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अगर सफलता पानी है तो आज से अपनाएं ये ज़रूरी आदतें

लाइफ में सफल होने के लिए बहुत सारे काम करने होते हैं। और, सफल इंसान वो है जो ना केवल पैसे से रिच हो बल्कि फैमिली और रिलेशनशिप के साथ ही अपनी हेल्थ से भी रिच हो। तो अगर आप लाइफ में सक्सेजफुल बनना चाहते हैं तो 30 की उम्र आते-आते इन चीजों को जरूर कर लें। एक प्रॉपर्टी जरूर खरीदें सक्सेजफुल बनना चाहते हैं तो अपने शहर में एक प्रॉपर्टी जरूर खरीदें। ये आपको शहर में पहचान देने और एक स्थायी ठिकाना देती है। फैमिली जरूर बनाएं अगर सक्सेजफुल बनना चाहते हैं तो ऐसे प्यार और रिस्पेक्टफुल फैमिली बनाएं। जहां आप अपने पैरेंट्स के साथ ही अपने लाइफपार्टनर और बच्चों के साथ सुकून से रह सकें। इन्वेस्ट करें कम उम्र में अर्निंग शुरू कर दी है तो इन्वेस्ट जरूर करें। जिससे कि फ्यूचर के लिए आपके पास पर्याप्त मनी हो। जितने भी इनवेस्टमेंट प्लान हैं वो आपको कम उम्र में इन्वेस्ट करने पर ही अच्छा रिटर्न देते हैं। मल्टीटास्किंग बने सक्सेजफुल होने के लिए आपको एक साथ कई कामों में निपुण होना जरूरी है। सोशल स्किल के साथ ही ऐसी करियर से जुड़ी स्किल भी जरूर होनी चाहिए। जिससे करियर और फैमिली आगे बढ़े। हेल्थ पर ध्यान दें सक्सेजफुल होने के लिए खुद की सेहत पर भी ध्यान दें। मेंटल और फिजिकल हेल्थ होगी तभी आप करियर पर फोकस कर पाएंगे।  

वास्तु टिप्स: घर की सही दिशा में कपल फोटो लगाने से बढ़ेगी रिश्ते की मिठास

वास्तु शास्त्र में दिशाओं और ऊर्जा का बहुत गहरा महत्व माना गया है। घर की हर दीवार और कोना हमारे जीवन के किसी न किसी हिस्से को प्रभावित करता है। खासकर जब बात वैवाहिक जीवन की हो, तो घर का वातावरण और वहां लगी तस्वीरें पति-पत्नी के रिश्तों में कड़वाहट या मिठास पैदा करने की क्षमता रखती हैं। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और तनाव के बीच अक्सर कपल्स के बीच छोटे-मोटे झगड़े बढ़ जाते हैं। वास्तु के अनुसार, अगर आप अपने बेडरूम में अपनी फोटो सही दिशा में लगाते हैं, तो यह न केवल आपसी तालमेल को बेहतर बनाता है बल्कि प्रेम और विश्वास को भी बढ़ाता है। दक्षिण-पश्चिम वास्तु शास्त्र के अनुसार, बेडरूम की दक्षिण-पश्चिम दिशा को स्थिरता और संबंधों की दिशा माना जाता है। यह दिशा पृथ्वी तत्व का प्रतिनिधित्व करती है। यहां फोटो लगाने से रिश्तों में मजबूती आती है और आपसी समझ बढ़ती है। यहां भारी फ्रेम वाली तस्वीर लगाना शुभ होता है। यह आपके रिश्ते को ग्राउंडेड या स्थिर रखने में मदद करती है। पश्चिम दिशा का महत्व अगर आप दक्षिण-पश्चिम में फोटो नहीं लगा पा रहे हैं, तो पश्चिम दिशा दूसरा सबसे अच्छा विकल्प है। पश्चिम दिशा लाभ और संतुष्टि की दिशा मानी जाती है। यहां फोटो लगाने से पति-पत्नी के बीच हंसी-मजाक और खुशी का माहौल बना रहता है। उत्तर-पश्चिम दिशा यदि आप दोनों के बीच संवाद की कमी है, तो उत्तर-पश्चिम दिशा में फोटो लगाना फायदेमंद हो सकता है। यह दिशा वायु तत्व की है, जो विचारों के आदान-प्रदान में मदद करती है। हालांकि, स्थिरता के लिए दक्षिण-पश्चिम ही प्राथमिकता होनी चाहिए। मुस्कुराता हुआ चेहरा हमेशा ऐसी तस्वीर चुनें जिसमें आप दोनों दिल से मुस्कुरा रहे हों। वास्तु के अनुसार, तस्वीरों की ऊर्जा हमारे सबकॉन्शियस माइंड  पर असर डालती है। गंभीर या उदास चेहरे वाली फोटो रिश्तों में नीरसता ला सकती है। साथ में बिताए खुशनुमा पल हॉलीडे या किसी उत्सव की तस्वीर, जहां आप दोनों एक-दूसरे के करीब और खुश हों, बेडरूम के लिए सबसे उपयुक्त होती है। इससे पुरानी सुखद यादें ताजा रहती हैं और सकारात्मकता बढ़ती है।

