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दिसंबर में गुड्स ट्रैफिक से 572.57 करोड़ रुपये का ओरजिनेटिंग रेवेन्यू अर्जित

दिसम्बर माह में गुड्स ट्रैफिक से 572 करोड़ 57 लाख रूपये का ओरजिनेटिंग रेवन्यू अर्जित किया  जबलपुर  पश्चिम मध्य रेल में जबलपुर, भोपाल एवं कोटा तीनों मण्डलों के माल यातायात में निरंतर वृद्धि हो रही है। महाप्रबंधक के मार्गदर्शन में बेहतर प्रदर्शन करते हुए पश्चिम मध्य रेल ने दिसम्बर माह में 572 करोड़ 57 लाख रूपये माल यातायात से ऑरिजनेटिंग राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वर्ष की इसी माह में 489 करोड़ 01 लाख रूपये की तुलना में 17 प्रतिशत अधिक है तथा रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित लक्ष्य 532 करोड़ 05 लाख रूपये ऑरिजनेटिंग रेवन्यू से लगभग 08 प्रतिशत अधिक है।    इसी प्रकार माल यातायात से दिसंबर माह में मण्डल वाइस बात करे तो जबलपुर मण्डल ने रूपये 398 करोड़ 35 लाख, भोपाल मण्डल ने 102 करोड़ 05 लाख एवं कोटा मण्डल ने रूपये 72 करोड़ 18 लाख का कुल ऑरिजिनेटिंग रेवेन्यू अर्जित किया है। माल यातायात के लिए निम्नलिखित प्रयास किये जा रहे हैं :-  मालगाड़ियों की औसत गति में वृद्धि करके अलग-अलग रेल खण्ड की क्षमता में वृद्धि और इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी बढ़ाया। साथ ही साथ ऑपरेशनल सुधार भी किए गए।   गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल/ साइडिंग को बढ़ाने का निरंतर प्रयास किये जा रहे है।   गुड्स टर्मिनल की वर्किंग में सुधार एवं मालगाड़ियों के डिटेंशन को कम किया गया। इससे मालगाड़ियों के संचालन में तेजी आई और माल ढुलाई में वृद्धि हुई।  माल गोदामों में राउण्ड द क्लॉक यानि चौबीस घंटे लोडिंग एवं अनलोडिंग सेवाएँ शुरू की गईं ।   नए माल गोदामों को विकसित करके उन्नयन कार्य किया जा रहा है।   नई रेल लाइन/दोहरीकरण/तिहरीकरण जैसे अधोसरंचना कार्यों में गति प्रदान की जा रही है।         पश्चिम मध्य रेल द्वारा माल यातायात की उत्तरोत्तर वृद्धि के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है और आगे भी जारी रखेगा।  

धान का 21 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से हो रहा उपार्जन

दंतेवाड़ा. खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में धान खरीदी का कार्य सुचारू और पारदर्शी तरीके से संचालित किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासन के मंशानुरूप किसानों से निर्धारित मापदंडों के तहत धान की खरीदी की जा रही है और व्यवस्था को लेकर किसान पूरी तरह संतुष्ट हैं। प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया गया है कि प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है और उन अफवाहों का खंडन किया है, जिनमें कहा जा रहा था कि केवल 12 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदा जा रहा है। किसानों को उनकी पूरी उपज के लिए नियमानुसार टोकन जारी किए जा रहे हैं। किसानों से अपील की गई है कि वे केवल इस खरीफ सीजन का साफ-सुथरा और सुखाया हुआ धान ही उपार्जन केंद्रों पर लाएं। पुराने धान को खपाने की कोशिश या भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। शासन के संज्ञान में आया है कि कुछ तत्वों द्वारा धान खरीदी को लेकर संगठित रूप से भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है। जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि गलत अफवाह फैलाकर व्यवस्था को बाधित करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी। उल्लेखनीय है कि हाल ही में मोखपाल धान खरीदी केंद्र में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने किसानों से सीधा संवाद किया है। चर्चा के दौरान किसानों ने बताया कि उन्हें टोकन प्राप्त करने और बारदाना मिलने में कोई समस्या नहीं हो रही है। किसानों ने समिति की कार्यप्रणाली और वहां की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया है। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य जितेन्द्र सोरी, जनपद पंचायत कटेकल्याण अध्यक्ष हपारांम कोवाड़ी, सहकारी समिति अध्यक्ष भीमाराम, और अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे। साथ ही प्रशासनिक स्तर पर खाद्य अधिकारी, नायब तहसीलदार, जिला विपणन अधिकारी, सहायक आयुक्त (सहकारिता) ,शाखा प्रबंधक जिला सहकारी बैंक दंतेवाड़ा और कृषि विस्तार अधिकारी ने भी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

