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पुतिन की मिसाइल से यूक्रेन में हड़कंप, 4000 डिग्री सेल्सियस के हमले में 4 की मौत, 24 लोग घायल

कीव  रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने एक बार फिर विनाशकारी मोड़ ले लिया है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को पुष्टि की है कि उसने अपनी सबसे आधुनिक और घातक 'ओरेश्निक' (Oreshnik) मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) से यूक्रेन पर हमला किया है। रूस का दावा है कि यह हमला दिसंबर में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास पर हुए यूक्रेनी ड्रोन हमले का बदला है। इस ताजा मिसाइल हमले ने यूक्रेन के बुनियादी ढांचे और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के अनुसार, इस हमले में 4 नागरिकों की मौत हो गई और 24 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हमले के कारण कई इलाकों में पानी और हीटिंग की सप्लाई ठप हो गई है। कितनी घातक है ओरेश्निक मिसाइल? ओरेश्निक कोई साधारण मिसाइल नहीं है, बल्कि यह पारंपरिक हथियारों के साथ भी परमाणु जैसी तबाही मचाने में सक्षम है। इसकी रेंज करीब 1,000 से 5,500 किलोमीटर के बीच है और यह महज 15 मिनट में अपने लक्ष्य को भेद सकती है। इतनी तेज स्पीड के कारण दुनिया का कोई भी वर्तमान एयर डिफेंस सिस्टम इसे रोक नहीं सकता। पुतिन के अनुसार, हमले के वक्त इसका तापमान 4,000 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, जो सूरज की सतह के करीब है। यह अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को राख बना देती है। यूक्रेन ने इसे रूस की "बर्बरता और आतंक" करार देते हुए कहा है कि पुतिन बमबारी के जरिए उन्हें अपनी शर्तें मानने पर मजबूर नहीं कर सकते। हालांकि, ओरेश्निक का दोबारा इस्तेमाल यह संकेत देता है कि रूस अब युद्ध को और अधिक आक्रामक स्तर पर ले जाने के लिए तैयार है।  

iPhone Air पर भारी छूट, 32,410 रुपये सस्ते में मिल रहा सबसे पतला ऐपल फोन, जानें खरीदने का सही तरीका

