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धर्म ही जीवन और सृष्टि की मूल शक्ति, इसके बिना कुछ भी संभव नहीं: मोहन भागवत

मुंबई आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने ने रविवार को कहा कि धर्म ही पूरी सृष्टि का संचालक है। जब सृष्टि बनी, तब उसे चलाने के लिए जो नियम बने, वही धर्म है। पूरी दुनिया उन्हीं नियमों पर चलती है। इसलिए कोई भी पूरी तरह अधर्मी नहीं हो सकता। राज्य भले ही सेकुलर हो सकता है, लेकिन मनुष्य, प्रकृति या सृष्टि की कोई भी चीज धर्म के बिना नहीं रह सकती। संघ प्रमुख ने ये बात मुंबई में आयोजित ‘विहार सेवक ऊर्जा मिलन’ कार्यक्रम में कही। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पानी का धर्म बहना है और आग का धर्म जलाना है। इसी तरह हर व्यक्ति का भी अपना-अपना धर्म और कर्तव्य होता है, जैसे पुत्र धर्म, राजधर्म और समाज धर्म। ये नियम और अनुशासन हमारे पूर्वजों ने गहरे आध्यात्मिक चिंतन और कठिन साधना से समझे। उन्होंने पैदल-पैदल देशभर में घूमकर, बिना भाषण दिए भी, आम लोगों के जीवन में धर्म को उतार दिया। इसलिए भारतवर्ष की रग-रग में धर्म बसता है। उन्होंने कहा कि उनके पास कोई ड्राइवर नहीं है, लेकिन उन्हें, पीएम नरेंद्र मोदी और हम जैसे अनेक लोगों को चलाने वाली एक ही शक्ति है। वही शक्ति आपको भी चला रही है। अगर हम उस शक्ति द्वारा चलाई जा रही गाड़ी में बैठे हैं, तो हमारा कभी एक्सीडेंट नहीं होगा। उस ड्राइवर का नाम है—धर्म। धर्म ही पूरी सृष्टि का ड्राइवर है। सृष्टि के चलने का नियम ही धर्म है और सब कुछ उसी पर चलता है। भागवत ने कहा कि परिस्थितियां हमारे हाथ में नहीं होतीं। वे उसकी इच्छा से आती-जाती हैं। अगर उसकी इच्छा होगी तो हम केवल निमित्त बनेंगे और परिस्थिति बदल जाएगी। अगर नहीं बदली, तो भी कोई नुकसान नहीं है। कम से कम हम अच्छा जीवन जीते हुए, अच्छे कर्म करते हुए, अच्छे स्थान को प्राप्त करेंगे। इसी निष्ठा के साथ हमें अहंकार से मुक्त होकर सबको साथ लेकर सेवा करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज देश में धर्म का बल खड़ा हो रहा है। जब यह धर्म पूरी तरह खड़ा होगा, तब देश अपनी सभी समस्याओं पर विजय पाकर फिर से विश्व गुरु बनेगा। भारतवर्ष परम वैभव और बल से संपन्न होकर विश्व मंच पर अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि वह दिन हम इन्हीं आंखों से देखेंगे। बस एक ही शर्त है कि हमें धर्म पर अडिग रहना है और सेवा करते रहना है। मोहन भागवत ने युवाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां मौजूद युवाओं में एक अंदरूनी शक्ति है। भक्तिभाव से भरा हुआ मन और सेवा की भावना संतों का स्वभाव होती है। संत दूसरों के छोटे से गुण को भी बड़ा बनाकर देखते हैं। उन्होंने कहा कि जो बात मंच से कही गई है, वह वे उसी भावना से स्वीकार कर रहे हैं।

ट्रंप के ग्रीनलैंड टैरिफ बयान से यूरोप में नाराज़गी, डच विदेश मंत्री का तीखा हमला

