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श्रेयस अय्यर का टी20 टीम में अचानक चयन, जानिए इसके पीछे के 3 कारण

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने शुक्रवार, 16 जनवरी को इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड टी20 सीरीज के स्क्वॉड में कुछ बदलाव की घोषणा की। वॉशिंगटन सुंदर चोट के चलते पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं, जिसकी वजह से रवि बिश्नोई को चुना गया है। वहीं तिलक वर्मा सर्जरी के चलते 5 मैच की इस सीरीज के पहले तीन मैचों में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। उनकी जगह न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के पहले तीन मुकाबलों के लिए श्रेयस अय्यर को चुना गया है। श्रेयस अय्यर का नाम थोड़ा हैरान कर देने वाला है क्योंकि उन्होंने भारत के लिए आखिरी टी20 मैच 2023 में खेला था। ऐसे में अचानक उनकी टीम इंडिया में एंट्री कैसे हुई। पहला कारण– चयनकर्ता और टीम मैनेजमेंट ने श्रेयस अय्यर को एक लीडर के रूप में देखना शुरू कर दिया है। उन्हें वनडे टीम का उप-कप्तान बनाया गया है। अय्यर का आईपीएल और डोमेस्टिक क्रिकेट में बतौर कप्तान रिकॉर्ड काफी शानदार रहा है। ऐसे में अगर अय्यर टी20 सेटअप में भी अपनी जगह बना लेते हैं तो टीम को इससे फायदा मिलेगा। फिलहाल टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव और उप-कप्तान अक्षर पटेल हैं। सूर्या 35 साल के हैं और इस टी20 वर्ल्ड कप के बाद भारत नए लीडर की तरफ अपने कदम बढ़ा सकता है। ऐसे में अय्यर एक बेहतरीन विकल्प हैं। दूसरा कारण– तिलक वर्मा की गैरमौजूदगी का असर भारत के मिडिल ऑर्डर पर पड़ता। ऐसे में श्रेयस अय्यर उनके लाइक टू लाइक रिप्लेसमेंट साबित हो सकते हैं। अय्यर मिडिल ऑर्डर में ही बल्लेबाजी करते हैं, उन्हें नंबर-3 और 4 पर बैटिंग करने का अच्छा खासा अनुभव है। तिलक वर्मा के बैकअप के रूप में भी भारत श्रेयस अय्यर को तैयार कर सकता है। अगर किसी कारण की वजह से तिलक वर्मा टी20 वर्ल्ड कप तक पूरी तरह फिट नहीं हो पाते तो बीसीसीआई श्रेयस अय्यर को उनकी जगह स्क्वॉड में चुन सकता है। तीसरा कारण– श्रेयस अय्यर इस समय गजब की फॉर्म में हैं, चाहे फॉर्मेट वनडे का हो या टी20 का। डोमेस्टिक से लेकर नेशनल लेवल तक वह लगातार रन बना रहे हैं। आईपीएल 2025 में भी उनकी फॉर्म गजब की रही थी। उनकी अगुवाई में पंजाब किंग्स फाइनल तक पहुंचा था। श्रेयस अय्यर ने पिछले आईपीएल सीजन में 50 से अधिक की औसत से 604 रन बनाए थे। न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय टी20 टीम- सूर्यकुमार यादव (C), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (WK), हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल (VC), रिंकू सिंह, जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, इशान किशन (WK), रवि बिश्नोई, श्रेयस अय्यर (पहले तीन T20I)।