नई दिल्ली  Apple ने इस साल अपना सबसे पतला फोन iPhone Air पेश किया था। अब इसकी कीमत कम हो गई है। जी हां, फोन सस्ते में मिल रहा है। VijaySales पर आईफोन एयर कम कीमत में बिक रहा है। यहां आईफोन एयर की कीमत 24910 रुपय कम है। साथ ही, 7500 रुपये का डिस्काउंट भी मिल रहा है। इस तरह फोन कुल मिलाकर 32,410 रुपये कम में खरीदा जा सकता है। आईफोन एयर ना सिर्फ ऐपल का सबसे पतला फोन है, बल्कि इसमें कई अच्छे फीचर्स दिए गए हैं, जिसमें बेहर कैमरा और बैटरी शामिल है। आइये, डिटेल में जानते हैं। 32,410 रुपये कम में मिल रहा आईफोन एयर आईफोन एयर की कीमत भारत में काफी कम हो गई है। अब यह लेटेस्ट आईफोन खरीदने का एक अच्छा ऑफर है। विजय सेल्स इस फोन पर भारी छूट दे रहा है। बता दें कि ऐपल की आधिकारिक वेबसाइट पर फोन की कीमत 1,19,900 रुपये से शुरू है। वहीं, VijaySales पर फोन अभी 94,990 रुपये की शुरुआती कीमत में मिल रहा है। इसका मतलब है कि फोन की कीमत 24,910 रुपये कम हो गई है। इतना ही नहीं, फोन पर 7,500 रुपये का डिस्काउंट भी दिया जा रहा है। हालांकि, यह ऑफर American Express बैंक के कार्ड पर पेमेंट करने पर मिलेगा। इस तरह फोन की कीमत कुल मिलाकर 32,410 रुपये कम हो जाएगी और आप आईफोन ऐयर को 87,490 रुपये में खरीद सकते हैं।बता दें कि ICICI बैंक के क्रेडिट या डेबिट कार्ड, Axis बैंक के क्रेडिट कार्ड या HDFC बैंक के क्रेडिट कार्ड से EMI पर खरीदते हैं तो 4,000 रुपये की छूट मिलेगी। अगर आप इस डील का फायदा उठाना चाहते हैं, तो जल्दी करें क्योंकि ये ऑफर ज्यादा समय के लिए नहीं होते। iPhone 17 Pro वाले चिपसेट के साथ आता है फोन फीचर्स की बात करें तो आईफोन एयर में 6.5 इंच का सुपर रेटिना XDR OLED डिस्प्ले दिया गया है। इसमें प्रोमोशन टेक्नोलॉजी और 120Hz का रिफ्रेश रेट मिलता है। फोन का डिजाइन भी काफी अच्छा है। इसमें टाइटेनियम फ्रेम और सिरेमिक शील्ड 2 फ्रंट कवर लगा है, जिसे कंपनी सबसे मजबूत बताती है। इस फोन में ऐपल का नया A19 प्रो चिप लगा है, जो आईफोन 17 प्रो मॉडल में भी है। इसके साथ C1x मॉडेम भी है, जो कंपनी के मुताबिक पिछले मॉडेम से दोगुना तेज है। कैमरे की बात करें तो इसमें 48MP का फ्यूजन कैमरा दिया गया है। साथ में 12MP का टेलीफोटो लेंस भी है। सेल्फी के लिए 18MP का फ्रंट कैमरा है, जिसमें 'सेंटर स्टेज' फीचर है। इससे वीडियो कॉल के दौरान आप फ्रेम में ही रहते हैं, भले ही आप थोड़ा हिलें-डुलें। अच्छी बात यह है कि आप फ्रंट और रियर कैमरे से एक साथ वीडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं। कनेक्टिविटी के लिए इसमें वाई-फाई 7, ब्लूटूथ 6 और थ्रेड जैसी नई टेक्नोलॉजी हैं। यह सब ऐपल के नए N1 चिप से चलता है। बैटरी की बात करें तो यह एक बार चार्ज करने पर 40 घंटे तक वीडियो प्लेबैक दे सकती है। दुनिया भर में यह फोन ई-सिम (e-SIM) के साथ ही आता है, ताकि अंदर ज्यादा जगह बन सके। इसमें एक 'एक्शन बटन' भी है, जिससे आप किसी भी ऐप या फंक्शन को जल्दी से खोल सकते हैं। 'कैमरा कंट्रोल' फीचर से आप तुरंत कैमरा खोल सकते हैं या विजुअल इंटेलिजेंस फीचर्स को एक्टिवेट कर सकते हैं।  

विकसित भारत-जी-राम-जी’ से गांवों में आएगी रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई क्रान्ति : मंत्री उइके

