samacharsecretary.com

कानपुर दौरे पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, 16 जनवरी को 15 जगहों पर भव्य अभिनंदन

कानपुर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी 16 जनवरी को कानपुर दौरे पर रहेंगे। उनके दौरे को लेकर यहां पार्टी कार्यकर्ता जोर शोर से तैयारी में जुटे हुए हैं। प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व संभालने के बाद चौधरी का यह पहला कानपुर आगमन होगा। भाजपा के प्रदेश महामंत्री अनूप गुप्ता ने रविवार को प्रस्तावित स्वागत मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत में नहीं रहेगी कोई कमी दोपहर लगभग तीन बजे कानपुर पहुंचे अनूप गुप्ता ने भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल सहित वरिष्ठ नेताओं के साथ जाजमऊ से लेकर एचबीटीयू तक प्रस्तावित मार्ग का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान विभिन्न स्वागत बिंदुओं का भी निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, ताकि प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत में किसी प्रकार की कमी न रहे। मार्ग निरीक्षण के उपरांत शाम चार बजे एचबीटीयू सभागार में प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत को भव्य बनाने को लेकर एक वृहत बैठक आयोजित की गई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आगमन से पूर्व पूरे कानपुर नगर को भाजपा व भगवा झंडों, होल्डिंग्स और स्वागत द्वारों से सजाया जाएगा। महानगर के सभी प्रमुख चौराहों को विशेष रूप से सजाया जाएगा।         इन स्थानों पर होगा भव्य स्वागत   बैठक में यह भी तय हुआ कि नगर में स्थापित सभी महापुरुषों की प्रतिमाओं पर आगमन से एक दिन पूर्व विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा तथा विधिवत माल्यार्पण किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत के लिये 15 स्थानों पर भव्य स्वागत की योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिसमें कानपुर महानगर के 10 विधानसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ता सहभागिता करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का काफिला जाजमऊ से लाल बंगला, फूलबाग, बड़ा चौराहा, चुन्नीगंज, मोतीझील होते हुए कोका-कोला चौराहा, गोल चौराहा, रावतपुर मार्ग से एचबीटीयू पहुंचेगा। एचबीटीयू में वे कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित करेंगे।

चुनाव आयुक्तों की सुरक्षा पर सवाल, सुप्रीम कोर्ट का केंद्र व चुनाव आयोग को नोटिस

नई दिल्ली मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को मुकदमे से जीवन भर संरक्षण देने के कानून को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट वैधता का परीक्षण करने को तैयार है। एनजीओ लोक प्रहरी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने इस कानून पर कोई रोक नहीं लगाई है। कानून में संशोधन 2023 में किया गया था जिसके तहत मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को ये संरक्षण दिया गया है कि उनके आधिकारिक काम को लेकर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सकता है। सीजेआई सूर्यकांत ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए इसे एक महत्वपूर्ण मुद्दा बताया है। उन्होंने कहा कि वे इस मामले का परीक्षण करेंगे, देखेंगे कि इस प्रावधान से कोई नुकसान हो रहा है या नहीं, और देखेंगे कि क्या संविधान की व्यवस्था के तहत ऐसी छूट दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि फिलहाल स्टे की जरूरत नहीं है। अदालत से प्रावधान पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। याचिकाकर्ता संस्था लोक प्रहरी ने दलील दी कि इतनी व्यापक कानूनी छूट तो भारत के राष्ट्रपति को भी नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि संसद में कानून पर बहस के दौरान मंत्री ने खुद कहा था कि यह विधेयक केवल सेवा शर्तों से संबंधित है। ऐसे में आपराधिक अभियोजन से छूट को सेवा शर्त नहीं माना जा सकता है। याचिका में यह भी कहा गया कि यह प्रावधान स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों को नुकसान पहुंचाता है। याचिकाकर्ता ने अदालत से इस प्रावधान पर तुरंत रोक लगाने की मांग की थी। मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को उनके आधिकारिक कार्यों के लिए मुकदमों से प्रोटेक्शन दिए जाने को लेकर कानून में संशोधन किए जाने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। कानून में संशोधन 2023 में किया गया था, जिसके तहत मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को ये संरक्षण दिया गया है कि उनके आधिकारिक काम को लेकर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सकता है।

