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हरियाणा में आज से झमाझम बारिश की संभावना

हिसार. प्रदेश में तेजी से मौसम बदल रहा है। शुक्रवार को सुबह के समय कोहरा छाया रहा। दोपहर को बेहतर धूप खिलने के कारण लोगों को ठंड से राहत मिली है। वहीं, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय की तरफ से दर्ज आंकड़ों में हिसार सबसे ठंडा रहा। यहां का न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री दर्ज किया गया। इसी प्रकार भारत मौसम विज्ञान विभाग की तरफ से दर्ज आंकड़ों में भिवानी का तापमान 1.5 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विज्ञानियों ने शनिवार से पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने के साथ ही बूंदाबांदी होने की संभावना व्यक्त की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार तापमान तेजी से बदल रहा है। पहाड़ों में बर्फबारी का मैदानी इलाकों में खासा असर आया है। तेजी से तापमान नीचे गिर रहा है। साथ ही शीत लहर चलने से करीब चार जिलों का तापमान दो डिग्री या उससे नीचे चल रहा है। आईएमडी के अनुसार भिवानी का तापमान 1.5 डिग्री तक रहा। सिरसा में कड़ाके की ठंड, शीतलहर चली और पाला पड़ा हकृवि के अनुसार हिसार के मुख्य परिसर का तापमान 0.2 डिग्री दर्ज किया गया। यह प्रदेश में सबसे ठंडा क्षेत्र था। इसी प्रकार हकृवि के आंकड़ों के अनुसार महेंद्रगढ़ का तापमान 0.5 डिग्री दर्ज किया गया। यहां पर भीषण शीतलहर और पाला पड़ा। वहीं, सिरसा का 0.8 डिग्री रहा जहां कड़ाके की ठंड रही। वहीं मौसम विज्ञानियों ने शनिवार से नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो रहा है। इससे रविवार या सोमवार से प्रदेश में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इसी प्रकार शनिवार को प्रदेश के काफी जिलों में कोहरे का यलो अलर्ट भी जारी किया गया है।

इंदौर के मेयर और पार्षद ने नल का पानी पीकर जताया विश्वास, भागीरथपुरा में दूषित पानी से 24 की मौत, 16 मरीज अस्पताल में

इंदौर  इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पानी कांड में अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है। आईसीयू में एडमिट 6 मरीजों में से 1 को वार्ड में रेफर किया गया है, जबकि तीन मरीज लंबे समय से वेंटिलेटर पर ही हैं। वार्ड में 11 मरीज एडमिट हैं। इनके सहित अभी 16 मरीजों का अस्पताल में इलाज चल रहा।  मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने भागीरथपुरा क्षेत्र में जलप्रदाय की स्थिति का अवलोकन किया। इस दौरान नर्मदा जलप्रदाय के दौरान नल से ग्लास में पानी भरकर स्वयं पीकर उसकी गुणवत्ता की जांच की। उनके साथ क्षेत्रीय पार्षद कमल वाघेला ने भी पानी पीकर लोगों को विश्वास हासिल करने का प्रयास किया। इस दौरान मेयर ने कहा कि नगर निगम, जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा भागीरथपुरा क्षेत्र में विगत दिनों से लगातार राहत एवं सुधारात्मक कार्य किए जा रहे हैं। इनमें क्षेत्र के नागरिकों का भी सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों से क्षेत्र में जलप्रदाय कर लगातार जल के सैंपल लिए गए। इस दौरान सभी आवश्यक जांच और निर्धारित मापदंडों के अनुरूप पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित की गई। 30% हिस्से में जल सुरक्षित सभी जांचों में जल सुरक्षित पाए जाने के बाद शुक्रवार को भागीरथपुरा क्षेत्र के लगभग 30% हिस्से में, जिसमें लगभग 15 हजार की आबादी है, नर्मदा जलप्रदाय को पुनः प्रारंभ किया गया है। मेयर ने भागीरथपुरा क्षेत्र के नागरिकों से अपील की कि जलप्रदाय प्रारम्भ होने के बाद भी सावधानी के तौर पर पानी को उबालकर ही उपयोग में लें। साथ ही नगर निगम, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी की गई गाइडलाइन का पूर्ण रूप से पालन करें। उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्र में किसी भी प्रकार की समस्या या असुविधा उत्पन्न होती है तो लोग तत्काल नगर निगम या जिला प्रशासन को सूचित करें, ताकि समस्या का त्वरित समाधान किया जा सके।

