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लाडो लक्ष्मी योजना में बदलाव को लेकर सरकार पर बरसे हरीश रावत

चंडीगढ़. पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने लाडो लक्ष्मी योजना में किए गए बदलावों को लेकर हरियाणा सरकार पर तीखा हमला बोला। रादौर के गांव धौलरा में कांग्रेस नेता सतीश सांगवान के निवास पर कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में हरीश रावत ने कहा कि लाडो लक्ष्मी योजना जनकल्याण से अधिक चुनावी लाभ के उद्देश्य से लाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह योजना एक बड़ी चुनावी घूस थी, जिसे लागू करना और बाद में उसमें समन्वय बैठाना भाजपा सरकार के लिए मुश्किल साबित हो रहा है। हरीश रावत ने कहा कि इस तरह के प्रयोग पहले भी बिहार और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में चुनाव से पहले किए जा चुके हैं, जहां योजनाओं के जरिए वोट साधने का प्रयास किया गया। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने सरकार को सलाह देते हुए कहा कि यदि वास्तव में जनता का भला करना है तो योजनाओं की राशि का उपयोग रोजगार सृजन, उत्पादक कार्यों और खेती में सब्सिडी देने में किया जाना चाहिए, जिससे किसानों और आम लोगों को स्थायी लाभ मिल सके। इस दौरान हरीश रावत ने कांग्रेस पार्टी के भीतर की गुटबाजी पर भी खुलकर बात की। उन्होंने स्वीकार किया कि पार्टी से कुछ कमियां जरूर हुई हैं। उन्होंने कहा कि 2022 में उत्तराखंड और 2024 में हरियाणा में कांग्रेस सत्ता के करीब पहुंचकर चूक गई, लेकिन इन अनुभवों से सीख लेकर संगठन को और मजबूत किया जाएगा। इस मौके पर उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

इको क्लब के तत्वावधान में भाऊसाहेब भुस्कुटे शासकीय महाविद्यालय टिमरनी द्वारा रिवर ड्राइव एवं स्वच्छता अभियान आयोजित

टिमरनी शासकीय महाविद्यालय टिमरनी में इको क्लब के तत्वावधान में रिवर ड्राइव एवं स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जनमानस में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। इस अवसर पर महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. अरुण कुमार सिकरवार, इको क्लब प्रभारी डॉ. सुनील बौरासी, डॉ. संजीत सोनी, डॉ. श्रीकांत गंगवार, डॉ. शैलेन्द्र कटारे, डॉ. पवन नामदेव, डॉ. नितेश कनाठे, डॉ. नरेन्द्र नागले  डॉ संजय पटवा ;पंकज रहाणे ;विजेंद्र गुर्जर; डॉ शैलेन्द्र कटारे ;अभिषेक नागपुरे  श्रीमती नीता गौर ; डॉ प्रियंका चंदेल; ललिता नागर; अनिल नायर;  महाविद्यालयीन स्टाफ उपस्थित रहा। स्वच्छता अभियान के दौरान महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की और नदी क्षेत्र की साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया। विद्यार्थियों के उत्साह और श्रमदान ने अभियान को सफल बनाया। इस अवसर पर भोपाल की "भाग्य रच" वेलफेयर फाउंडेशन, जो कि डॉक्टारो द्वारा स्थापित संस्था है, का भी सराहनीय योगदान रहा। संस्था द्वारा स्वच्छता अभियान के समर्थन में महाविद्यालय को डस्टबिन भेंट किए गए। संस्था के प्रतिनिधियों ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए स्वच्छता अत्यंत आवश्यक है, और इस प्रकार के अभियान समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं। कार्यक्रम में मुस्कान अम्कारे, सुजाल, योगेश, कृष्णिका अग्रवाल, आयुष बौरासी, मुस्कान अमकरे, गोरब परिहार, सीनम खान के सहित 70 से ज्यादा विद्यार्थियों मौजूद रहे।

आरडी प्रजापति का सनसनीखेज आरोप: राभद्राचार्य और अन्य धार्मिक गुरुओं को सजा देने की मांग

