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‘कर संग्रहण अभियान’- ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों का आधार

मात्र 26 दिनों में बुरहानपुर 3.75 करोड़ से अधिक का जमा हुआ टैक्स भोपाल सफलता की कहानी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘‘विकसित भारत का संकल्प वर्ष 2047’’ तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है। इसी संकल्प की सिद्धी के लिये प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में पंचायतों के समावेशी विकास, आत्मनिर्भरता और प्रगति के लिये प्रयास सुनिश्चित किये जा रहे है। बुरहानपुर जिले के गांवों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘‘कर संग्रहण अभियान’’ से ग्राम पंचायतों को सशक्त किया जा रहा है। पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बढ़ते कदम पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित ‘‘कर संग्रहण अभियान’’ के माध्यम से बुरहानपुर जिले में मात्र 26 दिनों में 3.75 करोड़ रुपये से अधिक का ‘‘कर’’ संग्रहण किया जा चुका है। यह पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम है। शासन के निर्देशानुसार चलाए जा रहे अभियान का उद्देश्य पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना तथा गांवों में विकास कार्यों के लिए स्थानीय संसाधनों को सुदृढ़ करना है। अभियान में संपत्ति कर, जल कर, प्रकाश कर एवं सफाई कर सहित अन्य करों की प्रभावी वसूली की जा रही है। संगठित प्रयासों से मिली सफलता जिले में ‘‘कर संग्रहण अभियान’’ 18 दिसम्बर, 2025 से प्रारंभ होकर 17 जनवरी, 2026 तक संचालित है। अभियान का महत्व ग्रामीणों में समय पर टैक्स भरने के प्रति जन-जागरूकता लाना है। 167 ग्राम पंचायतों में विशेष टीमें गठित अभियान को सफल बनाने के लिए अभियान की सफलता के लिये बुरहानपुर जिले की सभी 167 ग्राम पंचायतों में विशेष टीमें गठित की गईं। जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों, सहायक नोडल अधिकारियों एवं ग्राम प्रभारियों ने निरंतर निगरानी और समन्वयता के साथ कार्य किया। ग्राम स्तर पर लगातार बैठकों, चौपालों एवं जागरूकता गतिविधियों से ग्रामीणों को ‘‘कर’’ भुगतान के महत्व से अवगत कराया गया। कर दाताओं को किया सम्मानित, नाम भी किये अंकित अभियान की सफलता में दीवार लेखन कार्य ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दीवारों पर अंकित प्रेरक स्लोगनों के माध्यम से आमजनों में जागरूकता का विस्तार किया गया, साथ ही टैक्स जमा करने वाले करदाताओं को सम्मानित भी किया गया। ग्रामीणों को प्रेरित करने के उद्देश्य से कर दाताओं के नाम पंचायत कार्यालयों एवं मुख्य दीवारों पर अंकित किए गए, जिससे अभियान को व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हुआ। पंचायतों में होगा विकास अभियान में जनपद पंचायत बुरहानपुर की 77 ग्राम पंचायतों में लगभग 245.95 लाख रुपये तथा जनपद पंचायत खकनार की 90 ग्राम पंचायतों में करीबन 130.83 लाख रुपये का टैक्स ग्रामीणों द्वारा जमा किया गया। ‘‘कर संग्रहण अभियान’’ अंतर्गत ग्रामीणजनों ने सहभागिता करते हुए आगे आकर बकाया ‘‘करो’’ का भुगतान कर जागरूक नागरिक होने की भूमिका निभाई। जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से ग्रामीणों में बढ़ी जागरूकता अभियान की सफलता में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता महत्वपूर्ण रही। नेपानगर विधायक सुश्री मंजू दादू एवं जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गंगाराम मार्को ने स्वयं टैक्स जमा कर ग्रामीणों को प्रेरित किया। इससे ग्रामीणों को सकारात्मक संदेश मिला एवं ‘‘कर’’ भुगतान को लेकर जागरूकता बढ़ी। जनपद पंचायत बुरहानपुर की ग्राम पंचायत जैनाबाद, लोनी, झिरी एवं मोहम्मदपुरा तथा जनपद पंचायत खकनार की ग्राम पंचायत लोखंडिया, दाहिन्दा, देड़त लाई एवं अम्बाडा रैयत में सभी के सहयोग से अधिकतम ‘‘कर’’ राशि जमा हुई। बुरहानपुर की जैनाबाद ग्राम पंचायत में 17 लाख 87 हजार रूपये से अधिक तथा खकनार की लोखंडिया ग्राम पंचायत में 8 लाख 75 हजार रूपये टैक्स जमा हुआ, जो जिले में सबसे अधिक टैक्स जमा करवाने वाली ग्राम पंचायतों में अग्रणी है। विकास कार्यों को मिलेगी नई गति संग्रहित कर राशि का उपयोग गांवों में मूलभूत सुविधाओं, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल एवं अन्य विकास कार्यों में किया जाएगा। यह अभियान ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सफल और विकासात्मक पहल है।  

ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस, डिजिटल गवर्नेंस और बड़े पैमाने पर सुधारों ने बदली उत्तर प्रदेश की तस्वीर