भोपाल. लोक स्वास्थ्य यात्रिकी मंत्री एवं सिंगरौली जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके ने सूर्या भवन एनटीपीसी विन्ध्यनगर में केन्द्र सरकार द्वारा लाई गई नवीन योजना विकसित भारत- जीरामजी योजना से ग्रामीण जीवन मे आने वाले क्रांतिकारी बदलावों के संबंध में मीडिया को विस्तार से जानकारी दी। मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि विकसित भारत- ’’जीरामजी योजना केवल रोजग़ार का वादा नहीं, बल्कि स्थायी आजीविका की गारंटी है। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत करेगी। गरीब, जनजाति और पिछड़ा वर्ग को रोजगार मिले, उसके लिए यह क़ानून आया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार करना है। इस कानून में पुराने प्रावधानों को संशोधित करते हुए गाँवों को अधिक अधिकार और स्वायत्तता दी गई है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक वस्तुतः भारत के ग्रामीण अंचलों के समग्र विकास की दिशा में एक ठोस कदम है। भ्रष्टाचार-मुक्त ग्राम पंचायत, सुशासन और जनभागीदारी इसके प्रमुख उद्देश्य हैं। मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि इस योजना से आत्मनिर्भर और सशक्त गाँवों का निर्माण संभव होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए गरीब, किसान और मजदूर का विकास ही हमेशा से प्राथमिकता पर रहा है विकसित गाँव के लक्ष्य को लेकर शुरू की गई ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना’ का मुख्य उद्देश्य पुराने कानूनों की कमियों को दूर करना, व्यवस्था में पारदर्शिता लाना, भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाना और राज्यों के सहयोग से इस योजना का डिजिटलीकरण करना है। इसके साथ ही विकसित ग्राम पंचायतों का निर्माण, ग्राम पंचायतों को अपनी आवश्यकताओं के अनुसार विकास योजनाएँ तैयार करने का अधिकार देना और ग्रामीण सभाओं को सशक्त बनाना भी इस योजना के प्रमुख लक्ष्य हैं। उन्होंने कहा कि योजना अंतर्गत मजदूरों को वर्ष में 125 दिन का रोजगार प्रदान किया जाएगा। मजदूरी की राशि सात दिनों के भीतर सीधे बैंक खातों में भेजी जाएगी और यदि भुगतान में देरी होती है तो मजदूरों को ब्याज सहित भुगतान किया जाएगा। योजना के तहत एक नया ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी किया जाएगा, जो काम मांगने, मजदूरी प्राप्त करने और अपने अधिकारों की मांग के लिए एक मजबूत और वैध दस्तावेज होगा। सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक गाँव आत्मनिर्भर बने और देश के समग्र विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करे। इस योजना के तहत केन्द्र सरकार द्वारा 60 प्रतिशत एवं राज्य सरकार द्वारा 40 प्रतिशत राशि उपलब्ध कराई जायेगी। इस दौरान सिंगरौली विधायक राम निवास शाह, देवसर विधायक राजेन्द्र मेश्राम उपस्थित रहे।  

खाते में 25 लाख होने पर भी शिक्षक को इलाज के लिए नहीं मिला पैसा

जमशेदपुर. सोनारी निवासी झारखंड सरकार की सेवानिवृत्त शिक्षिका अंजलि बोस की मौत ने बैंकिंग सिस्टम और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खाते में करीब 25 लाख रुपए जमा होने के बावजूद समय पर इलाज के लिए राशि नहीं मिल सकी और अंजलि बोस की जान चली गई। विडंबना यह रही कि जिस मदद के लिए स्वजन कई दिनों तक भटकते रहे, वही सहायता उनकी मौत के दो घंटे बाद अस्पताल पहुंची। शुक्रवार के तड़के अंजलि बोस का एमजीएम अस्पताल में निधन हो गया। डाक्टरों ने पहले ही बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल में रेफर करने की सलाह दी थी, लेकिन इलाज में सबसे बड़ी बाधा पैसा नहीं बल्कि बैंक की प्रक्रिया बन गई। नॉमिनी नहीं होने से हुई मुश्किल सेवानिवृत्ति के समय मिली पूरी राशि अंजलि बोस ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सोनारी शाखा में जमा कर रखी थी। अविवाहित होने के कारण उन्होंने खाते में किसी को नामिनी नहीं बनाया था। स्वजनों का कहना है कि अंजलि बोस की तबीयत लगातार बिगड़ने की जानकारी बैंक अधिकारियों को दी जाती रही। अस्पताल से लेकर बैंक शाखा तक चक्कर लगाए गए, लेकिन हर बार कानूनी अड़चन का हवाला देकर मदद से इनकार कर दिया गया। छोटी बहन गायत्री बोस अपनी बड़ी बहन के इलाज के लिए दर-दर भटकती रहीं, मगर सिस्टम पसीजने को तैयार नहीं हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए भाजपा के पूर्व नेता विकास सिंह को इसकी जानकारी दी गई। उन्होंने तुरंत अस्पताल पहुंचकर स्थिति देखी और सीधे उपायुक्त को मामले से अवगत कराया। उपायुक्त के हस्तक्षेप के बाद देर रात बैंक अधिकारियों से संपर्क साधा गया और सहायता की पहल शुरू हुई। देरी से पहुंचा पैसा इसके बाद शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे बैंक के जिम्मेदार अधिकारी पैसा लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सुबह 8 बजे ही अंजलि बोस ने दम तोड़ दिया था। अस्पताल पहुंचने पर बैंक अधिकारियों को स्वजनों के गुस्से का सामना करना पड़ा। बाद में अधिकारियों ने स्वजनों से माफी मांगते हुए भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने की बात कही। विकास सिंह ने साफ कहा कि यदि बैंक अधिकारियों ने यही काम समय रहते कर दिया होता, तो अंजलि बोस की जान बचाई जा सकती थी। यह मामला केवल एक व्यक्ति की मौत का नहीं, बल्कि उस सिस्टम की संवेदनहीनता का प्रतीक बन गया है, जहां खाते में लाखों रुपये होते हुए भी इलाज के अभाव में एक शिक्षिका को अपनी जान गंवानी पड़ी। यह घटना एक कड़ा सवाल छोड़ जाती है,क्या सरकारी नियम और बैंक की प्रक्रियाएं इंसान की जान से भी ऊपर हो गई हैं?

