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मनेंद्रगढ़ जिले में ही दिव्यांगजनों को मिलेगा मेडिकल बोर्ड का लाभ

मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर. जिले के नागरिकों—खासतौर पर दिव्यांगजनों और जरूरतमंद परिवारों—के लिए एक बेहद राहत भरी और उपयोगी पहल सामने आई है। शासन के निर्देशानुसार अब मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले में जिला मेडिकल बोर्ड का नियमित संचालन शुरू होने जा रहा है। इससे लोगों को मेडिकल प्रमाण-पत्र, दिव्यांगता आकलन और संबंधित प्रक्रियाओं के लिए अब दूर-दराज के जिलों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।मेडिकल बोर्ड का संचालन तय कार्यक्रम के अनुसार किया जाएगा। यह बोर्ड हर माह चार दिन कार्य करेगा। प्रथम एवं तृतीय गुरुवार को जिला चिकित्सालय, चिरमिरी में द्वितीय एवं चतुर्थ गुरुवार को 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल, मनेन्द्रगढ़ में मेडिकल बोर्ड का समय प्रातः 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक निर्धारित किया गया है। यदि किसी कारणवश निर्धारित तिथि पर शासकीय अवकाश रहता है, तो बोर्ड की बैठक अगले कार्य दिवस में आयोजित की जाएगी।स्थानीय विधायक और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि यह निर्णय समय, धन और परेशानियों की बचत करने वाला है। पहले जहां मेडिकल बोर्ड के लिए दूसरे जिलों की यात्रा करनी पड़ती थी, वहीं अब जिले में ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की मौजूदगी में कार्य संपादित होगा। इससे खासकर दिव्यांगजनों, बुजुर्गों और ग्रामीण अंचल के नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। आदेश के अनुसार मेडिकल बोर्ड में पदेन अध्यक्ष, चिकित्सा विशेषज्ञ सदस्य एवं सहकर्मी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे, जिससे कार्य पारदर्शी और सुचारु रूप से संपन्न हो सके। जिला मेडिकल बोर्ड का यह संचालन जिले की स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आमजन को सीधा और स्थायी लाभ मिलेगा।

खडूर साहिब सांसद अमृतपाल ने बजट सत्र में शामिल होने हाईकोर्ट से मांगी अनुमति

चंडीगढ़. पंजाब के खडूर साहिब से लोकसभा सदस्य व खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह ने एक बार फिर आगामी संसद सत्र में भाग लेने की अनुमति के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अमृतपाल सिंह ने अपनी नई याचिका में कहा है कि संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से प्रारंभ हो रहा है और एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि होने के नाते इस सत्र में उनकी उपस्थिति अत्यंत आवश्यक है। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि संसद में भाग लेना न केवल उनका संवैधानिक अधिकार है, बल्कि अपने संसदीय क्षेत्र की जनता की समस्याओं, अपेक्षाओं और हितों को राष्ट्रीय मंच पर रखने का दायित्व भी है। अमृतपाल सिंह ने अदालत के समक्ष यह तर्क रखा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुने गए प्रतिनिधियों को संसद की कार्यवाही में हिस्सा लेने से वंचित रखना जनता के मताधिकार और प्रतिनिधित्व की भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि बजट सत्र देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, जिसमें आर्थिक नीतियों, विकास योजनाओं और जनकल्याण से जुड़े निर्णय लिए जाते हैं। ऐसे में उनकी अनुपस्थिति से खडूर साहिब संसदीय क्षेत्र की आवाज संसद में नहीं पहुंच पाएगी। पहले भी खटखटा चुके कोर्ट का दरवाजा याचिका में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इससे पहले भी उन्होंने सीमित अवधि के लिए संसद में उपस्थित होने की अनुमति मांगी थी, ताकि वह शपथ, प्रश्नकाल और बहसों में भाग ले सकें। अमृतपाल सिंह का कहना है कि वह न्यायालय द्वारा निर्धारित किसी भी शर्त का पालन करने के लिए तैयार हैं, जिससे कानून व्यवस्था या जांच प्रक्रिया पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। वहीं, इस मामले में केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों की ओर से पहले यह दलील दी जाती रही है कि सुरक्षा और जांच से जुड़े कारणों के चलते उन्हें बाहर जाने की अनुमति देना उचित नहीं है। अदालत ने पूर्व में भी इस विषय पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनी हैं। पिछली बार हिदायत दी थी कि समय पर आवेदन किया जाए। अब एक बार फिर इस नई याचिका पर सुनवाई होनी है।

अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर, ट्रंप को ईरान से मिली सीधी धमकी

