत्नी अमनीत पी कुमार के घर जाते हुए। फाइल फोटो।हरियाणा के सीनियर आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार के सुसाइड केस में भी मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी का नाम है। इस मामले में जांच कर रही विशेष जांच टीम चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी को जांच में शामिल कर चुकी है। तीन दिन पहले भी टीम ने एक घंटे तक सचिवालय में रहकर मुख्य सचिव से पूछताछ की थी। एसआईटी ने उनसे पूरन कुमार द्वारा लगाए गए आरोपों और सुसाइड नोट में दर्ज तथ्यों को लेकर विस्तार से पूछताछ की। हालांकि अभी तक इस मामले में मुख्य सचिव की ओर से कोई जानकारी या बयान साझा नहीं किया गया है।हरियाणा चीफ सेक्रेटरी से IPS सुसाइड केस में पूछताछ:सचिवालय में 1 घंटे तक रही चंडीगढ़ SIT; एसएसपी ने पूछे कई सवाल, डॉक्यूमेंट मांगे हरियाणा IPS वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में चंडीगढ़ पुलिस की SIT की जांच जारी है। सोमवार देर शाम इस मामले की जांच कर रही चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी टीम सिविल सचिवालय पहुंची। जहां एक घंटे से अधिक समय तक हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी से पूछताछ की। दिवंगत आईपीएस के सुसाइड नोट में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी का भी नाम है।मथुरा में ओले गिरे, गाजियाबाद- नोएडा में बूंदाबांदीश्रीगंगानगर में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री दर्जगुरुग्राम में हल्की बारिश के साथ बढ़ी ठंडमेरठ में छाया घना कोहरा, विजिबिलटी 50 मीटरकानपुर में ठंड में प्रशासन ने कंबल बांटे

हरियाणा भाजपा अध्यक्ष रॉकी मित्तल को कोर्ट से मिली राहत, कथित दुष्कर्म मामले में पीड़िता की याचिका रद्द

कसौली  हरियाणा के भाजपा अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली और सिंगर रॉकी मित्तल को कथित दुष्कर्म केस में कसौली कोर्ट ने राहत दी है। कोर्ट ने दुष्कर्म मामले की पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है और पीड़िता के केस रि-ओपन करने के याचिका को रद्द कर दिया। सबूत के अभाव से न्यायालय ने वीरवार को यह फैसला सुनाया। इसमें न्यायाधीश ने पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को सही मानते हुए केस को बंद कर दिया। हालांकि, अब पीड़िता दोबारा से अपील कर सकती है। इससे पहले मामले में 31 दिसंबर 2025 को बहस हुई थी। दोनों पक्षों के वकीलों ने इसमें अपनी-अपनी बहस की। वहीं न्यायाधीश ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस पर वीरवार को न्यायालय ने फैसला पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट के पक्ष में दे दिया। कसौली पुलिस ने दो माह से अधिक समय तक इस केस की जांच की थी लेकिन सबूत नहीं मिले। पीड़िता ने अपना मेडिकल करवाने से भी इनकार कर दिया था। पुराना मामला होने के कारण पुलिस को केस में न तो सीसीटीवी फुटेज मिल पाई और न ही कोई ठोस सबूत। कसौली कोर्ट इस केस में पहले भी 12 मार्च 2025 को पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर चुकी है, लेकिन तब पीड़िता ने सोलन की जिला अदालत में रिवीजन पिटीशन डालकर चुनौती दी थी। जिला अदालत के आदेशों पर कसौली कोर्ट ने दोबारा क्लोजर रिपोर्ट पर सुनवाई की। दो साल पुराना है मामला बड़ौली और रॉकी मित्तल के खिलाफ पीड़िता ने 13 दिसंबर 2024 को कसौली पुलिस थाने में गैंगरेप का मामला दर्ज करवाया था। हालांकि, इसकी जानकारी 14 जनवरी 2025 को सामने आई। पीड़िता के अनुसार उसके साथ गैंगरेप 23 जुलाई 2024 को किया गया था। पीड़िता ने बताया था कि वह दोस्तों के साथ कसौली घूमने आई थी, इसी दौरान होटल में बड़ौली और रॉकी ने उसे जबरन शराब पिलाई और सहेली के सामने ही गैंगरेप किया। इसके बाद मारने की धमकी दी। फिर पंचकूला में बुलाकर झूठे केस में फंसाने की भी कोशिश की। 

