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Vastu Tips: भाग्य चमकाना है तो सुबह की इन 3 गलतियों से रहें दूर

वास्तु शास्त्र के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त और सुबह का समय सकारात्मक ऊर्जा का भंडार होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सोकर उठने के बाद आपके द्वारा किए गए पहले कुछ काम यह तय कर सकते हैं कि आपका दिन सफल होगा या बाधाओं से भरा। अक्सर हम अनजाने में सुबह उठते ही कुछ ऐसी आदतों को दोहराते हैं जो घर में दरिद्रता लाती हैं और हमारी तरक्की के रास्ते बंद कर देती हैं। वास्तु विज्ञान के अनुसार, सुबह के समय हमारी आभा बहुत संवेदनशील होती है और इस वक्त नकारात्मक चीजों का दर्शन हमारे भाग्य को सोख सकता है। तो आइए जानते हैं वे कौन से 3 काम हैं, जिनसे सुबह उठते ही दूरी बना लेना आपकी किस्मत के बंद दरवाजे खोल सकता है। आईने में चेहरा देखना वास्तु शास्त्र के अनुसार, सोकर उठते ही सबसे पहले आईना देखना बेहद अशुभ माना जाता है। मान्यता है कि जब हम सोकर उठते हैं, तो शरीर में कुछ नकारात्मक ऊर्जा होती है। उठते ही आईना देखने से वह नकारात्मक ऊर्जा वापस हमारे भीतर चली जाती है, जिससे पूरे दिन स्वभाव में चिड़चिड़ापन और कार्यों में असफलता मिल सकती है। जूठे बर्तन या गंदगी देखना कई लोग रात को बर्तन साफ नहीं करते और सुबह उठते ही सबसे पहले रसोई में बिखरे हुए जूठे बर्तन देखते हैं। वास्तु के अनुसार, सुबह-सुबह गंदगी या जूठे बर्तन देखना दरिद्रता को आमंत्रण देना है। इससे घर की सुख-शांति भंग होती है और धन के आगमन में बाधा आती है। क्या करें : रात को ही रसोई साफ करके सोएं ताकि सुबह आपको स्वच्छता और सकारात्मकता मिले। बंद घड़ी या आक्रामक तस्वीरें देखना सुबह उठते ही किसी बंद घड़ी पर नजर पड़ना प्रगति में रुकावट का संकेत है। इसी तरह, बेडरूम में लगी हिंसक जानवरों या युद्ध की तस्वीरें सुबह-सुबह देखने से मन में नकारात्मक विचार पैदा होते हैं, जो आपकी निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित करते हैं। क्या करें : अपने कमरे में उगते सूरज, दौड़ते सफेद घोड़े या शांत फूलों की तस्वीरें लगाएं। तरक्की के लिए करें ये एक छोटा सा काम सुबह उठते ही सबसे पहले अपनी दोनों हथेलियों को जोड़कर उनके दर्शन करें। शास्त्र कहते हैं कि हथेली के अग्र भाग में लक्ष्मी, मध्य में सरस्वती और मूल भाग में भगवान विष्णु का वास होता है। ऐसा करने से आपका भाग्य चमक उठेगा और दिन भर सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी।

मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र में लगभग 250 सड़कों का हुआ निर्माण : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

उप मुख्यमंत्री ने ग्राम चावली में लगभग 4 करोड़ रुपये के सड़क मार्ग का किया भूमिपूजन भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने ग्राम चावली में लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से किए जा रहे विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। कार्यक्रम के अंतर्गत 3 करोड़ 91 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले बोरखेड़ी से बाबूखेड़ा व्हाया चावली सड़क मार्ग का विधिवत भूमिपूजन किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार, जिला योजना समिति सदस्य श्री राजेश दीक्षित सहित अन्य जनप्रतिनिधि, जिला अधिकारी, विकास खंड अधिकारी, बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि प्रदेश में सड़कों का चहुंमुखी विकास किया गया है। इसी क्रम में मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र में लगभग 250 सड़कों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि आगामी एक वर्ष में मल्हारगढ़ सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के माध्यम से हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाया जाएगा, जिससे किसानों को बिजली की समस्या से राहत मिलेगी और सीधे चंबल नदी का पानी खेतों तक उपलब्ध होगा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी का सपना था कि नदियों को आपस में जोड़ा जाए, जिससे कोई भी क्षेत्र सूखे से प्रभावित न रहे और प्राकृतिक बाढ़ पर नियंत्रण किया जा सके। आज देशभर में नदी जोड़ो परियोजना के अंतर्गत कार्य तेजी से प्रगति पर हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान कार्ड सभी वर्गों के पात्र नागरिकों के बनाए गए हैं, इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया गया है। किसान सम्मान निधि योजना का लाभ भी सभी पात्र किसानों को मिल रहा है। साथ ही सरकार द्वारा गरीबों को आवास उपलब्ध कराकर उन्हें सम्मानजनक जीवन प्रदान करने का कार्य किया जा रहा है।  