तेहरान  ईरान के सशस्त्र बलों के एक प्रवक्ता ने  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ किसी प्रकार की कोई भी कार्रवाई नहीं करने की चेतावनी दी। ट्रंप ने खामेनेई के लगभग 40 वर्षों के शासन को समाप्त करने का आह्वान किया था, जिसके कुछ दिनों बाद यह चेतावनी आई है। जनरल अबुलफजल शेखरची ने कहा, 'ट्रंप जानते हैं कि अगर हमारे नेता की ओर कोई भी हाथ बढ़ाया गया, तो हम न केवल उस हाथ को काट देंगे बल्कि उनकी दुनिया को भी आग लगा देंगे।' ट्रंप ने  ‘पॉलिटिको’ को दिए एक साक्षात्कार में खामेनेई को ‘एक बीमार व्यक्ति’ बताया था और कहा था कि ‘उन्हें अपने देश को ठीक से चलाना चाहिए और लोगों की हत्या करना बंद करना चाहिए’। ट्रंप ने कहा था कि ईरान में नए नेतृत्व की तलाश का समय आ गया है। ट्रंप की इन टिप्पणियों के बाद जनरल अबुलफजल शेखरची ने यह चेतावनी दी। ईरान की खराब अर्थव्यवस्था को लेकर 28 दिसंबर को शुरू हुए प्रदर्शनों पर अधिकारियों द्वारा की गई हिंसक कार्रवाई के बाद से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। राष्ट्रपति ने भी दी थी चेतावनी ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने हाल ही में कहा था, 'अगर ईरान के लोगों को अपने जीवन में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, तो इसकी वजह अमेरिकी सरकार और उसके सहयोगियों की तरफ से लंबे समय से चली आ रही दुश्मनी और अमानवीय प्रतिबंध हैं। हमारे देश के सुप्रीम लीडर के खिलाफ कोई भी हमाल ईरान के खिलाफ पूर्ण युद्ध के बराबर होगा।' प्रदर्शन में 4 हजार से ज्यादा लोग मारे गए ईरान में देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों में शामिल प्रदर्शनकारियों पर सख्त कार्रवाई में कम से कम 4,029 लोगों की मौत हो गई है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी ने यह आंकड़े जारी करते हुए कहा कि कार्रवाई के दौरान 26,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक मृतकों में 3,786 प्रदर्शनकारी, 180 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं वहीं इन कार्रवाई में 28 बच्चे और 35 ऐसे लोग भी मारे गए जो किसी भी प्रदर्शन में भाग नहीं ले रहे थे।

बलौदाबाजार में मरीन ड्राइव की तर्ज पर बनी चौपाटी का भव्य शुभारंभ

रायपुर : बलौदाबाजार में मरीन ड्राइव की तर्ज पर चौपाटी का शुभारंभ राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने किया लोकार्पण रायपुर बलौदाबाजार नगर को एक नई शहरी पहचान देते हुए राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव की तर्ज पर विकसित बलौदाबाजार चौपाटी का आज विधिवत शुभारंभ किया गया। चौपाटी का लोकार्पण छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब द्वारा पूजा-अर्चना एवं फीता काटकर किया गया। लोकार्पण के साथ ही चौपाटी आम नागरिकों के लिए खोल दी गई। स्वामी विवेकानंद सरोवर के किनारे विकसित हुआ आकर्षक चौपाटी परिसर नगर पालिका परिषद बलौदाबाजार द्वारा शहर के हृदय स्थल स्वामी विवेकानंद सरोवर के किनारे सुंदर एवं आकर्षक चौपाटी का विकास किया गया है। इसके साथ ही सरोवर का सौंदर्यीकरण एवं अन्य विकास कार्य भी पूर्ण किए गए हैं। चौपाटी शहर के लिए उपलब्धि – राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सकारात्मक सोच के साथ विकसित यह चौपाटी बलौदाबाजार शहर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यहां शहरवासी मनोरंजन के साथ-साथ स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे। उन्होंने चौपाटी की सुंदरता बनाए रखने के लिए स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि बलौदाबाजार तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है और शासन विकास कार्यों में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। इस अवसर पर मंत्री वर्मा ने अपने चिर-परिचित अंदाज में प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी गीत गाकर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध किया। विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प में सबकी सहभागिता जरूरी – तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि रायपुर की तर्ज पर एक ही स्थान पर मनोरंजन एवं विविध व्यंजनों की सुविधा उपलब्ध कराने वाली यह चौपाटी नगरवासियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को विकसित प्रदेश बनाने के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है। चौपाटी में आधुनिक सुविधाओं का समावेश चौपाटी में एक आधुनिक फूड जोन विकसित किया गया है, जिसमें एक दर्जन से अधिक फूड स्टॉल एवं रेस्टोरेंट शामिल हैं। इसके अतिरिक्त बच्चों के लिए चिल्ड्रन प्ले एरिया, झूले एवं अन्य मनोरंजन साधन उपलब्ध कराए गए हैं। सुरक्षा एवं सुव्यवस्था के लिए पार्किंग व्यवस्था, फ्लोटिंग फाउंटेन, सेल्फी प्वाइंट, फ्लोटिंग जेट्टी, कांक्रीट सड़क एवं लॉन जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। नगरवासियों को मिला नया मनोरंजन केंद्र चौपाटी के शुभारंभ से शहरवासियों को मनोरंजन का एक नया केंद्र प्राप्त हुआ है। जहां युवा और बच्चे मनोरंजन का आनंद ले सकेंगे, वहीं बुजुर्ग नागरिक सरोवर के चारों ओर बने पाथ-वे पर वॉकिंग कर सकेंगे। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुलोचना यादव, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े, प्रमोद शर्मा, लक्ष्मी बघेल, जिला अध्यक्ष आनंद यादव, भारत स्काउट गाइड के राज्य उपाध्यक्ष विजय केशरवानी, नगर पालिका उपाध्यक्ष जितेंद्र महाले, पार्षदगण एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित थे।