हरमनप्रीत कौर का बड़ा बयान: WPL ने बदली टीम इंडिया की सोच, अब और खिताबों पर नजर

नई दिल्ली भारत और मुंबई इंडियंस की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा है कि भारत सिर्फ एक विश्व कप जीत से संतुष्ट नहीं है। वहीं रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की कप्तान और भारतीय उपकप्तान स्मृति मंधाना ने कहा कि उनका अगला लक्ष्य टी20 विश्व कप 2026 है और डब्ल्यूपीएल उस लक्ष्य तक पहुंचने का एक अहम रास्ता है।   दोनों ने डब्ल्यूपीएल 2026 के उद्घाटन मैच से पहले बताया कि आने वाला यह सीजन किस तरह वनडे चैंपियन को टी20 विश्व कप चैंपियन बनने में मदद कर सकता है। मंधाना ने कहा, 'अगर हम टी20 विश्व कप जीतते हैं, तो बहुत बढ़िया होगा। हमने वनडे विश्व कप जीता है, लेकिन टीम में अभी भी बहुत सी चीज़ें हैं, जिन पर हमें काम करना है। हम सच में ऐसा समय चाहते हैं, जब हम कह सकें कि 'हां हम दुनिया की सबसे बेहतरीन टीम हैं।' मुझे लगता है कि हमें अभी भी बहुत सुधार करना है। मुझे पूरा भरोसा है कि डब्ल्यूपीएल इस अंतर को आने वाले सालों में कम करेगा। जब भी हम भारत के लिए खेलते हैं, हम हमेशा बात करते हैं कि हम सिर्फ़ एक या दो टूर्नामेंट के लिए नहीं, बल्कि पूरे साल दुनिया की सबसे बेहतरीन टीम बनना चाहते हैं। मैं सोचती हूं कि हर डब्ल्यूपीएल हमें उस लक्ष्य के और करीब ले जा रहा है। स्मृति मंधाना ने आगे कहा, ‘वनडे विश्व कप जीते हुए डेढ़ महीना ही हुआ है और डब्ल्यूपीएल उसी लय को आगे बढ़ाएगा। डब्ल्यूपीएल में लौटना हमेशा रोमांचक रहता है क्योंकि घरेलू खिलाड़ी, विदेशी खिलाड़ियों के साथ खेलते हैं और यह अनुभव महिला क्रिकेट के लिए बहुत अच्छा है। तो मुझे भरोसा है कि डब्ल्यूपीएल उस मोमेंटम को आगे ले जाएगा, जो हमें विश्व कप ने दिया और उम्मीद है कि यह हमेशा ऐसे ही चलता रहे।’ वहीं हरमनप्रीत कौर ने कहा कि उन्हें यह देखकर ख़ुशी है कि भारतीय टीम में आ रही युवा खिलाड़ी, सीनियर खिलाड़ियों के लक्ष्य से जुड़ी हुई हैं और इसका श्रेय डब्ल्यूपीएल को जाता है, जिसने ‘जीतने वाली सोच’ दी है। उन्होंने कहा, ‘हम सिर्फ़ एक विश्व कप से संतुष्ट नहीं हैं। हमारे पास इस साल और अगले दो-तीन साल में बहुत क्रिकेट है। हर बार जब हम मैदान पर जाते हैं, तो हम सबसे बेहतरीन माइंडसेट के साथ जाना चाहते हैं और वही माइंडसेट हमारे लिए सबसे जरूरी है।’ भारतीय कप्तान ने कहा, ‘अच्छी बात यह है कि सिर्फ़ हम ही नहीं, बल्कि बाक़ी खिलाड़ी भी यही सोचते और बोलते हैं कि हम हमेशा चैंपियन बनना चाहते हैं। इससे दिखता है कि डब्ल्यूपीएल ने हम पर कितना बड़ा असर डाला है।’ हरमनप्रीत ने यह भी समझाया कि यह टूर्नामेंट युवा खिलाड़ियों को दबाव में खेलने के लिए कैसे तैयार करता है। उन्होंने कहा, ‘अब खिलाड़ी अपने कंफ़र्ट ज़ोन में नहीं हैं। वे बहुत मेहनत कर रहे हैं। वे विदेशी खिलाड़ियों के साथ और ख़िलाफ़ खेल रहे हैं, तो वे उनसे बहुत कुछ सीख रहे हैं। अब वह गैप नहीं है, जो पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में महसूस होता था। मुझे लगता है डब्ल्यूपीएल ने हमारी क्रिकेट पर बहुत बड़ा असर डाला है। टीम के तौर पर हमें ख़ुशी है कि हम बड़े लक्ष्य स्थापित कर रहे हैं।’ इंग्लैंड में टी20 विश्व कप शुरू होने में छह महीने से भी कम समय बचा है, ऐसे में मंधाना ने बताया कि डब्ल्यूपीएल उन खिलाड़ियों के लिए मौक़ा है जो अभी भारतीय टीम में नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘जब डब्ल्यूपीएल में नई प्रतिभाएं उभरकर सामने आती हैं, तो यह बहुत रोमांचक होता है। मैं कभी नहीं कहूंगी कि दरवाजे बंद हैं और यहां से किसी को कुछ नहीं मिलेगा। अगर कोई खिलाड़ी बहुत शानदार प्रदर्शन करता है, तो टी20 विश्व कप का मौका जरूर बनता है। वह (हरमनप्रीत) भी इससे सहमत होंगी। लेकिन यह भी देखना होगा कि वह खिलाड़ी कहां फ़िट बैठती है। लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि अगर किसी ने डब्ल्यूपीएल में अच्छा खेला तो हमेशा मौक़ा रहता है।’  