छतरपुर  मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले की चंदला विधानसभा सीट से पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने कहा है कि कथावाचकों को जूते की माला पहनाकर घुमाया जाए. उन्होंने कहा कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य को अंधाचार्य कहा और उनकी मां को लेकर अभद्र टिप्पणी की. पूर्व विझधायक आरडी प्रजापति  भोपाल के भेल दशहरा मैदान में अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग संयुक्त मोर्चा के महासम्मेलन में बोल रहे थे. पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने धीरेंद्र शास्त्री और अनिरुद्धाचार्य पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अब बहन-बेटियां तो प्लॉट हो गई हैं. कोई भी सौ बार रजिस्ट्री कराओ, हजार बार रजिस्ट्री कराओ. बहन-बेटियों की छाती से पृथ्वी हिलने लगी है, ये अनिरुद्धाचार्य कहते हैं. पूर्व विधायक प्रजापति ने रामभद्राचार्य पर हमला बोलते हुए कहा कि एक अंधाचार्य है, वह कहता है कि वाइफ मतलब वंडरफुल इंस्ट्रूमेंट फॉर एंजॉय.  उन्होंने कहा कि एक बाबा लाली लगाकर कहता है, 25 साल की लड़कियां कथाओं में जाकर अपनी जवानी ‘उतार कर’ आती हैं. मैं चाहता हूं कि संतोष वर्मा को आईएएस से हटा दिया जाए, लेकिन पहले उनको (कथावाचकों को) जूतों की माला पहनाकर नंगा घुमाया जाए, जो व्यास पीठ से ऐसा बोलते हैं. आरडी प्रजापति ने कहा कि देश में कुछ कथावाचक और धर्मगुरु करोड़ों लोगों की भीड़ जुटाकर महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं. पूर्व विधायक ने कहा कि ऐसे कथावाचकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती. उन्होंने कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री और अनिरुद्धाचार्य का नाम लेते हुए कहा कि महिलाओं को ‘खाली प्लॉट’ जैसी उपमाओं से जोड़ना या 20-25 साल की लड़कियों को लेकर अभद्र टिप्पणियां करना किसी भी धर्म या शास्त्र में स्वीकार्य नहीं हो सकता. आरडी प्रजापति ने कहा कि यदि कोई महिला विधवा हो जाए तो क्या उसका सिंदूर और मंगलसूत्र हट जाना उसे ‘खाली प्लॉट’ बना देता है. उन्होंने कहा कि प्लॉट का मतलब जमीन होता है, जिसे बार-बार खरीदा और बेचा जा सकता है. आरडी प्रजापति ने कहा कि क्या समाज अपनी बहन-बेटियों को भी उसी नजर से देखेगा. गौरतलब है कि आरडी प्रजापति साल 2013 में बीजेपी के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे. 2018 में बीजेपी ने आरडी प्रजापति के बेटे राजेश प्रजापति को टिकट दिया था. राजेश 2023 तक विधायक रहे. आरडी प्रजापति 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा के टिकट पर टीकमगढ़ से चुनाव लड़े थे, लेकिन हार मिली थी.  