पिछले साढ़े आठ वर्षों में प्रदेश भर में हुए संरचनात्मक सुधारों का परिणाम सामने आया “मिनिमम गवर्नमेंट–मैक्सिमम गवर्नेंस” के सिद्धांत को व्यवहार में उतारते हुए नीतियों, प्रक्रियाओं और डिजिटल प्रणालियों को किया लागू सरकार की नीतियों का उद्योग और निवेशकों के साथ ही आम नागरिकों को भी मिला सीधा लाभ विभागों के चक्कर घटे, मंजूरियां तेज हुईं और शासन व्यवस्था बनी अधिक पारदर्शी लखनऊ, उत्तर प्रदेश अब "बॉटलनेक" से "ब्रेकथ्रू" राज्य में परिवर्तित हो चुका है। और, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रदेश के लिए ऐसा कहना केवल एक राजनीतिक वक्तव्य नहीं, बल्कि पिछले साढ़े आठ से अधिक वर्षों में हुए संरचनात्मक सुधारों का परिणाम है। राज्य सरकार ने प्रशासनिक बाधाओं, पुरानी प्रक्रियाओं और जटिल अनुमतियों की संस्कृति को बदलते हुए निवेश और विकास के लिए एक नया मॉडल खड़ा करने में सफलता हासिल की। “मिनिमम गवर्नमेंट–मैक्सिमम गवर्नेंस” के सिद्धांत को व्यवहार में उतारते हुए नीतियों, प्रक्रियाओं और डिजिटल प्रणालियों को इस तरह जोड़ा गया कि उद्योग, निवेशक और आम नागरिके, तीनों को सीधा लाभ हुआ। विभागों के चक्कर लगाने की परंपरा ध्वस्त हुई, त्वरित मंजूरी की व्यवस्था स्थापित की गई और शासन व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनी। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में छलांग ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने 2017-18 में 12वें स्थान से आगे बढ़ते हुए 2019 में दूसरा स्थान हासिल किया। वर्ष 2022 और 2024 में राज्य को ‘टॉप अचीवर’ का दर्जा मिला, जबकि लॉजिस्टिक्स रैंकिंग में भी राज्य लगातार ‘अचीवर्स’ की श्रेणी में रहा। वाणिज्य एवं उद्योग श्रेणी में गुड गवर्नेंस इंडेक्स 2021 में उत्तर प्रदेश शीर्ष स्थान पर रहा, यानी सुधार केवल कागज़ों पर नहीं, राष्ट्रीय स्तर पर मान्य और मापनीय रहे। यही नहीं, सरलीकरण और भूमि प्रशासन में उत्तर प्रदेश को ‘टॉप अचीवर’ घोषित किया गया, जिसने निवेश के रास्ते की पारंपरिक बाधाओं को हटाने में बड़ी भूमिका निभाई। डिजिटल सिंगल विंडो सिस्टम बना गेमचेंजर ‘निवेश मित्र’ पोर्टल ने प्रदेश में औद्योगिक मंजूरियों की पूरी तस्वीर बदल दी। 45 विभागों की 525 से अधिक सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई गईं, 20 लाख से अधिक स्वीकृतियां डिजिटल रूप से जारी हुईं और 97% से अधिक आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण हुआ। उपयोगकर्ताओं में 96% संतोष दर्ज होना इस व्यवस्था की विश्वसनीयता का प्रमाण है। अब निवेश मित्र 3.0 विकसित किया जा रहा है, जो AI आधारित डैशबोर्ड, रीयल-टाइम ट्रैकिंग, स्वचालित सूचनाओं और राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम से एकीकृत व्यवस्था के साथ अगले स्तर का स्मार्ट गवर्नेंस मॉडल प्रस्तुत करेगा। नियामक अनुपालन का सरलीकरण उद्योग जगत की सबसे बड़ी शिकायत, जटिल अनुपालन प्रणाली को योगी सरकार ने व्यवस्थित तरीके से संशोधित किया। 65 विभागों में 4,675 अनुपालन कम किए गए। 4,098 अनुपालनों का डिजिटलीकरण एवं सरलीकरण किया गया। 577 अनुपालन अपराधमुक्त (डीक्रिमिनलाइज) किए गए। 948 पुराने अधिनियम/नियम/विनियम निरस्त किए गए। इसके साथ ही, ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता समाप्त हुई, 20 से कम कर्मचारियों वाली दुकानों के लिए पंजीकरण आवश्यकता हटाई गई और श्रम, अग्निशमन, परिवहन, विधिक माप विज्ञान में अपराधों की कम्पाउंडिंग व्यवस्था लागू कर व्यवसाय-हितैषी वातावरण बनाया गया। यूपी की निवेश नीतियों को केंद्र ने भी दी मान्यता डी-रेगुलेशन के क्षेत्र में किए गए इन सुधारों को केंद्र सरकार ने भी औपचारिक रूप से मान्यता दी है। केंद्र द्वारा संचालित “डी-रेगुलेशन 1.0” कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान प्राप्त हुआ है। यह रैंकिंग केवल कागजी मूल्यांकन नहीं, बल्कि जमीन पर लागू किए गए सुधारों के आधार पर दी गई है। अनावश्यक अनुपालन समाप्त करने, लाइसेंस प्रक्रियाओं को सरल बनाने और दंडात्मक प्रावधानों को घटाकर सुधारात्मक दृष्टिकोण अपनाने से उद्योगों के कामकाज में गति आई है। इस मान्यता ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया और उत्तर प्रदेश को एक स्थिर, पारदर्शी और एक ऐसे राज्य के रूप में स्थापित किया है, जहां निवेशकों को नियमों की अनिश्चितता नहीं झेलनी पड़ती। उद्योग स्थापना से बदली जमीनी तस्वीर एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर, औद्योगिक पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर और लॉजिस्टिक्स हब, इन सबने उत्तर प्रदेश को उभरते औद्योगिक पावरहाउस के रूप में स्थापित किया है। नए निवेश ने रोजगार, निर्यात और एमएसएमई क्षेत्र को नई ऊर्जा दी है और वैश्विक निवेशकों का विश्वास राज्य के प्रति बढ़ा है। आगे की दिशा उत्तर प्रदेश में सुधारों का दौर अब “नीति निर्माण” से आगे बढ़कर तेज क्रियान्वयन और परिणाम देने के चरण में प्रवेश कर चुका है। आने वाले समय में परियोजनाओं की निगरानी और भी सख्त होगी, निवेशकों को द्रुतगामी सुविधाएं मिलेंगी और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर तैयार किए जाएंगे। योगी सरकार ने बाधाओं को अवसर में बदलते हुए यह साबित किया कि उत्तर प्रदेश अब सचमुच ‘बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू’ राज्य बन चुका है और अगला लक्ष्य इसे वैश्विक निवेश एवं विकास के अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