सीएम सैनी का अहम कदम, ज्ञान सेतु MoU एक्सचेंज में भाग लिया और नीव पोर्टल किया लॉन्च

 पंचकूला  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने देश की शिक्षा प्रणाली को 21वीं सदी की जरूरतों के अनुरूप ढालने की स्पष्ट रूपरेखा दी है, लेकिन किसी भी नीति की सफलता उसके समयबद्ध क्रियान्वयन पर निर्भर करती है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए नीव पोर्टल को विकसित किया गया है। नीव पोर्टल एक इंटेलिजेंट, डेटा-ड्रिवन डिसीजन सपोर्ट सिस्टम है, जो नीति निर्माण और संस्थागत क्रियान्वयन के बीच की दूरी को समाप्त करता है।  मुख्यमंत्री  पंचकूला में आयोजित एमओयू एक्सचेंज कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नीव पोर्टल का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रत्येक प्रावधान का वास्तविक, निष्पक्ष और सतत मूल्यांकन हो सके। यह पोर्टल रियल-टाइम डेटा, प्रदर्शन संकेतकों और भविष्यसूचक विश्लेषण के माध्यम से शिक्षा प्रणाली की निरंतर निगरानी करता है। इससे यह स्पष्ट रूप से पता चलता है कि कौन-सी संस्थाएं नीति के अनुरूप आगे बढ़ रही हैं और कहां सुधार की जरूरत है। इस प्रकार यह पोर्टल केवल निगरानी का साधन नहीं, बल्कि समय रहते सुधार और दिशा-निर्देशन का प्रभावी माध्यम है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले चरण में नीव पोर्टल को विश्वविद्यालयों में लागू किया जा रहा है। इसके बाद महाविद्यालयों और आगे चलकर स्कूलों तथा अन्य शैक्षणिक संस्थानों तक इसका विस्तार किया जाएगा। इस क्रमबद्ध विस्तार से शिक्षण संस्थानों में एकरूपता, गुणवत्ता और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रति तत्परता सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक एक ऐसा शिक्षा तंत्र विकसित करना है, जो वैश्विक मानकों पर खरा उतरे। नीव पोर्टल के माध्यम से 2047 तक सभी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों में शत-प्रतिशत राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 अनुपालन की डिजिटल ट्रैकिंग संभव होगी। इससे संस्थागत गुणवत्ता संकेतकों में सुधार होगा। रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित होगी। साथ ही, साक्ष्य-आधारित बजट एवं नीति निर्माण सुनिश्चित किया जा सकेगा।  एमओयू के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 'ज्ञान सेतु' पहल के तहत स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट और राज्य के लगभग 28 प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के बीच समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया है। इसका उद्देश्य अकादमिक ज्ञान को वास्तविक प्रशासनिक और सामाजिक चुनौतियों से जोड़ना है, ताकि शोध केवल पुस्तकों तक सीमित न रहकर समाज और शासन की समस्याओं का समाधान बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सहयोगों के माध्यम से राज्य सरकार की प्राथमिक योजनाओं और कार्यक्रमों का इम्पैक्ट इवेल्यूएशन के साथ-साथ क्षमता-निर्माण कार्यक्रम तथा छात्रों के लिए इंटर्नशिप व फील्ड एंगेजमेंट को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे नीति निर्माण अधिक सशक्त होगा और युवा प्रतिभाओं को वास्तविक प्रशासनिक अनुभव भी प्राप्त होगा। 

