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ट्रंप पर हमले की तस्वीर वायरल, ईरान ने दी सख्त चेतावनी — कहा ‘इस बार बचना मुश्किल’

तेहरान ईरान के ताजा हालात चिंताजनक हैं। अमेरिका की ओर से सैन्य कार्रवाई की आशंका के बीच अब ईरान ने भी अपनी भौहें सिकोड़ ली हैं। ईरान ने एक तस्वीर के जरिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी दे दी है। इस बीच तनावपूर्ण हालात में ब्रिटेन ने तेहरान में अपने दूतावास को कुछ समय के लिए बंद कर दिया है। इसके साथ ही ब्रिटेन ने अपने सभी डिप्लोमैटिक स्टाफ को वापस बुला लिया है। ब्रिटेन के फॉरेन ऑफिस ने कहा, “हमने तेहरान में ब्रिटिश दूतावास को कुछ समय के लिए बंद कर दिया है। यह अब रिमोटली ऑपरेट होगा।” ईरान ने 2024 में पेन्सिलवेनिया में ट्रंप पर हुए जानलेवा हमले की एक तस्वीर दिखाई, जिसमें उन्हें एक कैंपेन रैली में मारने की कोशिश करते हुए दिखाया गया था। साथ ही चेतावनी दी गई, "इस बार निशाना चूकेगा नहीं।" फारसी से ट्रांसलेट किए गए इस मैसेज की तस्वीरें कई मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए तेजी से ऑनलाइन फैलीं और ईरान के सरकारी टेलीविजन पर भी दिखाई गईं। यह ब्रॉडकास्ट ट्रंप की बार-बार दी गई चेतावनियों के बाद आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में कड़ी चेतावनी दी थी। उन्होंने लिखा, "अगर ईरान शांति से विरोध करने वालों को मारता है तो अमेरिका उनकी मदद के लिए आएगा। हम आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं।" ईरानी मीडिया ने जिस तस्वीर का इस्तेमाल किया, वह जुलाई 2024 में पेन्सिलवेनिया के बटलर में एक कैंपेन रैली के दौरान ट्रंप पर हुए जानलेवा हमले की थी। उस समय थॉमस क्रुक्स नाम के एक बंदूकधारी ने स्टेज पर गोलियां चलाई थीं, जो ट्रंप के कान को छूते हुए निकल गई थी। इस घटना ने अमेरिका को चौंका दिया था। हाल के दिनों में ईरान और यूरोपीय देशों के बीच डिप्लोमैटिक रिश्ते और खराब हो गए हैं। अमेरिका की ओर से सैन्य कार्रवाई की चेतावनी के बाद ईरान ने फिलहाल अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया है। बढ़ते तनाव के बावजूद ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक इंटरव्यू में कहा है कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है और पिछले दो दशकों से उसने यही रुख बनाए रखा है। कूटनीति युद्ध से कहीं बेहतर है। अराघची ने वाशिंगटन से सैन्य कार्रवाई के बजाय बातचीत से समाधान निकालने का आग्रह किया है।

अमेरिका के दबाव के सामने साथ आए शिया और सुन्नी देश, सऊदी अरब ने ईरान को दिया बड़ा संकेत