अप्रैल माह में ही विद्यार्थियों को मिलेंगी साइकिल, पुस्तकें और छात्रवृत्ति : स्‍कूल शिक्षा मंत्री सिंह

भोपाल. मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्‍व में प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को समय पर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी अप्रैल माह में ही विद्यार्थियों को साइकिल, पाठ्य-पुस्तकें एवं छात्रवृत्ति का वितरण कर दिया जाएगा, जिससे विद्यार्थी बिना किसी परेशानी के पढ़ाई पर ध्‍यान दे सकें। यह बात प्रदेश के स्कूल शिक्षा तथा कटनी जिले के प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कही। शनिवार को कटनी शहर के लाल बहादुर शास्त्री वार्ड, कुठला में एक करोड़ 39 लाख रुपये की लागत से बनने वाले नवीन हाई स्कूल भवन की सौगात के उपलक्ष्य में धन्यवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्‍कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि स्कूल भवन के निर्माण के बाद विद्यार्थियों को निजी विद्यालयों के समान सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। हर परिवार को समय पर शुद्ध पेयजल और पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लक्ष्य है कि आमजन को गुणवत्तापूर्ण बुनियादी सुविधाएं समय पर मिलें। आमजन से किया संवाद प्रभारी मंत्री सिंह ने नागरिकों से संवाद करते हुए स्वच्छ पेयजल आपूर्ति एवं बिजली की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजना के माध्यम से तथा शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ और शुद्ध पेयजल की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करना है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि बिजली या अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित किसी भी समस्या की सूचना तत्काल प्रशासन को दें, जिससे समय रहते समाधान किया जा सके। 12 माह में तैयार होगा नवीन स्कूल भवन प्रभारी मंत्री सिंह ने नए भवन की सौगात मिलने पर बच्‍चों को बधाई दी। उन्‍होंने कहा कि एक करोड़ 39 लाख रुपये की लागत से बनने वाला यह नवीन हाई स्कूल भवन आगामी 12 महीनों में बनकर तैयार होगा। विद्यालय में डिजिटल बोर्ड, आधुनिक प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय सहित सभी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का 23 तारीख को कटनी भ्रमण संभावित है, इस दौरान वे स्वयं स्कूल भवन का भूमिपूजन करेंगे। जनप्रतिनिधियों से सजग रहने का किया आग्रह प्रभारी मंत्री सिंह ने विधायक एवं पार्षदों से अपने-अपने क्षेत्रों के प्रति सजग रहने का आग्रह किया। उन्‍होंने कहा कि यदि कहीं भी कोई समस्या दिखाई दे, तो उसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें, जिससे आमजन को समय पर राहत मिल सके। जी प्लस वन मॉडल पर बनेगा स्कूल भवन मुड़वारा विधायक संदीप जायसवाल ने कहा कि कुठला में बनने वाला नवीन हाई स्कूल भवन जी प्लस वन मॉडल पर बनेगा। भवन में पुस्तकालय, कंप्यूटर कक्ष, प्राचार्य कक्ष, लॉबी कॉरिडोर, बालक-बालिका एवं दिव्यांगजन के लिए प्रसाधन, सीढ़ी एवं रैम्प का निर्माण लोक निर्माण विभाग की निगरानी में किया जाएगा। कार्यक्रम में बहोरीबंद विधायक प्रणय पांडेय सहित प्रशासनिक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

