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झारखंड नगर निकाय चुनाव में JMM ने किया सभी प्रत्याशियों के नामों का एलान

गम्हरिया. झारखंड में निकाय चुनाव (Jharkhand municipal elections) की औपचारिक घोषणा से पहले ही झामुमो ने चुनावी तैयारी प्रारम्भ कर दिया है। इसी क्रम में झामुमो जिला कमेटी की ओर से मेयर और अध्यक्ष पद के लिए अपने समर्थित उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दिया है। गम्हरिया स्थित पार्टी कार्यालय में रविवार को एक प्रेस वार्ता कर जिलाध्यक्ष डॉ. शुभेंदु महतो द्वारा जिले के तीनों निकायों के लिए पार्टी समर्थित उम्मीदवारों के नामों की घोषणा किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष ने जानकारी देते हुए बताया कि आदित्यपुर नगर निगम के मेयर पद के लिए भुगलु उर्फ डब्बा सोरेन के नाम पर पार्टी की सहमति बनी है। वहीं, सरायकेला नगर पंचायत के अध्यक्ष पद के लिए हरिहर लोहार को पार्टी समर्थित उम्मीदवार घोषित किया गया है। इसके अलावा कपाली नगर परिषद के अध्यक्ष पद के लिए सरवर आलम के नाम पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि सभी नामों पर संगठन स्तर पर विचार-विमर्श और सहमति के बाद निर्णय लिया गया है। कहा कि पार्टी का उद्देश्य नगर निकायों में जनहित से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देना और विकास कार्यों को गति देना है। आदित्यपुर नगर निगम: वार्डवार प्रत्याशियों की सूची  वार्ड     प्रत्याशी का नाम 1     बनमाली दास 2     फुलकी महतो 3     बंकिम चौधरी 4     सिद्धनाथ सिंह 5     संध्या देवी 6     शंकर मुखी 7     कविता दास 8     अनिता देवी 9     दुर्गा चरण बेसरा 10     सविता सिंह सरदार 11     संजय बेहरा 12     केदारनाथ 13     सुशीला तांती 14     विद्युत लता दास 15     उमेश प्रामाणिक 16     सचिन महतो 17     नीतू शर्मा 18     ललित सरकार 19     अंकित सरकार 20     पार्वती देवी 21     रखीमन हसन 22     चंचल कुमारी 23     जूली महतो 24     अभि मुखी 25     विक्की प्रधान 26     पूजा साहू 27     रिंकी करवा 28     अनीता केराई 29     अर्चना कुमारी 30     विष्णु बावरी 31     हेमलता देवी 32     ज्ञानवी देवी 33     बेला दोराई 34     अंजना सिंह 35     मुन्नी तिऊ कपाली नगर परिषद के वार्डवार प्रत्याशी  वार्ड     प्रत्याशी का नाम 1     चांदनी खातून 2     अब्दुल अंसारी 3     नाजिया परवीन 4     निकहत परवीन 5     नुसरत जहां 6     मोहम्मद नदीम 7     आफरीन शेख 8     तरन्नुम खातून 9     मोहम्मद अमीन 10     फरीदा बेगम 11     अजहर परवीन 12     बबलू महतो 13     मोहम्मद जब्बार 14     नौशाद खान 15     सैयद सलाउद्दीन 16     अजमेरी खातून 17     संतोष कुमार महतो 18     सरवन सिंह 19     राजू मांझी 20     अब्दुल कलाम 31     हिकीम टुडू सरायकेला नगर पंचायत अध्यक्ष एवं वार्ड प्रत्याशी पद / वार्ड     प्रत्याशी का नाम अध्यक्ष     हरी लोहार वार्ड 1     उमेश भोल वार्ड 2     संतोष प्रजापति वार्ड 3     माधुरी पति वार्ड 4     जिमी तिऊ वार्ड 5     गौतम नायक वार्ड 6     बबीता कामिला वार्ड 7     वंदना सिंह वार्ड 8     राकेश रंजन पति वार्ड 9     शंभू आचार्य वार्ड 10     आशीष सरदार वार्ड 11     नेहा सतपति

धीरेन्द्र शास्त्री का 100 बीघा में कथा पांडाल और भोजन-पार्किंग की निःशुल्क व्यवस्था