नई दिल्ली डच विदेश मंत्री डेविड वैन वील ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आठ यूरोपीय देशों पर ग्रीनलैंड को समर्थन देने के कारण टैरिफ लगाने की योजनाओं को "ब्लैकमेल," "समझ से बाहर," और "अनुचित" बताया। रविवार को प्रसारित टेलीविजन करंट अफेयर्स शो 'डब्ल्यूएनएल ऑप जोनदाक' पर वैन वील ने कहा कि अब यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए कि "यह बेतुकी योजना" रद्द हो जाए। मंत्री ने कहा, "यह ब्लैकमेल है, और यह अपने सहयोगियों के साथ काम करने का तरीका नहीं है।" उन्होंने कहा कि धमकियों के बावजूद, नीदरलैंड्स नाटो अभ्यास की तैयारियों में हिस्सा लेने के लिए आर्कटिक द्वीप पर भेजे गए दो लोगों को वापस बुलाने की योजना नहीं बना रहा है। एक बार जब असली ऑपरेशन शुरू हो जाएगा, तो नीदरलैंड्स और सैनिक भेजेगा, लेकिन कितने, यह अभी तय नहीं हुआ है। यूरोपीय नेता इस हफ्ते वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के लिए स्विट्जरलैंड के दावोस जाएंगे, और ट्रंप के भी इसमें शामिल होने की उम्मीद है। वैन वील ने कहा, "हमें वहां बहुत सारा होमवर्क करना है।" "और पहली प्राथमिकता इस बेतुके प्रस्ताव को खत्म करना है।" यूरोपीय यूनियन ने चेतावनी दी है कि यह कदम संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोप के बीच संबंधों को कमजोर करने की धमकी है। आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि ट्रंप द्वारा घोषित 10 फीसदी टैरिफ "एक खतरनाक गिरावट" को ट्रिगर कर सकते हैं। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि टैरिफ 1 फरवरी से ग्रीनलैंड में सैनिक भेजने वाले देशों के सभी सामानों पर लागू होंगे। उन्होंने कहा कि अगर जून तक ग्रीनलैंड को "नहीं खरीदा गया," तो टैरिफ बढ़कर 25 फीसदी हो जाएगा। रक्षा मंत्री रूबेन ब्रेकेलमैन ने इस हफ्ते की शुरुआत में घोषणा की थी कि नीदरलैंड्स डेनिश मिशन के हिस्से के रूप में ग्रीनलैंड में दो सैन्य कर्मियों को भेज रहा है, जिसे संभावित नाटो अभ्यास की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।

बांग्लादेश में चुनावी तनाव तेज, पोस्टल बैलेट के विरोध में जेसीडी का चुनाव आयोग भवन पर प्रदर्शन