चिल्लई कलां की शुरुआत से ठिठुरा कश्मीर, माइनस में तापमान, बर्फ की चादर बनी डल लेक

श्रीनगर पूरे उत्तर भारत में हाड़ कंपा देने वाली ठंड के बीच जम्मू कश्मीर में पारा शून्य से बेहद नीचे गिर गया है। बुधवार को कश्मीर में न्यूनतम तापमान गिरने के बाद यहां की प्रसिद्ध डल झील के कुछ हिस्से सहित घाटी में कई जलाशयों का पानी जम गया। बता दें कि कश्मीर घाटी में इस समय ‘चिल्ला-ए-कलां’ यानी चिल्लई कलां का दौर जारी है।   मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि श्रीनगर में मंगलवार रात न्यूनतम तापमान शून्य से 5.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो पिछली रात के दर्ज किए गए तापमान, शून्य से 4.9 डिग्री सेल्सियस नीचे से भी कम रहा। वहीं, दक्षिण कश्मीर में शोपियां घाटी का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां पारा शून्य से 7.5 डिग्री सेल्सियस नीचे तक पहुंच गया। उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के गुलमर्ग में रात का तापमान शून्य से 3.8 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा, वहीं मध्य कश्मीर के सोनमर्ग में यह शून्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। वहीं कश्मीर घाटी के प्रवेश द्वार काजीगुंड में न्यूनतम तापमान शून्य से 5.3 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। इसके अलावा कोकेरनाग में शून्य से 2.3 डिग्री सेल्सियस नीचे और कुपवाड़ा में शून्य से 6.2 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान दर्ज किया गया। और बिगड़ सकता है मौसम वार्षिक अमरनाथ यात्रा के आधार शिविरों में से एक, दक्षिण कश्मीर के लोकप्रिय पर्यटन स्थल पहलगाम में तापमान शून्य से छह डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक एक पश्चिमी विक्षोभ कश्मीर की ओर बढ़ रहा है जो 16 जनवरी से घाटी के मौसम को प्रभावित कर सकता है और बर्फबारी की संभावना भी है। क्या है चिल्लई कलां? चिल्लई कलां कश्मीर में 40 दिनों की भीषण ठंड की एक अवधि होती है। इस दौरान बर्फबारी की संभावना सबसे अधिक होती है। यह आमतौर पर 21 दिसंबर को शुरू होता है और यह जनवरी के अंत में खत्म होता है। भारी बर्फबारी की सबसे अधिक संभावना इसी समय होती है।

कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी के साथ मौके पर पंजीकरण एवं नवीनीकरण की मिल रही सुविधा

