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शासन और समाज के बीच सेतु की भूमिका में है जनअभियान परिषद: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गांव और ग्रामीण ही देश के विकास की धुरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव शासन और समाज के बीच सेतु की भूमिका में है जनअभियान परिषद ग्रामोदय से अभ्युदय मध्यप्रदेश अभियान में 12 से 26 जनवरी तक मनेगा ग्राम विकास पखवाड़ा 313 विकासखंडों के दो-दो युवाओं को जनअभियान परिषद द्वारा दिया जा रहा है प्रशिक्षण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया राज्यव्यापी ग्राम विकास पखवाड़े के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारा देश बदलाव के दौर से गुजर रहा है। हर तरफ विकास की बयार है। गांव-गांव तक सरकार की योजनाओं की जानकारी और विकास कार्यक्रमों का लाभ पहुंच रहा है। गांव और ग्रामीण ही देश के विकास की धुरी है। इनकी मजबूती में ही देश की मजबूती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनअभियान परिषद शासन और समाज के बीच एक सेतु की भूमिका में है। सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में जनअभियान परिषद का योगदान नि:संदेह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि सबके समन्वित प्रयासों से हम ग्रामोदय से अभ्युदय मध्यप्रदेश का लक्ष्य प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कंवेंशन सेंटर में 'ग्रामोदय से अभ्युदय मध्यप्रदेश अभियान' के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा 12 से 26 जनवरी तक प्रदेश में आयोजित किये जा रहे 'ग्राम विकास पखवाड़े' के 'राज्यस्तरीय उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम' का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। इस पखवाड़े में की जाने वाली गतिविधियों के बारे में परिषद द्वारा प्रदेश के 313 विकासखंडों से प्रत्येक विकासखंड से आये 2-2 युवाओं को दो दिवसीय उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद जी की जयंती से इस ग्राम विकास पखवाड़े का आयोजन प्रदेश में नई ऊर्जा का संचार करेगा। उन्होंने कहा कि हम सबको अपनी ग्रामीण संस्कृति और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण बनाए रखना है। हम सबको राष्ट्र विरोधी ताकतों से एकजुट होकर लड़ना होगा। यही राष्ट्र सेवा और समाज सेवा है। सबके सहयोग से ही हमारी भावना बलवति होगी, फलवती होगी। गांव के विकास में सरकार हर सहयोग करेगी। गांव-गांव तक विकास की बात पहुंचेगी तभी हमारा मध्यप्रदेश आत्मनिर्भर और विकसित मध्यप्रदेश बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनअभियान परिषद् की नवांकुर संस्थाओं एवं प्रस्फुटन समितियों के माध्यम से युवा साथी सरकार के विभिन्न विभागों की दो वर्ष की उपलब्धियों एवं जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों तक पहुंचाएं। ये साथी यह भी सुनिश्चित करेंगे कि योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर भागीदारी करें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आकांक्षाओं, अपेक्षाओं और अभिलाषाओं के अनुरूप विकसित भारत और विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाएं, जिससे प्रदेश के सभी नागरिक भी इस संकल्प को साकार करने में सरकार के सहयोगी बनें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस अभियान में ग्राम स्तर पर उत्सव, चौपाल, रैली, सामूहिक श्रमदान और परिवार सम्पर्क गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पर्यावरण एवं जल का संरक्षण, स्वदेशी एवं स्वावलंबन पर बल देकर जैविक कृषि एवं गौ-संरक्षण को भी बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही शिक्षा संपन्न और संस्कारवान समाज,सामाजिक समरसता को बढ़ावा देकर नागरिक सेवा के भाव का विकास तथा स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में सबकी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही राज्य सरकार के विभिन्न विभागों का मैदानी अमला भी सक्रिय रूप से इस अभियान में सहभागिता करेगा। वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि गांव ही हमारी आत्मा है और हमें मिलजुलकर इसे मजबूत बनाना है। स्वामी विवेकानंद जी ने भारतीय दर्शन को दुनिया तक पहुंचाया। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के विकास का सपना देखा है, हम सबको मिलजुलकर यह सपना पूरा करना है। सरकार सबके हित में काम कर रही है, उसे नीचे तक ले जाने की आवश्यकता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि जन अभियान परिषद् सरकार का सहयोगी बनकर, सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों एवं विकास कार्यक्रमों को गांव-गांव तक लेकर जाएंगे और ग्राम विकास के सरकार के लक्ष्य को पूरा करने मदद करेंगे। जनअभियान परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. मोहन नागर ने कहा कि शिक्षा ही समग्र विकास की धुरी है और हम इसी लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं। हम ग्रामोदय से अभ्युदय मध्यप्रदेश अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने बतायाकि इस अभियान के जरिए परिषद् की प्रस्फुटन समितियां, नवांकुर संस्थाएं, मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम (सीएमसीएलडीपी) के सभी विद्यार्थी एवं परामर्शदाता, परिषद् से जुड़ी स्वैच्छिक संस्थाएं, धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संगठनों द्वारा भी सहभागिता की जा रही है। उन्होंने बताया कि यह ग्राम विकास पखवाड़ा प्रदेश की चुनिदां 13 हजार ग्राम पंचायतों में 12 जनवरी से एक साथ प्रारंभ हो गया है। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ल, मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद के कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड एवं बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री ने 10 युवाओं तथा युवक व महिला मंगल दल को प्रदान किया राज्य स्तरीय विवेकानंद यूथ अवार्ड