5वीं की 16 और 8वीं की 17 मार्च से होगी वार्षिक परीक्षा

रायपुर. छत्तीसगढ़ लोक शिक्षा संचालनालय ने कक्षा 5वीं और 8वीं की वार्षिक परीक्षा की समय सारिणी जारी कर दी है. इस बार परीक्षाएं बोर्ड पैटर्न में आयोजित की जाएगी. जारी एग्जाम शेड्यूल में  5वीं कक्षा की 16 मार्च और 8वीं कक्षा की 17 मार्च से वार्षिक परीक्षा (Final Examination Schedule) आयोजित होंगी. सुबह 9 बजे से दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं शुरू होंगी। हालांकि इसमें CBSE और ICSE स्कूलों के छात्र इन परीक्षाओं में शामिल नहीं होंगे. संचालनालय की ओर से इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारियों को  निर्देश जारी कर दिया है. जारी टाइमटेबल के अनुसार, कक्षा 5वीं की परीक्षा कुल 50 अंकों की होगी, जिसमें 40 अंक लिखित परीक्षा के लिए और 10 अंक प्रोजेक्ट वर्क के लिए निर्धारित हैं. जबकि कक्षा 8वीं की परीक्षा कुल 100 अंकों की होगी, जिसमें 80 अंक लिखित परीक्षा और 20 अंक प्रोजेक्ट वर्क के होंगे. कक्षा 5वीं की परीक्षा सुबह 9:00 बजे से 11:00 बजे तक और कक्षा 8वीं की परीक्षा सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक होगी.

