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मुकुल रॉय की विधायकी रद्दीकरण पर SC ने लगाई रोक, TMC को ED केस में बड़ी राहत

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (16 जनवरी) को कलकत्ता हाई कोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी है, जिसमें सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय को भारतीय जनता पार्टी (BJP) छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने के बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा के विधायक के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया था। I-PAC के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और TMC को झटका मिलने के बाद टॉप कोर्ट से यह बड़ी राहत है। देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने हाई कोर्ट के 13 नवंबर 2025 के आदेश पर रोक लगा दी है। दलबदल विरोधी कानून का सहारा लेते हुए उच्च न्यायालय ने पहली बार दलबदल विरोधी कानून के तहत किसी निर्वाचित सदस्य को अयोग्य घोषित करने के लिए अपने संवैधानिक अधिकार का प्रयोग किया था। BJP के टिकट पर जीते, TMC में चले गए रॉय मई 2021 में कृष्णानगर उत्तर सीट से भाजपा के टिकट पर विधानसभा के लिए चुने गए थे लेकिन उसी वर्ष जून में विधायक रहते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की उपस्थिति में वह सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इसके बाद विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने उनकी सदस्यता को विधानसभा अध्यक्ष के पास चुनौती दी थी लेकिन विधानसभा अध्यक्ष बिमान बोस ने उनकी अर्जी यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि मुकुल रॉय भाजपा के ही विधायक हैं। स्पीकर के फैसले को HC ने दिया था विकृत करार बाद में शुभेंदु अधिकारी और भाजपा विधायक अंबिका रॉय ने विधानसभा अध्यक्ष के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाई कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष बिमान बोस के फैसले को ‘विकृत’ करार दिया था, जिन्होंने दल-बदल विरोधी कानून के तहत रॉय को विधायक के रूप में अयोग्य ठहराने की याचिका पर अपने फैसले में कहा था कि वह भाजपा के ही विधायक हैं। HC ने लोक लेखा समिति (पीएसी) के अध्यक्ष के रूप में रॉय के नामांकन को भी रद्द कर दिया था क्योंकि सदन की उनकी सदस्यता 11 जून, 2021 से समाप्त मानी गई थी। पहली बार HC ने संवैधानिक शक्तियों का इस्तेमाल कर MLA को दिया अयोग्य करार शुभेंदु अधिकारी के वकील बिलवादल बनर्जी ने तब कहा था, ‘‘देश में यह पहली बार है कि किसी उच्च न्यायालय ने दल-बदल विरोधी कानून (जो 1985 में संविधान के 52वें संशोधन द्वारा लागू किया गया था) के तहत किसी विधायक को अयोग्य ठहराने के लिए अपनी संवैधानिक शक्तियों का इस्तेमाल किया है। अदालत को यह फैसला सुनाने में भले ही कुछ समय लगा हो। लेकिन, यह सत्य और धर्म की विजय है।’’ अधिकारी ने विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी के उस फैसले को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी जिसमें रॉय को दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य ठहराने के अनुरोध संबंधी उनकी अर्जी खारिज कर दी गई थी।  