दुग्ध उत्पादन को 20 प्रतिशत तक बढाना सरकार का लक्ष्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश दुग्ध उत्पादन को 20 प्रतिशत तक बढाने का लक्ष्य सरकार ने निर्धारित किया है। भावांतर योजना से किसानों को उनकी फसल का वाजिब दाम मिल रहा है और विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं से किसानों को आने वाले भविष्य में सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री शनिवार को सागर जिले के खुरई में विभिन्न विकास कार्यों के भूमि-पूजन और लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा, महिला, गरीब, किसान के जीवन को बेहतर बनानेे के लिए सरकार के पास धन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को किसान सम्मान निधि के माध्यम से प्रत्येक किसान को 10 हजार रुपए प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक बगिया मां के नाम योजना के माध्यम से एक एकड़ में बगिया लगाने पर सरकार के माध्यम से 2 लाख रुपए प्रदान किए जा रहे हैं। किसानों का सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहा है कि मध्यप्रदेश में खेती के साथ साथ पशुपालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश में पशुपालन के माध्यम से दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए गौशाला खोलने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार के माध्यम से किसान कल्याण वर्ष में किसानों की खेती लाभ का धंधा कैसे हो इस पर सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि खुरई में कृषि यंत्रों के निर्माण उद्योग को और आगे बढ़ाने का कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में मध्यप्रदेश में 9 प्रतिशत दुग्ध उत्पादन हो रहा है। सरकार ने इसे 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार दुग्ध उत्पाद को बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है। जिनसे से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 25 गायों के साथ डेयरी खोलने पर 40 लाख की योजना पर 10 लाख रुपए का अनुदान सरकार देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के उत्थान के लिए दृढसंकल्पित है। सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। लाड़ली बहना योजना के माध्यम लाड़ली बहनों को प्रत्येक माह उनके खाते में 1500 रूपए प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बहनों की मुस्कान ही मेरी शक्ति और प्रदेश में महिला उत्थान के हर संभव कार्य किया जाएगा। केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुन्देलखंड के एक-एक खेत और इंच-इंच जमीन को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा। केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुन्देलखंड में समृद्धि के द्वार खुलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुन्देलखंड की धरती वीरों, महावीरों और दानवीरों की धरती है। बुन्देलखंड पर भगवान और पूर्वजों की विशेष कृपा है। बुन्देलखंड स्थापत्य कला का केन्द्र का तीर्थ है। खजुराहो, ओरछा की स्थापत्य कला को देखने के लिए लोग देश विदेश से आते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पयर्टन के विकास के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहा कि मध्यप्रदेश में जहां-जहां भगवान कृष्ण के चरण पड़े उस एक-एक स्थान को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसी प्रकार चित्रकूट धाम का भी विकास होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित जनसमुदाय पर पुष्पवर्षा की एवं दोनों हाथ जोड़कर जनता का अभिवादन स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि पहली बार खुरई आकर प्रसन्नता हुई। जोरदार उत्साह के लिए मुख्यमंत्री ने खुरई की जनता का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच से ही रिमोट से 312 करोड़ रुपए के 86 विकास एवं निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ.यादव द्वारा की गई प्रमुख घोषणाएं 500 करोड़ की लगात से राहतगढ़, खुरई रोड बनाया जाएगा। 429 करोड़ की बीना नदी परियोजना के माध्यम से 90 हजार हेक्टेयर रकबा सिंचित होगा। इसे शीघ्र पूरा किया जाएगा। खुरई कृषि महाविद्यालय के भवन निर्माण एवं सुविधाओं के विकास के लिए 25 करोड़ दिए जाएंगे। खुरई में युवाओं को नवीन आईटीआई शुरू कर प्रशिक्षण दिया जाएगा। खुरई में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एथलेटिक ट्रैक लगाया जाएगा मालथौन में मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनेगा। दो सांदीपनि विद्यालय खुलेंगे। रजवास में 133 केवी का विद्युत सब स्टेशन स्थापित किया जायेगा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में बुंदेलखंड क्षेत्र तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। बुंदेलखंड अब शिक्षा के क्षेत्र में भी लगातार प्रगति कर रहा है। रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव और औद्योगिक क्रांति से यह क्षेत्र समृद्ध हो रहा है। मंत्री राजपूत ने यह भी बताया कि अप्रैल महीने में नौरादेही में चीते लाए जाएंगे, जिसके बाद बुंदेलखंड से हमें चीते देखने के लिए कूनो या अन्य स्थानों पर नहीं जाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत करते हुए खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मध्यप्रदेश निरंतर विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है। कृषि, नवाचार और सांस्कृतिक पुनरुद्धार के क्षेत्र में राज्य ने अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा सांस्कृतिक धरोहरों को संजोने की दिशा में किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। विधायक सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकास की मशाल जलाकर मध्यप्रदेश में सुशासन स्थापित कर रहे हैं। औद्योगिक क्रांति की शुरुआत करते हुए उन्होंने राज्य को एक प्रमुख लॉजिस्टिक हब बनाने का जो मार्ग प्रशस्त किया, उसी परिणाम है कि वर्तमान में मध्यप्रदेश में 32 लाख करोड़ रुपये का औद्योगिक निवेश हो रहा है। इसी प्रकार वे भावान्तर योजना में किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिला रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने गेहूं पर 175 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस किसानों को दिया है। उन्होंने कहा कि खुरई की कृषि और कृषि यंत्रों के क्षेत्र में एक प्रमुख पहचान है। खुरई के कृषि यंत्र पूरे प्रदेश में प्रसिद्ध हैं। यहां औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं भी हैं। उन्होंने कहा भविष्य के दृष्टिगत खुरई में मेडिकल कॉलेज के लिए आवश्यक भूमि पहले ही आरक्षित की जा चुकी है, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के खुरई रोड-शो में उमड़ा जनसैलाब मुख्यमंत्री डॉ. यादव के खुरई आगमन पर उनका बुन्देली परंपरा … Read more