हरियाणा के 46 शहरों में फ्लैट और प्लॉट खरीदना हुआ मंहगा

पंचकूला. अब फ्लैट या प्लॉट खरीदना और महंगा हो जाएगा। प्रदेश सरकार ने 46 शहरों में बाह्य विकास शुल्क (ईडीसी) में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरों को एक जनवरी से लागू भी कर दिया गया है। प्रदेश सरकार डेवलपर्स से प्रोजेक्ट क्षेत्र में बनने वाले बुनियादी ढांचों के विकास के लिए ईडीसी लेती है। आमतौर पर बिल्डर इस अतिरिक्त लागत को खरीदार और निवेशकों पर डाल देते हैं। ईडीसी बढ़ने से प्रदेश में आवासीय तथा कामर्शियल संपत्ति महंगी हो जाएगी। बढ़ी हुई फीस होम, इंडस्ट्रियल, कामर्शियल और कंबाइन यूज वाले सभी प्रोजेक्ट पर लागू होगी। बढ़ोतरी का असर फ्लैट, प्लॉट और कामर्शियल प्रॉपर्टी की कीमतों पर पड़ेगा। आने वाले प्रोजेक्ट्स में कीमतें और बढ़ सकती हैं। क्या होंगी संशोधित दरें संशोधित दरों के अनुसार, गुरुग्राम क्षेत्र में प्लॉटेड कॉलोनियों के लिए ईडीसी लगभग एक करोड़ 37 लाख रुपये प्रति एकड़ निर्धारित किया गया है। इसमें ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए 400 व्यक्ति प्रति एकड़ घनत्व वाली कॉलोनियों के लिए दर 5.49 करोड़ रुपये प्रति एकड़ और 300 व्यक्ति प्रति एकड़ घनत्व वाली कॉलोनियों के लिए 4.12 करोड़ रुपये प्रति एकड़ की दर निर्धारित की गई है। फरीदाबाद और गुरुग्राम के सोहना और ग्वाल पहाड़ी क्षेत्रों को सरकार ने उच्च-संभावित क्षेत्र माना है। यहां प्लाटेड कालोनियों के लिए ईडीसी (पर्यावरण वितरण शुल्क) 1.23 करोड़ रुपये प्रति एकड़ निर्धारित किया गया है। ग्रुप हाउसिंग कालोनियों के लिए 400 पीपीए (प्रति एकड़ आवासीय स्वामित्व) के लिए 4.94 करोड़ रुपये प्रति एकड़ और 300 पीपीए के लिए 3.71 करोड़ रुपये प्रति एकड़ का शुल्क लागू होगा। इस मामले में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने कहा सरकार आमजन की जेब पर डाका डाल रही है। इन शहरों पर पड़ेगा ज्यादा फर्क ग्रुप हाउसिंग में 400 पीपीए पर 3.29 करोड़ रुपये प्रति एकड़ शुल्क लगेगा मध्यम पोटेंशियल जोन में आने वाले अंबाला, कुरुक्षेत्र, बहादुरगढ़, हिसार, रोहतक, रेवाड़ी, बावल, पलवल, यमुनानगर, धारूहेड़ा, पृथला, गन्नौर और होडल जैसे शहरों में भी इसका असर दिखेगा। इन इलाकों में प्लाटेड कालोनियों के लिए ईडीसी 82 लाख रुपये प्रति एकड़ होगी। ग्रुप हाउसिंग में 400 पीपीए पर 3.29 करोड़ रुपये प्रति एकड़ और 300 पीपीए पर 2.47 करोड़ रुपये प्रति एकड़ शुल्क रहेगा।  

NIT कॉलेज में डिग्री लेने आए छात्र-छात्रा से लूट

जालंधर. जिले में काफी दिनों से पुलिस प्रशासन में राष्ट्रपति के आगमन को लेकर एक तरफ एन.आई.टी. कॉलेज एवं आसपास क्षेत्र पूरी तरह छावनी में बदला हुआ पड़ा था। इसके बावजूद भी लुटेरे हथियारों के बल पर छात्र और छात्रा से आईफोन व सोने चांदी के जेवर तथा अन्य मोबाइल लूटकर मौके से फरार हो गए। यह दोनों छात्र व छात्रा कॉलेज में एन.आई.टी. में डिग्री लेने आए हुए थे। पीड़ित छात्र तुषार पुत्र दविंदर सिंह निवासी गाजियाबाद और छात्रा इशिका पुत्री सुनील कुमार निवासी राजस्थान ने बताया कि वे एन.आई.टी. कॉलेज के मेन गेट के सामने बने फ्लाईओवर से सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान 3 नकाबपोशों ने उन्हें घेर लिया। लुटेरों के पास लोहे की रॉड तथा पिस्तौल थी। लुटेरों ने तुषार के पेट पर बंदूक तान दी और धमकी दी कि उनके पास जो कुछ भी है निकाल दो, वरना जान से मार देंगे। वहीं लुटेरे छात्र का महंगे वाला आईफोन, चांदी की अंगूठी और चांदी का कड़ा लूट ले गए। वहीं छात्रा इशिका के पर्स से 5 से 6 हजार रुपए नकदी, कान की बालियां, मोबाइल और सोने की चेन भी छीन ले गए। वारदात के बाद तीनों आरोपी मोटरसाइकिल पर सवार होकर फरार हो गए। थाने में शिकायत लेने के लिए नहीं था ड्यूटी अफसर पीड़ित छात्र व छात्रा ने बताया कि वारदात के तुरंत बाद वे संबंधित थाना मकसूदां थाने गए। वहां पहुंचे लेकिन उनकी शिकायत लेने वाला कोई ड्यूटी अफसर नहीं मिला। छात्र तुषार ने कहा कि इस संबंधी जब उन्होंने डीन सचदेवा को इस बारे में जानकारी दी तो उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के कारण पुलिस फोर्स ड्यूटी में व्यस्त है।