पटना की घुरदौड़–ज्ञान निकेतन रोड सहित 9 सड़कों को मिला नया नाम

पटना. नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति की सामान्य बैठकों में राजधानी की 9 सड़कों का नामकरण किया गया। साथ ही 5 पार्कों के नामकरण को भी स्वीकृति प्रदान की गई। समिति से मंजूरी मिलने के उपरांत नगर निगम प्रशासन द्वारा नामकरण से संबंधित सूचना डाक विभाग को भेजी जाती है। उल्लेखनीय है कि बीते एक माह के भीतर सशक्त स्थायी समिति की दो बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। दीघा रोड, घुरदौड़ से ज्ञान निकेतन गर्ल्स स्कूल तक की सड़क अब आचार्य किशोर कुणाल के नाम से जानी जाएगी। अशोक राजपथ स्थित नंद गोला मेन रोड पर डॉ. विजय कांत शर्मा के आवास से पूर्व पार्षद एवं समाजसेवी श्रीराम कुमार के आवास तक के मार्ग को पूर्व पार्षद श्रीराम कुमार पथ नाम दिया गया। पूर्व पार्षद नथुनी राम यादव के नाम पर सड़क श्रीकृष्णापुरी पार्क के मेन गेट के सामने से लेकर एलएफ फ्लैट पार्क तक की सड़क का नामकरण न्यायमूर्ति इंदु प्रभा सिंह पथ किया गया। इसी प्रकार 15 दिसंबर को हुई बैठक में वार्ड 72 में अशोक राजपथ मुख्य सड़क लिंक पथ से अनिल कुमार यादव (बजरंगबली मंदिर) के मकान से सहदरा चौड़ाहा तक का नामकरण वरिष्ठ समाजसेवी व पूर्व पार्षद नथुनी राम यादव के नाम पर किया गया। दीघा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आशियाना दीघा रोड से आकाशवाणी रोड के बीच पड़ने वाली सड़क को मुंदर साह पथ नाम दिया गया। कंकड़बाग वार्ड 33 के पूर्वी इंद्रानगर स्थित सुधा देवी लेन रोड नंबर एक-ए का पूर्वी इंद्रा नगर नामकरण किया गया। रोड नंबर छह, राजेंद्र नगर सुपर स्पेशलिटी नेत्र अस्पताल से लेकर ज्योतिषाचार्य पं. रामलोचन पांडेय के घर के कोने तक सड़क को डॉ. ब्रजकिशोर सिन्हा मार्ग नाम दिया गया। एग्जीबिशन रोड-फ्रेजर रोड लिंक सड़क का नामकरण पद्मभूषण से सम्मानित डॉ. दुखन राम मार्ग किया गया। वार्ड 44 अंतर्गत केंद्रीय विद्यालय के समीप नगर निगम द्वारा निर्मित वाटिका एवं उसके सामने एसबीआइ शाखा से लेकर कंकड़बाग देवी स्थान तक जाने वाले मार्ग का नामकरण यदुनंदन प्रसाद मार्ग किया गया। पाटलिपुत्र कालोनी के पार्क को मिला अटल बिहारी वाजपेयी का नाम 15 दिसंबर को हुई बैठक में दीघा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पाटलिपुत्रा कालोनी स्थित पार्क को अटल पार्क नाम दिया गया है। इस पार्क में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पहले से स्थापित है। चितकोहरा पंजाबी कालोनी स्थित पार्क का नामकरण गुरु गोबिंद सिंह पार्क किया गया। वहीं, न्यू पुनाईचक स्थित पार्क को भामा शाह पार्क नाम दिया गया है, जहां दानवीर भामा शाह की प्रतिमा पूर्व से ही स्थापित है। वार्ड 44 के अंतर्गत डाक्टर कालोनी में जीवक हार्ट हास्पिटल के दक्षिण स्थित पार्क का नामकरण स्वतंत्रता सेनानी एवं क्रांतिकारी चंद्रमा सिंह के नाम पर किया गया।

MLA बरैया की विवादित टिप्पणी, मोहन यादव ने उठाया सवाल: क्या राहुल गांधी उन्हें पार्टी से बाहर करेंगे?