अंतरराष्ट्रीय सेमीनार में एम.पी. ट्रांसको के कार्यपालन अभियंता हितेश तिवारी के शोधपत्र को मिली सराहना –

  जबलपुर  अंतरराष्ट्रीय विद्युत ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा विषय पर आयोजित 6वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में एम.पी. पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के कार्यपालन अभियंता इंजीनियर हितेश तिवारी द्वारा प्रस्तुत शोधपत्र को व्यापक सराहना मिली है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई.आई.टी.) भिलाई के इलेक्ट्रिकल विभाग द्वारा, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एन.आई.टी.) जमशेदपुर के सहयोग से भिलाई में आयोजित इस सम्मेलन में “ऑप्टिमल ग्रिड इंटीग्रेशन प्लानिंग एंड इकोनॉमिक असेसमेंट ऑफ़ ए सोलर- बी.ई.एस.एस. हाइब्रिड सिस्टम” विषय पर यह शोधपत्र प्रस्तुत किया गया।           पी.एच.डी. स्कॉलर एवं एम.पी. ट्रांसको, जबलपुर के योजना एवं डिजाइन विभाग में कार्यपालन अभियंता के पद पर पदस्थ इंजीनियर हितेश कुमार तिवारी, द्वारा प्रस्तुत इस शोध में सौर ऊर्जा एवं बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली के ग्रिड एकीकरण की तकनीकी व्यवहारिता एवं आर्थिक मूल्यांकन पर महत्वपूर्ण विश्लेषण किया गया है। इस शोधकार्य का मार्गदर्शन जी.जी.आई.टी.एस. जबलपुर के डॉ. राजीव कुमार चौहान एवं जी.एल.ए. यूनिवर्सिटी, मथुरा के डॉ. संजय कुमार मौर्य द्वारा किया गया। इस सम्मेलन में देश-विदेश के अनेक शोधकर्ताओं एवं प्रसिद्ध विद्युत विशेषज्ञो ने सहभागिता की।  

हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण 31 को ई-नीलामी से बेचेगा फ्लैट और प्लॉट

चंडीगढ़. हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) इस माह कई व्यावसायिक संपत्तियों की बिक्री करेगा। एचएसवीपी ने ई-नीलामी का ब्योरा तैयार कर लिया है। 28 जनवरी से ई-नीलामी की प्रक्रिया शुरू होगी। एचएसवीपी ने बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की बोली की योजना तय की है। एचएसवीपी ने नीलामी के लिए नियमों में बदलाव किया है। बीते साल 19 सितंबर को संशोधित ई-नीलामी नीति के अनुसार बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों जैसे होटल, बहु मंजिला इमारतों के लिए अब केवल न्यूनतम दो ईएमडी (बयाना राशि जमा करना) ही अनिवार्य होंगी। इस श्रेणी के लिए 31 जनवरी को ई-नीलामी होगी। प्राधिकरण के ब्योरे के अनुसार सभी जोन में आवासीय और व्यावसायिक साइट की बिक्री के लिए 28 जनवरी को ई-नीलामी होगी जिनमें नर्सिंग होम, क्लीनिक, सभी स्कूल साइट आदि शामिल हैं। इसी तरह से गुरुग्राम और रोहतक जोन की आवासीय और व्यावसायिक साइट (सामान्य) के लिए 29 जनवरी को नीलामी होगी।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सूरजपुर में 15.50 करोड़ के कार्यों का किया शुभारंभ