बठिंडा में दवाइयों की गैर कानूनी फैक्ट्री सील

बठिंडा. 'युद्ध नशे विरुद्ध' मुहिम तहत जिला पुलिस ने एस.एस.पी. मुक्तसर अभिमन्यु राणा के नेतृत्व में बठिंडा में चल रही एक गैर कानूनी दवा फैक्ट्री को सील कर लाखों प्रतिबंधित दवाएं और कच्चा माल बरामद किया है। इस जांच में अब तक कुल ने कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनमें से 3 आपस में भाई हैं। एस.एस.पी. अभिमन्यु राणा ने बताया कि एन.डी.पी.एस. एक्ट तहत थाना किल्लियांवाली में दर्ज किए गए केस की जांच के दौरान जिला पुलिस को यह बड़ी सफलता हासिल हुई है। इस केस तहत मनीष कुमार और साहिल कुमार वासी मंडी किल्लियांवाली को गिरफ्तार कर उनके कब्जे में से 20 एटिजोलाम गोलियां, 80 प्रैगाबेलिन कैप्सूल, 7,26,000 रुपए की ड्रग्स बरामद की गई थी। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान कृष्ण कुमार वासी मंडी किलियांवाली और वंश क्वात्रा पुत्र अनिल कुमार निवासी मंडी डबवाली के नाम सामने आए। जिनको भी इस केस में नामजद किया गया और दोनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर किया गया । मनीष, साहिल तथा कृष्ण कुमार तीनों आपस में भाई हैं। आरोपियों से पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि वंश क्वात्रा मंडी डबवाली में एक मैडीकल स्टोर चला रहा था। पुलिस ने वंश और कृष्ण दोनों के कब्जे से 30,000 टैपेंटाडोल गोलियां बरामद की थी। तकनीकी तरीके से की गई फॉलोअप जांच के दौरान मुक्तसर पुलिस के सामने ये बात आई कि उक्त लोग इन नशीलों दवाओं की सप्लाई मानसा रोड बठिंडा स्थित रेडिनैक्स लाइफ साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री से कर रहे थे। इस सूचना के आधार पर मुक्तसर पुलिस ने ड्रग इंस्पैक्टरों के साथ मिलकर मानसा रोड, बठिंडा स्थित उक्त फैक्ट्री पर रेड की। रेड के दौरान पुलिस को जहां बड़ी मात्रा में कच्चा माल बरामद हुआ। वहीं बिना लाइसैंस और मंजूरी के दवाई बनाने के सबूत मिले। फैक्टरी के मालिक द्वारा किसी भी प्रकार का वैध लाइसैंस, दस्तावेज नहीं दिखाया जा सका और न ही संतोषजनक जवाब दिया गया। इस रेड के दौरान पुलिस को 1,85,000 खुली गोलियां, 42,350 जैंटाडोल गोलियां,1,22,400 टैनेडोल गोलियां और लगभग 10 किलोग्राम कच्चा माल बरामद हुआ।

छत्तीसगढ़ राज्य में प्रशासनिक हलचल, जिलों के कलेक्टरों में हो सकते हैं बदलाव

रायपुर  नए साल की शुरुआत के साथ ही छत्तीसगढ़ प्रशासनिक महकमे में बड़े फेरबदल की आहट तेज हो गई है। राज्य के कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने से कई जिलों के कलेक्टर बदले जाने की पूरी संभावना बन गई है। प्रशासनिक गलियारों में इसे बड़े स्तर पर आईएएस तबादलों की शुरुआत माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, डॉ. प्रियंका शुक्ला के बाद अब जगदलपुर कलेक्टर एस. हरीश और बलौदाबाजार-भाटापारा कलेक्टर दीपक सोनी का नाम भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने वाले अधिकारियों की सूची में शामिल हो चुका है। दोनों अधिकारियों की केंद्र सरकार में नई पोस्टिंग को मंजूरी मिल चुकी है, ऐसे में इन्हें जल्द ही राज्य से रिलीव किया जा सकता है। कई जिलों में बदलेगी प्रशासनिक कमान दो महत्वपूर्ण जिलों के कलेक्टरों के एक साथ रिलीव होने से जिला प्रशासन की कमान नए अधिकारियों को सौंपे जाने की तैयारी शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि इसी क्रम में कई और जिलों के कलेक्टरों में बदलाव किया जा सकता है। जल्द ही राज्य सरकार आईएएस अफसरों की तबादला सूची जारी कर सकती है। मंत्रालय से मैदानी स्तर तक बदलाव संभव सूत्रों का कहना है कि अधिकारियों के रिलीव होते ही राज्य सरकार मंत्रालय और जिला स्तर पर व्यापक प्रशासनिक बदलाव कर सकती है। कुछ आईएएस अफसरों को नई जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं, जबकि कुछ के विभाग बदले जाने की भी संभावना है। आने वाले दिनों में मंत्रालय से लेकर मैदानी प्रशासन तक हलचल तेज रहने के संकेत हैं। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर लगातार जा रहे अफसर छत्तीसगढ़ कैडर के आईएएस अफसरों का केंद्र सरकार में जाना लगातार जारी है। वर्तमान में करीब 17 आईएएस अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं दे रहे हैं। पहले से ही अमित अग्रवाल और निधि छिब्बर केंद्र में पदस्थ हैं। बता दें कि बस्तर कलेक्टर एस. हरीश को भारत सरकार ने केंद्रीय उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में उप सचिव नियुक्त किया है। वहीं 2011 बैच के आईएएस दीपक सोनी को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में डायरेक्टर के पद पर जिम्मेदारी दी गई है। अब निगाहें राज्य सरकार की अगली तबादला सूची पर टिकी हैं, जो छत्तीसगढ़ प्रशासन में बड़े बदलाव की तस्वीर साफ कर सकती है।