कोहरे का कहर: नोएडा में स्कूलों पर लगा ताला, 15 जनवरी तक अवकाश घोषित

नोएडा उत्तर भारत में कंपाने वाली ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। बढ़ती शीतलहर और कम विजिबिलिटी को देखते हुए दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा की सरकारों ने बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों तक तापमान में और गिरावट आने और घने कोहरे का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है, जिसके बाद प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाए हैं। उत्तर प्रदेश: नोएडा और गाजियाबाद में नए आदेश उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जिलाधिकारियों ने स्थानीय मौसम की स्थिति को देखते हुए अलग-अलग आदेश जारी किए हैं। नोएडा : उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर (नोएडा और ग्रेटर नोएडा) जिला प्रशासन ने कड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। जिला प्रशासन के निर्देशों के अनुसार, जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों में आठवीं कक्षा तक के स्कूलों के लिए 15 जनवरी 2026 तक अवकाश घोषित कर दिया गया है। गाजियाबाद: गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) और गाजियाबाद के प्रशासन ने कक्षा 8 तक के सभी स्कूलों को 10 जनवरी 2026 तक बंद रखने का निर्देश दिया था। हालांकि, कड़ाके की ठंड को देखते हुए कई जिलों में इसे 14 जनवरी तक बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। लखनऊ और आगरा: लखनऊ में कक्षा 8 तक के स्कूल 10 जनवरी तक बंद किए गए हैं, जबकि आगरा में शीतलहर के चलते कक्षा 12 तक के स्कूलों में 12 जनवरी तक अवकाश घोषित किया गया है। दिल्ली और हरियाणा में 15 जनवरी तक राहत देश की राजधानी दिल्ली में शिक्षा निदेशालय (DoE) ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि 2025-26 के शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार, नर्सरी से लेकर सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में शीतकालीन अवकाश 15 जनवरी 2026 तक जारी रहेगा। 16 जनवरी से स्कूल सामान्य रूप से खुलने की उम्मीद है। हरियाणा सरकार ने भी कड़ाके की ठंड को देखते हुए राज्य के सभी स्कूलों में 15 जनवरी तक छुट्टी घोषित की है। पंजाब में 13 जनवरी तक बंद रहेंगे स्कूल पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों के बाद राज्य के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने घोषणा की है कि पंजाब के सभी सरकारी, प्राइवेट और सहायता प्राप्त स्कूलों में छुट्टियां 13 जनवरी 2026 तक बढ़ा दी गई हैं। पंजाब में कोहरे के कारण सुबह के समय विजिबिलिटी शून्य के करीब पहुंच रही है, जिससे स्कूली बसों और बच्चों के लिए यात्रा करना खतरनाक हो गया था। अब पंजाब में स्कूल 14 जनवरी से खुलेंगे। अभिभावक स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप और आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखें, क्योंकि मौसम के आधार पर छुट्टियों को और बढ़ाया जा सकता है।  

बाबा वेंगा की चेतावनी: 2026 में मचेगी तबाही? वैश्विक हालात से मिल रहे चौंकाने वाले इशारे