भोपाल ग्रामीण के 12 हजार 785 उपभोक्‍ताओं को दिसंबर माह में 15 लाख 76 हजार की छूट

भोपाल मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र के अंतर्गत 4 लाख 29 हजार 935 स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को उनके मासिक विद्युत बिल में टाइम ऑफ डे (ToD) छूट का लाभ प्रदान करते हुए दिसंबर 2025 में कुल 2 करोड़ 71 लाख 72 हजार की रियायत प्रदान की गई है। इसमें भोपाल ग्रामीण वृत्‍त के 12 हजार 785 उपभोक्‍ताओं को 15 लाख 76 हजार रूपए की दिन के टैरिफ में छूट मिली है। कंपनी द्वारा स्‍मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को उनकी खपत के आधार पर टाइम ऑफ डे (ToD) छूट के तहत यह रियायत प्रदान की गई है।  

नर्मदापुरम में बनेगा सिक्योरिटी पेपर, 1788 करोड़ के निवेश से करारे नोटों के कागज तैयार होंगे

नर्मदापुरम  मध्य प्रदेश का नर्मदापुरम अब नोटों के कागज बनाने के मामले में पूरे देश में नई पहचान दर्ज कराएगा. भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने नर्मदापुरम की सिक्योरिटी पेपर मिल (SPM) यानि प्रतिभूति कागज कारखाना के आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए कुल 1788 करोड़ रुपये की राशि को संसद में मंजूर किया है. इस राशि से SPM में पूरे कागज कारखाने का अपग्रेडेशन होगा. वहीं नोटों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए नई मशीन भी लगाई जायेगी. लंबे समय से उठ रही थी मांग नर्मदापुरम नरसिंहपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से नर्मदापुरम के प्रतिभूति कागज कारखाना के आधुनिकीकरण और विस्तार की मांग उठाई थी. उन्होंने इस बात को लोकसभा में वित्त मंत्रालय के समक्ष भी उठाया था. लंबे समय से इसकी मांग चल रही थी. इसी मांग के चलते केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की सहमति के बाद अब SPM नर्मदापुरम के विकास और नई पेपर मशीन की स्थापना की मांग को देखते हुए वित्त मंत्रालय ने SPM के आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए 1788 करोड़ की राशि स्वीकृत कर दी. इस राशि का उपयोग कारखाने की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने और बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने के लिए होगा. इस परियोजना से SPM का विकास होगा, जिसका उद्देश्य देश में बैंक नोटों और अन्य सुरक्षा-संबंधित कागजात की बढ़ती मांग को पूरा करना है. जो क्षेत्र के औद्योगिक विकास और रोजगार की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी. देश को करारे नोटों का कागज देता है मध्य प्रदेश का मिल जिन करारे रंगीन करेंसी को लेकर लोग इतराते फिरते हैं वो मध्य प्रदेश की एक खास मिल से निकलती है. यहां के जैसा पेपर देश की कोई भी मिल में जेनेरेट नहीं हो पाती. खासियत ऐसी की जानकर चौक जाएंगे. यह पेपर जो बाद में नोट में तब्दील हो जाते हैं इन्हे बनाने के लिए रुई है. जी हां कॉटन और गोंद के बेहतरीन ब्लेंड से तैयार होते हैं भारतीय नोट. ये नोट हमारे और आपके घर की ही नहीं बल्की देश की इकॉनमी रन करते हैं. क्या है नोटों वाले कॉटन के पेपर की खासियत भारतीय रिजर्व बैंक के इन नोटों वाले पेपर की खूबी ऐसी है कि इन पर पानी को अपना रंग दिखाने में लंबा वक्त लगता है. भीगने के बाद भी ये तत्काल नहीं गलता. पसीने का तो इन पर कोई बड़ा असर नहीं होता. बिना मिलावट वाला शुद्ध कॉटन ही