जयपुर. रीको औद्योगिक क्षेत्र फतेहपुर रामगंजमंडी में 23 से 25 जनवरी तक श्री राम कथा और श्री गोमाता महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। बागेश्वर धाम के आचार्य धीरेन्द्र शास्त्री रामकथा का वाचन करेंगे। कथा के प्रारंभ में दोपहर 1 बजे रामगंजमंडी नगर के प्रमुख मार्गों से होकर कलश यात्रा निकाली जाएगी। कलश यात्रा में 21,000 से अधिक महिलाएं कलश लिए शामिल होंगी। शिक्षा मंत्री मदन दिलावार ने रविवार को प्रेसवार्ता में आयोजन की पूरी जानकारी दी। दिलावर ने बताया कि 22 जनवरी को अयोध्या में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। इसके उपलक्ष्य में 22 को ही दीपोत्सव मनाया जाएगा। कलश यात्रा में शामिल 21,000 महिलाएं एक साथ दीप प्रज्वलित कर प्रभु श्री राम की आरती करेंगी। इसके बाद 23 से 25 जनवरी तक कथा होगी। दिलावर ने बताया कि कार्यक्रम में 8 से 10 लाख लोगों के शामिल होने का अनुमान है। श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पार्किंग की नि:शुल्क व्यवस्था की जा रही है। आयोजन 500 बीघा भू-भाग पर होगा, जिसमें कथा के लिए 100 बीघा में पांडाल सजाया जा रहा है। भोजन, पार्किंग समेत अन्य सभी व्यवस्थाएं की जाएंगी। 5000 के करीब कार्यकर्ता व्यवस्थाएं संभालेंगे। ये रहेगा खास 1000 से अधिक पुलिस कर्मी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। सीसीटीवर कैमरों से भी होगी निगरानी। 30 समितियों का गठन व्यवस्था के लिए किया गया है। 5000 के करीब कार्यकर्ता संभालेंगे जिम्मेदारी निशुल्क पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। 15 लाख लोगों के हिसाब से व्यवस्था करने के निर्देश 8 से 10 लाख लोगों के शामिल होने की है संभावना 10-10 डॉक्टरों की टीम रहेगी तैनात। जगह जगह पानी के स्टॉल लगेंगे। कथा स्थल पर सुरक्षा की दृष्टि से थाना भी खोला जाएगा। 500 पोर्टेबल शौचालय की रहेगी व्यवस्था। 20000 स्टील बर्तन के सेट का किया जाएगा उपयोग। पॉलिथिन मुक्त होगा पूरा कार्यक्रम निर्बाध बिजली की आपूर्ति के लिए 630 केवी के दो ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे है।

मेदवेदेव की जीत, जेस्पर डी जोंग को हराकर ऑस्ट्रेलियन ओपन में दूसरा दौर

मेलबर्न पूर्व विश्व नंबर एक डेनियल मेदवेदेव ने ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 में अपने अभियान की दमदार शुरुआत करते हुए दूसरे राउंड में प्रवेश कर लिया है। मेलबर्न के मार्गरेट कोर्ट एरिना में 2 घंटे 53 मिनट तक चले मुकाबले में मेदवेदेव ने नीदरलैंड्स के जेस्पर डी जोंग को 7-5, 6-2, 7-6(2) से हराया। ब्रिस्बेन इंटरनेशनल जीतकर ऑस्ट्रेलियन ओपन में उतरे मेदवेदेव ने इस जीत के साथ 2026 सीजन में 6-0 का परफेक्ट रिकॉर्ड बना लिया है। एटीपी के आंकड़ों के अनुसार, उन्होंने मैच में मिले 13 ब्रेक पॉइंट्स में से सात को भुनाया, जो उनकी आक्रामक रिटर्न गेम और मानसिक मजबूती को दर्शाता है। हालांकि मुकाबला पूरी तरह एकतरफा नहीं रहा। पहले सेट में उन्होंने दो बार ब्रेक की बढ़त गंवाई और तीसरे सेट में दो मौकों पर मैच सर्व करते हुए जीत हासिल नहीं कर सके, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने धैर्य बनाए रखा और टाई-ब्रेक में पूरी तरह हावी रहे। विश्व रैंकिंग में 73वें स्थान पर काबिज डी जोंग के खिलाफ यह मेदवेदेव की पहली भिड़ंत थी। धीमी परिस्थितियों में दोनों खिलाड़ियों की सर्विस कई बार टूटी, लेकिन बड़े मैचों का अनुभव रखने वाले मेदवेदेव ने अहम पलों में बेहतर फैसले लिए। निर्णायक टाई-ब्रेक में उन्होंने आक्रामक खेल दिखाते हुए डी जोंग को कोई खास मौका नहीं दिया। पिछला सीजन मेदवेदेव के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा था, जहां वह सिर्फ एक ग्रैंड स्लैम जीत सके थे। हालांकि, साल के अंत में अल्माटी में एटीपी 250 खिताब जीतकर उन्होंने आत्मविश्वास दोबारा हासिल किया। ऑस्ट्रेलियन ओपन में इस जीत ने साफ कर दिया है कि वह एक बार फिर खिताब की दौड़ में गंभीर दावेदार हैं। मैच के बाद मेदवेदेव ने कहा कि पिछले साल कई मेजर टूर्नामेंट्स में पहले राउंड में हार के बाद सीधे सेटों में जीत हासिल करना उनके लिए सुकून देने वाला है। दूसरे राउंड में उनका सामना फ्रांस के क्वेंटिन हेलिस से होगा, जिन्होंने पहले राउंड में एलेजांद्रो टेबिलो को सीधे सेटों में हराया था।  

