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BJP का विपक्ष पर हमला, सुधांशु त्रिवेदी बोले – महाराष्ट्र निकाय चुनाव में INDIA गठबंधन का अंत

मुंबई महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों के चुनाव परिणामों में भारतीय जनता पार्टी और महायुति गठबंधन की बड़ी जीत पर पार्टी की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्षी 'INDIA' गठबंधन पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि इन नतीजों ने साबित कर दिया है कि महाराष्ट्र की जनता ने नकारात्मक राजनीति को पूरी तरह नकार दिया है।   गठबंधन की एकजुटता पर सवाल सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्षी खेमे की कमजोरी पर तंज कसते हुए पूछा, "क्या अब INDIA गठबंधन का कोई वजूद बचा भी है?" उन्होंने तर्क दिया कि केरल, दिल्ली और अब महाराष्ट्र के चुनावी मैदान में यह गठबंधन पूरी तरह बिखर चुका है। त्रिवेदी के अनुसार, जनता अब केवल विकास और स्थिरता के एजेंडे को चुन रही है, जिसे महायुति सरकार ने जमीन पर उतारा है।   युवा वोटरों (Gen-Z) ने बदला खेल भाजपा नेता ने इस जीत का श्रेय खास तौर से 'Gen-Z' यानी पहली बार वोट देने वाले युवाओं को दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं ने प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों और राज्य सरकार के विजन पर भरोसा जताया है। त्रिवेदी ने दावा किया कि युवाओं का बीजेपी के पक्ष में आना इस बात का प्रमाण है कि नई पीढ़ी विकसित भारत के संकल्प के साथ मजबूती से खड़ी है।

ग्रीनलैंड में तनाव बढ़ा, अमेरिका सैनिक भेजे, यूरोप ने ट्रंप की नीति पर जताई नाराजगी

वाशिंगटन ग्रीनलैंड के भविष्य को लेकर अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच गंभीर मतभेद सामने आ गए हैं। इसी तनाव के बीच यूरोप के कई देशों के सैनिक डेनमार्क के समर्थन में ग्रीनलैंड पहुंचने लगे हैं। इसका मकसद यूरोपीय एकजुटता दिखाना और अमेरिका को यह संदेश देना है कि ग्रीनलैंड की सुरक्षा नाटो मिलकर कर सकता है। हाल ही में व्हाइट हाउस ने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के अधिकारियों के साथ होने वाली बातचीत को “ग्रीनलैंड के अधिग्रहण से जुड़ी तकनीकी वार्ता” बताया। यह बयान डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन के रुख से अलग था। रासमुसेन ने कहा कि बातचीत का उद्देश्य केवल मतभेदों को सुलझाने के रास्ते तलाशना है, न कि किसी अधिग्रहण पर सहमति बनाना। वार्ता शुरू होने से पहले ही डेनमार्क ने घोषणा की थी कि वह ग्रीनलैंड में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाएगा। इसके बाद फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नॉर्वे, स्वीडन और नीदरलैंड जैसे यूरोपीय देशों ने प्रतीकात्मक संख्या में सैनिक भेजने शुरू कर दिए हैं या जल्द भेजने का वादा किया है। डेनमार्क के रक्षा मंत्री ट्रोएल्स लुंड पाउल्सेन ने बताया कि कई नाटो देशों के सैनिक बारी-बारी से ग्रीनलैंड में तैनात रहेंगे। इसका उद्देश्य आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा मजबूत करना है, जहां रूस और चीन की बढ़ती दिलचस्पी चिंता का कारण बनी हुई है।   हालांकि, अमेरिका अपने रुख पर कायम है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने साफ कहा कि यूरोपीय सैनिकों की तैनाती से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सोच पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उनके मुताबिक, ट्रंप मानते हैं कि ग्रीनलैंड को हासिल करना अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। डेनमार्क और ग्रीनलैंड ने दोहराया है कि ग्रीनलैंड उनके लिए केवल रणनीतिक संपत्ति नहीं, बल्कि उनकी संप्रभुता और पहचान का सवाल है। इसी वजह से आने वाले हफ्तों में बनने वाला उच्च स्तरीय कार्य समूह इस विवाद में अहम भूमिका निभा सकता है।  