लखनऊ, योगी सरकार द्वारा निर्माण श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा कवच को मजबूत करने तथा उन्हें कल्याणकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ उपलब्ध कराने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की ओर से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के कल्याण हेतु संचालित विभिन्न योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं श्रमिकों के पंजीयन/नवीनीकरण के उद्देश्य से बुधवार को लेबर अड्डा मोहनलालगंज, लेबर अड्डा बुद्धेश्वर तथा लेबर अड्डा बाराबिरवा, आशियाना, लखनऊ में जागरूकता अभियान एवं पंजीयन शिविर का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार, उनके बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा तथा सामाजिक सम्मान सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है और इन्हीं प्रयासों के अंतर्गत ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं। इस जागरूकता अभियान के माध्यम से बड़ी संख्या में श्रमिकों ने योजनाओं के प्रति रुचि दिखाई और पंजीयन प्रक्रिया का लाभ उठाया। मौके पर पात्र श्रमिकों का कराया गया पंजीकरण शिविर के माध्यम से निर्माण श्रमिकों को कन्या विवाह सहायता योजना, मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना, संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना, निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना, गंभीर बीमारी सहायता योजना तथा अटल आवासीय विद्यालय योजना सहित बोर्ड द्वारा संचालित प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस दौरान मौके पर ही पात्र पाए गए श्रमिकों का पंजीकरण भी कराया गया। अटल आवासीय में अधिकाधिक आवेदन पर जोर जागरूकता शिविर में विशेष रूप से अटल आवासीय विद्यालय योजना के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 हेतु कक्षा-06 एवं कक्षा-09 में प्रवेश के लिए अधिकाधिक आवेदन कराने पर जोर दिया गया। बोर्ड के अंतर्गत न्यूनतम तीन वर्ष की अवधि पूर्ण कर चुके श्रमिकों को अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए आवेदन करने हेतु प्रेरित किया गया। लाभार्थियों के लिए पंजीकरण अनिवार्य शिविर के आयोजन में विज्ञान फाउंडेशन एवं अन्य कार्यदायी संस्थाओं के साथ श्रम प्रवर्तन अधिकारी शक्तिराय, संतोष कुमार एवं सुनील कुमार की सक्रिय उपस्थिति रही। अधिकारियों ने श्रमिकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने हेतु समय से पंजीयन एवं नवीनीकरण कराने की आवश्यकता पर बल दिया। अपर श्रमायुक्त, लखनऊ क्षेत्र, कल्पना श्रीवास्तव ने बताया कि बोर्ड द्वारा संचालित किसी भी योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए निर्माण श्रमिक का बोर्ड के अंतर्गत पंजीकृत होना एवं पंजीयन का नियमानुसार नवीनीकरण अनिवार्य है। श्रमिक अपना पंजीकरण एवं नवीनीकरण सी.एस.सी. ई-डिस्ट्रिक्ट सेंटर, सी.एस.सी. ई-गवर्नेंस सेंटर अथवा बोर्ड की वेबसाइट upbocw.in के माध्यम से करा सकते हैं।

संसद से सावरकर की तस्वीर हटाने की याचिका पर SC भड़का, कहा– ऐसे मामलों से बचें

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को संसद और अन्य सार्वजनिक स्थानों से विनायक दामोदर सावरकर के चित्रों को हटाने के अनुरोध वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने याचिका दायर करने वाले पूर्व अधिकारी को याचिका वापस लेने की अनुमति देने से पहले भारी जुर्माना लगाने की चेतावनी दी। SC ने कहा कि इस तरह की याचिका का कोई तुक नहीं बनता।   मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने सेवानिवृत्त भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी बी बालमुरुगन को इस तरह की याचिका दायर करने के प्रति चेतावनी दी और कहा कि अदालत का समय बर्बाद करने के लिए भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, ‘‘इस तरह की तुच्छ याचिका… मानसिकता दर्शाती है।’’ 'आप खुद को क्या समझते हैं?' वहीं पीठ याचिकाकर्ता के इस निवेदन से भी नाराज थी कि वह वित्तीय बाधाओं के कारण व्यक्तिगत रूप से मामले की बहस करने नहीं आ सकते। मुख्य न्यायाधीश ने फटकार लगाते हुए कहा, ‘‘आप आईआरएस अधिकारी थे। आप दिल्ली आकर खुद पेश हो सकते हैं और बहस कर सकते हैं। हम आप पर भारी जुर्माना लगाना चाहेंगे। आप खुद को क्या समझते हैं?’’ याचिका में क्या? बता दें कि बालमुरुगन ने अपनी जनहित याचिका में संसद के केंद्रीय कक्ष और अन्य सार्वजनिक स्थानों से सावरकर के चित्रों को हटाने का निर्देश देने का अनुरोध किया था। इसके अलावा याचिका में यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया कि सरकार हत्या या राष्ट्रविरोधी गतिविधियों जैसे जघन्य अपराधों के लिए आरोपित व्यक्तियों को तब तक सम्मानित न करे जब तक कि वे बरी ना हो जाएं। समाज में कुछ रचनात्मक भूमिका निभाएं- SC याचिका को न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग बताते हुए पीठ ने याचिकाकर्ता से पूछा कि क्या वह मामला आगे बढ़ाना चाहते हैं या वापस लेना चाहते हैं। प्रधान न्यायाधीश ने टिप्पणी की, ‘‘कृपया इन सब झंझटों में ना पड़ें। अब अपनी सेवानिवृत्ति का आनंद लें। समाज में कुछ रचनात्मक भूमिका निभाएं।’’ इसके बाद परिणाम को भांपते हुए बालमुरुगन ने याचिका वापस लेने की इजाजत मांगी, जिसे स्वीकार कर लिया गया।  

भारत सरकार के वन नेशन-वन सब्सक्रिप्शन पोर्टल पर पंजीयन कराने में मध्यप्रदेश देश में सबसे आगे