NASA से रिटायर हुईं सुनीता विलियम्स, अंतरिक्ष की यात्रा के बाद अब भारत में मौजूद

नई दिल्ली भारतीय मूल की एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स ने NASA को अलविदा कह दिया है। उन्होंने 27 बाद अमेरिकी स्पेस एजेंसी से रिटायरमेंट ले लिया है। NASA ने ऐलान किया कि विलियम्स का रिटायरमेंट बीते साल 27 दिसंबर से ही प्रभावी हो गया है। 8 दिन की आखिरी यात्रा पर अंतरिक्ष में गईं विलियम्स करीब 9 महीने के बाद लौट सकी थीं। फिलहाल, वह भारत में हैं। अमेरिकी नौसेना की पूर्व कैप्टन विलियम्स का जन्म 19 सितंबर, 1965 को अमेरिका के ओहियो के यूक्लिड में हुआ था। उनके पिता दीपक पंड्या गुजराती थे और मेहसाणा जिले के झुलासन के रहने वाले थे, जबकि उनकी मां उर्सुलिन बोनी पंड्या स्लोवेनिया की थीं। नासा एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड आइजैकमैन ने कहा, 'सुनी विलियम्स मानव अंतरिक्ष यान में एक पायनियर रही हैं। उन्होंने स्पेस स्टेशन पर अपने नेतृत्व के जरिए एक्सप्लोरेशन के भविष्य को नया आकार दिया है और लो अर्थ ऑर्बिट के लिए मिशनों के लिए रास्ता तैयार किया है।' उन्होंने कहा कि विलियम्स की उपलब्धियां पीढ़ियों को बड़ा सपना देखने के लिए प्रेरित करेंगी। उन्होंने कहा, '…आपके रिटायरमेंट पर शुभकामनाएं और नासा और देश के प्रति आपकी सेवा के लिए धन्यावाद।' बोइंग की कैप्सूल परीक्षण उड़ान के दौरान विलियम्स के साथ अंतरिक्ष में फंसे रहे बुच विलमोर ने पिछले साल गर्मियों में नासा छोड़ दिया था। विलियम्स और विलमोर को 2024 में अंतरिक्ष स्टेशन भेजा गया था और वे बोइंग के नए ‘स्टारलाइनर’ कैप्सूल से उड़ान भरने वाले पहले अंतरिक्ष यात्री थे। उनका मिशन केवल एक सप्ताह का था लेकिन स्टारलाइनर में आई दिक्कतों के कारण यह नौ महीने से भी लंबा खिंच गया। वे पिछले साल मार्च में पृथ्वी पर लौटे। सुनीता विलियम्स का नासा सफर विलियम्स साल 1998 में नासा के लिए चुनी गईं थीं। उन्होंने तीन मिशनों के तहत कुल 608 दिन अंतरिक्ष में बिताए। उन्होंने 9 बार कुल 62 घंटे 6 मिनट अंतरिक्ष में चहलकदमी की। खास बात है कि यह किसी भी महिला एस्ट्रोनॉट के लिहाज से सबसे ज्यादा और NASA के इतिहास में चौथा बड़ा रिकॉर्ड है। वह स्पेस में मैराथन में भाग लेने वाली भी पहली यात्री हैं। भारत में हैं अभी भारत पहुंची सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला की मां संयोगिता चावला और बहन दीपा से दिल्ली में मुलाकात की। कार्यक्रम से निकलते वक्त विलियम्स ने परिवार से कहा कि वे नियमित उनसे संपर्क में रहेंगी। कल्पना चावला का फरवरी 2003 में अंतरिक्ष से लौटते वक्त निधन हो गया था। चावला पहली भारतीय महिला थीं जो अंतरिक्ष में गई थीं।  यहां ‘अमेरिकन सेंटर’ में आयोजित लगभग एक घंटे के संवाद सत्र में शामिल होने से पहले, विलियम्स ने अपने संक्षिप्त प्रारंभिक संबोधन में यह भी कहा कि भारत वापस आना घर वापसी जैसा महसूस हुआ, क्योंकि यह वह देश है जहां उनके पिता का जन्म हुआ था। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष में उन्होंने सबसे पहले भारत और स्लोवेनिया को खोजा था। विलियम्स ने कहा, 'आईएसएस पर रूस, जापान, यूरोप, कनाडा…और कई अन्य देशों के साथी थे। (ग्रुप) कैप्टन (शुभांशु) शुक्ला मेरे कुछ समय बाद आए थे। मुझे बहुत अफसोस है कि मैं वहां रहते हुए उनसे नहीं मिल पाई; हम कुछ कहानियां साझा कर सकते थे।' इस बातचीत के दौरान, उनसे मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के तरीकों से लेकर अंतरिक्ष मलबे के प्रबंधन और अंतरिक्ष क्षेत्र के व्यावसायीकरण से लेकर अंतरिक्ष मिशन में सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के सहयोग तक, कई तरह के सवाल पूछे गए।

मान सरकार ने दी राहत, गन्ने के लिए किसानों को मिलेगा 68.50 रुपए प्रति क्विंटल सब्सिडी

  चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक विशेष रूप से किसान-कल्याण के लिए फैसले लेने पर केंद्रित रही, जिसमें कैबिनेट द्वारा निर्धारित स्टेट एग्रीड प्राइस में से 68.50 रुपए प्रति क्विंटल की सीधी सब्सिडी की मंजूरी दी गई। इससे पंजाब राज्य गन्ना किसानों को देश में गन्ने का सबसे अधिक भाव देने में लगातार अग्रणी बना हुआ है। यह फैसला मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया, जिसमें स्वास्थ्य क्षेत्र में विभिन्न सुधारों के साथ लोगों की तंदुरुस्त स्वास्थ्य संबंधी पहलकदमियों और शहरी प्रशासन में विभिन्न सुधारात्मक कदम उठाने संबंधी मंजूरियां शामिल हैं, जो पंजाब सरकार की निर्णायक और परिणाम-आधारित पहुंच को दर्शाती हैं। मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि निजी चीनी मिलों की ओर से गन्ना किसानों को 2025-26 पिराई सीजन के लिए निर्धारित स्टेट एग्रीड प्राइस में से 68.50 रुपए प्रति क्विंटल सब्सिडी सीधे तौर पर अदा की जाएगी। उन्होंने बताया कि पंजाब पहले ही देश में गन्ने के लिए सबसे अधिक 416 रुपए प्रति क्विंटल स्टेट एग्रीड प्राइस दे रहा है, जो पिछले साल से 15 रुपए की वृद्धि दर्शाता है। यह पंजाब के गन्ना काश्तकारों को देश भर में सबसे अधिक भाव मिलना सुनिश्चित करने के साथ-साथ किसानों के लिए आय सुरक्षा को और मजबूत करेगा। जन स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती पर निरंतर ध्यान केंद्रित करते हुए मंत्रिमंडल ने ‘सीएम दी योगशाला’ प्रोजेक्ट के अधीन योग ट्रेनरों के 1,000 अतिरिक्त पदों के सृजन को भी मंजूरी दे दी है। बैठक के दौरान यह भी बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान इस पहल के लिए 35 करोड़ रुपए का बजट प्रबंध किया जाएगा, जिसका उद्देश्य एक स्वस्थ और तंदुरुस्त पंजाब का सृजन सुनिश्चित करना है। स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं को मजबूती देने के एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में मंत्रिमंडल ने मुक्तसर जिले के गांव बादल, तरन तारन जिले के खडूर साहिब, कम्युनिटी हेल्थ सेंटर जलालाबाद और फाजिल्का जिले के टर्शियरी केयर सेंटर को बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (बीएफयूएचएस), फरीदकोट में पूरी तरह हस्तांतरित करने की मंजूरी भी दे दी है। इस हस्तांतरण से इन क्षेत्रों के निवासी यूनिवर्सिटी के उन्नत मेडिकल बुनियादी ढांचे और विशेषज्ञता का लाभ उठाकर बेहतर इलाज और जांच सेवाओं तक पहुंच सकेंगे। मंत्रिमंडल ने पंजाब मैनेजमेंट एंड ट्रांसफर म्यूनिसिपल एक्ट, 2020 की धारा 4 के अधीन निर्देशों के गठन और नोटिफिकेशन को भी मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य पंजाब सरकार के विभागों, बोर्डों, निगमों और जन क्षेत्र के अन्य संस्थानों से संबंधित म्यूनिसिपल संपत्तियों को जन उद्देश्यों के लिए हस्तांतरित करने की सुविधा प्रदान करना है। ये फैसले राज्य भर में विकास परियोजनाओं को नई गति देने के साथ-साथ जमीन के वितरण में एकरूपता सुनिश्चित करने और सरकारी जमीन के दुरुपयोग को रोकने में विशेष रूप से सहायक होंगे। संबंधित जिले के डिप्टी कमिश्नर के नेतृत्व वाली एक कमेटी आवंटन प्रक्रिया की सिफारिश करेगी, जो राज्य सरकार की मंजूरी के अधीन होगी। जमीन संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग के माध्यम से विकास में तेजी लाने के उद्देश्य से मंत्रिमंडल ने म्यूनिसिपल सीमाओं के अंदर सभी सरकारी-लाइसेंसशुदा परियोजनाओं के अधीन स्थित खाली छोड़े गए या उपयोग में आने वाले रास्तों या जल मार्गों (खालों) की बिक्री या एक्सचेंज के जरिए हस्तांतरण के लिए भी नीति को मंजूरी दे दी। इस नीति का उद्देश्य विकास की संभावनाओं को तलाशना और शहरी योजना के परिणामों को बेहतर बनाना है। मंत्रिमंडल ने पीएपीआरए (पंजाब किफायती संपत्ति पंजीकरण अधिनियम) लाइसेंसशुदा परियोजनाओं के लिए समय अवधि 1 जनवरी, 2026 से 31 दिसंबर, 2026 तक एक साल बढ़ाने को भी मंजूरी दे दी। यह वृद्धि प्रति एकड़ 25,000 रुपए की एक्सटेंशन फीस पर अधिकतम तीन साल की अवधि के लिए दी जाएगी और संबंधित सक्षम अधिकारियों द्वारा पहले लागू नियमों और शर्तों के अनुसार इसकी अनुमति दी जाएगी। शहरी विकास संबंधी एक अन्य फैसले में मंत्रिमंडल ने जनवरी 2026 के बाद नीलामी के लिए रखी जाने वाली प्रस्तावित संपत्तियों के लिए अतिरिक्त सतही क्षेत्र अनुपात के खर्च को निर्धारित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले फॉर्मूले को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही 20 फरवरी, 2025 को अधिसूचित ई-ऑक्शन नीति 2025 के पैरा 10.2 में संशोधनों को भी मंजूरी दी गई, जिससे भविष्य में विकास प्राधिकरणों द्वारा नीलाम की जाने वाली सभी श्रेणियों की संपत्तियों पर लागू संशोधित उपबंध बनाए गए। मंत्रिमंडल ने नियम 6ए शामिल कर पंजाब सिविल सर्विसेज (सेवा की सामान्य शर्तें) नियम, 1994 में संशोधनों को भी मंजूरी दे दी। संशोधन के अनुसार, न्यूनतम शैक्षिक और अन्य योग्यताओं सहित योग्यता मापदंड निर्धारित करने की अंतिम तिथि आवेदन फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि होगी, जब तक कि संबंधित सेवा नियमों में विशेष रूप से कोई अन्य तिथि निर्धारित न की गई हो। फसली विविधता को प्रोत्साहित करने के लिए एक अग्रगामी कदम के तहत मंत्रिमंडल ने पंजाब के बागवानी क्षेत्र को और मजबूत करने के लिए जापानी तकनीक पेश करने हेतु जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी के साथ भागीदारी को भी मंजूरी दी। यह भागीदारी बागवानी विकास, कोल्ड चेन बुनियादी ढांचे, जल प्रबंधन और हुनर विकास पर केंद्रित होगी, जिसका उद्देश्य राज्य की अर्थव्यवस्था में बागवानी क्षेत्र के योगदान को दोगुना करना है।