इस कागज और साथ ही नोट को वो रुप देता है जिससे इसमें सारी खासियतें आती हैं और ये बेहद टिकाऊ बन जाते हैं. कब से तैयार हो रहा नर्मदापुरम में करारे नोटों का कागज मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिसे अब नर्मदापुरम कहते हैं वहां 1967 में करेंसी नोट के लिए कागज तैयार करने का काम शुरु हुआ. इसके लिए पहला कारखाना खोला गया. अब यहां सरकार नए सिरे से इंवेस्टमेंट कर रही है. यहां अब 1788 करोड़ रुपए का इंवेस्टमेंट किया जा रहा है. यही वो कारखाना है जिसमें देश की विदेशी कागज पर नोटों की निर्भरता खत्म की थी. SPMCIL की प्रमुख इकाई है SPM नर्मदापुरम का प्रतिभूति कागज कारखाना भारत प्रतिभूति मुद्रण तथा मुद्रा निर्माण निगम लिमिटेड (SPMCIL) की एक प्रमुख इकाई है, जो देश की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील कागज आवश्यकताओं की पूर्ति करती है. यहां वर्तमान में संचालित पुरानी मशीनों के स्थान पर नवीन अत्याधुनिक पेपर मशीन की स्थापना से उत्पादन क्षमता, गुणवत्ता और आत्मनिर्भरता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी. इस परियोजना से न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा सुदृढ़ होगी, बल्कि नर्मदापुरम क्षेत्र में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन, औद्योगिक सुदृढ़ीकरण, स्थानीय युवाओं को तकनीकी अवसर तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी. इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा केंद्रीय मंत्रिमंडल एवं शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया गया है. सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने कहा कि, ''यह निर्णय नर्मदापुरम को औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाने वाला सिद्ध होगा.''  नर्मदापुरम के प्रतिभूति कागज कारखाना के PRO संजय भावसार ने जानकारी देते हुए बताया कि, ''इस यूनिट की स्थापना के लिए कैबिनेट से स्वीकृति मिल गई है. इस बारे में अभी हमारे यहां अभी विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है. इस यूनिट की स्थापना होने से SPM के साथ ही क्षेत्र और देश के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि रहेगी.'' 1967 में हुई थी स्थापना की शुरुआत SPM, भारत का प्रमुख औद्योगिक संस्थान है, यह भारत प्रतिभूति मुद्रण तथा मुद्रा निर्माण निगम लिमिटेड (SPMCIL) की एक इकाई है. जो भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अंतर्गत काम करता है. इसकी स्थापना औपचारिक शुरुआत 9 मार्च 1967 को तत्कालीन भारत के उप प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई द्वारा की गई थी. इसमें उत्पादन कार्य 1968 में प्रारंभ हुआ. इस कारखाने का मुख्य कार्य बैंक नोटों के लिए उच्च सुरक्षा वाले कागज, गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर और पासपोर्ट के लिए कागज का निर्माण करना है. यहां उत्पादित कागज का उपयोग देवास (BNP) और नासिक (CNP) के करेंसी नोट प्रेस द्वारा नोट छापने के लिए किया जाता है. यह वित्त मंत्रालय, भारत सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत गैर-वाणिज्यिक उपक्रम के रूप में अधिसूचित किया गया था. यह एक भारत की उच्च गुणवत्ता वाले बैंक नोट और अन्य सुरक्षा कागजात बनाने का काम करती है. 2006 में निगमीकरण के समय यह एसपीएमसीआईएल की एक इकाई बन गई. 