मध्‍यप्रदेश ने रचा कीर्तिमान मंत्री श्री परमार ने विभाग को दी बधाई एवं शुभकामनाएं प्रदेश के 617 से अधिक उच्‍च शिक्षण संस्‍थानों ने कराया पंजीयन विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को आसानी से मिल रहीं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रसिद्ध शोध पत्रिकाएं और पुस्‍तकें भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने भारत सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन' के क्रियान्वयन में देश भर में सर्वश्रेष्ठ स्थान अर्जित करने की महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त करने पर उच्च शिक्षा विभाग को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मंत्री श्री परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उच्च शिक्षा विभाग राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है और सतत् नवीन आयाम स्पर्श कर रहा है। मध्यप्रदेश ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि अर्जित क़ी है। भारत सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन' के क्रियान्वयन में पूरे देश में सिरमौर बनकर उभरा है। वैश्विक स्तर की शोध पत्रिकाओं (जर्नल्स) और डिजिटल लाइब्रेरी तक विद्यार्थियों की पहुंच बनाने में मध्‍यप्रदेश ने कर्नाटक और राजस्थान जैसे राज्यों को काफी पीछे छोड़ दिया है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रारंभ किए गए 'वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन' पोर्टल पर पंजीयन कराने में प्रदेश देश में सबसे आगे हैं। प्रदेश के कुल 617 उच्‍च शिक्षण संस्‍थानों ने अब तक पोर्टल पर पंजीयन कराया है। दूसरे नंबर पर कर्नाटक राज्‍य है, यहां के 480 संस्‍थानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। प्रदेश में योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए प्रथम चरण में प्रदेश स्‍तर पर एक नोडल अधिकारी बनाया गया। दूसरे चरण में प्रत्येक उच्चतर शिक्षण संस्थानों में संस्थावार नोडल अधिकारी नामांकित किए गए। इसके बाद तृतीय चरण में संस्था के नोडल अधिकारी द्वारा संस्था के प्राध्‍यापकों एवं संस्था में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को नामांकित करके उनके आईडी एवं पासवर्ड जनरेट कर यूजर्स को उपलब्ध कराया जाता है, फिर यूजर को आईडी पासवर्ड के माध्यम से 'ओएनओएस' पोर्टल पर जाकर लॉगि‍न करना होगा। इसके बाद यूजर पोर्टल पर उपलब्ध शोध पत्रों/पुस्तकों को निः शुल्क पढ़ सकता है। देश में 98 लाख 44 हजार 813 यूजर, इसमें मध्‍यप्रदेश से 8 लाख 38 हजार से अधिक वि‌द्यार्थियों, शोधार्थियों और प्राध्‍यापकों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित शोध पत्रि‍काएं जर्नल्स और पुस्‍तकें एक ही जगह पर आसानी से उपलब्‍ध हो सके, इसके लिए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा “वन नेशन वन सब्‍सक्रिप्‍शन” वन नेशन, वन सबसक्रिप्शन योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना के माध्‍यम से भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा 30 प्रमुख प्रकाशनों के शोध पत्रों एवं पुस्तकों को 'वन नेशन-वन सब्‍सक्रिप्‍शन' पोर्टल पर आसानी से उपलब्‍ध कराया जा रहा है। पोर्टल पर डिजिटल शि‍क्षा का उपयोग करने के मामले में मध्‍यप्रदेश देश में सबसे आगे है। अब तक प्रदेश के 617 उच्‍च शिक्षण संस्‍थानों द्वारा पंजीयन कराया जा चुका है। आज देश में 98 लाख 44 हजार 813 वि‌द्यार्थियों, शोधार्थियों और प्राध्‍यापकों द्वारा इसका उपयोग किया जा रहा है। इससे राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध संवर्धन और वैश्विक ज्ञान तक समान पहुंच को बढ़ावा मिल रहा है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा वन नेशन-वन सब्सक्रिप्शन योजना चलाई जा रही है। योजना के माध्‍यम से पोर्टल पर भारत सरकार द्वारा वि‌द्यार्थियों को शोध के लिए देश विदेश के 30 से अधि‍क प्रमुख प्रकाशकों की शोध पत्रिकाएं व पाठयपुस्‍तकें नि:शुल्‍क उपलब्‍ध कराई जा रही हैं। पोर्टल पर पंजीयन कराने के मामले में मध्‍यप्रदेश, देश में सबसे आगे हैं। प्रदेश के 617 उच्‍च शिक्षण संस्‍थान अब तक पंजीयन करा चुके हैं। 8 लाख 38 हजार से अधिक वि‌द्यार्थी-शोधार्थी पोर्टल का उपयोग कर रहे हैं। इस मामले में भी मध्‍यप्रदेश, पूरे देश में प्रथम स्‍थान पर है।  

करहीडीह ईकाई साहु समाज के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में तहसील अध्यक्ष पोषण साहू शामिल हुए