तेहरान अमेरिका की ओर से ईरान को लगातार हमले की धमकियां दी जा रही हैं। इस बीच इस्लामिक जगत में शिया और सुन्नी मुसलमान देशों के बीच के मतभेद खत्म होते दिख रहे हैं। अमेरिकी हमले की स्थिति में सऊदी अरब ने ईरान को भरोसा दिया है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल नहीं होने देगा। सऊदी अरब ने ईरान को बताया है कि वह अपनी जमीन का उसके खिलाफ हमलों में इस्तेमाल नहीं होने देगा। यही नहीं वह अपने एयरस्पेस से भी ऐसे किसी लड़ाकू विमान को गुजरने नहीं देगा, जिसका मकसद ईरान पर हमला करना हो। सऊदी अरब की ओर से ईरान को मिला यह भरोसा अहम माना जा रहा है।   वॉशिंगटन से कई बार ईरान को धमकी मिल चुकी है, जिसमें उसने कहा कि यदि प्रदर्शनकारियों पर सख्ती बरती गई तो वह सैन्य हस्तक्षेप करेगा। सऊदी अरब को अमेरिका के करीबी दोस्तों में शुमार किया जाता है। इसके अलावा शिया और सु्न्नी विवाद के कारण भी ईरान और सऊदी अरब के बीच एक दूरी रही है। ऐसे में सऊदी अरब की तरफ से ईरान को भरोसा दिया जाना बड़ा संकेत है। खासतौर पर तब जबकि पाकिस्तान समेत किसी भी इस्लामिक देश ने ईरान के साथ एकता की बात नहीं की है। पाकिस्तान अकसर इस्लामिक एकता का राग अलापता रहा है, लेकिन अमेरिकी की ओर से ईरान को मिल रही धमकियों के बाद भी वह चुप है। अमेरिका के मिडल ईस्ट में कई ठिकाने, सऊदी अरब में भी सऊदी विदेश मंत्रालय के एक सूत्र ने एएफपी को बताया, 'हमारी ओर से ईरान को स्पष्ट कर दिया गया है कि सऊदी अरब उसके खिलाफ किसी भी अलायंस का हिस्सा नहीं बनेगा। इसके अलावा हम ईरान पर हमले के लिए अपनी जमीन और एयरस्पेस का भी इस्तेमाल नहीं होने देंगे।' अमेरिका के मिडल ईस्ट में कई ठिकाने हैं। इनमें से कुछ सऊदी अरब में भी हैं। माना जाता रहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच छिड़ी जंग में सऊदी अऱब किसी का पक्ष नहीं लेगा। उसका अब भी ऐसा ही स्टैंड है, लेकिन ईरान को उसने जो भरोसा दिया है, वह अहम है। बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव इस कदर है कि तेहरान ने एयरस्पेस बंद कर दिया है।  

3 अधीक्षण यंत्री और 13 कार्यपालन यंत्रियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी

 प्रमुख सचिव श्री नरहरि ने जल जीवन मिशन की समीक्षा की भोपाल प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री पी. नरहरि ने जल जीवन मिशन के कार्यों की विस्तृत समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की। श्री नरहरि ने कार्यों में शिथिलता और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के प्रति कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने 3 अधीक्षण यंत्रियों एवं 13 कार्यपालन यंत्रियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिये। साथ ही स्पष्ट किया कि कार्यों की धीमी प्रगति के लिए संबंधित अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी। प्रदेश के समस्त जिलों के अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री एवं सहायक यंत्री स्तर तक के अधिकारी से जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रही योजनाओं की अद्यतन स्थिति की विस्तार से जानकारी ली। समीक्षा बैठक में एकल नलजल प्रदाय योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराए जाने की प्रगति की जिलेवार समीक्षा की गई। प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट के आधार पर यह पाया गया कि कई जिलों में घरों तक नल कनेक्शन प्रदान किए जाने की गति निर्धारित लक्ष्यों और तय समय-सीमा के अनुरूप नहीं है, जिससे मिशन के उद्देश्यों की पूर्ति प्रभावित हो रही है। प्रमुख सचिव ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि एकल नलजल प्रदाय योजनाओं के अंतर्गत शेष बचे कार्यों को निर्धारित समयावधि में अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से प्रगति की निगरानी की जाएगी। प्रमुख सचिव श्री नरहरि ने कहा कि जल जीवन मिशन राज्य शासन की अत्यंत महत्वपूर्ण और प्राथमिकता वाली योजनाओं में शामिल है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घर तक सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल भौतिक संरचना तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण जनजीवन की गुणवत्ता में सुधार से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि भविष्य में यदि कार्यों की प्रगति में किसी प्रकार की शिथिलता पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। प्रमुख सचिव ने कहा कि फील्ड स्तर पर समन्वय बढ़ाते हुए गुणवत्ता, समय-सीमा और पारदर्शिता के साथ कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लांच की मध्यप्रदेश स्पेसटेक नीति-2026

