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India-EU डील पर ट्रंप को एक्सपर्ट की तगड़ी प्रतिक्रिया, कहा- ‘अमेरिका ही हारा’

वाशिंगटन एक ओर जहां डोनाल्ड ट्रंप टैरिफ (Donald Trump Tariff) की धौंस जमाकर अपनी शर्तों पर भारत-अमेरिका ट्रेड डील (India-US Trade Deal) को अंजाम तक पहुंचाने की कोशिश में लगे हैं, तो भारत सरकार अपनी रणनीति पर आगे बढ़ते हुए बिना किसी की शर्तों के आगे झुके एक के बाद एक कई देशों से ट्रेड डील कर रहा है. हाल ही में ओमान और न्यूजीलैंड के बाद अब यूरोपीय यूनियन के साथ भी भारत का फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (India-EU FTA) फाइनल होने के करीब है.  यूरोपीय मीडिया की रिपोर्ट्स की मानें, तो 27 जनवरी को इस पर अंतिम मुहर भी लग सकती है. इस बड़ी डील को लेकर एक्सपर्ट डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधते हुए नजर आ गए है. 'द ग्रेट रिसेट' के लेखक और स्ट्रेटिजिक एनालिस्ट नवरूप सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) के जरिए एक पोस्ट करते हुए लिखा है कि, 'ये खबर साबित करती है कि अमेरिकी ही अंतिम रूप से हारा है.' 27 जनवरी का बड़ा समझौता! European Union 27 जनवरी को भारत के साथ अपने अब तक के सबसे बड़े व्यापार समझौते को औपचारिक रूप दे सकता है. यूरोपियन मीडिया यूरेक्टिव की एक रिपोर्ट को देखें, तो इस डील पर साइन करने के लिए EU के टॉप ऑफिशियल नई दिल्ली भेजे जाएंगे. रिपोर्ट में खास बात ये है कि India-EU FTA में एग्रीकल्चर सेक्टर को दूर रखा गया है. बता दें कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील अटकने में एक अहम मुद्दा कृषि और डेयरी प्रोडक्ट भी हैं. इसमें बताया गया कि उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने बुधवार को यूरोपीय संसद के सदस्यों को बंद कमरे में बताया कि समझौते पर इस महीने हस्ताक्षर किए जाएंगे और इसमें कृषि शामिल नहीं है. इसे लेकर यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा 27 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के साथ समझौते पर साइन के लिए भारत यात्रा पर आएंगे.  एक्सपर्ट बोले- 'ये ट्रंप के लिए संदेश' ट्रेड डील को लेकर आई इस बड़ी खबर के बाद 'द ग्रेट रिसेट' (The Great Reset) के लेखक नवरूप सिंह ने इस समझौते के अंतिम पड़ाव पर पहुंचने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) पर निशाना साधा है. उन्होंने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि, 'कृषि क्षेत्र में बिना किसी समझौते के फाइनल होने जा रही इस डील से अमेरिकी राष्ट्रपति को यह संदेश जाता है कि भारत कृषि या डेयरी जैसे अपने मूल हितों पर कभी समझौता नहीं करेगा.' नवरूप सिंह ने X पोस्ट में लिखा,'यह होने जा रही डील संदेश है कि भारत अपने मूल हितों के साथ समझौता नहीं करेगा, फिर चाहे न्यूजीलैंड हुआ करार हो या फिर फ्रांस के साथ राफेल डील और जर्मनी के साथ पनडुब्बी सौदा, जो भारतीय सामान के लिए दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में से एक को खोलने का प्रयास है.' 'भारत कर रहा टैरिफ का मुकाबला' नवरूप सिंह ने कहा कि भारत के ब्रिटेन, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और ओमान के साथ हुए हालिया फ्री ट्रेड एग्रीमेंट में 99% भारतीय सामानों के आयात पर जीरो टैरिफ (Zero Tariff) हो जाता है. उन्होंने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक पेशेवर की तरह खेल रहा है और ट्रंप के हाई टैरिफ का मुकाबला कर रहा है. भारत हर मुक्त व्यापार समझौते और डीफेंस डील (India Defence Deal) के साथ एक तरह से अमेरिका की ताकत और दबाव को कम करता नजर  आ रहा है और अंततः इसमें अमेरिका ही हार रहा है!