दुनिया इस वक्त पहले से ही अशांत दौर से गुजर रही है। अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ता तनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में लगातार बदलते हालात यह संकेत दे रहे हैं कि वैश्विक राजनीति किसी भी समय बड़ा मोड़ ले सकती है। ऐसे माहौल में फिर चर्चा में हैं बुल्गारिया की प्रसिद्ध भविष्यवक्ता बाबा वेंगा, जिनकी कई भविष्यवाणियां समय के साथ सही साबित होती रही हैं। 2026 को लेकर उनके कथित संकेत सामने आने के बाद लोगों की चिंता बढ़ गई है। दावा किया जा रहा है कि बाबा वेंगा ने साल 2026 को मानव इतिहास का सबसे खतरनाक साल बताया था। आइए जानते हैं उनकी 4 सबसे डरावनी भविष्यवाणियां: 1 . तीसरा विश्व युद्ध: पूर्व से उठ सकती है आग बाबा वेंगा की सबसे भयावह भविष्यवाणी तीसरे विश्व युद्ध से जुड़ी है। उनके अनुसार, यह युद्ध विश्व के पूर्वी देशों से शुरू होगा और धीरे-धीरे पश्चिमी देशों तक फैल जाएगा। दावा किया जा रहा है कि यह संघर्ष मार्च-अप्रैल 2026 में चीन और ताइवान के बीच बढ़ते तनाव से शुरू हो सकता है। आगे चलकर इसमें रूस और अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश आमने-सामने आ सकते हैं। इस युद्ध का सबसे बड़ा नुकसान यूरोप को होगा, जो तबाही के बाद बंजर भूमि में बदल सकता है, जबकि रूस एक बड़ी वैश्विक शक्ति के रूप में उभर सकता है। आज जब दुनिया पहले से ही कई युद्धों और राजनीतिक टकरावों से घिरी हुई है, लोग इन भविष्यवाणियों को मौजूदा हालात से जोड़कर देख रहे हैं। 2 . प्राकृतिक आपदा और आर्थिक तबाही बाबा वेंगा ने 2026 में प्रकृति और अर्थव्यवस्था के खतरे की भी चेतावनी दी थी। उनके अनुसार, इस साल दुनिया के कई हिस्सों में: – बड़े भूकंप आएंगे – ज्वालामुखी फटेंगे – अत्यधिक गर्मी, बाढ़ और तूफान जैसी घटनाएं होंगी – दावा किया गया है कि पृथ्वी के करीब 7–8 प्रतिशत हिस्से में भारी तबाही मच सकती है। इसके साथ ही उन्होंने एक बड़े आर्थिक पतन की भविष्यवाणी भी की थी। इसके अनुसार: – डिजिटल करेंसी पर असर पड़ेगा – बैंकिंग सिस्टम कमजोर होगा – वैश्विक मंदी आएगी – लाखों लोग बेरोजगारी का सामना करेंगे – मौजूदा समय में जब दुनिया महंगाई और आर्थिक अस्थिरता से जूझ रही है, यह भविष्यवाणी और भय बढ़ा रही है। 3. AI का इंसानों पर हावी होना बाबा वेंगा ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर भी चेतावनी दी थी। उनका कहना था कि 2026 में AI इंसानों पर हावी होने लगेगा। दावे के मुताबिक: – रोबोट और AI सिस्टम कई अहम निर्णय लेने लगेंगे – इंसानों की नौकरियां तेजी से खत्म होंगी – निजी जीवन पर निगरानी बढ़ेगी – इंसान अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पूरी तरह AI पर निर्भर हो जाएगा 4. धरती पर एलियंस का आना बाबा वेंगा की सबसे खतरनाक भविष्यवाणी एलियंस से जुड़ी मानी जा रही है। उन्होंने कहा था कि: – एक विशाल अंतरिक्ष यान पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करेगा – इंसानों का पहली बार किसी दूसरी सभ्यता से सीधा संपर्क होगा – कुछ लोग इस भविष्यवाणी को हाल ही में सामने आई उन खबरों से जोड़ रहे हैं, जिनमें दावा किया गया कि वैज्ञानिकों ने चिली के पास एक रहस्यमयी वस्तु देखी है, जो तेज रफ्तार से पृथ्वी की ओर बढ़ रही है। हालांकि वैज्ञानिक अभी तक इसे लेकर कोई स्पष्ट निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं।  

झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 18 फरवरी से 19 मार्च तक, कैबिनेट सचिव वंदना डाडेल ने साझा की जानकारी

रांची मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई झारखंड कैबिनेट की बैठक में कुल 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट की प्रमुख घोषणाओं में पलामू में आरओबी के लिए 114 करोड़ रुपये को मंजूरी दी गयी है। वहीं, झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 18 फरवरी से 19 मार्च तक चलेगा। बोकारो के जैनामोड से फुसरो पथ के लिए 157 करोड़ की मंजूरी मिली है। गोड्डा के सैदापुर बियर योजना के लिए भी राशि को मंजूरी मिली है।  