सफल जीवन का रहस्य: नीम करोली बाबा की 5 बातें जो बदल सकती हैं आपकी किस्मत

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित कैंची धाम, आध्यात्मिक गुरु, नीम करोली बाबा, का आश्रम है। नीम करोली बाबा आज भले ही भौतिक रूप से लोगों के बीच मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनकी दी हुई शिक्षाएं आज भी उनके अनुयायियों के माध्यम से लोगों को प्रेरित करके हुए सुखी सफल जीवन जीने का रास्ता बताती रहती हैं। नीम करोली बाबा के ज्ञान को अपनाते हुए अपनी कुछ नकारात्मक आदतों को त्यागकर, कोई भी व्यक्ति अपना जीवन बदलकर पैसा कमा सकता है। आइए जानते हैं पैसा और कामयाबी हासिल करने के लिए नीम करोली बाबा ने कौन सी 5 आदतों से दूरी बनाने के लिए प्रेरित किया है। अहंकार का त्याग नीम करोली बाबा के अनुसार, अहंकार व्यक्ति को हमेशा गलत राह पर ले जाता है। अगर आप अपने रिश्तों को मजबूत बनाए रखते हुए जीवन को सफल बनाना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपने अहंकार का त्याग करें। याद रखें, विनम्रता न केवल व्यक्ति को सम्मान अर्जित करवाती है, बल्कि उसके लिए नए अवसरों के दरवाजे भी खोलती है। क्रोध पर नियंत्रण नीम करोली बाबा के अनुसार क्रोध में लिए गए ज्यादातर निर्णय अक्सर बाद में पछतावे का कारण बनते हैं। क्रोध व्यक्ति की आंतरिक शांति को नष्ट करके उसके निर्णय लेने की क्षमता को कमजोर बना देता है।जो लोग अपने गुस्से पर नियंत्रण नहीं रख पाते, उन्हें अकसर जीवन में सफलता पाने में कठिनाई होती है। लालच से बचें नीम करोली बाबा के अनुसार व्यक्ति का जरूरत से ज्यादा लालच उसे जीवन में कभी भी आगे नहीं बढ़ने देता है। लालच में डूबा व्यक्ति धन संचय करने या उसे बनाए रखने के लिए संघर्ष करता रहता है। ईर्ष्या से करें परहेज नीम करोली बाबा व्यक्ति को कभी भी दूसरों की सफलता से ईर्ष्या न करने की सलाह देते थे। उनका मानना था कि दूसरों की उपलब्धियों से जलन रखने की जगह व्यक्ति को हमेशा अपनी प्रगति पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। कड़ी मेहनत और लगन सच्ची सफलता दिलाते हैं, जबकि ईर्ष्या केवल नकारात्मकता और भटकाव की ओर ले जाती है। नकारात्मकता से रहें दूर नीम करोली बाबा की शिक्षाओं के अनुसार आत्म-अनुशासन, आंतरिक शांति और सकारात्मक सोच ही स्थायी सफलता की कुंजी हैं। ऐसे में व्यक्ति को हमेशा अहंकार, क्रोध, लोभ और ईर्ष्या जैसी नकारात्मक आदतों को त्याग करना चाहिए।

भक्ति का अनोखा उत्सव: मनोकामना पूरी होने पर महाकाल को 2.35 किलो चांदी का मुकुट चढ़ाया