रायपुर. महिला एवं बाल विकास मंत्री और भटगांव विधायक लक्ष्मी राजवाड़े आज सूरजपुर जिले में 15.50 करोड़ रुपये की लागत से किए जा रहे तीन महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्यों के कार्यप्रारंभ पूजन कार्यक्रम में सम्मिलित हुईं। इन कार्यों के शुभारंभ से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा सुदृढ़ होगी और विकास को नई गति मिलेगी। मंत्री राजवाड़े अपने गृह ग्राम बीरपुर से कसलगिरी सड़क निर्माण कार्य के कार्यप्रारंभ पूजन में ग्राम कसलगिरी, पंचायत भवन के पास सम्मिलित हुईं। इसके पश्चात उन्होंने ग्राम केंवटाली से सुन्दरपुर सड़क निर्माण कार्य के शुभारंभ अवसर पर ग्राम केंवटाली चौक में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता की। वहीं ग्राम गंगौटी से शिवपुर सड़क निर्माण कार्य के कार्यप्रारंभ पूजन कार्यक्रम में ग्राम शिवपुर, यादव पारा में भी मंत्री राजवाड़े सम्मिलित हुईं। इस अवसर पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सुदृढ़ सड़कें ग्रामीण विकास की आधारशिला हैं। इन मार्गों के निर्माण से ग्रामीणों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी, किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को लाभ होगा तथा स्वास्थ्य, शिक्षा और बाजार तक पहुंच आसान होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांव, गरीब और वंचित वर्ग के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। अधोसंरचना विकास के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है, जिससे रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।क्षेत्र वासियों ने सड़क निर्माण कार्यों के शुभारंभ पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार के प्रति आभार प्रकट किया।

आरा जंक्शन पर RPF ने मानव तस्करों के चंगुल से छुड़ाए 100 बच्चे

आरा. दानापुर रेल मंडल के अंतर्गत रेल संपत्ति और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर आरपीएफ द्वारा लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार की रात आरपीएफ कमांडेंट के निर्देश पर आरा जंक्शन पर एक बड़ी और सराहनीय कार्रवाई को अंजाम दिया गया, जहां 100 बच्चों को मानव तस्करी के चंगुल से सुरक्षित बचा लिया गया। इस कार्रवाई का नेतृत्व आरपीएफ निरीक्षक दीपक कुमार ने किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरा जंक्शन से दानापुर–सिकंदराबाद एक्सप्रेस ट्रेन के माध्यम से इन सभी बच्चों को अवैध रूप से दूसरे राज्यों में ले जाने की तैयारी की जा रही थी। ट्रेन के प्रस्थान से पूर्व प्लेटफॉर्म पर इतनी बड़ी संख्या में बच्चों की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए आरपीएफ निरीक्षक को शक हुआ और उन्होंने बच्चों से और उनके साथ लोगों से पूछताछ शुरू की। इसमें बच्चों की संख्या असामान्य पाई गई और उनके साथ मौजूद लोगों से जब पूछताछ की गई, तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसे पूरा मामला खुल गया और पता चला कि बच्चों को ट्रेन से कहीं ले जाया जा रहा था। आरपीएफ निरीक्षक ने बताया कि बच्चों को सुरक्षित कर लिया गया है और दो लोगों से हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है।