ट्रेड ज्वार: अमेरिका ने ताइवान से बड़े सौदे के साथ शुल्क घटाया, चीन पर दबाव बढ़ा

वाशिंगटन अमेरिका और ताइवान ने बृहस्पतिवार को एक बड़े व्यापार समझौते पर सहमति जताई, जिसके तहत ताइवान की वस्तुओं पर शुल्क में कटौती की जाएगी और बदले में ताइवान अमेरिका में 250 अरब अमेरिकी डॉलर के नए निवेश करेगा। यह समझौता उन हालिया व्यापार सौदों में शामिल है जो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किए हैं। इससे पहले उन्होंने यूरोपीय संघ और जापान के साथ भी ऐसे समझौते किए थे। ये सभी समझौते ट्रंप द्वारा पिछले साल अप्रैल में व्यापार असंतुलन दूर करने के लिए पेश की गई व्यापक शुल्क योजना के बाद किए गए हैं। ट्रंप ने दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन के साथ रिश्तों को स्थिर करने के उद्देश्य से एक साल के व्यापारिक संघर्ष-विराम (ट्रेड ट्रूस) पर भी सहमति जताई। शुरुआत में ट्रंप ने ताइवान से आने वाले सामान पर 32 प्रतिशत शुल्क तय किया था, जिसे बाद में घटाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया। नए समझौते के तहत अब शुल्क दर को और कम करके 15 प्रतिशत कर दिया गया है जो एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका के अन्य व्यापारिक साझेदारों जैसे जापान और दक्षिण कोरिया पर लगाए गए शुल्क के बराबर है। अमेरिकी वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ताइवान के साथ यह समझौता एक “आर्थिक साझेदारी” स्थापित करेगा, जिसके तहत घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अमेरिका में कई “विश्व स्तरीय” औद्योगिक पार्क बनाए जाएंगे। वाणिज्य मंत्रालय ने इसे एक ‘‘ऐतिहासिक व्यापार समझौता'' करार दिया और कहा कि इससे अमेरिका के सेमीकंडक्टर क्षेत्र को गति मिलेगी। ताइवान की सरकार ने एक बयान में इस समझौते के प्रमुख बिंदुओं की पुष्टि करते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के बीच ‘रणनीतिक सहयोग' और गहरा होगा।  

भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया, कहा- ‘जनमानस के साथ खेल रही है भ्रम की राजनीति’

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वीबी-जी रामजी जनजागरण अभियान की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि एक ओर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, जो बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों और पं. दीनदयाल उपाध्याय की सोच को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी के नेता हैं जो हर योजना में कमी निकालने का काम करते हैं। चाहे वह सीएए हो, ईवीएम का मुद्दा हो या फिर एसआईआर। कांग्रेस हर विषय पर भ्रम फैलाने का प्रयास करती है। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि अब कांग्रेस को ‘जी रामजी’ नाम से भी आपत्ति है। हमने तो राजस्थान से ‘आरए’ और मध्यप्रदेश से ‘एम’ लिया और महत्वपूर्ण परियोजना ईआरसीपी का नाम स्वतः ही ‘राम जल सेतु’ हो गया। यदि कांग्रेस को राम जी से ही दिक्कत है तो इसमें हम क्या कर सकते हैं। प्रकृति का नियम है कि जो होना है, वह होकर रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश धीरे-धीरे रामराज्य की ओर बढ़ रहे हैं।   न भ्रष्टाचार करने देंगे, न होने देंगे मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आजादी के बाद से ही कांग्रेस ने देश को खोखला करने का काम किया है। वह हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति करती आई है, लेकिन अब मोदी जी का जमाना है। अब न तो भ्रष्टाचार करने दिया जाएगा और न ही भ्रष्टाचार होने दिया जाएगा। कांग्रेस को इस बात का दर्द है कि अब वे भ्रष्टाचार नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भ्रष्टाचार हुआ भी है तो मोदी सरकार उसे बाहर निकाल कर सामने लाएगी। सीएम शर्मा ने कहा कि कांग्रेस झूठ बोलने में नंबर वन है, भ्रम फैलाने में नंबर वन है और तुष्टिकरण के आधार पर राजनीति करना चाहती है। इसलिए झूठ का पर्दाफाश करना आज सबसे अधिक आवश्यक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वीबी-जी रामजी जनजागरण अभियान को लेकर गांव-गांव और ढाणी-ढाणी तक पहुंचना होगा। लोगों को यह बताना होगा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 100 नहीं बल्कि 125 दिन का रोजगार दिया है और 15 दिन में मजदूरी की गारंटी दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी डबल इंजन सरकार युवाओं के रोजगार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार ने अब तक 1 लाख से अधिक युवाओं को नियुक्तियां दी हैं, 1.43 लाख भर्तियां प्रक्रिया में हैं और 1 लाख पदों का भर्ती कैलेंडर जारी किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हमने पहले ही कह दिया था कि आप पेन और डायरी लेकर बैठ जाएं, हम आपको हर बात का हिसाब देंगे। पेपर लीक के मामलों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि अब तक 400 लोग जेल में हैं। अब यह गिनती करना कांग्रेस का काम है कि ये 400 लोग छोटी मछली हैं या बड़े मगरमच्छ। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पारदर्शिता, सुशासन और विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है और जनता के विश्वास पर पूरी तरह खरी उतरेगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश स्तरीय पंचायत सचिव सम्मेलन को किया संबोधित