आवासीय स्कूल में सुसाइड की कोशिश मामले में प्राचार्य और हॉस्टल वार्डन को हटाया

मोहला/रायपुर. केंद्रीय एकलव्य आवासीय विद्यालय में अध्यनरत नाबालिग छात्रों के साथ हैवानियत के मामले में प्राचार्य और हॉस्टल वार्डन को प्रारंभिक तौर पर प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए हटा दिया गया है। वही छात्रों को बर्बरता पूर्वक मारने वाले मुख्य आरोपी एक पीटीआई दो लेक्चर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इधर नाबालिग बच्चियो के जहर पीने के मामले को प्रशासनिक अधिकारी पारिवारिक कलह बताकर इस संवेदनशील मामले को स्थानीय स्तर पर दफन करने के प्रयास में हैं। इन सब घटनाक्रम के बीच शुक्रवार को बाल संरक्षण आयोग की टीम भी मामले का संज्ञान लेते हुए एकलव्य आवासीय परिसर में दाखिल हुई। उल्लेखनीय है कि, एकलव्य आवासीय विद्यालय में आदिवासी छात्रों के साथ बर्बरता किये जाने और नाबालिग बच्चियों के द्वारा आत्महत्या करने का प्रयास के मामले को दबाया जा रहा था। कलेक्टर तूलिका प्रजापति के निर्देश में 12 जनवरी सोमवार रात 9 बजे के लगभग अपर कलेक्टर जीआर मरकाम की अध्यक्षता में डिप्टी कलेक्टर शुभांगी गुप्ता, एसडीएम हेमेंद्र भूआर्य, अंबागढ़ चौकी तहसीलदार अनुरिमा टोप्पो, आरआई तामेश्वरी इस्दा की टीम आवासीय केंद्रीय विद्यालय एकलव्य में दाखिल होकर पड़ताल शुरू की। छात्रों ने सामूहिक रूप से उनके ऊपर हो रहे लगातार अवमानीय बर्ताव, मारपीट के संबंध में एक-एक करके बयान दर्ज कराया। इस मामले में अभी जांच जारी है। प्रारंभिक तौर पर संबंधित हॉस्टल वार्डन तथा प्राचार्य को एकलव्य के चार्ज से पृथक कर दिया गया है, वहीं छात्रों के साथ मारपीट करने आरोपों में घिरे एक पीटीआई और दो लेक्चरर्स को कारण बताओ नोट जारी किया गया है। जांच अधिकारी अपर कलेक्टर जी आर मरकाम ने 6 दिनों के भीतर एक के बाद एक जान देने के लिए आतुर हुई नाबालिग आदिवासी छात्राओं के मामले को पारिवारिक कलह बताया है। जबकि आत्महत्या का प्रयास करने वाले छात्राओं को उनके घर भेज दिया गया है। नाबालिग छात्रों से बर्बरता के मामले में एक्शन लिया जा रहा है, परंतु मासूम बच्चियां क्यों एक के बाद एक जान देना चाह रही थीं? इसकी निष्पक्ष जांच के नाम पर बेहद शंसय की स्थिति बनी हुई है। जहर खुरानी के मामले में पुलिस कोई भी कदम बढ़ाना नहीं चाह रही है, विभागीय तौर पर उक्त मामले को दबाने का प्रयास हो रहा है।  

कोहली ने इंदौर वनडे से पहले महाकाल दरबार में की पूजा, कुलदीप के साथ भस्म आरती में शरीक हुए