ढाका बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को होने वाले चुनाव से पहले देश में राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिल रही है। एक तरफ राजनीतिक दलों की आंतरिक कलह उजागर हो रही है, तो दूसरी ओर पोस्टल बैलेट को लेकर बवाल मचा हुआ है। इन सबके बीच जातीयतावादी छात्र दल (जेसीडी) ने रविवार को अगरगांव में चुनाव आयोग की बिल्डिंग को घेर लिया। ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, जेसीडी ने चुनाव आयोग के राजनीतिक प्रभाव और भेदभाव वाले फैसलों, खासकर पोस्टल बैलेट के मामले में इलेक्शन कमीशन के फैसले का विरोध किया। छात्र दल के सैकड़ों कार्यकर्ता कमीशन के सामने और उसके आसपास जमा हो गए। जेसीडी के अध्यक्ष रकीबुल इस्लाम के नेतृत्व में लोग सुरक्षा घेरे के बाहर खड़े होकर नारे लगा रहे हैं। हालात को देखते हुए चुनाव आयोग के परिसर में और उसके आस-पास कानून लागू करने वाली एजेंसियों की मौजूदगी बढ़ा दी गई। पुलिस, नेवी, रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) और अंसार के सदस्यों को तैनात किया गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बिल्डिंग के पास दंगा कंट्रोल गाड़ियां और वॉटर कैनन लगाए गए। छात्र दल ने कहा कि उसने आयोग को तीन मुख्य वजहों से घेरा है। पहला, पोस्टल बैलेट के बारे में पक्षपाती और संदिग्ध फैसले। दूसरा, कमीशन के फैसले लेने की प्रक्रिया में कथित राजनीतिक दखल और तीसरा, शाहजलाल यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी स्टूडेंट यूनियन चुनाव के बारे में एक ऐसा अभूतपूर्व और विवादित नोटिफिकेशन जारी करना, जो कथित तौर पर एक खास राजनीतिक पार्टी के प्रभाव में था। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए छात्र दल के अध्यक्ष रकीबुल इस्लाम ने आरोप लगाया कि एक खास राजनीतिक समूह ने पोस्टल बैलेट पर गलत प्रभाव डाला था और चुनाव ने उसके उकसावे पर काम किया था। संभावित सुधारों की रिपोर्ट के बावजूद, आयोग के कामों ने एक बार फिर छात्र संगठनों को अपमानित किया है। ऐसा शाहजलाल यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में छात्र संघ और हॉल चुनावों के आसपास हुई घटनाओं में हुआ था। उन्होंने पोस्टल बैलेट बांटने की प्रक्रिया की भी आलोचना की और इसकी तुलना स्टूडेंट हॉस्टल में एक कॉमन जगह पर छोड़े गए लेटर से की, जिसे कोई भी ले सकता था। उन्होंने दावा किया कि करीब 160 बैलेट एक ही बॉक्स में रखे गए थे और बाद में बाहर से आए वोटरों में बांट दिए गए। बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार, यह विरोध प्रदर्शन बहरीन में एक ही पते पर बड़ी संख्या में पोस्टल बैलेट भेजे जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हुई बड़ी चर्चा और आलोचना के बाद हुआ है। चुनाव आयोग ने 14 जनवरी को इस मामले पर सफाई दी थी। दरअसल ईसी सेक्रेटेरिएट के सीनियर सचिव अख्तर अहमद ने कहा था कि पोस्टल बैलेट यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन के जरिए भेजे जाते हैं और अलग-अलग देशों में, खासकर मिडिल ईस्ट में, पोस्टल सिस्टम अलग-अलग होते हैं। बहरीन में लोकल पोस्टल सिस्टम की वजह से लगभग 160 बैलेट एक ही बॉक्स में एक ही जगह पर रह गए थे।

ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में फायरिंग से हड़कंप, एक शख्स की हालत नाजुक