झारखंड विधानसभा के 18 से बजट सत्र के आज से विधायक पूछ सकेंगे सवाल

रांची. झारखंड विधानसभा का पंचम (बजट) सत्र 18 फरवरी से 19 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद विधानसभा सचिवालय ने सत्र का औपबंधिक कार्यक्रम जारी कर दिया है। इस संबंध में सभी विधायकों को सूचना भेज दी गई है। विधानसभा सदस्य शुक्रवार से ही सदन में अपने-अपने प्रश्न दर्ज करा सकेंगे, जिससे सत्र की तैयारी औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। सत्र के पहले दिन 18 फरवरी को राज्यपाल विधानसभा सत्र को संबोधित करेंगे। इसी दिन शोक प्रकाश भी प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद सरकार और विपक्ष के लिए सत्र की कार्यवाही क्रमशः आगे बढ़ेगी। हेमंत सोरेन सरकार 24 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट विधानसभा में पेश करेगी, जिसे इस सत्र का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव 19 फरवरी को प्रश्नकाल के बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया जाएगा। इस प्रस्ताव पर सदन में वाद-विवाद होगा, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपनी-अपनी बात रखेंगे। 20 फरवरी को धन्यवाद प्रस्ताव पर सरकार का उत्तर दिया जाएगा। इसके बाद मतदान कराया जाएगा। इसी दिन वित्तीय वर्ष 2025-26 की तृतीय अनुपूरक व्यय विवरणी भी सदन के पटल पर रखी जाएगी। 21 और 22 फरवरी को विधानसभा की कार्यवाही नहीं होगी। 23 फरवरी को तृतीय अनुपूरक व्यय विवरणी पर विस्तृत चर्चा, मतदान और संबंधित विनियोग विधेयक का उपस्थापन एवं पारण किया जाएगा। 25 फरवरी से बजट पर सामान्य वाद-विवाद की शुरुआत होगी, जिसमें विभिन्न दलों के विधायक सरकार की वित्तीय नीतियों पर अपनी राय रखेंगे। 26 और 27 फरवरी को अनुदान मांगों पर चर्चा 26 और 27 फरवरी को अनुदान मांगों पर चर्चा और मतदान प्रस्तावित है। इसके बाद 28 फरवरी से आठ मार्च तक होली और अन्य पर्व-त्योहारों को लेकर अवकाश रहेगा। नौ मार्च से 13 मार्च तक अलग-अलग तिथियों में प्रश्नकाल के बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय-व्ययक की अनुदान मांगों पर वाद-विवाद, सरकार का उत्तर और मतदान कराया जाएगा। 14 और 15 मार्च को पुनः अवकाश रहेगा। सत्र के अंतिम चरण में 16 और 18 मार्च को अनुदान मांगों पर चर्चा के साथ-साथ वित्तीय वर्ष 2026-27 के विनियोग विधेयक सदन में लाए जाएंगे। इसके बाद विभिन्न राजकीय विधेयकों और अन्य शासकीय कार्यों पर विचार किया जाएगा। सत्र के अंतिम दिन 19 मार्च को गैर-सरकारी संकल्प प्रस्तुत किए जाएंगे।

खेलों के प्रोत्साहन पर सीएम योगी का जोर, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को संवारने का संदेश