 उज्जैन  भारत और न्यूजीलैंड के बीच 3 वनडे मैचों की सीरीज का आख‍िरी मुकाबला इंदौर में रव‍िवार को होना है.फ‍िलहाल दोनों ही टीमें वनडे सीरीज में 1-1 से बराबरी पर हैं. इंदौर में होने वाले इस मुकाबले से पहले भारतीय टीम के कोच गौतम गंभीर,बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक उज्जैन के महाकाल मंद‍िर पहुंचे. केएल राहुल और टीम इंड‍िया के अन्य सदस्यों ने भी आशीर्वाद लिया. ताजा क्रम में शन‍िवार सुबह विराट कोहली और कुदीप यादव महाकाल मंद‍िर पहुंचे. उनके साथ फील्ड‍िंंग कोच टी द‍िलीप भी नजर आए.  विराट कोहली और कुलदीप यादव भगवान महाकाल में गहरी आस्था रखते हैं.इसीलिए वे समय मिलते ही बाबा महाकाल के दर्शन लिए उज्जैन पहुंच जाते हैं. शनिवार सुबह विराट कोहली और कुलदीप यादव भस्म आरती में सम्मिलित हुए और बाबा महाकाल का पूजन कर आशीर्वाद लिया. बाबा महाकाल के दर्शन कर विधिवत पूजन किया. भगवान शिव की आराधना की. उल्लेखनीय है कि हाल ही में खेले जा रहे वनडे सीरीज में विराट कोहली और कुलदीप यादव भी टीम में शामिल हैं.  ध्यान रहे भारत और न्यूजीलैंड के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज का आख‍िरी मैच 18 जनवरी को इंदौर में होने वाला है.मैच से पहले तमाम खिलाड़ी इंदौर पहुंच गए हैं.इन्हीं में से कुछ खिलाड़ी अपने व्यस्त शेड्यूल में से समय निकाल कर बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंच रहे हैं.शनिवार सुबह भस्म आरती में कुलदीप यादव और विराट कोहली बाबा महाकाल के मंदिर पहुंचे और लगभग 2 घंटे तक भस्म आरती में बैठकर बाबा महाकाल के दर्शन किए.  विराट कोहली के लिए यह दौरा और कल का मैच व्यक्तिगत रूप से काफी अहम माना जा रहा है। इंदौर के होलकर स्टेडियम में कोहली का पिछला रिकॉर्ड बहुत ज्यादा प्रभावशाली नहीं रहा है, क्योंकि यहां खेली गई चार पारियों में उनके बल्ले से केवल 99 रन निकले हैं और वह एक भी अर्धशतक नहीं बना पाए हैं। ऐसे में कोहली और उनके फैंस यही उम्मीद कर रहे होंगे कि महाकाल के आशीर्वाद से न केवल उनका व्यक्तिगत प्रदर्शन सुधरे, बल्कि टीम इंडिया इस मुकाबले को जीतकर सीरीज पर अपना कब्जा जमाए।  1-1 की बराबरी पर है सीरीज शुभमन गिल की कप्तानी में यह घर पर पहली वनडे सीरीज है जिसे वह जीतना चाहेंगे। फिलहाल सीरीज 1-1 की बराबरी पर है। भारत ने पहला मुकाबला 4 विकेट से जीता था, लेकिन दूसरे मुकाबले में न्यूजीलैंड ने वापसी करते हुए 7 विकेट से जीत दर्ज की थी। इसके साथ ही उसने 1-1 से बराबरी कर ली थी। अब दोनों टीमों के पास सीरीज जीतने का मौका है और इसके लिए विराट कोहली को अपना बेस्ट देना होगा। दूसरे मुकाबले में वह चूक गए थे।  विराट संग सेल्फी लेने की होड़ दोनों क्रिकेटरों ने लगभग 2 घंटे तक मंदिर परिसर में समय बिताया। नंदी हॉल में बैठकर उन्होंने भस्म आरती का आनंद लिया और शिवजी का जाप किया। इस दौरान मंदिर में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। मंदिर से बाहर निकलने के बाद विराट के साथ फोटों क्लिक कराने के लिए भारी भीड़ उमड़ गई। दोनों खिलाडियों संग फील्ड‍िंग कोच टी द‍िलीप भी नजर आए।  इंदौर में 18 जनवरी को आखिरी वनडे बता दें कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच 3 वनडे मैचों की सीरीज का आखिरी और निर्णायक मुकाबला इंदौर 18 जनवरी, रविवार को होना है। फ‍िलहाल दोनों ही टीमें वनडे सीरीज में 1-1 से बराबरी पर है।  टीम इंडिया की कोशिश आखिरी मैच जीतकर सीरीज अपने नाम करने होगा।  महाकाल की फोटो भी कोहली ने की क्ल‍िक  महाकाल मद‍िर में दर्शन के दौरान कोहली ने फोटो भी क्ल‍िक की. इस दौरान कोहली मंद‍िर के मुख्य प्रांगड़ में नंदी के मूर्त‍ि के पास बैठे द‍िखे. उनके पीछे ही फील्ड‍िंग कोच टी द‍िलीप भी थे.  कुलदीप यादव ने कहा जय श्री महाकाल, वर्ल्ड कप में अच्छा करेंगे.  महाकाल मंद‍िर में पूजा करने के बाद कुलदीप यादव ने मीड‍िया से बात की और कहा कि दर्शन का बहुत अच्छा अनुभव रहा. कुलदीप यादव ने कहा- पूरी टीम आई थी, सुकून मिला, बस जिंदगी अच्छे से चलती रहे.महाकाल जी की कृपा रही तो आने वाले टी20 वर्ल्ड कप में भी टीम अच्छा करेगी. वहीं विराट कोहली और रोहित शर्मा को लेकर कुलदीप यादव ने कहा-दोनों ही गेम (क्रिकेट) के लीजेंड हैं और उनके होने से बहुत एनर्जी और सुकून मिलता है.कुलदीप ने इस दौरान यह भी कहा कि टीम के बाकी यंग ख‍िलाड़ी भी अच्छा कर रहे हैं. 