फार्मर रजिस्ट्री में बस्ती, गाजियाबाद और रामपुर पहले तीन स्थानों पर

सीएम योगी के निर्देश पर प्रदेश में फॉर्मर रजिस्ट्री अभियान तेज सीतापुर, फिरोजाबाद, प्रतापगढ़, बिजनौर, जौनपुर, पीलीभीत व औरैया भी टॉप-10 में शीर्ष तीनों जनपदों में 80 प्रतिशत से ज्यादा रजिस्ट्रेशन   लखनऊ, उत्तर प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री (किसान पंजीकरण) को लेकर बड़ा अभियान जारी है। प्रदेश में कुल 2,88,70,495 किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य रखा गया है। इसके सापेक्ष अब तक 60 प्रतिशत से अधिक 1,75,30,760 करोड़ किसानों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है। इसमें बस्ती जिला सबसे आगे है, जहां 81.49 प्रतिशत रजिस्ट्री पूर्ण हो चुकी है। इसके बाद गाजियाबाद (80.34), रामपुर (80.32), सीतापुर (79.73), फिरोजाबाद (79.59), प्रतापगढ़ (75.65), बिजनौर (74.98), जौनपुर (72.84), पीलीभीत (72.04) तथा औरैया (71.45) टॉप-10 जनपद शामिल हैं। 90 दिनों में शत प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री का लक्ष्य मुख्यमंत्री के निर्देश पर आगामी 90 दिनों के भीतर प्रदेश भर में शत प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री का लक्ष्य रखा गया है। निर्देशों में कहा गया है कि पीएम किसान योजना के शत-प्रतिशत लाभार्थियों की फार्मर आईडी 15 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से बनवाई जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि फार्मर आईडी बनाने का कार्य और अधिक सघनता से किया जाए। इस कार्य की प्रतिदिन समीक्षा करते हुए कार्ययोजना बनाकर प्रगति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए प्रत्येक किसान की फार्मर आईडी होना अनिवार्य है। इस अभियान के तहत जिलाधिकारियों को फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति पर प्रतिदिन समीक्षा भी करने के निर्देश दिए गए हैं। पीएम किसान सम्मान योजना में सत्यापन अभियान को बड़ी सफलता दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत उत्तर प्रदेश में चलाए गए विशेष सत्यापन अभियान को उल्लेखनीय सफलता मिली है। इसके तहत राज्य में कुल 2,48,30,499 पीएम किसान लाभार्थी सत्यापित किए जा चुके हैं। सत्यापन प्रक्रिया में अम्बेडकर नगर, प्रतापगढ़, फर्रुखाबाद, बागपत, महराजगंज, मिर्जापुर, हरदोई, अयोध्या, बलिया, भदोही, सिद्धार्थनगर सहित कई जिलों में जिला स्तरीय वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट प्रदान किए गए हैं। इस अभियान से पात्र किसानों को समय पर लाभ सुनिश्चित करने और अपात्र लाभार्थियों को योजना से बाहर करने में प्रशासन को सफलता मिली है।