लक्ष्य पर एकाग्रता, संकल्प पर दृढ़ता व कर्म में निरंतरता ही स्वामी विवेकानंद का संदेशः मुख्यमंत्री ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ पर सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  सीएम ने स्वामी विवेकानंद व माता जीजाबाई को किया नमन मुख्यमंत्री ने 10 युवाओं तथा युवक व महिला मंगल दल को प्रदान किया राज्य स्तरीय विवेकानंद यूथ अवार्ड  'महाभारत के रिश्ते' अब वसूली के लिए निकलेंगे तो जेल जाएंगेः योगी  स्वामी विवेकानंद यूथ अवॉर्ड के लिए अगली बार से खेल, पर्यावरण व जल संरक्षण पर रहेगा अधिक जोरः सीएम  जुलाई-2026 में फिर होगा 35 करोड़ पौधरोपणः मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारत की सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना को वैश्विक मंच पर परिचित कराने में बड़ी भूमिका का निर्वहन किया था। उन्होंने भारत व भारतीयता को नई पहचान दिलाई। स्वामी विवेकानंद की प्रेरणा आगे बढ़ने के साथ ही हर परिस्थिति में हमारा मार्गदर्शन करती है। सीएम ने नरेंद्र से स्वामी विवेकानंद तक की उनकी यात्रा को साधक से युग प्रवर्तक की यात्रा बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने ‘उठो-जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक मत रुको’ को जीवन का मंत्र बनाया था। उनका संदेश था- जब तक लक्ष्य पर एकाग्रता, संकल्प पर दृढ़ता व कर्म में निरंतरता नहीं होगी, तब तक सफलता प्राप्त नहीं हो सकती। इस भाव को आत्मसात करने वाले को सफल होने से कोई रोक नहीं सकता। सीएम ने युवाओं से कहा कि इच्छाशक्ति और संकल्प हो तो बदलाव के वाहक बन सकते हैं। लीक से हटकर चलने की प्रेरणा हमें आगे बढ़ाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘युवा शक्ति-राष्ट्र शक्ति’ के संकल्प के साथ इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सोमवार को ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ पर आयोजित कार्यक्रम में उक्त विचार प्रकट किए। मुख्यमंत्री ने यहां प्रदर्शनी व लघु फिल्म का अवलोकन किया। उन्होंने 10 युवाओं, तीन युवक मंगल दल व तीन महिला मंगल दल को स्वामी विवेकानंद यूथ अवार्ड प्रदान किया। सीएम ने राष्ट्रनायक छत्रपति शिवाजी महाराज को गढ़ने वाली जीजाबाई मां साहिब की पावन जयंती पर उन्हें नमन किया।  भारत को भारतीयता के आत्मबोध से जागरूक करने में युवा संन्यासी की महती भूमिका सीएम योगी ने कहा कि सुप्त चेतना के कारण जो भारत आत्मबोध लगभग खो चुका था,  स्वामी विवेकानंद उस भारत का प्रतिनिधित्व करते थे। उस समय मुठ्ठी भर विदेशी आक्रांता भारत को गुलाम बनाने में सफल हो गए। चंद लोग भारत को लूट रहे थे। यहां की सभ्यता, संस्कृति और परंपरा को अपमानित किया जा रहा था, उस कालखंड में सुप्त चेतना को जागृत करने व भारत को भारतीयता के आत्मबोध से जागरूक करने के लिए युवा संन्यासी स्वामी विवेकानंद ने महती भूमिका का निर्वहन किया था।  मैं भारत की उस परंपरा से आया हूं, जिसने सदैव मानव कल्याण का मार्ग दिखाया है  सीएम योगी ने कहा कि शिकागो की धर्मसभा में स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि मैं भारत की उस परंपरा से आया हूं, जिसने सदैव मानव कल्याण का मार्ग दिखाया है। हमारे पास बुद्धि, वैभव व बल था, लेकिन हमने जबरन अपनी बात नहीं थोपी, क्योंकि जब भी पीड़ित मानवता भारत की तरफ आई है तो भारत ने उसे शरण, संरक्षण व संवर्धन दिया है। मुझे गर्व है कि मैं हिंदू हूं। यह उद्घोष राष्ट्र को ऊर्जा से भर देने वाला था। भारत में हर हिंदू का संस्कार है कि वह इसे जीवन का मंत्र बनाए।  स्वामी विवेकानंद के विश्वास को मूर्त रूप लेते देख रहे  सीएम ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का दृढ़ विश्वास था कि भारत युवा शक्ति, आध्यात्मिक चेतना के बल पर खुद को विश्व गुरु के रूप में स्थापित करेगा। हम आज उसे मूर्त रूप लेते देख रहे हैं। 1947 में आजादी के एक दिन पहले देश का दर्दनाक विभाजन हुआ। लाखों की संख्या में कत्लेआम हर भारतीय को आहत कर रहा था। हर भारतीय आजादी का उत्सव नहीं मना पाया, लेकिन जब देश आजादी के 75 वर्ष पूरा कर रहा था, तब पीएम मोदी के नेतृत्व में लोग आत्मिक व अंतःकरण से आजादी के अमृत महोत्सव से जुड़े। जो प्रत्यक्ष रूप से नहीं जुड़ सके, वे 'हर घर तिरंगा' का हिस्सा बनकर आगे बढ़े। पीएम मोदी ने 2022 में विकसित भारत का विजन देते हुए स्पष्ट किया कि आजादी के 100 वर्ष पूरे होने पर कैसा भारत चाहिए।  दुनिया में मची उथल-पुथल पर हर देश से आवाज आ रही है कि मोदी जी आप कुछ कीजिए  सीएम मोदी ने कहा कि जिस भारत की कोई सुनता नहीं था, आज उस भारत के बिना दुनिया का काम नहीं चलता। यह भारत की ताकत व सामर्थ्य है। आज मोदी जी बोलते हैं तो दुनिया उनका अनुसरण करती है। दुनिया में मची उथल-पुथल पर हर देश से आवाज आ रही है कि मोदी जी आप कुछ कीजिए। मोदी जी पर इस विश्वास की प्रतीक भारत की युवा शक्ति है। सीएम योगी ने युवा शक्ति से विकसित 2047 के अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।  सीएम ने युवक व महिला मंगल दल से व्यक्त की अपनी अपेक्षा  सीएम ने युवक व महिला मंगल दल के समक्ष दो अपेक्षाएं रखीं। उन्होंने कहा कि हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान, विकास खंड में मिनी स्टेडियम व हर जनपद में बड़े स्टेडियम के लिए कार्य हो रहा है। युवक व महिला मंगल दल भी इस प्रयास में सक्रिय भूमिका निभाएं और अभियान का हिस्सा बनें। ग्राम पंचायत स्तर पर खेलकूद, न्याय पंचायत स्तर पर अलग-अलग टीमें बनाएं, फिर ब्लॉक, जनपद, मंडल व प्रदेश स्तर पर प्रतिस्पर्धा का हिस्सा बनें, जिससे हर स्तर पर अच्छी टीमें तैयार होंगी। इससे नए युवाओं को आगे बढ़ने का प्लेटफॉर्म मिलेगा। सीएम ने पीएम मोदी के विजन 'खेलोगे तो खिलोगे' का जिक्र किया और बताया कि खेलो इंडिया, फिट इंडिया मूवमेंट, सांसद खेलकूद स्पर्धा, राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण लीग, विधायक खेलकूद स्पर्धा चल रही है। युवा खेलकूद प्रतियोगिता में बढ़ेंगे तो टीमवर्क से गांव के विकास में बड़ी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने की अपील की। कहा, नशे के खिलाफ अभियान चलाना होगा, आप गोपनीय सूचना दें, सरकार नशा कारोबारी की संपत्ति जब्त करेगी। नशा युवा पीढ़ी, समाज व राष्ट्र को खोखला बना देता है, इसलिए उसके खिलाफ प्रहार की आवश्यकता है। … Read more