WI vs AFG T20: वेस्टइंडीज ने किया स्क्वॉड का ऐलान, इस खिलाड़ी को मिला पहला मौका

नई दिल्ली अफगानिस्तान के खिलाफ 19 जनवरी से शुरू हो रही 3 मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज के लिए वेस्टइंडीज की टीम का ऐलान हो गया है। एक नए खिलाड़ी को भी टीम में शामिल किया गया है, लेकिन साउथ अफ्रीका की टी20 लीग में खेल रहे खिलाड़ियों को नजरअंदाज किया गया है, क्योंकि वे लीग के साथ अपने कमिटमेंट्स की वजह से उपलब्ध नहीं हैं। 16 सदस्यीय टीम वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड ने इस सीरीज के लिए चुनी है। क्वेंटिन सैम्पसन को पहली बार वेस्टइंडीज की टीम में चुना गया है। दुबई में 19 से 22 जनवरी के बीच तीन मैचों की सीरीज अफगानिस्तान की मेजबानी में वेस्टइंडीज की टीम खेलेगी।   रेगुलर कैप्ट शाई होप की गैरमौजूदगी में ब्रैंडन किंग टीम की कप्तानी करेंगे। शाई होप SA20 कमिटमेंट्स की वजह से इस सीरीज में सिलेक्शन के लिए उपलब्ध नहीं थे। शाई होप उन चार खिलाड़ियों में से एक हैं, जो इस सीरीज की बजाय एसए20 में खेलेंगे। उनके अलावा इस लीग में रोस्टन चेज, अकील हुसैन और शेरफेन रदरफोर्ड भी खेलना जारी रखेंगे, जबकि टीम अफगानिस्तान से इंटरनेशनल सीरीज खेलेगी। 25 साल के गुयाना अमेजन वॉरियर्स के बैट्समैन क्वेंटिन सैम्पसन, कैरेबियन प्रीमियर लीग 2025 में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में शामिल थे। सैम्पसन 9 मैचों में 151.57 के स्ट्राइकरेट से 241 रन बनाए थे। शमर जोसेफ और एविन लुईस की भी टीम में वापस हो गई है। वे अभी तक चोटिल थे। अल्जारी जोसेफ, जो पीठ के निचले हिस्से में चोट के कारण भारत में टेस्ट सीरीज नहीं खेल पाए थे, उनको अभी भी टीम में जगह नहीं मिली है। वे रिहैब जारी रखेंगे। वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत रोवमैन पॉवेल को जेसन होल्डर और रोमारियो शेफर्ड के साथ सीरीज से आराम दिया गया है। अफगानिस्तान के खिलाफ T20I सीरीज के लिए वेस्टइंडीज टीम ब्रैंडन किंग (कप्तान), एलिक एथनेज, केसी कार्टी, जॉनसन चार्ल्स, मैथ्यू फोर्ड, जस्टिन ग्रीव्स, शिमरोन हेटमायर, आमिर जंगू, शमर जोसेफ, एविन लुईस, गुडाकेश मोती, खैरी पियरे, क्वेंटिन सैम्पसन, जेडन सील्स, रेमन सिमंड्स और शमर स्प्रिंगर कैरेबियाई टीम के हेड कोच डैरेन सैमी ने कहा कि अफगानिस्तान के खिलाफ ये टी20 सीरीज भारत और श्रीलंका में होने वाले T20 वर्ल्ड कप की तैयारियों में अहम भूमिका निभाएगी। सैमी ने कहा, "सबकॉन्टिनेंटल कंडीशंस में कॉम्पिटिटिव मैच खेलने का मौका बहुत अच्छा है, क्योंकि यह एक कॉम्पिटिटिव T20 वर्ल्ड कप से पहले हमारी तैयारियों और कॉन्फिडेंस बढ़ाने में मदद करेगा। यह उन खिलाड़ियों को परखने के लिए भी एक अच्छा प्लेटफॉर्म है, जो 2025 के आखिर में काफी समय तक नहीं खेल पाए थे, साथ ही उन खिलाड़ियों को भी जो फाइनल टीम के सिलेक्शन से पहले इस सीरीज में अहम भूमिका निभाएंगे।"  