जनसुराज में बड़ा भूचाल: प्रशांत किशोर के करीबी नेता ने दिया इस्तीफा, जानिए कारण

पटना बिहार की राजनीति से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) को तगड़ा झटका लगा है। दरअसल, भोजपुरी गायक एवं अभिनेता रितेश पांडे (Ritesh Pandey) ने जन सुराज पार्टी (Jan Suraj) से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसका ऐलान किया है। रितेश पांडे ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "एक जिम्मेदार भारतीय होने के नाते और अधिकार से मैंने जन सुराज पार्टी के साथ जुड़कर लोक तंत्र के महापर्व में भाग लिया, परिणाम अनुकूल नहीं रहे पर मुझे इसका तनिक भी अफसोस नहीं है क्यों की मैंने अपना काम ईमानदारी से किया"। उन्होंने आगे लिखा कि, "खैर-अब उसी काम के माध्यम से आप सभी का सेवा जारी रखना है जिससे आप लोगो ने मुझ जैसे एक मामूली किसान परिवार के लड़के को इतना प्यार दुलार और सम्मान दे कर यहां तक पहुंचाया और इसमें किसी राजनैतिक दल का सक्रिय सदस्य रहकर काम करना बहुत मुश्किल है। करगहर से लड़ा था चुनाव भोजपुरी गायक ने आगे लिखा, आज मैं जन सुराज पार्टी की सदस्यता से इस्तीफ़ा दे रहा हूं। कम शब्दों में अपनी बात को कहने का प्रयास किया है उम्मीद है आप लोग समझेंगे।" बता दें कि रितेश पांडे ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में अपनी किस्मत आजमाते हुए करगहर से चुनाव लड़ा था। उन्होंने जन सुराज की टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन वे जीत हासिल नहीं कर पाए।

डिजिटल पेमेंट के जरिए चल रहा था देह व्यापार, कम उम्र की लड़कियों के शोषण का खुलासा

पटना बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के चर्चित रेड लाइट एरिया चतुर्भुज स्थान में देह व्यापार के एक काले खेल का पर्दाफाश हुआ है। चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद यहां नाबालिग लड़कियों से जबरन जिस्मफरोशी कराई जा रही थी। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब दिल्ली की एक संस्था ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के साथ मिलकर एक गुप्त ऑपरेशन चलाया। दिल्ली से बुना गया रेस्क्यू ऑपरेशन का जाल देह व्यापार की यह घिनौनी हकीकत तब सामने आई जब दिल्ली की संस्था रेस्क्यू फाउंडेशन को सूचना मिली कि मुजफ्फरपुर की गलियों में 13 से 17 साल की बच्चियों को बंधक बनाकर रखा गया है। संस्था के अधिकारी संजय प्रसाद गुप्ता ने इसकी जानकारी राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग को दी। आयोग के निर्देश पर दिल्ली और मुंबई से विशेषज्ञों की एक विशेष टीम मुजफ्फरपुर पहुंची। स्थानीय पुलिस के साथ तालमेल बिठाकर 8 जनवरी को शुक्ला रोड और मैना गली में अचानक रेड मारी गई। दो ठिकानों पर रेड, 6 बच्चियां बरामद  मैना गली (सबाना खातून का घर): यहां से 13, 16 और 17 साल की तीन लड़कियां रेस्क्यू की गईं। मौके से सबाना खातून और उसकी सहयोगी बानो खातून को गिरफ्तार किया गया। लड़कियों ने बताया कि उनसे जबरन धंधा कराया जाता था और सारा पैसा ये महिलाएं रख लेती थीं। शुक्ला रोड (कुमारी पल्लवी का घर): यहां से भी 17 साल की तीन लड़कियां मिलीं। हालांकि मुख्य आरोपी पल्लवी पुलिस के आने से पहले ही फरार होने में कामयाब रही।   हाईटेक हुआ धंधा: कैश नहीं तो स्कैनर तैयार छापेमारी के दौरान पुलिस तब दंग रह गई जब शुक्ला रोड स्थित ठिकाने से एक ATM/डिजिटल स्कैनर बरामद हुआ। बचाई गई लड़कियों ने खुलासा किया कि पल्लवी बहुत शातिर थी यदि किसी ग्राहक के पास नकद (Cash) नहीं होता था तो वह डिजिटल स्कैनर के जरिए ऑनलाइन पेमेंट लेती थी। आगे की कार्रवाई नगर थानेदार कमलेश कुमार के मुताबिक पुलिस ने इमोरल ट्रैफिकिंग एक्ट (अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम) के तहत केस दर्ज कर लिया है। पकड़ी गई दोनों महिलाओं को जेल भेज दिया गया है। सभी 6 नाबालिग लड़कियों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के सामने पेश किया गया है। अब उनके बयान दर्ज किए जाएंगे और उन्हें सुरक्षित पुनर्वास केंद्रों में भेजा जाएगा।  