सबसे पहले सीएम योगी ने महायोगी गोरखनाथ जी को चढ़ाई आस्था की पवित्र खिचड़ी

गोरखपुर, मकर संक्रांति के पावन पर्व पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार ब्रह्म मुहूर्त में चार बजे शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ को नाथपंथ की विशिष्ट परंपरा के अनुसार आस्था की पवित्र खिचड़ी चढ़ाई और लोकमंगल की कामना की। सीएम योगी के बाद नाथ योगियों, साधु संतों ने भी बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाकर पूजा अर्चना की। इसके साथ मंदिर के गर्भगृह कपाट को आमजन के लिए खोल दिया गया। खिचड़ी चढ़ाने के लिए मंदिर में आस्था का सैलाब नजर आया। गोरखनाथ मंदिर में लाखों की संख्या में श्रद्धालु महायोगी गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने के लिए पहुंचे। लोक मान्यता के अनुसार त्रेतायुग से बाबा गोरखनाथ का खप्पर भरने की परंपरा का अनुसरण करते हुए श्रद्धा की अंजुरी में आस्था की खिचड़ी लेकर श्रद्धालु नतमस्तक रहे। महायोगी गोरखनाथ को नेपाल राजपरिवार की तरफ से भेजी गई खिचड़ी भी श्रद्धापूर्वक अर्पित की गई। खिचड़ी चढ़ाने के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में लगे विशाल मेले का भ्रमण कर आनंद उठाया। मनोरंजन के साथ जरूरी वस्तुओं की जमकर खरीदारी की। मकर संक्रांति पर गुरुवार को भोर में गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने नाथपंथ की परंपरा के अनुसार  गोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह में जमीन पर बैठ कर, सीटी बजाकर गुरु गोरखनाथ को प्रणाम कर आदेश लिया। फिर विधिविधान से पूजन कर गोरक्षपीठ की ओर से श्रीनाथ जी को खिचड़ी (चावल, दाल, तिल, सब्जी, हल्दी, नमक आदि) चढ़ाई। इसके बाद उन्होंने मुख्य मंदिर में स्थापित अन्य देव विग्रहों की पूजा की। फिर योगिराज बाबा गंभीरनाथ, अपने दादागुरु महंत दिग्विजयनाथ, गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ, नौमीनाथ व अन्य नाथ योगियों की प्रतिमाओं समक्ष शीश नवाकर खिचड़ी भोग अर्पित किया। सीएम योगी द्वारा बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी भोग अर्पित करने के बाद सुख समृद्धि की मंगलकामना लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली समेत अन्य राज्यों और पड़ोसी देश नेपाल से आए श्रद्धालुओं ने भी कतारबद्ध होकर महायोगी गोरखनाथ को श्रद्धा की खिचड़ी चढ़ाई। लगातार चलता रहा खिचड़ी चढ़ाने का सिलसिला महायोगी गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने का सिलसिला लगातार चलता रहा। पूरे दिन भक्तों की कतार नहीं टूटी। दोपहर बाद तक गोरखनाथ मंदिर आने वाले सभी रास्तों पर श्रद्धालुओं का रेला दिख रहा था। खिचड़ी चढ़ाने के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में स्थित सभी देवी देवताओं के विग्रहों का पूजन कर ब्रह्मलीन महंत बाबा गंभीरनाथ, ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ एवं ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर माथा टेक आशीर्वाद भी लिया। पूरा दिन मंदिर परिसर गुरु गोरखनाथ की जय जयकार से गूंजता रहा। इस दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा को लेकर मंदिर व जिला प्रशासन की ओर से समुचित प्रबंध किए गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद सभी व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए थे। भोर में तीन बजे ही लग गई थी लंबी कतार गोरखनाथ मंदिर का खिचड़ी मेला लोक श्रद्धाभाव के साथ सामाजिक समरसता का भी मेला है। हर वर्ग के लोग नंगे पांव कतारबद्ध होकर बारी बारी भगवान गोरखनाथ को आस्था की पवित्र खिचड़ी चढ़ा रहे थे। कोई मुठ्ठी भर श्रद्धा का चावल लेकर आ रहा था तो कोई झोली भर। पर, महायोगी के प्रति भाव सभी का एक समान था। न जाति का बंधन था, न धर्म का। बुधवार को भी लाखों श्रद्धालुओं ने खिचड़ी चढ़ाई थी। गुरुवार को यह संख्या और बढ़ गई। भोर में तीन बजे ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार मंदिर परिसर से बाहर सड़क तक लग गई थी। अलग-अलग गेट और बैरिकेडिंग से श्रद्धालुओं की भीड़ को संभाला जा रहा था। मंदिर में हुआ खिचड़ी सहभोज का आयोजन मकर संक्रांति के पावन पर्व पर गुरुवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में श्रद्धा के साथ सभी श्रद्धालुओं को खिचड़ी का प्रसाद वितरित करने के लिए सहभोज का आयोजन किया गया। अमीर-गरीब, जाति, वर्ग का भेदभाव भुलाकर सबने खिचड़ी का प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर परिसर में आमंत्रित अतिथियों के लिए भी सहभोज का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारियों, उद्यमियों, विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों एवं गण्यमान्य लोगों की सहभागिता रही। नेपाल में राजगुरु माने जाते हैं महायोगी गोरखनाथ : डॉ. प्रदीप राव नाथपंथ के अध्येता डॉ. प्रदीप कुमार राव बताते हैं कि महायोगी गुरु गोरखनाथ का नेपाल से भी गहरा संबंध है। मकर संक्रांति पर गुरु गोरखनाथ को गोरक्षपीठाधीश्वर द्वारा खिचड़ी चढ़ाए जाने के बाद नेपाल राजपरिवार की तरफ से आई खिचड़ी चढ़ाई जाती है। गुरु गोरखनाथ जी नेपाल के राजगुरु माने जाते हैं। त्रेतायुगीन मानी जाती है गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी चढ़ाने की परंपरा गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी चढ़ाने की परंपरा त्रेतायुगीन मानी जाती है। मान्यता है कि तत्समय आदियोगी गुरु गोरखनाथ एक बार हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित मां ज्वाला देवी के दरबार में पहुंचे। मां ने उनके भोजन का प्रबंध किया। कई प्रकार के व्यंजन देख बाबा ने कहा कि वह तो योगी हैं और भिक्षा में प्राप्त चीजों को ही भोजन रूप में ग्रहण करते हैं। उन्होंने मां ज्वाला देवी से पानी गर्म करने का अनुरोध किया और स्वयं भिक्षाटन को निकल गए। भिक्षा मांगते हुए वह गोरखपुर आ पहुंचे और राप्ती और रोहिन के तट पर जंगलों में बसे इस स्थान पर धूनी रमाकर साधनालीन हो गए। उनका तेज देख लोग उनके खप्पर में अन्न (चावल, दाल आदि) दान करते रहे। इस दौरान मकर संक्रांति का पर्व आने पर यह परंपरा खिचड़ी पर्व के रूप में परिवर्तित हो गई। तब से बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने का क्रम हर मकर संक्रांति पर अहर्निश जारी है। कहा जाता है कि उधर मां ज्वाला देवी के दरबार में बाबा की खिचड़ी पकाने के लिए आज भी पानी उबल रहा है।