भारतीय खिलाड़ियों की निगाह इंडोनेशिया मास्टर्स में अच्छा प्रदर्शन करने पर

जकार्ता भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पिछले सप्ताह घरेलू धरती पर खेले गए इंडिया ओपन के निराशाजनक प्रदर्शन को पीछे छोड़कर मंगलवार से यहां शुरू होने वाले 500,000 अमेरिकी डॉलर इनामी इंडोनेशिया मास्टर्स में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध होंगे। पिछले सप्ताह नयी दिल्ली में इंडिया ओपन में लक्ष्य सेन पुरुष एकल के क्वार्टर फाइनल में बाहर हो गए थे। भारत का कोई भी खिलाड़ी किसी भी वर्ग में अंतिम आठ से आगे नहीं बढ़ पाया था। चीनी ताइपे के लिन चुन यी और कोरिया की विश्व में नंबर एक खिलाड़ी आन से यंग ने क्रमशः पुरुष और महिला एकल खिताब जीता। अब सारा ध्यान जकार्ता पर केंद्रित हो गया है, जहां भारतीय खिलाड़ियों को कड़ा ड्रॉ मिला है और उन्हें अपने से अधिक रैंकिंग वाले खिलाड़ियों के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करनी होगी। ⁠ पिछले साल ऑस्ट्रेलियाई ओपन जीतने वाले सातवीं वरीयता प्राप्त लक्ष्य सिंगापुर के जिया हेंग जेसन तेह के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेंगे, जबकि एचएस प्रणय को मलेशिया के पूर्व विश्व नंबर दो और पेरिस ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता ली ज़ी जिया की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। पिछले साल मलेशिया मास्टर्स और सैयद मोदी इंटरनेशनल के फाइनल में पहुंचने वाले किदाम्बी श्रीकांत का मुकाबला जापान के कोकी वातानाबे से, जबकि थारुन मन्नेपल्ली का मुकाबला जापान के युशी तनाका से होगा। आयुष शेट्टी को इंडोनेशिया के तीसरी वरीयता प्राप्त जोनाथन क्रिस्टी की कड़ी चुनौती का सामना करना होगा। महिला एकल में पांचवीं वरीयता प्राप्त पीवी सिंधू जापान की मनामी सुइजू के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेंगी। सिंधू को इंडिया ओपन के पहले दौर में ही वियतनाम की विश्व में नंबर 23 गुयेन थुई लिन्ह से हार का सामना करना पड़ा था। जूनियर विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता तन्वी शर्मा का मुकाबला जापान की चौथी वरीयता प्राप्त तोमोका मियाजाकी से होगा। उन्नति हुडा पहले दौर में शीर्ष वरीयता प्राप्त चेन युफेई का सामना करेगी जबकि मालविका बंसोड का मुकाबला कनाडा की छठी वरीयता प्राप्त मिशेल ली से होगा। पुरुष युगल में हरिहरन अमसाकरुनन और एमआर अर्जुन चौथे क्वालीफाइंग राउंड में अपनी चुनौती पेश करेंगे।  