पंचायत सचिवों के वेतनमान और अन्य सेवा शर्तों के लिए कमेटी बनाकर किया जाएगा विचार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का स्मरण करते हुए कहा कि सच्चे अर्थों में भारत की आत्मा गांवों में बसती है। अगर देश का विकास करना है तो गांवों को विकसित करें, देश अपने आप आगे बढ़ता चला जाएगा। इसी उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने शहरी क्षेत्र के साथ ग्रामीण अंचलों में उद्योग स्थापित करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि हमारे गांव ही स्वावलंबी भारत की नींव हैं। राज्य सरकार पंचायती राज व्यवस्था के माध्यम से सभी क्षेत्रों में कार्य कर रही है। प्रदेश के किसानों की समृद्धि और ग्रामीण विकास को गति प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने वर्ष-2026 को कृषि कल्याण वर्ष घोषित किया है। इसमें 16 अलग-अलग विभागों को शामिल किया गया है। कृषि कल्याण वर्ष में खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, मत्स्य पालन और लघु-कुटीर उद्योग सहित सभी विभागों की योजनाओं का लाभ पंचायत हितग्राहियों को मिलेगा। ग्रामीण विकास में पंचायत सचिवों की भूमिका अत्यधिक महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को भेल दशहरा मैदान पर आयोजित प्रदेश स्तरीय पंचायत सचिव सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सम्मेलन में पहुंचने पर करतल ध्वनि और नारों से उनका स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पंचायत सचिव महासंघ के प्रतिनिधियों द्वारा बड़ी माला और पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी पंचायती राज व्यवस्था में पंचायत सचिव जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की धुरी हैं। वे सरकारी नीति-निर्णयों और योजनाओं को क्रियान्वित कर धरातल पर उतारते हैं। राज्य सरकार, पंचायत, पंचायत सचिव और पंच परमेश्वर के सहयोग से जनकल्याण के साथ विकास के पैमाने पर आगे बढ़ रही है। हम रामराज की कल्पना करें तो पंचायत सचिव एक प्रकार से पंचायती राज में हनुमान जी की भूमिका में काम करते हैं। प्रधानमंत्री आवास हो या आर्थिक सहायता का लाभ, सभी जनकल्याणकारी कार्य पंचायत सचिव ही पूर्ण कराते हैं। वे ग्रामीण परिवारों के लिए एक सदस्य के नाते संपूर्ण जिम्मेदारी के साथ काम करते हैं। ऐसे में पंचायत सचिवों की चिंता करना सरकार का कर्तव्य है। पंचायत सचिवों के लिए जिला स्तर पर कैडर का गठन करने के साथ उन्हें डिजिटल भारत के निर्माण के लिए सभी तरह के तकनीकी संसाधनों से लैस किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने पंचायत को सम्मान, संसाधन और आधुनिकता देने में कोई कमी नहीं छोड़ी है। पंचायत के लिए सुसज्जित कार्यालय अटल भवन सामुदायिक भवनों के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण से केवल कौशल नहीं अपितु प्रशासकीय व्यवस्था की संस्कृति को बदलने का प्रयास किया गया है। राज्य सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय और वाहन भक्तों में वृद्धि की है। इसके साथ ही सरपंचों को 25 लाख रुपए तक के कार्य करने का अधिकार दिया गया है। पंचायत सचिवों के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंचायत सचिवों के सेवाकाल की आयु सीमा 62 वर्ष निर्धारित की गई है। उनके लिए 7वें वेतनमान के आदेश जारी किए जा चुके हैं। पंचायत सचिवों को विशेष भत्ते का भी लाभ दिया जाएगा। सेवाकाल में पंचायत सचिव की मृत्यु होने पर परिवार को दी जाने वाली डेढ़ लाख रुपए की आकस्मिक सहायता राशि अनुकंपा नियुक्ति के बाद वापस नहीं ली जाएगी। उन्होंने कहा कि पंचायत सचिवों के वेतनमान और अन्य सेवा शर्तों के लिए कमेटी बनाकर विचार किया जाएगा। पंचायत सचिव का दायित्व केवल नौकरी नहीं, जन सेवा का है पवित्र अवसर : मंत्री श्री प्रहलाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रह्लाद पटेल ने कहा कि ग्राम सभा से लेकर विकास कार्यों के क्रियान्वयन तक हर प्रक्रिया की धूरी पंचायत सचिव हैं। उनका दायित्व केवल नौकरी नहीं, जन सेवा का पवित्र अवसर है। पंचायत सचिवों को आयुष्मान कार्ड योजना के दायरे में लाने की शुरुआत कर दी गई है। पंचायत सचिवों को मिलने वाला 1300 रुपए भत्ता भी प्रारंभ किया जाएगा। म.प्र. पंचायत सचिव संगठन के प्रदेशाध्यक्ष श्री राजेश पटेल ने कहा कि यह महासम्मेलन ग्रामीण भारत की रीढ़ को सशक्त करने का आयोजन है। पंचायत सचिव शासकीय योजनाओं का धरातल पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हैं। ग्रामीण विकास में पंचायत सचिवों की भूमिका महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने सुशासन के नए आयाम स्थापित किए हैं। प्रदेश ने औद्योगिक विकास के साथ ग्रामीण विकास के लिए जल संचयन की योजना में राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को किसान कल्याण के लिए समर्पित किया है। सभी पंचायत सचिव इसमें हर संभव योगदान देने के लिए तत्पर हैं। भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री श्री कुलदीप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार श्रमिकों एवं मजदूरों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश स्तरीय पंचायत सचिव महासम्मेलन में भारतीय मजदूर संघ के क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री सुनील किदवई, सचिव संगठन के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष श्री बालमुकंद पाटीदार, श्री सत्यनारायण यादव, श्री अरविंद सोलंकी, श्री शिवराज सिंह रघुवंशी सहित बड़ी संख्या में पंचायत सचिव एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