पुलकित सम्राट ने फिल्म ‘राहु केतु’ में अपने किरदार केतु की तैयारी से जुड़े कुछ खास बीटीएस साझा किए

मुंबई, बॉलीवुड अभिनेता पुलकित सम्राट ने फिल्म ‘राहु केतु’ में अपने किरदार केतु की तैयारी से जुड़े कुछ खास बिहाइंड-द-सीन्स ( बीटीएस )वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए हैं, जिन्होंने फैंस के बीच फिल्म को लेकर उत्साह और बढ़ा दिया है। सामने आए बीटीएस क्लिप्स में पुलकित सम्राट को बो स्टाफ के साथ ज़बरदस्त कॉम्बैट मूव्स रिहर्स करते और एक्शन कोरियोग्राफी को परफेक्ट करते देखा जा सकता है। हालांकि पुलकित ने इसे पिक्चर परफेक्ट बनाने के लिए सुबह की ट्रेनिंग से लेकर होटल के कमरों में देर रात तक काफी प्रैक्टिस की है। पुलकित सम्राट ने इंस्टाग्राम पर इन वीडियोज़ को शेयर करते हुए लिखा है, “जब पहली बार मुझे पता चला कि केतु बो स्टाफ के साथ फाइट करेगा, तब मुझे अंदाज़ा नहीं था कि मैं इससे इतना गहराई से जुड़ जाऊंगा। जो चीज़ एक एक्शन ज़रूरत के तौर पर शुरू हुई थी, वो धीरे-धीरे एक जुनून बन गई। अपने एक्शन मूव्स को परफेक्ट बनाने के लिए मैंने न सिर्फ कई रेफरेंस वीडियोज़ देखे, बल्कि जहां कहीं समय मिलता बो स्टाफ के साथ प्रैक्टिस करने में जुट जाता। हालांकि शूटिंग शुरू होने से पहले मैंने इसके साथ इतनी प्रैक्टिस कर ली थी कि शूटिंग शुरू होते-होते मेरे लिए यह सिर्फ एक प्रॉप नहीं रहा, बल्कि केतु का ही एक भाग बन गया था। यकीन मानिए स्क्रीन पर दिखने वाले कुछ सेकंड्स के पीछे हफ्तों की मेहनत, चोटें और ढेर सारा पैशन छुपा होता है। आई थिंक यही एक्टर होने का जादू है क्योंकि हर किरदार आपको कुछ नया सिखाता है।” गौरतलब है कि ‘राहु केतु’ प्राचीन पौराणिक कथाओं को एक नए और फ्रेश सिनेमाई अंदाज़ में प्रस्तुत करती है, साथ ही उनकी आध्यात्मिक भावना को भी बनाए रखती है। दमदार अभिनय, बारीकी से कोरियोग्राफ किए गए एक्शन सीक्वेंस और भव्य मायथोलॉजिकल विज़ुअल्स के साथ यह फिल्म परंपरा और आधुनिक कहानी कहने की शैली के बीच एक प्रभावशाली सेतु बनाती है। फिलहाल पुलकित सम्राट के इन बीटीएस वीडियोज़ को सोशल मीडिया पर जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। फैंस उनकी मेहनत, समर्पण और किरदार के प्रति ईमानदारी की जमकर सराहना कर रहे हैं। यही नहीं, बो स्टाफ के साथ उनकी ट्रेनिंग की झलक ने फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता को और भी बढ़ा दिया है। यह फिल्म 16 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।  