भोपाल में चाइनीज मांझा के खिलाफ जागरुकता अभियान, लोगों को उपयोग न करने की अपील

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चाइनीज मांझा का उपयोग रोकने के लिए जागरुकता अभियान चलाया जाएगा। शहर में अलग-अलग टीम लोगों तक पहुंचकर उन्हें चाइनीज मांझे का इस्तेमाल न करने की सलाह देगी। भोपाल और आसपास के इलाकों में अभियान चलाया जाएगा। क्यों कि पिछले एक दो साल में चाइनीज मांझा के इस्तेमाल से कई दुर्घटनाएं सामने आ चुकी है। ताजा मामले की बात करे तो कल रविवार को इंदौर में एक शख्स का गला कटने से दर्दनाक मौत हुई थी। दरअसल, राजधानी में चाइनीज मांझे का इस्तेमाल करना, बेचना और खरीदने पर प्रतिबंध है। इस संबंध में बीते दिनों पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने आदेश जारी किया था। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा 163 (2) के तहत निर्णय लिया गया था। भोपाल शहर की सीमा में पतंगबाजी में चाइनीज मांझे का उपयोग, विक्रय एवं भण्डारण बैन किया गया था। इसके अलावा जो भी व्यक्ति चाइनीज मांझे के साथ पकड़ा जाएगा, पुलिस उस पर कड़ी कार्रवाई करेगी। आपको बता दें कि भोपाल पुलिस ने पक्षियों, राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया था। क्यों कि हर साल चाइनीज मांझे से लोग गंभीर हादसे का शिकार हुए है। कई लोगों को जानलेवा चोटें आई है। प्रशासन ने दुकानदारों और आम नागरिकों से अपील की है कि सुरक्षित मांझे का ही उपयोग करें। चाइनीज मांझे की सूचना पुलिस को तुरंत दें, ताकि हादसों को रोका जा सके।