पंजाब सरकार की नई सौगात: 22 जनवरी से शुरू होगी योजना, 3 करोड़ लोग होंगे लाभान्वित

फतेहगढ़ पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत पंजाब में करीब 3 करोड़ लोगों के 10 लाख रुपए तक के बीमा कार्ड बनाए जाएंगे। इस योजना को जिला स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पंजाब सरकार की ओर से 22 जनवरी से विशेष कैंप लगाकर इसकी शुरुआत की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इसके लिए विशेष कमेटियों का गठन किया गया है और लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए घर-घर जाकर पर्चियां वितरित की जाएंगी, ताकि बीमा कार्ड बनवाने की प्रक्रिया आसान हो सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत जिला फतेहगढ़ साहिब में विभिन्न स्थानों पर 169 कैंप लगाए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर इनकी संख्या और भी बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि बीमा कार्ड बनवाने के लिए आधार कार्ड और पंजाब का वोटर कार्ड होना अनिवार्य है। साथ ही बच्चों के लिए आश्रित कार्ड होना भी जरूरी है। स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी दी कि इस योजना के तहत करीब 650 अस्पतालों को इम्पैनल किया गया है, जिनमें मेडिकल कॉलेज, सभी सरकारी अस्पताल और निजी अस्पताल शामिल हैं। फिलहाल पंजाब सरकार ने इस योजना के लिए 1200 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया है, जिसे जरूरत पड़ने पर 1500 करोड़ रुपए तक बढ़ाया जा सकता है। योजना के लागू होने से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी और मरीज निजी अस्पतालों में भी बिना झिझक इलाज करवा सकेंगे। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में लिवर ट्रांसप्लांट शुरू हो चुके हैं, जबकि किडनी ट्रांसप्लांट जल्द ही शुरू किए जाएंगे। नशे के खिलाफ मुहिम और ठंड से बचाव की अपील स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत शुरू की गई दूसरी मुहिम में नशे की दलदल में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए उन्होंने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं, जो किसी न किसी बीमारी से पीड़ित हैं, वे खुद को ठंड से बचाकर रखें और सुबह-सुबह सैर पर जाने से परहेज करें। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि सर्दी से बचने के लिए घरों में अंगीठी जलाने से जहरीली गैसें निकलती हैं, जिससे मौतों के मामलों में भी बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसी घटनाओं से बचने के लिए घरों की खिड़कियां खुली रखें, ताकि जहरीली गैसों का असर न हो।

‘यह भारत नहीं, हमारी गलियां हैं’—न्यूज़ीलैंड में नगर कीर्तन पर हाका डांस के साथ विरोध