उज्जैन   सोमवार को मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में श्री महाकालेश्वर मंदिर में एक भक्त ने बाबा महाकालेश्वर को 2 किलो 350 ग्राम का चांदी का मुकुट चढ़ाया, जिस पर चांद बना हुआ था। गुजरात के जामनगर के रहने वाले भक्त प्रदीप गुप्ता ने अपनी मन्नत पूरी होने के बाद यह मुकुट भेंट किया। उन्होंने बाबा महाकालेश्वर की भस्म आरती में हिस्सा लिया और समारोह के दौरान भगवान महाकाल को चांदी का मुकुट चढ़ाया। मंदिर के पुजारी ने सोमवार को भस्म आरती के दौरान बाबा महाकालेश्वर को यह नया मुकुट पहनाया। भस्म आरती के बाद प्रदीप गुप्ता ने बताया कि मुझे बहुत अच्छा लग रहा है और हमने अपनी पिछली यात्रा के दौरान एक मन्नत मांगी थी। बाबा ने उसे सिर्फ तीन महीने में पूरा कर दिया। इसीलिए मैं पूरी टीम के साथ यहां आया हूं, क्योंकि बाबा ने हमारा (विंड पावर) प्रोजेक्ट छह महीने के बजाय तीन महीने में ही पूरा कर दिया। इसलिए हम सभी बाबा का आशीर्वाद लेने और उन्हें यह छोटा सा तोहफा देने आए हैं। मुकुट का वजन 2 किलो 350 ग्राम है।" धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त भस्म आरती में शामिल होते हैं या भाग लेते हैं, उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और उन्हें भगवान महाकाल का दिव्य आशीर्वाद मिलता है। मंदिर की परंपराओं के अनुसार, यह अनुष्ठान सुबह-सुबह मंदिर के दरवाज़े खुलने के साथ शुरू होता है, जिसके बाद देवता को पंचामृत से पवित्र स्नान कराया जाता है। पंचामृत दूध, दही, घी, चीनी और शहद का एक पवित्र मिश्रण है। स्नान के बाद, शिवलिंग को भांग और चंदन के लेप से सजाया जाता है, जो पवित्रता और पावनता का प्रतीक है। यह अनुष्ठान अनोखी भस्म आरती और धूप-दीप आरती के साथ जारी रहता है, जिसमें ढोल की लयबद्ध थाप और शंख की गूंजती आवाज़ें शामिल होती हैं। आरती जीवन और मृत्यु के चक्र का प्रतीक है, जो भगवान शिव की बुराई को नष्ट करने वाले और समय के अवतार के रूप में शाश्वत उपस्थिति का प्रतिनिधित्व करती है। श्री महाकालेश्वर, जो भारत के बारह पवित्र ज्योतिर्लिंगों में से एक हैं, हिंदू आध्यात्मिकता में बहुत महत्व रखते हैं। देश भर से लोग साल भर मंदिर में भस्म आरती देखने आते हैं, यह मानते हुए कि इस पवित्र अनुष्ठान में शामिल होने से दिव्य आशीर्वाद, सुरक्षा और इच्छाओं की पूर्ति होती है।

SC का आदेश: कर्नल सोफिया अपमान मामले में MP सरकार को 2 हफ्ते में बताना होगा केस कब शुरू होगा