दाल टैरिफ पर भारत का फैसला, अमेरिका में मचा हंगामा, ट्रंप तक पहुंचा मामला

वॉशिंगटन अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील एक बार फिर अटकती नजर आ रही है। इस बार इस डील के रास्ते में रोड़ा बनी है दाल। दो अमेरिकी सांसदों ने इसको लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पत्र लिखा है। इसमें ट्रंप से कहा गया है कि वो भारत पर दबाव बनाएं कि अमेरिकी दालों के आयात से 30 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी हटाई जाए। अमेरिकी सांसदों ने भारत द्वारा लगाई गई इंपोर्ट ड्यूटी को गैर-जरूरी बताया गया है। साथ ही इनका यह भी कहना है कि इसकी वजह से अमेरिकी उत्पादकों को काफी नुकसान हो रहा है। बता दें कि भारत ने यह आयात शुल्क अमेरिका द्वारा भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने के बाद लगाया है। आशंका है कि इसके चलते अमेरिका-भारत के बीच चल रही ट्रेड डील फिर पटरी से उतर सकती है।   सांसदों के लेटर में क्या कहा गया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यह पत्र रिपब्लिकन सीनेटरों ने लिखे हैं। इनमें से एक हैं मोंटाना से स्टीव डेन्स और दूसरे हैं उत्तरी डकोटा से केविन क्रेमर। पत्र में कहा गया है कि उनके राज्य दो बड़े दाल उत्पादकों में से हैं, जिसमें मटर भी शामिल है। भारत इनका सबसे बड़ा उपभोक्ता है, जो विश्व का 27 फीसदी है। इसके मुताबिक भारत में लेंटिल्स, चिकपीज, सूखी दालों और मटर की सबसे ज्यादा खपत है। लेकिन भारत ने इन श्रेणियों में अमेरिकी निर्यात पर टैरिफ लगा रखा है। अमेरिकी सांसदों ने कहा कि भारत ने पिछले साल 30 अक्टूबर को पीली दाल पर भी 30 फीसदी टैरिफ लगा दिया। पीएम मोदी से बात करने की सलाह अमेरिकी सांसदों ने भारत द्वारा लगाए गए टैरिफ को अनफेयर बताते हुए अमेरिकी दाल उत्पादकों को नुकसान होने की बात कही है। साथ ही अमेरिकी सांसदों ने राष्ट्रपति ट्रंप को सलाह दी है कि वह दाल पर भारत द्वारा लगाए गए टैरिफ को लेकर पीएम मोदी से बात करें। ताकि दोनों देशों के बीच एक सहयोग बने, जिससे अमेरिकी उत्पादकों और भारतीय उपभोक्ताओं दोनों को फायदा मिल सके। दोनों सीनेटरों ने अपने राज्यों में बेहतर कृषि उत्पादों के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति का शुक्रिया भी अदा किया। लंबे समय से तनाव बता दें कि टैरिफ के मुद्दे पर भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से तनाव कायम है। इसकी शुरुआत अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत शुल्क (टैरिफ) लगाने के बाद हुई। इस टैरिफ में रूसी कच्चे तेल की खरीद पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क भी शामिल है। इन तनावों के बीच अमेरिकी अधिकारियों द्वारा भारत के प्रति गलत टिप्पणियां माहौल को और खराब कर रही हैं। कुछ दिन पहले ही वाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने एक बार फिर भारत की आलोचना करते हुए सवाल उठाया कि अमेरिका के नागरिक भारत में कृत्रिम मेधा (एआई) के लिए भुगतान क्यों कर रहे हैं?  