एआई वर्तमान समय में शासन, उद्योग और समाज के लिए एक परिवर्तनकारी शक्ति एआई पर मिशन मोड पर होगा कार्य प्रधानमंत्री श्री मोदी के विजन को दृष्तिगत रखकर आगे बढ़ रहा है मध्यप्रदेश जन-कल्याणकारी योजनाओं में एआई का प्रभावी उपयोग करेगा मध्यप्रदेश प्रदेश में जल्द लाई जाएगी राज्य एआई नीति मुख्यमंत्री ने ‘मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस-2026’ का किया शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार एआई को नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और कुशल शासन की आधारशिला के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। एआई आधारित प्रशासनिक व्यवस्था और प्रबंधन, तकनीक-प्रौद्योगिकी और अकादमिक क्षेत्र में एआई आधारित नवाचार विकसित भारत@ 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में प्रभावी रूप से सहायक होंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी हर क्षेत्र में भारत को आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण का अध्ययन केंद्र और शंकराचार्य जी की साधना का केंद्र भी है। राज्य सरकार मानवीय संवेदनाओं के साथ आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार सभी विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए एआई का उपयोग कर रही है। एआई वर्तमान समय में शासन, उद्योग और समाज के लिए एक परिवर्तनकारी शक्ति है। हमारा राज्य जल्द ही एआई नीति भी लाएगा और एआई के लिए मिशन मोड पर व्यापक रूप से कार्य किया जाएगा। प्रदेश के माइनिंग और हेल्थ सेक्टर में एआई के उपयोग की बड़ी संभावनाएं हैं। मध्यप्रदेश अपार संभावनाओं वाला राज्य है, जिसमें आगे बढ़ने की पर्याप्त क्षमता है। विकसित भारत के लक्ष्य प्राप्ति में हमारी सरकार हर कदम पर प्रधानमंत्री श्री मोदी के विजन के अनुरूप कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को भोपाल के ताज लेक फ्रंट में ‘मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026’ का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआई लिटरेसी मिशन के तहत फ्यूचर स्किल्स फॉर एआई पावर्ड भारत के लिए कौशल रथ को झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश स्पेस टेक नीति-2026 लांच की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में विभिन्न समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन सिंहस्थ-2028 के संचालन के लिए आयोजित उज्जैन महाकुंभ हैकाथॉन और मध्यप्रदेश इनोटेक प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया। अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री संजय दुबे ने “एआई फॉर पीपल, प्लेनेट एंड प्रोग्रेस-मध्यप्रदेश रोडमैप टू इंपैक्ट” पर राज्य का प्रमुख एआई विजन प्रस्तुत किया। एआई को राष्ट्रीय आंदोलन बनाने के उद्देश्य से एआई लिटरेसी मिशन के अंतर्गत आरंभ युवा एआई फॉर ऑॅल पर लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। एम.पी. राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक श्री आशीष वशिष्ठ ने कॉन्फ्रेंस के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत एमपीएसईडीसी प्रदेश में एआई इंफ्रॉस्ट्रक्चर स्थापित करने के लिए नोडल एजेंसी है।  