17 जनवरी को PM मोदी करेंगे पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उद्घाटन, साथ ही 6 नई अमृत भारत एक्सप्रेस की शुरुआत

 नई दिल्ली  देश को पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन मिलने जा रही है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जनवरी को पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उद्घाटन करेंगे। ये ट्रेन कोलकाता और गुवाहाटी के बीच चलेगी। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के शुभारंभ के साथ छह नई अमृत भारत एक्सप्रेस की शुरुआत भी की जा रही है। यात्रियों के लिए इन ट्रेनों की सेवाएं 17 और 18 जनवरी से मिलने लगेंगी। पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन प्रधानमंत्री मोदी 17 जनवरी को पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। ये ट्रेन सप्ताह में 6 दिन कामाख्या और हावड़ा जंक्शन के बीच चलेगी। यात्रियों के लिए 6 नई अमृत भारत एक्सप्रेस की शुरुआत भी की जा रही है।     16107/16108 ताम्बरम से संतरागाछी     16597/16598- सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया टर्मिनल बेंगलुरु से अलीपुरद्वार जंक्शन     16523/16524- सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया टर्मिनल बेंगलुरु से बालुरघाट     16223/16224- सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया टर्मिनल बेंगलुरु से राधिकापुर     20603/20604- न्यू जलपाईगुड़ी से नागरकोइल     20609/20610- न्यू जलपाईगुड़ी से तिरुचिरापल्ली 52 हफ्तों में 52 सुधार दिल्ली में आयोजित हुए अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार समारोह में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि साल 2026 में भारतीय रेलवे में कई बड़े सुधार होने वाले हैं। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर नए तरीकों और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। रेल मंत्री ने आगे कहा कि इस साल 52 हफ्तों में 52 सुधार पेश किए जाएंगे, जिससे आने वाले दिनों में भारतीय रेलवे का एक नया रूप देखने को मिले। ट्रेनों में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के लिए एक नया स्ट्रक्चरल तरीका लाया जाएगा। इसके लिए AI का इस्तेमाल भी बड़े पैमाने पर किया जाएगा।  