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों का आह्वान किया है कि वे किसी एक खेल को गोद लेकर उससे जुड़ी प्रतिभाओं को तराशें। खेल के जरिये स्वस्थ प्रतिस्पर्धा कराकर अनुशासन और खेल भावना को मजबूत करने में योगदान दें। सीएम योगी शुक्रवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में पूर्वी क्षेत्र अंतर विश्वविद्यालय बास्केटबॉल (महिला) प्रतियोगिता के औपचारिक उद्घाटन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल गतिविधियों को बढ़ाने से युवा नशे से दूर रहेंगे और तमाम विकृतियों से बचे रहेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने खेलों के माध्यम से भी विकसित भारत बनाने के अभियान में भरपूर प्रयास किए हैं। प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी मेरठ में बन चुकी है। मेरठ में हर प्रकार के स्पोर्ट्स आइटम बन रहे हैं और इसे सरकार ने ओडीओपी में शामिल किया है। सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में विगत 11 वर्षों में देश में एक नई खेल संस्कृति ने जन्म लिया है। 2014 के पहले खेल की गतिविधियां और प्रतियोगिताएं सरकार के एजेंडे का हिस्सा नहीं होती थीं। खेल और खिलाड़ियों की उपेक्षा होती थी। अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर न होने से खिलाड़ी खेल से पलायन करने को विवश होते थे। कुंठित, हताश और निराश रहते थे। जबकि 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में खेल और खिलाड़ियों का प्रोत्साहन देखते ही बनता है। पीएम मोदी ने खेलो इंडिया, फिट इंडिया और सांसद खेल प्रतियोगिता जैसे अभियानों से स्वस्थ और सशक्त राष्ट्र की प्रेरणा दी है। गांव-गांव तक खेल प्रतिभाओं को मंच दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की प्राचीन परंपरा ने खेलकूद को सदैव महत्व दिया है। भारत की ऋषि परंपरा के उद्घोष ‘शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्’ का उद्धरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा जीवन के जितने भी साधन हैं, उन्हें स्वस्थ शरीर से ही प्राप्त किया जा सकता है। शरीर स्वस्थ रखने के लिए खेलकूद की गतिविधियों से जुड़ना होगा। नियम, संयम और अनुशासन से शरीर पर ध्यान देना होगा। स्वस्थ शरीर से ही समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाने के लिए प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि खेलकूद को तमाम परिवारों ने जीवन का हिस्सा बनाया है। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में बेटे-बेटी में भेदभाव नहीं है। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को आगे बढ़ाया गया है। प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान व ओपन जिम, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम, जिला स्तर पर स्टेडियम बनाने के कार्य युद्धस्तर पर आगे बढ़े हैं। खेल गतिविधियां अनौपचारिक न रहें, बल्कि दिनचर्या का हिस्सा बनें, इसके लिए सरकार ने 96000 से अधिक युवक मंगल दलों और महिला मंगल दलों को स्पोर्ट्स किट वितरित की हैं। खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए सरकार की तत्परता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि ओलंपिक में प्रदेश के प्रतिभागी खिलाड़ी को सरकार 10 लाख रुपये देती है। ओलंपिक एकल स्पर्धा में स्वर्ण पदक विजेता को 6 करोड़ रुपये का पुरस्कार और क्लास वन जॉब देने की व्यवस्था बनाई गई है। ओलंपिक की टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले यूपी के खिलाड़ी को 3 करोड़ और एकल स्पर्धा में रजत पदक विजेता को भी 3 करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स गुजरात में होंगे। हर राज्य और खिलाड़ियों को इसके अनुरूप खुद को तैयार करना होगा। भारत 2036 के ओलंपिक गेम्स की मेजबानी के लिए भी आवेदन कर रहा है। उन्होंने गोरखपुर को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से समृद्ध धरा बताने के साथ आजादी के आंदोलन में चौरीचौरा की घटना, वैदिक साहित्य के विश्व में सबसे बड़े प्रकाशन केंद्र 'गीता प्रेस' की महत्ता बताई। साथ ही अमर सेनानी पंडित रामप्रसाद बिस्मिल तथा बंधु सिंह से इस जिले के किसी न किसी रूप में जुड़ाव का उल्लेख करते हुए गोरखपुर को महान उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद की कर्मभूमि बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर अनेक विभूतियों की पावन धरा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गोरखपुर विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद की खेल विवरणिका का विमोचन भी किया।