भोपाल  अपने बयानों के चलते हमेशा चर्चाओं में रहने वाले कांग्रेस नेता और भांडेर विधायक फूल सिंह बरैया ने एक बार फिर अपने विवादित बयान से भूचाल ला दिया है. इस बार उन्होंने ऐसा बयान दिया है, जिसने सियासत के साथ-साथ समाज को भी झकझोर दिया है. विधायक बरैया का कथित बयान था कि अगर खूबसूरत लड़की दिख जाए तो दिमाग विचलित हो सकता है और दुष्कर्म हो सकता है. बरैया यहीं नहीं रूके आगे वे एक समुदाय विशेष को लेकर कहते हैं कि फिर उन समुदायों में क्यों होता है दुष्कर्म, क्योंकि धर्म ग्रंथों में इस तरह के निर्देश दिए गए हैं. इस मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव का भी बयान आया है. बरैया के विवादित बयान पर सीएम ने दी प्रतिक्रिया सीएम मोहन यादव ने कहा, "कांग्रेस नेता राहुल गांधी को अपने विधायक को पार्टी से बाहर करना चाहिए. बरैया ने इस तरह का बयान देकर समाज में जहर घोलने का प्रयास किया है." हालांकि, जब राहुल गांधी इंदौर पहुंचे तो कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया उनके साथ चलते दिखाई दिए. ये पूरा बवाल फूल सिंह बरैया के उस बयान के बाद उठा है जिसमें उन्होंने कहा कि एक समुदाय विशेष के धर्म ग्रंथों में ऐसा लिखा है कि खास वर्ग की महिलाओं से दुष्कर्म करने पर तीर्थ यात्रा का फल मिलता है." उनके इस बयान के बाद पूरे प्रदेश में सियासी घमासान मचा हुआ है. उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से सर्कुलेट हो रहा है. मोहन यादव ने कहा बरैया को बाहर करें राहुल भोपाल में यूनियन कार्बाइड कारखाने का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मीडिया से बातचीत की. इस दौरान सीएम मोहन यादव ने कहा, "कांग्रेस के विधायक फूल सिंह बरैया ने इस तरह का बयान देकर समाज में जहर घोलने का काम किया है. राहुल गांधी के मन में अगर सभी समाजों के लिए सम्मान है, तो मैं उम्मीद करूंगा कि वे (राहुल गांधी) अपने विधायक को सस्पेंड करेंगे. उन्हें पार्टी से बाहर निकालेंगे. मैं इस बयान की निंदा करता हूं. फूल सिंह बरैया के पास एक विधायक का उत्तरदायित्व है. उन्हें इस तरह के बयानों से बचना चाहिए था." शिवराज बोले ये शर्मनाक, बेटियां तो देवियां हैं कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के कथित बयान को केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अशोभनीय बताया है. उन्होंने कहा कि "हम बेटियों को जाति समाज में बांटकर नहीं देख सकते. हमारे यहां तो बेटियां दुर्गा लक्ष्मी का स्वरूप होती हैं. अब क्या बेटियों को भी बांटोगे? कोई भी नेता हो या अन्य कोई व्यक्ति, उसे ऐसी अशोभनीय टिप्पणी बिल्कुल नहीं करनी चाहिए." शिवराज सिंह ने कहा, "ये मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से बेहद दुखद है." बरैया के बयान पर बीजेपी ने उठाया सवाल उधर इंदौर में राहुल गांधी के साथ कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया दिखाई दिए तो उस पर बीजेपी ने सवाल उठाया कि बरैया के इस बयान से क्या राहुल गांधी की सहमति और स्वीकारोक्ति मानी जाए." बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा, "अब स्पष्ट है कि महिलाओं और एससी-एसटी समाज के प्रति दूषित, विकृत और कुंठित मानसिकता सिर्फ बरैया की नहीं, बल्कि राहुल गांधी के नेतृत्व वाली पूरी कांग्रेस की सोच है. अगर आपत्ति होती, तो मंच साझा नहीं किया जाता. शर्म आनी चाहिए कांग्रेस को और विशेषकर सोनिया गांधी व प्रियंका गांधी को, जो महिला सम्मान की बातें तो करती हैं, लेकिन अपनी ही पार्टी की अपराधी मानसिकता पर चुप हैं. यह चुप्पी अब मौन नहीं, समर्थन है. नारी देवी है, राजनीतिक औजार नहीं. अपमान बर्दाश्त नहीं. धिक्कार है ऐसी कांग्रेस पर." 'शिकायत मिलती है, तो पार्टी एक्शन लेगी' कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के विवादित बयान को लेकर सियासी गलियारों में बहस छिड़ गई है. एक तरफ जहां, हिंदू संगठन और बीजेपी के नेता कार्यकर्ता फूल सिंह बरैया का जमकर विरोध कर रहे हैं. माना जा रहा है कि वहीं अब कांग्रेस संगठन भी एक्शन ले सकता है. मध्य प्रदेश कांग्रेस के संगठन प्रभारी संजय कामले ने कहा है कि "यह उनका व्यक्तिगत बयान है कांग्रेस इससे सहमति नहीं रखती, दुष्कर्म एक मानसिक सोच होती है. कोई जाती धर्म देखकर दुष्कर्म नहीं होता व्यक्तिगत नहीं यह अपराधी प्रवर्ती के लोग करते हैं. खूबसूरती आंखों में बसती है हर बच्चा अपने मां बाप के लिए सबसे सुंदर होता है. यदि कोई शिकायत मिलती है तो पार्टी में अनुशान समिति है जो एक्शन लेगी."