दूषित पानी का कहर इंदौर में, पिता के जाने से 4 बेटियों का परिवार बिखरा, मौतें 25 तक पहुंचीं

इंदौर मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार देर रात इलाज के दौरान एक और व्यक्ति, हेमंत गायकवाड़ (51), ने दम तोड़ दिया। इस ताजा मौत के साथ ही शहर में दूषित पानी से मरने वालों की कुल संख्या अब 25 हो गई है। अस्पताल में 14 दिनों तक चला संघर्ष भागीरथपुरा निवासी हेमंत गायकवाड़ को 22 दिसंबर को गंदा पानी पीने के बाद उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी। हालत बिगड़ने पर उन्हें पहले वर्मा नर्सिंग होम और बाद में 7 जनवरी को अरविंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, हेमंत पहले से कैंसर और किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे, लेकिन दूषित पानी के संक्रमण (उल्टी-दस्त) के बाद उनकी स्थिति गंभीर हो गई और अंततः उन्हें बचाया नहीं जा सका। बेटी बोली- अचानक बिगड़ी थी तबीयत गायकवाड़ की बेटी जिया ने बताया, पिताजी को उल्टी दस्त के कारण पहले 24 दिसंबर को वर्मा नर्सिंग होम में एडमिट किया था l 28 दिसंबर को उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था l इसके बाद घर पर फिर उनकी तबीयत खराब हुई और 8 जनवरी को अरविंदो अस्पताल में एडमिट किया गया l वहां पता चला कि उन्हें कैंसर और किडनी की तकलीफ भी है l परिवार का कहना है कि हेमंत राहुल गांधी से मिलना चाहते थे, लेकिन अस्पताल में एडमिट होने के कारण वह मुलाकात नहीं कर पाए। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे से अपनी स्थिति बता दी थी। दूषित पानी से मौतों का सिलसिला जारी इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला जारी है। अब तक 25 मौत हो चुकी है। अभी 38 मरीज एडमिट हैं, जिनमें से 10 आईसीयू में हैं। इनमें भी तीन वेंटिलेटर पर हैं। लगातार हो रही मौतों को लेकर अभी भी क्षेत्र में दहशत है। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ हेमंत परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे और ई-रिक्शा चलाकर घर का गुजारा करते थे। उनकी मौत के बाद उनकी चार बेटियां— रिया (21), जिया (20), खुशबू (16) और मनाली (12)— अनाथ हो गई हैं। परिवार के सामने अब जीवन-यापन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। बेटी जिया ने बताया कि तबीयत बिगड़ने के कारण पिता की राहुल गांधी से मिलने की अंतिम इच्छा भी अधूरी रह गई। भागीरथपुरा में दहशत का माहौल क्षेत्र में नई पाइपलाइन बिछाने के काम के दौरान गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायतें लंबे समय से मिल रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए। ताजा स्थिति : कुल मौतें-25, अभी भर्ती मरीज-38, ICU में- 10 मरीज (3 वेंटिलेटर पर)। प्रशासनिक लापरवाही : भागीरथपुरा क्षेत्र में लगातार हो रही मौतों के कारण लोगों में भारी आक्रोश और दहशत है। अस्पताल में अभी भी कई मरीजों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

शादी के सिर्फ 2 महीने और 13 साल की लड़ाई, पति-पत्नी के 40 मामले सुप्रीम कोर्ट तक पहुँचे