चाचा-भतीजा साथ आए, फिर भी नहीं बदला समीकरण; एका वाले शहरों में NCP का कमजोर प्रदर्शन

पुणे BMC समेत महाराष्ट्र की 29 महा नगरपालिकाओं के चुनाव नतीजे आने शुरू हो गए हैं। ताजा रुझानों के मुताबिक, महाराष्ट्र के लगभग सभी बड़े शहरों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती दिख रही है। BMC में पहली बार ठाकरे परिवार के हाथ से सत्ता फिसलती नजर आ रही है और भाजपा-शिंदे सेना गठबंधन बहुमत की तरफ बढ़ती दिख रही है। दोपहर 12.30 बजे तक BMC की 227 में से 167 सीटों पर आए रुझानों के मुताबिक, भाजपा गठबंधन को 102 सीटें मिलती दिख रही हैं। BMC में उद्धव सेना की अगुवाई ाले गठबंधन को 57 सीटें मिलती दिख रही हैं, जबकि कांग्रेस को तीन सीटें मिलती दिख रही हैं। बड़ी बात यह है कि देवेंद्र फडनवीस सरकार में उपमुख्यमंत्री अजित पवार की NCP के खाते में यहां एक भी सीट मिलती नहीं दिख रही है।   दूसरी तरफ, पुणे और पिंपरी-चिंचवड़, जहां चाचा-भतीजे (शरद पवार और अजित पवार) की NCP ने गिले-शिकवे भुलाकर गठबंधन किया, वहां भी भाजपा उन पर भारी पड़ती दिख रही है। इन दोनों प्रमुख शहरों में एनसीपी के दोनों गुटों ने "परिवार की एकजुटता" और विकास के नाम पर आपसी गठबंधन किया है। दोनों ने मिलकर पुणे नगर निगम (PMC) के लिए एक संयुक्त घोषणापत्र भी जारी किया था। पुणे में भाजपा सबसे आगे ताजा रुझानों के मुताबिक, पुणे की 165 सीटों में से 122 पर आए रुझानों के मुताबिक भाजपा गठबंधन 90 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि दोनों NCP को मिलाकर सिर्फ 20 सीटें मिलती दिख रही हैं। इनमें अजित पवार गुट को 20 और शरद पवार गुट को 00 सीटें मिलती दिख रही हैं। उद्धव गुट वाले गठबंधन को कुल 10 सीटें मिलती दिख रही हैं। इनमें सभी 10 कांग्रेस को जबकि उद्धव सेना और MNS को इस गठबंधन में कोई सीट मिलती नहीं दिख रही है। शरद पवार की NCP का बुरा हाल पिंपरी-चिंचवाड़ की बात करें तो यहां कुल 128 सीटों में से 119 पर रुझान आ गए हैं। ताजा रुझानों के मुताबिक, यहां भी पवार फैमिकी की एका पर भाजपा भारी पड़ती दिख रही है। भाजपा गठबंधन को यहां 70 सीटें मिलती दिख रही हैं, जबकि NCP गठबंधन को 41 सीटें मिलती दिख रही हैं। इनमें अजित पवार गुट को 40 जबकि शरद पवार गुट को सिर्फ एक सीट मिलती दिख रही है। उद्धव ठाकरे की सेना को यहां एक सीट भी मिलती नहीं दिख रही, जबकि उनके भाई राज ठाकरे की MNS को एक सीट मिलती दिख रही है। कांग्रेस और प्रकाश आंबेडकर के गठबंधन को एक भी सीट नहीं मिलती दिख रही है।

26 जनवरी को रायपुर में राज्यपाल तथा जगदलपुर में मुख्यमंत्री के आतिथ्य में होंगे विशेष आयोजन