असलम चमड़ा का साम्राज्य: स्लॉटर हाउस अफसरों की मदद और सिस्टम की छांव में कैसे बढ़ा कारोबार

भोपाल  राजधानी भोपाल में जिंसी के पास भोपाल नगर निगम की अनुमति और सहयोग से स्लॉटर हाउस संचालित करने वाले असलम कुरैशी उर्फ असलम चमड़ा आज कई करोड़ों का आसामी है। भोपाल में करीब 25 से 30 साल पहले असलम कुरैशी चमड़े का कारोबार करता था। यहीं से उसका नाम असलम चमड़ा पड़ा।  पुलिस सूत्रों के अनुसार असलम चमड़ा पर बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं को बसाकर स्लॉटर हाउस में कार्य कराने की शिकायत राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग तक की जा चुकी है लेकिन भोपाल पुलिस ने सवालों के घेरे में आए असलम चमड़ा के बयान के आधार पर उसे निर्दोष बताते हुए शिकायत की फाइल क्लोज कर दी।  इतना ही नहीं उसने भोपाल नगर निगम के प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड में चलाए जा रहे स्लॉटर हाउस में गायों का मांस को भैंस का मांस का बताने वाला सर्टिफिकेट भी नगर निगम के डॉक्टर से बनवा लिया था। इसी के आधार पर वह मुंबई और हैदराबाद से लेकर विदशों तक मांस की सप्लाई कर रहा था। अगर बजरंग दल द्वारा पकड़े गए कंटेनर के मांस की लैब में जांच नहीं कराई जाती तो असलियत सबके सामने नहीं आती। 8 जनवरी को सार्वजनिक हुई रिपोर्ट में उक्त कंटेनर में गौमांस होने की पुष्टि हो गई है, जबकि भोपाल नगर निगम के डॉ. बेनीप्रसाद गौर द्वारा इसे भैंस का मांस होने का सर्टिफिकेट दिया गया था। इस खुलासे के बाद राजधानी में असलम चमड़ा को लेकर हर कोई  जानना चाहता है कि  भोपाल शहर, मध्यप्रदेश और देश में भाजपा की सरकार होने के बाद भी गौहत्या कर उनके मांस की सप्लाई करने वाला असलम चमड़ा आखिर है कौन? भोपाल नगर निगम के पूर्व अधिकारियों से जुटाई गई जानकारी के अनुसार असलम कुरैशी उर्फ असलम चमड़ा 25 से 30 साल पहले पुराने भोपाल में मृत मवेशियों को उठाकर उनके मांस से  चमड़े और हड्डियों को निकालकर बेचता था। समय बदला और भोपाल नगर निगम द्वारा मृत मवेशियों को उठाने के लिए कर्मचारी रख लिए गए लेकिन उनको उठाने और उसके बाद होने वाले खर्च को निकालने की व्यवस्था कहां से हो? ये एक बड़ा सवाल था। इसके लिए भोपाल नगर निगम के अधिकारियों ने असलम चमड़ा से अघोषित सौदा किया और मृत मवेशियों को उठाकर असलम को दिया जाने लगा।   असलम चमड़ा नाम कैसे पड़ा ? चूंकि असलम कुरैशी वर्षों तक चमड़े का कार्य करता रहा, इसलिए उसका नाम असलम चमड़ा हो गया। नगर निगम के संपर्क में आने के बाद असलम मृत मवेशियों के चमड़े और हड्डियों के कारोबार को और फैलाता गया। बाद में डेयरियों और अन्य स्थानों पर मृत मवेशियों को उठाकर उसके चमड़े-हड्डी का कारोबार करने के लिए कई कर्मचारी भी रख लिए। स्लॉटर हाउस का संचालन शुरू किया  भोपाल नगर निगम के पूर्व अधिकारियों ने बताया कि भोपाल नगर निगम द्वारा जब मैनुअली स्लॉटर हाउस का संचालन किया जा रहा था, तब भी असलम चमड़ा ही उसका ठेका लेता था। इसके बाद स्लॉटर हाउस से निकलने वाले वेस्ट को बेचकर वो कमाई करता था। आगे चलकर वह जिस भी दल की सरकार रहे, उस राजनीतिक दल के नेताओं और तत्कालीन अधिकारियों से सांठगांठ करने लगा और मांस की सप्लाई का ठेका भी लेने लगा था।  भोपाल वन विहार में वर्षों तक की सप्लाई  भोपाल में स्थित वन विहार नेशनल पार्क में कई मांसाहारी जानवर हैं, जिसमें बाघ, शेर व अन्य जानवर शामिल हैं। मध्यप्रदेश के अन्य टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्क में घायल होने वाले जानवरों को यहीं लाकर इलाज किया जाता है। वन विहार में रहने वाले मांसाहारी जानवरों को खिलाए जाने वाले कच्चे मांस की सप्ताल भी असलम चमड़ा ही करता था। स्लॉटर हाउस में गायों को काटकर गौमांस सप्लाई का खुलासा होने के बाद वन विहार में उसका मीट सप्लाई का ठेका निरस्त कर दिया गया है। I जिंसी स्लॉटर हाउस का आधुनिकीकरण    दस्तावेजों की पड़ताल और नगर निगम के अधिकारियों से जानकारी जुटाने पर पता चला कि भोपाल में जब आधुनिक स्लॉटर हाउस का संचालन किया जाने लगा तो इसके लिए महापौर परिषद ने शहर के अंदर स्लॉटर हाउस संचालन की अनुमति नहीं दी। इसके बाद आदमपुर छावनी के पास स्लॉटर हाउस लगाने के लिए उत्तरप्रदेश की एक बड़ी मीट कंपनी ने प्रस्ताव दिया, लेकिन आदमपुर छावनी और आसपास के गांव के लोगों ने विरोध किया तो मामला ठंडा पड़ गया। इसके बाद जिंसी स्थित पुराने स्लॉटर हाउस के स्थान पर ही आधुनिक स्लॉटर हाउस को संचालित करने की तिकड़म भी अधिकारियों ने निकाल ली और वर्ष 2022 में नगर निगम के आयुक्त और प्रशासक रहे अधिकारियों ने असलम चमड़ा को आधुनिक स्लॉटर हाउस संचालन का ठेका भी दे दिया। अधिकारियों की मेहरबानी नगर निगम सूत्रों की मानें तो असलम चमड़ा निगम के अधिकारियों और स्थानीय नेताओं से सांठगांठ कर अपने हिसाब से स्लॉटर हाउस का संचालन करता था। वह नगर निगम द्वारा पशुओं की मेडिकल जांच और मांस को सर्टिफाइड करने के लिए पदस्थ किए गए पशु चिकित्सक और कर्मचारियों से अपने हिसाब से कार्य कराता था। सूत्रों की मानें तो स्लॉटर हाउस में पदस्थ डॉ. बेनीप्रसाद गौर मीट के ब्लैंक सर्टिफिकेट और कटने से पहले पशुओं के होने वाले चिकित्सकीय परीक्षण की खाली रिपोर्ट पर हस्ताक्षर कर असलम चमड़ा को दे देते थे और वह अपने हिसाब से मीट और मवेशियों की स्वास्थ्य परीक्षण रिपोर्ट भरता रहता था। तीन दर्जन संपत्तियां और आलीशान बंगले बनाए असलम कुरैशी उर्फ असलम चमड़ा ने भोपाल नगर निगम के साथ मिलकर जब से मांस और चमड़े का कारोबार शुरू किया, तब से अब तक वह भोपाल शहर और आसपास करीब तीन दर्जन संपत्तियां बना चुका है। वह भोपाल के सेंट्रल जेल रोड स्थित पॉश कॉलोनी में करोड़ों की आलीशान कोठी में परिवार के साथ रहता है। उसके सट्टेबाजी और जुआ खेलने के लिए मुंबई और दुबई जाने के दावे भी सामने आए हैं। तीन साल पहले भी असलम पर भोपाल की जीवदया गौशाला के पास बड़ी संख्या में मृत गायों को फेंकने का आरोप लगा था। 