एआई का प्रयोग हमें रिएक्टिव नहीं, प्रोएक्टिव अप्रोच के साथ करना है – मुख्यमंत्री

तकनीक जब संवेदना से जुड़ती है, तभी विकास समावेशी बनता है – सीएम योगी आदित्यनाथ एआई का प्रयोग हमें रिएक्टिव नहीं, प्रोएक्टिव अप्रोच के साथ करना है – मुख्यमंत्री यूपी एआई मिशन के तहत लागू होंगे 2000 करोड़ रुपये के कार्यक्रम – सीएम योगी आदित्यनाथ स्वास्थ्य सेवाओं में एआई के प्रयोग में देश में अग्रणी बनेगा उत्तर प्रदेश – मुख्यमंत्री लखनऊ में ‘एआई इन ट्रांसफॉर्मिंग हेल्थकेयर’ कॉन्फ्रेंस का मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आज शासन को रिएक्टिव से प्रोएक्टिव बनाने का सशक्त माध्यम बन रही है। लखनऊ में ‘एआई इन ट्रांसफॉर्मिंग हेल्थकेयर’ विषय पर दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन अवसर पर उन्होंने कहा कि तकनीक जब संवेदना से जुड़ती है, नीति जब नवाचार से संचालित होती है और शासन जब विश्वास पर आधारित होता है, तभी विकास समावेशी बनता है और भविष्य सुरक्षित होता है। उन्होंने बताया कि यूपी एआई मिशन के तहत प्रदेश को स्वास्थ्य सेवाओं में एआई के प्रयोग में देश में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र में कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में एआई के प्रयोग से स्वास्थ्य नीतियों को अधिक सटीक और प्रभावी बनाया जा सकता है। एआई के उपयोग से महामारियों, वेक्टर जनित रोगों के संबंध में डेटा कलेक्शन और उसके फीडबैक से बेहतर निर्णय, बेहतर नीति और बेहतर परिणाम सुनिश्चित किए जा सकते हैं। हमारी सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी उन्नयन और नई तकनीक के प्रयोग को प्रोत्साहित करती रही है। इस क्रम में प्रदेश में मेडिकल डिवाइस पार्क, फार्मा पार्क, लखनऊ में मेडिटेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, गौतम बुद्ध नगर में एआई एंड इनोवेशन आधारित उद्यमिता केंद्र, आईआईटी कानपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा लखनऊ को एआई सिटी के रूप में विकसित करने का कार्य प्रगति पर है। इसी क्रम में यूपी एआई मिशन के तहत लगभग 2000 करोड़ रुपये के कार्यक्रम अगले तीन वर्षों में चरणबद्ध रूप से लागू किए जाएंगे, जो उत्तर प्रदेश को स्वास्थ्य सेवाओं में एआई के प्रयोग में देश में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ग्यारह वर्षों में प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में हमने देश में तकनीक के प्रभाव को जमीनी धरातल पर मूर्त रूप लेते देखा है। उत्तर प्रदेश में भी पिछले आठ वर्षों से हमारी डबल इंजन की सरकार ने आधुनिक तकनीक के माध्यम से शासन के विजन, नीतियों और वेलफेयर योजनाओं को अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने में सफलता हासिल की है। हमने प्रदेश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली में 80,000 दुकानों पर ई-पॉस मशीनें लगवाईं। एकसाथ छापेमारी कर वर्ष 2017 से पहले गरीब लोगों के नाम से बनाए गए 30 लाख फर्जी राशन कार्ड बरामद किए और पात्र व्यक्तियों तक योजना का लाभ पहुंचाया। आज सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली में आम जन की शिकायतें शून्य स्तर पर पहुंच चुकी हैं। उन्होंने कहा कि आज हमारी सरकार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) और डिजिटल ट्रांजेक्शन के माध्यम से प्रदेश में 1 करोड़ 6 लाख परिवारों को वृद्धावस्था, निराश्रित महिला और दिव्यांगजन पेंशन का लाभ सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचा रही है, जिससे योजनाओं का सौ प्रतिशत लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंच रहा है। ये सब तकनीक का सही दिशा और विजन के साथ प्रयोग कर संभव हुआ है। प्रदेश की स्वास्थ्य संरचना में हुए परिवर्तन को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में केवल 40 मेडिकल कॉलेज थे, जो आज बढ़कर 81 हो चुके हैं, जबकि दो एम्स भी संचालित हैं। उन्होंने बताया कि कोविड-19 से पहले कई जिलों में आईसीयू की सुविधाएं नहीं थीं। प्रदेश में ऑक्सीजन प्लांट, डायलिसिस, ब्लड बैंक और डिजिटल डायग्नोस्टिक सुविधाओं का अभाव था। लेकिन आज ये सभी सुविधाएं प्रत्येक जनपद में मौजूद हैं। यही नहीं कोविड काल में शुरू किए गए वर्चुअल आईसीयू और टेली मेडिसिन सेवाओं का लाभ प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों के लोगों को भी मिल रहा है। प्रदेश में इंसेफेलाइटिस उन्मूलन को तकनीक, निगरानी और लक्षित प्रशासन की सफलता का उदाहरण बताते हुए कहा मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस बीमारी से हर वर्ष 12-15 सौ बच्चों की मृत्यु होती थी, आज उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस से होने वाली मृत्यु शून्य है। इसी प्रकार मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर और संस्थागत प्रसव के क्षेत्र में भी प्रदेश ने उल्लेखनीय सुधार किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि टीबी उन्मूलन की दिशा में एआई आधारित टूल्स के माध्यम से रोगियों और जोखिम क्षेत्रों की पहचान, उपचार और निगरानी को प्रभावी बनाया गया है। हमारी सरकार एआई का उपयोग केवल स्वास्थ्य सेवाओं में ही नहीं, आधुनिक पुलिसिंग, कृषि, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में भी कर रही है। अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि एआई मानव द्वारा संचालित होना चाहिए, मानव एआई द्वारा संचालित न हो। हमें आने वाले दिनों में इस संतुलन को बनाए रखना भी आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सम्मेलन व्यावहारिक समाधानों, पायलट परियोजनाओं और समयबद्ध कार्ययोजना की दिशा में सार्थक परिणाम देगा और स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में सहायक सिद्ध होगा। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, उत्तर प्रदेश सरकार में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के मंत्री सुनील शर्मा, राज्यमंत्री अजीत पाल, नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी. के. पॉल एवं अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा अमित कुमार घोष सहित अनेक विषय विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे।