रायपुर, छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर राज्यभर में चार चरणों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसके तहत द्वितीय चरण में कार्यक्रमों का आयोजन 19 से 26 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। गणतंत्र दिवस के दिन रायपुर में राज्यपाल तथा जगदलपुर में मुख्यमंत्री के आतिथ्य में विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे। साथ ही राज्य के सभी जिला मुख्यालयों, ब्लॉक मुख्यालयों, ग्राम पंचायतों तथा स्कूल-कॉलेजों में ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के पश्चात बड़े पैमाने पर सामूहिक वंदे मातरम् गायन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में मंत्रीगण, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, स्थानीय अधिकारी, प्रमुख हस्तियां और नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। द्वितीय चरण में 19 से 26 जनवरी तक राज्य के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एवं गाइड की सहभागिता के साथ वंदे मातरम् से संबंधित संगीतमय प्रस्तुतियाँ, विशेष सभाएँ, निबंध प्रतियोगिता, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर निर्माण, रंगोली, चित्रकला एवं प्रदर्शनी आयोजित की जाएंगी। राज्य पुलिस बैंड द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर वंदे मातरम् एवं देशभक्ति गीतों पर आधारित प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी। सार्वजनिक एवं निजी सहभागिता के तहत प्रदेश में वंदे मातरम् ऑडियो-वीडियो बूथ स्थापित किए जाएंगे, जहां नागरिक अपनी आवाज में वंदे मातरम् का गायन रिकॉर्ड कर अभियान के पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। पोर्टल पर वंदे मातरम् की पूर्व रिकॉर्डेड धुन के साथ गायन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। उल्लेखनीय है कि प्रथम चरण का आयोजन 7 से 14 नवंबर 2025 को सफलतापूर्वक किया जा चुका है। वही तृतीय चरण 7 से 15 अगस्त 2026 को हर घर तिरंगा अभियान के साथ संचालित किया जाएगा एवं चतुर्थ चरण का आयोजन 1 से 7 नवंबर 2026 को किया जाएगा। भारत सरकार, संस्कृति मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह आयोजन ग्राम पंचायत, जनपद, जिला एवं राज्य स्तर पर व्यापक जनभागीदारी के साथ कार्यक्रमों को संपन्न कराया जाएगा, जिसका उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रगीत के प्रति भावनात्मक जुड़ाव और राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करना है।