पटना में पूरी तरह खुले स्कूल, सुबह 9 बजे से रहेंगी क्लास

पटना. पटना जिले में स्कूल पूरी तरह खोल दिए गए हैं। 17 जनवरी से जिले के तमाम निजी और सरकारी विद्यालयों में सभी कक्षाओं की पढ़ाई सुचारू कर दी गई है। बिहार में पड़ रही प्रचंड ठंड और शीतलहर को देखते हुए पिछले दिनों स्कूलों में पाबंदी लगाई गई थी। 16 जनवरी तक प्री-प्राइमरी और प्राइमरी कक्षाओं पर पाबंदी थी, जिसे शनिवार को हटा दिया गया। इस संबंध में जिलाधिकारी (डीएम) ने आदेश जारी किया है। पटना के डीएम त्यागराजन द्वारा शुक्रवार को जारी आदेश में कहा गया कि जिले के सभी निजी एवं सरकारी विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों में सभी कक्षाओं की शैक्षणिक गतिविधियों की अनुमति दे दी गई है। हालांकि, किसी भी शिक्षण संस्थान में सुबह 9 बजे से पहले पढ़ाई नहीं हो पाएगी। स्कूलों का संचालन 9 बजे के बाद ही किया जाएगा। यह आदेश फिलहाल 20 जनवरी तक लागू रहेगा। ठंड में और राहत मिलने पर टाइमिंग में और राहत दी जाएगी। ठंड के चलते बंद किए गए थे स्कूल पटना समेत बिहार के कई जिलों में ठंड के चलते निजी एवं सरकारी स्कूलों में पढ़ाई बंद की गई थी। इस महीने की शुरुआत में जिले के सभी स्कूलों में 8वीं तक के बच्चों की छुट्टी कर दी गई थी। यह पाबंदी 11 जनवरी तक जारी रही थी। इसके बाद चरणवार तरीके से विभिन्न कक्षाओं की छुट्टियां खत्म की गईं। सबसे पहले, 12 जनवरी से छठी से आठवीं तक के स्कूल खोल दिए गए, लेकिन कक्षा 5 तक पाबंदी जारी रही। बाद में 14 तारीख से कक्षा 1-5 तक के लिए स्कूल खोले गए, लेकिन प्राइमरी एवं प्री-प्राइमरी के बच्चों की छुट्टियां जारी रहीं। अब सभी कक्षाओं पर लगी रोक को हटा दिया गया है।