रायपुर जिला साहू समाज के जिला अध्यक्ष नंदलाल साहू, तहसील अध्यक्ष पोषण साहू के मार्गदर्शन एवं करहीडीह साहू समाज इकाई के द्वारा सर्वसम्मति से राजेश साहू को करहीडीह साहू समाज इकाई का अध्यक्ष चुना गया इसके पश्चात शपथ ग्रहण समारोह आज संपन्न हुआ ज्ञात हो कि करहीडीह साहू समाज में वर्तमान कार्यकाल के पहले तत्कालीन अध्यक्ष के रूप में हेतु दास साहू थे जिनके कार्यकाल में समाज में कई सकारात्मक कार्य हुआ वही सामाजिक हितों के लिए कई बड़े निर्माण कार्य भी किया गया जिसमें हेतु दास साहू क्षेत्रीय विधायक एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से मांग कर करहीडीह इकाई साहू समाज के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए बेहतर कार्य किया था जिनको समाज के नागरिकों ने कार्यक्रम के पश्चात स्मरण किया हेतु दास के पहले पूर्व में सुकृति दास साहू समाज के अध्यक्ष के रूप में करहीडीह इकाई साहू समाज के अध्यक्ष थे उस समय भी सुकृति दास साहू ने अहम जिम्मेदारी पुरी की थी ज्ञात हो कि सुकृत साहू को समाज में कार्य करने का लंबा अनुभव है और उसी सकारात्मक अनुभवों को सामाजिक लोगों को में परोसते हुए कई सामाजिक नागरिकों को मुख्य धारा में लाने का कार्य किया गया वही समाज में एकता वा भाईचारा स्थापित करना सुकृत दास साहू का मुख्य उद्देश्य रहा है और यही खास वजह है कि कार्यकाल को आज भी समाज के लोग याद करते हैं तहसील साहू समाज के अध्यक्ष पोषण साहू ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि साहू समाज में नए नियम वाली आ चुका है उनमें जितने भी नियम वाली है उनके पूरे ईमानदारी और निष्ठा से पालन करते हुए समाज के हितों में कार्य करने तहसील भर के अलग-अलग इकाइयों में जाकर सामाजिक पदाधिकारी को सकारात्मक पहल करने लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है कार्यक्रम का संचालन ललित दास साहू ने किया और कार्यक्रम को बेहतर बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही कार्यक्रम में चुने गए करहीडीह इकाई के साहू समाज के अध्यक्ष राजेश साहू ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि हमारे वरिष्ठ भूतपूर्व समाज के अध्यक्ष सुकृति दास साहू, तत्कालीन अध्यक्ष हेतु दास साहू एवं समाज के वरिष्ठ जनों के मार्गदर्शन में मैं समाज हित में काम करने का सदैव सकारात्मक प्रयास करूंगा कार्यक्रम में चुने गए पदाधिकारी का नाम इस तरह से है राजेश साहू अध्यक्ष ,भुनेश्वर साहू कार्यकारी अध्यक्ष, रोहित साहू परिक्षेत्र संगठन सचिव, आत्माराम साहू सलाहकार, मंगल साहू परिक्षेत्र उपाध्यक्ष, नेहरु साहू कोषाध्यक्ष, भुवन दास साहू अभिषेक साहू, उपाध्यक्ष, सुनील साहू सचिव,  भगवती साहू संगठन सचिव, दीपक साहू उप कोषाध्यक्ष, लखेश्वर साहू जीतेश्वर साहू प्रचार सचिव,  चंद्रिका साहू महिला उपाध्यक्ष, कुसुम साहू महिला संगठन सचिव, गजानंदन साहू, महेंद्र  साहू राधिका प्रसाद साहू ,  नारायण साहू न्याय प्रकोष्ठ, अनिल साहू युवा प्रकोष्ठ, जागू साहू, मोहन साहू, दीनदयाल साहू सलाहकार, उगेश्वरी साहू संयोजिका, रोहिणी साहू उपसंयोजिका, क्रांति साहू, कामिन साहू, लता साहू, शांति साहू, धनेश्वरी साहू, पीकेश्वरी  साहू, टेमीन साहू, कार्यकारी सदस्य, जगत साहू, युवराज साहू, सोमनाथ साहू, डीमेंद साहू, उपेंद्र साहू, शांतिलाल साहू, भुनेश्वर साहू, जितेंद्र साहू, कार्यकारणी सदस्य भुवन साहू,देवलाल साहू चोवा साहू पार प्रमुख,। एवं समस्त इकाई साहू समाज करहीडीह वार्ड नंबर 15 जिला दुर्ग

जोई सल्डाना बनीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली एक्ट्रेस, स्कारलेट का रिकॉर्ड टूटा