गणतंत्र दिवस पर दिल्ली वाली ट्रेनों में 26 जनवरी तक पार्सल बुकिंग बंद

सहरसा. गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा के मद्देनजर 22 जनवरी से 26 जनवरी तक पूर्व मध्य रेल समस्तीपुर मंडल अंतर्गत सभी स्टेशनों से दिल्ली के लिए पार्सल बुकिंग अस्थायी रूप से बंद कर दी जाएगी। रेलवे ने यह रोक लगायी है। यह नियम बिहार सहित दिल्ली के साथ नई दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन, आनंद विहार टर्मिनल, दिल्ली सराय रोहिल्ला स्टेशन पर यह निर्णय लागू रहेगा। रेलवे के अनुसार 23 से 26 जनवरी तक दिल्ली के किसी भी रेलवे स्टेशन पर पार्सल भेजने पर पूरी तरह से रोक रहेगी। इसीलिए अन्य स्टेशन पर एक दिन पहले से पार्सल सेवा बंद करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 26 जनवरी को आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। समस्तीपुर मंडल के वाणिज्य विभाग के अनुसार 26 जनवरी के बाद सुरक्षा स्थिति सामान्य होते ही दिल्ली के लिए पार्सल बुकिंग फिर से शुरू कर दी जाएगी। रेलवे ने यात्रियों और व्यापारियों से अपील की है कि वे इस अवधि के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था करें और रेलवे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। इस अवधि में किसी भी प्रकार का पार्सल चाहे वह व्यावसायिक हो या व्यक्तिगत दिल्ली के लिए स्वीकार नहीं किया जाएगा। पार्सल सेवा पर रोक लगने से सहरसा, सुपौल, मधेपुरा सहित सीमांचल क्षेत्र पटना और आसपास के क्षेत्रों के व्यापारियों, थोक विक्रेताओं और छोटे व्यवसायियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। बड़ी संख्या में व्यापारी दिल्ली के बाजारों में माल भेजने के लिए रेलवे पार्सल सेवा पर ही निर्भर रहते हैं। ऐसी परिस्थिति में एक सप्ताह के लिए उनका व्यवसाय प्रभावित रहेगा। इन ट्रेनों में होती है दिल्ली के लिए पार्सल बुकिंग 15566/65 ललित ग्राम -सहरसा -नई दिल्ली वैशाली एक्सप्रेस 15279/80 सहरसा- आनंद विहार पुरबिया एक्सप्रेस 12204/03 सहरसा – अमृतसर गरीब रथ एक्सप्रेस 15529/30 सहरसा – आनंद विहार टर्मिनल जनसाधारण एक्सप्रेस

कब मनाई जाएगी बसंत पंचमी—22 या 23 जनवरी? तिथि, पूजा समय और विधि की पूरी जानकारी

बसंत पंचमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, ज्ञान और जीवन में नई ऊर्जा के आगमन का उत्सव है. इस दिन चारों ओर पीले रंग की छटा, मन में उमंग और दिल में उम्मीदें खिल उठती हैं. मां सरस्वती की कृपा पाने के लिए श्रद्धालु पूरे मन से इस दिन पूजा-अर्चना करते हैं. ऐसे में हर साल की तरह इस बार भी लोगों के मन में सवाल है कि बसंत पंचमी 22 जनवरी को है या 23 जनवरी को? आइए पंचांग के आधार पर इस कंफ्यूजन को दूर करते हैं. कब है बसंत पंचमी: 22 या 23 जनवरी? हिंदू पंचांग के अनुसार, साल 2026 में पंचमी तिथि का आगमन 22 जनवरी की शाम से ही हो रहा है, लेकिन उदया तिथि और शास्त्रों की मान्यताओं के अनुसार, पूजा का विधान अगले दिन श्रेष्ठ माना गया है. बसंत पंचमी तिथि: 23 जनवरी 2026, शुक्रवार पंचमी तिथि का प्रारंभ: 22 जनवरी 2026, शाम 06:15 बजे से पंचमी तिथि का समापन: 23 जनवरी 2026, रात 08:30 बजे तक चूंकि 23 जनवरी को सूर्योदय के समय पंचमी तिथि विद्यमान रहेगी, इसलिए बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा का पर्व 23 जनवरी, शुक्रवार को ही मनाया जाएगा. पूजा का शुभ मुहूर्त मां सरस्वती की पूजा के लिए सुबह का समय सबसे उत्तम माना जाता है. 23 जनवरी को पूजा के लिए शुभ समय इस प्रकार है. पूजा का समय: सुबह 07:13 से दोपहर 12:33 तक रहेगा. अमृत काल: सुबह 08:45 से 10:20 तक रहेगा. सरस्वती पूजा की विधि इस दिन का रंग पीला है, जो ऊर्जा, उत्साह और शुद्धता का प्रतीक है माना जाता है. इस दिन सुबह जल्दी उठकर पीले रंग के वस्त्र धारण करें. एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर मां सरस्वती की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें. साथ ही भगवान गणेश को भी विराजमान करें. मां के सम्मुख कलश रखें और धूप-दीप जलाएं. मां को पीले फूल खासकर गेंदा या सरसों के फूल, पीला चंदन, केसर और अक्षत अर्पित करें. इस दिन अपनी पुस्तकें, कलम या संगीत वाद्ययंत्रों को मां के पास रखकर उनकी पूजा करें. बच्चों के लिए ‘अक्षर अभ्यास’ शुरू करने का यह सबसे शुभ दिन है. मां को पीले मीठे चावल, बूंदी के लड्डू या केसरिया हलवे का भोग लगाएं. सबसे आखिर में सरस्वती माता की आरती करें और उनसे सद्बुद्धि का आशीर्वाद मांगें. बसंत पंचमी का महत्व बसंत पंचमी केवल एक तिथि नहीं, बल्कि जड़ता से चेतनता की ओर बढ़ने का उत्सव है. कहा जाता है कि जब ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की, तो चारों ओर मौन था. तब उन्होंने अपने कमंडल से जल छिड़का और मां सरस्वती प्रकट हुईं. मां के वीणा वादन से पूरी सृष्टि में सुर और वाणी का संचार हुआ. इसीलिए, यह दिन हमारी बुद्धि, कला और ज्ञान को मां के चरणों में समर्पित करने का दिन है.