फुटबॉल में सनसनी: कोपा डेल रे से बाहर हुआ रियल मैड्रिड, अल्बासेटे की ऐतिहासिक जीत

मैड्रिड अल्बासेटे के कार्लोस बेलमोंटे स्टेडियम में आयोजित फुटबॉल लीग कोपा डेल रे में रियल मैड्रिड को हार का सामना करना पड़ा। उनकी टीम को दूसरी टियर की टीम अल्बासेटे ने 3-2 से शिकस्त दी। अल्वारो अर्बेलोआ का रियल मैड्रिड के कोच के तौर पर यह डेब्यू मुकाबला था, जिसमें उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा। घने कोहरे के बीच हुए मुकाबले के लिए आर्बेलोआ ने अपनी पुरानी टीम कास्तिया बी-टीम के खिलाड़ियों पर भरोसा जताया और युवा खिलाड़ियों जॉर्ज सेस्टेरो और डेविड जिमेनेज को शुरुआती एकादश में शामिल किया। दूसरी ओर, अल्बासेटे ने भी अपने कई नियमित खिलाड़ियों को आराम दिया था। सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, मैच का पहला गोल 42वें मिनट में अल्बासेटे की ओर से आया। कॉर्नर किक पर जावी विल्लार ने शानदार तरीके से गेंद को जाल में पहुंचाकर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। पहले हाफ के अंतिम पलों में रियल मैड्रिड ने वापसी की। इंजरी टाइम में फ्रैंको मस्तांतुओनो ने गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया। इस गोल में डीन हॉयसन के हेडर से मिली मदद अहम रही। दूसरे हाफ के अंतिम चरण में मुकाबला और रोमांचक हो गया। 82वें मिनट में जेफ्टे बेटानकोर ने अल्बासेटे को फिर से बढ़त दिला दी। यह गोल तब आया जब गोंजालो गार्सिया गेंद को ठीक से क्लियर नहीं कर सके और बेटानकोर ने वॉली मारकर गेंद को गोल में डाल दिया। इसके बाद लगा कि रियल मैड्रिड मैच को एक्स्ट्रा टाइम में ले जाएगा। गोंजालो गार्सिया ने कॉर्नर से हेडर लगाकर 2-2 की बराबरी कर दी, लेकिन यह खुशी ज्यादा देर नहीं टिक सकी। इंजरी टाइम के चौथे मिनट यानी 94वें मिनट में जेफ्टे बेटानकोर ने तेज काउंटर अटैक के बाद निर्णायक गोल कर अल्बासेटे को ऐतिहासिक जीत दिला दी। उनका पहला शॉट भले ही रोका गया, लेकिन रीबाउंड पर उन्होंने शांति से गेंद को गोलकीपर आंद्रेई लूनिन के ऊपर से चिप कर नेट में पहुंचा दिया। इस बीच, कोपा डेल रे के अन्य मुकाबलों में रियल बेटिस ने एल्चे को 2-1 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। एल्चे ने 58वें मिनट में लियो पेट्रोट के गोल से बढ़त बनाई, लेकिन चिमी अविला ने 68वें और 81वें मिनट में दो गोल दागकर मैच का रुख पलट दिया। एक अन्य मैच में डेपोर्टिवो अलावेस ने रायो वायेकानो को 2-0 से हराकर 2018 के बाद पहली बार क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। अलावेस की ओर से टोनी मार्टिनेज और कार्लोस विसेंटे ने गोल किए। वहीं रायो के लिए यह रात बेहद खराब रही, जहां सर्जियो कैमेलो चोटिल हो गए और इसी पलाज़ोन को रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर कर दिया गया।  