जबलपुर के विद्युत नेटवर्क को मिली नई सुदृढ़ता

एम.पी. ट्रांसको के विनोबा भावे सब स्टेशन में अब डबल सर्किट सप्लाई भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने जबलपुर शहर की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी द्वारा 132 के.वी. विनोबा भावे सबस्टेशन के लिए निर्मित की जा रही अत्यंत जटिल डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन परियोजना का सब स्टेशन स्तर पर दूसरा चरण भी सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। अब शहर को मिलेगी और अधिक विश्वसनीय बिजली आपूर्ति एम.पी. ट्रांसको के मुख्य अभियंता श्री अमरकीर्ति सक्सेना ने बताया कि 132 के.वी. विनोबा भावे सबस्टेशन के स्विचयार्ड में सीमित स्थान होने के बावजूद, पहले से स्थापित सेट-अप में आवश्यक तकनीकी संशोधन करते हुए दूसरे 132 के.वी. सर्किट की व्यवस्था करना एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य था। उन्होंने बताया कि ट्रांसको की टीम ने समर्पण, आपसी समन्वय एवं सतत परिश्रम के बल पर इस जटिल कार्य को सफलतापूर्वक पूरा कर एक नई तकनीकी मिसाल कायम की है। इससे शहर के विद्युत तंत्र को और अधिक स्थायित्व एवं विश्वसनीयता प्राप्त होगी। विनोबा भावे सब स्टेशन में अतिरिक्त सर्किट की सुविधा अब 132 के.वी. विनोबा भावे सब स्टेशन को 220 के.वी. सबस्टेशन नयागांव, जबलपुर से एक अतिरिक्त सर्किट उपलब्ध हो गया है, जो पहले से संचालित 132 के.वी. व्हीकल फैक्टरी सबस्टेशन, जबलपुर से जुड़े सर्किट के अतिरिक्त है। इस नई व्यवस्था से किसी एक सर्किट में तकनीकी समस्या उत्पन्न होने की स्थिति में न्यूनतम समय में विद्युत आपूर्ति बहाल की जा सकेगी। साथ ही रख-रखाव कार्यों के दौरान अब पूर्ण शटडाउन लेने की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी।  

आधी रात 12:03 बजे बदलेगी तिथि, माघ अमावस्या किस दिन पड़ेगी?

सनातन धर्म में साल भर में 12 अमावस्या की तिथियां पड़ती हैं. हर एक अमावस्या बहुत पावन और महत्वपूर्ण मानी जाती है, लेकिन हिंदी पंचांग के अनुसार 11वें माह माघ में पड़ने वाली अमावस्या अति विशेष मानी जाती है. इस अमावस्या को माघ या मौनी अमावस्या कहा जाता है. ये अमावस्या मौनी अमावस्या के नाम से ज्यादा लोकप्रिय है. इस दिन पवित्र नदी में स्नान-दान, पूजा पाठ और मौन व्रत किया जाता है. मान्यता है कि इस गंगाजल अमृत के समान हो जाता है, इसलिए इस दिन स्नान-दान से पुण्य फल मिलते हैं. इस दिन प्रयागराज के माघ मेले में गंगा और संगम तट पर सबसे बड़ा स्नान किया जाता है. अमावस्या की तिथि पितरों को समर्पित है. इस दिन पितरों का तर्पण और पिंडदान भी किया जाता है, लेकिन इस साल लोगों के मन मेंं माघ अमावस्या को लेकर संशय हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि ये अमावस्या किस दिन है? कब है माघ अमावस्या? पंचांग के अनुसार, माघ माह की अमावस्या तिथि की शुरुआत 18 जनवरी 2026 को रात 12 बजकर 3 मिनट पर हो रही है. वहीं इस तिथि का समापन अगले दिन 19 जनवरी 2026 को रात 1 बजकर 21 मिनट पर हो जाएगा. इस तरह से उदय तिथि के अनुसार, इस साल माघ या कहें कि मौनी अमावस्या 18 जनवरी को मनाई जाएगी. माघ अमावस्या पर क्या करें? माघ अमावस्या को मौनी अमावस्या कहते हैं, इसलिए इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में सूर्योदय से पहले मौन रहकर स्नान करें. ब्राह्मणों को भोजन कराएं. जरूरतमंद व्यक्ति को उड़द और चावल का दान करें. दक्षिण दिशा की ओर शाम को सरसों के तेल का दीपक अवश्य जलाएं. मुख्य द्वार पर भी दीपक रखें. पीपल के वृक्ष पर जल जरूर अर्पित करें. प्रयागराज और हरिद्वार में स्नान करें. पितरों का तर्पण, पिंडदान अवश्य करें. माघ अमावस्या पर क्या न करें? इस दिन भूलकर भी तामसिक भोजन जैसे- मांस, मछली, लहसुन, प्याज आदि नहीं खाएं. क्रोध, लोभ और नकारात्मक विचारों से बचें. आसपास गंदगी न रहनें दें. भूलकर भी कुत्ता, गाय, कौवा आदि जानवरों को परेशान नहीं करें.