सिडनी ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स (एनएसडब्ल्यू) राज्य की पुलिस ने रविवार को एक बयान में बताया कि सिडनी के पश्चिमी इलाके लालोर पार्क में शनिवार रात को एक घर पर गोलीबारी हुई, जिसमें एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। सिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने पुलिस के हवाले से बताया कि शनिवार रात करीब 11.35 बजे (स्थानीय समयानुसार) गोलीबारी की खबर मिलने के बाद इमरजेंसी सेवाओं को बुलाया गया। अधिकारियों को बताया गया कि कुछ अज्ञात लोगों ने एक घर में कई गोलियां चलाईं, जिससे एक शख्स घायल हो गया और फिर वे एक गाड़ी में बैठकर मौके से फरार हो गए। 46 साल के घायल व्यक्ति का एनएसडब्ल्यू एम्बुलेंस के पैरामेडिक्स ने प्रारंभिक उपचार किया और फिर उसे स्थिर हालत में अस्पताल ले जाया गया। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने घटनास्थल को घेर लिया है और जांच जारी है, साथ ही आसपास के लोगों से सीसीटीवी फुटेज या जानकारी मांगी गई है। पिछले साल बोंडी बीच आंतकी हमले के बाद सिडनी काफी चर्चा में है। हमले के बाद ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने गुरुवार को यहूदी-विरोध और सामाजिक एकता पर एक रॉयल कमीशन का गठन किया। अल्बानीज ने कैनबरा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि उनकी सरकार एक रॉयल कमीशन का गठन करेगी, जो ऑस्ट्रेलिया में जांच का सबसे बड़ा रूप है, जिसका नेतृत्व पूर्व हाई कोर्ट जस्टिस वर्जीनिया बेल करेंगी, जो दिसंबर के मध्य तक एक रिपोर्ट सौंपेंगी। उन्होंने कहा, "मैंने सोचने-समझने के लिए समय लिया है, यहूदी समुदाय के नेताओं से मुलाकात की है, और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मैं उस भयानक हमले के पीड़ितों और जीवित बचे लोगों के कई परिवारों से मिला हूं।" प्रधानमंत्री ने कहा कि यह जांच ऑस्ट्रेलिया में यहूदी-विरोध की प्रकृति और प्रसार की जांच करेगी, यहूदी-विरोध से निपटने के लिए कानून प्रवर्तन को सिफारिशें देगी, बोंडी बीच हमले से जुड़े हालात की जांच करेगी, और सामाजिक एकता को मजबूत करने पर सिफारिशें देगी। उन्होंने कहा, "मैंने बार-बार कहा है कि हमारी सरकार की प्राथमिकता समरसता और सामाजिक एकता को बढ़ावा देना है, और ऑस्ट्रेलिया को ठीक होने, सीखने और राष्ट्रीय एकता की भावना से एक साथ आने के लिए इसी की जरूरत है।" कथित तौर पर एकमात्र जीवित बचे बंदूकधारी, 24 वर्षीय नवीद अकरम पर हमले के सिलसिले में 59 अपराधों का आरोप लगाया गया है, जिसमें 15 हत्याएं शामिल हैं। अधिकारियों का आरोप है कि यह इस्लामिक स्टेट की विचारधारा से प्रेरित था। पिछले साल दिसंबर में, ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स राज्य की संसद ने सिडनी के बोंडी बीच पर हुई घातक सामूहिक गोलीबारी के जवाब में नए सख्त बंदूक और विरोध प्रदर्शन कानून पारित किए, जैसा कि ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (एबीसी) ने रिपोर्ट किया। गोलीबारी 14 दिसंबर को हुई थी, जिसमें यहूदी त्योहार हनुक्का के पहले दिन मनाए जा रहे एक कार्यक्रम को निशाना बनाया गया था और 15 लोगों की हत्या कर दी गई थी।