Tesla ने भारत में अपनी स्थिति मजबूत की, बेंगलुरु में नया शोरूम खोलने की तैयारी

बेंगलुरु   एलन मस्क के मालिकाना हक वाली अमेरिकी इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी Tesla ने हाल ही में जानकारी दी है कि मुंबई और दिल्ली में फिजिकल टचपॉइंट खोलने के बाद अब वह भारत में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की योजना बना रही है. कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर घोषणा की है कि वह बेंगलुरु में अपना तीसरा और सबसे नया टचपॉइंट खोलने जा रही है. संभावना जताई जा रही है कि बेंगलुरु में इस टचपॉइंट में चार सुपरचार्जर स्टेशन लगाए जा सकते हैं, ठीक वैसे ही जैसे मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स और नई दिल्ली के एयरोसिटी में टचपॉइंट्स में हैं. Tesla के इंडिया पोर्टफोलियो में अभी सिर्फ़ एक कार Tesla Model Y मौजूद है. भारत में Tesla Model Y दो अलग-अलग बैटरी पैक के साथ बेची जाती है. पहला इसमें 60 kWh बैटरी पैक मिलता है, जबकि दूसरा 75 kWh बैटरी पैक मिलता है. इसके अलावा, भारत में बेची जाने वाली Tesla Model Y सिर्फ़ रियर-व्हील ड्राइव (RWD) वेरिएंट में पेश की गई है, जबकि दुनिया भर में ऑल-व्हील ड्राइव (AWD) वेरिएंट बेचे जाते हैं. Tesla Model Y के दो वेरिएंट हैं, जिसमें 60-kWh बैटरी पैक वाला रियर-व्हील ड्राइव वेरिएंट शामिल है, जिसकी क्लेम्ड रेंज 500 km है. वहीं दूसरी ओर, लॉन्ग-रेंज रियर-व्हील ड्राइव वेरिएंट 75-kWh बैटरी पैक पर चलता है, जिसकी क्लेम्ड रेंज 622 km है.         इसके अलावा, कंपनी भारत में 6 लाख रुपये के प्रीमियम पर ऑटोनॉमस ड्राइविंग देने की उम्मीद कर रही है. हालांकि, भारत में सेल्फ-ड्राइविंग गाड़ियों को कंट्रोल करने वाले कानूनों में अस्पष्टता के कारण, इस फीचर को बाद में लॉन्च किया जा सकता है. Tesla Model Y की कीमत की बात करें तो इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 59 लाख रुपये है और यह 67.89 लाख रुपये तक जाती है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी ने दिल्ली NCR और मुंबई में जो सुपरचार्जर लगाए हैं, वे वर्जन 4 यूनिट हैं, जो दूसरी इलेक्ट्रिक गाड़ियों को भी चार्ज कर सकते हैं. फिलहाल इनका इस्तेमाल सिर्फ Tesla गाड़ियों के लिए ही किया जा सकेगा, और बाद में दूसरी इलेक्ट्रिक गाड़ियों को भी चार्ज करने की अनुमति दी जाएगी. इसके अलावा, Tesla ने गुरुग्राम में DLF होराइजन सेंटर में अपना पहला डेडिकेटेड चार्जिंग स्टेशन खोलकर अपने चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को और बढ़ाया है. इसमें कई तरह के चार्जिंग ऑप्शन हैं, जिसमें चार वर्जन 4 सुपरचार्जर यूनिट शामिल हैं, जो 250 kW की पीक आउटपुट देते हैं और तीन डेस्टिनेशन चार्जर जो 11 kW तक की पावर देते हैं. गुरुग्राम चार्जिंग स्टेशन के लॉन्च के साथ, कंपनी के पास अब तीन बड़े चार्जिंग स्टेशन हो गए हैं, जिनमें 12 सुपरचार्जर यूनिट और 10 डेस्टिनेशन चार्जर यूनिट शामिल हैं.