महिलाओं के चेहरे पर खुशी: लाड़ली बहनों को 1500 रुपये मिले, गैस सब्सिडी की भारी रकम जारी

नर्मदापुरम नर्मदापुरम के माखन नगर (बाबई) से मध्य प्रदेश की सवा करोड़ महिलाओं के लिए खुशियों की बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साल 2026 का पहला बड़ा तोहफा देते हुए 'लाडली बहना योजना' की 32वीं किस्त जारी कर दी है। इस बार बहनों के खातों में 1250 रुपये के बजाय बढ़ी हुई राशि यानी 1500-1500 रुपये जमा किए गए हैं। 1.25 करोड़ महिलाओं को मिला लाभ मुख्यमंत्री ने एक सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक पात्र महिलाओं के बैंक खातों में कुल 1,836 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की। गौरतलब है कि सरकार ने नवंबर महीने से ही योजना की राशि में 250 रुपये का इजाफा कर इसे 1500 रुपये प्रति माह कर दिया था।   गैस सिलेंडर सब्सिडी का भी हुआ भुगतान लाडली बहना योजना के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने 'गैस सिलेंडर रिफिलिंग योजना' की सब्सिडी भी जारी की। प्रदेश की लगभग 29 लाख लाडली बहनों के खातों में 90 करोड़ रुपये की सब्सिडी राशि ट्रांसफर की गई है। इस कदम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को रसोई खर्च में बड़ी राहत मिलेगी। ऐसे चेक करें अपने खाते का स्टेटस यदि आप भी इस योजना की लाभार्थी हैं और अपना पेमेंट स्टेटस चेक करना चाहती हैं, तो इन आसान स्टेप्स का पालन करें:     वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल cmladlibahna.mp.gov.in पर लॉग-इन करें।     विकल्प चुनें: होम पेज पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” लिंक पर क्लिक करें।     डिटेल्स भरें: अपना आवेदन क्रमांक (Application ID) और कैप्चा कोड दर्ज करें।     OTP वेरिफिकेशन: मोबाइल पर आए ओटीपी (OTP) को दर्ज कर "खोजें" बटन पर क्लिक करें।     स्टेटस देखें: आपकी स्क्रीन पर भुगतान की पूरी जानकारी आ जाएगी। बजट और भविष्य की योजनाएं नर्मदापुरम के कार्यक्रम के दौरान सीएम ने स्पष्ट किया कि महिला सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। लाडली बहना योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बना रही है, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी गति दे रही है।

शोएब बशीर का काउंटी करियर नया मोड़, डर्बीशायर के साथ जुड़े अगले दो साल के लिए

लंदन इंग्लैंड के ऑफ स्पिन गेंदबाज शोएब बशीर ने घरेलू क्रिकेट में ज्यादा मौके पाने के लिए 2026 सत्र से डर्बीशायर टीम के साथ दो साल का करार किया है। समरसेट टीम में उन्हें लगातार खेलने का मौका नहीं मिल पा रहा था, इसलिए उन्होंने यह फैसला लिया है। 22 वर्षीय शोएब बशीर पिछले दो वर्षों से इंग्लैंड की टेस्ट टीम का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने 2024 में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया और अब तक 19 टेस्ट मैचों में 68 विकेट लिए हैं। इसके बावजूद वह समरसेट टीम में जैक लीच की जगह नहीं बना पाए और उन्हें नियमित रूप से मैच खेलने का अवसर नहीं मिला। लगातार मैच न खेलने की वजह से चयनकर्ताओं को भी चिंता होने लगी थी। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के 2025-26 एशेज दौरे के लिए इंग्लैंड टीम में उनका चयन नहीं हुआ और उनकी जगह ऑलराउंडर विल जैक्स को टीम में रखा गया। घरेलू क्रिकेट में बशीर का प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय स्तर जैसा प्रभावशाली नहीं रहा है। समरसेट के लिए उन्होंने सभी प्रारूपों में 23 मैच खेले, जिसमें सिर्फ 21 विकेट ही ले सके। काउंटी चैंपियनशिप में उनका औसत भी काफी ज्यादा रहा। डर्बीशायर के मुख्य कोच मिकी आर्थर ने इस करार में अहम भूमिका निभाई। उनकी टीम ने पिछले सत्र में डिवीजन टू में तीसरा स्थान हासिल किया था। बशीर ने कहा कि डर्बीशायर में एक अच्छा और रोमांचक माहौल है। उन्होंने कहा कि मिकी आर्थर जैसे अनुभवी कोच के साथ काम करना उनके लिए बड़ा मौका है। वह ज्यादा लाल गेंद का क्रिकेट खेलना चाहते हैं, अपने खेल में सुधार करना चाहते हैं और टीम को आगे बढ़ाने में योगदान देना चाहते हैं। इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड भी बशीर के विकास पर ध्यान दे रहा है। बोर्ड के प्रबंध निदेशक रॉब की सलाह पर बशीर ने सत्र से पहले जिम्बाब्वे में पूर्व पाकिस्तानी स्पिन गेंदबाज मुश्ताक अहमद के साथ एक सप्ताह का विशेष अभ्यास भी किया है। डर्बीशायर में बशीर अब स्पिन विभाग का हिस्सा होंगे, जहां जैक मोर्ले और जो हॉकिन्स पहले से मौजूद हैं। वह एलेक्स थॉमसन की जगह लेंगे। कोच मिकी आर्थर ने कहा कि टीम में अच्छे और गुणवत्ता वाले खिलाड़ियों को शामिल करना उनका लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड के मौजूदा अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी को टीम में जोड़ना बहुत उत्साहजनक है और बशीर टीम में अनुभव और ऊर्जा लेकर आएंगे।  