ईरान ने ट्रंप को दी जान से मारने की चेतावनी, कहा– इस बार निशाना पक्का होगा

ईरान ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और उसमें अमेरिका के कथित हस्तक्षेप के बाद ईरान और अमेरिका के रिश्ते बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से संभावित सैन्य कार्रवाई की चेतावनी के जवाब में अब ईरान ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। ईरान की सरकारी टेलीविजन पर एक ऐसा फुटेज प्रसारित किया गया, जिसमें ट्रंप को सरेआम जान से मारने की धमकी दी गई है। इस फुटेज में ट्रंप की वह तस्वीर दिखाई गई है, जो 2024 में अमेरिका के पेंसिल्वेनिया राज्य के बटलर शहर में एक चुनावी रैली के दौरान उन पर हुए जानलेवा हमले से जुड़ी है। तस्वीर के साथ फारसी भाषा में लिखा गया है  “इस बार निशाना नहीं चूकेगा और गोली सिर के आर-पार होगी ।”   यह पोस्टर एक ऐसे युवक के हाथ ोमें दिखाया गया, जो तेहरान में हालिया प्रदर्शनों के दौरान मारे गए ईरानी सुरक्षाकर्मियों के अंतिम संस्कार समारोह में शामिल था। यह कार्यक्रम इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान न्यूज नेटवर्क (IRINN) पर प्रसारित किया गया। समारोह के दौरान कई लोग ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ लिखे बैनर पकड़े हुए थे और कुछ लोग ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीरें लहराते नजर आए। गौरतलब है कि पेंसिल्वेनिया की जिस घटना का जिक्र पोस्टर में किया गया, उसमें थॉमस क्रूक्स नामक बंदूकधारी ने ट्रंप पर गोली चलाई थी। हालांकि गोली ट्रंप के कान को छूते हुए निकल गई थी और वह बाल-बाल बच गए थे। इसी घटना को लेकर ईरान के सरकारी प्रसारण में यह संकेत दिया गया कि अगली बार हमला जानलेवा होगा।   ईरान का नाम इससे पहले भी विदेशों में हत्या की साजिशों से जुड़ चुका है। जनवरी 2020 में ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी की अमेरिकी हमले में मौत के बाद से ईरान लगातार ट्रंप से बदला लेने की कसम खाता रहा है। अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, 2024 में फरहाद शेकेरी नामक व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद ट्रंप की हत्या की एक ईरान-समर्थित साजिश को नाकाम किया गया था। अदालती दस्तावेजों में दावा किया गया कि इस साजिश के पीछे ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) का हाथ था।  

देश की आर्थिक मजबूती का संकेत: विदेशी मुद्रा भंडार 687 बिलियन डॉलर के पार

नई दिल्ली भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 9 जनवरी को समाप्त हुए हफ्ते में 392 मिलियन डॉलर बढ़कर 687 बिलियन डॉलर हो गया है। यह जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से शुक्रवार को दी गई। आरबीआई ने कहा कि 9 जनवरी को समाप्त हुए हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार के अहम घटक गोल्ड रिजर्व की वैल्यू 1.56 बिलियन डॉलर बढ़कर 112.83 बिलियन डॉलर हो गई है। गोल्ड रिजर्व में बढ़ोतरी की एक वजह सोने की कीमतों का तेजी के बढ़ना है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने का दाम बीते एक हफ्ते में करीब 2.5 प्रतिशत और पिछले एक महीने में करीब 5.5 प्रतिशत बढ़ चुका है। विदेशी मुद्रा भंडार के सबसे बड़े घटक फॉरेन करेंसी एसेट्स (एफसीए) की वैल्यू 1.12 बिलियन डॉलर कम होकर 550.86 बिलियन डॉलर रह गई है। एफसीए में डॉलर के साथ दुनिया की अन्य बड़ी करेंसी जैसे येन, यूरो और पाउंड शामिल होती हैं, जिनकी वैल्यू को डॉलर में व्यक्त किया जाता है। आरबीआई के मुताबिक, 9 जनवरी को समाप्त हुए हफ्ते में एसडीआर की वैल्यू 39 मिलियन डॉलर कम होकर 18.73 बिलियन डॉलर हो गई है। आईएमएफ में रिसर्व पॉजिशन की वैल्यू 13 मिलियन डॉलर कम होकर 4.758 बिलियन डॉलर हो गई है। किसी भी देश की लिए उसका विदेशी मुद्रा भंडार काफी महत्वपूर्ण होता है और इससे उस देश की आर्थिक स्थिति का पता लगता है। इससे अलावा यह मुद्रा की विनिमय दर को स्थिर रखने में बड़ी भूमिका निभाता है। उदाहरण के लिए अगर किसी स्थिति में डॉलर के मुकाबले रुपए पर अधिक दबाव देखने को मिलता है और उसकी वैल्यू कम होती है तो केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा भंडार का इस्तेमाल कर डॉलर के मुकाबले रुपए को गिरने से रोक सकता है और विनिमय दर को स्थिर रखता है। बढ़ता हुआ विदेशी मुद्रा भंडार यह भी दिखाता है कि देश में डॉलर की आवक बड़ी मात्रा में बनी हुई है और यह देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाता है। साथ ही इसके बढ़ने से देश के लिए विदेशों में व्यापार करना भी आसान हो जाता है।