वीबी-जी रामजी योजना से बदलेगी हर गांव के विकास की तस्वीर: मंत्री राजपूत

सीहोरा में किए एक करोड़ से अधिक के विकास कार्यों के भूमि पूजन एवं लोकार्पण भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच का प्रतिफल है वीबी-जी रामजी योजना जिससे वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार कर गांव को समृद्ध बनायेंगे। इस योजना में 125 दिन के रोजगार की गांरटी है। साथ ही ग्राम पंचायतें अपने गांव के विकास के लिए खुद निर्णय लेकर विकास कार्य करेंगी। सीसी रोड और अधोसंरचना जैसे कार्य कर ग्राम पंचायतें शसक्त होंगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी का सपना अब साकार होता नजर आ रहा है। यह बात खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने सागर जिले के सीहोरा में विभिन्न विकास कार्य के लोकार्पण एवं भूमि पूजन के अवसर पर कहीं। उन्होंने कहा कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र के गांव-गांव में करोड़ों के विकास कार्य चल रहे हैं छोटे-छोटे गांव भी अब पक्की सड़कों से जुड़ चुके हैं। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए मैं और मेरा पूरा परिवार दिन-रात मेहनत करते हैं। हमारा संकल्प है कि सुरखी का विकास प्रदेश में अलग पहचान बनाए, जिसका नतीजा है कि आज हम सबसे कम समय में सबसे अधिक विकास कार्य करने वाले क्षेत्र में शामिल हैं । प्रधानमंत्री श्री मोदी तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जो विकास की तस्वीर बनाई, वह सुरखी विधानसभा क्षेत्र में नजर आती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के दृढ़ संकल्प ने विश्व में भारत को अलग पहचान दी, तो वही जन-जन के नेता डॉ. यादव की दूरदर्शी सोच ने मध्यप्रदेश में विकास की नई इमारत लिखी। हम सब आपके सर्वांगीण विकास के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। आपका आशीर्वाद और सहयोग इस विकास रथ को और गति देगा। मंत्री श्री राजपूत ने सीहोरा में नल जल योजना, पेयजल टैंकर, सी.सी. रोड निर्माण कार्य मुख्य बाजार से जैन मंदिर की ओर चबूतरा निर्माण, हाईमास्ट फाउन्डेशन कंट्रोल पैनल मय फिटिंग 02 स्थानों पर, मंगल भवन निर्माण कार्य संत रविदास मंदिर के पास, ,सीहोरा में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सीहोरा में राजस्व का आवासीय भवन, सीहोरा में उप तहसील कार्यालय भवन, सीहोरा में हाई स्कूल का अनुरक्षण कार्य, सीहोरा प्राथमिक शाला में फर्नीचर, प्री-फेब्रिकेटेड स्वागत द्वार निर्माण कार्य सिहोरा लोटना मार्ग पर, सामुदायिक, भवन, घाट निर्माण कार्य, श्रवण प्रताप चबूतरा निर्माण, शांतिधाम सौंदर्याकरण कार्य, पेवर ब्लॉक कार्य पंचायत भवन, टीन शेड निर्माण भूतेश्वर मंदिर, आदि का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करते हुए सीहोरा को मंत्री राजपूत ने एक करोड़ से अधिक की राशि के विकास कार्यों की सौगात दी। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि चैकी जंलधर मार्ग को वन विभाग से अनुमति दिला दी है, अब इसका कार्य शीघ्र पूर्ण होगा इससे करीब 50 ग्रामों को आवागमन की सुविधा होगी।  

एमपी ट्रांसको ने 500 एमवीए का अतिरिक्त पावर ट्रांसफॉर्मर किया ऊर्जीकृत

मालवा क्षेत्र के पारेषण नेटवर्क की विश्वसनीयता में इजाफा भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के प्लानिंग क्राइटेरिया (नियोजन मानदंडों) के अनुरूप, मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने मालवा क्षेत्र में बढ़ती विद्युत डिमांड और ट्रांसमिशन नेटवर्क के रिलायवल्टी फेक्टर को ध्यान में रखते हुए 400 केवी बदनावर, धार सबस्टेशन में एक अतिरिक्त 500 एमवीए क्षमता का 400/220 केवी पावर ट्रांसफॉर्मर स्थापित कर उसे ऊर्जीकृत कर दिया है। इससे अब सरदार सरोवर गुजरात से मध्यप्रदेश के हिस्से की मिलने वाली बिजली भी पर्याप्त मात्रा मे पीजीसीआईएल राजगढ़ के माध्यम से धार जिले को मिल सकेगी। कंटेंनजेसी स्टेंडर्ड का भी हुआ पालन मंत्री श्री तोमर ने बताया कि नए ट्रांसफॉर्मर की स्थापना से न केवल मालवा क्षेत्र बल्कि प्रदेश के पारेषण नेटवर्क की विश्वसनीयता में इजाफा होने के साथ एन-1 कंटेंनजेसी स्टेंडर्ड (आकस्मिकता मानकों) का अनुपालन भी सुनिश्चित हुआ है। इससे भविष्य की लोड वृद्धि को हैंडल करने और राज्य के ट्रांसमिशन सिस्टम की उपलब्ध ट्रांसफर क्षमता (एटीसी) बढ़ाने में भी सहायता मिली है। क्षमता वृद्धि से यह क्षेत्र भी होंगे लाभांवित मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के अधीक्षण अभियंता श्री अनिल सक्सेना ने बताया कि पूर्व में इस सबस्टेशन में 315-315 एमवीए के दो ट्रांसफॉर्मर स्थापित थे। अतिरिक्त 500 एमवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से 400 केवी सबस्टेशन बदनावर की क्षमता बढ़कर 1130 एमवीए की हो गई है श्री सक्सेना ने बताया कि इस नए ट्रांसफार्मर की स्थापना से बदनावर से जुड़े कानवन, बडनगर, रतलाम, वंडर सिमेंट के अलावा ओद्योगिक क्षेत्र स्थित पीथमपुर को लाभ मिलेगा।  