वेलिंग्टन न्यूजीलैंड में धार्मिक सहिष्णुता और बहुसांस्कृतिक मूल्यों पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सिख समुदाय की शांतिपूर्ण धार्मिक शोभायात्रा नगर कीर्तन को लगातार दूसरी बार दक्षिणपंथी समूह के विरोध का सामना करना पड़ा। यह घटना गुरु गोबिंद सिंह की जयंती के अवसर पर ताउरंगा शहर में सामने आई। 11 जनवरी को सुबह करीब 11 बजे नगर कीर्तन गुरुद्वारा सिख संगत से शुरू होकर कैमरन रोड होते हुए ताउरंगा बॉयज कॉलेज की ओर बढ़ रहा था। यह न्यूजीलैंड है, भारत नहीं इसी दौरान दक्षिणपंथी पेंटेकोस्टल नेता ब्रायन तमाकी और उनके डेस्टिनी चर्च समर्थक नगर कीर्तन के मार्ग में पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने पारंपरिक माओरी हाका किया और “यह न्यूजीलैंड है, भारत नहीं” तथा “WHOSE STREETS? KIWI STREETS” जैसे नारे लिखे बैनर लहराए। हालांकि, न्यूजीलैंड पुलिस और सिख समुदाय के स्वयंसेवकों की सतर्कता के चलते स्थिति बिगड़ने से बच गई और नगर कीर्तन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पहले से ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।   तमाकी का भड़काऊ बयान घटना के बाद ब्रायन तमाकी ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए विरोध को “शांतिपूर्ण प्रतिरोध” बताया। उन्होंने दावा किया कि नगर कीर्तन  के दौरान तलवारें और खंजर लहराए गए और इसे “राष्ट्रीय पहचान के लिए खतरा” करार दिया। तमाकी ने आप्रवासन, बहुसांस्कृतिक नीति और सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि न्यूजीलैंड को “ईसाई मूल्यों वाला देश” बनाए रखने के लिए आंदोलन जारी रहेगा।   पहले भी हो चुका विरोध गौरतलब है कि इससे पहले ऑकलैंड में भी गुरु गोबिंद सिंह के पुत्रों साहिबजादों की शहादत की स्मृति में निकाले गए नगर कीर्तन का विरोध किया गया था। उस घटना के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री, अकाल तख्त के जत्थेदार और SGPC ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। यह ताजा घटना न केवल न्यूजीलैंड के सिख समुदाय को चिंतित कर रही है, बल्कि वैश्विक स्तर पर धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ रही है। SGPC की कड़ी निंदा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि नगर कीर्तन सिख धर्म की एक पवित्र, शांतिपूर्ण और विश्वभर में सम्मानित परंपरा है। इसे रोकने की कोशिश धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक सौहार्द पर सीधा हमला है। SGPC ने न्यूजीलैंड और भारत सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