फेक खबर ने मचाई तबाही: ओडिशा में भीड़ ने की तोड़फोड़ और आगजनी

ओडिशा ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में गोमांस बेचने की अफवाह से हिंसक झड़प हो गई। रीजेंट मार्केट में मांस की दुकान और एक व्यक्ति के घर पर बीफ होने की बात फैली। इसके बाद बजरंग दल के सदस्यों सहित भीड़ ने दुकान में तोड़फोड़ की, पिकअप वैन को आग लगा दी और कुछ वाहनों को क्षति पहुंचाई। विवाद तेजी से बढ़ा और दो समुदायों के बीच पथराव व हथियारों का इस्तेमाल होने लगा। रिपोर्ट के मुताबिक, झड़प में 12 से 20 लोग घायल हुए, जिनमें पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।   पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और दोनों पक्षों को तितर-बितर किया, जिससे कोई बड़ी दुर्घटना टल गई। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शहर में धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी और भारी पुलिस बल तैनात किया है। घटना के बाद जिला प्रशासन ने अफवाहों और भ्रामक संदेशों के प्रसार को रोकने के लिए 24 घंटे के लिए पूरे सुंदरगढ़ में इंटरनेट और सोशल मीडिया सेवाएं निलंबित कर दीं। कलेक्टर सुभंकर मोहपात्रा ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान शुक्रवार को बंद हैं। दुकानों को भी बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। इलाके में अभी तक तनाव पश्चिमी रेंज के डीआईजी बीरजेश राय ने कहा कि पुलिस ने संवेदनशीलता से स्थिति को नियंत्रित किया और बड़े नुकसान से बचा लिया गया। अभी तक कोई गंभीर चोट या मौत की सूचना नहीं है, लेकिन तनावपूर्ण माहौल बरकरार है। फिलहाल, सुंदरगढ़ शहर में कड़े प्रतिबंध जारी हैं और पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने शांति समिति गठित करने और आगे की कार्रवाई पर चर्चा करने की योजना बनाई है। लोगों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की गई है। अफवाहों पर विश्वास न करने और सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री से दूर रहने की सलाह दी गई है। स्थिति अब नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन सतर्कता बरती जा रही है।  

सोने के आभूषण मिलने के बाद कर्नाटक में मंदिर परिसर से खजाना खोजने की तैयारी

बेंगलुरु कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने गडग जिले में खजाना के लिए एक अभियान शुरू किया है। अधिकारियों के मुताबिक जिले के लक्कुंडी गांव में एक मकान के निर्माण के दौरान सोने के आभूषण मिलने के बाद राज्य सरकार ने ऐतिहासिक और स्थापत्य विरासत के लिए प्रसिद्ध लक्कुंडी स्थित कोटे वीरभद्रेश्वर मंदिर परिसर में व्यापक स्तर पर खुदाई शुरू करने का निर्णय लिया है।   पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक मंदिर परिसर में खजाने की तलाश में जुटे प्रशासन ने खुदाई के लिए जेसीबी, ट्रक और ट्रैक्टर लगाए हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, 10 वर्ग मीटर क्षेत्र को खुदाई के लिए चिह्नित किया गया है और इसे आधिकारिक रूप से खुदाई क्षेत्र घोषित किया गया है। इस काम से जुड़े एक अधिकारी ने कहा, “इस कार्य के लिए 15 महिलाओं और पांच पुरुषों को लगाया गया है।” आपको बता दें, यह पूरा मामला उस वक्त सामने आया जब एक लड़के को मकान निर्माण के समय तांबे का एक बर्तन मिला। खोलने पर उसमें सोने के आभूषण मिले। बताया जाता है कि ये आभूषण 300 से 400 वर्ष पुराने हैं। लड़के ने यह आभूषण जिला प्रशासन को सौंप दिये, जिसके लिए उसे सम्मानित किया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह क्षेत्र सोने, चांदी, हीरे, मोती, माणिक, मूंगे और लहसुनिया सहित दबे हुए बहुमूल्य खनिजों से समृद्ध माना जाता है। खुदाई से जुड़े सूत्रों ने कहा, “लक्कुंडी ऐतिहासिक रूप से एक समृद्ध केंद्र रहा है और उपलब्ध साक्ष्य संकेत देते हैं कि यहां अब भी भूमिगत अपार भौतिक संपदा छिपी हो सकती है।” नवंबर 2024 में की गई एक खोज के दौरान लक्कुंडी में हजारों प्राचीन कलाकृतियां मिली थीं। हाल ही में आभूषणों की खोज से इस स्थल के प्रति रुचि और बढ़ गई है। अधिकारियों के अनुसार, अब भी इलाके के विभिन्न हिस्सों में नीलम, मोती, रत्न, हीरे और लहसुनिया जैसे कीमती पत्थर मिलने की सूचना है। गौरलतब है कि लक्कुंडी पर कभी चालुक्य, राष्ट्रकूट, होयसल, कलचुरी और विजयनगर शासकों का शासन रहा है और इसका संबंध प्रसिद्ध दानवीर दानचिंतामणि अत्तिमब्बे से भी रहा है। पुरातत्व विभाग के सूत्रों के अनुसार, प्राचीन काल में यह स्थान सोने के सिक्के ढालने का प्रमुख केंद्र भी था। पुरातत्वविदों ने कहा कि यह नई खुदाई ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और इससे कर्नाटक के मध्यकालीन इतिहास से जुड़े अभिलेख, स्मारक, मूर्तियां और आभूषण मिलने की उम्मीद है, जिससे लक्कुंडी की समृद्ध विरासत को समझने में उल्लेखनीय मदद मिलेगी।  