स्टार्ट-अप ईको-सिस्टम से देश में मध्यप्रदेश अग्रणी

भोपाल राष्ट्रीय स्टार्ट-अप दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश, भारत के स्टार्ट-अप आंदोलन के एक दशक और राष्ट्र निर्माण में एमएसएमई व स्टार्ट-अप ईको-सिस्टम की परिवर्तनकारी भूमिका का उत्सव मना रहा है। आज भारत विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित है। यहाँ एमएसएमई इंडस्ट्री देश की जीडीपी में लगभग 30% का योगदान देती है। यह 11 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान कर रही है। इसका कुल निर्यात में 40 से 45% का योगदान है। राष्ट्रीय दृष्टि के अनुरूप मध्यप्रदेश एक अग्रणी स्टार्ट-अप डेस्टीनेशन के रूप में उभरा हैं। वर्ष 2016 में डीपीआईआईटी से मान्यता प्राप्त मात्र 7 स्टार्ट-अप से बढ़कर वर्तमान में राज्य के सभी जिलों में 6,600 से अधिक स्टार्ट-अप सक्रिय हैं। विशेष रूप से, इन स्टार्ट-अप में से 48% में कम-से-कम एक महिला संस्थापक हैं, जो समावेशी और समान उद्यमिता के प्रति राज्य की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है। स्टार्ट-अप से क्षेत्र में उल्लेखनीय यह प्रगति सशक्त नीतिगत ढांचे और संस्थागत सहयोग का परिणाम है, जिसका आधार मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप नीति एवं क्रियान्वयन योजना-2025 है, जिसे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के दौरान  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया। यह नीति स्टार्ट-अप जीवन चक्र के प्रत्येक चरण में समग्र सहयोग प्रदान करती है, जिसमें एंटरप्रेन्योर-इन-रेज़िडेंस सहायता, विचार स्तर पर सीड फंडिंग तथा विकास-चरण के उद्यमों के लिए समर्पित स्टार्ट-अप कैपिटल फंड शामिल है। साथ ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला, दिव्यांगजन एवं ट्रांसजेंडर संस्थापकों के लिए विशेष प्रावधान भी किए गए हैं। स्टार्ट-अप यात्रा के हर चरण में सहायता के लिए नीति में कई अन्य प्रावधान भी सम्मिलित हैं। मध्यप्रदेश सरकार संस्थागत सहयोग, वित्तीय सहायता और सतत मार्गदर्शन के माध्यम से उद्यमिता को आकांक्षी, सुलभ और साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप समिट-2026 का आयोजन 11 एवं 12 जनवरी 2026 को रवीन्द्र भवन, भोपाल में किया गया। यह आयोजन राज्य के स्टार्ट-अप ईको-सिस्टम को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध हुआ, जिसमें स्टार्ट-अप, निवेशक, इनक्यूबेटर्स, नीति-निर्माता एवं वैश्विक साझेदारों सहित 2,500 से अधिक हितधारकों की सहभागिता रही। प्रमुख आकर्षणों में 70+ स्टार्ट-अप की स्टार्ट-अप एवं नवाचार प्रदर्शनी, महिला-नेतृत्व वाली उद्यमिता, वैश्विक विस्तार और एग्री स्टार्ट-अप जैसे प्राथमिक क्षेत्रों पर केंद्रित 9 थीमैटिक सत्र तथा 105 टीमों के साथ 12 घंटे का इनोवेशन स्प्रिंट HACK & MAKE 2026 शामिल रहे। समिट के ठोस परिणामों में 170+ स्टार्ट-अप को रूपये 2.5 करोड़ से अधिक की सिंगल-क्लिक वित्तीय सहायता, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत 21 स्टार्ट-अप को रूपये 8.17 करोड़ के ऋण स्वीकृत, चार एमओयू का आदान-प्रदान तथा एमपी स्टार्ट-अप ईको-सिस्टम अवॉर्ड्स-2026 में 27 स्टार्ट-अप और तीन इनक्यूबेटर्स का सम्मान शामिल है जिससे मध्यप्रदेश की अग्रणी स्टार्ट-अप हब के रूप में स्थिति और सुदृढ़ हुई। इन उपलब्धियों के साथ, मध्यप्रदेश “राष्ट्रीय स्टार्ट-अप दिवस” को नवाचार-आधारित, समावेशी और भविष्य-सक्षम आर्थिक विकास के माध्यम से देश के स्टार्ट-अप ईको-सिस्टम को मजबूत करने की प्रतिबद्धता के साथ मना रहा है तथा वर्ष 2030 तक राज्य में डीपीआईआईटी-मान्यता प्राप्त स्टार्ट-अप की संख्या को दोगुना कर 12,000+ तक पहुँचाने के लक्ष्य की दिशा में अग्रसर है।  