नक्सलवाद पर करारा प्रहार: छत्तीसगढ़ में 52 इनामी नक्सलियों ने छोड़ा हथियार

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर में सुरक्षा बलों को नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता हाथ लगी है. जवानों द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई और सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘नियद नेल्लानार’ और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर एक डीवीसीएम (डिवीजनल कमेटी मेंबर) सहित कुल 52 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया है. आत्मसमर्पित करने वालों में 21 महिला और 31 पुरुष माओवादी शामिल हैं. इन सभी पर कुल 1.41 करोड़ रुपए का इनाम घोषित था. पुलिस अधिकारियों के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले सभी 52 माओवादी फायरिंग, आईईडी ब्लास्ट, आगजनी सहित कई नक्सली वारदातों में शामिल रहे हैं. इन नक्सलियों ने सीआरपीएफ डीआईजी देवेंद्र सिंह नेगी, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यूलेण्डन यार्क, डीएसपी शरद जायसवाल और उप पुलिस अधीक्षक विनीत साहू सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया. आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2024 से अब तक 824 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि 1126 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है. वहीं, अलग-अलग मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों ने 223 माओवादियों को मार गिराया है. आत्मसमर्पण के बाद पुनर्वास नीति के तहत सभी नक्सलियों को प्रोत्साहन स्वरूप 50-50 हजार रुपए की नगद राशि प्रदान की गई. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास और मुख्यधारा में लौटने के लिए आगे भी हर संभव सहयोग किया जाएगा.

बिहार विधानमंडल का दो फरवरी से शुरू होगा बजट सत्र, 19 बैठकें होंगी

पटना. राज्य विधानसभा का बजट सत्र दो फरवरी से शुरू होकर 27 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं। सत्र के दौरान राज्य सरकार वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट तीन फरवरी को सदन में पेश करेगी, जबकि वर्ष 2025-26 का तृतीय अनुपूरक बजट नौ फरवरी को प्रस्तुत किया जाएगा। संसदीय कार्य विभाग ने बजट सत्र के कार्यक्रम को लेकर औपचारिक आदेश जारी कर दिया है। बजट सत्र के पहले दिन, दो फरवरी को राज्यपाल दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधित करेंगे। इसी दिन नए सदस्यों का शपथ ग्रहण भी कराया जाएगा। इसके साथ ही सरकार आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट भी सदन में रखेगी, जिसमें राज्य की आर्थिक स्थिति, विकास दर, राजस्व और व्यय से जुड़ी प्रमुख जानकारियां शामिल होंगी। तीन फरवरी को सरकार वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट पेश करेगी। बजट प्रस्तुति के बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर वाद-विवाद की प्रक्रिया शुरू होगी। चार फरवरी को सत्र की बैठक नहीं होगी। पांच फरवरी को सरकार राज्यपाल के अभिभाषण पर दिए गए सुझावों और सवालों का जवाब देगी। छह फरवरी को वर्ष 2026-27 के आय-व्यय पर सामान्य विमर्श होगा। सात और आठ फरवरी को भी सदन की बैठक नहीं बुलाई गई है। नौ फरवरी को आय-व्ययक पर सामान्य वाद-विवाद और सरकार का उत्तर होगा। इसी दिन सरकार वर्ष 2025-26 का तृतीय अनुपूरक बजट भी सदन में पेश करेगी। दस फरवरी को आय-व्यय की अनुदान मांगों पर वाद-विवाद के बाद मतदान कराया जाएगा। 11 फरवरी को तृतीय अनुपूरक बजट पर चर्चा और सरकार का जवाब होगा। 12 और 13 फरवरी को वर्ष 2026-27 की अनुदान मांगों पर वाद-विवाद और मतदान होगा। 14 और 15 फरवरी को बैठक नहीं होगी। इसके बाद 16 फरवरी से 20 फरवरी के बीच लगातार अनुदान मांगों पर चर्चा और मतदान की प्रक्रिया चलेगी। 21 और 22 फरवरी को भी सदन की बैठक नहीं होगी। 23 फरवरी को विनियोग विधेयक पर वाद-विवाद और सरकार का उत्तर होगा। 24 से 26 फरवरी तक राजकीय विधेयकों और अन्य शासकीय कार्यों पर चर्चा की जाएगी। बजट सत्र के अंतिम दिन, 27 फरवरी को गैर सरकारी सदस्यों के कार्य और गैर सरकारी संकल्प सदन में लिए जाएंगे।