बोलेरो में लोड 451 किलो गांजे के साथ 2 तस्कर गिरफ्तार

राघोपुर/सुपौल. नशे के सौदागरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में राघोपुर पुलिस को रविवार को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने सिमराही बाजार स्थित जेपी चौक पर घेराबंदी कर एक बोलेरो से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया है। बरामद गांजे का वजन 451 किलोग्राम बताया जा रहा है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 25 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। पुलिस ने मौके से दो तस्करों को गिरफ्तार करने के साथ ही तस्करी में प्रयुक्त बोलेरो गाड़ी को भी जब्त कर लिया है। मिली जानकारी के अनुसार थानाध्यक्ष अमित कुमार को रविवार सुबह सूचना मिली थी कि तस्करों का एक गिरोह अररिया की ओर से गांजे की एक बड़ी खेप लेकर सरायगढ़ भपटियाही की तरफ जाने वाला है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष ने एक विशेष टीम का गठन किया और जेपी चौक पर नाकाबंदी कर पुलिस की संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू कर दी। इसी दौरान अररिया की ओर से आ रही एक सफेद रंग की बोलेरो को पुलिस ने रुकने का इशारा किया। पुलिस को देखते ही गाड़ी में सवार लोग हड़बड़ाने लगे। संदेह होने पर जब पुलिस ने गाड़ी की सघन तलाशी ली, तो 13 बोरों में भरकर रखा गया कुल 451 किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने तत्काल दोनों तस्करों को हिरासत में ले लिया और गाड़ी को थाने ले आई। पुलिस की गिरफ्त में आए तस्करों की पहचान अररिया जिले के रहने वाले तस्करों के रूप में हुई है। जिसका नाम मु. आजीर आलम (28) साकिन हरियाबारा वार्ड 07, थाना अररिया एवं आलम खां (40) साकिन नरहुआ पतराहा वार्ड 04 थाना घूरना, जिला अररिया है। जांच में जुटी पुलिस थानाध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि सूचना मिली थी कि जेपी चौक से गांजे की खेप गुजरने वाली है। घेराबंदी कर 451 किलो गांजा पकड़ा गया है। यह खेप अररिया से सरायगढ़ भपटियाही की ओर ले जाई जा रही थी। इस गिरोह के अन्य नेटवर्क और मुख्य सरगना का पता लगाने के लिए पुलिस जांच को आगे बढ़ा रही है। नशा मुक्ति अभियान को लेकर दिनदहाड़े बाजार के बीचों-बीच हुई इस बड़ी कार्रवाई से मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस तत्परता की सराहना की है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजा कहां से लाया गया था और इसे आगे कहां खपाने की योजना थी।

गरियाबंद जिले को मानव-हाथी द्वंद्व रोकथाम में मिला मुख्यमंत्री उत्कृष्ट पुरस्कार

गरियाबंद. मानव-हाथी द्वंद्व की प्रभावी रोकथाम एवं जनहानि में उल्लेखनीय कमी लाने के लिए गरियाबंद जिले को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान जिले में लागू की गई एलिफेंट ट्रैकिंग अलर्ट एप एवं एआई आधारित ट्रैकिंग प्रणाली के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रदान किया गया। कलेक्टर बीएस उईके ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि गरियाबंद जिला उड़ीसा सीमा से लगते हुए धमतरी एवं महाराष्ट्र के गढ़चिरौली सीमा तक फैले हाथियों के विचरण क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जिले में स्थित सीतानदी टाइगर रिजर्व, जिसमें गरियाबंद एवं धमतरी जिलों के वन क्षेत्र शामिल हैं, लगभग 125 ग्रामों से घिरा हुआ है। इस क्षेत्र में मानव-हाथी द्वंद्व एवं जनहानि की संभावनाएं अधिक रहती हैं। इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए वन विभाग द्वारा हाथी मित्र दल के माध्यम से एआई आधारित ट्रैकिंग कर हाथियों की लोकेशन का पता लगाया जाता है। एलिफेंट ट्रैकिंग अलर्ट एप के माध्यम से संबंधित क्षेत्रों में डिजिटल अलर्ट एवं ग्राम स्तर पर पूर्व सूचना जारी की जाती है। जिससे ग्रामीणों को समय रहते सतर्क किया जा सके। इस पहल के परिणामस्वरूप वर्ष 2023 के बाद से जनहानि एवं मुआवजा वितरण में उल्लेखनीय कमी आई है। सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक श्री वरुण जैन ने बताया कि वर्ष 2022 में मानव-हाथी द्वंद्व के कारण लगभग 78 लाख रुपये का मुआवजा तथा 6 जनों की मृत्यु हुई थी। वहीं वर्ष 2023 में यह आंकड़ा घटकर 22 लाख रुपये एवं 3 मृत्यु, वर्ष 2024 में 15 लाख रुपये एवं शून्य मृत्यु, तथा वर्ष 2025 में 10 लाख रुपये मुआवजा एवं 1 मृत्यु तक सीमित हो गया है। यह आंकड़े इस नवाचार की प्रभावशीलता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं। उन्होंने बताया कि गरियाबंद जिला राजधानी से समीप होने के कारण टाइगर रिजर्व को कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा एवं स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उल्लेखनीय है कि गरियाबंद जिले में सफल संचालन के बाद इस ट्रैकिंग प्रणाली का उपयोग मध्यप्रदेश, कर्नाटक, ओडिशा एवं झारखंड जैसे अन्य राज्यों में भी किया जा रहा है। इस उपलब्धि के संबंध में कलेक्टर बी.एस. उईके ने पत्रकार वार्ता आयोजित कर जानकारी दी। पत्रकार वार्ता में पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर तथा जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि गरियाबंद जिले को विगत वर्ष कुल तीन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में राज्य स्तरीय, राष्ट्रिय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। इनमें जल संचयन जनभागीदारी 1.0 के अंतर्गत तृतीय रैंक, दिव्यांगजनों के लिए उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्य स्तर पर प्रथम पुरस्कार तथा मानव-हाथी द्वंद्व रोकथाम के क्षेत्र में एलिफेंट ट्रैकिंग अलर्ट एप के लिए मुख्यमंत्री उत्कृष्ट पुरस्कार शामिल हैं।