निशांत को कांग्रेस के न्योते को RJD ने बताया नीतीश का रिप्लेसमेंट

पटना. नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार अपने पुस्तैनी गांव पुहंचे और एक निजी समारोह में शामिल होने के बाद विकास कार्यों की जानकारी ली। उनकी सक्रियता से एक बार फिर पॉलिटिक्स में उनकी एंट्री पर चर्चा तेज हो गई है। इस मसले पर राजनीति भी गर्म हो गई है। कांग्रेस ने जहां उन्हें अपनी पार्टी से राजनीतिक पारी शुरू करने की सलाह दी है तो राजद ने कहा है कि बीजेपी और जदयू के कुछ नेता समेत आईएएस लॉबी नीतीश कुमार बेटे से रिप्लेस करके कंफर्टेबल जोन में जाना चाहते हैं। बिहार और देश की राजनीति में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की एंट्री पर बार बार बहस होती है। पार्टी जदयू और बीजेपी के नेता अक्सर यह कहते हैं इसका फैसला खुद निशांत कुमार और नीतीश कुमार को लेना है। पार्टी को इससे कोई ऐतराज नहीं है। कई बार राजनीति में निशांत के प्रवेश के लिए ड्रामे भी हुए। अब घमासान मचता दिख रहा है। रविवार को निशांत अपने पत्रिक गांव पहुंचे और विकास कार्यों जायजा भी लिया। उनकी गतिविधिि के सियासी मायने निकाले गए। कांग्रेस प्रवक्ता असीतनाथ तिवारी ने कहा कि निशांत कुमार गलत लोगों के बीच फंसे हुए हैं। दरअसल जदयू पर कब्जे की लड़ाई चल रही है। एक खेमा निशांत जी को लाना चाहता है तो दूसरा खुद पार्टी पर कब्जा करना चाहता है। निशांत जी भले आदमी हैं। उनको सलाह देंगे कि वे जदयू छोड़कर काग्रेस पार्टी में आ जाएं। यहां आकर आपनी राजैतिक पारी की शुरुआत करें। कहां सत्तालोलुपों के बीच फंसे हुए हैं। राजद प्रवक्ता एज्या यादव ने कहा है कि जदयू और बीजेपी के बीच सुपरमेसी की लड़ाई चल रही है। जदयू के गुटों में सुपरमेसी की लड़ाई जारी है। वहीं आईएएस लॉबी नीतीश कुमार को रिप्लेस करने की कर रही है क्योंकि निशांत उनके लिए कंफर्टेबल जोन हैं। जल्द आप देखेंगे कि निशांत कुमार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहे हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला: उन्नाव कस्टोडियल डेथ मामले में कुलदीप सेंगर की अर्जी खारिज