योगी सरकार का बड़ा कदम, एक्सपोर्ट प्रमोशन ब्यूरो व वालमार्ट के बीच हुआ एमओयू

यूपी के एमएसएमई को ग्लोबल मार्केट से जोड़ेगा वालमार्ट वृद्धि कार्यक्रम योगी सरकार का बड़ा कदम, एक्सपोर्ट प्रमोशन ब्यूरो व वालमार्ट के बीच हुआ एमओयू प्रदेश के एमएसएमई को डिजिटल, ई-कॉमर्स और निर्यात प्रतिस्पर्धा के लिए किया जाएगा तैयार एमओयू तीन साल तक होगा प्रभावी, आपसी सहमति से बढ़ेगा कार्यकाल डिजिटल ऑनबोर्डिंग, ई-कॉमर्स और ग्लोबल वैल्यू चेन में जोड़ा जाएगा एमएसएमई लखनऊ, उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। एक्सपोर्ट प्रमोशन ब्यूरो (EPB), MSME एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार और वॉलमार्ट इंक के बीच, वॉलमार्ट वृद्धि सप्लायर डेवलपमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत, आइडियाज टू इंपैक्ट फाउंडेशन के माध्यम से एक रणनीतिक, गैर-वित्तीय एमओयू हस्ताक्षरित किया गया। यह समझौता तीन वर्षों तक प्रभावी रहेगा और आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकता है। इस सहयोग के तहत प्रदेश के एमएसएमई को डिजिटल सशक्तिकरण, ई-कॉमर्स रेडीनेस, पैकेजिंग, क्वालिटी, सर्टिफिकेशन और मार्केट एक्सेस के क्षेत्रों में क्षमता-वृद्धि प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। उद्यमियों को मिलेगा फ्री-ऑफ-कॉस्ट प्रशिक्षण एवं मेंटरशिप इस एमओयू का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के एमएसएमई को राष्ट्रीय एवं वैश्विक वैल्यू चेन से जोड़कर निर्यात में वृद्धि और रोजगार सृजन को गति देना है। वॉलमार्ट वृद्धि के तहत उद्यमियों को फ्री-ऑफ-कॉस्ट प्रशिक्षण एवं मेंटरशिप प्रदान की जाएगी और उन्हें घरेलू तथा सीमा-पार ई-कॉमर्स व्यापार में भागीदारी हेतु तैयार किया जाएगा। प्रदेश के निर्यातकों की वैश्विक बाजार में प्रवेश बाधाएं कम होंगी योगी सरकार द्वारा लागू उत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025–30 में ई-कॉमर्स निर्यात पर विशेष बल दिया गया है। इसके अंतर्गत ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर पहली बार लिस्टिंग के लिए राज्य सरकार द्वारा एकमुश्त 75% शुल्क, अधिकतम तीन लाख रुपए तक का प्रोत्साहन प्रदान किया जा रहा है। इससे प्रदेश के निर्यातकों को वैश्विक बाजार में प्रवेश बाधाएं कम होंगी। नए अवसर, नए बाजार और नई संभावनाएं खोलेगी साझेदारी हस्ताक्षर समारोह में एडिशनल चीफ सेक्रेटरी अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, MSME एवं निर्यात प्रोत्साहन, एनआरआई विभाग आलोक कुमार सहित वॉलमार्ट, फ्लिपकार्ट और EPB के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर आलोक कुमार ने कहा कि योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज देश का उभरता हुआ निर्यात और ई-कॉमर्स हब बन रहा है। MSME हमारे राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इस कार्यक्रम के साथ यह साझेदारी उनके लिए नए अवसर, नए बाजार और नई संभावनाएं खोलेगी।

महिला प्रीमियर लीग सीजन-4 शुरू, आज आमने-सामने होंगी RCB और MI

नई दिल्ली   मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच विमेंस प्रीमियर लीग 2026 का पहला मुकाबला शुक्रवार को खेला जाएगा। चौथे सीजन की शुरुआत टूर्नामेंट की दो सबसे सफल टीमों के बीच नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में होने वाले मुकाबले से होगी। मुंबई इंडियंस की टीम ने दो बार खिताब जीता है, जबकि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम ने 2024 में ट्रॉफी अपने नाम की थी। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की कमान स्मृति मंधाना के हाथों में हैं, जबकि मुंबई इंडियंस के लिए हरमनप्रीत कौर जिम्मेदारी संभालेंगी। WPL 2026 ओपनिंग मैच रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु महिला टीम (स्क्वॉड): स्मृति मंधाना (कप्तान), जॉर्जिया वोल, गौतमी नाइक, ग्रेस हैरिस, ऋचा घोष (विकेटकीपर), नादिन डी क्लर्क, पूजा वस्त्राकर, राधा यादव, श्रेयंका पाटिल, अरुंधति रेड्डी, लॉरेन बेल, कुमार प्रत्यूषा, सयाली सतघरे, प्रेमा रावत, दयालन हेमलता, लिन्से स्मिथमुंबई इंडियंस महिला टीम (स्क्वॉड): मुंबई इंडियंस महिला- हेली मैथ्यूज, जी कमलिनी (विकेटकीपर), नेट साइवर-ब्रंट, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), अमेलिया केर, अमनजोत कौर, सजीवन सजना, पूनम खेमनार, संस्कृति गुप्ता, शबनीम इस्माइल, त्रिवेणी वसिष्ठ, नल्ला रेड्डी, रहीला फिरदौस, मिली इलिंगवर्थ, साइका इशाक, निकोला केरी मुंबई इंडियंस स्क्वॉड MI vs RCB WPL live score: हेली मैथ्यूज, जी कमलिनी (विकेटकीपर), नेट साइवर-ब्रंट, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), अमेलिया केर, अमनजोत कौर, सजीवन सजना, पूनम खेमनार, संस्कृति गुप्ता, शबनीम इस्माइल, त्रिवेणी वसिष्ठ, नल्ला रेड्डी, रहीला फिरदौस, मिली इलिंगवर्थ, साइका इशाक, निकोला केरी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु महिला स्क्वॉड स्मृति मंधाना (कप्तान), जॉर्जिया वोल, गौतमी नाइक, ग्रेस हैरिस, ऋचा घोष (विकेटकीपर), नादिन डी क्लर्क, पूजा वस्त्राकर, राधा यादव, श्रेयंका पाटिल, अरुंधति रेड्डी, लॉरेन बेल, कुमार प्रत्यूषा, सयाली सतघरे, प्रेमा रावत, दयालन हेमलता, लिन्से स्मिथमुंबई इंडियंस महिला टीम (स्क्वॉड): मुंबई इंडियंस वर्सेस रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच महिला प्रीमियर लीग 2026 का पहला मुकाबला खेला जाएगा। चौथे सीजन का पहला मैच नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में होगा।