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज: हाई ब्लड प्रेशर बन सकता है गंभीर बीमारियों की वजह

नई दिल्ली आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में हाई ब्लड प्रेशर एक बेहद आम और खतरनाक स्वास्थ्य समस्या बन गई है। तनाव और खराब खान-पान से भी यह लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। इसे 'साइलेंट किलर' भी कहा जाता है, क्योंकि अक्सर इसके गंभीर लक्षण तब तक सामने नहीं आते जब तक यह धमनियों (Arteries) को नुकसान न पहुंचा दे। अनियंत्रित हाई बीपी दिल की बीमारियों, किडनी फेलियर और स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ा देता है। इसलिए, इसे नियंत्रित करने के लिए नियमित चेकअप और सही डाइट बहुत आवश्यक हैं। ज्यादातर मामलों में, शुरुआती हाई बीपी के लक्षण महसूस नहीं होते। हालांकि, जब ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तो शरीर ये गंभीर संकेत दे सकता है, जिन्हें अनदेखा नहीं करना चाहिए।       तेज सिरदर्द, सिर के पिछले हिस्से में लगातार भारीपन या तेज दर्द।     चक्कर आना, थकान, बिना कारण कमजोरी महसूस होना, सिर चकराना।     धुंधली दृष्टि, अचानक सामने धुंधलापन छा जाना।     सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ, थोड़ा चलने पर भी सांस फूलना।     अचानक नाक से खून आना किन चीजों से करें सख्ती से परहेज? नमक की ज्यादा मात्रा नमक में मौजूद सोडियम ब्लड वॉल्यूम को बढ़ाकर धमनियों पर दबाव बढ़ाता है। (पापड़, अचार, और नमकीन स्नैक्स से बचें)। प्रोसेस्ड और डिब्बाबंद फूड्स चिप्स, फ्रोजन फूड और डिब्बाबंद सूप में प्रिजरवेशन के लिए भारी मात्रा में सोडियम और प्रिजर्वेटिव्स होते हैं। चीनी ज्यादा चीनी मोटापा बढ़ाती है और ब्लड वेसल्स को सख्त कर सकती है। इस वजह से कोल्ड ड्रिंक्स और पैकेज्ड जूस हानिकारक हैं।

शनि दोष से मुक्ति चाहते हैं? मकर संक्रांति पर इन दानों से होंगे शनि देव प्रसन्न

भगवान सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने पर हर वर्ष माघ माह में मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है. मकर सूर्य देव के पुत्र शनि देव की राशि है. मकर संक्रांति का पर्व पूरे देश में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है. इस दिन पवित्र नदी में स्नान-दान करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है. मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गंगा समेत अन्य पावन नदियों में स्नान और फिर दान करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है. चूंकि, मकर संक्रांति सूर्य देव से जुड़ा पर्व है, इसलिए इस दिन उनकी विशेष पूजा की जाती है. धार्मिक मत है कि सूर्य देव की पूजा करने से व्यक्ति की हर मनोकामना पूरी होती है. साथ ही आरोग्य जीवन का आशीर्वाद मिलता है. मकर संक्रांति के दिन अगर आप सूर्य देव को प्रसन्न और न्याय के देवता शनि देव की कृपा पाना चाहते हैं, तो इन तीन चीजों का अवश्य दान करें. इन चीजों का दान करने से सौ गुना फल प्राप्त होता है, तो आइए इन चीजों के बारे में जानते हैं. शनि देव को प्रसन्न करने के लिए मकर संक्रांंति पर करें ये चीजें दान काले तिल मकर संक्रांति के दिन स्नान-ध्यान, पूजा, जप-तप के बाद काले तिल का दान अवश्य करें. मान्यता है कि इस दिन काले तिल का दान करने से कुंडली में शनि मजबूत होते हैं. साथ ही शनि देव की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होता है. इस दिन मंदिर में भी काले तिल दान किए जा सकते हैं. घी मकर संक्रांति के दिन पूजा-पाठ के बाद घी का दान अवश्य करें. घी मिश्रित खिचड़ी बनाकर जरूरतमंदों को भोजन कराएं. उड़द की दाल मिश्रित खिचड़ी बनाएं. ऐसा करने से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और शनि देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है. काले कंबल मकर संक्रांति के दिन पूजा, जप-तप के बाद गरीबों और जरूरतमंदों को काले कंबल का दान करें. माना जाता है कि ऐसा करने से शनि देव की कृपा से करियर और कारोबार में मनचाही सफलता मिलती है.