स्पेस टेक नीति – अंतरिक्ष आधारित अनुप्रयोगों को बढ़ावा देने की पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीजनल एआई इंपैक्ट कॉन्फ्रेंस में प्रदेश की स्पेस टेक नीति लांच की। उन्होंने कहा कि नीति राज्य को भारत के उभरते अंतरिक्ष क्षेत्र में एक अग्रणी और भविष्य-उन्मुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगी। नीति के तहत स्पेस टेक स्टार्ट-अप्स, एमएसएमई और उद्योगों को वित्तीय, अवसंरचनात्मक और अनुसंधान सहयोग प्रदान कर कृषि, आपदा प्रबंधन, जल संसाधन एवं शहरी नियोजन जैसे क्षेत्रों में अंतरिक्ष-आधारित अनुप्रयोगों को बढ़ावा दिया जाएगा। यह नीति निवेश, नवाचार और राष्ट्रीय अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र में मध्यप्रदेश की भूमिका को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। नवाचार और कौशल विकास के लिए हुए 7 एमओयू पर हस्ताक्षर मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 6 समझौता ज्ञापन-यंगोवेटर (आंसर फाउंडेशन), सीईईडब्ल्यू (कॉउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर), गूगल, नैसकॉम, एआईएसईसीटी और भाषिणी के साथ किए गए। ये समझौते शैक्षणिक संस्थानों में नवाचार एवं रोबोटिक्स को बढ़ावा देने, जलवायु परिवर्तन व सतत विकास से जुड़े क्षेत्रों में एआई आधारित शोध एवं निर्णय सहयोग विकसित करने, शासकीय विभागों में एआई और क्लाउड तकनीक के उपयोग को प्रोत्साहित करने, राज्य में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना एवं कौशल विकास को गति देने, राष्ट्रीय एआई मिशन से जुड़कर कंप्यूटर एवं डेटा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, ग्रामीण एवं वंचित क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता और एआई जागरूकता बढ़ाने और एआई आधारित शासन को सक्षम करने के उद्देश्य से किए गए हैं। इसके अलावा इंडिया एआई और तकनीकी शिक्षा,कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के मध्य एक समझौता ज्ञापन हुआ। उच्च गुणवत्ता वाली एआई शिक्षा तक पहुंच को व्यापक बनाने के लिए इंडिया एआई मिशन देश के टियर-2 एवं टियर-3 शहरों में 570 डेटा एवं एआई लैब्स की स्थापना कर रहा है। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग, मध्य प्रदेश सरकार के सहयोग से मध्यप्रदेश में 30 डेटा एवं एआई लैब्स स्थापित की जाएंगी।   आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल तकनीक नहीं, नीति, समाज और अर्थव्यवस्था से जुड़ा एक सशक्त माध्यम बना : मुख्य सचिव श्री जैन मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने कहा है कि एआई के उपयोग से प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और निर्णय प्रक्रिया अधिक तेज, सटीक व नागरिक-केंद्रित होगी। मुख्य सचिव श्री जैन ने बताया कि यह कांफ्रेंस आगामी इंडिया एआई इंपैक्ट समिट-2026 से पूर्व देश में एआई इको सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा निर्धारित सतत आर्थिक विकास लक्ष्य को प्राप्त करने में गवर्नेंस में एआई की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने उद्योग और अकादमिक संस्थानों के सहयोग, स्किलिंग व री-स्किलिंग की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य रिसर्च, इनोवेशन और नॉलेज आधारित होगा। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने यूपीआई को भारत की वैश्विक पहचान बताया। मध्यप्रदेश में समग्र आईडी जैसी पहलों के माध्यम से डेटा-आधारित और परिवार-केंद्रित शासन को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्य सचिव श्री जैन  ने कहा कि ऐसे मंच नवाचार और सहयोग को नई दिशा देते हैं। मध्यप्रदेश इस राष्ट्रीय प्रयास में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। एआई के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये राज्य ने बनाये 4 प्रमुख स्तंभ : एसीएस श्री दुबे अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री संजय दुबे ने कहा कि प्रदेश सरकार ने “AI for People, Planet, and Progress” के … Read more