पंजाब शिक्षा विभाग का बड़ा कदम, अब RTE के तहत गरीब बच्चों को मिलेगा प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन

लुधियाना : पंजाब में अब गरीब बच्चों के लिए प्राइवेट स्कूलों में दाखिला मिलना आसान हो गया है। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद शिक्षा विभाग ने प्राइवेट स्कूलों में गरीब बच्चों को एडमिशन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कदम से राज्य के उन बच्चों को फायदा होगा जो शिक्षा के अवसरों से वंचित थे। पंजाब के सभी प्राइवेट स्कूलों के प्रिंसिपल्स को 12 जनवरी तक विभाग की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करवाने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के बाद गरीब बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन दिलवाने का काम विभाग करेगा। राइट टू एजुकेशन एक्ट के तहत प्राइवेट स्कूलों को अपनी 25 प्रतिशत सीटें गरीब बच्चों के लिए रिजर्व रखनी होती हैं। इन रिजर्व सीटों पर बच्चों का दाखिला शिक्षा विभाग की ओर से भेजे गए सिफारिशों के आधार पर होगा। इससे सुनिश्चित किया जाएगा कि गरीब बच्चों को सही तरीके से सरकारी सुविधाएं मिल सकें। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने फरवरी 2025 में आदेश दिए थे कि प्राइवेट स्कूलों को गरीब बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटें रिजर्व रखनी होंगी। मार्च 2025 में शिक्षा विभाग ने इस आदेश के तहत सभी प्राइवेट स्कूलों को निर्देश दिए थे कि वे गरीब बच्चों के लिए सीटें खाली रखें। हालांकि, शिक्षा सत्र शुरू होने के करीब 10 महीने बाद भी प्राइवेट स्कूलों में किसी भी गरीब बच्चे का एडमिशन नहीं हो सका और रिजर्व सीटें खाली पड़ी रहीं। वहीं पंजाब में 7806 गैर-वित्तीय सहायता प्राप्त प्राइवेट स्कूल हैं। हर स्कूल में एंट्री लेवल पर लगभग 12 सीटें रिजर्व रखनी होती हैं। सीबीएसई और आईसीएसई स्कूलों में कई सेक्शन होते हैं, और इस तरह से अनुमान है कि करीब 1 लाख गरीब बच्चे प्राइवेट स्कूलों में दाखिला लेने से वंचित रह गए हैं। स्कूल संघ पंजाब के को-ऑर्डिनेटर राजेश नागर ने कहा कि सरकार को आरटीई के तहत रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शिक्षा सत्र की शुरुआत में ही पूरी करनी चाहिए थी, ताकि बच्चों को समय पर शिक्षा मिल सके। वहीं, स्कूल संघ पंजाब के महासचिव भुवनेश भट्ट ने यह भी कहा कि शिक्षा विभाग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जो बच्चे आरटीई के तहत एडमिशन लें, उन्हें समय पर किताबें, वर्दी और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध करवाई जाए, ताकि उनकी पढ़ाई में कोई रुकावट न आए। शिक्षा विभाग भेजेगा प्राइवेट स्कूलों में गरीब विद्यार्थी राइट टू एजुकेशन एक्ट के तहत गरीब विद्यार्थियों के सरकारी स्कूलों में 25 फीसदी सीटें रिजर्व रखनी होती हैं। रिजर्व सीटों पर दाखिले के लिए बच्चे शिक्षा विभाग