आरटीई की सीटों का आरक्षण के दौरान पोर्टल पर सर्वर एरर ने बढ़ाई परेशान

लुधियाना. निजी स्कूलों के लिए आर.टी.ई. एक्ट के तहत 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का सरकारी फरमान परेशानी का सबब बन गया है। एक तरफ जहां डिप्टी कमिश्नर (डी.सी.) हिमांशु जैन ने 12 जनवरी तक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य की है, वहीं दूसरी तरफ शिक्षा विभाग की तकनीकी खामियों और अधूरी तैयारी ने स्कूलों के पसीने छुड़ा दिए हैं। सोमवार को जब स्कूलों ने विभाग के पोर्टल पर लॉग इन करने की कोशिश की तो तकनीकी गड़बड़ियों के कारण अधिकांश स्कूल रजिस्ट्रेशन करने में नाकाम रहे। पोर्टल का बुरा हाल, पासवर्ड हैड ऑफिस के पास निजी स्कूल प्रबंधकों का कहना है कि विभाग के पास कई स्कूलों का यूडाइस डाटा ही उपलब्ध नहीं है। विडंबना यह है कि कई स्कूलों के पास लॉग इन आई.डी. (यूडाइस कोड) तो है लेकिन पासवर्ड गायब है। जब स्कूलों ने इस संबंध में विभाग से संपर्क किया तो स्थानीय अधिकारियों ने हाथ खड़े करते हुए कहा कि पासवर्ड केवल हैड ऑफिस से ही मिलेगा। ऐसे में सवाल यह उठता है कि यदि पोर्टल ही तैयार नहीं था, तो स्कूलों पर सख्त समय-सीमा का दबाव क्यों बनाया जा रहा है? लॉग इन के समय लगातार 'सर्वर एरर' आने से स्कूल संचालक मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। डी.सी. के सख्त आदेश लेकिन विभाग की सुस्त चाल उल्लेखनीय है कि डी.सी. हिमांशु जैन ने लुधियाना के सभी प्राइवेट गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों (अल्पसंख्यक संस्थानों को छोड़कर) को आर.टी.ई. एक्ट के तहत कमजोर और पिछड़े वर्गों के लिए 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आर.टी.ई. पोर्टल पर स्कूलों को अपनी एंट्री-लैवल सीटें, ट्यूशन फीस और मान्यता (सी.ओ.आर.) नंबर अपलोड करना अनिवार्य है। प्रशासन ने दाखिला प्रक्रिया और फीस वसूली पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है लेकिन विभाग द्वारा प्रदान किया गया तकनीकी ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है। नियमों का हवाला और दंडात्मक कार्रवाई का डर प्रशासनिक आदेशों के अनुसार, इन आरक्षित सीटों पर केवल परिवहन शुल्क लेने की अनुमति है और किसी भी तरह के टैस्ट या इंटरव्यू पर पाबंदी है। नियमों की अनदेखी पर मान्यता रद्द करने या भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान भी है लेकिन स्कूल संचालकों का तर्क है कि जब विभाग का अपना पोर्टल ही सही ढंग से काम नहीं कर रहा, तो वे समय-सीमा के भीतर जानकारी कैसे अपलोड करें? निजी स्कूलों ने विभाग की इस लचर कार्यप्रणाली पर कड़ा रोष जताया है और मांग की है कि रजिस्ट्रेशन की तारीख बढ़ाने के साथ तकनीकी समस्याओं को तुरंत हल किया जाए।

आर्मी चीफ की हुंकार: PAK के 8 कैंपों पर सेना की नजर, संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत एक्शन होगा

 नई दिल्ली भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 13 जनवरी 2026 दोपहर 12 बजे से मानेकशॉ सेंटर में वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इसमें उन्होंने कहा कि IB और LC के सामने 8 आतंकी कैंप हैं. जिसमें ट्रेनिंग जैसी गतिविधि चल रही है. सेना की नजर है. अगर एक गलती की तो तुरंत सख्त एक्शन लिया जाएगा.  यह प्रेस कॉन्फ्रेंस आर्मी डे (15 जनवरी) से पहले हुई, जिसमें उन्होंने देश की सुरक्षा स्थिति, सीमाओं पर हालात, आधुनिकीकरण और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से बात की.  उत्तरी सीमाओं पर स्थिति सेना प्रमुख ने कहा कि उत्तरी सीमाओं (चीन के साथ) पर स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है. उच्च स्तर पर बातचीत से मदद मिल रही है. स्थिति स्थिर है, लेकिन लगातार सतर्क रहने की जरूरत है. सेना की तैनाती संतुलित और मजबूत बनी हुई है. पश्चिमी मोर्चा और ऑपरेशन सिंदूर पहलगाम हमले के बाद 22 मिनट में 'ऑपरेशन रीसेट' रणनीति से कार्रवाई की गई. ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है. पाकिस्तान की कोई भी भविष्य की गलती का सख्त जवाब दिया जाएगा. जम्मू-कश्मीर में स्थिति संवेदनशील है, लेकिन नियंत्रण में है. पाकिस्तान की परमाणु धमकियों को भारत-चीन सीमा पर बेअसर कर दिया गया है. मणिपुर और पूर्वोत्तर की स्थिति मणिपुर में स्थिति स्थिर हो रही है. सुरक्षा बलों और सरकार के समन्वित प्रयासों से सुधार हुआ है. म्यांमार में चुनाव खत्म होने के बाद भारत और म्यांमार की सेनाएं बेहतर तरीके से सहयोग कर सकेंगी. पूर्वोत्तर में कुल मिलाकर हालात सुधर रहे हैं. आधुनिकीकरण पर फोकस सेना का मुख्य ध्यान अब आधुनिकीकरण पर है. जनरल द्विवेदी ने कहा कि उन्नत ब्रह्मोस मिसाइल, बेहतर क्षमता वाले ड्रोन और लॉयटरिंग म्यूनिशन (घूमने वाली मिसाइलें) जल्द आने वाली हैं. 90 प्रतिशत से ज्यादा गोला-बारूद अब स्वदेशी बन रहा है. महिलाओं की भर्ती CMP (कॉमन मेडिकल पैरामेडिकल?) के बाद अब AEC (आर्मी एजुकेशनल कोर) और मेडिकल (नॉन-टेक्निकल) में महिलाओं को सैनिक/अग्निवीर के रूप में भर्ती किया जाएगा. अन्य महत्वपूर्ण बातें सेना 2026 को 'नेटवर्किंग और डेटा सेंट्रिसिटी का वर्ष' घोषित कर चुकी है, जिससे रियल-टाइम निर्णय और युद्ध क्षमता बढ़ेगी. सेना प्रमुख ने जोर दिया कि सेना स्वदेशी तकनीक, संयुक्तता और नवाचार पर काम कर रही है.