देशभक्ति और जन सेवा की भावना मजबूत करते हुए प्रदेश को आंतरिक सुरक्षा का आदर्श राज्य बनाए रखना हम सबका लक्ष्य

पुलिस बल का हर परिस्थिति में अपने कर्तव्य पर डटे रहना और उनका अनुशासन सराहनीय देश को नारकोटिक्स से मुक्त करने का अभियान आगामी एक अप्रैल से होगा आरंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश से नक्सलियों का पूरी तरह सफाया करना असंभव को संभव करने जैसा था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश से नक्सल उन्मुलन के लिए पुलिस अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पुलिस की ड्यूटी में कई तरह की चुनौतियां होती हैं, लेकिन पुलिस बल हर समय अपने कर्तव्य पर उत्साह और उमंग के साथ डटा रहता है। सभी पुलिसकर्मी अभिनंदन के पात्र हैं, पुलिस का अनुशासन सराहनीय और अनुकरणीय है। प्रदेश सरकार के लिए वर्ष 2025 उपलब्धियों से भरा रहा है। राष्ट्र विरोधी ताकतों को मध्यप्रदेश पुलिस जड़ से खत्म कर रही है। राज्य में संगठित अपराध के लिए कोई स्थान नहीं है। नशा विरोधी अभियान में प्रदेश पुलिस निरंतर सराहनीय उपलब्धियां हासिल कर रही है। राज्य सरकार और पुलिस नए अनुभवों के साथ आगे बढ़ रही है। देशभक्ति और जन सेवा की भावना को और मजबूत करते हुए मध्यप्रदेश को आंतरिक सुरक्षा का आदर्श प्रदेश बनाए रखना हम सबका लक्ष्य हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आईपीएस सर्विस मीट का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना तथा अध्यक्ष भारतीय पुलिस सेवा संघ श्री चंचल शेखर ने पुष्पगुच्छ और पौधा भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सलामी ली और भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों के साथ उनका ग्रुप फोटो हुआ। पुलिस महानिदेशक श्री मकवाना तथा आईपीएस ऐसोसिएशन के अध्यक्ष श्री चंचल शेखर द्वारा मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। लोकतंत्र और कानून-व्यवस्था की मजबूती में पुलिस का महत्वपूर्ण योगदान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकतंत्र और कानून-व्यवस्था की मजबूती में पुलिस का महत्वपूर्ण योगदान है। जल्द ही प्रदेश पुलिस को पदोन्नति की स्वीकृति का समाचार मिलेगा। इसके साथ ही पुलिस विभाग में पर्याप्त भर्तियां भी होंगी। नए कानून लागू करने में प्रदेश पुलिस देश के लिए आदर्श उदाहरण है। मध्यप्रदेश में साइबर अपराधों सहित सभी तरह के संगठित गिरोह और अपराधियों पर अंकुश लगाया जा रहा है। पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्यवाही से प्रदेश में किसी भी राष्ट्र विरोधी ताकत को पनपने का अवसर नहीं मिला। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आतंकवाद और अपराध के गठजोड़ के प्रति सभी को चेताया है। हमें भी पराम्परागत तरीके बदलकर बड़े पैमाने पर काम करना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2026 भविष्य की पुलिसिंग की दिशा तय करने का अवसर है। आने वाले वर्षों में हम तकनीक में दक्ष, निर्णय में तेज और जनता के प्रति अधिक संवेदनशील पुलिस व्यवस्था समाज और प्रदेशवासियों को प्रदान करें, हम सब इस संकल्प के साथ आगे बढ़ें। नक्सलमुक्त प्रदेश करने में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मार्गदर्शन और त्वरित निर्णय रहे महत्वपूर्ण : डीजीपी श्री मकवाना पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने कहा कि प्रदेश को नक्सलमुक्त करने में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मार्गदर्शन और उनके द्वारा लिए गए त्वरित निर्णयों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। नक्सल आपरेशन्स में पुलिस निरीक्षक आशीष शर्मा का शहीद होना दुर्भाग्यपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर ही उनके परिवार को एक करोड़ रुपए की राहत राशि और छोटे भाई को उप निरीक्षक के पद पर नियुक्ति प्रदान की गई। श्री मकवाना ने कहा कि डायल 112 योजना का छह माह में क्रियान्वयन और नए अपराधिक कानूनों को लागू करना वर्ष 2025 की बड़ी उपलब्धि रही। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में संसाधन और रिक्त पदों की पूर्ति करते हुए तैयारियां जारी हैं। मध्यप्रदेश पुलिस बल साइबर अपराध की चुनौती का सामना करने के लिए स्वयं को निरंतर सशक्त और सक्षम बना रहा है। सिंहस्थ, सड़क सुरक्षा और साइबर सक्षमता विकास पुलिस की प्राथमिकताओं में पुलिस महानिदेशक श्री मकवाना ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा आगामी एक अप्रैल 2026 से नारकोटिक्स से देश को मुक्त करने का अभियान आरंभ किया जा रहा है। देश को ड्रग्स मुक्त बनाने के लिए तीन वर्ष का लक्ष्य रखा गया है। ड्रग्स माफिया के विरूद्ध पुलिस का अभियान निरंतर जारी रहेगा। ड्रग्स के बारे में जागरूकता के लिए प्रदेश में "नशे से दूरी है जरूरी" अभियान का भी वर्ष 2025 में सफलतापूर्वक संचालन किया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस कर्मियों में तनाव प्रबंधन और उनके मानसिक स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए हॉर्ट फुलनेस संस्था से समन्वय कर गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सिंहस्थ-2028, सड़क सुरक्षा, साइबर सक्षमता विकास पुलिस की प्राथमिकताओं में है।  