की तरफ से रिकमंड किए जाने हैं ताकि विभाग के पास दाखिल करवाए गए बच्चों का रिकार्ड रहे और उनको विभागीय सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सके। मार्च में दिए थे 25 प्रतिशत सीट खाली रखने के आदेश फरवरी 2025 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद शिक्षा विभाग ने मार्च 2025 में प्राइवेट स्कूलों को आदेश दिए थे कि वो गरीब बच्चों के एडमिशन के लिए 25 प्रतिशत सीट खाली रखें। विभाग के आदेश पर प्राइवेट स्कूलों ने सीटें खाली रखी लेकिन शिक्षा सत्र शुरू हुए 10 महीने बीत गए लेकिन शिक्षा विभाग ने एक भी गरीब बच्चे का एडमिशन प्राइवेट स्कूल में नहीं करवाया और प्राइवेट स्कूलों में रिजर्व रखी 25 प्रतिशत सीटें खाली रह गई। 1 लाख से ज्यादा बच्चे एडमिशन से रह गए वंचित पंजाब में 7806 गैर वित्तीय सहायता प्राप्त यानि प्राइवेट स्कूल हैं। स्कूल में एंट्री क्लास का अगर एक सेक्शन हो तो हर स्कूल में 12 बच्चों के एडमिशन के लिए सीट खाली हैं। सीबीएसई व आईसीएससी स्कूलों में एंट्री लेवल पर चार से पांच सेक्शन तक भी हैं। इस तरह पंजाब में कम से कम 1 लाख गरीब बच्चे प्राइवेट स्कूलों में दाखिला लेने से वंचित रह गए। स्कूल संघ ने किया किया स्वागत स्कूल संघ पंजाब के कोऑर्डिनेटर राजेश नागर ने कहा कि सरकार को आरटीई के तहत यह रजिस्ट्रेशन शिक्षा सत्र के शुरुआत में करवानी चाहिए थी ताकि गरीब बच्चों को इसका लाभ मिलता। वहीं स्कूल संघ पंजाब के महासचिव भुवनेश भट्ट ने कहा कि आरटीई के तहत एडमिशन लेने वाले बच्चों को सरकार समय पर किताबें, वर्दी व अन्य सामग्री समय पर उपलब्ध करवाए ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो और बाकी बच्चों के बीच में वो खुद को अलग महसूस न करें। 12 जनवरी तक स्कूल करें रजिस्ट्रेशन डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन सेकेंडरी गुरदीप सिंह सोढ़ी का कहना है कि स्कूलों को 12 जनवरी तक डिपार्टमेंट की साइट पर रजिस्ट्रेशन करवानी होगी। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के बाद गरीब बच्चों को आरटीई के तहत प्राइवेट स्कूलों में दाखिला देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। रजिस्ट्रेशन के लिए आवश्यक जानकारी डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन सेकेंडरी, गुरदीप सिंह सोढ़ी ने बताया कि 12 जनवरी तक सभी स्कूलों को रजिस्ट्रेशन करना होगा। स्कूलों को रजिस्ट्रेशन करते वक्त जानकारी अपलोड करनी होगी। स्कूल का प्रकार (गर्ल्स, ब्वॉयज, या को-एजुकेशनल) पढ़ाई का मीडियम (पंजाबी, अंग्रेजी, या हिंदी) स्कूल को मान्यता मिलने का वर्ष पिन कोड प्रिंसिपल / हेडमास्टर / हेडमिस्ट्रेस का नाम संपर्क नंबर और स्कूल की वेबसाइट विभाग या बोर्ड से एफिलिएशन नंबर एंट्री क्लास में कुल सीटों की संख्या सालाना स्कूल फीस का विवरण स्कूल का पता और लोकेशन स्कूल का स्तर (प्राइमरी, अपर प्राइमरी, सेकेंडरी, सीनियर सेकेंडरी)