नेपानगर में 33वें आदिवासी सांस्कृतिक एकता महासम्मेलन में नेता प्रतिपक्ष का आह्वान

नेपानगर (बुरहानपुर) मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार ने कहा है कि इस देश में आदिवासियों का भी अलग धर्म कोड होना चाहिए और इसके लिए अब एकजुट होकर निर्णायक आंदोलन की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में ही डेढ़ करोड़ से अधिक आदिवासी रहते हैं, यदि यह समाज संगठित होकर अपनी आवाज़ बुलंद करे तो सरकार को अधिकार देना ही पड़ेगा। नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार बुरहानपुर जिले के नेपानगर में आयोजित 33वें आदिवासी सांस्कृतिक एकता महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस महासम्मेलन में सहभागी बनना उनके लिए गौरव और आत्मीय अनुभव है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के साथ-साथ महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात से आए हजारों आदिवासी प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इस महासम्मेलन को एकता, चेतना और संस्कृति का जीवंत उत्सव बना दिया है। सम्मेलन में आदिवासी समाज के भाई-बहनों और बुजुर्गों से मिला स्नेह और आशीर्वाद उनकी ऊर्जा और संकल्प को और मजबूत करता है। श्री सिंघार ने कहा कि आदिवासियों की एकता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले भी विभिन्न समाजों के साथ मिलकर जातिगत जनगणना की मांग उठाई है और आज आदिवासी समाज के पास यह अवसर है कि वह इसे पूरे देश का जन आंदोलन बनाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे यहां राजनीति से दूर रहकर समाज के अधिकार की बात कर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जिस तरह झारखंड के आदिवासियों ने अपने अधिकारों के लिए संघर्ष किया, उसी तरह मध्यप्रदेश के आदिवासी समाज को भी आगे आना होगा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अलग कोड के लिए राष्ट्रपति को आदिवासी समाज की ओर से ज्ञापन भेजा जाना चाहिए, जिसमें यह स्पष्ट मांग हो कि आदिवासियों को भी अलग धर्म कोड दिया जाए, यह उनका संवैधानिक और सामाजिक अधिकार है। अपने संबोधन के अंत में श्री उमंग सिंघार ने कहा, मैं उमंग सिंघार जल, जंगल, जमीन, हमारी संस्कृति और आदिवासी अस्मिता के संरक्षण की लड़ाई में हमेशा अपने आदिवासी समाज के साथ खड़ा रहूंगा।