लॉस एंजिल्स जोई सल्डाना ने आधिकारिक तौर पर हॉलीवुड की अब तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली एक्ट्रेस का टाइटल अपने नाम कर लिया है। इसी के साथ उन्‍होंने मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स की अपनी को-स्टार स्कारलेट जोहानसन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 47 साल की जोई को यह उपलब्धि उनकी हालिया ब्लॉकबस्टर 'अवतार: फायर एंड ऐश' के कारण मिली है। जेम्‍स कैमरून की इस फिल्‍म ने एक्‍ट्रेस के पूरे करियर के ग्लोबल बॉक्स ऑफिस कमाई को $16.8 बिलियन यानी 151530 करोड़ रुपये के पार पहुंचा दिया है। साल 1999 में 'लॉ एंड ऑर्डर' टीवी सीरज से एक्‍ट‍िंग करियर शुरू करने वाली जोई को अब तक 1 ऑस्‍कर अवॉर्ड, एक बाफ्टा अवॉर्ड, एक गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड, एक SAG अवॉर्ड और एक कान फिल्म फेस्टिवल अवॉर्ड मिल चुके हैं। वह 'टाइम' मैगजीन की 2023 की दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में जगह बना चुकी हैं। जोई सल्डाना का पूरा नाम, उनके माता-पिता इस उपलब्धि ने जोई सल्डाना को हॉलीवुड की सबसे भरोसेमंद स्टार बना दिया है। उनके करियर में मुख्य रूप से तीन बड़ी फ्रेंचाइजी- अवतार, गार्डियंस ऑफ द गैलेक्सी और स्टार ट्रेक, ने अहम भूमिका निभाई है। उनका पूरा नाम जोई यादिरा सल्डाना नाजारियो है। 19 जून 1978 को पासैक, न्यू जर्सी में वह पैदा हुई हैं। उनके पिता अरिडियो सल्डाना, डोमिनिकन थे और मां असालिया नाजारियो, प्यूर्टो रिकन हैं। तीन बच्‍चों की मां हैं 'अवतार' की नेत्री तीन बच्‍चों की मां जोई सल्डाना ने साल 2013 में इटली के आर्टिस्‍ट मार्को पेरेगो से शादी की। वह इससे पहले ब्रैडली कूपर को डेट कर चुकी हैं। जोई ने 'अवतार' फ्रेंचाइज में नेत्री का किरदार निभाया है। जोई सल्‍डाना एकमात्र एक्‍ट्रेस जिसकी 4 फिल्‍में $2 बिलियन डॉलर पार बॉक्स ऑफिस पर उनकी हालिया फिल्‍म 'अवतार: फायर एंड ऐश' ने दुनियाभर में 11500 करोड़ रुपये से अध‍िक का बिजनस कर लिया है। वह अब तक चार ऐसी फिल्मों में नजर आ चुकी हैं, जिसने बॉक्‍स ऑफिस पर $2 बिलियन डॉलर से अध‍िक की कमाई की है। यह एक ऐसा कीर्तिमान है, जो दूसरी किसी और एक्ट्रेस ने हासिल नहीं किया है। जोई सल्डाना की नेट वर्थ, उनकी सबसे अध‍िक कमाई करने वाली फिल्‍में जोई सल्डाना के पोर्टफोलियो में अब तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्‍मों में 'अवतार', 'एवेंजर्स: एंडगेम', और 'अवतार: द वे ऑफ वॉटर' शामिल हैं। 'सेलिब्रिटी नेट वर्थ' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, खुद जोई सल्डाना की नेट वर्थ $60 मिलियन यानी 541 करोड़ रुपये से अध‍िक है। स्‍कारलेट जोहानसन का पुराना रिकॉर्ड, टॉप 5 में सारे MCU के सितारे हॉलीवुड की हाईएस्‍ट ग्रॉसिंग एक्‍टर के तौर पर इससे पहले स्‍कारलेट जोहानसन का नाम था। उनकी फिल्‍मों ने बॉक्‍स ऑफिस पर लगभग $16.4 बिलियन डॉलर की कमाई की थी। बीते साल ही स्‍कारलेट की 'जुरासिक वर्ल्ड रिबर्थ' रिलीज हुई थी। दिलचस्‍प बात यह है कि सबसे ज्यादा कमाई करने वाले एक्‍टर्स की टॉप 5 लिस्‍ट में सब के सब MCU के सितारे हैं। जोई सल्‍डाना और स्‍कारलेट जोहानसन के अलावा इसमें सैमुअल एल. जैक्सन, रॉबर्ट डाउनी जूनियर और क्रिस प्रैट का नाम शामिल है।

प्रत्येक पात्र हितग्राही को संकल्प से समाधान अभियान का मिले लाभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में संचालित संकल्प से समाधान अभियान के संबंध में ली बैठक भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संकल्प से समाधान अभियान जनसामान्य को कल्याणकारी हितग्राही मूलक योजनाओं का सुगमता से लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आरंभ किया गया है। अभियान के अंतर्गत समय-सीमा में पारदर्शी तरीके से गतिविधियां सुनिश्चित की जाएं। किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बरदार्शत नहीं किया जाएगा, दोषियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में संकल्प से समाधान अभियान की बुधवार को समीक्षा के लिए आयोजित संभागायुक्तों की बैठक में दिए। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई सहित संभागायुक्त बैठक में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान के अंतर्गत योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान दिया जाए। हमारा प्रयास है कि सभी हितग्राहियों को योजनाओं की आवश्यक जानकारी हो। संभागीय अधिकारी जिला, विकासखण्ड और ग्राम स्तर तक भ्रमण कर अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य परीक्षण, स्वच्छता तथा शिक्षा के लिए प्रेरित करने पर केंद्रित गतिविधियां भी संचालित की जाएं। संकल्प से समाधान अभियान के क्रियान्वयन में सामाजिक और स्वयं सेवी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाए।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ करने इंदौर को दी 800 करोड़ से अधिक की सौगात