रायुपर : प्रधानमंत्री आवास योजना से साकार हुआ पक्के घर का सपना-ज्ञानु भगत

रायुपर : प्रधानमंत्री आवास योजना से साकार हुआ पक्के घर का सपना-ज्ञानु भगत रायुपर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का उद्देश्य ग्रामीण बेघर नागरिकों को पक्का मकान प्रदान करना है। इस योजना के तहत कच्चे मकानों में रहने वाले या बिना छत वाले परिवारों को पक्के मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है, जिसमें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को मिल रहा है आवास का लाभ      प्रदेश में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुँच रहा है। इसी कड़ी में जशपुर जिले के ग्राम बंगुरकेला निवासी श्री ज्ञानु भगत को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लाभ प्राप्त हुआ है। श्री ज्ञानु भगत ने बताया कि पहले वे अपने परिवार के साथ मिट्टी के छोटे से कच्चे मकान में निवास करते थे। बरसात के मौसम में घर की छत से पानी टपकता था तथा गर्मी के दिनों में दीवारें अत्यधिक तप जाती थीं। साथ ही जहरीले जीव-जंतुओं का भय बना रहता था। घर की बार-बार मरम्मत कराने से उन्हें आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ता था। जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं स्थायी आवास मिला     श्री ज्ञानु भगत ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उन्हें पक्के आवास की स्वीकृति मिली। शासन से प्राप्त राशि में अपनी बचत जोड़कर वे अपने सपनों का घर बना रहे हैं। वर्तमान में मकान का आंतरिक कार्य प्रगति पर है। उन्होंने पक्का आवास मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके परिवार के जीवन में एक बड़ा बदलाव लेकर आया है। उन्होंने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से जिले के अनेक जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं स्थायी आवास मिल रहा है, जिससे उनके जीवन स्तर में निरंतर सुधार हो रहा है।