सोशल मीडिया की अपील रंग लाई, सीएम मोहन यादव ने दिव्यांग युवक को दिलाया स्टेडियम में मैच देखने का मौका

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर साबित किया है कि वे जनता के दिलों पर क्यों राज करते हैं। उनका मन जनता की एक आवाज पर पसीज जाता है। दरअसल, एक दिव्यांग ने प्रदेश के मुखिया से जब ये कहा कि उन्हें भारत-न्यूजीलैंड के बीच इंदौर में हो रहे मैच को मैदान से लाइव देखना है, लेकिन टिकट का इंतजाम नहीं हो पा रहा, तो ये सुनते ही सीएम डॉ. यादव ने बिना कोई देर किए उनके लिए टिकट का प्रबंध कर दिया। दिव्यांग ने ये अपील वीडियो के जरिये की थी। इच्छा पूरी होने के बाद दिव्यांग ने सीएम डॉ. यादव को धन्यवाद भी दिया। गौरतलब है कि, भारत-न्यूजीलैंड मैच लाइव देखने की अपील उज्जैन के बड़नगर तहसील के गांव बमनापानी के दिव्यांग अभिषेक सोनी ने की। उन्होंने इस अपील का वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर डाल दिया। इस बात की जानकारी जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लगी तो उन्होंने दिव्यांग की इच्छा पूरी करने में एक पल नहीं लगाया।   कई बार पेश की मानवता की मिसाल बता दें, जब से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश की बागडोर संभाली है, तब से उन्होंने कई बार मानवता की मिसाल पेश की है। उन्होंने एक आम आदमी की तरह जनता से व्यवहार किया है। सीएम डॉ. यादव कभी यूपीआई पेमेंट कर आम खरीदे देखे जा सकते हैं, तो कहीं भी जनता के साथ चाय पीते देखे जा सकते हैं। एक बार वे भुट्टा खरीदने बाजार में उतर गए और बच्चे को दुलार किया। इस वाक्ये की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। इसी तरह एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री आवास किसी मेरा आवास नहीं, बल्कि जनता का आवास है।

आग से जला मेडिकल स्टोर, बीमा क्लेम ठुकराने पर कंपनी को पड़ा महंगा—5.13 लाख भुगतान के निर्देश

भोपाल गाढ़े वक्त में बीमा दावे का भुगतान करने से मना करने की प्रवृत्ति पर उपभोक्ता आयोग ने तगड़ी चोट की है। भोपाल जिला उपभोक्ता आयोग ने अपने एक फैसले में उपभोक्ता को राहत देते हुए उसे पांच लाख 13 हजार रुपये का बीमा दावा भुगतान का आदेश दिया है। मेडिकल स्टोर में आग लगने से उपभोक्ता का सारा माल जल गया, बीमा कंपनी ने नुकसान की भरपाई से पल्ला झाड़ लिया था। ऋण और बीमा का विवरण गांधीनगर निवासी रमेश मेडिकल स्टोर के संचालक मंटू भारती ने अपनी दुकान के लिए बैंक से ऋण लिया था, जिसके तहत उन्होंने टाटा एआईजी से बीमा कराया था। वे नियमित रूप से ढाई हजार रुपये प्रीमियम का भुगतान कर रहे थे। दुकान का बीमा 21 मई 2022 से मई 2024 तक प्रभावी था।   अग्निकांड और नुकसान का आकलन इसी बीमित अवधि के दौरान, 30 जून 2024 की रात करीब दो से तीन बजे के बीच दुकान में भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में दवाइयां और अन्य सामग्री जलने से संचालक को लगभग 10 लाख रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ। पीड़ित ने बीमा क्लेम के लिए आवेदन किया। कंपनी द्वारा नियुक्त सर्वेयर ने मौके का मुआयना कर 5.05 लाख रुपये के नुकसान की पुष्टि की थी। इसके बावजूद, बीमा कंपनी ने दस्तावेजों में विसंगति का हवाला देते हुए क्लेम को पूरी तरह खारिज कर दिया। उपभोक्ता आयोग का फैसला और सख्त टिप्पणी न्याय की गुहार लेकर पीड़ित ने मार्च 2025 में उपभोक्ता आयोग में याचिका दायर की। जिला आयोग के अध्यक्ष योगेश दत्त शुक्ल व सदस्य डा. प्रतिभा पांडेय की बेंच ने टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया है कि वह गांधी नगर स्थित रमेश मेडिकल स्टोर के संचालक को क्षतिपूर्ति के रूप में 5.13 लाख रुपये का भुगतान करे। आयोग ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि एक व्यवसायी का रोजगार छिन गया और कंपनी राहत देने के बजाय कागजी विसंगतियों का बहाना बनाती रही। उपभोक्ता मामले की अधिवक्ता मोना पालीवाल ने कहा कि इस मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने कहा कि जब सर्वेयर ने नुकसान का आकलन कर लिया था, तो कम से कम उतनी राशि का भुगतान तत्काल किया जाना चाहिए था। कागजी विसंगतियों के आधार पर किसी का हक नहीं मारा जा सकता।