हरियाणा के निजी स्कूलों के 49 प्रतिशत बच्चों में खून की कमी

हिसार. प्रदेश के 10 जिलों में सरकारी स्कूलों की तुलना में निजी स्कूल में पढ़ रहे विद्यार्थियों का स्वास्थ्य असुरक्षित हैं। सुनने में अजीब है लेकिन यह सच है। स्कूल हेल्थ की ओर से ग्रुप ए में अंबाला, करनाल, पानीपत, पंचकूला, यमुनानगर और ग्रुप बी में फरीदाबाद, गुरुग्राम, झज्जर, रोहतक व सोनीपत जिलों के सरकारी व निजी स्कूलों में पढ़ रहे कुल 10.08 हजार विद्यार्थियों में हीमोग्लोबिन की जांच की, जिनमें विद्यार्थियों की उम्र 10 से 19 साल तक रही। जब रिपोर्ट उजागर हुई तो हैरान कर देने वाली थी। उपरोक्त ग्रुप-ए के तहत जिलों के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे 46 प्रतिशत व निजी स्कूलों में पढ़ रहे 49 प्रतिशत विद्यार्थियों में खून की कमी मिली। ग्रुप-बी के तहत जिलों के सरकारी स्कूलों में 50 व निजी स्कूलों में 53.6 प्रतिशत विद्यार्थियों में खून की कमी मिली।

वैभव सूर्यवंशी ने यूथ ODI में किया रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन, कोहली को पीछे छोड़ा