उन्नाव दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्नाव कस्टोडियल डेथ केस में दोषी पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को बड़ा झटका दिया है. कोर्ट ने सेंगर की सजा निलंबन (सस्पेंशन ऑफ सेंटेंस) की अर्जी खारिज कर दी है. यह मामला बलात्कार पीड़िता के पिता की हिरासत में हुई मौत से जुड़ा है. कुलदीप सिंह सेंगर ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर 2019 में ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई 10 साल की कठोर कारावास की सजा को निलंबित करने की मांग की थी. उन्होंने दलील दी थी कि वो लंबे समय से जेल में बंद हैं और उनकी सेहत भी लगातार खराब हो रही है. याचिका में डायबिटीज, मोतियाबिंद और रेटिना डिटैचमेंट जैसी बीमारियों का हवाला देते हुए तिहाड़ जेल से बाहर AIIMS में इलाज की मांग भी की गई थी. सेंगर ने ये याचिका सीआरपीसी की धारा 389 के तहत दायर की थी, जिसमें अपील लंबित रहने के दौरान सजा निलंबन का प्रावधान है. हालांकि, इस याचिका का सीबीआई और पीड़िता दोनों ने कड़ा विरोध किया. सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि ये बेहद गंभीर मामला है, जिसमें अपहरण, मारपीट और हिरासत में मौत जैसे अपराध शामिल हैं. एजेंसी ने यह भी दलील दी कि सेंगर की भूमिका पीड़िता और उसके परिवार को चुप कराने की थी. पीड़िता की ओर से भी कहा गया कि ऐसे आरोपी को राहत देना न्याय के खिलाफ होगा. मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति रविंदर दुडेजा ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मंगलवार को फैसला सुनाया और सजा निलंबन की मांग खारिज कर दी. गौरतलब है कि कुलदीप सिंह सेंगर पहले से ही उन्नाव बलात्कार मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं. पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने बलात्कार केस में दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा दी गई सजा निलंबन की राहत पर भी रोक लगा दी थी. हालांकि, कस्टोडियल डेथ केस में सेंगर की दोषसिद्धि के खिलाफ अपील अभी लंबित है, जिस पर सुनवाई बाद में होगी. फिलहाल दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले को कुलदीप सिंह सेंगर के लिए एक बड़ा कानूनी झटका माना जा रहा है.

देवनानी ने भारत रिन्यूएबल एक्सपो में दिए पीएम सूर्यघर पुरस्कार

जयपुर. राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा है कि आज जब पूरा विश्व संसाधनों की कमी से जूझ रहा है ऐसे में हमारी संसाधनों को पूजने वाली संस्कृति बहुत महत्वपूर्ण है। आज ऊर्जा के स्त्रोत पेट्रोल, डीजल, कोयला, पानी, शुद्ध वायु निरन्तर कम होते जा रहे हैं। ऐसे में मानवता को बचाने के लिए ऊर्जा के नए स्त्रोत काम में लिए जा रहे हैं। उनमें से एक बहुत बड़ा स्त्रोत भगवान सूर्य की ऊर्जा का उपयोग भी है और सम्पूर्ण भारत में इसका विकास तीव्र गति से हो रहा है।  स्पीकर देवनानी रविवार को यहां वी.टी. रोड ग्राउण्ड मानसरोवर में भारत रिन्यूएबल एक्सपो 2026 के समापन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। श्री देवनानी ने पीएम सूर्यघर पुरस्कार प्रदान किए।  स्पीकर देवनानी ने कहा कि राजस्थान क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा प्रदेश होने के साथ खनिज सौर ऊर्जा की उपलब्धता वाला बड़ा प्रदेश है। सीमावर्ती जिले बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, फलोदी इस क्षेत्र में कार्य करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। देवनानी ने कहा कि यह आयोजन केवल एक एक्सपो नहीं, बल्कि भारत के स्वच्छ ऊर्जा भविष्य की दिशा में एक मजबूत संकल्प और साझा प्रयास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि चिन्तन-मनन और विचार करें, पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा सुरक्षा जैसी चुनौतियों से जूझ रही है, ऐसे समय में भारत नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर तेजी से अग्रसर है।  स्पीकर देवनानी ने कहा है कि राजस्थान को प्रकृति ने प्रचुर सूर्य प्रकाश और विशाल भू-भाग का वरदान दिया है। यही कारण है कि आज राजस्थान देश के अग्रणी सोलर और विंड एनर्जी उत्पादक राज्यों में शामिल है। थार के मरुस्थल से लेकर राज्य के विभिन्न अंचलों तक, सोलर पार्क, विंड फार्म और हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स न केवल ऊर्जा उत्पादन कर रहे हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और विकास के नए अवसर भी सृजित कर रहे हैं। स्पीकर देवनानी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बनाई गई प्रगतिशील नीतियाँ, निवेश के अनुकूल वातावरण और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर ने राजस्थान को रिन्यूएबल एनर्जी निवेश का एक प्रमुख केंद्र बना दिया है। ग्रीन हाइड्रोजन, बैट्री स्टोरेज और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में भी राजस्थान अपार संभावनाओं वाला राज्य है। समारोह में विधायक पुष्पेन्द्र सिंह राणावत सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद थे।