पशुपालन एवं पशु कल्याण को लेकर प्रदेश भर में चलेगा एक माह का जागरूकता अभियान

पशुपालकों, किसानों, छात्र-छात्राओं को पशुपालन एवं डेयरी से संबंधित योजनाओं एवं पशु कल्याण के बारे में किया जाएगा जागरूक राज्य, जिला एवं विकासखंड स्तर पर आयोजित की जाएगी विभिन्न गतिविधियां भोपाल भारत सरकार के मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा पशुपालकों, किसानों, छात्र-छात्राओं को पशुपालन एवं डेयरी से संबंधित योजनाओं एवं पशु कल्याण के बारे में जागरूक करने के लिए पशुपालन एवं पशु कल्याण जागरूकता माह का आयोजन किया जा रहा है। जो 13 फरवरी 2026 तक चलेगा। केंद्रीय पशुपालन एवं डेयरी विभाग के निर्देशानुसार प्रदेश में भी पशुपालन एवं पशु कल्याण जागरूकता माह का आयोजन किया जाएगा। एक माह तक चलने वाले कार्यक्रम को लेकर संचालक पशुपालन एवं डेयरी डॉ. पीएस पटेल ने सभी जिलों को निर्देश भी जारी कर दिए हैं। संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने बताया कि यह अभियान राज्य, जिला एवं विकासखण्ड स्तर पर विभिन्न जागरूकता एवं हितग्राही मूलक गतिविधियों के माध्यम से संचालित होगा। अभियान के अंतर्गत पशुकल्याण, पशु चिकित्सा सेवाओं, उन्नत पशुपालन, डेयरी, बकरी एवं मुर्गी पालन से संबंधित योजनाओं के साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा पशुपालन से संबंधित चलाई जा रही हितग्राही मूलक योजनाओं के बारे में पशुपालकों को जागरूक किया जाएगा। इसके लिए संगोष्ठियां, ऑनलाइन वेबिनार, युवा संवाद, गोशालाओं एवं पशु कल्याण संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही स्कूलों एवं कॉलेजों में विभागीय दलों द्वारा भ्रमण कर छात्र-छात्राओं को पशुपालन एवं पशु कल्याण की जानकारी दी जाएगी। जिले एवं विकासखण्ड स्तर पर सभी वेट्स-पेरावेट्स, गोसेवक-मैत्री कार्यकर्ता, कृषि विज्ञान केंद्र, राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम, दुग्ध संघों के अधिकारी-कर्मचारी, स्वसहायता समूहों के सदस्य एवं पशु-सखी के समन्वय से अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।