समंदर में तनाव: भारतीय पोत पर हमला, 18 लोगों को जबरन हिरासत में लेने का आरोप

नई दिल्ली 8 दिसंबर 2025 की दोपहर भारतीय नाविकों के परिजनों के लिए एक भयावह कहानी की शुरुआत हुई। उस दिन कैप्टन विनोद परमार को अपने भाई- टैंकर वेलियंट रोर के कमांडिंग कैप्टन विजय कुमार- का घबराया हुआ फोन आया। आवाज कांप रही थी। उन्होंने बताया कि उनके जहाज का अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में होने के बावजूद ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स द्वारा पीछा किया जा रहा है। इसके बाद लाइन कट गई।   परिजनों के बयानों के मुताबिक, इसके बाद जो हुआ वह किसी बुरे सपने से कम नहीं था- ईरानी नौसेना की ओर से कथित तौर पर बिना उकसावे की फायरिंग, टैंकर को जब्त करना और 10 भारतीय नाविकों का रहस्यमय ढंग से गायब हो जाना। डेढ़ महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन ये नाविक न तो अपने परिवारों से संपर्क कर पा रहे हैं और न ही बाहरी दुनिया से। अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में घटना, VLSFO होने के बावजूद ‘डीजल तस्करी’ का आरोप यह टैंकर दुबई स्थित ग्लोरी इंटरनेशनल FZ LLC द्वारा संचालित है। 16 भारतीय, एक श्रीलंकाई और एक बांग्लादेशी सदस्य- कुल 18 क्रू सवार थे। तकनीकी खराबी के चलते सिस्टर वेसल MT Coral Wave के साथ खड़े रहने के बाद यह पहली यात्रा पर निकला था और यूएई के खोर फकान की ओर तकनीकी सहायता लेने जा रहा था। घटना यूएई के दिब्बा पोर्ट के पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में बताई जा रही है। कैप्टन परमार के अनुसार, ईरान ने जहाज पर छह मिलियन लीटर डीज़ल की तस्करी का आरोप लगाया, जबकि टैंकर में बहुत कम सल्फर वाला ईंधन तेल (वीएलएसएफओ) था। ईरानी पक्ष ने सैंपल एनालिसिस रिपोर्ट को खारिज कर दिया और जहाज पर कब्जा कर उसे Bandar-e-Jask ले जाया गया। मारपीट, बंधक बनाना, उपकरण जब्त रिपोर्ट क मुताबिक,परिजनों का आरोप है कि फायरिंग से जहाज को नुकसान पहुंचा और कुछ क्रू घायल हुए। बाद में ईरानी कर्मियों ने जहाज पर चढ़कर क्रू के साथ मारपीट की, उन्हें बंधक बनाया गया और सभी मोबाइल, लैपटॉप व अन्य उपकरण जब्त कर लिए गए। सभी 18 नाविकों को एक ही मेस रूम में ठूंस दिया गया और बाथरूम तक जाने के लिए भी सशस्त्र पहरे में ले जाया गया। केवल कैप्टन को प्रतिदिन कुछ मिनट कॉल की अनुमति दी गई। न हिरासत आदेश, न कारण- MLC 2006 का हवाला परिवारों का कहना है कि अब तक ईरानी अधिकारियों ने न तो औपचारिक हिरासत आदेश जारी किए हैं और न ही जब्ती के ठोस आधार बताए हैं। भारत और ईरान दोनों समुद्री श्रम कन्वेंशन, 2006 के पक्षकार हैं, जो नाविकों के अधिकारों की सुरक्षा करता है। 10 भारतीय जेल भेजे गए, संपर्क टूटा 6 जनवरी को हालात और बिगड़े। बयान दर्ज करने के बहाने 18 में से 10 नाविकों को जहाज से बाहर ले जाया गया और बाद में Bandar Abbas की जेल भेज दिया गया। इनमें चीफ ऑफिसर अनिल सिंह, सेकेंड इंजीनियर और कई जूनियर इंजीनियर शामिल हैं। उसी शाम अनिल सिंह की पत्नी गायत्री को एक मिनट का कॉल आया- उन्होंने झूठे स्मगलिंग आरोपों में जेल भेजे जाने की बात कही। इसके बाद कोई संपर्क नहीं। परिवारों की पीड़ा, मां की तबीयत बिगड़ी तीसरे इंजीनियर केतन मेहता के परिवार का कहना है कि जब से जहाज जब्त हुआ है, उनसे कोई बात नहीं हो पाई। केतन परिवार का एकमात्र कमाने वाला है। तनाव के चलते उनकी हृदय-रोगी मां को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। गायत्री कहती हैं- मेरे बेटे ने पीएमओ को 20-25 ईमेल भेजे, कोई जवाब नहीं। बस हमारी बात विदेश मंत्री एस जयशंकर तक पहुंचा दी जाए। जहाज पर बचे 8 भारतीय- खाने का संकट जहाज पर बचे आठ नाविक बेहद कठिन हालात में हैं। परिजनों के मुताबिक, उन्हें केवल पानी दिया जा रहा है और वे चावल-दाल पर गुजारा कर रहे हैं। राशन दो-तीन दिन में खत्म होने की आशंका जताई गई है। दूतावास से सीमित मदद, हाई कोर्ट की शरण परिवारों ने 12 दिसंबर को डीजी शिपिंग से संपर्क किया, फिर मामला विदेश मंत्रालय और तेहरान स्थित दूतावास तक गया। 17 दिसंबर को दूतावास ने Bandar Abbas स्थित कांसुलेट से संपर्क करने की सलाह दी, लेकिन कांसुलर एक्सेस के अनुरोध बार-बार ठुकरा दिए गए। अब परिजन दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचे हैं। कोर्ट ने केंद्र सरकार को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। खामेनेई-नेतृत्व वाले शासन के खिलाफ हिंसक प्रदर्शनों, इंटरनेट ब्लॉकेड और हालिया अस्थिरता ने परिजनों की चिंता और बढ़ा दी है। लंबे समय से चल रही अनिश्चितता ने क्रू के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाला है।

‘लोकतंत्र से खिलवाड़’—हजारों वोटर लिस्ट से बाहर, संजय राउत का बीएमसी चुनावों पर हमला