शैक्षिक ओलम्पियाड स्पर्धा में उत्साहपूर्वक शामिल हुए विद्यार्थी

विकासखंड मुख्यालय स्तर पर आयोजित हो रही स्पर्धा भोपाल शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 2 से 8 के विद्यार्थियों के लिए आयोजित की जा रही जिला स्‍तरीय शैक्षिक ओलम्पियाड स्‍पर्धा में पहले दिन लाखों विद्यार्थियों ने उत्‍साहपूर्वक सहभागिता की। दो दि‍वसीय स्‍पर्धा का आयोजन स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा किया जा रहा है। यह प्रदेश के समस्‍त विकासखंड मुख्‍यालयों पर आयोजित की जा रही। शैक्षिक ओलम्पियाड प्रतियोगिता में पहले दि‍न कक्षा 2 और 3 के विद्यार्थियों ने हिन्‍दी, अंग्रेजी और गणित विषयों के प्रश्‍नों के उत्‍तर ओएमआर शीट पर अंकित किए। दूसरी तरफ कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों ने पहले दिन हिन्‍दी, अंग्रेजी और संस्‍कृत विषयों के प्रश्‍नों को हल किया। 17 जनवरी 2026 को कक्षा 4 एवं 5 के विद्यार्थियों के लिए हिन्‍दी, अंग्रेजी, गणित एवं पर्यावरण अध्‍ययन एवं कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थी विज्ञान, गणित और सामाजिक अध्‍ययन विषयों के प्रश्‍नों को ओएमआर शीट पर हल करेंगे। उल्‍लेखनीय है कि, इस जिला स्‍तरीय शैक्षिक ओलम्पियाड प्रतियोगिता में सहभागिता कर रहे विद्यार्थी अपने-अपने जन शिक्षा केन्‍द्र के विजेता बन इस प्रतियोगिता के लिए चयनित हुए हैं। प्रत्‍येक जनशिक्षा केन्द्र से कक्षा 2 एवं 3 के तीनों विषयों (अंग्रेजी, हिन्दी, गणित) के 04-04 टॉपर विद्यार्थी तथा कक्षा 4 एवं 5 से चारों विषयों (अंग्रेजी, हिन्दी, गणित, पर्यावरण) के टॉपर 04-04 विद्यार्थी अर्थात् प्रत्येक जनशिक्षा केन्द्र से कक्षा 2-5 के कुल 28 विद्यार्थियों का चयन जिला स्‍तरीय प्रतियोगिता के लिए किया गया है। वहीं कक्षा 6 से 8 के तहत जनशिक्षा केन्द्र स्तर से सर्वाधिक अंको के आधार पर प्रत्येक विषय से 06-06 विद्यार्थियों के रुप में एक जनशिक्षा केन्द्र से कुल 36 विद्यार्थियों का चयन जिला स्तरीय ओलंपियाड़ के लिए किया गया है। जन शिक्षा केन्‍द्र मुख्‍यालयों से प्रभारी शिक्षक विद्यार्थियों को बसों और अन्‍य परिवहन सुविधाओं से विकासखंड मुख्‍यालय के परीक्षा केन्‍द्रों तक पहुंचे। विकासखंड मुख्‍यालयों पर आयोजित हो रही इस ओलम्पियाड परीक्षा के लिए चयनित बच्‍चों के परिवहन, स्‍वल्‍पाहार एवं भोजन आदि की सभी व्‍यवस्‍थाएं स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा की गई हैं।  