नशा करने वालों को न दें सामाजिक सम्मान : ऊर्जा मंत्री तोमर

स्वच्छ, हरे-भरे, प्रदूषण मुक्त और नशामुक्त शहर के लिए हुआ सुंदरकांड पाठ भोपाल नशा संपूर्ण समाज के लिए एक बड़ी समस्या है। नशे के नाश के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आकर प्रयास करना चाहिए। यह बात ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने गुरुवार को जनकल्याण समिति के नवीन भवन निर्माण के भूमिपूजन समारोह में कही। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा नशा मुक्त ग्वालियर बनाने के लिए युवाओं को आगे आकर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने आहवान किया कि आज यह शपथ लें कि मैं भविष्य में किसी भी प्रकार का नशा नहीं करुंगा। साथ ही अपने वार्ड ,गली, मोहल्ले के लोगों, साथियों, परिवार के सदस्यों एवं समाज के स्वजनों को भी इससे दूर रखूंगा जिससे नशा मुक्त समाज के निर्माण का सच्चा सेवक बन सकूं। नशा करने वाले व्यक्तियों को सम्मान देना बन्द करें। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि नशा एक गंभीर समस्या है। नशा न केवल व्यक्ति का जीवन बर्बाद करता है बल्कि परिवार के लिए भी संकट पैदा करता है। उन्होंने कहा कि हमें अच्छी संगत में रहना चाहिए, हम जैसे लोगों के साथ रहेंगे, हम वैसे संस्कार सीखेंगे। नशा मुक्ति से न केवल नागरिकों का अच्छा स्वास्थ्य होगा, बल्कि हमारे शहर का भी विकास होगा। नशा एक बुरी आदत है, जो व्यक्ति को तन, मन और धन से खोखला कर देती है। इसलिए इस प्रवृत्ति का सामाजिक बहिष्कार करें। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने सुन्दरकाण्ड पाठ में शामिल श्रद्धालुओं को अपने शहर को स्वच्छ और भरा बनाने के लिए डस्टबिन प्रदान करते हुए शपथ दिलाई कि ग्वालियर को स्वच्छ, हरा-भरा, प्रदूषण मुक्त और नशा मुक्त बनाने के अभियान के लिए खुद समय दें। साथ ही अपने आसपास रहने वाले लोगों को भी इस अभियान से जुड़ने और साफ-सफाई रखने के लिए प्रेरित करें। उल्लेखनीय है कि ऊर्जा मंत्री श्री तोमर की पहल पर ग्वालियर शहर को स्वच्छ, प्रदूषण मुक्त, नशा मुक्त बनाने के लिए आरंभ हुई संगीतमय रामधुन की श्रृंखला में जन कल्याण समिति ग्वालियर द्वारा गुरुवार को गणेश कॉलोनी, गोवर्धन बिहार, खरगेश्वर मंदिर चार शहर का नाका में संगीतमय सुन्दरकाण्ड पाठ का आयोजन किया गया। इस दौरान जनकल्याण समिति के सभी सदस्य और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।  