मुंबई शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने शुक्रवार को बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) में खराबी और आचार संहिता के उल्लंघन का दावा किया। नतीजों के दिन एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राउत ने कहा कि मुंबई में दिख रहा वोटिंग पैटर्न एक गंभीर मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन इलाकों में वोटर लिस्ट से हजारों मतदाताओं के नाम गायब थे, जहां शिवसेना (UBT), महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) और कांग्रेस को पारंपरिक रूप से मजबूत समर्थन मिलता है। मालूम हो कि बीएमसी चुनाव में भाजपा गठबंधन की बड़ी जीत हुई है। वहीं, तीन दशकों बाद देश के सबसे अमीर नगर निगम से शिवसेना यूबीटी बाहर हो गई।   उन्होंने आरोप लगाया, "हजारों लोगों के नाम, जिन्होंने विधानसभा चुनावों में भी वोट दिया था, वोटर लिस्ट से गायब हैं। यह खास तौर पर उन इलाकों में हो रहा है जहां शिवसेना (UBT), एमएनएस या कांग्रेस के वोट ज़्यादा हैं।" राउत ने यह भी दावा किया कि कई पोलिंग बूथ पर EVM खराब थे। उन्होंने कहा, "जहां NCP के लिए वोट बटन दबाया गया, वहां BJP की लाइट जल गई। शिव सेना (UBT) के जलती हुई मशाल के निशान और MNS के इंजन के निशान के साथ भी ऐसा ही हुआ।'' उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग से बार-बार शिकायतें की गईं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सीनियर भाजपा नेताओं और मुंबई म्युनिसिपल कमिश्नर भूषण गागरानी की मीटिंग पर सवाल उठाते हुए, राउत ने मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "कल, शाम करीब 6 बजे, सीनियर भाजपा नेताओं और मुंबई म्युनिसिपल कमिश्नर के बीच एक मीटिंग हुई। क्यों? आचार संहिता अभी भी लागू है। आप कमिश्नर के साथ 1.5 घंटे बैठे और क्या तय किया? क्या आपने आज का नतीजा पहले से ही तय कर लिया था?" राउत ने एग्जिट पोल के समय पर भी चिंता जताई, यह दावा करते हुए कि उन्हें आधिकारिक वोटिंग प्रतिशत घोषित होने से पहले ही जारी कर दिया गया था। उन्होंने कहा, "वोटिंग प्रतिशत आने से पहले ही एग्जिट पोल आ गए। यह क्या है? कुछ जगहों पर वोटिंग अभी भी चल रही थी, लेकिन भाजपा से जुड़े आउटलेट्स ने उन्हें एक-एक करके जारी करना शुरू कर दिया। भाजपा नेताओं ने अपनी जीत का जश्न मनाना शुरू कर दिया। यह किस तरह का लोकतंत्र है?" गुरुवार को इससे पहले, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव 2026 को लेकर चिंता जताई थी, जिसमें वोटर लिस्ट, मिटने वाली स्याही और पुरानी ईवीएम मशीनों से जुड़ी समस्याओं का ज़िक्र किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग इन समस्याओं को दूर करने के लिए काफी कुछ नहीं कर रहा है और सरकार पर चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। मतों की गिनती शुक्रवार सुबह शुरू होने के बाद रुझानों के अनुसार, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसकी सहयोगी शिवसेना आगे हैं। मुंबई के 227 वार्ड में से भाजपा 88, शिवसेना 28, शिवसेना यूबीटी 73, कांग्रेस आठ वॉर्डों में आगे है। इसके अलावा, एमएनएस सात वॉर्ड में आगे है।  

विनोबा भावे सब स्टेशन में डबल सर्किट सप्लाई, जबलपुर के विद्युत नेटवर्क को मिली नई ताकत