आम बजट का सफर: फाइलों के दौर से ऑनलाइन प्रेज़ेंटेशन तक की कहानी

नई दिल्ली देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय बजट पेश करने जा रही हैं। यह उनका लगातार नौवां बजट होगा, और इसी के साथ वह लगातार 9 बार बजट पेश करने वाली देश की पहली वित्त मंत्री बन जाएंगी। वहीं, भारत के इतिहास का यह 80वां केंद्रीय बजट होगा। भारत का केंद्रीय बजट केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की आर्थिक सोच और नीतिगत दिशा का आईना भी होता है। आजादी के बाद से लेकर अब तक बजट की तारीख, समय, प्रस्तुति की शैली और उसकी प्राथमिकताओं में कई बड़े बदलाव हुए हैं। समय के साथ भारत की अर्थव्यवस्था बदली और उसी के साथ बजट की परंपराएं भी आधुनिक होती चली गईं। भारत में पहली बार बजट 7 अप्रैल 1860 को पेश किया गया था। हालांकि उस समय देश ब्रिटिश शासन के अधीन था। आजाद भारत का पहला केंद्रीय बजट 26 नवंबर 1947 को पेश किया गया था। इसे तत्कालीन वित्त मंत्री आर.के. शनमुखम चेट्टी ने संसद में प्रस्तुत किया। यह बजट आजादी के बाद की शुरुआती आर्थिक चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था, जिसमें देश के पुनर्निर्माण और बुनियादी जरूरतों पर फोकस था। इसके बाद से अब तक बजट की प्रक्रिया में कई बड़े और ऐतिहासिक बदलाव हुए हैं। लंबे समय तक भारत में केंद्रीय बजट हर साल 28 फरवरी को पेश किया जाता रहा। यह परंपरा ब्रिटिश काल से चली आ रही थी। लेकिन साल 2017 में मोदी सरकार ने एक ऐतिहासिक बदलाव करते हुए बजट की तारीख 1 फरवरी कर दी। इसका मकसद यह था कि बजट से जुड़ी योजनाएं नए वित्त वर्ष की शुरुआत यानी 1 अप्रैल से पहले ही लागू की जा सकें और राज्यों को भी अपनी योजनाएं बनाने के लिए ज्यादा समय मिल सके। साल 2019 से पहले बजट को चमड़े के ब्रीफकेस में संसद लाया जाता था। लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस परंपरा को बदलते हुए बजट को लाल रंग के कपड़े में लपेटकर पेश किया। पहले बजट दस्तावेज भारी-भरकम कागजी फाइलों में पेश किए जाते थे। लेकिन साल 2021 में पहली बार भारत का केंद्रीय बजट पूरी तरह डिजिटल फॉर्म में पेश किया गया। इसके साथ ही 'बजट ऐप' भी लॉन्च किया गया, जिससे आम लोग आसानी से बजट से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकें। आजादी के बाद कई दशकों तक भारत में अलग से रेल बजट पेश किया जाता था। लेकिन साल 2017 में रेल बजट को केंद्रीय बजट में ही शामिल कर दिया गया। सरकार का तर्क था कि इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और रेलवे के विकास को समग्र आर्थिक नीति से जोड़ा जा सकेगा। एक समय ऐसा था जब भारत का बजट शाम 5 बजे पेश किया जाता था। लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार (वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा) ने बजट की टाइमिंग बदलकर सुबह 11 बजे कर दी। तब से लेकर आज तक बजट इसी समय पेश किया जाता है। वहीं आम बजट 2026-27 को लेकर चर्चाएं तेज हैं, खासकर इसलिए क्योंकि इस बार बजट की तारीख 1 फरवरी 2026 को रविवार है। इसे लेकर असमंजस की स्थिति जरूर है, लेकिन संसदीय इतिहास बताता है कि जरूरत पड़ने पर शनिवार और रविवार जैसे अवकाश वाले दिन भी कार्यदिवस घोषित किए जा चुके हैं। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि इस पर अंतिम फैसला संसदीय मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति द्वारा सही समय पर लिया जाएगा। अगर 1 फरवरी को बजट पेश होता है, तो यह कोई नई बात नहीं होगी। 2020 में कोविड महामारी के दौरान रविवार को संसद की कार्यवाही हुई थी। वर्ष 2015 और 2016 में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को बजट पेश किया था। 2025 में निर्मला सीतारमण ने भी शनिवार को बजट प्रस्तुत किया था। शुरुआती दौर में बजट का फोकस कृषि, सिंचाई और बुनियादी ढांचे पर था। समय के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, स्टार्टअप, डिजिटल इंडिया, ग्रीन एनर्जी और सामाजिक कल्याण जैसे विषय बजट की प्राथमिकताओं में शामिल होते गए। आज का बजट आत्मनिर्भर भारत, रोजगार सृजन और समावेशी विकास पर केंद्रित नजर आता है। केंद्रीय बजट में हुए ये बदलाव दिखाते हैं कि भारत की आर्थिक नीति समय के साथ अधिक व्यावहारिक, पारदर्शी और आधुनिक होती गई है। तारीख से लेकर समय और प्रस्तुति के तरीके तक, हर बदलाव का उद्देश्य देश के विकास को गति देना और नीतियों को जमीन पर जल्दी उतारना रहा है।