ईरान में उथल-पुथल, US ने नागरिकों को निकलने को कहा , मलाला का महिलाओं को समर्थन संदेश

तेहरान   ईरान इस समय गंभीर राजनीतिक उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है. करीब 15 दिनों से देश के अलग-अलग हिस्सों में सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं. इन विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत 28 दिसंबर को राजधानी तेहरान से हुई थी, जो देखते ही देखते पूरे देश में फैल गए. ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक शुरुआत में आर्थिक बदहाली, महंगाई और बेरोजगारी को लेकर उठी आवाजें अब व्यापक असंतोष का रूप ले चुकी हैं. एजेंसी का दावा है कि ये प्रदर्शन अब ईरान के 186 शहरों और कस्बों तक पहुंच चुके हैं. अमेरिका में स्थित एक मानवाधिकार संगठन के मुताबिक सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक लगभग 646 लोगों की मौत हो चुकी है, हालांकि इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं हो पाई है. इस घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं भी तेज होती जा रही हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अमेरिका ईरान में हस्तक्षेप के लिए कड़े विकल्पों पर विचार कर रहा है. ट्रंप के बयान के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. वहीं ईरान की ओर से सख्त लेकिन संतुलित रुख सामने आया है. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने कहा है कि ईरान का किसी पर सैन्य कार्रवाई करने का इरादा नहीं है, लेकिन अगर देश पर हमला हुआ तो वह युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है. इससे जुड़ी हुई हर अपडेट हम आपको दे रहे हैं, तो लगातार हमारे साथ बने रहिए.   ईरान में हालात बिगड़े, अमेरिका ने अपने नागरिकों से कहा ‘तुरंत ईरान छोड़ दें’ अमेरिका ने ईरान में चल रहे हालात के बीच अपने नागरिकों से कहा है कि वे देश छोड़ दें. अमेरिका का कहना है कि प्रदर्शन हिंसक भी हो सकते हैं. ऐसे में गिरफ्तारियां और लोगों के घायल होने का खतरा है. सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, कई सड़कें बंद हैं, पब्लिक ट्रांसपोर्ट प्रभावित है और इंटरनेट भी कई जगह बंद कर दिया गया है. ईरान सरकार ने मोबाइल, लैंडलाइन और देश के इंटरनेट नेटवर्क पर पाबंदी लगा रखी है और एयरलाइंस ने ईरान आने-जाने वाली उड़ानें रद्द या सीमित कर दी हैं. ऐसे में अमेरिकी वर्चुअल एंबेसी ने अपने नागरिकों को चेतावनी दी है कि इंटरनेट बंद रह सकता है, इसलिए दूसरे तरीके से संपर्क की तैयारी रखें. अगर सुरक्षित हो तो ईरान छोड़कर जमीन के रास्ते आर्मेनिया या तुर्की जाने पर विचार करें. उपद्रव के बीच मलाला यूसुफजई का क्या संदेश नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई ने ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि ये विरोध अचानक नहीं हुए। ईरान में सरकार ने बहुत पहले से ही लड़कियों और महिलाओं की आजादी पर सख्त पाबंदियां लगा रखी हैं। खासकर शिक्षा में उन्हें बहुत कम अधिकार मिलते हैं। उन्होंने कहा, ‘दुनिया की बाकी लड़कियों की तरह ईरानी लड़कियां भी सम्मान और गरिमा के साथ जीना चाहती हैं। वे सिर्फ पढ़ाई नहीं, बल्कि पूरी जिंदगी में अपनी मर्जी से फैसले लेना चाहती हैं।’ मलाला यूसुफजई ने कहा, ‘ईरान के लोग कई सालों से इस अन्याय के खिलाफ बोलते आ रहे हैं। लेकिन अपनी जान जोखिम में डालकर भी उनकी आवाज दबा दी जाती रही है। ये नियम सिर्फ स्कूल तक सीमित नहीं हैं। पूरे समाज में महिलाओं पर अलग तरह के नियंत्रण हैं – जैसे अलग-अलग बैठना, हर समय निगरानी रखना और गलती करने पर सजा मिलना।’ उन्होंने कहा कि इन सबकी वजह से महिलाओं को अपनी पसंद की जिंदगी जीने, फैसले लेने और सुरक्षित महसूस करने का हक नहीं मिल पाता। ईरानी महिलाएं और लड़कियां अब अपनी आवाज सुनाई देने और अपना भविष्य खुद तय करने की मांग कर रही हैं। ट्रंप की प्रेस सेक्रेटरी बोलीं – वे जरूरी समझेंगे, तो भेज देंगे सेना व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक बड़ी खासियत यह है कि वे हमेशा सभी विकल्प खुले रखते हैं. उन्होंने बताया कि हवाई हमले भी उन कई विकल्पों में शामिल हैं, जिन पर अमेरिकी राष्ट्रपति विचार कर सकते हैं. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रंप के लिए कूटनीति हमेशा पहली पसंद रहती है. लेविट के मुताबिक राष्ट्रपति ने पिछली रात कहा था कि ईरानी सरकार सार्वजनिक रूप से जो बयान दे रही है, वह उन संदेशों से अलग हैं, जो अमेरिकी प्रशासन को निजी तौर पर मिल रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप जरूरत पड़ने पर सैन्य विकल्पों का इस्तेमाल करने से नहीं हिचकते. अगर और जब वे इसे जरूरी समझेंगे, तो सेना का सहारा लेने से पीछे नहीं हटेंगे. लेविट ने कहा कि यह बात ईरान से बेहतर कोई नहीं जानता. ईरानी महिलाओं के समर्थन में क्या कहा मलाला यूसुफजई ने साफ कहा कि वे ईरान की जनता और खासकर लड़कियों के साथ खड़ी हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान का भविष्य ईरान के लोग ही खुद बनाएं और इसमें महिलाओं व लड़कियों की अहम भूमिका हो। कोई बाहर का देश या दमनकारी सरकार इसमें दखल न दे। मालूम हो कि अभी ईरान में महंगाई, बेरोजगारी और महिलाओं के अधिकारों पर रोक के खिलाफ बड़े प्रदर्शन हो रहे हैं। मलाला की यह बात दुनिया भर में ईरानी महिलाओं के संघर्ष को मजबूत समर्थन दे रही है।     तुरंत ईरान छोड़ दें और ऐसा प्लान बनाएं जिसमें अमेरिकी सरकार की मदद पर निर्भर न रहना पड़े.     अगर नहीं निकल सकते, तो किसी सुरक्षित जगह पर रहें और अपने पास खाना, पानी, दवाइयां और जरूरी सामान जमा करके रखें. अमेरिका ने ईरान पर टैरिफ बम फोड़ा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने चिर-परिचित अंदाज में ईरान पर और दबाव बढ़ाने के लिए टैरिफ बम फोड़ दिया है. उन्होंने ईरान की अर्थव्यवस्था को चूर करने के लिए उन देशों पर 25 फीसदी का टैरिफ लगाने का ऐलान किया है, जो ईरान के साथ मौजूदा हालात में कारोबार कर रहे हैं. अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट करके उन्होंने ये जानकारी दी कि आगे ईरान और उसके साझेदारों पर आर्थिक दबाव बढ़ाया जाएगा. हालांकि अभी इस बात की जानकारी नहीं दी गई है कि इसे … Read more