BJP झारखंड इकाई में बड़ा बदलाव, अध्यक्ष पद के लिए आदित्य साहू सबसे आगे

रांची झारखंड बीजेपी को जल्दी ही नया पूर्णकालिक अध्यक्ष मिलने जा रहा है. संगठन पर्व के तहत प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव होगा. माना जा रहा है कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले झारखंड बीजेपी के अध्यक्ष का चुनाव हो सकता है. इसके लिए शनिवार केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम को चुनाव अधिकारी नियुक्त कर दिया गया. ओराम जल्दी ही रांची पहुंच कर प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया को संपन्न कराएंगे. मकर संक्रांति के तुरंत बाद झारखंड बीजेपी को नया अध्यक्ष मिल सकता है. इससे पहले बीजेपी ने 23 जिला अध्यक्षों की नियुक्ति भी कर दी है जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं. झारखंड बीजेपी को जल्द ही नया अध्यक्ष मिल जाएगा. भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में अध्यक्ष के चुनाव के लिए चुनाव अधिकारी नियुक्त किया कर दिया है. जुएल ओरांव को पार्टी चुनाव प्रभारी बनाया जाएगा. 20 जनवरी से पहले झारखंड में नए प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव कर लिया जाएगा. ये चुनाव राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले होगा. भारतीय जनता पार्टी ने इसे लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, केंद्रीय कैबिनेट मंत्री जुएल ओरांव को राज्य अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के चुनाव के लिए झारखंड का राज्य चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है. आदित्य साहू की नियुक्ति कर बीजेपी ने यह संदेश दिया था कि सामान्य कार्यकर्ता भी संगठन की कमान संभाल सकता है. जिला स्तर से राजनीति की शुरुआत करने वाले आदित्य साहू ने प्रदेश स्तर पर अपनी पहचान बनाई और बाद में उन्हें पार्टी ने राज्य सभा भेजा. चर्चा है कि झारखंड के कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहू को ही प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है. आदित्य साहू मौजूदा समय में राज्यसभा सदस्य हैं. राजनीति में आने से पहले वो प्रोफेसर थे. बताते चले कि भारतीय जनता पार्टी लंबे समय से इस दुविधा में है कि वो किसी झारखंड की कमान सौंपे. मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी विधानसभा में नेता विपक्ष भी हैं. अब मरांडी की जगह नया अध्यक्ष बनना था. पूर्व सीएम और कैबिनेट मंत्री अर्जुन मुंडा और प्रदीप वर्मा के नामों की भी चर्चा है. आदित्य साहू और रघुवर दास ओबीसी हैं, जबकि मुंडा आदिवासी. चुनाव अधिकारी के रूप में नियुक्त किए जुएल ओराम ओडिशा के बड़े आदिवासी नेता हैं. इसके जरिए भी बीजेपी ने इस आदिवासी बहुल राज्य में एक राजनीतिक संदेश देने का प्रयास किया है.

ठंड से कांपा बिहार, नालंदा में 3.1 डिग्री न्यूनतम तापमान, कई जिलों के लिए IMD की चेतावनी