बीजापुर में पुलिस से बरदस्त मुठभेड़ में 2 नक्सली ढेर

बीजापुर. नेशनल पार्क के जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही है। मुठभेड़ में 2 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। इलाके में नक्सली लीडर पापाराव के साथ बड़ी संख्या में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जानकारी के मुताबिक, मौके से AK 47 बरामद भी किए गए है। शनिवार सुबह से ही संयुक्त टीम और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग जारी है। डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) के जवान नेशनल पार्क क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान चला रहे थे। इसी दौरान उनका नक्सलियों की एक बड़ी टुकड़ी से सामना हो गया। मुठभेड़ अभी भी जारी है और सुरक्षाबलों द्वारा इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। मारे गए नक्सलियों के शवों को बरामद करने और अन्य नक्सलियों की तलाश के लिए अभियान तेज कर दिया गया है। बीजापुर पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर कहा है कि अभियान अभी भी जारी है, इसलिए मुठभेड़ के स्थान, ऑपरेशन में शामिल सुरक्षाबलों की संख्या तथा अन्य संवेदनशील जानकारी इस समय साझा नहीं की जा सकती, ताकि ऑपरेशन में लगे जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। शनल पार्क क्षेत्र में नक्सलियों की बड़ी संख्या डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) के जवान नेशनल पार्क क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान चला रहे थे। इसी दौरान उनका सामना नक्सलियों की बड़ी टुकड़ी से हुआ। मुठभेड़ अब भी जारी है। सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और मारे गए नक्सलियों के शवों को बरामद करने और अन्य नक्सलियों की तलाश के लिए अभियान तेज कर दिया गया है। बीजापुर पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि अभियान अब भी जारी है। इसलिए मुठभेड़ का स्थान, ऑपरेशन में शामिल सुरक्षाबलों की संख्या और अन्य संवेदनशील जानकारी फिलहाल साझा नहीं की जा सकती, ताकि जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। डेढ़ साल में 23 बड़े नक्सली मारे डेढ़ साल में कुल 23 बड़े नक्सली मारे गए हैं। इनमें सबसे खूंखार नक्सली माड़वी हिड़मा, नक्सल संगठन सचिव बसवाराजू, गणेश उइके सहित 16 बड़े नक्सली शामिल हैं। भूपति, रूपेश और रामधेर जैसे बड़े नक्सलियों ने अपने सैकड़ों साथियों के साथ हथियार डाल दिए हैं। अब केवल पोलित ब्यूरो मेंबर देवजी, मिशिर बेसरा और गणपति तीन शीर्ष नक्सली बचे हैं, जो संगठन चला रहे हैं। बस्तर में पापाराव और देवा अपनी जान बचाने के लिए अब भी जंगल में घूम रहे हैं। पुलिस इनकी तलाश कर रही है। इन टॉप नक्सलियों की तलाश में पुलिस 1 – थिप्परी तिरुपति उर्फ देवजी (61)- देवजी तेलंगाना का रहने वाला है। बसवाराजू के एनकाउंटर के बाद नक्सल संगठन ने थिप्परी तिरुपति को नक्सल संगठन का महासचिव बनाया है। ये नक्सल संगठन में पोलित ब्यूरो मेंबर भी है। वर्तमान में नक्सल संगठन का सबसे टॉप लीडर यही है। छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों की पुलिस इसकी तलाश में जुटी हुई है। इसपर सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही 1 करोड़ रुपए का इनाम घोषित है। 2. मुपल्ला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति (74)- गणपति भी तेलंगाना का रहने वाला है। बसवाराजू से पहले ये ही नक्सल संगठन का महासचिव था। हालांकि, बीमारी और बढ़ती उम्र के चलते इसने करीब 4-5 साल पहले ही संगठन के इस सबसे बड़े पद को छोड़ दिया था। जिसके बाद बसवाराजू को इसकी जिम्मेदारी दी गई थी। इसपर भी 1 करोड़ रुपए से ज्यादा का इनाम घोषित है। 3. मिशिर बेसरा उर्फ भास्कर (62)- भास्कर झारखंड का रहने वाला है। वर्तमान में नक्सलियों का पोलित ब्यूरो मेंबर है। साथ ही ERB का इंचार्ज है। इसपर भी 1 करोड़ रुपए से ज्यादा का इनाम घोषित है। 4. पापा राव उर्फ मंगू (56)- पापाराव छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का रहने वाला है। वर्तमान में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZCM) मेंबर है। साथ ही पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी का इंचार्ज और दक्षिण सब जोनल ब्यूरो का सदस्य है। पापाराव अपने पास AK-47 राइफल रखता है। बस्तर के जल-जंगल जमीन से वाकिफ है, इसलिए कई बार पुलिस की गोलियों से बचकर निकला है। इसी इसने सरेंडर कर दिया या फिर एनकाउंटर में मारा गया तो नक्सलियों की पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी खत्म हो जाएगी।