आर्कटिक की जंग: रूस-चीन के बढ़ते असर पर ब्रिटेन-NATO का कड़ा प्लान

लंदन ब्रिटेन ने आर्कटिक क्षेत्र में रूस और चीन से उत्पन्न बढ़ते खतरों को लेकर नाटो के अपने सहयोगी देशों के साथ बातचीत शुरू की है। सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा कि इन चर्चाओं का मकसद आर्कटिक में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना है। ब्रिटेन की परिवहन मंत्री हाइडी एलेक्जेंडर ने रविवार को बताया कि यह बातचीत नाटो की “सामान्य प्रक्रिया” का हिस्सा है और इसे हाल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड को अपने नियंत्रण में लेने की धमकियों से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। हालांकि, ट्रंप ने शुक्रवार को कहा था कि अमेरिका नाटो सहयोगी डेनमार्क के अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए समझौता करना चाहता है, ताकि रूस या चीन वहां अपना प्रभाव न बढ़ा सकें। ट्रंप ने यह भी कहा था, “हम ग्रीनलैंड को लेकर कुछ करने जा रहे हैं, चाहे वे इसे पसंद करें या नहीं।”करीब 57,000 की आबादी वाला ग्रीनलैंड डेनमार्क के संरक्षण में है और उसकी सैन्य क्षमता अमेरिका की तुलना में काफी सीमित है। ग्रीनलैंड में अमेरिका का एक सैन्य अड्डा भी मौजूद है। डेनमार्क की प्रधानमंत्री पहले ही चेतावनी दे चुकी हैं कि ग्रीनलैंड पर किसी भी तरह का कब्जा नाटो की एकता के लिए खतरा होगा।   ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप प्रशासन की लगातार चेतावनियों के बाद अमेरिका और डेनमार्क के रिश्तों में तनाव बढ़ गया है। अमेरिका में डेनमार्क के राजदूत जेस्पर मोलर सोरेनसन ने ग्रीनलैंड में नवनियुक्त अमेरिकी दूत जेफ लैंड्री के उस बयान का कड़ा जवाब दिया, जिसमें कहा गया था कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका ने ग्रीनलैंड की संप्रभुता की रक्षा की थी। सोरेनसन ने कहा कि डेनमार्क हमेशा अमेरिका के साथ खड़ा रहा है, खासकर 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों के बाद, और ग्रीनलैंड के भविष्य पर फैसला करने का अधिकार केवल वहां के लोगों को है। मंत्री हाइडी एलेक्जेंडर ने कहा कि ब्रिटेन इस बात से सहमत है कि आर्कटिक क्षेत्र में रूस और चीन की रणनीतिक प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है और यह नाटो के लिए गंभीर चुनौती है। ब्रिटेन के पूर्व अमेरिकी राजदूत पीटर मैंडेलसन ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि ट्रंप बलपूर्वक ग्रीनलैंड पर कब्जा करेंगे। उन्होंने कहा, “ट्रंप मूर्ख नहीं हैं। आर्कटिक को चीन और रूस से सुरक्षित करना जरूरी है और अगर इस प्रयास का नेतृत्व कोई करेगा, तो वह अमेरिका ही होगा।” आर्कटिक क्षेत्र अब ऊर्जा संसाधनों, नए समुद्री मार्गों और सैन्य रणनीति के कारण वैश्विक राजनीति का अहम केंद्र बनता जा रहा है, जहां आने वाले समय में महाशक्तियों की प्रतिस्पर्धा और तेज होने की आशंका है।    