PM मोदी बोले- डिजिटल पेमेंट से स्वास्थ्य तक, भारत ने दुनिया में बनाई सशक्त पहचान

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रमंडल देशों के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन (सीएसपीओसी) 2026 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने भारत की लोकतांत्रिक यात्रा, आर्थिक उपलब्धियों, सामाजिक समावेशन और वैश्विक योगदान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत में लोकतंत्र केवल एक शासन प्रणाली नहीं है, बल्कि हमारे मूल्यों, सोच और कार्यप्रणाली का अभिन्न हिस्सा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज कई क्षेत्रों में वैश्विक नेतृत्व कर रहा है। भारत का यूपीआई दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल भुगतान प्रणाली बन चुका है। इसके साथ ही भारत विश्व का सबसे बड़ा वैक्सीन उत्पादक देश है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इस्पात उत्पादक है और यहां तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम मौजूद है। वैश्विक विमानन बाजार में भारत तीसरे स्थान पर है, जबकि दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क और तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो रेल नेटवर्क भी भारत के पास है। इसके अलावा भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक और तीसरा सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में लोकतंत्र इसलिए परिणाम देता है, क्योंकि देश के हर नागरिक की प्राथमिकता सबसे ऊपर है। उन्होंने कहा, "हम बिना किसी भेदभाव के सार्वजनिक कल्याण की भावना से हर व्यक्ति के लिए काम कर रहे हैं।" इसी सोच का परिणाम है कि पिछले कुछ वर्षों में देश में करीब 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। उन्होंने इसे 'डेमोक्रेसी डिलीवर्स,' यानी लोकतंत्र के परिणाम देने का जीवंत उदाहरण बताया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में लोगों की आकांक्षाओं और सपनों को ठोस कार्यों में बदला गया है। प्रक्रियाओं से लेकर तकनीक तक हर क्षेत्र में लोकतंत्रीकरण किया गया ताकि आम नागरिक के रास्ते में कोई बाधा न आए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक भावना हमारी नसों में दौड़ती है, हमारे विचारों में बसती है और हमारे मूल्यों में रची-बसी है। कोविड-19 महामारी का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ वर्ष पहले पूरी दुनिया इस संकट से जूझ रही थी और भारत भी इससे अछूता नहीं था, लेकिन इन चुनौतियों के बीच भारत ने 150 से अधिक देशों को दवाइयां और वैक्सीन उपलब्ध कराईं। लोगों का स्वास्थ्य, कल्याण और भलाई भारत के मूल्यों में निहित है, और ये मूल्य हमें हमारे लोकतंत्र से मिले हैं। प्रधानमंत्री ने भारत के लोकतंत्र के विशाल स्वरूप पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 2024 में हुए आम चुनाव मानव इतिहास का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक अभ्यास था। करीब 98 करोड़ नागरिक मतदाता के रूप में पंजीकृत थे, जो कुछ महाद्वीपों की कुल आबादी से भी अधिक है। इन चुनावों में 8,000 से अधिक उम्मीदवार और 700 से ज्यादा राजनीतिक दलों ने भाग लिया। खास बात यह रही कि महिला मतदाताओं की भागीदारी रिकॉर्ड स्तर पर रही। महिलाओं की भूमिका पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारतीय महिलाएं केवल भागीदारी नहीं कर रहीं, बल्कि नेतृत्व भी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि देश की राष्ट्रपति एक महिला हैं और जिस दिल्ली शहर में यह सम्मेलन हो रहा है, वहां की मुख्यमंत्री भी महिला हैं। ग्रामीण और स्थानीय निकायों में करीब 15 लाख निर्वाचित महिला प्रतिनिधि हैं, जो लगभग 50 प्रतिशत जमीनी स्तर के नेतृत्व का प्रतिनिधित्व करती हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह आंकड़ा वैश्विक स्तर पर बेजोड़ है। भारत की विविधता का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश में सैकड़ों भाषाएं बोली जाती हैं और 900 से अधिक टीवी चैनल विभिन्न भाषाओं में प्रसारित होते हैं। हजारों अखबार और पत्रिकाएं प्रकाशित होती हैं। उन्होंने कहा कि इतनी व्यापक विविधता को बहुत कम समाज इतनी सफलतापूर्वक संभाल पाते हैं। भारत इस विविधता का उत्सव मनाता है, क्योंकि हमारे लोकतंत्र की नींव मजबूत है। प्रधानमंत्री ने भारत के लोकतंत्र की तुलना एक विशाल वृक्ष से करते हुए कहा कि यह गहरी जड़ों से समर्थित है। उन्होंने विश्वास जताया कि यही मजबूत लोकतांत्रिक आधार भारत को भविष्य में भी प्रगति, समावेशन और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाता रहेगा।