नई दिल्ली शादी करके महज 65 दिन साथ रहने के बाद 13 साल तक कानूनी लड़ाई और फिर पति-पत्नी की तरफ से एक-दूसरे के खिलाफ 40 से ज्यादा मुकदमे… इस असाधारण और थकाने वाले वैवाहिक विवाद पर आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया. शीर्ष अदालत ने न सिर्फ पति-पत्नी के तलाक को मंजूरी दे दी, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग करने को लेकर दोनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया और भविष्य में एक-दूसरे के खिलाफ कोई भी केस दाखिल करने पर रोक लगा दी. सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि अदालतों को ‘लड़ाई का मैदान’ बनाना स्वीकार्य नहीं है और इस तरह के मुकदमों से न्याय व्यवस्था का गला घुटता है. 65 दिन शादी, मुकदमे 13 साल यह मामला एक ऐसे दंपती का है, जिनकी शादी जनवरी 2012 में हुई थी. शादी के महज 65 दिन बाद पत्नी ने पति और उसके परिवार पर क्रूरता के आरोप लगाते हुए मायके लौटने का फैसला किया. इसके बाद दोनों अलग-अलग रहने लगे और उनका झगड़ा अदालतों तक पहुंच गया. अगले 13 वर्षों में पति-पत्नी ने एक-दूसरे के खिलाफ परिवार अदालतों, हाई कोर्ट और अन्य न्यायिक मंचों पर 40 से अधिक मामले दायर किए. ये मुकदमे दिल्ली और उत्तर प्रदेश की विभिन्न अदालतों में चलते रहे. सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस राजेश बिंदल और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि यह साफ तौर पर आपसी हिसाब चुकता करने के लिए मुकदमेबाजी का मामला है. सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा, ‘दोनों पक्ष केवल 65 दिन साथ रहे, लेकिन एक दशक से अधिक समय तक मुकदमेबाजी में शामिल हैं. उन्होंने अदालतों को अपना युद्धक्षेत्र बना लिया. ऐसे मामलों में दंड लगाया जाना जरूरी है.’ इसी आधार पर अदालत ने दोनों पर 10,000 रुपये का प्रतीकात्मक जुर्माना लगाया, जिसे सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन में जमा कराने का निर्देश दिया गया. चेतावनी के साथ तलाक मंजूर सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए पति-पत्नी को तलाक दे दिया. कोर्ट ने माना कि शादी पूरी तरह टूट चुकी है और इसके पुनर्जीवित होने की कोई संभावना नहीं बची है. हालांकि, अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि दोनों भविष्य में एक-दूसरे के खिलाफ कोई नया मामला दाखिल नहीं करेंगे, ताकि न्यायिक प्रक्रिया का और दुरुपयोग न हो. अदालतों पर बढ़ता बोझ, कोर्ट की चिंता सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को एक उदाहरण बताते हुए कहा कि हाल के वर्षों में वैवाहिक विवादों से जुड़े मुकदमों की संख्या कई गुना बढ़ गई है. सुप्रीम कोर्ट बेंच ने कहा, ‘यह अदालत भी बड़ी संख्या में ट्रांसफर याचिकाओं से भरी हुई है, जिनमें अधिकतर पत्नियां अपने पतियों की तरफ से दायर मामलों के स्थानांतरण की मांग करती हैं. कभी शुरुआती तौर पर, तो कभी जवाबी कार्रवाई के रूप में.’ अदालत ने माना कि एक बार जब आपराधिक मुकदमे दर्ज होने लगते हैं, तो पुनर्मिलन की संभावना बेहद कम हो जाती है, हालांकि उसे पूरी तरह नकारा भी नहीं जा सकता. कोर्ट ने बताया समाधान का रास्ता सुप्रीम कोर्ट ने जोर देकर कहा कि ऐसे मामलों में मध्यस्थता (Mediation) को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. कोर्ट ने कहा, ‘यदि दंपती में अनुकूलता नहीं है, तो विवादों के शुरुआती समाधान के लिए मध्यस्थता जैसे रास्ते मौजूद हैं. परिवार के सदस्यों की यह जिम्मेदारी है कि वे अदालतों तक बात पहुंचने से पहले समाधान निकालने की कोशिश करें.’ यह मामला सिर्फ एक पति-पत्नी के विवाद का नहीं, बल्कि न्यायिक प्रणाली के दुरुपयोग की गंभीर चेतावनी है. सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला साफ संदेश देता है कि व्यक्तिगत बदले की भावना से अदालतों को बंधक नहीं बनाया जा सकता. 65 दिन की शादी और 13 साल की लड़ाई ने न सिर्फ दो जिंदगियों को उलझाए रखा, बल्कि न्याय व्यवस्था पर भी अनावश्यक बोझ डाला और यही वजह है कि सुप्रीम कोर्ट को आखिरकार सख्ती दिखानी पड़ी.  

हरियाणा में इलेक्ट्रिक बसों का आगमन, अनिल विज ने बताया पर्यावरण और ग्रीन एनर्जी को फायदा