जबलपुर के विद्युत नेटवर्क को मिली नई सुदृढ़ता, विनोबा भावे सब स्टेशन में अब डबल सर्किट सप्लाई एम.पी. ट्रांसको के विनोबा भावे सब स्टेशन में अब डबल सर्किट सप्लाई  जबलपुर मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने जबलपुर शहर की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी द्वारा 132 के.वी. विनोबा भावे सबस्टेशन के लिए निर्मित की जा रही अत्यंत जटिल डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन परियोजना का सब स्टेशन स्तर पर दूसरा चरण भी सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। अब शहर को मिलेगी और अधिक विश्वसनीय बिजली आपूर्ति एम.पी. ट्रांसको के मुख्य अभियंता अमरकीर्ति सक्सेना ने बताया कि 132 के.वी. विनोबा भावे सबस्टेशन के स्विचयार्ड में सीमित स्थान होने के बावजूद, पहले से स्थापित सेट-अप में आवश्यक तकनीकी संशोधन करते हुए दूसरे 132 के.वी. सर्किट की व्यवस्था करना एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य था। उन्होंने बताया कि ट्रांसको की टीम ने समर्पण, आपसी समन्वय एवं सतत परिश्रम के बल पर इस जटिल कार्य को सफलतापूर्वक पूरा कर एक नई तकनीकी मिसाल कायम की है। इससे शहर के विद्युत तंत्र को और अधिक स्थायित्व एवं विश्वसनीयता प्राप्त होगी। विनोबा भावे सब स्टेशन में अतिरिक्त सर्किट की सुविधा अब 132 के.वी. विनोबा भावे सब स्टेशन को 220 के.वी. सबस्टेशन नयागांव, जबलपुर से एक अतिरिक्त सर्किट उपलब्ध हो गया है, जो पहले से संचालित 132 के.वी. व्हीकल फैक्टरी सबस्टेशन, जबलपुर से जुड़े सर्किट के अतिरिक्त है। इस नई व्यवस्था से किसी एक सर्किट में तकनीकी समस्या उत्पन्न होने की स्थिति में न्यूनतम समय में विद्युत आपूर्ति बहाल की जा सकेगी। साथ ही रख-रखाव कार्यों के दौरान अब पूर्ण शटडाउन लेने की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी।  

यूएन मंच पर भारत ने पाकिस्तान को घेरा, कहा– नफरत की राजनीति छोड़ो

संयुक्त राष्ट्र संयुक्त राष्ट्र के मंच पर एक बार फिर कायराना हरकत दिखाने के बाद भारत ने पाकिस्तान को तगड़ी लताड़ लगाई है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान द्वारा जम्मू कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने के बाद ‘विभाजनकारी एजेंडे’ को आगे बढ़ाने के लिए वैश्विक मंचों का दुरुपयोग करने के लिए पाक को सुनाते हुए कहा कि ऐसे देशों को संकीर्ण विचारधारा से बाहर निकालने की जरूरत है।   संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में काउंसलर एल्डोस मैथ्यू पुन्नूज ने गुरुवार को कहा कि आत्मनिर्णय के अधिकार का दुरुपयोग बहुलतावादी और लोकतांत्रिक देशों में अलगाववाद को बढ़ावा देने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे समय में जब सदस्य देशों को संकीर्ण विचारों से ऊपर उठना चाहिए, पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र के सभी मंचों और प्रक्रियाओं का दुरुपयोग कर अपने विभाजनकारी एजेंडे को आगे बढ़ाता रहा है।’’ संयुक्त राष्ट्र महासभा के पूर्ण सत्र में ‘संगठन के कार्य पर महासचिव की रिपोर्ट’ पर राष्ट्रीय वक्तव्य देते हुए पुन्नूज ने कहा, ‘‘यह मंच भी इसका अपवाद नहीं है और पाकिस्तान ने भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर का अनुचित उल्लेख किया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आत्मनिर्णय का अधिकार संयुक्त राष्ट्र चार्टर में निहित एक मौलिक सिद्धांत है। हालांकि इस अधिकार का दुरुपयोग बहुलतावादी और लोकतांत्रिक देशों में अलगाववाद को प्रोत्साहित करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। पाकिस्तान की आदत है लेकिन उसे निराधार आरोपों और झूठ का सहारा नहीं लेना चाहिए और वास्तविकता से दूर तस्वीर को पेश करने से बचना चाहिए।’’ बता दें कि भारत की यह कड़ी प्रतिक्रिया संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत आसिम इफ्तिखार अहमद द्वारा महासभा में अपने वक्तव्य में जम्मू कश्मीर का संदर्भ दिए जाने के बाद आई। पाकिस्तान बार-बार संयुक्त राष्ट्र और उसके विभिन्न मंचों पर जम्मू कश्मीर का मुद्दा उठाता रहा है, लेकिन इस मामले में उसे व्यापक अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कोई खास समर्थन नहीं मिला है।