पटना बिहार में कड़ाके की ठंड का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहाड़ी इलाकों से आ रही बर्फीली हवाओं और सक्रिय Western Disturbance की वजह से राज्य में शीतलहर और घने कोहरे का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार की रात इस सीजन की अब तक की सबसे सर्द रातों में से एक साबित हुई। नालंदा बना सबसे ठंडा जिला बिहार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, नालंदा में न्यूनतम तापमान गिरकर 3.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो पूरे राज्य में सबसे कम रहा। वहीं शेखपुरा में पारा 3.2°C दर्ज किया गया। राजधानी पटना के मौसम की बात करें तो यहां न्यूनतम तापमान 4.1°C रिकॉर्ड किया गया है, जिससे ठंड की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। इन जिलों में 5 डिग्री से नीचे पहुंचा पारा बीते 24 घंटे में बिहार के कई जिलों में तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है:     पटना – 4.1°C     नवादा, बक्सर – 4.2°C     अरवल – 4.4°C     रोहतास, मुंगेर – 4.6°C     भोजपुर, जहानाबाद – 4.7°C     लखीसराय – 4.8°C 48 घंटे तक शीतलहर का असर, 31 जिलों में ऑरेंज अलर्ट IMD बिहार पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के 31 जिलों में शीतलहर और घना कोहरा को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अगले 48 घंटे तक तापमान में 1–2 डिग्री तक और गिरावट की संभावना जताई गई है। सुबह और देर रात Dense Fog Alert के कारण दृश्यता कम रह सकती है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका है। क्यों बढ़ रही है ठंड? मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, उत्तर भारत में Western Disturbance Active है, जिससे हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है। उत्तर-पश्चिम दिशा से आ रही ठंडी हवाएं सीधे बिहार तक पहुंच रही हैं। इसके साथ ही घना कोहरा सूरज की किरणों को धरती तक पहुंचने से रोक रहा है, जिससे दिन के तापमान में भी खास बढ़ोतरी नहीं हो पा रही। पटना में धूप निकलेगी, लेकिन राहत नहीं पटना कोल्ड डे की कंडीशन बनी रह सकती है। दिन में हल्की धूप दिख सकती है, लेकिन ठंडी हवाओं के चलते ठंड से खास राहत नहीं मिलने की संभावना है। सुबह और रात में कोहरे का असर बना रहेगा। 15 जनवरी के बाद बदल सकता है मौसम बिहार मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 15 जनवरी के बाद पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना बन रही है। बारिश होने पर ठंड और बढ़ सकती है, हालांकि इसके बाद धीरे-धीरे तापमान में सुधार के संकेत भी मिल सकते हैं। फिलहाल अगले दो दिनों तक दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी संभव है, लेकिन रात का टेम्परेचर अभी और गिर सकता है।  

मध्यप्रदेश सरकार का बड़ा फैसला: कर्मचारियों को मिलेगा 400 करोड़ का एरियर

भोपाल मध्यप्रदेश के हजारों सरकारी कर्मचारियों को बीते दिनों हाईकोर्ट की ओर से बड़ी राहत दी गई है। कोर्ट ने प्रोबेशन पीरियड में काम करने वाले कर्मचारियों की वेतन कटौती को अवैध बताया था। कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि जिन कर्मचारियों के वेतन काटे गए हैं। उन्हें एरियर्स समेत पूरी राशि लौटाई जाए। सरकार के द्वारा कर्मचारियों को करीब 400 करोड़ रुपए का भुगतान करना होगा। कमलनाथ सरकार ने लागू किया था नियम दरअसल, साल 2019 में तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने नियम लागू किया था कि नई भर्तियों के तहत कर्मचारियों को प्रोबशेन पीरियड के दौरान 70%, 80% और 90% वेतन दिया जा रहा था। इस फैसले के खिलाफ कर्मचारियों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इधर, मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि सरकार विचार कर रही है कि हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देना है या कर्मचारियों का एरियर वापस लौटाना है। हालांकि, इस पर अंतिम फैसला मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के द्वारा लिया जाएगा। कर्मचारियों को मिलेगा 400 करोड़ रुपए का लाभ अगर फैसला कर्मचारियों के हित में जाता है तो दिसंबर 2019 से दिसंबर 2025 तक 90 हजार से अधिक कर्मचारियों को करीब 400 करोड़ रुपए का लाभ पहुंचेगा। कोर्ट ने एरियर भुगतान के निर्देश हाईकोर्ट के द्वारा राज्य सरकार ने निर्देश दिए हैं कि जिन कर्मचारियों का वेतन अवैध नियम के तहत काटा गया है। उन्हें पूरी राशि का भुगतान एरियर के रूप में लौटाया जाए। अगर कोर्ट के फैसले को सरकार चुनौती नहीं देती तो कर्मचारियों को 100 प्रतिशत वेतनमान के हिसाब से राशि का एकमुश्त भुगतान किया जाएगा।   इस पर तृतीय श्रेणी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी ने बताया कि लोक सेवा आयोग के कर्मचारियों पर ये नियम लागू नहीं था, कर्मचारी चयन आयोग से भर्ती कर्मचारियों पर ये आदेश लागू किया था। इस आदेश के चलते तृतीय और चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान था। अगर पूरे सेवाकाल को जोड़ा जाए तो एक कर्मचारी को करीब 15-20 लाख रुपये नुकसान है।