चंडीगढ़  हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं मंत्री अनिल विज ने कहा कि हमारी सरकार जल्द ही ग्रीन एनर्जी के अंतर्गत इलेक्ट्रिक बसों को लेने जा रही है और इस संबंध में आदेश दिए जा चुके है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार बहुत बढ़िया चल रही है और हर वर्ग का ख्याल रखा जा रहा है तथा कानून व्यवस्था पर भी नियंत्रित किया जा रहा है। वहीं, विज ने कहा भाजपा के नए युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक प्रकार से बुलेट ट्रेन चला दी है क्योंकि लोग विकास की राजनीति को पसंद कर रहे है। विज आज पानीपत में मीडिया कर्मियों के सवालों का जवाब दे रहे थे। परिवहन विभाग में विकास और व्यवस्था के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हमारी सरकार परिवहन व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं और इसके साथ-साथ प्रदूषण भी एक बहुत बड़ा मुद्दा है इसलिए हमारी सरकार चाहती है कि ग्रीन एनर्जी से संबंधित वाहनों को ज्यादा से ज्यादा प्रोत्साहित किया जाए। इसी कड़ी में इलेक्ट्रिक बसों को बड़ी संख्या में संचालित करने की योजना सरकार की है। उन्होंने कहा कि अब लोगों का रुझान इलेक्ट्रिक कारों की तरफ भी बढ़ रहा है और इसलिए इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन भी ज्यादा से ज्यादा होने चाहिए और इस दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है तथा इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन को बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि ऐसे इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन हो जहां पर पारिवारिक सदस्यों को रुकने के लिए भी सुविधा होनी चाहिए। इन चार्जिंग स्टेशन पर रेस्टोरेंट, रेस्ट रूम तथा वॉशरूम जैसी सुविधाएं परिवार के सदस्यों को मिले क्योंकि गाड़ी को रिचार्ज करने में समय लगता है। इसके अलावा, पानीपत में भी इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन का कार्य परिवहन विभाग द्वारा किया जा रहा है। हरियाणा की कानून व्यवस्था को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि लगभग 5000 असामाजिक तत्वों को पकड़कर जेल में डाला गया है और कानून व्यवस्था को पूरी तरह से नियंत्रित किया जा रहा है तथा सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं कोई वारदात होती है तो वहां पर हमारी पुलिस कुछ ही मिनट में पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि जब मैं गृहमंत्री था उस समय पर डायल 112 सेवा का शुभारंभ किया गया था और अब डायल 112 की गाड़ी सात आठ मिनट के अंदर ही घटनास्थल पर पहुंच जाती है। भारतीय जनता पार्टी को नवनिर्वाचित नए अध्यक्ष नितिन नवीन के मिलने के संबंध में पूछे के सवाल के जवाब में श्री विज ने कहा कि आजकल जेन-जी का जमाना है और नए युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष को बनाकर प्रधानमंत्री नई नरेंद्र मोदी ने एक प्रकार से बुलेट ट्रेन चला दी है। उन्होंने कहा कि लोग अब विकास चाहते हैं और भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने हर क्षेत्र में विकास किया है यही कारण है कि आज हमारी ग्रोथ रेट दुनिया में तीसरे या चौथे नंबर पर आ गई है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल का चुनाव आ रहा है और शत प्रतिशत भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल के चुनाव में विजय पताका फहराएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अन्य सभी पार्टियों के दफ्तर बंद करवा दिए हैं और अब इन पार्टियों को कोई पूछने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अब टुकड़े-टुकड़े पार्टी है क्योंकि इसमें कई समूह बन चुके हैं। श्री विज ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि एक गाना है "बिक गया जो उसका कोई खरीदार नहीं होता" अर्थात अब कांग्रेस का काम खत्म हो चुका है। कांग्रेस की सक्रियता को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में श्री विज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अब खत्म हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा, दिल्ली, बिहार और अब हम महाराष्ट्र में बीएमसी के चुनाव जीते हैं और इन् जगहों पर कांग्रेस हारी है और अब जहां-जहां भी चुनाव होंगे वहां बीजेपी जीतेगी क्योंकि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राजनीति की दिशा बदल दी है जबकि पहले झूठे नारे जैसे की गरीबी हटाओ की राजनीति की जाती थी। उन्होंने कहा कि अब प्रधानमंत्री ने काम और विकास करके दिखाया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लोग विश्वास करते हैं। विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने लाडो लक्ष्मी योजना पर सवाल खड़े किए हैं, के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि हुड्डा साहब अब काफी डिप्रेशन में है और लाडो लक्ष्मी योजना के संबंध में स्पष्ट करते हुए कहा कि लोगों की मांग पर हमने पारिवारिक स्थितियों को ध्यान में रखते हुए 1100 रूपये नगद तथा अन्य राशि बैंक में डालने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि सरकार अब ऐसे सभी पात्र लाभार्थियों का 1000 रूपये बचाने का कार्य करेगी और यह जमा राशि परिवार को आवश्यकता पड़ने पर मिल पाएगी। कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा के बयान की भाजपा के नेता अवैध कालोनी काटने का काम कर रहे हैं, के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इस संबंध में हुड्डा अध्ययन करें और अध्ययन करके एफआईआर दर्ज कराए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा अर्थात कौन सच बोल रहा है कौन झूठ बोल रहा है पता चल जाएगा।