कबीरधाम जिला: प्रदेश में सर्वाधिक दिव्यांगों, महिलाओं और परिवारों को रोजगार देने में प्रथम स्थान

रायपुर : महात्मा गांधी नरेगा योजना के क्रियान्वयन में कबीरधाम जिला फिर अग्रणी सर्वाधिक दिव्यांगों, महिलाओं एवं परिवारों को रोजगार देने में कबीरधाम जिला प्रदेश में पहले स्थान पर 35 लाख 60 हजार मानव दिवस रोजगार का सृजन करते हुए 78 करोड़ 81 लाख रुपए का हुआ मजदूरी भुगतान गांव में मिल रहे रोजगार से उत्साह में ग्रामीण रायपुर कबीरधाम जिले के वनांचल क्षेत्र से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक ग्रामीणों को बड़ी मात्रा में रोजगार मिलने से ग्रामीण बहुत उत्साहित है। विकासखंड कवर्धा, बोडला, सहसपुर लोहारा एवं पंडरिया के लगभग सभी ग्राम पंचायतो में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से बड़ी मात्रा में निर्माण कार्य प्रारंभ किए गए हैं जिसमें ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार मिलने से उत्साहित है। विगत कई दिनों से औसतन 32000 से अधिक ग्रामीणों को प्रतिदिन रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है और रोजगार उपलब्ध कराने के मामले में कबीरधाम जिला प्रदेश में लगातार अग्रणी पंक्ति में बना हुआ है। इसके साथ ही चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना अंतर्गत कई पैरामीटर में कबीरधाम जिला पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर बना हुआ है। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बताया की जिले के 427 ग्राम पंचायतों में 3532 निर्माण कार्य चल रहे हैं। इन कार्यों में कच्ची नाली निर्माण, गाद निकासी कार्य, तालाब निर्माण कार्य, तालाब गहरीकरण, आजीविका डबरी, अमृत सरोवर सहित पशु शेड निर्माण जैसे अनेक कार्यों से ग्रामीणों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। एक ओर इन कार्यों से ग्रामीणों को बड़ी मात्रा में रोजगार मिल रहा है तो वहीं दूसरी ओर ग्रामीण अंचलों में उनकी मांग अनुसार अधोसंरचना निर्माण हो रहा है और इनके एवज में अभी तक 78 करोड़ 81 लाख रुपए का मजदूरी भुगतान ग्रामीणों को उनके बैंक खाते हस्तांतरित किया गया है। कलेक्टर ने बताया कि जिले के सभी ग्राम पंचायतो में मनरेगा से पर्याप्त मात्रा में कार्य पूर्व से स्वीकृत है। ग्रामीणों की मांग पर लगातार निर्माण कार्य प्रारंभ किए जा रहे हैं। कलेक्टर ने बताया कि जिले के सभी ग्राम पंचायत में ग्रामीणों को अधिक से अधिक रोजगार मिले इसके लिए निरंतर मैदानी कर्मचारियों की समीक्षा कर रोजगार सहायकों से निर्माण कार्यों की जानकारी ली जा रही है। वर्तमान में कबीरधाम जिले में लक्ष्य के विरुद्ध 55 प्रतिशत से अधिक मानव दिवस का रोजगार सृजन कर लिया गया है एवं चालू वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक कबीरधाम जिला संभवतः सर्वाधिक रोजगार देने वाले जिले में शामिल होगा। योजना के क्रियान्वयन पर जानकारी देते हुए प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत विनय कुमार पोयाम ने बताया कि 3347 ग्रामीण परिवारों को 100 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। रोजगार देने का सिलसिला निरंतर जारी है और इसके साथ ही समय पर मजदूरी भुगतान भी किया जा रहा है। आजीविका संर्वधन की गतिविधियों को बढ़ावा देते हुए ग्रामीणों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए आजीविका डबरी एवं पशु आश्रय शेड़ का निर्माण हो रहा है साथ मे जल संरक्षण के कार्य को भी प्राथमिकता से किया जा रहा है। मनरेगा के विभिन्न आयाम में कबीरधाम जिला राज्य में प्रथम -सर्वाधिक दिव्यांगों को रोजगार-जिले में योजना अंतर्गत 1994 दिव्यांगों को रोजगार प्रदाय किया गया है जो प्रदेश में सर्वाधिक है। – सर्वाधिक महिलाओं को रोजगार-जिले में 100597 पंजीकृत महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है जो कि प्रदेश में सर्वाधिक है। – सर्वाधिक पंजीकृत परिवारों को रोजगार- जिले में 101405 पंजीकृत परिवारों को रोजगार प्रदान किया गया है जो कि प्रदेश में सर्वाधिक है। – मानव दिवस रोजगार में अग्रणी-जिले में 35 लाख 60 मानव दिवस का रोजगार ग्रामीणों को दिया गया है जो कि प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। -प्रतिदिन ग्रामीणों को रोजगार- प्रतिदिन ग्रामीणों को रोजगार प्रदान करने के मामले में भी कबीरधाम जिला प्रदेश में लगातार दूसरे स्थान पर बना हुआ है। यहां औसतन 32000 से अधिक मजदूरों को प्रतिदिन रोजगार मिल रहा है।