भोपाल  सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मंत्री कुंवर विजय शाह पर मुकदमा चलाने की अनुमति दिए जाने के मुद्दे पर फैसला लिया जाए। ऑपरेशन सिंदूर का ब्योरा देश को देने वाली कर्नल को मध्य प्रदेश के मंत्री ने 'आतंकियों की बहन' कह डाला था।सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने इस बात पर कड़ी नाराजगी जताई कि राज्य सरकार विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट पर कई महीनों से कोई फैसला नहीं ले रही है। जबकि विशेष जांच दल ने अपनी जांच पूरी कर ली है और अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी है। बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की ओर से मुकदमा चलाए जाने की मांगी गई अनुमति पर देरी को लेकर सवाल उठाए। सर्वोच्च अदालत के आदेश पर एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है। सीजेआई कांत ने कहा, 'आप 19 अगस्त से एसआईटी रिपोर्ट पर बैठे हुए हैं। कानून आप पर दायित्व डालता है और आपको निर्णय लेना होगा। आज 19 जनवरी है।' अदालत ने एसआईटी की सीलबंद रिपोर्ट खोली और पाया कि विभिन्न पहलुओं की जांच के बाद मंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सरकार की मंजूरी मांगी है। सर्वोच्च अदालत ने कहा, 'हमें बताया गया कि राज्य की ओर से कोई ऐक्शन हीं लिया गया है और मामला लंबित है। हम मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश देते हैं कि कानून के मुताबिक मंजूरी पर उचित कदम उठाए जाएं।' इससे पहले राज्य सरकार ने कहा था कि उन्होंने एसआईटी की अपील पर फैसला नहीं लिया है क्योंकि मामला सर्वोच्च अदालत में लंबित है। शाह की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने जब यह बताया कि शाह ने पहले ही अपनी टिप्पणियों के लिए माफी मांग ली थी तो अदालत ने कहा, 'माफी कहां है? रिकॉर्ड में तो कुछ भी नहीं है। अब तो बहुत देर हो चुकी है।' प्रस्तावित कार्रवाई पर भी रिपोर्ट पेश करने को कहा बेंच ने यह भी कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट में कुछ अन्य मामलों का भी जिक्र है, जहां शाह ने कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी से इन मामलों में की जाने वाली प्रस्तावित कार्रवाई पर भी रिपोर्ट पेश करने को कहा। सोमवार को मंत्री विजय शाह की ओर से सीनियर वकील मनिंदर सिंह ने कोर्ट को सूचित किया कि उन्होंने (विजय शाह ने) अपना माफीनामा दर्ज करा दिया है। वे जांच में सहयोग कर रहे हैं। हालांकि, बेंच ने कहा कि ये कोई माफीनामा नहीं है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा- माफी मांगने में बहुत देर हो चुकी है। हमने पहले ही इस बात पर टिप्पणी की थी कि किस तरह की माफी मांगी जा रही है। इससे पहले, कोर्ट ने शाह की ओर से दी गई सार्वजनिक माफी को "कानूनी दायित्व से बचने के लिए महज मगरमच्छ के आंसू" बताकर खारिज कर दिया था। बाद की सुनवाई में, अदालत ने उनकी "ऑनलाइन माफी" पर असंतोष जताया। अदालत ने कहा था- धैर्य की परीक्षा ले रहे अदालत मंत्री कुंवर विजय शाह की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ आपत्तिजनक बयान के आरोप में खुद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट ने 28 जुलाई 2025 को कर्नल कुरैशी के खिलाफ अपनी टिप्पणियों पर सार्वजनिक रूप से माफी न मांगने के लिए शाह को फटकार लगाई थी और कहा था कि वह ‘अदालत के धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं।’ ऑपरेशन सिंदूर के बाद बयान पर घिरे मंत्री सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 28 मई को कर्नल कुरैशी के खिलाफ शाह की विवादास्पद टिप्पणियों के लिए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के सामने कार्यवाही बंद करने का आदेश दिया और एसआईटी से स्थिति रिपोर्ट मांगी थी। इससे पहले हाई कोर्ट ने शाह को फटकार लगाई थी और उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। एक वीडियो वायरल होने के बाद शाह आलोचनाओं के घेरे में आ गए थे, जिसमें उन्हें कथित तौर पर कर्नल कुरैशी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए देखा गया था। कुरैशी ने एक अन्य महिला अधिकारी विंग कमांडर व्योमिका सिंह के साथ मिलकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर मीडिया ब्रीफिंग के दौरान देश भर में प्रसिद्धि हासिल की थी।

मध्यप्रदेश की बड़ी छलांग: सौर ऊर्जा से 30% से अधिक बिजली, 2030 तक 20 GW हासिल करने का लक्ष्य