 बुलावायो वैभव सूर्यवंशी क्रिकेट के मैदान पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. 14 साल के वैभव फिलहाल आईसीसी पुरुष अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. वैभव ने 17 जनवरी (शनिवार) को बुलावायो में बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले में जबरदस्त बैटिंग करते हुए 72 रन बनाए. वैभव ने 67 गेंदों की पारी में 6 चौके और तीन छक्के लगाए. वैभव को तेज गेंदबाज इकबाल हुसैन इमोन ने आउट किया. इस इनिग्स के दौरान वैभव सूर्यवंशी ने एक खास कीर्तिमान रचा. वैभव ने यूथ ओडीआई में ना सिर्फ 1000 हजार रन पूरे किए, बल्कि यूथ ओडीआई में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में अब सातवें नंबर पर आ गए हैं. सूर्यवंशी ने विराट कोहली को भी पछाड़ दिया, जिन्होंने 978 रन बनाए थे. वैभव सूर्यवंशी ने अब तक भारत के लिए यूथ ओडीआई में कुल 20 मैच खेलकर 52.35 की औसत से 1047 रन बनाए हैं, जिसमें 3 शतक और पांच अर्धशतक शामिल रहे. संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के खिलाफ सिर्फ 2 रन पर आउट होने के बाद वैभव ने दमदार वापसी की और बांग्लादेशी टीम के खिलाफ बेहद संयम के साथ तेज अर्धशतक बना सभी को प्रभावित किया. यूथ ओडीआई में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन विजय जोल ने बनाए. यशस्वी जायसवाल, तन्मय श्रीवास्तव, उनमुक्त चंद, शुभमन गिल और सरफराज खान ने भी यूथ ओडीआई में भारत के लिए हजार प्लस रन बनाए थे. यूथ ओडीआई में सबसे ज्यादा रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड फिलहाल बांग्लादेश के नजमुल हुसैन शांतो (1820 रन) के नाम है. आयुष म्हात्रे ने विपक्षी कप्तान से नहीं मिलाया हाथ आईसीसी पुरुष अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में भारत और बांग्लादेश के बीच शनिवार (17 जनवरी) को खेला गया मुकाबला काफी सुर्खियों में रहा है. बुलावायो के क्वींस स्पोर्ट्स क्लब में हुए इस मैच में टॉस के दौरान भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे ने बांग्लादेश के स्टैंड-इन कप्तान जवाद अबरार से हाथ मिलाने से परहेज किया. बांग्लादेश के नियमित कप्तान मोहम्मद अजीजुल हकीम तमीम अस्वस्थ होने के कारण टॉस के लिए उपस्थित नहीं थे और उनकी जगह जवाद अबरार आए. हालांकि कैमरों ने साफ दिखाया कि टॉस के बाद दोनों कप्तान एक-दूसरे के बहुत पास से गुजरे, लेकिन ना हाथ मिलाया और ना ही कोई बातचीत की. इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 में धमाकेदार प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी सुर्खियों में आए थे. वैभव आईपीएल इतिहास के सबसे युवा सेंचुरियन बने, जिसने पूरे क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया. इसके बाद उनका करियर लगातार ऊंचाइयों पर चढ़ता गया. इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की उछाल भरी पिचों पर वैभव ने शतक जड़े. वहीं इंडिया-ए के लिए कतर में राइजिंग स्टार्स एशिया कप में डेब्यू पर वैभव ने शतक लगाया. कुछ दिनों बाद दुबई में U19 एशिया कप में भी वैभव ने शतकीय पारी खेलकर सुर्खियां बटोरीं. फिर अंडर-19 विश्व कप से पहले साउथ अफ्रीका में उन्होंने शानदार सेंचुरी लगाई. यूथ ओडीआई में भारत के लिए सर्वाधिक रन 1404- विजय जोल         1386- यशस्वी जायसवाल     1316- तन्मय श्रीवास्तव 1149- उन्मुक्त चंद 1149- शुभमन गिल 1080- सरफराज खान 1047- वैभव सूर्यवंशी बिहार के समस्तीपुर में जन्मे वैभव सूर्यवंशी का क्रिकेट सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है. जहां भी खेले, उन्होंने रन बरसाए हैं और अपने खेल से हर देश में अपनी पहचान बनाई. उनकी प्रतिभा, तकनीक और मानसिक मजबूती की वजह से वह भारत के सबसे चर्चित युवा प्रतिभाओं में शामिल हो गए हैं.

तमन्ना का आइटम नंबर ‘आज की रात’ हुआ वायरल, 100 करोड़ यूट्यूब व्यूज के साथ रिकॉर्ड, आभार व्यक्त किया

मुंबई  स्त्री-2 में तमन्ना भाटिया का डांस नंबर ‘आज की रात’ ने एक नई उपलब्धि हासिल कर ली है। इस गाने ने यूट्यूब पर ऑफिशियली 1 बिलियन यानी कि 100 करोड़ व्यूज का आंकड़ा पार कर लिया है। एक्ट्रेस ने इस अचीवमेंट्स पर ख़ुशी ज़ाहिर की है। उन्होंने गाने की शूटिंग के कुछ क्लिप शेयर करते हुए लिखा- "पहले व्यू से लेकर 1 बिलियन व्यूज तक। आप सभी के प्यार के लिए शुक्रिया।" शेयर किए गए वीडियो क्लिप में तमन्ना कोरियोग्राफर विजय गांगुली और टीम के बाक़ी सदस्यों के साथ नज़र आ रही हैं। दूसरे और तीसरे क्लिप में वो परफॉर्म करते दिख रही हैं। ‘आज की रात’ गाने की बात करें तो ये श्रद्धा कपूर और राजकुमार राव स्टारर फिल्म स्त्री-2 का गाना है। इस आइटम डांस नंबर को तमन्ना भाटिया पर फिल्माया गया है। गाने को मधुबंती बागची और दिव्या कुमार ने आवाज दी है। इसे अमिताभ भट्टाचार्य ने लिखा है और सचिन-जिगर ने म्यूजिक दिया है। बता दें कि तमन्ना के डांस नंबर्स से पहले कई और भारतीय गाने रहे हैं, जिन्होंने यूट्यूब पर 100 करोड़ से ज्यादा व्यूज हासिल किए हैं। इस लिस्ट में भक्ति गाने से लेकर रीजनल गानों तक का नाम शामिल है। हरिहरन की आवाज में टी सीरीज का भक्ति सॉन्ग श्री हनुमान चालीसा पहला इंडियन गाना था, जिसने यूट्यूब पर 3 बिलियन और 5 बिलियन व्यू का आंकड़ा पार किया था। इसके बाद पंजाबी सॉन्ग लॉग लाची, लहंगा, हरियाणवी सॉन्ग 5 गज का दामन, सत्यमेव जयते का सॉन्ग दिलबर, सिंबा का आंखे मारे, धनुष और साई पल्लवी का सॉन्ग राउडी बेबी समेत कई और गानों ने इस आकंड़े को पार किया है।  