बिना वजह घर में होती है कलह? चाणक्य नीति से जानिए परिवार टूटने की 5 बड़ी वजहें

चाणक्य नीति के अनुसार परिवार में झगड़े सिर्फ शब्दों या घटनाओं की वजह से नहीं होते, बल्कि वहां रहने वाले लोगों की आदतों और विचारों के टकराव से उत्पन्न होते हैं। ऐसे में परिवार में प्रेम और संतुलन बनाए रखने के लिए आइए जानते हैं 5 ऐसे कारण, जो अकसर बनते हैं घर में झगड़े का कारण। एक परिवार पति पत्नी के अलावा कई पीढ़ियों के एक साथ रहने से बनता है। परिवार के सदस्य अगर एकसाथ प्यार से मिलकर रहते हैं तो बड़ी से बड़ी समस्या भी छोटी लगने लगती है। लेकिन परिवार में अगर आपसी झगड़े होने लगे तो जीवन बेहद कठिन लगने लगता है। क्या आप जानते हैं आखिर परिवारों में कलह की बड़ी वजह क्या होती है ? इस सवाल का जवाब चाणक्य नीति में दिया गया है। चाणक्य नीति के अनुसार परिवार में झगड़े सिर्फ शब्दों या घटनाओं की वजह से नहीं होते, बल्कि वहां रहने वाले लोगों की आदतों और विचारों के टकराव से उत्पन्न होते हैं। ऐसे में परिवार में प्रेम और संतुलन बनाए रखने के लिए आइए जानते हैं 5 ऐसे कारण, जो अकसर बनते हैं घर में झगड़े का कारण। एक-दूसरे की अनदेखी जब परिवार के सदस्य एक-दूसरे की भावनाओं को अनदेखा करके सिर्फ अपना स्वार्थ देखते हैं, तो दिलों में दूरियां बढ़ने लगती हैं। चाणक्य कहते हैं कि सम्मान और संवाद हर रिश्ते की बुनियाद हैं। अगर परिवार में किसी की बात नहीं सुनी जाती, तो वह अकेलापन महसूस करता है। इससे संघर्ष की संभावना बढ़ जाती है। बाहरी लोगों का हस्तक्षेप चाणक्य नीति कहती है कि पारिवारिक मामलों में बाहरी लोगों का हस्तक्षेप रिश्तों को बिगाड़ सकता है। जब दूसरों की बातें परिवार के सदस्यों को भड़काने लगती हैं, तो परिवार में कलह का वातावरण बढ़ जाता है। पारिवारिक निर्णय परिवार के भीतर ही लिए जाने चाहिए। बाहरी हस्तक्षेप से विश्वास टूट जाता है। झूठ बोलने और धोखा देने की आदत झूठ और छल रिश्तों की डोर को कमजोर बनाते हैं। चाणक्य नीति के अनुसार जिस घर में सत्य का वास नहीं होता, वहां शांति कभी नहीं रुकती। एक झूठ कई रिश्तों को तोड़ सकता है। परिवार में पारदर्शिता और ईमानदारी आवश्यक है। अहंकार और क्रोध चाणक्य नीति के अनुसार व्यक्ति का क्रोध और अहंकार घर के सबसे बड़े विनाशक हैं। जब परिवार का कोई सदस्य हमेशा खुद को सही समझता है और दूसरों को नीचा दिखाता रहता है, तो घर के सदस्यों के बीच कलह बढ़ती है। विनम्रता और धैर्य ही परिवार को एकजुट बनाए रख सकते हैं। व्यक्ति को अपनी हर बात का जवाब क्रोध से नहीं बल्कि बुद्धिमत्ता से देना चाहिए। धन और संपत्ति का लोभ चाणक्य नीति कहती है कि धन का लोभ व्यक्ति का सबसे बड़ा शत्रु है। जब परिवार में धन को लेकर मतभेद होते हैं, तो कलह बढ़ जाती है। पारिवारिक निर्णय आपसी समझ और विश्वास के साथ लिए जाने चाहिए। लोभ रिश्तों को खोखला कर देता है।