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए पारंपरिक ऊर्जा के संसाधनों पर अपनी निर्भरता दिनों दिन कम करता जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश में वर्ष 2070 तक कार्बन फुट-प्रिंट को शून्य तक लाने और समाप्त होते जीवाश्म ईंधन के विकल्प तलाशने के लिए वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट (अक्षय) नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इस राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में मध्यप्रदेश पूर्ण समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ योगदान दे रहा है। राज्य में पिछले 12 वर्षों में नवीन और नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में 14 प्रतिशत अभूतपूर्व वृ‌द्धि हुई है, जिससे अब कुल ऊर्जा उत्पादन में सहभागिता 30 प्रतिशत से अधिक हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने गत वर्ष हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल में सौर ऊर्जा के क्षेत्र देश में मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए बताया कि राज्य वर्तमान में लगभग 31 हजार मेगावाट की विद्युत उत्पादन क्षमता रखता है, जिसमें से 30% हरित ऊर्जा है। हमारे लिये गौरव की बात है कि मध्यप्रदेश के रीवा सोलर पार्क और देश के सबसे बड़े ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्लांट का भी उल्लेख पूरे देश में हो रहा है। इससे अक्षय ऊर्जा उत्पादन को नई दिशा मिली है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने टेक्नोलॉजी एग्नोस्टिक रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी लागू की है। इस नीति में सौर और पवन ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए निवेशकों को अनुकूल और लचीले अवसर प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में नया आयाम जुड़ रहा है। मध्यप्रदेश अपनी भौगोलिक स्थिति और प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता के कारण देश के अग्रणी ऊर्जा सरप्लस राज्यों में से एक है। राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्म निर्भरता को प्राथमिकता देते हुए नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निरंतर प्रयासरत है। मध्यप्रदेश हरित ऊर्जा हब के रूप में उभर रहा है। वर्तमान में राज्य में 5 बड़ी सौर परियोजनाएँ संचालित हैं, जिनकी कुल उत्पादन क्षमता 2.75 गीगावाट (2,750 मेगावाट) है। सरकार की योजना वर्ष 2030 तक नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 20 गीगावाट (20,000 मेगावाट) करने की है। नवकरणीय ऊर्जा में 5.72 लाख करोड़ से अधिक के निवेश से 1.4 लाख से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। मध्यप्रदेश सरकार नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 5.21 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित कर रही है, जिससे 1.46 लाख रोजगार सृजित होंगे। राज्य सरकार की यह पहल भारत के 'नेट ज़ीरो कार्बन लक्ष्य वर्ष-2070 को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मध्यप्रदेश तेजी से नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में देश का नेतृत्वकर्ता बन रहा है और आत्मनिर्भर भारत व स्वच्छ ऊर्जा मिशन में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

PC शर्मा ने कहा: दूषित पानी पीने से टीम इंडिया हारी, बयान ने मचाई राजनीतिक हलचल

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजनीति में उस वक्त हलचल मच गई, जब कांग्रेस के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने टीम इंडिया की हार को लेकर ऐसा बयान दे दिया, जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी. उन्होंने सीधे-सीधे कहा कि टीम इंडिया न्यूजीलैंड से इसलिए हारी क्योंकि खिलाड़ियों ने इंदौर का दूषित पानी पिया था. इस बयान के बाद खेल से लेकर राजनीति तक बहस छिड़ गई. इंदौर का पानी और खिलाड़ियों के लिए बना काल पीसी शर्मा ने इंदौर की जल व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर में लंबे समय से पानी की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब आम जनता दूषित पानी पीने को मजबूर है, तो खिलाड़ी कैसे बचे रहेंगे. उनका कहना था कि खराब पानी से सेहत पर असर पड़ता है और यही वजह टीम इंडिया की हार भी हो सकती है. हार से ज्यादा बयान पर चर्चा टीम इंडिया की हार पर जहां क्रिकेट फैंस निराश थे, वहीं पीसी शर्मा का यह बयान चर्चा का केंद्र बन गया. सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या सच में पानी की गुणवत्ता खिलाड़ियों की परफॉर्मेंस को प्रभावित कर सकती है या फिर यह सिर्फ एक सियासी तंज है. बयान के बाद इंदौर नगर निगम और प्रशासन भी सवालों के घेरे में आ गया. बीजेपी पर भी साधा निशाना पीसी शर्मा यहीं नहीं रुके. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि जब शहर में पानी जैसी बुनियादी सुविधा पर ध्यान नहीं दिया जा रहा, तब जश्न मनाना संवेदनहीनता है. उन्होंने कहा कि इतनी मौतें हो चुकी हैं और ये लोग उत्सव मना रहे हैं, यह समझ से परे है. बयान से बढ़ी सियासी गरमी बीजेपी की ओर से इस बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताया गया है, जबकि कांग्रेस समर्थकों का कहना है कि पीसी शर्मा ने एक गंभीर मुद्दे की ओर ध्यान दिलाया है. फिलहाल बयान ने इंदौर की पानी व्यवस्था, प्रशासनिक जिम्मेदारी और खेल को राजनीति से जोड़ने पर नई बहस छेड़ दी है.