विंध्य लंबी उड़ान भरने के लिए है तैयार: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

विंध्य गौरव अवार्ड कार्यक्रम में हुए शामिल, विंध्य क्षेत्र की विभूतियों को किया सम्मानित भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि विंध्य के लोगों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। राष्ट्र सेवा, कला, अभिनय, साहित्य, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, खेल सभी क्षेत्रों में विंध्य की प्रतिभाओं ने नए मानक स्थापित किए हैं। आज थल सेना और नौ-सेना का प्रतिनिधित्व विंध्य के सपूत कर रहे हैं। विंध्य क्षेत्र में अधोसंरचना, सिंचाई, पर्यटन सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास हो रहा है। विंध्य लंबी उड़ान भरने के लिए तैयार है। रीवा-सीधी टनल, सोलर पार्क, रीवा एयरपोर्ट, हाईवे, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार ने विंध्य क्षेत्र में संभावनाओं का विस्तार किया है। विंध्य का उज्जवल भविष्य है विंध्य लंबी उड़ान भरने के लिए तैयार है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यहाँ की प्रतिभाएँ विंध्य क्षेत्र को अग्रणी क्षेत्र बनाने में कोई कोर कसर बाक़ी नहीं छोड़ेंगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल कार्यालय आयुक्त, दिव्यांगजन, मध्यप्रदेश स्टेट रिसोर्स सेंटर भवन, भोपाल में स्नेहा इवेंट्स एंड मैनेजमेंट, मुंबई द्वारा आयोजित आयोजित विंध्य गौरव अवार्ड कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विंध्य क्षेत्र की विभूतियों को सम्मानित किया। विंध्य के लोग रिश्ता निभाना जानते हैं उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने बताया कि रीवा की बेटी स्वर्गीय श्रीमती कृष्णा कपूर की स्मृति में कृष्णा-राजकपूर ऑडिटोरियम बनाया गया। जब उनके पुत्र रणधीर कपूर रीवा आए तो वे भावुक हो गए उन्होंने कहा जो काम बेटे नहीं कर पाए वो आपने कर दिया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि विंध्य के लोग रिश्ता निभाना जानते हैं। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री श्री पी.सी. शर्मा विधायक श्री कुंवर सिंह टेकाम, श्री शारदेंदु तिवारी, श्री घनश्याम चंद्रवंशी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।  