नीतीश सरकार युवाओं तक नौकरी की पहुँच बनाने लॉन्च करेगी नया पोर्टल

पटना. बिहार सरकार ने अगले पांच वर्षों में राज्य के एक करोड़ युवाओं को रोजगार और नौकरी देने का लक्ष्य रखा है। इस काम को तय सीमा में पूरा करने के उद्देश्य से युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग का गठन भी किया है। आने वाले दिनों में इस नवगठित विभाग की जवाबदेही और बढ़ेगी। इस विभाग को अब ई-पोर्टल का संचालन, विभिन्न जिलों में रोजगार मेला आयोजित करना और नौकरी से जुड़ी युवाओं की समस्याओं के समाधान का निराकरण भी करना होगा। हाल ही में सरकार ने इस नए विभाग को ठीक से चलाने के लिए 147 नए पद स्वीकृत किए हैं। इन पदों के जरिए विभाग के सभी काम तेजी से पूरे किए जाएंगे। विभाग रोजगार से जुड़े नियम बनाएगा, योजनाओं को लागू करेगा और युवाओं की मदद के लिए नई सुविधाएं शुरू करेगा। मंत्रिमंडल ने प्रस्ताव को स्वीकृत भी कर दिया है। जानकारी के अनुसार, नवगठित विभाग का सबसे अहम कार्य एक ई-पोर्टल का प्रबंधन होगा। इस पोर्टल पर युवा अपनी पढ़ाई और योग्यता के अनुसार नौकरी की जानकारी देख सकेंगे और ऑनलाइन आवेदन भी कर सकेंगे। इस सुविधा के प्रारंभ होने से युवाओं को विभागों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। विभाग राज्य के अलग-अलग जिलों में रोजगार मेलों आयोजित करेगा। मेलों में निजी और सरकारी कंपनियां सीधे युवाओं से मिलेंगी और मौके पर ही नौकरी के अवसर उपलब्ध कराएंगी। नया विभाग निजी कंपनियों, उद्योगों और एमएसएमई इकाइयों से भी लगातार संपर्क में रहेगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा किए जा सके। सरकार का मानना है कि इस पहल से बिहार के युवाओं को नौकरी मिलने में आसानी होगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

टी20 सीरीज से बाहर वॉशिंगटन सुंदर, न्यूजीलैंड दौरे पर भारत की मुश्किलें बढ़ीं

नई दिल्ली भारतीय ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 मुकाबलों की टी20 सीरीज से बाहर हो गए हैं। सुंदर फिलहाल पसली की चोट से उबर रहे हैं। वह वडोदरा में वनडे सीरीज के पहले मैच के दौरान चोटिल हुए थे। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि सुंदर टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए समय पर फिट हो पाएंगे या नहीं। भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मुकाबलों की टी20 सीरीज 21 जनवरी से नागपुर के विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में शुरू होगी। यह दोनों देशों के लिए टी20 वर्ल्ड कप की तैयारी का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत 7 फरवरी से होगी। सूत्र ने बताया, "वॉशिंगटन न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज से बाहर हो गए हैं, क्योंकि वडोदरा में खेले गए वनडे मैच में लगी चोट से उबरने में उन्हें कुछ और हफ्ते लगेंगे। यह अभी पता नहीं चला है कि वह टी20 वर्ल्ड कप के लिए समय पर पूरी तरह फिट हो पाएंगे या नहीं। वॉशिंगटन के शनिवार को बेंगलुरु में स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) में रिपोर्ट करने की संभावना है और वहां पहुंचने के बाद उन्हें अपनी रिकवरी टाइमलाइन के बारे में और पता चलेगा।" यह न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज से पहले भारत को लगा दूसरा झटका है। इससे पहले तिलक वर्मा सीरीज से बाहर हो गए थे। रविवार को बीसीए स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे के दौरान गेंदबाजी करते समय उन्हें बाईं निचली पसली के क्षेत्र में तेज दर्द महसूस हुआ था। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने सुंदर की जगह 26 वर्षीय आयुष बडोनी को टीम में शामिल किया है, जिससे उन्हें पहली बार राष्ट्रीय टीम में जगह मिली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहला टी20 मैच 21 जनवरी को नागपुर में खेला जाएगा। इसके बाद 23 जनवरी को रायपुर में दूसरा टी20 मैच आयोजित होगा। तीसरा मैच 25 जनवरी को गुवाहाटी में खेला जाना है। इसके बाद 28 जनवरी को चौथा मैच विशाखापत्तनम में खेला जाएगा। सीरीज का अंतिम मैच 31 जनवरी को तिरुवनंतपुरम में होगा।