अलवर के रिहायशी इलाके में टाइमर ‘बमनुमा’ वस्तु से मचा हड़कंप

अलवर. राजस्थान के अलवर शहर के विवेकानंद नगर सेक्टर-4 में सोमवार सुबह टाइमर लगी बमनुमा वस्तु से मिलने से हड़कंप मच गया। पुलिस के मुताबिक बमनुमा वस्तु एक रिहायशी इलाके में स्थित एक घर के पास मिली है। पुलिस के मुताबिक सूचना मिलते ही जयपुर से आतंकवाद विरोधी दस्ते और बम निरोधक दस्ता बुला लिया गया है जो कि संदिग्ध वस्तु की जांच करेगी। पुलिस के मुताबिक संदिग्ध वस्तु अरावली विहार क्षेत्र के विवेकानंद नगर सेक्टर-4 में देखी गई। पुलिस ने तुरंत इलाके को घेर लिया और एहतियात के तौर पर संदिग्ध वस्तु को आनन-फानन में शहर से लगभग साढ़े छह किलोमीटर दूर जयसमंद बांध के पास एक सुनसान स्थान पर रखा दिया। पुलिस ने बताया कि बांध के आसपास के इलाके को सील कर दिया गया है और लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है। पुलिस संदिग्ध वस्तु पर लगातार नजर रखे हुए हैं। पुलिस को सुबह कंट्रोल रूम के जरिए बमनुमा वस्तु की सूचना मिली थी। पुलिस तुरंत रिहायशी इलाके में पहुंची और वस्तु को चेक किया। पुलिस को संदेह हुआ और इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस के उच्च अधिकारियों को दी गई। बताया जा रहा है कि बमनुमा वस्तु में टाइमर लगा हुआ है और साथ में कुछ पदार्थ भी है। आपको बता दें कि पुलिस संदिग्ध वस्तु को ऐसे इलाके में लेकर पहुंची है जहां आस-पास कोई आबादी नहीं है।

लोक संस्कृति, और पतंगबाज़ी का 14 को दिखेगा अनूठा संगम

जयपुर. राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और पर्यटन पहचान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सशक्त करने वाला काइट फेस्टिवल 2026 इस वर्ष भी अपने भव्य और आकर्षक स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। पर्यटन आयुक्त रूकमणी रियाड़ के अनुसार इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी भी कार्यक्रम में सहभागिता करेंगी। उनकी उपस्थिति आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान करेगी और यह राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाएगी, जिसके तहत राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर, लोक परंपराओं और पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। पर्यटन आयुक्त ने कहा कि दो दशकों से भी अधिक समय से निरंतर आयोजित हो रहा यह उत्सव आज केवल एक पारंपरिक आयोजन नहीं रह गया है, बल्कि यह राजस्थान के इवेंट-बेस्ड टूरिज़्म का प्रमुख और विश्वसनीय ब्रांड बन चुका है। विभाग के उपनिदेशक उपेंद्र सिंह शेखावत के अनुसार 14 जनवरी 2026 को आयोजित होने वाले इस उत्सव का एक दिवसीय कार्यक्रम सुबह 11.00 बजे से दोपहर 2.00 बजे तक जलमहल की पाल, आमेर रोड, जयपुर पर आयोजित किया जाएगा। ऐतिहासिक जलमहल, शांत झील और खुले आसमान के बीच रंग-बिरंगी पतंगों की उड़ान पर्यटकों और शहरवासियों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रचेगी। कार्यक्रम के अंतर्गत लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, पतंगों की प्रदर्शनी, पतंग निर्माण का लाइव प्रदर्शन तथा फैंसी पतंग उड़ाने का विशेष डेमोंस्ट्रेशन आयोजित किया जाएगा। पर्यटकों के आकर्षण के लिए पारंपरिक व्यंजनों का निःशुल्क वितरण, विदेशी सैलानियों के लिए निःशुल्क पतंगें तथा निःशुल्क ऊँटगाड़ी सवारी जैसी विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी। शेखावत ने बताया की दिनभर के सांस्कृतिक और पारंपरिक उत्सव के बाद शाम 6.30 बजे से आयोजन का दूसरा चरण प्रारंभ होगा। इस दौरान लालटेन उड़ाने का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, इसे लालटेन उत्सव का का नाम दिया गया है। इसके बाद हवामहल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में भव्य आतिशबाज़ी की जाएगी। गुलाबी शहर के आसमान में रोशनी और रंगों से सजी यह आतिशबाज़ी काइट फेस्टिवल का प्रमुख आकर्षण होगी, जो उत्सव को यादगार समापन प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि काइट फेस्टिवल 2026 एक बार फिर यह संदेश देता है कि राजस्थान केवल देखने की जगह नहीं, बल्कि दिन से रात तक जीने और महसूस करने वाला अनुभव है जहां दिन में आसमान पतंगों से संवाद करता है और रात में ऐतिहासिक धरोहरें रोशनी में नहाकर उत्सव की साक्षी बनती हैं। गौरतलब है कि काइट फेस्टिवल वर्षों से शहरवासियों, देशी पर्यटकों और विदेशी सैलानियों के बीच अत्यंत लोकप्रिय रहा है। हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक इस उत्सव के माध्यम से राजस्थान की जीवंत संस्कृति, लोक कला और आतिथ्य परंपरा का अनुभव करते हैं। यह आयोजन राजस्थान पर्यटन विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसे जिला प्रशासन जयपुर, जयपुर नगर निगम एवं पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग का सहयोग प्राप्त है।