सार्थक जीवन जीना ही महत्वपूर्ण – राज्यपाल पटेल

भोपाल.  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि सही, सार्थक जीवन जीना ही महत्वपूर्ण है। भौतिक संसाधनों से क्षणिक सुख प्राप्त होता है। वास्तविक सुख आत्मीय आनंद में है। उन्होंने युवाओं का आहवान किया है कि वह भारतीय ज्ञान परपंरा के ग्रंथों और महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लें। उनकी नैतिकता, आदर्शों और जीवन मूल्यों को आचरण में आत्मसात करें। राज्यपाल पटेल शनिवार को इन्फोटेक एजुकेशन सोसायटी के IES विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में विश्वविद्यालय द्वारा मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, 45 शोधार्थी को पी.एच.डी., 231 को स्नातकोत्तर और 938 को स्नातक की उपाधि प्रदान की। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद गोविन्द लालजी भाई ढोलकिय, सांसद, पद्मडॉ. पी.टी वाइस चेयर पर्सन ऑफ राज्यसभा प्रेसिडेंट इण्डियन ओलम्पिक एसोसियेशन, क्रिकेटर चन्द्रकांत सीताराम पंडित, शिक्षा के क्षेत्र में श्रीमती माधुरी सहस्बुद्धे, मूर्तिकार अरुण योगीराज, जल संग्रहण में उमाशंकर पान्डे, आयुर्वेदाचार्य बालेन्दु प्रकाश, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. जीवन सिंह टटियाल को मानद उपाधि प्रदान की गई। राज्यपाल पटेल ने कहा कि रामायण एक ऐसा ग्रंथ है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति के लिए जीवन आदर्श मिलते हैं। उन्होंने राम, लक्ष्मण संवाद के प्रसंग के माध्यम से युवाओं को हमारे सांस्कृतिक जीवन मूल्यों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि दीक्षांत, शैक्षणिक जीवन का एक महत्वूपर्ण पड़ाव है। वहीं शिक्षा अनुसंधान और राष्ट्र निर्माण की दिशा में संस्थान की सतत और दीर्घकालिक यात्रा का उत्सव भी है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता केवल उनकी नहीं इसमें माता-पिता का त्याग, गुरुजनों का मार्गदर्शन और समाज के किसी ना किसी व्यक्ति का योगदान है। उन्हें प्राप्त ज्ञान और सामर्थ्य से कृतज्ञता के भाव, भावना के साथ समाज और राष्ट्र सेवा में सहभागी बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में समर्थ, सशक्त, समद्ध और विकसित भारत के रूप में आगे बढ़ रहा है। विश्वविद्यालय की यह जिम्मेदारी है कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न आयामों को केवल औपचारिक नहीं बल्कि प्रभावी और सार्थक रूप में लागू करें। क्योंकि शिक्षण संस्थान और शिक्षक केवल ज्ञान के केंद्र नहीं, बल्कि आने वाले कल और भावी पीढ़ी के सशक्त निर्माता होते हैं। पशुपालन डेयरी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने कहा कि जीवन में सफलता शार्टकट से नहीं कड़ी मेहनत से आती है। मेहनत से सफलता निश्चित है। उसका कोई तोड़ नहीं है। उन्होंने कहा कि गुरूजन और माता-पिता के संरक्षण के वातावरण से बाहर निकालकर स्वतंत्र जीवन के शुभारंभ का अवसर दीक्षांत है। यहां से जीवन की दिशा तय होती है। भावी जीवन के फैसले सोच समझ कर ही लेने चाहिए। सांसद डोलकिया ने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वह स्वयं अपना ब्रान्ड बने। दूसरे ब्रान्डों का अनुकरण नहीं करें। स्वतंत्र रहे मगर स्वछंद नहीं बने। संस्कृति से जुड़े रहें। जीवन मूल्यों और सत्य का पालन करें। सांसद, पद्मडॉ. पी.टी. ऊषा ने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक प्रयासों की सराहना की। राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सफलता की शुभकामनाएं दी। दीक्षांत समारोह में स्वागत उद्बोधन विश्वविद्यालय के चांसलर इंजीनियर बी.एस. यादव ने दिया। विश्वविद्यालय का प्रगति प्रतिवेदन का वाचन और विद्यार्थियों को दीक्षांत शपथ वाइस चांसलर जी.के. पाण्डेय ने दिलाई। आभार प्रदर्शन मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवांश सिंह ने किया। इस अवसर पर श्रीमती माया नरोलिया (राज्यसभा सांसद), देवांश सिंह, (सी.ई.ओ. आई.ई.एस. युनिर्वसिटी), डॉ. कविता पाटीदार (राज्यसभा सांसद), पुज्य शांडिल्य जी महाराज ( पीठाधीश्वर करूणाधाम आश्रम ) डॉ. सुनीता सिंह (पूर्व चांसलर आई.ई.एस. युनिर्वसिटी), इंजी. बी.एस. यादव (फाउडर एवं चांसलर आई.ई.एस. युनिर्वसिटी), सुमेर सिंह सोलंकी (राज्यसभा सांसद) आदि मंचासीन थे।

रक्सौल के व्यवसायी कलीम के ठिकानों पर IT का छापा

रक्सौल. सीमावर्ती शहर रक्सौल में शनिवार की सुबह आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के प्रमुख व्यवसायी मो. कलीम के विभिन्न व्यावसायिक संस्थानों एवं पैतृक आवास पर एक साथ छापेमारी की। घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बीच आयकर विभाग के अधिकारी करीब एक दर्जन से अधिक वाहनों के काफिले के साथ पहुंचे। आयकर टीम ने आदापुर प्रखंड के विष्णुपुरवा स्थित पैतृक घर, रक्सौल मुख्य पथ पर पंकज चौक के समीप स्थित प्रतिष्ठान, तनिष्क शोरूम तथा लक्ष्मीपुर स्थित हीरो होंडा शोरूम में एक साथ घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। सुबह के समय जब लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही संबंधित प्रतिष्ठानों और आवास को चारों ओर से घेर लिया गया तथा दस्तावेजों की जांच और पूछताछ प्रारंभ कर दी गई। अचानक हुई इस कार्रवाई की सूचना फैलते ही शहर में हड़कंप मच गया। आयकर विभाग की इस छापेमारी को लेकर दिनभर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। फिलहाल विभागीय अधिकारियों द्वारा जांच जारी है और आधिकारिक रूप से कुछ भी बताने से परहेज किया जा रहा है।