जबलपुर में RTE की धज्जियाँ उड़ाई गईं, गरीब बच्चों के भविष्य से खिलवाड़, ईओडब्ल्यू की जांच में हुआ खुलासा

जबलपुर  ईओडब्ल्यू ने जबलपुर में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत प्राइवेट स्कूलों में हुए एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया है। इस मामले में 6 स्कूल संचालकों और 5 नोडल अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि इन लोगों ने एक ही छात्र का कई बार दाखिला दिखाकर सरकारी फीस प्रतिपूर्ति राशि में हेरफेर किया है। 2011 से 2016 साल तक चला घोटाला यह घोटाला साल 2011 से 2016 के बीच हुआ है। ईओडब्ल्यू को शिकायत मिली थी कि कुछ स्कूल संचालक नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। शिक्षा के अधिकार के तहत, प्राइवेट स्कूलों को 25% सीटें आर्थिक रूप से कमजोर और गरीबी रेखा से नीचे वाले बच्चों के लिए मुफ्त रखनी होती हैं। इसके बदले सरकार स्कूलों को फीस देती है। 6 स्कूलों का नाम खुला जांच में पता चला कि जबलपुर के 466 प्राइवेट स्कूलों को फीस प्रतिपूर्ति के तौर पर 3 करोड़ 27 लाख 83 हजार रुपये दिए गए थे। लेकिन, 6 स्कूलों ने 628 छात्रों का फर्जी दाखिला दिखाकर करीब 26.50 लाख रुपये का गबन किया। इन पर दर्ज हुआ मामला ईओडब्ल्यू ने स्मिता चिल्ड्रन एकेडमी के संचालक मनीष असाटी और नोडल अधिकारी श्रीमती चंद्र कोष्टा, अशासकीय आदर्श ज्ञान सागर शिक्षा शाला की संचालक श्रीमती नसरीन बेगम और नोडल अधिकारी श्रीमती गुल निगार खान, गुरू पब्लिक स्कूल के मो तौफिक और नोडल अधिकारी अख्तर बेगम, अस्मानिया मिडिल स्कूल के संचालक मो शमीम और नोडल अधिकारी राजेंद्र बुधौलिया, और सेंट अब्राहम स्कूल के संचालक मोहम्मद शफीक और नोडल अधिकारी डी के मेहता के खिलाफ धोखाधड़ी, गबन और आपराधिक साजिश जैसी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई है।  

हरियाणा में दस साल पुरानी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बन सकेंगी सुपरवाइजर: CM सैनी

पंचकूला. 10 वर्ष की सेवा का अनुभव और पात्रता पूरी करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर के पद पर पदोन्नत किया जाएगा। सुपरवाइजर के 50 प्रतिशत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा शेष 50% सीधी भर्ती से भरे जाएंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में शुक्रवार को महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। पिछले बजट में विभाग से जुड़ी 66 घोषणाएं की गई थी। इनमें से 59 घोषणाओं को अमलीजामा पहनाया जा चुका है। इसके अलावा तीन घोषणाओं पर कार्य प्रगति पर है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी के साथ बैठक ले रहे मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल चिन्हित किए गए 80 हजार कुपोषित बच्चों में से 54 हजार बच्चों को कुपोषण से निजात दिलवाई जा चुकी है।   आंगनबाड़ी की जा रहीं अपग्रेड राज्य में केवल 26 हजार बच्चे ही शेष रह गए हैं। इन्हें भी जल्द ही कुपोषण से निजात दिलाई जाएगी। ऐसे बच्चों को उबले हुए काले चने, चूरमा के अलावा किन्नू देने का प्रविधान किया जा रहा है। 2000 आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों में बदलने की घोषणा के अनुसार 2807 आंगनबाड़ी केंद्रों को अपग्रेड करने पर तेजी से कार्य चल रहा है। आंगनबाड़ियों के लिए 20 करोड़ रुपये की वस्तुएं खरीदी जाएंगी। इसी प्रकार 81 करोड़ रुपये की लागत से 2000 आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले वे स्कूल में अपग्रेड किया जा रहा है ताकि बच्चों को बेहतर सुविधाएं सुलभ हो सके।