एटलेटिको मैड्रिड को कहा अलविदा, कॉनर गैलाघर अब टोटेनहम की जर्सी में

लंदन इंग्लैंड के मिडफील्डर कॉनर गैलाघर ने आधिकारिक तौर पर प्रीमियर लीग क्लब टोटेनहम हॉटस्पर का दामन थाम लिया है। टोटेनहम ने ला लीगा क्लब एटलेटिको मैड्रिड से 25 वर्षीय गैलाघर के साइनिंग की घोषणा की। वह थॉमस फ्रैंक की टीम से लंबी अवधि के करार पर जुड़े हैं, हालांकि यह अंतरराष्ट्रीय मंजूरी के अधीन है। क्लब की वेबसाइट पर जारी बयान में गैलाघर ने कहा, ‘‘मैं टोटेनहम का खिलाड़ी बनना चाहता था और सौभाग्य से क्लब की भी यही भावना थी। सब कुछ बहुत जल्दी और आसानी से हो गया। अब मैं मैदान पर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार हूं।” उन्होंने आगे कहा, ‘‘मैं जानता हूं कि यहां के प्रशंसक कितने शानदार हैं। इस क्लब का हिस्सा बनकर मुझे बेहद खुशी हो रही है और मैं सभी के साथ मिलकर खास लम्हे और यादें बनाना चाहता हूं।” कॉनर गैलाघर ने अपने करियर की शुरुआत चेल्सी की अकादमी से की थी और बाद में वह क्लब की पहली टीम के अहम सदस्य बने। उन्होंने चेल्सी की कप्तानी भी की। गैलाघर ने चेल्सी और क्रिस्टल पैलेस के लिए कुल 177 प्रीमियर लीग मैच खेले हैं। इसके अलावा वह चार्लटन एथलेटिक, स्वानसी सिटी और वेस्ट ब्रॉमविच एल्बियन के लिए लोन पर भी खेल चुके हैं। अगस्त 2024 में गैलाघर ने डिएगो सिमियोने की कोचिंग में एटलेटिको मैड्रिड जॉइन किया था, जहां उन्होंने 77 मुकाबलों में हिस्सा लिया। रियल मैड्रिड के खिलाफ चैंपियंस लीग के राउंड ऑफ 16 मुकाबले में 27 सेकंड में किया गया उनका गोल ऐतिहासिक रहा। वह मैड्रिड डर्बी में गोल करने वाले पहले इंग्लिश खिलाड़ी बने और यह यूईएफए चैंपियंस लीग में किसी इंग्लिश खिलाड़ी का सबसे तेज गोल भी था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैलाघर अब तक इंग्लैंड के लिए 22 मैच खेल चुके हैं। वह 2022 फीफा विश्व कप और 2024 यूईएफए यूरोपीय चैंपियनशिप की इंग्लैंड टीम का भी हिस्सा रह चुके हैं। टोटेनहम में गैलाघर के आगमन से मिडफील्ड को मजबूती मिलने की उम्मीद की जा रही है और क्लब के प्रशंसक उनसे बड़े योगदान की आस लगाए बैठे हैं।  

इको पर्यटन क्षेत्र गिदली घुघरा में अनुभूति कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने प्रकृति से सीखा जीवन का पाठ

भोपाल मध्यप्रदेश इको टूरिज्म विकास बोर्ड एवं मध्यप्रदेश वन विभाग के संयुक्त तत्वाधान में पश्चिम (सामा.) वनमंडल मंडला अंतर्गत वन परिक्षेत्र बम्हनी के इको-पर्यटन क्षेत्र गिदली घुघरा में अनुभूति कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया, जिसकी थीम "मैं भी बाघ", "हम हैं बदलाव" और "हम हैं धरती के दूत" रही। वन एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिये शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रकृति, वन एवं जैव विविधता के प्रति जागरूक करना तथा पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करना रहा। कार्यक्रम में शासकीय सांदीपनि विद्यालय चिरईडोंगरी के कुल 135 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। मास्टर ट्रेनर श्री सी.एम. शर्मा, प्रशिक्षु आईएफएस श्री आकाश साहू तथा वन परिक्षेत्र बम्हनी का समस्त स्टॉफ उपस्थित रहा। कार्यक्रम के दौरान प्रकृति पथ भ्रमण के माध्यम से विद्यार्थियों को वन क्षेत्र में पाए जाने वाले विभिन्न वृक्षों, वनस्पतियों एवं औषधीय महत्व की जड़ी-बूटियों की पहचान कराई गई तथा उनके उपयोग और महत्व की जानकारी भी दी गई। इसके साथ वनक्षेत्र में विचरण करने वाले वन्य-जीवों जैसे बाघ, तेंदुआ, सांभर और चीतल के अप्रत्यक्ष साक्ष्यों के माध्यम से वन्य-प्राणियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। विद्यार्थियों को मृदा अपरदन एवं मृदा संरक्षण, वन्य-जीवों और उनके प्राकृतिक पर्यावास के पारस्परिक सह-सम्बन्ध, वनों की पारिस्थितिकीय भूमिका एवं वनों में पाए जाने वाले लघु वनोपज जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सरल एवं रोचक तरीके से जानकारी दी गई। बच्चों ने प्रत्यक्ष रूप से प्रकृति को देखकर सीखने का अनूठा अनुभव प्राप्त किया। कार्यक्रम को और अधिक रोचक बनाने के लिये पर्यावरण आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री आशुतोष महादेव ठाकुर और प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर श्री संस्कार बावरिया उपस्थित रहे, जिन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिये प्रोत्साहित किया। इसके अलावा ग्राम पंचायत डुंगरिया सरपंच श्री धूपसिंह मरकाम और अध्यक्ष वन सुरक्षा समिति झाँगुल श्री श्याम उइके भी उपस्थित रहे।  

एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी: दिल्ली से जा रही फ्लाइट के APU में आग, दूसरी विमान का इंजन भी क्षतिग्रस्त

नई दिल्ली दिल्ली में 24 घंटे के भीतर एयर इंडिया के दो विमानों में सवार यात्री बाल-बाल बच गए। एक विमान के एपीयू में आग लगने के बाद उसे आनन-फानन में इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर वापस उतारा गया तो दूसरे के इंजन ने एक कंटेनर को खींच लिया। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।   सिंगापुर जा रहा एयर इंडिया का एक विमान तकनीकी खराबी के कारण बुधवार देर रात राष्ट्रीय राजधानी लौट आया। पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि विमान में करीब 190 लोग सवार थे। सूत्रों के अनुसार, ड्रीमलाइनर विमान में एपीयू (ऑक्सिलियरी पावर यूनिट) में आग की चेतावनी मिली, जिसके बाद विमान करीब एक घंटे तक हवा में रहने के बाद दिल्ली लौट आया। यात्रियों को वैकल्पिक विमान से सिंगापुर भेजा गया। इस संबंध में संपर्क करने पर एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने बताया कि 14 जनवरी को दिल्ली से सिंगापुर जा रही उड़ान एआई 2380 के परिचालन दल ने संभावित तकनीकी समस्या के चलते उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एहतियातन दिल्ली लौटने का फैसला किया। रात करीब एक बजे IGI पर दोबारा उतरा प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, 'विमान दिल्ली में सुरक्षित उतरा। दिल्ली में हमारी टीमों ने यात्रियों को सभी आवश्यक सहायता प्रदान की और उन्हें वैकल्पिक विमान से सिंगापुर के लिए रवाना किया गया।' प्रवक्ता ने इस अप्रत्याशित स्थिति के कारण यात्रियों को हुई असुविधा को लेकर खेद भी जताया। उड़ानों पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘फ्लाइटरडार24 डॉट कॉम’ पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बोइंग 787-9 विमान से संचालित यह उड़ान करीब एक घंटे तक हवा में रही और बुधवार देर रात करीब एक बजे दिल्ली में वापस उतरी। विमान के इंजन में घुसा कंटेनर एक अन्य घटना में एयर इंडिया के एक विमान ने एयरपोर्ट पर एक कंटेनर को अपनी ओर खींच लिया। इससे इंजन क्षतिग्रस्त हो गया। हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक एयर इंडिया के A350 विमान के इंजन में गुरुवार को कंटेनर घुस गया। इससे इंजन क्षतिग्रस्त हो गया। विमान में सवार एक यात्री ने घटना को अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया। घटना पर एयर इंडिया का बयान सामने नहीं आया है।  

अभी तक 49 लाख 87 हजार मीट्रिक टन से अधिक हुई धान की खरीदी

20 जनवरी तक होगी धान खरीदी भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि अभी तक 7 लाख 40 हजार 914 किसानों से 49 लाख 87 हजार 147 मीट्रिक टन धान की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा चुकी है। उन्होंने बताया है कि गत वर्ष 43 लाख 52 हजार 905 मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी। धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2369 रूपये प्रति क्विंटल है। धान की खरीदी 20 जनवरी 2026 तक की जायेगी। किसानों को 8291 करोड़ रूपये से अधिक राशि का भुगतान भी किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि धान विक्रय के लिये 8 लाख 59 हजार 822 किसानों ने पंजीयन कराया है। एक दिसम्बर से शुरू हुई धान खरीदी के लिये विभिन्न जिलों में 1436 केन्द्र बनाये गये हैं। क्रय की गयी धान की 79 प्रतिशत मात्रा 39 लाख 19 हजार 277 मीट्रिक टन का परिवहन किया जा चुका है।