आडवाणी और जोशी को नहीं मिलेगा वोट करने का अधिकार, BJP अध्यक्ष चुनाव में पहली बार नहीं डाल पाएंगे वोट

 नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इतिहास में 20 जनवरी 2026 का दिन एक बड़े बदलाव का गवाह बनने जा रहा है। 45 साल के नितिन नवीन का पार्टी के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुना जाना लगभग तय है। हालांकि, इस चुनाव में एक चौंकाने वाली बात यह है कि पार्टी के संस्थापक सदस्य लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी पहली बार मतदान नहीं कर पाएंगे। दिसंबर 2025 से पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे नितिन नवीन अब पूर्णकालिक अध्यक्ष बनने जा रहे हैं। बिहार के बांकीपुर से विधायक और पूर्व मंत्री नितिन नवीन भाजपा के दिग्गज नेता दिवंगत नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के पुत्र हैं। आरएसएस (RSS) की पृष्ठभूमि वाले नवीन को संगठन में गहरी पैठ और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में पार्टी की चुनावी जीत में बड़ी भूमिका के लिए जाना जाता है। 19 जनवरी को उनका नामांकन होगा और 20 जनवरी को उनकी जीत की औपचारिक घोषणा की जाएगी। उनके नामांकन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और राजनाथ सिंह प्रस्तावक बनेंगे। आडवाणी और जोशी मतदाता सूची से बाहर क्यों? 1980 में भाजपा की स्थापना के बाद यह पहला मौका है जब इन दोनों दिग्गजों का नाम अध्यक्ष चुनाव की मतदाता सूची में नहीं है। इसके पीछे कोई राजनीतिक नाराजगी नहीं, बल्कि तकनीकी कारण हैं। पार्टी के संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय परिषद का सदस्य बनने के लिए संबंधित राज्य में संगठनात्मक चुनाव पूरा होना अनिवार्य है। आडवाणी और जोशी फिलहाल दिल्ली से राष्ट्रीय परिषद के सदस्य हैं, लेकिन दिल्ली प्रदेश भाजपा में चुनाव अभी लंबित हैं। जब तक दिल्ली में मंडल, जिला और प्रदेश स्तर के चुनाव नहीं हो जाते वहां से राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों का चयन नहीं हो सकता। इसी कारण दोनों नेताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके। आपको बता दें कि इससे पहले आडवाणी गुजरात (गांधीनगर) और जोशी उत्तर प्रदेश (कानपुर) से परिषद सदस्य हुआ करते थे। सक्रिय राजनीति से हटने के बाद वे दिल्ली से सदस्य बने थे। भाजपा के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी के. लक्ष्मण ने चुनावी कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। 19 जनवरी को दोपहर 2 से 4 बजे तक नामांकन होगा। 19 जनवरी को ही शाम तक नामांकन पत्रों की जांच और वापसी का समय है। 20 जनवरी को यदि आवश्यक हुआ तो मतदान होगा, अन्यथा निर्विरोध चुनाव की घोषणा। जेपी नड्डा का स्थान लेने वाले नितिन नवीन के सामने सबसे बड़ी चुनौती 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए संगठन को तैयार करना और आगामी विधानसभा चुनावों (पश्चिम बंगाल, असम, केरल आदि) में पार्टी के प्रदर्शन को सुधारना होगी। युवा नेतृत्व के माध्यम से भाजपा अब अपनी अगली पीढ़ी की टीम तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