किसानों से धोखा महंगा पड़ेगा, घटिया बीज पर 30 लाख तक जुर्माना तय करने का प्रस्ताव

नई दिल्ली केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए नए सीड एक्ट (सीड एक्ट 2026) की विशेषताओं और उसके किसानों पर होने वाले प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह विधेयक किसानों की सुरक्षा, बीज की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाला ऐतिहासिक कदम है। शिवराज सिंह ने कहा कि बीजों की गुणवत्ता पर अब किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अभी तक 500 रुपए तक का जुर्माना था, लेकिन अब प्रस्ताव है कि 30 लाख रुपए तक जुर्माना हो और अगर कोई जानबूझकर अपराध करता है तो सजा का भी प्रावधान है। उन्होंने कहा कि सब कंपनियां खराब नहीं हैं, लेकिन जो किसान को धोखा देंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। मीडिया के सवालों के जवाब में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अब देश में बीज की ट्रेसिबिलिटी की व्यवस्था स्थापित की जाएगी। हमने कोशिश की है कि ऐसा सिस्टम बने जिसमें यह पूरा पता चल सके कि बीज कहां उत्पादित हुआ, किस डीलर ने दिया और किसने बेचा। हर बीज पर क्यूआर कोड होगा, जिसे स्कैन करते ही किसान यह जान सकेगा कि वह बीज कहां से आया है। इससे घटिया या नकली बीज न केवल रोके जा सकेंगे बल्कि यदि वे बाजार में आएंगे भी तो जिम्मेदार व्यक्ति पर शीघ्र कार्रवाई संभव होगी। कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने बताया कि जैसे ही ट्रेसिबिलिटी लागू होगी, नकली या खराब बीज की पहचान तुरंत हो जाएगी। उन्होंने कहा कि खराब बीज आएंगे ही नहीं, और अगर आएंगे तो पकड़े जाएंगे। जिसने खराब बीज दिया, उसे दंड दिया जाएगा। इससे किसानों को भ्रमित करने वाली कंपनियों और डीलरों की मनमानी पर लगाम लगेगी। उन्होंने कहा कि अब हर सीड कंपनी का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा, जिससे यह साफ रहेगा कि कौन सी कंपनी अधिकृत है। पंजीकृत कंपनियों की जानकारी उपलब्ध रहेगी और कोई भी अनधिकृत विक्रेता बीज नहीं बेच पाएगा। इससे बाजार में फर्जी कंपनियां खत्म होंगी और किसानों को सही स्रोत का बीज मिलेगा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने इस भ्रम को दूर किया कि नया कानून किसानों के परंपरागत बीजों पर रोक लगाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा, ''किसान अपने बीज बो सकते हैं, दूसरे किसान को बीज दे सकते हैं। स्थानीय स्तर पर जो परंपरागत बीज विनिमय की परंपरा है, वो जारी रहेगी। इसमें कोई दिक्कत नहीं है।'' उन्होंने उदाहरण दिया कि ग्रामीण इलाकों में बोनी के समय किसान आपस में बीज लेते-देते हैं और बाद में उसे सवा गुना वापिस कर देते हैं, यह पारंपरिक प्रणाली आगे भी जारी रहेगी।