योगी सरकार की संवेदनशील पहल: गोवंश को मिल रहा पौष्टिक आहार, गोचर भूमि पर तेजी से बढ़ रहा हरा चारा उत्पादन

समग्र दृष्टि से पशु कल्याण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही योगी सरकार प्रदेश में 7140.37 हेक्टर चारागाह की भूमि को कब्जा मुक्त करके हरा चारा उत्पादन किया जा रहा, आगामी 2 वर्षों में 35000 हेक्टेयर भूमि का होगा उपयोग टैग्ड गोचर भूमि पर शत प्रतिशत हरे चारे का हो रहा उत्पादन, हाइब्रिड नेपियर और अन्य हरे चारे पर विशेष फोकस हरदोई, सुल्तानपुर, कानपुर नगर और रामपुर हरा चारा उत्पादन करने वाले शीर्ष 4 जनपदों में शामिल लखनऊ,  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पशु कल्याण और गोवंश संरक्षण को लेकर लगातार ठोस कदम उठा रही है। गो-आश्रय स्थलों में संरक्षित निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण को सुनिश्चित करने के लिए प्रदेशभर में गोचर एवं चारागाह भूमि पर हरा चारा उत्पादन को प्राथमिकता दी जा रही है। इसका सकारात्मक असर अब ज़मीन पर साफ दिखाई देने लगा है। प्रदेश में उपलब्ध कुल 61118.815 हेक्टेयर गोचर एवं चारागाह भूमि है। जिसमें 7140.37 हेक्टर चारागाह की भूमि को कब्जा मुक्त करके हरा चारा उत्पादन किया जा रहा है।यह प्रयास न केवल पशुओं के पोषण स्तर को बेहतर बना रहा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालकों को भी मजबूती प्रदान कर रहा है। अगले दो वर्षों में 35 हजार हेक्टेयर पर होगा हरा चारा उत्पादन योगी सरकार ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा लक्ष्य तय किया है। आने वाले दो वर्षों में 35000 हेक्टेयर कब्जामुक्त एवं सिंचित चारागाह भूमि पर हरा चारा उत्पादन कराया जाएगा। इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि प्रदेश में 1691.78 हेक्टेयर क्षेत्र में हाइब्रिड नेपियर चारा और 5448.59 हेक्टेयर में अन्य हरे चारे (जई, बरसीम आदि) की बुआई की जा चुकी है। इससे गोवंश को सालभर पौष्टिक और संतुलित आहार उपलब्ध हो सकेगा। इन जनपदों में तेजी से बढ़ा हरा चारा उत्पादन प्रदेश के हरदोई, सुल्तानपुर, कानपुर नगर और रामपुर जनपदों में हरा चारा उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं टैग्ड गोचर भूमि पर शत-प्रतिशत हरा चारा उत्पादन सुनिश्चित किया जा रहा है। गोचर एवं चारागाह भूमि का समतलीकरण, सुरक्षाबाड़ा एवं खाई निर्माण जैसे कार्य मनरेगा कन्वर्जेन्स के माध्यम से कराए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को रोजगार भी मिल रहा है और पशुओं के लिए सुरक्षित चारागाह भी विकसित हो रहे हैं। शीतलहर से बचाव के भी निर्देश योगी सरकार ने गोवंश के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शीतलहर से बचाव के लिए बोरा-चट्ट ओढ़ाने, तिरपाल लगाने और गो-आश्रय स्थलों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि पशु स्वस्थ और सुरक्षित रह सकें। कुल मिलाकर हरा चारा उत्पादन, चारागाह विकास और गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं के माध्यम से योगी सरकार यह स्पष्ट संदेश दे रही है कि प्रदेश में विकास के साथ-साथ पशु कल्याण भी शासन की प्राथमिकता है। यह पहल न केवल गोवंश संरक्षण को मजबूती दे रही है, बल्कि उत्तर प्रदेश को पशुपालन के क्षेत्र में एक सशक्त मॉडल के रूप में स्थापित कर रही है।