विवाह के बाद लोहड़ी मनाने जा रही हैं, तो न भूलें ये अहम बातें

लोहड़ी सिख धर्म का काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. हर साल ये त्योहार मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाया जाता है. इस साल यह पर्व 13 जनवरी यानी कल मनाया जाएगा. लोहड़ी का पर्व बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाता है. उत्तर भारत खासकर पंजाब और हरियाणा में ये पर्व बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है. लोहड़ी प्रमुख रूप से कृषि से जुड़ा त्योहार माना जाता है. इस समय किसान अपनी रबी की फसल (खासकर गेहूं और सरसों) को काटने की खुशी मनाते हैं. लोहड़ी की अग्नि में नई फसल का भोग लगाते हैं और भगवान को धन्यवाद देते हैं. जिस घर में नया विवाह हुआ हो वहां इस त्योहार का महत्व दोगुना हो जाता है. अगर आपकी भी विवाह के बाद यह पहली लोहड़ी है, तो इस दिन कुछ खास बातों का ध्यान जरूर रखें. लोहड़ी 2026 शुभ मुहूर्त हर साल की तरह इस साल भी लोहड़ी का पर्व 13 जनवरी कल मंगलवार को मनाया जाना वाला है. वहीं, लोहड़ी संक्रांति के क्षण की शुरुआत 14 जनवरी, 2026 को दोपहर 03 बजकर 13 मिनट पर होगी. अग्नि प्रज्वलन का शुभ समय शाम 06 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगा. ये शुभ समय रात 08 बजकर 30 मिनट तक रहने वाला है. लोहड़ी पर इन बातों का रखें ध्यान लोहड़ी के दिन ज्यादा सादे या काले और सफेद रंग के कपड़े नहीं पहनें. शुभ अवसरों पर काला रंग पहनना वर्जित है. इस दिन पारंपरिक कपड़े जैसे फुलकारी दुपट्टा या भारी सूट पहनें. लोहड़ी की पवित्र अग्नि में तिल, गुड़, रेवड़ी और मूंगफली डालें. कई बार लोग अनजाने में मूंगफली या रेवड़ी खाते-खाते उसी बर्तन से अग्नि में चीजें डाल देते हैं. जो चीजें अग्नि में डालनी हैं वो पहले अलग से निकालकर रख लें. उसे जूठा न करें. ऐसा करना अशुभ होता है. सभी से जो भी उपहार मिले, उसको मुस्कुराकर स्वीकार करें और बड़ों का आशीर्वाद लें. लोहड़ी की अग्नि की परिक्रमा करें. ऐसा करना सौभाग्य और वंश वृद्धि का प्रतीक माना जाता है. लोहड़ी की शाम अग्नि प्रज्वलित करने का समय सबसे मुख्य होता है, उस समय पूजा और आहुति के समय जरूर मौजूद रहें.

करूर भगदड़ मामला: चार्टर्ड प्लेन से दिल्ली आए विजय, CBI पूछताछ के दौरान ऑफिस के बाहर हंगामा

नई दिल्ली तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) प्रमुख व अभिनेता विजय करूर भगदड़ मामले में सीबीआई के समक्ष पूछताछ के लिए सोमवार को पेश हुए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। तमिल सुपरस्टार सुबह 11:29 बजे काली रेंज रोवर में भारी सुरक्षा घेरे में CBI मुख्यालय पहुंचे। आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद, उन्हें एजेंसी की भ्रष्टाचार रोधी इकाई की टीम के पास ले जाया गया जो 27 सितंबर 2025 को तमिलनाडु के करूर में हुई भगदड़ मामले की जांच कर रही है। इस भगदड़ में 41 लोगों की जान चली गई और 60 से अधिक लोग घायल हो गए थे।   अभिनेता-राजनेता के समर्थकों की भारी भीड़ जुटने की आशंका के मद्देनजर सीबीआई कार्यालय भवन के आसपास दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की कई इकाइयों को तैनात किया गया था। कुछ प्रशंसक CBI कार्यालय के बाहर जमा मीडियाकर्मियों के बीच से निकलकर अभिनेता की एक झलक पाने में कामयाब रहे। नोएडा में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम करने वाले प्रशंसक अय्यनार ने को बताया, ‘हम सभी दिल्ली में रहते हैं। हम लगभग 40 प्रशंसक हैं जो अभिनेता की एक झलक पाने के लिए यहां आए हैं। हम सभी विजय के बहुत बड़े प्रशंसक हैं।’ चार्टर्ड विमान से चेन्नई से दिल्ली के लिए रवाना पार्टी सूत्रों के अनुसार विजय अपने सहयोगियों के साथ सुबह 7 बजे चार्टर्ड विमान से चेन्नई से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। सीबीआई ने इस मामले में पार्टी के कई पदाधिकारियों से भी पूछताछ की है। अधिकारियों के अनुसार, सीबीआई ने तमिलनाडु के पूर्व एडीजी (कानून एवं व्यवस्था) एस डेविडसन देवसिरवथम को भी तलब किया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने एसआईटी से यह मामला अपने हाथ में ले लिया था और वह सबूत जुटा रही है।