क्या फडणवीस सरकार से इस्तीफा देंगे अजीत पवार? BJP की हार के बाद उठे सवाल

 मुंबई महाराष्ट्र के सभी नगर निकाय चुनावों के परिणाम आ चुके हैं और भारतीय जनता पार्टी ने पुणे (PMC) और पिंपरी-चिंचवाड़ (PCMC) में अपना दबदबा न केवल बरकरार रखा है, बल्कि उसे और मजबूत किया है। अजीत पवार और शरद पवार की एकजुटता का दांव भाजपा के विजय रथ को रोकने में नाकाम रहा। भाजपा ने दोनों नगर निगमों में पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है। पुणे में भाजपा को 165 में से 110 सीटें मिली हैं। वहीं, एनसीपी और शरद पवार कैंप को मात्र 2 सीटें मिली हैं। पिंपरी-चिंचवाड़ (PCMC) की 128 सीटों में से भाजपा को 81 और अजीत गुट को सिर्फ 36 सीटें मिली हैं। भाजपा ने पहली बार इन दोनों नगर निगमों में अपने दम पर सत्ता हासिल की है। इससे पहले वह गठबंधन का हिस्सा रही थी। पवार फैमिली का भविष्य क्या है? अजीत पवार और शरद पवार के फिर से साथ आने के बावजूद मिली इस करारी हार ने दोनों गुटों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा कर दिया है। महायुति सरकार में रहते हुए भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ना और भ्रष्टाचार के आरोप लगाना उनके लिए उल्टा पड़ गया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने यहां तक कह दिया कि पार्टी को अजीत पवार को साथ लेने पर पछतावा है। अब अजीत पवार को या तो भाजपा के सामने झुककर रहना होगा या फिर पूरी तरह अपने चाचा के साथ विलय की संभावना तलाशनी होगी। महाराष्ट्र शरद पवार की पार्टी 24 नगर निकायों में अपना खाता तक नहीं खोल पाई है। पुणे जैसे अपने गढ़ में मात्र 2 सीटें जीतना पार्टी के संगठनात्मक ढांचे के चरमराने का संकेत है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए दोनों NCP गुटों का स्थायी रूप से मिल जाना ही उनके बचने का एकमात्र रास्ता हो सकता है। कार्यकर्ताओं में भी अब स्थिरता की मांग बढ़ रही है। भाजपा की जीत के 4 कारण 1. परिवारवाद पर प्रहार: भाजपा ने नीति बनाई कि किसी भी मौजूदा विधायक या सांसद के रिश्तेदार को टिकट नहीं दिया जाएगा। इससे मुरलीधर मोहोल और मेधा कुलकर्णी जैसे बड़े नेताओं के रिश्तेदारों को भी टिकट नहीं मिला, जिससे आम कार्यकर्ताओं में सकारात्मक संदेश गया। 2. नए चेहरों को मौका: पुणे में भाजपा ने अपने 97 में से 30 मौजूदा पार्षदों के टिकट काटकर नए और जमीनी कार्यकर्ताओं को मैदान में उतारा। 3. विपक्ष के मजबूत चेहरों को तोड़ा: चुनाव से ठीक पहले भाजपा ने बापू पठारे के परिवार (NCP-SP) और अभिजीत शिवरकर (कांग्रेस) जैसे प्रभावी स्थानीय नेताओं को अपने पाले में कर लिया। 4. इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस: मेट्रो विस्तार, रिंग रोड और कोस्टल रोड जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स ने शहरी मतदाताओं को भाजपा की ओर आकर्षित किया। इस जीत के साथ देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र की शहरी राजनीति में अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। अब सबकी नजरें जिला परिषद चुनावों पर हैं, जहां यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अजीत पवार और शरद पवार का गठबंधन जारी रहता है या हार के बाद वे फिर से अलग रास्ते चुनते हैं।