सड़कों का विकास परिवहन, कृषि, उद्योग और देश के समग्र विकास की आधारशिला : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

ग्राम आक्या बीका में 9.38 करोड़ की 3 सड़कों का किया भूमि-पूजन टीबी मरीजों को फूड बॉस्केट किए प्रदान भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि सड़कों का विकास परिवहन, कृषि, उद्योग और देश के समग्र विकास की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय सड़कों के विकास का स्वर्णिम युग है। सड़कों का चहुंमुखी विकास हुआ है, जिससे गांव-गांव तक आवागमन सुगम हुआ है। मल्हारगढ़ क्षेत्र में ही लगभग 250 सड़कों का निर्माण किया गया है। यह सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति का परिणाम है कि विकास कार्य लगातार गति से हो रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा मंदसौर जिले के ग्राम आक्या बीका गोशाला परिसर में कुल 9 करोड़ 38 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाली तीन सड़कें, जिनमें 3 करोड़ 2 लाख रुपये की लागत से खेड़ा से टकरावद सड़क, 3 करोड़ 83 लाख रुपये की लागत से आक्या बीका से मगराना सड़क तथा 2 करोड़ 38 लाख रुपये की लागत से ढाणी से भेरूजी सड़क शामिल हैं, के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा कहा कि गांधी सागर का पानी खेतों तक पहुंचाने का कार्य सरकार द्वारा किया जा रहा है और आगामी एक वर्ष के भीतर किसानों के खेतों तक पानी पहुंच जाएगा। सरकार की योजनाओं का लाभ किसानों, महिलाओं, गरीबों एवं सभी हितग्राहियों को सीधे मिल रहा है। सड़क परिवहन देश के समग्र विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सड़कों के माध्यम से न केवल लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक जोड़ने का कार्य होता है, बल्कि कृषि, उद्योग, व्यापार और सेवा क्षेत्रों को भी नई गति मिलती है। सशक्त सड़क नेटवर्क के बिना संतुलित विकास संभव नहीं है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि अच्छी सड़कों से किसान अपनी उपज समय पर मंडियों तक पहुंचा पाते हैं, जिससे उन्हें उचित मूल्य मिलता है। वहीं उद्योगों को कच्चा माल और तैयार उत्पाद के परिवहन में सुविधा होती है, जिससे उत्पादन बढ़ता है और निवेश के नए अवसर सृजित होते हैं। सड़क परिवहन से रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं तथा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि मजबूत सड़क अवसंरचना शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और आपातकालीन सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाती है तथा आम नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने टीबी मरीजों को फूड बॉस्केट का वितरण भी किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार, जिला योजना समिति सदस्य श्री राजेश दीक्षित, श्री मदनलाल राठौर सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।