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर निरंतर प्रगति, विकास और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आज इंदौर देश का सबसे तेज़ी से विकसित होने वाला शहर बन चुका है। विकास, स्वच्छता, उद्योग, व्यापार और सुशासन के क्षेत्र में इंदौर ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है, जिस पर पूरे मध्यप्रदेश को गर्व है। इंदौर की पहचान उसकी संघर्षशील जनता, अदम्य हौसलों और विकासशील सोच से है। आज प्रदेश का हर जिला इंदौर जैसा बनना चाहता है। उन्होंने कहा कि कठिन समय में सरकार, नगर निगम और प्रशासन ने पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ नागरिकों के साथ खड़े रहकर हरसंभव प्रयास किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को इंदौर शहर की पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़, आधुनिक एवं दीर्घकालिक समाधान प्रदान करने की दिशा में स्वच्छ जल अभियान अंतर्गत अमृत 2.0 इंदौर जलप्रदाय योजना (पैकेज–1) के तहत 800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से प्रस्तावित बहुप्रतीक्षित जल प्रदाय परियोजना का विधिवत भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मकर संक्रांति पर आयोजित कार्यक्रम में सभी को मंगलकानाएँ दीं। उन्होंने कहा कि भागीरथपुरा क्षेत्र में घटित जल-जनित घटना ने सभी को पीड़ा पहुँचाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस घटना में दिवंगत हुए नागरिकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए बाबा महाकाल से दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मकर संक्रांति केवल पर्व नहीं, बल्कि तिल-तिल करके आगे बढ़ने का संकल्प है। जैसे इस दिन से सूर्य उत्तरायण होता है और प्रकाश बढ़ता है, वैसे ही इंदौर निरंतर प्रगति, विकास और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपदा के समय राजनीति करना इंदौर स्वीकार नहीं करेगा। सकारात्मक और रचनात्मक विपक्ष लोकतंत्र की शक्ति है, लेकिन पीड़ा पर राजनीति करना सर्वथा अनुचित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मालवा और निमाड़ क्षेत्र को नर्मदा जल से जोड़ने के लिए वर्षों संघर्ष करना पड़ा। सरदार सरोवर बांध को पूर्ण कर देश को जल सुरक्षा देने का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को जाता है। इसके माध्यम से सिंचाई क्षमता में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। मध्यप्रदेश में आज 56 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई संभव हो सकी है। उन्होंने नदी जोड़ो परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्वती–कालीसिंध–चंबल (पीकेसी) परियोजना राजस्थान और मध्यप्रदेश के लिए वरदान सिद्ध होगी। केन–बेतवा नदी जोड़ो अभियान पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का सपना था, जिसे आज प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में साकार किया गया है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के माध्यम से प्रत्येक गांव और प्रत्येक शहर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाना सरकार का संकल्प है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन और राज्य सरकार के पूर्ण सहयोग से इंदौर आत्मनिर्भर बनकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इंदौर आगे बढ़ेगा, सरकार पूरी मजबूती से इंदौर के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के पहले जीवन दायिनी मां नर्मदा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने सभागृह परिसर में संविधान निर्माता बाबा साहेब अंबेडकर और स्वर कोकिला लता मंगेशकर की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन भी अर्पित किए। नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में नर्मदा के जल आंदोलन तथा नर्मदा के जल लाने की संघर्ष यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह इंदौर का ऐतिहासिक जन-आंदोलन था। नर्मदा जल परियोजना केवल एक योजना नहीं, बल्कि इंदौर की जनशक्ति और संकल्प का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यदि नर्मदा जल नहीं आता, तो इंदौर आज जिस रूप में है, वह कभी नहीं बन पाता। उन्होंने इंदौर की स्वच्छता पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यहां की पहचान केवल विकास से नहीं, बल्कि नागरिकों की सहभागिता से बनी है। देर रात तक शहर की सफाई में जुटने वाले सफाई कर्मी इंदौर की असली ताकत हैं। इंदौर की स्वच्छता पर हम सबको गर्व है। उन्होंने कहा कि सुबह-सुबह घरों से कचरा गाड़ियों में स्वयं नागरिकों द्वारा कचरा डालना इंदौर की जनभागीदारी का जीवंत उदाहरण है। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर नंबर वन था, इंदौर नंबर वन है और नंबर वन रहेगा। नर्मदा, स्वच्छता और जनता के स्वाभिमान से बनी इंदौर की आन-बान-शान को कोई आंच नहीं आने दी जाएगी। जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विकसित भारत का जो संकल्प लिया है, उसी संकल्प को मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में साकार रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास कार्य तेज गति से संचालित हो रहे हैं और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। यह विकास केवल अधोसंरचना तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, जल संसाधन और रोजगार के क्षेत्रों में भी नए आयाम स्थापित कर रहा है। महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार मानते हुए कहा कि उन्होंने इंदौर के भविष्य की जल-आवश्यकताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 1100 करोड़ रुपये की योजना को दूरदृष्टि के साथ 2400 करोड़ रुपये तक विस्तार दिया। यह निर्णय आने वाले दशकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है। आज जिस परियोजना का भूमि-पूजन किया गया है, यह केवल निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके अंतर्गत 10 वर्षों का संचालन एवं संधारण (O&M) भी शामिल।